बिलासपुर। प्रदेश भर की खस्ताहाल सड़कों के मामले में नाराज हाईकोर्ट ने शासन के अधिकारियों से कहा है कि इसमें सुधार जल्द होने चाहिए। अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि सड़क बनाने से टैक्निकल जांच, टेंडर और वर्क आर्डर में काफी समय बरबाद किया जाता है। यह सही नहीं है। ध्यान रहे कि प्रदेश की खराब सड़कों के मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बैंच में चल रही है। शासन ने कोर्ट में अपना जवाब पेश किया। इसमें कहा गया कि रतनपुर-सेंदरी रोड का काम लगभग पूरा हो गया है तो रायपुर रोड की सड़क 70 प्रतिशत बना ली गई है। इसे अगले 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। एनएचएआई की तरफ से भी सड़कों के जल्द पूरे होने की बात कही गई।
हाईकोर्ट में बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे एनएच 90 की बदहाली को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने पूछा कि बिलासपुर- रायपुर नेशनल हाईवे की सड़क कब तक सुधारकर देंगे। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाना और एनएचएआई का मौन रहना चिंताजनक है। हाईकोर्ट ने कहा कि बार-बार दिए जा रहे शपथ पत्रों से उद्देश्य पूरे नहीं हो रहे हैं। सिर्फ कागजों में रिपोर्ट देकर एनएचएआई जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। शासन की ओर से कहा गया कि पेण्ड्रीडीह से नेहरू चौक की सड़क स्टेट पीडब्ल्यूडी की है। इसकी जांच करके इसे फिर से बनाया जाएगा। रतनपुर केंदा मार्ग की बदहाली के मामले में हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी सेेकेट्ररी का शपथ पत्र पेश करने कहा है। इसी तरह रायपुर बिलासपुर की मुख्य सड़क पर फैल रहे पावर प्लांटों की राख पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और इस बारे में मुख्य सचिव से जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान नेशनल हाईवे की ओर से कहा गया कि तुर्काडीह, सेंदरी, रानीगांव, मलनाडीह और बेलतरा में पैदल नात्रियों की सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। पहले की अनुमानित लागत 17.95 करोड़ थी, जो अब घटकर 11.38 करोड़ हो गई है। निर्माण स्थल की संयुक्त जांच हो चुकी है। टेंडर जारी हो चुका। टेंडर मंजूर होते ही निर्माण कार्य गुरू होगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बिलासपुर की पेंड्रीडीह बाईपास से नेहरू चौक तक की सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल में स्वीकृत हो चुका है, लेकिन आज तक कोई प्रगति नहीं हुई। इसी तरह रायपुर के धनेली एयरपोर्ट रोड का काम भी अधूरा है।
रायपुर। नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की।
बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री श्री साय का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शारदा चौक स्थित शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया।
इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।
जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा। यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अमित चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम में मनरेगा दर्पण नागरिक सूचना पटल का विधिवत शुभारंभ‘ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा दर्पण से आम जनता को मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मनरेगा दर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल है, जो न केवल पारदर्शिता की नई मिसाल है बल्कि हर ग्रामीण को योजनाओं से सीधे जोड़ने का माध्यम भी है। क्यूआर कोड और जीआईएस तकनीक आधारित यह कदम गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
तीन साल में हुए मनरेगा कार्यो की रिपोर्ट देख सकेंगे ग्रामीण
छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पटल लगाए गए हैं। इन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी ग्रामीण पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का विवरण, व्यय की जानकारी और प्रगति रिपोर्ट देख सकता है।
