<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>Ram Raj Feed</title><link>https://ramraj.co</link><description>Ram Raj Feed Description</description><item><title>ईंधन संरक्षण के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल की पहल, घटाया अपना काफिला</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17593</link><description>रायपुर। वैश्विक ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर मंत्री श्री अग्रवाल ने अपने राजकीय दौरों के दौरान पायलट वाहन, फॉलो वाहन तथा अन्य विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। इसी भावना के अनुरूप उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में केवल अपरिहार्य वाहनों को ही शामिल करने तथा अनावश्यक वाहनों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य स्थिति बहाल होने तक वे किसी भी प्रकार की पायलट, फॉलो गाड़ी अथवा विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करेंगे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि यह समय जिम्मेदारी, संयम और जनभावनाओं के साथ खड़े रहने का है। राष्ट्रहित में प्रत्येक नागरिक की इसमें सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, कारपूलिंग तथा संसाधनों के संयमित उपयोग को अपनाएं, इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लगातार आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा को आत्मसात करते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि शासन और जनप्रतिनिधि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर समाज को सकारात्मक संदेश दे सकें।</description><guid>17593</guid><pubDate>13-May-2026 6:12:06 pm</pubDate></item><item><title>भाजपा ने कार्यसमिति बैठक में गिनाईं उपलब्धियां, कांग्रेस पर साधा निशाना</title><link>https://ramraj.co/politics.php?articleid=17592</link><description>रायपुर।भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की आज अहम बैठक हुई. बैठक में नक्सल उन्मूलन से लेकर देश के विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के लिए प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व की प्रशंसा करने के साथ महिला आरक्षण अधिनियम के लोकसभा में गिरने परपार्टी पदाधिकारियों ने कांग्रेस की आलोचना की.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैठक को लेकर कहा कि पहले बैठकों में कार्यकर्ता अपनी पीड़ा बताते थे, अब भाजपा कार्यसमिति में नक्सल उन्मूलन पर चर्चा हो रही है. बस्तर के मड़ई-मेलों में रंगत लौटी है. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को स्टैंडिंग ओवेशन दिया गया है. भाजपा ने नेतृत्व के लिए आभार जताया है. वहीं बैठक में बस्तर को लेकर बैठक में विस्तृत आंकलन करने की जानकारी देते हुए कहा कि बस्तर बदल रहा है, विकास की नई दिशा मिल रही है.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यसमिति की बैठक पर कहा कि भाजपा की दो दिवसीय बैठक आहूत की गई. कल प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठक हुई है, आज भाजपा कार्यसमिति की बैठक जो रही है. बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पारित हुआ है. चुनाव में भाजपा की जीत पर जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई. वहीं महिला आरक्षण के लोकसभा में गिरने पर कहा कि कांग्रेस ने विरोध किया है, जिसका खामियाजा कांग्रेस को तो भुगतना पड़ेगा.</description><guid>17592</guid><pubDate>13-May-2026 6:04:30 pm</pubDate></item><item><title>पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा में गुटबाजी का लगाया आरोप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल बोले- कांग्रेस पहले खुद को देखे</title><link>https://ramraj.co/politics.php?articleid=17591</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की नई कोर ग्रुप में दिग्गज नेताओं को बाहर करने के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने निशाना साधते हुए भाजपा में गुटबाजी चरम पर होने का आरोप लगाया है. कहा कि भाजपा बृजमोहन अग्रवाल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. इस बयान पर भाजपा सांसद बृजमोहन ने पलटवार करते हुए कहा कि वह जब तक सक्रिय हैं, तब तक उन्हें कोई किनारे नहीं कर सकता.
भाजपा की नई कोर ग्रुप पर सियासत
दरअसल, मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हुई कोर ग्रुप की बैठक में निर्णय लेते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मंत्री रामविचार नेताम और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को बाहर किया गया. इसे लेकरकांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बड़ा बयान देते हुए कहा किबृजमोहन अग्रवाल पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं. भाजपा उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं.भाजपा में गुटबाजी चरम पर हैं. एक अनुभवी नेता को नजरअंदाज करना पार्टी की गुटबाजी को उजागर करती हैं.
भाजपा कोर कमेटी में रखना और निकालना बेहद ही सामान्य प्रक्रिया : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दीपक बैज के बयान का पलटवार करते हुए कहा किभाजपा कोर कमेटी में रखना और निकालना बेहद ही सामान्य प्रक्रिया है.पिछले दस सालों से कोर कमेटी का हिस्सा रहा. उन्होंने कहा कि उनकेसाथ सौतेला व्यवहार कोई नहीं कर सकता. वह जब तक सक्रिय हैं, तब तक उन्हें कोई किनारे नहीं कर सकता है.
समीक्षा करेंगे यह शर्मनाक बयान है, अब तक सरकार क्या कर रही थी : दीपक बैज
PCC चीफ दीपक बैज ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी के काफिला कम करने और सरकारी वाहनों में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के संबंध में जल्द ही कटौती पर समीक्षा की बात पर हमला बोला. उन्होंने कहा किदुर्भाग्यजनक बयान है कि समीक्षा करेंगे. अब तक सरकार क्या कर रही थे. किसी तरह की किल्लत नहीं हैं कहने के बाद अब तक लीपापोती का काम कर रहे थे. वित्त मंत्री के अपना काफिला छोड़ने का ऐलान करने से क्या दिक्कत कम हो जाएगी.
बैज ने कहा कि सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. विपक्ष से भी चर्चा करना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले ही आर्थिक संकट को लेकर आगाह किया था.
कांग्रेस पहले अपने संगठन की चिंता करे : सासंद बृजमोहन अग्रवाल
दीपक बैज के बयान को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है. कांग्रेस पहले अपने संगठन की चिंता कर ले, फिर हमारे बारे में सोचना शुरू करना.</description><guid>17591</guid><pubDate>13-May-2026 4:04:59 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में T  C प्लानिंग विभाग के सहायक संचालक के 21 पदों पर पहली नियमित भर्ती का परिणाम जारी, मंत्री ओपी चौधरी ने अभ्यर्थियों को दी बधाई</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17590</link><description>रायपुर।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है। इस खास मौके पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।
मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है।
वित्त मंत्री चौधरी ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को दी बधाई
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।</description><guid>17590</guid><pubDate>13-May-2026 3:40:42 pm</pubDate></item><item><title>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने घटाया अपना काफिला, प्रधानमंत्री मोदी के ईंधन संरक्षण की अपील से प्रेरित होकर लिया फैसला</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17589</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देशवासियों से की गई अपील का सम्मान करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने अपने प्रोटोकॉल काफिले से 4 वाहनों का उपयोग कम करने का फैसला लिया है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रहित में संसाधनों के संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक कर्तव्य की भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है। जब वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, तब परिवार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों के संरक्षण का संदेश हम सभी भारतवासियों के लिए अनुकरणीय है। ऐसे समय में प्रत्येक जनप्रतिनिधि और नागरिक का दायित्व बनता है कि वह संयम, सादगी और जिम्मेदारी का परिचय दें।

प्रदेशवासियों से की ये अपील
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा देशवासियों को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी है और उसी भावना के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वे वर्तमान परिस्थितियों को गंभीरता से समझें। आवश्यकता अनुसार संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्रहित में सहयोग की भावना के साथ आगे आएं।</description><guid>17589</guid><pubDate>13-May-2026 3:31:14 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ भाजपा कोर ग्रुप का पुनर्गठन: डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की एंट्री</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17588</link><description>रायपुर।छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में बड़ा रणनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश की नई कोर कमेटी का गठन करते हुए वरिष्ठ नेताओं के साथ सरकार के प्रमुख चेहरों को इसमें शामिल किया है। नई टीम का गठन राष्ट्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद किया गया।
प्रदेश भाजपा की इस अहम निर्णय लेने वाली समिति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा के साथ वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को भी स्थान दिया गया है।
कोर ग्रुप में संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है। इनमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश महामंत्री पवन साय, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, वरिष्ठ नेता लता उसेंडी, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी शामिल हैं।
बृजमोहन, रामविचार और गौरीशंकर बाहर
नई सूची में कई बड़े नेताओं को कोर ग्रुप से बाहर कर दिया गया है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, प्रदेश सरकार में मंत्री रामविचार नेताम और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को इस बार कोर कमेटी में जगह नहीं मिली है। राजनीतिक गलियारों में इसे संगठन के भीतर नई रणनीति और पीढ़ीगत संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। आज हुई बैठक के दौरान पार्टी की आगामी कार्ययोजना, संगठन विस्तार और भविष्य के कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही आने वाले राजनीतिक अभियानों और कार्यसमिति से जुड़े मुद्दों पर भी रणनीति बनाई गई।</description><guid>17588</guid><pubDate>13-May-2026 3:11:08 pm</pubDate></item><item><title>RCB बनाम KKR मैच को लेकर रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17587</link><description>रायपुर।आज नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के तहत रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला खेला जाएगा। मैच को देखते हुए दर्शकों की सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रायपुर यातायात पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसमें विभिन्न मार्गों, पार्किंग स्थलों तथा प्रतिबंधित वस्तुओं की पूरी जानकारी दी गई है।
रायपुर शहर से स्टेडियम जाने का मार्ग
रायपुर शहर से आने वाले दर्शक तेलीबांधा थाना तिराहा से नेशनल हाईवे-53 होकर सेरीखेड़ी ओवरब्रिज के माध्यम से नया रायपुर पहुंचेंगे। वहां से स्टेडियम तिराहा और साईं अस्पताल रोड के रास्ते होते हुए पूर्व दिशा स्थित परसदा-कोसा पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे। पार्किंग भर जाने की स्थिति में श्री सत्य साईं अस्पताल पार्किंग और सेंध तालाब पार्किंग का उपयोग किया जाएगा, जिसके बाद दर्शक पैदल स्टेडियम में प्रवेश करेंगे।
बिलासपुर की ओर से आने वाले दर्शकों के लिए व्यवस्था
बिलासपुर-रायपुर मार्ग से आने वाले दर्शक धनेली नाला होते हुए रिंग रोड-03, विधानसभा चौक और राजू ढाबा जंक्शन से गुजरकर एनएच-53 के माध्यम से मंदिर हसौद पहुंचेंगे। इसके बाद नवागांव से स्टेडियम टर्निंग होते हुए परसदा और कोसा पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे और पैदल स्टेडियम पहुंचेंगे।
बलौदाबाजार और खरोरा मार्ग से आने वाले दर्शक
इस दिशा से आने वाले दर्शक बलौदाबाजार-रायपुर मार्ग पर विधानसभा ओवरब्रिज चौक से रिंग रोड-03 होकर एनएच-53 के जरिए मंदिर हसौद पहुंचेंगे। इसके बाद नवागांव और स्टेडियम टर्निंग से होते हुए पार्किंग स्थल तक पहुंचकर पैदल प्रवेश करेंगे।
जगदलपुर और धमतरी मार्ग से आने वाले दर्शकों के लिए व्यवस्था
इन क्षेत्रों से आने वाले दर्शक अभनपुर से केन्द्री, उपरवारा, मंत्रालय चौक, कोटराभाठा और सेंध तालाब मार्ग से होकर सीधे स्टेडियम के पूर्व दिशा स्थित परसदा-कोसा पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे। भीड़ अधिक होने पर सत्य साईं अस्पताल और सेंध तालाब पार्किंग का उपयोग किया जाएगा।
दुर्ग-भिलाई से आने वालों के लिए मार्ग
दुर्ग-भिलाई की ओर से आने वाले दर्शक टाटीबंध से रिंग रोड-01, पचपेड़ी नाका, तेलीबांधा थाना तिराहा होकर सेरीखेड़ी ओवरब्रिज से नया रायपुर पहुंचेंगे। यहां से साईं अस्पताल रोड के जरिए पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा कर पैदल स्टेडियम प्रवेश करेंगे।
महासमुंद-सरायपाली मार्ग से आने वाले दर्शक
इस मार्ग से आने वाले दर्शक आरंग होकर सीधे स्टेडियम टर्निंग पहुंचेंगे और परसदा-कोसा पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे।

