प्रदेश / छत्तीसगढ़
राज्यपाल के परिसहाय नियुक्त किए गए आईपीएस सुनील कुमार शर्मा
रायपुर। राज्य शासन ने सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार शर्मा को राजभवन में राज्यपाल का परिसहाय नियुक्त किया है. इसका आदेश गृह विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मंगलवार को जारी किया गया.
आदेश में कहा गया है कि भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी सुनील कुमार शर्मा इस पद पर अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त पदस्थ रहेंगे.
सीएम साय का झारखंड दौरा, कल तीन स्थानाें पर लेंगे चुनावी सभा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय झारखंड के संथाल परगना में 29 मई को बरहेट, पाडरकोला, शिकारीपाड़ा में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीएम साय विशेष विमान से रायपुर से देवघर के लिए रवाना होंगे. उसके बाद बरहेट के गोपालडीह के फुटबाल मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे.
गोपालडीह के बाद सीएम साय पाडरकोला के फुटबाल मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद शिकारीपाड़ा में चुनावी सभा को संबोधित कर वापस राजधानी रायपुर के लिए रवाना होंगे. मुख्यमंत्री साय लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के लिए 1 जून को हो रहे मतदान के पूर्व इन चुनावी सभा को संबोधित करने जा रहे हैं. इसके पूर्व भी सीएम साय खुंटी, सिमडेगा, लोहरदगा व जमशेदपुर में चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं.
झूठ और षड्यंत्र की राजनीति करते है राहुल गांधी - बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर संविधान को समाप्त करने के आरोप पर अपनी बात रखते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं छत्तीसगढ़ सरकार के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ झूठ और षड्यंत्र की राजनीति करते हैं। भारत के विभिन्न समाजों में भेद करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकते है।
उनकी यह हरकतें पूरी तरह से असामाजिक एवं देशविरोधी है। रही बात बाबासाहेब आंबेडकर जी की तो कांग्रेस ने तो उन्हें भारत रत्न के लायक भी नहीं समझा था। भाजपा समर्थित वीपी सिंह सरकार में ही उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। कांग्रेस विशेष रूप से कथित गांधी परिवार को भय था कि अंबेडकर जी की प्रतिष्ठा बढ़ेगी तो गांधी परिवार की पूछ परख कैसे होगी। इसी वजह से कांग्रेस ने उनका अपमान करने में कभी भी कोई कसर नहीं छोड़ा था।
अपनी प्रतिक्रिया में आगे बृजमोहन ने कहा कि सही मायने में भारतीय जनता पार्टी ने ही बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान की रक्षा की है, उनका मान रखा है। जबकि इसी कांग्रेस पार्टी ने संविधान को ताक में रखकर देश में आपातकाल लगाया था। लोगों के अधिकार छीन लिए थे। आज जब जनता ने इन कांग्रेसियों के हाथों से सत्ता सहित सब कुछ छीन लिया है तो ये अब बड़ी बेशर्मी के साथ संविधान की दुहाई दे रहे हैं।
बृजमोहन ने कहा कि देश में भाजपा की सत्ता आने के बाद ही दलित,आदिवासी, पिछड़ों, वंचितों को उनका सही अधिकार मिला है। आदिवासी, दलित समाज से राष्ट्रपति, पिछड़ा वर्ग के स्वयं मोदी प्रधानमंत्री हैं। यह बात कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं कर पा रही। असल में राहुल गांधी यह सारे अधिकार और पद प्रतिष्ठा अपने गांधी परिवार के लिए ही चाहते हैं। इसीलिए सत्ता में आने कि उनकी बेचैनी में अनर्गल एवं देश विरोधी बयान उनके मुंह निकल रहे है। उन्होंने कहा कि भाजपा हस्ताक्षर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 10 वर्षों में भारत सफलता के शिखर पर विराजमान है। पूरी दुनिया आशा भरी निगाहों से भारत की तरफ देख रही है। आर्थिक रूप से भारत सक्षम हुआ ही है, हमारी सैन्य शक्ति भी बेहद मजबूत हुई है।
राहुल गांधी जितना झूठ बोलना है बोल ले उससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि भारत की जनता सच्चाई जानती है। भाजपा सरकार सबका साथ, सबका विकास और सब का विश्वास जीतकर काम कर रही है। समाज का हर वर्ग सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहा है। कहीं कोई भेदभाव भाजपा ने ना कभी किया है ना आगे करेगी। बृजमोहन ने कहा कि राहुल गांधी जितनी झूठी और कोरी बयानबाजी कर रहे हैं वो सिर्फ 4 जून तक ही कर पाएंगे। उसके बाद वे कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे। जनादेश भाजपा के साथ है समाज का हर वर्ग, हर जाति, हर धर्म का आशीर्वाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर है। जिसकी बदौलत प्रचंड बहुमत के साथ देश में पुनः मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
