प्रदेश / छत्तीसगढ़
‘राहुल गांधी का आचरण देश के सामने एक्सपोज हो रहा’, PM मोदी की मिमिक्री पर CM साय का पलटवार
रायपुर। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री पर सियासी बयानबाजी जारी है. वाकये पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं, उन्हें यह शोभा नहीं देता. राहुल गांधी का आचरण देश के सामने एक्पोज हो रहा है.
ओडिशा प्रवास को लेकर मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ओडिशा के सीएम मोहन माझी से मुलाकात हुई. महानदी जल का मामला ट्रिब्यूनल में मामला चला, अब CWC को रिपोर्ट सौंप दी गई है. छत्तीसगढ़ – ओडिशा प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है. अब बहुत जल्द इसका मामला सुलझेगा.
‘मां है ममता, मां है करुणा…’ CM साय की पोस्ट ने खींचा ध्यान, इंदौर विवाद से जोड़कर देख रहे लोग
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति में मां के सर्वोच्च स्थान को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया पर भावपूर्ण वीडियो साझा किया है. मुख्यमंत्री ने इसके साथ अपनी भावनाओं को कविता की पंक्तियों में अभिव्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में उल्लेख किया है –
“मां है ममता, मां है करुणा, मां जीवन का आधार है,
मां के चरणों में समर्पित पूरा ये संसार है.
मां का करे अपमान वो कुपुत्र ही कहलायेगा,
मां का करे तिरस्कार वो कहीं ठौर न पायेगा.”
मुख्यमंत्री साय ने किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम लिए बिना अपने संदेश के माध्यम से मां के प्रति सम्मान और मर्यादा बनाए रखने की सीख दी है. उन्होंने यह संदेश ऐसे समय साझा किया है, जब इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कॉमेडी प्रस्तुति को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है.
उल्लेखनीय है कि इंदौर में आयोजित उक्त कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली और हाव-भाव की मिमिक्री की थी. प्रस्तुति के एक हिस्से में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भीड़ में मौजूद बुजुर्ग माताजी के लिए कुर्सी उपलब्ध कराने को कहने से जुड़े प्रसंग को भी शामिल किया गया. इसे लेकर भाजपा के अनेक नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि हास्य के नाम पर मां और मातृशक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई. कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे और प्रस्तुति पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हुई है.
इसी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मां की महिमा और सम्मान को समर्पित संदेश सामने आया है. मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय मां के प्रति भारतीय समाज की श्रद्धा, संवेदना और संस्कार को केंद्र में रखा है.
मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय कवि ओम व्यास की मां पर केंद्रित प्रसिद्ध काव्य रचना का वीडियो भी साझा किया. मां के त्याग, ममता, वात्सल्य और संतान के जीवन में उनके अतुलनीय स्थान को अभिव्यक्त करती यह रचना सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है.
मुख्यमंत्री साय के संदेश का भाव स्पष्ट है कि मां केवल एक संबंध नहीं, बल्कि ममता, करुणा, त्याग और संस्कार का स्वरूप है. भारतीय संस्कृति में मां को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और उनका सम्मान सामाजिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा का अभिन्न हिस्सा है. वैचारिक अथवा राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन मां के प्रति सम्मान की मर्यादा सदैव अक्षुण्ण रहनी चाहिए.
मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई पंक्तियां इसी सांस्कृतिक चेतना को अभिव्यक्त करती हैं कि जिस मां के स्नेह, त्याग और संस्कारों से व्यक्ति का जीवन आकार लेता है, उसका सम्मान प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है.
