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डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत के विरोध में आज युवा कांग्रेस और किसानों ने किया प्रदर्शन
छुरिया/राजनांदगांव। खुज्जी विधानसभा क्षेत्र और छुरिया ब्लॉक की सहकारी समितियों में डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत के विरोध में आज युवा कांग्रेस और किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बापूटोला मोड़ के पास उन्होंने प्रशासनिक बेरीकेट तोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की कोशिश की और आखिरकार मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ब्लॉक के अधिकांश सेवा सहकारी समितियों में लंबे समय से खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। बुवाई और रोपाई का कार्य अंतिम चरण में है और खाद की जरूरत चरम पर है। इससे पहले भी युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजीव गुप्ता के नेतृत्व में किसानों ने कृषि विभाग को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन आज सैकड़ों किसान और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने दो जगह बेरीकेट्स लगाए थे। मौके पर डोंगरगढ़ के एसडीओ आशीष कुंजाम, थाना प्रभारी छुरिया संतोष भूआर्य, चिचोला टीआई कृष्णा पाटले, मोहारा टीआई ढालसिंह समेत भारी पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शनकारियों ने पहला बेरीकेट तोड़कर दूसरा बेरीकेट पार करने की कोशिश की, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आधे घंटे तक झड़प होती रही।
अंततः चिचोला-छुरिया मार्ग पर स्थित बापूटोला में प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए, जिससे लगभग दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार विजय कोठारी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी एस.एल. देशलहरे और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी जी.पी. सहाड़े ने चार दिनों में 400 मैट्रिक टन डीएपी और यूरिया खाद किसानों को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
इस प्रदर्शन में राजीव गुप्ता, शेखर मंडलोई, मदन नेताम, अनिल बाघमारे, छबि यादव, दीनू साहू, राजेन्द्र कतलाम, सुरेश शोरी, रोहित साहू, हौसी साहू, हेमंत सिन्हा, जितेन्द्र मंडावी, तिलक मंडावी, दीपक निषाद, विनोद मंडावी, धीरेंद्र तिवारी, गोदावरी, बुधारू मंडावी समेत सैकड़ों किसान और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रमुख रूप हुए शामिल।
हाउसिंग बोर्ड अब ऋणमुक्त: 60% प्री–बुकिंग पर ही होगी निर्माण प्रक्रिया शुरू, मंत्री ओपी चौधरी की घोषणा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य शासन द्वारा संचालित वन टाइम सेटलमेंट योजना (OTS-2) की अभूतपूर्व सफलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि OTS-2 योजना की शुरुआत 1 मार्च 2025 से की गई थी। इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा पूर्व में निर्मित रिक्त संपत्तियों को विशेष छूट के साथ आम नागरिकों को सुलभ कराना है। योजना में रिक्तता की अवधि के आधार पर संपत्तियों पर चरणबद्ध छूट दी गई है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि 5 से 10 वर्ष पुरानी ऐसी संपत्तियाँ जिनमें कम से कम 20% भाग रिक्त है, उन पर 20% की छूट दी जा रही है, जबकि 20% से अधिक रिक्तता होने की स्थिति में 30% तक की छूट निर्धारित की गई है। वहीं 10 वर्ष से अधिक पुरानी रिक्त संपत्तियों पर भी 30% छूट का प्रावधान है।
वित्त मंत्री ने बताया कि वे संपत्तियाँ जो अब पहली बार योजना में सम्मिलित की गई हैं और जिनके निर्माण को 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें 10% छूट के साथ ऑफर में शामिल किया गया है। ये सभी छूट संपत्तियों के बेस प्राइस पर लागू होती हैं। इसके पश्चात ऑफर आमंत्रित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से भाग लेते हैं, और सबसे उच्चतम मूल्य वाले को संपत्ति आवंटित की जाती है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों में बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप 15 जून 2025 तक कुल 920 संपत्तियों का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया है, जिससे मंडल को 139.47 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि योजना की लोकप्रियता को दर्शाती है और गृह निर्माण मंडल के लिए मील का पत्थर है।
