रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली के दामों में हुई बढ़ोतरी को लेकर सियासत गर्मा गई है। कांग्रेस प्रदेश कार्यालय (राजीव भवन) में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पांचवीं बार बढ़े बिलजी बिल का विरोध जताते हुए स्मार्ट मिटर को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। साथ ही तीन चरणों में प्रदर्शन की घोषणा भी की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने लगातार पांचवीं बार बिजली का बिल बढ़ाकर आम जनता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा- घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे, कमर्शियल-गैर-घरेलू और किसानों के लिए भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। भाजपा के कार्यकाल में महज ढाई साल के भीतर बिजली के रेट 31.23 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं, जबकि कांग्रेस सरकार के समय सिर्फ दो पैसे की वृद्धि हुई थी।
दीपक बैज ने स्मार्ट मीटर योजना पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, एक तरफ सरकार महिलाओं को महतारी वंदन योजना का पैसा दे रही है, तो दूसरी तरफ स्मार्ट मीटर और महंगी बिजली के जरिए उसी घर से हर महीने 2 से 3 हजार रुपए वसूल रही है। बीजेपी ने बिजली बिल हॉफ योजना बंद कर दी और स्मार्ट मीटर की वजह से बिल ज्यादा आ रहा है। इससे एक तरह की बिजली चोरी हो रही है। उन्होंने बढ़े हुए दामों को वापस लेने और स्मार्ट मीटर योजना को बंद करने की मांग की है।
तीन चरणों में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की रणनीति तैयार-
17 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली दफ्तरों का घेराव कर पुतला दहन करेंगे।
18 जून को सभी जिला मुख्यालयों में प्रेसवार्ता कर सरकार की नाकामियों को जनता के बीच ले जाना।
जुलाई के पहले सप्ताह में कांग्रेस नेता गांव में जाकर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करेंगे और आवेदन लिखेंगे।
रायपुर। डीलिस्टिंग को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह भगत के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का भ्रम है. कांग्रेस को सही जानकारी हासिल करनी चाहिए. कांग्रेसी आधी-अधूरी बातें करते हैं.
दरअसल, धर्मांतरित लोगों के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सियासी बयानबाजी बढ़ गई है. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने बयान के जरिए एक बार फिर से इस मुद्दे को उठाया है. इससे पहले यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बने मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर आधी-अधूरी जानकारी होने का आरोप मढ़ते हुए समाप्त करने की कोशिश की है.
मुख्यमंत्री साय ने इसके साथ बिलासपुर-जशपुर दौरे को लेकर कहा कि जशपुर जिले को रेल सुविधा को लेकर कहा कि जशपुर गृह जिला है. रेल सेवा से अछूता है. प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में रेल सुविधा की बात अवगत कराए थे. इसमें अब त्वरित कार्रवाई हो रही है,
उन्होंने कहा कि जल्द इसकी स्वीकृति मिलेगी. रेल मार्ग के जुड़ने से जशपुर जिले को फायदा होगा. व्यापार, लोगों के आवागमन में फायदा मिलेगा. वहीं कांग्रेस केप्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी के आने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनका मामला है. आए-जाए जो भी करें.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किए गए हालिया फरमान को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बोर्ड के इस फैसले पर जहां प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव ने इसका पुरजोर स्वागत किया है, वहीं राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इस पर एक नई बहस छेड़ते हुए इसे सभी धर्मों पर समान रूप से लागू करने की बात कही है।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने किया स्वागत
वक्फ बोर्ड के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि बोर्ड लगातार नियम और प्रक्रियाओं को ध्यान में रखकर काम कर रहा है। समाज में एक अच्छा वातावरण तैयार करने की कोशिश वक्फ बोर्ड द्वारा की जा रही है। निश्चित रूप से इस पहल का स्वागत किया जाना चाहिए।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव की सलाह
दूसरी तरफ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि अगर इस तरह के नियम सभी धार्मिक त्योहारों में अपनाए जाएं, तो किसी को कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। हमारे जाने से भी लोग स्वागत में फटाखे जलाते और बाजा बजाते हैं। इस पर भी विचार करना चाहिए।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मोहर्रम को लेकर फरमान जारी किया है, जिसमें मोहर्रम, उर्स और अन्य इस्लामी धार्मिक आयोजनों में डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, आतिशबाजी और गैर-शरई गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की गई है।