सेवा संकल्प अभियान की मुख्य सचिव ने की समीक्षा, कलेक्टरों को दिए जनभागीदारी बढ़ाने और त्वरित निराकरण के निर्देश
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई।
प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को केवल एक आयोजन के रूप में नहीं लेकर इसे जनभागीदारी और एक-दूसरे की मदद की संस्कृति को मजबूत करने के अवसर के रूप में लिया जाना चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आयोजित करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि जिलों में प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में ब्लाक एवं तहसील स्तर पर सेवा संकल्प अभियान के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों में लोगों को भागीदार बनाकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। इस संबंध में माननीय मंत्रीगणों से आवश्यक बैठक एवं चर्चा सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने कहा कि शिविरों में केन्द्र शासन की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया जाना है। इस संबंध में योजनाओं के हितग्राहियों की जानकारी अद्यतन कर ली जाए। मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स को फसल गिरदावरी सर्वे, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सेवा मेरा योगदान के तहत विभिन्न गतिविधियां
23 से 25 सितंबर तक सभी जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में तथा 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा मेरा योगदान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सेवा एवं स्वच्छता, अन्न एवं वस्त्र दान, विद्या दान एवं शिक्षा सहयोग, कौशल एवं ज्ञान दान, हरित छत्तीसगढ़ एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं रक्तदान, अंगदान एवं देहदान, सामाजिक सुरक्षा एवं जागरूकता तथा स्थानीय उत्पादन एवं महिला सशक्तिकरण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि इन गतिविधियों में एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवक, स्व-सहायता समूह, सामाजिक संस्थाओं, युवा संगठनों तथा ‘मेरा युवा भारत’ सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी गतिविधियों को माय भारत पोर्टल पर फोटोग्राफ्स सहित अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
देहदान, अंग दान करने वाले परिवारों को किया जाए सम्मानित
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा है कि जिन परिवारों के मृत परिजनों द्वारा देह एवं अंग दान किया जाता है उन परिवारों को सम्मानित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन लोगों को दान के अंगों का उपयोग किया गया है। उनके परिवारों को भी कार्यक्रम में शामिल किया जाए एवं उनसे उनकी त्वरित प्रतिक्रिया भी ली जाए। यह कार्यक्रम सिर्फ अभियान तक सीमित न रहे इसके लिए समय-समय पर लोगों के लिए ज्यादा से ज्यादा जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित हो, जिससे लोग अंग दान करने सहर्ष तैयार हो एवं आगे आए।
‘हरित छत्तीसगढ़ अभियान को एक पेड़ मां के नाम’ के साथ शामिल कर किया जाएगा 10 हजार पौधों का रोपण
हरित छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधों का रोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सेवा मेरा योगदान उत्सव को सेवा संकल्प एवं दान उत्सव रूप में मनाया जाएगा
सेवा संकल्प एवं दान उत्सव 23 से 25 सितम्बर तक प्रदेश के सभी जिलों के नगरीय निकायों में आयोजित होगा। इसी तैयारी के संबंध में कलेक्टरों से आवश्यक चर्चा की गई। इसी प्रकार इस उत्सव का 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेश भर में उत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। सेवा संकल्प एवं दान उत्सव के अंतर्गत विविध गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसमें सेवा एवं स्वच्छता, विद्या दान एवं शिक्षा सहयोग, अन्न एवं वस्त्र दान, कौशल ज्ञान दान एवं प्रशिक्षण की गतिविधियां बड़े स्तर पर की जायेंगी। जल संरक्षण एवं जल स्त्रोतों की साफ-सफाई की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक अभियान के तहत गतिविधियां आयोजित होगी। राज्यव्यापी अभियान के अंतर्गत महा रक्त दान, मेगा कैम्प एवं निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित की जाएगी। सामूहिक गतिविधियों के अंतर्गत महा अन्नदान अभियान व गरिमा किट का वितरण होगा। सभी जिलों में बुक ट्री, स्कूल किट एवं वंचित बच्चों हेतु शिक्षा में सहयोग के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मुख्य सचिव ने आयोजित होने वाले दान उत्सव को प्रभावी ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दान उत्सव की गतिविधियों का लाभ अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचे। सामाजिक संस्थाओं एवं समितियों को भी इसमें सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अभियान में प्रमुख गतिविधियों पर विशेष फोकस कर उनका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, ताकि इन प्रयासों को आगे भी निरंतर जारी रखते हुए संस्थागत रूप दिया जा सके। उन्होंने दान उत्सव के समापन पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए।
सेवा सेतु शिविरों में आवेदन का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें
मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त आवेदनों को व्यवस्थित रूप से एकत्र कर उनका परीक्षण एवं निराकरण किया जाए। शिविरों में आने वाले प्रत्येक प्रकरण का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित हो। उन्होंने अधिकारियों को प्रोएक्टिव होकर कार्य करने तथा शिविरों को परिणाम आधारित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविरों में केंद्र सरकार की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं को शामिल करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी में उपलब्ध शिकायतों की समीक्षा कर उनका समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टरों को प्रभावी नेतृत्व के निर्देश
