रायपुर। सुरक्षा बल के जवानों ने अपने शौर्य का परिचय देते हुए बीजापुर जिले से 16 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर लिखा है कि जवानों को मिल रही नित बड़ी कामयाबी से हम नक्सलमुक्त बस्तर की ओर अग्रसर हो रहे हैं. प्रदेश से जब तक नक्सलवाद का खात्मा नहीं हो जाता, तब तक हमारी सरकार चुप नहीं बैठेगी.
रायपुर। अपनी तरह की अनूठी पहल करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़, विकसित भारत की संकल्पना के अपने विजन के क्रियान्वयन के लिए आईआईएम एवं देश भर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के विषय विशेषज्ञों के साथ मंथन किया। रायपुर आईआईएम में आयोजित इस दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। शिविर में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा तथा मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों ने भी हिस्सा लिया। इस तरह से देश में विषय विशेषज्ञों के साथ बौद्धिक विमर्श और चिंतन शिविर गुजरात में आयोजित किया गया था। इसके बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी राज्य का पूरा मंत्रिमंडल प्रदेश को संवारने एवं विकास को नया आयाम देने विद्यार्थी भाव से विचारविमर्श करने जुटा है और अपने क्षेत्र के माने हुए विषय विशेषज्ञों से संवाद कर रहा है। प्रदेश के नेतृत्व द्वारा इस तरह से अनूठी पहल करते हुए विशेषज्ञों से बौद्धिक विचार-विमर्श कर प्रदेश को संवारने के लिए आज सार्थक चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बनाये गये विजन के क्रियान्वयन के लिए आज दिन भर हुए सत्रों में गहन विचारविमर्श किया गया। जैसे कोई कृषक बड़ी मेहनत से खेती के लिए अपनी जमीन तैयार करता है वैसा ही विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को मूर्त रूप देने छत्तीसगढ़ का शीर्ष नेतृत्व जुटा, जो विजन तैयार किया गया है उसे प्रभावी बनाने विषय विशेषज्ञों से राय ली गई ताकि उनके सुझाव लेकर विजन के क्रियान्वयन को पैनापन दिया जा सके। चिंतन शिविर में तय किया गया कि विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को समाज के सभी वर्गों के बीच ले जाना है। सबको जागरूक कर और उनकी भागीदारी लेकर विकसित छत्तीसगढ़ के सपनों को पूरा किया जाना है। शिविर में विषय विशेषज्ञों के साथ देर तक चर्चा हुई और छत्तीसगढ़ की संभावनाओं को लेकर बारीकियों पर बात हुईं। संबोधन के प्रथम सत्र को नीति आयोग के सीईओ श्री बीवीआर सुब्रमण्यम ने संबोधित किया। अपने संबोधन में श्री सुब्रमण्यम ने विकसित भारत की संकल्पना और इसे प्राप्त करने की रणनीति के संबंध में विस्तार से अपनी बातें साझा की। उन्होंने कहा कि बीते दस सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ा है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत 2047 बनाने का संकल्प लिया है और इसे पूरा करने की रणनीति बनाई है। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्केल, स्पीड और इनोवेशन पर जोर देते हैं। बदलते अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य और समय को देखते हुए विकसित भारत का विजन तैयार किया गया है ताकि भारत अपनी विशिष्ट जगह बना सकें। उन्होंने कहा कि अब दुनिया की निगाहें ग्लोबल साउथ पर हैं। अब दुनिया का नजरिया पश्चिम से पूर्व की ओर देखने का है और भारत इन संभावनाओं को पूरा करने के लिए सक्षम है। भारत की जनांकिकी, भारत की रणनीतिक स्थिति और भारत में तेजी से हुए सुधारों से इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत तैयार है। उन्होंने कहा कि जब हम विजन लेकर चलते हैं तो स्वाभाविक रूप से हमें एक गाइड मैप मिल जाता है और इसके अनुरूप हम बढ़ते जाते हैं। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी होगी। छत्तीसगढ़ में विकसित राज्य बनने के लिए और तीव्र विकास के लिए असीम संभावनाएं हैं और इस दिशा में आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अपने विकास के साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
चिंतन शिविर में स्वास्थ्य, अधोसंरचना, खनन, लोकवित्त जैसे बुनियादी विषयों पर चर्चा हुई जिनमें बारीकी से कामकर और सही रणनीति बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ और लोगों की समृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। स्वास्थ्य में अधोसंरचना पर जोर दिया गया। कोविड जैसी आपदाओं से भविष्य में निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से चाकचौबंद रखने पर जोर दिया गया। साथ ही इस क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देने और निरंतर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने चर्चा की गई। प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग विषय पर भी चर्चा हुई। खनन में अनेक राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने के संबंध में बात हुई। साथ ही खनन के पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में कार्य करने की जरूरत पर जोर दिया गया। आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किए जाने पर विशेष फोकस दिया गया। शहरों में मूलभूत सुविधाओं के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भीतरी सड़कों के विकास पर बल दिया गया ताकि विकसित अधोसंरचना के माध्यम से आर्थिक समृद्धि सभी क्षेत्रों तक बराबरी से पहुंच पाए। लोक वित्त पर भी गहनता से चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ की ताकत सरप्लस रेवेन्यू, फिस्कल डिसिप्लिन, लो डेब्ट एंड जीडीपी रेश्यो, खनिज एवं वनसंपदा पर जोर देते हुए कृषि उत्पादकता को बढ़ाने, फसल वैविध्य, उद्योगों और टूरिज्म के अनुरूप मानव संसाधन को दक्ष बनाने की जरूरत पर बल दिया गया। टीम प्रबंधन के लिए अनुभवात्मक गतिविधि के संबंध में विशेष चर्चा की गई।