इस प्रणाली से अब गांव का हर व्यक्ति यह जान सकेगा कि मनरेगा के तहत उसके इलाके में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं, कितनी राशि खर्च हुई है और काम की वर्तमान स्थिति क्या है। फाईल और दस्तावेज हटकर अब हर सूचना मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणों को जानकारी के लिए किसी कार्यालय या अधिकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मनरेगा दर्पण पोर्टल और सूचना पटल के माध्यम से सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित जानकारी को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इससे योजनाओं पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनता खुद निगरानी कर पाएगी। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। पारदर्शी व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि ग्रामीणों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विधायक अजय चन्द्राकर, सचिव निहारिका बारिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। नवरात्रि, दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व के अवसर पर श्रद्धालु यात्रियों की सुविधा हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा पूजा स्पेशल मेमू ट्रेन (06883/06884) का परिचालन किया जा रहा है ।
गाड़ी संख्या 06884 पूजा स्पेशल मेमू ट्रेन कोरबा से प्रतिदिन 25 सितम्बर से 3 अक्टूबर 2025 तक प्रातः 05.30 बजे प्रस्थान कर दोपहर 14.21 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी । इसी प्रकार गाड़ी संख्या 06883 पूजा स्पेशल मेमू ट्रेन नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी से प्रतिदिन 25 सितम्बर से 03 अक्टूबर 2025 तक प्रातः 05.00 बजे प्रस्थान कर 09.50 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी ।
इस स्पेशल मेमू ट्रेन के परिचालन का उद्देश्य दुर्गा पूजा एवं नवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालु यात्रियों के लिए डोंगरगढ़ पहुँचना और भी आसान, सुरक्षित, किफायती एवं सुविधाजनक बनाना है । इस ट्रेन का ठहराव मार्ग के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों में दिया गया है, ताकि गाँव–कस्बों के यात्री भी आसानी से माँ बमलेश्वरी देवी के दर्शन हेतु डोंगरगढ़ पहुँच सकें ।
नवरात्रि मेले में श्रद्धालु यात्रियों की सुविधा हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा कई प्रकार की व्यवस्थाएँ की गई हैं । रायपुर से डोंगरगढ़ के मध्य मेमू स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है । अनेक ट्रेनों का विस्तार डोंगरगढ़ से रायपुर एवं डोंगरगढ़ से गोंडिया तक किया गया है । साथ ही अनेक मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव डोंगरगढ़ स्टेशन पर दिया गया है, ताकि श्रद्धालु यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे आसानी से माँ बमलेश्वरी देवी के दर्शन कर सकें ।
यह पूजा स्पेशल मेमू ट्रेन विशेष रूप से छोटे स्टेशनों से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत प्रदान करेगी। कोरबा व नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी स्टेशनों से डोंगरगढ़ तथा डोंगरगढ़ से माँ बमलेश्वरी देवी के दर्शन पश्चात पुनः कोरबा व नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी लौटना इस ट्रेन के माध्यम से और भी सहज हो जाएगा ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्रद्धालु यात्रियों से अपील करता है कि वे इस संरक्षित, किफायती और सुविधाजनक स्पेशल ट्रेन सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ और दुर्गा पूजा, नवरात्रि में माँ बमलेश्वरी देवी के दर्शन कर अपनी यात्रा को सुखद बनाएँ ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। 22 सितंबर को हुई जनहित याचिका की सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि कोलाहल अधिनियम, 1985 और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के अंतर्गत प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को त्योहारों और जुलूसों के दौरान संरक्षित रखा जाए।
अदालत ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि इस संबंध में कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें और सभी आवश्यक कार्रवाई करें। यह आदेश रायपुर के डॉ. राकेश गुप्ता द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिकाकर्ता ने अदालत को अवगत कराया कि गणेश विसर्जन के दौरान रायपुर में लगभग 50 से 60 डीजे बजाए गए थे, जिससे ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन हुआ। डॉ. गुप्ता ने यह भी अनुरोध किया कि रायपुर की सड़कों पर लगे ट्रैफिक विभाग के कैमरों की रिकॉर्डिंग संरक्षित की जाए ताकि नियम उल्लंघन करने वालों की पहचान हो सके और ध्वनि प्रदूषण की मॉनिटरिंग की जा सके।
