रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक का समापन हो गया। राजधानी रायपुर में आयोजित इस अहम बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी रणनीति, राजनीतिक प्रस्तावों और नक्सल उन्मूलन जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। करीब 6 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, दोनों डिप्टी सीएम, मंत्रीगण और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हर तीन माह में आयोजित की जाती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार संगठनात्मक कार्यों की रूपरेखा तय की गई है और अब इन्हें निचले स्तर तक प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संभाग प्रभारियों और जिला प्रभारियों को संभागीय बैठकों में शामिल होने का विशेष टास्क दिया गया है। वहीं जिलाध्यक्षों की अध्यक्षता में जिला कार्यसमिति बैठकों के आयोजन पर भी जोर दिया गया है, ताकि संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जा सके। बैठक के दौरान सांसद रूप कुमारी चौधरी और वरिष्ठ भाजपा नेता शिवरतन शर्मा ने पक्ष रखा। वहीं प्रदेश में नक्सल उन्मूलन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विस्तृत प्रस्तुति दी।
कोर कमेटी के हालिया पुनर्गठन को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि नई टीम में नए और पुराने दोनों चेहरों को जगह दी गई है। उन्होंने इसे संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में अहम कदम बताया।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर भी मंथन किया गया।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पार्टी की संगठनात्मक परिवर्तनों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाला दल नहीं है, बल्कि यह साल के 12 महीने और 24 घंटे जनता के बीच रहने वाला जीवंत संगठन है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, "भारतीय जनता पार्टी 12 महीना, 24 घंटा और साल भर सक्रिय रहने वाली पार्टी है। इसका परिणाम देश ने बंगाल और असम जैसे राज्यों में देख लिया है। जनता भाजपा पर इसलिए भरोसा करती है क्योंकि हमारा एक-एक कार्यकर्ता जमीन पर उतरकर लगातार काम करता है।"
कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस जैसी पार्टियाँ आज केवल 'पेपर टाइगर' बनकर रह गई हैं। वे सिर्फ भाषणबाजी करती हैं और धरातल पर उनका कोई काम दिखाई नहीं देता, यही कारण है कि जनता अब उन्हें घर बैठा रही है।
संगठन में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया
संगठन में नई पीढ़ी को जिम्मेदारी दिए जाने के सवाल पर बृजमोहन अग्रवाल ने बहुत ही सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवर्तन संगठन की जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संगठन में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है जो समय-समय पर होती रहती है। "कोई भी व्यक्ति जीवन भर एक ही पद पर नहीं रहता। समय के साथ चेहरे बदलते हैं, यह प्रकृति का नियम है जिसकी जहाँ उपयोगिता होती है, पार्टी उसे समय-समय पर वापस जिम्मेदारी देती रहती है।"
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशा अनुसार छत्तीसगढ़ शासन विशिष्ट क्षेत्रों में तीव्र और लक्षित विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करेगा। इस संबंध मे आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने लक्षित विकास के लिए नए मिशन शुरू किए है। जिन्हें पूरी तरह मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक में अपनी विभागीय योनजाओं के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी रखी।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री एआई मिशन के संबंध में बताया कि उभरती हुए तकनीकों और प्रौद्योगिकियों में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए यहां के युवाओं को एआई आधारित स्टार्टअप के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। शासन व्यवस्था के कार्यों में भी एआई का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी तरह से छात्र-छात्राओं, युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत ग्रामीण और जमीनी स्तर पर छिपी हुई खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें निखारा जाएगा। खिलाड़ियों को सुविधाएं दी जाएगी। राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना तथा महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन के अंतर्गत प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए थीम-आधारित पर्यटन सर्किट विकसित किए जाएंगे। सांस्कृतिक मेलों, उत्सवों और प्रदर्शनियों का आयोजन तथा स्थानीय स्तर पर ’होमस्टे’ योजना को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटन के तहत स्थानीय युवाओं को टूर-गाइडों के कौशल विकास के जरिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराये जाएंगे।
मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के जरिए राज्य के बुनियादें ढांचें, सड़कों, पुलों और शहरी-ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिशन मोड में मजबूत करना है। प्रदेश में आर्थिक विकास को गति देने के लिए अधोसंरचना का तेजी से निर्माण किया जाना है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन के तहत प्रदेश के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना और नए व्यापारिक विचारों को जमीन पर उतारना। नए स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता और सरल प्रक्रियाएं सुनिश्चित किए जाएंगे।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव वित्त चंदन कुमार, विशेष सचिव उच्च शिक्षा जय प्रकाश मौर्य सहित सूचना प्रौद्योगिकी एवं चिप्स के अधिकारी शामिल हुए।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन वर्ष 2026-27 हेतु 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान सहित विभिन्न खरीफ फसलों के एमएसपी में की गई उल्लेखनीय वृद्धि यह स्पष्ट करती है कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में धान के एमएसपी में हुई ऐतिहासिक बढ़ोतरी किसानों के सम्मान, आत्मविश्वास और समृद्धि को नई मजबूती प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में सर्वाधिक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी के साथ किसानों का विश्वास सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर लगातार बढ़ा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार किसान कल्याण, कृषि उन्नति और ग्रामीण समृद्धि के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों के पुराने ठिकानों और डंपों से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री, कैश और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं। कार्रवाई के दौरान नक्सलियों द्वारा जंगलों में छिपाकर बनाए गए बंकरों का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि विगत एक माह से जिले के सुदूर और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सघन सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत आसूचना तंत्र के आधार पर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंपों का पता लगाया गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की।
संयुक्त कार्रवाई में कुल 65 लाख 52 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही एलएमजी, एसएलआर, कार्बाइन, .303 रायफल समेत कुल 32 हथियार और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। बरामद हथियारों में 1 एलएमजी रायफल, 4 एसएलआर रायफल, 1 कार्बाइन रायफल, 5 .303 रायफल, 1 .315 रायफल, 5 सिंगल शॉट गन, 4 बारह बोर बंदूकें, 7 बीजीएल लॉन्चर और 1 पिस्टल शामिल है। इसके अलावा AK-47, SLR, .303, .315 और पिस्टल के सैकड़ों जिंदा कारतूस, बीजीएल सेल, एलएमजी बैरल, मैग्जीन और अन्य विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पूर्व में बरामद लगभग 140 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया को सुरक्षा मानकों के तहत नष्ट किया गया।
एसपी डॉ. यादव के अनुसार, इस कार्रवाई से नक्सलियों की लॉजिस्टिक सप्लाई, हथियार आपूर्ति तंत्र और आईईडी निर्माण क्षमता को गंभीर क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप बीजापुर को नक्सलमुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
अब तक 517 हथियार, 1092 IED और 7.28 करोड़ कैश जब्त
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 से अब तक सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 234 माओवादी मारे गए हैं, जबकि 1192 गिरफ्तार और 1003 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसी अवधि में 517 हथियार, 1092 आईईडी और कुल 20 करोड़ 8 लाख 52 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। इसमें 7.28 करोड़ रुपये नकद और 8.20 किलोग्राम सोना शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत 12.80 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने आम जनता और ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस और सुरक्षा बलों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
रायपुर। आईपीएल 2026 के तहत रायपुर में आयोजित रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) मुकाबले के लिए राज्यसभा सांसद और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला (Rajeev Shukla) रायपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के आयोजन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
राजीव शुक्ला ने कहा कि जब वह आईपीएल के चेयरमैन थे, तब भी रायपुर में दो मुकाबलों का आयोजन कराया गया था। उन्होंने कहा कि इस बार RCB प्रबंधन ने दो मैचों के लिए रायपुर को चुना है, जिसके लिए वह टीम प्रबंधन के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि लगातार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और बड़े क्रिकेट आयोजन छत्तीसगढ़ में हो रहे हैं, जिसका फायदा यहां के युवाओं और खेल प्रतिभाओं को मिलेगा।
उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को क्रिकेट और खेल के क्षेत्र में अधिक अवसर मिलें। रायपुर जैसे शहर में आईपीएल मैच होना प्रदेश के लिए बड़ी बात है।”
खेल में नहीं होनी चाहिए राजनीति
इस दौरान भाजपा नेताओं द्वारा दिए गए उस बयान पर भी राजीव शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि उनका छत्तीसगढ़ दौरा केवल क्रिकेट मैचों तक सीमित रहता है। इस पर उन्होंने कहा, “मैं हमेशा छत्तीसगढ़ आता रहता हूं। यहां क्रिकेट को लाना जरूरी था। क्रिकेट और खेल में कभी राजनीति नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं को सोच-समझकर बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा, “भाजपा हर समय राजनीति और आलोचना करती है। जनता एक दिन उन्हें सबक सिखाएगी और पता भी नहीं चलेगा।”
PM मोदी की अपील पर भी दी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से जुड़े सवाल पर भी राजीव शुक्ला ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जो बात कही जाए, उसे पहले खुद अपनाकर दिखाना चाहिए। भाजपा नेता खुद सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ चलते हैं। बिना सोने के क्या शादी-विवाह होते हैं? कितनी गाड़ियां कम होंगी, इसका क्या पैरामीटर है? कुछ गाड़ियां नहीं चलेंगी तो उससे क्या फर्क पड़ेगा?”