सभी मंत्रिगणों ने संवाद में भागीदारी करते हुए छत्तीसगढ़ में इस संबंध में बनाई जा रही नीतियों के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने श्री सुब्रमण्यम एवं अन्य विशेषज्ञों के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं जिस पर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए सार्थक परिचर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय इस चिंतन शिविर का आयोजन छत्तीसगढ़ के विजन हेतु सार्थक विमर्श हो रहा है। साथ ही संसाधनों के सतत उपयोग एवं योजनाओं के कन्वर्जेंस सहित विविध विषयों पर चर्चा भी हो रही है।
चिंतन शिविर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा मौजूद रहे।
रायपुर। जनसंपर्क संचालनालय रायपुर में पदस्थ रहे उप संचालक ललित चतुर्वेदी को आज उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावभीनी विदाई दी गई। इस मौके पर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों श्री चतुर्वेदी को सुखद एवं स्वस्थ्य जीवन की कामना की। 39 वर्षों से अधिक समय तक जनसंपर्क विभाग को अपनी सेवाएं देने के बाद श्री चतुर्वेदी सेवानिवृत्त हुए हैं। अपर संचालक उमेश मिश्रा एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री चतुर्वेदी को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनके सुदीर्घ जीवन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। श्री चतुर्वेदी ने अपनी सेवाओं के 15 साल 7 महीने मध्यप्रदेश में एवं 23 साल 7 माह छत्तीसगढ़ में बिताये। श्री चतुर्वेदी ने कहा कि जनसंपर्क विभाग में बिताये गये 39 वर्षों में बहुत यादगार अनुभव रहे हैं। जनसंपर्क विभाग में अधिकारियों से सदैव मार्गदर्शन एवं स्नेह मिला है, जो उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा।
अपर संचालक उमेश मिश्रा ने श्री चतुर्वेदी की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और कहा कि श्री चतुर्वेदी ने सदैव अपने दायित्वों का निर्वहन अच्छी तरह से किया है। कार्य के प्रति उनका समर्पण विभाग के नये अधिकारियों के लिए अनुकरणीय है। कार्यक्रम का संचालन कमलेश साहू ने किया। इस अवसर पर संयुक्त संचालक धनंजय राठौर, पवन गुप्ता, बालमुकुन्द तंबोली, हीरालाल देवांगन, उप संचालक छगनलाल लोन्हारे, घनश्याम केशरवानी, नसीम अहमद खान, मुन्नालाल चौधरी, प्रेमलाल पटेल, लक्ष्मीकांत कोसरिया, सहायक संचालक सुनील त्रिपाठी, नूतन सिदार, तेज बहादुर भुवाल, धनेन्द्र बंजारे सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन में पदस्थ अधिकारियों (मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव) की निजी स्थापना में पदस्थ स्टेनो संवर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एनआईसी ई-मेल का उपयोग करने तथा विभागीय कार्य ऑनलाइन माध्यम से सम्पन्न किये जाने तथा सचिवालयीन कार्यप्रणाली एवं नियमावली के संबंध में दो दिवसीय प्रशिक्षण दिनांक 30 एवं 31 मई को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के शुभारम्भ अवसर पर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अन्बलगन पी. ने प्रशिक्षण की आवश्यकता एवं उद्देश्यों को विस्तार से रेखांकित किया। अपर मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग ऋचा शर्मा आने वाले समय में छत्तीसगढ़ शासन के कार्यों में किस प्रकार तेजी लाई जा सकती है। इसके लिए ई-ऑफिस एवं डिजिटल सेक्रेटरी, ईमेल, डिजिटल कैलेन्डर के माध्यम से मीटिंग की जानकारी दी। दिन-प्रतिदिन नई तकनीक की आवश्यकता पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि नई तकनीक से अधिकारियों का कार्य आसान हुआ है और उसका प्रयोग आज सभी को आना चाहिए इस पर मार्गदर्शन दिए। एनआईसी के प्रशिक्षको के द्वारा पोर्टल से संबंधित विषय पर प्रशिक्षण दिया गया कि एनआईसी ईमेल के सभी तथ्य का उपयोग जैसे संबंधित विभाग के एडेस बुक अद्यतन रखना आई.एस. के अंतर्गत अधिकारी का वर्तमान पता, विभाग फोल्डर बना, जिससे सभी प्रासंगिक ईमेलस को लिंक किया जा सके जैसे सभी मीटिंग्स, एपीएआर, आईपीआर आदि की जानकारी दी गई।
चिप्स के द्वारा तकनीकी ट्रेनिंग में डिजिटल सेक्रेटरियेट अवकाश के संबंध में एवं ए.सी.आर. लिखने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। डिजिटल कैलेण्डर के माध्यम से किस प्रकार मीटिंग की जानकारी रखी जा सकती है। विभाग का जीमेल आईडी बनाना एवं इसका उपयोग समी बैठकों एवं डिजिटल कैलेण्डर बनाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। नियम से संबंधित विषय पर अवर सचिव अन्वेष घृतलहरे अवर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की वरिष्ठता संबंधित जानकारी दी गयी कि किस प्रकार वरियता क्रम में अधिकारियों को पत्राचार किया जाए एवं दूरभाष बातचीत में वरिष्ठता का ध्यान रखा जाए। महेश साकल्ले, मुख्य लेखाधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग लेखा शाखा के द्वारा चिकित्सा प्रतिपूर्ति नियम, टी.ए. बिल नियम, टेलीफोन बिल के साथ ही अवकाश नियमों की विस्तृत जानकारी दी गयी।पर्सनालिटी डेव्लपमेंट विषय पर अजय कुमार त्रिपाठी, उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा डेकोरम-ड्रेस कोड संबंध में विस्तार से ऑफिस में किस प्रकार से कार्य-व्यवहार होना चाहिए, आम जनता से शासकीय सेवकों को विनम्रता पूर्वक व्यवहार करना चाहिए तथा उन्हें हमेशा मदद करना चाहिए ।
