<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>Ram Raj Feed</title><link>https://ramraj.co</link><description>Ram Raj Feed Description</description><item><title>शिवनाथ नदी पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, गणेश विसर्जन व्यवस्था और जलस्तर का लिया जायजा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20198</link><description>रायपुर। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने शनिवार को दुर्ग शहर के शिवनाथ नदी स्थित गणेश विसर्जन स्थल पहुंचकर नदी के जलस्तर और विसर्जन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल भी उपस्थित थे।
मंत्री श्री यादव ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गणेश विसर्जन के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि छोटे पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण पिछली रात से विसर्जन प्रक्रिया रोक दी गई है। जलस्तर कम होने पर प्रशासन की निगरानी में विसर्जन पुनः शुरू कराया जाएगा। मंत्री श्री यादव ने विसर्जन के लिए पहुंचे नागरिकों से प्रशासन की व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। विसर्जन स्थल पर जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ एसडीआरएफ, स्थानीय नाविक और नागरिक सहयोग कर रहे हैं।
 
इसके बाद मंत्री श्री यादव पुलगांव के वार्ड क्रमांक 55 स्थित कोसरिया यादव समाज के सामुदायिक भवन में बनाए गए राहत शिविर पहुंचे। यहां महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित 48 लोगों को ठहराया गया है। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने लोगों से नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही अपने घर लौटने को कहा तथा अधिकारियों को शिविर में स्वास्थ्य सुविधा, प्रकाश, पेयजल और भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभावित लोगों की पट्टे की मांग पर उन्होंने गोकुल नगर स्थित घास भूमि को आवास के लिए आवंटित कराने का आश्वासन दिया।
मंत्री श्री यादव ने ग्राम भरदा के स्कूल में बनाए गए राहत शिविर का भी निरीक्षण किया। तांदुला और शिवनाथ नदी के किनारे ईंट भट्ठों तथा सब्जी बाड़ियों में काम करने वाले 210 लोगों को सुरक्षित निकालकर इस शिविर में ठहराया गया है। उन्होंने सरपंच सुनीता भारदीय, स्थानीय नागरिक गोपाल पाड़े और ग्रामीणों से शिविर की व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। शिविर में ठहरे लोगों ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
 
सरपंच की मांग पर मंत्री श्री यादव ने कलेक्टर को ग्राम भरदा के वार्ड क्रमांक 12 में वी-बी-जी-राम-जी के अंतर्गत नाली निर्माण कार्य की स्वीकृति देने को कहा। ग्रामीण किसानों की मांग पर उन्होंने फसल क्षति का सर्वे कराने की बात भी कही। ग्राम चंगोरी में शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव की ओर पानी भरने की जानकारी मिलने पर उन्होंने कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अधिकारियों एवं कर्मचारियों के माध्यम से स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर नगर निगम दुर्ग की आयुक्त लीना कोसम, एसडीएम महेश राजपूत, निगम के अतिरिक्त आयुक्त मोहेन्द्र साहू सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
 </description><guid>20198</guid><pubDate>26-Sep-2026 8:38:26 pm</pubDate></item><item><title>तूफान से क्षतिग्रस्त सड़कें-पुल तत्काल सुधारें, कहीं भी आवाजाही बाधित न हो : उपमुख्यमंत्री अरुण साव</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20197</link><description>रायपुर। लगातार बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों को दुरुस्त करने लोक निर्माण विभाग ने तत्काल कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि क्षतिग्रस्त मार्गों व पुलों की मरम्मत में किसी तरह की देरी न हो और लोगों की आवाजाही कहीं भी प्रभावित न हो। जहां तत्काल सुधार संभव है, वहां संबंधित एजेंसी और ठेकेदार से शीघ्र मरम्मत कराकर यातायात शुरू कराया जाए। ज्यादा नुकसान वाले हिस्सों के पुनर्निर्माण और विशेष मरम्मत के प्रस्ताव भी तेजी से तैयार किए जाएंगे। इसके लिए तत्काल पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रदेश में 24 सितम्बर से 26 सितम्बर तक लगातार हुई बारिश से लगभग सभी नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनी है और कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर से भी पानी बहा है। पानी उतरने के बाद कई मार्गों और पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों और उप अभियंताओं को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने सभी मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नुकसान का तत्काल आकलन कर संभावित राशि की जानकारी अकाउंटेंट जनरल को भेजते हुए सभी संबंधित कार्यालयों को प्रतिलिपि उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने जहां क्षति का सुधार मौजूदा अनुबंध के दायरे में संबंधित एजेंसी या ठेकेदार से कराया जा सकता है, वहां बिना समय गंवाए मरम्मत कराने को कहा है, ताकि यातायात शीघ्र शुरू हो सके। वहीं जिन हिस्सों में पुनर्निर्माण या विशेष मरम्मत की जरूरत है, उनके प्राक्कलन सक्षम अधिकारी को 10 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि विशेष मरम्मत के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है।
सड़कों व पुलों के सुधार के लिए प्रत्येक सक्षम अधिकारी को 15 दिनों में एस/आर (एफडीआर) की स्वीकृति प्राथमिकता से जारी करने तथा राशि के आबंटन की उपलब्धता के लिए प्रमुख अभियंता कार्यालय को परिक्षेत्रवार एकमुश्त जानकारी भेजने को कहा गया है। संभागों को आवश्यकता के अनुसार एस/आर मद में जोनल एजेंसी निर्धारित करने की जरूरत होने पर इसकी जानकारी भी तत्काल प्रमुख अभियंता कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि एफडीआर के कारण हुई क्षति का सुधार केवल अस्थायी न हो, बल्कि उसे स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए। जरूरत के अनुसार टो-वॉल और कांक्रीट रोड निर्माण के प्रस्ताव भी भेजे जाएं। पुलों के वियरिंग कांक्रीट और रेलिंग सहित क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी शीघ्रता से करने को कहा गया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश के बाद विभाग का जोर बारिश से प्रभावित सड़कों और पुल-पुलियों को जल्द से जल्द सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाने पर है। क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार के लिए शासन ने विभागीय अमले को तत्परता और सक्रियता से काम करते हुए मरम्मत और आवश्यक पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।</description><guid>20197</guid><pubDate>26-Sep-2026 8:09:06 pm</pubDate></item><item><title>झीरम पीड़ित परिवारों से राहुल गांधी की मुलाकात, बोले- पूरा न्याय मिलने तक एक इंच पीछे नहीं हटेंगे</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20196</link><description>रायपुर। लोकसभा में नेता-विपक्ष राहुल गांधी ने आज छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ झीरम नक्सल कांड के पीड़ित परिवारों ने मुलाकात की. इस दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं के साथ पीड़ित परिवारों के सदस्यों से कहा कि पूरा न्याय मिलने तक हमें एक इंच पीछे नहीं हटना है. हम लड़ेंगे!
मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सुखदेव भगत, राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल, नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज विशेष रूप से मौजूद रहे. वहीं झीरम पीड़ित परिवारों में उमेश पटेल, अनिता योगेंद्र शर्मा, जितेंद्र मुदलियार, शिव सिंह ठाकुर, छविंद्र कर्मा, मलकीत सिंह गैन्दू आदि शामिल रहे.
लड़ाई को आगे ले जाने पर हुई मंत्रणा
राहुल गांधी के साथ मुलाकात को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज 10 जनपथ, नई दिल्ली में हमारे नेता राहुल गांधी के साथ हम सबने झीरम घटना में हुए अन्याय, भाजपा और जाँच एजेंसियों के षड्यंत्र और इस लड़ाई को आगे ले जाने पर मंत्रणा की. राहुल ने सभी वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में झीरम शहीदों के परिवारजनों और घटना के समय उपस्थित साथियों से भी संवाद किया. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि पूरा न्याय मिलने तक हमें एक इंच पीछे नहीं हटना है. हम लड़ेंगे!</description><guid>20196</guid><pubDate>26-Sep-2026 7:16:22 pm</pubDate></item><item><title>दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20195</link><description>रायपुर। दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों को देश के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर अंचल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल रेल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में विकास और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार को अभूतपूर्व गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को भी आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल संपर्क का विस्तार इस अंचल के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन सुगम होगा और राजधानी रायपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच बेहतर होगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक क्षेत्रवासियों की पहुंच और आसान होगी।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ में मजबूत होती कनेक्टिविटी क्षेत्र की संभावनाओं को नई शक्ति दे रही है।
95 किलोमीटर की परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर खंड तैयार
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड है।
नई रेल लाइन को परिचालन के लिए तैयार करने की निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत इस खंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया है। इस दौरान रेल लाइन, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग सहित सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। ताड़ोकी-रावघाट खंड में रेल परिचालन प्रारंभ होने के बाद आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
पर्यटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी अपने साथ विकास की अनेक संभावनाएं लेकर आती है। रावघाट तक रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को बल मिलेगा तथा स्थानीय व्यापार एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने से लोगों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाओं के सृजन में भी यह रेल परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, कृषि एवं वनोपज की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। बेहतर कनेक्टिविटी इन संभावनाओं को वास्तविक आर्थिक अवसरों में बदलने का माध्यम बनेगी।
विकास और कनेक्टिविटी से बदल रही दक्षिण छत्तीसगढ़ की तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास के साथ आधारभूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी आवागमन कठिन था, वहां आज सड़क, रेल और संचार नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचें और उसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आर्थिक प्रगति के समान अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रावघाट तक पहुंची रेल पटरी विकास की पटरी पर तेजी से आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है। यह रेल लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ की दूरियां कम करने के साथ यहां के लोगों को अवसरों के और करीब लाएगी। आने वाले समय में बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से इस पूरे अंचल की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक और मजबूत रेल अधोसंरचना इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</description><guid>20195</guid><pubDate>26-Sep-2026 5:54:13 pm</pubDate></item><item><title>शहर की तासीर के अनुरूप बने विकास की योजना, स्थानीय जरूरतों पर फोकस जरूरी: सोनमणि बोरा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20194</link><description>रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नई दिल्ली में हुडको (HUDCO) द्वारा अर्बन चैलेंज फंड (UCF) पर आयोजित क्षमता विकास कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों एवं नगरीय निकायों से कार्यशाला में हिस्सा ले रहे प्रतिभागियों से कहा कि शहरों के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहतर नियोजन, क्षमता विकास एवं वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग के साथ विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने शहरों की भावी जरुरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बेहतर नियोजन, संस्थागत क्षमता विकास एवं उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया।
 
