<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>Ram Raj Feed</title><link>https://ramraj.co</link><description>Ram Raj Feed Description</description><item><title>QR कोड से सफर होगा सुरक्षित: गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ रायपुर का नाम, 15 दिनों में 15,047 ऑटो और ई-रिक्शा का पंजीयन पूरा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18502</link><description>रायपुर। राजधानी रायपुर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और हाईटेक बनाने की दिशा में रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में कालीबाड़ी स्थित यातायात कार्यालय परिसर में आटो और ई-रिक्शा वाहनों में QR कोड चस्पा करने के दूसरे चरण का भव्य शुभारंभ किया गया।
क्या है मुख्य उद्देश्य ?
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस का मुख्य उद्देश्य शहर एवं बाहर से आने वाले जनता को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ट्रांसपोर्ट सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराना है। आटो यूनियन के पदाधिकारियों, आटो चालकों एवं यातायात पुलिस के समन्वित प्रयासों से 15 दिन में 15047 आटो/ई-रिक्शा का पंजीयन कार्य पूर्ण किया गया था। क्यू आर कोड सभी आटो/ई-रिक्शा में चस्पा किया जाएगा।
क्यूआर कोड से नागरिकों को कैसे मिलेगी सुरक्षा ?
नागरिक आटो/ई-रिक्शा में जाने से पहले या सवार होकर गुगल में कैमरे से क्यू आर कोड स्कैन कर वाहन चालक की संपूर्ण जानकारी देख सकता है। आटो/ई-रिक्शा वाहनों में कई बार अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की सूचना मिलती है। इन वाहनों में क्यू आर कोड लगने से नागरिकों में सुरक्षा की भावना जागृत होगी।
सवारी क्यू आर कोड का फोटो खींच कर रख सकता है, कई बार सामान भूल जाने की स्थिति में क्यू आर कोड से वाहन मालिक से संपर्क करना आसान होगा। बिना क्यू आर कोड लगे आटो/ई-रिक्शा में यात्रा करना असुरक्षित हो सकता है इसलिए क्यूआर कोड लगे आटो/ई-रिक्शा वाहनों का ही उपयोग करें।

रायपुर के नाम दर्ज हुआ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
20 मई को इस अभियान के प्रथम चरण की शुरुआत की गई थी। अब रायपुर जिला पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के अंतर्गत चलने वाले वाहनों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन करने वाला देश का पहला जिला है, जिन्होंने मात्र 15 दिनों में 15047 आटो/ई-रिक्शा वाहनों का रजिस्ट्रेशन कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। जनसुरक्षा से जुड़े इस उपलब्धि पर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्डस की टीम द्वारा सर्टिफिकेट एवं मेडल प्रदान किया गया।
इस पहल से शहर में संचालित होने वाले आटो/ई-रिक्शा की वास्तविक जानकारी प्राप्त हो सकी। अगले चरण में आटो/ई-रिक्शा चालकों को परिचय पत्र एवं आटो स्टैण्ड का चिन्हांकन कर सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस के इस पहल से न केवल यातायात का अनुशासन स्थापित होगा साथ ही साथ अपराध नियंत्रण में भी सहयोगी सिद्ध होगा।
जागरूकता के लिए शॉर्ट फिल्मों की स्क्रीनिंग
पुलिस कमिश्नर के मार्गदर्शन में यातायात, साइबर, महिला अपराध, सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता के लिए बनाए गए शार्ट फिल्म का स्क्रीनिंग किया गया। इन शार्ट फिल्मो को जनजागरूकता हेतु सोशल मीडिया एवं शहर के एल.ई.डी. स्क्रीन, मॉल, पीवीआर के माध्यम से जन-जन तक पहुॅचाया जाएगा। इस प्रयास से निश्चित रूप से लोगों में अनुशासन एवं जागरूकता की भावना जागृत होगी, सुरक्षा संबल होगा।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि अमित तुकाराम कांबले अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर, मयंक गुर्जर डीसीपी उत्तर, संदीप पटेल डीसीपी पश्चिम, स्मृतिक राजनाला डीसीपी क्राइम, अर्चना झा एडीसीपी मुख्यालय, विवेक शुक्ला डीसीपी ट्राफिक एवं प्रोटोकॉल,समस्त एसीपी यातायात के साथ नारायण हास्पिटल के सीईओ युवराज खेमका, विश्व गीता इस्पात लिमिटेड से सुधीर सुल्तानियॉ, हीरा इस्पात लिमिटेड से प्रकाश अग्रवाल, सागर टीएमटी से पंकज अग्रवाल,आटो यूनियन के पदाधिकारीगण कमल पांडेय, नारायण सोनी सहित अन्य तथा यातायात के अधिकारी कर्मचारी उपिस्थत थे। कार्यक्रम के अंत में सीमा अहिरवार सहायक पुलिस आयुक्त यातायात कमिश्नरेट रायपुर द्वारा आभार व्यक्त किया।</description><guid>18502</guid><pubDate>27-Jun-2026 5:44:45 pm</pubDate></item><item><title>Vivo Y6a 5G  7200mAh की मॉन्स्टर बैटरी और मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी के साथ नया बजट स्मार्टफोन लॉन्च</title><link>https://ramraj.co/technology.php?articleid=18501</link><description>Vivo Y6a 5G Launched वीवो ने अपने घरेलू बाजार चीन में वाई-सीरीज का एक और दमदार स्मार्टफोन Vivo Y6a 5G लॉन्च कर दिया है। इस स्मार्टफोन को बेहद मजबूत बॉडी और लंबी बैटरी लाइफ चाहने वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। टेक बाजार में कदम रखते ही इस फोन ने अपनी भारी-भरकम 7200mAh की बैटरी और IP68/IP69 रेटिंग के कारण सुर्खियां बटोरनी शुरू कर दी हैं। यह फोन कम बजट में प्रीमियम ड्यूरेबिलिटी और तेज प्रोसेसिंग स्पीड का अनुभव देने का दावा करता है।
Vivo Y6a Specifications: 120Hz डिस्प्ले और स्नैपड्रैगन का पावरफुल कॉम्बिनेशन
वीवो ने इस डिवाइस में 6.75-इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया है। इसका रिजॉल्यूशन 1570 x 720 पिक्सल है, जो स्मूद स्क्रॉलिंग के लिए 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। तेज धूप में भी स्क्रीन को साफ देखने के लिए इसमें 1,200 निट्स की पीक ब्राइटनेस और बेहतर टच रिस्पॉन्स के लिए 240Hz टच सैंपलिंग रेट दिया गया है।
स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए इस फोन में क्वालकॉम का 4nm प्रोसेस पर बना Snapdragon 4 Gen 2 चिपसेट दिया गया है, जो 5G कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है। ग्राफिक्स के लिए इसमें Adreno 613 GPU मौजूद है। स्टोरेज की बात करें तो कंपनी ने इसे सिंगल वेरिएंट में पेश किया है, जिसमें 8GB LPDDR4X RAM और 256GB UFS 3.1 इंटरनल स्टोरेज मिलती है। इसमें 8GB तक वर्चुअल रैम बढ़ाने की सुविधा भी दी गई है। यह स्मार्टफोन लेटेस्ट Android 16 पर आधारित OriginOS 6 पर काम करता है।
6 साल तक चलेगी बैटरी और पानी-धूल से रहेगा पूरी तरह सुरक्षित
इस फोन का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी 7,200mAh की विशाल बैटरी है। कंपनी का दावा है कि इसकी बैटरी लाइफ इतनी लंबी है कि एक बार चार्ज करने पर यह सामान्य इस्तेमाल में कई दिनों तक चल सकती है। इसके साथ ही यह 44W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। वीवो का दावा है कि इसके बैटरी सेल्स 1800 चार्जिंग साइकिल्स के बाद भी सेहतमंद रहेंगे, जिससे इसे 6 साल तक बिना किसी परेशानी के इस्तेमाल किया जा सकता है।
मजबूती के मामले में इस फोन को IP68 और IP69 रेटिंग मिली है। इसका मतलब है कि यह फोन न सिर्फ पानी और धूल से बचेगा, बल्कि हाई-प्रेशर और गर्म पानी की बौछारों को भी आसानी से झेल सकता है। इसके किनारों और बैक पैनल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ऊंचाई से गिरने पर भी फोन पर कोई बड़ा असर न पड़े। कैमरे के मोर्चे पर, इसके रियर पैनल पर 50-मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा और फ्रंट में सेल्फी के लिए 8-मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है।
कीमत और भारत में लॉन्च की संभावना
चीन में Vivo Y6a 5G की कीमत 1,999 युआन (लगभग ₹27,000) तय की गई है। यह स्मार्टफोन तीन आकर्षक कलर ऑप्शंस  गैलेक्सी सिल्वर, ओब्सीडियन ब्लैक और फीनिक्स गोल्ड में बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। फिलहाल कंपनी ने इसके ग्लोबल और भारतीय मार्केट में लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन वीवो की वाई-सीरीज भारत में काफी लोकप्रिय है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि आने वाले कुछ महीनों में इसे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए भी पेश किया जा सकता है।</description><guid>18501</guid><pubDate>27-Jun-2026 4:49:53 pm</pubDate></item><item><title>उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पहुंचे नक्सलियों की मांद कहलाने वाले ग्राम किसकोड़ो, ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18500</link><description>रायपुर। कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।
गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।
जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे भारत माता की जय के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।</description><guid>18500</guid><pubDate>27-Jun-2026 6:01:15 pm</pubDate></item><item><title>CM डॉ. मोहन यादव जुलाई में लेंगे कलेक्टर्स-एसपी की एक्शन क्लास</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18499</link><description>भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव आगामी जुलाई महीने में प्रदेश के सभी जलि कलेक्टर्स औऱ पुलिस अधीक्षकों की एक महत्वपूर्ण कॉनफ्रेंस लेने जा रहे हैं। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से इसके आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह पूरी बैठक वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी जिसमें सरकार के एजेंडे और कानून व्यवस्था को लेकर कड़े फैसले हो सकते हैं।
पुराने टास्क की होगी कड़ाई से समीक्षा
मंत्रालय से मिल रही जानकारी के अनुसार इस एक्शन कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री अधिकारियों को पूर्व में दिए गए टास्क और उनके क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर फोकस रहेगा:
विकास कार्यों का क्रियान्वयन: प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों के उन्नयन और भूमि पूजन के बाद उनकी वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
योजनाओं की प्रगति: केंद्रीय और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन जिलों में कितना प्रभावी ढंग से हो रहा है, इसका पूरा ब्यौरा देखा जाएगा।
लॉ एंड ऑर्डर: प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सीएम खुद कड़ा रुख अपना सकते हैं।
मुख्य सचिव कार्यालय ने मांगा पूरा हिसाब-किताब
कॉन्फ्रेंस को लेकर मुख्य सचिव कार्यालय पूरी तरह से एक्टिव मोड में है। बैठक की तैयारियों को लेकर बड़े कदम उठाए गए हैं। जिसमें जिला स्तर पर सभी विभागों का खाका और कलेक्टर्स से उनके कामकाज का पूरा हिसाब मांगा गया है। मंत्रालय स्तर पर सभी जिला कलेक्टर्स की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
मुख्य सचिव के निर्देशानुसार बैठक के दौरान हर संभाग का एक विशेष डिवीजन प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मुख्य बैठक से पहले मुख्य सचिव कार्यालय में खुद अधिकारियों के कामकाज की प्रारंभिक समीक्षा की जाएगी जिससे कमियों को पहले ही चिह्नित किया जा सके।</description><guid>18499</guid><pubDate>27-Jun-2026 4:00:02 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की तैयारी तेज: एनसीएल बोर्ड का बड़ा फैसला, बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में बड़े व्यास की ड्रिलिंग को मंजूरी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18498</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर (Large Diameter) ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया। यह कदम इस क्षेत्र में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन करने और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