पासधारी वाहनों के लिए विशेष व्यवस्था
पार्किंग पास A, B, C, D, E, F, G धारक वाहन सेरीखेड़ी ओवरब्रिज होकर नया रायपुर में प्रवेश करेंगे। ये वाहन डॉ. खूबचंद बघेल चौक, कयाबांधा चौक (सेक्टर 15/21), कोटराभाठा चौक (सेक्टर 17/20) और सेंध सेक्टर 04/10 होते हुए निर्धारित पार्किंग स्थलों में वाहन खड़ा कर सकेंगे।
भारी वाहनों पर प्रतिबंध
मैच के दौरान 13 मई को दोपहर 3:00 बजे से रात 1:00 बजे तक नया रायपुर के सभी प्रवेश मार्गों पर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने अपील की है कि यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जाए।
स्टेडियम में प्रतिबंधित वस्तुएं
दर्शकों की सुरक्षा को देखते हुए स्टेडियम में निम्न वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है
शराब, बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, तंबाकू, माचिस, लाइटर एवं ज्वलनशील पदार्थ
बोतल, डिब्बे, टिफिन, वाद्य यंत्र
कुर्सी, स्टूल, छाता, डंडा, हॉकी स्टिक, झंडे, ब्लेड, स्केट्स आदि
आग्नेयास्त्र, पटाखे, चाकू, तलवार, कैंची और अन्य धारदार वस्तुएं
कांच के कंटेनर एवं खाद्य सामग्री (बच्चों के खाद्य को छोड़कर)
बैग, सूटकेस, लेडीज बैग, कागज़ के पैकेट
लैपटॉप, कैमरा, लेजर लाइट, फ्लैश लाइट
स्प्रे, सिरिंज, पेन, पेंसिल, फुग्गे एवं गेंद
लाउडस्पीकर, सिटी, हॉर्न, रेडियो एवं भड़काऊ संकेत
प्रचार सामग्री एवं सभी प्रकार के सिक्के
पुलिस की अपील
रायपुर यातायात पुलिस ने दर्शकों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, समय से पहले स्टेडियम पहुंचे और सुरक्षा नियमों का पूरा पालन करें, ताकि मैच के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।</description><guid>17587</guid><pubDate>13-May-2026 2:56:35 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो डिजाइन की प्रतियोगिता, विजेता को मिलेगा 2.50 लाख का इनाम</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17586</link><description>रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ में आधुनिक, सुव्यवस्थित और समावेशी शहरी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी विचार एवं दृष्टिकोण के तहत विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को व्यापक कार्य एजेंसी बनाते हुए नाम बदलकर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल कर दिया गया है। इससे आवास के साथ प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होगी तथा छत्तीसगढ़वासियों को बेहतर आवास और आधुनिक सुविधाओं का भरपूर लाभ मिलेगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड को नए स्वरूप में विकसित किया गया है, जिससे यह संस्था अब केवल मकानों और भवनों तक सीमित न रहकर व्यापक अधोसंरचना विकास कार्य भी कर सकेगी।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा में 17 मार्च 2026 को यह विधेयक प्रस्तुत किया गया, जिस पर 21 अप्रैल को राज्यपाल द्वारा स्वीकृति के बाद 24 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल कर दिया गया है।
इसी क्रम में 12 मई 2026 को समय-सीमा बैठक में आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुसार समस्त संभाग, प्रक्षेत्र, वृत्त कार्यालयों में रीब्रांडिंग के लिए पर्याप्त राशि जारी करने तथा मंडल के नए लोगो (Logo) डिजाइन के लिए सभी से प्रविष्टियां आमंत्रित करने के निर्देश दिए, जिससे इसमें लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। लोगो के डिजाइन के लिए प्रतियोगिता में कोई भी व्यक्ति, कलाकार, संस्था, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, छात्र एवं अप्रवासी भारतीय भी भाग ले सकते हैं।
डिजाइन भेजने की 20 मई है अंतिम तिथि
इच्छुक प्रतिभागी नए नाम (छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल) और उसकी अवधारणा के अनुरूप लोगो डिजाइन कर अपने कॉन्सेप्ट नोट सहित आवश्यक जानकारी के साथ ई-मेल (ceocghb@yahoo.com) पर भेज सकते हैं। प्रविष्टि के साथ नाम, पता एवं आधार कार्ड नंबर देना होगा। प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 20 मई 2026 शाम 5 बजे तक है।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वालों से लोगो की सॉफ्ट कॉपी CDR, PDF, PNG और JPEG फॉर्मेट में स्वीकार की जाएगी। केवल ई-मेल के माध्यम से प्राप्त प्रविष्टियां ही मान्य होंगी। जिसका लोगो चयनित होगा, उस विजेता को 2.50 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए मंडल की वेबसाइटwww.cghb.gov.inपर विजीट किया जा सकता है।</description><guid>17586</guid><pubDate>13-May-2026 1:26:26 pm</pubDate></item><item><title>भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की चल रही महत्वपूर्ण बैठक, आगामी विस चुनाव के लिए रणनीति बनाने के साथ दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव किए जाएंगे पारित</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17585</link><description>रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की आज एक महत्वपूर्ण बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हो रही है. बैठक में 2028 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाए जाने के साथ दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित होने की संभावना है.
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश विशेष रूप से मौजूद हैं. उनके अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और पवन साय, भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल हैं.
प्रदेश कार्यसमिति बैठक में सत्ता और संगठन से जुड़े करीबन 400 नेताओं की मौजूदगी में संगठनात्मक रणनीति और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा होगी. बैठक में नक्सलवाद की समाप्ति के लिए केंद्र और राज्य सरकार के लिए धन्यवाद प्रस्ताव और दूसरा महिला आरक्षण संशोधन बिल गिराने के लिए विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव शामिल है.
</description><guid>17585</guid><pubDate>13-May-2026 1:19:13 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग का आह्वान</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17584</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।
उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।</description><guid>17584</guid><pubDate>13-May-2026 12:55:59 pm</pubDate></item><item><title>बम बनाने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17583</link><description>रायपुर।राजधानी रायपुर में बम बनाने से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी विनय देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है। खमतराई थाना क्षेत्र के रावाभाठा इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को रावाभाठा क्षेत्र में संदिग्ध बैग से बम बनाने की सामग्री मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेराबंदी में लेकर जांच शुरू की गई।
BDDS जांच में खुलासा
बम निरोधक दस्ते की प्रारंभिक जांच में बैग में लो-इंटेंसिटी एक्सप्लोसिव सामग्री और बम निर्माण में उपयोग होने वाले संदिग्ध उपकरण मिलने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी।
आरोपी से पूछताछ जारी
लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी विनय देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी से खमतराई इलाके में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूछताछ की जा रही है।
इलाके में फैली थी दहशत
घटना के सामने आने के बाद रावाभाठा और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध सामग्री का उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कौन-कौन शामिल हो सकता है।</description><guid>17583</guid><pubDate>13-May-2026 12:17:17 pm</pubDate></item><item><title>रायपुर में राष्ट्रीय मांग दिवस: ट्रेड यूनियनों ने केंद्र की श्रम नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17582</link><description>रायपुर।केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और अनेक स्वतंत्र संगठनों के संयुक्त आव्हान पर देश भर में असंगठित श्रमिकों पर जारी शोषण और दमन के खिलाफ मंगलवार कोराष्ट्रीय मांग दिवस मनाया. इस दौरान नोयडा सहित दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई की मांग की. इस क्रम में मंगलवारशाम राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक में ट्रेड यूनियनो के संयुक्त मंच के नेतृत्व में श्रमिकों और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया.
इस दौरान संपन्न विरोध सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मंच के संयोजक, आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का. धर्मराज महापात्र ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मानेसर, गुरुग्राम, फरीदाबाद और देश के अनेक औद्योगिक क्षेत्रों के श्रमिक अमानवीय शोषण, कम मजदूरी, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और श्रम के बढ़ते ठेकेदारीकरण के विरुद्ध साहसपूर्वक संघर्ष कर रहे हैं. सरकारें इन वास्तविक मांगों को संबोधित करने के बजाय दमन, गिरफ्तारियों, धमकियों और श्रमिकों तथा ट्रेड यूनियन नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करने का रास्ता अपना रही हैं.आज ठेका श्रमिक औद्योगिक कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा बन चुके हैं. उन्हें प्रतिदिन 10 से 13 घंटे तक कार्य करना पड़ता है और मात्र ₹10,000 से ₹12,000 प्रतिमाह के अल्प वेतन पर काम करना पड़ता है. उन्हें नौकरी की सुरक्षा, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, भविष्य निधि (पी एफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ई एस आई) और बुनियादी सुरक्षा उपाय जैसे मूल अधिकार भी प्राप्त नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई तथा रसोई गैस (एल पी जी) की लगातार बढ़ती कीमतों ने श्रमिक वर्ग की स्थिति को और भी कठिन बना दिया है। इसी कारण देश भर के श्रमिक आज यह मांगें उठा रहे हैं कि न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 प्रतिमाह किया जाए. इसके साथ ही 8 घंटे का कार्य दिवस, ठेका श्रमिकों के लिए समान वेतन एवं सुविधाएं, दमनात्मक कार्रवाइयों का तत्काल अंत एवं चारों श्रम संहिताओं को तत्काल समाप्त कर पुराने 44 श्रम कानूनों की बहाली की मांग देश भर से उठ रही है. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि श्रमिकों की न्यायोचित मांगों पर विचार करने के बजाय उन्हें राष्ट्रविरोधी बताकर बदनाम करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों तथा स्वतंत्र क्षेत्रीय महासंघों एवं संगठनों के संयुक्त मंच ने 12 मई 2026 को राष्ट्रीय मांग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। हम देशभर में संघर्षरत श्रमिकों के आंदोलनों के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हैं और मांग करते हैकि गिरफ्तार श्रमिकों और कार्यकर्ताओं की तत्काल एवं बिना शर्त रिहाई की जाए, सभी झूठे मुकदमों की वापसी हो, दमन और अवैध हिरासतों का अंत हो, श्रमिक-विरोधी श्रम संहिताओं की वापसी की जाए, ट्रेड यूनियनों के साथ तत्काल त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित हो, भारतीय श्रम सम्मेलन (इंडियन लेबर कांफ्रेंस) का शीघ्र आयोजन हो, न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 प्रतिमाह हो, सख्ती से 8 घंटे का कार्यदिवस लागू किया जाए, अतिरिक्त कार्य के लिए दुगुना ओवरटाइम भुगतान किया जाए. इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा की गारंटी हो, सभी वैधानिक सुविधाओं का प्रावधान हो, ठेका श्रमिकों के लिए समान वेतन और सुविधाएं हो,स्थायी प्रकृति के कार्यों में ठेका प्रथा का उन्मूलन हो, सभी अस्थाई कर्मियों का नियमितीकरण हो.
प्रदर्शन के दौरान रसोई गैस (LPG) को सस्ता करने और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखते हुए बढ़ती महंगाई पर रोक लगाए जाने की मांग भी की गई. आज के प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के संयुक्त मंच के घटक संगठनों इंटक, एच एम एस, एटक, सीटू, एक्टू, केंद्र राज्य सरकार कर्मचारी संघ, संयुक्त ट्रेड यूनियन कौंसिल, रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाईज यूनियन, पोस्टल यूनियन, सी जी एस पी यू और केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन का नेतृत्व इंटक के सचिव इंद्रमणि पटेल, सीटू महासचिव एस एन बैनर्जी,सुरेंद्र शर्मा,दिनेश पटेल, ज्योति पाटिल, अनुसुइया ठाकुर, धर्मनी सोनवानी,गजेंद्र पटेल, राजेश पराते, ऐक्टू के नरोत्तम शर्मा नवीन गुप्ता, आर्थो कुमार, संदीप सोनी, सुभाष साहू, डी सी पटेल द्वारा किया गया. प्रदर्शन के अंत में एक प्रस्ताव पारित कर एन आई टी परीक्षा निरस्त किए जाने के कारण पीड़ित छात्रों द्वारा जारी आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की गई.</description><guid>17582</guid><pubDate>13-May-2026 12:03:13 pm</pubDate></item><item><title>PM मोदी की अपील का असर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने पायलट और फॉलो गाड़ी उपयोग न करने का लिया निर्णय</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17581</link><description>रायपुर।मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर असर की आशंका जताई जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील की है। प्रधानमंत्री की इस अपील का प्रभाव अब राज्य स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और सादगीपूर्ण निर्णय लिया है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए वे स्थिति सामान्य होने तक, अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर, पायलट वाहन या फॉलो गाड़ी/प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करेंगे।
ओ.पी. चौधरी का यह कदम प्रशासनिक स्तर पर सादगी और जिम्मेदारी का संदेश देता है। उनके इस निर्णय से ऊर्जा बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर एक सकारात्मक संदेश समाज में जाएगा।</description><guid>17581</guid><pubDate>13-May-2026 10:53:19 am</pubDate></item><item><title>सिलेंडर ब्लास्ट से चार लोग जिंदा जले : पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17580</link><description>दुर्ग। कुम्हारी में हुए सिलेंडर ब्लास्ट हादसे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कई स्थानीय कांग्रेस नेता मौजूद रहे। भूपेश बघेल ने हादसे को लेकर बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण चार लोगों की जान गई है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
भूपेश बघेल ने राज्य सरकार से हादसे में मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता परेशान है। मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। ऐसी घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बिजली खंभे में शॉर्ट सर्किट से मकान में लगी आग
बता दें कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंगलवार दोपहर सिलेंडर ब्लास्ट होने से एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में 2 बहनें, पिता और एक डेढ़ साल की बच्ची शामिल है। पूरा मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र के खपरी गांव का है। जानकारी के मुताबिक बिजली खंभे में शॉर्ट सर्किट से मकान में आग लगी। खंभे के नीचे घर के प्लास्टिक और तिरपाल से बने छपर में लगी आग फैलते हुए कीचन तक जा पहुंची, जिससे गैस सिलेंडर फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि आग की लपटों ने पूरे मकान को चपेट में ले लिया। घर के अंदर मौजूद परिवार के सदस्य बाहर निकल नहीं सके और जिंदा जल गए।
घर के अंदर से 4 लोगों के शव बरामद
आसपास के लोगों ने धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग काफी फैल हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घर के अंदर से 4 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। घटना की सूचना पर सांसद विजय बघेल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, एसएसपी विजय अग्रवाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
दो बहनें, पिता और एक मासूम की मौत
जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय घर में 2 बहनें चांदनी वैष्णव (18 वर्ष), लक्ष्मी वैष्णव (20 वर्ष) और डेढ़ साल की गोपिका वैष्णवभी मौजूद थीं। घर में दोनों बहनों के पिता अनिल वैष्णव (45 वर्ष) भी मौजूद थे। हादसा इतना भयावह था कि चारों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों के शव को पंचनामा कर पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं अनिल वैष्णव की पत्नी, बेटा और एक बेटी घर के बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, बाहर मौजूद बेटी की डेढ़ साल की मासूम बच्ची घर के अंदर थी, जिसकी भी आग में जलकर मौत हो गई।
सीएम ने की मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख सहायता राशि देने की घोषणा
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर विस्फोट से एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इससे मन अत्यंत व्यथित है। इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को परिजनों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह राशि शासन के नियमानुसार दी जाने वाली 4-4 लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को परिजनों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने एवं घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।</description><guid>17580</guid><pubDate>12-May-2026 10:21:18 pm</pubDate></item><item><title>सुशासन का असर : छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर केवल 2.3 %, सीएम साय ने कहा  जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हुआ रोजगार का आधार</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17579</link><description>रायपुर। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) 2025 के आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी कम होकर 2.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा प्रदेश की मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगारोन्मुखी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को सम्मानजनक आजीविका, स्थायी आय और आत्मनिर्भरता से जोड़ना रही है। यही कारण है कि खेती, वनोपज, स्वरोजगार और लघु उद्यमों पर आधारित आर्थिक गतिविधियों ने प्रदेश में रोजगार के अवसरों को लगातार मजबूत किया है।
प्रदेश में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को आर्थिक विकास की धुरी बनाते हुए किसानों, ग्रामीणों और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आजीविका से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है। समर्थन मूल्य पर वनोपज खरीदी, ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा, लघु एवं कुटीर उद्योगों के विस्तार, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की योजनाओं ने युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांवों में आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ा है, जिससे पलायन में कमी आने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि केवल बेरोजगारी के आंकड़े कम होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को उनकी क्षमता और कौशल के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराना अधिक महत्वपूर्ण है। इसी सोच के अनुरूप कौशल उन्नयन, उद्यमिता विकास, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और निवेश आधारित औद्योगिक विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं, जहां प्रदेश में लगातार नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। सरकार ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार का संकल्प छत्तीसगढ़ के प्रत्येक युवा, किसान, महिला और श्रमिक को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ाने का है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और रोजगार के नए अवसरों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, ताकि आर्थिक प्रगति का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनहितकारी योजनाओं, सुशासन और रोजगारोन्मुखी नीतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के अग्रणी विकासशील राज्यों में अपनी मजबूत पहचान और अधिक सुदृढ़ करेगा।</description><guid>17579</guid><pubDate>12-May-2026 9:50:46 pm</pubDate></item><item><title>कुम्हारी हादसे पर सीएम साय ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17578</link><description>रायपुर। दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर विस्फोट से एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इससे मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को परिजनों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह राशि शासन के नियमानुसार दी जाने वाली 4-4 लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त होगी।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को परिजनों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।</description><guid>17578</guid><pubDate>12-May-2026 9:43:50 pm</pubDate></item><item><title>दर्दनाक हादसा : घर में सिलेंडर ब्लास्ट होने से एक ही परिवार के चार लोगों की माैत, मृतकों में डेढ़ साल का बच्चा भी शामिल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17577</link><description>दुर्ग।छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आज बड़ा हादसा हुआ है, जहां घर में सिलेंडर ब्लास्ट होने से एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में एक डेढ़ साल का बच्चा भी शामिल है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है। पूरा मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र के खपरी गांव का है।
जानकारी के मुताबिक कुम्हारी के खपरी गांव में एक मकान में अचानक तेज धमाके के साथ गैस सिलेंडर फटा। धमाका इतना जोरदार था कि घर में आग तेजी से फैल गई। आग की लपटों ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर के अंदर मौजूद परिवार के सदस्य बाहर निकल नहीं सके और सभी जिंदा जल गए।
हादसे में अनिल वैष्णव (45 वर्ष), चांदनी वैष्णव (18 वर्ष), लक्ष्मी वैष्णव (20 वर्ष) और गोपिका वैष्णव (डेढ़ वर्ष) की मौत हुई है। आसपास के लोगों ने धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग काफी विकराल हो चुकी थी। इसके बाद घर के अंदर से चार लोगों के शव बरामद किए गए। पुलिस घटना की जांच में जुटी है। घटना की सूचना पर सांसद विजय बघेल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, एसएसपी विजय अग्रवाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।</description><guid>17577</guid><pubDate>12-May-2026 7:18:13 pm</pubDate></item><item><title>स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने की बड़ी घोषणा, नर्सिंग सिस्टर अब कहलाएंगी सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, स्टाफ नर्स का नाम होगा नर्सिंग ऑफिसर</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17576</link><description>रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर राज्य की नर्सों के सम्मान में नर्सिंग संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की बड़ी घोषणा की है। इस घोषणा के अनुसार नर्सिंग सिस्टर अब सीनियर नर्सिंग ऑफिसर कहलाएंगी जबकि स्टाफ नर्स का नाम नर्सिंग ऑफिसर होगा। 

डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ये घोषणा की है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी व नर्सिंग छात्र-छात्राओं के साथ अस्पताल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों की सेवा में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो दिन-रात समर्पण भाव से मरीजों की देखभाल कर उन्हें नया जीवन देने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भाव का सबसे बड़ा उदाहरण नर्सिंग स्टाफ प्रस्तुत करता है। उन्होंने कोविड काल में नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सों ने समर्पण और सेवा भाव के साथ कार्य किया। चिकित्सा सेवा में नर्स माँ के समान होती है। उनका दर्जा माँ के समान उच्च है क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्षों से लंबित कई सुविधाओं और व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित पूरे नर्सिंग ऑफिसर को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।</description><guid>17576</guid><pubDate>12-May-2026 6:59:35 pm</pubDate></item><item><title>कांग्रेस ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर भरी हुंकार: कैबिनेट मंत्री के कार्यालय का किया घेराव</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17575</link><description>आरंग।आरंग विधानसभा क्षेत्र में आज जनहित के मुद्दों और प्रशासन की कथित निष्क्रियता के खिलाफ पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के नेतृत्व में कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। आंदोलन का आगाज आरंग के मुख्य बस स्टैंड पर आयोजित एक विशाल जनसभा से हुआ। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी और विकास कार्यों को ठप करने का आरोप लगाया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री का संबोधन
डॉ. शिवकुमार डहरिया ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भाजपा के कुशासन के अंत की शुरुआत है। आरंग की पावन धरा पर माफिया राज और अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन कान खोलकर सुन ले, यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस ईंट से ईंट बजा देगी।
बैरिकेड्स लांघ मंत्री कार्यालय तक पहुंचे कार्यकर्ता
कांग्रेस की विशाल रैली को नेताजी चौक स्थित कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के कार्यालय की ओर जाने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से भारी घेराबंदी की गई थी और मजबूत बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ता पुलिस घेरे को तोड़ते हुए मंत्री कार्यालय के मुख्य द्वार तक जा पहुंचे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और झूमाझपटी भी हुई।