याचिका की सुनवाई के दौरान यह भी चर्चा हुई कि ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन भी जरूरी है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस जनहित याचिका के दौरान गठित समिति को राज्य शासन के विधि विभाग ने यह स्पष्ट सुझाव दिया है कि यदि मोटर यान अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं का परिवहन विभाग द्वारा कड़ाई से पालन कराया जाए, तो वाहनों में डीजे सिस्टम लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।
अदालत ने इस सुझाव पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार और परिवहन विभाग को ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट का यह आदेश ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। त्योहारों और जुलूसों के दौरान अक्सर ध्वनि प्रदूषण की शिकायतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का सुरक्षित रखना पुलिस और प्रशासन को कार्रवाई में मदद करेगा।
यह आदेश न केवल नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि आम जनता में जागरूकता भी बढ़ाएगा कि ध्वनि प्रदूषण एक गंभीर समस्या है और इसके लिए सख्त कानूनी प्रावधान लागू हैं।
मुंबई। रायपुर के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्ययन दौरे पर मुंबई में आयोजित बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए।
सांसद श्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव को दूर करने के लिए विद्यालय स्तर पर योग क्लास, एथिक्स और मोरल साइंस को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकल परिवार की संस्कृति के कारण बच्चों में अकेलेपन की समस्या बढ़ रही है, वो तनावग्रस्त हो रहे और आत्महत्या तक रहे हैं, जिसे केवल नैतिक शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है।
उन्होंने मल्टी डिसिप्लिनरी शिक्षा में हाजिरी सिस्टम पर सवाल उठाया और सभी सरकारी स्कूलों में आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटी, साइंस, मैथमेटिक्स और कॉमर्स को अनिवार्य रूप से लागू करने का सुझाव दिया। साथ ही उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने और भारतीय ज्ञान पद्धति पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार करने पर बल दिया, जिसे आगे चलकर देशभर में लागू किया जा सके।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग एवं उच्चतर शिक्षा विभाग, भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार के शिक्षा विभागों सहित टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (टीआईएसएस) और गोखले राजनीति एवं अर्थशास्त्र संस्थान के अधिकारी उपस्थित रहे।
महिला सशक्तिकरण विषय पर चर्चा करते हुए श्री अग्रवाल ने महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन पर विशेष जोर दिया। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार के विभागों सहित विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
खेलों को बढ़ावा देने पर विचार करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि SAI केंद्रों को अंतर्राज्यीय स्वरूप दिया जाना चाहिए ताकि विभिन्न राज्यों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी अवसर मिल सके। उन्होंने छत्तीसगढ़ की उत्कृष्ट खिलाड़ी नीति की तर्ज पर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को उनके स्तर के अनुसार नौकरी प्रदान करने की नीति बनाने का सुझाव दिया। इससे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और गांव-गांव से नई खेल प्रतिभाएं सामने आएंगी।