बैठक में निदेशक मंडल ने परियोजना की अब तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरा भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एनसीएल के निदेशक मंडल की बैठक में अमिताभ मुखर्जी, आशीष चटर्जी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक रजत बंसल, उपेंद्र कुमार तथा विनय कुमार उपस्थित रहे।
एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत) तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी अब तक लौह अयस्क परियोजनाओं पर केंद्रित रही है, लेकिन बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि के बाद यह बहु-खनिज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
एनसीएल द्वारा स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप की पहचान की गई। इसके बाद लगभग 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जहां 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए। इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है।
बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख हीरा उत्पादक देशों के अनुभव बताते हैं कि प्रारंभिक चरण में इस प्रकार की सफलता भविष्य में बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का संकेत हो सकती है। इसलिए बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण खनिज परियोजना माना जा रहा है।
बैठक में राज्य की अन्य प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैलाडीला डिपॉजिट-4 में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। वहीं बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है।
बैठक में यह भी दोहराया गया कि सभी परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष निदेशक सौरभ सिंह ने कहा कि खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास देश की आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। बलौदा-बेलमुंडी की हीरा परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है।</description><guid>18498</guid><pubDate>27-Jun-2026 3:28:55 pm</pubDate></item><item><title>शहडोल को मिली 24 नए डॉक्टरों की सौगात: MPPSC से चयनित 24 डॉक्टरों की हुई पदस्थापना</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18497</link><description>शहडोल। शहडोल जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को अब नई मजबूती मिलने जा रही है। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे शहडोल जिले को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित 24 नए मेडिकल ऑफिसरों की सौगात मिली है। खास बात यह है कि सभी 24 डॉक्टरों ने अपनी-अपनी पदस्थापना स्थल पर कार्यभार संभाल लिया है। अब जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
शहडोल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) से चयनित 24 नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों की जिले में पदस्थापना कर दी गई है। खास बात यह है कि सभी 24 डॉक्टरों ने अपनी-अपनी पदस्थापना स्थल पर उपस्थित होकर कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है। इससे जिले के जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी काफी हद तक दूर होगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार जिले को मिले सभी 24 डॉक्टरों को आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किया गया है। इनमें जिला चिकित्सालय शहडोल, सिविल अस्पताल ब्यौहारी, बुढार और जयसिंहनगर सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर, गोहपारू, सिंहपुर, ब्यौहारी, बुढार, पपौंध, सिरौजा, धनपुरी, जैतपुर, बाणसागर, करकटी, निपनिया, बेलदरा और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापना की गई है।
लंबे समय से जिले के कई स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे थे,नए डॉक्टरों की नियुक्ति से अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय का रुख कम करना पड़ेगा, विशेषज्ञ परामर्श के साथ नियमित ओपीडी सेवाएं बेहतर होंगी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आपातकालीन चिकित्सा सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नए चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती से सरकारी अस्पतालों में मरीजों का भरोसा और बढ़ेगा तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित 24 चिकित्सा अधिकारियों की शहडोल जिले में पदस्थापना कर दी गई है। सभी डॉक्टरों ने अपने-अपने पदस्थापना स्थल पर उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इससे जिले में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीण सहित शहरी क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर एवं समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी,हमारा प्रयास है कि जिले के प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए, नए डॉक्टरों के आने से स्वास्थ्य व्यवस्था निश्चित रूप से और अधिक मजबूत होगी।</description><guid>18497</guid><pubDate>27-Jun-2026 2:56:21 pm</pubDate></item><item><title>डिजिटल दुनिया से विश्व पटल तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का पर्यटन: मंत्री राजेश अग्रवाल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18496</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं को देश-दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से लखनपुर (अंबिकापुर) में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर मीट में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए डिजिटल क्रिएटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों, लोक संस्कृति और जनजातीय जीवन की सकारात्मक एवं प्रेरणादायी कहानियों को व्यापक स्तर पर साझा करने का आग्रह किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम लोगों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान दिलाने का सशक्त उपकरण भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, धार्मिक आस्था, वन्यजीव और जनजातीय जीवन का अद्भुत संगम है, जिसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने में डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आग्रह किया कि वे अपनी रचनात्मक सामग्री के माध्यम से चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर घाटी, सिरपुर, भोरमदेव, रामगढ़, मैनपाट, बारसूर, चंद्रखुरी, दंतेवाड़ा सहित प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करें, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल किसी स्थान का प्रचार नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार, हस्तशिल्प, लोक कला, संस्कृति और आर्थिक समृद्धि से भी सीधे जुड़ा हुआ क्षेत्र है।

संवाद के दौरान राजेश अग्रवाल ने स्वच्छता को सफल पर्यटन की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यटन स्थल ही पर्यटकों के मन में स्थायी छाप छोड़ते हैं। उन्होंने सभी डिजिटल क्रिएटर्स से अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प ले, तो छत्तीसगढ़ देश के सबसे स्वच्छ और आकर्षक पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आगामी 29 एवं 30 जून को सरगुजा के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थल रामगढ़ में आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स एवं डिजिटल क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से रामगढ़ महोत्सव की विशेषताओं, ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्थानीय लोक कला और पर्यटन आकर्षणों को देशभर के लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है और यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से बड़ी संख्या में पर्यटक एवं संस्कृति प्रेमी रामगढ़ महोत्सव से जुड़ेंगे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाना है। सोशल मीडिया के माध्यम से हमारे युवा इस अभियान के सशक्त भागीदार बन सकते हैं। मुझे विश्वास है कि डिजिटल क्रिएटर्स के सहयोग से छत्तीसगढ़ की सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और हमारे प्रमुख पर्यटन आयोजनों की पहचान दुनिया के हर कोने तक पहुंचेगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन अधोसंरचना के विकास, सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक आयोजनों के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन, जनजातीय संस्कृति के संवर्धन तथा स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल को बेहतर सड़क, मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक प्रचार-प्रसार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव उपलब्ध कराया जा सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा हुई। बताया गया कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और समग्र आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम मानते हुए प्रदेश के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के साथ-साथ उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के पर्यटन स्थलों का समग्र विकास, आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण, सांस्कृतिक आयोजनों का विस्तार तथा डिजिटल माध्यमों से वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान स्थापित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स ने भी प्रदेश के पर्यटन स्थलों को नवीन एवं रचनात्मक शैली में प्रस्तुत करने, सकारात्मक सामग्री तैयार करने, स्वच्छता और जिम्मेदार पर्यटन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ आगामी रामगढ़ महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का विश्वास दिलाया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक पूनम शर्मा सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स उपस्थित रहे। यह संवाद कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख आयोजनों को डिजिटल माध्यमों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जनसहभागिता और आधुनिक डिजिटल संचार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए।</description><guid>18496</guid><pubDate>27-Jun-2026 1:49:56 pm</pubDate></item><item><title>CM साय की सख्ती का असर: अवैध खनन-परिवहन में लगे 3 JCB और 3 ट्रैक्टर जब्त, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत पर हुई कार्रवाई</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18495</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 जेसीबी मशीन तथा 3 ट्रैक्टर वाहनों को जप्त किया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की शून्य सहिष्णुता की नीति को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किए जाने का प्रमाण है।
जिले के देवराजपारा-सधवानी तथा बंधी-बचरवार क्षेत्र में खनिज मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कराई गई। वहीं सिलपहरी क्षेत्र में खनिज रेत के अवैध परिवहन की सूचना पर भी खनिज विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों को जप्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान देवराजपारा-सधवानी क्षेत्र से दो जेसीबी, बंधी-बचरवार क्षेत्र से एक जेसीबी तथा सिलपहरी क्षेत्र से रेत परिवहन में लगे तीन ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर सुरक्षित रूप से पुलिस लाइन अमरपुर में रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि सधवानी के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1076 तथा कलेक्टर के समक्ष अवैध उत्खनन की शिकायत दर्ज कराई थी। मुख्यमंत्री की जनहितकारी शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की सक्रियता और खनिज विभाग की तत्परता से शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे आमजन का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन अथवा भंडारण जैसी किसी भी गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी, सतत निरीक्षण तथा शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण हो सके और शासन को राजस्व की क्षति न पहुंचे।
खनिज विभाग के अनुसार जप्त किए गए सभी वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार अर्थदंड एवं समझौता राशि निर्धारित खनिज मद में जमा कराने के बाद ही संबंधित वाहनों को मुक्त किया जाएगा।
इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे तथा नगर सैनिक सतीश साहू सहित जिला खनिज उड़नदस्ता दल के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अवैध खनन के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए जनशिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।</description><guid>18495</guid><pubDate>27-Jun-2026 1:36:45 pm</pubDate></item><item><title>मध्य प्रदेश के सह प्रभारी संजय दत्त बने हरियाणा के प्रभारी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18494</link><description>भोपाल। कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों के प्रभारियों में बदलाव किया है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के सह प्रभारी संजय दत्त को हरियाणा का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है।
संजय दत्त लंबे समय से मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सह प्रभारी के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। संगठन को मजबूत करने और विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों के समन्वय में उनकी अहम भूमिका रही है। अब पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए हरियाणा की जिम्मेदारी सौंपी है।


कांग्रेस के इस फैसले को संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी द्वारा कई राज्यों के प्रभारियों में किए गए इस बदलाव को आने वाले चुनावों की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।