कार्यप्रणाली एवं कार्यप्रक्रिया से संबंधित विषय पर प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक के रूप में डी. पी. कौशल उप सचिव गृह विभाग, अरूण हिंगवे, अवर सचिव मुख्य सचिव कार्यालय एवं देवलाल भारती, अवर सचिव, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा डिक्टेशन लेना, जनप्रतिनिधियों एवं आगंतुकों के पास जारी करना एवं उनसे मधुर व्यवहार बनाए रखना जैसे महत्वपूर्ण विषयों सहित न्यायालयीन प्रकरण, विधानसभा, न्यायालयीन अवमानना आदि के संबंध में गोपनीयता बनाए रखने का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों के पर्सनल फोल्डर बनाना एवं रख रखाव करना और समय सीमा की बैठकों की तैयारी पत्राचार रजिस्टर तैयार करना, कार्यवाही विवरण तैयार करना एवं संबंधितों को अवगत कराना आदि के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। कार्यालय में फाईलों के संधारण, आवक-जावक, पत्राचार आदि से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गयी।
समापन सत्र में अपर मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज पिंगुआ के द्वारा पर्सनल स्टाफ के कार्यव्यवहार, के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को शासकीय कार्य व्यवहार के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। अंशिका ऋषि पाण्डेय, अवर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों को प्रशिक्षण में भाग लेने के लिये, प्रशिक्षकों को विषय से संबंधित प्रशिक्षण देने के लिये धन्यवाद दिया।
रायपुर। बच्चों के अभिभावकों ने चिंता जताई थी की इतनी गर्मी के बीच कुछ दिनों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद क्यों नहीं किया जा रहा है ? अगर बच्चों को कुछ हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा ? जिसपर बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस भीषण गर्मी में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में परिवर्तन किया गया है. अब प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 2 घंटे ही किया जाएगा. इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग ने आदेश जारी किया है.
जारी आदेश के अनुसार, ग्रीष्मकाल में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की अवधि को 2 घंटे निर्धारित किया गया है. अब सुबह 7 बजे से 9 बजे तक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होंगे. वहीं 1 जुलाई से फिर आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 9:30 बजे से 3:30 बजे तक किया जायेगा.
रायपुर। गर्मी के मौसम में देश के अधिकांश हिस्सों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है और इस समस्या से धमतरी जिला भी अछूता नहीं है। राजधानी रायपुर, भिलाई सहित अन्य जिलों को साल भर पानी उपलब्ध कराने वाला धमतरी जिले का गंगरेल डेम आज खुद सूखे की चपेट में आकर सूखने की कगार पर आ गया है। इस विकट समस्या को समझते हुए कलेक्टर नम्रता गांधी ने जिले में नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत् जल जगार उत्सव मनाने की योजना बनाई, जिसका मुख्य उद्देश्य रैन वाटर हार्वेस्टिग, रूफटर्फ वाटर और वेस्ट वाटर मेनेजमेंट के माध्यम से शुद्ध पानी को भूमि के अंदर भेजना है। अभियान अंतर्गत जिले के 4 विकासखंडों के 5-5 ऐसे गांव जिनमें पानी की समस्या रहती है, उनका चयन किया।
कार्यशाला एवं बैठक का आयोजन
प्रथम चरण में जल की महत्ता को समझते हुए भारत सरकार की जल शक्ति मंत्रालय के विशेषज्ञों के सहयोग से जिला स्तरीय अधिकारियों हेतु 3 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। जल शक्ति मंत्रालय के विशेषज्ञों ने भू जल मुद्दों से निपटने की तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। द्वितीय चरण में जिले में संचालित सभी निजी स्कूलों, हास्पीटल, रेस्टोरेंट सहित ऐसे भवन जिनका आकार बड़ा है, उन्हें 15 जून तक अनिवार्य रूप से अपने भवन के समीप रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रूफटर्फ वाटर स्ट्रक्चर बनाने के निर्देश दिये गये।
कुरूद विकाखंड के नवागावं (थुहा) से कार्यक्रम की हुई शुरूआत
धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड अंतर्गत आने वाले नवागांव थुहा जल जगार कार्यक्रम की शुरूआत की गयी। जहां ग्रामीणों ने एक स्वर में जल संरक्षण की शपथ ली। इस अवसर पर गांव में जल संरक्षण की दिशा में अच्छा काम करने वाले ग्रामीणों को सम्मानित भी किया गया। गांव में अन्य लोगों को भी जल सरंक्षण की दिशा में काम करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। पीकू – जिले में जल संरक्षण के संबंध में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टर गांधी के मार्गदर्शन में लोगो तैयार किया गया है साथ ही छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स भी बनाए गए हैं, जिसके जरिए जिलेवासियों को घरों में पानी का सदुपयोग करने, पानी बचाने की विधि सहित खेतों में कम पानी वाले फसलों के संबंध में प्रेरित किया गया है।
जागरूकता रैलियों का हो रहा आयोजन
धमतरी जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में गांवों में जल जगार कार्यक्रम प्रति दिन आयोजित किये जा रहे है। इस दिशा में ग्रामीणों में जल संरक्षण संबंधी जागरूकता हेतु कार्यक्रम के दो-तीन दिवस पूर्व रैलियां, दीवार लेखन, तालाबों व जल स्त्रोतों की सफाई आदि कार्य कर माहौल तैयार किया जा रहा है।
वाटर हीरो जल प्रहरी नीरज वानखेडे़ द्वारा दी जा रही जानकारी
जल संरक्षण की दिशा में बीते कई वर्षाे से कार्य करने वाले नीरज वानखेडे को भारत सरकार ने वाटर हीरो जल प्रहरी की पदवी से सम्मानित किया है। वे जिले के इन पानी की कमी से जुझने वाले गांवों में जाकर जल जगार कार्यक्रम अंतर्गत ग्रामीणों को पानी की महत्ता को समझा रहे है। साथ ही नीरज वानखेडे़ रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रूफटर्फ वाटर स्ट्रक्चर और वेस्ट वाटर मेनेजमेंट की तकनीक भी समझा रहे है, जिसे लेकर ग्रामीणों में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता निर्मित हो रही है।