सचिव आबिदी ने पुलिस, रेलवे, बीएसएनएल के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली
रायपुर। बच्चों एवं महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 24 घंटे आपातकालीन सेवा के रूप में बच्चों के लिए चाईल्ड हेल्पलाईन सी.एच.एल-1098 एवं महिलाओं के लिए महिला हेल्पलाईन डब्ल्यू.एच.एल-181 संचालित है। उक्त हेल्पलाईन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा संचालित ई.आर.एस.एस-112 के साथ इंटीग्रेशन किया जा रहा है। हेल्पलाईन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास की सचिव शम्मी आबिदी ने सी-डैक तिरूअनंतपुरम, पुलिस विभाग की ई.आर.एस.एस-112 की टीम, बीएसएनएल, रेलवे एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को हेल्पलाईन को बच्चों एवं महिलाओं की त्वरित मदद के लिए प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में संचालक महिला एवं बाल विकास तुलिका प्रजापति भी मौजूद थी।
सचिव शम्मी आबिदी ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देश के परिपालन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में सभी 33 जिलों में चाईल्ड हेल्पलाईन संचालन हेतु हार्डवेयर लगाया जा चुका है। 32 जिलों में चाईल्ड हेल्पलाईन का डब्ल्यू.सी.डी. कंट्रोल रूम से इंटीग्रेशन कर संचालन प्रारंभ हो चुका है। इंटीग्रेशन की कार्यवाही पूर्ण करने हेतु सी-डैक एवं बीएसएनएल के अधिकारियों को निर्देश दिये गये। राज्य के 27 जिलों के वन स्टॉप सेंटर (सखी सेंटर) में महिला हेल्पलाईन यूनिट की स्थापना एवं इंटीग्रेशन कर संचालन किया जा रहा है। सचिव, महिला एवं बाल विकास ने रेलवे रायपुर एवं बिलासपुर से आए अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों के सर्वाेत्तम हित में रायपुर एवं बिलासपुर रेलवे स्टेशन के उपयुक्त स्थान पर चाईल्ड हेल्पलाईन का संचालन किया जाए। इस संबंध में उन्होंने संबंधित आधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को स्वयं स्थल का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सचिव, महिला एवं बाल विकास ने चाईल्ड हेल्पलाईन-1098 एवं डब्ल्यू.एच.एल-181 में प्राप्त प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
बेमेतरा फैक्ट्री ब्लास्ट में न्यायिक जांच शुरु, इन 4 बिंदुओं पर होगी मजिस्ट्रियल इन्वेस्टिगेशन
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा स्थित बारूद फैक्ट्री में भीषण आगजनी के मामले में आज मंगलवार को मजेस्ट्रीयल जांच शुरु हो गई है। बेरला SDM पिंकी मनहर के नेतृत्व में फैक्ट्री में ब्लास्ट की न्यायिक जांच 4 बिंदुओं पर की जाएगी।
बता दें, बेमेतरा जिले के बेरला ब्लॉक के ग्राम पिरदा स्थित स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड कंपनी के बारूद फैक्ट्री में 25 मई (शनिवार) की सुबह ब्लास्ट हो गया, जिसमें 1 कर्मचारी की मौत हो गई और 10-12 लोग घायल हो गए। वहीं मलबे में दब कर हुई मौतों की पुष्टी अब तक नहीं हो पाई है। लेकिन 8 से 10 कर्मचारियों के परिजनों ने विस्फोट के दौरान अपने परिवार के सदस्त (जो फैक्ट्री में कार्रयरत थे) वहीं मौजूद थे। इस तरह विस्फोट में 8-10 और कर्मचारियों की मौत की भी आशंका जताई जा रही है। इस घटना के बाद सीएम साय ने विस्फोट की मजेस्ट्रीयल जांच की घोषणा की थी, जिसके अनुसार अब न्यायिक जांच शुरु हो गई है।
कांग्रेस ने प्रदर्शन की दी चेतावनी
वहीं इस मामले में अब तक प्रशासन की तरफ से स्पेशल ब्लास्ट कंपनी प्रबंधन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं किये जाने को लेकर क्रांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
इन चार बिंदु पर होगी जांच
1. दुर्घटना विस्फोट का कारण।
2. फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा किए गए सुरक्षात्मक उपायों का परीक्षण ,अनुज्ञप्ति, भंडारण उपयोग आदि का विवरण।
3. दुर्घटना विस्फोट के लिए यदि कोई त्रुटि लापरवाही है, तो उत्तरदायित्व का निर्धारण।
4. अन्य कोई सुझाव या बिंदु जो जांच अधिकारी सम्मिलित करना आवश्यक समझे।
बता दें, इन चार बिंदुओं पर बेमेतरा जिला कलेक्टर ने 27 मई को आदेश जारी किया था। इस मामले में SDM पिंकी मनहर के नेतृत्व में 45 दिन के अंदर न्यायिक जांच पूरी की जाएगी।
करोड़ों की शासकीय भूमि को प्रशासन ने जेसीबी चलाकर कराया अतिक्रमण मुक्त, तोड़ी बाउंड्रीवाल
रायपुर। शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मुक्त कराया. अभनपुर के ग्राम पारागांव में करोड़ रुपए की कीमती लगभग ढाई एकड़ भूमि को कब्जाधारियों ने अतिक्रमण कर लिया था. राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कब्जा मुक्त कराया. अतिक्रमण हटाने से पहले राजस्व विभाग ने गोबरा नवापारा तहसील में बाकायदा न्यायालय प्रक्रिया पूरी की. 17 मई को बेदखली का नोटिस भी जारी किया गया था.
