<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>Ram Raj Feed</title><link>https://ramraj.co</link><description>Ram Raj Feed Description</description><item><title>मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता की पुण्यतिथि पर किया नमन</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19366</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज एवं महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिनीमाता के नाम पर राज्य सरकार द्वारा राज्य अलंकरण पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता का सेवाभावी व्यक्तित्व हम सभी को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।</description><guid>19366</guid><pubDate>11-Aug-2026 9:03:36 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ के मरीजों की आवाज संसद में बुलंद: डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी पहल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19365</link><description>नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के जनहितों की मजबूत आवाज बनकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकारी अस्पतालों की डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण विषय लोकसभा में उठाया। उन्होंने नियम 377 के अंतर्गत डिजिटल पंजीकरण और टोकन व्यवस्था को आवश्यक भौतिक सुविधाओं से जोड़ने का व्यावहारिक सुझाव सरकार के समक्ष रखा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नेशनल हेल्थ मिशन और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है। डिजिटल पंजीकरण, अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली और टोकन व्यवस्था से मरीजों के लिए अस्पताल सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनी हैं।
मरीजों की सुविधा का विषय राष्ट्रीय पटल पर रखा
श्री अग्रवाल ने डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को अगले चरण तक ले जाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि डिजिटल टोकन के साथ अस्पतालों में डिस्प्ले स्क्रीन, उद्घोषणा प्रणाली और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इससे मरीजों को सही समय पर जानकारी मिलेगी और उन्हें अनावश्यक प्रतीक्षा से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा, डिजिटल टोकन केवल एक संख्या नहीं, बल्कि मरीज को समय पर सुविधा और सम्मान देने की गारंटी बनना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब तकनीक के साथ उससे जुड़ी सभी व्यवस्थाएं भी धरातल पर पूरी क्षमता से काम करें।
सरकारी धन का बेहतर उपयोग, मरीजों को सीधा लाभ
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार को सुझाव दिया कि डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए अगली वित्तीय किस्त जारी करने से पहले संबंधित अस्पतालों में आवश्यक उपकरणों की स्थापना और संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी भी उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि इससे सरकारी धन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सीधे मरीजों तक पहुंचेगा। व्यवस्था की सफलता का आकलन केवल जारी किए गए डिजिटल टोकनों से नहीं, बल्कि मरीजों के कम हुए प्रतीक्षा समय और बेहतर अस्पताल अनुभव से होना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के जनहितों के सजग प्रहरी
जनता की सुविधा, सम्मान और अधिकारों से जुड़े विषयों को लगातार राष्ट्रीय मंच पर उठाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल की इस पहल ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की आवाज को संसद में मजबूती प्रदान की है।
उनकी यह पहल छत्तीसगढ़ सहित देशभर के सरकारी अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</description><guid>19365</guid><pubDate>11-Aug-2026 8:23:43 pm</pubDate></item><item><title>3400 करोड़ के शराब घोटाला मामले में रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, ED को मिली 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19364</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें और बढ़ती जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर आज सेंट्रल जेल से रायपुर कोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेश किया, जहां से उन्हें 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया गया है। अब ED अगले पांच दिनों तक उनसे शराब घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ करेगी।
जानकारी के अनुसार, ED की विशेष अदालत में रामगोपाल अग्रवाल की पेशी होनी थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय (DJ कोर्ट) में हुई। कोर्ट ने ED की मांग पर रामगोपाल अग्रवाल की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर कर दी।
अब 17 अगस्त को होगी पेशी
रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद 17 अगस्त 2026 को रामगोपाल अग्रवाल को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। इस दौरान ED उनसे शराब घोटाले में कथित भूमिका, वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर सकती है।
रामगोपाल अग्रवाल से मिलने कोर्ट पहुंचे भूपेश बघेल
ED की टीम जब रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट लेकर पहुंची, तभी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जिला कोर्ट पहुंचे और उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान रामगोपाल पर ED की कार्रवाई को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि नकली गवाह हैं, इनके पास कोई सबूत नहीं है। केवल परेशान करने के लिए सारी कार्रवाई कर रहे हैं।
बचाव पक्ष का बयान
बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि रामगोपाल अग्रवाल पहले से ACB में गिरफ्तार हैं। तीन दिन के लिए पूछताछ के लिए ED ने समय मांगा था। जेल में तीन दिनों तक पूछताछ हुई है। पूछताछ के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया है। स्पेशल कोर्ट के जज अवकाश पर थे, इसलिए प्रोडक्शन वारंट पर रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट लाया गया है। पूछताछ के लिए रिमांड का आवेदन ईडी ने लगाया था। कोर्ट ने पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड की अनुमति दी है। 2024 में ECIR दर्ज किया गया था। सह-अभियुक्त के रूप में इनका (रामगोपाल अग्रवाल) नाम आया था, इसलिए इनसे पूछताछ की जा रही है।
शराब कारोबार में 3,400 करोड़ का हुआ है घोटाला
कोयला घोटाला मामले में रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद ईओडब्ल्यू-एसीबी ने उन्हें शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में वे फिलहाल पांच दिन की रिमांड पर हैं। रविवार को जांच एजेंसी रामगोपाल अग्रवाल को सेंट्रल जेल ले गई, जहां शराब घोटाला मामले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर के सामने बैठाकर पूछताछ की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब कारोबार में करीब 3,400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।
8 जुलाई को रामगोपाल अग्रवाल ने किया था सरेंडर
बता दें कि कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे। 8 जुलाई को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद मेडिकल परीक्षण कर उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 9 जुलाई से 17 जुलाई तक की पुलिस रिमांड मंजूर की गई थी। रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया गया और अब 5 दिन तक EOW की कस्टडी में भेज दिया गया है।</description><guid>19364</guid><pubDate>11-Aug-2026 8:11:44 pm</pubDate></item><item><title>राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाने पर जोर  समिति बैठक में शामिल हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19363</link><description>नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को नई दिल्ली में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी समिति की बैठक में शामिल हुए। बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार और इसका सुदृढ़ीकरण विषय से संबंधित 382वें संशोधित प्रारूप प्रतिवेदन पर विचार-विमर्श किया गया तथा प्रतिवेदन को स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली, परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता, जवाबदेही और अभ्यर्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश के लाखों विद्यार्थी और युवा अपने भविष्य की उम्मीद लेकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली का निष्पक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद होना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी स्तर पर होने वाली छोटी सी कमी भी विद्यार्थियों की मेहनत और उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और विद्यार्थी केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भी बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सक्षम बनाया जाना चाहिए।
श्री अग्रवाल ने कहा कि तकनीक के इस दौर में परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों, मजबूत साइबर सुरक्षा, बेहतर परीक्षा प्रबंधन और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही, विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी वास्तविक परिस्थितियों को समझते हुए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील एवं सुगम बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल परीक्षाएं आयोजित करना नहीं, बल्कि ऐसी विश्वसनीय व्यवस्था तैयार करना है जिस पर देश का हर विद्यार्थी और अभिभावक विश्वास कर सके। मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनकी मेहनत का मूल्यांकन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि एक मजबूत और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली देश की शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करती है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में आवश्यक सुधारों के माध्यम से विद्यार्थियों के विश्वास को और मजबूत करना समय की आवश्यकता है। बैठक में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक समेत अन्य सदस्य एवं संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।</description><guid>19363</guid><pubDate>11-Aug-2026 8:01:06 pm</pubDate></item><item><title>कांकेर को मिली खेलों की सौगात, डिप्टी CM अरुण साव ने मिनी स्टेडियम और इनडोर हॉल का किया लोकार्पण</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19362</link><description>रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर में तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर मेलाभाठा के समीप नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का लोकार्पण किया। उन्होंने फुटबॉल को किक कर गोल दागकर खेल मैदान का शुभारंभ किया। श्री साव ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा देश की स्वाधीनता, आत्मनिर्भरता और महान क्रांतिकारियों के अमर बलिदानों का पर्याय है। उनके सपनों को संजोकर व सहेजकर रखने की जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है।
 
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि जिन महान देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को वर्षों की गुलामी से आजादी दिलाई, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्रांतिवीरों के बलिदान से मिली आजादी के बाद देश को आत्मनिर्भर, विश्व गुरू और सोने की चिड़िया बनाने में निश्चित तौर पर विद्यार्थियों की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम के निर्माण से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को व्यापक सुविधाएं मुहैया होंगी, साथ ही युवक-युवतियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म भी मिलेगा।
श्री साव ने बताया कि हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने वेट-लिफ्टिंग में रजत पदक हासिल किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उम्मीद है कि कांकेर जिले की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं के लिए यह मिनी स्टेडियम एक बेहतर प्लेटफॉर्म साबित होगा। विधायक आशाराम नेताम ने कार्यक्रम में नगरवासियों को बधाई देते हुए खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा नगर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की अपील की। कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष किरण नरेटी तथा नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक ने भी नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं इनडोर हॉल के लोकार्पण की बधाई देते हुए इसे कांकेर शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर भी लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद थे।
 

