रायपुर। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिव सचिन पायलट आज एक दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे। रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा को “व्यवस्थित तरीके से कमजोर और खत्म करने” का गंभीर आरोप लगाया। पायलट ने कहा कि मनरेगा जैसी योजना गरीबों के लिए सुरक्षा कवच थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर सीधा प्रहार किया है।
राजनीति
कांग्रेस मजबूत विपक्ष की भूमिका में विफल—डिप्टी सीएम विजय शर्मा
रायपुर। दिल्ली में होने जा रही कांग्रेस की बड़ी बैठक को लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बैठक के संभावित फैसलों पर तंज कसते हुए कहा कि क्या कांग्रेस में यह फैसला आएगा कि राहुल गांधी का नेतृत्व नहीं मानेंगे? कांग्रेस अब एक परिवार की पार्टी बनकर रह गई है।
विजय शर्मा ने आगे कहा कि दोनों प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों के अध्यक्षों की उम्र में बड़ा अंतर है। आज का युवा भारत राजनीति में अपना स्थान देखना चाहता है और उसी आधार पर फैसला करता है। उन्होंने कहा कि देश के लिए एक मजबूत और सकारात्मक विपक्ष होना जरूरी है, लेकिन कांग्रेस उस भूमिका में खुद को साबित नहीं कर पा रही है।
वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपति का ध्यान हमेशा छत्तीसगढ़ पर रहता है। विशेषकर सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों को लेकर उनके मन में लगातार चिंता रहती है। इसी क्रम में उनका जगदलपुर में आयोजित होने वाले ‘बस्तर पंडुम’ कार्यक्रम में भी आगमन प्रस्तावित है, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
डीजी कॉन्फ्रेंस की समीक्षा को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज के बयान पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्हें कोई बताए कि यह पहली बार नहीं हो रहा है। अब तक 65 बार डीजी कॉन्फ्रेंस हो चुकी है। कांग्रेस ने वर्षों तक शासन को दिल्ली तक सीमित रखा, शायद इसी वजह से पीसीसी चीफ को इसकी जानकारी नहीं है।
दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: बारसूर के जंगल में नक्सलियों का आईईडी विस्फोटक डंप बरामद, निष्क्रिय किया गया
दंतेवाड़ा। जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के बारसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुफा के जंगली पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सल विरोधी अभियान के तहत माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए आईईडी विस्फोटक डंप को बरामद कर सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया गया है।
यह संयुक्त कार्रवाई Young Platoon/195 वाहिनी, सीआरपीएफ की बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और थाना बारसूर पुलिस द्वारा की गई। यह कार्रवाई पोलसेंट सीजी सेक्टर, CRPF से प्राप्त सटीक और विश्वसनीय आसूचना के आधार पर त्वरित रूप से अंजाम दी गई।
पुलिस अधीक्षक गौरव राय के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.के. बर्मन के मार्गदर्शन में जिले में लगातार नक्सल गश्त और सर्चिंग अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 22 जनवरी 2026 को थाना बारसूर क्षेत्र के ग्राम गुफा के वन क्षेत्र में माओवादियों द्वारा आईईडी लगाए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। वहीं सूचना के आधार पर आज 27 जनवरी को सुबह 06:00 बजे से ग्राम गुफा एवं आसपास के वन क्षेत्र में डी-माइनिंग कार्रवाई की गई। सघन तलाशी के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए विस्फोटक डंप को चिन्हित किया गया।
संयुक्त सर्च ऑपरेशन में हिमांशु (सहायक कमांडेंट) के नेतृत्व में Young Platoon/195 बटालियन, बम डिस्पोजल टीम एवं सिविल पुलिस, थाना बारसूर शामिल रही। उक्त अभियान का समग्र नेतृत्व अनिल कुमार सिंह, कमांडेंट, 195 बटालियन द्वारा किया गया।
तलाशी के दौरान मौके से बरामद की गई विस्फोटक सामग्री
01 डायरेक्शनल पाइप बम, एक डेटोनेटर सहित (वजन लगभग 5 किलोग्राम)
01 प्रेशर कुकर आईईडी, लगभग 15 मीटर वायर के साथ (वजन लगभग 5 किलोग्राम)
बरामद समस्त विस्फोटक सामग्री को BDDS टीम द्वारा निर्धारित मानक प्रक्रिया (SOP) के अनुसार सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे सुरक्षा बलों एवं आम नागरिकों को होने वाली संभावित क्षति को समय रहते टाल दिया गया।
कांग्रेस पर बृजमोहन का वार, दीपक बैज का पलटवार: बोले– बीजेपी इतने गुटों में बंटी कि एक कोना भी कम पड़ जाएगा
रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के कांग्रेस को कई टुकड़ों में बंटा बताने वाले बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी खुद कई गुटों में बंटी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बृजमोहन अग्रवाल का भी अलग गुट है और बीजेपी इतनी टुकड़ों में बंटी है कि “एक कोना भी कम पड़ जाएगा।”
बता दें कि छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष के नाम को लेकर जारी सस्पेंस पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि सोनिया गांधी की कांग्रेस अलग है, राहुल गांधी की कांग्रेस अलग है, प्रियंका गांधी की कांग्रेस अलग है, खड़गे की कांग्रेस अलग है और टीएस की कांग्रेस अलग है। उन्होंने कहा कि पहले यह तय किया जाए कि कौन-सी कांग्रेस कौन-सा काम करेगी.