पारागांव की शासकीय घास भूमि खसरा नंबर 1047, रकबा 4.35 हेक्टेयर भूमि के भाग रकबा 0.87 हेक्टेयर भूमि पर गोबरा नवापारा निवासी महेश सोनकर, मोंगराज सोनकर, मुकुंद मेश्राम और राकेश सोनकर अतिक्रमण कर शासकीय भूमि के चारों ओर बाउंड्री वाला बनवा ली थी और कमरों का निर्माण भी करा लिया था.

मंगलवार को गोबरा नवापारा तहसीलदार सूरज बंछोर, नायब तहसीलदार और टीआई अवधराम साहू अपने अमले के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे. शासकीय भूमि पर किए गए बाउंड्रीकरण और कमरों को ध्वस्त कर अतिक्रमण मुक्त कराया.

श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ता में हुई वृद्धि, श्रम विभाग ने जारी किया आदेश
रायपुर। श्रम विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के लिए 01 अप्रैल 2024 से परिवर्तनशील महंगाई भत्ता निर्धारित की गई है। लेबर ब्यूरों शिमला से प्राप्त औद्योगिक सूचकांक में जुलाई 2023 से दिसम्बर 2023 के मध्य 14 बिन्दु की औसत वृद्धि हुई। जिसके अनुसार प्रति बिन्दु 20 रूपए के मान से 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में प्रतिमाह 280 रूपए की वृद्धि की गई।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कृषि नियेाजन में कार्यरत श्रमिकों हेतु लेबर ब्यूरों शिमला से प्राप्त सूचकांक में 56 बिन्दु की औसत वृद्धि होने से 5 रूपए प्रति बिन्दु के मान से 280 रूपए प्रतिमाह परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई। इसी प्रकार अगरबत्ती उद्योग में नियोजित श्रमिकों हेतु उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते 7.08 रूपए प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण में निर्धारित की गई।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत 45 अनुसूचित नियोजनों, कृषि नियोजन एवं अगरबत्ती नियोजन में कार्यरत श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ते का निर्धारण लेबर ब्यूरो शिमला द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष में दो बार 01 अप्रैल एवं 01 अक्टूबर को किया जाता है।
जारी आदेशानुसार श्रमिकों के लिए 01 अप्रैल 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक न्यूनतम वेतन की दरें निर्धारित की गई है। जिसमें अकुशल ‘अ‘ श्रमिक वर्ग के लिए प्रतिमाह 10,900 रूपए, ‘ब‘ वर्ग के लिए 10,640 रूपए तथा ‘स‘ वर्ग के लिए 10,380 रूपए निर्धारित की गई है। अर्द्धकुशल ‘अ‘ वर्ग के लिए 11,550 रूपए, ‘ब‘ वर्ग के लिए 11,290 रूपए तथा ‘स‘ वर्ग के लिए 11,030 रूपए निर्धारित की गई है। कुशल ‘अ‘ वर्ग के लिए 12,330 रूपए, ‘ब‘ के लिए 12,070 रूपए तथा ‘स‘ के लिए 11,810 रूपए निर्धारित की गई है। इसी प्रकार उच्च कुशल ‘अ‘ वर्ग के लिए 13,110 रूपए, ‘ब‘ के लिए 12,850 रूपए तथा ‘स‘ वर्ग के लिए 12,590 रूपए किया गया है। उक्त प्रभावशील न्यूनतम वेतन की दरें छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग की वेबसाईट www.cglabour.nic.in पर भी उपलब्ध है।
निर्वाचन प्रक्रिया का अंतिम पड़ाव है मतगणना, प्रेक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण - रीना बाबासाहेब कंगाले
रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने रायपुर के नवीन विश्राम गृह में आयोजित मतगणना प्रेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मतगणना प्रेक्षक (काउंटिंग ऑब्जर्वर) की भूमिका मतगणना के दौरान अत्यधिक महत्वपूर्ण होती है। मतगणना संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया का अंतिम पड़ाव है। इसलिए सभी की नजर मतगणना की प्रक्रिया पर केंद्रित होती है। ऐसे में मतगणना प्रेक्षक की भूमिका सबसे अहम हो जाती है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती कंगाले ने मतगणना प्रेक्षकों के प्रशिक्षण में कहा कि मतगणना के दौरान मतगणना प्रेक्षक की भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को मतगणना के सभी पहलुओं की बारीक जानकारी होनी चाहिए। मतगणना केंद्र पर पारदर्शी ढंग से मतगणना की प्रक्रिया पूर्ण हो, इसके लिए मतगणना प्रेक्षक को निष्पक्ष और सभी प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी से परिपूर्ण होना चाहिए।