किन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस
कांग्रेस ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इन 12 मांगों में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है।
खनिज संपदा की लूट: महानदी में मशीनों के जरिए 24 घंटे हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक और माफियाओं पर एफआईआर की मांग।
भू-माफियाओं पर प्रहार: आरंग नगर पालिका क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रही अवैध प्लाटिंग की जांच और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई।
अन्नदाता की उपेक्षा: खेती का सीजन शुरू होते ही खाद-बीज की किल्लत दूर करने और सोसायटियों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने की मांग।
गैस एजेंसी की मनमानी: गिरजा इंडेन गैस एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी बंद करने और सिलेंडर की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की चेतावनी।
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण: राजश्री सद्भावना समिति के सामुदायिक भवन का राजनीतिक दुरुपयोग रोकने की मांग।
अघोषित कटौती से त्रस्त जनता: भीषण गर्मी में बिजली की बार-बार कटौती को बंद कर निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था।
नशाखोरी के खिलाफ जंग: गली-मोहल्लों में अवैध शराब बेचने वाले कोचियों पर पुलिस की सख्ती।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार: स्वामी आत्मानंद स्कूलों में फंड की कमी दूर करने और गिरते शैक्षणिक स्तर को संभालने की मांग।
बस स्टैंड विवाद: पुराने बस स्टैंड पर पूर्ववर्ती सरकार द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों को तत्काल पूर्ण करने और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग।
प्रशासनिक उपेक्षा: मंदिर हसौद में तैयार नए तहसील भवन का तत्काल लोकार्पण कर उसे जनता को समर्पित करना।
ठप पड़ा विकास: चंदखुरी, समोदा और मंदिर हसौद सहित ग्रामीण अंचलों में रुके हुए विकास कार्यों को दोबारा शुरू करने की मांग।
भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन: सरकारी दफ्तरों में व्याप्त कमीशनखोरी और छोटे व्यापारियों से होने वाली अवैध वसूली पर पूर्ण विराम।</description><guid>17575</guid><pubDate>12-May-2026 6:49:08 pm</pubDate></item><item><title>रेलवे अंडर ब्रिज के अधूर निर्माण को लेकर फिर फूटा आक्रोश, कांग्रेस ने स्थानिय लोगों के साथ किया प्रदर्शन, उग्र आंदोलन की दी चेतवानी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17574</link><description>राजनांदगांव।रेलवे स्टेशन स्थित स्टेशन पारा क्षेत्र में अंडर ब्रिज निर्माण की पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर प्रदर्शन किया गया. कांग्रेस ने स्थानीय लोगों के साथ मंगलवार को रेलवे प्रशासन का घेराव कर जमकर नारेबाजी की. इस दौरान लंबे समय से मांग के बावजूद ठोस पहल नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया. लोगों ने बताया कि रेलवे ट्रैक पार करना जोखिमभरा साबित हो रहा है.

अंडर ब्रिज निर्माण की मांग को लेकर आज हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई. प्रदर्शन में शामिल हुएलोगोंने कहाकि स्टेशन पारा क्षेत्र में रेलवे लाइन पार करने के दौरान लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. क्षेत्रवासियों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसी वजह से स्थानीय लंबे समय से इस क्षेत्र में अंडर ब्रिज निर्माण की मांगकरते आ रहेहैं, लेकिन रेलवे प्रशासन ने कोई ठोस पहल नहीं की है.

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. एक वार्डवासी ने बताया कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को रेलवे ट्रैक पार करने में सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई बार हादसे की स्थिति भी बन जाती है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना रहता है.
मूलभूत आवश्यकता बन चुका हैअंडर ब्रिज
कांग्रेस पूर्व शहर अध्यक्ष श्रीकिशन खण्डेलवाल ने कहा कि बंद पड़ा अंडर ब्रिज निर्माण कार्य अब क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकता बन चुका है. 3 से 4 साल पहले शुरू हुआ निर्माण कार्य अबतक पूरा नहीं हुआ है, जबकि इसकी मियाद भी खत्म हो गई है. लगभग सालभर पहले निर्माण कार्य रोक दिया गया है. कई बार ज्ञापन सौंपकर मुलाकात की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला. आज सभी इसकी वास्तविकता जानने पहुंचे हैं, क्या यह चालू होगा या नहीं. अगर चालू नहीं होता है तो उग्र आंदोलन करेंगे. कांग्रेस पूर्व शहर अध्यक्ष श्रीकिशन खण्डेलवाल आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता के कारण साल भर से निर्माण कार्य बंद पड़ा है. उन्हें यहां की जनता से कोई लेना-देना नहीं है.
प्रदर्शन के बाद रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की गई. घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा.वहीं इस मामले पर राजनांदगांव रेलवे स्टेशन के जिम्मेदार अधिकारियों की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.</description><guid>17574</guid><pubDate>12-May-2026 6:32:48 pm</pubDate></item><item><title>रायपुर में IPL मैच के दौरान दर्शकों से ओवरचार्जिंग का आरोप: छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने वित्त मंत्री से की शिकायत, RCB और BCCI के खिलाफ की कार्रवाई की मांग</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17573</link><description>रायपुर। नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित आईपीएल मैच के दौरान दर्शकों से कथित तौर पर मनमानी कीमत वसूलने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी (CCS) ने इस संबंध में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
संस्था के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने आरोप लगाया कि 10 मई को हुए आईपीएल मुकाबले में स्टेडियम के अंदर खाने-पीने की वस्तुओं को अत्यधिक कीमत पर बेचा गया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद दर्शकों को बाहर से पानी ले जाने की अनुमति नहीं थी, जिसका फायदा उठाकर 20 रुपये की पानी की बोतल 100 रुपये में बेची गई। इसी तरह समोसा और कोल्ड ड्रिंक जैसी वस्तुओं के दाम भी कई गुना अधिक वसूले गए।
CCS ने यह भी आरोप लगाया कि स्टेडियम के अंदर अधिकांश लेनदेन नकद में किया गया और ग्राहकों को किसी प्रकार की आधिकारिक रसीद नहीं दी गई। संस्था का दावा है कि इससे बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की आशंका है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि मैच देखने पहुंचे करीब 60 हजार दर्शकों से करोड़ों रुपये की अतिरिक्त वसूली की गई।