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के सचिव सतेंद्र सिंह से नई दिल्ली में भेंट कर राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, पीएम स्वनिधि, पीएम ई-बस और अर्बन चैलेंज फंड की प्रगति, उनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा आगामी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने इन योजनाओं के लक्ष्यों की प्राप्ति तथा नगरीय निकायों की क्षमताओं को और सुदृढ़ बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया।
श्री बोरा ने हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) संजय कुलश्रेष्ठ और उनकी टीम के साथ बैठक कर राज्य के नगरीय निकायों के समग्र एवं आवश्यकता आधारित विकास की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में राज्य के नगरीय निकायों की स्थानीय आवश्यकताओं, संभावनाओं एवं विशिष्ट पहचान को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। औद्योगिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, पर्यटन, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले शहरों के लिए उनकी प्रकृति एवं विशिष्टताओं के अनुरूप विकास की रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा की गई, जिससे नगरीय सेवाओं एवं आधारभूत संरचनाओं का विस्तार स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में शहरों की आवश्यकतानुसार फूड पार्क, रेंटल हाउसिंग, पर्यटन संवर्धन, स्लम क्षेत्र के पुनर्विकास, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) सहित अन्य संभावित विकास के पहलुओं को शहरों की विकास योजनाओं में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही अन्य राज्यों की सर्वोत्तम प्रथाओं, उनके क्रियान्वयन अनुभवों तथा चुनौतियों का अध्ययन कर राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त पहलुओं को अपनाने एवं राज्य की नीतियों में आवश्यक प्रावधान किये जाने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में हुडको के सीएमडी ने परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक परियोजना प्रतिवेदन (PPR) तैयार करने तथा राज्य स्तर पर कार्यशाला आयोजित कर राज्य व नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों का क्षमता विकास करते हुए विशिष्ट परियोजनाओं के चिन्हांकन एवं दस्तावेजीकरण के लिए सहमति प्रदान की। उन्होंने नगरीय परियोजनाओं हेतु आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने सहयोग प्रदान करने का भी आश्वासन दिया। बैठक में विकास परियोजनाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय स्रोतों के बेहतर उपयोग तथा केंद्र एवं राज्य योजनाओं के माध्यम से वित्तीय अभिसरण (Convergence) की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।</description><guid>20194</guid><pubDate>26-Sep-2026 5:45:42 pm</pubDate></item><item><title>रायपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में NDRF-SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन, 239 नागरिक सुरक्षित निकाले गए</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20193</link><description>रायपुर। राजधानी रायपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश और एसडीएम नंद कुमार चौबे के मार्गदर्शन में भाठागांव और चन्दनीडीह से अब तक 239 नागरिकों का रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भाठागांव, चन्दनीडीह, दतरेंगा और काठाडीह में प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ ही राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

भाठागांव में 54 लोगों का रेस्क्यू
ग्राम भाठागांव में नायब तहसीलदार प्रवीण परमार और नगर निगम जोन क्रमांक-6 के जोन कमिश्नर हितेंद्र यादव की मौजूदगी में बचाव अभियान चलाया जा रहा है। यहां 54 नागरिकों को सुरक्षित निकालकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सामुदायिक भवन, भाठागांव में ठहराया गया है। राहत शिविर में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए नाश्ता, भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई है। वहीं केशरी बगीचा, बीजीआर पेट्रोल पंप और हरिओम नगर क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान जारी है।
चन्दनीडीह में 185 लोगों को सुरक्षित निकाला
ग्राम चन्दनीडीह में नायब तहसीलदार सौरभ कश्यप और नगर निगम जोन क्रमांक-8 के कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा की मौजूदगी में एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी है। यहां अब तक 185 नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।
काठाडीह में भी राहत-बचाव अभियान
ग्राम काठाडीह में एसडीएम नंद कुमार चौबे, एनडीआरएफ कमांडिंग ऑफिसर मेजर पवन जोशी और तहसीलदार रायपुर राममूर्ति दीवान की टीम मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रही है। प्रशासन के मुताबिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। अधिकारियों और बचाव दलों की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
</description><guid>20193</guid><pubDate>26-Sep-2026 5:27:02 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते बनेंगी छह टीमें, सलेक्शन ट्रायल 28 और 29 सितंबर को</title><link>https://ramraj.co/sports.php?articleid=20192</link><description>रायपुर। रायपुर में होने वाले छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के टीमों के चयन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीमों के लिए रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में 28 और 29 सितम्बर को खिलाड़ियों का चयन ट्रायल आयोजित किया जाएगा।
चयन ट्रायल के सुचारू आयोजन, आवश्यक समन्वय एवं तकनीकी सहायता के लिए विभाग ने तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। चयन ट्रायल के लिए आवश्यक तकनीकी एवं आयोजन संबंधी कार्यवाही छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार की जाएगी।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो ने छत्तीसगढ़ हॉकी संघ को परिपत्र जारी कर खिलाड़ियों के चयन ट्रायल के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। विभाग ने निर्धारित तिथियों एवं समय पर चयन ट्रायल के आयोजन के साथ ही ट्रायल प्रारंभ होने के पहले चयन पूर्व मानदंडों और चयन प्रक्रिया का लिखित विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।
विभाग ने चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित मानदंडों के अनुरूप संपादित कर चयनित 6 टीमों की सूची एवं चयन प्रक्रिया से संबंधित प्रतिवेदन खेल संचालनालय को उपलब्ध कराने को कहा है।
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
खिलाड़ियों के चयन के लिए होने वाले ट्रायल को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने आवश्यक तकनीकी और आयोजन संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तीन अधिकारियों को सौंपी है। इनमें खेल अधिकारी दीनू प्रसाद पटेल, रायपुर में हॉकी की वरिष्ठ प्रशिक्षक रश्मि संध्या एक्का और बिलासपुर में वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक राकेश टोप्पो शामिल हैं।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते उतरेंगी 6 टीमें
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। इन टीमों में खेलने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 28-29 सितम्बर को रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में सवेरे 9 बजे से आयोजित किए जा रहे हैं।</description><guid>20192</guid><pubDate>26-Sep-2026 4:54:46 pm</pubDate></item><item><title>भूपेश बघेल के CBI केस में हाईकोर्ट की सुनवाई अधूरी, 25 नवंबर को फिर होगी सुनवाई</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20191</link><description>बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े CBI मामले में शुक्रवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जो पूरी नहीं हो सकी। मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 नवंबर 2026 की तारीख तय की गई है। मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच में हुई।
भूपेश बघेल ने CBI के खिलाफ दायर याचिका में विशेष अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें ट्रायल कोर्ट के बरी करने के आदेश को रद्द कर दिया गया था। विशेष अदालत ने निचली अदालत को भूपेश बघेल के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे।</description><guid>20191</guid><pubDate>26-Sep-2026 4:39:31 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का रेल परिचालन पर असर, ट्रैक पर जलभराव से 5 ट्रेनें रद्द</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20190</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब रेल परिचालन पर भी पड़ने लगा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) रायपुर रेल मंडल के दुर्ग-दल्लीराजहरा सेक्शन में लाटाबोर और गुंडरदेही स्टेशनों के बीच ट्रैक पर जलभराव और ट्रैक धंसने की खबर सामने आई है। यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस मार्ग पर कुछ ट्रेनों के परिचालन में अस्थायी बदलाव किया है।
अधिकारियों ने लिया मौके का जायजा
मंडल रेल प्रबंधक दयानंद सहित संरक्षा अधिकारी और संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की वास्तविकता की जानकारी ली। इंजीनियरिंग विभाग की तकनीकी टीम रेलवे ट्रैक को दुरुस्त करने में तत्परता से लगी हुई है।
ये ट्रे्नें रद्द और शॉर्ट-ऑरिजिनेट

    (1) ट्रेन संख्या 78816 अंतागढ़- रायपुर का परिचालन दल्लीराजहरा से रायपुर के मध्य रद्द रहेगा।
    (2) ट्रेन संख्या 78815 रायपुर- अंतागढ़ 26 सितंबर 2026 को रद्द रहेगी।
    (3) ट्रेन संख्या 78818 अंतागढ़- दुर्ग 26 सितंबर 2026 को दल्लीराजहारा से चलेगी। साथ ही अंतागढ़ से दल्लीराजहारा के मध्य सेवा रद्द रहेगी।
    (4) ट्रेन संख्या 68765 ताड़ोकी- रायपुर 26 सितंबर 2026 को रद्द रहेगी।
    (5) ट्रेन संख्या 68764 रायपुर- ताड़ोकी 26 सितंबर 2026 को रद्द रहेगी।


