रायपुर। राज्य शासन द्वारा नेहरू राम निषाद गृह जिला धमतरी को छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। इस आशय का आदेश प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर से जारी कर दिया गया है।
रायपुर। जल का संरक्षण करने और उसके दुरूपयोग को रोकने के लिए धमतरी जिला प्रशासन द्वारा जिले में जल जगार महोत्सव मनाया जा रहा है। नारी शक्ति से जल शक्ति के तहत आयोजित इस अभियान में जिले के विशेष जनजाति कमार आदिवासी परिवार भी पीछे नहीं रहे। पानी के गिरते हुए स्तर से चिंतित होकर कमार आदिवासी भी स्वयं की जमीन में वर्षा जल को संचित करने के लिए वचनबद्ध हैं। उन्होंने इसके लिए पीपरहीभर्री में तालाब, डबरी और डाइक निर्माण करने अपना कदम बढ़ा रहे हैं। जिले के वनांचल आदिवासी बाहुल्य नगरी विकासखण्ड के ग्राम पीपरहीभर्री के 36 कमार परिवारों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें मिले जमीन पर जल संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में कार्य करने जुट गए है।
जिले में कलेक्टर नम्रता गांधी की पहल पर चल रहे जल जगार उत्सव से प्रेरित होकर अन्य लोगों के साथ-साथ विशेष जनजाति कमार परिवार भी पानी संरक्षित करने आगे आ रहे है। उन्होंने इस ओर कदम बढ़ाते हुए निजी जमीन पर डबरी, तालाब तथा नाला में डाईक बनाने का काम शुरू कर दिया है। ग्राम पीपरहीभर्री के तीन कमार आदिवासी परिवार जहां मछली पालन के लिए तालाब बनाए हैं, वहीं बारिश के पानी को रोकने के लिए डबरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा गांव के समीप से गुजरने वाले नाला में डाईक संरचना बनाई जा रही है, जिससे पानी का स्तर ऊंचा उठे और जमीन पर नमी बनी रहे। साथ ही आसपास के बोर, नलों में वाटर रिचार्ज होती रहे।
गौरतलब है कि नाला में गड्ढानुमा संरचना बनाई जाती है तथा उसमें पानी को रोकने के लिए पॉलीथिन के आकार की संरचना बनाई जाती है, जिसे डाइक कहते हैं। नाला में डाईक बनने से पानी तो भरा रहता है, साथ ही आसपास की जमीन में नमी बनी रहती है। कमार आदिवासी परिवार वनों को हरा-भरा बनाए रखने और वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने तथा आने वाले समय में पानी की कमी से निजात पाने के लिए मुस्तैदी से जल संरक्षण की दिशा में कार्य को कर रहे हैं। बता दें कि ग्राम पीपरहीभर्री में 36 कमार आदिवासी परिवार हैं, जिनमें 113 सदस्य हैं। आगामी 5 एवं 6 अक्टूबर को रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध में जल जगार महोत्सव का आयोजन वृहद स्तर पर किया जा रहा है।
रायपुर। जल का संरक्षण करने और उसके दुरूपयोग को रोकने के लिए धमतरी जिला प्रशासन द्वारा जिले में जल जगार महोत्सव मनाया जा रहा है। नारी शक्ति से जल शक्ति के तहत आयोजित इस अभियान में जिले के विशेष जनजाति कमार आदिवासी परिवार भी पीछे नहीं रहे। पानी के गिरते हुए स्तर से चिंतित होकर कमार आदिवासी भी स्वयं की जमीन में वर्षा जल को संचित करने के लिए वचनबद्ध हैं। उन्होंने इसके लिए पीपरहीभर्री में तालाब, डबरी और डाइक निर्माण करने अपना कदम बढ़ा रहे हैं। जिले के वनांचल आदिवासी बाहुल्य नगरी विकासखण्ड के ग्राम पीपरहीभर्री के 36 कमार परिवारों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें मिले जमीन पर जल संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में कार्य करने जुट गए है।
जिले में कलेक्टर नम्रता गांधी की पहल पर चल रहे जल जगार उत्सव से प्रेरित होकर अन्य लोगों के साथ-साथ विशेष जनजाति कमार परिवार भी पानी संरक्षित करने आगे आ रहे है। उन्होंने इस ओर कदम बढ़ाते हुए निजी जमीन पर डबरी, तालाब तथा नाला में डाईक बनाने का काम शुरू कर दिया है। ग्राम पीपरहीभर्री के तीन कमार आदिवासी परिवार जहां मछली पालन के लिए तालाब बनाए हैं, वहीं बारिश के पानी को रोकने के लिए डबरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा गांव के समीप से गुजरने वाले नाला में डाईक संरचना बनाई जा रही है, जिससे पानी का स्तर ऊंचा उठे और जमीन पर नमी बनी रहे। साथ ही आसपास के बोर, नलों में वाटर रिचार्ज होती रहे।