संस्था ने वित्त मंत्री से मांग की है कि जीएसटी विभाग और संबंधित एजेंसियों से पूरे मामले की जांच कराई जाए। साथ ही आगामी मैचों में इस तरह की स्थिति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने यह भी मांग की है कि यदि
अनियमितता साबित होती है तो संबंधित वेंडरों और आयोजकों पर जुर्माना लगाया जाए तथा वसूली गई अतिरिक्त राशि को मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया जाए।</description><guid>17573</guid><pubDate>12-May-2026 6:19:13 pm</pubDate></item><item><title>हिमंता बिस्वा सरमा असम के सीएम बने, दूसरी बार ली शपथ, मंच पर पीएम मोदी- अमित शाह मौजूद रहे</title><link>https://ramraj.co/national.php?articleid=17572</link><description>गुवाहाटी।लगातार दूसरी हिमंता बिस्वा सरमा ने बार असम के सीएम बन गए हैं। गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इसके साथही हिमंता असम के पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं जो लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाल रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। इन लोगों के अलावे सभी बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों के सीएम भी शामिल हुए।
गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में शपथ ग्रहण कार्यक्रम में हिमंता के अलावा 4 विधायकों रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग ने मंत्री पद की शपथ ली है। इनमें दो बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से हैं।
ये चार विधायक बने मंत्री

    रामेश्वर तेली
    अतुल बोरा
    चरण बोरो
    अजंता नियोग

चरण बोरा ने ली मंत्री पद की शपथ
बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता चरण बोरोका नाम भी शामिल है। वे तीसरी बार माजबाट सीट से विधायक बने हैं। पिछले साल अक्टूबर में उन्हें सरमा सरकार में मंत्री बनाया गया था। माना जाता है कि भाजपा और बीपीएफ के गठबंधन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है।
अंजता नियोग ने ली मंत्री पद की शपथ
अजंता नियोगमुख्यमंत्री सरमा की पुरानी राजनीतिक सहयोगियों में शामिल हैं। वह लगातार छठी बार गोलाघाट सीट से विधायक चुनी गई हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई सरकार में मंत्री भी रहीं. बाद में वह भाजपा में शामिल हो गईं थी।
अतुल बोरा ने ली मंत्री पद की शपथ
अतुल बोराअसम गण परिषद के अध्यक्ष हैं और छात्र राजनीति से उभरकर बड़े नेता बने। असम आंदोलन के दौर से उनकी राजनीति मजबूत हुई. वे भाजपा के नेतृत्व वाली पिछली दोनों सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
रामेश्वर तेली ने ली मंत्री पद की शपथ
रामेश्वर तेलीअसम के बड़े जनजाति नेताओं में गिने जाते हैं। वे केंद्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण और पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
असम में NDA की प्रंचड जीत
बता दें कि असम विधानसभा चुनाव 2026में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने विपक्ष का सूपड़ा साफ करते हुए 102 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें बीजेपी ने अकेले 82 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं अधिक है। सहयोगी दल एजीपी और बीपीएफ ने भी 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की है। ये राज्य में एनडीए की लगातार तीसरी सरकार है, जिसकी शुरुआत 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में हुई थी।</description><guid>17572</guid><pubDate>12-May-2026 4:43:52 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉडर पर लाल आतंक का खजाना, 1 करोड़ से अधिक कैश और AK-47 समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17571</link><description>नारायणपुर।छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर में मंगलवार को सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. अबूझमाड़ इलाके के जंगल में नक्सल डंप बरामद हुआ है. जिसमें छिपाकर रखे गए 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश, ऑटोमैटिक हथियार, देशी बीजीएल रॉकेट लॉन्चर समेत भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए हैं. यह कार्रवाई जिला नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, आईटीबीपी और बीएसए के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान की गई है.
जानकारी के मुताबिक,जवानों कीसंयुक्त टीम ने अबूझमाड़ क्षेत्र के जंगल मेंसर्च ऑपरेशन शुरू किया.तलाशी केदौरान के पास नक्सल डंप मिला. जांच करने पर मौके सेभारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है.
नक्सल डंप से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद
जवानों की इस कार्रवाई में नक्सल डंप सेभारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद किए गए हैं. संयुक्त कार्यवाही में कुल 1,01,64,000 रुपये कैशऔरAK-47, SLR, इंसास, 303 रायफलऔर इनके कारतूस ,BGL सेल , इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, नक्सल वर्दी, बैटरीके साथअन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किया गया है.
बीते एक महीने में रिकवर किए गए विस्फोटक सामाग्री

क्षेत्र में लगातार सुरक्षाबलों की कार्रवाई जारी है. बीते एक महीने मेंअबूझमाड की जंगलों में छिपाए नक्सली सामान और बंदूक मिल रहे हैं.बरामद सामग्री में तीन AK-47 रायफल, तीन 3 SLR रायफल, दो303 रायफल और एक315 बोर रायफल शामिल हैं. इसके अलावा AK-47 के 5 मैग्जीन और 113 जिंदा कारतूस, SLR रायफल के 13 मैग्जीन और 182 जिंदा कारतूस, इंसास रायफल का 1 मैग्जीन, 303 रायफल के 2 मैग्जीन और 45 जिंदा कारतूस, जबकि 315 रायफल का 1 मैग्जीन और 41 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए. कार्रवाई के दौरान 2 नग 12 बोर बंदूक, 2 देशी कट्टा, 19 नग 12 बोर के जिंदा कारतूस औऱ 1 एयर गन भी बरामद हुई.

बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी मिली है, जिसमें 132 बीजीएल सेल, 2 बीजीएल, 14 बीजीएल कार्टेज, 12 एसएमजी कार्टेज, 8 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, 6 बंडल कॉर्डेक्स वायर, लगभग 5 किलो सोरा और करीब 3 किलो व्हाइट पाउडर शामिल है. संचार उपकरणों में 1 मोटोरोला सेट, 6 वॉकी-टॉकी बॉओफेंग, 4 सेट रेडियो सेल और 2 बंडल बिजली वायर भी जब्त किए गए हैं. इसके अलावा अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी सुरक्षा बलों ने बरामद की है.

बताते चलें किनारायणपुर एसपी रोबिनसन गुड़िया नेबताया कि वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 270 हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जो नक्सल नेटवर्क पर सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.यह आंकड़ा बताता है कि क्षेत्र में विश्वास, शांति और विकास की प्रक्रिया लगातार गति पकड़ रही है.</description><guid>17571</guid><pubDate>12-May-2026 4:33:38 pm</pubDate></item><item><title>मंत्री केदार कश्यप ने कहा  छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर घटी, युवाओं का सपना हो रहा पूरा मंत्रियों के काफिले कम करने की मांग पर कही ये बात</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17570</link><description>रायपुर।छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने राज्य में बेरोजगारी दर, विकास कार्यों, प्रधानमंत्री की अपील और फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर में कमी आई है और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। राज्य निर्माण के बाद लोगों के जीवन स्तर में लगातार सुधार हुआ है। सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम भाजपा सरकार ने किया है। राज्य के युवाओं का सपना अब पूरा हो रहा है।
मंत्रियों के काफिले कम करने की मांग पर बोले मंत्री
कांग्रेस द्वारा मंत्रियों के गाड़ियों के काफिले कम करने की मांग पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार की हमेशा कोशिश रहती है कि खर्च कम किया जाए। इस विषय पर सरकार स्तर पर विचार किया जाएगा और जहां आवश्यकता होगी वहीं संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।
पीएम मोदी की अपील पर कांग्रेस को घेरा
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वैश्विक संकट को लेकर देशवासियों से की गई अपील पर मंत्री कश्यप ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री की बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। आने वाले एक साल तक प्रधानमंत्री की बातों को अपनी दिनचर्या में उतारने की आवश्यकता है। कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री की अपील पर तंज कसने पर पलटवार करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि आरोप लगाना कांग्रेस का दायित्व बन गया है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकट को देखते हुए देशहित में अपील की है। कांग्रेस शासनकाल पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि उस समय देश को खोखला करने का काम किया गया, जबकि आज भारत हर क्षेत्र में मजबूत हो रहा है।
कांग्रेस पर लगाया तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
भाजपा द्वारा पोस्टर के माध्यम से कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताए जाने के मुद्दे पर वन मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद तुष्टिकरण की राजनीति के तहत सनातन धर्म का सम्मान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन राष्ट्रपति को भी मंदिर जाने से रोका गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता अपने बयानों से तुष्टिकरण की राजनीति को उजागर कर रहे हैं और इसी कारण देशभर में कांग्रेस का सफाया हो रहा है।
दिसंबर-जनवरी तक हो सकती है फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा
फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के वन मंत्री के बंगले पहुंचने पर मंत्री कश्यप ने कहा कि अभ्यर्थियों से उनकी मुलाकात हो चुकी है। उन्होंने बताया कि फिजिकल टेस्ट पूरा कर लिया गया है और इस विषय पर अधिकारियों से चर्चा भी हुई है। व्यापम के माध्यम से भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। दिसंबर या जनवरी तक लिखित परीक्षा कराई जा सकती है।</description><guid>17570</guid><pubDate>12-May-2026 3:53:47 pm</pubDate></item><item><title>जल संसाधन विभाग का विशेष अभियान: भीषण गर्मी के बीच बड़ी राहत, नहरों के जरिए 4,755 सूखे तालाब हुए लबालब</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17569</link><description>रायपुर। वर्तमान में भीषण गर्मी के दौरान तालाबों में पानी की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में सूख रहे 4 हजार 755 तालाबों को अब तक विभाग द्वारा त्वरित पहल करते हुए नहरों के माध्यम से भरा जा चुका है और जरूरत के मुताबिक शेष तालाबों में भी पानी भरने का कार्य तेजी से जारी है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भीषण गर्मी नेे पूरे देश को अपने चपेट में ले रखा है, इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इससे जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्र में पानी का प्रमुख स्त्रोत तालाब भी जलविहीन हो रहे हैं। ऐसे हालात में लोगों को राहत पहुंचाने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य में सूख रहे तालाबों में जल भराव का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें सर्वाधिक रायपुर जिला के अंतर्गत निस्तारी हेतु प्रस्तावित कुल 783 तालाबों में से अब तक 663 तालाबों में जल भराव हेतु नहर से पानी दिया जा चुका है। इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 586 तालाबों में से 504 तालाबों, धमतरी जिले के 508 तालाबों में से 329 तालाबों में पानी भरा जा चुका है। इस तरह प्रदेश के अमूमन सभी जिलों के तालाबों में पानी भराव का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लोगों के निस्तारी आदि की समस्या का तत्काल समाधान हो सके।
उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के तहत नहरों के माध्यम से पानी को तालाबों तक पहुंचाने के लिए यह योजना जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी कदम साबित हो रही है। यह पहल केेवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जल संरक्षण की सामूहिक सोच को मजबूत करती है। जब गांवों के तालाब भरते हैं और लोगों को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है, तब समाज में जल बचाने और जल-स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।
जल संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में जल दोहन सहित अन्य कारणों से सूखते तालाबों के लिए नहरों से पानी का पहुंचाया जाना अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से तालाबों के भू-जल स्तर में वृद्धि अहम साबित होगी। नहरों से तालाबों में छोड़ा गया पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भूूूू-जल का पुर्नभरण होता है। इससे कुएं, हैण्डपम्प लम्बे समय तक जलयुक्त बने रहते हैं। इस तरह तालाबों के भरने से जहां ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में पानी के कमी से राहत मिल रही है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।</description><guid>17569</guid><pubDate>12-May-2026 3:40:17 pm</pubDate></item><item><title>एसपी-एएसपी साइकिल से पहुंचे दफ्तर, ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17568</link><description>कवर्धा। पीएम मोदी की ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण की अपील के बाद आज कबीरधाम जिले में पुलिस की अनोखी पहल देखने को मिली. पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह मंगलवार को साइकिल चलाकर अपने कार्यालय पहुंचे. उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह बघेल ने भी साइकिल से कार्यालय पहुंचकर इस अभियान में सहभागिता निभाई.

एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य संभव है. इस पहल में उप पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए. कबीरधाम पुलिस की यह पहल आमजन को भी ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का सकारात्मक संदेश दे रही है.

बता दें किगुजरात के वडोदरा में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल और डीजल का उपभोग कम करने,घर से काम, ऑनलाईन कक्षाएं और वर्चुअल बैठक जैसे कोविड दौर के उपाय अपनाने की अपील दोहराई. आयात कम करने और इस संकट से उबरने में देश की मदद के सामूहिक प्रयास पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इय समय लोगों को एकजुट होने और देश के संसाधनो पर बोझ कम करने का दायित्व निभाने की जरूरत है. देश को विदेशी मुद्रा में कई लाख करोड़ रूपये आयात पर खर्च करना होता है.उन्होंने प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक बसें और कार पूलिंग अपनाने को कहा. वहीं स्थिति सामान्य होने तक सोना न खरीदने की अपील भी दोहराई.</description><guid>17568</guid><pubDate>12-May-2026 3:32:04 pm</pubDate></item><item><title>CGPSC 2003 भर्ती घोटाला : सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत में सुलह की पहल, याचिकाकर्ता वर्षा डोंगरे ने कहा  समझौते की गुंजाइश नहीं</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17567</link><description>बिलासपुर। प्रदेश के बहुचर्चित पीएससी 2003 भर्ती घोटाले में एक नया मोड़ आया है। मामले की मुख्य याचिकाकर्ता वर्षा डोंगरे और अन्य पक्षकारों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित विशेष लोक अदालत के लिए बुलाया गया है।
बता दें कि वर्षा डोंगरे की याचिका पर वर्ष 2017 में दिए गए फैसले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चयन में भ्रष्टाचार की पुष्टि करते हुए चयन सूची को संशोधन करने का आदेश दिया था। चंदन त्रिपाठी समेत अन्य ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की प्रारम्भिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी, तब से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाली वर्षा डोंगरे का कहना है कि हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में निर्णय दिया था। राज्य सरकार को आदेश का पालन करना चाहिए था। इस मामले में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। जो भी फैसला होगा, सुप्रीम कोर्ट से ही होगा। पीएससी 2003 में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। एसीबी की जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई थी।
हाईकोर्ट का यह था फैसला
मामले में वर्षा डोंगरे ने वर्ष 2006 में हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2003 की पीएससी भर्ती में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं को सही पाया था। कोर्ट ने माना था कि उत्तर पुस्तिकाओं में अंकों की हेराफेरी और नियमों का उल्लंघन कर अपात्रों को लाभ पहुंचाया गया। इस फैसले के बाद राज्य सरकार को पूरी चयन सूची को संशोधित कर नई सूची जारी करने का आदेश दिया गया था, जिससे कई रसूखदार अधिकारियों की कुर्सियों पर खतरा मंडराने लगा था।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों में उपस्थित होने नोटिस जारी
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों के पक्ष में स्टे दिया था। अब विवाद को आपसी सहमति से निपटाने को कहा गया है। वर्षा डोंगरे, छत्तीसगढ़ सरकार और प्रतिवादी निरुपमा लोनहरे सहित अन्य संबंधित पक्षों को मुंगेली और कबीरधाम के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
मेरिट बदलती तो कई होते प्रभावित, अपात्रों का हुआ चयन
एसीबी की रिपोर्ट, हाईकोर्ट के वर्ष 2017 में दिए गए फैसले के अनुसार इस घोटाले से प्रभावित अधिकारियों और उम्मीदवारों की सूची लंबी है। कोर्ट ने विशेष रूप से राजीव सिंह चौहान को सेवा से हटाने का आदेश दिया था। उन्हें सामान्य होने पर भी गलत तरीके से एससी कोटे में लेखाधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके अतिरिक्त वर्षा डोंगरे से कम अंक होने के बावजूद ऊषा किरण बरई (सहायक संचालक, जनसंपर्क), सारिका रामटेके (नायब तहसीलदार), मनोज लारोकर (आबकारी उप-निरीक्षक) व सुनील कुमार (आबकारी उप-निरीक्षक) का चयन हुआ था।
नेहा पाण्डेय का चयन विवादित रहा, क्योंकि उनकी जगह ओबीसी के हीरालाल देवांगन, अजय शर्मा के स्थान पर सौदागर सिंह का चयन होना था। अन्य प्रभावित नामों में अजय बिरथरे और भारती सिंह राजपूत शामिल हैं, जिनका चयन गलत था। आबकारी उप-निरीक्षक के पद पर उमेश कुमार अग्रवाल और राजेंद्र नाथ तिवारी का चयन भी कम अंक होने के कारण गलत माना गया।
52 उम्मीदवार ऐसे थे जो इंटरव्यू के लिए नहीं थे पात्र
कुल 52 उम्मीदवार ऐसे थे जो इंटरव्यू के लिए पात्र ही नहीं थे, लेकिन उन्हें चुन लिया गया, जबकि 17 उम्मीदवार चयन के पात्र होने के बावजूद बाहर रह गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा स्केलिंग कर चयन सूची जारी करने में दो दर्जन से अधिक अफसर प्रभावित होते। इनमें से कुछ अब आइएएस बन चुके हैं।</description><guid>17567</guid><pubDate>12-May-2026 2:56:19 pm</pubDate></item><item><title>प्रदूषण नियंत्रण पर सख्ती : पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 25 उद्योगों पर की कार्रवाई, 79 लाख रुपये से अधिक का लगाया जुर्माना</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17566</link><description>रायगढ़।रायगढ़ जिले में वायु गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा लगातार सघन निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि जिले की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) संतोषजनक से मध्यम श्रेणी के बीच स्थिर बनी हुई है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए इस वर्ष अब तक 25 उद्योगों पर 79 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है।
आधुनिक तकनीक से वायु गुणवत्ता की सतत निगरानी
रायगढ़ जिले में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए 4 सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (CAAQMS) स्थापित की गई हैं। ये केंद्र खनन प्रभावित क्षेत्रोंकुंजेमुरा, मिलुपारा (तमनार), छाल (धरमजयगढ़) तथा औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा में संचालित हैं। इसके अतिरिक्त, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के अंतर्गत रायगढ़ शहर और ओ.पी. जिंदल औद्योगिक पार्क क्षेत्र में नियमित रूप से मैन्युअल मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
नियम उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस नीति
मंडल द्वारा पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। जनवरी 2026 से मई 2026 तक प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले 8 उद्योगों पर 3 लाख 22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी प्रकार, फ्लाई ऐश प्रबंधन एवं परिवहन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वाले 17 उद्योगों पर 76 लाख 20 हजार 255 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है। इस प्रकार कुल 25 उद्योगों पर 79 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की गई है।
फ्लाई ऐश परिवहन के लिए सख्त SOP और डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था
सड़कों पर उड़ने वाली धूल एवं राखड़ की समस्या को नियंत्रित करने के लिए मंडल द्वारा विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है। इसके तहत कच्चे माल और औद्योगिक उत्पादों के परिवहन के दौरान डस्ट कंट्रोल उपायों का पालन अनिवार्य किया गया है। फ्लाई ऐश के पारदर्शी और वैज्ञानिक निपटान के लिए IWMMS पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से राखड़ के उठाव से लेकर अंतिम निपटान तक की प्रत्येक गतिविधि की डिजिटल निगरानी की जा रही है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति सतत प्रतिबद्धता
क्षेत्रीय कार्यालय, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अनुसार रायगढ़ जिले में प्रदूषण स्तर में लगातार वृद्धि होने की आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले की वायु गुणवत्ता नियंत्रित और स्थिर बनी हुई है। मंडल द्वारा उद्योगों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।</description><guid>17566</guid><pubDate>12-May-2026 1:53:07 pm</pubDate></item><item><title>भाजयुमो की जिला कार्यकारिणी घोषित, मंडल अध्यक्षों की भी हुई नियुक्ति, देखें सूची</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17565</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिले में भारतीय जनता पार्टी के संगठन विस्तार का दौर जारी है। इसी क्रम में भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्षों और कार्यकारिणी विस्तार की सूची जारी कर दी गई है। संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से यह नियुक्तियां की गई हैं।
जारी सूची में जिले के सभी 13 मंडलों के अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी गई है। इसके साथ ही जिला स्तर पर कार्यकारिणी में भी पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
नई जिला कार्यकारिणी में राम प्रसाद मौर्य और सत्यम झा को महामंत्री बनाया गया है। इसके अलावा उपाध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, आईटी सेल प्रभारी सहित अन्य पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं।
</description><guid>17565</guid><pubDate>12-May-2026 1:39:13 pm</pubDate></item><item><title>जांच में फेल हुए खाद्य सैंपल: दुकानदारों पर 25 हजार से 1 लाख तक जुर्माना, ADM कोर्ट ने सुनाया फैसला</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17564</link><description>कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में दर्जन भर दुकानों से खाद्य सैंपल लिए गए थे। इस जांच में कई खाद्य सैंपल फेल हो गए हैं, जिसके बाद ADM कोर्ट ने दुकानदारों पर 25 हजार से 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया है।
रेस्टोरेंट समेत कई दुकानों पर हुई कार्रवाई
ADM कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दर्री स्थित स्वाद रेस्टोरेंट पर 1 लाख, जय कृष्ण डेली नीड्स पर 60 हजार, मुरली होटल पर 50 हजार, बीकानेर स्वीट्स पर 50 हजार, युवराज ट्रेडर्स पर 30 हजार, श्याम स्वीट्स जेलगांव पर 25 हजार, शुभम डेयरी उरगा पर 20 हजार और सुनीता डेयरी उरगा पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यहां भी कार्रवाई की तैयारी
इसके अलावा बालाजी वाटन इंडस्ट्रियल एरिया, नेचुरल स्वीट्स निहारिका, निर्मल डेयरी कुसमुंडा, मां कालिका डेयरी कुसमुंडा, अपना मार्ट आरएसएस नगर, गीता एजेंसी सीतामणी और फोर सीजन रेस्टोरेंट के खिलाफ भी प्रकरण तैयार किए गए हैं। इन पर जल्द सुनवाई होगी।
डिज्नीलैंड मेला का किया गया निरीक्षण
वहीं डिज्नीलैंड मेला का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य लाइसेंस डिस्प्ले, हानिकारक कलर को कम करने, पानी बोतल को एमआरपी से अधिक रेट पर नहीं बेचने के निर्देश दिए गए हैं।
</description><guid>17564</guid><pubDate>12-May-2026 1:15:45 pm</pubDate></item><item><title>चंदखुरी में 51 फीट ऊंची श्रीराम प्रतिमा तीन महीने से इंतजार में, स्थापना पर सियासत तेज</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17563</link><description>रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास स्थित चंदखुरी में भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची नई प्रतिमा पिछले करीब तीन महीने से गोढ़ी में खुले मैदान में स्थापना का इंतजार कर रही है। यह वही नई प्रतिमा है, जिसे पुराने विवादित स्वरूप की जगह लगाया जाना था। अब तक इसकी स्थापना का मुहूर्त तक तय नहीं हो पाया है, जिसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। एक ओर जहां पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बीजेपी पर चुनाव के समय प्रोपोगेंडा करने का आरोप लगाया है, तो वहीं दूसरी ओर मंत्री केदार कश्यप ने आस्था के केंद्रों को पुनर्जीवित करने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, माता कौशल्या धाम चंदखुरी में पहले लगी भगवान श्रीराम की प्रतिमा को लेकर लंबे समय से विवाद था। लोगों का कहना था कि मूर्ति का चेहरा और स्वरूप भगवान श्रीराम जैसा नहीं दिखता। सोशल मीडिया से लेकर धार्मिक मंचों तक उस प्रतिमा की आलोचना हुई। इसके बाद सरकार ने नई प्रतिमा बनवाने का फैसला लिया। नई प्रतिमा ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा और उनकी टीम ने तैयार की। यह 51 फीट ऊंची वनवासी स्वरूप वाली विशाल प्रतिमा है, जिसे खास मिंट स्टोन से बनाया गया है।
मूर्ति निर्माण के दौरान पैसों का विवाद भी सामने आया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मूर्ति को तैयार करने में करीब 25 कलाकार लगे और लाखों रुपये खर्च हुए, लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी। ठेकेदार और मूर्तिकार के बीच भुगतान को लेकर मामला अटक गया था। इसी वजह से प्रतिमा कई महीनों तक ग्वालियर में ही रुकी रही। यहां तक कि मूर्तिकार ने इसे ग्वालियर के किसी मंदिर में स्थापित करने की बात भी कही थी। बाद में भुगतान होने के बाद प्रतिमा को रायपुर भेजा गया। 22 फरवरी 2026 को यह भव्य प्रतिमा रायपुर पहुंच गई थी। दावा किया गया कि जल्द ही चंदखुरी स्थित माता कौशल्या धाम में इसकी स्थापना होगी, लेकिन अब मई 2026 आ चुका है। तीन महीने गुजर चुके हैं और प्रतिमा अब भी स्थापना की प्रतीक्षा में है।
खड़े हुए कई सवाल
चंदखुरी को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। देशभर में इसकी धार्मिक पहचान है। ऐसे में यहां स्थापित होने वाली प्रतिमा सिर्फ एक मूर्ति नहीं बल्कि आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जाती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भगवान श्रीराम की प्रतिमा के लिए मुहूर्त क्यों नहीं निकल पा रहा? संस्कृति विभाग अब तक स्थापना की तारीख तय क्यों नहीं कर सका? करोड़ों की लागत से बनी यह प्रतिमा खुले मैदान में कब तक यूं ही रखी रहेगी?
दीपक बैज ने BJP पर बोला हमला
मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये छत्तीसगढ़ में कौशल्या माता मंदिर का जीर्णोद्धार नहीं कर पा रहे हैं। भगवान राम की नई मूर्ति स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। चुनाव के समय में बीजेपी प्रोपोगेंडा करती है। चुनाव नजदीक आता है, तो इन्हें भगवान याद आते हैं।
मंत्री केदार कश्यप का सामने आया बयान