गौरतलब है कि रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज RCB और KKR के बीच अहम मुकाबला खेला जाना है। प्लेऑफ की दौड़ को देखते हुए यह मैच दोनों टीमों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रायपुर। वैश्विक ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर मंत्री श्री अग्रवाल ने अपने राजकीय दौरों के दौरान पायलट वाहन, फॉलो वाहन तथा अन्य विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। इसी भावना के अनुरूप उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में केवल अपरिहार्य वाहनों को ही शामिल करने तथा अनावश्यक वाहनों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य स्थिति बहाल होने तक वे किसी भी प्रकार की पायलट, फॉलो गाड़ी अथवा विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करेंगे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि यह समय जिम्मेदारी, संयम और जनभावनाओं के साथ खड़े रहने का है। राष्ट्रहित में प्रत्येक नागरिक की इसमें सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, कारपूलिंग तथा संसाधनों के संयमित उपयोग को अपनाएं, इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लगातार आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा को आत्मसात करते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि शासन और जनप्रतिनिधि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर समाज को सकारात्मक संदेश दे सकें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है। इस खास मौके पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।
मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है।
वित्त मंत्री चौधरी ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को दी बधाई
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देशवासियों से की गई अपील का सम्मान करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने अपने प्रोटोकॉल काफिले से 4 वाहनों का उपयोग कम करने का फैसला लिया है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रहित में संसाधनों के संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक कर्तव्य की भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है। जब वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, तब परिवार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों के संरक्षण का संदेश हम सभी भारतवासियों के लिए अनुकरणीय है। ऐसे समय में प्रत्येक जनप्रतिनिधि और नागरिक का दायित्व बनता है कि वह संयम, सादगी और जिम्मेदारी का परिचय दें।
प्रदेशवासियों से की ये अपील
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा देशवासियों को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी है और उसी भावना के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वे वर्तमान परिस्थितियों को गंभीरता से समझें। आवश्यकता अनुसार संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्रहित में सहयोग की भावना के साथ आगे आएं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में बड़ा रणनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश की नई कोर कमेटी का गठन करते हुए वरिष्ठ नेताओं के साथ सरकार के प्रमुख चेहरों को इसमें शामिल किया है। नई टीम का गठन राष्ट्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद किया गया।
प्रदेश भाजपा की इस अहम निर्णय लेने वाली समिति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा के साथ वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को भी स्थान दिया गया है।
कोर ग्रुप में संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है। इनमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश महामंत्री पवन साय, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, वरिष्ठ नेता लता उसेंडी, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी शामिल हैं।
बृजमोहन, रामविचार और गौरीशंकर बाहर
