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जीएसटी सुधारों से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था और बढ़ेगा विश्वास – वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जीएसटी दरों में कटौती का लाभ सीधे जनता तक पहुँचे, इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने आज राजधानी के विभिन्न बाजारों का दौरा कर दुकानदारों और उपभोक्ताओं से संवाद किया तथा सुधारों का असर ज़मीनी स्तर पर सुनिश्चित करने की बात कही। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा भी उपस्थित थे।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीएसटी सुधारों का असर सीधे जनता तक पहुँचना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि वे प्रत्येक बाजार का नियमित भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कटौती का लाभ केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उपभोक्ताओं की जेब तक पहुँचे।
उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ शासन का दृढ़ संकल्प है कि जीएसटी दरों के सरलीकरण और कटौती से आम जनता को सीधा लाभ मिले। सरकार की प्रतिबद्धता है कि लोगों को आवश्यक वस्तुएँ और भी किफायती दामों पर उपलब्ध हों तथा सुधारों का असर हर घर-परिवार में स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सके।
वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर 2025 से नवरात्रि के पावन अवसर पर ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत की गई है। इस उत्सव के अंतर्गत आमजन के उपयोग की वस्तुओं पर उल्लेखनीय कमी की गई है। इसमें हेयर ऑयल, साबुन, शैम्पू, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान, साइकिल, छोटी कारें, एयर कंडीशनर, टीवी, ट्रैक्टर जैसी कई घरेलू वस्तुएँ शामिल हैं। इन सभी पर आम जनता को सीधी राहत दी जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे बाजारों में भ्रमण के दौरान व्यापारी बंधुओं को दरों में कमी की पूरी जानकारी दें और उपभोक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करें। उन्हें यह समझाना आवश्यक है कि जीएसटी दरों में कटौती से वस्तुओं के दाम घटे हैं और यह राहत उपभोक्ताओं तक पहुँचना ही इस सुधार का उद्देश्य है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि “जीएसटी बचत उत्सव केवल एक औपचारिक पहल नहीं है, बल्कि यह जनसामान्य के जीवन स्तर को सुधारने का एक ठोस प्रयास है। यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगी, उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाएगी और व्यापार को भी प्रोत्साहित करेगी।”
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी दरों में कटौती और सरलीकरण की घोषणा की थी। इसके पश्चात् जीएसटी कौंसिल की 56वीं बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार 22 सितंबर 2025 से ये प्रावधान पूरे देश में लागू हो चुके हैं।
ट्रिपल-आईटी नवा रायपुर में डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण विषय पर प्रशिक्षण का शुभारंभ
रायपुर। नवा रायपुर स्थित ट्रिपल-आईटी में आज डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसे राज्य सरकार की ओर से मंत्रालय में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को आई.टी एवं ए.आई के नवीनतम तकनीकों और अनुप्रयोगों में प्रशिक्षित करने, प्रशासनिक कामकाज की गति बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, विशिष्ट अतिथि सुशासन एवं अभिसरण विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं अध्यक्षता ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदार प्रशासन को मजबूत करने के लिए डिजिटल प्रोडक्टिविटी को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई। पहले दिन प्रतिभागियों को MS Word, Google Docs, Excel और Google Sheets के उन्नत फीचर्स के साथ AI के उपयोग और डेटा मॉडलिंग की ट्रेनिंग दी गई।
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि कौशल उन्नयन सतत प्रक्रिया है, इससे व्यक्तित्व और कार्यसंस्कृति दोनों ही निखरते हैं, उन्होंने एआई-आधारित प्रशिक्षण को कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि में मील का पत्थर बताया और प्रतिभागियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने नागरिक केंद्रित शासन में तकनीक की अहम भूमिका पर अपने विचार रखते हुए सरकारी कार्यकुशलता बढ़ाने में एआई टूल्स की भूमिका पर जोर दिया। श्री भगत ने ई-ऑफिस प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक का प्रभावी उपयोग शासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बना सकता है।
ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने कार्यशाला में अपना सम्बोधन देते हुए कहा कि एआई के स्मार्ट उपयोग के लिए हमें जागरूक और सतर्क रहना होगा। एआई के व्यवहारिक अनुप्रयोग से शुरुआत कर उसके बारे में निरंतर सीखने की आदत हमें एआई से और अधिक फ्रैंडली बनाएगी। हमें डेटा को सुरक्षित रखते हुए एआई का उपयोग करना होगा, जिसके लिए हमें एआई को संवेदनशील जानकारी देने से बचना होगा ताकि पब्लिक डोमेन में जाकर इनका दुरुपयोग न हो सके।
वहीं, प्रो. के. जी. श्रीनिवास ने भरोसा दिलाया कि यह प्रशिक्षण उच्च गुणवत्ता वाला और परिणामोन्मुखी होगा। इस प्रशिक्षण के प्रथम चरण में सामान्य प्रशासन, गृह एवं अन्य विभागों के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए, जो कि 24 सितंबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।
जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण के कलेक्टर ने दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निवेश प्रोत्साहन अधिनियम 2002 के अंतर्गत जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समिति के सदस्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र रायपुर हमेश देवांगन ने समिति की संरचना, कार्य और जिम्मेदारियों की जानकारी दी। कलेक्टर डॉ. सिंह ने लंबित जॉइंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट (JIR) और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारियों को दिए।
उन्होंने रायपुर–विशाखापत्तनम एक्सप्रेस वे के लिए भूमि चिन्हांकन कार्य अभनपुर एसडीएम को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्लास्टिक पार्क में सब-स्टेशन की आवश्यकता पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल (CECB) के इंजीनियर द्वारा प्रस्तुत जानकारी पर कलेक्टर ने शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
जब मुख्यमंत्री खुद बने ग्राहक : घरेलू सामान की शॉपिंग कर उठाया जीएसटी दरों में कटौती का लाभ
रायपुर। राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम “के मार्ट” में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं उसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया आए है।




दरअसल, आज जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय “शुभम के मार्ट” पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की एवं यूपीआई से भुगतान भी किया।इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मार्ट पहुंचकर ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामना खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गदगद हो उठे और कहा कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है। इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर लोगों के विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—"यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुंचे।" इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—"यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।"
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा आप आगे बढ़े ,हम आपके साथ है।
जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है
मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—"पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।"
स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो
राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—"पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।"
उन्होंने आगे बताया—"पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।"
चार जरूरी समान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान
मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—"मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।"
देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी
शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति जितेंद्र और पद्मा देवांगन ने कहा—"हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।" गृहिणी श्रीमती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—"पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।"
बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका
सविता मौर्य और अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—"श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।"
उल्लखेनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।
चेतन्य बघेल 6 अक्टूबर तक EOW की रिमांड पर, हाईकोर्ट से लगे झटके बाद अब ED ने भी कसा और शिकंजा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेशी के दौरान उन्हें ACB-EOW ने गिरफ्तार कर 6 अक्टूबर तक के लिए रिमांड पर भेज दिया। इस दौरान EOW चैतन्य से विस्तृत पूछताछ कर कई अहम जानकारियां जुटाएगी। चैतन्य बघेल ने इससे पहले भी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे HC ने लिबर्टी (छूट) के साथ खारिज किया था। इसके अलावा उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए अलग याचिका भी दाखिल की थी, जिसकी सुनवाई जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने आज की और फैसला सुरक्षित रखा।
मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को आरोपी बनाया है। ED के अनुसार, शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपये मिले हैं। आरोप है कि शराब घोटाले से प्राप्त ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया गया और इसे वाइट करने के लिए फर्जी निवेश दिखाया गया। इसके अलावा, सिंडिकेट के माध्यम से लगभग 1000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। चैतन्य बघेल के खिलाफ ED की छापेमारी 18 जुलाई को उनके भिलाई निवास पर की गई थी। छापेमारी और गिरफ्तारियों के बाद ED ने ACB में FIR दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि घोटाले की कुल रकम 2000 करोड़ रुपये से अधिक है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी और कारोबारी शामिल हैं।
ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में यह घोटाला IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के माध्यम से अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया कि शराब की बिक्री और वितरण से प्राप्त रकम का बड़ा हिस्सा अवैध रूप से कई माध्यमों से निवेश किया गया और सरकारी रिकॉर्ड में छुपा दिया गया। ED और EOW की संयुक्त जांच के अनुसार, चैतन्य बघेल की भूमिका केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने सिंडिकेट और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के निवेश में सक्रिय भागीदारी भी निभाई। जांच अधिकारी इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि इस मामले में शामिल अन्य लोगों के नाम और उनके वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जानकारी चैतन्य से पूछताछ के दौरान सामने आ सकती है।
रायपुर स्पेशल कोर्ट ने चैतन्य को 6 अक्टूबर तक के लिए रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। इस दौरान EOW अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आरोपी से सभी वित्तीय कागजात, बैंक ट्रांजेक्शन और फर्जी निवेश से जुड़े दस्तावेज प्राप्त करें। रिमांड अवधि के दौरान यह भी देखा जाएगा कि चैतन्य ने किसी अन्य पक्ष या सिंडिकेट के साथ मिलकर किसी तरह की आरोप छुपाने या सबूत नष्ट करने की कोशिश तो नहीं की। इस मामले में राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव भी व्यापक हैं। भूपेश बघेल के पुत्र के गिरफ्तार होने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल है। विपक्ष और मीडिया ने इस कार्रवाई को शराब घोटाले में सख्ती का प्रतीक करार दिया है। वहीं, प्रशासन और जांच एजेंसियां जनता को लगातार आश्वस्त कर रही हैं कि कानून के अनुसार सभी आरोपी चाहे वह राजनेता हो या अधिकारी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभागायुक्त रायपुर कार्यालय में प्रकराणों का जल्द हो रहा निराकरण, सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राजस्व प्रकरणों का जल्द निराकरण किया जा रहा है। संभागायुक्त कार्यालय रायपुर में एक वर्ष के भीतर 2607 प्रकरणों को निराकृत कर लिया गया है। संभागायुक्त महादेव कांवरे और अपर आयुक्त ने नियमित रूप से प्रकरणों में कार्रवाई कर इन मामलों को सुलझाया है। यह सब तय समय–सीमा में प्रकरणों के निराकरण की प्रतिबद्धता के साथ ही डिजिटल गवर्नेंस को अपनाने की वजह से संभव हो पाया।
संभागायुक्त कार्यालय में राजस्व के सारे प्रकरण आनलाइन दर्ज किये जाते हैं। इसकी सूचना एसएमएस के माध्यम से आवेदक को दे दी जाती है। नियत तिथि पर सुनवाई होती है। प्रकरण के संबंध में सारी जानकारी आनलाइन आवेदक को मिलती है। यह सब कुछ आनलाइन उपलब्ध होता है। संभागायुक्त श्री कांवरे ने प्रकरणों को शीघ्र निराकरण के लिए सप्ताह में तीन दिन तय किया है। श्री कांवरे द्वारा सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को एवं अपर आयुक्त में मंगलवार एवं गुरूवार को पेशी नियत कर सुनवाई की जा रही है। दिन तय कर दिये हैं और सभी प्रकरणों के निराकरण के लिए समयसीमा भी निर्धारित की गई है। उनके द्वारा विशेष रूप से पांच वर्ष से अधिक अवधि के प्रकरणों को प्राथमिकता देकर निराकरण करने निर्देशित किया है।
