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सीबीआई ने छत्तीसगढ़ समेत दिल्ली, कोलकाता, भोपाल में 60 जगहों पर है मारा छापा, कई अहम दस्तावेज जब्त, जांच जारी…
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने महादेव बुक ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले की जांच में आज केवल छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में 60 स्थानों पर छापेमारी की है. इनमें संदेह के दायरे में आए राजनेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों और प्रमुख पदाधिकारियों से जुड़े परिसर शामिल हैं.
सीबीआई की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि छापेमारी महादेव बुक के अवैध संचालन से संबंधित है, जो रवि उप्पल और सौरभ चंद्रकर द्वारा प्रचारित एक ऑनलाइन सट्टेबाजी मंच है, जो दोनों वर्तमान में दुबई में स्थित हैं. जांच से पता चला है कि प्रमोटरों ने कथित तौर पर अपने अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के सुचारू और निर्बाध कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए लोक सेवकों को “सुरक्षा धन” के रूप में पर्याप्त मात्रा में भुगतान किया है.
प्रारंभ में आर्थिक अपराध विंग (EOW) रायपुर द्वारा पंजीकृत, इस मामले को बाद में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वरिष्ठ सार्वजनिक अधिकारियों और अन्य आरोपी व्यक्तियों की भूमिका की व्यापक जांच के लिए CBI को स्थानांतरित कर दिया गया. डिजिटल और डॉक्यूमेंट्री सबूतों को बढ़ाने वाले खोजों के दौरान पाया गया और जब्त किया गया है. इसके साथ ही खोज जारी है.
छत्तीसगढ़ में दो दर्जन ठिकानों पर छापेमारी
CBI की टीम ने आज तड़के रायपुर, भिलाई समेत दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, KPS ग्रुप के निशांत त्रिपाठी, पूर्व OSD मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, निरीक्षक गिरीश तिवारी समेत अन्य के ठिकानों पर छापे की खबर है.
ASP अभिषेक महेश्वरी का घर सील
राजनांदगांव के VIP कॉलोनी सन सिटी में स्थित बघेल सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रहे अतिरिक्त पुलिस अधिकारी अभिषेक महेश्वरी के घर पर CBI की टीम पहुंची, जहां उनके घर को सील कर दिया गया है. सीबीआई की टीम जब महेश्वरी के घर पहुंची तो वहां वे मौजूद नहीं थे.

चैतन्य बघेल से की पूछताछ
भिलाई स्थित आवास में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल से टीम पूछताछ कर रही है. वहीं बघेल केंद्रीय सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी के बीच परिवार के साथ अपने निवास पर मौजूद हैं. वहीं बघेल सरकार में सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित घर पर सीबीआई की टीम छान-बीन कर रही है. कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज घर से बरामद किए जाने की चर्चा है.
जानिए पूरा मामला
छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच आधिकारिक तौर पर सीबीआई को सौंप दी थी. ईडी ने पिछले साल जनवरी में इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी, जिसके बाद इसका जिम्मा एसीबी और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी सौंप दिया गया था. इस साल लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले 4 मार्च को एसीबी द्वारा दायर चार्जशीट में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया था. भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. कई अन्य भी आरोपी बनाए गए थे.
NSUI ने दिल्ली में किया प्रदर्शन, पेपर लीक, बेरोजगारी समेत कई मुद्दों को लेकर उठाई आवाज, राष्ट्रीय सचिव ने कहा – छात्रों के साथ अन्याय कर रही सरकार
नई दिल्ली/रायपुर। देश में बढ़ती बेरोजगारी समेत कई मुद्दों को लेकर नई दिल्ली में NSUI ने संसद घेराव आंदोलन किया, जिसमें छत्तीसगढ़ समेत देशभर के हजारों NSUI कार्यकर्ता शामिल हुए. इस आंदोलन में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए और आएसएस के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी. NSUI नेताओं ने भी NEP 2020, पेपर लीक की समस्या, बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा का भगवाकरण और UGC के नए नियमों के खिलाफ आवाज उठाया. प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी एवं दिल्ली प्रभारी हनी बग्गा पर दिल्ली पुलिस ने गैर जमानती धाराएं लगाकर FIR दर्ज किया और दोनों नेताओं को पुलिस ने कल रात ही गिरफ्तार कर लिया, जिनकी आज जमानत पर रिहाई की गई.