ट्रैक की रखी जा रही निगरानी
रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। संबंधित सेक्शन में ट्रैक की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही आवश्यकतानुसार सुरक्षा मानकों के अनुरूप परिचालन संबंधी निर्णय लिए जा रहे हैं।
</description><guid>20190</guid><pubDate>26-Sep-2026 4:28:19 pm</pubDate></item><item><title>रायपुर में खुली छत्तीसगढ़ की पहली महिला ओपन जेल, सिलाई सेंटर और ब्यूटी पार्लर में मिलेगा रोजगार</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20189</link><description>रायपुर। डीजी, जेल हिमांशु गुप्ता के कर कमलों से केंद्रीय जेल, रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य की पहली महिला खुली जेल (वीमेन ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन -ओ.सी.आई.) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), खुशबू मिश्रा (महिला ओपन जेल प्रभारी) एवं जेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ राज्य में पहली बार इस प्रकार की महिला ओपन जेल प्रारंभ की गई है। रायपुर जेल में उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए ओपन जेल खोला गया है।इस ओपन जेल में 25 महिला बंदिनियाँ रहेंगी। ये महिला बंदिनी सुबह विभिन्न कार्य करने के लिए जेल के बाहर निकलेंगी तथा शाम को कार्य पूर्ण कर लॉकअप होने के पूर्व जेल में वापस आ जाएंगी।
महिला बंदिनियों को जेल की ऊंची दीवारों के बाहर मंदिर के पास स्थित परिसर में सिलाई सेन्टर, ब्यूटी पार्लर एवं जेल उत्पादों के बिक्री केंद्र में रोजगार दिया जाएगा। उनके लिए रोजगार के अन्य वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध रहेंगे।</description><guid>20189</guid><pubDate>26-Sep-2026 4:11:56 pm</pubDate></item><item><title>महादेव घाट के विसर्जन कुंड में मूर्ति विसर्जन फिलहाल बंद, खारून नदी का जलस्तर बढ़ने से लिया गया निर्णय</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20188</link><description>रायपुर। राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ रहे खारून नदी के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर महादेव घाट के समीप स्थित नगर निगम के विसर्जन कुंड में मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया फिलहाल बंद कर दी है।
प्रशासन के मुताबिक खारून नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में महादेवघाट स्थित विसर्जन कुंड में मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि फिलहाल महादेव घाट के समीप स्थित विसर्जन कुंड में मूर्ति विसर्जन के लिए न आएं। नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और सहयोग करने की अपील की गई है।
जलस्तर सामान्य होने पर फिर शुरू होगा विसर्जन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खारून नदी का जलस्तर सामान्य होने के बाद महादेव घाट के समीप विसर्जन कुंड में मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी जाएगी। इसकी जानकारी प्रशासन द्वारा अलग से दी जाएगी।</description><guid>20188</guid><pubDate>26-Sep-2026 4:00:22 pm</pubDate></item><item><title>बारिश के बीच चंदनपुर पहुंचे डिप्टी CM विजय शर्मा, ग्रामीणों को सौंपा नाम परिवर्तन का राजपत्र</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20187</link><description>रायपुर। तेज बारिश के बीच शुक्रवार देर रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा गांव की नई पहचान का राजपत्र लेकर चंदनपुर पहुंचे। लंबे समय से नाम परिवर्तन की मांग कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्होंने राजपत्र की प्रति सौंपते हुए उन्हें बधाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए जुटे रहे। मांग पूरी होने की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है।
नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों के लिए सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए 11.70 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। इसमें आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इसके लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। छत्तीसगढ़ शासन ने ग्राम चंदनपुर के नाम परिवर्तन का राजपत्र में विधिवत प्रकाशन कर दिया है। इसके साथ ही गांव का नया नाम अब सरकारी अभिलेखों और शासकीय वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की ओर से लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब चंदनपुर नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टलों में दर्ज रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भी अपने दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम चंदनपुर का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव को जानें और इसकी पहचान आगे भी कायम रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होते, बल्कि उनमें स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं भी जुड़ी होती हैं। चंदनपुर नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावना और मांग के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की स्थानीय पहचान और ग्रामवासियों की भावनाओं को मजबूती मिलेगी।</description><guid>20187</guid><pubDate>26-Sep-2026 3:48:15 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20186</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य एवं छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की निवासी संजू देवी को फोन कर इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने संजू देवी से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उनकी इस उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संजू देवी से कहा कि आपने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता प्रत्येक देशवासी के लिए गर्व का क्षण है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की बेटी की महत्वपूर्ण भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परचम लहरा रही हैं। कोरबा की संजू देवी ने अपनी मेहनत और खेल कौशल के बल पर राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के उन हजारों युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के गांवों, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को उचित मंच मिले और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करें।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारतीय टीम की इस स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संजू देवी भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी और टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय खिलाड़ी आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।</description><guid>20186</guid><pubDate>26-Sep-2026 3:25:02 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के रक्षक कार्यक्रम को मिली पहचान, SKOCH गोल्डन अवार्ड से किया सम्मानित</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20185</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। आयोग के अभिनव नवाचार 'रक्षक' कार्यक्रम को देश के प्रतिष्ठित SKOCH गोल्डन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में यह सम्मान प्राप्त हुआ है। बाल अधिकारों के क्षेत्र में यह पुरस्कार पाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
यह पुरस्कार प्रसिद्ध पर्यावरणविद सुनीता नारायण, पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की पूनम मुटरेजा, भारत सरकार के पूर्व सचिव संजय कुमार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व महासचिव भरत लाल की गरिमामयी उपस्थिति में SKOCH ग्रुप के चेयरमैन समीर कोचर द्वारा प्रदान किया गया।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि अवार्ड के लिए चयन प्रक्रिया काफी कठोर थी। सर्वप्रथम आयोग की ओर से जूरी के समक्ष 'रक्षक' पाठ्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसके बाद कड़े परीक्षण के उपरांत इसे गोल्ड श्रेणी के लिए चुना गया।
SKOCH अवार्ड क्या है?
SKOCH ग्रुप 1997 से कार्यरत देश का एक प्रमुख स्वतंत्र थिंक-टैंक है। यह वर्ष 2003 से सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्रदान करता है, जिसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिना जाता है।
क्या है 'रक्षक' पाठ्यक्रम?
'रक्षक' का पूरा नाम Post Graduation Diploma in Protection of Child Rights (PGDPCR) है। यह एक वर्षीय (2 सेमेस्टर) डिप्लोमा कोर्स है, जिसकी न्यूनतम योग्यता स्नातक है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि बाल संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को देखते हुए यह पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका प्रैक्टिकल मॉडल है। छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं लेंगे, बल्कि आयोग की संवाद इकाइयों के माध्यम से बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड केयर संस्थानों और स्वैच्छिक संगठनों के साथ सीधे जुड़कर फील्ड वर्क, केस स्टडी और प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर कार्य करेंगे।
पाठ्यक्रम में पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल विवाह एवं बाल श्रम प्रतिषेध, दत्तक ग्रहण कानून, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और पुनर्वास योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
यह पाठ्यक्रम प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में उनके बोर्ड/परिषद की अनुमति से प्रारंभ किया जा रहा है। इससे युवाओं के लिए बाल संरक्षण, काउंसलिंग और सामाजिक कार्य के क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।</description><guid>20185</guid><pubDate>26-Sep-2026 3:12:50 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में बारिश-बाढ़ के हालात पर CM साय अलर्ट, कलेक्टरों को राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20184</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश से उत्पन्न बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हुए प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की सतत निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निचले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष नजर रखी जाए। जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ की आशंका की स्थिति में लोगों को समय रहते सचेत किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने आगामी दिनों में लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव दल आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहें। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, पंचायत एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों के लिए आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षित आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जलभराव वाले मार्गों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में आवागमन को लेकर विशेष सावधानी बरती जाए तथा जोखिम वाले स्थानों पर लोगों को जाने से रोका जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से मैदानी अमले को सक्रिय रखने तथा स्थानीय स्तर पर मिलने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नदी-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों पर न जाएं तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करें।</description><guid>20184</guid><pubDate>26-Sep-2026 1:35:34 pm</pubDate></item><item><title>औद्योगिक विकास को बड़ी सौगात: कचना में फैक्टरी कॉम्प्लेक्स और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर को हरी झंडी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20183</link><description>रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने धमतरी जिले के ग्राम कचना में प्लग एंड प्ले फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु प्रस्तावित स्थल एवं लागत और शासकीय भूमि पर फैक्टरी बिल्डिंग के निर्माण के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अंतर्गत भू-तल और मंजिला बहुमंजिला इमारतों में कुल 43,200 वर्गमीटर में निर्माण किया जाएगा। इसमें कुल 96 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। यह स्थल राजधानी रायपुर से करीब 32 किमी और धमतरी जिला मुख्यालय से 41 किमी की दूरी पर पुराना धमतरी रोड से एक किलोमीटर अंदर स्थित है। इस कॉम्प्लेक्स में विद्युत, जल आपूर्ति, सड़क, सीवरेज एवं साझा जनसुविधाएं पहले से तैयार मिलेगा। इससे उद्योगपति सीधे मशीनरी स्थापित कर तुरंत उत्पादन शुरू कर सकेंगे, जिससे समय व पूंजी की बचत होगी और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बल मिलेगा।
बैठक में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति का बैठक में राजनांदगांव जिले के तहसील-घुमका अंतर्गत ग्राम पटेवा में नवीन इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 की स्थापना हेतु 469 करोड़ 61़ लाख रूपए की अधोसंरचना निर्माण योजना को मंजूरी दी गई। इसमें केंद्रांश 210 करोड़ 56 लाख रूपए तथा राज्यांश 259 करोड़ 05 लाख रूपए शामिल है। इस परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 12वीं प्रोजेक्ट रिव्यू कमेटी द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। यह क्लस्टर कुल 306.56 एकड़ भूमि में फैला होगा, जिसमें से 150.56 एकड़ में औद्योगिक भू-खण्ड विकसित किए जाएंगे। क्लस्टर में 04 प्रमुख एंकर यूनिट्स की स्थापना भी प्रस्तावित है।
प्रस्तावित अधोसंरचनाएं में 04 नग बहुमंजिला फ्लैटेड फैक्टरी भवनों का निर्माण होगा। इनमें प्रशासनिक भवन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा कॉमन फैसिलिटी सेंटर होगा। कर्मचारियों हेतु 250 बेड क्षमता वाला हॉस्टल भवन, विद्युत अधोसंरचना के तहत 05 एमवीए क्षमता विद्युत सब-स्टेशन और सोलर स्ट्रीट लाइट और 11केव्ही एचटी लाइन नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, इलेक्टॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर सहित वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वित्त, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी एवं अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।</description><guid>20183</guid><pubDate>26-Sep-2026 12:57:51 pm</pubDate></item><item><title>लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन और अप्रारंभ कार्यों को द्रुत गति से शुरू करने तैयारियों की समीक्षा की</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20182</link><description>रायपुर। लोक निर्माण विभाग बरसात के बाद सडकों, पुल-पुलियों और भवनों के निर्माण को रफ्तार देने की तैयारी में है। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर फील्ड में कार्यों को गति देने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर निर्माण सामग्री, मशीनरी और मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अक्टूबर से निर्माणाधीन कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने और अप्रारंभ कामों को शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थलों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर ठेकेदारों को बाधामुक्त कार्यस्थल उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संवाद और अच्छा समन्वय रखते हुए टाइमलाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा।
श्री बंसल ने सभी कार्यपालन अभियंताओं को हर दो महीने में अनुविभागीय अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, उप अभियंताओं और ठेकेदारों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के सिविल और विद्युत-यांत्रिकी शाखा के अभियंताओं को आपसी तालमेल से काम करने को कहा। दोनों शाखाओं के बीच समन्वय की कमी से कार्यों की प्रगति प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने एनआईटी तैयार करते समय कार्य पूरा करने की अवधि को व्यावहारिक रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों का मूल्याकंन कर हर महीने भुगतान करने को कहा।
लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और विभिन्न प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने विभागीय दिशा-निर्देशों, भुगतान प्रक्रिया, समय-सीमा निर्धारण और ठेकेदारों से जुड़े नीतिगत विषयों पर सुझाव भी मांगे।
विभागीय सचिव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों में ठेकेदारों की अहम भूमिका है। उन्होंने ठेकेदारों को 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे नए टेंडर सिस्टम में नामांकन कराने और इसके लिए विभाग द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण में भाग लेने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को अपने पास उपलब्ध संसाधनों और क्षमता के अनुसार काम लेने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता पर भी जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव और सीजीआरआईडीसी के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय भी बैठक में मौजूद थे।</description><guid>20182</guid><pubDate>26-Sep-2026 11:54:17 am</pubDate></item><item><title>खतरे के बीच सेल्फी का जुनून! खारुन नदी उफान पर, महादेव घाट पुल के दोनों छोर पर जुटी भीड़</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20181</link><description>रायपुर। कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश के कारण खारुन नदी का जलस्तर बढ़ गया है. महादेव घाट पुल पर करीब 2 फीट ऊपर पानी बहने की वजह से रायपुर-अमलेश्वर मार्ग पर आवाजाही बंद हो चुकी है. आवाजाही भले ही बंद कर दी गई हो, लेकिन नदी का रौद्र रूप देखने पुल के दोनों छोर पर बड़ी संख्या में मौजूद अपनी जान जोखिम में सेल्फी खींचते, वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं.
शिवनाथ नदी की प्रमुख सहायक खारुन नदी बालोद जिला के गुरुर तहसील क्षेत्र से निकलने है. बीते तीन दिनों से प्रदेश के अन्य हिस्सों के साथ बालोद जिले में भी हो रही लगातार बारिश से खारून पूरी तरह से उफान पर है. गर्मी के दिनों में पलती धार बन जाने वाली इस नदी का बरसात में रौद्र रूप देखने के लिए न केवल रायपुर के महादेव घाट में बल्कि रायपुर-दुर्ग मार्ग पर खारून नदी के पुल के ऊपर बड़ी संख्या में लोग नजारा देखने के लिए पहुंच रहे हैं.
लगातार बारिश के बीच इस तरह से लोगों का पहुंचना चिंता पैदा करता है. हालांकि, महादेव घाट में लोगों को समझाइश देने पुलिस प्रशासन की टीम मौजूद हैं, और लोगों को समझाइश भी दी जा रही हैं. लेकिन लोगों का उत्साह कम होता नजर नहीं आ रहा है.
बता दें कि मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है. ऐसे में नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखना जरूरी है. फिलहाल, महादेव घाट में खारुन का बढ़ा जलस्तर और पुल के ऊपर बहता पानी लोगों के लिए खतरे का संकेत है. लोगों से अपील है कि महादेवघाट में बढ़े जलस्तर के बीच नदी और पुल के आसपास जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.</description><guid>20181</guid><pubDate>26-Sep-2026 11:42:18 am</pubDate></item><item><title>भारी बारिश के मद्देनजर कल प्रदेश के सभी स्कूलों में रहेगा अवकाश : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20180</link><description>रायपुर। प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शनिवार 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा आवागमन में कठिनाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूली बच्चों को किसी प्रकार का जोखिम न उठाना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के विद्यालयों में अवकाश रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि बच्चों को घर पर ही रखें। साथ ही सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों एवं सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए</description><guid>20180</guid><pubDate>25-Sep-2026 11:19:48 pm</pubDate></item><item><title>मदकूद्वीप पहुंचे CM साय, रामाश्रय-गणेश मंदिर में की पूजा-अर्चना; कन्या पूजन कर लिया आशीर्वाद</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20179</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचकर प्राचीन रामाश्रय एवं गणेश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में आयोजित कन्या पूजन में श्रद्धापूर्वक कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वे कन्या भोज में शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप माना गया है। कन्या पूजन हमारी समृद्ध परंपरा में मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन धार्मिक परंपराओं, पुरातात्विक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है। मदकूद्वीप भी प्रदेश की ऐसी ही महत्वपूर्ण धरोहरों में शामिल है, जहां इतिहास, आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। ऐसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल हमारी गौरवशाली विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पुरातत्व विभाग द्वारा स्थापित मंदिर संग्रहालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित पुरातात्विक धरोहरों एवं ऐतिहासिक अवशेषों के संबंध में जानकारी ली और मदकूद्वीप के ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक महत्व से रूबरू हुए।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें केवल अतीत की स्मृतियां नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने वाली अमूल्य निधि हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला एवं विधायक पुन्नू लाल मोहले, क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