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा आम निर्वाचन-2024 के अंतर्गत आगामी 4 जून को होने वाली मतगणना के लिए छत्तीसगढ़ के 56 अधिकारियों को देश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना प्रेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के 20 और राज्य प्रशासनिक सेवा के 36 अधिकारी शामिल हैं।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर यू.एस. अग्रवाल, विनय अग्रवाल और रुपेश कुमार वर्मा ने मतगणना स्थल पर प्रेक्षक की भूमिका, ईटीपीबीएस एवं डाक मतपत्रों की गणना एवं ईवीएम से मतगणना संबंधी सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर्स ने मतगणना हॉल में कितने टेबल लगाए जाने हैं, टेबल किस प्रकार लगाए जाने हैं, प्रत्याशी, उनके अधिकृत प्रतिनिधि और मतगणना अभिकर्ता कितने होंगे तथा किन स्थानों पर बैठेंगे, वीवीपैट की गणना के लिए कौन सा टेबल निर्धारित किया जाए, डाक मतपत्रों की गणना कहाँ हो, कौन सी सावधानियां बरतने की जरूरत है जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी साझा की। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतगणना प्रेक्षक के रूप में नियुक्त राज्य के अधिकारियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण स्थल पर मास्टर ट्रेनर रुपेश कुमार वर्मा ने प्रायोगिक तौर पर ईवीएम का संचालन भी अधिकारियों के समक्ष किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
ई-वे बिल के प्रावधान में छूट समाप्त करने से ईमानदारी से टैक्स जमा करने वाले व्यापारियों को होगा फायदा
रायपुर। वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग द्वारा कर अपवंचन पर निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुये राज्य में ई-वे बिल के प्रावधानों में दी गई छूट को समाप्त कर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने 24 मई को ही अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य में व्यवसायियों के लिए अब 50 हज़ार रूपए से अधिक के गुड्स का परिवहन करने पर ई-वे बिल जेनरेट करना आवश्यक होगा। अभी तक राज्य में एक जिले के भीतर माल के परिवहन करने पर ई-वे बिल जारी करना आवश्यक नहीं था, साथ ही 15 वस्तुओं को छोड़ कर राज्य के भीतर किसी भी वस्तु के परिवहन पर ई-वे बिल कि आवश्यकता नहीं थी।
वर्ष 2018 में ई-वे बिल के प्रावधानों से छूट इसलिए दी गई थी क्योंकि ये प्रावधान नए थे और व्यवसायियों/ट्रांसपोर्टर्स को इन प्रावधानों से अच्छी तरह परिचित होने के लिए समय दिया जाना जरूरी था। देश भर में ई-वे बिल के प्रावधान लागू हुये अब 6 साल का समय हो गया है और सभी इससे अच्छी तरह परिचित भी हो चुके हैं, यहाँ यह बात उल्लेखनीय है कि एक दो राज्यों को छोडकर देश के अधिकांश राज्यों में राज्य के भीतर माल के परिवहन पर ई-वे बिल अनिवार्य है। केंद्रीय कर विभाग द्वारा भी ई-वे बिल से छूट को खत्म करने पर सहमति दी गई है।
ई-वे बिल जारी करने में दिये गए छूट का सबसे अधिक दुरुपयोग सर्क्युलर ट्रेडिंग करने वाले और बोगस बिल जारी करने वालों ने किया है, इसलिए इस छूट को समाप्त किए जाने का सबसे अधिक लाभ उन व्यवसायियों को होगा जो ईमानदारी से अपना कर जमा करते हैं परंतु सर्क्युलर ट्रेडिंग या बोगस बिल जारी करने वालों के कारण उन्हें आइ.टी.सी. का लाभ नहीं मिल पाता है। ई-वे बिल के प्रावधान लागू होने से सर्क्युलर ट्रेडिंग और बोगस बिलिंग रोकने में विभाग को मदद मिलेगी।
ई-वे बिल के प्रावधानों में दी गई छूट को समाप्त किए जाने से राज्य में कर अनुपालन के वातावरण में सकारात्मक प्रभाव होगा। इससे बोगस बिल जारी करने, कच्चा बिल जारी करके कर अपवंचन करने की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा बयान, कहा-
रायपुर। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों के टारगेट में छत्तीसगढ़ के व्यापारी मामले में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इनका कारोबार झारखंड का है, ये लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं. प्रदेश के व्यापारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है. उन्होंने कहा, लॉरेंस हो चाहे फॉरेंस छत्तीसगढ़ में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे लोगों को ठोका जाएगा. इस्क्के साथ ही डिप्टी सीएम शर्मा ने अन्य मुद्दों पर भी बयान दिया.