बोर्ड ने दी चेतावनी
जारी आदेश में लिखा कि सभी आयोजन कुरआन, हदीस और शरीयत के मुताबिक ही संपन्न किए जाएं। ताजिया, उर्स और दरगाह समितियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर संबंधित समिति और पदाधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं नियमों के उल्लंघन पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पीएम आवास पर टीएस सिंहदेव को याद दिलाया इस्तीफा
डिप्टी सीएम विजय शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री को पीएम आवास की प्रगति को लेकर लिखे गए पत्र और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बयान (जिसमें सिंहदेव ने कहा था कि भाजपा को उनकी याद आ रही है) पर अरुण साव ने बड़ा बयान दिया।
अरुण साव ने कहा, “याद तो जरूर आएगी। सिंहदेव जी ने खुद अपनी ही सरकार के खिलाफ पत्र लिखकर मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। कांग्रेस की भूपेश सरकार ने प्रदेश के 18 लाख गरीब लोगों का आवास छीना था और उनके साथ अन्याय किया था। हमारी सरकार ने आते ही प्राथमिकता दिखाई और महज ढाई साल के भीतर 10 लाख से अधिक आवास बनाकर गरीबों को पक्का मकान देने का काम पूरा किया है।”
शराब के दामों में अनियमितता पर साव ने क्या कहा
शराब के दामों में अनियमितता को लेकर अधिकारियों पर हुई कार्रवाई और इस पर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे घोटाले के आरोपों पर पलटवार करते हुए साव ने कहा कि कांग्रेस खुद घोटाले करने वाले लोग हैं। आपने तो कभी कार्रवाई नहीं की हमने तुरंत कार्रवाई की है। घोटाला करने वाले क्या बोल रहे हैं पहले समझ लीजिए। हमने अनियमित की शिकायत और उस पर त्वरित कार्रवाई की है। यह विष्णु का सुशासन है।
कांग्रेस की आदिवासी बैठक पर साव ने साधा निशाना
कांग्रेस द्वारा आदिवासी वर्ग की बैठक बुलाए जाने पर डिप्टी सीएम ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जब सत्ता में होती है, तो सभी वर्गों के साथ धोखा करती है और जब सत्ता से बाहर आती है, तो सभी वर्गों का ध्यान आता है। जनता ने उन्हें बार-बार मौका दिया हैं, लेकिन हर बार कांग्रेस ने जनता के साथ अन्याय किया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सीएम साय को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने राज्य में स्वीकृत 18 लाख में से 10 लाख 60 हजार घरों का निर्माण पूरा होने की जानकारी दी है। इस पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी की सरकार में सामंजस्य नहीं है। पत्र में सरासर झूठ बोल रहे हैं। पीएम आवास के हितग्राही दर-दर भटक रहे हैं। कांग्रेस की सरकार ने हितग्राहियों को पैसा दिया था। भारतीय जनता पार्टी प्रोपेगेंडा करने में माहिर है।
शराब का ओवर रेट का पैसा किसके जेब में जा रहा, ईडी जांच करें
शराब के ओवर रेट पर दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा, छोटे-छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है। ओवर रेट नकली शराब लगातार चल रहा है। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति हो रही है। ओवर रेट का पैसा किसके लिए लिया जा रहा था? ओवर रेट का पैसा किसके-किसके जेब में जा रहा है, ED को इसकी जांच करनी चाहिए।
आदिवासियों को प्रताड़ित कर रही सरकार : दीपक बैज
आदिवासियों को साधने कांग्रेस पार्टी बैठक में रणनीति बनाएगी। बैठक को लेकर पीसीसी चीफ बैज ने कहा, प्रदेशभर के आदिवासी नेता बैठक में शामिल होंगे। सरकार आदिवासियों की जल, जंगल, जमीन को छीन रही है। आदिवासियों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है। आदिवासी समाज को साधने के लिए बैठक में रणनीति बनाएंगे।
रायपुर/दिल्ली। महंगाई, पेपर लीक, सीट चोरी, बेरोजगारी, खाद-बीज, आर्थिक मंदी जैसे मुद्दों पर कांग्रेस देशभर में आक्रमक प्रदर्शन की तैयारी में है. दिल्ली में आयोजित एआईसीसी की बैठक में आज इन तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई और आंदोलन की रणनीति बनाई गई.
राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय महासचिवों के साथ प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्षों की मौजूदगी रही. बैठक में राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई अन्य नेता मौजूद थे.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महंगाई, पेपर लीक एवं किसानों की समस्याओं को लेकर ब्लॉक स्तर लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आक्रमक प्रदर्शन किया जाएगा. आज पार्टी की बैठक में देश में जो हालात हैं उस पर विस्तार से चर्चा हुई. बैज ने कहा कि एआईसीसी से निर्देश मिलने के बाद भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोला जाएगा. उन्होंने कहा, भाजपा लोकतंत्र को कुचलने का काम कर रही है. पेपर लीक कर युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है. इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे और सरकार को पूरी तरह बेनकाब करेंगे.