शहरों में वाटर स्ट्रक्चर का निर्माण
तालाबों में जल संरक्षण हेतु गाद निकालने, समुचित सफाई करने टीम द्वारा किया गया सर्वे जिले के पांच नगर पंचायत क्षेत्र आमदी, भखारा, नगरी,मगरलोड एवं कुरूद नगर पंचायत क्षेत्र में विभिन्न तालाबों में गाद जमा है जिसके कारण तालाबों के पानी की गुणवत्ता एवं भंडारण क्षमता क्षमता प्रभावित हो रही है। इन्हें साफ करने हेतु रायपुर की एन.आई.टी टीम द्वारा सर्वे किया जायेगा।
शहर के जल भराव की समस्या की निवारण हेतु टीम ने किया सर्वे
एन आई टी द्वारा धमतरी शहर के संपूर्ण 40 वार्ड क्षेत्र से निस्तारी गंदे पानी एवं वर्षा जल की समुचित निकासी हेतु ड्रेनेज सिस्टम का संपूर्ण मूल्यांकन और मानचित्रण के माध्यम से धमतरी शहर में जल भराव वाले हॉटस्पॉट की पहचान करने, जल निकासी की बुनियादी ढांचे और स्टॉर्म वॉटर में सुधार के लिए एवं बाढ़ की स्थिति को कम करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करने हेतु टीम द्वारा सर्वे किया किया गया है। यह टीम आगामी कुछ दिनों में अपनी रिर्पाेट प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद निगम द्वारा कार्यवाही की जायेगी।
सामाजिक संगठनों का मिल रहा सहयोग
कलेक्टर नम्रता गांधी की इस पहल को जिले के सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों का पूरा सहयोग मिल रहा है। भारतीय जैन संघटना द्वारा कुरूद ब्लॉक के ग्राम मड़ेली तथा जी जामगांव में तालाबों को पुनर्जीवित कर जल संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। तालाबों से निकली मिट्टी को खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए खेतों में डाला जा रहा है। भारतीय जैन संघटना शाखा धमतरी द्वारा जल निकायों का पुनरूद्धार के तहत ग्राम पंचायत जी जामगांव के उल्लाही खार तालाब में 14 मई से 28 मई तक कार्य किया गया। इसमें 2 जेसीबी लगाया गया, जिसमें 1948 ट्रेक्टर मिट्टी निकाला गया।
जल जगार उत्सव से प्रेरित होकर औद्योगिकी इकाईयों में किया जा रहा सघन जल संरक्षण कार्य
जिले में संचालित सभी औद्योगिक इकाईयां जैसे-अरवा, उसना, राईस मिल, कोल्ड स्टोरेज, फ्लाई एश ब्रिक्स सहितं अन्य औद्योगिक संस्थाओं में केन्द्रीय भूजल बोर्ड के मानकों के अनुपालन हेतु आयोजित कार्याशाला में दिये गये निर्देश के परिपालन में जिले में अब तक कुल 225 इकाईयों का पंजीयन पूरा हो गया है। इनमें 79 राईस मिल, 7 फ्लाई एश ब्रिक्स एवं 2 उद्योगों द्वारा पंजीयन पूरा किया गया और उद्योगों द्वारा स्वयं पंजीयन भी किया गया।
36 कमार परिवार जल संरक्षण हेतु बना रहे तालाब, डबरी
पानी का संरक्षण करने और उसके दुरूपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले में जल जगार उत्सव मनाया जा रहा है। पानी के गिरते हुए स्तर से चिंतित होकर कमार आदिवासी भी स्वयं की जमीन में वर्षा जल को संचित करने के लिए वचनबद्ध हैं। जिले के वनांचल आदिवासी बाहुल्य नगरी विकासखण्ड के ग्राम पीपरहीभर्री के 36 कमार परिवारों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें मिले जमीन पर जल संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में तीन कमार आदिवासी परिवार जहां मछली पालन के लिए तालाब बनाए हैं, वहीं बारिश के पानी को रोकने के लिए 10 डबरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा गांव के समीप से गुजरने वाले नाला में डाईक संरचना बनाई जा रही है, जिससे पानी का स्तर ऊंचा उठे और जमीन पर नमी बनी रहे। कमार आदिवासी परिवार वनों को हरा-भरा बनाए रखने और वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने तथा आने वाले समय में पानी की कमी से निजात पाने के लिए मुस्तैदी से जल संरक्षण की दिशा में कार्य को कर रहे हैं।
आने वाले बारिश के दौरान किया जाएगा वृक्षारोपण, तैयारियां जोरों पर
जल संरक्षण की दिशा में वृक्षारोपण का भी महत्वपूर्ण योगदान है। इसके लिए जिले में आयोजित जल जगार उत्सव में ग्रामीणों द्वारा वृक्षारोपण के लिए की जा रही तैयारी की जानकारी दी जा रही है। साथ ही सभी एक स्वर में वृक्षारोपण करने की बात भी कह रहे हैं।
रायपुर। आज 31 मई को दुनियाभर में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर रायपुर रेलवे स्टेशन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी मेडिकोज ने एक दिवसीय नशा मुक्ति आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक राजेश मूणत ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा, कि अगर स्वस्थ जीवन जीना है, तो तम्बाकू और उससे निर्मित पदार्थों को ना कहना सीखना पड़ेगा।
विधायक मूणत ने कहा कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की तरफ से दी जाने वाली शिक्षा और कार्यक्रम नाश मुक्ति अभियान में बेहद ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
जागरुकता का लें संकल्प : विधायक राजेश मूणत
विधायक मूणत ने लोगों अपील करते हुए कहा कि आइए ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के अवसर पर स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु तंबाकू के दुष्परिणामों के प्रति जन-जन को जागरूक करने का संकल्प लें।
रायपुर। गर्मी के दिनों में सूरज की तेज तपिश ने सुबह के समय को कम कर दिया है. सुबह नौ बजे ही पारा चढ़ने लग रहा है. मई महीने में सुबह नौ बजे मैक्सिमम टेंप्रेचर की बात करें तो 29 मई को 37 डिग्री दर्ज किया गया. ऐसे में सुबह नौ बजे ही घर से बाहर निकलने पर तेज धूप जलाने लग रही है. इसके अलावा दिन चढ़ने पर 11 बजे टेंप्रेचर 40.4 डिग्री था. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीते 15-20 साल पहले जो टेंप्रेचर सुबह के 11 बजे होता था वह अब नौ बजे होने लगा है. इसका सीधा सा कारण ग्लोबल वार्मिंग है.
