रायपुर। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 35 पुलिस अधिकारियों और जवानों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदकों से सम्मानित किया। श्री साय ने पुलिस वीरता पदक से 11, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 01, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से 11, सुधार सेवा पदक से 05, गृहरक्षक एवं सराहनीय सेवा पदक 01 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 06 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया।
राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2025
लालजी सिन्हा, निरीक्षक, जिला-कबीरधाम, भुवनेश्वर साहू, निरीक्षक, जिला-रायपुर, संजय पोटाम, निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, कमलेश मरकाम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, अंजु कुमारी, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-कबीरधाम, दिनेश भास्कर, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, चैतराम गुरूपंच, निरीक्षक, जिला-सुकमा, हेमला नंदू, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, प्यारस मिंज, सहायक उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, मनोज पुनेम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा। जिला-दंतेवाड़ा के शहीद प्रधान आरक्षक बुधराम कोरसा के लिए उनकी पत्नी सुखमति ने पुलिस वीरता पदक प्राप्त किया।
विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2025
महेश राम साहू, सेवानिवृत्त, निरीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर।
सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025
राहुल भगत (भा.पु.से.), सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग (छ.ग. शासन)
सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025
ज्ञानेन्द्र कुमार अवस्थी, सेवानिवृत्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, अनिल कुमार कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, हरिशंकर प्रताप सिंह, निरीक्षक विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, नरेश कुमार पैकरा, कंपनी कमांडर 7वी वाहिनी छसबल, भिलाई, वली मोहम्मद शेख, निरीक्षक योजना प्रबंध शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, समैया चिप्पनपल्ली, सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, जिला-बीजापुर, सुशील कुमार श्रीवास, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, तुलाराम चुरेन्द्र, प्रधान आरक्षक, थाना-रावघाट, जिला-कांकेर, हरिश्चन्द्र मरकाम, प्रधान आरक्षक, 8वीं वाहिनी छसबल, राजनांदगांव, सुशील कुमार चौबे, आरक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।
सराहनीय सुधारात्मक सेवा पदक 2025
मधु सिंह, उप जेल अधीक्षक, केन्द्रीय जेल जगदलपुर, साहेबुद्दीन अंसारी, (सेवानिवृत्त) मुख्य प्रहरी, जिला जेल बेमेतरा, हरवंश लाल मकराम, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, ज्ञानप्रकाश पैकरा, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, झीमन राम टोप्पो, मुख्य प्रहरी, जिला जेल सूरजपुर।
गृह रक्षक व नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक 2025
महेश कुमार मिश्रा, नायक, नगर सेना कोरिया
राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024
गुरू घासीदास पुरस्कार
निशा सिन्हा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जिला-गरियाबंद
राज्यपाल पुरस्कार
मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर
मुख्यमंत्री पुरस्कार
रागिनी मिश्रा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुरूद, जिला-धमतरी
रायपुर। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 780 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर को पहला, लक्ष्मी नारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर को दूसरा और सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।
मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा ओ माई तेरी मिट्टी बुलाए हाय, डारा लोर गेहे रे...., हमर पारा तुहर पारा... जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने देश की सेना द्वारा भारत माता की रक्षा एवं देश की माँ, बेटी, बहन की सुरक्षा करने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं करते हए भारत माता की सेवा में अपनी प्राण न्योछावर करने वाले दृश्य को प्रदर्शित किया, साथ ही पहलगाम में हुये आतंकी हमले के विरूद्ध भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाये गये ऑपरेशन सिन्दूर को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।
लक्ष्मीनारायण कन्या उ.मा.वि. रायपुर के 200 विद्यार्थियों ने हाय कहे गजरी, हाय कहे गजरी गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्य राऊत नाचा एवं अन्य नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। साथ ही स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ के त्यौहारों व लोक नृत्यों का स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान को भी दर्शाया।
सालेम इंग्लिश स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा छत्तीसगढ़ के भुइंया म भाग हमर जागे रे जागे रे गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ के सभी लोक नृत्य व संस्कृति को संजोया। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रकृति के मनोरंग दृश्य का भी प्रदर्शन किया। इस नृत्य में कर्मा लोक नृत्य को भी स्कूली बच्चों द्वारा बहुत सुन्दर भाव-भंगिमा के साथ प्रदर्शित किया गया।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के बस्तर का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बस्तर का नाम सुनते ही नक्सलवाद और हिंसा की याद आती थी, लेकिन आज यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्व के साथ कहा कि आज बस्तर के नौजवान बंदूक़ पकड़ने की जगह खेलों के मैदान में उतर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और उत्साह का जीवंत प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक बदलाव को सुरक्षा, विकास और जनसहभागिता के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कभी देश के अनेक हिस्सों को नक्सलवाद की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता था। हिंसा और भय के माहौल ने दशकों तक विकास की गति को जकड़ रखा था, जिससे प्रगति के रास्ते थम से गए थे। उन्होंने कहा कि अब यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है — नक्सलवाद आज देश में केवल कुछ ही जिलों तक सीमित रह गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में नक्सलवाद 125 से अधिक जिलों से घटकर मात्र 20 जिलों तक सीमित हो गया है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में खेलकूद, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर की यह नई पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेगी, और यह क्षेत्र अब शांति, प्रगति और गौरव की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में ध्वजारोहण किया तथा इस अवसर पर कांग्रेसजनों को अपना संबोधन भी दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अपने संबोधन में कहा कि आप सबको स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें!
