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7 करोड़ के तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में एक और एक्शन, EOW ने एक और आरोपी राजशेखर पुराणिक को किया गिरफ्तार
रायपुर/सुकमा। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस में हुए करोड़ों रुपये के गबन मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी राजशेखर पुराणिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुराणिक, प्राथमिक लघुवनोपज सहकारी समिति फुलबगड़ी के प्रबंधक और जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन, सुकमा में पर्यवेक्षक के पद पर पदस्थ थे।
2021-22 के सीजन में हुआ था करोड़ों का घोटाला
मामला साल 2021 और 2022 के तेंदूपत्ता सीजन से जुड़ा है, जब संग्राहकों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) का बड़ा हिस्सा हड़प लिया गया। करीब 7 करोड़ रुपये के इस घोटाले में आरोप है कि वन विभाग के तत्कालीन डीएफओ अशोक कुमार पटेल समेत प्राथमिक लघुवनोपज समितियों के प्रबंधक, अधिकारी और कर्मचारी मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत संग्राहकों को उनका हक नहीं दे पाए।
बिना वैध संविदा के गबन, निजी व्यक्तियों को दी गई राशि
EOW की जांच में सामने आया कि बोनस की राशि का वितरण ना कर, बिना वैध संविदा के निजी व्यक्तियों को भुगतान किया गया, जो विश्वासघात और बेईमानी की श्रेणी में आता है।इस संबंध में अपराध क्रमांक 26/2025, धारा 409 और 120बी भादंवि के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस घोटाले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें अशोक कुमार पटेल, तत्कालीन वनमंडलाधिकारी, चार वनकर्मी, सात लघुवनोपज समिति प्रबंधक शामिल हैं। EOW ने 17 अप्रैल 2025 को अशोक कुमार पटेल और 25 जून 2025 को अन्य 11 आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। अब राजशेखर पुराणिक की गिरफ्तारी के साथ यह आंकड़ा 13 पहुंच गया है।
ब्यूरो की जांच अभी जारी है और इस बात की पूरी संभावना है कि इस घोटाले में और भी बड़े चेहरे सामने आएंगे। EOW सूत्रों के अनुसार, साक्ष्य और बैंक ट्रांजैक्शनों की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि प्रत्येक दोषी को सजा दिलाई जा सके।
भारतमाला मुआवजा घोटाले की आंच धमतरी में भी पहुंची, अफसर- ब्रोकर्स ने कर लिया करोड़ों का गोलमाल
धमतरी। देश की बहुचर्चित भारतमाला परियोजना घोटाले की आंच अब छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले तक पहुंच गई है। ग्राम सिवनीकला के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुआवजा वितरण में बड़े घोटाले के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की।
मुआवजे की बंदरबांट का आरोप, अफसर-ब्रोकर्स की सांठगांठ
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।उनका कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर एक ही जमीन को कई टुकड़ों में दिखाकर करोड़ों रुपये का मुआवजा हड़प लिया।ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविक भूमि स्वामियों को उनका हक नहीं मिला, जबकि भूमाफिया और रसूखदार लोग मोटी रकम लेकर मालामाल हो गए।
कलेक्ट्रेट में गरजे ग्रामीण, दी आंदोलन की चेतावनी
कलेक्ट्रेट परिसर में “घोटालेबाजों होश में आओ” जैसे नारों के साथ ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए 15 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय सीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर उग्र आंदोलन छेड़ेंगे।
जांच की मांग, सरकार से पारदर्शिता की अपील
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ मुआवजे का नहीं, बल्कि भ्रष्ट तंत्र और गरीबों के हक के शोषण का है। उन्होंने शासन से मांग की कि पूरे मुआवजा वितरण की सीबीआई या उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए, ताकि भ्रष्टाचार की परतें खुल सकें।
बीज निगम की लापरवाही पड़ी भारी, अमानक बीज थमाने के बाद अब समितियां बना रही किसानों की सूची…
गरियाबंद। जरूरत के समय किसानों को समय पर जहां बीज निगम बीज उपलब्ध कराने में नाकाम रहा, तो वहीं समितियों ने किसानों को अमानक बीज थमा दिया. अब लापरवाही सामने आने पर अब समितियां अमानक बीज लेने वाले किसानों की सूची बना रही है.