गौरतलब है कि नाला में गड्ढानुमा संरचना बनाई जाती है तथा उसमें पानी को रोकने के लिए पॉलीथिन के आकार की संरचना बनाई जाती है, जिसे डाइक कहते हैं। नाला में डाईक बनने से पानी तो भरा रहता है, साथ ही आसपास की जमीन में नमी बनी रहती है। कमार आदिवासी परिवार वनों को हरा-भरा बनाए रखने और वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने तथा आने वाले समय में पानी की कमी से निजात पाने के लिए मुस्तैदी से जल संरक्षण की दिशा में कार्य को कर रहे हैं। बता दें कि ग्राम पीपरहीभर्री में 36 कमार आदिवासी परिवार हैं, जिनमें 113 सदस्य हैं। आगामी 5 एवं 6 अक्टूबर को रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध में जल जगार महोत्सव का आयोजन वृहद स्तर पर किया जा रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय के साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वन मंत्री केदार कश्यप ने भी मां दन्तेश्वरी की पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर सांसद बस्तर महेश कश्यप, विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग के सदस्य ओजस्वी मण्डावी सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि एवं डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसपी गौरव राय समेत जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रायपुर। कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास मद की राशि से विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बच्चों की उच्च शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क कोचिंग और उच्च शिक्षा हेतु महाविद्यालय, विश्वविद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई के लिए डीएमएफ मद से सहयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में बीते दिनों जिले के सुदुर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 114 स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय (पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर) के 11 अभ्यर्थियों को विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति की गई है। उक्त बातें कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित डीएमएफ मद से स्वास्थ्य कर्मियों के नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों को वितरित करते हुए उद्योग, वाणिज्य, व्यापार एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कही।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिले में खनिज न्यास संस्थान की राशि का उपयोग पारदर्शीपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। श्री देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जिला खनिज संस्थान न्यास मद की राशि का उपयोग खनन प्रभावित जिले के ही विकास कार्यों में सदुपयोग किया जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने दंत चिकित्सक डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. अर्पण भेलवा, डॉ. प्रिया तिर्की, डॉ. धनंजय जायसवाल, लैब टेक्निशियन दीपक कश्यप, सुश्री गीता, फार्मासिस्ट सुब्रत शर्मा एवं ड्रेसर मुकेश कुमार को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के सुश्री आरती एवं सुश्री अनुसुईया को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति पत्र प्रदान कर शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री देवांगन ने राजकुमार चिकनीपाली, श्री वनवीरा, अंजयारी बाई पतरापाली, विमलाबाई पतरापाली को वनाधिकार पत्रों का भी वितरण किया।
