प्रदेश
जेलों में अवैध वसूली पर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया, डीजी जेल से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
बिलासपुर। प्रदेश की जेलों में कैदियों और उनके परिजनों से की जा रही अवैध वसूली को हाईकोर्ट गंभीर मामला मानते हुए राज्य सरकार और जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जेलें सुधारगृह कहलाती हैं, लेकिन यहां से यदि भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की खबरें आती हैं तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
मामले में हाईकोर्ट को सौंपे गए हलफनामे में बताया गया कि दुर्ग सेंट्रल जेल से अब तक वसूली के 87 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से छह मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और पांच में मुकदमे लंबित हैं। एक मामले में आरोपित बरी हो गया, जबकि एक प्रकरण की जांच जारी है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि जेल के बाहर स्थित एक नाश्ता केंद्र के मोबाइल नंबर से फोन-पे के जरिए कैदियों के परिजनों से पैसे वसूले जाने का पर्दाफाश हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिला जेल में दो गार्डों द्वारा कैदी के परिजनों से पैसों की मांग का मामला साबित हुआ। पुलिस जांच के बाद जिला जेल अधीक्षक ने कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा। इसी तरह सारंगढ़-बिलाईगढ़ उपजेल में कैदियों से वसूली और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया, जिसमें छह आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है और अब मामला ट्रायल कोर्ट में लंबित है।
जशपुर जिला जेल में एक अधिवक्ता ने शिकायत की थी कि उसके भाई से जेल गार्ड द्वारा फोन काल की सुविधा दिलाने के नाम पर पैसों की मांग की गई। इस मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने समिति गठित कर दी है, जिसकी कार्यवाही अभी चल रही है।
कोर्ट ने कहा कि जेलों में इस तरह की घटनाएं कैदियों के मूल अधिकारों का उल्लंघन हैं और यह कानून व्यवस्था पर गहरी चोट है। जेल कर्मचारियों द्वारा पैसों की वसूली, कैदियों की पिटाई और आनलाइन भुगतान तक का इस्तेमाल किया जाना बेहद गंभीर अपराध है। इस पर कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने डीजी जेल को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि दोषियों पर ठोस कार्रवाई के तथ्य अदालत के समक्ष रखे जाएं।
मुख्यमंत्री साय से स्वामी वल्लभाचार्य महाराज ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रीरामहर्षण मेथिल संख्य पीठाधीश्वर, श्री अयोध्याधाम से पधारे स्वामी वल्लभाचार्य महाराज ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर स्वामी वल्लभाचार्य महाराज ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 5 से 14 अक्टूबर 2025 तक अयोध्या, उत्तरप्रदेश में आयोजित होने वाले “अंतर्राष्ट्रीय 51 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीराम मंत्र जप अनुष्ठान महायज्ञ” के भव्य समारोह के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमंत्रण के लिए स्वामी वल्लभाचार्य महाराज के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की सरकारी भूमि पर ऑक्सीजोन और खेल मैदान बनाने की मांग
रायपुर। राजधानी रायपुर की बढ़ती आबादी, यातायात और प्रदूषण की समस्याओं को देखते हुए सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। उन्होंने आग्रह किया है कि सिंचाई कॉलोनी शांति नगर, कृषि उपज मंडी मैदान पंढरी तराई एवं भैसथान अग्रसेन चौक रायपुर जैसी शासकीय भूमि पर व्यावसायिक या आवासीय कॉम्प्लेक्स निर्माण करने के बजाय इन्हें ऑक्सीजोन, गार्डन एवं खेल मैदान के रूप में विकसित किया जाये।
सांसद श्री अग्रवाल ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि राजधानी रायपुर में लगातार जनसंख्या और वाहनों की संख्या बढ़ने से शहर की सड़कें छोटी पड़ गई हैं। शहरवासियों को प्रदूषण और यातायात जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में नई-नई व्यावसायिक योजनाएँ या आवासीय कॉम्प्लेक्स बनाना जनता के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि रायपुर की जनता का भी स्पष्ट मत है कि इन स्थानों पर हरियाली, ऑक्सीजोन और खेलकूद की सुविधाएँ विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने याद दिलाया कि भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने इन स्थलों पर आवासीय और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण का निर्णय लिया था, जिसका उन्होंने तब भी कड़ा विरोध किया था और जनता के आक्रोश के चलते शांति नगर योजना रोकनी पड़ी थी।
श्री अग्रवाल ने यह भी सुझाव दिया कि नई राजधानी अटल नगर (नया रायपुर) में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और वहां बसाहट की आवश्यकता भी है, अतः सरकार चाहे तो वहां नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स एवं आवासीय भवन विकसित कर सकती है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि “शहर के भीतर अब कंक्रीट के जंगल नहीं, बल्कि स्वस्थ और हरित वातावरण की आवश्यकता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें ऑक्सीजोन और खेल मैदान की सौगात देनी चाहिए। लोकहित और लोकस्वास्थ्य ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
जनता के हित में अपनी सशक्त आवाज उठाकर श्री अग्रवाल ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वे केवल विकास के पक्षधर नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य, भविष्य और शहर के संतुलित विकास को लेकर सजग भी हैं।


मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद ने एसईसीएल में तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान का शुभारंभ
रायपुर। एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तीन माह के निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द उपस्थित थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने की। इस अवसर पर सुनील जैन, आयुक्त, बिलासपुर संभाग; एसईसीएल निदेशक (तकनीकी – संचालन सह योजना/परियोजना) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार; निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन की विशिष्ट उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात् अतिथियों द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। तत्पश्चात् कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत प्रस्तुत किया गया।
इसके उपरांत सीएमडी एसईसीएल हरीश दुहन ने सभी उपस्थितों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।
मुख्य अतिथि पी. दयानन्द ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में चाहे पीएसयू हों या राज्य शासन, पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन निश्चित रूप से सतर्कता एवं पारदर्शी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और राज्य शासन दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं तथा क्षेत्र के विकास के लिए दोनों के बीच परस्पर सहयोग एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि मैं टीम एसईसीएल के प्रत्येक सदस्य से यह आह्वान करना चाहता हूँ कि हम जो भी कार्य करें, नियम एवं नीति के दायरे में रहकर पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ करें।
राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि एसईसीएल को अपने कार्यसंचालन को बेहतर बनाने के लिए राज्य शासन से निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होता रहता है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष हम मेगा प्रोजेक्ट्स में भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति ला पाए हैं। इस दौरान उन्होंने भू-अधिग्रहण एवं अन्य क्षेत्रों में राज्य शासन से वांछित सहयोग से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की।
मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने बताया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा इस वर्ष के अभियान की थीम “सतर्कता : हमारी साझा ज़िम्मेदारी” निर्धारित की गई है। इस अभियान के पाँच प्रमुख बिंदु हैं – लंबित शिकायतों का निपटान, लंबित मामलों का निपटान, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का संचालन, संपत्तियों का प्रभावी प्रबंधन तथा डिजिटल पहलों को बढ़ावा देकर कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक एवं पारदर्शी बनाना।
सतर्कता विभाग द्वारा एसईसीएल में कार्यसंचालन को बेहतर बनाने हेतु कई प्रयास किए गए हैं। जैसे – कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए थर्ड पार्टी टेस्टिंग, CCTV निगरानी और रियल टाइम सुपरविजन से पारदर्शी प्रणाली का विकास। खरीद प्रक्रियाओं में SOP आधारित बिल प्रोसेसिंग, FIFO क्लियरेंस और SAP आधारित ट्रैकिंग लागू की गई है। संपत्ति प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए मशीनों का सत्यापन और डिजिटल टैगिंग की गई है। जटायु डैशबोर्ड, डिजीकोल और इंटेग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से संचालन एवं निगरानी को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया गया है।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सतर्कता) नागेश्वर राव सहित मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने भिलाईवासियों को मिली 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन से रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव सहित पूरे अंचल को लाभ मिलेगा। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और नगरीय सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव में जारी अटल विश्वास पत्र के सभी वादों को एक-एक कर पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई में नगर पालिक निगम क्षेत्र के लिए 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भिलाई नगर पालिक निगम के नए कार्यालय भवन के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा की।



मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार भरपूर सहयोग दे रही है। नगरीय सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पूरे राज्य में प्रशासन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ नागरिकों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं। अगले छह महीनों में 5 हजार और पंचायतों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। 24 अप्रैल 2026, पंचायती राज दिवस पर छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने बीते 20 महीनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया गया है। महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है, जिससे 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या यात्रा कर चुके हैं।
उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि प्रदेश में सरकार गठन के बाद पिछले एक वर्ष में सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सात हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। नगरोत्थान योजना के तहत नगरीय निकायों में योजनाबद्ध और सुनियोजित विकास के लिए राशि दी जा रही है। विगत 18 माह में अकेले नगर पालिक निगम भिलाई को विकास कार्यों के लिए 470 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश के सात नगरीय निकायों को पहली बार राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में छत्तीसगढ़ के 58 शहर पुरस्कृत हुए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पार्षद स्मृति दोड़के को स्वच्छता वार्ड के लिए शील्ड प्रदान की। प्रधानमंत्री आवास योजना के 9 हितग्राहियों को गृह प्रवेश प्रमाणपत्र, पीएम सूर्य घर योजना के तीन हितग्राहियों को प्रमाणपत्र, दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर प्रदान की गईं। महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए राशि के चेक तथा वूमेन फॉर ट्री योजना के तहत राधारानी महिला स्व-सहायता समूह को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन और नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक ललित चन्द्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व मंत्री रमशीला साहू और पूर्व विधायक लाभचंद बाफना सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : आबकारी अधिकारियों को बड़ा झटका, उच्च न्यायालय ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में एक्साइज ऑफिसर्स को बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने घोटाले में शामिल 28 आबकारी अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. बता दें कि शराब घोटाला मामले में ACB/EOW ने 29 अधिकारियों को आरोपी बनाया है.
EOW ने शराब घोटाले में इन अधिकारियों को बनाया है आरोपी
- जनार्दन कौरव, सहायक जिला आबकारी अधिकारी
- अनिमेष नेताम, उपायुक्त आबकारी
- विजय सेन शर्मा, उपायुक्त आबकारी
- अरविंद कुमार पाटले, उपायुक्त आबकारी
- प्रमोद कुमार नेताम, सहायक आयुक्त आबकारी
- रामकृष्ण मिश्रा, सहायक आयुक्त आबकारी
- विकास कुमार गोस्वामी, सहायक आयुक्त आबकारी
- इकबाल खान, जिला आबकारी अधिकारी
- नितिन खंडुजा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी
- नवीन प्रताप सिंह तोमर, सहायक आयुक्त आबकारी
- मंजुश्री कसेर, सहायक आबकारी अधिकारी
- सौरभ बख्शी, सहायक आयुक्त आबकारी
- दिनकर वासनिक, सहायक आयुक्त आबकारी
- मोहित कुमार जायसवाल, जिला आबकारी अधिकारी
- नीतू नोतानी ठाकुर, उपायुक्त आबकारी
- गरीबपाल सिंह दर्दी, जिला आबकारी अधिकारी
- नोहर सिंह ठाकुर, उपायुक्त आबकारी
- सोनल नेताम, सहायक आयुक्त आबकारी
- प्रकाश पाल, सहायक आयुक्त आबकारी
- अलेख राम सिदार, सहायक आयुक्त आबकारी
- आशीष कोसम, सहायक आयुक्त आबकारी
- ए.के. सिंह, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- राजेश जायसवाल, सहायक आयुक्त आबकारी
- जे.आर. मंडावी, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- जी.एस. नुरुटी, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
- देवलाल वैद्य, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- ए.के. अनंत, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- वेदराम लहरे, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
- एल.एल. ध्रुव, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
क्या है बी-पार्ट शराब घोटाला?
वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई. बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था.
इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे. अवैध शराब को “बी-पार्ट शराब” कहा जाता था और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी।
3200 करोड़ का घोटाला, 60 लाख से अधिक पेटियों की बिक्री
EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है. पहले इस घोटाले का अनुमान 2161 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.
लखमा, चैतन्य, टूटेजा, ढेबर समेत 15 जेल में
इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा और होटल व्यवसायी अनवर ढेबर समेत 15 लोग पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं. ईओडब्ल्यू की जांच में अब तक कुल 70 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिसमें आठ डिस्टलरी संचालक भी शामिल हैं. अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है.
गृहमंत्री विजय शर्मा का जनसंपर्क दौरा, गांववासियों से सुनी समस्याएं
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर जनसंपर्क किया। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत बीरूटोला, बाघुटोला और नवापारा का भ्रमण कर ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान गृहमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं, उनकी आवश्यकताओं और सुझावों को गंभीरता से सुना और तत्काल समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। गांववासियों ने सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार से जुड़ी अपनी समस्याओं को गृहमंत्री के समक्ष रखा। गृहमंत्री विजय शर्मा ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता गांवों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए ठोस योजनाएं लागू की जा रही हैं और ग्रामीण अंचलों में विकास की गति को और तेज किया जाएगा।
जनसंपर्क दौरे के दौरान गृहमंत्री ने कई निर्माण एवं विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें सड़कों के निर्माण और मरम्मत, पेयजल आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार शामिल है। उन्होंने कहा कि गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाओं की उपलब्धता ही वास्तविक विकास की पहचान है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों और सुझावों को प्राथमिकता के साथ सरकार तक पहुँचाया जाएगा। गृहमंत्री ने यह भी कहा कि शासन-प्रशासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का संकल्प है। इसके लिए नियमित जनसंपर्क और संवाद ही सबसे प्रभावी माध्यम है।
गांववासियों ने गृहमंत्री का स्वागत कर उनका आभार जताया और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा। गृहमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अंचल के लोगों की भागीदारी से ही विकास योजनाएं सफल होंगी और सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। जनसंपर्क दौरे में गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान गृहमंत्री ने ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। गृहमंत्री के इस दौरे से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा और उन्होंने विकास के लिए सरकार से अपनी अपेक्षाएं साझा कीं। यह जनसंपर्क न केवल समस्याओं को समझने का अवसर बना बल्कि भविष्य में विकास की ठोस योजनाओं का आधार भी तय हुआ।
मेकाहारा अस्पताल का बदलेगा स्वरूप : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने ली निर्माण एजेंसियों की बैठक
रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल के जीर्णोद्धार, नए निर्माण कार्य और 700 बेड के एकीकृत अस्पताल के निर्माण को लेकर आज मंत्रालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों से विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में यह तय किया गया कि अंबेडकर अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कर राज्य का सबसे बड़ा और उन्नत चिकित्सा केंद्र बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत न केवल 700 बेड का एकीकृत अस्पताल तैयार होगा, बल्कि मौजूदा संरचनाओं के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य होगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को बेहतर, सुलभ और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान की स्थापना और उसे अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने पर भी विचार किया गया। यह संस्थान कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में राज्य ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत में एक अहम केंद्र साबित होगा। साथ ही, चिकित्सा छात्रों के लिए नए हॉस्टल निर्माण की योजना पर भी चर्चा हुई, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय वातावरण मिल सके। अस्पताल परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी ठोस निर्णय लिए गए। हाल के वर्षों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह व्यवस्था अत्यंत जरूरी मानी जा रही है। साथ ही, प्रदेश के लिए अत्यंत संवेदनशील विषय सिकल सेल एनीमिया के प्रभावी इलाज हेतु सिकल सेल संस्थान के शीघ्र निर्माण पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान की स्थापना और उसे अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने पर भी विचार किया गया। यह संस्थान कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में राज्य ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत में एक अहम केंद्र साबित होगा। साथ ही, चिकित्सा छात्रों के लिए नए हॉस्टल निर्माण की योजना पर भी चर्चा हुई, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय वातावरण मिल सके। अस्पताल परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी ठोस निर्णय लिए गए। हाल के वर्षों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह व्यवस्था अत्यंत जरूरी मानी जा रही है। साथ ही, प्रदेश के लिए अत्यंत संवेदनशील विषय सिकल सेल एनीमिया के प्रभावी इलाज हेतु सिकल सेल संस्थान के शीघ्र निर्माण पर भी विचार-विमर्श किया गया।
राज्यपाल रमेन डेका से विधायक अमर अग्रवाल ने भेंट की
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में बिलासपुर के वरिष्ठ भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की। यह भेंट शिष्टाचार आधारित थी, जिसमें प्रदेश के विकास, जनहित से जुड़े विषयों और बिलासपुर क्षेत्र की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, विधायक अमर अग्रवाल ने राज्यपाल को बिलासपुर की मौजूदा स्थितियों से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं तथा नगरीय निकायों की समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि प्रदेश के बड़े शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य केंद्र के रूप में प्रसिद्ध बिलासपुर में बुनियादी ढांचे को और मज़बूत बनाने के लिए पहल होनी चाहिए।
राज्यपाल रमेन डेका ने विधायक अग्रवाल से बातचीत करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों की गति को तेज़ करना ही शासन का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने विधायक को भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों का सहयोग राज्य के संतुलित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। विधायक अमर अग्रवाल ने राज्यपाल को बिलासपुर आगमन के लिए आमंत्रित किया और कहा कि उनके दौरे से जिले के लोगों में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यपाल के मार्गदर्शन से प्रदेश और विशेषकर बिलासपुर क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएँ खुलेंगी। यह मुलाकात आत्मीय माहौल में हुई, जिसमें विधायक ने राज्यपाल को बिलासपुर की जनता की ओर से शुभकामनाएँ और समर्थन का संदेश भी दिया।
प्रार्थना सभा के लिए बनाए गए मकान में चला बुलडोजर
बिलासपुर। बिलासपुर में धर्मांतरण के खिलाफ बड़ा एक्शन हुआ है। पहली बार धर्मांतरण पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। शासकीय ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर बनाए गए प्रार्थना घर को बुलडोजर चलाकर ज़मींदोज़ कर दिया गया है। इससे पहले हिंदू संगठनों ने यहाँ प्रार्थना सभा के आड़ में धर्मांतरण के खेल का भंडाफोड़ किया था। तब पुलिस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने अवैध प्रार्थना घर के निर्माण की जांच शुरू की थी।
दरअसल, बीते दिनों सकरी थाना क्षेत्र के भरनी में धर्मांतरण के खेल का भंडाफोड़ हुआ था। यहाँ गाँव में एक मकान में प्रार्थना सभा के आड़ में लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा था। हिन्दू संगठनों के हंगामे के बाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करते हुए शामिल लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी।
हालांकि, हिंदू संगठन इसके बाद कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जिसके बाद जिस मकान में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था, उसकी जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि, शासकीय ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर गाँव की ही सुनीता सूर्यवंशी के परिवार ने प्रार्थना घर का निर्माण कराया था। सरपंच की शिकायत के बाद प्रशासन की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में आज अवैध प्रार्थना घर पर बुलडोजर चलाया और निर्माण को ज़मींदोज़ कर दिया।
छत्तीसगढ़ में चलेगा “आदि कर्मयोगी अभियान”, जनजातीय परिवारों को योजनाओं से किया जाएगा लाभान्वित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में “आदि कर्मयोगी अभियान” 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ सहित देशभर के अनेक राज्यों में संचालित हो रहे इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित किया जाना है, अतः इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के 28 जिलों, 128 विकासखंडों और 6,650 आदिवासी बहुल ग्रामों को शामिल किया गया है। अभियान के संचालन हेतु ग्राम स्तर पर 1,33,000 से अधिक कैडर (एनजीओ, स्वयंसेवी, पंचायत प्रतिनिधि, युवा एवं सेवाभावी संगठन) तैयार किए जाएंगे। ये कैडर आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास की योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक चयनित ग्राम में “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगा। पूरे अभियान के दौरान ‘आदि सेवा केंद्र’ के माध्यम से ‘सेवा पर्व’ और ‘आदि कर्मयोगी सेवा अभियान’ का संचालन किया जाएगा। इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
आदिम जाति विकास तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा निर्धारित विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार जिलों में एनजीओ, सीएसओ तथा स्थानीय वालंटियर्स का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही ग्रामों के “ट्राइबल विलेज विजन 2030” का निर्माण भी किया जाएगा। इस दौरान शिकायत निवारण शिविर, जनजागरूकता अभियान तथा “आदिवासी सेवा दिवस” का आयोजन किया जाएगा।
चैतन्य बघेल को तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
रायपुर। शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड की अवधि पूरी होने पर सोमवार को उन्हें रायपुर की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत (PMLA कोर्ट) में पेश किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी।
ईडी ने मांगी कस्टोडियल रिमांड
अदालत में पेशी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चैतन्य बघेल की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड (ED की हिरासत) की मांग की। ईडी ने अपने आवेदन में कहा कि जांच के दौरान नए तथ्य और साक्ष्य सामने आए हैं, जिन पर आरोपी से पूछताछ करना बेहद जरूरी है।हालांकि, सोमवार को अदालत में कंडोलेंस (श्रद्धांजलि कार्यक्रम) आयोजित होने के कारण ईडी के इस आवेदन पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब ईडी की रिमांड याचिका पर सुनवाई 19 अगस्त को की जाएगी।
बहुचर्चित शराब घोटाला
गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी ने दावा किया है कि इस घोटाले में करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस अवैध कारोबार से जुड़ा पैसा राजनीतिक और व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया।इस मामले में पहले भी कई कारोबारी, अधिकारी और कथित बिचौलिए गिरफ्तार किए जा चुके हैं। चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को इस घोटाले की जांच में एक बड़ा कदम माना गया था।
न्यायिक रिमांड का सिलसिला
चैतन्य बघेल को गिरफ्तारी के बाद पहली बार अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। इसके बाद दूसरी बार भी रिमांड बढ़ाई गई और अब तीसरी बार अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड का आदेश जारी किया है।इस बीच, ईडी की ओर से लगातार यह दलील दी जा रही है कि जांच में सामने आए तथ्यों की पुष्टि के लिए चैतन्य से सीधे पूछताछ जरूरी है। यही कारण है कि अब एजेंसी ने कस्टोडियल रिमांड की मांग की है।
लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए योग कौशल विकास और रोजगार का मुद्दा
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज लोकसभा में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हुए कहा कि "योग न केवल भारत की प्राचीन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, बल्कि आज यह स्वास्थ्य, फिटनेस और वेलनेस इंडस्ट्री में नए अवसर भी पैदा कर रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के युवाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।"
सांसद श्री अग्रवाल ने केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री से जानकारी मांगी कि, योग कौशल के लिए सरकार द्वारा कितने पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, उनकी अवधि कितनी है, वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में अब तक कितने लाभार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, प्रशिक्षित युवाओं की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्लेसमेंट की स्थिति क्या है और रोजगार उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा कौन-सी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS), शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) और जन शिक्षण संस्थानों (JSS) के माध्यम से ‘योग अनुदेशक’, ‘योग प्रशिक्षक’ और ‘सहायक योग अनुदेशक’ जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी अवधि 200 से 500 घंटे (लगभग 3 से 6 माह) तक है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान से 3018 लाभार्थी और वर्ष 2024-25 में अब तक 3006 लाभार्थी प्रशिक्षित हुए हैं। छत्तीसगढ़ में पीएमकेवीवाई के तहत इस दौरान 291 उम्मीदवारों को योग प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
इसके अतिरिक्त, सीटीएस के अंतर्गत ‘कॉस्मेटोलॉजी’ और ‘स्पा थेरेपी’ जैसे ट्रेडों में दीर्घकालिक प्रशिक्षण उपलब्ध है, जबकि एनएपीएस के अंतर्गत विभिन्न प्रतिष्ठानों द्वारा ‘योग अनुदेशक (ब्यूटी एंड वेलनेस)’ और ‘योग प्रशिक्षक (स्पोर्ट्स)’ जैसे ट्रेडों में शिक्षुओं को नियुक्त किया जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि प्रशिक्षित छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उम्मीदवार सीधे नियोक्ताओं से जुड़ सकते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेले (PMNAM) जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।
सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि "केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में योग और वेलनेस सेक्टर में अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार और रोजगार से जोड़ा जाएगा। यह प्रदेश के युवाओं के लिए स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा अवसर है।"
विदेश दौरे पर जाने से पहले साय कैबिनेट की बैठक कल सुबह
रायपुर। मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर जाने से पहले कैबिनेट की अहम बैठक होने वाली है। कल साय कैबिनेट में कई अहम फैसले हो सकते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 19 अगस्त 2025 को सवेरे 11 बजे राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक मंत्रालय (महानदी भवन) अटल नगर, नवा रायपुर में आयोजित होगी।
कैबिनेट में खाद बीच की उपलब्धता के अलावे स्वास्थ्य विभाग के एक अहम प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। NHM के स्वास्थ्यकर्मियों के अलावे पटवारियों का प्रदर्शन हो रहा है। लिहाजा उनकी मांगों पर भी कैबिनेट में विचार हो सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर में नक्सली आईईडी ब्लास्ट में शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस घटना में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के जवान दिनेश नाग के शहीद होने तथा तीन जवानों के घायल होने की सूचना मिली है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद जवान को नमन करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल दे। उन्होंने घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली पूरी तरह हताश हो चुके हैं और इसी हताशा में इस प्रकार की कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि DRG के जवान दिनेश नाग की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा हमारा दृढ़ संकल्प है और इस दिशा में हम हर हाल में सफल होंगे।
नारायणपुर में फर्जी एनकाउंटर का कांग्रेस ने लगाया आरोप, दीपक बैज ने कहा-
रायपुर। नारायणपुर में फर्जी एनकाउंटर का कांग्रेस ने आरोप लगाया है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने चिड़िया मारने गए युवकों को नक्सली बताकर एनकाउंटर करने का आरोप लगाते हुए इस पर आदिवासी संगठनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने की बात कही है.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अभय नेताम ने बताता है कि वह नक्सली नहीं है. चिड़िया मारने गया था, फिर भी उसे पीठ में गोली मार दी जाती है. गोली आर-पार है. इस फर्जी एनकाउंटर का कौन जिम्मेदार है? सरकार अभी तक क्यों चुप है? गृहमंत्री क्यों चुप हैं? अभय नेताम नक्सली है या फर्जी एनकाउंटर हुआ है इसका जवाब दे?
बैज ने कहा कि हम लगातार सवाल उठा रहे कि आदिवासी युवाओं को फर्जी मुठभेड़ में मार रहे हैं. आज भी बस्तर में हालात ठीक नहीं है. पीसीसी ने मोहन मरकाम के नेतृत्व में अभय नेताम के मामले में जांच कमेटी घोषित की है. यदि सरकार ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं करती तो कांग्रेस पार्टी और आदिवासी संगठन इस पर बड़ा आंदोलन करेंगे.
भाजपा नेताओं की भाषा बोल रहे थे चुनाव आयुक्त
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने मीडिया से चर्चा में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की. बैज ने कहा कि चुनाव आयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी के नेताओं की भाषा बोल रहे थे. हम मांग करते हैं कि चुनाव आयुक्त को बर्खास्त कर देना चाहिए, तभी निष्पक्ष चुनाव हो पाएंगे.
नक्सलियों ने किया आईईडी ब्लास्ट, एक जवान शहीद, तीन घायल
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक बार फिर नक्सली वारदात हुई है। भोपालपटनम के उल्लुर इलाके के जंगलों में सोमवार को डीआरजी (District Reserve Guard) के जवान सर्चिंग अभियान पर निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया।
इस हमले में डीआरजी जवान दिनेश नाग शहीद हो गए, जबकि तीन अन्य जवान घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबल क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर सर्चिंग के लिए निकले थे। तभी रास्ते में आईईडी विस्फोट किया गया।
घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भेजा गया है और आसपास के क्षेत्र की सघन तलाशी ली जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके की ओर रवाना हो गए हैं।