गृह निर्माण मंडल हुआ पूर्णत: ऋणमुक्त
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने यह भी बताया कि गृह निर्माण मंडल पर पूर्व में बैंकों का लगभग 800 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था। राज्य सरकार ने इस ऋण को अपने बजट प्रावधानों से पूरी तरह चुका दिया है, जिससे मंडल आज पूर्णत: ऋण मुक्त हो चुका है। यह मंडल की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने इसे भविष्य की योजनाओं के लिए और अधिक सशक्त बना दिया है।
60% प्री-बुकिंग के बाद ही आरंभ होंगे निर्माण कार्य
आवास मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अब से गृह निर्माण मंडल द्वारा कोई भी नई आवासीय योजना तब तक प्रारंभ नहीं की जाएगी, जब तक उसकी प्री-बुकिंग कम से कम 60% तक न हो जाए। यह रणनीतिक कदम योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने और अनावश्यक निर्माण कार्य से बचने हेतु उठाया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब गृह निर्माण मंडल पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए कॉरपोरेट मॉडल को अपनाकर काम कर रहा है, जिसके अंतर्गत न केवल किफायती आवासीय इकाइयाँ बल्कि विभिन्न श्रेणियों के मकान और व्यावसायिक परिसंपत्तियाँ भी विकसित की जा रही हैं। यह नवाचार शहरी विकास और आत्मनिर्भर आवास नीति के अनुरूप है।
जनहित को प्राथमिकता
मंत्री श्री चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि गृह निर्माण मंडल का मूल उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा संचालित योजनाएं विशेष रूप से आमजन, निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल सके।
2 लाख की रिश्वत लेते शिक्षक रंगेहाथ गिरफ्तार, ट्रांसफर के नाम पर कर रहा था घूस
कोरबा। कोरबा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्राथमिक शाला कोसलडी में पदस्थ शिक्षक एवं जिला बेसिक फेडरेशन अध्यक्ष विनोद कुमार सांडे को ACB की टीम ने 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 (संशोधित 2018) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्थानांतरण रुकवाने के नाम पर मांगी रिश्वत
मामले की शुरुआत कोरबा निवासी रामायण पटेल की शिकायत से हुई। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी गरिमा चौहान, जो कोसलडी स्कूल में शिक्षिका हैं, का स्थानांतरण दूरस्थ विद्यालय में किया जा रहा था।इसी दौरान विनोद कुमार सांडे ने दावा किया कि उनके डीईओ और बीईओ से अच्छे संबंध हैं, और वे स्थानांतरण आदेश को रुकवा सकते हैं — लेकिन इसके बदले 2 लाख रुपये रिश्वत मांगी।
शिकायत के बाद ACB ने रची जाल, रंगे हाथ पकड़ाया आरोपी
रामायण पटेल रिश्वत देने के बजाय सीधे ACB बिलासपुर कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद ACB ने 17 जुलाई को ट्रैप की कार्रवाई करते हुए विनोद कुमार सांडे को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ धर दबोचा।
ACB की कार्रवाई से शिक्षक समुदाय में हलचल
शिक्षक संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के इस तरह पकड़े जाने से शिक्षक समाज और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। ACB की टीम द्वारा आगे की पूछताछ जारी है और संभावित अन्य संलिप्त अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।ACB की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न हों।
प्राइवेट अस्पतालों में सेवा दे रहे सरकारी डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई! बस्तर सांसद बोले- कलेक्टर से मंगाई जाएगी रिपोर्ट
जगदलपुर। दलपत सागर वार्ड स्थित मां दंतेश्वरी ड्रामा एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल में शासकीय डॉक्टर द्वारा दी जा रही सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं. बस्तर सांसद महेश कश्यप ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि शासकीय डॉक्टर अगर नियमों का उल्लंघन करते हुए प्राइवेट अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं, तो उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी. सांसद ने जानकारी दी कि इस संबंध में कलेक्टर से रिपोर्ट मंगाई जाएगी और स्वास्थ्य मंत्री से भी चर्चा कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि शासकीय डॉक्टरों की नियुक्ति जनसेवा और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की मजबूती के लिए होती है, न कि निजी संस्थानों में सेवा देने के लिए.