साथियों, आज हम सब अपनी आजादी का पावन पर्व मना रहे है।आजादी के वर्षगांठ के इस अवसर पर लहरा रहा यह तिरंगा हमारे स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक तो है ही साथ ही यह हमें याद दिलाता है आजादी की लड़ाई के उन संघर्षों को जिसमें हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। यह याद दिलाता है आजादी की लड़ाई के हमारे नायकों के त्याग, तपस्या, बलिदान और संघर्षों को। भारत की आजादी की लड़ाई का लक्ष्य भले ही सशस्त्र संग्राम से नहीं मिला लेकिन शहीद मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई से लेकर शहीद भगत सिंह, अशफाक उल्ला खां, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, वीरनारायण सिंह जैसे महान नायकों के बलिदान ने आजादी की लड़ाई के लक्ष्य को पाने के जब्बे को मजबूत किया। महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाला लाजपत राय, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, गोपालकृष्ण गोखले, पं. मोतीलाल नेहरू, देशबंधु चितरंजन दास, बाबू राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरोजनी नायडू, आचार्य कृपलानी, लालबहादुर शास्त्री, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे अनगिनत महापुरूषों ने आजादी की प्राप्ति के लिए अनेक जतन किया तथा वे हमारी आजादी की लड़ाई के ध्वज वाहक बने।
आजादी के बाद भारत के सामने बड़ी चुनौती थी, खुद को एक मजबूत स्वाबलंबी और प्रजातांत्रिक राज्य के रूप में स्थापित करने की। हमें फक्र है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार ने देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में इस काम को बखूबी किया। रियासतों में बिखरे देश को एक सूत्र में पिरोना हो या संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में भारत को स्थापित करना हो या फिर भाखड़ा नांगल बांध, हीराकुंड बांध से लेकर विशाल इस्पात संयंत्रों, भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान (आईआईटी), भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), इसरो, सेल एवं अन्य नौरत्न कंपनियों जैसे ख्यातिलब्ध संस्थानों की स्थापना किया, जिससे मजबूत भारत की नींव रखी गयी। पंडित नेहरू के बाद के कांग्रेस पार्टी के प्रधानमंत्रियों लालबहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव, डॉ. मनमोहन सिंह ने स्वतंत्र भारत को विकसित भारत तक पहुंचाया। कांग्रेस के शासन काल में रखी गयी मजबूत नींव और बनाई गयी योजनाओं का परिणाम है कि आज दुनिया के सामने एक सशक्त राष्ट्र के रूप में खड़े है।
बड़े दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि आज हमारे संविधान और संवैधानिक मूल्यों पर हमला हो रहा है। संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित तरीके से हमला हो रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस पार्टी की भूमिका देश के लोकतंत्र और भारत के संवैधानिक मूल्यों को बचाने के लिये और बढ़ जाती है। हमें गर्व है कि अपनी इस जिम्मेदारी को हमारा नेतृत्व भली-भांति समझता है। हमारी पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, हमारे अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, भारत के लोगों की आवाज लगातार उठा रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी संविधान को बदलने की बातें सामने आई, लेकिन देश की जागरूक जनता ने संविधान विरोधी तत्वों की मंशा पर पानी फेर दिया।
इस समय देश के प्रजातंत्र के सामने एक नई चुनौती है। भारत के चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता को बचाने की कांग्रेस पार्टी, हमारे नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में संविधान और संवैधानिक प्रावधानो को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। चिंता का विषय है कि पिछले कुछ वर्षों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में रही है। मतदाता सूचियों में हेराफेरी की जा रही है। महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद वोटों की चोरी का संदेह यकीन में बदल गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विश्लेषण कर मतदाता सूची की गड़बड़ियों के जो साक्ष्य प्रस्तुत किया है वह गंभीर है तथा देश के चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। भारत के लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली को बचाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा उठाये गये सवालों की गहन जांच हो और पूरे प्रकरण में जो भी दोषी है उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में तिरंगा फहरा कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है। अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सेना के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षाें की विकास यात्रा को ’’छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’’ के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने यह भी घोषणा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली जल्द ही लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस अवसर पर हम विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लें। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल के सुशासन का दृढ़ संकल्प हमें शक्ति देता है। हम निश्चित ही जन-जन की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को साकार करेंगे। गोस्वामी तुलसीदास का कथन ‘‘रामकाजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम‘‘ हमारा आदर्श वाक्य है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत हमारे पथप्रदर्शक हैं।
राष्ट्रहित में स्वदेशी अपनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी को जन-आंदोलन का रूप दिया है। आत्मनिर्भर भारत 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। स्वतंत्रता दिवस का यह प्रेरक अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि - हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने, हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता को अनिवार्य मानें, हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे, हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाए और हर क्षेत्र निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े।
वोकल फॉर लोकल अभियान में अग्रणी छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका हो। स्वदेशी रोजगार सृजन का ही नहीं देशभक्ति का भी एक उपक्रम है। हम नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री के लोकल फॉर ग्लोबल विजन पर काम कर रहे हैं। अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाने से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों को रोजगार मिलता है। इसका सीधा परिणाम देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रूप में सामने आता है। हमारी आयात निर्भरता कम होती है। हम खादी को बढ़ावा देकर स्थानीय बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इससे हमें टैक्सटाइल क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को प्रोत्साहित कर हम मेक इन इंडिया अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना होगा।
जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान हो हमारा ध्येय वाक्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई के लिए प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया जीरो डिफेक्ट - जीरो इफेक्ट का मंत्र अत्यंत कारगर है। हमारे गांव, नगर और जिले स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुएं गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। इसके लिए उन्हें डिजिटल संसाधनों, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और एआई जैसी तकनीक को अपनाना होगा। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान... के ध्येय वाक्य के साथ हम आगे बढ़ेंगे।
प्राकृतिक खेती हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए भारत सैन्य उपकरणों का निर्यातक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु संकट का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगी। श्रीअन्न, दलहन-तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के हमारे किसान भाई कृषि लागत को कम कर सकते हैं। इससे रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का पुण्य स्मरण
मुख्यमंत्री ने देश की आजादी की लड़ाई में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गये परलकोट विद्रोह के नायकों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि इस वर्ष परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज भी शहीद गेंदसिंह की वीरता के किस्से प्रदेश की जनता उतने ही गौरव भाव से सुन रही है। भूखे और उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए शहीद वीरनारायण सिंह द्वारा की गई लड़ाई को कौन भूल सकता है। उन्होंने रायपुर सिपाही विद्रोह के नायक हनुमान सिंह का भी इस अवसर पर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भूमकाल विद्रोह के माध्यम से वीर गुंडाधुर ने अपनी मातृभूमि के लिए जिस अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया, वो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। शहीद यादव राव, वेंकट राव, धुरवा राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा सहित हमारे अनेक जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना अटल संकल्प पूरा किया और देश के नक्शे में छत्तीसगढ़ का एक नये राज्य के रूप में उदय हुआ। अटल के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। हमारे पास समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं और अपार उत्साह समेटे हुए विपुल जन संसाधन है। एक नवंबर 2000 को जब यह राज्य बना, तब हमने एक सपना देखा था, एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी छत्तीसगढ़ का। आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आपातकाल के पचास बरस पूरे होने पर लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि आपातकाल के बेहद कठिन दौर में यातनाओं की परवाह न करते हुए उन्होंने लोकतंत्र की मशाल थामें रखी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी हमें निभानी है। हमें यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को मूर्त रूप देना है।
हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने अपने असीम शौर्य और साहस से मातृभूमि का शीश हमेशा ऊंचा रखा। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद पाकिस्तान की ओर से हुए आक्रमण से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक हर बार हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी कृत्य का बदला लेने हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया। यह ऑपरेशन दुनियाभर में भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है। हमारा चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिण धु्रव पर पहुंच चुका है और शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में तिरंगा लहरा दिया है। इस सफलता के पीछे देशवासियों की कड़ी मेहनत और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और अथाह इच्छा शक्ति की विशेष भूमिका है।
मार्च 2026 तक देश को आतंकवाद से मुक्त करने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस गौरवशाली दिन हम अपने सुरक्षाबलों के जवानों का अभिनंदन करते हैं, जिन्होंने नक्सलियों को उनके ठिकानों में घुसकर मात दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक देश को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 20 महीनों में हमारे जवानों ने 450 माओवादियों को न्यूट्रलाइज और 1578 को गिरफ्तार किया है। हमारे जवानों ने माओवादियों के शीर्ष नेताओं बसवराजू और सुधाकर को न्यूट्रलाइज करने में सफलता पायी। राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 1589 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। इनके पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का असली मतलब तब है, जब आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुँचे। ताड़मेटला में जहां हमारे 76 जवानों ने माओवादी हमले में शहादत दी थी, उसके समीप ही चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण-पत्र मिला है। यहां हर महीने औसतन 20 प्रसव होते हैं और हजारों ग्रामीण निःशुल्क इलाज की सुविधा ले रहे हैं। नक्सलवाद के कम होते ही बस्तर में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। 50 बंद स्कूल फिर से खोले गए और कई गांवों में पहली बार बिजली पहुंची। नियद नेल्ला नार अर्थात आपका अच्छा गाँव योजना से 327 गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। पामेड़, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था, वहां अब बैंक की शाखा खुल गई हैं।
पूरा हो रहा है हर नागरिक के पक्का घर का सपना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 महीनों में हमने प्रदेश के नागरिकों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 34 हजार और नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास मंजूर किए गए। पात्रता नियम आसान किए गए हैं और नए लाभार्थियों के लिए आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे कराया गया है। इस तरह हर नागरिक का पक्का घर पाने का सपना पूरा हो रहा है।
महतारी वंदन योजना: माताओं-बहनों को 11 हजार 728 करोड़ रूपए की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सरकार बनने के तीन महीने के भीतर हमने महतारी वंदन योजना शुरू की। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक 11 हजार 728 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। रायगढ़ जिले से हमने महिला समूहों को रेडी टू ईट फूड निर्माण का काम सौंपा है और इसका विस्तार जल्द ही हम अन्य जिलों में करेंगे।
किसानों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान भाइयों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है। हमने पिछले खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है। राज्य में फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना के दायरे का विस्तार किया गया है। धान के बदले अब अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रूपए तथा दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसान भाइयों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के 32 हजार 500 किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। खरीफ सीजन में हमने खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। वैश्विक तनाव के कारण जहां डीएपी की आपूर्ति में कुछ कमी आयी, वहां हमने भरपूर मात्रा में नैनो डीएपी उपलब्ध कराकर किसान भाइयों की दिक्कत दूर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य में सहकारिता की सम्भावनाओं को साकार कर रहे हैं। खेती-किसानी के साथ-साथ हम पशुधन और मत्स्यपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से हमने एमओयू किया है। वर्ष-2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हम सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चलते हुए राज्य में सहकारी गतिविधियों को नई ऊंचाई दे रहे हैं।
शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे कि शिक्षा के जरिए समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। हमने नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही इसके प्रावधानों के अनुरूप स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। अब सुकमा के दुर्गम गांव में भी शिक्षक हैं। राजधानी रायपुर से लेकर पहाड़ी कोरवा बसाहट वाले स्कूलों तक पूरे प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात एक समान है। हमारे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हम शासकीय विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान भी संचालित कर रहे हैं। पेरेण्ट्स टीचर मीटिंग तथा न्यौता भोज के माध्यम से हमने बच्चों के शैक्षणिक विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसका बेहतर परिणाम मिल रहा है। हमने स्कूलों के रखरखाव एवं अधोसंरचना विकास के लिए 133 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
नवा रायपुर में आकार ले रही एजुकेशन सिटी
नवा रायपुर में हम सौ एकड़ में एजुकेशन सिटी बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यहां साइंस सिटी का भी निर्माण कर रहे हैं। नवा रायपुर में हमने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के कैंपस का भूमिपूजन किया है। देश में लागू नये कानूनों में फारेंसिक का महत्व काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर निर्माण के अवसर सुलभ होंगे। छत्तीसगढ़ में आईटी और एआई क्रांति दस्तक दे चुकी है। हम नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में तैयार कर रहे हैं। नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नॉलाजी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे आईटी का बड़ा टैलेंट पूल यहां तैयार होगा।
बस्तर संभाग के सभी विकासखण्डों में कौशल विकास केन्द्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जॉब मार्केट की जरूरत के मुताबिक वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं। स्किल इंडिया मिशन के तहत नवा रायपुर में लाइवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस आरंभ कर रहे हैं। जनजातीय बहुल बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंडों में, कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों की संस्था पैन आईआईटी के साथ वंचित समुदायों के कौशल विकास के लिए हमने एमओयू किया है। युवाओं को कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलें।
राज्य में 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमने नई स्टार्टअप नीति बनाई है। इसके माध्यम से हम राज्य के 100 तकनीकी संस्थाओं के 50 हजार छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाएंगे। राज्य में हमने 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ईज ऑफ लिविंग के साथ ही स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर बढ़ते हुए हमने 350 से अधिक रिफॉर्म किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से प्रदेश में निवेश सरल, सहज और पारदर्शी हो गया है।
निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति की बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की भव्य इमारत तैयार होगी। नई औद्योगिक नीति में हमने सबसे ज्यादा जोर पॉवर सेक्टर पर दिया है। इस सेक्टर में हमें 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे छत्तीसगढ़ विकसित भारत का पावर हाउस बनेगा। निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। हमने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ ही रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट किये। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हमें मिल चुके हैं।
नई औद्योगिक नीति में हम नये जमाने के उभरते हुए उद्योगों को भी विशेष अनुदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन हमने किया है। लगभग 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस यूनिट से हमने चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रख दिया है। हम टैक्सटाइल क्षेत्र में संभावनाओं को अवसर में बदलना चाहते हैं। इसके लिए हम नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नॉलाजी का कैंपस स्थापित करने जा रहे हैं। इसकी अनुमानित लागत 271 करोड़ रुपए होगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण गठन का निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए प्राधिकरण गठन का निर्णय लिया है। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए कार्य करेगा। यह प्राधिकरण योजना बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का भी काम करेगा। अब जमाना ई-कॉमर्स का है। इसे प्रोत्साहित करने हमारी लॉजिस्टिक नीति विशेष रूप से उपयोगी होगी और प्रदेश में तेजी से इनलैंड कंटेनर डिपो तथा ड्राईपोर्ट में निवेश होगा।
नई रेल लाइनें बनेंगी ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश की जो संभावनाएं पैदा हुई हैं, उसके पीछे एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हुए कामों की बड़ी भूमिका है। वर्ष 2030 तक हम उतनी ही रेल लाइन बिछा देंगे, जितनी 1853 में रेलवे शुरू होने से लेकर वर्ष 2014 तक बिछाई गई थी। रावघाट से जगदलपुर, केके लाइन का दोहरीकरण, तेलंगाना के कोठागुडेम से किरंदुल तक नई रेल परियोजनाएं बस्तर की भाग्य रेखा साबित होंगी। खरसिया से परमालकसा जाने वाली रेल लाइन प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। नई रेल लाइनें ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां साबित होंगी। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हमने कार्गाे सुविधा भी आरंभ की है। धनबाद और विशाखापट्नम जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रदेश की आर्थिक सेहत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां बिजली की खपत कितनी है। हमारा प्रदेश जीरो पॉवर कट स्टेट है। हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2 हजार 211 यूनिट है, जबकि देश का औसत ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 1 हजार 255 यूनिट है।
हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में हमने बड़ा कदम उठाया है। हम हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से आमजन अब बिजली उपभोक्ता से बिजली उत्पादनकर्ता बन रहेे हैं। इस योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना पर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवॉट के सौर संयंत्र पर केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवॉट पर केन्द्र द्वारा 60 हजार रूपए और राज्य द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 90 हजार रूपए तथा तीन किलोवॉट का सौर संयंत्र लगाने पर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल एक लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। मैं प्रदेश की जनता से आग्रह करता हूँ कि इस योजना का त्वरित लाभ उठाएं।
सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता
सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हमने ई-ऑफिस प्रणाली को सभी विभागों में कार्यान्वित किया है। हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हमने सरकारी खरीदी में पारदर्शिता लाने जेम पोर्टल को अपनाया है। भ्रष्टाचार के मामलों की ईओडब्ल्यू द्वारा पूरी तत्परता से जांच की जा रही है। पब्लिक पॉलिसी में युवाओं को आगे लाने हमने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना आरंभ की है। इसके जरिए युवा आईआईएम रायपुर में दो वर्षीय फेलोशिप कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके गांव, आपके मोहल्ले तक पहुंचे। सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन में से अधिकतर आवेदनों का हमने गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया है।
हमने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी पहल की है। अब ऑनलाईन रजिस्ट्री की सुविधा, रजिस्ट्री के साथ ही अब नामांतरण, आधार प्रमाणीकरण, रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बनाने की सुविधा के साथ पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारा अब केवल पांच सौ रुपए शुल्क में हो जाता है। हमने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के माध्यम से नियमों को सरल किया है। 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी। इसका उद्देश्य अवैध प्लाटिंग और जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर बिक्री पर रोक लगाना है। हमने जनविश्वास विधेयक के माध्यम से राज्य के 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया है। आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किये गये छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघन अब अपराध की श्रेणी में नहीं आएंगे।
विकसित छत्तीसगढ़ का नेतृत्व युवा शक्ति के हाथों में होगा। युवाओं के लिए शासकीय पदों में भर्ती पर सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा का साल भर का कैलेंडर जारी किया गया है।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। नई औद्योगिक नीति में हमने खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान प्रावधान किये हैं। युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए हमने युवा रत्न सम्मान योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है।
नवा रायपुर में बन रही मेडिसिटी
स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। राज्य के 543 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की लगातार भर्ती की जा रही है। पिछले महीने हमने एनएचएम के तहत 109 संविदा चिकित्सकों तथा 563 बांड अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की है। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी बना रहे हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों की सूरत संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ की गई है। इसके तहत सात नगर निगमों में 157 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें आक्सीजोन, बस टर्मिनल, बायपास, आडिटोरियम निर्माण जैसे काम शामिल हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक हासिल की है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में बिल्हा की हमारी स्वच्छता दीदियों की विशेष रूप से प्रशंसा की है।
बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना
हमारी सरकार शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को प्रथम चरण में हम बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू करने जा रहे हैं। इन बसों का संचालन स्थानीय लोग ही करेंगे। इससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और उनकी रोज़मर्रा की परेशानियाँ दूर होंगी।
बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना पर आगे बढ़ रहे हैं। 50 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के माध्यम से 200 मेगावाट बिजली के उत्पादन के साथ ही लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 सिंचाई परियोजनाओं में 522 करोड़ रुपए की राशि से सुधार कार्य कराया जाएगा।
चरण पादुका योजना की फिर से शुरूआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कदम उठा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की राशि 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी गई है। इससे साढ़े 12 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के 50 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान संग्राहकों के पैरों में छालें न पड़े, कांटे न चुभे, इसके लिए हमने चरण पादुका योजना फिर से शुरू की है। हर्बल औषधियों को बढ़ावा देने हमने फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल के तहत दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में हाल ही में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट का लोकार्पण किया है। इससे दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं।
आकार ले रहा आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित स्मारक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हमारी सरकार ने बैगा, गुनिया, सिरहा लोगों को 5-5 हजार रुपए की सालाना सम्मान निधि प्रदान करने का निर्णय लिया है। नवा रायपुर में हमने ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण किया जा चुका है। प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायकों को समर्पित शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक-सह-संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। बस्तर की जनजातीय संस्कृति की झलक देश-दुनिया को दिखाने हमने बस्तर पंडुम का आयोजन किया। बस्तर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र में है। बस्तर के धुड़मारास को यूएन पर्यटन संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। होम-स्टे को प्रोत्साहित करने हमने छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति बनाई है।
छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर में वृक्ष आवरण की वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत विगत वर्ष में साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।
कलाकारों और साहित्यकारों को प्रतिमाह 5 हजार रूपए पेंशन
राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में कलाग्राम की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कलाकारों और साहित्यकारों को दी जाने वाली पेंशन राशि 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति माह कर दी गई है। प्रदेश के 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से भांचा राम के दर्शन लाभ मिला। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी हम तीर्थयात्रियों को देश भर के पुण्यस्थलों की यात्रा करा रहे हैं।
‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट के रूप में एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेंगे। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जिसने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें हमने निकटवर्ती, मध्यवर्ती और दीर्घकालीन लक्ष्य रखे हैं। इन्हें प्राप्त करने हमने सामाजिक आर्थिक विकास के 13 थीम चुने हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए 10 मिशन तैयार किये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य को संवारने के लिए आप सभी के सहयोग से हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम सभी विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें।
रायपुर। राजधानी रायपुर में पिछले कुछ दिनों से गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है. इस बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है. बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है. सबसे ज्यादा दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना बनी हुई है. प्रदेश में आज भी कई जगहों पर बारिश हो सकती है.
पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों पर मध्यम वर्षा हुई तथा बस्तर व रायपुर संभागों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हुई. इस दौरान सबसे ज्यादा तापमान रायपुर में 33.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है.
सिनोप्टिक सिस्टम
पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र में बना हुआ है. इससे जुड़ा ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुक रहा है. अगले 24 घंटों दौरान इसके दक्षिण ओडिशा-उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. औसत समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका बीकानेर, वनस्थली, गुना, दमोह, बिलासपुर, कलिंगपट्टनम, पश्चिमोत्तर और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के समीपवर्ती क्षेत्रों तथा दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों पर निम्न दाब क्षेत्र के केंद्र से होकर गुजर रही है. बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों से लेकर कच्छ से लगे उत्तर-पूर्व अरब सागर तक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका, ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण से होकर, जो बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और आसपास के क्षेत्रों, दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों, तेलंगाना, उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात क्षेत्र में औसत समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़ी है, ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुकी हई है.
रायपुर में आज के कार्यक्रम
राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहे के साथ बूंदाबांदी की संभावना है. इस दौरान तापमान 25 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर के गुढ़ियारी स्थित भारत माता चौक पर एक भव्य और भावनात्मक आयोजन हुआ। रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत की अगुवाई में आयोजित ‘भारत माता की आरती’ में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, शहीदों के सम्मान और राष्ट्रीय एकता के प्रति जनभावना का प्रतीक बन गया।
कार्यक्रम में 101 पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच मां भारती की आरती की गई। दीप, धूप और कपूर के साथ आरती स्थल पर उपस्थित हजारों लोगों ने भारत माता को नमन किया। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा चौक गूंज उठा।
राजेश मूणत ने अपने संबोधन में कहा यह राष्ट्रीय एकता, समर्पण और बलिदान की भावना को समर्पित श्रद्धांजलि है। भारत माता की आरती, उन सभी शहीदों को सम्मान है जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने विशेष रूप से हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी।
राजेश मूणत ने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत को कमजोर समझने की भूल करने वालों को हर बार जवाब मिलेगा कभी सर्जिकल स्ट्राइक से, कभी एयर स्ट्राइक से। देश की एकता को तोड़ने का सपना देखने वाले नक्सली हों या आतंकी, उन्हें माफ नहीं किया जाएगा। भारत अब सहन नहीं करता, सीधे उत्तर देता है।
कार्यक्रम में भारत के सैन्य बलों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस बलों को सलाम किया गया। जिनके बल पर हम आज़ाद हवा में सांस ले रहे हैं, उन वीर जवानों के सामने हम नतमस्तक हैं। सीमाओं से लेकर जंगलों तक, हर जगह तैनात जवानों की बहादुरी को ये आरती समर्पित है।
आरती के बाद लोक कलाकार राकेश तिवारी एवं पुरुषोत्तम चंद्राकर और उनके दल ने छत्तीसगढ़ी गीतों के माध्यम से देशभक्ति का संदेश दिया। देश भक्ति गीतों पर दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। दीप प्रज्ज्वलित कर उन्होंने भारत माता को नमन किया। पूरे आयोजन में अनुशासन, शांति और एकता की मिसाल देखने को मिली।
यह आयोजन एक आरती से कहीं अधिक था यह एक संदेश था उन सबके लिए जो भारत की अखंडता को चुनौती देना चाहते हैं। राजेश मूणत की अगुवाई में गूंजे जयघोष इस बात का संकेत थे कि भारत अपने शहीदों को भूलता नहीं, और भारत माता के चरणों में यह कृतज्ञ राष्ट्र सदा झुका रहेगा।
रायपुर पश्चिम के सभी वार्डो से निकली तिरंगा यात्रा का समापन भारत माता चौक पर आज रायपुर पश्चिम के सभी 20 वार्डों से तिरंगा यात्रा निकाली गई जहां वार्ड पार्षद और स्थानीय नेताओं सहित युवाओं की टोली बाइक में सवार होकर वार्ड भ्रमण करते हुए भारत माता की आरती कार्यक्रम स्थल भारत माता चौक पर पहुंची सभी गाड़ियों में तिरंगे और भारत माता की जय के नारों ने वार्ड सहित पूरे रायपुर पश्चिम में देशभक्ति माहौल निर्मित किया ना सिर्फ भाजपा कार्यकर्ता अपितु स्थानीय गणमान्य नागरिक भी बढ़ चढकर देशभक्ति कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विधायक मोतीलाल साहू, पूर्व विधायक नंदकुमार साहू, राजीव अग्रवाल छगन लाल मुंदडा, ओंकार बैस युवा मोर्चा अध्यक्ष योगिराज टिकरिया, अमरजीत छाबड़ा, राहुल जयंती पटेल, सूर्यकांत राठौर उपस्थित थे।
रायपुर। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings द्वारा भारत की दीर्घकालिक सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को ‘BBB-’ से बढ़ाकर ‘BBB’ तथा अल्पकालिक रेटिंग को ‘A-3’ से ‘A-2’ कर स्थिर दृष्टिकोण (Stable Outlook) के साथ अपग्रेड किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अपग्रेड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक नीतियों की मजबूती, राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक निवेशकों के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अपग्रेड 18 वर्षों बाद हुआ है, S&P ने आखिरी बार जनवरी 2007 में भारत की रेटिंग बढ़ाई थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हुआ यह रेटिंग अपग्रेड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत की मजबूत आर्थिक नीतियों, राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के आर्थिक सामर्थ्य और हर भारतीय के बेहतर जीवन के प्रति मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का वैश्विक प्रमाण है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ के धरमजयगढ़ में आयोजित संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव न केवल राजनीति के मार्गदर्शक थे, बल्कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के सच्चे ध्वजवाहक भी थे। उन्होंने कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह ने “घर वापसी” के माध्यम से दबाव या बाहरी प्रभाव में आकर धर्मांतरण करने वालों को उनके मूल धर्म में लौटने का मार्ग दिखाया। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध सशक्त आंदोलन खड़ा किया और लोगों को उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जोड़ा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि प्रदेश में धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विधानसभा में कानून पारित किया जाएगा, जिससे सनातन संस्कृति और परंपराओं की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा – “प्रदेश की जनता और संतों के आशीर्वाद से एक किसान का बेटा मुख्यमंत्री बना है, और डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को धरातल पर उतारना हमारी प्राथमिकता रही है।”
मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, धान खरीदी ₹3,100 प्रति क्विंटल, बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर वृद्धि, चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ, रामलला दर्शन योजना, तीर्थयात्रा योजना, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और नामांतरण-रजिस्ट्री प्रक्रिया सरलीकरण जैसे कार्य जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि स्व. दिलीप सिंह जूदेव राजनीति के पुरोधा होने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी जीवनभर समर्पित रहे। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ₹3,716 करोड़ का बकाया बोनस 13 लाख से अधिक किसानों को दिया गया, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया और महतारी वंदन योजना के तहत धरमजयगढ़ की लगभग 57 हजार महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की सहायता दी जा रही है। पीएम आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए, जिनमें 26,059 घर केवल धरमजयगढ़ के हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें सड़कों, पुल-पुलिया, विद्युत और स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।
घोषणाओं में नगर पंचायत क्षेत्र के लिए 10 करोड़ रुपये (गौरवपथ निर्माण, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नेहरू गार्डन विस्तार एवं जीर्णोद्धार) और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 50 करोड़ रुपये (धरमजयगढ़-ओंगना और खड़गांव-क्रोन्धा मार्ग में सरिया नदी पर पुलिया सहित अन्य सड़क-पुलिया कार्य) शामिल हैं। साथ ही, छाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने, 132 केवी सब-स्टेशन (₹50 करोड़) की स्थापना और अंबेटिकरा मंदिर के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की गई।
कार्यक्रम में सैकड़ों हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इनमें स्मार्टफोन, महाजाल उपकरण, चरण पादुका, मेधावी शिक्षा सहायता, आयुष्मान कार्ड, उद्यानिकी पौध, सामुदायिक निवेश निधि चेक, बी-1 खसरा एवं नक्शा प्रतिलिपि तथा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत लाभ वितरण शामिल है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, कुमार प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और महापौर नगर निगम जीवर्धन चौहान उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य पुलिस सेवा के 11 अधिकारियों का तबादला किया है। संबंध में गृह (पुलिस) विभाग ने आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार, जांजगीर-चांपा में पदस्थ DSP जितेंद्र कुमार खुंटे को दंतेवाड़ा, बेमेतरा में पदस्थ मनोज कुमार तिर्की को बीजापुर, रायपुर में पदस्थ योगेश कुमार साहू को कांकेर, सक्ती में पदस्थ मनीष कुमार कुंवर को सुकमा, बिलासपुर में पदस्थ सिद्धार्थ बघेल को बीजापुर, कोण्डागांव में पदस्थ लितेश सिंह को गरियाबंद, दुर्ग में पदस्थ हरिश कुमार पाटिल को बीजापुर, महासमुंद में पदस्थ मिलिंद पांडेय को बीजापुर, सूरजपुर में पदस्थ सौरभ उइके को सुकमा, दंतेवाड़ा में पदस्थ जितेंद्र कुंभकार को दंतेवाड़ा, नारायणपुर में पदस्थ अजय कुमार सिंह को नारायणपुर जिले में ही (थाना बारसुर, मालेवाड़ी, कोहकामेटा, सोनपुर, छोटेडोंगर, ओरछा) की जिम्मेदारी दी गई है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच में आयोजित भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विभाजन इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसकी पीड़ा आज भी महसूस की जाती है। उस दौर की घटनाओं को याद करना आज भी मन को उद्वेलित कर देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभाजन के समय लाखों लोगों को अपने घर-परिवार और मातृभूमि से दूर होना पड़ा तथा अनेक स्थानों पर हिंसा और अशांति का सामना करना पड़ा। कुछ लोग सुरक्षित अपने देश लौट सके, जबकि कई अपने घरों तक नहीं पहुँच पाए। अमृतसर स्टेशन जैसे स्थानों पर आई ट्रेनों से जुड़ी घटनाएं आज भी विभाजन के कठिन दौर की याद दिलाती हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भी जो लोग भारत आए, उन्होंने परिश्रम और साहस के साथ जीवन में नई शुरुआत की, जो सराहनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 14 अगस्त को स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि भी है। जूदेव जी ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में राज्यमंत्री के रूप में योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व विशाल, और स्वभाव परोपकारी था। आज धरमजयगढ़ में उनकी पुण्यतिथि पर संस्कृति रक्षा महासम्मेलन एवं अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कठिन संघर्ष और त्याग के मूल्यों पर हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर बीते कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा पूरे देश में उत्साह और एकता का प्रतीक बन गया है। तिरंगा यात्राओं और हर-घर तिरंगा अभियान ने इसे जन-जन से जोड़ दिया है।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता, विचारक एवं लेखक डॉ. सदानंद सप्रे ने कहा कि विभाजन के समय की पीड़ादायक घटनाएं इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम सभी के एकजुट प्रयासों से भारत की एकता और अखंडता और सुदृढ़ होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि हमें स्वतंत्रता के साथ-साथ उस समय के कष्ट, विस्थापन और चुनौतियों को भी याद रखना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों को अपने घर-परिवार छोड़कर पलायन करना पड़ा, जो एक बड़ा मानवीय संकट था।
कार्यक्रम के समापन पर संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी एवं मोतीलाल साहू, अजय जामवाल, पवन साय, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक और कल्याणकारी पहल आकार ले रही है। प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अथक प्रयासों और दूरदृष्टि के परिणामस्वरूप, केंद्रीय सरकारी कर्मचारी कल्याण आवास संगठन (CGEWHO) ने रायपुर में 1000 फ्लैट्स के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है।
यह प्रदेश की पहली केंद्रीय आवासीय परियोजना होगी, जिसमें केंद्र, राज्य और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध तरीके से आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और किफायती आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। CGEWHO ने इस परियोजना के लिए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिख कर 5 से 7 एकड़ बाधारहित भूमि आवंटित करने का औपचारिक अनुरोध किया है।
इस ऐतिहासिक परियोजना की नींव सांसद बृजमोहन अग्रवाल के दूरदर्शी प्रस्ताव से रखी गई। उन्होंने ‘केंद्रीय विहार’ योजना के अंतर्गत रायपुर के एक केंद्रीय स्थान पर 1000 से अधिक फ्लैटों के निर्माण की सिफारिश की थी, जिससे सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय, स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक सुविधाओं तक आसान पहुंच मिल सके।
CGEWHO के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गगन गुप्ता ने रायपुर में परियोजना शुरू करने में गहरी रुचि व्यक्त करते हुए सांसद अग्रवाल का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि रायपुर में केंद्रीय कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जिस तत्परता और गंभीरता से केंद्र तक पहुँचाया है, वह सराहनीय है।
भूमि आवंटन के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, आरडीए अध्यक्ष नंद कुमार साहू, राजस्व सचिव, रायपुर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से आग्रह किया है। भूमि उपलब्ध होते ही परियोजना का पहला चरण शुरू होगा, जो राजधानी में हज़ारों लोक सेवकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को ऊँचाई पर ले जाएगा।
CGEWHO, जो आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन है, जो अपनी ‘न लाभ, न हानि’ नीति, RERA अनुरूपता, पारदर्शी कार्यप्रणाली और IIT व सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए प्रसिद्ध है। देशभर में 35 से अधिक परियोजनाओं की सफल परंपरा के बाद, रायपुर की यह परियोजना छत्तीसगढ़ के लिए एक नई मिसाल बनेगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि, “यह सिर्फ एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए सम्मान और सुविधा का नया अध्याय है। केंद्र सरकार की त्वरित स्वीकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ संकल्प का प्रमाण है। मेरा संकल्प है कि रायपुर में इस परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का दृढ़ संकल्प और सतत प्रयास से रायपुर के नागरिक और सरकारी कर्मचारी इस परियोजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और सुरक्षित आवास के एक नए युग का स्वागत करने को तैयार हैं।
रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) छत्तीसगढ़ ने 12 अगस्त 2025 को आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शामिल न होने वाले 84 पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. यह बैठक प्रदेश प्रभारी महावीर गुर्जर और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य थी. लेकिन कार्यक्रम के दौरान कई प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, प्रदेश सचिव और जिला अध्यक्ष बैठक में मौजूद नहीं थे. संगठन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी अनुपस्थित पदाधिकारियों से 48 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है.
कौन-कौन रहे अनुपस्थित
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में अनुपस्थित 3 प्रदेश उपाध्यक्ष ,14 प्रदेश महासचिव, 50 सचिव और 17 जिलाध्यक्षों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है. इनमें सोनू साहू, हरजीत कौर, पूर्णिमा साहू सहित प्रदेश महासचिव अमन विश्नोई, फरहान अहमद, मनोहर सेठिया, गगन जैन, सरफराज खान समेत 84 नाम शामिल हैं.
48 घंटे में जवाब, वरना कार्रवाई
NSUI के प्रभारी महामंत्री (संगठन) हेमंत पाल द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि 48 घंटे के भीतर जवाब नहीं देने पर संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी. अनुपस्थित पदाधिकारियों को अपना जवाब लिखित रूप में जमा करना अनिवार्य होगा.