7 करोड़ की लागत से मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम, 2.40 करोड़ से बना है बहुउद्देशीय इनडोर हॉल
कांकेर में लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम तथा 2.40 करोड़ रुपए से बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का निर्माण किया गया है। मिनी स्टेडियम में फुटबॉल ग्राउण्ड, क्रिकेट बॉक्स, बास्केटबॉल ग्राउण्ड, रनिंग ट्रैक सहित विभिन्न खेलों के नेट प्रैक्टिस की सुविधा है। इसी तरह मल्टीपरपज इनडोर हॉल में बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, कुश्ती सहित अलग-अलग खेलों के इनडोर अभ्यास की सुविधा है। आउटडोर जिम की भी सुविधा यहां है। इसके निर्माण से नगरवासियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक खेल मैदान एवं बेहतर तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मिनी स्टेडियम परिसर में रोपे नारियल के पौधे
उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक आशाराम नेताम ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत नारियल के पौधे लगाए। अन्य अतिथियों ने भी परिसर में पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।</description><guid>19362</guid><pubDate>11-Aug-2026 7:48:20 pm</pubDate></item><item><title>केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की मुख्य सचिव ने की समीक्षा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19361</link><description>रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित की जा रही केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लाभार्थियों और विभिन्न वेंडर्स को समय पर भुगतान हो इसके लिए सभी जरूरी कार्य करें। योजनाओं के अंतर्गत सभी जरूरी स्वीकृतियां निर्धारित समयावधि में लेना चाहिए, इसके लिए सिस्टमैटिक सिस्टम होना चाहिए। योजनाओं का इंपलिमेंनटेशन हो इसकी मॉनिटरिंग अधिकारी करें।
बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत केंद्र प्रयोजित योजनाओं (सीएसएस) के लिए एस. एन. ए. स्पर्श ऑन बोर्डिंग स्थिति की समीक्षा की गई। एस. एन. ए. एक डिजिटल प्रणाली है जो केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों में संचालित की जा रही है, जिसमें मनरेगा समेत कई केंद्रीय योजनाओं के तहत फंड ट्रांसफर किया जाता है। यह प्रणाली फंड के दुरुपयोग को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसी तरह से योजनाओं की मातृ स्वीकृतियों और लंबित परिचालन की समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की ऑन बोर्डिंग करने के लिए निर्धारित कार्यवाही पूर्ण करने एवं योजनाओं के अंतर्गत सभी भुगतानों प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी विभागों को कार्ययोजना बनाने कहा है। वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के संबंध में विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, उद्योग एवं वाणिज्य एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भूवनेश यादव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, विशेष सचिव वित्त चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।</description><guid>19361</guid><pubDate>11-Aug-2026 7:30:17 pm</pubDate></item><item><title>बस्तर की तिरंगा यात्रा पर भूपेश बघेल ने साधा निशाना, RSS और BJP के पुराने इतिहास का किया जिक्र</title><link>https://ramraj.co/politics.php?articleid=19360</link><description>रायपुर। तिरंगा यात्रा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपासरकार पर निशाना साधा है। विजय शर्मा के तीन दिनों तक बस्तर में तिरंगा यात्रा को लेकर बघेल ने कहा, बीजेपी की तब सरकार थी तो बस्तर में काला झंडा फहराया जाता था। हमारी सरकार बनी तो एक जगह काले झंडे नहीं फहराया गया। सभी पंचायत में पहली बार चुनाव हुए।
उन्होंने कहा, बीजेपी सरकार में पंचायत के चुनाव भी नहीं होते थे। 52 साल तक आरएसएस के कार्यालय में झंडा नहीं फहराया गया। तिरंगा का अपमान करने वाले लोग आज तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। अपने आपको राष्ट्र प्रेमी बता रहे हैं। ये अंग्रेजों के मुखबिरी का काम करने वाले लोग हैं। तलवा चाटने वाले लोग हमें देशभक्ति बताएंगे।
महतारी वंदन योजना के नाम पर सिर्फ गुमराह कर रहे
दो बांग्लादेशी की गिरफ्तारी को लेकर बघेल ने कहा, 15 साल बीजेपी की सरकार थी। 2 साल और हो गए यानि 17 सालों में सिर्फ दो बांग्लादेशियों को पकड़े हैं। यह उनकी उपलब्धियां है। बांग्लादेश के नाम पर भाजपा तो खूब हल्ला कर थे। महतारी वंदन की राशि 40 साल के ऊपर बिना शादी हुए महिलाओं को मिलने को लेकर उन्होंने कहा, 2024 में लागू हुआ उसके बाद आज तक हजारों शादियां हुई है, उनका नाम पोर्टल में क्यों नहीं है? पोर्टल बंद करके क्यों रखे हैं? क्या उनको नहीं मिलना चाहिए, ये लोग सिर्फ गुमराह कर रहे हैं।
ईडी पर बीजेपी का एजेंट के रूप मे काम करने का आरोप
भूपेश बघेल ने कहा, नई उद्योग नीति के बावजूद लोग पलायन कर रहे हैं। यहां के मजदूर को जम्मू कश्मीर में आतंकवादी मार देते हैं। रोजगार को लेकर छत्तीसगढ़ में कोई अवसर नहीं है। मनरेगा में गरीब लोगों को काम मिल रहा था उसे भी सरकार ने छीन लिया। बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ में अभी तक एक उद्योग नहीं लगा है। ढाई सालों में किसी को नई नौकरी नहीं मिली। भाजपा सरकार किस औद्योगिक नीति की बात करते हैं। उन्होंने ईडी पर बीजेपी का एजेंट के रूप मे काम करने का आरोप लगाया। भूपेश बघेल ने कहा, प्रदेश में अफीम की खेती होती है। पकड़े गए दो लोग छूट भी गए, ईडी क्या कर रही? सीधे-सीधे मनी लॉन्ड्रिंग है उसमें ईडी कुछ नहीं कर रही। अभी छत्तीसगढ़ में शराब ओवर रेट बिक रही है।</description><guid>19360</guid><pubDate>11-Aug-2026 7:02:54 pm</pubDate></item><item><title>जहां पहले जाना संभव नहीं था, वहां जाएगी तिरंगा यात्रा - डिप्टी CM विजय शर्मा </title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19359</link><description>रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है
यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।
शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान
तिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा।
आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें
इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।
महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी
बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी।
तीन दिनों में बस्तर के दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी तिरंगा यात्रा
बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।
एक पेड़ शहीदों के नाम से होंगे पौधरोपण
इस यात्रा के प्रत्येक घटना स्थल पर एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान के तहत स्थल पर जितने लोग शहीद हुए हैं उतने ही पौधों का पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।
बस्तर की संस्कृति और विकास की झलक भी दिखेगी
तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
बस्तर की वादियों में होगी शांति की दौड़
प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
तिरंगा यात्रा बनेगी नए बस्तर की पहचान
बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।
</description><guid>19359</guid><pubDate>11-Aug-2026 5:08:59 pm</pubDate></item><item><title>उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास एवं नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19358</link><description>रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन सभागार में सोमवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं तथा माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने प्रभावित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, शहीदों के सम्मान में स्मारकों के निर्माण तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति पर उप मुख्यमंत्री ने जताया हर्ष
बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों एवं पुनर्वासित युवाओं को मिल रही सहायता और सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति एवं शासकीय सेवा प्रदान किए जाने की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है और उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को भी नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित व्यक्तियों और सहायता से संबंधित प्रकरणों की वास्तविक एवं अद्यतन स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।
109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों एवं दिवंगत नागरिकों की स्मृति में घटना स्थल अथवा संबंधित ग्रामों में बनाए जाने वाले 109 शहीद स्मारकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनेंगे। इन स्मारकों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी लोगों को उपलब्ध हो सकेगी।
नक्सल हिंसा में प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने विशेष अभियान
उप मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण से अब तक नक्सल हिंसा में हताहत हुए लोगों के ऐसे मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें अब तक प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंचाई जा सकी है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष मुहिम चलाने, प्रभावित लोगों से आवेदन प्राप्त करने और पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता एवं राहत का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर लंबित मामलों का निराकरण किया जाए।
गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यूएपीए, जनहानि जैसे गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्रता से निराकृत किया जाए। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं का दल गठित कर सभी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मामलों में पृथक्करण की प्रक्रिया भी पूर्ण करने को कहा, ताकि प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और पात्र पुनर्वासित युवाओं को अनावश्यक रूप से लंबित प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।
शहीदों के सम्मान में स्कूल, चौक-चौराहों और भवनों के नामकरण की प्रक्रिया होगी तेज
शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के उद्देश्य से स्कूलों, चौक-चौराहों एवं शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां नामकरण के लिए विभागीय अनुमति आवश्यक है, वहां तत्काल अनुमति प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और जल्द से जल्द नामकरण पूर्ण कराया जाए।
क्षतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन राशि के सभी पात्र मामलों में लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति तथा घायल जवानों एवं आम नागरिकों को प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को निर्धारित सहायता एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ अनिवार्य रूप से मिले और कोई भी पात्र प्रकरण लंबित न रहे।
पुनर्वास केंद्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और भोजन की व्यवस्था पर विशेष जोर
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने सभी पुनर्वास केंद्रों में आवश्यक एवं उपयुक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों में रह रहे लोगों की सुविधाओं और आवश्यकताओं की लगातार निगरानी की जाए तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए।
पुनर्वासित युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित युवाओं को दी जाने वाली इनाम राशि में से शेष राशि का भुगतान इस माह के अंत तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूसरे राज्यों में शस्त्र त्यागकर छत्तीसगढ़ वापस आ रहे स्थानीय निवासियों को भी पुनर्वास केंद्रों से जोड़ने और उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी चर्चा की, जो दूसरे राज्यों के निवासी हैं और अपने गृह राज्य वापस जाना चाहते हैं। उन्होंने संबंधित राज्यों से समन्वय कर ऐसे युवाओं को उनके गृह राज्य भेजने की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ग्राम जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पुनर्वासित लोगों को समाज में ससम्मान स्थान दिलाने, उन्हें सभी पात्र शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।
इलवद पंचायत योजना के 50 ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता
बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 ग्रामों में विकास कार्यों के आबंटन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन ग्रामों के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चयनित सभी ग्रामों में विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर उन्हें प्रारंभ कराया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं एवं विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों को शीघ्र मिल सके।
पुनर्वासित युवाओं की नसबंदी खुलवाने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारिक, सचिव नेहा चंपावत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</description><guid>19358</guid><pubDate>11-Aug-2026 4:28:04 pm</pubDate></item><item><title>मुख्य सचिव की विभागीय सचिवों के साथ बैठक, योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19357</link><description>रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने कहा है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण उनके सेवा निवृत्त होने से पहले ही तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सूची विभागावार नियतकालिक अवधि में बनायी जाए। विभागों में रिक्त पदों की सूची एवं बैकलॉक के पदों पर सेटअप बनाकर भर्ती प्रक्रिया पूरी करें। मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना के अधिकार, सेवा सेतु, लोक सेवा गारंटी, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 728 सेवाएं को नोटिफाइड हो चूकी है।
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आई-गॉट के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जाये। अधिकारी-कर्मचारियों को आई-गॉट के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने कहा है। अधिकारी- कर्मचारियों के लिए आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण के कार्ययोजना बनायें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि रिफार्म के तहत अपने-अपने विभागवार जानकारी तैयार करें। आगामी दिनों में रिफार्म उत्सव अभियान का आयोजन होगा।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।</description><guid>19357</guid><pubDate>11-Aug-2026 4:08:56 pm</pubDate></item><item><title>कांकेर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, डिप्टी CM अरुण साव के नेतृत्व में उमड़ा देशभक्ति का सैलाब</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19356</link><description>रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आज कांकेर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। अप्रतिम उत्साह के साथ देशभक्ति से ओतप्रोत तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और शहरवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। विधायक आशाराम नेताम और छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने भी तिरंगा यात्रा में भागीदारी की।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान से शुरू हुई तिरंगा यात्रा नगर घड़ी चौक, ऊपर-नीचे रोड, मस्जिद चौक, गांधी चौक होते हुए नवनिर्मित मिनी स्टेडियम परिसर में सम्पन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने हाथ में राष्ट्र ध्वज लेकर उत्साह से भाग लिया।

यात्रा की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से की गई। नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रैली में शामिल लोगों का स्वागत किया तथा देशभक्ति के नारे लगाए। नगरवासियों ने चॉकलेट व टॉफी बांटकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देश पर वंदेमातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर इस जिला स्तरीय तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था।
92 फीट तिरंगा बना आकर्षण का केंद्र
तिरंगा यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने 92 फीट लंबा तथा 5 फीट चौड़ा तिरंगा का प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न मार्गों और चौक-चौराहों पर इसे लहराते हुए यात्रा निकाली गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सेंट माइकल इंग्लिश स्कूल की बैंड टोली में शामिल छात्राओं ने राष्ट्रगीत की धुन पर वाद्य यंत्र बजाते हुए रैली में मार्चपास्ट किया।