दरअसल, शहर के धरमपुरा स्थित मां दंतेश्वरी क्रिटिकल एंड ट्रॉमा सेंटर में महारानी अस्पताल के एक डॉक्टर के द्वारा सेवाएं दिए जाने का मामला सामने आया है. यह कार्य 2024 में स्वास्थ्य सचिव चंदन कुमार द्वारा जारी उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी शासकीय डॉक्टर किसी निजी अस्पताल में सेवा नहीं दे सकता. वह केवल अपने घर या निजी चेम्बर में ही प्रैक्टिस कर सकता है. सांसद ने कहा कि यदि यह उल्लंघन साबित होता है तो डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
खैरागढ़ जिले में शुरू हुआ मेडिकल बोर्ड, पहले ही दिन 44 लोगों ने कराया परीक्षण
खैरागढ़। नवनिर्मित जिले खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के नागरिकों को दिव्यांगता या अन्य चिकित्सकीय प्रमाण पत्रों के लिए अब अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा. जिले में पहली बार मेडिकल बोर्ड का आयोजन सिविल अस्पताल परिसर में किया गया.
जिले में यह सुविधा कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल और सीईओ प्रेम कुमार पटेल के निर्देशन में शुरू की गई. पहले दिन 33 दिव्यांगजन सहित कुल 44 लोगों का परीक्षण कर प्रमाण पत्र दिए गए. इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही.
मेडिकल बोर्ड अब हर माह के तीसरे बुधवार को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक नियमित रूप से संचालित होगा. नागरिक इस दिन अस्पताल पहुंचकर अपना मेडिकल प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं.
बोर्ड के माध्यम से दिव्यांगता अधिकार अधिनियम 2016 के तहत प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य सर्टिफिकेट, सरकारी सेवा, छात्रावास और विद्यालयों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे. सीएमएचओ आशीष शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का नियत तिथि पर लाभ जरूर लें.
बीजापुर जिले के युवाओं से मुख्यमंत्री ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आए बीजापुर जिले युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय इन युवाओं से बहुत आत्मीयता से मिले और उनसे राजधानी रायपुर भ्रमण के अनुभवों को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव आपका अच्छा गांव बनेगा। बस्तर के विकास को अब कोई नहीं रोक सकता। बस्तर का युवा आज आत्मविश्वास से भरा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बीजापुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि वे विगत डेढ़ वर्षों में क्या परिवर्तन महसूस कर रहे हैं ? युवाओं ने बताया कि बहुत परिवर्तन है। अब हमारे क्षेत्र में सड़कें बन रही हैं, बिजली की व्यवस्था हुई है और आंगनबाड़ी केंद्र भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई और गतिविधियों के विषय में जानकारी ली। बीजापुर के एक युवा ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह जूलॉजी विषय से बीएससी कर चुका है और वर्तमान में वह अपने गांव का पंच है। उसका एक साथी भी पंच निर्वाचित हुआ है। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं के जज्बे की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों से पूछा- कितने बच्चे इंस्टाग्राम चलाते हैं ? जब इस प्रश्न पर कई बच्चों ने हाथ उठाया तो मुख्यमंत्री ने आश्चर्यमिश्रित मुस्कान के साथ कहा- अब बस्तर के हमारे बच्चे भी समय के साथ हाईटेक हो रहे हैं। ये सुनकर ठहाके गूंज उठे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि युवा अपडेट हैं और तकनीक को समझ रहे हैं। युवाओं ने बताया कि उनके गांव में अब मोबाइल टावर भी लग रहे हैं।
युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कल राजधानी रायपुर आये हैं। उन्होंने मुक्तांगन, जंगल सफारी सहित अन्य जगहें देखी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से कहा कि वे राजधानी रायपुर के भ्रमण के अनुभव का पूरा लाभ उठाएं।
उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत बीजापुर जिले के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायतों के 100 युवा राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आये हैं। जिसके अंतर्गत आज ये युवा छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव, संपत अग्रवाल, ईश्वर साहू सहित गणमान्यजन उपस्थित थे।