दरअसल, आईईडी ब्लास्ट में घायल महिला से मिलने आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा रायपुर AIIMS पहुंचे. इस दौरान उन्होंने महिला का हाल चाल और चल रहे इलाज के बारे में जानकारी ली. जानकारी के अनुसार बीजापुर के भीमापुरम गांव की घायल महिला मड़कम सुक्की के घर में नक्सलियों ने जबरदस्ती बम छिपाकर रखने कहा था. ऐसा करने से पहले गांववालों के मना करने के बाद भी नक्सली नहीं माने. जहां अचानक से IED ब्लास्ट हो गया था.

प्रेशर बम की चपेट में आने से घायल महिला को मुलाकात करने AIIMS पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि स्पष्ट दिखता है कि नक्सली डरे हुए हैं. एम्स में मड़कम सुक्की का इलाज चल रहा है, आईडी ब्लास्ट में पैर क्षतिग्रस्त हुआ है. उन्होंने बताया कि महिला का पैर नहीं बच पाएगा, किंतु जान बच जाएगी. इस घटना को लेकर एसपी से लगातार बातचीत हो रही थी.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आगे कहा कि आईईडी बम नहीं पहचानता की कौन सुरक्षा बल है, नक्सली है या ग्रामीण है. बस्तर में बारूद बिछाकर रखना बहुत गलत है. नक्सलिज्म खत्म होने की बात होनी चाहिए, माओवाद ने दुनिया को कुछ नहीं दिया.
आचार संहिता के बाद गृहविभाग में 8 हजार पदों पर भर्ती पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हर साल तय महीने में भर्ती की जाएगी. इसको निर्धारित किया जाएगा.
पीसीसी चीफ दीपक बैज के पत्र पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जब प्रवीरचन्द्र भंजदेव की हत्या हुई थी, उस कालखंड को याद करना चाहिए. ये विष्णुदेव साय की सरकार है. उनको चिंता नहीं करनी चाहिए. सरल सरकार है पालनहारी सरकार है.
बेमेतरा ब्लास्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के 48 घंटों बाद भी एफआईआर नहीं होने वाले ट्वीट पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि FIR तो होगा ही, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिये हैं. सबकुछ निकलकर सामने आयेगा और स्पष्ट होगा. FIR नहीं होने जैसी कोई बात ही नहीं है.
बेमेतरा फैक्ट्री हादसे के बाद एक्शन में सरकार, उद्योगों की विशेष सुरक्षा जांच करने उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने दिए निर्देश…
रायपुर। बेमेतरा फैक्ट्री हादसे के बाद सरकार उद्योगों में सुरक्षा मापदंड को लेकर गंभीर हो गई है. उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने श्रम विभाग के सचिव को उद्योगों में जानलेवा हादसों में कमी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं. इनमें विस्फोटक और ज्वलनशील सामग्रियों का उत्पादन या प्रयोग करने वाले उद्योगों का विशेष सुरक्षा जांच करना शामिल है.
मंत्री देवांगन ने अपने पत्र में बेमेतरा हादसे पर दुःख प्रकट करते हुए लिखा है कि भीषण हादसे में कई श्रमिकों ने अपनी जान गंवाई जो की अत्यंत ही दुखद है. चूंकि राज्य में श्रम विभाग का कार्य राज्य के उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों व कर्मचारियों के हितप्रहरी के रुप में कार्य करते हुए उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरी रखते हुए श्रमवीरों के आजीविका व जीवन को सुरक्षित रखने के लिए कार्यस्थल पर आवश्यक उपाय सुनिश्चित करना है.
इसके लिए इंडस्ट्रियल सेफ्टी ट्रेनिंग का आयोजन किसी मान्यता प्राप्त एजेंसी द्वारा करवाना व उसकी रिपोर्ट विभाग को प्रदाय करना, जिसकी मासिक और वार्षिक समीक्षा हो. थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट एजेंसी की मान्यता को पुनः निर्धारित करना. उद्योग जो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री का प्रयोग या उत्पादन करते हों, ऐसे सभी उद्योगों का विशेष सुरक्षा जांच व समीक्षा की जाए.