संगठन का सख्त रुख
NSUI का कहना है कि अनुशासन और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. महत्वपूर्ण बैठकों में अनुपस्थिति से संगठन के कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ता है, इसलिए इस बार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेरा द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि अब सभी प्रकार के रियल एस्टेट विज्ञापनों में रेरा पंजीकरण नंबर और रेरा वेबसाइट का पता स्पष्ट रूप से प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। इन निर्देशों का पालन प्रिंट मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ब्रोशर, पोस्टर, होर्डिंग, पंपलेट और अन्य सभी प्रचार माध्यमों पर करना होगा। रेरा ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण नंबर और वेबसाइट पते का फॉन्ट प्रकार और आकार वही होना चाहिए जो प्रमोटर के मोबाइल नंबर और पते के लिए उपयोग किया गया है, ताकि उपभोक्ता आसानी से इस जानकारी को पढ़ और समझ सकें।
क्यूआर कोड से सीधे परियोजना की जानकारी
रेरा द्वारा जारी निर्देश के तहत, प्रत्येक विज्ञापन में रेरा द्वारा जारी क्यूआर कोड भी शामिल करना होगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन कर खरीदार सीधे संबंधित परियोजना की विस्तृत जानकारी रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त कर सकेंगे।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
रेरा ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाले प्रमोटर्स या एजेंट्स के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छत्तीसगढ़ रेरा ने सभी प्रमोटर्स, एजेंट्स और विज्ञापन एजेंसियों से अपील की है कि वे उपभोक्ता अधिकारों और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इन दिशा-निर्देशों का पालन करें।
रायपुर। शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़, रायपुर ने हिन्दी और अंग्रेजी Steno (शीघ्रलेखन) परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा कर दी है. परीक्षाएं 23 और 24 अगस्त 2025 को आयोजित होंगी.
अंग्रेजी Steno परीक्षा की तारीख
परिषद के अनुसार, 23 अगस्त 2025 को अंग्रेजी स्टेनो (100 शब्द प्रति मिनट गति) की परीक्षा होगी. यह परीक्षा रायपुर संभाग में चयनित एकमात्र परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी.
हिन्दी Steno परीक्षा की तारीख
24 अगस्त 2025 को हिन्दी स्टेनो (100 शब्द प्रति मिनट गति) की परीक्षा आयोजित होगी. इसके लिए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर संभाग के चयनित चार परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं.
परीक्षार्थियों के लिए जरूरी निर्देश
अभ्यर्थियों को परिषद द्वारा आबंटित परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित बैच और समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा. परीक्षा कार्यक्रम का विस्तृत विवरण परिषद की वेबसाइट https://ctsp.cg.nic.in पर उपलब्ध है.
प्रवेश पत्र की जानकारी
परीक्षा से एक सप्ताह पूर्व प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की जानकारी परीक्षार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी.
रायपुर। राज्य प्रशासनिक सेवा के उप सचिव स्तर के दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है.
इनमें राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में उप सचिव अरुण कुमार मरकाम को वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ ग्रामोद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं खनिज साधन विभाग में उप सचिव श्रीकांत वर्मा को वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ गृह तथा जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
रायपुर। स्कूलों में बच्चों को दाखिला अब 18 अगस्त तक मिल सकेगा। इस संबंध में सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक 9वीं से 12वीं तक एडमिशन की अंतिम तिथि पहले 31 जुलाई तक रखी गयी थी।
बाद में बच्चों की सुविधा को देखते हुए स्कूलों में एडमिशन को 16 अगस्त तक लेना निर्धारित किया गया। लेकिन 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, 16 अगस्त जनमाष्टमी और 17 अगस्त को रविवार की छुट्टी की वजह से अब 18 अगस्त तक दाखिला लिया जा सकेगा।
रायपुर। आज संतोष केशरवानी के चेहरे पर संतुष्टि और खुशी एक साथ दिख रही है। अपने खेत में लगी धान की फसल के लिए समय पर खाद के लिए जाने से संतोष और उनका परिवार ने चैन की मांग ली है। दरअसल चालू खरीफ मौसम में धान की फसल के लिए खाद की कमी की कुछ खबरों ने संतोष की बैचेनी बढ़ा दी थी। परन्तु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य में किसानों को समय पर सोसयटियों से पर्याप्त मात्रा मे खाद मिल रहा हैं। कल ही मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खाद का अतिरिक्त आबंटन जारी करने को मंजूरी भी दी है। छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार ने 50 हजार टन डीएपी तथा 50 हजार टन यूरिया का अतिरिक्त आबंटन किया है।
राज्य में धान की फसल में अब रोपा बयासी का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में धान के पौधों की तेजी से बढ़वार के लिए किसानों को खाद की जरूरत है। इस समय में फॉस्फेटिक खाद की ज्यादा जरूरत पड़ती है। समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद मिल जाने से कोरबा जिले के कोरकोमा गांव के सीमांत किसान संतोष केसरवानी की खेतों की बुआई आसानी हुई और फसल की बेहतर शुरुआत संभव हो सकी। श्री केसरवानी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया खेत हमारा सहारा है, सरकार और समिति की तत्परता से उन्हें खेती बाड़ी के लिए जरूरी खाद बीज आदि सामग्री समय पर मिल गई है। इस मदद से उनकी खेती को नई ऊर्जा मिली है।
किसान श्री संतोष ने कहा कि उनके पास लगभग 5 एकड़ जमीन है, खरीफ सीजन के शुरुआत से ही वे बेहतर उत्पादन के लिए प्रयत्नशील है, बारिश समय पर होने से खेतों की जुताई से लेकर पौधे तैयार करने में कोई दिक्कत नही हुई। इस सीजन में समितियों से समय पर आवश्यक खाद भी उपलब्ध हो गए। उन्होंने बताया कि इस खरीफ सीजन में कोरकोमा सहकारी समिति से उन्होंने अपनी जरूरत अनुसार 7-7 बोरी डीएपी, यूरिया और सुपर फॉस्फेट खाद क्रय किया है, जिसके लिए उन्हें कोई परेशानी नही हुई, ना ही समिति के बार-बार चक्कर लगाना पड़ा। समिति में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करते ही उन्हें केसीसी के माध्यम से खाद प्रदान किया गया। श्री संतोष ने बताया कि पिछले खरीफ वर्ष उन्होंने करीब 92 क्विंटल धान बेचा था। इस बार वे शुरुआत से ही पूरे परिवार के साथ बेहतर फसल के लिए मेहनत में जुटे हैं। वक्त पर खेत की बुआई होने से उनकी फसल अच्छी लग रही है, उनकी मेहनत रंग ला रही है, आगे जरूरत अनुसार सिंचाई और समय समय पर खाद का छिड़काव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी खेती न अब सिर्फ एक जीविका का साधन है, बल्कि उम्मीदों की फसल भी बन गई है। वे कहते हैं, सरकार और सहकारी समिति ने जिस प्रकार से खाद और बीज की व्यवस्था समय पर की, उससे हम जैसे छोटे किसानों को बहुत राहत मिली है। इस पहल ने न केवल उनका आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।