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए कवायद शुरू हो गई है. पद के लिए कई दावेदार हैं, कुछ मुखर हैं, तो कुछ पर्दे के पीछे गुप-चुप तरीके से अपने काम में जुटे हैं. प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल के इस अहम पद को लेकर जहां भाजपा नेता और मंत्री तंज कस रहे हैं, तो कांग्रेस नेता भी उसी तंज भरे लहजे में जवाब दे रहे हैं.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में कई और नेता शामिल होने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि पिछले 3 सालों से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का मुद्दा प्रदेश में घूम रहा है. अब यह बोरिंग चेप्टर हो चुका है. कांग्रेस को पूरे प्रदेश ने ही भुला दिया है. कांग्रेस की गतिविधियों को याद रखना, बुद्धिमानी वाला काम नहीं है. जब से मैने होश संभाला है, देख रहा कि इनमे आपसी मतभेद ही रहता है. कांग्रेस की परम्परा और संस्कार में ही गुटबाजी है. यहीं समय- समय पर उभरकर आता है.
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि हमारे में तो ऐसा नहीं है. वो अभी – अभी आए हैं, इनको कहाँ से पता लग गया. कांग्रेस में सब ठीक चल रहा है. उन्होंने कहा कि हम जो चार-पांच लोग अगुवाई कर रहे हैं, उनमें सब ठीक है. सामूहिक नेतृत्व में हम विश्वास करते हैं. चुनाव भी सामूहिक नेतृत्व में होगा. कांग्रेस में कुछ भी निर्णय होता है, तो सामूहिक नेतृत्व के आधार पर होता है.
डॉ. महंत ने कहा कि आने वाले समय में जिन – जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उनमें प्रदेश अध्यक्ष बदलने की पूरी संभावना है. छत्तीसगढ़ के बारे में भी चर्चा है. लेकिन जब तक राहुल गांधी का यहां दौरा और जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण नहीं हो जाता, तब तक इसकी कोई जरूरत नहीं है.
खाद-बीज को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
चरण दास महंत ने इसके साथ खाद-बीज को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर कहा कि सरकार का सब ठीक है, कहना उचित नहीं है. निचले स्तर पर समस्या अभी भी है, गांव में तकलीफ है. गांव में काम नहीं हो रहा है, इसलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ठप है. इसकी चिंता सबको है, लेकिन मंत्रीगणों को नहीं दिख रहा है. इसमें गंभीरतापूर्वक मुख्यमंत्री को विचार करना चाहिए जो आज की जरूरत है.
देश में “अघोषित आपातकाल” जैसे हालात
इंडियन एलायंस की बैठक पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि आज दिल्ली में इंडिया एलायंस की बैठक है. देश में महंगाई, डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस और खाद्य सामग्री के बढ़ते दामों पर चर्चा होगी. देश में “अघोषित आपातकाल” जैसे हालात होने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की भूमिका और आगे की रणनीति पर मंथन होगा.
रायपुर। कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष चयन को लेकर दिए गए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ये हमारा देखने का काम नहीं है, कांग्रेस इसको देखे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कितना भी कर लें, जनता का विश्वास नहीं जीत पाएगी।
सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस देश की जनता का विश्वास खो चुकी है और लगातार सिमटती जा रही है, क्योंकि ये लोग हमेशा जनता को ठगने का काम करते हैं। इनकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है, जमीन-आसमान का फर्क है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी वर्ष 2018 में प्रदेश की जनता ने इन्हें जनादेश दिया था, लेकिन पांच वर्षों तक इन्होंने केवल जनता को ठगने और प्रदेश को लूटने का काम किया। इसका परिणाम उन्हें 2023 के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ा। अब ये लोग कुछ भी कर लें, जनता का विश्वास खो चुके हैं।
वहीं एलपीजी सिलेंडर के बढ़े दामों को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की जो स्थिति है, उससे हम सब वाकिफ हैं। पूरा विश्व इससे प्रभावित है। हम सबको इसमें सहयोग करना चाहिए और टीम भावना के साथ अपने देश के लिए खड़ा रहना चाहिए।
रायपुर। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा आज रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3261 के एक कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर पहुंचे. इस दौरान एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए पुंजीवादियों की सरकार बताया. वहीं छत्तीसगढ़ को अपना दूसरा घर भी बताया.
यह पूंजीवादी सरकार है : सांसद तन्खा
केंद्र सरकार के लगभग 12 वर्षों के कार्यकाल पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद तन्खा ने कहा कि यह पूंजीवादी सरकार है, जिसमें पंजावदियों का ही इजाफा हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि पिछले वर्षों में देश की आम जनता ने कई चुनौतियों का सामना किया, यह सरकार की नीतिगत विफलता है.