राष्ट्रीय सचिव दिल्ली प्रभारी हनी बग्गा ने रिहाई के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि कल हमने छात्रों के हित पर देशव्यापी संसद घेराव आंदोलन दिल्ली की जंतर मंतर में किया था. हमारे नेता राहुल गांधी एवं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में इस आंदोलन को किया गया. जिस प्रकार केंद्र की मोदी सरकार छात्रों के साथ अन्याय कर रही है उन्हें शिक्षा से वंचित करने का कार्य कर रही है, इसे लेकर राहुल गांधी ने भी कहा कि अब विश्वविद्यालय में लोकतंत्र खत्म हो गया है. RSS की विचारधारा वाली केंद्र की सरकार लोगों को ना शिक्षा दे पा रही है, ना रोजगार. इन्हीं सभी बातों को हमारे नेताओं ने कार्यक्रम में दोहराया.


आने वाले समय में करेंगे उग्र आंदोलन : बग्गा
बग्गा ने कहा, आंदोलन में हजारों छात्रों की संख्या देखकर केंद्र की सरकार और दिल्ली पुलिस डर गई, जिस कारण पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और मेरे ऊपर गैर जमानती धारा लगाकर हमारी आवाज को कुचलने का काम किया है. केंद्र की सरकार एवं दिल्ली पुलिस कितने भी मुकदमे दर्ज करना है कर लीजिए पर यह आंदोलन और यह आवाज नहीं रुकेगी. आने वाले समय में हम और उग्र तरीके के साथ आंदोलन करेंगे.
वोटर आईडी से आधार कार्ड होगा लिंक, तकनीकी विशेषज्ञों की जल्द होगी बैठक
नई दिल्ली। देश के निर्वाचन आयोग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ आज नई दिल्ली के निर्वाचन सदन में केंद्रीय गृह सचिव, सचिव विधायी विभाग, सचिव मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और सीईओ, UIDAI और निर्वाचन आयोग के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ बैठक की।
देश के संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, मतदान का अधिकार केवल भारत के नागरिक को दिया जा सकता है; आधार कार्ड व्यक्ति की पहचान स्थापित करता है।
इसलिए यह निर्णय लिया गया कि मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने का काम संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4), 23(5) और 23(6) के प्रावधानों के अनुसार तथा WP (Civil) संख्या 177/2023 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप ही किया जाएगा।
तदनुसार UIDAI और निर्वाचन आयोग के तकनीकी विशेषज्ञों के बीच तकनीकी परामर्श जल्द ही शुरू होने वाला है।
दिल्ली में पंजाब कांग्रेस की बैठक: नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई नेता रहे नदारद, ED की कार्रवाई पर भूपेश बघेल ने कहा- मैं जिस राज्य में जाता हूं वहां…
नई दिल्ली। पंजाब के नए प्रभारी भूपेश बघेल ने गुरुवार (13 मार्च) को दिल्ली में पंजाब कांग्रेस की बैठक ली. इस मीटिंग से नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई कांग्रेसी नेता नदारद रहे. बैठक में कांग्रेसी नेताओं के शामिल नहीं होने पर छत्तीसगढ़ के पूर्व CM बघेल ने कहा ” इस मीटिंग की सबको जानकारी थी. सिद्धू नहीं आए लेकिन अन्य कई लोग भी नहीं आ पाए इसमें कुछ अलग और नया नहीं है.”
इस दौरान उन्होंने बीतें दिनों उनके घर में की गई ED की छापेमारी पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. पूर्व सीएम बघेल ने कहा मैं जब-जब जिस राज्य में जाता हूं, उसके बाद छापे पड़ते हैं. मैं छापे से नहीं डरता हूं. उन्होंने आगे कहा, सबसे ज्यादा छापे छत्तीसगढ़ में पड़े हैं. अब मैं पंजाब जाना शुरू किया तो फिर छापे पड़े.
पंजाब कांग्रेस को लेकर दिल्ली में चल रही बैठक खत्म हो गई है. पजांब कांग्रेस के नए प्रभारी भूपेश बघेल ने संगठन को मजबूत करने मीटिंग ली. बैठक को लेकर कहा कि संगठन को मजबूत करने का यह साल है, पार्टी ने इस बारे में निर्देश दिया है. उन्होंने दावा किया है पंजाब में कांग्रेस मजबूत है. उन्होंने कहा, कि राज्य में माइक्रो लेवल पर कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है. जल्द ही दूसरी मीटिंग होगी और आगे का एजेंडा तय होगा.