हिड़मा के गांव का होनहार अर्जुन, जिसने नक्सली खौफ को भेदकर पाया नवोदय विद्यालय में दाखिला
रायपुर। नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अंचल का एक नाम जो आज उम्मीद और बदलाव की मिसाल बनकर उभरा है – वह है माडवी अर्जुन। सुकमा जिले के अति-दुर्गम और माओवादी हिंसा से वर्षों त्रस्त रहे पूवर्ती गांव के इस बालक ने जवाहर नवोदय विद्यालय, पेंटा (दोरनापाल) में छठवीं कक्षा में चयन पाकर इतिहास रच दिया है। यह केवल एक छात्र की जीत नहीं, बल्कि उस उम्मीद का संकेत है जो अब बस्तर के कोने-कोने में अंकुरित हो रही है।
माडवी अर्जुन जिस पूवर्ती गांव का रहने वाला है , दरअसल वह नक्सलियों के कमांडर हिड़मा का पैतृक गांव है। एक दौर था, जब पूवर्ती नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। यहाँ माओवादी जन अदालत लगाकर आतंक और ग्रामीणों भाग्य का फैसला सुनाते थे। अब वही पूवर्ती गांव, शिक्षा और विकास के नए सूरज की किरणें देख रहा है। अर्जुन की इस उपलब्धि ने यह दिखा दिया है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले तो सफलता जरूर मिलती है।
अर्जुन वर्तमान में बालक आश्रम सिलगेर में पढ़ाई कर रहा था। उसके घर में न बिजली है, न पक्की छत। उसके माता-पिता खेती और मजदूरी कर किसी तरह घर चलाते हैं। फिर भी, अर्जुन ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत और आश्रम शिक्षकों के समर्पण से यह उपलब्धि अर्जित की।
बीते डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान ने बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में परिवर्तन की नींव रखी है। पूवर्ती जैसे क्षेत्र जहां पहले सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं, अब वहां सड़क निर्माण, सुरक्षा बलों के कैंप, गुरुकुल विद्यालय, स्वास्थ्य सेवाएं और उचित मूल्य दुकानें शुरू हो चुकी हैं।
पूवर्ती में अब बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षा बलों की देखरेख में चल रहे गुरुकुल ने एक प्रेरणादायी माहौल देना शुरू किया है। अर्जुन की सफलता इसी सतत प्रयास की पहली बड़ी उपलब्धि है।
जिला कलेक्टर देवेश ध्रुव ने कहा कि पूवर्ती जैसे दुर्गम और माओवाद प्रभावित गांव से नवोदय विद्यालय में चयन, न केवल अर्जुन की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। हम हर बच्चे को आगे बढ़ाने का मौका देना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि माडवी अर्जुन की सफलता छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। यह उस नव-छत्तीसगढ़ की झलक है, जहाँ अंधेरे की जगह अब उजाले की बातें हो रही हैं। पूवर्ती जैसे गांव से राष्ट्रीय स्तर के नवोदय स्कूल तक का सफर दर्शाता है कि हमने जो बीज शिक्षा, सुरक्षा और विकास का बोया है, वह अब फल देने लगा है। अर्जुन को मेरी ओर से ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। अब पूवर्ती क्षेत्र से केवल एक अर्जुन नहीं, हजारों अर्जुन निकलेंगे और छत्तीसगढ़ के भविष्य को संवारेंगे। राज्य सरकार हर बच्चे के सपनों को पंख देने के लिए कटिबद्ध है।
माडवी अर्जुन की यह यात्रा केवल एक छात्र की कहानी नहीं, बल्कि यह उस बदलाव की दास्तान है, जिसे बस्तर जी रहा है। नक्सलवाद की दीवारें अब दरक रही हैं और शिक्षा की रोशनी बस्तर के घर-आंगनों में फैल रही है। बदलते बस्तर की यह शुरुआत है। अब अर्जुनों की कतार लगेगी और पूवर्ती जैसे गांव विकास की नई इबारत लिखेंगे।
विधानसभा मानूसन सत्र : भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने उठाया भारतमाला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी का मुद्दा
रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक ने भारतमाला प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया. उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि भारतमाला में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है. बिलासपुर संभाग में भी बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है. मामले में अभी छोटे लोगों की गिरफ्तारी हुई है. बड़े लोगों कार्रवाई से बचे हुए हैं. इस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि ईओडब्ल्यू जाँच कर रही है. राज्य की जाँच एजेंसी सक्षम है.
विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि निजी भूमि अधिग्रहण के तहत गांवों में 500 वर्गमीटर से कम भूमि का मुआवजा ज्यादा तो 500 वर्गमीटर से अधिक की भूमि पर कम मुआवजा मिलता है. आमतौर पर यह देखने पर पाया गया है कि एक एकड़ भूमि का मुआवजा 20 लाख होगा तो इसे टुकड़ों में बांटकर 500 वर्गमीटर से कम कर दिया जाए तो कुल मुआवजा लगभग 1 करोड़ हो जाता है. इसी को दृष्टिगत रखते हुए भारतमाला प्रोजेक्ट में कई जिलों में भूमि घोटाला गड़बड़ी सामने आई है.
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने प्रॉपर्टी डिलिंग का कार्य करने वाले एवं अन्य लोगों के साथ मिलकर 1 जमीन को राजस्व अभिलेखों में कूटरचना, अविधिक रूप से दर्ज नामातांरण, बटवारा कर फर्जी तरीके से 6-10 लोगों के नाम दर्ज कर शासन को करोड़ो रुपए का नुकसान पहुंचाया है. जिन लोगों की जमीनें नहीं थी, उन्हें भी कागजों में भूस्वामी बताकर करोड़ों रुपए का बंदरबाट किया गया है.
धरमलाल कौशिक ने कहा कि इन घोटालों में उच्च पदस्थ अधिकारियों के द्वारा भी अपने मातहत अधिकारी – कर्मचारियों से नियम विरूद्ध दबाव बनाकर कर भी इन अनियमितता को कराया है. प्रदेश में लगभग सभी निजी भूमि के भू-अर्जन प्रकरणों की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए. इस पर उच्च स्तरीय जांच न होने के कारण प्रदेश में आमजन में रोष है.
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब में कहा कि भारतमाला परियोजना अंतर्गत किए गए भूमि अर्जन के मुआवजा निर्धारण एवं वितरण में अनियमितता किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं. इन पर कार्यवाही करते हुए संभागायुक्तों के माध्यम से दल गठित करके संपूर्ण भूमि अर्जन की जाँच कराई जा रही है, जो कि प्रक्रियाधीन है. इसके साथ अनियमितता में शासकीय कर्मचारियों के साथ निजी व्यक्तियों की भी संलिप्तता पाए जाने पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण-एन्टी करप्शन ब्यूरो से जाँच कराई जा रही है.
अब तक की जांच में प्रकरण में संलिप्तता व साक्ष्य के आधार पर 8 गैर लोक सेवक तथा 10 लोक सेवकों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें से 8 गैर लोक सेवकों तथा एक लोक सेवक और एक सेवानिवृत्त लोक सेवक आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 10 आरोपियों को जेल निरूद्ध की कार्यवाही की गई है.
मंत्री ने बताया कि 8 आरोपियों के विरूद्ध विशेष न्यायालय रायपुर से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया है, जिसमें में 6 आरोपियों का न्यायालय द्वारा उद्घोषणा जारी किया गया है. एक आरोपी को उच्चतम द्वारा अंतरिम राहत प्रदान की गई है, वहीं एक आरोपी के विरूद्ध साक्ष्य संकलन जारी है. इस प्रकार उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही कर अन्य आरोपियों के विरूद्ध विवेचना जारी है.
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 : अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर को ‘स्वच्छता सुपर लीग’ में मिली जगह, रायपुर को मिला ‘प्रॉमिसिंग सिटी’ का खिताब
रायपुर। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ के सात शहरों ने अपनी स्वच्छता की चमक बिखेरी है। बिल्हा नगर पंचायत 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में अब देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बन गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बिल्हा ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। तीन लाख से दस लाख जनसंख्या वाले शहरों में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा और 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों में कुम्हारी को तीसरा स्थान मिला है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में इन तीनों नगरीय निकायों के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के कुल सात नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, संबंधित निकायों के महापौर, अध्यक्षों और अधिकारियों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू भी पुरस्कार समारोह में शामिल हुए।







भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में अंबिकापुर, पाटन, विश्रामपुर और रायपुर ने भी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में पहली बार शामिल नई श्रेणी 'स्वच्छता सुपर लीग' (एसएसएल) में अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर ने जगह बनाई है। यह सम्मान उन शहरों को दिया गया, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में रहे हैं और वर्तमान वर्ष में शीर्ष 20 शहरों में शामिल हैं। अंबिकापुर ने 50 हजार से तीन लाख जनसंख्या श्रेणी में तथा पाटन और विश्रामपुर ने 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में एसएसएल में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। इनके अतिरिक्त, राजधानी रायपुर को छत्तीसगढ़ का 'प्रॉमिसिंग (Promising) स्वच्छ शहर' का पुरस्कार मिला है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने इन शहरों में स्वच्छता के प्रति नागरिकों, स्थानीय निकायों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये पुरस्कार राज्य के अन्य शहरों को भी अपने शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने भी आज पुरस्कृत नगरीय निकायों को बधाई दी और कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए केवल एक सम्मान ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। आने वाले समय में अन्य नगरीय निकायों को भी स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होंगे। शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र की सरकार शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए कई नवाचारों के साथ सतत काम कर रहे हैं।
20 हजार रूपये की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पटवारी बालमुकुंद राठौर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई ग्राम हल्का नंबर 19, धाराशिव पुटपुरा में की गई, जहां आरोपी पटवारी पदस्थ था।
जमीन दुरुस्ती और बटांकन के नाम पर मांगी रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीण सतेन्द्र कुमार राठौर से पटवारी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत जमीन दुरुस्ती और बटांकन के कार्य के एवज में मांगी थी। लगातार परेशान होकर पीड़ित ने अंततः एसीबी की शरण ली और इसकी लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
शिकायत के बाद ACB का प्लान और गिरफ्तारी
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने जाल बिछाया और गुरुवार को कार्रवाई करते हुए पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है।
एसीबी ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की पूछताछ और जांच प्रक्रिया जारी है। ACB की इस तत्परता और सफल कार्रवाई से जनता में राहत और भरोसा बढ़ा है, वहीं सरकारी महकमों में खौफ का माहौल है। एक बार फिर ये साफ हो गया है कि रिश्वतखोरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हंगामा कर रहा विपक्ष पूरे दिन के लिए निलंबित, केदार कश्यप बोले- अध्यक्ष की अवहेलना मर्यादा के खिलाफ
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज का सत्र विपक्ष के तीखे तेवर और सत्तापक्ष की सख्ती के चलते हंगामेदार रहा। डीएपी खाद की कमी के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विपक्षी विधायक बेल (गर्भगृह) के भीतर पहुंच गए, जिससे अध्यक्ष को नियमों के तहत उन्हें पूरे दिन के लिए निलंबित करना पड़ा।
हंगामे से शुरू हुआ प्रश्नकाल, दो बार स्थगित हुई कार्यवाही
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक डीएपी खाद की कमी को लेकर सवाल उठा रहे थे। सरकार द्वारा जवाब दिए जाने के बावजूद विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में हंगामा बढ़ा तो पहले पांच मिनट के लिए और फिर 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
बेल में घुसने पर स्वतः निलंबन, लेकिन नहीं मानी बात
छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा के मुताबिक, किसी भी सदस्य का गर्भगृह (बेल) में जाना स्वत: निलंबन की श्रेणी में आता है। बावजूद इसके, विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए बेल के अंदर पहुंच गए और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के बार-बार के निर्देशों को भी अनदेखा करते रहे।
अध्यक्ष ने दिखाई सख्ती, विपक्ष के विधायक दिनभर के लिए निलंबित
लगातार असंसदीय व्यवहार और आदेशों की अवहेलना से नाराज़ होकर अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों को सदन से बाहर करने के निर्देश दिए, लेकिन वे नहीं माने और हंगामा करते रहे। इसके बाद अध्यक्ष ने सभी विरोधी विधायकों को दिनभर के लिए निलंबित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप का बयान
उन्होंने कहा:
“सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब दे रही थी, लेकिन कुछ सदस्य बार-बार सदन की गरिमा भंग कर रहे थे। गर्भगृह में जाकर अध्यक्ष के आदेशों की अवहेलना करना लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है। यह कार्रवाई नए विधायकों के लिए एक सीख होगी।”
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का पलटवार
वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा:
“हम किसानों के हक के लिए लड़ रहे हैं। सरकार निजी कंपनियों को खाद देकर किसानों को वंचित कर रही है। यह किसानों के उत्पादन को रोकने की साजिश है। अगर किसानों की आवाज़ उठाने के लिए हमें 100 बार निलंबित होना पड़े, तो हम तैयार हैं।”
DAP की कमी बना सत्र का ज्वलंत मुद्दा
विधानसभा में DAP खाद की कमी का मुद्दा अब राजनीतिक तकरार का केंद्र बन चुका है। विपक्ष का कहना है कि निजी क्षेत्र को खाद देकर सरकारी योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे “राजनीतिक स्टंट” करार दे रहा है।राजनीतिक गरमाहट के बीच किसानों की चिंता फिर एक बार सदन के केंद्र में है। अब देखना यह होगा कि क्या यह बहस समाधान की दिशा में जाएगी या फिर राजनीति की आग में किसानों की उम्मीदें झुलसती रहेंगी।
महादेव घाट और सेंट्रल लाइब्रेरी जैसे बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी, विधायक मूणत ने CM साय और उपमुख्यमंत्री साव का जताया आभार
रायपुर। राजधानी रायपुर के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने इस क्षेत्र के विकास के लिए 65 करोड़ 45 लाख रुपये से अधिक की चार प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन योजनाओं में महादेव घाट का सौंदर्यीकरण, एक भव्य सेंट्रल लाइब्रेरी, ठक्कर बापा वार्ड में पानी टंकी और छुइहा तालाब का विकास शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इन योजनाओं की मंजूरी की जानकारी क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत को दी। मूणत ने इसके लिए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों का आभार जताया और कहा कि रायपुर पश्चिम की जनता को यह डबल इंजन सरकार की बड़ी सौगात है।
प्रोजेक्ट का ब्योरा इस प्रकार है:
- 22.84 करोड़ रुपये की लागत से 1000 सीट वाली सेंट्रल लाइब्रेरी और रीडिंग ज़ोन बनाया जाएगा, जिससे पूरे रायपुर के युवाओं को लाभ मिलेगा।
- 19.99 करोड़ रुपये की लागत से महादेव घाट फेस-1 का सौंदर्यीकरण होगा।
- 19.61 करोड़ रुपये से ठक्कर बापा वार्ड और आसपास के इलाकों में नई पानी टंकी और पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे मीठा पानी लोगों तक पहुंचेगा।
- 3 करोड़ रुपये से छुइहा तालाब का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
राजेश मूणत ने बताया कि महादेव घाट परियोजना उनकी एक महत्वाकांक्षी योजना थी, जिस पर वे पिछले कई महीनों से लगातार प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों से रायपुर पश्चिम में बुनियादी सुविधाओं में जबरदस्त सुधार होगा और यह क्षेत्र राजधानी रायपुर के विकास में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने मूणत को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इन योजनाओं को स्वयं निगरानी में लेकर तय समय में और गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि मूणत के सुझावों और मार्गदर्शन से यह कार्य और प्रभावी ढंग से पूरे किए जा सकेंगे।