दरअसल, दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की अहम बैठक में शामिल होकर पीसीसी चीफ दीपक बैज रायपुर लौटे हैं। रायपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बयान दिया। इसके अलावा उन्होंने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि संगठन के महामंत्री के.सी. वेणुगोपाल ने 13 राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ बैठक ली। बैठक में संगठन सृजन से जुड़ी नियुक्तियां, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्षों की कार्यकारिणी और मनरेगा बचाव को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा SIR को लेकर वन-टू-वन चर्चा भी की गई।
दीपक बैज ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 400 से 500 फॉर्म बीजेपी नेताओं द्वारा जमा किए गए हैं। नाम काटने के मामलों को लेकर विशेष दल गठित करने का प्रस्ताव बैठक में रखा गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का गठन किया जाना है, जिसके लिए समय-सीमा तय की गई है। इस संबंध में 31 मार्च तक और एक माह के भीतर अपडेट देना होगा
भाजपा वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के बयान पर दीपक बैज ने प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें अजय चंद्राकर के बयान पर कुछ नहीं कहना है और न ही वे इस पर कोई प्रतिक्रिया देंगे। बता दें कि अजय चंद्राकर ने कहा था कि दीपक बैज दोबारा पीसीसी अध्यक्ष नहीं बनेंगे।
इसके साथ ही धान खरीदी को लेकर कांग्रेस की मांग पर दीपक बैज ने कहा कि धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यह मांग पहले ही उठा दी है, लेकिन सरकार की नीयत धान खरीदी को लेकर साफ नजर नहीं आ रही है।
सेक्स सीडी कांड से SIR विवाद तक: अजय चंद्राकर का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले– पत्र लिखने से आगे नहीं बढ़ पा रहे नेता प्रतिपक्ष
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में रायपुर सेशन कोर्ट के फिर से ट्रायल शुरू करने के फैसले के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री बघेल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. इस मामले को लेकर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि इस प्रकरण में राजनीति नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्य से राजनीति वहां तक पहुंच चुकी है. न्यायालय ने इस मामले में आदेश दे दिया है और अब काफी देर हो चुकी है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह मामला एक उदाहरण बनना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
SIR प्रकरण में नेता प्रतिपक्ष की चिठ्ठी पर विधायक ने साधा निशाना
SIR प्रकरण में नेता प्रतिपक्ष द्वारा पत्र लिखे जाने पर अजय चंद्राकर ने तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का काम सिर्फ चिट्ठी लिखना रह गया है, दूसरा कोई काम वे करते नहीं हैं. चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि महंत जी ने काम और आसान कर दिया है, बस पत्र लिखते हैं और चर्चा में बने रहते हैं. उन्होंने कहा कि वह बताएं कि कहां भाजपा के दबाव में किसी का नाम कटवाया गया हो, यह सब केवल अनुमान हैं. नेता प्रतिपक्ष सिर्फ पत्र लिखकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं.
दिल्ली में कांग्रेस की बैठक पर अजय का हमला
नए प्रदेश अध्यक्ष की चर्चा और कांग्रेस नेताओं के दिल्ली दौरे पर अजय चंद्राकर ने हमला बोला. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसी भी हालत में दीपक बैज को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनने देंगे. छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सबसे बड़े नेता भूपेश बघेल हैं और उनसे एक कदम नीचे देवेंद्र यादव हैं. महासचिव और सचिव के पदों का फर्क है. भूपेश बघेल नेता किसी शर्त में बैज को रिपीट नहीं होने देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में बैठकें रोज होती है, लेकिन पहले भी ढाई-ढाई साल का नाटक चलता रहा ही रहा था.
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस द्वारा धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने की मांग पर अजय चंद्राकर ने कहा कि धान खरीदी को लेकर कांग्रेस के नेताओं में एक मत नहीं है. तंज कसते हुए कहा कि इनका फैसला भी AICC करेगी. अब उनके हिसाब से सरकार नहीं चल सकती.