देवभोग तहसील में सहकारी समितियों से पंजीकृत किसानों को समय पर मांग की अनुरूप बीज की सप्लाई करने में इस बार बीज निगम नाकाम रही है, वहीं तीन समितियों में 200 क्विंटल अमानक बीज खपा दिया. कायदे से बीज निगम द्वारा भंडारण के बाद बीज निरीक्षक को प्रत्येक समिति में भंडारित लॉट का परीक्षण करना अनिवार्य होता है. लेकिन जांच में भी देवभोग क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया गया.
30 जून को इलाके भर में सेंपल लिया गया था. जिसमें रोहानागुडा समिति से स्वर्णा (एमटीयू 7029), एमटीयू 1156, गोहरा पदर समिति से लिए गए स्वर्णा एमटीयू 7029 और मैनेपुर ब्लॉक से लिए गए विक्रम टीसीआर का सेंपल फेल हो गया. तीनों समिति इस किस्म के 200 क्विंटल से ज्यादा मात्रा की बीज सप्लाई हुई थी.
जांच के वक्त समितियों में 162 क्विंटल बीज मौजूद था. रिपोर्ट 2 जुलाई को आया. तब तक 50 से ज्यादा किसानों को अमानक बीज बेच दी गई थी. 2 जुलाई को रिपोर्ट जारी कर अमानक बीज ले जाने वाले किसानों की सूची बनाने कहा गया था. हालांकि, अब तक अंकुरण में किसी भी प्रकार की कोई समस्या किस शिकायत नहीं आई, पर जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही उजागर हो गई है.

10 लाख का बीज का उठाव नहीं हो सका
तहसील के 8 सहकारी समितियों में 2742.30 क्विटल बीज का भंडारण कराया गया, जिसमे केवल 1789 क्विटल बीज ही वितरण हो सका. अब भी सहकारी केंद्र के गोदाम में 961 क्विंटल बीज पड़ा हुआ है. बोनी का समय 15 जून तक था ऐसे में अब बीज का उठाव नहीं के बराबर होगा. पहली बार ऐसा हुआ है कि तहसील में बीज का उठाव प्रतिशत कम रहा है.
मामले में जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक अमर सिंह ध्रुव ने कहा कि समय से पहले किस्म की मांग और मात्रा ऊपर भेजी जा रही थी. लेकिन 40 फीसदी मात्रा का भंडारण समय पर नहीं हुआ. अब समिति प्रबंधक इसकी वापसी के लिए पत्राचार कर रहे हैं, क्योंकि सीमितियों को स्थानाभाव की वजह से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करा कर मार्गदर्शन मांगा गया है.
पसंद के किस्म और भंडारण में विलंब
रिकॉर्ड के मुताबिक, मई माह में पसंद के किस्मों का भंडारण मांग के अनुपात में पूर्ति एक तिहाई हुई. इलाके में किस्म 1001 और किस्म 1010 जैसे मोटा धान की बीज की ज्यादा मांग थी. किसानों के पसंद को दरकिनार कर निगम ने अपने पसंद के बीज खपाया. 15 जून तक बोनी अंतिम हो जाता है. प्री मानसून के चलते इस बार कृषि कार्य 15 दिन आगे चल रहा. जून के पहले सप्ताह में बोनी पूरी हो चुकी थी. 25 जून के बाद भी एक बड़ा खेप बीज का भंडारण किया गया, जबकि इस समय रोपा-व्यासी आरम्भ हो चुका था.
हैंडलिंग के वक्त हो जाता है ऊपर-नीचे
इस संबंध में उपसंचालक कृषि चंदन रॉय ने बताया कि समितिवार मांग को बीज निगम के पास भेजा जाता है. हमारी पूरी कोशिश होती है कि पूर्ति मांग के अनुरूप हो, लेकिन ऊपर से हो रही सप्लाई के आधार पर भंडारण कराने की मजबूरी है. बीज के अमानक रिपोर्ट आने के बाद बिक्री पर रोक लगाया गया है. जिन्हें वितरित किया गया था, उनकी सूची मांगी गई है. हैंडलिंग के वक्त ऊंच-नीच के चलते रिपोर्ट में अमानक आता है, पर उपज प्रभावित हो ऐसा फाल्ट नहीं पाया गया है. सभी सही अंकुरण हुआ है.