सांसद तन्खा ने कहा- मिडिल क्लास के लिए मुसीबत का समय
बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडरों के दामों में उछाल को लेकर राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि महंगाई आसमान छू रही है. मिडिल क्लास के लिए यह मुसीबत की घड़ी है. सबको पता था कि आज यह वैश्विक मुसीबत है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को विश्वगुरु बताते हुए चुनौती से निपटने का दावा किया था, लेकिन क्या हुआ?
सांसद तन्खा ने छत्तीसगढ़ को बताया अपना दूसरा घर
रायपुर दौरे पर पहुंचे सांसद तन्खा ने बताया कि यह उनका निजी दौरा है. रोटरी उनका पैशन है. आज मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम ओडिशा जिलों के उन रोटरी लीडर्स को अवॉर्ड दिए जाएंगे, जिन्होंने बहुत अच्छा काम किया है. नेपाल से रोटरी इंटरनेशनल के एक डायरेक्टर आए हैं. यहां आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. छत्तीसगढ़ दूसरे घर जैसा है. उन्होंने पुराने दिन को याद करते हुए बताया कि जब वह जबलपुर में वकालत करते थे, तब पूरा छत्तीसगढ़ का इलाका जबलपुर से जुड़ा हुआ था. ऐसे में कई लोगों से मुलाकात होती थी, जिनके कानूनी मामले वहां देखे जाते थे. वह रायपुर और बिलासपुर भी अक्सर आता-जाता रहा हैं, इसलिए दोस्तों के बीच आकर यहां बहुत अच्छा लगता है.
रायपुर। कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले जाने का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि इस पार्टी के शासन वाले राज्यों में लोग असंतुष्ट हैं. कांग्रेस पिछले 12 वर्षों से अराजकता और अनिश्चितता फैला कर अपने लिए अवसर तलाश रही है. इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ताश के पत्तों की तरह नेता फेंटते हैं और दूसरों को उपदेश देते हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उत्तराखंड का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा में हारे हुए उम्मीदवार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का छोड़िये क्या हुआ क्या नहीं हुआ, हम जिस हाल में खुश हैं. प्रधानमंत्री पेट्रोल और डीजल के बारे में बताएं, पूरा हिन्दुस्तान त्रस्त है. खेती-किसानी का सीजन आ गया है, अब तक खाद और बीज का क्या हुआ? नीट परीक्षा का क्या हुआ? जब स्वीकार लिया गया है तो मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं ले रहे. सीबीएसई परीक्षा, नीट परीक्षा में गड़बड़ी, ये सारी गड़बड़ियां हो रही हैं, प्रधानमंत्री को इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए.
रीलबाजी के लिए धमकाना-चमकाना उचित नहीं : पूर्व CM बघेल
नेताओं द्वारा सार्वजनिक मंचों से कर्मचारियों को अपमानित करने वाली घटनाएं नहीं रुकने पर कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने आंदोलन की चेतावनी दी है. इस पर भूपेश बघेल ने प्रतिक्रया देते हुए कहा कि सबका अपना मान-सम्मान होता है. गलत होने पर अनुशासन की कार्रवाई करें. लेकिन केवल रीलबाजी के लिए धमकाने-चमकाने का काम उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मंत्री, विधायक की यही स्थिति है.
भूपेश ने भाजपा पर साधा निशाना
भाजपा पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बीजेपी को दिन रात मेरे सपने आते हैं. दिन हो या रात हो मुझे ही टारगेट करते हैं. अच्छी बात है कि वह मुझे अपने प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखते हैं.
झारखंड राज्यसभा चुनाव, पूर्व CM बघेल बने ऑब्जर्वर
कांग्रेस ने झारखंड में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए दो वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्ति की है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेता अजय शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसे लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि झारखंड में राज्यसभा के चुनाव हो रहे हैं, ऐसे में पार्टी ने मुझे और मेरे सहयोगी अजय शर्मा को ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी सौंपी है. यह एक बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने बताया कि वह अभी इसी सिलसिले में दिल्ली जा रहे हैं, इसके बाद वह सीधे रांची के लिए रवाना हो जाएंगे.
रायपुर। नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में हुए NSUI के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
तोखन साहू के बंगले घेराव के दौरान हुआ हंगामा
दरअसल, नीट पेपर लीक मामले को लेकर NSUI कार्यकर्ता सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव करने निकले थे। पुलिस ने सांसद के बंगले से पहले ही बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हंगामे के दौरान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता भी फट गया।
वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज, कई घायल
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। घटना में 12 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया। वहीं छह से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनका इलाज सिम्स अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के अनुसार धक्का-मुक्की में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
दीपक बैज बोले- सरकार के इशारे पर हुआ लाठीचार्ज
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने कहा कि NSUI ने पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण घेराव कार्यक्रम आयोजित किया था, लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में एक छात्र का सिर फट गया, कई लोगों के हाथ फ्रैक्चर हुए हैं और कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
‘क्या लोकतंत्र में आवाज उठाना भी अपराध है?’
बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? क्या लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को अपनी आवाज उठाने का अधिकार नहीं है? क्या भाजपा सरकार में पेपर लीक जैसे मुद्दों के खिलाफ लड़ाई भी नहीं लड़ी जा सकती?
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने वालों पर बल प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि उनकी आवाज दबाने का प्रयास करना चाहिए।
जांच और कार्रवाई की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों पर इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को आड़े लेते हुए CBSE पर भी जमकर बरसे हैं. राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि CBSE आधुनिक मशीनों की जगह पर उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के लिए मोबाईल का इस्तेमाल किया, जिससे विद्यार्थियों का परिणाम प्रभावित हुआ है. सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने सार्वजनिक रूप से जांच की मांग की है. सांसद ने आगे कहा कि CBSE के टेन्डर 2025 के अंतर्गत उत्तर पुस्तिकाओं को स्वचालित रोबोटिक स्कैनर से स्कैन करने की शर्त थी.
सांसद राहुल गांधी नेआगे कहा कि टेंडर की शर्तों में बद लाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी के पास तरह-तरह के आमों के बारे में बोलने का भरपूर समय था. लेकिन हमारे प्रधानमंत्री के पास उन 18.5 लाख बच्चों के बारे में बोलने का समय नहीं है, जिनकी उत्तर पुस्तिकाओं को फोन से स्कैन किया गया ना कि स्वचालित रोबोटिक स्कैनर से जिसके कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा कि CBSE बोर्ड के ‘OSM’ मामले में पीएम मोदी की चुप्पी उनकी उदासीनता नहीं बल्कि मिलीभगत को दर्शाती है. CBSE के टेंडर में कॉपियों की बाइंडिंग सुरक्षित रखने और कम से कम 300 डीपीआई गुणवत्ता में स्कैनिंग करने का प्रावधान भी रखा गया था.
बाद में अगस्त में टेंडर में से महत्वपूर्ण शर्तों को हटा दिया गया, जिससे स्कैनिंग प्रक्रिया की गुणवत्ता कम हो गई. रिज़ॉल्यूशन घटकर 200 डीपीआई हो गया जिसका साफ और खुला मतलब है मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करना.
उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा. विपक्ष के नेता सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा कि धर्मेंद्र प्रधान जी अब भी अपने पद पर बने हुए हैं।
रायपुर। बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में हुई अव्यवस्था को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की सार्वजनिक नाराजगी अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए रमन सिंह का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक अव्यवस्था बढ़ रही है और सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
भूपेश बोले- रमन सिंह राजनीतिक संदेश दे रहे हैं
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेमेतरा प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में डॉ. रमन सिंह का इस तरह नाराज होना सामान्य बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि रमन सिंह का बयान एक राजनीतिक संदेश की तरह है। भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि डॉ. रमन सिंह मानो यह कह रहे हों कि “तुमसे ना हो पाएगा” और अपनी कुर्सी खाली कर दो।
भूपेश बघेल ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से अव्यवस्थाओं और शिकायतों की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का प्रशासन पर नियंत्रण कमजोर हो गया है। उन्होंने कहा, “सरकार के नियंत्रण में अब कुछ नहीं रहा है।”
PCC चीफ दीपक बैज ने भी सरकार को घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष खुद व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हों, वहां सरकार के सुशासन के दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है।
बैज ने कहा कि अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का पीछे से स्वागत कर रहे थे और खुद रमन सिंह सार्वजनिक मंच से नाराजगी जाहिर कर रहे थे। उन्होंने कहा, “गजब का सुशासन है। डॉ. रमन सिंह खुद कह रहे हैं कि उन्होंने 15 साल मुख्यमंत्री रहते ऐसी व्यवस्था नहीं देखी। इससे सरकार की कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है।”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि यह समझना मुश्किल हो गया है कि सरकार आखिर चल कौन रहा है और कहां से चल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान सरकार “भगवान भरोसे” चल रही है।
पहले सरकार संभालिए, फिर मनाइए सुशासन तिहार: बैज
दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेशभर में सुशासन तिहार मना रहे हैं, लेकिन उससे पहले सरकार को अपनी प्रशासनिक व्यवस्था सुधारनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी सुशासन तिहार मनाने निकले हैं, लेकिन पहले अपनी सरकार को ठीक-ठाक कर लें।”
तहसीलदार आंदोलन को लेकर भी सरकार पर हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सीतापुर घटना के बाद जारी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल को लेकर भी सरकार को घेरा। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि एक नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की घटना हुई, जिसके विरोध में पूरा प्रशासनिक अमला आंदोलन कर रहा है, लेकिन सरकार आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा, “एक तरफ पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारी धरने पर बैठे हैं और दूसरी तरफ सरकार आंख-कान बंद कर बैठी है। प्रदेश में दो तरह के कानून चल रहे हैं। भाजपा नेताओं को बचाने के लिए अलग कानून लागू है।”
रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग
दीपक बैज ने सीतापुर मामले में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो का नाम लेते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और यदि आरोप गंभीर हैं तो निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं के इन बयानों के बाद बेमेतरा की अव्यवस्था और सीतापुर प्रकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने नगर पंचायत उप-चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस ने उप-चुनाव के निष्पक्ष न होने का आरोप लगाया था, जिस पर तंज कसते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि ऐसी बातें बोलना यह साफ दर्शाता है कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा जनता पर भरोसा करती है और चुनाव की अच्छी व्यवस्था है।
‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर’ की शुरुआत
राज्य में शुरू हो रहे ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर’ को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा हमारी सरकार ने सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आम लोग बिना किसी परेशानी के सीधे सरकार तक पहुंच सकें, इसी उद्देश्य से यह हेल्पलाइन जारी की गई है।
अरुण साव ने आगे कहा कि उसकी व्यवस्था ऐसी बनी है जिससे समस्या को दर्ज करना और समाधान को ट्रैक किया जा सकेगा। वहीं उन्होंने लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील करते हुए अपनी बाते सीधे सरकार तक पहुंचाने की बात कही है।
धान शॉर्टेज पर बोले साव
कांग्रेस द्वारा धान शॉर्टेज को लेकर सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि यह जांच का विषय है और जांच से ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने साफ किया कि सरकार में किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही क्षम्य (माफ करने योग्य) नहीं होगी। जहां भी शिकायत मिलेगी, वहां निष्पक्ष जांच होगी और कार्रवाई भी होगी। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिस पार्टी का अपना पूरा राज ही घोटालों से भरा रहा हो, उन्हें हर जगह सिर्फ घोटाला ही दिखाई देता है।
महंत के राष्ट्रपति को पत्र बोले
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा राष्ट्रपति को पत्र लिखे जाने के मामले पर अरुण साव ने कहा कि जनता के जुड़े जनहित के मुद्दों को सामने लाना नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी है। अगर उनके पत्र को राष्ट्रपति ने संज्ञान में लिया है, तो यह तय प्रक्रिया का हिस्सा है।
नेताओं को दो टूक लहजे में हिदायत
‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों के व्यवहार पर उठे सवालों को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने नेताओं को दो टूक लहजे में हिदायत देते हुए कहा, “जनप्रतिनिधि जनता के चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं। इसलिए उनका आचरण और व्यवहार हमेशा कानून व मर्यादा के दायरे में होना चाहिए। किसी भी जनप्रतिनिधि को कानून सम्मत आचरण ही शोभा देता है।”
जगदलपुर। इंदिरा वार्ड जगदलपुर के उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर सत्ता, प्रशासन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सत्ताधारी दल चुनावी लाभ लेने के लिए दबाव की राजनीति कर रहा है।
कांग्रेस का दावा है कि इंदिरा वार्ड परंपरागत रूप से उसका मजबूत गढ़ रहा है और दिवंगत पार्षद के निधन के बाद हो रहे इस उपचुनाव में जनता एक बार फिर कांग्रेस के पक्ष में खड़ी दिखाई दे रही है। वहीं कांग्रेस ने महंगाई, बढ़ती कीमतों और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को भी चुनाव का बड़ा विषय बताया है।
कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि प्रदेश में चल रहे अन्य नगरीय निकाय चुनावों की तरह यहां भी बदलाव की भावना दिखाई दे रही है। कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी को पैराशूट उम्मीदवार बताते हुए आरोप लगाया है कि सत्ताधारी दल के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने विश्वास जताया है कि इंदिरा वार्ड की जनता इस बार भी कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में फैसला सुनाएगी।
रायपुर। कांग्रेस की ओर से मीसाबंदियों की पेंशन को लेकर दिए बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस ने इस पर भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा था कि मीसाबंदियों की पेंशन भाजपा को अपने फंड से देनी चाहिए। कांग्रेस के इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार करते हुए देश में इमरजेंसी की याद दिलाई है।