आम आदमी पार्टी में मची है भगदड़
प्रभारी भूपेश बघेल से जब पूछा गया कि कुछ दिनों पहले कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंजाब में AAP विधायक कांग्रेस के संपर्क में है, उस पर क्या कुछ रणनीति बनी? इस सवाल पर उन्होंने कहा, ”आम आदमी पार्टी में भगदड़ मची है. पंजाब में आम आदमी पार्टी की नाव डूबने वाली है लेकिन कब तक डूबेगी पता नहीं.”
भारतीय निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को लिखा पत्र, चुनाव प्रक्रिया को और सुदृढ़ बनाने पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को किया आमंत्रित
रायपुर। भारतीय निर्वाचन आयोग ने सभी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से 30 अप्रैल 2025 तक उन किसी भी अनसुलझे मुद्दों पर सुझाव मांगे हैं, जो संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के स्तर पर लंबित हैं। राजनीतिक दलों को आज जारी एक व्यक्तिगत पत्र में, आयोग ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ परस्पर सहमति से सुविधाजनक समय पर बातचीत की जाएगी, जिससे स्थापित विधिक प्रावधानों के अनुरूप चुनावी प्रक्रियाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
इससे पहले, गत सप्ताह आयोजित निर्वाचन आयोग के एक सम्मेलन में, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिया था कि वे राजनीतिक दलों के साथ नियमित संवाद करें, उन बैठकों में प्राप्त सुझावों का समाधान पूर्व निर्धारित विधिक ढांचे के तहत करें और 31 मार्च 2025 तक आयोग को कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आयोग ने राजनीतिक दलों से इस विकेंद्रीकृत संवाद प्रक्रिया का सक्रिय रूप से उपयोग करने का भी आग्रह किया। राजनीतिक दल, 28 प्रमुख हितधारकों में से एक हैं, जिन्हें संविधान और वैधानिक ढांचे के तहत आयोग द्वारा चुनावी प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चिह्नित किया गया है।
आयोग ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951; निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960; निर्वाचन संचालन नियम, 1961; माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश; तथा भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देश, नियमावली और हैंडबुक (जो निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं) एक विकेंद्रीकृत, मजबूत और पारदर्शी विधिक ढांचे की स्थापना करते हैं, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का सफल आयोजन सुनिश्चित हो सके।
1 अरब भारतीयों के पास खर्च करने के लिए पैसे नहीं, अमीर होते जा रहे और अमीर, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
रिपोर्ट बताती है कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता वर्ग का विस्तार उतना नहीं हो रहा, जितना उसकी खरीदने की क्षमता बढ़ रही है. इसका मतलब है कि संपन्न लोगों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा, बल्कि जो पहले से अमीर हैं, वे और अमीर हो रहे हैं.
भारत की आबादी करीब 140 करोड़ है, लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश के एक अरब लोग ऐसे हैं जिनके पास खर्च करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं. यह स्थिति न केवल आर्थिक असमानता को उजागर करती है, बल्कि भारत के उपभोक्ता बाजार और विकास की दिशा पर भी गहरे सवाल उठाती है.
ब्लूम वेंचर्स की रिपोर्ट ने चौंकाया
वेंचर कैपिटल फर्म ब्लूम वेंचर्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वह उपभोक्ता वर्ग जो व्यवसाय मालिकों या स्टार्टअप्स के लिए संभावित बाजार हो सकता है, उसका आकार मेक्सिको की आबादी के बराबर यानी 13 से 14 करोड़ है. इसके अलावा, 30 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें "उभरता हुआ" या "आकांक्षी" वर्ग कहा जा सकता है. लेकिन ये लोग अभी खर्च करने के लिए तैयार नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने हाल ही में खर्च शुरू किया है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है.रिपोर्ट बताती है कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता वर्ग का विस्तार उतना नहीं हो रहा, जितना उसकी खरीदने की क्षमता बढ़ रही है. इसका मतलब है कि संपन्न लोगों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा, बल्कि जो पहले से अमीर हैं, वे और अमीर हो रहे हैं.