भाजपा प्रशिक्षण शिविर का समापन : प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा- प्रशिक्षण BJP की कार्ययोजना का अभिन्न अंग
सरगुजा। मैनपाट में आयोजित भाजपा सांसदों-विधायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हुआ. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेसवार्ता में प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी. प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, प्रशिक्षण भाजपा की कार्य पद्दति, कार्य योजना का अभिन्न अंग है, इस तरह का प्रशिक्षण बीजेपी कार्यकर्ताओं, शक्ति केंद्र और अलग-अलग मोर्चो को भी समय-समय पर दिया जाता है.
प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को संगठन में कैसा काम करना है, पदाधिकारियों की क्या जिम्मेदारी है. इन सभी विषयों पर हर कोई संसद-विधायकों को बताया जाता है. शिविर में हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ वरिष्ठ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष समेत कई वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिसे हम अपने कार्यशैली में अपनाने वाले हैं.
प्रशिक्षण सत्र के बाद कॉर्डिनेशन में किस तरह बदलाव होगा, इस पर किरण देव ने कहा, हमारी सरकार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत पूरे कैबिनेट के बीच किसी प्रकार से समन्वय को लेकर कोई तकलीफ नहीं होती है. हमारा मूल कार्य राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सेवा के साथ प्रधानमंत्री की परिकल्पना से विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है, जिससे इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके. भाजपा का कार्यक्रम हमारे कार्य करने की पद्दति, योजनाओं का महत्वपूर्ण अंग है. राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग लगाया जाता है.
ऐतिहासिक रहा प्रशिक्षण शिविर : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, सांसद-विधायक प्रशिक्षण वर्ग हर एक दृष्टि से ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रहा है. अंबिकापुर के मैनपाट की खूबसूरती को पूरे देश और दुनिया ने देखा है. इस जगह पर ऐसा कार्यक्रम होना, बहुत ऐतिहासिक रहा है. प्रशिक्षण शिविर बीजेपी के कार्य पद्दति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. हमारे सभी सांसद और विधायक एक साथ तीन दिन एक स्थान पर रहकर कार्यक्रम में शामिल हुए. यह ये बताता है कि बीजेपी में परिवार का भाव कैसे बनता है.
सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएंगे
डिप्टी सीएम साव ने कहा, हमारी प्रतिबद्धता केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. प्रशिक्षण शिविर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लिए मिल का पत्थर साबित होने वाला है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ की ताकत और क्षमता उसके माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण और यहां के लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए रहा है.
छत्तीसगढ़ के विकास में वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन की होगी बड़ी भूमिका
अरुण साव ने कहा, इस आयोजन में शत प्रतिशत उपस्थिति, पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है. सूरजपुर विधानसभा में पहली बार बीजेपी जीती है इसीलिए भी यह जगह बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है. इस जगह से निकला हुआ संदेश पूरे देश और विश्व तक पहुंचने वाला है.
ट्रेड यूनियनों का भारत बंद… LIC बिल्डिंग परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने किया हड़ताल
रायपुर। देशभर में आज ट्रेड यूनियनों का ‘भारत बंद’ जारी है. राजधानी रायपुर में कई ट्रेड यूनियनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. पंडरी स्थित एलआईसी दफ्तर के परिसर में हड़ताल किया गया. इसमें कुल 25 करोड़ कर्मचारी इस बंद में भाग शामिल हुए. यूनियनों का कहना है कि सरकार की नीतियों से निजी कंपनियों को फायदा हो रहा है, लेकिन यह मजदूरों के हित में नहीं है. ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की “श्रमिक-विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक” नीतियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए आम हड़ताल बुलाई है. बैंकिंग, बीमा, डाक, परिवहन, बिजली, कोयला, निर्माण जैसे कई क्षेत्रों के 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल है.
ट्रेड यूनियन संघ के अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की श्रमिक और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आज आहूत श्रमिकों की देशव्यापी आम हड़ताल किया गया. ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर आज संगठित और असंगठित क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों लोगों ने कर्मचारी प्रदर्शन प्रदर्शन है.
धर्मराज महापात्र ने कहा कि देशव्यापी हड़ताल में बैंक, बीमा, पोस्टल, टेलीकॉम, रेलवे, स्टील, कोयला क्षेत्र सहित राज्य शासन और केंद्र सरकार कर्मियों के साथ असंगठित क्षेत्र के श्रमिक इस हड़ताल में शामिल हुए. नई श्रम संहिताओं को थोपे जाने, निजीकरण, ठेकाकरण, आउट सोर्सिंग, ट्रेड यूनियन अधिकारों पर हमले,सांप्रदायिकता, संविधान पर हमलों, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों को फसल का उचित मूल्य देने सहित केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया. इंटक, सीटू, एटक, एच एम एस, ऐक्टू सहित प्रमुख 10 केंद्रीय श्रम संगठनों और 100 से अधिक श्रमिक एवं जन संगठनों ने आह्वान पर यह हड़ताल किया गया.