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि “आप जिले के लीडर हैं”, इसलिए अपने-अपने जिलों में सभी अभियानों का प्रभावी नेतृत्व करते हुए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान की सभी गतिविधियों की जानकारी गूगल शीट में व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि जिलेवार गतिविधियों और उपलब्धियों की प्रभावी मॉनिटरिंग हो सके।
गिरदावरी सर्वे में शुद्धता और विश्वसनीयता हो सुनिश्चित
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को अपने जिलों में फसलों की गिरदावरी सर्वे के दौरान शुद्धता एवं विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देने कहा है। इसके लिए तहसीलदारों एवं पटवारियों से कार्य की लगातार मॉनिटरिंग करने कहा गया है।
जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की नियमित समीक्षा
मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देते हुए सभी जिलों में कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने 15 अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नल कनेक्शन तथा नल कनेक्शनों को क्रियाशील करने की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि नल जल योजना एवं जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए उपअभियंताओं की कमी नही होना चाहिए। जहाँ कमी हो वहाँ इसके लिए दूसरे निर्माण विभागों के उप अभियंताओं की भी डूयूटी लगायी जाए। उन्होंने कलेक्टरों को साप्ताहिक आधार पर जल जीवन मिशन की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित लक्ष्यों पर भी विशेष ध्यान देने तथा रिपोर्टिंग मैकेनिज्म को प्रभावी बनाने को कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी, सेवा भावना और सामाजिक सहयोग का स्थायी माध्यम बनाया जाए। सभी विभाग एवं जिला प्रशासन समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को प्रभावी परिणामों तक पहुंचाएं और छत्तीसगढ़ को प्रोएक्टिव एवं फ्रंट रनर राज्य के रूप में आगे ले जाने की दिशा में कार्य करें।
कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल सहित वीडियो कॉन्फ्रेंस से अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सभी संभागायुक्त, कलेक्टर एवं अन्य विभागों के प्रमुख जिला अधिकारी शामिल हुए।
बीजापुर के जंगल में सुरक्षाबलों की सर्चिंग के दौरान मिला नक्सली डंप, AK-47 और 9 एमएम पिस्टल बरामद
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों को नक्सल उनमूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है. भैरमगढ़ के उतला जंगल में जमीन के नीचे छिपा नक्सलियों के हथियारों का जखीरा बरमाद किया गया है. AK-47 समेत 3 रायफल, 9 एमएम पिस्टल और जिंदा कारतूस बरमाद हुआ है.
पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल) अमन झा के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजान दिया गया. सूचना पर भैरमगढ़ थाना से पुलिस बल और डीआरजी को उतला गांव के जंगलों में सर्चिंग के लिए रवाना किया गया. सर्चिंग के दौरान संदिग्ध लगने पर तलाशी ली गई, तब जवानों को जमीन के नीचे छिपा नक्सली डंप मिला. सुरक्षित तरीके से जवानों ने जमीन के अंदर गाड़कर रखे गए नक्सली डंप को सुरक्षित रूप से बरामद किया.
नक्सल डंप से मिले हथियार और जिंदा कारतूस
01 नग AK-47 रायफल
01 नग .315 बोर रायफल
01 नग सिंगल शॉट रायफल
01 नग 9 एमएम पिस्टल
02 नग AK-47 मैगजीन
45 नग AK-47 जिंदा राउंड
25 नग 9 एमएम जिंदा राउंड
06 नग .315 बोर रायफल के जिंदा राउंड
बरामद हथियार एवं अन्य सामग्री को थाना भैरमगढ़ लाकर विधि अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.
दरअसल, आत्मसमर्पित नक्सलियों पर सतत निगरानी रखते हुए उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं. आत्मसमर्पित नक्सलियों से लगातार नक्सली संगठन की गतिविधियों और पूर्व में संगठन से जुड़ी घटनाओं के संबंध में पूछताछ की जा रही है. इसी से मिली सूचना के आधार पर भैरमगढ़ में नक्सली डंप बरामद करने में सफलता मिली है.
कांग्रेस से निष्कासित नेताओं की घर वापसी, अनुशासन समिति की बैठक के बाद जारी हुआ आदेश…
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी से निष्कासित नेताओं की फिर से घर वापसी हुई है। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की 18 सितंबर को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के बाद पार्टी ने आज 20 निष्कासित नेताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आदेश भी जारी किया गया है।
जारी आदेश के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न जिलों के निष्कासित कांग्रेस नेताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया है। इनमें रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, कोंडागांव और राजनांदगांव जिले के नेता शामिल हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
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कैंसर केयर पर BMC कॉन्क्लेव में मंत्री OP चौधरी का जोर, बोले- आर्थिक विकास के साथ मजबूत हो स्वास्थ्य सेवाएं
रायपुर। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी आज नवा रायपुर में बाल्को मेडिकल सेंटर, eCancer तथा टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा आयोजित चतुर्थ वार्षिक BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में शामिल हुए। कॉन्क्लेव की थीम “Restoring Balance to Cancer Care” पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कैंसर केयर, स्वास्थ्य सेवाओं की भविष्य की चुनौतियों और देश की युवा आबादी को स्वस्थ बनाए रखने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश की औसत आयु करीब 29 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु करीब 24 वर्ष है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा आबादी भारत की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस युवा शक्ति का स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आने वाले 10-20 वर्षों में भारत की जनसांख्यिकी में तेजी से बदलाव होगा और आबादी की औसत आयु बढ़ेगी। ऐसे में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती होगी कि देश आर्थिक रूप से विकसित होने से पहले अस्वस्थ न हो जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानव संसाधन किसी भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र में समय रहते तैयारी, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ सेवाओं और शोध को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।