बैठक में खेलो इंडिया पर स्थायी समिति की 369वीं रिपोर्ट, राष्ट्रीय खेल नीति 2025 और उससे संबंधित योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के विकास कार्यों, प्रशासनिक योजनाओं और लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने “मेरा गांव, मेरी पहचान” नवाचार परियोजना के तहत अधिकारियों को आवंटित ग्रामों की नियमित निगरानी और दौरा सुनिश्चित करने तथा ग्रामीणों की योजनाओं का लाभ लेने प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए डॉ. सिंह ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को लंबित राजस्व प्रकरणों का त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा माताओं को लाभान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने और आंगनबाड़ी केन्द्रों में आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान डॉ. सिंह ने बीएमओ, बीपीएम एवं जिला सलाहकारों से स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और आमजन को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं शत प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर कलेक्टर नम्रता जैन (आईएएस), सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन सहित जिले के सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज के लोगों को नवरात्र पर्व पर आयोजित होने वाले गरबा से दूरी बनाने की अपील की है। इस संबंध में बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने समाज को पत्र लिखा है।
अध्यक्ष डॉ. राज ने कहा कि गरबा कोई साधारण नृत्य कार्यक्रम नहीं है। यह देवी दुर्गा की आराधना के लिए किया जाने वाला भक्तिपूर्ण लोकनृत्य है, जो जीवन के चक्र और देवी की असीम शक्ति का प्रतीक है। यदि मुस्लिम समाज मूर्ति पूजा में आस्था नहीं रखता है तो उन्हें गरबा जैसे धार्मिक आयोजनों से दूर रहना चाहिए।
सलीम राज ने कहा की यदि कोई मुस्लिम भाई-बहन वेशभूषा व परंपरा का सम्मान करते हुए समिति से अनुमति लेकर भाग लेना चाहते हैं, तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होगी। किंतु गलत नीयत से गरबा स्थलों में प्रवेश कर उपद्रव करने का प्रयास हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करता है, जिससे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंच सकती है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने सभी से शांति की अपील भी की है।
रायपुर। कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मामले के आरोपी सौम्या चौरसिया की 16 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। इनकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई गई है। EOW के विशेष न्यायाधीश के आदेश के बाद ये कार्रवाई की गई है। इसके पूर्व प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी 39 करोड़ की 29 अचल संपत्तियों को कुर्क कर चुकी है।
बता दें कि रविवार को सौम्या के करीबी और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में सीएम सचिवालय में पदस्थ रहे लिपिक जयचंद कोशले के रायपुर व जांजगीर-चांपा स्थित ठिकानों पर छापेमारी में कोल घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज के साथ ही 50 करोड़ खपाने के सबूत मिले हैं।
ईओडब्ल्यू ने कोयला घोटाले में सौम्या चौरसिया के निज सचिव जयचंद कोसले को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए 26 सितंबर तक रिमांड पर लिया है। पेश किए गए रिमांड आवेदन में बताया गया है कि जयचंद कोयला घोटाले में आरोपी बनाई गई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाए गए 28 अधिकारी आज EOW की विशेष अदालत में पेश हुए. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सभी अधिकारी अग्रिम जमानत के कागजात लेकर कोर्ट पहुंचे थे. कोर्ट में 1-1 लाख रुपए का जमानत पट्टा जमा करने पर सभी को जमानत दे दी गई.
बता दें कि सभी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत पहले ही मिल चुकी है. EOW के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 32 सौ करोड़ रुपए का शराब घोटाला हुआ है. इस मामले में आबकारी विभाग से जुड़े 29 अफसरों को ईओडब्ल्यू ने आरोपी बनाया है और उसके खिलाफ चालान पेश किया था. 29 अफसरों में से 7 रिटायर हो चुके हैं. बाकी बचे 22 अधिकारियों को सरकार ने निलंबित कर दिया है. इन पर 2019 से 2023 के बीच 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली करने का आरोप है. हाईकोर्ट से 18 अगस्त को अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने पर सभी अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी. मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी 28 अफसरों को शर्तों के साथ जमानत दे दी थी. आज सभी अग्रिम जमानत के कागजात लेकर EOW की विशेष अदालत में पेश हुए.
वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई. बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था.
इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे. अवैध शराब को “बी-पार्ट शराब” कहा जाता था और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित प्रदेश स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने करेली बड़ी में मंच से राज्य के विभिन्न जिलों में नव निर्मित 51 महतारी सदनों का रिमोट से बटन दबाकर वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्राम संपदा एप तथा मनरेगा की समग्र जानकारी आधारित नागरिक सूचना पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा ’लखपति दीदी/महतारी सदन’ और ’’माँ अभियान’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों जशपुर (रेंगले), बेमेतरा (लिंझेवारा), मुंगेली (नवागांव) और दुर्ग (नगपुरा) की महिला समूहों से वर्चुअल संवाद किया और उन्हें महतारी सदन तथा नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने 19 महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त बनाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अब समूह की महिलाएँ सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन और स्वरोजगार प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्य महतारी सदन में कर पाएँगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्री रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित कर रही है। नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त बनाने के संकल्प को भी दोहराया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने महतारी सदन के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से राशि निकालने से लेकर अन्य सेवा सुविधाए गांवों में सुलभ हुई हैं। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा और सांसद रूपकुमारी चौधरी ने भी संबोधित किया। कुरूद विधायक अजय चन्द्राकर ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात दी। उन्होंने ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। साथ ही कुरूद के जी. जामगांव में नवीन आईटीआई की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में नगर पंचायत कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार 30 करोड़ रुपये की लागत से करने, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण हेतु 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने, नगर पंचायत कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा प्रदान करने और कुरूद नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये, नगर पंचायत भखारा के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा खट्टी एनीकट मरम्मत हेतु 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भेण्डरी में गौरव पथ निर्माण की भी घोषणा की।
कार्यक्रम में मुंगेली से उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित अन्य जिलों के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रदेशभर की लगभग दो लाख महिलाएँ इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शित विकास कार्यों की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरित किए। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने महतारी सदन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिला के मगरलोड विकासखंड के ग्राम करेली बड़ी में 245 करोड़ 80 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। श्री साय ने धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन शुभारंभ कार्यक्रम में 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया और जिले को विकास का महा उपहार दिया। उन्होंने कुरूद विधानसभा क्षेत्र में 77 कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा। यह सभी विकास कार्य जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, पेयजल, उद्योग, विज्ञान, पर्यटन और सामाजिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों को नई दिशा देने वाले हैं।
महिला सशक्तिकरण - नए भवनों का शिलान्यास
श्री साय ने महतारी सदन योजना के तहत 51 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण किया। लगभग 2 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित ये भवन महिलाओं के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र बनेंगे। यह महतारी सदन छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों की शक्ति और क्षमता को समाज में नई पहचान देंगे।
औद्योगिक विकास
ग्राम करेली बड़ी और भालूझूलन में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 16 करोड़ 61 लाख रूपए की लागत से आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन भी किया। इसके अलावा जी-जामगांव औद्योगिक क्षेत्र में 6 करोड़ रूपए की राशि से निर्मित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का लोकार्पण भी किया। इन कार्यों से उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएँ खुलेंगी।
शिक्षा एवं कौशल विकास
मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए 27 करोड़ 67 लाख रूपए की लागत से आईटीआई भवन, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और लाइवलीहुड कॉलेज भवन के लिए शिलान्यास भी किया। श्री साय ने 7 करोड़ 53 लाख रूपए से बने कृषि महाविद्यालय भवन एवं छात्रावास का लोकार्पण भी किया। ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे।
सड़क और अधोसंरचना
मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले में 9 सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन सड़कों पर 119 करोड़ 79 लाख रूपए खर्च किए जायेंगे। उन्होंने इसके साथ ही गौरव पथ योजना के तहत 1 करोड़ 70 लाख रूपए से बने गातापार और बकली मार्ग का भी किया। यह सभी नई सड़कें गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