मामले में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रभु श्री राम के मंदिर बनवाने का लक्ष्य था, जिसे पूरा किया। जितने भी आस्था के केंद्र है उसे पुनर्जीवित करने का काम करेंगे। आस्था के केंद्रों को पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं।</description><guid>17563</guid><pubDate>12-May-2026 12:28:57 pm</pubDate></item><item><title>अवैध खनिज परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 2 हाईवा समेत 6 वाहन जब्त</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17562</link><description>कोरिया। छत्तीसगढ़ में इन दिनों अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 4 मई से 10 मई के बीच खनिज विभाग ने अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध अभियान चलाते हुए पटना, बैकुंठपुर और शिवपुर-चरचा थाना क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान 2 हाईवा, 3 ट्रैक्टर और 1 मिनी ट्रक को जब्त किया गया।
खनिज विभाग की टीम ने गश्त के दौरान पाया कि उक्त वाहनों में अवैध रूप से कोयला, ईंट और गिट्टी का परिवहन किया जा रहा था। इसके बाद सभी वाहनों को मौके पर ही जब्त कर थाना बैकुंठपुर, चरचा और पटना की अभिरक्षा में रखा गया है।
जब्त किए गए वाहनों की जानकारी
सीजी 16 ए 2435.मिनी ट्रक, मालिक प्रदीप यादव, सीजी 16 सीजी 6738. ट्रैक्टर मालिक ओम कैलाश, सीजी 15 ए सी 3349. ट्रैक्टर मालिक शिव कुमार, सीजी 16 सीआर 2013, ट्रेक्टर मालिक राधे सिंहए सीजी 10 ए एम 7044 तथा सीजी 10 ए एम 5428 दोनो हाइवा मालिक मेसर्स श्री राम कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान एवं खनिज विकास एवं विनियमनद्ध अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23;खद्ध के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण एवं कार्रवाई जारी रहेगी।</description><guid>17562</guid><pubDate>12-May-2026 11:39:34 am</pubDate></item><item><title>सीएम और दोनों डिप्टी सीएम गुवाहाटी रवाना, साय ने कहा  असम में तीसरी बार बनी BJP की सरकार, हिमंता सरकार के शपथ ग्रहण में होंगे शामिल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17561</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा असम के लिए रवाना हुए। इस दौरान सीएम साय ने कहा, असम में लगातार तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है और हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मैं और हमारे दोनों उपमुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होने के लिए गुवाहाटी जा रहे हैं।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि असम सरकार की ओर से उन्हें आमंत्रण मिला है, जिसके बाद वे समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया आवाहन का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की जनता से पेट्रोल, डीजल और उर्वरक पदार्थों को लेकर सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश की परिस्थितियों का सामना जनता के सहयोग से ही संभव होता है।
अरुण साव ने कहा कि जब-जब देश में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां आई हैं, तब-तब प्रधानमंत्री ने जनता से सहयोग मांगा है और देशवासियों ने भी साथ दिया है। कोई भी देश तभी सक्षम बनता है, जब जनता का सहयोग मिलता है। हम सभी मोदी जी के आवाहन पर अमल करेंगे।
राहुल गांधी के बयान पर अरुण साव का पलटवार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कहा कि क्या देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कभी जनता से सहयोग नहीं मांगा था। वैश्विक महामारी कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से सहयोग मांगा था और पूरे देश ने मिलकर कोरोना को परास्त किया। देश को मजबूत और सक्षम बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।
सपा सांसद के बयान की निंदा की
अरुण साव ने समाजवादी पार्टी के एक सांसद द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित अपशब्दों के इस्तेमाल की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। बीजेपी की आगामी बैठक को लेकर अरुण साव ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए बैठक आयोजित की गई है। आने वाले समय में संगठन को और बेहतर स्वरूप देने तथा रणनीति तैयार करने पर चर्चा होगी।</description><guid>17561</guid><pubDate>11-May-2026 10:34:24 pm</pubDate></item><item><title>राशन वितरण की समय सीमा में बढ़ोतरी, अब 15 मई तक ले सकेंगे तीन माह का एकमुश्त चावल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17560</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीन माह का एकमुश्त राशन वितरण की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब 15 मई तक अप्रैल से जून 2026 तक का खाद्यान्न वितरण किया जाएगा। इसका आदेश खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने जारी कर दिया है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्डधारी परिवारों को अप्रैल से जून 2026 तक आबंटित खाद्यान्न के एकमुश्त वितरण की समय-सीमा में वृद्धि की है। जारी आदेश के अनुसार अब राशनकार्डधारी हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। पूर्व निर्धारित समय-सीमा में खाद्यान्न प्राप्त नहीं कर पाने वाले हितग्राही अब बढ़ी हुई अवधि में अपना खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
खाद्य विभाग ने राज्य के सभी जिले के सभी उचित मूल्य दुकानदारों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी पात्र राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी हितग्राही शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे। खाद्य विभाग ने राशनकार्डधारी परिवारों से अपील की है कि वे समय रहते अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर लें।</description><guid>17560</guid><pubDate>11-May-2026 10:27:47 pm</pubDate></item><item><title>पेट्रोल, तेल गैस की खपत कम करने का मोदी जी के आह्वान को समूचे देशवासी स्वीकार करें: सांसद बृजमोहन अग्रवाल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17559</link><description>नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा तेल, गैस और पेट्रोल की खपत कम करने के आह्वान का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि हमें युद्ध के इस दौर में पेट्रोलियम, गैस, तेल और सोने की खपत कम से कम करनी चाहिए। क्योंकि यही अब सबसे बेहतर रास्ता है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जिन चीजों का हम उत्पादन नहीं कर सकते, उनकी कम से कम खपत करके हम अपने विदेशी मुद्रा भंडार की बचत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी पर पूरी देश की जनता को विश्वास है कि वह देश को तेल और उर्जा के इस संकट के दौर से समूचे देश को बाहर निकाल लेंगे और इसलिए ही उन्होंने इस तरह का आह्वान देश वासियों से किया है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वान का मैं सबसे अधिक समर्थन करता हूँ क्योंकि इस समय हम उर्जा उत्पादों सहित अन्य उपयोगी चीज़ों के लिए 22 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा का भुगतान कर रहे हैं। लिहाज़ा पेट्रोलियम, गैस, तेल और सोने की खपत कम करेंगे तो हमारी विदेशी मुद्रा ही बचेगी और वह देश की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेगी।
आज युद्ध के इस दौर में विकसित देश अमेरिका और ब्रिटेन भी संकट में हैं, इसलिए हमारे विकासशील देश भारत को इस संकट में अपनी खपत कम करके अपनी आर्थिक व्यवस्था को ठीक रख सकते हैं। मोदी जी के खपत कम करने के कथन को हर देशवासियों को स्वीकार करते हुए देश की अर्थव्यवस्था की प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए।</description><guid>17559</guid><pubDate>11-May-2026 10:17:29 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पीपीपी मूल्यांकन समिति की बैठक संपन्न</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17558</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।
पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होंगी ये प्रमुख परियोजनाएं
बैठक में सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के केंद्र में रही प्रमुख परियोजनाएं में बिलासपुर में ट्रांसपोर्ट नगर का विकास, नवा रायपुर में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, धमतरी (छाती) एवं बलौदाबाजार (चंदेरी) मे नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास के अलावा भिलाई में कमर्शियल टॉवर और फ्लेटेड फैक्ट्री बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है।
निवेश बढ़ाने और नियमों के सरलीकरण पर जोर
मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने और राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को बाधा-मुक्त बनाने पर बल दिया। इसके साथ ही, इंडस्ट्रियल पार्क के आवंटन नियमों में सुधार और उन्हें और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा हुई।
प्रस्तुतिकरण और विभागीय भागीदारी
बैठक के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पीपीपी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, साथ ही CSIDC, योजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</description><guid>17558</guid><pubDate>11-May-2026 8:07:52 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17557</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।
विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।
उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।</description><guid>17557</guid><pubDate>11-May-2026 7:38:23 pm</pubDate></item><item><title>कांग्रेस नेता का अनूठा प्रदर्शन: भ्रष्टाचार की निशानी जर्जर सड़क पर बैठकर कराया मुंडन, दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17556</link><description>इछावर। सीहोर नगर अपने अनूठे और अनोखे कामों के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में सीहोर में भ्रष्टाचार का अनूठे तरीके से विरोध करने का मामला सामने आया है। यहां भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी एक जर्जर सड़क का अनोखा विरोध करने का एक मामला सुर्खियों में है, जिसमें प्रदेश की पहली एफडीआर तकनीक से बनी सीहोर-श्यामपुर सड़क पर कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने मुंडन कराकर इसके निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का विरोध किया।
बता दें कि सीहोर से श्यामपुर तक लगभग 28 किमी तक बनी 30 करोड़ की लागत वाली इस सड़क के निर्माण के समय इसकी गुणवत्ता को लेकर बड़े बड़े दावे किए गए थे। कहा गया था कि इस तकनीक से बनी सड़क में लागत कम आती है और इसकी उम्र आम सड़क से दुगुनी होती है। लेकिन ये अपने निर्माण के एक साल में जगह जगह से उखड़कर पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे इसके निर्माण में जमकर किए गए भ्रष्टाचार की कहानी खुद ब खुद बयां हो रही है।
पंकज शर्मा ने बताया कि सीहोर से श्यामपुर तक जाने वाली ये सड़क सीहोर के शहरी और ग्रामीण इलाके को आपस में जोड़ती है तथा ये जिले की एक प्रमुख सड़क है, जिसका उपयोग लोग शाजापुर और राजगढ़ जाने के लिए प्रमुखता से करते हैं। यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं, ऐसे में इस सड़क के जर्जर होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई लोग इस जर्जर सड़क पर दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं और अपने वाहन से गिरकर गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं, लेकिन इसके निर्माण में भारी गड़बड़ी करने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि ये सड़क भारी गड़बड़ी तथा भ्रष्टाचार का एक जीता जागता प्रमाण है।
पंकज शर्मा ने कहा कि पूर्व में भी हमारे द्वारा इस गुणवत्ताहीन सड़क का कई बार विरोध किया गया था, लेकिन सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के दोषियों पर कार्रवाई ना होना दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक है तथा इसमें बड़े लोगों की मिलीभगत की तरफ इशारा करता है, उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में सख्त रुख अपनाकर दोषियों को सजा देने की मांग की है तथा ऐसा ना होने पर कांग्रेस पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।</description><guid>17556</guid><pubDate>11-May-2026 7:04:19 pm</pubDate></item><item><title>CM शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट में 6 एजेंडों पर लगी मुहर</title><link>https://ramraj.co/national.php?articleid=17555</link><description>कोलकाता। बंगाल की नयी सरकार की पहली कैबिनेट में कुल छह एजेंडों को मंजूरी मिली है. शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ममता सरकार के कई फैसलों को पलट दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत योजना को पूरे राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही, 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को बॉर्डर की बाड़बंदी के लिए जमीन देने के निर्देश दिए। सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए उम्र की सीमा भी 5 साल की बढ़ोतरी कर दी। साथ ही, बंगाल में जनगणना शुरू करने पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी।
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई है. शुभेंदु सरकार की ओर से पहली कैबिनेट बैठक में रोजगार, स्वास्थ्य और महिलाओं से संबंधित 6 महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद शुभेन्दु अधिकारी एक्शन मोड में आ गए हैं। साेमवार को उन्होंने नबन्ना में पहली कैबिनेट मीटिंग की। इसमें उन्होंने ममता बनर्जी सरकार के तमाम फैसले पलट दिए है। अधिकारी ने बंगाल में केंद्र की सभी योजनाएं लागू करने का ऐलान किया है।
पश्चिम बंगाल की नयी सरकार की पहली बैठक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद शुभेंदु अधिकारी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. मंत्रिमंडल ने भारतीय चुनाव आयोग, मतदान कर्मचारियों, मतगणना कर्मचारियों, केंद्रीय बलों, राज्य और कोलकाता पुलिस, सभी दलों के उम्मीदवारों और जनता के प्रति आभार व्यक्त किया.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रीशुभेंदु अधिकारीने नबन्ना में पहली कैबिनेट मीटिंग के साथ बाद कहा कि पीएम मोदी का विजन सबके लिए विकास का विजन है। यह बीजेपी सरकार का गाइडिंग प्रिंसिपल है। उन्होंने बताया कि मने आज पहली कैबिनेट मीटिंग की। यह कैबिनेट सुशासन (गुड गवर्नेंस) और सुरक्षा (सिक्योरिटी) देगी। छह फैसले लिए गए हैं।