स्वस्थ आबादी विकसित भारत की आधारशिला
श्री चौधरी ने कहा कि आर्थिक विकास की गति के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की आर्थिक विकास यात्रा की रीढ़ है, लेकिन इस आबादी को स्वस्थ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के साथ-साथ जागरूकता, समय पर जांच, शुरुआती पहचान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर निरंतर काम किया जाना चाहिए।
वित्त मंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के शुरुआती वर्षों में पूरे प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने बताया कि लगभग 25-26 वर्ष पहले राज्य पीएमटी में करीब 50वीं रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी मेडिकल सीट प्राप्त करना कठिन होता था, क्योंकि पूरे राज्य में रायपुर में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने कहा कि उस स्थिति से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है और आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से अधिक होने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।
नवा रायपुर में देशभर से आए विशेषज्ञों का स्वागत
श्री चौधरी ने बाल्को मेडिकल सेंटर और सर्जिकल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से छत्तीसगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. यशवंत कश्यप, डॉ. दिवाकर पांडे, डॉ. आलोक कुमार स्वाइन और डॉ. अभिनव इंगले सहित आयोजन से जुड़े चिकित्सकों को धन्यवाद दिया तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों का नवा रायपुर में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रीन कैपिटल सिटी है और यह एक ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित की जा रही है। नवा रायपुर के नियोजित विकास, हरित क्षेत्र और मनोरंजन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों से कॉन्क्लेव के साथ-साथ शहर को भी देखने और समझने का आग्रह किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं तथा कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं।
कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में कैंसर केयर को अधिक प्रभावी, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर: पीसीसी चीफ दीपक बैज का बड़ा बयान, कहा- 2028 चुनाव में बीजेपी सरकार को बेदखल करना हमारा मकसद
रायपुर। रायपुर में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि AICC के निर्देश पर पूरे प्रदेश में कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत बस्तर से हुई थी। बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के बाद आज से रायपुर संभाग में प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ है।

दीपक बैज ने बताया कि रायपुर संभाग में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज पहला दिन है। इसमें आने वाले समय के लिए ब्लॉक अध्यक्षों को मानसिक रूप से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद सरकार के खिलाफ लड़ना है और 2028 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार को बेदखल करना है।
BJP के प्रोपेगेंडा से लड़ने की दी जा रही ट्रेनिंग : बैज
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के छल-कपट और प्रोपेगेंडा से बचाने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झीरम को लेकर सरकार काम कर रही है। प्रदेश में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर की पूरी चर्चा है। भाजपा के छल-कपट और प्रोपेगेंडा से कैसे लड़ा जाए, इसी की ट्रेनिंग दी जा रही है।
BJP के टाइम पास वाले बयान पर बैज का पलटवार
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भाजपा के ‘टाइम पास’ वाले बयान पर दीपक बैज ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी बोल रही है कि हम टाइम पास कर रहे हैं, तो उन्हें बाद में पता चलेगा कि हमारे ट्रेनिंग के अंदर हम क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का कोई व्यक्ति हमारे प्रशिक्षण शिविर में आकर एक घंटा बैठ जाए तो उसका शरीर, मन और हृदय परिवर्तन हो जाएगा।
हमारे प्राचीन मंदिर सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत और अद्भुत स्थापत्य कौशल के जीवंत प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला हमारी सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं देखने को मिलती हैं। ऐसी यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।
आंदोलन से एक दिन पहले JDA का बड़ा फैसला, स्वास्थ्य मंत्री से सकारात्मक वार्ता के बाद 7 दिन के लिए टली अनिश्चितकालीन हड़ताल
रायपुर। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA), छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल की स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ प्रदेश के चिकित्सकों और जूनियर डॉक्टरों से जुड़े विभिन्न प्रमुख मुद्दों को लेकर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। वार्ता के दौरान JDA द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों के निराकरण के लिए 7 दिन का समय मांगा और आश्वासन दिया कि इस अवधि में मांगों के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। JDA ने स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मांगे गए 7 दिनों के समय को स्वीकार करते हुए हड़ताल को फिलहाल आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