ग्लोबल वार्मिंग कारण
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक ग्लोबल वार्मिंग ने मौसम का पैटर्न बदल दिया है. हमारी रोजमर्रा की आदतें, पराली जलाने, दुनिया में चल रहे युद्ध, व्हीकल्स, एयरकंडीशन, ग्रीन हाउस गैसेस का बढ़ना और प्री मानसून एक्टिविटी का कम होना ग्लोबल वार्मिंग के रीजन हैं. ग्रीन हाउसेज गैसों के बढ़ने से एक्सट्रीम वेदर कंडीशन पूरी दुनिया में बढ़ रही हैं. पिछले सालो में हुई अत्यधिक बारिश हो या अब भीषण गर्मी, अत्यधिक सर्दी यह सब इसके ही नतीजे हैं.
छत्तीसगढ़ में सुबह 9 बजे ही चढ़ा पारा
छत्तीसगढ़ में बीते 3-4 दिनों से पारा 47 डिग्री पहुंच रहा है। वहीं सुबह 9 से ही तापमान बढ़कर 38 डिग्री पहुंच रहा है. सुबह के वक्त लोगों को बाहर निकलकर काम निपटाने होते हैं, लेकिन 9 बजे से ही गर्मी के चलते लोगों को राहत की सुबह नहीं मिल पा रही है.
हीट आयलैंड बन रहे बड़े शहर
देश के बड़े शहरों में पेड़ों का कटना और कंक्रीट के जंगल डेवलप होने से टेंप्रेचर बढ़ रहा है. यहीं कारण है कि सुबह से 10 से 11 बजे तक ही टेंप्रेचर 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है. ऐसे में सुबह से ही तेज गर्मी परेशान कर रही है, जिससे इंसान और जानवर दोनों को प्राब्लम हो रही है. इतना ही नहीं शहरों में पत्थरों के तपने से बीते दिनों रात के नौ बजे तक गर्म हवाएं महसूस हुई.
टेंप्रेचर कम करना है तो यह करना होगा
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे में हम सभी को बड़ी संख्या में पौधरोपण और उनकी देखभाल करनी होगी. इसके अलावा कम दूरी में जाने के लिए साइकिल से या पैदल आना जाना शुरु करना होगा. फ्यूल कम जलने से कार्बन एमीशन कम होगा. एयर कंडीशन के यूज को कम करना होगा. इतना ही नहीं घरों के बाहर एक पौधे को बड़ा पेड़ लगाना होगा. ऐसे करने पर घर के अंदर और सड़क पर टेंप्रेचर में कमी आएगी. संभव हो तो बिजली के लिए सोलर पर डिपेंडेंसी बढ़ानी होगी. सोलर से बनने वाली बिजली से भी कार्बन एमीशन में कम होगा.
बलरामपुर। उप स्वास्थ्य केंद्र सेरंगदाग में शराब और चिकन पार्टी करने वाले RHO को निलंबित कर दिया गया है. निलंबन की यह कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. बसंत सिंह ने की है. बता दें कि बीते दिनों अस्पताल में पदस्थ RHO सुनील मिंज अपने दोस्तों के साथ उप स्वास्थ्य केंद्र में जाम छलका रहा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ.
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर के सामरी सेक्टर के अंतर्गत स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र सेरंगदाग में पदस्थ आरएचओ सुनील मिंज अपने दोस्तों के साथ शराब और मुर्गा पार्टी कर रहा था. जिसका ग्रामीणों ने चुपके से वीडियो बना लिया. इस पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की थी. जिसपर संज्ञान लेते हुए सीएमएचओ डॉ. बसंत सिंह ने RHO को निलंबित कर दिया है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लू की वजह से लोगों की मौत हो रही है. आग बरसाते सूरज को देखते हुए स्कूलों में आयोजित समर कैंप को भी स्थगित कर दिया गया है. प्रदेश में पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की है तो वहीं स्वास्थ्य विभाग भी लू के खतरे को लेकर अलर्ट है.
अलर्ट के बीच चौंकाने वाली बात यह है प्रदेश के लाखों छोटे-छोटे बच्चों की जान जोखिम में डाली जा रही है. आंगनबाड़ी केंद्र तपती गर्मी में भी संचालित किया जा रहा है. नन्हे मुन्ने बच्चों के अभिभावक पूछ रहे हैं इतनी गर्मी के बीच कुछ दिनों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद क्यों नहीं किया जा रहा है ? बच्चों को कुछ हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा ?
इनकी जान जोखिम में
प्रदेश में लगभग 52,193 आंगनबाड़ी केंद्र है. जिसमें टोटल हितग्राही 26,16,931 हैं. आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 माह से तीन साल के बच्चों की संख्या लगभग 10,47,630 है. तो वहीं 3 से 6 साल के बच्चों की संख्या 11,75,975 है और 1,57,274 गर्भवती महिला हैं.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
प्रदेश भर के लिए 52153 आंगनबाड़ी केंद्रों में 50,912 वर्कर कार्यरत हैं. जो आंगनबाड़ी बंद करने की स्थिति में पोषण सुपोषण आहार हितग्राहियों के घर तक पहुंचा सकते हैं.
आंगनबाड़ी बंद के फैसले के बाद भी न टूटे पोषण आहार का चक्र
भीषण गर्मी को देखते हुए अगर बच्चों की जान को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र बंद किए जाते हैं तो उनको दिए जाने वाला पोषण आहार उनके घरों में 15 दिन या एक माह के लिए मुहैया कराया जाना चाहिए. जिससे पोषण आहार का चक्र भी न टूटे और प्रदेश में कुपोषण से लड़ाई भी जारी है.
क्या कहते हैं डॉक्टर
IMA के अध्यक्ष डॉक्टर राकेश गुप्ता ने कहा आपदा, प्रकोप, बीमारी इन सब में बच्चे और बूढ़े रेड जोन में होते हैं यानी सर्वाधिक खतरा इनको होता है. तेज धूप और गर्म हवा से डिहाइड्रेशन होता है और लू के शिकार होते है. तेज धूप का असर त्वचा पर ही नहीं बल्कि मस्तिष्क पर भी होता है. इसलिए बच्चों को धूप से बचाकर रखने की जरुरत है. प्रदेश में पारा बढ़ गया है ऐसे में खतरा सबको है. इसलिए सब को सलाह है कि बाहर ना निकले. अति आवश्यक काम होने पर ही शरीर को अच्छे से ढक कर ही निकले.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों, छोटे-बड़े उद्योगों, होटलों, बहुमंजिला इमारतों, मॉल, गेमिंग जोन, अस्थाई प्रदर्शनियों, पेट्रोल पंप आदि का मौका मुआयना कर अग्निशामक यंत्र की सुविधाएं सुनिश्चित करने के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
सीएम साय ने कहा, कि भीषण गर्मी के इस दौर में देश में लगातार अग्नि संबंधी दुर्घटनाएं हो रही है, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी संस्था संचालकों से आग्रह किया है, कि वे अपने प्रतिष्ठान में अग्निशामक यंत्रों का होना सुनिश्चित करें और समय-समय पर उसका निरीक्षण-परीक्षण भी करें। जिससे आपात स्थिति में हालात को तुरंत नियंत्रित किया जा सके और जनहानि से बचा जा सके।
राजनांदगांव। मत्स्य विभाग राजनांदगांव में मछली पालन के लिए अपने ही करीबियों के नाम पर करोड़ों के केज आबंटन कर शासन की योजनाओं से मिलने वाली सब्सिडी पर भ्रष्टाचार किए जाने का मामला सामने आया है. इस मामले में मतस्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है. पूरे मामले में शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाया गया है. मत्स्य विभाग संचालनालय इस फर्जीवाड़े की जांच कर रहा है.
राजनांदगांव मत्स्य विभाग में पदस्थ तत्कालीन सहायक संचालक गीतांजलि गजभिए ने अपने कार्यालय में ही पदस्थ कर्मी की नाबालिग बेटी, अपनी ननद, वाहन चालक की मां और एक अन्य आदिवासी व्यक्ति के नाम पर लाखों का केज का आबंटन कराया. यह केज खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई जिले के नवागांव स्थित सिंचाई जलाशय में लगाए गए हैं. प्रत्येक यूनिट में 18 केज शामिल हैं. इस तरह यहां कुल 72 केज लगाए गए हैं.
इन 4 यूनिट केज में से प्रत्येक की कीमत 56 लाख है. इसमें लाभार्थियों को प्रत्येक केज के लिए शत प्रतिशत सब्सिडी दी गई है. इसमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से 60 प्रतिशत और लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्म डिवीजन से 40 प्रतिशत यानी कुल 100 प्रतिशत आर्थिक सहायता मिली है. इस तरह संयुक्त संचालक कार्यालय के अधिकारियों ने बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए दो करोड़ 24 लाख रुपए के केज अपने रिश्तेदार और विभाग में पदस्थ कर्मियों के रिश्तेदारों के नाम पर आबंटित करा लिए.
जांच के बाद दाेषियों पर होगी कार्रवाई : कलेक्टर
सिंचाई जलाशय में लगाए गए 4 केज में से एक भुवन पोर्ते के नाम पर आबंटित हुआ है, लेकिन भुवन पोर्ते को इसकी जानकारी नहीं है. मतस्य विभाग ने इस केज के तीन साल के लीज वसूली के लिए जब उसे नोटिस जारी किया तो वह हड़बड़ा कर विभाग पहुंचा. अधिकारियों ने उसे सारी जानकारी दी. इसके बाद भुवन पोर्ते ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और सहायक संचालक के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई तब मामले का खुलासा हुआ. इस मामले में राजनांदगांव कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. रिपोर्ट में जो बातें सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
इन रिश्तेदारों को आबंटित किए गए केज
केज आबंटन का यह प्रकरण वर्ष 2021 का है. इसमें शामिल लाभार्थी सरोज मोटघरे विभाग में कार्यरत ड्राईवर की मां बताई जा रही है. दुर्गेश नंदनी के नाम से भी केज आबंटित हुआ है, जो विभाग में पदस्थ भृत्य की बेटी बताई जा रही है. जब उनके नाम पर केज स्वीकृत किया गया तब वह नाबालिग थी. इसी तरह हेमलता रामटेके तत्कालीन सहायक संचालक गीतांजलि गजभिए की ननद बताई जा रही है. यह सभी राजनांदगांव निवासी हैं. इसके अलावा चौथा केज भुवन पोर्ते के नाम पर आबंटित किया गया है जो केसीजी जिले के ग्राम भोली निवासी है.