स्वास्थ्य सुविधाएँ
मुख्यमंत्री श्री साय ने मगरलोड विकासखंड के भेण्ड्री में 75 लाख रूपए की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण भी किया। इससे ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सुलभ होंगी।
पेयजल एवं सिंचाई
श्री साय ने धमतरी जिले में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 30 करोड़ रूपए की लागत के 39 कार्य का लोकार्पण किया। जिससे जिले की हर बस्ती ‘हर घर जल’ प्रमाणित होगी। उन्होंने कोडेबोड़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 26 करोड़ 37 लाख रूपए से निर्मित योजना का लोकार्पण किया। और महानदी नहर पर 4 करोड़ 29 लाख रूपए से क्रॉस रेग्युलेटर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
विज्ञान एवं पर्यटन
मुख्यमंत्री ने गंगरेल में साइंस पार्क बनाने के लिए शिलान्यास किया। इस साइंस पार्क के बन जाने से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यटन की नई संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा।
सामाजिक विकास
आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 50 लाख की लागत से बनने वाले कंवर समाज भवन (मधुबन धाम, राकांडीह) की आधारशिला भी रखी। यह भवन जिले में सामुदायिक विकास को नई ऊर्जा देगा।
इन सभी विकास कार्यों से धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक दिन जिले की प्रगति और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
रायपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्त्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत आज प्रदेशभर के प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय मिशन (PM JANMAN) क्षेत्रों में विशेष जनजातीय स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से पिछड़ी जनजातीय समूहों (PVTGs) सहित हजारों लोगों को समर्पित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जो प्रदेश सरकार की जनजातीय स्वास्थ्य सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ राज्य में ‘‘स्वस्थ्य नारी, सशक्त परिवार‘‘ अभियान के आज के थीम के अनुरूप विशेष रूप से पीवीटीजी (विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह) क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने हेतु मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMU) के माध्यम से व्यापक स्तर पर सेवाएं प्रदान की गई, जिसमें राज्य के 24 ज़िलों में कुल 85 स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया गया। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में 51 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की सक्रिय भागीदारी से पिछड़ी जनजातीय समूह के 1,815 सहित कुल 7,825 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय समुदायों को ध्यान में रखते हुए इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा समग्र स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सेवाएँ प्रदान की गईं। सेवाओं के अंतर्गत सामान्य ओपीडी उपचार के अंतर्गत 2,118 लोगों का इलाज किया गया, वहीं 1,020 लोगों की हाईपरटेंशन (बीपी) जांच और 1108 लोगों की मधुमेह स्क्रीनिंग की गई। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए एनीमिया की जांच 878 महिलाओं में की गई, जबकि मातृत्व सेवाओं के तहत 260 महिलाओं की एएनसी/पीएनसी जांच की गई। साथ ही, 210 मलेरिया, 340 सिकल सेल, और 112 टीबी जांचें की गईं। कैंसर स्क्रीनिंग (मुख, स्तन व ग्रीवा) के माध्यम से 150 महिलाओं की जांच की गई। बच्चों को टीकाकरण सेवाएं भी दी गईं, जिससे 185 बच्चों को लाभ मिला, जबकि परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ 145 महिलाओं ने उठाया। मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के तहत 80 लोगों को परामर्श दिया गया और आयुष एवं वेलनेस सेवाओं से 60 लोगों को लाभ मिला।
इसके साथ ही, मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर भी विशेष रूप से जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिसमें किशोरियों और महिलाओं को स्वच्छता प्रबंधन, सैनिटरी नैपकिन के उपयोग, संक्रमण से बचाव जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। यह प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं से आगे बढ़कर, महिलाओं के स्वस्थ जीवन की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हो रहा है।
स्वास्थ्य सेवा वितरण के साथ-साथ समुदाय में जागरूकता और विश्वास का संचार भी इन शिविरों की एक विशेष उपलब्धि रही। शिविरों में आए हितग्राहियों को न केवल जांच और उपचार प्रदान किया गया, बल्कि उन्हें पोषण, जीवनशैली में सुधार, नियमित जांच की महत्ता आदि विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
यह अभियान राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रह रहे समुदायों तक मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर चलाया गया यह कार्यक्रम सम्पूर्ण परिवार की सशक्तता और समग्र स्वास्थ्य सुधार की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है।
रायपुर। नारायणपुर में नक्सल के दो सेंट्रल कमेटी (CC) मेंबर को ढेर करने में सुरक्षाबलों ने कामयाबी पाई है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पर कहा कि लगातार मिल रही सफलताओं के बीच सुरक्षा बलों ने वरिष्ठ नक्सली कैडरों को मार गिराया गया है. नक्सलियों के वरिष्ठ नेतृत्व का खात्मा हो रहा है, उनका संगठन कमजोर पड़ रहा है. वर्ष 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा.