युवराज पांडेय की सुरक्षा मांग से उठा विवाद, मंत्री-कांग्रेस आमने-सामने
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पचरा गीत के लिए चर्चित कथावाचक पं युवराज पांडेय ने अपनी सुरक्षा को लेकर मंच से बयान दिया था, जिसे लेकर सियासी हल्कों में चर्चा तेज है. इसे लेकर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह सनातनियों की सरकार है. सभी कथावाचकों को सुरक्षा दी जा रही है. उनकी सरकार में डाकुओं को सुरक्षा मिल रही है, साधु संतों को कैसे नहीं मिलेगी. मंत्री के इस प्रतिक्रिया पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पलटवार करते हुए सरकार पर पलटवार किया है.
दीपक बैज ने मंत्री के बयान पर किया पलटवार
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान को आपत्तिजनक बताया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बाहर से आने वाले साधु-संतों को सुरक्षा दी जाती है. लेकिन छत्तीसगढ़ के साधु संत, जो कथा करवाते है, उन्हें सुरक्षा देना चाहिए. कांग्रेस की आपत्ति किसी को सुरक्षा देने से नहीं है. जिस तरह ऐसे कई आयोजनों में भगदड़ की स्थिति बनी है, जाने चली गई है, उसे देखते हुए सभी को सुरक्षा देनी चाहिए.
उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री के डाकुओं को सुरक्षा देने के बयान से यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार के पास कानून व्यवस्था खत्म हो गई है, सुरक्षा देने का सवाल ही नहीं सरकार ही खुद डाकू है. ये सरकार लुटेरों की सरकार है.
साधुओं की सुरक्षा को लेकर मंत्री ने क्या कहा था ?
बता दें कि कैबनिट मंत्री राजेश अग्रवाल से जब सवाल किया गया कि सरकार बाहर से आने वाले को सुरक्षा हे रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के काथवाचकों को नहीं. इस पर उन्होंने कहा था कि सनातन की सरकार है, कैसे सुरक्षा नहीं दी जाएगी. गृहमंत्री ने कहा कि हमारे गृहमंत्री कहते हैं संतों को पलकों में बैठाकर लाएंगे. मंत्री ने कहा हम तो डाकुओं को सुरक्षा दे देते हैं, फिर ये तो साधु संत है.
पं युवराज पांडेय का वीडियो हुआ था वायरल
दरअसल, छत्तीसगढ़ के कथावाचक युवराज का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो कहते नजर आ रहे हैं कि बड़े दुख की बात है… इतनी भीड़ है, इतनी पब्लिक है, लेकिन सुरक्षा करने के लिए दो पुलिसकर्मी भी नहीं खड़े हैं. ये दुर्भाग्य की बात है… इतनी भीड़ प्रशासन को नहीं दिख रही है. उन्होंने आगे कहा कि शुरू दिन कलश यात्रा के दौरान कई लोगों की माला चोरी हो गई, जिसके बाद कई भक्त कथा सुनने भी नहीं आए. इतनी भीड़, जनसैलाब के बाद भी एक सुरक्षाकर्मी नहीं है, बस गलती इतनी है कि हम छत्तीसगढ़िया हैं और कोई गलती नहीं है.
SIR विवाद पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा का पलटवार: बोले—घुसपैठियों के नाम कटना जरूरी, कांग्रेस कर रही बेबुनियाद राजनीति
रायपुर। SIR प्रक्रिया के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन और वोटरों के नाम काटने के आरोप लेकर लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि “यह कैसे संभव हो सकता है कि कोई किसी का नाम कटवा दे या जुड़वा दे? कांग्रेस तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत कर रही है. राजनीति करने के लिए अनावश्यक रूप से कुछ भी कह रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि जो घुसपैठिए हैं, साल 2003 के वोटर लिस्ट में जिनका नाम नहीं मिल रहा है, बाहर से आए हैं, ऐसे लोगों का नाम कट रहा है और कटना भी चाहिए. SIR के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि जब तार्किक आधार ही नहीं है, तो प्रदर्शन से क्या होगा?”
राजधानी में 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में आरोपी के घर को रायपुर नगर निगम ने बुल्डोजर से ढहा दिया. इस मामले में भी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बयान दिया है. उन्होने कहा कि “जो हुआ है वह कानून के दायरे में हुआ है. निर्णय करना न्यायालय का काम है. बहरहाल जो अवैध चीजें उस व्यक्ति के साथ जुड़ी हुई थीं, उसपर कार्रवाई हुई है. न्यायसंगत कार्रवाई है, बिल्कुल उचित है, ऐसा होना भी चाहिए.”