केंद्र शासन एवं राज्य शासन के निर्देश पर 9 अगस्त से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने एवं राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के गायन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे लोगों में देश भक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत हो।
कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक, जिला पंचायत की अध्यक्ष किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एसपी निखिल राखेचा, महेश जैन, सतीश लाटिया, राहुल टिकरिहा, राजा देवनानी, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष तारा ठाकुर, कांकेर नगर पालिका के उपाध्यक्ष उत्तम यादव, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी और जिला शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी रमेश निषाद भी तिरंगा यात्रा में मौजूद थे।</description><guid>19356</guid><pubDate>11-Aug-2026 3:56:36 pm</pubDate></item><item><title>लोकसभा में गूंजा छत्तीसगढ़ के गरीबों के पक्के घर का मुद्दा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाई आवाज</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19355</link><description>नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के गरीब और ग्रामीण परिवारों के पक्के घर के सपने को रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में मंगलवार को मजबूती से स्वर दिया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए आवास निर्माण और जारी केंद्रीय सहायता का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ को 15,45,080 ग्रामीण आवासों का लक्ष्य दिया गया। इनमें 13,55,436 आवास स्वीकृत किए गए और 9,81,442 पक्के आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त 3,73,994 आवास निर्माणाधीन हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में स्वीकृत आवासों में से 72.41 प्रतिशत आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह दर लगभग 61.85 प्रतिशत है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीब-कल्याणकारी नीतियों और छत्तीसगढ़ में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को ₹9,269.61 करोड़ का केंद्रीय अंश जारी किया। केंद्र और राज्य के हिस्से को मिलाकर प्रदेश में कुल ₹16,046.93 करोड़ का उपयोग ग्रामीण आवास निर्माण में किया गया है। योजना की शुरुआत से अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 26,42,224 ग्रामीण आवासों का लक्ष्य आवंटित किया जा चुका है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, छत्तीसगढ़ में पूर्ण हुए 9.81 लाख आवास केवल मकान नहीं हैं। ये गरीब माताओं की चिंता का समाधान, बेटियों की सुरक्षा, बच्चों के सपनों की छत और लाखों परिवारों के सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब परिवारों को केवल आवास नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का विश्वास दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने गांवों की तस्वीर और लाखों परिवारों की जिंदगी बदल दी है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, छत्तीसगढ़ मेरा परिवार है। प्रदेश का प्रत्येक पात्र परिवार पक्के घर में रहे, यही मेरा संकल्प है। निर्माणाधीन 3.74 लाख आवास पूरे होने के बाद इतने ही और परिवारों के जीवन में खुशहाली और सुरक्षा का नया अध्याय जुड़ेगा।
केंद्र सरकार ने बताया कि पिछले पांच वित्तीय वर्षों में देशभर में 2.13 करोड़ ग्रामीण आवासों का लक्ष्य आवंटित किया गया। इनमें 1.95 करोड़ आवास स्वीकृत किए गए और 1.21 करोड़ आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त 74.59 लाख आवास निर्माणाधीन हैं। इस अवधि में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ₹1,31,100.02 करोड़ का केंद्रीय अंश जारी किया गया। केंद्र और राज्यों के हिस्से को मिलाकर योजना के अंतर्गत कुल ₹2,17,896.40 करोड़ का उपयोग हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को 31 मार्च 2029 तक विस्तारित करते हुए देशभर में 4.95 करोड़ पक्के ग्रामीण आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 4.18 करोड़ आवासों का लक्ष्य आवंटित किया जा चुका है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार पक्का घर गरीब परिवार के जीवन में सुरक्षा, आत्मसम्मान और प्रगति की नींव रखता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और छत्तीसगढ़ तेजी से उस लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं, जहां प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार के सिर पर अपनी पक्की छत होगी।</description><guid>19355</guid><pubDate>11-Aug-2026 3:31:39 pm</pubDate></item><item><title>GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड से सम्मानित हुआ छत्तीसगढ़, खरीदी में 113% की बढ़ोतरी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19354</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities रही।
राज्य सरकारों के लिए निर्धारित प्रीमियर अवार्ड्स  स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।
खुली प्रतिस्पर्धा से ₹130 करोड़ की बचत
GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को ₹130 करोड़ की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।
GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।
खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।
GeM से खरीदी में 113 प्रतिशत की वृद्धि
छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।
राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर
GeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।
राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
GeM ने उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है। हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।</description><guid>19354</guid><pubDate>11-Aug-2026 3:11:47 pm</pubDate></item><item><title>विधायक अजय चंद्राकर का कांग्रेस पर हमला, झीरम से लेकर आदिवासी दिवस तक कई मुद्दों पर साधा निशाना</title><link>https://ramraj.co/politics.php?articleid=19353</link><description>रायपुर। झीरम घाटी मामले की एनआईए स्पेशल कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर कांग्रेस के बयानों पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता खुद ही जज बन जाएं और कांग्रेस भवन से ही फैसला सुना दें. विधायक चंद्राकर ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है और वह केवल झीरम मामले पर राजनीति करना चाहती है.
भाजपा को कांग्रेस से मार्गदर्शन की जरूरत नहीं है : MLA चंद्राकर
भाजपासरकार और संगठन द्वारा विश्व आदिवासी दिवस नहीं मनाने और बधाई तक नहीं देने को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया. आज 15 जिलों में कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है. विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि विश्व के मूल निवासियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस 9 अगस्त को होता है और कांग्रेस को इस प्रस्ताव को पढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अक्ल की कमी है और भाजपा को कांग्रेस से मार्गदर्शन की जरूरत नहीं है. उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उसने आदिवासियों के लिए क्या किया है.
ये हाइब्रिड नस्ल के हैं कांग्रेस में महिला और उनके पुत्र का ही दखल : अजय चंद्राकर
कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए बयान दिया कि महिलाओं की राजनीति में भाजपा के नेता सबसे ज्यादा दखल देते हैं. इस पर विधायक चंद्राकर ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद महिला और महिला पुत्र के इर्द-गिर्द चल रही है. पूरी पार्टी में महिला और उनके पुत्र का ही दखल है. कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ये हाइब्रिड नस्ल के हैं, देसी नस्ल के भी नहीं हैं.
पार्षद पति व्यवस्था खत्म करने को चंद्राकर ने बताया महिला सशक्तिकरण का कदम
छत्तीसगढ़ में पार्षद पति व्यवस्था खत्म करने संबंधी सरकार के राजपत्र जारी होने पर अजय चंद्राकर ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक और गैर-राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर इस व्यवस्था पर काम किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों में 33 प्रतिशत और पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए है.</description><guid>19353</guid><pubDate>11-Aug-2026 2:03:35 pm</pubDate></item><item><title>वेस्टइंडीज की बढ़ी मुश्किलें, लगातार तीसरी बार क्वालीफायर से विश्व कप में पहुंचने की चुनौती</title><link>https://ramraj.co/sports.php?articleid=19352</link><description>स्पोर्ट्स डेस्क। वनडे विश्व कप 2027 को लेकर तस्वीर अब लगभग साफ हो गई है। आयरलैंड के खिलाफ तीसरे ODI में 3 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज करते ही अफगानिस्तान ने भी विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले टूर्नामेंट के लिए अब तक 10 टीमों का टिकट कन्फर्म हो चुका है।
हालांकि, दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज के लिए यह खबर अच्छी नहीं है। कैरेबियाई टीम वनडे विश्व कप 2027 में सीधे प्रवेश नहीं कर पाएगी। उसे विश्व कप में पहुंचने के लिए एक बार फिर क्वालीफायर टूर्नामेंट खेलना होगा। खास बात यह है कि वेस्टइंडीज लगातार तीसरी बार क्वालीफायर के रास्ते विश्व कप में जगह बनाने की कोशिश करेगी।
अब तक इन 10 टीमों की जगह पक्की
ICC के नए क्वालीफिकेशन सिस्टम के तहत 30 सितंबर 2026 की ODI रैंकिंग के आधार पर मेजबान देशों को छोड़कर शीर्ष आठ टीमों को सीधे विश्व कप के मुख्य चरण में प्रवेश मिलेगा।
अफगानिस्तान ने आयरलैंड को तीसरे ODI में हराकर इस लिस्ट में अपनी जगह पक्की कर ली। अब तक विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर चुकी टीमों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान शामिल हैं।
वहीं दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे मेजबान होने के कारण पहले ही टूर्नामेंट में जगह बना चुके हैं। इस तरह अब तक कुल 10 टीमें 2027 विश्व कप का हिस्सा बनने के लिए तय हो चुकी हैं।
West Indies की सीधी एंट्री का रास्ता बंद
वेस्टइंडीज फिलहाल ODI रैंकिंग में 10वें स्थान पर है। टीम के पास 30 सितंबर की कटऑफ तारीख से पहले भारत के खिलाफ दो ODI मुकाबले खेलने का मौका है, लेकिन इन मैचों में जीत भी उसे सीधे क्वालीफाई करने की स्थिति में नहीं पहुंचा पाएगी।
अब वेस्टइंडीज को अगले साल होने वाले 10 टीमों के क्वालीफायर में उतरना होगा। यह कैरेबियाई टीम के लिए लगातार तीसरी बार होगा, जब उसे विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफायर खेलना पड़ेगा।
2023 में भी क्वालीफायर खेलकर बाहर हुई थी टीम
वेस्टइंडीज के लिए यह स्थिति नई नहीं है। वनडे विश्व कप 2023 (ODI World Cup 2023) के लिए भी टीम सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। उसे क्वालीफायर टूर्नामेंट में खेलना पड़ा, जहां सुपर सिक्स चरण में टीम पांचवें स्थान पर रही। इस प्रदर्शन के कारण वेस्टइंडीज पहली बार ODI विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थी।
इसके बाद टीम को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 (Champions Trophy 2025) से भी बाहर रहना पड़ा। वेस्टइंडीज ने आखिरी बार 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लिया था।
फरवरी-मार्च में होगा 10 टीमों का क्वालीफायर
2027 World Cup का क्वालीफायर टूर्नामेंट अगले साल 22 फरवरी से 23 मार्च तक खेला जाएगा। ICC ने इसकी तारीखों का ऐलान कर दिया है, हालांकि मेजबानी किस देश को मिलेगी, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है। क्वालीफायर में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी।
इनमें 30 सितंबर 2026 की ODI रैंकिंग के आधार पर दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को छोड़कर निचली दो फुल मेंबर टीमें शामिल होंगी। इसके अलावा क्रिकेट विश्व कप लीग-2 (Cricket World Cup League-2) की शीर्ष चार टीमें और क्वालिफ़ायर प्ले-ऑफ़ (Qualifier Play-off) से आने वाली चार टीमें इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनेंगी।
ऐसे आएंगी क्वालीफायर की बाकी 4 टीमें
क्वालीफायर प्लेऑफ में लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। कुल आठ टीमों के इस प्लेऑफ से शीर्ष चार टीमें मुख्य क्वालीफायर टूर्नामेंट में पहुंचेंगी।
चैलेंज लीग में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। दोनों ग्रुप में छह-छह टीमें होंगी और पूरे चक्र में तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेले जाएंगे। दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें क्वालीफायर प्लेऑफ में जगह बनाएंगी।
Qualifier जीतते ही मिलेगा World Cup के मुख्य चरण का टिकट
ICC ने 2027 विश्व कप के लिए नया फॉर्मेट तैयार किया है। इसके तहत क्वालीफायर जीतने वाली टीम को सीधे 14 टीमों वाले विश्व कप के मुख्य चरण में प्रवेश मिलेगा।
वहीं क्वालीफायर में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को सुपर सीरीज़ में खेलने का मौका मिलेगा। तीन टीमों की इस सुपर सीरीज में शीर्ष पर रहने वाली टीम भी विश्व कप के मुख्य 12 टीमों वाले चरण में जगह बना लेगी। यानी क्वालीफायर में सिर्फ चैंपियन बनने वाली टीम के पास ही विश्व कप का टिकट हासिल करने का मौका नहीं होगा। दूसरे से चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों के लिए भी टूर्नामेंट का रास्ता खुला रहेगा।
4 अक्टूबर से शुरू होगा World Cup 2027
वनडे विश्व कप 2027 का आयोजन 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक होगा। टूर्नामेंट की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे। मुकाबले कुल 12 मैदानों पर खेले जाएंगे।
भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीमें पहले ही अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं। अफगानिस्तान की एंट्री के बाद अब क्वालीफिकेशन की तस्वीर और साफ हो गई है।
लेकिन वेस्टइंडीज के लिए असली परीक्षा अब शुरू होगी। दो बार की विश्व चैंपियन टीम लगातार तीसरी बार क्वालीफायर के रास्ते विश्व कप तक पहुंचने की कोशिश करेगी। कैरेबियाई टीम के लिए यह सिर्फ एक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट में अपनी पुरानी पहचान वापस हासिल करने की बड़ी लड़ाई भी होगी।</description><guid>19352</guid><pubDate>11-Aug-2026 1:49:49 pm</pubDate></item><item><title>5,000mAh बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ Lava Smart 4 भारत में हुआ लॉन्च</title><link>https://ramraj.co/technology.php?articleid=19351</link><description>Lava Smart 4 भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड लावा (Lava) ने देश के बजट स्मार्टफोन मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए नया Lava Smart 4 लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे अपनी लोकप्रिय Smart सीरीज के नए मॉडल के रूप में पेश किया है। 5,000mAh की बड़ी बैटरी, 6.56-इंच की डिस्प्ले और 4G कनेक्टिविटी से लैस यह डिवाइस एंट्री-लेवल सेगमेंट में सीधे अन्य बजट फोन को टक्कर देगा।
कीमत और बिक्री का विवरण
Lava Smart 4 को कंपनी ने 3GB RAM + 32GB स्टोरेज के सिंगल वेरिएंट में बाजार में उतारा है। भारत में इसकी कीमत ₹8,499 तय की गई है। यह स्मार्टफोन दो आकर्षक कलर ऑप्शन्सअजंता ग्रे (Ajanta Grey) और कोणार्क गोल्ड (Konark Gold) में खरीदा जा सकेगा।
कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि यह स्मार्टफोन देश भर के तमाम ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स और लोकल मोबाइल डीलर्स के पास उपलब्ध होगा। जो ग्राहक एक बार में पूरा भुगतान नहीं करना चाहते, वे आसान किश्तों (फाइनेंशियल स्कीम) के जरिए भी इस फोन को नजदीकी दुकान से खरीद सकते हैं।
Lava Smart 4 के मुख्य स्पेसिफिकेशंस
डिवाइस के फीचर्स की बात करें तो इसमें 6.56-इंच की HD+ डिस्प्ले दी गई है, जो दैनिक इस्तेमाल और वीडियो देखने के लिहाज से बेहतर अनुभव देती है। फोन में ऑक्टा-कोर Unisoc प्रोसेसर मौजूद है, जो 3GB रैम के साथ रोजमर्रा के बेसिक काम आसानी से संभालता है।
फोटोग्राफी के लिए फोन के रियर में 8-मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा एलईडी फ्लैश के साथ दिया गया है। वहीं, फोन का मुख्य आकर्षण इसकी 5,000mAh की दमदार बैटरी है, जो 4G नेटवर्क पर लंबा बैकअप देने का वादा करती है।
आम ग्राहकों के लिए क्या है खास?
अगर आप किसी फीचर फोन से स्मार्टफोन पर शिफ्ट हो रहे हैं या अपने घर के लिए सेकेंडरी फोन की तलाश में हैं, तो यह लॉन्च आपके लिए काम का है। चूंकि फोन मुख्य रूप से ऑफलाइन स्टोर्स पर उपलब्ध कराया जा रहा है, इसलिए ग्राहकों को इसे खरीदने के लिए ऑनलाइन सेल या डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आप नजदीकी रिटेल स्टोर पर जाकर फोन को खुद देखकर और फाइनेंस स्कीम का लाभ उठाकर तुरंत खरीद सकते हैं।</description><guid>19351</guid><pubDate>11-Aug-2026 12:37:00 pm</pubDate></item><item><title>MP में मानसून की बेरुखी से बढ़ी चिंता, 15% कम बारिश; CM मोहन यादव ने बुलाई हाईलेवल इमरजेंसी बैठक</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19350</link><description>भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी ने प्रदेशसरकार से लेकर अन्नदाता किसानों की नींद उड़ा दी है। राज्य में 1 जून से 10 अगस्त के बीच औसतन 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जिससे मध्य प्रदेश के आधे से अधिक जिलों पर जल संकट और सूखे का खतरा मंडराने लगा है। इस बिगड़ते मौसम और जल संकट की स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में मंत्रियों और शासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ हाई-लेवल इमरजेंसी बैठक की। सीएम ने दोटूक लहजे में सख्त हिदायत दी है कि चाहे कम बारिश का संकट हो या अचानक अतिवृष्टि की स्थिति, आम जनता और किसानों को किसी भी हाल में तकलीफ नहीं होनी चाहिए।
36 जलाशयों में पानी की भारी किल्लत: पिछले साल के मुकाबले 26% पिछड़ा जलस्तर
समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़ों ने प्रशासनिक अमले की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक 571 मिलीमीटर सामान्य बारिश की तुलना में महज 483 मिलीमीटर ही औसत बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 513.20 मिमी और पश्चिमी हिस्से में 459.80 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है।
बारिश की कमी का सीधा असर प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों और बांधों पर पड़ा है। 10 अगस्त तक राज्य के प्रमुख जलाशयों में केवल 49 प्रतिशत ही पानी भर सका है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में बांध 75 प्रतिशत तक लबालब थे।
प्रदेश के 36 बड़े जलाशय ऐसे हैं जहां पानी का स्तर 50 प्रतिशत या उससे भी कम रह गया है, जो आने वाले समय में सिंचाई और पेयजल के बड़े संकट का इशारा कर रहा है।
कम पानी वाली फसलों पर जोर: चने की खेती के लिए बनेगा माहौल
खेती-किसानी के मोर्चे पर सीएम मोहन यादव ने कृषि विभाग को अलर्ट मोड पर रखा है:
चने की खेती को प्राथमिकता: यद्यपि प्रदेश में धान की 84 प्रतिशत बोवनी पूरी हो चुकी है, लेकिन आगामी रबी सीजन को देखते हुए किसानों को कम पानी वाली फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषकर चने की फसल को प्राथमिकता देने और बीजों का पर्याप्त स्टॉक एडवांस में रखने को कहा गया है।
कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खाद-बीज की आपूर्ति में कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत पर तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाएगा। मूंग खरीदी में सामने आईं गड़बड़ियों की जांच के लिए स्पेशल टीमें बनाकर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
आपदा प्रबंधन, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं पर कड़े निर्देश
24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम: बाढ़ और जलभराव की मॉनिटरिंग के लिए राज्य व जिला स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष लगातार चालू रहेंगे।
बांधों से चेतावनी अनिवार्य: निचले इलाकों में बिना पूर्व अलर्ट के किसी भी बांध से पानी नहीं छोड़ा जाएगा।
पारदर्शी फसल सर्वे: अतिवृष्टि या बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का राजस्व विभाग की टीमें निष्पक्ष सर्वे करेंगी ताकि किसानों को तुरंत मुआवजा मिल सके। निर्बाध बिजली और दवाइयां: सिंचाई के लिए बिजली कटौती पर रोक रहेगी तथा मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए जिला अस्पतालों में पर्याप्त दवाओं का स्टॉक रखने को कहा गया है। बारिश थमते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।</description><guid>19350</guid><pubDate>11-Aug-2026 12:24:11 pm</pubDate></item><item><title>दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी की बढ़ी मुश्किलें, GST विभाग ने लगाया 317 करोड़ का जुर्माना</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19349</link><description>दुर्ग। दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य जीएसटी विभाग ने उसके खिलाफ 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है। विभाग के आदेश के अनुसार निर्धारित राशि 90 दिन के भीतर जमा करनी होगी।
5 साल से जारी कारोबार की जांच के बाद तय हुई राशि
राज्य जीएसटी विभाग की जांच में प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे के कारोबार से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। विभाग के मुताबिक करीब पांच वर्षों से प्रदेशभर में नेटवर्किंग के जरिए यह कारोबार संचालित किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि सितार नाम से गुटखा तैयार कर उसे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाता था। विभाग ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पांच वर्षों के कारोबार की गणना की और इसी आधार पर बकाया टैक्स व पेनल्टी की राशि निर्धारित की।
कोर्ट में चालान पेश, तीन कर्मचारी बने सरकारी गवाह
जीएसटी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गुरमुख जुमनानी के खिलाफ कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है। मामले की जांच के दौरान उसके तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार इन कर्मचारियों से एफिडेविट भी लिया गया है। इसका मकसद यह है कि यदि वे बाद में कोर्ट में अपने बयान से मुकरते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
12 संपत्तियां विभाग की नजर में
जांच के दौरान जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुमनानी के मालिकाना हक वाली 12 संपत्तियों को चिन्हित किया है। विभाग के मुताबिक यदि 90 दिन की निर्धारित अवधि में 317 करोड़ रुपये की टैक्स-पेनल्टी राशि जमा नहीं की जाती है तो इन संपत्तियों को कुर्क कर बकाया रकम की वसूली की जा सकती है।
छिंदवाड़ा से बुलाया गया था गुटखा बनाने का फार्मूला तैयार करने वाला कर्मचारी
जांच में यह भी जानकारी सामने आई कि सितार गुटखा बनाने का फार्मूला तैयार करने के लिए छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश से एक कर्मचारी को बुलाया गया था। इसके बाद गुटखे के निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच की गई।
जुलाई 2025 में जोरातराई और गनियारी की फैक्ट्रियों में छापा