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नक्सलियों से बातचीत को लेकर विजय शर्मा की मानसिक स्थिति को अस्थिर बताए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी मानसिकता स्थिर है कि बस्तर में विकास पहुंचे. इसके साथ ही सवाल किया कि ये (कांग्रेस) नक्सलवाद का खात्मा क्यों नहीं चाहते हैं. दरअसल, बड़ी संख्या में नक्सली समाज की मुख्यधारा में आना चाहते हैं. वहीं 51 महतारी सदन के लोकार्पण को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि बड़े समय से माता-बहनों की मांग थी. 29 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं. सभी के लिए रहने की बेहतर व्यवस्था होगी. स्व-सहायता समूह द्वारा महिलाओं का एक खास कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ भी शुरू हो रहा है. महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए यह एक बड़ा कदम है.
वहीं जीएसटी 2.0 को लेकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा इस पर दुकानों तक पहुंचेगी. भाजपा के वरिष्ठ नेता दुकानों में पहुंचकर शॉपिंग करेंगे. इसके साथ ही उन्होने दुकानदारों से जीएसटी की जानकारी देने की अपील की है.
रायपुर। पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) अब न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी जीवनदाता बनता जा रहा है। हाल ही में एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में मध्यप्रदेश निवासी 60 वर्षीय मरीज के हृदय की 100% ब्लॉक हो चुकी चार नसों की सफल एंजियोप्लास्टी की गई।
मरीज के परिजनों के अनुसार, मरीज लंबे समय से दवाओं के सहारे जीवन जी रहे थे। मध्यप्रदेश के कई बड़े अस्पतालों ने एंजियोप्लास्टी करने से मना कर दिया था। इस बीच उनके एक करीबी रिश्तेदार से पता चला कि एसीआई में कुछ वर्ष पूर्व एक मरीज के जटिल हृदय रोग का सफल उपचार किया गया है। इसी भरोसे के साथ वे रायपुर पहुँचे। स्वयं मरीज अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं कि जब कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों ने कह दिया था कि उनके यहाँ इलाज संभव नहीं है तो एसीआई बड़ी उम्मीद लेकर आया था। डॉक्टर से हमने कह भी दिया था कि जितना भी रिस्क हो, आप इलाज़ की तैयारी कीजिये, मैं उसके लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हूँ। अंततः यहाँ के डॉक्टरों ने मुझे नया जीवनदान दिया।
कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुई इस प्रक्रिया में राइट फीमोरल एंजियोप्लास्टी के जरिए मरीज की ब्लॉक नसों को खोला गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि पाँच वर्ष पूर्व भी मध्यप्रदेश से आए एक मरीज की सफल लेजर एंजियोप्लास्टी की गई थी। इस बार भी कठोर ब्लॉकेज को देखते हुए लेजर की तैयारी की गई थी, किंतु सौभाग्य से सामान्य एंजियोप्लास्टी से ही सफल परिणाम मिल गये। डीन डॉ. विवेक चौधरी ने मरीज की स्थिति को देखते हुए विभाग को अतिशीघ्र एंजियोप्लास्टी करने के निर्देश दिये।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर शहर के आकाशवाणी चौक स्थित माँ काली मंदिर से डोंगरगढ़ तक निःशुल्क बस सेवा का शुभारंभ किया। रायपुर से माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बस सेवा का नि:शुल्क लाभ मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कालीमाता सेवा समिति की इस पहल की सराहना करते हुए समिति के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने माँ काली और माँ बम्लेश्वरी से छत्तीसगढ़ में खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की। साथ ही सभी प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं।
माँ काली सेवा समिति द्वारा संचालित यह नि:शुल्क बस सेवा पूरे नवरात्र पर्व के दौरान नौ दिनों तक लगातार चलेगी। इस सेवा के तहत प्रतिदिन चार बसें रायपुर से श्रद्धालुओं को डोंगरगढ़ तक ले जाएँगी और उन्हें दर्शन के उपरांत वापस रायपुर लाएँगी। मुख्यमंत्री ने आज चार बसों में लगभग दो सौ महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बसों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कालीमाता सेवा समिति पिछले दस वर्षों से निस्वार्थ सेवा भाव से प्रत्येक नवरात्र में प्रतिदिन चार बसों से श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु ले जाती