DEO ऑफिस में आगजनी मामले पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने दिया बड़ा बयान, कहा –
रायपुर। जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में आग लगने की घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस मामले में कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले पांच साल के भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कांग्रेसियों ने जानबूझकर DEO ऑफिस में आग लगाई है।
पुरंदर मिश्रा ने कहा कि यह सामान्य आगजनी की घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी साजिश हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि कांग्रेसियों के आग लगाने के एंगल से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता खुद आग लगाकर अब भ्रष्टाचार का हंगामा कर रहे हैं, ताकि उनके कार्यकाल में हुए घोटालों के दस्तावेज नष्ट हो जाए।
जीरो टॉलरेंस की सरकार है और हर घोटाले की जांच होगी : पुरंदर
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर के पत्र पर केंद्र ने जांच के निर्देश दिए हैं। इस पर पुरंदर मिश्रा ने कहा कि वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर द्वारा लिखे गए पत्र पर केंद्र सरकार ने जांच के निर्देश दिए हैं, जिससे कांग्रेस खेमे में बेचैनी है। ननकीराम कंवर को वरिष्ठ और ईमानदार नेता बताते हुए उन्होंने कहा कि वे लगातार भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार के दौरान DMF घोटाला हुआ, जिसकी शिकायत भी की गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की सरकार है और हर घोटाले की जांच होगी।
आगजनी की घटना भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश : दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आग लगी, जिसके बाद बिल्डिंग को तोड़ा गया है. बैज ने आगजनी की इस घटना को षड्यंत्र करार दिया है. उन्होंने कहा कि कार्यालय में आग जानबूझकर लगाई गई है. जो दस्तावेज जले हैं, उसमें से कई वित्तीय फाइलें, नियुक्ति की फाइलें थी. घटना की जांच से पहले अब बिल्डिंग को तोड़ दिया गया है. यह भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश है.
धान घोटाले के विरोध में एनएसयूआई का अनोखा प्रदर्शन, चूहे का वेश धारण कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
रायपुर। राजधानी रायपुर में आज एनएसयूआई ने धान घोटाले के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। NSUI कार्यकर्ता चूहे का वेश धारण कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और धान खरीदी केंद्रों में “चूहों द्वारा धान खाने” के दावे का प्रतीकात्मक विरोध किया।
एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि करोड़ों रुपये के धान घोटाले में असली दोषियों को बचाने के लिए सारा ठीकरा चूहों पर फोड़ा जा रहा है। यह जनता को गुमराह करने का प्रयास है। प्रदर्शन को “चूहे को न्याय” नाम देते हुए कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में NSUI ने लिखा कि छत्तीसगढ़ में सामने आया धान घोटाला सीधे किसानों, छात्र-युवाओं और आम जनता के हितों से जुड़ा गंभीर विषय है। करोड़ों रुपये के इस घोटाले में जिम्मेदार अधिकारियों एवं खाद्य विभाग के शीर्ष स्तर की भूमिका संदेह के घेरे में हैं, किंतु अब तक न तो किसी बड़े अधिकारी पर ठोस कार्रवाई हुई है और न ही जिम्मेदारी तय की गई है। चूहों को दोषी ठहराना शासन की विफलता और अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रतीक है।

एनएसयूआई ने शासन से मांग की है
- धान घोटाले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- घोटाले में संलिप्त सभी अधिकारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।
- नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खाद्य मंत्री से इस्तीफा लिया जाए।
- भविष्य में इस प्रकार के घोटालों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
हनुमान जी के अपमान का आरोप: कांग्रेस ने पीएम मोदी और जर्मन चांसलर के खिलाफ एफआईआर की मांग की
रायपुर। कांग्रेस ने भगवान हनुमान जी का अपमान करने का आरोप लगाते हुए इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कोतवाली थाना प्रभारी को ज्ञापन दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्ज के साथ मिलकर भगवान हनुमान के प्रतीक को पतंग बनाकर उड़ाया और बार-बार उन्हें गिराया गया, जो बजरंगबली और उनके करोड़ों भक्तों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने ज्ञापन में कहा है कि पतंग में भगवान हनुमान के प्रतीक का उपयोग कर उसे उड़ाया गया, बार-बार गिराया गया और पतंग भी काटा गया, जो धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जर्मन चांसलर फेडरिक मर्ज मांसाहारी व्यंजनों का सेवन करते हैं, जबकि भगवान हनुमान के भक्त मांस और मदिरा से दूर रहते हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ मिलकर हनुमान जी के प्रतीक का इस तरह उपयोग करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह हनुमान भक्तों और हिंदू समाज का अपमान है।
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फेडरिक मर्ज के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि जब तक दोनों व्यक्ति हनुमान भक्तों और हिंदू समाज से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
धान खरीदी पर गरमाई सियासत, दीपक बैज का विवादित बयान—‘बीजेपी के 14 मंत्रियों को बताया मुसवा’
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर सियासत गरमाई हुई है। इस मुद्दे पर आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, बीजेपी सरकार में 14 मंत्री मुसवा हैं। इन्हीं सब लोगों ने धान को खाया है। 2028 में इन सभी को बेनकाब करना है।
मनरेगा बचाओ संग्राम : चंदखुरी से करी पदयात्रा की शुरुआत
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आज कांग्रेस ने चंदखुरी से विधानसभा चौक तक पदयात्रा की शुरुआत की है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री शिव डहरिया समेत कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। माता कौशल्या के दर्शन के बाद यात्रा की शुरुआत की गई है। पदयात्रा का समापन पुराने विधानसभा चौक पर होगा।
बढ़ते अपराधों के खिलाफ कांग्रेस का ‘थाना चलो’ अभियान
रायपुर। रायपुर में लगातार बढ़ते अपराधों को लेकर कांग्रेस ने आज थाना चलो अभियान के तहत पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. बीते दिनों चौबे कॉलोनी निवासी वैदिका सागर की निर्मम और नृशंस हत्या की घटना को लेकर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आजाद चौक थाना का घेराव किया.