निराकृत प्रकरणों का आदेश ऑनलाईन अपलोड किया जा रहा है जिसे केस नम्बर डाल कर अपीलार्थी/उत्तरवारी द्वारा अवलोकन किया जा सकता है। प्रकरणों की स्थिति देखने हेतु राजस्व विभाग के वेबसाईट- https://revenue.cg.nic.in में जाकर प्रकरण खोजे में प्रकरण क्रमांक डालकर प्रकरण की स्थिति देखा जा सकता है तथा आदेश हुए प्रकरणों की आदेश की कापी डाउनलोड की जा सकती है। प्रकरण की पंजीयन के दौरान अपीलार्थी, उत्तरवादी एवं अधीवकतागणों का मोबाईल नंबर ऑनलाईन दर्ज किया जा रहा है जिससे प्रकरण की पंजीयन क्रमांक एवं आगामी देशी तिथियों की जानकारी मेंसेज की माध्यम से उनके रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर में सूचना मिल जा रही है। प्रकरण में प्रतिदिन की गई कार्यवाही की आर्डरशीट ऑनलाईन अपलोड भी किया जा रहा है। न्यायालय में लंबित 5 वर्ष से अधिक अवधि के प्रकरणों को प्राथमिकता देकर प्रति सप्ताह सुनवाई संभागायुक्त द्वारा किया जा रहा है।
जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों के कर अपवंचन का हुआ खुलासा, सितार गुटखा के निर्माता को किया गया गिरफ्तार
रायपुर। राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने गुटखा कारोबार में बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए सितार ब्रांड के गुटखा निर्माता गुरूमुख जुमनानी को गिरफ्तार कर लिया है। विभागीय जांच में सामने आया कि जुमनानी पिछले चार वर्षों से बिना जीएसटी पंजीयन के गुटखा निर्माण कर करोड़ों रुपये का कर अपवंचन कर रहा था।
जीएसटी विभाग द्वारा 25 और 27 जून 2025 को दुर्ग और राजनांदगांव में की गई जांच के दौरान यह मामला उजागर हुआ। जांच में पाया गया कि वर्ष 2021 से लगातार सितार गुटखा का उत्पादन अवैध रूप से किया जा रहा था। इसके बाद विभाग द्वारा जुमनानी को समन जारी किया गया, लेकिन वह दो माह तक उपस्थित नहीं हुआ।
जांच में पाया गया कि उन्होंने अप्रैल 2021 से सितम्बर 2022 तक राजनांदगांव के ग्राम मनकी और खैरागढ़ के ग्राम ठेलकाडीह में, जनवरी 2023 से जून 2023 तक रायपुर के मंदिर हसौद एवं भनपुरी में तथा जुलाई 2023 से जून 2025 तक दुर्ग के बाईरडीह, जोरातराई और गनियारी क्षेत्र में फैक्ट्रियां संचालित कीं। प्रशासनिक छापों से बचने के लिए कारोबारी हर महीने फैक्ट्री का स्थान बदल देते थे तथा माल को विभिन्न नामों से गोदामों में छिपाकर बाजार में बेचते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि जुमनानी ने अपने बेटे सागर जुमनानी के नाम से कोमल फूड नामक सुपारी गोदाम दुर्ग जिले में संचालित किया। यहां से सुपारी को गुटखे में बदलकर बेचा जाता था, जबकि कागजों में केवल सुपारी बिक्री दर्शायी जाती थी। उल्लेखनीय है कि सुपारी पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है, जबकि गुटखे पर 28 प्रतिशत तथा 204 प्रतिशत तक का सेस लगाया जाता है। इस हेराफेरी से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
पूर्व में भी विभाग ने मार्च 2024 में दुर्ग और राजनांदगांव में छापेमारी कर 50 लाख रुपये टैक्स जमा कराया था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी लगभग 1.5 करोड़ रुपये की सुपारी जब्त की थी।
जांच से यह भी पता चला कि जुमनानी फैक्ट्री में मध्यप्रदेश के युवकों को बंधुआ मजदूर की तरह काम कराता था। मजदूरों से पूरी रात काम लिया जाता था और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। हर तीन माह में मजदूरों को बदल दिया जाता था। मजदूरों को रातभर काम करना होता था और उन्हें फैक्ट्री से बाहर निकलने की मनाही थी। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री का वास्तविक संचालन स्वयं गुरूमुख जुमनानी ही कर रहे थे।
राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने 23 सितम्बर 2025 को जुमनानी को जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का गुटखा तैयार कर विक्रय करता था। पिछले चार वर्षों से जारी इस अवैध कारोबार के आधार पर विभाग द्वारा अपवंचित कर की गणना की जा रही है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है तथा आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, अवैध कारोबार और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सरकार ने दोहराया कि जो भी कारोबारी या संस्था कानून तोड़कर अवैध ढंग से व्यापार करेगी, राजस्व की चोरी करेगी या आम नागरिकों की सेहत को खतरे में डालेगी, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में न केवल टैक्स वसूला जाएगा बल्कि दंडात्मक प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
पटवारी, आर.आई., ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और पंचायत सचिव करेंगे डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी का परीक्षण