</description><guid>18494</guid><pubDate>27-Jun-2026 1:12:37 pm</pubDate></item><item><title>आयरन केजव्हील वाले ट्रैक्टरों पर सरकार सख्त, सड़क पर दौड़े तो होगी कार्रवाई, परिवहन विभाग ने जारी किए निर्देश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18493</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और परिवहन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सड़क सुरक्षा और मोटर वाहन नियमों के प्रभावी पालन के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में परिवहन विभाग ने रबर टायर के बिना दोहरे लोहे के पिंजरे (आयरन केजव्हील) वाले ट्रैक्टरों के सामान्य सड़कों पर संचालन पर सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
परिवहन विभाग ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे ट्रैक्टरों के सड़क पर संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
खेतों के लिए बने हैं आयरन केजव्हील
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्रैक्टरों में लगाए जाने वाले आयरन केजव्हील केवल कृषि कार्य और खेतों में उपयोग के लिए बनाए गए हैं। इन्हें रबर टायर के स्थान पर डामर, सीमेंट की सड़कों तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलाना मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है।
सड़कें हो रही हैं क्षतिग्रस्त, दुर्घटना का भी खतरा
लोक निर्माण विभाग के अनुसार ऐसे ट्रैक्टरों के सड़क पर चलने से डामर और सीमेंट की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। साथ ही दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने इस पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में चलेगा जनजागरूकता अभियान
जिला प्रशासन के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से किसानों और वाहन चालकों को मोटर वाहन नियमों तथा आयरन केजव्हील के सुरक्षित एवं निर्धारित उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
मीडिया के माध्यम से होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
परिवहन विभाग ने स्थानीय समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना तथा मोटर वाहन नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।</description><guid>18493</guid><pubDate>27-Jun-2026 12:49:29 pm</pubDate></item><item><title>छात्रावासों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, भृत्य और अधीक्षक निलंबित</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18492</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के संकल्प के अनुरूप सुकमा जिले में छात्रावासों एवं आश्रमों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 प्रारंभ होने से पहले कलेक्टर के नेतृत्व में छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें लापरवाही और अव्यवस्था पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां
25 जून को कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई छात्रावासों एवं आश्रमों में साफ-सफाई की कमी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति तथा संचालन में लापरवाही जैसी गंभीर कमियां पाई गईं। पूर्व में समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बावजूद सुधार नहीं होने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।
लापरवाह कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन तथा प्रभार से पृथक करने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दायरे में कन्या आश्रम दुब्बाटोटा की अधीक्षिका सुशीला कवासी, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास दुब्बाटोटा के अधीक्षक पुनेम हिरमा, पोस्ट-मैट्रिक कन्या छात्रावास की अधीक्षिका सविता यादव तथा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के भोजराज ठाकुर शामिल हैं। छात्रावासों का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक अधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंप दी है।
बच्चों के हितों से कोई समझौता नहीं
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि छात्रावासों और आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप सभी संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सुशासन और जवाबदेही की मजबूत पहल
जिला प्रशासन की यह कार्रवाई शासकीय छात्रावासों और आश्रमों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे व्यवस्थाओं में सुधार आएगा, अनुशासन मजबूत होगा और विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुशासन की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।</description><guid>18492</guid><pubDate>27-Jun-2026 12:06:12 pm</pubDate></item><item><title>हाईकोर्ट की 2026 स्टेटस रिपोर्ट : भूपेश बघेल, लखमा समेत 15 से अधिक सांसद-विधायकों के खिलाफ 20 से ज्यादा मामलों की सुनवाई जारी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18491</link><description>बिलासपुर। हाईकोर्ट ने 2026 की स्टेटस रिपोर्ट जारी की है। जारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 15 से अधिक सांसद, विधायक समेत अन्य नेताओं के खिलाफ 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमों में सुनवाई चल रही है। इस सूची में पूर्व सीएम भूपेश बघेल, देवेन्द्र यादव, विधायक कवासी लखमा, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव समेत कई पूर्व व वर्तमान विधायकों के मामलों की नियमित रूप से फास्ट ट्रैक कोर्ट में मॉनिटरिंग व सुनवाई जारी है।
सबसे ज्यादा हाईप्रोफाइल मामला राजधानी रायपुर की विशेष अदालतों में चल रही है। इन अदालतों में पूर्व सीएम भूपेश बघेल, कैलाश मुरारका और विजय भाटिया के खिलाफ आपराधिक मामला विचाराधीन है। इसके अलावा रायपुर के ही प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय में वर्तमान विधायक कवासी लखमा के खिलाफ एसीबी के विशेष मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला विचाराधीन है। वहीं हाईप्रोफाइल मामलों में बिलासपुर के सीजेएम कोर्ट में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत आगामी महीने में आरोप तय होने हैं।
धोखाधड़ी का मामला भी पेंडिंग
इसके अलावा राजनांदगांव के विशेष न्यायालय में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और मोहम्म्द खालिद के खिलाफ जमाकर्ताओं के हितों के संरक्षण अधिनियम के तहत छह अलग-अलग मामले चल रहे हैं। इनमें से तीन मामलों में आरोपी नेताओं को राहत भी मिल चुकी है। वहीं प्रदेश के जांजगीर चांपा जिले में आरोपी बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत आईपीसी की धारा 420 और मारपीट के मामलों में जिला न्यायालय में अभियोजन साक्ष्य की प्रक्रिया जारी है।</description><guid>18491</guid><pubDate>27-Jun-2026 11:03:40 am</pubDate></item><item><title>32 हजार से ज्यादा स्कूलों के लिए 84.29 करोड़ का अनुदान स्वीकृत, समग्र शिक्षा विभाग ने जारी किया निर्देश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18490</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा के स्तर को सुधारने और स्कूलों के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा द्वारा प्रदेश के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूलों के लिए अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
जारी आदेश के अनुशार, कुल 84 करोड़ 29 लाख 90 हजार की राशि को मंजूरी दी गई है। इस बड़ी राशि से प्रदेश के 32,295 स्कूलों के दैनिक संचालन, रखरखाव और व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
देखें आदेश-
</description><guid>18490</guid><pubDate>27-Jun-2026 10:58:09 am</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 7 जुलाई तक बढ़ी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18489</link><description>रायपुर। तकनीकी शिक्षा को सुशासन और नवाचार से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप 2026 के अंतर्गत एम.टेक. (डाटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 7 जुलाई 2026 कर दी गई है। पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 1 जुलाई निर्धारित थी।
यह कार्यक्रम नवा रायपुर स्थित IIIT-NR में संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹50,000 की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। साथ ही उनकी ट्यूशन फीस का संपूर्ण व्यय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप कार्यक्रम की विशेषता यह है कि विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में वास्तविक परियोजनाओं (Projects) पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डाटा साइंस के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा तथा शासन की डिजिटल सेवाओं और नवाचार आधारित पहलों में योगदान देने का अवसर भी मिलेगा।
इच्छुक अभ्यर्थी, जिनका मूल निवास छत्तीसगढ़ का हो, 7 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए IIIT-NR की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण का अवलोकन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-2474048 एवं 0771-2474182 पर संपर्क किया जा सकता है।</description><guid>18489</guid><pubDate>26-Jun-2026 9:41:43 pm</pubDate></item><item><title>नशा मुक्त भारत अभियान को मिला जनसहभागिता का संबल: जिला जेल में बंदियों ने ली नशामुक्त जीवन की शपथ</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18488</link><description>रायपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन तथा छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में नशामुक्त भारत सप्ताह और नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी विरोधी सप्ताह पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जिला जेल में हुआ विशेष आयोजन,नशामुक्ति की दिलाई गई शपथ
अभियान के समापन पर जिला जेल रायगढ़ में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम हुआ। यहां बंदियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में सभी बंदियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। नशीले पदार्थों के दुष्परिणाम, उनके सामाजिक- परिवारिक प्रभाव और स्वस्थ जीवनशैली के फायदे बताए गए। गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भी नशामुक्ति का प्रभावी संदेश दिया गया, जिसे सभी ने सराहा।
सामूहिक प्रयास से ही आएगी जागरूकता
उपसंचालक समाज कल्याण रायगढ ने कहा कि नशा व्यक्ति की क्षमता, परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। युवाओं को नशे से बचाने और समाज में जागरूकता लाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उपचार- पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना और जनसहभागिता से नशामुक्त भारत बनाना है। विभाग ने आमजन से अपील की कि वे खुद नशे से दूर रहें और परिवार-मित्रों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में जिला जेल अधीक्षक जी.एस.सोनी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधक सुमंत आचार्य, रंजना यादव, डे-केयर सेंटर सियान गुड़ी के संगीत प्रशिक्षक कुबेर चरण चौहान सहित जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में बंदियों ने हिस्सा लिया।</description><guid>18488</guid><pubDate>26-Jun-2026 8:25:33 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्देश : बहुमंजिला भवनों में फायर और लिफ्ट सुरक्षा नियमों का सख्ती से होगा पालन</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18487</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) और लिफ्ट सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को एडवाइजरी भेजी है।
जारी निर्देशों के अनुसार, बहुमंजिला आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) भवनों में रहने वाले लोगों और आगंतुकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फायर सेफ्टी और लिफ्ट संचालन से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह परामर्श राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के प्रासंगिक मानकों तथा छत्तीसगढ़ अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2018 सहित अन्य लागू नियमों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करना है।

सभी संबंधित संस्थाओं को दिए गए निर्देश
राज्य सरकार ने नगर निगम के सभी आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी बहुमंजिला भवनों में इन दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही भवन प्रबंध समितियों, हाउसिंग सोसायटियों, कॉलोनाइजरों, संबंधित एजेंसियों और रखरखाव (मेंटेनेंस) करने वाली संस्थाओं को भी इन नियमों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