इस प्रदर्शन का नेतृत्व शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने किया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राजधानी में हत्या, लूट और अन्य आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस अपराधों पर नियंत्रण करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है.
वैदिका सागर की हत्या को लेकर कांग्रेस ने कहा कि यह घटना बेहद अमानवीय है कांग्रेस नेताओं ने ऐलान किया कि राजधानी के जिस भी क्षेत्र में हत्या या गंभीर आपराधिक घटना होगी, उसी थाना क्षेत्र के सामने कांग्रेस प्रदर्शन और घेराव करेगी. कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस प्रशासन आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय घटनाओं को दबाने में लगी हुई है.
कांग्रेस के आधिकारिक मीडिया व्हाट्सऐप ग्रुप के दुरुपयोग पर विवाद, विकास तिवारी ने सुशील आनंद शुक्ला पर लगाए गंभीर आरोप
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अधिकृत व्हाट्सऐप ग्रुप के दुरुपयोग को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एवं कांग्रेस नेता विकास तिवारी ने प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला को एक कड़ा पत्र लिखते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ आधी-अधूरी और भ्रामक जानकारी मीडिया में प्रसारित कर उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है।
अपने पत्र में विकास तिवारी ने उल्लेख किया है कि 12 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अधिकृत व्हाट्सऐप ग्रुप “PCC MEDIA OFFICIAL 2026” में उनके राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि पद से हटाए जाने से जुड़े पुराने पत्र साझा किए गए। यह ग्रुप प्रदेश और देश के 400 से अधिक पत्रकारों और पार्टी पदाधिकारियों से जुड़ा है, जिसका संचालन संचार विभाग द्वारा किया जाता है।

तिवारी का कहना है कि ग्रुप में जिन पत्रों को साझा किया गया, वे उनके निष्कासन से करीब तीन वर्ष और छह माह पूर्व के हैं। इसके बावजूद इन्हें मौजूदा संदर्भ में इस तरह प्रस्तुत किया गया, जिससे मीडिया में यह संदेश गया कि हाल ही में उन्हें राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि पद से हटाया गया है। 13 जनवरी 2026 को दैनिक भास्कर सहित अन्य समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इसी आधार पर खबरें प्रकाशित हुईं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि इन दस्तावेजों को साझा करने से पहले न तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और न ही प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गेंदू से कोई विधिवत अनुमति ली गई। तिवारी ने मांग की है कि यदि अनुमति ली गई है तो उसके प्रमाण उन्हें उपलब्ध कराए जाएं।
विकास तिवारी ने इसे व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से प्रेरित कृत्य बताते हुए कहा है कि इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचा है, बल्कि कांग्रेस पार्टी की भी छवि धूमिल हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी विचारधारा आज भी कांग्रेस की है और वे राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए हुए हैं।
पत्र में सुशील आनंद शुक्ला से तीन दिवस के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और लिखित स्पष्टीकरण देने की मांग की गई है। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि तय समय-सीमा में जवाब नहीं मिलने की स्थिति में मानहानि का मामला माननीय न्यायालय में दायर किया जाएगा। तिवारी ने दावा किया है कि सभी प्रकाशित खबरों और व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े साक्ष्यों को न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए सुरक्षित रखा गया है।
पूरे मामले को लेकर सुशील आनंद शुक्ला ने दिया ये बयान
विकास तिवारी के आरोप पर सुशील आनंद शुक्ला ने अपना स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि विकास तिवारी पर अनुशासन की कार्यवाही और कांग्रेस से निष्कासन के बाद मीडिया की ओर से यह सवाल पूछा जा रहा था कि वे इस निष्कासन के बाद भी कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रंजीता रंजन के प्रतिनिधि है या नहीं। इस संबंध में जब पीसीसी की ओर से सांसद महोदया से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा विकास तिवारी को पहले ही प्रतिनिधि के पद से हटा दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने उनकी ओर से पूर्व जारी पत्र को पीसीसी को भेजा है। जिसे मूलतः मीडिया ग्रुप में मीडिया को सूचनार्थ प्रेषित किया गया।
इस पूरे मामले ने प्रदेश कांग्रेस के भीतर संचार व्यवस्था और मीडिया प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व और संबंधित पदाधिकारी इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं।
जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू से जेल में मिले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल मंगलवार को जांजगीर-चांपा जिले के खोखरा स्थित जिला जेल पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से कथित धोखाधड़ी के मामले में बंद जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू से मुलाकात की। जेल में हुई इस मुलाकात के दौरान भूपेश बघेल ने पूरे प्रकरण, अब तक की गई प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई को लेकर विधायक बालेश्वर साहू से विस्तृत चर्चा की।
गौरतलब है कि जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू पर किसानों से धोखाधड़ी का आरोप है और इसी मामले में वे वर्तमान में जिला जेल खोखरा में बंद हैं। उनके समर्थन में कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है और इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार देती आई है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जेल पहुंचना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
जेल में मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत करते हुए पूरी कार्रवाई को गलत और एकतरफा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विरोधी दल के नेताओं को परेशान करने की नीयत से इस तरह की कार्रवाई कर रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि यह कोई न्यायिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है।
उन्होंने कहा, “भाजपा की सरकार हो, चाहे केंद्र में मोदी की सरकार हो या राज्य में विष्णुदेव साय की सरकार, दोनों जगह बदले की राजनीति हो रही है। जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे डराने और दबाने के लिए जेल भेजने की कोशिश की जाती है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आम आदमी जिए या मरे। उन्हें सिर्फ सत्ता और विरोधियों को कुचलने की चिंता है। उन्होंने कहा, “अगर आप अपने हक की बात करेंगे, किसानों की बात करेंगे, गरीबों की आवाज बनेंगे, तो सीधे जेल भेजने की धमकी दी जाती है और कार्रवाई की जाती है।”
इस दौरान भूपेश बघेल ने अपने बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से सवाल पूछे हैं। भूपेश बघेल के मुताबिक, कोर्ट ने यह कहा है कि न तो चैतन्य बघेल को नोटिस दिया गया, न ही उनसे पूछताछ की गई और सीधे उठाकर कार्रवाई कर दी गई, जो कि नियमों के पूरी तरह खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि कानून और संवैधानिक संस्थाओं का इस तरह से इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू के मामले में भी निष्पक्ष जांच नहीं हुई है और जल्दबाजी में कार्रवाई की गई है। पार्टी इसे किसानों और जनप्रतिनिधियों की आवाज को दबाने का प्रयास बता रही है।
भूपेश बघेल की इस मुलाकात और बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से सियासी गर्मी बढ़ गई है। भाजपा की ओर से हालांकि अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
जंबूरी भ्रष्टाचार से मनरेगा तक कांग्रेस का सरकार पर चौतरफा हमला, विजय जांगिड़ बोले— जनता के पैसों की बर्बादी, निष्पक्ष जांच जरूरी
रायपुर। बालोद जिले में देश के पहले नेशनल रोवर्स–रेंजर्स जंबूरी में टेम्पररी टॉयलेट निर्माण को लेकर सामने आए कथित भ्रष्टाचार के मामले में प्रदेश कांग्रेस सह प्रभारी विजय जांगिड़ ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पहले ही सवाल उठा चुकी है और अब खुद सत्तापक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं।
विजय जांगिड़ ने बिना नाम लिए रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिक्र करते हुए कहा कि जब भाजपा के सांसद भी इस मामले पर प्रश्न उठा रहे हैं, तो यह स्पष्ट है कि मामला गंभीर है। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा खर्च हुआ है, ऐसे में इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
गरियाबंद में अश्लील डांस का मामला
गरियाबंद जिले में सामने आए अश्लील डांस के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय जांगिड़ ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए गलत संदेश देती हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में मौजूदा जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में यह एक नजीर बन सके और दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर पूछे गए सवाल पर विजय जांगिड़ ने कहा कि पार्टी इस विषय पर गंभीर है और उचित समय पर नियुक्ति कर दी जाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि संगठनात्मक स्तर पर प्रक्रिया जारी है।
‘वीबी-जी राम जी’ योजना और मनरेगा का मुद्दा
कांग्रेस के 45 दिवसीय ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान को लेकर विजय जांगिड़ ने भाजपा सरकार पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘राम जी’ के नाम पर कोई अलग योजना नहीं है। सरकार जिस योजना का प्रचार कर रही है, उसका वास्तविक नाम ‘विकसित भारत गारंटी ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन’ है।