प्रीमियमाइजेशन का बढ़ता चलन
यह असमानता देश के उपभोक्ता बाजार को नए रूप में ढाल रही है. अब ब्रांड सस्ते और बड़े पैमाने पर उपलब्ध उत्पादों के बजाय महंगे और प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान दे रहे हैं, जो अमीर वर्ग की जरूरतों को पूरा करते हैं. इसका उदाहरण है महंगे घरों और प्रीमियम स्मार्टफोनों की बिक्री में उछाल, जबकि सस्ते मॉडल बाजार में संघर्ष कर रहे हैं.रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कुल आवास बाजार में सस्ते घरों की हिस्सेदारी अब केवल 18% रह गई है, जो पांच साल पहले 40% थी. दूसरी ओर, ब्रांडेड सामानों और 'अनुभव अर्थव्यवस्था' (एक्सपीरियंस इकोनॉमी) का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. कोल्डप्ले और एड शीरान जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के कॉन्सर्ट के महंगे टिकट ऊंचे दामों पर बिक रहे हैं.
महामारी से पहले शुरू हुआ बदलाव
रिपोर्ट के सह-लेखक सजित पाई के अनुसार, जिन कंपनियों ने इस बदलते ट्रेंड को अपनाया, वे फल-फूल रही हैं. वहीं, जो कंपनियां बड़े पैमाने की जरूरतों पर केंद्रित रहीं या जिनके उत्पाद प्रीमियम ग्राहकों तक नहीं पहुंचे, वे बाजार में पिछड़ गईं.यह बदलाव कोविड महामारी के बाद की 'K' आकार की रिकवरी को भी दर्शाता है, जहां अमीरों की संपत्ति बढ़ी, लेकिन गरीबों की खरीदने की क्षमता और कम हुई. हालांकि, यह कोई नई बात नहीं है. यह एक दीर्घकालिक ढांचागत बदलाव है, जो महामारी से पहले ही शुरू हो चुका था.
बढ़ती आर्थिक असमानता
भारत में असमानता तेजी से बढ़ रही है. राष्ट्रीय आय में शीर्ष 10% लोगों की हिस्सेदारी 1990 में 34% थी, जो अब बढ़कर 57.7% हो गई है. वहीं, निचले 50% लोगों की हिस्सेदारी 22% से घटकर 15% रह गई है. हाल की उपभोग मंदी सिर्फ खरीद क्षमता की कमी से नहीं, बल्कि वित्तीय बचत में भारी गिरावट और कर्ज में बढ़ोतरी से भी जुड़ी है.भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आसान और असुरक्षित कर्ज पर सख्ती बरती है, जो महामारी के बाद तेजी से बढ़ा था. सजित पाई के अनुसार, उभरते वर्ग का ज्यादातर खर्च इन्हीं कर्जों पर निर्भर था, और इसे रोकने का असर उपभोग पर पड़ना तय है.
अल्पकालिक राहत, दीर्घकालिक चुनौतियां
अल्प अवधि में दो चीजें खर्च को बढ़ावा दे सकती हैं: रिकॉर्ड फसल उत्पादन से ग्रामीण मांग में तेजी और हालिया बजट में 12 अरब डॉलर की टैक्स छूट. लेकिन यह बदलाव बहुत बड़ा नहीं होगा. पाई का अनुमान है कि इससे जीडीपी में उपभोग आधारित हिस्से में आधा प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. लेकिन लंबे समय तक चुनौतियां बनी रहेंगी.
मध्य वर्ग की बिगड़ती हालत
भारत का मध्य वर्ग हमेशा से उपभोक्ता मांग का मुख्य आधार रहा है. लेकिन मार्सेलस इनवेस्टमेंट मैनेजर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक दशक में मध्य वर्ग की आय स्थिर रही है. 50% टैक्स देने वाले लोगों की तनख्वाह में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई, जिससे महंगाई को जोड़ने पर उनकी वास्तविक आय आधी रह गई है.वित्तीय बोझ ने मध्य वर्ग की बचत को खत्म कर दिया है. RBI के मुताबिक, भारतीय परिवारों की कुल वित्तीय बचत 50 साल के न्यूनतम स्तर पर है. इससे मध्य वर्ग के खर्च से जुड़े उत्पादों और सेवाओं को आने वाले सालों में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
तकनीक और रोजगार का संकट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) धीरे-धीरे क्लर्क, सेक्रेटरी जैसे रोजमर्रा के कामों को अपने हाथ में ले रहा है. इससे शहरी सफेदपोश नौकरियां कम हो रही हैं. मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में सुपरवाइजरों की संख्या भी घट रही है.सरकार के हालिया इकोनॉमिक सर्वे में भी यह चिंता जाहिर की गई है. सर्वे के अनुसार, तकनीकी बदलाव से श्रमिक विस्थापन भारत जैसे सेवा-प्रधान देश के लिए खतरा है, जहां आईटी कार्यबल का बड़ा हिस्सा सस्ते सेवा क्षेत्र में काम करता है. इससे उपभोग में कमी और आर्थिक विकास पर गहरा असर पड़ सकता है.