नई सूची में कई बड़े नेताओं को कोर ग्रुप से बाहर कर दिया गया है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, प्रदेश सरकार में मंत्री रामविचार नेताम और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को इस बार कोर कमेटी में जगह नहीं मिली है। राजनीतिक गलियारों में इसे संगठन के भीतर नई रणनीति और पीढ़ीगत संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। आज हुई बैठक के दौरान पार्टी की आगामी कार्ययोजना, संगठन विस्तार और भविष्य के कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही आने वाले राजनीतिक अभियानों और कार्यसमिति से जुड़े मुद्दों पर भी रणनीति बनाई गई।
रायपुर। आज नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के तहत रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला खेला जाएगा। मैच को देखते हुए दर्शकों की सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रायपुर यातायात पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसमें विभिन्न मार्गों, पार्किंग स्थलों तथा प्रतिबंधित वस्तुओं की पूरी जानकारी दी गई है।
रायपुर शहर से स्टेडियम जाने का मार्ग
रायपुर शहर से आने वाले दर्शक तेलीबांधा थाना तिराहा से नेशनल हाईवे-53 होकर सेरीखेड़ी ओवरब्रिज के माध्यम से नया रायपुर पहुंचेंगे। वहां से स्टेडियम तिराहा और साईं अस्पताल रोड के रास्ते होते हुए पूर्व दिशा स्थित परसदा-कोसा पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे। पार्किंग भर जाने की स्थिति में श्री सत्य साईं अस्पताल पार्किंग और सेंध तालाब पार्किंग का उपयोग किया जाएगा, जिसके बाद दर्शक पैदल स्टेडियम में प्रवेश करेंगे।
बिलासपुर की ओर से आने वाले दर्शकों के लिए व्यवस्था
बिलासपुर-रायपुर मार्ग से आने वाले दर्शक धनेली नाला होते हुए रिंग रोड-03, विधानसभा चौक और राजू ढाबा जंक्शन से गुजरकर एनएच-53 के माध्यम से मंदिर हसौद पहुंचेंगे। इसके बाद नवागांव से स्टेडियम टर्निंग होते हुए परसदा और कोसा पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे और पैदल स्टेडियम पहुंचेंगे।
बलौदाबाजार और खरोरा मार्ग से आने वाले दर्शक
इस दिशा से आने वाले दर्शक बलौदाबाजार-रायपुर मार्ग पर विधानसभा ओवरब्रिज चौक से रिंग रोड-03 होकर एनएच-53 के जरिए मंदिर हसौद पहुंचेंगे। इसके बाद नवागांव और स्टेडियम टर्निंग से होते हुए पार्किंग स्थल तक पहुंचकर पैदल प्रवेश करेंगे।
जगदलपुर और धमतरी मार्ग से आने वाले दर्शकों के लिए व्यवस्था
इन क्षेत्रों से आने वाले दर्शक अभनपुर से केन्द्री, उपरवारा, मंत्रालय चौक, कोटराभाठा और सेंध तालाब मार्ग से होकर सीधे स्टेडियम के पूर्व दिशा स्थित परसदा-कोसा पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे। भीड़ अधिक होने पर सत्य साईं अस्पताल और सेंध तालाब पार्किंग का उपयोग किया जाएगा।
दुर्ग-भिलाई से आने वालों के लिए मार्ग
दुर्ग-भिलाई की ओर से आने वाले दर्शक टाटीबंध से रिंग रोड-01, पचपेड़ी नाका, तेलीबांधा थाना तिराहा होकर सेरीखेड़ी ओवरब्रिज से नया रायपुर पहुंचेंगे। यहां से साईं अस्पताल रोड के जरिए पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा कर पैदल स्टेडियम प्रवेश करेंगे।
महासमुंद-सरायपाली मार्ग से आने वाले दर्शक
इस मार्ग से आने वाले दर्शक आरंग होकर सीधे स्टेडियम टर्निंग पहुंचेंगे और परसदा-कोसा पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे।
पासधारी वाहनों के लिए विशेष व्यवस्था
पार्किंग पास A, B, C, D, E, F, G धारक वाहन सेरीखेड़ी ओवरब्रिज होकर नया रायपुर में प्रवेश करेंगे। ये वाहन डॉ. खूबचंद बघेल चौक, कयाबांधा चौक (सेक्टर 15/21), कोटराभाठा चौक (सेक्टर 17/20) और सेंध सेक्टर 04/10 होते हुए निर्धारित पार्किंग स्थलों में वाहन खड़ा कर सकेंगे।
भारी वाहनों पर प्रतिबंध
मैच के दौरान 13 मई को दोपहर 3:00 बजे से रात 1:00 बजे तक नया रायपुर के सभी प्रवेश मार्गों पर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने अपील की है कि यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जाए।
स्टेडियम में प्रतिबंधित वस्तुएं
दर्शकों की सुरक्षा को देखते हुए स्टेडियम में निम्न वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है—