जीएसटी विभाग की टीम ने जुलाई 2025 में गुरमुख जुमनानी से जुड़ी जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों में छापा मारा था। जांच के दौरान अधिकारियों को दोनों फैक्ट्रियों में गुटखे की सिर्फ पैकिंग किए जाने की जानकारी मिली।
इसके बाद जांच टीम ने कारोबारी के बेटे सागर जुमनानी की राजनांदगांव स्थित कोमल फूड फैक्ट्री में भी जांच की। विभाग ने यहां भी गुटखे के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।
अब जीएसटी विभाग के 317 करोड़ रुपये के टैक्स-पेनल्टी आदेश के बाद कारोबारी को 90 दिन के भीतर राशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर विभाग द्वारा चिन्हित संपत्तियों की कुर्की कर रकम की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।</description><guid>19349</guid><pubDate>11-Aug-2026 11:10:32 am</pubDate></item><item><title>हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विभाग की गलती से मिली अतिरिक्त सैलरी की वसूली नहीं, कर्मचारी को राहत</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19348</link><description>बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कर्मचारियों से जुड़ी एक अहम याचिका पर फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि विभाग की गलती से गलत वेतन निर्धारण के कारण कर्मचारी को मिली अतिरिक्त राशि की वसूली नहीं की जा सकती। खास तौर पर वर्ग-3 और वर्ग-4 के कर्मचारियों से इस तरह की वसूली कानूनन स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारी ने राशि लौटाने के लिए सहमति पत्र या शपथपत्र दिया हो, तब भी परिस्थितियों के आधार पर ऐसी वसूली को वैध नहीं माना जा सकता।
यह फैसला जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने रिटायर उप निरीक्षक की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
रिटायरमेंट के समय 6.26 लाख रुपये की वसूली
याचिकाकर्ता ने गलत वेतन निर्धारण के आधार पर उससे वसूली गई 6 लाख 26 हजार 104 रुपये की राशि वापस करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसके वेतन का निर्धारण विभाग ने स्वयं गलत तरीके से किया था। अतिरिक्त भुगतान उसकी ओर से किसी धोखाधड़ी, गलत जानकारी देने या महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के कारण नहीं हुआ था।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि रिटायरमेंट के समय उससे यह राशि जमा कराई गई। उसे यह कहकर दबाव में रखा गया कि यदि वह अतिरिक्त राशि वापस नहीं करेगा तो उसके सेवानिवृत्ति संबंधी बकाया लाभों का भुगतान रोक दिया जाएगा।
सरकार ने सहमति पत्र को बनाया आधार
मामले में राज्य सरकार की ओर से वसूली का बचाव किया गया। सरकार का तर्क था कि याचिकाकर्ता ने स्वयं सहमति पत्र दिया था और अतिरिक्त भुगतान की राशि वापस करने पर सहमति जताई थी। इसलिए विभाग की ओर से की गई वसूली को गलत नहीं कहा जा सकता।
हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का परीक्षण करने के बाद राज्य के इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
कर्मचारी की कोई गलती नहीं थी
हाईकोर्ट ने पाया कि यह निर्विवाद तथ्य है कि याचिकाकर्ता वर्ग-3 के पद पर कार्यरत था और उसे अतिरिक्त भुगतान केवल गलत वेतन निर्धारण के कारण हुआ था। राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई आरोप या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया कि याचिकाकर्ता ने धोखाधड़ी की, गलत जानकारी दी या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाकर अतिरिक्त राशि प्राप्त की।
कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्मचारी की ओर से दिया गया सहमति पत्र हमेशा स्वैच्छिक नहीं माना जा सकता। विशेष परिस्थितियों में कर्मचारी पर दबाव हो सकता है। इस मामले में भी याचिकाकर्ता ने यह स्पष्ट किया था कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले बकाया लाभों को रोकने की बात कहकर उससे राशि वापस करने के लिए सहमति ली गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि विभाग की गलती से हुए अतिरिक्त भुगतान की वसूली वर्ग-3 और वर्ग-4 के कर्मचारियों से नहीं की जा सकती, जब अतिरिक्त भुगतान कर्मचारी की किसी धोखाधड़ी या गलत बयानी के कारण नहीं हुआ हो।
अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर वसूली को वैध नहीं ठहराया जा सकता कि कर्मचारी ने राशि लौटाने के लिए सहमति पत्र या शपथपत्र दे दिया था। यदि कर्मचारी की ओर से कोई धोखाधड़ी, गलत जानकारी या तथ्य छिपाने का मामला नहीं है और अतिरिक्त भुगतान विभाग की अपनी गलती के कारण हुआ है, तो कर्मचारी को वह राशि वापस करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
इस तरह हाईकोर्ट ने रिटायर उप निरीक्षक से की गई 6 लाख 26 हजार 104 रुपये की वसूली के खिलाफ राहत देते हुए कर्मचारी के पक्ष में महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत को दोहराया।</description><guid>19348</guid><pubDate>11-Aug-2026 9:11:24 am</pubDate></item><item><title>CG-TET-2024: 20 अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से झटका, हटाए गए सवालों को शामिल करने की मांग खारिज</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19347</link><description>बिलासपुर। हाईकोर्ट ने CG-TET-2024 की फाइनल आंसर-की में हटाए गए सवालों को दोबारा शामिल करने की मांग को लेकर लगाई गई याचिकाओं को खारिज कर दिया है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने कहा कि परीक्षा और अकादमिक मूल्यांकन के मामलों में अदालतें विशेषज्ञों की राय में तब तक दखल नहीं दे सकतीं, जब तक फैसला स्पष्ट रूप से मनमाना, दुर्भावनापूर्ण या कानून के खिलाफ साबित न हो।
क्या है मामला
दरअसल, CG-TET-2024 की फाइनल आंसर-की में सेट-A के प्रश्न क्रमांक 56, सेट-B के प्रश्न क्रमांक 55 और सेट-C व D के प्रश्न क्रमांक 57 को हटा दिया गया था। इस वजह से कई परीक्षार्थी महज 1 अंक से पिछड़ गए थे। 20 अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए बताया था कि इन सवालों को परीक्षा निर्देशों के मुताबिक रद्द नहीं किया जा सकता। उनका दावा था कि मॉडल आंसर-की के आधार पर वे क्वालिफाइंग मार्क्स हासिल कर चुके थे, लेकिन फाइनल आंसर-की में सवाल हटने के बाद उनके अंक 74.5 से 74.9 के बीच रह गए। OBC, SC और ST अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम पात्रता अंक 75 थे।
मामले में CG व्यापमं की ओर से बताया गया कि विवादित सवाल एक ही गद्यांश पर आधारित थे। कुछ सेट में प्रिंटिंग की गलती के कारण गद्यांश और उससे जुड़े सवाल सही क्रम में नहीं थे। इससे अभ्यर्थियों को गद्यांश उपलब्ध होने से पहले ही उससे संबंधित सवाल हल करने की स्थिति बन गई थी।
मामले को विषय विशेषज्ञों की समिति के सामने रखा गया। समिति ने सभी सेट में संबंधित प्रश्नों को हटाने की सिफारिश की, ताकि सभी अभ्यर्थियों के साथ समान व्यवहार हो। व्यापमं ने यह भी बताया कि हटाए गए सवालों के अंक परीक्षा निर्देशों में निर्धारित फार्मूले के अनुसार सभी अभ्यर्थियों को समान रूप से दिए गए थे।
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड देखने के बाद माना कि सवाल हटाने का फैसला बिना विचार किए नहीं लिया गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रोविजनल या मॉडल आंसर-की के आधार पर क्वालिफाइंग मार्क्स हासिल कर लेने से अभ्यर्थी का कोई कानूनी अधिकार नहीं बन जाता। अंतिम परिणाम फाइनल आंसर-की के आधार पर तैयार होता है। यह आंसर-की आपत्तियों और विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद जारी की गई थी।</description><guid>19347</guid><pubDate>11-Aug-2026 9:00:13 am</pubDate></item><item><title>महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कार्रवाई, टी.जी. मोहनदास गिरफ्तार</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19346</link><description>रायपुर। महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार दक्षिणपंथी राजनीतिक टिप्पणीकार टी.जी. मोहनदास को सोमवार को जमानत मिल गई। गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद महिला कांग्रेस ने इसका स्वागत किया। महिला कांग्रेस की नेशनल कोऑर्डिनेटर प्रीति उपाध्याय शुक्ला ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिठाई बांटकर खुशी जताई।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा पेपर लीक के विरोध में छात्रों और युवाओं, मुख्य रूप से Gen-Z, द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के संदर्भ में केरल निवासी RSS विचारक एवं भाजपा के पूर्व राज्य बौद्धिक प्रकोष्ठ प्रमुख टी.जी. मोहनदास ने अपने यूट्यूब चैनल Pathrika पर कई वीडियो जारी किए थे। इन वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और लड़कियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। आरोप है कि उन्होंने महिलाओं के संबंध में बलात्कार पसंद करती हैं जैसी टिप्पणी की। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने जैसे हिंसक सुझाव भी दिए थे।
इस मामले में महिला कांग्रेस की ओर से 29 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू को लिखित शिकायत दी गई थी। संगठन ने टी.जी. मोहनदास के कथित बयानों पर कार्रवाई की मांग की थी। वहीं आज केरल पुलिस ने आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में टी.जी. मोहनदास को गिरफ्तार किया। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद उन्हें जमानत दे दी गई।
टी.जी. मोहनदास की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आने के बाद महिला कांग्रेस की नेशनल कोऑर्डिनेटर प्रीति उपाध्याय शुक्ला ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिठाई बांटकर खुशी जताई। इस दौरान रायपुर शहर जिलाध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, महिला नेत्री सबा अली, हजरून बानो सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।</description><guid>19346</guid><pubDate>10-Aug-2026 10:52:27 pm</pubDate></item><item><title>युवाओं के हित में CM साय का संवेदनशील निर्णय, 24-26 अक्टूबर की परीक्षा अब नवंबर में</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19345</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा और सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा की तिथियां एक साथ होने से अभ्यर्थियों को हो रही परेशानी का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को परीक्षा तिथियों में आवश्यक बदलाव के निर्देश दिए थे। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 की संशोधित तिथियां घोषित कर दी हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2024 की प्रारंभिक लिखित परीक्षा का परिणाम 04 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इसके साथ मुख्य परीक्षा के आयोजन के लिए 24, 25 एवं 26 अक्टूबर 2026 की संभावित तिथियां निर्धारित की गई थीं। इसी दौरान 25 अक्टूबर 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा भी आयोजित होने के कारण दोनों परीक्षाओं की तिथियों में टकराव की स्थिति बन गई थी। इससे दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा से वंचित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।
अभ्यर्थियों की इस व्यावहारिक समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में आने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को युवाओं के हित में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा की पूर्व निर्धारित तिथियों में परिवर्तन किया गया है। अब सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 का आयोजन 02, 03 एवं 04 नवम्बर 2026 को किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं का हित हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का हर अवसर मिले और केवल परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण कोई भी पात्र अभ्यर्थी अवसर से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अथवा परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी किसी व्यावहारिक समस्या के कारण उनके सामने दो अवसरों में से किसी एक को चुनने की विवशता नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है और उनके भविष्य से जुड़े विषयों पर तत्परता से निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों को पृथक से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी है। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य और सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
</description><guid>19345</guid><pubDate>10-Aug-2026 10:37:29 pm</pubDate></item><item><title>संसद की प्राकलन समिति की बैठक में शामिल हुए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19344</link><description>नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल सोमवार को नई दिल्ली स्थित संसद परिसर में आयोजित प्राकलन समिति (Estimates Committee) की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।
बैठक में देश में हर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए किफायती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने से संबंधित बजटीय प्रावधानों और नीतिगत पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान समिति द्वारा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के कामकाज, व्यवस्थाओं और सुधारों की गहन समीक्षा की गई तथा इससे जुड़े मसौदा रिपोर्ट (Draft Report) को विचार-विमर्श के बाद स्वीकृति प्रदान की गई।
छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य को मिलेगी नई ऊर्जा
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश के अंतिम छोर पर बैठे छात्र को भी आधुनिक और सस्ती शिक्षा मिले।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ जैसे विकासशील और जनजातीय बहुल राज्य के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। जब देश की नीतिगत और बजटीय संरचना मजबूत होगी, तो इसका सीधा लाभ हमारे छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों, बस्तर और सरगुजा से लेकर मैदानी इलाकों के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। राज्य में सीबीएसई (CBSE) और केंद्रीय विद्यालयों के स्तर में सुधार से हमारे बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा करने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा।</description><guid>19344</guid><pubDate>10-Aug-2026 10:26:14 pm</pubDate></item><item><title>प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक, छात्रवृत्ति स्वीकृति और जनसुनवाई को लेकर दिए सख्त निर्देश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19343</link><description>रायपुर। आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि पीएम जनमन (PM-JANMAN) योजना के तहत देश के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बहुउद्देशीय केंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनका उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य आदिवासी बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक विकास को बेहतर बनाना है।
आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर संभाग के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं परियोजना प्रशासकों की उच्चस्तरीय बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित संभाग के संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
समय-सीमा में छात्रवृत्ति और जनसुनवाई के प्रभावी आयोजन पर जोर
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव श्री बोरा ने विद्यार्थियों के हित में छात्रवृत्ति की स्वीकृति निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने जल्द से जल्द संस्था प्रमुखों की बैठक आयोजित करने को कहा। इसके साथ ही, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 13 से 15 अगस्त तक गाँवों के आदि सेवा केंद्रों में आयोजित होने वाली जनसुनवाई की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर जनसुनवाई को पूरी तरह प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
विभागीय योजनाओं की समीक्षा
आवासीय विद्यालय व कोचिंग संस्थान प्रयास व एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश व संचालन की स्थिति तथा विद्यार्थियों की कोचिंग हेतु संस्था चयन प्रक्रिया की समीक्षा की गई। पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित बहुउद्देशीय केंद्रों के संचालन, धरती आबा अभियान के स्वीकृत कार्यों तथा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जारी निर्माण कार्यों की प्रगति देखी गई। पठन सामग्री, गणवेश (यूनिफॉर्म) के समय पर वितरण, विद्यार्थी पोषण उपवन तथा पीएचडीटीजी (च्भ्क्ज्ळ) सर्वे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण और विलेज वेरिफिकेशन सर्वे पर विशेष बल दिया गया।
योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना ज़रूरी
बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि विभागीय योजनाओं का उद्देश्य केवल प्रशासनिक स्वीकृति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक और प्रत्यक्ष लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए।</description><guid>19343</guid><pubDate>10-Aug-2026 10:07:59 pm</pubDate></item><item><title>महिला जनप्रतिनिधियों के पति और रिश्तेदारों को नहीं बनाया जाएगा प्रतिनिधि, राजपत्र में अधिसूचना जारी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19342</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़सरकार ने नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के परिजनों को प्रतिनिधि या समन्वयक के रूप में नामित करने पर रोक लगा दी है। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित की है।
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ नगरपालिक (लोकसभा सदस्य, राज्य विधानसभा सदस्य या राज्यसभा सदस्य द्वारा प्रतिनिधि के रूप में नाम निर्देशन हेतु अर्हताएँ) नियम, 2022 में संशोधन करते हुए नया प्रावधान जोड़ा है।
क्या कहा गया है नए नियम में?
नियम 3 के बाद नया नियम 4 जोड़ा गया है, जिसके अनुसार-
निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नामनिर्देशन पर प्रतिषेध  किसी भी नगरीय निकाय में, निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन अथवा किसी अन्य निकट पारिवारिक, सदस्य या नातेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि अथवा समन्वयक व्यक्ति के रूप में नामनिर्दिष्ट अथवा नियुक्त नहीं किया जाएगा।
यह संशोधन छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए किया गया है।
शिकायतों के बाद नियम में किया गया संसोधन- अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पति, पुत्र, भाई, बहन सहित निकट परिवारजनों पर रोक लगाई गई है। लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा के सदस्य द्वारा प्रतिनिधि के रूप में नाम निर्देशन नियम, 2022 को संशोधित किया गया। यह छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित हुआ है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से परिवारजनों के हस्तक्षेप की शिकायत मिल रही थी। कई मामलों में वे बैठकों में शामिल होते थे और कभी-कभी हस्ताक्षर भी कर देते थे। अब पारिवारिक नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। यदि ऐसी नियुक्ति की जाती है, तो वह मान्य नहीं होगी और नियुक्ति करने पर कार्रवाई होगी।
डिप्टी सीएम साव ने कहा कि महिला आरक्षण महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया, लेकिन लगातार अलग-अलग विभागों और आयोगों से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।