</description><guid>20179</guid><pubDate>25-Sep-2026 11:11:58 pm</pubDate></item><item><title>मदकू में विकास का नया अध्याय: CM साय ने 68.96 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20178</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुंगेली जिले के ग्राम मदकू में 68 करोड़ 96 लाख 96 हजार रुपये की लागत के 21 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, बिजली, खेल और जनसुविधाओं के विस्तार से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री श्री साय सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित आंगन मिलन सेवा, रक्तदान एवं नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर में भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि विकास की गति तेज हो और जनसेवा की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो। गांवों में अच्छी सड़कें हों, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, माताओं और बच्चों को पर्याप्त पोषण मिले और गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक शासन की प्रत्येक योजना का लाभ सहजता से पहुंचे। इसी सोच के साथ हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
   
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को शासन के केंद्र में रखा है। उनके नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश में विकास के साथ जनकल्याण का एक नया अध्याय लिखा गया है। छत्तीसगढ़ में भी हमारी सरकार प्रधानमंत्री जी की इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनसेवा के संकल्प को जनभागीदारी से और मजबूत करने का माध्यम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और जनकल्याण की योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी विस्तार मिल रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ है कि नागरिक को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े, उसकी समस्या का समय पर समाधान हो और शासन की योजनाओं का लाभ उसे आसानी से मिले। इसी उद्देश्य से सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बना रही है। ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों जैसी पहलों के माध्यम से शासन को नागरिकों के और करीब लाया जा रहा है।
   
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में बदलाव लाने का काम हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हमारा स्पष्ट प्रयास है कि पात्रता रखने वाला कोई भी परिवार जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में किसी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
स्वस्थ माता और सुपोषित बच्चा मजबूत समाज की नींव
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र हमारे बच्चों के पोषण और माताओं के स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके संपूर्ण विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए उनके पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण और प्रारंभिक देखभाल पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
 