इस अवसर पर कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जिला खनिज संस्थान न्यास मद की राशि जिले के विकास कार्यों के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के अभ्यर्थियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्हें अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रदान की गई है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकला कंवर, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अपर कलेक्टर दिनेश नाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केसरी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीकांत कसेर सहित आदि विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को राजधानी रायपुर में आगामी 05 और 06 अक्टूबर को आयोजित होने वाले सशस्त्र सैन्य समारोह में शामिल होने का भारतीय सेना के ब्रिगेडियर अमन आनंद और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा एवं सीईओ जिला पंचायत विश्वदीप भी उपस्थित थे।
रायपुर। एसएसपी डॉ. संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर ASP लखन पटले द्वारा सिविल लाईन स्थित सी-4 भवन में विभिन्न रासगरबा आयोजन समीतियों के प्रतिनिधियों की बैठक ली गई। इस दौरान बैठक में विभिन्न रासगरबा आयोजन समीतियों के प्रतिनिधि मौजूद रहें।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर द्वारा रासगरबा आयोजकों को अपने-अपने आयोजन के संबंध में संबंधित थाना क्षेत्र में सूचना देने के साथ-साथा गरबा आयोजन के दौरान सुरक्षा हेतु स्वयं की व्यवस्था से बाउंसर, वॉलेंटियर एवं सुरक्षा गार्ड तैनात करने तथा एंट्री के पूर्व चेक करने को कहा गया।
गरबा आयोजकों को गरबा आयोजन के दौरान डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित होने की जानकारी देते हुए साउण्ड सिस्टम को हाइ कोर्ट की गाइडलाइन के तहत निर्धारित डेसीमल और समय सीमा तक बजाने के निर्देश दिये गये।
साथ ही यह भी निर्देश दिये गए कि क्षमता के अनुरूप ही पास बांटे, जिससे प्रवेश के दौरान विषम स्थिति निर्मित न हो। साथ ही आयोजक रास गरबा आयोजन में पार्किंग की व्यवस्था रखने को भी कहा गया।
रासगरबा कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की फुहड़ता, नशे का सेवन और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढ़ंग से मनाने को एएसपी लखन पटले ने कहा।
रायपुर। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे 2002 बैच के आईएएस अधिकारी डॉक्टर रोहित यादव को ऊर्जा विभाग का सचिव बनाया गया है. इसके साथ-साथ उन्हें छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने आज इसका आदेश जारी कर दिया है.
डॉक्टर रोहित यादव के कार्यभार ग्रहण करने के बाद से मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद ऊर्जा विभाग के सचिव और छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हो जाएँगे.
रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस ने राजधानी के राजीव भवन में प्रेस वार्ता कर इंदिरा फेलोशिप कार्यक्रम के माध्यम से महिला शक्ति अभियान कि घोषणा की है. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की स्मृति में महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक साल पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदिरा फेलोशिप कार्यक्रम की शुरुआत की थी. ये अभियान ’हक, हिस्सेदारी और पहचान’ के मूल विचारों पर आधारित है जिसके जरिये राजनीति में रुचि रखने वाली महिलाओं को “शक्ति अभियान” से जोड़ कर राजनीति के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी और ट्रेनिंग दी जाती है.
शिक्षा, रोजगार और बजट सहित हर क्षेत्र में 50% भागीदारी महिलाओं की हो इस मांग के साथ ये अभियान चलाया जा रहा है. महिला आयोग अध्यक्ष किरणमई नायक ने इंदिरा फैलोशिप के अंतर्गत आने वाले शक्ति अभियान का पोस्टर विमोचन किया.
छत्तीसगढ़ की कार्यक्रम चेयरमैन सरिता मल्होत्रा ने बताया कि राज्य से लेकर पंचायत स्तर तक बूट कैम्प के जरिये महिलाओं को राजनीति से जोड़ने अभियान चलाया जा रहा, महिलाएं शक्ति अभियान के वेबसाइट और दिये नंबर पर मिस्ड कॉल कर जुड़ सकती है. अब तक 28 राज्यों और 350 ब्लॉकों में 4300 शक्ति क्लब स्थापित किए हैं, जिनमें 31000 से अधिक सदस्यों ने हिस्सा लिया है.
प्रेस वार्ता में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा फेलोशिप प्रोग्राम के सदस्य सरिता मल्होत्रा, आशिका कुजूर इंदिरा फेलोज अभिलाषा पोयम, लिली श्रीवास, प्रियंका उपाध्याय, बसंती साहू, प्रीति मांझी मौजूद रहे.
रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर 02 अक्टूबर को जिला मुख्यालय कोरबा कलेक्ट्रेट में स्वच्छता ही सेवा अभियान अंतर्गत सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान मंत्री लखन लाल देवांगन ने अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई और अपने आसपास के परिसर को स्वच्छ रखने की अपील की। उन्होंने हर सप्ताह दो घंटे श्रम दान करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का आधार है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरगामी एवं व्यापक सोच के परिणाम स्वरूप 2014 से स्वच्छता अभियान की शुरुआत एक जन आंदोलन के रूप में हुई थी। आज यह अभियान वृहद एवं व्यापक रूप ले लिया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में जिले के स्वच्छता दीदियों के योगदान का उल्लेख करते हुए उनकी सराहना की। कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता के लिए किसी पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। हम अपने घर से लेकर आसपास में कुछ घण्टे सफाई कर इसे अपने आदत में शामिल कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में कलेक्टर श्री वसंत एवं अन्य अधिकारियों ने साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इसी तरह जिले के अन्य विभागीय कार्यालयों में भी अधिकारियों द्वारा परिसर में सफाई अभियान चलाकर परिसर को स्वच्छ बनाया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अपर कलेक्टर दिनेश कुमार नाग सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के छोकरा नाला स्थित श्री अग्रसेन धाम में भगवान महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव-2024 में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने समानता और भाईचारे के साथ समाज को आगे बढ़ाने का महान कार्य किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अग्रसेन जयंती के अवसर पर श्री अग्रसेन धाम के द्वितीय तल का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को महाराजा अग्रसेन जयंती और नवरात्रि पर्व की बहुत-बहुत बधाई। अग्रवाल समाज हर क्षेत्र में अग्रणी रहने वाला समाज है। चाहे वह सेवा का क्षेत्र हो या शिक्षा और व्यापार की बात हो, हर क्षेत्र में अग्रवाल समाज ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोई भी समाज अपनी संस्कृति और अपनी अर्थव्यवस्था के बल पर आगे बढ़ता है। इन दोनों के संतुलन से ही वास्तविक उन्नति होती है। महाराजा अग्रसेन जी ने यही शिक्षा हम सभी को दी है। उन्होंने जहां व्यापार और आर्थिक विकास के सिद्धांत हमें दिए, वहीं वैदिक धर्म, संस्कृति और आदर्शों का पालन करते हुए समाज के सभी वर्ग के लोगों की उन्नति के लिए समान अवसरों के निर्माण पर भी उन्होंने जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने समाज में समानता, भाईचारे और न्याय की स्थापना के लिए जो आदर्श प्रस्तुत किए, वे आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके आदर्शों पर चलते हुए अग्रवाल समाज के लोगों ने अपने व्यापार-व्यवसाय में ऊंची सफलता हासिल करते हुए देश के आर्थिक विकास में भी अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेरा यह सौभाग्य रहा कि अपने सार्वजनिक जीवन मे मुझे हमेशा अग्रवाल समाज के लोगों के बीच रहने का मौका मिला। केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्य करते हुए मैंने देखा कि उद्योग-धंधों से जुड़े जिन लोगों से मिलने का अवसर मिलता था, उनमें अधिकांश लोग अग्रवाल समाज से होते थे।
अग्रवाल समाज एक परोपकारी समाज है। इस समाज द्वारा सभी के परोपकार के लिए बहुत से कार्य किये जाते हैं । चाहे वह धर्मशाला निर्माण हो या स्कूल-अस्पताल बनवाना, सेवा के हर कार्य में अग्रवाल समाज अग्रणी रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार को कार्य करते हुए अभी 9 महीने हुए हैं। उद्योग-धंधों का विकास हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ राज्य हर मामले में बहुत समृद्ध है, यहां उद्योगों की बहुत सम्भावना है। अग्रवाल समाज से मेरा आग्रह है कि वे उद्योगों के विकास के लिए अपना पूरा योगदान दें। उद्योगों के विकास से रोजगार सृजन में तेजी आएगी। प्रदेश के युवाओं को उद्योगों के हिसाब से स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार से जोड़ने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा नई उद्योग नीति के माध्यम से अधिक से अधिक सहूलियत उद्योगों को प्रदान की जा रही है। हम सिंगल विण्डो सिस्टम द्वारा उद्योग-धंधों को बढ़ावा दे रहे हैं। अग्रवाल समाज को इनका लाभ उठाना चाहिए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अग्रवाल समाज का भारत की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान है। अग्रवाल समाज धर्म की रक्षा और परिवार-व्यवस्था के लिए जाना जाता है। अग्रवाल समाज द्वारा समाजसेवा के कई कार्य किये जाते हैं। समाज की सेवा करना बहुत जरूरी है। आज परिवार को जोड़ कर चलने की जरूरत है। ये संस्कार नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्रवाल समाज के लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने महाराजा अग्रसेन की जीवनगाथा का विमोचन किया।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बसना के विधायक सम्पत अग्रवाल, निर्मल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के लोग उपस्थित रहे।
रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज रायगढ़ प्रवास के दौरान विकास खंड पुसौर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के औचक निरीक्षण में पहुंचे। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने स्कूल का भ्रमण कर विद्यालय के मूलभुत सुविधाओं की जानकारी ली। यहां उन्होंने विद्यालय में प्रयोगशाला निर्माण के लिए 20 लाख रूपये तथा पुस्तकालय के पुस्तकों हेतु 2 लाख रुपये की घोषणा की।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले चार से पांच वर्ष आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अपने लिए स्पष्ट लक्ष्य बनाकर कामयाबी हासिल करने के लिए पढ़ाई करें, ताकि आपका भविष्य बन सके। उन्होंने कहा कि आज के दौर प्रतिस्पर्धा का दौर है, शुरूआती असफलताओं से निराश और हताश न होकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करें। बड़ी सोच और रणनीति बनाकर पढ़ाई करें, तभी लक्ष्य की प्राप्ति होगी। उन्होंने कहा कि आज भारत विकासशील से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर हो रहा है। यहां अलग-अलग क्षेत्र में कैरियर के विभिन्न अवसर तैयार हो रहे है। आपको उस अवसर को प्राप्त करने के लिए तैयार होना होगा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों पर चर्चा कर करते हुए टिप्स के साथ ही कैरियर के विभिन्न विकल्प की जानकारी भी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन के संघर्ष एवं अनुभव भी साझा किए। इस अवसर पर भरत षडंगी, विलीस गुप्ता, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पुसौर ए.बी. केरकेट्टा, सहित पुसौर नगर पंचायत के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कैरियर मार्गदर्शिका का किया वितरण
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति, शासकीय नौकरी के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं एवं शासन की छात्रोपयोगी योजनाओं से संबंधित कैरियर मार्गदर्शिका पुस्तक का वितरण किया। उन्होंने कहा कि कैरियर मार्गदर्शिका आपको उच्च शिक्षा से संबंधित जिज्ञासा के साथ सामान्य ज्ञान को पूर्ण करने में सहायक होगी।
रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को ‘शारदीय नवरात्रि’ के पहले दिन आज प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शांति सरोवर, रिट्रीट सेंटर में चैतन्य देवियों की झांकी का दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया और माता का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी सरिता अग्रवाल, पुत्र आदित्य अग्रवाल, पुत्री शुभकीर्ति एवं पौत्री लाव्या भी उनके साथ थी।
श्री बृजमोहन ने सभी भक्तों एवं प्रदेश वासियों को आदिशक्ति माँ दुर्गा की उपासना के पावन महापर्व ‘शारदीय नवरात्रि’ की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि, यह झांकी चैतन्य देवियों की अनूठी जीवंत झांकी है जिसमे ब्रह्मकुमारी बहनें ही देवियों के नौ स्वरूप में विद्यमान हैं, जो बहुत ही अलौकिक है। मैं माँ भगवती से प्रार्थना करता हुं कि, सभी के जीवन में को सुख-शांति, समृद्धि दें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज ग्राउंड परिसर में आज प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश की पारंपरिक वन संपदा, औषधीय उत्पादों और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल और प्रदर्शनी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का भ्रमण कर उत्पादों की जानकारी ली और कलाकारों व कारीगरों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।
पारंपरिक औषधियों की जानकारी प्राप्त की
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ वैद्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष दशरथ नेताम द्वारा प्रदर्शित पारंपरिक औषधियों का अवलोकन किया। श्री नेताम ने बताया कि ये औषधियाँ जंगलों से विशेष रूप से चुनकर लाई गई जड़ी-बूटियों से तैयार की जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। उन्होंने इन औषधियों की निर्माण प्रक्रिया और उनके उपयोग के लाभों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इन पारंपरिक विधियों के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया।
महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की सराहना