विजय जांगिड़ ने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि ग्रामीण रोजगार कानून मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए और ग्रामीणों को 100 दिन की रोजगार गारंटी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धार्मिक नामों का सहारा लेकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि असली मुद्दा रोजगार और आजीविका का है।
कांग्रेस सह प्रभारी ने कहा कि पार्टी इन सभी मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक आवाज उठाती रहेगी और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
बढ़ते अपराध के खिलाफ कांग्रेस में आक्रोश, देवेंद्र नगर थाने का घेराव कर सौंपा ज्ञापन
रायपुर। राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आज बड़ी संख्या में कांग्रेसी देवेंद्र नगर थाना पहुंचे और कानून व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही अपराध पर लगाम लगाने पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
दरअसल एक दिन पहले फाफाडीह स्थित शराब दुकान के पास अमर विश्वकर्मा नाम के युवक की अज्ञात बदमाशों ने चाकू गोदकर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने बताया कि राजधानी रायपुर में लगातार चाकूबाजी, लूट और हत्या जैसे मामले सामने आ रहे हैं। रायपुर शहर अपराध का गढ़ बन गया है। यह आक्रोश प्रदर्शन है। अब जिस थाना क्षेत्र में घटनाएं होगी कांग्रेस पार्टी उस थाने में पहुंचकर नारेबाजी कर आक्रोश जताएगी।
रायपुर में सचिन पायलट ने उठाए मनरेगा और सुरक्षा के सवाल, भाजपा सरकार पर साधा निशाना
सचिन पायलट ने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीण गरीबों को 100 दिन का रोजगार मिलता था, लेकिन आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि यह योजना कागजों तक सिमटती जा रही है। उन्होंने कहा, “पहले मनरेगा की पूरी राशि केंद्र सरकार देती थी, लेकिन अब वह व्यवस्था भी खत्म कर दी गई है। रोजगार के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है।” पायलट ने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा के तहत कामों का फैसला ग्राम पंचायतें करती थीं, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार रोजगार मिलता था। उन्होंने कहा “अब पूरी योजना को सेंट्रलाइज्ड कर दिया गया है। फंड पर भी कंट्रोल कर लिया गया है, जिससे पंचायतें बेबस हो गई हैं,”। कांग्रेस प्रभारी ने भाजपा नेताओं से सीधा सवाल करते हुए कहा, “अगर सरकार को मनरेगा से इतनी ही दिक्कत थी तो उसका रेट बढ़ाते, मजदूरी बढ़ाते, लेकिन आपने तो योजना को ही खत्म करने का रास्ता चुना। यह गरीब जनता के साथ अन्याय है।” सचिन पायलट ने कहा कि यह पहली बार है जब महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना की मूल भावना को ही बदल दिया गया। पायलट ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा नेताओं में घमंड आ गया है। उन्होंने कहा “आपके पास खंडित जनादेश है, फिर भी इतना घमंड। लेकिन देश की जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब देगी,” । कमिश्नर प्रणाली को लेकर पूछे गए सवाल पर पायलट ने कहा कि सरकार सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसे फैसले ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया “यह नीतिगत सुधार नहीं, बल्कि जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है,”। सचिन पायलट ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के तीन न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी की घटनाओं को लेकर भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट ने कहा कि भाजपा के नेता भले ही कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी पीठ थपथपाते हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सचिन पायलट ने कहा, “मध्यम वर्ग के लोग आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्ग पर लगातार अत्याचार हो रहा है। लोगों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करने में सरकार पूरी तरह असफल रही है।” पायलट ने कहा कि जब न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं को धमकियां मिल रही हैं, तो यह सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा “यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की विफलता का संकेत है,”। जंबूरी 2026 से जुड़े विवाद और हाईकोर्ट में दायर याचिका को लेकर भी सचिन पायलट ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि भाजपा के किस नेता ने क्या किया। उन्होंने सवाल उठाया “यह जनता के पैसे का सवाल है। भाजपा ईमानदारी की दुहाई देती है, लेकिन क्या यही ईमानदारी है कि बिना टेंडर के काम कराए जा रहे हैं?” । पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार को अपना अहंकार छोड़कर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा “इनकी नाक के नीचे भ्रष्टाचार हो रहा है और सरकार आंखें मूंदे बैठी है,”। जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। “कई राज्यों में जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में भी सभी जिलों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है और उन्हें काम करने का रोडमैप दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में भी जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग कराई जाएगी,”। गौरतलब है कि रायपुर दौरे के दौरान सचिन पायलट मनरेगा आंदोलन की समीक्षा के साथ-साथ संगठनात्मक बैठकों में भी हिस्सा लेंगे। नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात और आगामी रणनीति पर चर्चा भी उनके कार्यक्रम में शामिल है। कुल मिलाकर, सचिन पायलट का यह दौरा कांग्रेस की आक्रामक राजनीतिक रणनीति और मनरेगा मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सचिन पायलट इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ चुके हैं। 