उन्होंने कहा कि आंगन मिलन के माध्यम से परिवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और स्वास्थ्यकर्मी एक साथ बैठकर बच्चों के पोषण, गर्भवती माताओं की देखभाल, एनीमिया, टीकाकरण और स्वच्छता जैसे विषयों पर संवाद कर रहे हैं। यह पहल स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को पहुंचाने में इनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनकी सेवा और समर्पण के कारण शासन की अनेक योजनाएं घर-घर तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माताओं-बहनों का सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे पहुंच रही है। यह राशि महिलाओं को अपनी और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।
समय पर जांच कराएं, अपने स्वास्थ्य को भी दें प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री साय ने मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित नागरिकों से स्वास्थ्य जांच की सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया सहित अनेक बीमारियों की समय रहते पहचान हो जाए तो उनका उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
उन्होंने माताओं-बहनों से विशेष रूप से आग्रह किया कि परिवार की देखभाल के साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। स्वस्थ माता ही स्वस्थ परिवार की आधारशिला है और स्वस्थ परिवारों से ही स्वस्थ एवं सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।
रक्तदान करने वाले सेवाभावियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी अनजान जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। समाज के लिए आगे बढ़कर रक्तदान करने वाले युवा और सभी सेवाभावी अभिनंदन के पात्र हैं।
मदकू की विरासत को विकास और पर्यटन से जोड़ेंगे
मुख्यमंत्री श्री साय ने मदकू द्वीप के ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत हमारी पहचान और हमारा गौरव है। इसका संरक्षण करने के साथ इसे नई पीढ़ी से जोड़ना भी हमारी जिम्मेदारी है। मदकू द्वीप में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से इसकी विशिष्ट पहचान को और मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। मदकू द्वीप जैसे महत्वपूर्ण स्थलों को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, ताकि प्रदेश और देश के अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ की इस समृद्ध धरोहर से परिचित हो सकें।
स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने सरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रॉमा सेंटर प्रारंभ करने तथा पिपर डोल और लमती की प्राथमिक शालाओं को मिडिल स्कूल में उन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने ताला महोत्सव और मदकू द्वीप उत्सव के आयोजन के लिए 15-15 लाख रुपये तथा पथरिया के अवंती बाई लोधी कॉलेज में रानी अवंती बाई लोधी की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने मदकू द्वीप में इको टूरिज्म सेंटर की स्थापना के लिए 75 लाख रुपये, भाटापारा में इनडोर स्टेडियम निर्माण और भाटापारा क्षेत्र के 10 गांवों में प्रत्येक गांव में 10 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।
उन्होंने मदकू और तुमाढेठा में 33 केवी सब स्टेशन स्थापित करने, चंदखुरी की कोर बस्ती में भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये तथा मदकू में सामुदायिक भवन निर्माण की भी घोषणा की।
68.96 करोड़ रुपये के 21 विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 34 करोड़ 77 लाख 19 हजार रुपये की लागत से पूर्ण कार्यों का लोकार्पण और 34 करोड़ 19 लाख 77 हजार रुपये की लागत के नए कार्यों का शिलान्यास किया।
लोकार्पित कार्यों में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत लोरमी विधानसभा क्षेत्र में 20 करोड़ 07 लाख 61 हजार रुपये के आठ कार्य तथा बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ 68 लाख 06 हजार रुपये का एक कार्य शामिल है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा पुलिस विभाग के कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
शिलान्यास किए गए कार्यों में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के तहत मुंगेली विधानसभा क्षेत्र में 8 करोड़ 04 लाख 63 हजार रुपये का एक कार्य शामिल है। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मुंगेली विधानसभा क्षेत्र में 20 करोड़ 88 लाख 29 हजार रुपये के तीन तथा बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में 4 करोड़ 83 लाख 85 हजार रुपये के दो कार्यों की आधारशिला रखी गई। बिल्हा क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 43 लाख रुपये के कार्य का भी शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों से मुंगेली, लोरमी और बिल्हा विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य अधोसंरचना और अन्य जनसुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी प्राथमिकता : केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम सराफ को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भी उनका स्मरण किया।
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री साहू ने कहा कि स्वर्गीय शांताराम सराफ ने मदकू द्वीप के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को सामने लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों से यहां उत्खनन कार्य हुआ और इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के साथ अपनी विरासत को सहेजने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के मार्ग पर चलते हुए गरीब कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
मदकू द्वीप की प्राचीन विरासत को मिलेगी नई पहचान : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मदकू द्वीप छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत को अपने भीतर समेटे हुए है और यह 11वीं सदी का महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र रहा है। राज्य सरकार मदकू द्वीप के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से भी इसके विकास को सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मानित सभी सेवाभावियों को बधाई दी।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि स्वर्गीय शांताराम सराफ ने मदकू द्वीप के विकास और इसकी ऐतिहासिक पहचान को स्थापित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। उनके कार्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल, वाणिज्य एवं उद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय, गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बिलासपुर राजस्व संभाग के संभागायुक्त सुनील जैन, बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल सहित संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</description><guid>20178</guid><pubDate>25-Sep-2026 8:28:01 pm</pubDate></item><item><title>स्वास्थ्य सुरक्षा से जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20177</link><description>रायपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया है।
भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आठ वर्ष तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित आरोग्य मंथन 2026 में छत्तीसगढ़ को यह सम्मान प्रदान किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ की ओर से आयुष्मान भारत योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के किसी भी पात्र नागरिक को आर्थिक कठिनाई के कारण उपचार से वंचित न होना पड़े। बीमारी के समय परिवार को उपचार के साथ आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिले, इसी उद्देश्य से प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत भरोसा दिया है। छत्तीसगढ़ में भी इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
प्रदेश से बाहर भी उपचार की चिंता नहीं, पोर्टेबिलिटी बनी स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना की पोर्टेबिलिटी सुविधा विशेष रूप से उन नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें रोजगार, कामकाज अथवा अन्य कारणों से अपने गृह राज्य से बाहर रहना पड़ता है या बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्य जाना पड़ता है। इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र हितग्राही देश के अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जो हितग्राही दूसरे राज्यों में उपचार लेते हैं, उन्हें भी योजना का लाभ सहजता से मिले और उनके क्लेम का निराकरण समय पर हो, इसके लिए राज्य सरकार लगातार व्यवस्था को मजबूत कर रही है। पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में मिला राष्ट्रीय सम्मान इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। यह सम्मान हमें स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, प्रभावी और हितग्राही-केंद्रित बनाने की प्रेरणा देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा से जनकल्याण के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रयास है कि गंभीर बीमारी किसी परिवार के लिए आर्थिक संकट का कारण न बने और जरूरत के समय प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो।
क्लेम प्रोसेसिंग और तकनीकी निगरानी पर विशेष ध्यान
प्रदेश में पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध निराकरण के लिए क्लेम प्रोसेसिंग व्यवस्था, तकनीकी निगरानी, संबद्ध अस्पतालों के साथ समन्वय और लंबित प्रकरणों के निराकरण पर लगातार विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं को इस प्रकार सुदृढ़ किया जा रहा है कि उपचार प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान इस बात को भी रेखांकित करता है कि छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के संचालन के लिए विकसित की गई व्यवस्थाएं लाभार्थी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने में प्रभावी भूमिका निभा रही हैं।
हर पात्र परिवार तक पहुंचे आयुष्मान भारत का लाभ : स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि प्रदेश में योजना के प्रभावी, पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को रेखांकित करती है।
श्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग का निरंतर प्रयास है कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ उनकी गुणवत्ता को भी लगातार बेहतर कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। आने वाले समय में क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को और मजबूत किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को गुणवत्तापूर्ण, निःशुल्क, समयबद्ध और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
देशभर में पोर्टेबिलिटी से लाखों हितग्राहियों को मिला उपचार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। योजना की पोर्टेबिलिटी सुविधा ने लाभार्थियों के लिए राज्य की सीमाओं से परे भी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
30 जून 2026 तक पोर्टेबिलिटी सुविधा के अंतर्गत देशभर में 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश अधिकृत किए गए हैं, जिनसे संबंधित अधिकृत राशि 8,383.97 करोड़ रुपये से अधिक है। यह व्यवस्था विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले नागरिकों और गृह राज्य से बाहर उपचार की आवश्यकता वाले परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रही है।
डिजिटल तकनीक से और मजबूत होगा स्वास्थ्य सेवा तंत्र
आरोग्य मंथन 2026 में स्वास्थ्य आश्वासन और डिजिटल हेल्थ के अगले चरण को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इस दौरान क्लेम प्रोसेसिंग को अधिक तकनीक-सक्षम बनाने, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने तथा स्वास्थ्य डेटा के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग से संबंधित नई पहलों पर चर्चा हुई। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।</description><guid>20177</guid><pubDate>25-Sep-2026 8:05:38 pm</pubDate></item><item><title>13 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति निरस्त, समय पर कार्यभार नहीं संभालने पर हुई कार्रवाई</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20176</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 13 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति एवं पदस्थापना निरस्त कर दी गई है। इन अभ्यर्थियों को प्रदेश के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पदस्थापना दी गई थी, लेकिन निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने के चलते यह कार्रवाई की गई है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग, मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक लोक सेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्ति दी गई थी। निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित पदों पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने के कारण उनकी नियुक्ति एवं पदस्थापना निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
निर्धारित समय में ज्वाइन नहीं करना पड़ा भारी
विभागीय आदेश के अनुसार संबंधित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बाद तय समयावधि में अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करना था। समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नियुक्ति निरस्त करने की कार्रवाई की है।
</description><guid>20176</guid><pubDate>25-Sep-2026 8:03:45 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय साय ने स्कूली बच्चों के साथ किया वंदे मातरम् का सामूहिक गायन, राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा विद्यालय परिसर</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20175</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्यों और उपस्थित नागरिकों के साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। एक स्वर और एक लय में गूंजे वंदे मातरम् से पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर हो उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सरस्वती शिशु मंदिर के विकास के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि मां भारती की वंदना, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना का सशक्त स्वर है। स्वतंत्रता संग्राम के कठिन दौर में इस गीत ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाई और असंख्य क्रांतिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने की प्रेरणा दी। वंदे मातरम् का उद्घोष स्वतंत्रता सेनानियों के लिए राष्ट्रप्रेम, साहस और संकल्प की अभिव्यक्ति बन गया था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर हमें अपने गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और उनके त्याग एवं बलिदान को स्मरण करने का अवसर देता है। इसके साथ ही यह नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का बोध कराने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों और नागरिकों द्वारा सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ मां भारती की वंदना राष्ट्रीय एकता और चेतना का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को वंदे मातरम् के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका से परिचित कराने के साथ उनके भीतर राष्ट्रप्रेम एवं कर्तव्यबोध की भावना को और मजबूत करते हैं।
दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी मिल रहे आगे बढ़ने के बेहतर अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को, चाहे वह शहर में रहता हो या बस्तर-सरगुजा के किसी सुदूर अंचल में, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर मिलें। इसके लिए प्रदेशभर में शैक्षणिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि संसाधनों के अभाव में प्रदेश के किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे की आगे बढ़ने की राह न रुके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में विद्यार्थियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वहां अध्ययनरत छत्तीसगढ़ के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और आगे बढ़ने की क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर छत्तीसगढ़ के हमारे बच्चे देश के किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।
शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, चरित्र और जिम्मेदार नागरिक के निर्माण का माध्यम
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान या डिग्री प्राप्त करना नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो ज्ञान के साथ संस्कार दे, अनुशासन सिखाए, चरित्र का निर्माण करे और बच्चों में समाज तथा राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करे। संस्कारवान और राष्ट्रभक्त युवा ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय लंबे समय से शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण में समर्पित सभी आचार्यों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि बच्चों के जीवन को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाते हैं।
बड़ा सपना देखिए और आज से ही उसके लिए मेहनत शुरू कीजिए
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आप सभी देश और छत्तीसगढ़ का भविष्य हैं। आने वाले वर्षों में देश और समाज की जिम्मेदारी आपके कंधों पर होगी। इसलिए जीवन में बड़ा सपना देखिए, अपना लक्ष्य तय कीजिए और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और ईमानदारी से मेहनत कीजिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक अथवा किसी अन्य क्षेत्र में जाकर देश और समाज की सेवा करना चाहता है तो अपने लक्ष्य को अभी से स्पष्ट करे और उसकी तैयारी शुरू कर दे। जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी शिक्षा और व्यक्तिगत सफलता को राष्ट्र एवं समाज की प्रगति से जोड़कर देखें। अपने जीवन में जो भी दायित्व मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं तथा अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज और देश की सेवा में करें।
छत्तीसगढ़ में 1500 स्थानों पर पांच लाख लोगों ने किया सामूहिक गायन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माणिक लाल साहू ने कहा कि विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार स्थानों पर लगभग एक करोड़ लोगों द्वारा एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी लगभग 1500 स्थानों पर पांच लाख लोगों ने इस आयोजन में सहभागिता की। मां सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नीलेश अग्रवाल ने कहा कि वंदे मातरम् भारत की राष्ट्रीय चेतना, त्याग और गौरव की अभिव्यक्ति है। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-बोध और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच परिवर्तन को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति और समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन से ही सशक्त राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है।
कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, राजीव लोचन महाराज, मयंक बैस, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, अजय कुलश्रेष्ठ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, आचार्यगण, विद्यालय परिवार के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।</description><guid>20175</guid><pubDate>25-Sep-2026 8:02:17 pm</pubDate></item><item><title>मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक: प्रदेश में खुलेंगे 360 नए खरीदी केंद्र, बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20174</link><description>रायपुर। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में गुरूवार 24 सितंबर को आयोजित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में किसानों की सुविधा, धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था, जूट बारदानों की उपलब्धता तथा कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की प्रगति पर की गई।
बैठक में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
360 नए धान खरीदी केंद्रों से किसानों को मिलेगी सुविधा
बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 360 नवीन धान खरीदी केंद्र खोले गए हैं। इन नए केंद्रों में धान खरीदी से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
मंत्रिमंडलीय उप समिति ने नवीन खरीदी केंद्रों में धान उपार्जन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी जरूरी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप समिति ने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया किसान-केंद्रित हो तथा खरीदी केंद्रों पर किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था
धान उपार्जन के लिए बारदानों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मंत्रिमंडलीय उप समिति ने आवश्यक नए एवं पुराने जूट बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि विपणन संघ द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता के माध्यम से 3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था की जा रही है।
अब तक विपणन संघ को 1.14 लाख गठान नए जूट बारदाने प्राप्त हो चुके हैं। उप समिति ने शेष आवश्यक बारदानों की उपलब्धता भी समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि धान खरीदी के दौरान बारदानों की कमी के कारण उपार्जन व्यवस्था प्रभावित न हो।
कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की गति बढ़ाने के निर्देश
बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कस्टम मिलिंग की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कस्टम मिलिंग के अंतर्गत कुल 89 लाख टन चावल जमा करने का लक्ष्य है। इसमें से अब तक 37.50 लाख टन चावल जमा किया जा चुका है, जबकि मिलरों द्वारा 51.50 लाख टन चावल जमा किया जाना शेष है।
कस्टम मिलिंग का चावल जमा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक की समय-सीमा निर्धारित है। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने शेष चावल की मात्रा को देखते हुए कस्टम मिलिंग एवं चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों से इसकी नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराना सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक जितेन्द्र शुक्ला, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक विलास भोसकर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार एवं सहकारी संस्थाओं के पंजीयक रमेश कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</description><guid>20174</guid><pubDate>25-Sep-2026 7:57:11 pm</pubDate></item><item><title>विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण आयोजित</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20173</link><description>रायपुर। विकसित भारत -जीरामजी योजना के अंतर्गत प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए आज ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा में राज्य स्तरीय जिला मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। विकसित भारत-जीरामजी के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी जिलों के सहायक परियोजना अधिकारियों एवं प्रोग्रामरों ने भाग लिया।

आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने सभी प्रशिक्षार्थियों से कहा कि विकसित ग्राम पंचायत योजना प्रक्रिया में ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में प्रत्येक गांव की जरूरतों और प्राथमिकताओं पर खुलकर संवाद किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस्ती एवं वार्ड स्तर तक पहुंचकर अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की सहभागिता से विकास योजना तैयार करने, डिजिटल मैपिंग, परिसंपत्तियों के सत्यापन और योजनाओं के समेकन की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य जिला मास्टर ट्रेनर्स को योजना निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराना है, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर निर्धारित समय-सीमा में योजनाएं तैयार की जा सकें।
प्रशिक्षण में बताया गया कि 2 अक्टूबर से प्रदेश की ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को गांव के आधारभूत आंकड़ों, उपलब्ध संसाधनों, मानचित्रों और प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीण स्वयं अपने गांव की जरूरतों, समस्याओं और विकास की प्राथमिकताओं को तय करने में भागीदारी निभाएंगे। ग्राम सभाओं में प्राप्त सुझावों के आधार पर ग्राम पंचायतों की आगामी विकास कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
अक्टूबर-नवंबर में सीधा संवाद और दिसंबर में होगा योजना का अनुमोदन
प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि अक्टूबर और नवंबर माह में बस्ती एवं वार्ड स्तर पर ग्रामीणों के साथ बैठकें आयोजित कर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन किया जाएगा। इन बैठकों में ग्रामीणों से गांव की समस्याओं, आवश्यक सुविधाओं, उपलब्ध संसाधनों और प्रस्तावित विकास कार्यों के संबंध में सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।
इस दौरान गांवों में मौजूद परिसंपत्तियों का स्थल सत्यापन भी किया जाएगा। ऐसी परिसंपत्तियां, जो भौतिक रूप से उपलब्ध हैं लेकिन डिजिटल अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं, उन्हें युक्तधारा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर प्रस्तावित विकास कार्यों के संभावित स्थानों को डिजिटल मानचित्र पर चिह्नित किया जाएगा।
दिसंबर माह में तैयार विकसित ग्राम पंचायत योजना का प्रारूप ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ग्रामीणों के सुझावों और आवश्यक विचार-विमर्श के आधार पर योजना में संशोधन कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद ग्राम सभा से औपचारिक अनुमोदन प्राप्त कर योजना को विकासखंड स्तर पर भेजा जाएगा। ग्राम पंचायतों से प्राप्त योजनाओं का विकासखंड एवं जिला स्तर पर समेकन 15 जनवरी तक पूरा किया जाएगा।
जल सुरक्षा, आजीविका और ग्रामीण अधोसंरचना पर विशेष ध्यान
विकसित ग्राम पंचायत योजना में जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से संबंधित अधोसंरचना और प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना निर्माण के दौरान गांवों में उपलब्ध प्राकृतिक एवं भौतिक संसाधनों का आकलन किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण में संयुक्त आयुक्त , वीबी - जी राम जी रामाधन श्रीवास, दीपक शर्मा, अधीक्षण अभियंता विनय गुप्ता, सहायक आयुक्त यशवत चंद्राकर, राज्य एमआईएस नोडल अधिकारी मजहर शामी, वीबी जी राम जी संकाय सदस्य आनंद रघुवंशी ने शामिल होकर विकसित ग्राम पंचायत योजना निर्माण की प्रक्रिया एवं तकनीकी बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया ।</description><guid>20173</guid><pubDate>25-Sep-2026 3:25:52 pm</pubDate></item><item><title>भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, CM साय ने कलेक्टरों को किया अलर्ट</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20172</link><description>रायपुर। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, हमने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रखा है। सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि भारी बारिश के कारण कहीं भी किसी प्रकार की आवश्यकता उत्पन्न होती है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से भी भारी बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मुख्यमंत्री ने लोगों से नदी-नालों, जलप्रपातों और उफनते जलस्रोतों के पास नहीं जाने की अपील की है, क्योंकि पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जलमग्न पुल-पुलियों एवं सड़कों को किसी भी स्थिति में पार करने का प्रयास न करें और जिन स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरियर लगाए गए हैं, वहां प्रशासन के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के दौरान बिना आवश्यकता यात्रा करने से बचें, विशेषकर रात के समय अतिरिक्त सावधानी रखें। गिरे हुए बिजली के तारों अथवा विद्युत संबंधी किसी खतरे से दूर रहें और इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग, स्थानीय प्रशासन अथवा पुलिस को दें।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा उन्हें अकेले बाहर नहीं जाने देने की अपील की। पहाड़ी क्षेत्रों एवं भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112 अथवा स्थानीय प्रशासन से तत्काल संपर्क करें। मौसम और राहत संबंधी जानकारी के लिए केवल शासन-प्रशासन एवं अन्य अधिकृत स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें और अफवाहों अथवा भ्रामक संदेशों को आगे न बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सतर्कता, संयम और परस्पर सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। अपने आसपास किसी व्यक्ति को सहायता की आवश्यकता हो तो उसकी यथासंभव मदद करें और जरूरत पड़ने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें।</description><guid>20172</guid><pubDate>25-Sep-2026 3:16:30 pm</pubDate></item><item><title>रायपुर में बारिश के बीच कांग्रेस का प्रदर्शन, निर्वाचन कार्यालय घेरने पहुंचे कार्यकर्ता</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20171</link><description>रायपुर। राजधानी रायपुर में शुक्रवार को बरसते पानी में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन कार्यालय का घेराव करने के साथ ही पुतला दहन भी किया। प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने निर्वाचन कार्यालय के आसपास कई लेयर में बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता तीन बैरिकेड तोड़कर कार्यालय के करीब पहुंच गए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी भी हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सामने पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोककर उन्हें आगे जाने से रोका। कांग्रेस का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। मतदाताओं के नाम अवैध तरीके से काटे और जोड़े गए, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर काम करने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची में अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसी मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। फिलहाल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्वाचन कार्यालय के मुख्य परिसर तक पहुंचने से रोक दिया है। कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन और कार्रवाई की मांग जारी है।</description><guid>20171</guid><pubDate>25-Sep-2026 2:48:04 pm</pubDate></item><item><title>मानसून की विदाई से पहले छत्तीसगढ़ में बारिश का कोटा पूरा, 100.1% पहुंचा आंकड़ा</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20170</link><description>​रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की बारिश ने सामान्य औसत का आंकड़ा पार कर लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 25 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 100.1 प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज की गई है।
24 घंटे में 52.8 मिमी औसत बारिश
1 जून से 25 सितंबर की अवधि में राज्य में औसतन 1082.4 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बीते 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि की संभावित औसत वर्षा 1081.5 मि.मी. मानी जाती है। बीते 24 घंटों में ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में औसतन 52.8 मि.मी. पानी बरसा है।
बलरामपुर में सामान्य से 69.4% ज्यादा बारिश
क्षेत्रवार स्थिति पर नजर डालें तो इस बार सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभाग के कई जिलों में बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई है। बलरामपुर जिला 169.4% बारिश के साथ प्रदेश में प्रतिशत के हिसाब से सबसे आगे बना हुआ है, जहाँ अब तक 1527.7 मि.मी. पानी गिर चुका है।
वहीं कुल वर्षा की मात्रा के मामले में नारायणपुर जिला शीर्ष पर है, जहाँ अब तक रिकॉर्ड 1600.4 मि.मी. बारिश दर्ज हो चुकी है। बस्तर जिले में एक ही दिन में सर्वाधिक 188.2 मि.मी. और कोंडागांव में 161.8 मि.मी. बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद नारायणपुर में 151.9 मि.मी. तथा गरियाबंद में 110.3 मि.मी. बारिश हुई।
रायपुर समेत कई जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भी बारिश की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। रायपुर जिले में अब तक 1180.2 मि.मी. (129.5%), गरियाबंद में 1357.7 मि.मी. (126.5%), धमतरी में 1201.7 मि.मी. (113.4%), महासमुंद में 1204.2 मि.मी. (121.7%), और बालोद में 1192.1 मि.मी. (115.0%) बारिश के साथ सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
इसी तरह बिलासपुर संभाग के मुंगेली में 1026.5 मि.मी. (108.8%), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1161.3 मि.मी. (134.1%), तथा सूरजपुर में 1173.6 मि.मी. (111.2%) वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से पीछे चल रहा है। सरगुजा जिले में अब तक 606.6 मि.मी. (75.5%), जशपुर में 828.7 मि.मी. (79.7%), कबीरधाम में 672.0 मि.मी. (82.2%), बेमेतरा में 597.1 मि.मी. (74.5%), और कांकेर में 1110.7 मि.मी. (75.9%) बारिश दर्ज की गई है, जो औसत के मुकाबले कम की श्रेणी में आता है।
इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (74.7%) तथा बीजापुर (78.7%) में भी प्रतिशत के लिहाज से औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य के काफी करीब बना हुआ है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश भर की नदियों के जलस्तर और बारिश के आंकड़ों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिन जिलों में हाल ही में भारी वर्षा हुई है, वहाँ निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।</description><guid>20170</guid><pubDate>25-Sep-2026 2:37:00 pm</pubDate></item><item><title>पेंशन मामले में लापरवाही पर कार्रवाई: शिक्षा विभाग के 6 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित, आदेश जारी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20169</link><description>रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय ने मुंगेली जिले में दिवंगत शिक्षक के पेंशन प्रकरण से जुड़े कार्यों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में 6 अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने आदेश जारी किया है।
आदेशानुसार, शासकीय हाईस्कूल लाखासार में पदस्थ सहायक शिक्षक विज्ञान अंजनी त्रिपाठी का 25 सितंबर 2022 को सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पेंशन और मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान के प्रकरण की प्रक्रिया में यह पाया गया कि वर्ष 2018 में सहायक शिक्षक एल बी संवर्ग संविलियन के बाद किए गए वेतन निर्धारण की सक्षम प्राधिकारी से समय पर जांच और अनुमोदन नहीं कराया गया। विलंब से अनुमोदन के कारण अधिक भुगतान की वसूली की स्थिति बनी। साथ ही लंबित पेंशन के संबंध में संचालनालय लोक शिक्षण को गलत जानकारी भेजे जाने का भी उल्लेख है।
इस मामले में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य राघवेन्द्र कुमार सोनी, प्रभारी प्राचार्य रघुनंदन सिंह राजपूत, सहायक ग्रेड-3 मोतीराम यादव, सहायक ग्रेड-2 त्रिवेणी ध्रुव, सहायक ग्रेड-3 अशोक ध्रुव और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पेंशन कक्ष प्रभारी एवं कनिष्ठ लेखा परीक्षक शत्रुघन कुलमित्र को निलंबित किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में नियम विरुद्ध कार्य, गंभीर लापरवाही और शासकीय कार्य में विलंब पाया गया। निलंबन अवधि में सभी का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर का कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
</description><guid>20169</guid><pubDate>25-Sep-2026 2:10:12 pm</pubDate></item><item><title>होलकर स्टेडियम में भारत-वेस्टइंडीज मैच के टिकटों की बुकिंग शुरू, ऑफलाइन काउंटर पर नहीं मिलेगी टिकट</title><link>https://ramraj.co/sports.php?articleid=20168</link><description>इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जाने वाले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए सामान्य टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शुरू हो गई है। सुबह 6 बजे से बुकिंग विंडो खुलते ही क्रिकेट प्रशंसकों में टिकट खरीदने की जबरदस्त होड़ देखने को मिल रही है।
11 अक्टूबर को होलकर स्टेडियम में होगा मुकाबला
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जाने वाली 5 मैचों की T20 सीरीज का तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबले को लेकर स्थानीय प्रशंसकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
जानिए टिकटों के दाम