बेमेतरा फैक्ट्री हादसे पर सीएम से की चर्चा
उद्योग मंत्री देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कल शाम भेंट कर बेमेतरा के औद्योगिक हादसे पर गहन चर्चा की, माननीय मुख्यमंत्री ने भी उद्योगों में सुरक्षा सर्वोपरि भाव के साथ सेफ्टी उपायों पर जोर देने पर गंभीरता जताई है. मंत्री देवांगन ने बताया कि उद्योग व्यवस्था में सेफ्टी के साथ कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी. शासन द्वारा अधिकारियों को अधिकार दिया जाएगा ताकि वे सुरक्षा मानकों का नियमित जांच कर सके. इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री भी बेहद गंभीर हैं.
श्रमिकों से 8 घण्टे से अधिक न लें काम
मंत्री लखन लाल देवांगन ने श्रम विभाग के सचिव को निर्देशित किया है की किसी भी उद्योग में श्रमिकों से 8 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जाए. मंत्री देवांगन ने विधानसभा के बीते सत्र में कई विधायकों द्वारा लाए गए संज्ञान का उल्लेख करते हुए की उद्योगों द्वारा श्रम कानून का पालन न करते हुए मनमाने ढंग से श्रमिकों से 12 घंटे से अधिक समय तक कार्य लिया जा रहा है. इस पर अधिकारियों को तत्काल श्रम कानूनों का पालन कराने के निर्देशित किया गया है.
अकुशल श्रेणी में 100 फीसदी श्रमिक स्थानीय हों
मंत्री देवांगन ने एक बार फिर स्थानीय श्रमिकों को लेकर गंभीरता दिखाई है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है की स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार के अवसर कम उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि छत्तीसगढ ओद्योगिक नीति 2019–24 के अनुरूप उद्योगों द्वारा आर्थिक निवेश प्रोत्साहन प्राप्त करने हेतु अकुशल श्रेणी में न्यूनतम 100 फीसदी, कुशल श्रेणी में न्यूनतम 70 फीसदी और प्रबंधकीय श्रेणी में न्यूनतम 40 फीसदी रोज़गार दिए जाने का प्रावधान है. मंत्री देवांगन ने प्रावधान का पालन करने सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
छत्तीसगढ़ में E-Way Bill लागू : मंत्री ओपी चौधरी बोले- प्रदेश में इंस्पेक्टर राज की वापसी नहीं… चेंबर ने मिनिस्टर को सौंपा ज्ञापन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जीएसटी विभाग ने सोमवार को टैक्स सुधार में एक बड़ा फैसला लेते हुए एक जिले से दूसरे जिले में माल परिवहन पर ई-वे बिल सिस्टम लागू कर दिया है. इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. अब व्यापारियों को एक जिले से दूसरे जिले में 50 हजार रुपये से अधिक का माल भेजने पर ई-वे बिल जेनरेट करना होगा. वहीं इस अधिसूचना के जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी को ज्ञापन सौंपा है. ईज डूइंग बिजनेस के तहत ई-वे बिल से संबंधित पूर्व अधिसूचना को यथावत रखने की मांग की है.
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि चेंबर ने पत्र के माध्यम से ईज डूइंग बिजनेस के तहत ई-वे बिल से संबंधित पूर्व अधिसूचना क्रमांक 10–31/2018/वाक/पांच(46) को यथावत रखने निवेदन किया. साथ ही चेंबर प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री ओपी चौधरी से पूर्व में जारी अधिसूचना के अंतर्गत ई–वे बिल से संबंधित वस्तुओं पर मिलने वाली छूट और ई-वे बिल की संख्या एवं अनुपालन से संबंधित जटिलताओं पर विस्तृत रूप से चर्चा करेगा.
छोटे व्यापारियों को परेशान नहीं- मंत्री ओपी चौधरी
ई-वे बिल पर वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी से ने कहा कि देश में पहले से ई-वे बिल सिस्टम लागू है. भारत सरकार से भी इस बारे में लगातार निर्देश आ रहे थे. इस सवाल पर कि यह इंस्पेक्टर राज की वापसी तो नहीं है, ओपी चौधरी ने कहा कि आईटी के इस युग में अब इंस्पेक्टर राज का सवाल ही पैदा नहीं होता. सब कुछ पारदर्शिता के साथ हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि इससे छोटे व्यापारियों को खामख्वाह परेशान नहीं किया जाएगा. इसका निर्देश उन्होंने अफसरों को दे दिए हैं. जीएसटी विभाग के लोग अगर अकारण किसी व्यापारी को परेशान करेंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
छत्तीसगढ़ के पर्वतारोही और एथलीट बंशीलाल नेताम का निधन, माउंट एवरेस्ट पर दुर्घटना का हुए थे शिकार
कांकेर। साइकिलिंग में विश्व रिकॉर्ड बना चुके एथलीट, पर्वतारोही बंशीलाल नेताम का निधन हो गया है. बंशीलाल छत्तीसगढ़ पुलिस में कमांडो ट्रेनर थे. बंशीलाल साइकिलिंग में विश्व रिकॉर्ड बना चुके थे. इसके साथ ही वो एथलीट, पर्वतारोही, बाइक राइडर, महान प्रेरक वक्ता थे. 20 मई को वे माउंट एवरेस्ट पर हुए दुर्घटना का शिकार हो गए थे. इसके बाद उनका नेपाल में इलाज चल रहा था. सोमवार दोपहर तीन बजे उन्होंने नेपाल के एचएएमएस अस्पताल में अंतिम सांस ली.