मछली पालन में भी भ्रष्टाचार, तीन साल का 15 लाख जमा नहीं
भुवन को विभाग का नोटिस मिलने के बाद केज आबंटन की जानकारी हुई. इन जलाशयों में केज आबंटन में करोड़ों की हेरफेर के अलावा तीन साल से मछली पालन भी किया जा रहा है. यह व्यवसाय बाहर से आए लोगों द्वारा किए जाने का मामला भी सामने आया है. प्रत्येक केज के लिए वार्षिक तौर पर अदा किए जाने वाले 7 हजार दो सौ रुपए का भुगतान भी 3 सालों से नहीं किया गया है. यह राशि लगभग 15 लाख रुपए है. इस लीज की रकम वसूली के लिए वास्तविक लाभार्थियों को नोटिस मिलने के बाद ही केज आबंटन में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है.
जानिए क्या है केज कल्चर
केज कल्चर एक ऐसी तकनीक है, जिसमें एक संलग्न जगह/ केज होता है, जो आसपास के जल स्रोत जैसे तालाब झील इत्यादि के साथ पानी के मुक्त आदान-प्रदान को बनाए रखती है. इसमें मछलियों को ऊँगली के आकार से बाजारू आकार में पाला जाता है.
रायपुर। महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल काॅलेज समता काॅलोनी रायपुर, (छ.ग.) में 1 जून 2024 को विकासशील भारत के लिए शिक्षा के भूमिका विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा हैं। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सच्चिदानंद शुक्ला कुलपति, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.) एवं प्रथम मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. प्रसाद कोला एमिटी यूनिवर्सिटी के निदेशक एवं द्वितीय मुख्य वक्ता के रूप में डाॅ. राजीव चैधरी डीएसडब्ल्यू एवं शारीरिक शिक्षा में प्रोफेसर एसओएस पीएल बीएस रायपुर जो विशेष रूप से इस संगोष्ठी का हिस्सा होने वाले हैं।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में महाविद्यालय के चेयरमैन आदरणीय राजेश अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन आदरणीय रमेश अग्रवाल एवं प्राचार्य डाॅ. एम. एस. मिश्रा तथा समस्त विभागाध्यक्ष, समस्त शिक्षकगण विशेष रूप से उपस्थित होंगे।
मैक में विकसित भारत के विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करने के उद्देश्य – विकसित भारत 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का वर्तमान सरकार का रोडमैप है आजादी के 100 साल बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि विकसित भारत दृष्टिकोण का मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के बीच समावेशी आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देना हैं।
विकसित भारत के चार स्तंभ युवा, गरीब, महिला और किसान हैं एवं आर्थिक विकास एक विकसित भारत में एक लचीली और मजबूत अर्थव्यवस्था होनी चाहिए जो अपने सभी नागरिकों के लिए अवसर और उच्च जीवन स्तर प्रदान कर सके। अर्थव्यवस्था को उद्यमिता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता के आधार पर 21 वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होना चाहिए ।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन सचिव के रूप में डाॅ. श्वेता तिवारी द्वारा किया जा रहा हैं।
दुर्ग। लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच में भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रफ्तार थमती नजर नहीं आ रही है. इस कड़ी में ईडी की टीम तीसरी बार छत्तीसगढ़ राइस मिलर एसोसिएसन के अध्यक्ष कैलाश रूंगटा के निवास पर पहुंची है।
बता दें कि ईडी की टीम ने पहले भी कैलाश रूंगटा के ठिकानों पर कस्टम मिलिंग के माध्यम से राज्य सरकार को राजस्व क्षति पहुंचाने समेत हवाला कारोबार से जुड़े मामले की छानबीन करते हुए दबिश दे चुकी है. ईओडब्ल्यू/ एसीबी ने ईडी की रिपोर्ट के बाद कस्टम मिलिंग घोटाले के मामले में धारा 409, 120 बी के तहत अपराध दर्ज किया है.
रायपुर। 5 माह में साय सरकार की पोल खुलने वाले बयान के जरिए कांग्रेस के भाजपा के चिंतन शिविर पर कसे गए तंज पर मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को कुछ बोलना है. लेकिन हम उनके जैसे नहीं कि योजना बनाएं और जमीन पर उतरने से पहले उनके पॉकेट कैसे गरम हों, इस पर ध्यान रहे. हमारे यहां ऐसे काम नहीं होता है.
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि चिंतन शिविर पहले भी होते रहे हैं. हमारी प्रशासन विशेष ध्यान देती है कि हम काम करने से पहले पूरी योजनाओं का अध्ययन करें. मुख्यमंत्री की इच्छा अनुरूप आने वाले दस साल का रोड मैप तैयार करने और किस दिशा में काम करना है, इसके लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ की बेहतरी और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
चिंतन शिविर के लिए सीएम विष्णु देव साय IIM पहुंचे. उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, दयाल दास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी रजवाड़े भी शिविर में पहुंचे हैं.
बलरामपुर में युवक-युवती की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत पर व्यक्त की जा रही शंका पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि पुलिस ने गंभीरता से जांच की है, लेकिन परिजन जांच से संतुष्ट नहीं है. निष्पक्ष जांच के लिए आश्वस्त किया गया है. स्पेशल टीम गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी.