दिल्ली की जीत पर PM मोदी की पहली प्रतिक्रिया, बोले- ये विकास और सुशासन की जीत
दिल्ली। दिल्ली की दिल में BJP की धमाकेदार वापसी हुई है. विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता ने भाजपा को प्रंचड जीत दी है. अब तक सामने आए परिणामों के अनुसार बीजेपी 47 सीटों पर आगे चल रही है. भाजपा को मिली इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, विकास और सुशासन की जीत हुई. उन्होंने यह भी कहा कि हम दिल्ली के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे. यह गारंटी है.
दिल्ली में भाजपा ने आम आदमी पार्टी ने चारो खाने चित कर दिया है. 27 सालो बाद दिल्ली की सत्ता में बीजेपी की वापसी हो रही है. दिल्ली में मिले ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की जनता का आभार व्यक्त किया है.
पीएम मोदी ने कहा,, दिल्ली के अपने सभी भाई-बहनों को भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए मेरा वंदन और अभिनंदन! आपने जो भरपूर आशीर्वाद और स्नेह दिया है, उसके लिए आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत आभार. दिल्ली के चौतरफा विकास और यहां के लोगों का जीवन उत्तम बनाने के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे, यह हमारी गारंटी है. इसके साथ ही हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि विकसित भारत के निर्माण में दिल्ली की अहम भूमिका हो.
प्रधानमंत्री ने दिल्ली बीजेपी कार्यकर्ताओं की जीत की बधाई दी. उन्होंने कहा, अपने सभी कार्यकर्ताओं पर बहुत गर्व है, जिन्होंने इस प्रचंड जनादेश के लिए दिन-रात एक कर दिया. अब हम और भी अधिक मजबूती से अपने दिल्लीवासियों की सेवा में समर्पित रहेंगे.

‘जनता का फैसला स्वीकार, BJP को बधाई…’ दिल्ली के चुनाव नतीजों पर अरविंद केजरीवाल ने दी पहली प्रतिक्रिया
दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) से मिली शिकस्त पर अरविंद केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया दी है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमें जनता का फैसला स्वीकार है। बीजेपी को इस जीत पर बधाई। जिस आशा के साथ जनता को उन्हें बहुमत दिया है उसकी उम्मीदों पर वो खरा उतरेंगे। हम जनता के सुख-दुख में काम आते रहेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने वीडियो मैसेज जारी करते हुए कहा, “हमने पिछले 10 सालों में जनता ने मौका दिया। हमने बहुत सारे काम किए। शिक्षा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, पानी के क्षेत्र में, बिजली के क्षेत्र में और भी अलग-अलग तरीके से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कोशिश की।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को हमने सुधारने की कोशिश की. अब जो जनता ने हमें निर्णय दिया है, हम न केवल एक कंस्ट्रक्टिव अपोजिशन का रोल निभाएंगे बल्कि हम समाज सेवा, जनता के सुख-दुख में काम आना, व्यक्तिगत तौर पर जिसको भी जरूरत होगी हम लोगों के सुख-दुख में हमेशा काम आएंगे। क्योंकि हम राजनीति में कोई सत्ता के लिए नहीं आ।
उन्होंने कहा कि हमें पिछले दस साल में जनता ने जो मौका दिया है, हमने बहुत काम किया है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी के क्षेत्र में बहुत काम किया है। हमने अलग-अलग तरीके से लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की है। दिल्ली के इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने की कोशिश की है। केजरीवाल ने कहा कि हम लोगों के सुख-दुख में हमेशा काम आएंगे क्योंकि हम राजनीति में सत्ता के लिए नहीं आए हैं। हम राजनीति को एक जरिया मानते हैं, जिसके जरिए हम जनता की सेवा कर सकें। हम केवल एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे बल्कि समाज सेवा भी करते रहेंगे। हमें जनता के सुख-दुख में इसी तरह काम आना है।