रायपुर। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी के मोबाइल च्ट ऐप से सत्यापन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत एग्री स्टैक डिजिटल क्रॉप सर्वे / भूईंया सॉफ्टवेयर में दर्ज फसल प्रविष्टियों का 05 प्रतिशत रैंडम सत्यापन मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। यह कार्य तीन स्तरों पर होगा। इसी संबंध में आज रायपुर जिले में अपर कलेक्टर नम्रता जैन की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रथम चरण में चयनित खसरों का सत्यापन कलेक्टर द्वारा नामित राजस्व और कृषि विभाग के फील्ड अधिकारी करेंगे। यदि प्रविष्टि गलत पाई जाती है तो उसे भौतिक सत्यापन के आधार पर 31 अक्टूबर 2025 तक सुधारना होगा। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि जिले में कुल 53 हजार खसरों का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए 15 अक्टूबर तक की समय-सीमा तय की गई है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में जिले के पटवारी, आर.आई. और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल
रायपुर। व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।




मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।
कोरबा कलेक्टर को हटाने पूर्व गृहमंत्री के पत्र पर मुख्यमंत्री साय ने जांच का दिया आश्वासन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत को हटाने की मांग की थी। कंवर ने पत्र में कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी कार्यप्रणाली को “हिटलर प्रशासक” की तरह बताया। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टर के खिलाफ सैकड़ों भ्रष्टाचार के मामले हैं और वे संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
सीएम ने दी जांच का आश्वासन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पूर्व गृहमंत्री की शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के बाद ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा। सीएम ने कहा कि ननकीराम कंवर भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और उनके पत्र पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ननकीराम कंवर के आरोप
पूर्व गृहमंत्री ने पत्र में कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत के खिलाफ 14 अलग-अलग मामलों की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर अपनी संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं और उनके समर्थकों के खिलाफ दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं। कंवर ने यह भी कहा कि कलेक्टर ने डीएमएफ (District Mineral Foundation) में गड़बड़ी की है और कई मामलों में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। उनके अनुसार, कलेक्टर के इस प्रकार के कामकाज से शासन और प्रशासन की छवि प्रभावित हो रही है।
छत्तीसगढ़ में 'महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस' का राज्यस्तरीय आयोजन हुआ संपन्न
रायपुर। ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था।
राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार:
6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच
23,000 से अधिक टीकाकरण
बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी।
यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।
नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता, एक साथ 71 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
दंतेवाड़ा/रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है। जिले में पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान के तहत बुधवार को 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐलान किया। आत्मसमर्पण करने वालों में 30 नक्सली इनामी हैं, जिन पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मुख्यमंत्री साय ने दिया बयान
71 नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण पर उन्होंने कहा, "लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, सरकार उनके साथ न्याय कर रही है। उनको आवास और रोज़गार उपलब्ध कराया जा रहा है।"
एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण
सभी नक्सलियों ने दंतेवाड़ा एसपी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस मौके पर एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह दंतेवाड़ा पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में महिलाएं भी शामिल हैं, जो लंबे समय से जंगल में सक्रिय थीं।
लोन वर्राटू अभियान का असर
दंतेवाड़ा में पुलिस ने 2020 से लोन वर्राटू अभियान (घर लौटो अभियान) शुरू किया था। इसका उद्देश्य नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस अभियान का असर लगातार देखने को मिल रहा है। अब तक हजारों नक्सली इस अभियान के तहत आत्मसमर्पण कर चुके हैं। बुधवार को एक साथ 71 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
इनामी नक्सलियों की सूची