कल से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल 7 दिन के लिए टली
JDA की जनरल बॉडी मीटिंग में लिए गए सामूहिक निर्णय के अनुसार, 21 सितंबर 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को फिलहाल 7 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इस अवधि में सभी चिकित्सक अपनी नियमित चिकित्सा सेवाएं और ड्यूटी जारी रखते हुए सरकार के समक्ष अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहेंगे।
इस दौरान JDA की ओर से शांतिपूर्ण विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें Black Ribbon Protest, Candle March, रैली एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन सहित अन्य लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम शामिल हैं।
JDA ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन और उनके द्वारा मांगे गए समय के सम्मान में लिया गया है। संगठन ने कहा कि सरकार के साथ सार्थक संवाद और समाधान की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
7 दिन बाद तय होगी आगे की रणनीति
JDA ने उम्मीद जताई है कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के अनुरूप आगामी 7 दिनों के भीतर प्रमुख मांगों के निराकरण की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में मांगों का अपेक्षित निराकरण नहीं होता है, तो JDA की जनरल बॉडी आगे की रणनीति पर सामूहिक निर्णय लेगी।
संगठन ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल सहित अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। JDA ने सरकार से सकारात्मक एवं त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए कहा कि मरीजों के हित और चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बनी रहेगी।
CM हेल्पलाइन की शिकायत पर एक्शन, कोलबिर्रा में अवैध रेत परिवहन करते 5 ट्रैक्टर जब्त
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सीएम हेल्पलाइन एवं ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों पर खनिज विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है।

शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंची खनिज विभाग की टीम
जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की शिकायत प्राप्त होने पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई की। जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर लिया गया।
जब्त सभी वाहनों को कोटमी चौकी में सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
शिकायतों के निराकरण में प्रशासन की तत्परता
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गंभीरता एवं गुणवत्तापूर्ण जांच करते हुए समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुरूप जिले में नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित शिकायतों पर विशेष निगरानी रखते हुए नियमित जांच की जा रही है। इससे एक ओर जहां खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर शासन की व्यवस्था के प्रति आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
अवैध खनन और परिवहन पर लगातार जारी रहेगा अभियान
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों की जांच के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है, ताकि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को रोका जा सके।
इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी आदित्य मानकर एवं खनिज विभाग के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासन की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों के त्वरित निराकरण, कानून के प्रभावी पालन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ओडिशा दौरे पर CM साय की मुख्यमंत्री मोहन माझी से मुलाकात, विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ओडिशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री माझी ने श्री साय का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा पड़ोसी राज्य होने के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी आत्मीय संबंध हैं। विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को लाभ मिलने के साथ ही पूरे क्षेत्र की प्रगति को भी नई गति मिलेगी।
गणेशोत्सव को लेकर रायपुर में बदली ट्रैफिक व्यवस्था, 19 मार्गों पर मध्यम-भारी मालवाहक वाहनों की एंट्री पर रोक, जानें पूरी डिटेल
रायपुर। गणेशोत्सव के दौरान शहर में बढ़ रही भीड़ को देखते हुए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। पुलिस कमिश्नर ने मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों के शहर में प्रवेश और आवागमन पर प्रतिबंध बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध 27 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार, रिंग रोड-1 और रिंग रोड-2 की सीमा से शहर की ओर आने वाले 19 प्रवेश मार्गों पर मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन सुबह 5 बजे से रात 2 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। यह निर्णय गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़, यातायात नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
इन 19 मार्गों पर मध्यम-भारी मालवाहक वाहनों की एंट्री बंद
तेलीबांधा थाना के सामने चौक
केनाल रोड प्रवेश मार्ग, रिंग रोड-1
महावीर नगर चौक, रिंग रोड-1
राजेंद्र नगर चौक, रिंग रोड-1
पचपेड़ीनाका चौक, रिंग रोड-1
संतोषीनगर चौक, रिंग रोड-1
भाठागांव चौक, रिंग रोड-1
कुशालपुर चौक, रिंग रोड-1
रायपुरा चौक, रिंग रोड-1
डीडी नगर प्रवेश मार्ग, रिंग रोड-1
अरिहंत नगर प्रवेश मार्ग, रिंग रोड-1
टाटीबंध चौक
हीरापुर टर्निंग, रिंग रोड-2
गोगांव तिराहा, रिंग रोड-2
गोंदवारा तिराहा, रिंग रोड-2