</description><guid>19342</guid><pubDate>10-Aug-2026 9:53:12 pm</pubDate></item><item><title>कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने मुख्य सचिवों से की चर्चा, छत्तीसगढ़ ने रखे सुधार के सुझाव</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19341</link><description>रायपुर। भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने आज देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिफॉर्म (सुधार) एवं सुधारात्मक उपायों को लेकर चर्चा की। बैठक में राज्यों से प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य की ओर से विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। रिफार्मस के लिए सुझाव देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए। बैठक में देश के अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों ने भी अपने-अपने राज्यों की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान राज्यों में सुधारों को गति देने, प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने तथा विभिन्न प्रक्रियाओं के सरलीकरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
केन्द्रीय सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केंद्र शासन के विभिन्न विभागों के सचिव भी शामिल हुए। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए सुधारात्मक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। आगामी अक्टूबर माह से दिसम्बर तक देश भर में रिफार्म उत्सव मनाया जाएगा। जिसमें जनता से भी विभिन्न माध्यमों से सुझाव लिए जायेंगे।
</description><guid>19341</guid><pubDate>10-Aug-2026 9:30:54 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिला नया जज, ओडिशा हाईकोर्ट से कृष्ण राम मोहपात्रा का ट्रांसफर</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19340</link><description>बिलासपुर। देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. ओडिशा हाई कोर्ट के जस्टिस कृष्णा राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट किया गया है. उन्हें सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और संवैधानिक मामलों में 26 वर्षों का लंबा अनुभव है. वह 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाई कोर्ट में नियुक्त हुए थे.
बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जल्द ही चीफ जस्टिस सिन्हा समेत 3 जज रिटायर होने वाले हैं, ऐसे में यह नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अगस्त में जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल, जबकि सितंबर में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा सेवानिवृत्त होंगे. वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस समेत कुल 13 जज कार्यरत हैं.
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के पिता भी थे जज
18 अप्रैल 1965 को जन्मे जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को न्यायिक और कानूनी क्षेत्र में करीब 26 वर्षों का व्यापक अनुभव है. न्यायिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाले जस्टिस मोहपात्रा के पिता सरत चंद्र मोहपात्रा भी न्यायाधीश रह चुके हैं. उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के तौर पर पंजीकरण कराया. वकालत के दौरान उन्होंने कानून के विभिन्न क्षेत्रों में मामलों की पैरवी की और लंबा पेशेवर अनुभव हासिल किया.</description><guid>19340</guid><pubDate>10-Aug-2026 9:19:56 pm</pubDate></item><item><title>पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए देशभर में अभियान चलाएगा IJU, अक्टूबर में महिला पत्रकारों का राष्ट्रीय सम्मेलन</title><link>https://ramraj.co/national.php?articleid=19339</link><description>बेंगलुरु। देशभर में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (IJU) ने मजबूत और व्यापक राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग की है। बेंगलुरु में आयोजित आईजेयू की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, धमकियों और कानूनी कार्रवाई पर चिंता जताते हुए यह मांग उठाई गई। बैठक की अध्यक्षता आईजेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलविंदर सिंह जम्मू ने की।


बैठक में आईजेयू के पूर्व अध्यक्ष एवं तेलंगाना मीडिया अकादमी के अध्यक्ष के. श्रीनिवास रेड्डी ने पत्रकार सुरक्षा से संबंधित प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन प्रभावी कानूनी संरक्षण के अभाव में देशभर में कार्यरत पत्रकार असुरक्षित हैं। प्रस्ताव में पत्रकारों के गोपनीय स्रोतों को भी कानूनी संरक्षण देने की मांग की गई।
वर्किंग जर्नलिस्ट कानून बहाल करने की मांग
आईजेयू ने वर्ष 1955 और 1958 के वर्किंग जर्नलिस्ट कानूनों के निरस्त होने के बाद पत्रकारों की नौकरी की सुरक्षा, वेतन संरक्षण और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए व्यापक कानून लागू करने की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार से मीडिया संस्थानों में कार्यरत सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की अपील की गई।
2 अक्टूबर को पत्रकार मांग दिवस
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों और अभियानों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महासचिव डी. सोमसुंदर ने पिछले चार महीनों की संगठनात्मक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में छत्तीसगढ़ से राज्य सचिव सुधीर आज़ाद तंबोली, महिला प्रतिनिधि स्वाति कौशिक समेत करीब 15 राज्यों के 90 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आईजेयू ने निर्णय लिया कि 2 अक्टूबर को देशभर में पत्रकार मांग दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान पत्रकार अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए अभियान चलाएंगे।
वहीं, 16 नवंबर यानी राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर मजबूत और स्वतंत्र राष्ट्रीय मीडिया काउंसिल की आवश्यकता को लेकर देशव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न राज्यों में गोलमेज बैठकें और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हैदराबाद में महिला पत्रकारों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और मीडिया की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी अभियान को तेज करने पर जोर दिया गया।</description><guid>19339</guid><pubDate>10-Aug-2026 8:52:46 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने हाथ में तिरंगा थामकर किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व, कहा - 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है तिरंगा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19338</link><description>रायपुर। हाथों में लहराता तिरंगा, भारत माता के जयघोष, देशभक्ति के गीत और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत हजारों नागरिकों का उत्साह - राजधानी रायपुर आज पूरी तरह तिरंगे के रंग में रंगी नजर आई। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों नागरिक राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं हाथ में तिरंगा थामकर जनसैलाब के साथ कदम से कदम मिलाया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्कूली विद्यार्थियों द्वारा हाथों में थामा गया लगभग एक किलोमीटर लंबा तिरंगा पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।
   
तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से लेकर समापन तक राजधानी में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत वातावरण दिखाई दिया। हजारों हाथों में एक साथ लहराते राष्ट्रीय ध्वज और भारत माता के जयघोष ने पूरे यात्रा मार्ग को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय भी नागरिकों के बीच तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान नागरिकों में मुख्यमंत्री के साथ चलने और राष्ट्रध्वज के सम्मान में आयोजित इस यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। यह केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है। तिरंगे में देश के 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की अद्भुत शक्ति है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और क्षेत्रों की विविधता के बावजूद तिरंगा हम सभी को भारतीय होने के एक साझा गौरव से जोड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तिरंगा लहराता है तो प्रत्येक भारतीय के मन में स्वाभाविक रूप से राष्ट्र के प्रति गौरव और सम्मान का भाव जागृत होता है। हमारा राष्ट्रीय ध्वज स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और एक सशक्त राष्ट्र के रूप में भारत की यात्रा का साक्षी है। तिरंगा हमें अपने अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है।
   
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान आज एक व्यापक जनअभियान का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान ने तिरंगे को घर-घर तक पहुंचाने के साथ राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान और गौरव के साथ तिरंगा फहराने तथा तिरंगा यात्राओं से जुड़कर राष्ट्रीय एकता के इस उत्सव को और भव्य बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में गर्व और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं, वह स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई है। इसके पीछे लाखों देशवासियों का संघर्ष, त्याग, तपस्या और बलिदान जुड़ा हुआ है। देश के असंख्य वीर सपूतों ने मातृभूमि को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में देश के हर क्षेत्र और समाज के लोगों ने अपना योगदान दिया। किसी ने अपना जीवन समर्पित किया, किसी ने अपना घर-परिवार छोड़ा और अनेक वीरों ने मातृभूमि के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। इन बलिदानों के कारण ही आज हम स्वतंत्रता और लोकतंत्र के गौरव का अनुभव कर पा रहे हैं।
   