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी मर्यादित संघ। के स्टॉल पर जाकर विभिन्न वन-आधारित उत्पादों जैसे जशपुर के हैंडमेड ग्रीन टी, हर्बल च्यवनप्राश, और बस्तर क्षेत्र के आदिवासी समुदाय द्वारा तैयार किए गए शुद्ध हर्बल उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने ‘हर्बल छत्तीसगढ़’ ब्रांड के तहत तैयार शहद, रागी-कोदो कुकीज, आँवला कैंडी, और जामुन रस जैसे उत्पादों को देखकर हर्ष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “इन हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा।”
लोक कलाकारों के अनोखे प्रदर्शन की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने देवरी (आरंग) के मोहरी वादक विशाल राम यादव और कोलिहापुरी, दुर्ग के चिकारा वादक मनहरण दास बंजारे के लोक वाद्य प्रदर्शन का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पारंपरिक लोक कलाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं, जिन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों कलाकारों को उनके संगीत के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी।
रजवार कला के भित्ति चित्रों की सराहना
भित्ति चित्र कलाकार डॉ. शशिप्रिया उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को उनकी टीम द्वारा बनाए गए भित्ति चित्रों के बारे में बताया, जिनमें रजवार कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिम संस्कृति, लोक जीवन, और पारंपरिक वेशभूषा को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि रजवार कला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवित रखना और इसे नए आयाम देना है। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि, “ऐसी लोककलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार से हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भविष्य सुरक्षित रहेगा।”
दिव्यांग बच्चों की कला का सम्मान
मुख्यमंत्री ने शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैम्प के मूक-बधिर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान छात्र धनदास बरमते ने स्वनिर्मित लोककला आधारित चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस उपहार को स्वीकारते हुए धनदास की कला की प्रशंसा की और कहा, “आपकी यह कला हमारी संस्कृति को नई पहचान देने का कार्य करेगी।” उन्होंने धनदास के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
45 वर्षों से पारंपरिक वाद्य यंत्रों का संरक्षण कर रहे श्री रिखि क्षत्रिय का अभिनंदन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वाद्य यंत्रों के संरक्षण में योगदान देने वाले रिखि क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को अपनी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। श्री क्षत्रिय ने कहा कि वे पिछले 45 वर्षों से छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्रों—जैसे रुंजू बाजा, घूमरा बाजा और चिरई बाजा—का संरक्षण और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। श्री क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को रुंजू बाजा भेंट किया और अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन करते हुए घूमरा बाजा से शेर की आवाज और चिरई बाजा से चिड़िया की आवाज निकालकर उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री ने उनके इस अनूठे योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसे कलाकार हमारी लोक परंपराओं के सच्चे रक्षक हैं।
छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को मिला मंच
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन जैसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करते हैं। ये आयोजन हमारे पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को सहेजने के साथ-साथ, इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक हैं।”
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कला प्रेमियों और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों, कारीगरों, और प्रतिभागियों को प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ आदिवासी समुदायों के विकास और कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की। श्री शाह ने मध्य प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
गरियाबंद। जिले के छोटे से ग्राम करचिया के किसान परिवार के कृष्ण नायक ने वेजिटेबल साइंस में पीएचडी के इंट्रेंस परीक्षा में आल इंडिया टॉप करके न केवल अपने पिता कंदरप नायक समेत परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज को गौरवान्वित किया है. बाल कृष्ण ने ओबीसी श्रेणी में 490 अंकों में से 298 अंक हासिल कर पहली रैंक प्राप्त किया है. वहीं आज उसके गृह ग्राम लौटने पर पंडरा माली समाज ने भव्य समारोह का आयोजन कर उनका जोरदार स्वागत किया. देवभोग बस स्टैंड पर 100 से ज्यादा युवा और समाज के सभी बड़े पदाधिकारी मौजूद थे. इस मौके पर जुलूस निकाला गया, जिसमें आतिशबाजी की गई और बाजे-गाजे के साथ 3 किलोमीटर की रैली का आयोजन किया गया.