    ईस्ट गैलरी (East Gallery)₹1,000 से ₹1,700 तक
    वेस्ट गैलरी (West Gallery)₹1,100 से ₹1,800 तक
    साउथ पवेलियन (South Pavilion)₹5,500 से ₹8,500 तक
    हॉस्पिटैलिटी टिकट (Hospitality Tickets)₹11,000 और ₹12,500

केवल ऑनलाइन मिलेगी टिकट, ऑफलाइन काउंटर बंद
प्रशासन और मप्र क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) की ओर से स्पष्ट किया गया है कि टिकटों की बिक्री केवल ऑनलाइन माध्यम से ही की जा रही है। ऑफलाइन या स्टेडियम के काउंटर पर टिकट नहीं मिलेंगे। दर्शक District ऐप (District App) या उसकी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपनी टिकट बुक कर सकते हैं। कालाबाजारी रोकने के लिए एक व्यक्ति को अधिकतम 4 टिकट खरीदने की ही अनुमति दी गई है।
स्टूडेंट कोटा पहले से ही फुल
बता दें कि छात्रों के लिए आरक्षित स्टूडेंट कोटे की 1,200 सीटों का रजिस्ट्रेशन पहले ही फुल हो चुका है। अब सामान्य श्रेणी की सीटों की बिक्री शुरू होते ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ट्रैफिक काफी बढ़ गया है। 11 अक्टूबर को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में होलकर स्टेडियम के पूरी तरह खचाखच भरे रहने की उम्मीद है।</description><guid>20168</guid><pubDate>25-Sep-2026 2:05:58 pm</pubDate></item><item><title>महाराजबंध तालाब में चला स्वच्छता अभियान, डिप्टी CM अरुण साव ने दिलाई शपथ; पांच सफाई मित्र सम्मानित</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20167</link><description>रायपुर। स्वच्छता ही सेवा 2026 और सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को रायपुर के मठपारा स्थित महाराजबंध तालाब में श्रमदान एवं सफाई अभियान चलाया गया। अभियान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नगर निगम की टीम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी-सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, महंत रामसुंदर दास, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
  
तालाब परिसर में किया श्रमदान
अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने महाराजबंध तालाब परिसर में सफाई कर कचरा और गंदगी हटाई। लोगों को तालाब और अन्य जलस्रोतों को स्वच्छ रखने के साथ सार्वजनिक स्थलों पर कचरा नहीं डालने के लिए जागरूक किया गया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत बनाना जरूरी है।
  
पांच सफाई मित्रों का सम्मान
कार्यक्रम में स्वच्छता के क्षेत्र में योगदान देने वाले पांच सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। इनमें रमेश सोना, अवधेश सोनी, घना कुर्रे, अमित धीवर और राहुल राजपूत शामिल रहे। अतिथियों ने स्वच्छता कर्मियों के योगदान की सराहना की और शहर को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
विधायक सुनील सोनी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने सेवा, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ स्वच्छता अभियानों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी का आह्वान किया।
पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और प्रतिभागियों ने पौधरोपण किया। स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने का संकल्प लिया गया।
  
सेवा मेरा योगदान की भावना से आयोजित इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, नगर निगम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी रही। महाराजबंध तालाब में हुए श्रमदान के जरिए स्वच्छता और जलस्रोतों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी का संदेश दिया गया।
  </description><guid>20167</guid><pubDate>25-Sep-2026 1:25:15 pm</pubDate></item><item><title>रिहायशी इलाकों में उद्योग-गोदाम पर रोक, कृषि जमीन के इस्तेमाल पर भी लगेगा नियंत्रण</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20166</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में शहरों और विकसित हो रहे नगरीय क्षेत्रों में जमीन के उपयोग को लेकर सरकार नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन का प्रारूप जारी किया है। इसमें अलग-अलग भूमि उपयोग श्रेणियों में सामान्यतः निषिद्ध गतिविधियों की सूची को स्पष्ट किया गया है। प्रस्ताव के तहत आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक-अर्धसार्वजनिक, परिवहन, आमोद-प्रमोद और कृषि भूमि के उपयोग पर कई तरह की
सरकार ने इस प्रस्तावित संशोधन पर आम लोगों और प्रभावित पक्षों से राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 15 दिनों के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। इसके बाद प्राप्त सुझावों पर विचार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यानी फिलहाल ये प्रावधान प्रस्तावित हैं, अंतिम नियम नहीं हैं।
आवासीय जमीन पर भारी गतिविधियों को रोकने का प्रस्ताव
प्रस्तावित सूची में आवासीय क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध शामिल किए गए हैं। आवासीय भूमि पर हरित, नारंगी, लाल और नीले श्रेणी के उद्योग, गोदाम, बूचड़खाने, कबाड़खाने, संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार और बड़े परिवहन टर्मिनल जैसी गतिविधियों को सामान्यतः निषिद्ध किया गया है।
इसके अलावा थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, गैस गोदाम, पशुपालन एवं मछली पालन, दुग्ध उत्पादन और कुक्कुट पालन तथा दाह संस्कार/कब्रिस्तान से संबंधित गतिविधियों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
वाणिज्यिक क्षेत्र में खतरनाक गतिविधियों पर रोक
वाणिज्यिक भूमि उपयोग क्षेत्र में भी कई गतिविधियों को सामान्यतः निषिद्ध रखने का प्रस्ताव है। इसमें नारंगी, लाल और नीले श्रेणी के उद्योग, खतरनाक या विषाक्त रसायनों का भंडारण और विस्फोटक भंडारण शामिल हैं। पशुपालन, मछली पालन, दुग्ध उत्पादन, कुक्कुट पालन तथा दाह संस्कार और कब्रिस्तान से संबंधित गतिविधियों को भी प्रतिबंधित सूची में रखा गया है।
औद्योगिक क्षेत्रों में भी उपयोग का दायरा तय
औद्योगिक भूमि उपयोग के लिए प्रस्तावित नियमों में पूर्णतः आवासीय टाउनशिप को सामान्यतः निषिद्ध गतिविधियों में रखा गया है। हालांकि, अनुमत कर्मचारी आवास, छात्रावास और शयनागार को इससे अलग रखा गया है।
इसके अलावा विद्यालय, संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, गैस गोदाम तथा कुछ असंबंधित वाणिज्यिक और पर्यावरण-संवेदनशील उपयोग भी प्रस्तावित निषिद्ध गतिविधियों में शामिल हैं।
कृषि जमीन पर बड़े मॉल और उद्योग भी प्रस्तावित प्रतिबंधित
कृषि भूमि के उपयोग को लेकर भी प्रस्ताव में महत्वपूर्ण प्रावधान हैं। कृषि भूमि पर आवासीय अभिन्यास, वाणिज्यिक परिसर, बड़े वाणिज्यिक प्रोजेक्ट, खतरनाक वाणिज्यिक उपयोग और विभिन्न श्रेणी के उद्योगों को सामान्यतः निषिद्ध गतिविधियों में रखा गया है।
प्रस्ताव में उच्च घनत्व वाली आवासीय योजनाओं और बड़े मॉल को भी कृषि भूमि उपयोग की प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल किया गया है। इससे कृषि भूमि को अनियंत्रित व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोग में बदलने पर नियंत्रण का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
15 दिन में दे सकेंगे आपत्ति-सुझाव
आवास एवं पर्यावरण विभाग के अनुसार प्रस्तावित प्रारूप पर प्रभावित व्यक्ति अपनी आपत्ति या सुझाव सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के कार्यालय में लिखित रूप से दे सकते हैं। सुझाव ई-मेल के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं। विभाग द्वारा प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संशोधन प्रारूप अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। राजपत्र में प्रकाशन के बाद निर्धारित अवधि में प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार किए जाने के बाद ही इसके अंतिम रूप में लागू होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
देखिए राजपत्र

</description><guid>20166</guid><pubDate>25-Sep-2026 1:15:14 pm</pubDate></item><item><title>बिलासपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 22 पुलिसकर्मियों का तबादला; SSP ने जारी किया आदेश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20165</link><description>बिलासपुर। जिले के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से 22 पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है। इनमें उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक शामिल हैं। सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
देखिये आदेश की कॉपी-