संयुक्त किसान मोर्चा ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया. उन्होंने बताया कि कि रायपुर के तमाम मेहनतकश अपने कार्य स्थलों में हड़ताल करने के बाद एल आई सी के पंडरी स्थित मंडल कार्यालय में आयोजित संयुक्त सभा में शामिल हुए. जहां हड़ताल से संबंधित मुद्दों पर नेतागण विस्तार से अपनी बात रखी.
उन्होंने सरकारी क्षेत्र में तत्काल नई भर्ती शुरू करने, न्यूनतम वेतन 26000 रूपये प्रतिमाह करने, महंगाई व बेरोजगारी पर रोक लगाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, प्रस्तावित बीमा संशोधन विधेयक पर रोक लगाने, वित्तीय क्षेत्रों में एफ डी आई और निजीकरण पर रोक लगाने, सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्रों को बचाए रखने, धर्म और जाति के नाम पर जारी फसादों पर रोक लगाने, संविधान को बदल देने की मुहिम पर रोक लगाने, श्रम संहिताओं को वापस लेने, 35 घंटे का कार्य सप्ताह लागू करने, महिलाओं – दलितों और अल्पसंख्यकों पर जारी उत्पीड़न को रोक लगाने की मांग की गई.
राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने वाला पटवारी निलंबित, SDM ने जारी किया आदेश
रायपुर। राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ करने वाले ग्राम पंडरीतराई के पटवारी विरेंद्र कुमार झा को रायपुर एसडीएम ने निलंबित कर दिया है. पटवारी के खिलाफ शिकायत की जांच में पाया गया है कि पंडरीतराई के पटवारी ने अपने शासकीय पद का दुरूपयोग करते हुए राजस्व अभिलेखों में अवांछित एवं गैर कानूनी छेड़छाड़ कर भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाया है.
ग्राम सेवा समिति रायपुर ने मामले की शिकायत संभाग आयुक्त कार्यालय में की थी. जांच में शिकायत सही निकली. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पटवारी विरेंद्र कुमार झा का कृत्य छग सिविल सेवा आचरण नियम-1965 के नियम-3 के विरूद्ध है एवं कदाचरण की श्रेणी में आता है.

छत्तीसगढ़ राज्य को डीएमएफ संबंधी उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा किया गया सम्मानित
रायपुर। भारत सरकार के खान मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। आज नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक दिवसीय “नेशनल डीएमएफ वर्कशॉप” के दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज सचिव पी. दयानंद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
खान मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना द्वारा नेशनल डीएमएफ पोर्टल में समस्त राज्यों के डीएमएफ से संबंधित डेटाबेस का संधारण किया जा रहा है। डीएमएफ के ऑडिट रिपोर्ट का राज्य डीएमएफ पोर्टल एवं नेशनल डीएमएफ पोर्टल में 90 प्रतिशत डेटाबेस पूर्णतः अपलोड किए जाने पर छत्तीसगढ़ राज्य को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को मॉडल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया और अन्य राज्यों को भी डेटा अपलोडिंग, पारदर्शिता और ज़मीनी क्रियान्वयन के अनुकरण की सलाह दी गई।
उल्लखेनीय है कि नेशनल डीएमएफ कार्यशाला का आयोजन प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना एवं डीएमएफ की प्रभावशीलता को बढ़ाने और खनन क्षेत्रों में सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से सचिव, संचालक एवं खनन प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना एवं आजीविका जैसे विविध क्षेत्रों में समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में अब तक 16,506 करोड़ रुपये की लागत से 1,01,313 विकास कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 70,318 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं।
राज्य शासन द्वारा डीएमएफ के क्रियान्वयन में पारदर्शी और जनहितकारी दृष्टिकोण को अपनाते हुए, प्रत्येक जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों की योजना और निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। यह नीति न केवल भौतिक विकास बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण को भी लक्ष्य में रखती है।
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ की ओर से सचिव, खनिज साधन विभाग पी. दयानंद, संचालक रजत बंसल के साथ बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, कोरबा, रायगढ़ एवं दंतेवाड़ा जिलों के कलेक्टर्स एवं डीएमएफ के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