26 और 27 नवंबर को वे दो दिवसीय प्रवास पर प्रदेश पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने प्रदेशभर में चल रहे कांग्रेस के SIR अभियान की समीक्षा की थी और संविधान बचाओ दिवस से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। 26 नवंबर को रायपुर पहुंचने के बाद वे सीधे धमतरी गए थे, जहां संविधान बचाओ दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए और पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद वे कांकेर पहुंचे, जहां संगठनात्मक स्थिति को लेकर बैठक हुई। देर शाम वे जगदलपुर पहुंचे थे। 27 नवंबर को जगदलपुर में SIR अभियान की विस्तृत समीक्षा के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की थी और उसी शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।“100 दिन का रोजगार खत्म किया गया”
“ग्राम पंचायतों से अधिकार छीने गए”
मनरेगा को लेकर भाजपा से पूछा सवाल
“महात्मा गांधी के नाम की योजना बदली”
उन्होंने कहा “यह योजना सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि गरीबों की गरिमा और आत्मसम्मान से जुड़ी थी,”।सत्ता में आने के बाद भाजपा नेताओं में घमंड आ गया है
पायलट ने कमिश्नर प्रणाली पर भी साधा निशाना
MP और छत्तीसगढ़ के न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी पर सरकार पर तीखा हमला
जंबूरी 2026 विवाद और हाईकोर्ट याचिका पर बयान
जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग पर भी बोले पायलट
संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेंगे पायलट
पायलट पहले भी कई अहम दौरों पर आ चुके हैं छत्तीसगढ़
“नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी की टेंडर प्रक्रिया पर सियासत तेज, मंत्री गजेंद्र यादव और भूपेश बघेल आमने-सामने”
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार बालोद में होने वाले नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सियासत तेज हो गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जंबूरी आयोजन न मेरा है न बृजमोहन अग्रवाल का है। यह आयोजन भारत स्काउट गाइड नई दिल्ली का है। वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेन ने इस आयोजन को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बिना टेंडर 15 करोड़ का काम कराया गया। अगर भ्रष्टाचार नहीं हुआ है तो सरकार जांच कराए।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि जंबूरी में भाग लेने देश और विदेशों से बच्चे छत्तीसगढ़ आएंगे। बच्चे स्कूल शिक्षा विभाग के रहते हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि बच्चों के लिए समुचित व्यवस्था हो। कार्यक्रम का अध्यक्ष कौन है के सवाल पर मंत्री ने कहा, यह नेशनल का काम है वह तय करेगा। नेशनल की ओर से नेशनल प्रेसिडेंट रहेंगे तो यह उनका काम है।
आयोजन की जगह बदलने को लेकर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य में होना तय था। स्कूल शिक्षा विभाग के पास जब प्रस्ताव आया तो हमने तय किया। लगातार रायपुर में कार्यक्रम हो रहे हैं तो दूसरे जिलों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। बृजमोहन जी क्या सवाल खड़ा किए हैं, यह मेरी जानकारी में नहीं है।
बिना टेंडर 15 करोड़ का कराया गया काम : भूपेश बघेल
वहीं जंबूरी मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, बिना टेंडर 15 करोड़ का काम कराया गया। नेशनल जंबूरी भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया। आपस में सरकार, मंत्री और सांसद में खींचतान मचा है। बच्चों के लिए कार्यक्रम होना है, उसमें भी भ्रष्टाचार हुआ है। कांग्रेस ने पूरे मामले को उजागर किया है। अगर भ्रष्टाचार नहीं है तो सरकार स्पष्ट जांच कराए।
गृहमंत्री के बयान पर भूपेश बोले – कांस्टेबल तक की इज्जत तो बचा नहीं पाए
विजय शर्मा के बस्तर में खुलकर हंसते दिखेंगे लोग वाले बयान पर भूपेश बघेल ने कहा, 15 साल भाजपा के शासनकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग से 5 किमी दाहिने और बांए तक ही स्थिति ठीक थी। बस्तर के नाम से डर और दहशत था। कांग्रेस के हमारे शासनकाल में बस्तर में अंदरूनी स्तर तक विकास के काम हुए। वहां के लोगों को उनके अधिकार दिए गए। गृहमंत्री विजय शर्मा आज बड़ा-बड़ा बयान दे रहे हैं। वो अपनी एक कांस्टेबल तक की इज्जत तो बचा नहीं पाए।