कालानाग पर्वत फतह करने वाले पहले व्यक्ति थे बंशीलाल
बंशीलाल नेताम उत्तराखंड के कालानाग पर्वत फतह करने वाले छत्तीसगढ़ के पहले व्यक्ति थे. उन्होंने 11 दिन तक माइनस 15 डिग्री तापमान में चढ़ाई कर छह हजार मीटर से भी अधिक की चढ़ाई पूरी की थी. इसी साल अप्रैल महीने में वे माउंट एवरेस्ट शिखर पर चढ़ाई (8850+ मीटर) के लिए नेपाल गए थे. इस दौरान उन्होंने 19 मई 2024 तक 6400 मीटर की चढ़ाई पूरी की.
अविनाश ठाकुर, डीएसपी कांकेर ने बताया कि बंशीलाल नेताम हमारे यहां आरक्षक के पद पर पदस्थ थे. वे छुट्टी लेकर 70 दिनों के लिए गए हुए थे. इस दौरान उनके साथ हादसा हो गया. 20 मई को उनकी तबीयत खराब हुई. 21 मई को उनको नेपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया. एयरलिफ्ट संभव नहीं था. एम्स में भी बात की गई थी. एक हफ्ते के लिए उनको ऑब्जरवेशन में रखा गया था. हालांकि आज दोपहर साढ़े तीन बजे उनका देहांत हो गया.
अवैध प्लाटिंग मामले में कलेक्टर सख्त, हल्का पटवारी को किया निलंबित
सक्ती। अवैध प्लाटिंग मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. हल्का पटवारी कुंजन राम देवांगन को निलंबित कर दिया गया है. सक्ती के ग्राम नंदौरखुर्द में हुए अवैध प्लाटिंग में पटवारी को दोषी पाया गया था. जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने यह कार्रवाई की है. बता दें कि दो दिन पहले ही भू स्वामी और पटवारी कुंजन राम पर जुर्माने की कार्रवाई हुई थी.
जारी आदेश के अनुसार, तहसील सक्ती अंतर्गत कार्यरत हल्का पटवारी श्रीकुंजन राम देवांगन के द्वारा ग्राम नन्दौरखुर्द में हो रहे अवैध प्लाटिंग के संबंध में जानकारी नहीं देने के कारण कुंजन राम देवांगन पटवारी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. निलंबन काल में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सक्ती रहेगा एवं उन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
शिव महापुराण के पहले दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पं. प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने पहुंचे डिप्टी सीएम अरुण साव
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे अमलेश्वर में आज सोमवार से शिव महापुराण का आयोजन किया गया है। आयोजन के पहले दिन डिप्टी सीएम अरुण साव भी शिव महापुराण में शामिल होने पहुंचे। वहीं सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा से भगवान शिव की महिला सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
शिवमय हुई राजधानी

बता दें, रायपुर के महादेव घाट के करीब अमलेश्वर में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हो चुका है। इसके साथ ही राजधानी रायपुर, दुर्ग और अमलेश्वर पूरा शिवमय हो चुका है। आयोजक खंडेलवाल व मोनू साहू परिवार ने शिव महापुराण के लिए जोर-जोर से तैयारी की जिसका प्रतिसाद देखने को मिल रहा है। कथा स्थल में श्रद्धालुओं के भीड़ उमड़ रही है। इसके साथ ही इस कार्य की लोग जमकर आयोजकों की सराहना कर रहे हैं।
वहीं आज कथा के पहले दिन छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव कथा सुनने पहुंचे। उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा के आशिर्वाद लिए और साथ ही उन्होंने आयोजक पवन खंडेलवाल, विशाल खंडेलवाल, मोनू साहू व परिवार जनों से मिलकर इस कार्य की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दी।
बता दें, शिवमहापुराण कथा के आयोजन में आने वालों के लिए गर्मी और भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं की गई है। वहीं जिला प्रशासन व पुलिस फोर्स भी आमजनों की सुरक्षा के लिए तैनात हैं।
शिव महापुराण श्रवण करने आये तो पूर्ण समर्पण के साथ आयें, आधा – अधूरा समर्पण कोई काम नहीं: प्रदीप मिश्रा

पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण कथा में आज श्रद्धालुओं से पूर्ण समर्थन के साथ आने की बात कही। उन्होंने कहा, कि जीवन में अगर आपको सबसे ज्यादा कष्ट हो, तो भगवान शिवजी की पांच बेटियों के नाम से बेलपत्र चढ़ाए और फिर 15 दिनों के भीतर सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। लेकिन जब शिव महापुराण कथा श्रवण करने आए तो संपूर्ण समर्पण के साथ आए, आधा-अधुरा समर्पण कोई काम नहीं होता है।
शिवालय में नारियल आधा चढ़ाया जाता है: प्रदीप मिश्रा
पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा, कि भगवान शंकर के मंदिर में कभी भी नारियल फोड़ा नहीं जाता है, बल्कि आधा चढ़ाया जाता है। एक सनातन धर्म ही ऐसा है, जो पूरे विश्व में हमें सिखाता है कि पानी, पशुओं, नदी में भी भगवान बरसते हैं। इसलिए सनातन धर्म की प्रबलता बढ़ते जा रही है।
कथावाचक प्रदीप मिश्रा सनातनियों को जगाने का काम कर रहे हैं : डिप्टी सीएम अरुण साव
कथा श्रवण करने आए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, कि कथा-वाचक प्रदीप मिश्रा सनातनियों को जगाने के लिए काम कर रहे हैं और उन्हें विश्वास हैं, कि सनातनी जरुर जागेंगे। डिप्टी सीएम साव ने प्रदीप मिश्रा का साल व श्रीफल देकर सम्मानित किया।
शिवभक्ति में झूम कर नाचे श्रद्धालु

कथा सुनने आये श्रद्धालु शिवभक्ति संगीत बाबा तेरा डमरू डम डम बाजे सारे जहाँ में…पर जमकर झूमे। किन्नर समाज क़ी माधवी भी कथा श्रवण करने के लिए पहुंची। इससे पूर्व आयोजक पवन खंडेलवाल, विशाल खंडेलवाल, मोनू साहू व बसंत अग्रवाल के अलावा परिवारजनों ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा का आरती उताकर स्वागत किया।
निलंबित आईएएस रानू साहू और सौम्या को राहत नहीं: 3 जून तक रहेगीं ईओडब्ल्यू की रिमांड पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित कोयला घोटाला में गिरफ्तार निलंबित आईएएस रानू साहू और राप्रसे की अफसर सौम्या चौरसिया की रिमांड पूरी होने पर ईओडब्ल्यू ने आज दोनों को कोर्ट में पेश किया। इसके साथ ही ईओडब्ल्यू ने दोनों से आगे की पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने का आग्रह किया। ईओडब्ल्यू के रिमांड आवेदन को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। दोनों महिला अफसर फिलहाल ईओडब्ल्यू की रिमांड पर रहेगीं। दोनों को अब 3 जून को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बता दें कि कोयला घोटाला में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में दर्ज मामले में दोनों महिला अफसर जेल में थे। ईओडब्ल्यू ने दोनों को कोर्ट के निर्देश पर जेल से गिरफ्तार करने के बाद पिछले सप्ताह कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया था। कोर्ट ने पहले 4 दिन की रिमांड मंजूर की थी, जिसकी अवधी आज पूरी होने पर ईओडब्ल्यू ने दोनों को फिर से आज कोर्ट में पेश किया था।
जरूरतमंद मरीजों के लिए कोटा स्टेडियम में आयोजित हुआ विशाल रक्तदान शिविर
रायपुर। डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित मॉडल ब्लड बैंक सेंटर एवं पांचजन्य संतति विकास सेवा समिति छत्तीसगढ़ के सहयोग से, सरगुजा संभाग से आने वाले जरूरतमंद मरीजों के लिए, रविवार को कोटा स्टेडियम रायपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस रक्तदान शिविर में 10 यूनिट रक्त संग्रह किया गया।
पांचजन्य संतति विकास सेवा समिति छत्तीसगढ़ की तरफ से कैंप का कार्यभार रवीश गुप्ता ने और मॉडल ब्लड (बैंक) सेंटर की तरफ से डॉ. अविरल मिश्रा की निगरानी में संपन्न हुआ।
रक्तदान शिविर की टीम में डॉ. नागश्री, डॉ. कुसुमलता, डॉ. सारांश, डॉ. संस्कृति, डॉ. संस्कार , नूरानी खान, जितेन्द्र यादव, लोमश, हेमा कश्यप, भूमिका यादव, शोभाराम साहू, लखपति पटेल, राकेश बंजारे, राकेश शर्मा, पैरामेडिकल स्टाफ में शुभम, सिद्धार्थ, हेमा, वंदना थे। सभी के विशेष सहयोग से यह रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया।