बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की खस्ताहाल सड़कों को लेकर प्रदेशवासियों की नाराज़गी अब अदालत तक पहुंच चुकी है। हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए शासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को कठघरे में खड़ा किया है। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश (CJ) की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई, जहां अदालत ने प्रदेशभर की टूटी-फूटी सड़कों पर बेहद सख्त टिप्पणी की।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान तल्ख अंदाज में पूछा – “क्या सड़क बनाने का जिम्मा अदालत को ही उठाना पड़ेगा? अगर आप नहीं तो क्या हम बनायेंगे सड़क?” कोर्ट ने सरकार और एनएचएआई की ओर से लगातार हो रही लापरवाही पर सवाल खड़े किए और कहा कि केवल औपचारिक मरम्मत (पेचिंग) से समस्या का समाधान नहीं होगा। “क्या आपको लगता है कि सिर्फ पेचिंग करने से सड़कें दुरुस्त हो जाएंगी और दोबारा दरारें नहीं पड़ेंगी?” – कोर्ट ने तीखे स्वर में सवाल दागे।
मामला विशेष रूप से एनएच-90 (National Highway 90) की खस्ताहाल स्थिति से जुड़ा है। इस मार्ग पर जगह-जगह दरारें और गड्ढे बने हुए हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। इस पर जवाब देते हुए शासन की ओर से कहा गया कि सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए स्टडी की जा रही है। इस पर अदालत ने चुटकी लेते हुए कहा – “क्या स्टडी पूरी करने में दो-तीन जन्म लगेंगे? यह मॉडर्न इंडिया है, लेकिन अभी भी कॉपी-किताब और पेन से ही काम चल रहा है।”
एनएचएआई ने कोर्ट को जानकारी दी कि रतनपुर से सेंदरी तक का काम पूरा हो चुका है, वहीं रायपुर रोड का लगभग 70% काम संपन्न हो गया है। बाकी काम अगले 10 से 15 दिनों में पूरा होने का दावा किया गया। हालांकि, कोर्ट ने इस दावे पर संतोष नहीं जताया और कहा कि केवल बयानबाज़ी से सड़कें नहीं सुधरेंगी।
शासन की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया ताकि विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दो सप्ताह के भीतर फोटो सहित पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अदालत ने कहा कि अब केवल कागज़ी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी, ज़मीनी हकीकत दिखाने वाले सबूत पेश करना होंगे।
इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 सितंबर को होगी। तब तक शासन और एनएचएआई को ठोस और पारदर्शी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखनी होगी।
हाईकोर्ट की इस सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश की टूटी-फूटी सड़कों की सुध ली जाएगी और लोगों को जल्द ही सुरक्षित व बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे देश और दुनिया में अपनी पहचान बना सकें और विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित कर सकें। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में मंत्री वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का ड्रॉपआउट नहीं होना चाहिए, इसके लिए विश्वविद्यालयों को कड़ी निगरानी रखनी होगी और विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कुलपतियों से कहा कि परीक्षा का टाइम-टेबल पहले से तय करें, ताकि परीक्षाएं समय पर आयोजित हो सकें।
बैठक में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों पर चर्चा की गई। मंत्री टंकराम वर्मा ने विश्वविद्यालयों से अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं के कोर्स और नई शैक्षणिक योजनाओं को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं नॉन-शैक्षणिक पदों की स्थिति, स्वीकृत पद, कार्यरत प्राध्यापकों की संख्या एवं पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने अवगत कराया कि सभी पाठ्यक्रम यूजीसी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निर्धारित होंगे। कुलपतियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध कॉलेजों की स्थिति का प्रस्तुतीकरण भी दिया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। गुरूवार को भी प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। वहीं राजधानी रायपुर में भी मौसम खुशनुमा बना हुआ है। राजधानी में गुरुवार दिन भर बदल छाए रहे। इसी बीच मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर,सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, और दुर्ग जिले आज भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कहीं-कहीं शाम के समय अचानक मौसम बदला और तेज़ बारिश हुई।
दुर्ग। प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज लोक निर्माण विभाग कार्यालय दुर्ग के सभाकक्ष में समस्त विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काजों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, जिला पंचायत की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे भी सम्मिलित हुए। साथ ही कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित समस्त विभाग के अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों में सार्वजनिक महत्व के कार्यों को प्राथमिकता देवें। अधिकारी नवाचार के साथ त्वरित विभागीय कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की टेन्डर स्वीकृति के पश्चात् विभागीय समन्वय के साथ कार्यों में प्रगति लायें।
समीक्षा के दौरान मंत्री श्री यादव ने अवगत कराया कि गांवों में बने रीपा सेन्टरों में ग्रामोद्योग के माध्यम से लघु उद्योग स्थापित किए जायेंगे। इसी प्रकार गौठानों को गौधाम के रूप में विकसित किया जाएगा। मंत्री श्री यादव ने जिले के किसानों की धान खरीदी हेतु बनाए गए उर्पाजन केन्द्रों में सभी आवश्यक मरम्मत कार्य अभी से प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग के अधिकारी कार्यक्रम आयोजित कर हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभान्वित हितग्राहियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सामग्री/राशि का चेक वितरण सुनिश्चित करें। मंत्री श्री यादव ने नगरीय निकायों में कचरा निष्पादन की जानकारी ली। मंत्री जी को अवगत कराया गया कि भिलाई नगर निगम में एजेंसी तय हो गयी है, साथ ही एग्रीमेंट भी कर लिया गया है। मंत्री श्री यादव ने नगर निगम भिलाई को अपशिष्ट प्रबंधन ईकाई में दुर्ग एवं अन्य नगरीय निकायों को भी शामिल करने कहा। दुर्ग नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रबंधन हेतु जेवरा सिरसा में निर्मित मुरूम खदान का चयन किया गया है। पानी सूखने पर अपशिष्ट पदार्थ उक्त खदान में डम्प कर समतल बनाया जाएगा। मंत्री श्री यादव ने यहां पर कचरा डम्प करने से पूर्व दीवार बनाने के निर्देश दिये है। उन्होंने दुर्ग के इंदिरा मार्केट में मल्टी लेवल पार्किंग, साइंस कॉलेज के बाजू से स्टेशन रोड तक केनाल रोड निर्माण, नालंदा परिसर आदि की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। साथ ही राशि स्वीकृति हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवगत कराया कि चण्डी मंदिर से नयापारा मार्ग, महाराजा चौक से बोरसी मार्ग और मिनीमाता चौक से जेल तिराहा मार्ग हेतु शासन से राशि स्वीकृत हो गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी विद्युत लाईन शिफ्टिंग, पानी पाईप लाईन एवं मुआवजा वितरण आदि के लिए संबंधित विभागों को पत्राचार कर समन्वय के साथ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। मंत्री श्री यादव ने ग्राम बघेरा से ब्रम्हकुमारी आनंद सरोवर होते हुए बायपास तक पहुंच मार्ग का उन्नयन एवं निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने आवश्यक पहल करने कार्यपालन अभियंता पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया। उन्होंने नगर निगम भिलाई, भिलाई-3 चरोदा एवं रिसाली के निगम आयुक्त को संबंधित निकायों में सार्वजनिक महत्व के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए कार्य चिन्हित कर प्रस्ताव शासन को भेजने तथा स्वीकृति पश्चात् जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में समारोह पूर्वक भूमिपूजन कराने के निर्देश दिए।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि सभी नगर निगम में जर्जर स्कूलों का आवश्यकता के अनुसार मरम्मत को प्राथमिकता देवें। उन्होंने अवगत कराया कि प्रत्येक नगर निगम में एक मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे। इसी प्रकार नगर निगम की ग्रंथालयों में आवश्यक व्यवस्था हेतु शासन द्वारा राशि का प्रावधान किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षा के प्रतिभागियों के लिए नालंदा परिसर आदि की व्यवस्था की जा रही है। मंत्री श्री यादव ने नेहरू नगर, अंजोरा बायपास रोड के धमधा-बोगदा-पुलिया से उरला तक सर्विस रोड निर्माण और दुर्ग नगर में स्वीमिंग पुल का जिक्र करते हुए कहा कि नगर निगम दुर्ग में विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के साथ समयावधि में पूर्ण कराएं। उन्होंने उमरपोटी में 400 केवी ट्रांसमिसन विद्युत लाईन के प्रभावितों को मुआवजा राशि और ग्राम कातरो में विद्युत करेंट से मृत महिला के परिजन को मुआवजा राशि दिलाने आवश्यक पहल करने अधीक्षण अभियंता सीएसपीडीसीएल को निर्देशित किया। उन्होंने जिला अस्पताल सहित जिले के सभी शासकीय चिकित्सालयों में आवश्यक जन औषधि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने सीएमएचओ को निर्देशित किया। साथ ही जिला अस्पताल में विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया कलेक्टर के अनुमोदन से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। मंत्री श्री यादव ने जिला पंचायत के सीईओ को ग्रामवार रीपा केन्द्रों की सूची उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने अवगत कराया कि पूर्व में बने रीपा केन्द्रों में ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से ग्रामीणों के लिए लघु उद्योग धंधे स्थापित किए जाएंगे। इसी प्रकार पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व निर्मित गौठानों को गौधाम में परिवर्तित कर रात्रि में यहां पशुओं को रखने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी को गौठान अवलोकन कर प्रस्ताव कलेक्टर को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मंत्री श्री यादव ने रूआबांधा एवं देवधर मानव निर्मित वन को बेहतर करने के संबंध में वन विभाग के प्रस्ताव पर बीएसपी द्वारा एनओसी नहीं दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्री सिंह को बीएसपी द्वारा सीएसआर मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, ग्रामीण विकास, गरीबी उन्मूलन और राष्ट्रीय विरासत की सुरक्षा आदि का ब्यौरा मंगवाने कहा। उन्होंने जिले में किसानों की उपज की खरीदी हेतु बनाए गए उपार्जन केन्द्रों में चबूतरे एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्य चिन्हांकित कर कार्य प्रारंभ कराने सहकारिता विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। जिले के शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में एपीएल चावल की उपलब्धता के संबंध में शासन को पत्राचार करने और राशन दुकान संचालनकर्ता को बारदाने की राशि दिलाने आवश्यक पहल करने खाद्य नियंत्रक को निर्देशित किया। मंत्री श्री यादव ने स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट करते हुए बैंको को छात्रवृत्ति राशि से जीरो बैलेंस खाते पर बैंकों द्वारा पेनाल्टी राशि नहीं काटे जाने संबंधित नोटिस जारी करने कहा। मंत्री श्री यादव ने जलाशयों में जल-भराव की जानकारी ली तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारी को तांदुला नहर से बेमेतरा-बेरला क्षेत्र के टेल एरिया तक सिंचाई पानी पहुंचाने पहल करने के निर्देश दिए। उन्होेंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को जिले के सियान सदन में वृद्धजनों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं हेतु प्लानिंग के साथ कार्यवाही करने कहा है।
महासमुंद। औद्योगिक कारखानों के निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा प्लोटेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड बिरकोनी पहुंचकर जांच किया गया। निरीक्षण के दौरान शशिकांत सिंह प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद, डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग, राम कुमार ध्रुव जिला परिवहन अधिकारी, सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान विभाग उपस्थित रहे। परिवहन विभाग द्वारा जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के द्वारा जांच किया गया, जिसमें कारखाना में किसी प्रकार की कमियां नही पाई गई। विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में उक्त संस्थान में उपयोग किए जा रहे गैर स्वचालित तौल उपकरणों के सत्यापन के संबंध में नोटिस जारी किया जा रहा है।
श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। ओवर टाईम के संबंध में प्रबंधन द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर कारण बताओं सूचना पत्र प्रेषित किया जाएगा। 03 ठेकेदार कार्यरत पाया गया, जिनके द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970 अंतर्गत लाइसेंस नहीं लिया गया है। तत्संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसी तरह मेसर्स सेवियो बायो ऑर्गेनिक एंड फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड बिरकोनी का निरीक्षण किया गया। जिसमें श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच / निरीक्षण किया गया। ओवर टाईम के संबंध में प्रबंधन द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 अंतर्गत प्रमुख नियोजक का अनुज्ञप्ति नही लिया जाना पाया गया। जिसके संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में इस साल की गणेश उत्सव में लगाए गए AI तकनीक से बनी गणेश प्रतिमाओं को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार देर रात लाखेनगर मंडल में हंगामे की स्थिति बन गई, जब शिवसेना, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे।
अश्लील गानों पर भड़के कार्यकर्ता
सूत्रों के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब गणेश पंडाल में देर रात तेज आवाज में अश्लील गाने बजाए जा रहे थे। इस पर हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजन में इस तरह के गाने न केवल आस्था को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि परंपराओं का भी अपमान है। इसके साथ ही, संगठनों ने AI से बनी गणेश प्रतिमाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि "आस्था और परंपरा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
लाखेनगर मंडल बना विवाद का केंद्र
रायपुर का लाखेनगर गणेश मंडल इस बार अपनी AI तकनीक से तैयार की गई गणपति प्रतिमा के कारण सुर्खियों में है। यहां पर बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन बीती रात अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदू संगठनों ने मंडल पहुंचकर प्रतिमा को तत्काल विसर्जित करने की मांग की। उनका आरोप है कि आस्था से जुड़े आयोजन में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर दिखावा किया जा रहा है और धार्मिक भावनाओं का अपमान हो रहा है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी लाखेनगर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में एहतियातन पुलिस बल तैनात है।
रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि महिला स्व सहायता समूह केवल परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार नहीं हैं, बल्कि वे समाज में आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और सामाजिक परिवर्तन की सशक्त मिसाल भी हैं। इन समूहों ने साबित किया है कि सामूहिक प्रयास से बड़ी से बड़ी चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है।
आज माना कैंप में आयोजित स्व सहायता समूह सम्मान समारोह में शामिल होकर सांसद श्री अग्रवाल ने महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने समूहों की आर्थिक मजबूती के लिए 68 महिला स्व सहायता समूहों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाएँ आज गाँव-गाँव और बस्तियों की बहनों के जीवन में परिवर्तन की नई रोशनी ला रही हैं। ये योजनाएँ न केवल आजीविका का साधन बन रही हैं, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं।
कार्यक्रम में जिला भाजपा उपाध्यक्ष श्यामा चक्रवर्ती, नगर पंचायत अध्यक्ष संजय यादव, मंडल अध्यक्ष भीमवंत निषाद, पूर्व मंडल अध्यक्ष रविन्द्र सिंह ठाकुर, नपा उपाध्यक्ष के. एबु, उर्मिला चौहान, पार्षद राखी मंडल, पार्षद काजल मंडल समेत समस्त पदाधिकारी माना मंडल उपस्थित रहे।
रायपुर। “युवा सिर्फ भविष्य नहीं हैं, बल्कि आज के भारत की सबसे बड़ी ताक़त हैं। उनके जोश, ज्ञान और संकल्प के बल पर ही हम 2047 तक विकसित भारत का स्वप्न साकार करेंगे।” यह कहना है लोकप्रिय सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का, जिन्होंने राजधानी स्थित कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित “नया भारत उत्सव” में शामिल होकर भविष्य के भारत निर्माता युवाओं से संवाद किया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बीते 11 वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनमें विकसित भारत 2047 का संकल्प, ऑपरेशन सिंदूर की अभूतपूर्व सफलता और छत्तीसगढ़ का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने भी उनसे सवाल पूछे।
एनआईटी की छात्रा इशिता तिवारी ने जब पूछा कि “मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?” तो सांसद श्री अग्रवाल ने कहा “पूरे देश को मान-सम्मान और स्वाभिमान दिलाते हुए भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में ले जाना ही मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
इसी तरह तृप्ति ने जब प्रश्न किया कि “विकसित भारत बनाने में छत्तीसगढ़ का क्या योगदान होगा?” इस पर श्री अग्रवाल ने कहा जिस दिन हम नए भारत के लोग जागरूक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे, उस दिन केवल हमारे गली-मोहल्ले ही नहीं, बल्कि पूरा राज्य और देश विकसित होगा। छत्तीसगढ़ के पास कोयले और अन्य खनिज संपदा के साथ ही अब लीथियम का भंडार मिला है, जो आर्थिक रूप से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी युवाओं से समाज के उत्थान, राज्य और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
इस अवसर पर विकसित भारत-2047 एवं ऑपरेशन सिंदूर विषय पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। गौरतलब है कि एनआईटी, एम्स, ट्रिपल आईटी, आईआईएम, सिपेट समेत 100 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के 50 हज़ार से अधिक विद्यार्थियों ने इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया था।
कार्यक्रम में कुलपति कृषि विश्वविद्यालय डॉ. गिरीश चंदेल, भाजपा ज़िला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, ज़िला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, सुप्रसिद्ध शिक्षाविद जी. स्वामी, शताब्दी पांडेय, कार्यक्रम संयोजक दान सिंह देवांगन और कार्यक्रम प्रभारी संजय जोशी समेत बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में स्थित लुत्ती बांध के टूटने की घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्री साय ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि मैदानी अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतत रूप से फील्ड में जाकर बांधों सहित अन्य संरचनाओं का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने, सभी बांधों की जलभराव क्षमता, वर्तमान सिंचाई स्थिति और आगामी परियोजनाओं की प्रगति आदि के सम्बन्ध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा–निर्देश दिए। साथ ही विशेष रूप से बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 का कड़ाई से पालन करने तथा जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने लक्षित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई क्षमता के बीच अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग की अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर बल दिया, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में 04 वृहद परियोजनाएँ, 357 लघु परियोजनाएँ और 300 एनीकेट, इस प्रकार कुल 661 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 1036 जीर्णोद्धार कार्य भी चल रहे हैं। इस तरह कुल 1697 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनमें लगभग ₹8966 करोड़ की राशि व्यय होगी।
इस बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके तथा बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग मंडलों के मुख्य अभियंता सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एफआईई) को चौथे भारत उद्यमिता शिखर सम्मेलन में राष्ट्रीय इन्क्यूबेटर पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन 13 सितंबर को नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में होगा। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एनआईटी रायपुर-एफआईई के उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। संस्था को यह सम्मान राज्य में 35 से आधिक नये स्आर्टअप्स को मार्गदर्शन और उन्हें उत्कृष्ट तकनीकी सहयोग के लिए मिलेगा। भारत उद्यमिता शिखर सम्मेलन का आयोजन भारतीय उद्यमी संघ (ईएआई) और एंटरप्राइजिंग जोन-ईजेड द्वारा किया जा रहा है, जो भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेशन केंद्र है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लगातार स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिल रहा है। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ में तेजी से बदल रहे औद्योगिक वातावरण को प्रोत्साहित करेगा। एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय इन्क्यूबेटर पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। स्टार्टअप्स के पोषण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एनआईटी रायपुर-एफआईई की टेक्नोलॉजी आधारित गतिविधियां हमारे राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी, और छत्तीसगढ़ को नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। मुख्यमंत्री ने पूरी टीम को बधाई देते देते हुए उम्मीद जताई कि यह संस्था युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने और तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाने में निरंतर सफलता हासिल करेगी।
एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि राष्ट्रीय इन्क्यूबेटर पुरस्कार नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में संस्था की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि एफआईई लगातार एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने में जुटा है, जो तकनीकी स्टार्टअप्स को सहयोग देकर उन्हें सफल उद्यमों में बदलता है। यह उपलब्धि उन्हें नई पीढ़ी के उद्यमियों को और मजबूती देने की प्रेरणा देती है।
गौरतलब है कि एनआईटी रायपुर-एफआईई एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में मार्च 2021 में स्थापित हुआ। जो एनआईटी रायपुर का प्रौद्योगिकी व्यापार इन्क्यूबेटर है और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की राष्ट्रीय नवाचार विकास और दोहन पहल (निधि) योजना के तहत कार्य करता है। संस्था ने अब तक छत्तीसगढ़ में 35 से अधिक स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया है। इनमें से कुछ स्टार्टअप्स गवर्नेंस और मेडिकल उपकरण निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। जबकि कुछ एनालिटिक्स, डीप-टेक, क्लीन टेक और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) समेत अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े हैं।
एनआईटी रायपुर एफआईई का संचालन निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव और कैरियर डेवलपमेंट सेंटर प्रमुख डॉ. समीर बाजपेयी के नेतृत्व में हो रहा है। परिचालन टीम में डॉ. अनुज कुमार शुक्ला (फैकल्टी प्रभारी), पवन कटारिया (अधिकारी प्रभारी) और सीईओ मेधा सिंह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। एफआईई ने तकनीकी स्टार्टअप्स को व्यापक सहयोग देकर खुद को देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित किया है। जिनमें स्टार्टअप शुरू करना, कंपनी बनाना, तकनीकी मार्गदर्शन समेत स्टार्टअप्स से जुड़े सभी तरह के समर्थन शामिल हैं। छत्तीसगढ़ का कोई भी युवा यदि अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहता है तो वह इसके लिए एनआईटी रायपुर एफआईई से संपर्क कर सकता है।
रायपुर। NHM कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद आंदोलनरत कर्मचारी आक्रोशित हो गए हैं. प्रदेशभर में आज एनएचएम कर्मचारियों ने अपने-अपने जिले के स्वास्थ्य अधिकारी को सामूहिक इस्तीफा सौंपा है. बलौदाबाजार जिले में 421 एनएचएम कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है.
बता दें कि नोटिस के बाद भी काम पर नहीं लौटने पर सरकार ने 35 एनएचएम अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा समाप्ति कर दी है. इसके चलते अब आक्रोश बढ़ गया है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय रायपुर में रायपुर जिले के NHM अधिकारी-कर्मचारी इस्तीफा देने पहुंचे हैं. CMHO कार्यालय के सामने प्रदर्शन जारी है.
नियमितीकरण समेत 10 सूत्री मांगो को लेकर NHM कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. बलौदाबाजार जिले में 421 एनएचएम कर्मचारियों ने अपना इस्तीफा सीएमएचओ को सौंप दिया है. वहीं कांकेर में 655 स्वास्थ्यकर्मियों ने अपना सामूहिक इस्तीफा जिला स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपा है.
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तकनीकी शिक्षा विभाग के एक आदेश को खारिज करते हुए एक कर्मचारी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कहा कि 16 साल बाद की जाने वाली वेतन वसूली पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। न्यायमूर्ति ए.के. प्रसाद की एकलपीठ ने कहा कि यदि विभागीय गलती से अधिक वेतन दिया गया है तो उसका बोझ कर्मचारी पर नहीं डाला जा सकता।
मामला एक सरकारी सेवक से जुड़ा है, जो 1996 में तकनीकी शिक्षा विभाग में व्याख्याता बना और बाद में प्राचार्य पद तक पहुँचा। विभाग ने 21 दिसंबर 2022 को आदेश जारी कर यह कहते हुए वसूली शुरू कर दी थी कि 2006 के बाद से उसे अधिक वेतन मिला है। जबकि वेतन निर्धारण पूरी तरह विभागीय अधिकारियों के आदेश से हुआ था और इसमें कर्मचारी की कोई भूमिका नहीं थी। याचिकाकर्ता के वकील मतीन सिद्दीकी और दीक्षा गौराहा ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के स्टेट ऑफ पंजाब बनाम रफीक मसीह (2015) फैसले के अनुसार, यदि अतिरिक्त भुगतान कर्मचारी की धोखाधड़ी या गलत सूचना देने से नहीं हुआ है तो वसूली नहीं की जा सकती। इस सिद्धांत की पुष्टि बाद में थॉमस डेनियल (2022) और जोगेश्वर साहू (2023) मामलों में भी हुई है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में कहीं भी ऐसा नहीं है कि कर्मचारी ने विभाग को गुमराह किया हो। वह केवल वही वेतन लेता रहा जो विभाग ने खुद तय किया था। अदालत ने माना कि इतने लंबे समय बाद वसूली करना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि कर्मचारी पर असहनीय आर्थिक बोझ डालने जैसा है। अदालत ने 21 दिसंबर 2022 का आदेश निरस्त कर वसूली पर रोक लगा दी। साथ ही कहा कि यदि पहले से कोई राशि वसूल की गई है तो तीन महीने के भीतर लौटाई जाए। हालांकि, अदालत ने विभाग को यह स्वतंत्रता भी दी कि भविष्य में नियमों के अनुसार वेतन संशोधन किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कर्मचारी को सुनवाई का अवसर देना होगा।
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 का आठवां दिन विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लोक-शास्त्रीय कलाओं की अनूठी छटा से सराबोर रहा। रामलीला मैदान में आयोजित सुर, ताल, छंद और घुंघरू के आठवें दिन कलाकारों की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और समारोह की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार रामदास अठावले ने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना, राजा चक्रधर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राजा चक्रधर सिंह केवल रायगढ़ के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। वे एक महान शासक, समाजसेवी और संगीत साधक थे। गरीबों, किसानों, मजदूरों और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए उन्होंने कार्य किया और कथक को नया आयाम देकर ‘रायगढ़ घराने‘ की स्थापना की। आज उनका यह सांगीतिक धरोहर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान पा रहा है। इस मौके पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
चक्रधर समारोह में आठवें दिन का मुख्य आकर्षण अबूझमाड़ का प्रसिद्ध मल्लखंभ दल रहा। उनकी रोमांचक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को उत्साहित कर तालियों से सभागार गूंजा दिया। इस अवसर पर रायपुर की आशिका सिंघल, संगीता कापसे संगीत कला अकादमी रायपुर, दुर्ग की देविका दीक्षित, बिलासपुर की वासंती वैष्णव एवं टीम, जबलपुर की निलांगी कालान्तरे और बेंगलुरु के डॉ.लक्ष्मी नारायण जेना ने कथक की विभिन्न शैलियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। रायपुर की अजीत कुमारी कुजूर ने भरतनाट्यम और मुंबई के अर्नव चटर्जी ने मधुर गायन से समा बांध दिया। चक्रधर समारोह के अवसर पर पद्मश्री स्व. डॉ. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में विशेष काव्य संध्या का आयोजन हुआ। कवियों की प्रस्तुतियों में हास्य, वीर रस और व्यंग्य का सुंदर संगम देखने को मिला। दर्शक देर तक तालियों से कवियों का उत्साहवर्धन करते रहे।
अबूझमाड़ के विश्व प्रसिद्ध मल्लखंब दल ने दिखाया ताकत, संतुलन और लचीलेपन का अद्भुत संगम चक्रधर समारोह में उस समय अविस्मरणीय बन गई, जब अबूझमाड़ से आए मनोज प्रसाद के नेतृत्व में मल्लखंब दल ने मंच पर प्रवेश किया। परंपरा, अनुशासन और अद्भुत संतुलन के साथ खिलाडिय़ों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा कार्यक्रम स्थल रोमांचित हो उठा। बस्तर और नारायणपुर के छोटे-छोटे गांवों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचे इंडियाज गॉट टैलेंट सीजन-10 के विजेता नरेंद्र गोटा और फुलसिंह सलाम ने अपने साथियों संग अद्भुत मल्लखंब कला की प्रस्तुति दी।
मंच पर कलाकारों ने खंभे पर कौशल, कला व जिम्नास्टिक की अद्भुत मुद्राओं का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस प्रस्तुति ने साबित कर दिया कि सुदूर वनांचल की प्रतिभाएं अब विश्व मंच तक अपनी पहचान दर्ज करा रही हैं। समारोह में उपस्थित हजारों दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से इन कलाकारों की सराहना की और उन्हें छत्तीसगढ़ का गौरव बताया। यह वही दल है जिसने 2023 में इंडियाज गॉट टैलेंट सीजन 10 जीतकर पूरे देश का दिल जीता था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी इन कलाकारों ने भारत का परचम लहराया है।
इन कलाकारों की सफलता के पीछे है अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी, जो 2018 से आदिवासी अंचलों के बच्चों को प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है। अब तक इस अकादमी के 500 से अधिक राष्ट्रीय पदक विजेता तैयार हो चुके हैं और 50 से अधिक बच्चे यहाँ रहकर शिक्षा एवं मल्लखंब की विधिवत ट्रेनिंग ले रहे हैं। इनके प्रशिक्षक मनोज प्रसाद ने अपनी मेहनत, समर्पण और जुनून से इन बच्चों को विश्वस्तरीय मंच दिलाया है।
रायपुर। बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।
बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।
सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके।
स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में कृषि केन्द्रों का सतत निरीक्षण जारी है। इसी क्रम में प्रभारी उप संचालक कृषि भीमराव घोडे़सवार के मार्गदर्शन में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ब्रजेश तुरकाने द्वारा पिथौरा के उर्वरक दुकानां का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म चंचला कृषि केन्द्र लोहरीनडोगरी, मुकेश कृषि सेवा केन्द्र सोनासिल्ली के प्रतिष्ठान में पी.ओ.एस. स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा संबंधित फर्मो द्वारा मासिक प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने के कारण संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 03 दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है।
इसी प्रकार चंचला कृषि केन्द्र लोहरीनडोगरी एवं पटेल ब्रदर्स पिथौरा द्वारा बिना स्त्रोत के कीटनाशी दवा के विक्रय करने के कारण संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संबंधित फर्म से जवाब प्राप्त होने के पश्चात् उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं कीटनाशी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कृषको से अपील की है कि कृषक बिल लेकर ही उर्वरक का विक्रय करें एवं कालाबाजारी की शिकायत पाए जाने पर संबंधित विकासखण्डों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क करे।
रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गर्मा गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हड़ताल को अनुचित ठहराते हुए कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
छत्तीसगढ़ में NHM कर्मियों की हड़ताल को लेकर राजनीति तेज हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हड़ताल को अनुचित बताते हुए कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर टालमटोल का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों से बातचीत की मांग की।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि NHM कर्मचारियों की अधिकांश मांगों को पहले ही पूरा कर दिया गया है। कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है और अब प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मौसमी बीमारियों का सीजन है और ऐसे समय में स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करना सही नहीं है। मंत्री ने कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा,
“मैं सभी से निवेदन करता हूं कि काम पर वापस लौट आएं। सरकार उनकी मांगों को सुन रही है और समाधान की दिशा में कदम उठा रही है।”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का पलटवार
वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि NHM के कर्मचारी हड़ताल पर हैं और सीएम हाउस का घेराव कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।बैज ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा,
“बीजेपी ने चुनाव के दौरान ‘मोदी गारंटी’ का नारा देकर NHM कर्मचारियों से वोट लिया था, लेकिन अब उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। सरकार सिर्फ टालमटोल कर रही है।”
बैज ने साफ कहा कि सरकार को तुरंत कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए और हड़ताल खत्म करवाना चाहिए।
बढ़ती परेशानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
NHM कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेश के कई हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण इलाकों में दवाइयों और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं बाधित हो रही हैं। ऐसे में सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और NHM कर्मचारियों के बीच कब और कैसे बातचीत आगे बढ़ती है। मंत्री के आश्वासन और कांग्रेस की सख्त प्रतिक्रिया के बीच कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। श्री कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राम कुमार टोप्पो, विधायक आशाराम नेताम, विधायक प्रबोध मिंज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राम सेवक सिंह पैकरा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेन, सभापति जिला पंचायत धमतरी टीकाराम कंवर, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज हरवंश सिंह मिरी, अध्यक्ष कंवर समाज रायपुर महानगर मनोहर सिंह पैकरा सहित कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय भारत की कर प्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री की Ease of Doing Business और Ease of Living की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।