जागरूकता अभियान और मॉक ड्रिल पर जोर
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि फायर सेफ्टी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित जागरूकता अभियान चलाया जाए। आवश्यकता के अनुसार मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाए। वहीं लिफ्ट सुरक्षा को लेकर भी समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
</description><guid>18487</guid><pubDate>26-Jun-2026 7:58:13 pm</pubDate></item><item><title>आंध्र प्रदेश में भारत की पहली प्राइवेट गोल्ड माइन शुरू, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने किया उद्घाटन</title><link>https://ramraj.co/national.php?articleid=18486</link><description>कुरनूल। आंध्र प्रदेश ने पहली बार व्यावसायिक स्तर पर सोने के उत्पादन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कुरनूल जिले के जोन्नागिरि में 405 करोड़ रुपये की लागत से विकसित गोल्ड माइनिंग एवं प्रोसेसिंग परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर परियोजना के विस्तार का भी शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि यह परियोजना 2047 तक स्वर्ण आंध्र के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
पहले चरण में 600 एकड़ में खनन, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने परियोजना के लिए कुल 1,500 एकड़ भूमि आवंटित की है, जिसमें पहले चरण में 600 एकड़ क्षेत्र में खनन शुरू हो चुका है। नायडू ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की स्वर्ण खनन परियोजना है, जिससे रायलसीमा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पहले वर्ष 400 किलो, आगे 900 किलो सालाना उत्पादन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के अनुसार, परियोजना से पहले वर्ष करीब 400 किलोग्राम सोने का उत्पादन होने की उम्मीद है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 900 किलोग्राम प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे सोने के आयात पर निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। राज्य सरकार को उत्पादन मूल्य का 4 प्रतिशत रॉयल्टी मिलेगी, जिससे पहले वर्ष लगभग 57 करोड़ रुपये और पूर्ण क्षमता पर करीब 144 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व मिलने का अनुमान है।
सुवर्णगिरि नाम और ज्वेलरी पार्क का प्रस्ताव
नायडू ने जोन्नागिरि का नाम बदलकर सुवर्णगिरि करने का प्रस्ताव रखा और इसे मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने परियोजना के पास ज्वेलरी पार्क स्थापित करने की भी बात कही, ताकि स्थानीय स्तर पर ही सोने की शुद्धिकरण और आभूषण निर्माण को बढ़ावा मिल सके।
पिछली सरकार पर निशाना, नए औद्योगिक निवेश का दावा
मुख्यमंत्री ने पिछली वाईएसआर कांग्रेस सरकार पर उद्योगों के पलायन का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल रही है। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई को कडप्पा में प्रस्तावित रायलसीमा स्टील प्लांट की आधारशिला रखी जाएगी और 2028 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है।</description><guid>18486</guid><pubDate>26-Jun-2026 7:41:23 pm</pubDate></item><item><title>अब लोकतंत्र सेनानियों को तीर्थयात्रा कराएगी सरकार: सीएम डॉ. मोहन बोले- उनकी वजह से ही भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18485</link><description>भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 जून को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मी नारायण पाटीदार और 95 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी शांति लाल संघवी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि अब लोकतंत्र सेनानियों के तीर्थाटन के लिए सरकार स्पेशल ट्रेन चलाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने हमेशा देश की लड़ाई को रोकने का प्रयास किया। हमारे देश के आजाद होने के बाद कई राष्ट्र आजाद हुए। जापान तो द्वितीय विश्वयुद्ध में करीब-करीब खत्म हो गया था, लेकिन वो देश आज कहां हैं और हमारा देश कहां है। इंदिरा गांधी की आज चौथी पीढ़ी मैदान में हैं, लेकिन विचारधारा और नीति में कांग्रेस न तब सुधरी थी, न अब सुधरी है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान चुनौती भरा माहौल था। घर के मुखिया को उठाकर सीधे जेल में बंद कर देते थे। उसके बाद न वकील, न अपील, न दलील। किसी को कुछ पता नहीं होता था कि क्या होगा। बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे, कौन घर देखेगा, कौन फीस भरेगा। मीसाबंदियों से कहा जाता था कि कांग्रेस में शामिल हो जाओ, इंदिरा की जय-जयकार करो तो छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लड़ाई स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के समान है। आपकी लड़ाई की वजह से आज लोकतंत्र सुरक्षित है। जिसके कारण गरीब परिवार से निकला हुआ व्यक्ति आज देश का प्रधानमंत्री है। मुझे आज इस बात पर गर्व है कि आज हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है।
कांग्रेस ने किया संविधान का दुरुपयोग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा आज हमारा देश प्रगति कर रहा है। जबकि, हमारे साथ ही आजाद हुए पाकिस्तान में लोकतंत्र बेहाल है। आज के समय में लोकंतत्र की मशाल को जलाए रखना, हमारे लिए जरूरी है। कांग्रेसी हाथ में संविधान की किताब लेकर बात करते हैं, लेकिन संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किसी न किया है, तो वो कांग्रेस ही है। उनकी पांच पीढ़ियों ने दुरुपयोग किया है। वो किस मुंह संविधान की बात करते हैं। कांग्रेस ने केवल एक परिवार को आगे बढ़ाया, बाकी लोगों को दबा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शासन करने का बहुत लंबा समय मिला, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10-12 साल का समय मिला। इतने सालों में कितने प्रकार के काम हुए। यह वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष है। उन्होंने कहा कि हम सबको इस बात पर गर्व है कि हम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जैसे विशाल परिवार का हिस्सा हैं। यह परिवार तब-तब कसौटी पर खरा उतरा है, जब-जब देश को जरूरत पड़ी है।
आपातकाल को किया याद
कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में आज 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान जेल में रहे मीसाबंदियों का सम्मान हो रहा है। प्रदेश में बीते 10 साल से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा चली आ रही है। डॉ. मोहन यादव के पिता स्वयं मीसाबंदी रहे। उन्होंने मीसाबंदियों की पीड़ा को करीब से देखा है। यह हमारा सौभाग्य है कि आज एक मीसाबंदी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि आज आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। लोकतंत्र सेनानी जब मिलते हैं तो एक ऊर्जा प्रवाहित होती है। एक शख्सियत ने अपनी जिद के लिए लोकतंत्र को खत्म कर उनके फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले नागरिकों को जेलों में डाला। लोकनायक जयप्रकाश अग्रवाल देश में लोकतंत्र की मिसाल हैं। कांग्रेस सरकारों ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोहों पर पाबंदियां लगाईं। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी कोई आस्था नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कुशल नेतृत्व में भारत परमाणु शक्ति संपन्न बना। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्यप्रदेश में आज लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने मीसाबंदियों के त्याग को समझा और दिल से उनका सम्मान समारोह आयोजित कराने की शुरुआत की है। अब बंगाल के लोकतंत्र सेनानी और स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रमाण पत्र जारी कर कई प्रकार की सुविधाएं दी हैं। देशभर के लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा मिले और उन्हें मिलने वाली 30 हजार की राशि को आयकर मुक्त कर दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कीं ये घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के तीर्थाटन के लिए एक स्पेशल ट्रेन की शुरुआत करने की घोषणा की। लोकतंत्र सेनानी प्रदेशभर के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन नि:शुल्क ठहर सकेंगे। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर उनके गांव, कस्बों में शिलालेख स्थापित करने के साथ ही स्थानीय पार्क, मार्ग और खेल मैदानों के नाम लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर रखे जाएंगे। लोकतंत्र सेनानियों के नि:शुल्क इलाज और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। जो लोकतंत्र सेनानी ताम्रपत्र प्राप्त करने से वंचित हैं, बहुत जल्द उन्हें भी ताम्रपत्र दिए जाएंगे। लोकतंत्र सेनानियों को पूरा सम्मान मिले, यह सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के कल्याण के लिए उनके सुझावों को भी लागू किया जाएगा।</description><guid>18485</guid><pubDate>26-Jun-2026 7:25:46 pm</pubDate></item><item><title>सीएम साय की सोच को साकार कर रहा टेक्सटाइल पार्क, स्थानीय रोजगार को मिलेगी नई उड़ान</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18484</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत आधार बनेगा। राज्य सरकार टेक्सटाइल पार्क में निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
सीएम साय की गंभीर कोशिशों से नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट लगने जा रही है। 235 करोड़ रुपए के निवेश से लगने वाली इस यूनिट से 4600 से अधिक लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने 25 जून को टेक्सटाइल पार्क की पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां अपनी मेन्युफेक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी।
छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र बनाएंगे
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत माध्यम बनेगा। हमारी सरकार यहां निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। हम छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।
81 एकड़ क्षेत्र में बन रहा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के टेक्सटाइल व गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर तैयार करने के विजन को साकार करने नवा रायपुर में 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र तथा सहायक उद्योगों के लिए सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही है। इस टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूमि आबंटित की जा चुकी है। इन तीनों इकाईयों द्वारा लगभग 445 करोड़ रुपए के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
टेक्सटाइल पार्क के लिए कई सुविधाएं हो रही विकसित
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा नवा रायपुर में सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।
1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में विशेष प्राथमिकता दी है। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने महिला कर्मचारियों हेतु 6 हजार रुपए तथा पुरुष कर्मचारियों हेतु 5 हजार रुपए प्रतिमाह की रोजगार सहायता पांच वर्षों तक देने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपु से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।</description><guid>18484</guid><pubDate>26-Jun-2026 7:08:13 pm</pubDate></item><item><title>बस्तर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री केदार कश्यप</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18483</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज मर्दापाल क्षेत्र के ग्राम मड़ागांव में लगभग 8 करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये की लागत से विभिन्न सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।
कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की हुई शुरुआत
भूमिपूजन के अंतर्गत खोड़सानार से नवागांव तक 2.30 किलोमीटर डामरीकरण सड़क निर्माण, बांसगांव-जोगियालवाड़ मार्ग पर फोटकी नाला में मध्यम पुल का निर्माण, मर्दापाल-बयानार मार्ग पर नवागांव से एहरा तक पुलिया एवं एप्रोच निर्माण, आदनार क्षेत्र में तीन पुलियों का निर्माण तथा तोड़म मेन रोड से मुंडापारा तक 2.65 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं।
 
इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से बारिश के मौसम में आने-जाने की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा और गांवों की सड़क संपर्क व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।
अंतिम छोर तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य विकास को गांव-गांव तक पहुंचाना है। दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, पुल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है ताकि प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि अच्छी सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलती है, विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन का लाभ मिलता है।
बस्तर के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई तथा जनकल्याण से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद मर्दापाल क्षेत्र की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी और हजारों ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष अनीता कोर्राम, उपाध्यक्ष टोमेंद्र ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य यशोदा कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।</description><guid>18483</guid><pubDate>26-Jun-2026 6:52:35 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो का किया विमोचन</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18482</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवीन लोगो का विमोचन किया। इस अवसर पर वर्ष 2025 के आवास मेले में आवास बुक करने वाले हितग्राहियों को लकी ड्रा के माध्यम से कार, स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित विभिन्न पुरस्कार वितरित किए गए। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का नया लोगो तैयार करने वाले अंशुल कश्यप को शुभकामनाएं दी और प्रतियोगिता की पुरस्कार राशि ढाई लाख रुपए का चेक सौंपा। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार का अपना पक्का घर होने का सपना होता है और राज्य सरकार इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल गृह निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आर्थिक चुनौतियों से उबरते हुए मंडल ने लगभग 7,388 संपत्तियों का विक्रय कर 1,532 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंडल के अध्यक्ष तथा पूरी टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों और वायदों को तेजी से पूरा किया है। सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद साढ़े दस लाख से अधिक परिवार के आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 नए आवास तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराए गए हैं तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी विशेष आवास योजना संचालित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन हमारे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'सेवा सेतु' के माध्यम से 450 से अधिक शासकीय सेवाएं अब मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी प्रारंभ की गई है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 65 हजार घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के माध्यम से सरकार घर में सोलर संयंत्र लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी भी दे रही है और इन परिवारों लिए आने वाले समय में बिजली पूरी तरह मुफ्त हो जाएगी और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच पाएंगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से लंबित बिजली बिल के भुगतान का भी बड़ा अवसर दिया है और बिल पर लगने वाले सरचार्ज समेत आकर्षक छूट का प्रावधान किया है। श्री साय ने कहा कि सरकार न केवल जनहितैषी योजनाएं लागू कर रही है बल्कि सुशासन तिहार के माध्यम से उसका फीडबैक लेने लोगों के बीच भी गई। दो महीने लगातार जनता से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार का काम किया गया है। उन्होंने इस दौरान शासन की विभिन्न नवाचारी पहल की जानकारी देते हुए सुशासन और पारदर्शी सरकार के संकल्प को दोहराया।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग में व्यापक प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। गृह निर्माण मंडल को अधोसंरचना विकास मंडल के रूप में नई पहचान देकर प्रदेश के पूंजीगत व्यय और विकास कार्यों में इसकी भूमिका का विस्तार किया गया है। मंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय करने वाले विभागों को वित्तीय और मानव संसाधन के माध्यम से सक्षम बनाने का काम किया है ताकि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि अब किसी भी नई आवासीय परियोजना का निर्माण तभी प्रारंभ होगा जब पर्याप्त बुकिंग सुनिश्चित हो जाएगी, जिससे अनावश्यक निर्माण और वित्तीय जोखिम से बचा जा सके। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू कर वर्षों से लंबित संपत्तियों के विक्रय को गति दी तथा वित्तीय अनुशासन स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप मंडल की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब यह अधोसंरचना विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है।
मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मंडल ने नई कार्य संस्कृति अपनाई है। गृह निर्माण मंडल का विस्तार कर अधोसंरचना विकास मंडल बनाया जाना प्रदेश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने रिकॉर्ड संपत्तियों का विक्रय कर नई उपलब्धियां हासिल की हैं और भविष्य में मांग आधारित, गुणवत्तापूर्ण तथा वित्तीय रूप से व्यवहारिक परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम में लकी ड्रा के नौ विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। सारंगढ़ की पूजा बरेठ को प्रथम पुरस्कार के रूप में कार प्रदान की गई। इसके अलावा स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित अन्य आकर्षक पुरस्कार भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, आयुक्त अवनीश शरण, तथा विभाग एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और हितग्राही उपस्थित थे।</description><guid>18482</guid><pubDate>26-Jun-2026 6:43:03 pm</pubDate></item><item><title>सिंचाई क्रांति की राह पर मध्य प्रदेश: CM डॉ मोहन बोले  अगले 6 महीने में 6 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18481</link><description>भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष 13 जिलों में जिन सिंचाई परियोजनाओं के कार्य पूर्ण हो गए हैं, उनके लोकार्पण की तैयारी कर ली गई है। आगामी 6 माह में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि करने वाली इन परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में गुरूवार को मंत्रालय में हुई जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि कृषक कल्याण वर्ष में अनेक सिंचाई परियोजनाओं के लोकार्पण होंगे। इनमें बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खण्डवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मण्डला जिलों की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी 3 परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
केन-मंदाकिनी लिंक अंतर प्रांतीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी लिंक अन्तर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस परियोजना से 93 हजार 310 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा और 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबाई की टनल भी बनाई जाएगी। परियोजना की लागत 8400 करोड़ रुपए से अधिक होगी।
सिंहस्थ से जुड़ी परियोजनाओं के कार्यों में प्रगति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ आयोजन के उद्देश्य से पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इनमें सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82% कार्य पूर्ण हो गया है। बैठक में बताया गया कि कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66% प्रगति है। शिप्रा तट पर सिंहस्थ में करोड़ों लोगों द्वारा सुविधाजनक ढंग से पुण्य स्नान का लाभ लेने के दृष्टि से 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कार्य में भी 60% प्रगति है।
सिंचाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
प्रदेश में सिंचित रकबा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में निर्मित और निर्माणाधीन परियोजनाओं से निकट भविष्य में मिलने वाले लाभ को जोड़ें तो प्रदेश में सिंचित क्षेत्र 95. 45 लाख हैक्टेयर हो जाएगा। इसके अलावा अन्य स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं को समाहित करें तो यह आंकड़ा 108 लाख हैक्टेयर होगा। कार्यों को तेजी से पूरा किए जाने के फलस्वरूप सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। गत ढाई वर्ष में लगभग 10 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि हुई है।
केन-बेतवा अंतर्राज्यीय परियोजनाओं में पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में बुंदेलखण्ड क्षेत्र के दस जिलों में 8.11 लाख हैक्टेयर वार्षिक सिंचाई के साथ 130 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन भी होगा। परियोजना में भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज के तहत अवार्ड पारित कर 90 प्रतिशत भुगतान किया चुका है। बीना कॉम्प्लेक्स बहुउद्देश्य परियोजना में चकरपुर एवं मड़िया बांध का काम पूरा हो गया है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों के 6.16 लाख हैक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
कारम परियोजना और छिंदवाड़ा की चतुर्थ बांध परियोजना
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2022 में क्षतिग्रस्त हुए कारम बांध के वर्ष 2024 से प्रारंभ हुए पुनर्निर्माण के कार्य लगभग पूर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चतुर्थ बांध परियोजना (छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स) के कार्यों और अन्य परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की।
स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा की अमृत धारा को सोन नदी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन के लिए आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत जबलपुर स्थित बरगी बांध से निकलने वाली यह ट्रांस-वैली केनाल प्रदेश की सबसे ज्यादा 227 क्यूमेक डिस्चार्ज केअरिंग कैपेसिटी वाली नहर के माध्यम से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना के लगभग डेढ़ हजार गांव की करीब ढाई लाख हैक्टेयर भूमि को सिंचाई का वरदान प्राप्त होगा। दायीं तट मुख्य नहर के किलोमीटर 104 से 116 के मध्य निर्मित इस टनल का कार्य लगभग डेढ़ दशक से चल रहा था, जो लगभग पूर्ण हो चुका है। टनल की कुल लम्बाई 11.952 किलोमीटर और जल प्रवाह क्षमता 152 क्यूमेक है। टनल का डायमीटर 10.140 मीटर है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने में इस टनल की विशेष उपयोगिता होगी।</description><guid>18481</guid><pubDate>26-Jun-2026 4:53:08 pm</pubDate></item><item><title>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने वाले ही भविष्य का नेतृत्व करेंगे : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18480</link><description>रायपुर। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (एमएआईसी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन Artificial Intelligence  Digital Transformation: Opportunities, Challenges and Future Impact में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर युवाओं का आह्वान किया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों से भयभीत होने के बजाय उन्हें अपने भविष्य के निर्माण का सबसे बड़ा अवसर मानें।
अपने संबोधन में मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया तेजी से ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत का स्वर्णिम इतिहास भी ज्ञान, शिक्षा और नवाचार की नींव पर खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत लगभग 1600 वर्षों तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इसलिए रहा क्योंकि यहां शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च स्थान दिया गया।
 
मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं से कहा कि आज दुनिया के सबसे सफल उद्योगपति और उद्यमी वे हैं जिन्होंने नए विचारों और नवाचार के बल पर अपनी पहचान बनाई है। एलन मस्क, एनवीडिया और एप्पल जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज तकनीक की शक्ति इतनी बड़ी हो चुकी है कि कई टेक्नोलॉजी कंपनियों का मूल्यांकन अनेक देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। इसलिए युवाओं को समय रहते तकनीकी परिवर्तन को समझकर स्वयं को उसके अनुरूप तैयार करना होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि जो एआई को अपनाएगा वही भविष्य का नेतृत्व करेगा। जो इससे दूर भागेगा, वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा। उन्होंने कहा कि हर तकनीकी परिवर्तन चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन वही परिवर्तन नए अवसर भी पैदा करता है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इन अवसरों का लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि एआई कई कार्यों को सरल बना सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय स्पर्श का विकल्प कभी नहीं बन सकता। इसलिए युवाओं को ऐसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहिए जहां मानवीय मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, नर्सिंग और अन्य सेवा क्षेत्र।
मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ें तथा विश्वस्तरीय स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां स्थापित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और पूरी दुनिया में भारतीय तकनीकी नेतृत्व का लोहा माना जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047 पर कार्य कर रही है। इस दिशा में नवा रायपुर को उभरते तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डाटा सेंटर तथा ट्रिपल आईटी में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है।
कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज प्रबंधन, आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।</description><guid>18480</guid><pubDate>26-Jun-2026 4:34:31 pm</pubDate></item><item><title>स्त्री 2 के बाद श्रद्धा कपूर का बड़ा धमाका, फिल्म ईठा में बनेंगी महाराष्ट्र की मशहूर लोक कलाकार विथाबाई</title><link>https://ramraj.co/entertainment.php?articleid=18479</link><description>Shraddha Kapoor Eetha Movie ब्लॉकबस्टर फिल्म स्त्री 2 की ऐतिहासिक सफलता के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर पर्दे पर एक बेहद शक्तिशाली और चुनौतीपूर्ण किरदार के साथ वापसी कर रही हैं। श्रद्धा कपूर अपनी अगली फिल्म ईठा (Eetha) में महाराष्ट्र की दिग्गज लोक कलाकार और तमाशा सम्राट विथाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर की भूमिका निभाएंगी। फिल्म के शुरुआती टीज़र ने रिलीज होते ही दर्शकों और सिनेमा प्रेमियों के बीच भारी उत्सुकता पैदा कर दी है।
टीज़र में दिखा विथाबाई की जिंदगी का सबसे भावुक और कड़ा दौर
फिल्म ईठा के सामने आए टीज़र में श्रद्धा कपूर एक पारंपरिक लावणी डांसर (लोक नर्तकी) के पूरे गेटअप में दिखाई दे रही हैं। टीज़र में विथाबाई की जिंदगी के उस सबसे चर्चित और ऐतिहासिक वाकये को दिखाया गया है, जिसने मराठी लोक-संस्कृति में उन्हें अमर बना दिया। पर्दे के पीछे एक बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद, विथाबाई बिना रुके सीधे मंच पर परफॉर्म करने आ जाती हैं। पारंपरिक कपड़ों और गहनों में सजी विथाबाई प्रेगनेंट होने के बावजूद स्टेज पर जाने की तैयारी करती दिखती हैं, जो कला के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाता है।
कौन थीं विथाबाई नारायणगांवकर? जानिए उनके संघर्ष की कहानी
विथाबाई नारायणगांवकर का जन्म 1 जुलाई 1935 को महाराष्ट्र के पंढरपुर में एक लोक कलाकार परिवार में हुआ था। उन्होंने बहुत ही कम उम्र से मंच पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था और वे धीरे-धीरे तमाशा व लावणी की दुनिया का एक बड़ा नाम बन गईं। उनके दादा नारायण खुडे ने एक पारंपरिक घूमती-फिरती लोक मंडली शुरू की थी, जिसे बाद में उनके पिता और चाचा ने भाऊ-बापू मांग नाम से आगे बढ़ाया। विथाबाई ने पुरुष प्रधान समाज और कठिन परिस्थितियों के बीच तमाशा कला को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और मराठी लोक-संस्कृति पर अपनी कभी न मिटने वाली छाप छोड़ी।
मराठी लोक संस्कृति और सिनेमा प्रेमियों पर असर
इस फिल्म के जरिए महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक कला तमाशा और लावणी को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी पहचान मिलने की उम्मीद है। श्रद्धा कपूर के इस गेटअप और दमदार कहानी को देखकर फैंस उम्मीद जता रहे हैं कि यह फिल्म उनके करियर का एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है। नारायणगांव, जो कि तमाशा कलाकारों का एक मुख्य केंद्र माना जाता है, वहां के स्थानीय कलाकारों और विथाबाई के प्रशंसकों में भी इस बायोपिक को लेकर काफी उत्साह है।</description><guid>18479</guid><pubDate>26-Jun-2026 3:07:26 pm</pubDate></item><item><title>भारत में 3 जुलाई को लॉन्च होगा सैमसंग का नया 5G फोन, जानें कीमत और फीचर्स</title><link>https://ramraj.co/technology.php?articleid=18478</link><description>Samsung Galaxy A27 5G सैमसंग ने अपनी लोकप्रिय ए-सीरीज का नया स्मार्टफोन Samsung Galaxy A27 5G ग्लोबल मार्केट के साथ-साथ भारत में भी पेश कर दिया है। कंपनी ने इस मिड-रेंज स्मार्टफोन को चार आकर्षक कलर ऑप्शन्स और छह साल के लंबे एंड्रॉयड ओएस अपडेट के वादे के साथ उतारा है। भारतीय बाजार में यह स्मार्टफोन 3 जुलाई से बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। यह नया मॉडल पिछले साल आए सैमसंग गैलेक्सी ए26 5G की जगह लेगा।
Samsung Galaxy A27 5G के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स
सैमसंग का यह नया स्मार्टफोन दमदार परफॉर्मेंस और बेहतरीन डिस्प्ले के साथ आता है। इसमें 6.7-इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। स्मूथ स्क्रॉलिंग और गेमिंग के लिए यह स्क्रीन काफी बेहतर अनुभव देती है। फोन के अंदर रफ्तार देने के लिए Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर लगाया गया है, जिसे 8GB तक की RAM के साथ पेयर किया गया है।
पावर बैकअप की बात करें तो इस डिवाइस में 5,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। इसे तेजी से चार्ज करने के लिए फोन में 25W की फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। कंपनी ने इस फोन के साथ सॉफ्टवेयर सपोर्ट को बेहद मजबूत किया है, जिसके तहत यूजर्स को 6 साल तक Android OS अपडेट और सिक्योरिटी पैच मिलते रहेंगे।
भारत में कीमत और उपलब्धता की पूरी डिटेल
अमेरिकी बाजार में Samsung Galaxy A27 5G की शुरुआती कीमत $349.99 (लगभग 30,000 रुपये) तय की गई है, जहां यह 14 जुलाई से ब्लैक कलर वेरिएंट में उपलब्ध होगा।
हालांकि, सैमसंग ने अभी भारत में इस फोन की सटीक कीमत का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन इसके लॉन्च की तारीख साफ कर दी है। भारतीय ग्राहक इस फोन को 3 जुलाई से खरीद सकेंगे। देश में यह स्मार्टफोन चार अलग-अलग रंगों ब्लैक, ब्लू, लाइट ग्रीन और लाइट पिंक में उपलब्ध कराया जाएगा।
आधिकारिक बयान

सैमसंग गैलेक्सी ए27 5G के साथ हम मिड-रेंज सेगमेंट में प्रीमियम फीचर्स ला रहे हैं। ग्राहकों को लंबे समय तक नया अनुभव देने के लिए हम इस डिवाइस पर छह साल का ओएस सपोर्ट दे रहे हैं, जो इस कैटेगरी में एक बड़ा कदम है।
 सैमसंग इंडिया रिप्रेजेंटेटिव