अरविंद केजरीवाल की हुई हार, दिल्ली चुनाव में बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने दी करारी शिकस्त
दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम से संबंधित इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली चुनाव में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की हार हुई है। नई दिल्ली विधानसभा सीट से बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को 3,182 वोटों से करारी शिकस्त दी है। केजरीवाल को हराने वाले भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वर्मा अमित शाह से मिलने पहुंचे।
बता दें कि दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की वापसी हो रही है। 4 घंटे की मतगणना के बाद चुनाव आयोग के आंकड़ों में 70 सीटों में से भाजपा 48 और आम आदमी पार्टी (AAP) 22 सीटों पर आगे चल रही है। आतिशी, सत्येंद्र जैन, सोमनाथ भारती, सौरभ भारद्वाज, अमानतुल्लाह खान और अवध ओझा पीछे चल रहे हैं।
भाजपा के वोट शेयर में 9% से ज्यादा का इजाफा
भाजपा ने पिछले चुनाव (2020) के मुकाबले वोट शेयर में 9% से ज्यादा का इजाफा हुआ। वहीं, AAP को 10% से ज्यादा का नुकसान हुआ है। कांग्रेस को भले ही एक सीट मिलती नहीं दिख रही, लेकिन वोट शेयर 2% बढ़ाने में कामयाब रही। भाजपा की 40 सीट बढ़ीं, आप की 40 सीट घंटी भाजपा की पिछले चुनाव (2020) के मुकाबले 40 सीटें बढ़ीं। वहीं, AAP को 40 सीटों का नुकसान हुआ है। कांग्रेस इस बार भी खाली हाथ रहीं। एक भी सीट नहीं जीत सकी।
AP दफ्तर में अंदर से लगा ताला
दिल्ली चुनाव में AAP को निराशा हार हाथ लगी है। AAP ने अपने पार्टी कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी है और अंदर से ताला लगा दिया है। सिर्फ कुछ पार्टी पदाधिकारियों को ही अंदर जाने की अनुमति है। जबकि मीडियाकर्मियों को प्रवेश करने से रोक दिया है।
दिल्ली की 9 हॉट सीटें

कालकाजी से आतिशी जीतीं
कालकाजी सीट से AAP उम्मीदवार आतिशी चुनाव जीत गई हैं। वे इस सीट से दूसरी बार जीती हैं। उन्होंने बीजेपी के रमेश बिधूड़ी को चुनाव हरा दिया है।
RBI Monetary Policy Meeting: सस्ते होंगे लोन और घटेगी EMI, रिजर्व बैंक ने घटा दिए ब्याज दर, जानिए 2025 में GDP का अनुमान…
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने ब्याज दरें 6.5% से घटाकर 6.25% कर दी हैं. अब आपके सभी लोन सस्ते होंगे और EMI भी कम होगी. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति समिति (MPC) में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।
5 साल बाद घटाई गई रेपो रेट
RBI ने आखिरी बार मई 2020 में रेपो रेट में 0.40% की कटौती की थी और इसे 4% कर दिया था. हालांकि, मई 2022 में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू किया, जो मई 2023 में रुका.
इस दौरान रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 2.50% की बढ़ोतरी की और इसे 6.5% पर ले गया. इस तरह 5 साल बाद रेपो रेट में कमी की गई है.
0.25% की कटौती से कितना फर्क पड़ेगा?
मान लीजिए आदित्य नाम के एक व्यक्ति ने 9% की फिक्स रेट पर 20 साल के लिए 30 लाख का लोन लिया है. उसकी EMI 26,992 रुपये है. 20 साल में उसे इस दर पर 34.78 लाख रुपये का ब्याज देना होगा.
यानी उसे 30 लाख रुपये की जगह कुल 64.78 लाख रुपये चुकाने होंगे. आदित्य के लोन लेने के बाद RBI रेपो रेट में 0.25% की कटौती कर देता है. इससे बैंक भी ब्याज दर में 0.25% की कमी कर देता है.
अब जब आदित्य का कोई दोस्त लोन लेने उसी बैंक में पहुंचता है तो बैंक उसे 9% की जगह 8.75% ब्याज दर बताता है. आदित्य का दोस्त भी 20 साल के लिए 30 लाख का लोन लेता है, लेकिन उसकी EMI 26,416 रुपये है.
यानी आदित्य की EMI से 576 रुपये कम. इसके चलते आदित्य के दोस्त को 20 साल में कुल 63.39 लाख रुपए चुकाने होंगे. यह आदित्य से 1.39 लाख रुपए कम है.