CM साय ने क्या कहा ?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जो कांग्रेस आज संविधान की बात करती है, उसी ने 1975 में संविधान को ताक पर रखकर देश में इमरजेंसी लागू किया था। गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेल में ठूंस दिया गया, जिससे अनगिनत परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। इस सब का दोषदार और जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है। हम ऐसे मीसाबंदियों का सम्मान करते हैं और कांग्रेस को इस पर कुछ भी बोलने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस मुद्दाविहीन है।
वंदे मातरम के अपमान पर देश नहीं करेगा बर्दाश्त
केरल में वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, देश की जनता ऐसे किसी भी व्यक्ति या दल को बर्दाश्त नहीं करने वाली है, जो वंदे मातरम या भारत माता का अपमान करते हैं। जिन्हें भारत माता की जय’ बोलने से परहेज है, उनका देश में क्या हश्र हो रहा है, यह आज पूरा देश देख रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी से आग्रह किया है कि कम से कम शिक्षा के नाम पर सस्ती राजनीति और गलत बयानबाजी न करें। सीएम साय ने कहा, हर मुद्दे की तरह शिक्षा में भी पहले आधे-अधूरे तथ्य उछालों, फिर भ्रम फैलाओ और सुर्खियां बटोरने का प्रयास करो, यही राहुल गांधी का काम है।
सीएम साय ने कहा, अभी सीबीएसई के संदर्भ में जिस एजेंसी को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, उसी कंपनी को कांग्रेस शासित तेलंगाना और कर्नाटक के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों ने कई बार कार्य सौंपे हैं। कांग्रेस शासित राज्य उस एजेंसी की आधिकारिक सराहना तक करते रहे हैं।
सीएम ने कहा, कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी अपनी राज्य सरकारें गलत थीं या फिर राहुल गांधीजी के बयान को कांग्रेस भी गलत मानती है? देश के करोड़ों युवा इनके राजनीतिक प्रोपेगेंडा का हिस्सा नहीं बनेंगे, यह तय है। ऐसे गंभीर विषय पर भी कांग्रेस का तथ्यों से परे गैर-जिम्मेदार रवैया दुखद है।
बता दें कि राहुल गांधी ने कहा था कि सीबीएसई परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हुई, जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं। और मोदी जी? हमेशा की तरह – न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म। जिस कंपनी कोएम्प्ट को यह ज़िम्मेदारी मिली, वह पहले ग्लोबारिना के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है। नाम बदला पर नीयत वही, फितरत वही।
रायपुर। कर्नाटक कांग्रेस में पावर ट्रांसफर को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. बीजेपी ने पूर्व भूपेश सरकार में ढाई-ढाई वाले फॉर्मूले को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए लिखा कि टीएस बाबा के साथ अन्याय हुआ है. इसपर पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि यह बीजेपी की जबरदस्ती भ्रम फैलाने की कोशिश है.
दरअसल, कांग्रेस हाईकमान के निर्णय के बाद सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया और अब डीके शिवकुमार सीएम बनेंगे. पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी को पोस्ट को लेकर कहा कि हाईकमान के किसी भी निर्णय पर कोई भी अनुशासित सिपाही सवाल नहीं उठाएगा. बीजेपी का काम ही नफरत फैलाना है. जिस दिन मैं मुख्यमंत्री बना उसी दिन से सवाल हो रहा था, कि आप ढाई साल में हटने वाले हैं. मेरा एक ही जवाब था, जिस दिन हाईकमान कहेगा उस दिन त्यागपत्र दे दूंगा. पांच साल बीत गए हाईकमान का मुझे ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला. उन्होंने कहा कि हाईकमान का निर्णय करता है, किसको कहां जिम्मेदारी देनी है. वर्तमान में राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है, तो वो काम कर रहा हूं. बीजेपी की जबरदस्ती भ्रम फैलाने की कोशिश है
सेना का काम परीक्षा कराना नहीं : भूपेश बघेल
नीट एग्जाम में वायुसेना की मदद लेने का प्रस्ताव को लेकर पूर्व सीएम बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सेना का उपयोग देश की सुरक्षा के लिए है, परीक्षा कराने की नहीं है. भारत सरकार ने मान लिया है कि गृह मंत्रालय निकम्मा है. यहां की पुलिस पर उन्हें भरोसा नहीं है. समस्या मंत्रालय में है, लेकिन समाधान कहीं और ढूंढा जा रहा है. एनटीए के डायरेक्टर के चलते पेपर लिखा हुआ था, उसे प्रमुख सचिव बना कर रखें हैं.
माइनस में सरकार का काम : पूर्व CM बघेल
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों पर भूपेश बघेल का बयान सामने आया है. बघेल ने कहा कि किस मंत्री को सफल मानते है?
आज प्रदेश में स्थिति यह है कि जनता को न राशन मिल पा रहा है और न ही पीने का पानी, जबकि बिजली कटौती को लेकर लोग अलग परेशान हैं. ऐसा कौन सा विभाग है, जो धरातल पर काम कर रहा है. उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमने पिछले 60 महीनों में 95 नए जनकल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए थे, लेकिन आज उन सभी जनहितैषी योजनाओं को बंद कर दिया गया है. भाजपा सरकार का काम पूरी तरह से माइनस में जाएगा.