शराब, बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, तंबाकू, माचिस, लाइटर एवं ज्वलनशील पदार्थ
बोतल, डिब्बे, टिफिन, वाद्य यंत्र
कुर्सी, स्टूल, छाता, डंडा, हॉकी स्टिक, झंडे, ब्लेड, स्केट्स आदि
आग्नेयास्त्र, पटाखे, चाकू, तलवार, कैंची और अन्य धारदार वस्तुएं
कांच के कंटेनर एवं खाद्य सामग्री (बच्चों के खाद्य को छोड़कर)
बैग, सूटकेस, लेडीज बैग, कागज़ के पैकेट
लैपटॉप, कैमरा, लेजर लाइट, फ्लैश लाइट
स्प्रे, सिरिंज, पेन, पेंसिल, फुग्गे एवं गेंद
लाउडस्पीकर, सिटी, हॉर्न, रेडियो एवं भड़काऊ संकेत
प्रचार सामग्री एवं सभी प्रकार के सिक्के
पुलिस की अपील
रायपुर यातायात पुलिस ने दर्शकों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, समय से पहले स्टेडियम पहुंचे और सुरक्षा नियमों का पूरा पालन करें, ताकि मैच के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ में आधुनिक, सुव्यवस्थित और समावेशी शहरी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी विचार एवं दृष्टिकोण के तहत विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत किया गया, जिसमें “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल” को व्यापक कार्य एजेंसी बनाते हुए नाम बदलकर “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल” कर दिया गया है। इससे आवास के साथ प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होगी तथा छत्तीसगढ़वासियों को बेहतर आवास और आधुनिक सुविधाओं का भरपूर लाभ मिलेगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड को नए स्वरूप में विकसित किया गया है, जिससे यह संस्था अब केवल मकानों और भवनों तक सीमित न रहकर व्यापक अधोसंरचना विकास कार्य भी कर सकेगी।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा में 17 मार्च 2026 को यह विधेयक प्रस्तुत किया गया, जिस पर 21 अप्रैल को राज्यपाल द्वारा स्वीकृति के बाद 24 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल कर दिया गया है।
इसी क्रम में 12 मई 2026 को समय-सीमा बैठक में आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुसार समस्त संभाग, प्रक्षेत्र, वृत्त कार्यालयों में रीब्रांडिंग के लिए पर्याप्त राशि जारी करने तथा मंडल के नए “लोगो” (Logo) डिजाइन के लिए सभी से प्रविष्टियां आमंत्रित करने के निर्देश दिए, जिससे इसमें लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। “लोगो” के डिजाइन के लिए प्रतियोगिता में कोई भी व्यक्ति, कलाकार, संस्था, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, छात्र एवं अप्रवासी भारतीय भी भाग ले सकते हैं।
डिजाइन भेजने की 20 मई है अंतिम तिथि
इच्छुक प्रतिभागी नए नाम (छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल) और उसकी अवधारणा के अनुरूप “लोगो” डिजाइन कर अपने कॉन्सेप्ट नोट सहित आवश्यक जानकारी के साथ ई-मेल (ceocghb@yahoo.com) पर भेज सकते हैं। प्रविष्टि के साथ नाम, पता एवं आधार कार्ड नंबर देना होगा। प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 20 मई 2026 शाम 5 बजे तक है।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वालों से “लोगो” की सॉफ्ट कॉपी CDR, PDF, PNG और JPEG फॉर्मेट में स्वीकार की जाएगी। केवल ई-मेल के माध्यम से प्राप्त प्रविष्टियां ही मान्य होंगी। जिसका “लोगो” चयनित होगा, उस विजेता को 2.50 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए मंडल की वेबसाइट www.cghb.gov.in पर विजीट किया जा सकता है।
रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की आज एक महत्वपूर्ण बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हो रही है. बैठक में 2028 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाए जाने के साथ दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित होने की संभावना है.
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश विशेष रूप से मौजूद हैं. उनके अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और पवन साय, भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल हैं.