काल बनकर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर हुई दो बैगा महिलाओं की मौत
कवर्धा। छत्तीसगढ़ में तेज बारिश और वज्रपात का कहर जारी है। कईजिलों में बारिश के बीच हादसे की खबर है। कहीं कच्चे मकान में दबकर मौत की खबर है, तो कहीं वज्रपात की वजह से जान जा रही है। आकाशीय बिजली को लेकर कवर्धा जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। कुकदूर थाना क्षेत्र के बाहपानी जंगल में आकाशीय बिजली गिरने से दो बैगा जनजातीय महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों की पहचान तिहरी बाई और राम बाई के रूप में हुई है, जो एक ही परिवार की सदस्य थीं।
हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों महिलाएं जंगल में किसी कार्य से गई हुई थीं। अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी, जिससे मौके पर ही दोनों की जान चली गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच चुकी है।
राज्यभर में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। रायपुर में बीते 72 घंटों से झमाझम बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
उच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ में भांग की खेती को वैध करने की याचिका की खारिज
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में भांग की व्यावसायिक खेती की वकालत करते हुए दायर की गई जनहित याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि कोई भी जनहित याचिका तब तक नहीं चलेगी जब तक कि इसमें व्यक्तिगत हित शामिल है. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डीबी में हुई.
याचिकाकर्ता एस. ए. काले ने जनहित याचिका दायर कर प्रतिवादी अधिकारियों को छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ‘गोल्डन प्लांट’ भांग के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय लाभों का दोहन करने सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की.
याचिकाकर्ता ने व्यक्तिगत रूप से बताया कि उन्होंने 22.02.2024 को सभी संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से ज्ञापन देकर पावती ली है. लेकिन, प्रतिवादियों द्वारा अब तक एक भी सामान्य या विशिष्ट कार्रवाई नहीं की गई है, जिसमें याचिकाकर्ता को जवाब देना भी शामिल है. इसके अलावा, उक्त प्रतिनिधित्व में, उन्होंने ‘गोल्डन प्लांट’ के कई लाभों पर प्रकाश डाला है, जो कई शोधों और सरकारी रिपोर्टों द्वारा समर्थित हैं. यह दर्शाता है कि इस ‘गोल्डन प्लांट’ में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए “नई पीढ़ी की सोने की खान” होने की क्षमता है. उन्होंने आगे तर्क दिया कि नारकोटिक्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम, 1985 (एनडीपीएस अधिनियम) के अनुसार बागवानी और औद्योगिक उपयोगों के लिए भांग की बड़े पैमाने पर खेती भारतीय कानून द्वारा अनुमत है.
नीति तय करना सरकार का काम, कोर्ट का नहीं : बिलासपुर हाईकोर्ट
कोर्ट ने तर्कों के बाद कहा कि, अच्छी तरह से स्थापित है कि कोई भी जनहित याचिका तब तक नहीं चलेगी जब तक कि इसमें व्यक्तिगत हित शामिल हो. याचिकाकर्ता ने जनहित की आड़ में इस न्यायालय से संपर्क किया है, जिसमें ऐसे निर्देश मांगे गए हैं जो राज्य की विधायी और कार्यकारी नीति के दायरे में आते हैं. न्यायालय सरकार को नीतिगत निर्णय लेने का निर्देश नहीं दे सकते, खासकर मादक पदार्थों पर नियंत्रण जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में. एनडीपीएस अधिनियम के तहत भांग की खेती प्रतिबंधित है, सिवाय विशिष्ट अनुमत उद्देश्यों और वैधानिक प्रक्रिया के, भांग की खेती आम तौर पर चिकित्सा, वैज्ञानिक, औद्योगिक या बागवानी उद्देश्यों को छोड़कर और केवल सरकारी प्राधिकरण के साथ प्रतिबंधित है. याचिकाकर्ता ने न तो कोई जनहित प्रदर्शित किया है और न ही उचित कानूनी तंत्र का पालन किया है. वर्तमान याचिका एक ऐसी याचिका है जिसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कहा जा सकता है. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत जनहित में अधिकार क्षेत्र का आह्वान किया जा सके वैसी याचिका नहीं है. हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर याचिकाकर्ता द्वारा जमा की गई सुरक्षा राशि जब्त करने का निर्देश दिया है.
माना एयरपोर्ट पर 3 साल पहले हुई शासकीय हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग पर अब हुई कार्रवाई
रायपुर। माना एयरपोर्ट पर तीन साल पहले हुई शासकीय हेलीकॉप्टर अगस्ता A109E की क्रैश लैंडिंग पर अब तत्कालीन चीफ पायलट पंकज जायसवाल की सेवाएं समाप्त की गई हैं. वर्तमान में वे राज्य विमानन विभाग में मुख्य सलाहकार के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
माना एयरपोर्ट पर 12 मई 2022 को हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग में कैप्टन एपी श्रीवास्तव और कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा की मौत हो गई थी. लेकिन हादसे के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई करना तो दूर घटना की जांच के आदेश भी नहीं दिए थे. इसके उलट कांग्रेस सरकार ने तत्कालीन चीफ पायलट जायसवाल को तीन लाख मासिक वेतन पर मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया था.
वहीं घटना की जांच के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की टीम यहां पहुंची और रिपोर्ट तैयार की. बताया जा रहा है कि करीब तीन महीने पहले जारी जांच रिपोर्ट हेलीकॉप्टर क्रैश होने के पीछे की लापरवाही और चूक का खुलासा किया गया है. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि माना एयरपोर्ट पर सरकारी हेलीकॉप्टर का मेंटेनेंस सिस्टम कमजोर था, यहां तक जरूरी पार्ट्स भी नहीं बदले जा रहे थे.
डीजीसीए के रिपोर्ट दिए जाने के बाद उसे उजागर नहीं किया जा रहा था. लेकिन समाचार पत्रों के माध्यम से डीजीसीए की रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य विमानन विभाग में जिम्मेदारों की भूमिका की जांच शुरू की, और तत्कालीन चीफ पायलट पंकज जायसवाल की सेवाएं समाप्त की गई.
उफान पर शिवनाथ नदी, SDRF की टीम ने बाढ़ में फंसे 32 लोगों बाहर निकाला, रिहायसी इलाकों में घुसा पानी
दुर्ग। जिले में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश की वजह से शिवनाथ नदी उफान पर है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बनते जा रहे हैं। नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
प्रशासन ने SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया है। विशेष रूप से नदी किनारे बसे ईंट भट्ठों में काम करने वाले मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
दुर्ग शहर के शंकर नगर, बोरसी, मीनाक्षी नगर, गया नगर, मालवीय नगर चौक, जल परिसर, पद्मनाभपुर सहित कई वार्डों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है जिससे यातायात और जनजीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
एसडीआरएफ की बहादुरी: नदी में फंसे 32 लोगों को सुरक्षित निकाला
बाढ़ की सबसे गंभीर घटना अंजोरी चौकी क्षेत्र के ग्राम थनौद में सामने आई, जहां भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण का कार्य जारी था। अचानक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई, और काम कर रहे मजदूर, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, वहां फंस गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने साहस और सूझबूझ के साथ राहत एवं बचाव कार्य अंजाम दिया और 32 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
एसडीआरएफ दुर्ग के जिला सेनानी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
CMO को कारण बताओ नोटिस, वित्तीय अनियमितता के मामले में हुआ एक्शन, एक सप्ताह में देना होगा जवाब
खैरागढ़/रायपुर। नगर पालिका खैरागढ़ के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) नरेश वर्मा को राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) छत्तीसगढ़ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस कबीरधाम जिले में पदस्थापना के दौरान मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना (CMSSY) के क्रियान्वयन में वित्तीय अनियमितताओं और पारदर्शिता के अभाव के चलते दिया गया है।
क्या है मामला?
नरेश वर्मा जब कबीरधाम नगर पालिका परिषद में मुख्य नगरपालिका अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों, दवाओं की आपूर्ति, चिकित्सकीय सेवा और भुगतान व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती।
राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया, वित्तीय रिकॉर्ड अधूरे या गड़बड़ पाए गए, और भुगतान की प्रक्रिया में तय मानकों का उल्लंघन हुआ।
नोटिस की प्रमुख बातें:
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कारण बताओ नोटिस राज्य शहरी विकास अभिकरण, SUDA रायपुर से जारी हुआ है।
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इसमें कहा गया है कि वर्मा को अपने कार्यकाल के दौरान हुए सभी लेन-देन और प्रक्रियाओं का स्पष्टीकरण एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करना होगा।
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यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
आगे की कार्रवाई क्या हो सकती है?