पाटीदार भवन के सामने तक भनपुरी
विधानसभा रोड, व्हीआईपी तिराहा
एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे, रिंग रोड-1 से
कचना रेलवे क्रॉसिंग
गणेशोत्सव की भीड़ को देखते हुए लिया गया फैसला
पुलिस के आदेश के मुताबिक रायपुर शहर में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। प्रतिमाओं और साज-सज्जा को देखने के लिए शाम से रात 2 बजे तक बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इसके चलते कई स्थानों पर यातायात बाधित हो रहा है और नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

दर्शकों के सुरक्षित आवागमन और यातायात नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश और आवागमन को सुबह 5 बजे से रात 2 बजे तक प्रतिबंधित किया गया है।
6 मार्गों पर हल्के मालवाहक वाहनों के लिए भी प्रतिबंध
पुलिस कमिश्नर के दूसरे आदेश के अनुसार तेलघानीनाका और स्टेशन क्षेत्र में पिकअप, टाटा एस, ऑटो ट्रेलर सहित सभी प्रकार के हल्के मालवाहक वाहनों के आवागमन और प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इन वाहनों के लिए पहले शाम 5 बजे से रात 7 बजे तक प्रतिबंध था, जिसे गणेशोत्सव को देखते हुए 27 सितंबर तक बढ़ाकर शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक कर दिया गया है।
यह प्रतिबंध इन 6 मार्गों पर लागू रहेगा—
- अग्रसेन चौक से भैंसथान मार्ग-तेलघानीनाका चौक
- राठौर चौक से तेलघानीनाका चौक
- फाफाडीह चौक-स्टेशन चौक-तेलघानीनाका चौक
- चुनाभट्ठी से गुढ़ियारी अंडरब्रिज-नर्मदापारा होकर स्टेशन चौक निकास गेट
- कर्मा चौक रामनगर से रामनगर ब्रिज एवं अंडरब्रिज होकर तेलघानीनाका चौक
- नहरपारा संजय गांधी चौक से स्टेशन गुरुद्वारा की ओर

पुलिस के अनुसार, गणेशोत्सव के दौरान इन क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ जुट रही है। ऐसे में यातायात सुचारू रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई गई है।
28 सितंबर से पुराने प्रतिबंध लागू रहेंगे
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गणेशोत्सव के बाद 28 सितंबर 2026 से संबंधित क्षेत्रों में वाहनों के लिए पहले से लागू प्रतिबंधित आदेश यथावत प्रभावशील रहेगा।
जहां पानी के लिए लगती थी लंबी कतार, अब घर-घर पहुंचा नल कनेक्शन
रायपुर। जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बारीउमराव में भी इस योजना का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। योजना के तहत गांव के शत-प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन पहुंचने से अब ग्रामीणों को घर बैठे शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। नल खोलते ही घर के आंगन तक पानी पहुंचने से ग्रामीण परिवारों के दैनिक जीवन में सुविधा, समय की बचत और राहत का नया अध्याय जुड़ा है।
पहले पानी के लिए करना पड़ता था लंबा इंतजार
जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन से पहले ग्राम बारीउमराव के ग्रामीणों को पेयजल और घरेलू जरूरतों के लिए दूर स्थित हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ने के साथ हैंडपंपों पर लंबी कतारें लगती थीं। कई बार हैंडपंप खराब होने की स्थिति में ग्रामीणों को दूसरे स्थानों से पानी लाना पड़ता था। पानी भरने और उसे घर तक पहुंचाने में ग्रामीणों का काफी समय और श्रम खर्च होता था। महिलाओं और बच्चों को भी पानी की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त समय देना पड़ता था।
घर तक नल पहुंचा तो आसान हुई जिंदगी
जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन मिलने से अब ग्रामीणों को पानी के लिए दूर जाने और कतार में खड़े होने की परेशानी से राहत मिली है। घर में ही नल से पानी उपलब्ध होने के कारण रोजमर्रा के काम पहले की अपेक्षा आसानी से पूरे हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल की सुविधा घर तक पहुंचने से उनके समय और श्रम की बचत हो रही है तथा वे बचा हुआ समय खेती-किसानी, रोजगार और अन्य घरेलू कार्यों में लगा पा रहे हैं।
करम दास बोले- अब पानी के लिए न दूर जाना पड़ता है, न लाइन में लगना
ग्राम बारीउमराव के निवासी करम दास बताते हैं कि पहले पीने और रोजमर्रा के कामों के लिए पानी लेने घर से दूर स्थित हैंडपंप पर जाना पड़ता था। गर्मी के दिनों में हैंडपंप पर लंबी कतार लगने के कारण काफी समय इंतजार करना पड़ता था। कई बार हैंडपंप खराब होने पर दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी।
उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत घर में नल कनेक्शन लगने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं। अब घर पर ही नल से नियमित पानी मिल रहा है। पानी के लिए न तो दूर जाना पड़ता है और न ही लंबी कतार में लगना पड़ता है। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है और परिवार के सदस्य अन्य जरूरी कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं।
स्वच्छ पेयजल से बेहतर हो रहा ग्रामीण जीवन
घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए स्थानीय जलस्रोतों और दूर स्थित हैंडपंपों पर निर्भरता कम हुई है। नियमित रूप से घर तक पानी उपलब्ध होने से परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पर्याप्त सुविधा मिल रही है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
जल जीवन मिशन ने गांव में पहुंचाई सुविधा की नई रोशनी
ग्राम बारीउमराव में जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत घरों तक नल कनेक्शन पहुंचना ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। घर की चौखट तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में सुविधा और सुकून बढ़ा है। कभी पानी के लिए लंबी दूरी तय करने वाले परिवार अब अपने घर में ही नल खोलकर पानी प्राप्त कर रहे हैं। यह बदलाव ग्रामीणों के लिए केवल पेयजल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके समय, श्रम और जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रहा
ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन पर यात्री ट्रेन का परिचालन जल्द, सीआरएस के निरीक्षण के बाद मिली स्वीकृति…
भिलाईनगर। भिलाई इस्पात संयंत्र एवं भारतीय रेल के संयुक्त प्रयासों से विकसित की जा रही दल्लीराजहरा – रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत ताड़ोकी रावघाट एकल रेलखंड पर यात्री परिचालन शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
दक्षिण-पूर्व परिमंडल, कोलकाता के रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा 22 सितम्बर को ताड़ोकी रावघाट रेलखंड के निरीक्षण एवं स्वीकृति के उपरांत ताड़ोकी रावघाट एकल रेलखंड पर यात्री परिचालन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यात्री परिवहन शुरू करने से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं अब पूर्णता की ओर है। इससे पूर्व 17 जून को रावघाट रेलखंड पर तकनीकी परीक्षण शुरू किया गया था।
नियंत्रित गति एवं सीमित भार की परिस्थितियों में 58 वैगन वाली बॉक्सएन रेक के माध्यम से किए गए इस परीक्षण के साथ परियोजना के इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर परिचालन की दिशा में आवश्यक तकनीकी तैयारियों को आगे बढ़ाया गया।
लगभग 95 कलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा – रावघाट रेल परियोजना सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र एवं भारतीय रेल के संयुक्त प्रयासों से विकसित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत रेल लाइन के निर्माण के साथ रेलवे स्टेशनों एवं विद्युतीकरण से संबंधित कार्यों के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया है।
रेल लाइन के निर्माण में सेल द्वारा अब तक लगभग 1,735 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। पूरी परियोजना के निर्माण पर 1,880 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत आएगी।
घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाकर शुभम राठौर का परिवार बना ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर, बिजली खर्च में मिली राहत
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ देशभर में आम परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ रही है। योजना के माध्यम से घरों की छतों को बिजली उत्पादन का माध्यम बनाकर परिवार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ बिजली खर्च में भी राहत पा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी इस योजना का लाभ नागरिकों तक पहुंच रहा है।
गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत भदौरा निवासी शुभम राठौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के विजन से प्रेरित होकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया है। सौर ऊर्जा को अपनाने से उनके परिवार की घरेलू बिजली जरूरतें अब सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली खर्च में भी राहत मिली है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और देश के परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ की शुरुआत की है। योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना और बिजली के खर्च को कम करने में सहायता प्रदान करना है।
शुभम राठौर ने योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर प्लांट स्थापित कर इस संकल्प को अपने जीवन में अपनाया है। उनके परिवार के लिए अब घर की छत ही बिजली उत्पादन का माध्यम बन गई है।
केंद्र और राज्य की सब्सिडी से आसान हुआ सौर ऊर्जा का सफर
श्री राठौर को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। वहीं राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी का लाभ मिला। केंद्र और राज्य सरकार से प्राप्त सहायता ने सोलर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया को उनके लिए आसान बनाया।
बिजली बिल में राहत, परिवार को मिली आर्थिक सुविधा
सोलर प्लांट लगाने से पहले श्री राठौर को हर महीने लगभग 400 से 500 रुपये तक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था। सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद बिजली खर्च में उन्हें उल्लेखनीय राहत मिली है। श्री राठौर बताते हैं कि अब बिजली बिल को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती। घर की जरूरत की बिजली उनकी अपनी छत पर लगे सोलर प्लांट से तैयार हो रही है।
अतिरिक्त बिजली का भी हो रहा उपयोग
सोलर प्लांट से आवश्यकता से अधिक बिजली बनने पर अतिरिक्त विद्युत ग्रिड में पहुंचती है और उसका समायोजन बिजली बिल में किया जाता है। इससे सौर ऊर्जा से होने वाले लाभ का बेहतर उपयोग संभव हो रहा है। श्री राठौर का परिवार अपनी जरूरत की बिजली सौर ऊर्जा से पूरी करने के साथ ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भी योगदान दे रहा है।
स्वच्छ ऊर्जा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
शुभम राठौर का परिवार सौर ऊर्जा को अपनाकर स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। इस तरह योजना का लाभ परिवार की आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ रहा है।
शुभम राठौर बोले- अपनी छत से बन रही हमारी बिजली
शुभम राठौर बताते हैं कि सोलर प्लांट लगने के बाद उनके परिवार को बिजली खर्च में राहत मिली है। अब घर की जरूरत की बिजली उनकी अपनी छत पर तैयार हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना से मिली सब्सिडी के कारण सोलर प्लांट लगाना आसान हुआ और अब स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करते हुए परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
भदौरा से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिल रही मजबूती
ग्राम भदौरा के शुभम राठौर की कहानी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वच्छ ऊर्जा के विजन को स्थानीय स्तर पर साकार होते दिखाती है। एक परिवार द्वारा अपनी छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना न केवल बिजली की जरूरत पूरी करने का माध्यम बना है, बल्कि ऊर्जा बचत, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सार्थक कदम है।
‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के माध्यम से घर-घर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऐसे परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री राठौर का परिवार इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां सूरज की रोशनी से बिजली भी बन रही है और आत्मनिर्भर भविष्य की राह भी रोशन हो रही है।
‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, वन मंत्री केदार कश्यप ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत नारायणपुर के बालक हायर सेकेंडरी विद्यालय में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भाषण प्रतियोगिता में शामिल बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

वन मंत्री श्री कश्यप ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के विकास की मजबूत नींव बच्चों और युवाओं से तैयार होती है। युवा पीढ़ी पर शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के माध्यम से स्वयं को बेहतर बनाने के साथ परिवार, समाज और देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा और ऊर्जा की कमी नहीं है। उन्हें सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और प्रतिभा प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। ऐसे आयोजन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों के प्रति उनकी जागरूकता बढ़ाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने, स्वच्छता अपनाने, नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।
चित्रों में बच्चों ने उकेरा अपने सपनों का भारत
विद्यालय परिसर में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विकसित भारत, स्वच्छ भारत, नशामुक्त समाज, देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। श्री कश्यप ने विद्यार्थियों से उनके चित्रों के विषय और उनके पीछे की कल्पना के बारे में चर्चा की तथा उनकी रचनात्मकता की सराहना की।
भाषण प्रतियोगिता में छात्र डेविड नेताम ने ‘विकसित भारत’, विद्या सोनवानी ने ‘नशा मुक्ति’ और सूरज पोटाई ने ‘स्वच्छ भारत-सुंदर भारत’ विषय पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने नशे के दुष्प्रभाव, स्वच्छता की आवश्यकता और देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा पीढ़ी को अभी से जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा। शिक्षा, अनुशासन, मेहनत, स्वच्छता, नशामुक्ति और आपसी एकता जैसे मूल्यों को अपनाकर युवा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मनोज जैन, कलेक्टर नम्रता जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चित्रकांत चार्ली ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित थे।
विशेष लेख- लखपति दीदी बनाने में मददगार बन रही छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना
रायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए घर-गृहस्थी में मदद से कहीं ज्यादा साबित हो रही है। यह राशि कर्ज, स्वयं सहायता समूहों और आजीविका के अवसरों के साथ मिलकर महिलाओं की आय का स्थायी जरिया बन रही है।
महतारी वंदन योजना राज्य की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है, जिसमें लगभग 68 लाख महिला लाभार्थी शामिल हैं। इस योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक 31 किस्तों में 20,075.38 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस साल राज्य के बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसी योजना की पूरक महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत नवंबर 2024 से अब तक लगभग 41,124 लाभार्थियों ने 102.38 करोड़ रुपये के बिना गारंटी वाले स्वरोजगार ऋण का लाभ उठाया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "इस योजना के तहत मिलने वाले लोन से सब्जी बेचने, कारीगरी और दूसरे छोटे-मोटे काम करने वाली महिलाओं को अपना कारोबार बढ़ाने और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलती है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लखपति दीदी' के विजन को साकार करने में भी मदद मिल रही है।"
इनकी कहानियां बनीं मिसाल
रानू कैवर्त, आंदी गांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
सिलाई, कपड़े और किराने के कारोबार के साथ-साथ बटेर और देसी मुर्गी पालन एवं हैचरी का काम करके सालाना 3 लाख रुपये की आमदनी।
सीता मरावी, गुडुमदेवारी
किराने की दुकान के लिए बैंक से 25 हजार और मुर्गी पालन के लिए स्वयं सहायता समूह से 50 हजार रुपये का लोन लेकर सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये तक पहुंचाई।
सुमन लता वाकरे, गुडुमदेवारी
स्वयं सहायता समूह से 15 हजार रुपये लेकर किराने की दुकान शुरू की, बाद में बैंक लोन से विस्तार किया। अब सालाना 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई।
केजू बाई सलामे, रामगढ़, मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी
महतारी वंदन के हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपये का इस्तेमाल किराने के सामान का स्टॉक भरने में करती हैं, जिससे बिक्री बढ़ी और वे लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
10 मार्च, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल मौजूदगी में शुरू हुई महतारी वंदन योजना ने लखपति दीदी के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाई है। प्रदेश में स्वयं-सहायता समूहों की 13.85 लाख महिला सदस्य पहले ही लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी भ्रमण योजना के तहत भी बजटीय प्रावधान किया गया है, ताकि लखपति दीदियां देश भर के व्यापारिक और आर्थिक केंद्रों के साथ-साथ प्रमुख शक्तिपीठों का भी दौरा कर सकें।
धनंजय राठौर
संयुक्त संचालक
जनसंपर्क रायपुर