आत्मसमर्पण करने वालों में 30 नक्सली ऐसे हैं, जिन पर पुलिस और सरकार ने इनाम घोषित किया था। इन पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम था। ये सभी नक्सली विभिन्न घटनाओं में शामिल रहे हैं और पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने हुए थे। आत्मसमर्पण के बाद अब ये सभी पुनर्वास योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस का बयान
एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की ओर कदम बढ़ाया है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यक्रमों से प्रभावित होकर नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पुलिस ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को शासन की नीति के अनुसार पुनर्वास पैकेज दिया जाएगा और उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
आत्मसमर्पण के कारण
नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करने के पीछे कई कारण बताए हैं। इनमें जंगल में लगातार सुरक्षा बलों की दबावपूर्ण कार्रवाई, संगठन में घटती पकड़, नेताओं द्वारा आम कार्यकर्ताओं के शोषण और शासन की योजनाओं से प्रभावित होना प्रमुख हैं। नक्सलियों ने यह भी स्वीकार किया कि अब संगठन की ताकत कम हो रही है और हिंसा से किसी का भला नहीं हो सकता।
स्थानीय लोगों की भूमिका
स्थानीय ग्रामीणों और आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों की भी इस अभियान में बड़ी भूमिका रही है। वे लगातार सक्रिय नक्सलियों को समझा-बुझाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं।
नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम
71 नक्सलियों का एक साथ आत्मसमर्पण न केवल पुलिस के लिए बड़ी सफलता है, बल्कि दंतेवाड़ा जिले के लिए भी राहत की खबर है। इससे यह संदेश गया है कि हिंसा और आतंक की राह छोड़कर लोग विकास और शांति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि आने वाले समय में नक्सलवाद का दायरा और सिमटेगा।
मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल, कहा- प्रधानमंत्री के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।



मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे।
मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं।
निवेश प्रक्रिया की सरलता
मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया।
नई तकनीक और एआई सेक्टर
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
पावर हब की ओर कदम
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।
कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।
सेवा क्षेत्र की नई पहचान
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थानों पर भी इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया है। प्रदेश में 5 से अधिक बार निवेशकों के साथ बैठक हुई है, इससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। हमने होटल एवं पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अच्छे से अच्छा काम हो सके हम यह प्रयास कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हेल्थकेयर और होटल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश के बड़े प्रस्ताव पेश किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11 बड़े अस्पताल समूहों ने कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए, जिनसे लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई ऊँचाइयाँ स्थापित होंगी।
कार्यक्रम में मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने 300 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 680.37 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 500 रोजगार उपलब्ध होंगे। माँ पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर 750 बेड क्षमता वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 340 करोड़ निवेश और 1,500 रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी रायपुर द्वारा इंटरनल वेलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 300 करोड़ के निवेश और 1,000 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर 600 बेड क्षमता और 302 करोड़ के निवेश से 1,400 रोजगार सृजित करेगा। गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल रायपुर में 500 बेड का 307 करोड़ का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रस्तावित है, जिसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर (वंदना ग्रुप) द्वारा 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 205.23 करोड़ के निवेश और 302 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर 150 बेड क्षमता वाले संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 101 करोड़ निवेश और 400 रोजगार अवसर लेकर आया है। मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट रायपुर 150 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में 91.8 करोड़ के निवेश से 555 रोजगार उत्पन्न करेगा। श्रीराम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल बिलासपुर 100 बेड 70 करोड़ निवेश और 200 लोगों को रोजगार के साथ प्रस्तावित है।
आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी 50 बेड अस्पताल के लिए 59.37 करोड़ का निवेश और 76 रोजगार अवसर लेकर आया है। वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस रायपुर 50 बेड की सुविधा 10 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित है।
होटल वेस्टिन रायपुर (सारदा ग्रुप नागपुर) ने 212.7 करोड़ का निवेश और 400 रोजगार का प्रस्ताव रखा है। पंचामृत एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर (अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल) 80.91 करोड़ निवेश से 300 रोजगार सृजित करेगा। चौहान हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट रायपुर 80 करोड़ निवेश के साथ प्रस्तावित है।
होटल जिंजर रायपुर (डीएसएस ग्रुप) 78 करोड़ निवेश और 135 रोजगार अवसर लेकर आया है।
एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स रायपुर 63 करोड़ निवेश से 110 रोजगार अवसर सृजित करेगा।
प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स धमतरी 41.82 करोड़ निवेश और 30 रोजगार अवसर लेकर आया है। इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट बालोद और होटल राजनांदगांव के लिए 25-25 करोड़ निवेश और कुल 175 रोजगार अवसर प्रस्तावित हैं। गोदरीवाला और एमएम ग्रुप रायपुर द्वारा प्रस्तावित अम्यूज़मेंट पार्क 24.9 करोड़ निवेश और 70 रोजगार अवसर प्रदान करेगा। बाफना लॉन एंड होटल धमतरी (सरोवर पोर्टिको ग्रुप) द्वारा 20.97 करोड़ निवेश और 22 रोजगार अवसर प्रस्तावित किया गया है।
इस प्रकार कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर 7 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध हैं। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी। मुझे विश्वास है कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर हम छत्तीसगढ़ में विकास का नया अध्याय लिखेंगे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, संचालक उद्योग प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमेन संजय जैन भी उपस्थित रहे।
चैतन्य बघेल को कोर्ट में किया गया पेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले (Liquor Scam) में एक बार फिर से नई हलचल तेज हो गई है। ईडी (ED) की कार्रवाई के बाद अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भी मामले में सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में बुधवार की दोपहर रायपुर सेंट्रल जेल में बंद आरोपी चैतन्य बघेल को ईओडब्लू की ओर से जारी प्रोडक्शन वारंट पर विशेष अदालत (ACB/EOW स्पेशल कोर्ट) में पेश किया गया।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार देर शाम ईओडब्लू ने कोर्ट में आवेदन पेश किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद बुधवार 24 सितंबर को भोजनावकाश के बाद चैतन्य बघेल को जेल से निकालकर अदालत लाया गया। कोर्ट में पेश होते ही ईओडब्लू ने आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया और उसके पुलिस रिमांड की मांग की। अब यह देखना बाकी है कि अदालत ईओडब्लू को कितने दिनों का रिमांड देती है।
सारंगढ़ में बारिश का कहर, उफनते नाले में बह गयी कार
सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ में बारिश का कहर देखने को मिला। यहां उफनते नाले को पार करने के दौरान कार बह गयी। घटना के वक्त कार में तीन लोग सवार थे। पानी के तेज बहाव में कार के बहने के दौरान ही किसी तरह तीनों लोगों ने तैरकर अपनी जान बचायी। बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने कार सवार लोगों को पुल पार करने से मना किया था। लेकिन उन्होने स्थानीय लोगों की बात नही मानी और मुसीबत में फंस गये।
गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में बने बारिश के सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ में दिख रहा है। रायपुर, बलौदाबाजार सहित कोरबा जिले में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। रायगढ़ में लगातार बारिश के बाद केलो डैम के 3 गेट खोल दिए गए हैं। जिससे केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया है। उधर सारंगढ़ में बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर है। बताया जा रहा है कि यहां उफनते नाले को पार कर रही कार बह गई। कार में तीन लोग सवार थे, जो कि बरमकेला से ओडिशा जा रहे थे। नाले के 2-3 फीट ऊपर पानी बह रहा है, बावजूद इसके लोग जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने कार सवार लोगों को नाला पार नहीं करने की सलाह दी थी। लेकिन उन्होंने नहीं मानी। लिहाजा उफनते नाले के बीच कार के पहुंचते ही तेज बहाव में कार बह गयी। घटना को देख स्थानीय लोगों ने कार सवार लोगों को जल्दी कार से निकलकर जान बचाने की हिदायत दी गयी। जिसके बाद किसी तरह तीनों कार सवार लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। बताया जा रहा है कि ओडिशा को जोड़ने वाला बरमकेला का विक्रम नाला वर्षों से अधूरे पुल के कारण लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। इस समस्या को लेकर विधायक ने विधानसभा में मुद्दा भी उठाया था। लेकिन समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, राजधानी में सुबह से हो रही झमाझम बारिश
रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने बारिश के सिस्टम का असर प्रदेश में दिखने लगा है। रायपुर में देर रात से बूंदाबांदी जारी है। बलौदा बाजार में भी तेज पानी बरस रहा है। बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है। अन्य जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, सरगुजा, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और रायपुर सहित 19 जिलों में मध्यम से भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इधर, रायपुर के नवापारा क्षेत्र से लगे पारागांव में आकाशीय बिजली गिरने से 27 बकरे-बकरियों की मौत हो गई। सभी मवेशी महानदी किनारे चर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना में 7 बकरियां घायल भी हुई हैं। वहीं पिछले 24 घंटे की बात करें तो सबसे अधिक 60 मिमी बारिश मैनपुर में दर्ज की गई है।
प्रदेश में अब तक 1078.8 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 495.1 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 51% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1473.7 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 53% ज्यादा है।
बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें बिजली जैसा चार्ज पैदा होता है। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है।
आमतौर पर यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज होती है कि धरती तक पहुंच जाती है। बिजली को धरती तक पहुंचने के लिए कंडक्टर की जरूरत होती है। पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु के सामान ऐसे कंडक्टर बनते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास या संपर्क में होता है तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है।
NET की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी SET परीक्षा नियमित कराने की जरूरत : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं को न्याय और समान अवसर देने के लिए राज्य में SET परीक्षा को नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने राज्य में उच्च शिक्षा में होने वाली 700 शिक्षकों की भर्ती से पहले उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा को पत्र लिखकर, भर्ती से पहले SET परीक्षा आयोजित करने की मांग की है।
अपने पत्र में सांसद श्री बृजमोहन ने लिखा है कि, छत्तीसगढ़ के युवाओं और अभ्यर्थियों को लंबे समय से SET (State Eligibility Test) परीक्षा के अनियमित आयोजन की वजह से नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदेश निर्माण के 25 वर्षों में अब तक मात्र 06 बार ही SET परीक्षा आयोजित की गई है (वर्ष 2006, 2013, 2017, 2018, 2019 एवं 2023)। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर NET परीक्षा हर छह माह में नियमित रूप से आयोजित होती है।
इस असमानता के कारण छत्तीसगढ़ के SET पात्रता प्राप्त युवाओं को NET पात्रता प्राप्त अभ्यर्थियों की तुलना में कम अवसर मिलते हैं। यही वजह है कि राज्य के रिक्त पदों पर स्थानीय अभ्यर्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर नहीं मिल पाता।
वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है। ऐसे में इन पदों पर छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता और अवसर देने के लिए SET परीक्षा का नियमित आयोजन अत्यंत आवश्यक है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस विषय पर माननीय उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि,“छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं को न्याय और समान अवसर देने के लिए राज्य में SET परीक्षा को नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए। इससे न केवल राज्य के युवाओं को अवसर मिलेगा बल्कि उच्च शिक्षा विभाग को भी योग्य और प्रतिभावान अभ्यर्थी मिल सकेंगे।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उच्च शिक्षा मंत्री से निवेदन किया है कि आगामी भर्ती प्रक्रिया से पहले ही SET परीक्षा आयोजित कर राज्य के युवाओं को लाभान्वित किया जाए।