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी स्वतंत्र भारत में जन्मी और आगे बढ़ रही है। इसलिए उसे यह जानना आवश्यक है कि आजादी कितनी अनमोल है और इसके लिए हमारे पूर्वजों ने कितना बड़ा संघर्ष किया। स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाओं से परिचित होकर ही नई पीढ़ी स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझ सकेगी।
उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें उन सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों के बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। स्वतंत्रता की इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इससे युवाओं के भीतर राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, समर्पण, सेवा और राष्ट्र प्रथम का भाव और अधिक मजबूत होगा।
छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों ने स्वतंत्रता संग्राम में लिखी शौर्यगाथा
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों का स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भी वीरों, जननायकों और बलिदानियों की धरती रही है। देश की स्वतंत्रता के लिए हुए संघर्ष में छत्तीसगढ़ के अनेक वीर सपूतों ने अदम्य साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों के हित में आवाज उठाई और अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। उनका जीवन हमें बताता है कि राष्ट्रप्रेम के साथ जनसेवा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस भी सच्ची देशभक्ति का स्वरूप है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के महान जननायक गुण्डाधुर की शौर्यगाथा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर संघर्ष का बिगुल फूंका। बस्तर की धरती ने सदैव अपने स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। गुण्डाधुर का साहस और नेतृत्व आज भी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर सहित छत्तीसगढ़ के अनेक ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष हमारे गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। इन महानायकों की शौर्यगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनके आदर्शों से युवाओं को परिचित कराना हमारा दायित्व है।
बदलते बस्तर में शांति और विकास के साथ लहराएगा तिरंगा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज हिंसा और भय के लंबे दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और क्षेत्रवासियों के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंची है।
उन्होंने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली हिंसा के कारण भय का वातावरण था, वहां अब विकास की नई रोशनी पहुंच रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों का शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। बस्तर के लोगों की आकांक्षाओं और सपनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, विश्वास और नई संभावनाओं से बन रही है। इस वर्ष बस्तर में भी स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा तथा तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। बस्तर के गांवों और दूरस्थ अंचलों में भी तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहराएगा।
एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ आगे बढ़ी नई पीढ़ी
तिरंगा यात्रा में स्कूली छात्र-छात्राओं का उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने लगभग एक किलोमीटर लंबे तिरंगे को अपने हाथों में थामकर अनुशासित पंक्तियों में यात्रा की। सड़क पर दूर तक फैला विशाल तिरंगा राजधानी में राष्ट्रीय एकता और गौरव की अनुपम छटा बिखेरता दिखाई दिया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
पुष्पवर्षा से स्वागत, भारत माता के जयघोष से गूंजा रायपुर
तिरंगा यात्रा को लेकर राजधानी के नागरिकों में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने इसका आत्मीय स्वागत किया। कई स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से तिरंगा लहराकर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करते नजर आए।
यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसके साथ नागरिकों का उत्साह भी बढ़ता गया। देशभक्ति के गीतों और भारत माता की जय, वंदे मातरम् तथा झंडा ऊंचा रहे हमारा के उद्घोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। युवाओं के हाथों में लहराते तिरंगे और स्कूली बच्चों के उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक चारों ओर तिरंगा ही तिरंगा दिखाई दे रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरी राजधानी ने तीन रंगों की चादर ओढ़ ली हो। हजारों हाथों में एक साथ लहराते तिरंगे और राष्ट्रभक्ति से भरे जयघोष के बीच पूरा रायपुर एक स्वर में यही संदेश देता नजर आया - भारत एक है, भारत श्रेष्ठ है और राष्ट्र सर्वोपरि है।
तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि देश स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व मनाने जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर तिरंगा तथा तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। यह उन स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिनके त्याग और बलिदान के कारण देश को स्वतंत्रता मिली।
उन्होंने कहा कि रायपुर के कोने-कोने से बड़ी संख्या में युवा तिरंगा यात्रा में शामिल होने पहुंचे हैं। यह उत्साह बताता है कि देश की नई पीढ़ी के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना कितनी मजबूत है। जिस तिरंगे ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों को एकजुट किया था, आज उसी तिरंगे के सम्मान में पूरा रायपुर एक साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।
तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर तिरंगा अभियान ने देशभर में राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की है। जब प्रत्येक घर पर तिरंगा लहराता है तो वह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति प्रत्येक नागरिक के सम्मान, गौरव और संकल्प की अभिव्यक्ति बन जाता है।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और हर घर तिरंगा अभियान से उत्साहपूर्वक जुड़ने का आह्वान किया।
तिरंगा यात्रा में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</description><guid>19338</guid><pubDate>10-Aug-2026 5:58:29 pm</pubDate></item><item><title>तिरंगा यात्रा से लेकर कानून व्यवस्था तक, भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार को घेरा</title><link>https://ramraj.co/politics.php?articleid=19337</link><description>रायपुर। तिरंगा यात्रा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपासरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 52 साल तक आरएसएस कार्यालय में तिरंगा झंडा नहीं फहराया गया, छत्तीसगढ़ में बीजेपी तिरंगा यात्रा निकाल रही है। बीजेपी जो कहती है उसके विपरीत चलती है। मोदी ने कहा था देश नहीं बिकने दूंगा, आज देश बिक रहा है, यह क्षद्म राष्ट्रवाद है। राम नाम जपना पराया माल अपना, अब तो राम का माल भी नहीं छोड़ रहे हैं।
प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर पूर्व सीएम बघेल ने कहा, कानून व्यवस्था का हाल बेहाल है। एक सप्ताह में 6  6 हत्याएं हो रही है। एक ही युवती से दो बार गैंगरेप हो रहा है। गृह मंत्री का ध्यान पंचायत की ओर है। अब गांवों में टैक्स लेने का फरमान जारी हुआ है। एक हजार रुपए क्या दिए उसके बदले वसूलना शुरू कर दिए हैं। स्वामी आत्मानंद स्कूल में अब फीस देना पड़ रहा है।</description><guid>19337</guid><pubDate>10-Aug-2026 4:53:02 pm</pubDate></item><item><title>अम्बेडकर अस्पताल का नया कीर्तिमान, 20 दिनों में 9 और दो महीने में 13 जटिल लोबेक्टॉमी सर्जरी सफल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19336</link><description>रायपुर। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने फेफड़ों की जटिल सर्जरी के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मात्र 20 दिनों में 9 तथा इस संख्या को मिलाकर पिछले दो महीनों में कुल 13 लोबेक्टॉमी (फेफड़े के संक्रमित हिस्से को निकालने की सर्जरी) सफलतापूर्वक कर मरीजों को नया जीवन दिया है। इनमें दो आपातकालीन सर्जरी ऐसे मरीजों की की गई, जिन्हें खांसी के साथ अत्यधिक रक्तस्राव (हेमोप्टाइसिस) हो रहा था। आधुनिक तकनीक और एडवांस्ड लंग स्टेपलर की सहायता से की गई इन जटिल सर्जरियों ने न केवल संस्थान की विशेषज्ञता को सिद्ध किया है, बल्कि छत्तीसगढ़ में फेफड़ों की सर्जरी के क्षेत्र में अम्बेडकर अस्पताल को अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया है।

हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के अनुसार, फेफड़े की लोबेक्टॉमी सर्जरी का मतलब यह होता है कि इसमें मरीज के क्षतिग्रस्त फेफड़े के एक हिस्से को निकाल दिया जाता है। ​यह सर्जरी अत्यंत ही जटिल सर्जरी होती है। यह सर्जरी इस संस्थान में अत्याधुनिक तकनीक से किया जाता है जिसमें एडवांस्ड लंग स्टैपलर का उपयोग किया जाता है, जिससे भविष्य में इस सर्जरी से होने वाले कॉम्प्लिकेशन जैसे कि ब्रोन्कोप्लूरल (Bronchopleural Fistula) फिस्टुला बनने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। ​छत्तीसगढ़ के किसी भी प्राइवेट या सरकारी संस्थान की तुलना में इस संस्थान द्वारा इतने कम समय में इतना ज्यादा लोबेक्टॉमी सर्जरी (फेफड़े की लोबेक्टॉमी सर्जरी) किया जाना इस संस्थान के लिए एक कीर्तिमान है और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है।
​छत्तीसगढ़ में लोबेक्टॉमी (फेफड़े की) सर्जरी का प्रमुख कारण फेफड़े में एस्परजिलोमा (Aspergilloma) एवं ब्रोन्किएक्टैसिस है। यह एस्परजिलोमा एक फंगस (Aspergillus niger) एस्परजिलस नाइजर से होता है। यह इन्फेक्शन फेफड़े के टी.बी. वाले मरीजों या ऐसे मरीजों को होता है, जिनकी इम्युनिटी बहुत ही कम हो जाती है।
​एस्परजिलोमा सामान्यतः दायें फेफड़े के ऊपरी लोब (भाग) में सबसे अधिक होता है, क्योंकि यहाँ पर टीबी के बैक्टीरिया एवं एस्परजिलोमा के फंगस को बहुत ही अच्छा वातावरण मिलता है। ​ब्रोन्किएक्टैसिस भी फेफड़े के टी.बी. संक्रमण के बाद होने वाली सबसे सामान्य बीमारी है, जिसमें फेफड़े के अंदर छोटे-छोटे कैविटी (गुहा) बन जाती हैं एवं इसमें संक्रमण होने के बाद मरीजों को खांसी के समय खून निकलता है। ​वैस्कुलर मालफॉर्मेशन एवं लंग एब्सिस
(Lung Abscess) में फेफड़े में बड़ा कैविटी बन जाने से खांसी में खून आने (Hemoptysis) का सबसे बड़ा कारण है।
​वैस्कुलर मालफॉर्मेशन एवं फेफड़े का कैंसर भी थूक या बलगम में खून आने का सबसे बड़ा कारण है। एवं ऐसी स्थिति जिसमें फेफड़े का कैंसर अपनी प्रारंभिक अवस्था में हो तो लोबेक्टॉमी ऑपरेशन से इस बीमारी (कैंसर) से पूर्णतः निजात पाया जा सकता है।
​पूरे छ.ग. में फेफड़े की सर्वाधिक सर्जरी इसी हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में होती है, जिसमें प्रमुख रूप से फेफड़े का डिकॉर्टिकेशन सर्जरी, लोबेक्टॉमी (Lobectomy), सेगमेंटेक्टॉमी (Segmentectomy) एवं न्यूमोनेक्टॉमी (Pneumonectomy) जिसमें एक तरफ के दायें या बायें फेफड़े को पूर्णतः निकाल दिया जाता है, इत्यादि।
सामान्यतः इस संस्थान में साल में 15 से 20 लोबेक्टॉमी सर्जरी होती है। यही नहीं यहाँ पर फेफड़े की सर्जरी कराने के लिए सिर्फ छ.ग. से ही नहीं बल्कि अन्य पड़ोसी राज्यों जैसे बिहार,​ झारखंड, उड़ीस , म.प्र. एवं उ.प्र. के भी मरीज आते हैं। जो इस संस्थान के लिए गौरव का विषय है।
​ये सभी ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया जाता है। अभी भी हमारे विभाग में लोबेक्टॉमी सर्जरी के लिए कुछ मरीज प्रतीक्षारत हैं।
​क्या होती है लोबेक्टॉमी सर्जरी:
हमारे शरीर में फेफड़े के दो हिस्से होते हैं, जिसे दायां एवं बायां फेफड़ा कहा जाता है। बायां फेफड़ा दो लोब (भाग) से मिलकर बनता है, जिसको अपर लोब और लोअर लोब कहा जाता है। उसी प्रकार दायें फेफड़े में तीन (3) Lobe (लोब) होते हैं: अपर लोब, मिडिल लोब (Middle Lobe) एवं लोअर लोब।
​यदि फेफड़े को कोई बीमारी जैसे कि एस्परजिलोमा, ब्रोन्किएक्टैसिस या लंग ट्यूमर (Lung Tumour) किसी एक भाग या लोब तक सीमित होती है तो उस स्थिति में उस भाग को ऑपरेशन द्वारा निकाल दिया जाता है, जिसको मेडिकल भाषा में लोबेक्टॉमी कहा जाता है। इसमें दायें या बायें छाती में चीरा लगाकर संक्रमित फेफड़े को अन्य भागों से अलग किया जाता है एवं विशेष तकनीक एवं लंग स्टेपलर की सहायता से संक्रमित लोब को निकाला जाता है। आधुनिक स्टेपलर प्रयोग करने से फेफड़े के ऑपरेशन के बाद होने वाले कॉम्प्लिकेशन जैसे कि ब्रोन्कोप्लूरलफिस्टुला (Bronchopleural Fistula) में बहुत ही कमी आ जाती है।सामान्यतः 6-8 दिनों बाद मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जाता है।</description><guid>19336</guid><pubDate>10-Aug-2026 3:48:39 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए Sports Science Support की मांग, लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया मुद्दा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19335</link><description>नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आधुनिक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में खेल विज्ञान विशेषज्ञों, Sports Psychology, Nutrition और स्थायी Sports Science व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार देश के 23 राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOEs) में खेल विज्ञान कर्मियों के कुल 384 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 211 पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि शेष 173 रिक्त पदों को लागू भर्ती नियमों के तहत भरने की प्रक्रिया जारी है।
छत्तीसगढ़ में Sports Psychologist और Nutrition Expert की जरूरत
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ स्थित SAI Training Centres और Khelo India Centres में खिलाड़ियों के लिए Sports Psychologist और Nutrition Expert की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। मंत्रालय ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य के इन केंद्रों में मनोवैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं।
अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक खेलों में केवल शारीरिक प्रशिक्षण ही पर्याप्त नहीं है। Sports Science, Nutrition, Psychology, Biomechanics और Performance Analysis जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सहयोग खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी इन आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञों का पूरा लाभ मिलना चाहिए।
स्थायी Sports Science व्यवस्था पर जोर
बृजमोहन अग्रवाल ने खेल विज्ञान व्यवस्था को दीर्घकालिक और संस्थागत स्वरूप देने के साथ चिकित्सा, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
केंद्र सरकार ने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के भर्ती नियमों में हाल ही में संशोधन किया गया है। इसके अलावा Sports Science Associates, Performance Analysts और प्रमुख चिकित्सा, शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से खेल विज्ञान के ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, छत्तीसगढ़ में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के साथ आधुनिक खेल विज्ञान, पोषण और मनोवैज्ञानिक सहयोग भी मिले, ताकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं।</description><guid>19335</guid><pubDate>10-Aug-2026 3:36:47 pm</pubDate></item><item><title>सावन सोमवार पर भक्तिमय हुआ जबलपुर, CM डॉ. मोहन यादव के साथ हजारों कांवड़ियों ने निकाली यात्रा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19334</link><description>भोपाल/जबलपुर। बोल कांवड़िया, बोल बम जयकारा जब गूंजा तो भक्तों का रोम-रोम रोमांचित हो उठा। भक्त ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूम उठे। लगातार बजते ढोल-नगाड़ों ने माहौल को और उत्साह से भर दिया। दरअसल, मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर का माहौल 10 अगस्त को पूरी तरह भक्तिमय रहा। यहां के रांझी में संस्कार कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस कांवड़ यात्रा में प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने फूलों की बारिश कर कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने खुद कांवड़ उठाई, उत्साह से डमरू भी बजाया और दादा गुरु के साथ कांवड़ यात्रा में पैदल भी चले। इस दौरान कई जन-प्रतिनिधि भी उनके साथ थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज सावन मास का पवित्र सोमवार है। आज मां नर्मदा का आशीर्वाद सबको मिल रहा है। भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण करने के लिए कांवड़िये मां नर्मदा का जल लेकर जा रहे हैं। कांवड़ियों का सैलाब समुद्र की लहर के समान दिखाई दे रहा है। जहां तक नजर जा रही है, वहां तक कांवड़िये ही कांवड़िये दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कह कि ये कांवड़िये अपनी साधना-भक्ति-संकल्प लेकर मां नर्मदा का जल लेकर निकले हैं। मां नर्मदा भी अपने भक्तों के साथ जल के रूप में इस यात्रा में शामिल हैं।
धर्म के लिए सबकुछ कर रही सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांवड़ यात्रा तो बहुत देखीं, लेकिन इतनी बड़ी कांवड़ यात्रा में पहली बार देख रहा हूं। यह पवित्र महीना सावन भगवान भोलेनाथ की भक्ति का महीना है। यह कांवड़िये दादा गुरु के नेतृत्व में पूरे भक्ति भाव के साथ यात्रा में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारीसरकार धार्मिक पर्यटन के लिए, श्रद्धालुओं के लिए, सनातन संस्कृति को मजबूत करने के लिए सभी प्रकार के कार्य कर रही है। हमारी सरकार एक तरफ इन कांवड़ यात्रियों को पूरी सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है, दो दूसरी तरफ देव स्थानों को भी सुविधायुक्त कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की जड़ों में सनातन संस्कृति है। सनातन संस्कृति आत्म अनुशासन, प्रगति और उल्लास का मार्ग प्रशस्त करती है। सनातन संस्कृति जीवन की चुनौतियों से संघर्ष करना सिखाती है।
जीवन का मर्म केवल खाना-पीना नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज इस यात्रा में शामिल संत ये संदेश भी देते हैं कि जीवन में खाने-पीने के बजाए, पवित्र मार्ग पर चल कर परमात्मा तक पहुंचा जा सकता है। दादा गुरु ने जीवन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है कि जल के आधार पर भी जीवन गुजारा जा सकता है। दादा गुरु नर्मदा के जल के भरोसे जीवन को चलायमान किए हुए हैं। उनका आशीर्वाद हम सभी को मिलता रहे। नर्मदा के कण-कण में शंकर है। मैं इस यात्रा के लिए सभी को बधाई देता हूं।</description><guid>19334</guid><pubDate>10-Aug-2026 3:21:01 pm</pubDate></item><item><title>तिरंगा यात्रा पर पीसीसी चीफ दीपक बैज का BJP-RSS पर हमला, बोले- अपने कर्मों का पाप धोने निकाल रहे यात्रा</title><link>https://ramraj.co/politics.php?articleid=19333</link><description>रायपुर। भाजपा की तिरंगा यात्रा को लेकर सियासत शुरू हो गई है। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा है कि जो तिरंगा के तीनों रंगों को अशुभ मानती थी, जो लोग आजादी के बाद तिरंगा नहीं फहराया, जो अंग्रेजों की दलाली करते थे, अंग्रेजों की सेना में अपने लोगों की भर्ती करने वाले थे आज वो तिरंगा यात्रा निकालकर देश के लोगों को देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। BJP और RSS ने तिरंगा झंडा को कभी नहीं स्वीकारा था। उनकी शाखा में देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। भाजपा के लोगों को अपने इतिहास को याद करना चाहिए। बैज ने कहा, भाजपाई अपने कर्मों का पाप धोने तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं।
दीपक बैज ने कहा, आदिवासी दिवस पर बीजेपी नेताओं ने बधाई नहीं दी। आदिवासी दिवस में सभी लोगों ने मिलकर कार्यक्रम में शामिल होकर आदिवासी दिवस मनाया है। सवाल यह है कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी के आदिवासी नेता, चुने हुए मंत्री और देश की राष्ट्रपति और छत्तीसगढ़ के आदिवासी सीएम का बधाई संदेश नहीं आया है। 2023 के पहले यही नेता सरकार बनने के पहले आदिवासियों को बधाई देते थे, आज बधाई नहीं दे रहे हैं।
बैज ने कहा, सरकार और आदिवासी नेता को बताना चाहिए कि क्या बीजेपी सरकार आदिवासी एकता और अखंडता को तोड़ना चाहती है इसलिए आदिवासी दिवस का बधाई नहीं दे रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल को देखें, जो आदिवासी नहीं है फिर भी उन्होंने बधाई दी है। ये भाईचारा है, एकता है।
झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में बैज ने उठाये सवाल
दीपक बैज ने कहा, झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में NIA कोर्ट में आज अंतिम सुनवाई है। बैज ने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा, झीरम घाटी घटना में अगर आज आखिरी सुनवाई हो रही है, शहीद परिवार न्याय चाहता है। क्या सच्चाई सामने आ पाएगी। बीजेपी सरकार में वो घटना घटी थी। क्या सरेंडर नक्सलियों से पूछताछ हुई? क्या तत्कालीन सरकार के लोगों का नाम आएगा?</description><guid>19333</guid><pubDate>10-Aug-2026 2:50:43 pm</pubDate></item><item><title>मुख्य सचिव ने बच्चों के लिए स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लेकर यूनिसेफ और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19332</link><description>रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में बच्चों के लिए चलाये जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लेकर यूनिसेफ और राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारी की बैठक ली।