    आयुष्मान भारत योजना लागू होगी लागू
    BSF को सीमा बाड़बंदी के लिए जमीन
    सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट
    पश्चिम बंगाल में जनगणना की शुरुआत
    शहीदों के परिवारों की जिम्मेदारी
    उज्जवला जैसी सभी केंद्रीय योजनाओं को अपनाना

मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि हम आयुष्मान भारत से जुड़े। बाकी सभी सेंट्रल स्कीम, जैसे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, बेटी बचाओ बेटी पराओ, वगैरह बंगाल में लागू की जाएंगी।
केंद्र सरकार के प्रशिक्षण में आईएएस या आईपीएस अधिकारी शामिल नहीं होंगे. बीएनएस अभी तक लागू नहीं किया गया है. संविधान के अनुसार आज से इस राज्य में बीएनएस लागू कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा- सीमा सुरक्षा के लिए यह जमीन 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को सौंप दी जाएगी. इस प्रक्रिया की शुरुआत आज से हो गई है. आयुष्मान भारत से लेकर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना तक, मैं सभी केंद्रीय योजनाओं से जुड़ा रहा हूं. 8 लाख 65 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे.</description><guid>17555</guid><pubDate>11-May-2026 6:32:32 pm</pubDate></item><item><title>ठेले में गुपचुप खाने के बाद 25 लोग हुए फूड पॉइजनिंग के शिकार, गंभीर मरीजों का अस्पताल में चल रहा इलाज</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=17554</link><description>दुर्ग। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह ग्राम बेलौदी में रविवार को बाजार में ठेले से चाट-गुपचुप खाने के बाद करीब 25 लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। अचानक बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हुई और गांव पहुंचकर लोगों की जांच शुरू की।
ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुनेश्वर कठौतिया के निर्देशन में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश मिर्झा, सेक्टर पर्यवेक्षक उत्तम मधुकर और मितानिनों की टीम ने गांव पहुंचकर हाउस-टू-हाउस सर्वे शुरू किया। टीम ने मरीजों की पहचान कर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाड़ाडीह एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन रेफर किया गया।
खाने-पीने में सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मौसम को देखते हुए बासी भोजन एवं बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और किसी भी प्रकार की उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।</description><guid>17554</guid><pubDate>11-May-2026 6:22:27 pm</pubDate></item></channel></rss>