2025 में 6.4% जीडीपी का अनुमान (RBI Monetary Policy Meeting)
Q1: जीडीपी वृद्धि 6.7% रहने का अनुमान
Q2: जीडीपी वृद्धि 7% रहने का अनुमान
Q3: जीडीपी वृद्धि 6.5% रहने का अनुमान
Q4: जीडीपी वृद्धि 6.5% रहने का अनुमान
वित्त वर्ष 26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.7% रहने का अनुमान. वित्त वर्ष 25 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.4% रहने का अनुमान
महाकुंभ 2025 : भूटान नरेश ने संगम में लगाई डुबकी, सीएम योगी ने भी लिया मां गंगा का आशीर्वाद, अक्षयवट के लिए हुए रवाना
प्रयागराज। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने आज सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। संगम में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने गंगा पूजन और आरती की। इसके बाद वे लेटे हनुमान मंदिर और अक्षयवट के दर्शन करने के लिए निकल गए है। बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद भूटान नरेश डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरियंस सेंटर का भ्रमण करेंगे। इस दौरान सीएम योगी उनके साथ रहेंगे और महाकुंभ से जुड़े विषयों पर बातचीत करेंगे।
पूरी दुनिया में महाकुंभ की चर्चा
महाकुंभ की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। सात समंदर पार के लोग कुंभ की दिव्यता और भव्यता को देखने के लिए आ रहे है। भारत की प्राचीन परंपरा और यहां की सनातन संस्कृति विदेशी लोगों के मन को भा रही है। जिसके परिणामस्वरूप महाकुंभ में अब तक 35 करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगा ली है। बसंती पंचमी के मौके पर डेढ़ करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने त्रिवेणी संगम में शाही स्नान किया और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में कल्पवास कर रहे है।
पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश के लिए देवताओं और असुरों के बीच 12 दिन घमासान युद्ध हुआ। अमृत को पाने की लड़ाई के बीच कलश से अमृत की कुछ बूंदें धरती के चार स्थानों पर गिरी थीं। ये जगह हैं प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक। इन्हीं चारों जगहों पर कुंभ का मेला लगता है। जब गुरु वृषभ राशि में और सूर्य मकर राशि में होते हैं तब कुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित किया जाता है। जब गुरु और सूर्य सिंह राशि में होते हैं, तब कुंभ मेला नासिक में आयोजित होता है। गुरु के सिंह राशि और सूर्य के मेष राशि में होने पर कुंभ मेला उज्जैन में आयोजित होता है। सूर्य मेष राशि और गुरु कुंभ राशि में होते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है।
दिल्ली के विकास के लिए कमल चुनाव चिन्ह पर बटन दबाए - बृजमोहन अग्रवाल
दिल्ली। लगातार नौ चुनाव जीतकर रिकॉर्ड बना चुके रायपुर के लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल अब दिल्ली विधानसभा चुनाव में कूद पड़े हैं। श्री अग्रवाल ने रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में विजेंद्र गुप्ता के लिए एक अग्रवाल सम्मेलन को संबोधित किया करते हुए अग्रवाल समुदाय से कमल के निशान पर बटन दबाने की अपील की। अग्रकुल प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन का जिक्र करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि कुलदेवी माता महालक्ष्मी कमल पर विराजति हैं क्योंकि उन्हें कमल का फूल सबसे अधिक प्रिय है। सांसद अग्रवाल ने कहा कि देश के विकास, तरक्की और खुशहाली के लिए लक्ष्मी जी का प्रसन्न रहना अति आवश्यक है और माता लक्ष्मी कमल के फूल से ही प्रसन्न होंगी।
बीजेपी सांसद सभा में मौजूद लोगों को समाज निर्माण में अग्रवाल समाज के योगदान का स्मरण कराया। उन्होंने याद दिलाया कि अग्रवाल समुदाय के व्यक्तियों का समाज के अन्य वर्गों पर भी अच्छा खासा प्रभाव है। इसलिए वे चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने में सक्षम हैं। जनसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बीजेपी सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा के अलावा बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के प्रतिष्ठित लोग उपस्थित थे।