बैठक में राज्य में बच्चों के लिए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और स्वच्छता सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाये जाने के लिए विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बच्चों में कुपोषण, एनिमिया, विकास में देरी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई है। बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, फोलेट, विटामिन, बी-12 और जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूनिसेफ और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, एनिमिया नियंत्रण, कुपोषण और बाल विवाह जैसी समस्याओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
अधिकारियों और यूनिसेफ की संयुक्त बैठक में बच्चों के कम्यूनिटी मेनेजमेंट का सभी जिलों तक विस्तार करने, विकलांगता वाले बच्चों के माता-पिता को खानपान संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बैठक में टेक होम राशन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ-साथ घर पर पोष्टिक भोजन और बच्चों को भोजन खिलाने की बेहतर पद्धतियों को बढ़ावा देने के संबंध में जानकारी दी गई। अनाज, दाल, फल्लियों की उपलब्धता ग्राम पंचायत स्तर पर अनाज बैंक की अवधारणा पर भी चर्चा हुई।
इसके साथ ही राज्य के किसानों तक विविध एवं पोषक तत्वों से भरपूर फसलों और दालों की पहुंच बढ़ाने के लिए अच्छे बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि राज्य में एंटी-मलेरिया अभियान के चलते मलेरिया के रोगियों में उल्लेखनीय कमी आयी है। बच्चों में एनिमिया की स्थिति के बारे में चर्चा हुई। इसके तहत बस्तर में बच्चों मे एनिमिया से निपटने विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे है। मुख्य सचिव ने सभी जिलों में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जमीन स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए है।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, गृह विभाग की सचिव नेहा चंपावत, आयुक्त समग्र शिक्षा किरण कौशल सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।</description><guid>19332</guid><pubDate>10-Aug-2026 2:15:02 pm</pubDate></item><item><title>बाढ़ आपदा की तैयारी पर NDMA का फोकस, छत्तीसगढ़ में दो चरणों में होगा अभ्यास</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19331</link><description>रायपुर। राज्य में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने और पूर्व तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा एक उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन की वास्तविक क्षमताओं और अंतर-विभागीय समन्वय को परखने के लिए 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल-टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त को व्यापक मॉक एक्सरसाइज (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया जाएगा।
​त्वरित राहत व बचाव के लिए तैयारियों का परीक्षण आवश्यक
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे टेबल-टॉप एक्सरसाइज की सभी प्रक्रियाओं और एसओपी (SOP) को गहराई से समझें। उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा के समय शून्य देरी से राहत और बचाव कार्य संचालित करने के लिए यह पूर्वाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
​अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर
कॉन्फ्रेंस के दौरान बाढ़ के समय विभिन्न विभागों की सक्रिय भूमिका और समन्वय पर विस्तृत समीक्षा की गई। आपदा के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) तथा पशुपालन विभाग द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्यवाहियों का खाका तैयार किया गया।
​समीक्षा बैठक में पहुंचे प्रमुख विभागों के उच्चाधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, रायपुर रेल मंडल (DRM), स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक, दूरसंचार, विज्ञान केंद्र और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग सहित पंचायत, ऊर्जा, परिवहन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। ​प्रदेश के सभी जिलों के नोडल अधिकारी इस कॉन्फ्रेंस में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।</description><guid>19331</guid><pubDate>10-Aug-2026 1:45:24 pm</pubDate></item><item><title>मध्य प्रदेश को मिली हवाई कनेक्टिविटी की नई उड़ान, भोपाल-रीवा समेत 4 सीधी सेवाएं शुरू</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19330</link><description>भोपाल। मध्य प्रदेश में हवाई संपर्क के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने मध्य प्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाएं राजधानी भोपाल और पहले भारत के प्रमुख महानगरों कोलकाता और पटना से विंध्य और महाकौशल क्षेत्रों को सीधा हवाई संपर्क प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा जाने वाली एलायंस एयर की पहली उड़ान के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला भी उसी उड़ान से रीवा के लिए रवाना हुए।
राजा भोज हवाई अड्डे पर चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को आज नई उड़ान मिल रही है। भोपाल के लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगले दो महीनों के भीतर भोपाल से शारजाह के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारीसरकार इस क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। पिछले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए हवाई अड्डों का निर्माण शुरू हो चुका है। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए हवाई अड्डों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने राज्य में पांच नए हवाई अड्डों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। पहला हवाई अड्डा सिंगरौली में बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में दस से अधिक मार्गों पर हवाई सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि हवाई संपर्क का लाभ क्षेत्र के सभी हिस्सों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। देश में पहली बार मध्य प्रदेश में यह एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई यह हेलीकॉप्टर सेवा प्रतिदिन चल रही है और इसमें 95 प्रतिशत तक यात्रियों के बैठने की दर दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं न के बराबर थीं, लेकिन आज एक साथ शुरू हुई चार नई उड़ानें बदलते मध्य प्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर पेश करती हैं। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में मिलेगा। भोपाल-रीवा उड़ानें सप्ताह में चार दिन संचालित होंगी, जबकि भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता उड़ानें सप्ताह में तीन दिन संचालित होंगी। वर्तमान में, इन शहरों के बीच सड़क या रेल मार्ग से यात्रा करने में कई घंटे लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी केवल दो से ढाई घंटे में तय की जा सकती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का हृदय होने के नाते विभिन्न राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इन सीधी उड़ानों के शुरू होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों और पर्यटकों का समय और पैसा दोनों बचेगा। साथ ही, रीवा और जबलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का कोलकाता से सीधा संपर्क स्थानीय उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए बड़े बाजारों के द्वार खोलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच मात्र दस महीनों में इस क्षेत्र में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जिनमें इंदौर-अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 8 हवाई अड्डे, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल परिवहन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह बुनियादी ढांचा ही है जो निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देता है। राज्य सरकार मध्य प्रदेश की नागरिक उड्डयन नीति 2025 के तहत हवाई सेवाओं का समर्थन कर रही है। किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर हवाई अड्डों को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। साथ ही, विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए सरकार पाठ्यक्रम शुल्क का 60 प्रतिशत वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज से शुरू होने वाली सीधी हवाई सेवाएं विकासशील मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेंगी।
केंद्र सरकार 2036 तक हवाई सेवाओं के विकास और विस्तार पर 29 हजार करोड़ खर्च करेगी