मंत्री नेताम ने कहा कि घटना के संबंध में कुछ लोग जानबूझकर कर गुमराह कर रहे हैं. लोगों ने सीमा तोड़ गैर कानूनी तौर से चक्काजाम किया. ऐसी वारदात नहीं होनी चाहिए. कानून से ऊपर कोई नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट लोगों के बीच आने दे. कोई तथ्य या जानकारी है, तो उसे गोपनीय तरीके से पुलिस के समक्ष रखें. संयम रखें, जांच चलने दे और सहयोग करें. बता दें कि युवक बजरंग दल से जुड़ा होने के साथ-साथ मंत्री नेताम का करीबी था.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहां रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान(आईआईएम) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री श्री साय सहित उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा तथा मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगी हिस्सा ले रहे हैं। प्रथम सत्र को नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने संबोधित किया। अपने संबोधन में श्री सुब्रमण्यम ने विकसित भारत की संकल्पना और इसे प्राप्त करने की रणनीति के संबंध में विस्तार से अपनी बातें साझा की। उन्होंने कहा कि बीते दस सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ा है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत 2047 बनाने का संकल्प लिया है और इसे पूरा करने की रणनीति बनाई गई है।
श्री सुब्रमण्यम ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्केल, स्पीड और इनोवेशन पर जोर देते हैं। बदलते अंतराष्ट्रीय परिदृश्य और समय को देखते हुए विकसित भारत का विजन तैयार किया गया है ताकि भारत अपनी विशिष्ट जगह बना सकें। उन्होंने कहा कि अब दुनिया की निगाहें ग्लोबल साउथ पर हैं। अब नजरिया पश्चिम से पूर्व की ओर देखने का है और भारत इन संभावनाओं को पूरा करने के लिए सक्षम है। भारत की जनांकिकी, भारत की रणनीतिक स्थिति और भारत में तेजी से हुए सुधारों से इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत तैयार है। चाहे डिजिटल इकानामी हो, अथवा कर संबंधी सुधार हो। नवाचार को बढ़ावा देना हो, भारत इसमें अग्रणी रहा है और आने वाले समय में इन्हें तेजी से बढ़ाना है। विकसित भारत सबके लिए समृद्धि लेकर आये, इसके लिए कार्य करना है। क्लाइमेट चेंज जैसी समस्याओं को देखते हुए ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देते हुए सतत विकास की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा कि जब हम विजन लेकर चलते हैं तो स्वाभाविक रूप से हमें एक गाइड मैप मिल जाता है और इसके अनुरूप हम बढ़ते जाते हैं। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी होगी। छत्तीसगढ़ में विकसित राज्य बनने के लिए और तीव्र विकास के लिए असीम संभावनाएं हैं और इस दिशा में आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अपने विकास के साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सभी मंत्रिगणों ने संवाद में भागीदारी करते हुए छत्तीसगढ़ में इस संबंध में बनाई जा रही नीतियों के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने श्री सुब्रमण्यम के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं जिस पर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए सार्थक परिचर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय इस चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ के विजन हेतु सार्थक विमर्श होना है। साथ ही संसाधनों के सतत उपयोग एवं योजनाओं के अभिसरण सहित विविध विषयों पर चर्चा होगी।
चिंतन शिविर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप,खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा मौजूद रहे।
रायपुर। कोयला घोटाला मामले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी और निलंबित IAS समीर विश्नोई को EOW ने गिरफ्तार कर 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 4 दिन की पूछताछ के लिए EOW को सौंपा है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में दोनों आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं.अब इससे पूछताछ के लिए EOW ने कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन लगाया था. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को चार दिन के लिए ईओडब्ल्यू को सौंपा है.
जानकारी के अनुसार EOW निलंबित आईएएस समीर बिश्नोई और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से निलंबित IAS रानू साहू और सौम्या चौरसिया के समक्ष सभी से पूछताछ करेगी. मामले में आरोपी सौम्या चौरसिया और रानू साहू 3 जून तक EOW रिमांड पर हैं.
कवर्धा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कवर्धा पिकअप हादसे में दिवंगत हुए के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कबीरधाम जिले के कुकदूर के ग्राम सेमरहा पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी शोक संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर पीड़ित परिवार के लोग भावुक हो उठे और एक-एक कर अपने दुःख को साझा किया। सीएम साय ने भी परिजनों से बातचीत कर उन्हें संबल प्रदान किया और संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार के साथ खड़े रहने की बात कही।
सीएम साय ने परिजनों से कहा कि – आज का दिन बहुत ही दुःखद है। जो घटना घटी उसके लिए हम सब दुःखी हैं। घटना की सूचना मिलते ही मैंने गृहमंत्री विजय शर्मा से कहा कि आप जल्द से जल्द वहां पहुंचिए और वहां जो भी त्वरित मदद हो सके वह करिये। जिस पर गृहमंत्री जी रायपुर से तत्काल वहां पहुंचे और पीड़ित परिवारों व घायलों की आवश्यक मदद की। हमारे अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे। यहाँ की स्थानीय विधायक ने भी मुझे फ़ोन करके घटना की जानकारी दी। यह घटना वास्तव में दुःखद है और एक ही परिवार के दस सदस्यों का एक साथ चले जाना दुःख के पहाड़ के समान है। दुर्घटना में गई जान की भरपाई कभी नहीं की जा सकती, हम लोग सांत्वना ही दे सकते हैं।
सीएम साय ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हम सब आपके साथ हैं और छत्तीसगढ़ सरकार भी आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री होने के नाते सरकार की तरफ से हमनें पांच-पांच लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है, जो जल्द ही आप लोगों को दी जाएगी। यह अच्छी बात है कि पंडरिया विधायक ने मृतक परिवार के छोटे बच्चों के पढ़ाई का जिम्मा लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार मृतक परिवारों के हित के लिए जो कर सकती है उसे हम अवश्य करेंगे। भगवान से प्रार्थना है कि मृतकों की आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
गौरतलब है कि विगत 20 मई को कबीरधाम जिले के कुकदूर के बाहपानी गांव में तेंदूपत्ता तोड़ने गए श्रमिकों से भरी पिकअप के पलटने से 19 लोगों की मौत हो गई थी और कई श्रमिक घायल हो गए थे। घटना के बाद मृतकों के परिजनों से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फोन पर बात की थी। आज साय पीड़ित परिवारों से मिलने उनके गांव पहुंचे और उनके दुःख में शामिल होकर उन्हें ढांढस बंधाया है।