आम उपभोक्ताओं पर इसका असर और बाजार का रुख
भारतीय स्मार्टफोन बाजार के मिड-रेंज सेगमेंट (25,000 से 35,000 रुपये) में इस फोन के आने से मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है। जो उपभोक्ता लंबे समय तक एक ही फोन इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके लिए 6 साल का सॉफ्टवेयर अपडेट मिलना एक बड़ा फायदा साबित होगा। 3 जुलाई को कीमत साफ होने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फोन सीधे तौर पर किस ब्रांड को टक्कर देता है। स्थानीय रिटेलर्स और ऑनलाइन स्टोर्स ने इस आगामी सेल के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
</description><guid>18478</guid><pubDate>26-Jun-2026 2:44:22 pm</pubDate></item><item><title>डोंगरगढ़ परिक्रमा पथ मामला : हाईकोर्ट ने कलेक्टर को शिकायत पर सुनवाई के दिए निर्देश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18477</link><description>बिलासपुर। हाईकोर्ट में डोंगरगढ़ के बहुचर्चित परिक्रमा पथ निर्माण मामले में सुनवाई हुई. कोर्ट ने कलेक्टर राजनांदगांव को पीड़ित याचिकाकर्ता के शिकायत पत्र पर सुनवाई का अवसर देते हुए परीक्षण कर निराकरण किए जाने का निर्देश जारी किया है. बता दें, कि याचिकाकर्ता की कृषि भूमि को अवैध रूप से अधिग्रहित करने के प्रस्ताव एवं प्रस्तुत शिकायत पत्र पर विभाग के द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा है.
दरअसल, राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के अंतर्गत बुधवारी पारा वार्ड नंबर 19 निवासी फहीम अख्तर ने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के जरिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि, उसकी कृषि भूमि ग्राम छीरपानी पटवारी हल्का नंबर 29 खसरा नंबर 196/2 में स्थित है. कुछ दिन पूर्व जानकारी मिली कि, उसके उक्त खसरा नंबर की भूमि को प्रस्तावित डोंगरगढ़ परिक्रमा पथ निर्माण के लिए अधिग्रहित किए जाने कार्रवाई जारी है. जबकि याचिकाकर्ता ने इस संबंध में कोई लिखित या मौखिक सहमति नहीं दी थी. वर्तमान में याचिकाकर्ता की उक्त भूमि पर सड़क निर्माण की कार्रवाई किए जाने की तैयारी की जा रही है और याचिकाकर्ता को ज्ञापन जारी कर उसके उक्त कृषि भूमि को मनमाने अत्यधिक कम कीमत पर खरीदने के संबंध में शासन के द्वारा प्रस्ताव भी जारी कर दिया गया है. याचिकाकर्ता अपनी उक्त कृषि भूमि को बेचना नहीं चाहता और ना ही उसके बदले में किसी प्रकार का मुआवजा चाहता है.
याचिकाकर्ता ने आपत्ति करते हुए कलेक्टर जिला राजनांदगांव के समक्ष एक शिकायत पत्र भी दिया था, कि उक्त प्रस्तावित परिक्रमा पथ के लिए किसी भी प्रकार से निजी भूमि अधिग्रहित करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है क्योंकि प्रस्तावित परिक्रमा पथ के आसपास ही पर्याप्त शासकीय एवं राजस्व भूमि उपलब्ध है, जिसके माध्यम से सड़क का निर्माण किया जा सकता है. स्वीकृत नक्शे के विरूद्ध निजी भूमि का चयन किया जाना अनुचित है. यदि सड़क निर्माण उपलब्ध राजस्व भूमि से किया जाता है तो शासन को भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान में होने वाले अतिरिक्त व्यय से बचाया जा सकता है, साथ ही परिक्रमा पथ के लिए पूर्व से ही मार्ग बना हुआ है. नए मार्ग की कोई जरूरत भी नहीं है.</description><guid>18477</guid><pubDate>26-Jun-2026 2:22:06 pm</pubDate></item><item><title>बांग्लादेशी नागरिकों के लिए दो साल बाद फिर टूरिस्ट वीजा शुरू करेगा भारत, उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने की घोषणा</title><link>https://ramraj.co/national.php?articleid=18476</link><description>नई दिल्ली। भारत ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए 28 जून 2026 से टूरिस्ट वीजा सेवा दोबारा शुरू करने की घोषणा की है. यह लगभग दो साल बाद बहाल किया जा रहा है. फिलहाल यह ढाका, राजशाही और चिटगांव समेत 5 प्रमुख केंद्रों से मिलेगी. बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बुधवार को कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि हम पर्यटन वीजा के लिए सामान्य आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू कर रहे हैं.
उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बताया कि 28 जून 2026 से बांग्लादेश के नागरिक सामान्य रूप से पर्यटन वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे.
बांग्लादेश में भारत के नए हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने गुरुवार को ढाका में अपना पदभार संभालने के साथ ही घोषणा करते हुए बताया कि अभी पर्यटक वीजा के आवेदन ढाका, राजशाही, चिटगांव, सिलहट और खुलना स्थित केंद्रों से स्वीकार किए जाएंगे साथ ही कहा कि आवेदन 28 जून से फिर से शुरू कर दिए जाएंगे.
भारतीय जनता पार्टी के 76 वर्षीय नेता दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपने क्रेडेंशियल सौंपे और औपचारिक रूप से अपना राजनयिक काम शुरू किया. दिनेश त्रिवेदी को 27 अप्रैल को बांग्लादेश में दूत नियुक्त किया गया था.
बंगभवन राष्ट्रपति महल के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रेसिडेंट गार्ड रेजिमेंट की एक टुकड़ी ने दिनेश त्रिवेदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जिसके बाद तुरंत बाद नए हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी भारतीय वीजा केंद्र में पहली बार सार्वजनिक रूप से ट्रैवल वीजा को फिर से शुरू करने की घोषणा की.
आपको बताते चले कि दो साल पहले अगस्त 2024 में सुरक्षा चिंताओं और वहां भारतीय प्रतिष्ठानों पर हमलों के बाद भारत ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटन वीजा जारी करना बंद कर दिया था. इस फैसले का असर भारत के पर्यटन क्षेत्र पर पड़ा है क्योंकि भारत में विदेशी पर्यटकों की सबसे ज्यादा संख्या बांग्लादेशियों की होती रही है.
वहीं, उच्चायुक्त त्रिवेदी ने कहा कि भारत पहले की तरह मेडिकल वीजा तथा मानवीय आधार पर जरूरी मामलों में वीजा सुविधा उपलब्ध कराता रहेगा.</description><guid>18476</guid><pubDate>26-Jun-2026 1:46:16 pm</pubDate></item><item><title>नारायणपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, जंगल से हथियारों का जखीरा और 24 लाख नकद बरामद</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18475</link><description>नारायणपुर। नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद अब उनके पीछे छोड़ गए सामग्रियों को ढूंढने में सुरक्षाबल जुटी हुई है. इस कड़ी में टेकला जंगल से हथियारों का बड़ा डंप और तोयामेटा से 24 लाख रुपये नगद बरामद किया गया है.
खुफिया सूचना पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ी सफलता मिली है. टेकला जंगल से सुरक्षा बलों ने इंसास, एसएलआर, .303 रायफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद किया है, वहीं छोटेडोंगर के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 24 लाख रुपये नगद बरामद किया गया है.</description><guid>18475</guid><pubDate>26-Jun-2026 12:41:52 pm</pubDate></item><item><title>छात्रों के लिए जरूरी खबर : छत्तीसगढ़ के प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन से पहले जांच लें ये 5 महत्वपूर्ण बातें, नहीं तो हो सकता है नुकसान</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18474</link><description>​रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्राइवेट यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लेने की सोच रहे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। प्रवेश के नाम पर होने वाले किसी भी तरह के फर्जीवाड़े से बचने के लिए छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने छात्रहित में एक आवश्यक गाइडलाइन जारी की है।
छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सचिव अशोक अग्रवाल द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार छात्र किसी भी कोर्स या डिग्री में दाखिला लेने से पहले 5 मुख्य बिंदुओं की जांच अवश्य कर लें, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे और बाद में कोई परेशानी न हो। ​निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते समय छात्र इन बातों का विशेष ध्यान रखें।
अधिनियम के तहत अधिसूचना की जांच
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित विश्वविद्यालय राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम-2005 के अंतर्गत विधिवत अधिसूचित है या नहीं।
राजपत्र में प्रकाशन अनिवार्य
विश्वविद्यालय के परिनियम एवं अध्यादेश का छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में प्रकाशित होना अनिवार्य है। नियमानुसार राजपत्र में प्रकाशन के बाद ही कोई भी निजी विश्वविद्यालय छात्रों को प्रवेश देने के लिए पात्र होता है। बिना इसके प्रवेश देना अवैध माना जाएगा।
संबद्धता पर रोक
छत्तीसगढ़ के सभी निजी विश्वविद्यालय एकात्मक स्वरूप के हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि इन्हें अपने कैंपस से बाहर किसी अन्य कॉलेज या संस्थान को संबद्धता देने की अनुमति नहीं है। ये संस्थान केवल अपनी मुख्य इकाई या अपनी अध्ययन शाला के भीतर ही पाठ्यक्रम संचालित कर सकते हैं।
यूजीसी से कोर्स की मंजूरी
जिस भी पाठ्यक्रम या डिग्री में प्रवेश ले रहे हैं, वह यूजीसी द्वारा अनुमोदित होनी चाहिए। साथ ही, राजपत्र में प्रकाशित विश्वविद्यालय के अध्यादेश में भी उस पाठ्यक्रम का उल्लेख होना अनिवार्य है।
पीएचडी के लिए कड़े नियम
पीएचडी की उपाधि के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम, 2022 के नियम प्रभावी हैं। छात्र यह अच्छी तरह जांच लें कि संबंधित विषय में नियमों के अनुरूप योग्यता रखने वाले नियमित शोध निर्देशक विश्वविद्यालय में पदस्थ हों। बाहर के शोध निर्देशकों की सेवाएं लेकर शोध कार्य कराना यूजीसी के नियमों के पूरी तरह खिलाफ है।
विनियामक आयोग के सचिव की अपील
आयोग के सचिव द्वारा जनहित में जारी इस गाइडलाइन का एकमात्र उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना है। किसी भी संस्थान के बहकावे या भ्रामक विज्ञापनों में आने के बजाय, छात्र और अभिभावक स्वयं आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.purc.cgstate.gov.in पर जाएं या आयोग के कार्यालय से नियमों की पुष्टि करने के बाद ही पूरी तरह संतुष्ट होकर प्रवेश लें।</description><guid>18474</guid><pubDate>26-Jun-2026 11:45:52 am</pubDate></item><item><title>कोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, हाईकोर्ट ने JD को अवमानना नोटिस जारी कर मांगा जवाब</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18473</link><description>बिलासपुर। हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की अवहेलना करने के एक गंभीर मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने आरपी आदित्य, संयुक्त संचालक (JD) शिक्षा संभाग बिलासपुर को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता संजय साहू की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया।
मामला मुंगेली जिले में पदस्थ रहे सहायक कार्यक्रम समन्वयक (समग्र शिक्षा) संजय साहू के निलंबन और बहाली से जुड़ा है। याचिकाकर्ता संजय साहू को 18 सितंबर 2024 को निलंबित कर दिया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि विभागीय जांच शुरू किए बिना उन्हें लंबे समय तक निलंबित रखा गया और उनका पक्ष भी नहीं सुना गया। अपने निलंबन के खिलाफ संजय साहू ने हाईकोर्ट में याचिका (WPS No. 3235/2026) दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने 15 अप्रैल 2026 को आदेश पारित कर अधिकारी को निर्देशित किया था कि वे याचिकाकर्ता के 12 मार्च 2026 के आवेदन/अभ्यावेदन पर 45 दिनों के भीतर कानून सम्मत निर्णय लें।
हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने और समय-सीमा बीत जाने के बाद भी संयुक्त संचालक (JD) कार्यालय बिलासपुर ने याचिकाकर्ता की बहाली या अभ्यावेदन पर कोई अंतिम ठोस निर्णय नहीं लिया, जो सीधे तौर पर न्यायालय के आदेश की अवमानना है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी संयुक्त संचालक द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। तय समय-सीमा में आदेश का पालन न होने पर याचिकाकर्ता संजय साहू ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने आरपी आदित्य, संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया है।</description><guid>18473</guid><pubDate>26-Jun-2026 11:42:06 am</pubDate></item><item><title>सिरपुर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी तेज : एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार, पर्यटन विभाग के उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए कई अहम फैसले</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18472</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सचिव ने समन्वित रूप से कार्य करने के दिए निर्देश
बैठक में प्रथम बैठक के निर्णयों पर हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए पर्यटन सचिव ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा एकीकृत विकास की कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने, गाइडों के न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने तथा लक्ष्मण मंदिर, पर्यटन सूचना केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षित गाइडों को पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और पर्यटकों को नए अनुभव प्राप्त होंगे।
पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास सुव्यवस्थित पार्किंग, स्मृति चिन्ह बिक्री केंद्र, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र विकास करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए गए।
सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसके लिए ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत, सूर्यवर्मा-वासटा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर तथा लोरिक-चंदा जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्क्रिप्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। महोत्सव में सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों से अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार एवं रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया।
राज्य स्तरीय संग्रहालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके लिए ओडिशा के कोणार्क तथा तमिलनाडु के केलडी स्थित संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण जुलाई माह में कराया जाएगा तथा अगस्त-सितंबर तक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके अलावा विदेशों में पहुंचे सिरपुर के महत्वपूर्ण पुरावशेषों को भारत वापस लाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने तथा नए उत्खनन स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर उनका चयन करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला प्रशासन महासमुंद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन एक माह के भीतर सुनिश्चित करने, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने तथा सुरंग टीला क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिरपुर में पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट संगठन अथवा विशेष प्रयोजन वाहन गठित करने का प्रस्ताव तैयार करने पर भी बल दिया गया।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रस्तुत सिरपुर एकीकृत विकास योजना के प्रस्तुतीकरण पर पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए कि कोर एवं बफर क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण किया जाए, प्रस्तावित बौद्ध पार्क को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, सुरंग टीला के लाइट एंड साउंड शो की स्क्रिप्ट 15 दिनों के भीतर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाए तथा आगामी पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समय-सीमा में तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाए।
यह भी निर्णय लिया गया कि सिरपुर के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए अंतर्विभागीय समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। बैठक के अंत में पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने सभी विभागों से समन्वित एवं समयबद्ध प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सिरपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अनुरूप विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में विवेक आचार्य, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, धम्मशील गणवीर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार वनमंडल, मयंक पाण्डेय वनमंडलाधिकारी, वनमंडल महासमुंद, हेमंत रमेश नंदनवार, मुख्य कायर्पालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद, रविकुमार साहू अपर कलेक्टर जिला महासमुंद, डॉ. एम. कालिमूथू, अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, रायपुर सर्कल, छ.ग., पूनम शर्मा, उपमहाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, प्रमील कुमार वर्मा, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, पर्यटन विभाग, सी. एल. देवांगन, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, जल संसाधन विभाग, प्रभात सिंह, पुरातत्त्वविद, पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर एवं विजय परमार, पर्यटन अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड उपस्थित रहे।</description><guid>18472</guid><pubDate>26-Jun-2026 11:37:13 am</pubDate></item><item><title>मुहर्रम को लेकर रायपुर पुलिस की एडवाइजरी जारी, जानिए किन रास्तों पर होगी रोक</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18471</link><description>रायपुर। देशभर में आज हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम का पर्व मुहर्रम मनाया जाएगा. राजधानी रायपुर में भी पर्व को लेकर तैयारियां की गई है. प्रशासन और पुलिस की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. शहर में 26 जून को शहर में यातायात परिचालन में बदलाव किया गया है. पुलिस के एडवाइजरी के मुताबिक, रायपुर में लगभग दोपहर 2 बजे से कई इलाकों से ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे. विभिन्न मार्गों से होते हुए रात 10 बजे से चौबे कॉलोनी स्थित करबला तालाब में समापन होगा.
रायपुर के राजातालाब, मोमीन पारा, अमीन पारा, छोटापारा, बैजनाथपारा, नेहरू नगर, संजय नगर, टिकरापारा सहित शहर के कुछ क्षेत्रों से ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे. इस कारण यहां ट्रैफिक का दबाव देखने को मिल सकता है. रायपुर पुलिस ने जनता से डायवर्टेड रूट इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
ताजिया सवारी का निर्धारित मार्ग
ताजिया जुलूस का मुख्य निर्धारित मार्ग नुरानी चौक से चौबे कॉलोनी के कर्बला तालाब तक रहेगा. ताजनगर, ईरानी डेरा और राजातालाब से निकलने वाले ताजिए नुरानी चौक पहुंचने के बाद पंडरी बस स्टैंड, मरही माता चौक, मौदहापारा मस्जिद गली, गुरूनानक चौक, राठौर चौक, रामसागर पारा, बढ़ई पारा, मोमिन पारा, आजाद चौक और आमापारा होते हुए आरकेसी के सामने से गुजरकर चौबे कॉलोनी स्थित कर्बला तालाब पहुंचेंगे.
आज इन वैकल्पिक मार्ग का करें इस्तेमाल
रायपुर शहर और जीई रोड से दुर्ग-भिलाई की ओर जाने वाले वाहन चालक शास्त्री चौक से महिला थाना चौक, कालीबाड़ी चौक और पचपेड़ी नाका होते हुए रिंग रोड-1 का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं.
जीई रोड पर संचालित सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है. शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक की ओर जाने के बजाय बसें कालीबाड़ी चौक, पचपेड़ी नाका और रिंग रोड-1 के रास्ते संचालित होंगी.