है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिरों में दर्शन की लालसा हर सनातनी के मन में होती है। माँ के दर्शन की कल्पना मात्र से ही मन में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन कई बार परिस्थितिवश हर कोई दूर स्थित देवी स्थलों तक नहीं पहुँच पाता। ऐसे में यह बस सेवा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बस सेवा से समिति ने माँ बम्लेश्वरी के दर्शन का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही सेवा, समर्पण और समावेशिता का प्रेरक संदेश भी दिया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में राजिम से रायपुर तक मेमू ट्रेन का भी शुभारंभ किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की कुंभनगरी राजिम के श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए और अधिक सुविधा होगी। उन्होंने इस पहल के लिए कालीमाता सेवा समिति से जुड़े श्रीचंद सुंदरानी, दीपक भारद्वाज और सभी पदाधिकारियों को साधुवाद दिया।
इस अवसर पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति से एक बस कवर्धा से डोंगरगढ़ तक चलाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, विधायक सुनील सोनी एवं पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
जगदलपुर। नवरात्रि पर्व पर गरबा कार्यक्रमों में गैर सनातनियों को प्रायोजक बनाने पर वीएचपी और बजरंग दल ने कड़ा विरोध जताया है. उनका कहना है कि प्रायोजक के रूप में गैर हिन्दुओं के शामिल होने से गरबा की मर्यादा भंग हो रही है.
यही आस्था के पर्व को चोट पहुंचाने का काम करते हैं. वहीं गरबा कार्यक्रमों से गैर सनातनियों को अलग नहीं करने पर कार्यक्रम स्थल पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया है.
वीएचपी बजरंग दल के जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता का कहना है कि गैर गरबा के कार्यक्रम में प्रायोजक के रूप में गैर हिंदुओं के शामिल होने से गरबा की मर्यादा भंग हो रही है, गरबा में अश्लीलता फूहड़ता और नग्नता बढ़ गई है, आस्था के पर्व को चोट पहुंचाने का काम गैर सनातनियों द्वारा किया जाता हैं, जिसका विरोध अब वीएचपी और बजरंग दल द्वारा किया जाएगा.
बीजापुर। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सीआरपीएफ की बीडीएस (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) टीम ने नक्सलियों द्वारा लगाए गए पांच खतरनाक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद कर उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई भोपालपटनम थाना क्षेत्र के चिल्लामरका और कांडलापर्ती के जंगलों में की गई।
जिले के भोपालपटनम ब्लॉक के नेशनल पार्क क्षेत्र में स्थित चिल्लामरका कैंप से 214वीं बटालियन सीआरपीएफ, 206वीं कोबरा यूनिट, स्थानीय डीआरजी और बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड की संयुक्त टीम एक एरिया डॉमिनेशन अभियान पर निकली थी। टीम ने चिल्लामरका से कांडलापर्ती की ओर बढ़ते समय करीब 4 किलोमीटर दूर एक नाले को पार करने के बाद संदिग्ध गतिविधियों को भांपते हुए इलाके की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान 214वीं बटालियन की बीडीएस टीम ने क्रमवार पांच आईईडी बरामद किए।
बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने इन आईईडी को सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जंगल के भीतर छुपाकर लगाया था। घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाके को ध्यान में रखते हुए यह विस्फोटक अत्यधिक खतरनाक तरीके से प्लांट किए गए थे ताकि सुरक्षाबलों की मूवमेंट के दौरान उन्हें भारी नुकसान हो सके। लेकिन सतर्कता और सटीक खोजबीन के चलते बीडीएस टीम ने इन सभी आईईडी को समय रहते डिटेक्ट कर निष्क्रिय कर दिया। वहीं, नारायणपुर जिले के अभूझमाड़ क्षेत्र में सोमवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो बड़े माओवादियों को मार गिराया। इन दोनों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 40-40 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की पहचान सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई। ये दोनों तेलंगाना के करीमनगर जिले के निवासी थे और बीते तीन दशक से दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति के तहत सक्रिय रूप से माओवादी गतिविधियों में लिप्त थे।