पानी के विवाद में हत्या पर बघेल का बयान
रायपुर के मंदिर हसौद में एक युवक की हत्या मामले में पार्षद को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि पानी को लेकर विवाद हत्या की गई. मामले पर दुख जताते हुए भूपेश बघेल ने इसे बेहद हृदय विदारक घटना बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस ने समाज में जो नफरत बोई है, अब देश-प्रदेश को वही काटना पड़ रहा है. आज पूरे प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता का माहौल है. एक तरफ विधायक खुद नायब तहसीलदार की पिटाई कर रहे हैं और उल्टा तहसीलदार पर ही काउंटर एफआईआर दर्ज हो रही है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ फर्जी केस बनाया जा रहा है. सरकार पूरी तरह से केवल अपनी स्वार्थपूर्ति में लगी हुई है. यहां तक कि हसदेव में 7 लाख पेड़ों को काटने की अनुमति मिल गई है, लेकिन पर्यावरण के इस विनाश पर मुख्यमंत्री के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकल रहा है.
रायपुर। दीपक बैज ने विश्रामपुर मामले को लेकर भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी भी मौजूद रहे।
दीपक बैज ने कहा कि 25, 26 और 27 मई को सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाने के सामने कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन किया। जनता को यह जानना जरूरी है कि आखिर कांग्रेस को धरने पर क्यों बैठना पड़ा। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर शिवनंदनपुर नगर पंचायत का चुनाव रोककर रखी थी, क्योंकि यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है। नगर पंचायत उपचुनाव में भाजपा बैकफुट पर है और इसी वजह से राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बैज ने आरोप लगाया कि पार्टी के जिला उपाध्यक्ष और उनकी पत्नी के साथ भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ताओं ने घर पहुंचकर दुर्व्यवहार किया। साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष के कहने पर कांग्रेस के ही उपाध्यक्ष के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई। पुलिस के पास इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है और पूरी कार्रवाई एकतरफा की गई। जब कांग्रेस ने इसका विरोध किया तो पहले दिन कोई अधिकारी चर्चा करने नहीं आया, दूसरे दिन भी प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने आमरण अनशन शुरू किया।
दीपक बैज ने बताया कि धरना और अनशन के दबाव के बाद रात करीब 12 बजे BJYM कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, क्या प्रदेश में दो तरह का कानून चल रहा है? एफआईआर करवाने के लिए हमें धरने पर बैठना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन को लगातार डराया और धमकाया जा रहा है।
मोबाइल चोरी मामले में दीपक बैज का सरकार पर हमला
दीपक बैज ने अपने मोबाइल चोरी मामले को लेकर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैज ने कहा कि अब तक उनका चोरी हुआ मोबाइल बरामद नहीं किया जा सका है, जबकि अन्य मामलों में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। बैज ने कहा कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का मोबाइल मिल गया, वहीं भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी करने वाले आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उनका मोबाइल अब तक नहीं मिला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, दीपक बैज का मोबाइल घूम गया, लेकिन पकड़ाया नहीं। वो चाहते हैं कि विपक्ष का सब कुछ घूम जाए। बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार केवल भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए काम कर रही है, जबकि आम जनता और विपक्ष की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए सरकार है, आम जनता के लिए नहीं।
प्रदेश में आम जनता सुरक्षित नहीं : दीपक बैज
दीपक बैज ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है( अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लूट, चोरी, गोलीबारी, चाकूबाजी और जानलेवा हमले जैसी घटनाएं खुलेआम हो रही है। जनता सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है, लेकिन सरकार हालात संभालने में विफल साबित हो रही है। बैज ने कहा, हम अपने हक के लिए लड़ रहे हैं तो हमें कहा जा रहा है कि हम गुंडागर्दी कर रहे हैं।
बैज ने भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक टोप्पो ने तहसीलदार को कमरे में बंद कर मारपीट की, लेकिन सरकार इस मामले में कार्रवाई करने से बच रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा, मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि वे अपने विधायक के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे?” कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं पर लगे गंभीर आरोपों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में BJP विधायक की शादी पर कसा तंज
दीपक बैज ने भाजपा विधायक दीपेश साहू के मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाई गई है। क्या भाजपा विधायक दीपेश साहू गरीबी रेखा में आते हैं? बैज ने इसे भाजपा का “पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा” करार देते हुए कहा कि इस तरह के कदम केवल राजनीतिक संदेश देने के लिए उठाए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने विधायक दीपेश साहू को शादी की शुभकामनाएं भी दी।