यमुना का पानी पीकर दिखाएं… केजरीवाल ने अमित शाह, राहुल गांधी और नायब सिंह सैनी को दिया चैलेंज, कहा- मैं धमकी से डरने वाला नहीं
दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना पर सियासी घमासान जारी है। दिल्ली का दंगल यमुना के पानी पर केंद्रित है। इस बीच आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा हैं। इतना ही नहीं AAP संयोजक व पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह, राहुल गांधी, नायब सिंह सैनी और वीरेंद्र सचदेवा को यमुना का पानी पीने के लिए भेजने की बात कही है।
गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर यमुना के पानी को लेकर हमला बोला हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हरियाणा से यमुना के जरिए और यूपी से गंगा के जरिए पानी आता है। यमुना के जरिए हरियाणा से आने वाला पानी पिछले कुछ दिनों से जहरीला है। इसका स्तर 7 पीपीएम तक पहुंच गया है। इससे मौत तक हो सकती है, हम यह मुद्दा उठाने के लिए बेबस थे।
नायब सैनी ने कुछ नहीं किया…
उन्होंने कहा कि जब यह स्तर बढ़ रहा था तो आतिशी ने नायब सैनी को कई बार फोन किया और कहा कि अमोनिया के लेवल बढ़ रहा है, इसे कम कराइए। इसे हम ट्रीट नहीं कर पा रहे हैं। नायब सैनी ने तीन बार कहा कि कुछ करता हूं, लेकिन कुछ नहीं हुआ और फिर सैनी ने आतिशी के फोन अटेंड करने बंद कर दिए। जब स्तर 7 तक पहुंच गया तब आतिशी को सबके सामने आकर यह बोलना पड़ा।
अमित शाह, राहुल गांधी, नायब सिंह सैनी को पानी भेजने की कही बात
अरविंद केजरीवाल ने विपक्षी नेताओं को पानी भेजने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि कल हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने नौटंकी की। पानी पीया और फिर फेंक दिया। जो एक घूंट पानी नहीं पी सकते वे चाहते हैं कि हम दिल्ली वालों को पिलाएं। हम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को बोतल भेज रहे हैं। क्लोरीन और अमोनिया मिला यह पानी है, वे पीकर दिखा दें। फिर हम मान लेंगे कि हमने जो बोला था वो गलत बोला था।
मैं दिल्लीवालों को जहरीला पानी नहीं पीने दूंगा- केजरीवाल
वहीं आप संयोजक ने आगे कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट में पानी में क्लोरीन मिलाया जाता है। अमोनिया और क्लोरीन का कंबिनेशन डेडली होता है। अगर ऐसा पानी हम पिला देते तो पता नहीं क्या हो जाता। हमारा यह मुद्दा उठाने के बाद अमोनिया की मात्रा कम होनी शुरू हुई और अब यह तीन हो गई है। कुछ करने के बजाय धमकी दे रहे हैं कि जेल में डाल देंगे। डाल दो, मैं जेल से ही होके आ रहा हूं, मैं धमकी से नहीं डरने वाला, नोटिस कितना भी दिला दें, मैं जब तक जिंदा हूं दिल्ली वालों को जहरीला पानी नहीं पीने दूंगा।
महाकुंभ में फिर से लगी आग, कई टेंट जलकर हुए राख
प्रयागराज। महाकुंभ मेला क्षेत्र में एक बार फिर से आग लगी है. ये आग सेक्टर 22 में झूंसी छतनाग घाट और नागेश्वर घाट के बीच में लगी है. आगजनी में कई टेंट जल गए हैं. मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी है. आग बुझाने में दो फायर टेंडर लगे हुए हैं. बताया जा रहा है कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक गुरुवार को अचानक से कई टेंट जलने लगे. जिसे देख श्रद्धालु अपने-अपने टेंटों से बाहर निकले और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी. वहीं इस आगजनी में जनहानि की सूचना नहीं है.

बता दें कि इससे पहले बीते 19 जनवरी को मेला क्षेत्र के शास्त्री ब्रिज सेक्टर-19 कैंप में भीषण आग लगी थी. आग की लपटें 5 किलोमीटर दूर तक उठती दिखाई दी थी. यहां पर श्रद्धालु अपने टेंट में खाना बना रहे थे. इसी दौरान सिलंडेर ब्लास्ट हुआ और आग लग गई थी. देखते ही देखते आग फैलती गई. आग लगने से 2 दर्जन से ज्यादा टेंट जलकर खाक हो गए थे. हवा की वजह से आग सेक्टर 19 से 20 तक पहुंच गई थी. ये आग शाम 4 बजे के आसपास लगी थी.
19 जनवरी को शास्त्री ब्रिज के पास लगी आग