</description><guid>20165</guid><pubDate>25-Sep-2026 12:28:06 pm</pubDate></item><item><title>अनुकंपा नियुक्ति पर 6 साल से फैसला नहीं, हाईकोर्ट ने विभाग को 40 दिन में निर्णय के दिए निर्देश</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20164</link><description>बिलासपुर। हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के एक मृत कर्मचारी की बहू को अनुकंपा नियुक्ति देने के मामले में सुनवाई के बाद सक्षम अधिकारी को 40 दिन के भीतर नियमानुसार निर्णय लेने का आदेश दिया है। आवेदन पर लंबे समय तक फैसला न होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
जल संसाधन विभाग के कर्मचारी की वर्ष 2017 में मृत्यु हो गई थी। उनकी बहू शांति बाई यादव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए 28 नवंबर 2020 को आवेदन दिया था। करीब छह साल बाद भी आवेदन पर निर्णय नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता शांति बाई ने याचिका में कहा कि आश्रित परिवार के सदस्य के रूप में अनुकंपा नियुक्ति का लाभ पाने का उन्हें अधिकार है।
याचिका में कहा गया कि आवेदन निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत किया गया था, लेकिन विभाग ने अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया। सुनवाई के दौरान शांति बाई की ओर से अधिवक्ता ने आवेदन पर निर्णय नहीं होने की बात रखी।
राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनिल पांडेय ने कहा कि यदि 28 नवंबर 2020 का आवेदन अभी कार्यपालन अभियंता या सक्षम अधिकारी के समक्ष लंबित है, तो उस पर कानून के अनुसार विचार कर निर्णय लिया जाएगा। राज्य की इस सहमति के बाद हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना सक्षम अधिकारी को आवेदन पर फैसला करने का निर्देश दिया।</description><guid>20164</guid><pubDate>25-Sep-2026 12:03:48 pm</pubDate></item><item><title>अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20163</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रचिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों और सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसके केंद्र में समाज का अंतिम व्यक्ति है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उनका अंत्योदय का सिद्धांत गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को अंत्योदय दिवस के रूप में मनाना उनके विचारों के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का उनका दर्शन आज भी राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा का भाव सदैव देश और समाज को प्रेरित करता रहेगा।
</description><guid>20163</guid><pubDate>25-Sep-2026 11:49:30 am</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में हुए शामिल</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20162</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास तथा मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता भी बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपना घर प्रत्येक परिवार का सपना होता है। समाज के हर वर्ग की आकांक्षा होती है कि उसके पास सुरक्षित और सुविधाजनक आवास हो। पिछले पौने तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर ने तेजी से प्रगति की है। आने वाले वर्षों में प्रदेश में बढ़ते निवेश, औद्योगिकीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और नए शहरी केंद्रों के विकास के साथ इस क्षेत्र में संभावनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों से कहा कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दें।

विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप तैयार किया छत्तीसगढ़ अंजोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट छत्तीसगढ़ अंजोर तैयार किया है। राज्य ने अपनी अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने की अपार क्षमता है। प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां प्रचुर खनिज संपदा, पर्याप्त बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। देश के प्रमुख क्षेत्रों से प्रदेश की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है और यहां के मेहनतकश लोग हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की सरलता, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को निकट से देखा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत आधुनिक अधोसंरचना, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनकल्याण के नए अध्याय लिख रहा है।
हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश के करोड़ों परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार किया है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है और पक्के आवास तेजी से ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए भी आवास बनाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए तैयार नीति के अंतर्गत 15 हजार आवासों के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है।
स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा छत्तीसगढ़ का नया ग्रोथ इंजन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़ते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है। स्टेट कैपिटल रीजन से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा।
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को अवसर में बदलने के लिए सुनियोजित विकास आवश्यक है। शहरों में नागरिक सुविधाओं, परिवहन, आवास और अन्य बुनियादी अधोसंरचनाओं का विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसमें रियल एस्टेट सेक्टर की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
नक्सलवाद की समाप्ति के साथ बस्तर में खुल रहे विकास के नए द्वार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने लगभग चार दशकों तक नक्सल हिंसा का दंश झेला। नक्सलियों द्वारा स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य विकास कार्यों का विरोध किए जाने के कारण अनेक क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। गोंडी भाषा में नियद नेल्लानार का अर्थ आपका अच्छा गांव है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में ठहरकर पात्र परिवारों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।
पर्यटन और होमस्टे से बस्तर में बन रहे रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं के लिए देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया गया है। यहां विदेशी पर्यटक होमस्टे में रहकर स्थानीय परिवारों के साथ जनजातीय जीवनशैली और संस्कृति को निकट से जान रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यटन क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए नई औद्योगिक विकास नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।
सुशासन और रिफॉर्म से निवेश के लिए बन रहा बेहतर वातावरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 400 से अधिक सुधार किए हैं। विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है और ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण से लीकेज रोकने में मदद मिली है और प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि हुई है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों और निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें तथा अधिक से अधिक सेवाएं सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और प्रदेश को अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में परियोजनाएं धरातल पर उतरनी प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग, आवास, अधोसंरचना और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन सभी क्षेत्रों की समन्वित प्रगति विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को गति देगी।
रजिस्ट्री प्रक्रियाओं का लगातार हो रहा सरलीकरण : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का पूरा फोकस गवर्नेंस और रिफॉर्म पर है। उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।
श्री चौधरी ने कहा कि रजिस्ट्री की प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक अनुकूल बनाया जा रहा है। व्हाट्सएप के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने से लेकर ऑटो म्यूटेशन तक तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर होने वाली रजिस्ट्री के संबंध में भी पंजीयन शुल्क से जुड़ी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। सरकार की कोशिश है कि शहरीकरण केवल शहरों के विस्तार तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं के साथ नए आर्थिक अवसरों का भी निर्माण करे।
कार्यक्रम में क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल, निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जी.वाई. रेड्डी, क्रेडाई के राष्ट्रीय सदस्य आनंद सिंघानिया, क्रेडाई रायपुर के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, अभिषेक बछावत, अशोक मूंदड़ा सहित बड़ी संख्या में वास्तुविद, इंजीनियर, उद्यमी, रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि तथा क्रेडाई के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।</description><guid>20162</guid><pubDate>24-Sep-2026 10:26:55 pm</pubDate></item><item><title>EVM और SIR पर राहुल गांधी के सवालों पर CM साय का हमला, बोले- कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20161</link><description>रायपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाया है। इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस देशभर में जनता का विश्वास खो चुकी है। जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तब उसे EVM पर कोई शंका नहीं होती, लेकिन चुनाव हारने के बाद EVM पर ठीकरा फोड़ा जाता है।
सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और SIR को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने हाल के दिनों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जब कांग्रेस का जनता के बीच विश्वास कम हो रहा है तो वह देश के सामने अलग-अलग बहाने रख रही है।
भूपेश बघेल के घायल शेरनी बयान पर सीएम का पलटवार
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा नेता स्मृति ईरानी को घायल शेरनी कहे जाने पर भी सीएम विष्णु देव साय ने पलटवार किया है। सीएम साय ने कहा कि भूपेश बघेल को भाजपा की चिंता छोड़कर अपनी चिंता करनी चाहिए। बघेल को पंजाब से जिम्मेदारी से हटाकर अब असम की जिम्मेदारी दी गई है।
साय ने कहा कि भूपेश बघेल को असम में पहली बार में ही विरोध का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि हाल ही में असम के नगांव में चुनाव प्रचार के दौरान भूपेश बघेल और कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव की घटना सामने आई थी, जिसमें कांग्रेस ने हमले के आरोप लगाए थे। सीएम साय ने कहा कि भूपेश बघेल अपनी चिंता करें और भाजपा की चिंता न करें तो बेहतर होगा।</description><guid>20161</guid><pubDate>24-Sep-2026 9:40:41 pm</pubDate></item><item><title>बिलासपुर स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को मिलेगा लॉन्ग टर्म प्लान, संचालन-रखरखाव की बनेगी पुख्ता व्यवस्था</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20160</link><description>रायपुर। बिलासपुर में स्मार्ट सिटी के तहत तैयार परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। हर प्रोजेक्ट के लिए एसओपी तैयार कर उसके बेहतर और दीर्घकालिक उपयोग का खाका तैयार किया जाएगा। नागरिकों के लिए इन परियोजनाओं का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ राजस्व सृजन की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। जहां जरूरत होगी, वहां पीपीपी (PPP) मॉडल पर भी काम किया जाएगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज हुई बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 20वीं बैठक में विभिन्न विषयों पर मंथन किया गया। श्री बोरा ने स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को प्रभावी तरीके से संचालित करने के साथ ही उनके बेहतर उपयोग और दीर्घकालिक स्थायित्व पर जोर दिया। उन्होंने संचालन एवं रखरखाव के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार करने और निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजनाओं के बेहतर उपयोग की संभावनाएं तलाशने के साथ राजस्व सृजन पर भी काम करने को कहा। उन्होंने आवश्यकतानुसार पीपीपी मॉडल की संभावनाओं पर भी आगे बढ़ने के निर्देश दिए।
बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिलासपुर में चल रहे विकास कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति से लेकर उनके भविष्य में संचालन जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हुआ। नागरिक सुविधाओं के विस्तार और नगरीय अधोसंरचना को बेहतर बनाने से जुड़े विषय भी बोर्ड के सामने रखे गए। परियोजनाओं के संचालन, रखरखाव और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।
प्रमुख विषय श्री बोरा ने परियोजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से अधिक लोगों को जोड़ने तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और कार्य अनुभव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। परियोजनाओं में कौन क्या जिम्मेदारी निभाएगा, इसे भी स्पष्ट रखने की बात कही गई।
बैठक में एजुकेशन हब में अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। उपलब्ध बीएससीएल (BSCL) निधि से प्रस्तावित कार्य को संस्थागत स्थायित्व और बेहतर उपयोग की दृष्टि से आगे बढ़ाने पर विचार किया गया। इनके साथ ही जल संबंधी कार्यों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
मंत्रालय से वर्चुअली आयोजित बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के साथ संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर तथा सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल शामिल हुए। वहीं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर, चिप्स (CHiPS) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि सुजीत कुमार, बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह, बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक प्रकाश कुमार सर्वे और संचालक मंडल के अन्य सदस्य एवं अधिकारी बैठक में ऑनलाइन जुड़े।</description><guid>20160</guid><pubDate>24-Sep-2026 8:48:39 pm</pubDate></item><item><title>सरकारी स्कूलों में 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, तीन परीक्षाओं की तिथियां घोषित</title><link>https://ramraj.co/state.php?articleid=20159</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कुल 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी अनुसार, शासकीय विद्यालयों में 5 हजार नियमित पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से आयोजित की जाएगी।नियमित भर्ती में सहायक शिक्षक के 2,292, सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के 200, शिक्षक के 1,654 और व्याख्याता के 854 पद शामिल हैं। इनमें ई संवर्ग के 2,227 और टी संवर्ग के 2,773 पद हैं।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार सहायक शिक्षक की लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर 2026, को आयोजित होगी इसी प्रकार शिक्षक की 25 अक्टूबर 2026 को और व्याख्याता की 29 नवंबर 2026 को होगी। सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पदों की परीक्षा तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है। सहायक शिक्षक और शिक्षक पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि व्याख्याता पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी ।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 1,812 संविदा (शैक्षणिक) पदों पर पहली बार केंद्रीय कृत कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इन पदों की भर्ती अधिसूचना सितंबर माह में जारी की जा रही है और ऑनलाइन आवेदन अक्टूबर माह से शुरू करने की तैयारी है।उल्लेखनीय है कि शासकीय एवं उत्कृष्ट विद्यालयों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से 6812 पदों की भर्तियाँ की जा रही हैं ।</description><guid>20159</guid><pubDate>24-Sep-2026 7:22:05 pm</pubDate></item></channel></rss>