प्रदेश कार्यसमिति बैठक में सत्ता और संगठन से जुड़े करीबन 400 नेताओं की मौजूदगी में संगठनात्मक रणनीति और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा होगी. बैठक में नक्सलवाद की समाप्ति के लिए केंद्र और राज्य सरकार के लिए धन्यवाद प्रस्ताव और दूसरा महिला आरक्षण संशोधन बिल गिराने के लिए विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव शामिल है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।
उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
रायपुर। राजधानी रायपुर में बम बनाने से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी विनय देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है। खमतराई थाना क्षेत्र के रावाभाठा इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को रावाभाठा क्षेत्र में संदिग्ध बैग से बम बनाने की सामग्री मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेराबंदी में लेकर जांच शुरू की गई।
BDDS जांच में खुलासा
बम निरोधक दस्ते की प्रारंभिक जांच में बैग में लो-इंटेंसिटी एक्सप्लोसिव सामग्री और बम निर्माण में उपयोग होने वाले संदिग्ध उपकरण मिलने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी।
आरोपी से पूछताछ जारी
लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी विनय देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी से खमतराई इलाके में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूछताछ की जा रही है।
इलाके में फैली थी दहशत
घटना के सामने आने के बाद रावाभाठा और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध सामग्री का उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कौन-कौन शामिल हो सकता है।
रायपुर। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और अनेक स्वतंत्र संगठनों के संयुक्त आव्हान पर देश भर में असंगठित श्रमिकों पर जारी शोषण और दमन के खिलाफ मंगलवार को राष्ट्रीय मांग दिवस मनाया. इस दौरान नोयडा सहित दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई की मांग की. इस क्रम में मंगलवार शाम राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक में ट्रेड यूनियनो के संयुक्त मंच के नेतृत्व में श्रमिकों और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया.
इस दौरान संपन्न विरोध सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मंच के संयोजक, आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का. धर्मराज महापात्र ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मानेसर, गुरुग्राम, फरीदाबाद और देश के अनेक औद्योगिक क्षेत्रों के श्रमिक अमानवीय शोषण, कम मजदूरी, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और श्रम के बढ़ते ठेकेदारीकरण के विरुद्ध साहसपूर्वक संघर्ष कर रहे हैं. सरकारें इन वास्तविक मांगों को संबोधित करने के बजाय दमन, गिरफ्तारियों, धमकियों और श्रमिकों तथा ट्रेड यूनियन नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करने का रास्ता अपना रही हैं. आज ठेका श्रमिक औद्योगिक कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा बन चुके हैं. उन्हें प्रतिदिन 10 से 13 घंटे तक कार्य करना पड़ता है और मात्र ₹10,000 से ₹12,000 प्रतिमाह के अल्प वेतन पर काम करना पड़ता है. उन्हें नौकरी की सुरक्षा, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, भविष्य निधि (पी एफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ई एस आई) और बुनियादी सुरक्षा उपाय जैसे मूल अधिकार भी प्राप्त नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई तथा रसोई गैस (एल पी जी) की लगातार बढ़ती कीमतों ने श्रमिक वर्ग की स्थिति को और भी कठिन बना दिया है। इसी कारण देश भर के श्रमिक आज यह मांगें उठा रहे हैं कि न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 प्रतिमाह किया जाए. इसके साथ ही 8 घंटे का कार्य दिवस, ठेका श्रमिकों के लिए समान वेतन एवं सुविधाएं, दमनात्मक कार्रवाइयों का तत्काल अंत एवं चारों श्रम संहिताओं को तत्काल समाप्त कर पुराने 44 श्रम कानूनों की बहाली की मांग देश भर से उठ रही है. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि श्रमिकों की न्यायोचित मांगों पर विचार करने के बजाय उन्हें “राष्ट्रविरोधी” बताकर बदनाम करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों तथा स्वतंत्र क्षेत्रीय महासंघों एवं संगठनों के संयुक्त मंच ने 12 मई 2026 को राष्ट्रीय मांग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। हम देशभर में संघर्षरत श्रमिकों के आंदोलनों के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हैं और मांग करते हैकि गिरफ्तार श्रमिकों और कार्यकर्ताओं की तत्काल एवं बिना शर्त रिहाई की जाए, सभी झूठे मुकदमों की वापसी हो, दमन और अवैध हिरासतों का अंत हो, श्रमिक-विरोधी श्रम संहिताओं की वापसी की जाए, ट्रेड यूनियनों के साथ तत्काल त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित हो, भारतीय श्रम सम्मेलन (इंडियन लेबर कांफ्रेंस) का शीघ्र आयोजन हो, न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 प्रतिमाह हो, सख्ती से 8 घंटे का कार्यदिवस लागू किया जाए, अतिरिक्त कार्य के लिए दुगुना ओवरटाइम भुगतान किया जाए. इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा की गारंटी हो, सभी वैधानिक सुविधाओं का प्रावधान हो, ठेका श्रमिकों के लिए समान वेतन और सुविधाएं हो,स्थायी प्रकृति के कार्यों में ठेका प्रथा का उन्मूलन हो, सभी अस्थाई कर्मियों का नियमितीकरण हो.