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। साल 2016 में उड़ान योजना के माध्यम से उड़े देश का आम नागरिक संकल्प के तहत छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई। बीते वर्षों में देश में लगभग 90 नए हवाई अड्डों का विकास हुआ है और विमानों के बेड़े तथा हवाई यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे और हवाई संपर्क न केवल परिवहन का साधन हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का एक महत्वपूर्ण आधार भी हैं। हवाई अड्डे के आसपास अचल संपत्ति, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर पैदा करती हैं।
केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में नागरिक उड्डयन अवसंरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। सतना, दतिया और रीवा में नए हवाई अड्डों का विकास हुआ है, साथ ही भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं का विस्तार हुआ है । मध्य प्रदेश की नागरिक उड्डयन नीति कनेक्टिविटी बढ़ाने में प्रभावी है और इसे देश के राज्यों की विमानन नीतियों में सर्वश्रेष्ठ नीतियों में से एक माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, इंदौर से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और रीवा-कोलकाता, रीवा-पटना, जबलपुर-कोलकाता और भोपाल-रीवा जैसे नए हवाई मार्गों की शुरुआत हो रही है। क्षेत्र की लगभग दस हवाई पट्टियों को हवाई अड्डों में परिवर्तित करने और कुछ शहरों में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के विकास की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
दस सालों के लिए बढ़ा उड़ान योजना
नायडू ने कहा कि उड़ान योजना को अगले दस सालों के लिए बढ़ा दिया गया है और इसके लिए केंद्रसरकार ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नए हवाई अड्डों, हेलीपोर्टों और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार में तेजी आएगी। मध्य प्रदेश की विमानन नीति, उड़ान योजना और राज्य की जनता के सहयोग से मध्य प्रदेश को नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनता जा रहा है। नए हवाई अड्डों और विमानन गतिविधियों में वृद्धि से रोजगार के अवसर और भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का लक्ष्य हर 150 किलोमीटर पर एक हवाई अड्डा, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलीपोर्ट विकसित करना है। केंद्र सरकार इस दिशा में मध्य प्रदेश को पूरा सहयोग देगी। आज से शुरू हो रही नई हवाई सेवाएं एक नई शुरुआत हैं और आने वाले समय में यह क्षेत्र हवाई सेवाओं के माध्यम से और अधिक शहरों और गंतव्यों से जुड़ जाएगा।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश में हवाई संपर्क के विस्तार के लिए दूरदर्शी राज्य विमानन नीति-2025 तैयार की गई है। इसके माध्यम से क्षेत्र के छोटे कस्बों को प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र के लिए नई हवाई सेवाओं के विस्तार से नए विकास की संभावनाओं को गति मिलेगी। रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर के लिए सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं और अब रीवा को भोपाल और कोलकाता से जोड़ने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। सिंगरौली देश के प्रमुख शक्ति केंद्रों में से एक है। इस क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय उद्यान हैं और धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकूट भगवान श्री राम के वनवास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पवित्र स्थान है। हवाई कनेक्टिविटी में वृद्धि से इन संभावनाओं को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि एटीआर-72 जैसे विमानों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच ने राज्य विमानन नीति के निर्माण को प्रेरित किया, जिसकी विमानन क्षेत्र में सराहना की जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा-भोपाल हवाई सेवा का किराया लगभग 2,700 रुपये और अधिकतम 3,500 रुपये (डायनामिक किराया) तय किया गया है। रीवा-कोलकाता सेवा के लिए अधिकतम किराया लगभग 5,300 रुपये रखा गया है। इससे हमारे नागरिकों के लिए हवाई यात्रा आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भोपाल से पटना की कनेक्टिविटी कोलकाता तक, भोपाल से रीवा और अन्य शहरों तक विस्तारित हो रही है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य निरंतर प्रगति करेगा।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि 2016 से केंद्र सरकार उड़ान योजना के माध्यम से द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4 जुलाई को संशोधित उड़ान योजना का शुभारंभ किया। अगले दस वर्षों में, यह योजना छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने में नई गति प्रदान करेगी।
केंद्रीय सचिव सिन्हा ने कहा कि भारतीय विमानन प्राधिकरण और नागरिक उड्डयन मंत्रालय मध्य प्रदेश में उपलब्ध हवाई पट्टियों की पहचान करके हवाई अड्डों के विकास और हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार के साथ समन्वय में काम करेंगे। मध्य प्रदेश में हवाई पट्टियों और टर्मिनलों की उपलब्धता के बावजूद, जहां विमानों की सीमित संख्या के कारण सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं, ऐसे क्षेत्रों को भी संशोधित उड़ान योजना के माध्यम से संपर्क से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि एलायंस एयर के माध्यम से नई हवाई सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इंडिगो, एलायंस एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइनों द्वारा नए विमानों के ऑर्डर दिए गए हैं, जिससे भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। उड़ान योजना के बाद फ्लाई 91 और स्टार एयर सहित क्षेत्रीय एयरलाइनों ने भी अपना विस्तार किया है। मध्य प्रदेश ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। केंद्रसरकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, एलायंस एयर और अन्य एयरलाइनों के सहयोग से इस क्षेत्र के नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, उड्डयन विभाग संजय कुमार शुक्ला ने स्वागत भाषण में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से मध्य प्रदेश में हवाई संपर्क को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष में इस क्षेत्र के सात शहरों से नई हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। इस क्षेत्र की विमानन नीति के तहत इंदौर से अबू धाबी के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा भी शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि आज से इस क्रम में चार नई हवाई सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
चार नए हवाई मार्गों के जुड़ने से इस क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी
आज शुरू होने वाली चार नई हवाई सेवाओं को मध्य प्रदेश नागरिक उड्डयन नीति-2025 के तहत वित्त पोषित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सभी घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए 10 लाख रुपये तक की व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) सहायता प्रदान की जाएगी। ये सभी चार सेवाएं एलायंस एयर द्वारा संचालित की जाएंगी। भोपाल-रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन, मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को संचालित होगी, भोपाल-पटना सेवा सोमवार, बुधवार और रविवार को और रीवा-कोलकाता तथा जबलपुर-कोलकाता हवाई सेवाएं मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होंगी। भोपाल-पटना सीधी हवाई सेवा मध्य प्रदेश की राजधानी को बिहार की राजधानी पटना से जोड़ेगी, जबकि भोपाल-रीवा सेवा राज्य की राजधानी, विंध्य क्षेत्र से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित करेगी। रीवा और जबलपुर से कोलकाता के लिए सीधी कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इन चार नई हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ होगा।
सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय कम होगा

सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों का यात्रा समय कम हो जाएगा। भोपाल-रीवा की रेल यात्रा में लगभग 10 घंटे लगते हैं, जबकि हवाई यात्रा में लगभग 1.5 घंटे। भोपाल-पटना और रीवा-कोलकाता की यात्रा रेल से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा से लगभग 2 घंटे में पूरी हो जाएगी। जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल से लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी हो जाएगी। इस प्रकार, भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना और रीवा-कोलकाता मार्गों पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की बचत होगी।
यात्रियों को किफायती किरायों का लाभ मिलेगा
सीधी हवाई कनेक्टिविटी न होने के कारण इन मार्गों पर हवाई किराया लगभग 8 से 10 हजार रुपये था और यात्रियों को दिल्ली जाकर अपनी फ्लाइट बदलनी पड़ती थी। नई सीधी सेवाओं से किराया घटकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये हो जाएगा। भोपाल-रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल-पटना का 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता का 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता का 4,500 रुपये होगा। चार नए मार्गों के शुरू होने से इस क्षेत्र की विमानन नीति में एयरलाइंस का विश्वास भी बढ़ा है।</description><guid>19330</guid><pubDate>10-Aug-2026 1:30:38 pm</pubDate></item><item><title>राष्ट्रीय मंच पर चमकी छत्तीसगढ़ की लोक कला, पंडवानी से हुआ IHC लोक संगीत सम्मेलन का आगाज</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19329</link><description>रायुपर। छत्तीसगढ़ की पंडवानी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच इंडिया हैबिटेट सेंटर में अपनी पूरी जीवंतता के साथ प्रस्तुत हुई। महान पांडवानी कलाकार और पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति को समर्पित विशेष प्रस्तुति के साथ आईएचसी लोक संगीत सम्मेलन 2026 का शुभारंभ हुआ। पंडवानी की इस प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा को दिल्ली के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक बार फिर प्रमुखता से सामने रखा।

छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट लोक शैली की ताकत पंडवानी
इंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टाइन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में पांडवानी कलाकार प्रभा यादव ने पारंपरिक संगीतकारों के साथ प्रस्तुति दी। महाभारत की कथाओं पर आधारित पंडवानी में कथा, गायन, संवाद, लय और अभिनय का ऐसा संयोजन देखने को मिला, जिसने छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट लोक शैली की ताकत और व्यापकता को सामने रखा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश की कला और संस्कृति से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ पत्रकार एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्ण दास, धरसींवा विधायक एवं प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार अनुज शर्मा, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव तथा सांस्कृतिक कार्यकर्ता ने कार्यक्रम में भाग लिया। इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश और अन्वेषा कला केंद्र की सचिव अन्वेषा ब्रह्मा भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।

तीजन बाई के योगदान को याद किया
इस प्रस्तुति का केंद्र तीजन बाई की कला यात्रा और पांडवानी को मिली राष्ट्रीय पहचान रही। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा से निकली पंडवानी को देश और दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंचाने में तीजन बाई का योगदान असाधारण रहा। उन्होंने अपनी विशिष्ट शैली से पंडवानी को नई पहचान दी और इसे भारतीय लोक प्रदर्शन कलाओं की प्रमुख विधाओं में स्थापित किया।
सांस्कृतिक स्मृतियों और जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम पंडवानी
तीजन बाई को समर्पित प्रस्तुति के जरिए उनके कला जीवन और छत्तीसगढ़ की उस परंपरा को याद किया गया, जिसमें कथावाचन केवल मनोरंजन नहीं बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक स्मृतियों और जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम रहा है। इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश ने कहा कि भारत की लोक कलाएं देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें पीढ़ियों से चली आ रही कहानियां, परंपराएं और मूल्य सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि लोक कलाकारों और परंपराओं को राष्ट्रीय राजधानी में मंच देना इन विरासतों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

भारत की लोक परंपराओं में सदियों का इतिहास पंडवानी
धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि पंडवानी छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण लोक कला है। तीजन बाई ने इसे गांवों से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस परंपरा का सम्मान होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। अन्वेषा कला केंद्र की सचिव अन्वेषा ब्रह्मा ने कहा कि भारत की लोक परंपराओं में सदियों का इतिहास, सामूहिक स्मृति और जीवन-दर्शन सुरक्षित है। ऐसे आयोजन इन परंपराओं को नए दर्शकों और नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करते हैं।
देश की लोक परंपराओं का साझा मंच
आईएचसी लोक संगीत सम्मेलन भारत के अलग-अलग हिस्सों की लोक संगीत, कथावाचन और प्रदर्शन परंपराओं को एक मंच पर लाने वाला वार्षिक आयोजन है। इसका उद्देश्य देश की विविध लोक कलाओं को सामने लाना और पारंपरिक कलाकारों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचने का अवसर देना है।
इस वर्ष सम्मेलन की शुरुआत ही छत्तीसगढ़ की पंडवानी और तीजन बाई की स्मृति को समर्पित प्रस्तुति से होना विशेष महत्व रखता है। राजधानी के प्रमुख सांस्कृतिक मंच पर हुई इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारत की लोक कलाएं केवल अतीत की धरोहर नहीं हैं, बल्कि आज भी देश की सांस्कृतिक पहचान और रचनात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अन्वेषा कला केंद्र पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से भारत की शास्त्रीय और लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन, दस्तावेजीकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शैक्षणिक गतिविधियों के क्षेत्र में कार्य कर रहा है।</description><guid>19329</guid><pubDate>10-Aug-2026 1:05:06 pm</pubDate></item><item><title>डिजिटल ठगी से बचाव और मानसिक शांति का प्रशिक्षण, वरिष्ठ नागरिकों के लिए CSVTU की नई पहल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=19328</link><description>भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड इन्फॉर्मल एजुकेशन (सीएसडीआईई) ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है।
तकनीकी विश्वविद्यालय का उद्देश्य बुजुर्गों को आधुनिक तकनीक, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है। इन कोसों के लिए 25 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सभी कक्षाएं चरक भवन (यूटीडी-4), सीएसवीटीयू से संचालित होंगी।
तकनीकी विश्वविद्यालय ने इस पहल के तहत तीन अलग- अलग 30 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स तैयार किए हैं। प्रत्येक कोर्स प्रतिदिन दो घंटे का होगा, जिससे वरिष्ठ नागरिक आसानी से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
इसमें डिजिटल ठगी, साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इस कोर्स की फीस 3000 रुपए निर्धारित की गई है। योगा एंड मेडिटेशन के तहत शारीरिक फिटनेस, मानसिक शांति और तनावमुक्त जीवन के लिए योग एवं ध्यान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कोर्स निःशुल्क रहेगा। वहीं भगवगीता के व्यावहारिक जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक विज्ञान पर आधारित यह कोर्स भी निःशुल्क होगा।
विश्वविद्यालय के अनुसार प्रत्येक कोर्स की अवधि 30 दिन होगी तथा सफल प्रतिभागियों को परीक्षा के बाद ग्रेड सहित सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। केवल वरिष्ठ नागरिक ही इन कोर्सों के लिए पात्र होंगे। किसी भी कोर्स की शुरुआत कम से कम 13 प्रतिभागियों के पंजीयन के बाद होगी। एक बार कक्षा शुरू होने के बाद फीस वापस नहीं होगी। 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर प्रशिक्षण प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा।</description><guid>19328</guid><pubDate>10-Aug-2026 12:25:19 pm</pubDate></item><item><title>700 शिक्षकों के तबादले पर सियासी संग्राम, कांग्रेस ने घेरा सरकार को; BJP विधायक ने दिया जवाब</title><link>https://ramraj.co/politics.php?articleid=19327</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के तबादले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। शिक्षा विभाग की ओर से शनिवार को करीब 700 शिक्षकों के समन्वय से तबादले किए जाने के बाद अब कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। बिना स्पष्ट तबादला नीति के इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच PCC चीफ दीपक बैज ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, तो भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने पलटवार करते हुए तबादलों को जरूरत और आवेदन के आधार पर लिया गया फैसला बताया है।
दीपक बैज बोले- ट्रांसफर उद्योग बनाया जा रहा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने शिक्षकों के तबादले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर ट्रांसफर करना ही था तो शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले किया जाना चाहिए था।
बैज ने आरोप लगाया कि शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद अब तबादला सूची जारी करने का उद्देश्य केवल वसूली और पैसे कमाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तबादले को एक तरह का उद्योग बनाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद शिक्षकों के ट्रांसफर का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
पुरंदर मिश्रा ने किया पलटवार
दीपक बैज के आरोपों पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आवश्यकता थी और जिन लोगों के आवेदन आए थे, उनका परीक्षण करने के बाद शिक्षा विभाग ने तबादले किए हैं।
पुरंदर मिश्रा ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि सरकार किसी भी तबादले के लिए दीपक बैज से पूछे। उन्होंने कहा कि जो आवश्यकता थी, जो आवेदन था, तब शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर किया है।
कांग्रेस के कार्यकाल में इंडस्ट्रीज चलती थीं
भाजपा विधायक ने कांग्रेस के कार्यकाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय इंडस्ट्रीज चलती थीं, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रक्रिया के तहत आवेदन लिए जाते हैं, उनका परीक्षण होता है और उसके बाद निर्णय किया जाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार के सामने जो आवेदन और आवश्यकता आती है, उसी के आधार पर तबादले का फैसला किया जाता है।
करीब 700 शिक्षकों के तबादले से उठा विवाद
बता दें कि शिक्षा विभाग ने शनिवार को करीब 700 शिक्षकों के समन्वय से तबादले किए हैं। इन तबादलों को लेकर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि प्रदेश में नियमित तबादला नीति के तहत प्रक्रिया नहीं चल रही है।
तबादला सूची जारी होने के बाद शिक्षकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर तबादले किस आधार पर किए गए और आवेदन की प्रक्रिया क्या रही। वहीं, सरकार की ओर से इसे आवश्यकता और प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के बाद लिया गया फैसला बताया जा रहा है।</description><guid>19327</guid><pubDate>10-Aug-2026 11:44:56 am</pubDate></item></channel></rss>