ताजिया जुलूस के जीई रोड पर पहुंचने के दौरान टाटीबंध से शहर की ओर आने वाले वाहनों को टाटीबंध चौक से रिंग रोड-1 की तरफ और एनआईटी के पास से डंगनिया गोल चौक मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा.

शहर से पुरानी बस्ती, लाखेनगर होते हुए सुंदर नगर, डंगनिया और दुर्ग-भिलाई जाने वाले लोग कालीबाड़ी चौक से संतोषी नगर जलगृह मार्ग और भाठागांव चौक होकर आवागमन कर सकते हैं.

जुलूस के दौरान आजाद चौक से आश्रम तिराहा और चौबे कॉलोनी तक जीई रोड से जुड़ने वाले सभी संपर्क मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इन मार्गों से आने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों की ओर डायवर्ट किया जाएगा. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक शास्त्री चौक से चौबे कॉलोनी टर्निंग के बीच जीई रोड का उपयोग करने से बचें.

जुलूस के समय जीई रोड पर आजाद चौक से आश्रम तिराहा- चौबे कॉलोनी तक मुख्य मार्ग के सभी संपर्क मार्गों से GE रोड पर आने वाले सभी वाहनों को डाइवर्ट किया जाएगा. पुलिस की अपील है कि दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक जीई रोड में शास्त्री चौक से चौबे कॉलोनी टर्निंग तक का उपयोग न करें.</description><guid>18471</guid><pubDate>26-Jun-2026 11:22:37 am</pubDate></item><item><title>बीमा कंपनी की मनमानी पड़ी भारी, उपभोक्ता आयोग ने बीमा क्षतिपूर्ति राशि 25 लाख देने का दिया आदेश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18470</link><description>बलौदाबाजार। बीमा कंपनी द्वारा परिवादी को दुर्घटना बीमा क्षतिपूर्ति राशि देने में आनाकानी किए जाने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार ने अहम फैसला सुनाया है। विरोधी पक्षकार न्यू इंडिया जनरल इन्सुरेंस कंपनी अम्बेडकर चौक बलौदाबाजार को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए परिवादी को दुर्घटना बीमा क्षतिपूर्ति राशि 2500000 रुपए एवं उपभोक्ता को मानसिक एवं आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए 25000 रुपए तथा वाद-व्यय के लिए 7000 रुपए परिवादी को देने का आदेश दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बलौदाबाजार निवासी मेसर्स फ्रेंड्स फूड्स के प्रोपराइटर वेदप्रकाश पारवानी ने विरोधी पक्षकार से अपनी स्वामित्व के संस्थान मेसर्स फ्रेंड्स फूड्स का बीमा कराया था। उक्त संस्थान में बाढ़ का पानी घुसने से 2500000 की हानि हुई। परिवादी द्वारा विरोधी पक्षकार को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद दावा क्लेम फॉर्म भरकर प्रस्तुत किया गया। सर्वेयर के बताए अनुसार सभी दस्तावेज विरोधी पक्षकार के पास जमा कर दिया गया, परंतु लगभग एक वर्ष से अधिक समय पश्चात् भी विरोधी पक्षकार द्वारा क्षतिपूर्ति राशि नहीं दी गई। इससे परेशान होकर परिवादी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार में परिवाद प्रस्तुत किया।
आयोग के अध्यक्ष रंजना दत्ता एवं सदस्यगण हरजीत सिंह चांवला व शारदा सोनी ने पेश दस्तावेजों एवं संबंधित नियम आदि का सूक्ष्मता से अध्ययन किया। जांच में पाया कि दुर्घटना की सूचना एवं जानकारी देने के पश्चात् भी विरोधी पक्षकार द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही या बीमा पालिसी के दावे के संबंध में नियमानुसार एवं प्रावधानुसार संबंधित क्षतिग्रस्त या घटना स्थल पर जाकर परिवादी द्वारा प्रस्तुत दावे बाबत सत्यता की जांच करने की कोई कार्यवाही किया जाना प्रकट नही है। ना ही विरोधी पक्षकार द्वारा नोटिस का कोई जवाब दिया गया है। यह उपभोक्ता संरक्षण अभियान का घोर उल्लंघन है। अतः विरोधी पक्षकार परिवादी को बीमा योजना के तहत दुर्घटना बीमा क्षतिपूर्ति राशि 2500000 रुपए एवं मानसिक आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए 25000 तथा वाद-व्यय के लिए 7000 रुपए परिवादी को देने का आदेश दिया गया है।</description><guid>18470</guid><pubDate>25-Jun-2026 10:54:08 pm</pubDate></item><item><title>भाजपा पर महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा का तीखा हमला, कहा-</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18469</link><description>रायपुर। दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा रायपुर पहुंचीं। अपने दौरे के दौरान वे महिला कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय बैठक और प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगी, जिसमें महिलाओं की स्थिति, अधिकार, सुरक्षा और न्याय जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। रायपुर पहुंचते ही वे कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचीं, जहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान भाजपा द्वारा लगाए गए आरोप कि कांग्रेस उनकी नकल कर रही है, पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए जमकर निशाना साधा।
अलका लांबा ने कहा कि हमारे अंदर महात्मा गांधी का डीएनए है, उनका खून है। हम गोडसे को कॉपी नहीं कर सकते। जिनके खून में नफरत, दंगा और हत्या है, वे बापू की विचारधारा को नहीं समझ सकते। बापू की हत्या की गई थी, उनकी विचारधारा को कोई कॉपी नहीं कर सकता। कांग्रेस गांधी के विचारों और संविधान की रक्षा की विचारधारा पर चलती है। संविधान, महिला अधिकार, सुरक्षा और महंगाई के मुद्दों पर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। भाजपा बौखलाहट में ऐसा बयान दे रही है। इसके अलावा उन्होंने अन्य मुद्दों पर भी बयान दिया।
NEET और शिक्षा नीति पर केंद्र पर निशाना
अलका लांबा ने NEET परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मौत बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। राहुल गांधी लगातार युवाओं की आवाज उठा रहे हैं और कांग्रेस आगे भी संघर्ष जारी रखेगी।
महिला आरक्षण पर बयान
महिला आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग की जाएगी। आज करो, अभी करो के नारे के साथ संसद घेराव की तैयारी है। जुलाई में चलो संसद, मेरा हक आंदोलन शुरू करेगी महिला कांग्रेस। महिला विधायकों से चर्चा कर राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की रणनीति बनाई जाएगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा से भी महिला आरक्षण के समर्थन में रणनीति बनाने की कोशिश होगी।
NCERT की पुस्तकों में बदलाव पर भाजपा को घेरा
NCERT की पुस्तकों में बदलाव को लेकर अलका लांबा ने कहा कि भाजपा शिक्षा का राजनीतिकरण कर रही है। इतिहास बदलने की कोशिश हो रही है जो देश के भविष्य के लिए नुकसानदायक है। भाजपा को पहले इतिहास पढ़ने की जरूरत है।
सदस्यता अभियान पर बयान
महिला कांग्रेस के सदस्यता अभियान को लेकर अलका लांबा ने कहा कि महिला कांग्रेस का सदस्यता अभियान जारी है। तीन साल की सदस्यता शुल्क 100 रुपये निर्धारित है। इस सदस्यता अभियान से संगठन का विस्तार होगा।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व पर- लांबा
छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष के स्थायी चयन पर अलका लांबा कहा कि इसका फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा। फिलहाल संगीता सिन्हा कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष इस पर फैसला लेंगे।</description><guid>18469</guid><pubDate>25-Jun-2026 10:48:14 pm</pubDate></item><item><title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल में गरीब, किसान, महिला और नौजवान के जीवन में खुशहाली आई : सांसद बृजमोहन अग्रवाल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18468</link><description>रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल गुरुवार को रायपुर लोकसभा क्षेत्र के विकासखंड तिल्दा (नेवरा) अंतर्गत ग्राम खपरीकला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान में मंत्री टंक राम वर्मा के साथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ग्रामवासियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि लोकसभा क्षेत्र की सभी नौ विधानसभाओं में एक-एक गांव जाकर मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को जनता के बीच रखने का निर्णय लिया गया है। खपरीकला इस अभियान का नौवां गांव है।
कार्यक्रम के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंच तक सीमित नहीं रहे बल्कि स्वयं माइक लेकर जनता के बीच पहुंचे और सीधे ग्रामीणों से पूछा कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना, जल जीवन मिशन, शौचालय निर्माण, गैस कनेक्शन और अन्य योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। ग्रामीणों ने एक स्वर में योजनाओं का लाभ मिलने की पुष्टि की।
सांसद ने सरपंच से चर्चा करते हुए बताया कि खपरीकला में 120 प्रधानमंत्री आवास बन चुके हैं तथा 387 नए आवास स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि कोई भी गरीब परिवार बिना पक्के घर के न रहे। हर घर में शौचालय, नल, बिजली और गैस कनेक्शन पहुंचे, इसके लिए लगातार काम हो रहा है।

महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने महतारी वंदन योजना का उल्लेख किया और पूछा कि एक हजार रुपये प्रति माह मिल रहे हैं या नहीं। महिलाओं ने योजना का लाभ मिलने की पुष्टि की। सांसद ने कहा कि यह योजना माताओं-बहनों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनी है।
किसानों से चर्चा करते हुए सांसद ने धान खरीदी और किसानों को मिल रहे लाभों पर बात की। उन्होंने कहा कि किसान, गरीब, मजदूर, नौजवान और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है।

जल जीवन मिशन की चर्चा करते हुए सांसद स्वयं बच्चों के बीच पहुंचे और पूछा कि घर में नल लगा है या नहीं। बच्चों ने नल लगने की जानकारी दी। सांसद ने कहा कि अब बेटियों को पानी भरने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता और वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकती हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। साथ ही सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, कॉलेज और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तेजी से हुआ है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में खपरीकला क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी राज्य सरकार कार्य करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्री टंकराम वर्मा के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की बात कही।
इस अवसर पर सांसद ने ग्राम खपरीकला के बड़े तालाब में पिचिंग एवं पचरी निर्माण कार्य के लिए सांसद निधि से 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा दुर्गा चौक के पास शेड निर्माण हेतु 10 लाख रुपये तथा मोहदी गांव के देहानपारा में रंगमंच के पास तीन शेड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।
सांसद ने कहा कि रायपुर की जनता ने उन्हें आठ बार विधायक, पांच बार मंत्री और अब सांसद बनाकर सेवा का अवसर दिया है। इसके लिए उन्होंने क्षेत्र की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी ग्रामीणों को मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में मंत्री टंक राम वर्मा, नगरपालिका के अध्यक्ष चंद्रकला, अनिल अग्रवाल, नरसिंग वर्मा, मनोज, सरपंच रामेश्वर साहू, हेकराम यादव, भरत वर्मा, हरीश वर्मा, देवेंद्र यदु, रामनारायण नेताम, दुर्योधन यदु, तामेश्वर राते, पवन, अनुराधा, पुष्पा समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।</description><guid>18468</guid><pubDate>25-Jun-2026 10:41:11 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, सभी बसों में ट्रैकिंग डिवाइस को किया गया अनिवार्य, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18467</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर नियम का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश ने आज इंद्रावती भवन नवा रायपुर स्थित परिवहन कार्यालय में सभी बस संचालकों एवं विभाग द्वारा वीएलटीडी लगाने हेतु अधिकृत वेंडरों की संयुक्त बैठक लेकर यात्री बसो में स्थापित वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि जिन बसों में अभी तक वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) नहीं लगी है, उनमें 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। वहीं जिन बसों में यह उपकरण लगा हुआ है लेकिन संचालित नहीं है, उन्हें तत्काल चालू किया जाए।
परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुए भीषण सड़क हादसों के बाद सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
विभाग ने बताया कि राज्य मुख्यालय के कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से सभी बसों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं तथा समय पर संचालन हो रहा है या नहीं। यात्रियों को भी संगवारी ऐप के जरिए बसों की वास्तविक समय की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे और बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जा रही है। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एक ऐसी उपग्रह आधारित प्रणाली है, जो वाहन की हर पल की स्थिति और लोकेशन की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाती है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन की मोहलत समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</description><guid>18467</guid><pubDate>25-Jun-2026 10:28:39 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की दिशा में बड़ा कदम, प्रारूप तैयार करने सरकार ने बनाई समिति</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18466</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए इसके अध्ययन एवं प्रारूप तैयार करने के लिए समिति का गठन किया है। इसका आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने आज जारी किया।

जारी आदेश के अनुसार, समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को नियुक्त किया गया है। वहीं शत्रुघ्न सिंह, एमके राउत और मोहन पवार को सदस्य बनाए गए हैं। ज्योति रानी सिंह समिति की महिला सदस्य होंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर समिति के गठन की जानकारी साझा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता के संबंध में व्यापक अध्ययन और सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
समिति के प्रमुख कार्य

    छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने के संबंध में वर्तमान विधिक स्थिति का अध्ययन करना।
    विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण एवं संबंधित विषयों पर समान नागरिक संहिता के लिए सुझाव देना।
    नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों तथा अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना।
    अन्य राज्यों में लागू या प्रचलित समान नागरिक संहिता संबंधी व्यवस्थाओं का अध्ययन करना।
    समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार कर राज्य शासन को प्रस्तुत करना।
    आवश्यक विधायी एवं प्रशासनिक अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपना।

समिति द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट और अनुशंसाओं के आधार पर राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। माना जा रहा है कि इस पहल से छत्तीसगढ़ उन राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकता है, जहां समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।</description><guid>18466</guid><pubDate>25-Jun-2026 10:18:55 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति, जानें किसे मिली कहां की जिम्मेदारी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18465</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) की नियुक्तियों का रास्ता अब साफ हो गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आज प्रदेश के रायपुर और सरगुजा संभाग के नगर पालिक निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मनोनीत पार्षदों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है।
बता दें कि इससे पहले उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने संकेत दिए थे कि एल्डरमैन की नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे। अब विभाग ने औपचारिक रूप से सूची जारी कर इन नियुक्तियों को प्रभावी कर दिया है।
कानूनी प्रावधानों के तहत हुई नियुक्तियां
जारी आदेश के अनुसार ये नियुक्तियां छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए की गई हैं। मनोनीत पार्षदों को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से संबंधित नगरीय निकायों में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रायपुर से लेकर सरगुजा तक निकायों में नियुक्ति
जारी सूची में रायपुर संभाग के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के साथ-साथ माना कैंप, तिल्दा-नेवरा, गोबरा नवापारा, आरंग, मंदिर हसौद, अभनपुर, खरोरा, कुनरा, समोदा और चंदखुरी जैसे नगरीय निकाय शामिल हैं। इसके अलावा गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के विभिन्न निकायों में भी नए एल्डरमैन नामित किए गए हैं।
वहीं सरगुजा संभाग में अंबिकापुर नगर पालिक निगम सहित बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, जशपुर तथा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के नगरीय निकायों में भी मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति की गई है।
रायपुर संभाग के इन निकायों में हुई नियुक्ति

सरगुजा संभाग के इन निकायों में हुई नियुक्ति

प्रशासनिक निर्देश जारी
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस आदेश की प्रतिलिपि सभी संबंधित जिला कलेक्टरों, नगर निकायों के महापौर, अध्यक्षों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी है। साथ ही विभाग ने निर्देश दिए हैं कि पूरी सूची को संचालनालय की आधिकारिक वेबसाइट पर शीघ्र अपलोड किया जाए, ताकि आम जनता को इसकी जानकारी प्राप्त हो सके।</description><guid>18465</guid><pubDate>25-Jun-2026 10:11:35 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18464</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि कुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षक जे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।</description><guid>18464</guid><pubDate>25-Jun-2026 8:15:32 pm</pubDate></item><item><title>बोर्ड वैद्यों की स्वास्थ्य परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान संरक्षण और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध : विकास मरकाम</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=18463</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा 24 जून को रायपुर में वैद्यों के हितकारी योजनाओं की कार्ययोजना एवं भविष्य के रोडमैप पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने की। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों एवं सुदूर अंचलों से आए 8 वैद्य संघों के 60 प्रतिनिधि वैद्य शामिल हुए।
वैद्य समुदाय के योगदान का किया गया सम्मान
बैठक के प्रारंभ में बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम एवं उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने सभी वैद्य प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे. ए. सी. एस. राव ने बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए वैद्यों के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
 
पारंपरिक ज्ञान को सहेजने के लिए आयोजित हो रहे वैद्य सम्मेलन
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि पारंपरिक उपचार पद्धतियों और औषधीय ज्ञान को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से नियमित रूप से वैद्य सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 11 वैद्य सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 1 राज्य स्तरीय, 6 संभाग स्तरीय और 4 जिला स्तरीय सम्मेलन शामिल हैं।
औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण का दिया जा रहा प्रशिक्षण
बोर्ड द्वारा वैद्यों को औषधीय पौधों की खेती, विनाश-विहीन विदोहन तकनीक तथा वनौषधियों के संरक्षण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से वैद्य पारंपरिक उपचार पद्धतियों से जुड़े अपने अनुभवों और ज्ञान का आदान-प्रदान भी करते हैं।
37 वैद्यों का हुआ प्रमाणीकरण
वैद्यों की पारंपरिक उपचार पद्धतियों को मान्यता देने के उद्देश्य से बोर्ड द्वारा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के माध्यम से अब तक 37 वैद्यों का प्रमाणीकरण कराया गया है। इससे उनकी सेवाओं की विश्वसनीयता और पहचान को बढ़ावा मिला है।
हीलर हर्बल गार्डन योजना से मिल रहा सहयोग
बोर्ड द्वारा संचालित हीलर हर्बल गार्डन योजना के तहत वैद्यों को उनके घर या बाड़ी में उपयोगी औषधीय पौधों का उद्यान विकसित करने के लिए तकनीकी एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके साथ ही वैद्यों के निवास ग्रामों के विद्यालयों में स्कूल हर्बल गार्डन विकसित करने तथा उनकी देखरेख के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
निःशुल्क औषधीय पौधा वितरण और पल्वराइजर मशीन की सुविधा
बोर्ड द्वारा होम हर्बल गार्डन योजना के अंतर्गत निःशुल्क औषधीय पौधों का वितरण किया जा रहा है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वैद्यों को जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण में सुविधा देने के लिए राज्य के 28 जिलों में कुल 40 निःशुल्क पल्वराइजर मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बनी विस्तृत कार्ययोजना
बैठक में हीलर हर्बल गार्डन, स्कूल एवं होम हर्बल गार्डन, वैद्य सम्मेलन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, वैद्य प्रमाणीकरण तथा पल्वराइजर मशीन वितरण जैसी योजनाओं के प्रभावी संचालन और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी वैद्य प्रतिनिधियों की सहमति से इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तय किए गए।
वैद्यों के संरक्षण और उत्थान के लिए बोर्ड प्रतिबद्ध
बैठक के अंत में अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि बोर्ड राज्य के वैद्यों की स्वास्थ्य परंपराओं, पारंपरिक उपचार पद्धतियों, ज्ञान संरक्षण, क्षमता विकास और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
वहीं उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने कहा कि वैद्यों की मांग के अनुरूप ग्राम पंचायतों के माध्यम से जड़ी-बूटी आधारित उपचार एवं परामर्श केंद्रों के लिए स्थान उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को और अधिक मजबूती मिल सके।</description><guid>18463</guid><pubDate>25-Jun-2026 8:08:41 pm</pubDate></item></channel></rss>