प्रदर्शन के दौरान रसोई गैस (LPG) को सस्ता करने और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखते हुए बढ़ती महंगाई पर रोक लगाए जाने की मांग भी की गई. आज के प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के संयुक्त मंच के घटक संगठनों इंटक, एच एम एस, एटक, सीटू, एक्टू, केंद्र राज्य सरकार कर्मचारी संघ, संयुक्त ट्रेड यूनियन कौंसिल, रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाईज यूनियन, पोस्टल यूनियन, सी जी एस पी यू और केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन का नेतृत्व इंटक के सचिव इंद्रमणि पटेल, सीटू महासचिव एस एन बैनर्जी,सुरेंद्र शर्मा,दिनेश पटेल, ज्योति पाटिल, अनुसुइया ठाकुर, धर्मनी सोनवानी,गजेंद्र पटेल, राजेश पराते, ऐक्टू के नरोत्तम शर्मा नवीन गुप्ता, आर्थो कुमार, संदीप सोनी, सुभाष साहू, डी सी पटेल द्वारा किया गया. प्रदर्शन के अंत में एक प्रस्ताव पारित कर एन आई टी परीक्षा निरस्त किए जाने के कारण पीड़ित छात्रों द्वारा जारी आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की गई.
रायपुर। मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर असर की आशंका जताई जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील की है। प्रधानमंत्री की इस अपील का प्रभाव अब राज्य स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और सादगीपूर्ण निर्णय लिया है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए वे स्थिति सामान्य होने तक, अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर, पायलट वाहन या फॉलो गाड़ी/प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करेंगे।
ओ.पी. चौधरी का यह कदम प्रशासनिक स्तर पर सादगी और जिम्मेदारी का संदेश देता है। उनके इस निर्णय से ऊर्जा बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर एक सकारात्मक संदेश समाज में जाएगा।
दुर्ग। कुम्हारी में हुए सिलेंडर ब्लास्ट हादसे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कई स्थानीय कांग्रेस नेता मौजूद रहे। भूपेश बघेल ने हादसे को लेकर बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण चार लोगों की जान गई है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
भूपेश बघेल ने राज्य सरकार से हादसे में मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता परेशान है। मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। ऐसी घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बिजली खंभे में शॉर्ट सर्किट से मकान में लगी आग
बता दें कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंगलवार दोपहर सिलेंडर ब्लास्ट होने से एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में 2 बहनें, पिता और एक डेढ़ साल की बच्ची शामिल है। पूरा मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र के खपरी गांव का है। जानकारी के मुताबिक बिजली खंभे में शॉर्ट सर्किट से मकान में आग लगी। खंभे के नीचे घर के प्लास्टिक और तिरपाल से बने छपर में लगी आग फैलते हुए कीचन तक जा पहुंची, जिससे गैस सिलेंडर फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि आग की लपटों ने पूरे मकान को चपेट में ले लिया। घर के अंदर मौजूद परिवार के सदस्य बाहर निकल नहीं सके और जिंदा जल गए।
घर के अंदर से 4 लोगों के शव बरामद
आसपास के लोगों ने धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग काफी फैल हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घर के अंदर से 4 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। घटना की सूचना पर सांसद विजय बघेल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, एसएसपी विजय अग्रवाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
दो बहनें, पिता और एक मासूम की मौत
जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय घर में 2 बहनें चांदनी वैष्णव (18 वर्ष), लक्ष्मी वैष्णव (20 वर्ष) और डेढ़ साल की गोपिका वैष्णव भी मौजूद थीं। घर में दोनों बहनों के पिता अनिल वैष्णव (45 वर्ष) भी मौजूद थे। हादसा इतना भयावह था कि चारों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों के शव को पंचनामा कर पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं अनिल वैष्णव की पत्नी, बेटा और एक बेटी घर के बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, बाहर मौजूद बेटी की डेढ़ साल की मासूम बच्ची घर के अंदर थी, जिसकी भी आग में जलकर मौत हो गई।
सीएम ने की मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख सहायता राशि देने की घोषणा
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर विस्फोट से एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इससे मन अत्यंत व्यथित है। इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को परिजनों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह राशि शासन के नियमानुसार दी जाने वाली 4-4 लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को परिजनों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने एवं घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।