समाज प्रमुख नीलकंठ बीसी के प्रतिनिधि तेजराज बीसी, पुजारी शोभाचंद पात्र और युवा विंग के प्रमुख सुशील निधि ने कहा, “समाज का पहला व्यक्ति इस मुकाम तक पहुंचा है. यह सफलता अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा है. बाल कृष्ण का प्रयास यह दर्शाता है कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती.”
सम्मान समारोह में 22 से अधिक गांवों के सामाजिक महिला-पुरुष बड़ी संख्या में जुटे थे. समाज के नेताओं ने बताया कि हमारा समाज हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता देता है और इस तरह के आयोजनों से युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है.
रायपुर। शारदीय नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने सौजन्य मुलाकात की और उन्हें नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के पहुंचविहीन कस्तुरमेटा गाँव के एक आदिवासी परिवार द्वारा घर में निर्मित शुद्ध देशी घी भेंट स्वरूप प्रदान किया। श्री कश्यप हाल ही में इस गांव के दौरे पर गए थे। यह गांव पहले माओवादी आतंक से प्रभावित रहा है।
मुख्यमंत्री को वनमंत्री श्री कश्यप ने बताया कि उन्होंने हाल ही में, नारायणपुर जिले के पहुंचविहीन क्षेत्र कस्तुरमेटा में पहली बार पहुंच कर आमजनों की समस्याएं सुनी और निराकरण का भरोसा दिलाया। नारायणपुर जिले के पहुंचविहीन क्षेत्रों में 18 से अधिक पुलिस कैंप स्थापित किया गया है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। वन मंत्री ने अपने भ्रमण के दौरान कस्तुरमेटा के लोगों को भरोसा दिलाया कि नारायणपुर से कस्तुरमेटा तक नियमित रूप से बस सेवा प्रारंभ की जाएगी। स्थानीय लोगों से चर्चा करते हुए कहा कि जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र सहित सभी प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने के लिए भटकना नही पड़ेगा। इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है।
बलौदाबाजार। बलौदाबाजार हिंसा मामले में जेल में बंद विधायक देवेंद्र यादव को कोर्ट से फिर कोई राहत नहीं मिली. आज फिर सुनवाई में कोर्ट ने विधायक की दो दिन और न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी. बता दें कि पुलिस ने 17 अक्टूबर तक रिमांड मांगी थी. बचाव अधिवक्ता के विरोध के बाद न्यायालय ने दो दिन की रिमांड बढ़ाई. वहीं सात आरोपियों में से पांच आरोपियों का आज चालान पेश हुआ. अब 5 अक्टूबर को बाकी आरोपियों का चालान पेश किया जाएगा.
बता दें कि गुरु बाबा घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी में सतनाम समाज के आस्था के केंद्र अमर गुफा में स्थित महकोनी मंदिर परिसर में आसामाजिक तत्वों ने जमकर तांडव मचाया था. जैतखाम में तोड़फोड़ की घटना से आक्रोशित समाज के लोगों ने सीबीआई जांच की मांग की थी. इस मामले में पुलिस ने संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया है. वहीं राज्य सरकार ने पहले ही जैतखंभ तोड़फोड़ की घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए थे. इस घटना को लेकर बलौदाबाजार में हिंसक प्रदर्शन हुआ था. इस मामले में विधायक देवेंद्र यादव समेत सैकड़ों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विधायक देवेंद्र यादव करीब तीन माह से जेल में हैं. कई बार उनकी रिमांड बढ़ाई गई है.