अगर CMO नरेश वर्मा का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ विभागीय जांच, निलंबन या अन्य प्रशासनिक दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। यह मामला राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत गंभीरता से लिया जा रहा है।
शासन का रुख
राज्य सरकार द्वारा लगातार विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभागीय निरीक्षण और ऑडिट कराए जा रहे हैं। CMSSY जैसी जनहितकारी योजनाओं में अनियमितता को लेकर सरकार सख्त रुख अपना रही है।
क्या है मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना?
यह योजना शहरी स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निःशुल्क प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जाती है। इसमें मोबाइल मेडिकल यूनिट, डॉक्टर, नर्स, दवाएं और लैब टेस्ट जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं। योजना का संचालन नगर पालिकाओं के माध्यम से होता है।

बारिश की वजह से स्कूलों में दो दिन की छुट्टी का ऐलान, आंगनबाड़ी भी बंद, जारी हुआ आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है। भारी बारिश के चलते कुछ रिहायशी इलाकों में भी पानी घुस गया है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस आपात स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है। धमतरी जिले में सभी शासकीय आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही जिले के सभी शासकीय स्कूलों में भी एक दिवसीय अवकाश की घोषणा की गई है। यह आदेश कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने जारी किया।
वहीं दूसरी ओर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में बारिश की स्थिति और गंभीर बताई जा रही है। यहां कलेक्टर ने दो दिवसीय अवकाश घोषित किया है। 9 और 10 जुलाई को जिले के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूल तथा आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।
राज्य सरकार और प्रशासनिक अमला हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है। राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड में रखा गया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है, ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक घर से बाहर न निकलें और सतर्कता बरतें।

बुद्ध प्रतिमा की स्थापना से मैनपाट बनेगा शांति और समावेशी संस्कृति की नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और भगवान बुद्ध के प्रेम, शांति एवं करुणा के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित होटल ग्राउंड परिसर में नवस्थापित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में इस पावन अवसर पर आमंत्रण के लिए तिब्बती समुदाय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल हैं, जहां भगवान बुद्ध की उपासना की जाती है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ देखने को मिलती हैं, जो राज्य की समावेशी संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन भगवान बुद्ध की करुणा, प्रेम और शांति के सिद्धांतों का सजीव प्रतीक है। आज की दुनिया के लिए उनका संदेश नई आशा और सकारात्मकता का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व भर के नेताओं ने दलाई लामा जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं, जो यह दर्शाता है कि भगवान बुद्ध के विचारों का वैश्विक जीवन पर कितना गहरा प्रभाव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर स्थल है, जो पर्यटकों को रोमांचित करता है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और राज्य सरकार इसके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, और मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर मैनपाट स्थित सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पौधरोपण किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिससे वातावरण उल्लासमय हो गया।
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी स्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति के अध्यक्ष तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित तिब्बती समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने पढ़ाया सांसद-विधायकों को एकात्म मानववाद का पाठ
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित भाजपा प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने सांसद-विधायकों को एकात्म मानववाद का पाठ पढ़ाया. उन्होंने बताया कि कैसे आपके आचरण में सदव्यवहार और शिष्टाचार होना चाहिए, जो लोक व्यवहार के लिए सबसे जरूरी है. आपका सदआचार एक जनप्रतिनिधि को लोगों के बीच सहज और सरल स्वभाव के साथ रहना चाहिए. उन्हें इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि वह जो कुछ भी है, वह सिर्फ आम जनता की वजह से है, आम जनता के बीच ये संदेश कतई नहीं जाना चाहिए कि उनके चुने हुए जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद बदल गए हैं. आपका व्यवहार ही आपको लोगों के बीच में लोकप्रिय बनाता है.

कोई भी इंसान पद पैसे और ताकत से बड़ा नहीं हो सकता है. उसका बड़ा होना उसकी सहजता में ही शामिल है. आम जनता को ये बिल्कुल नहीं लगना चाहिए की उन्होंने बिन जाने अपने प्रतिनिधि का चुनाव कर दिया. जिसे उन्होंने चुना वह तो चुनाव जीतने के बाद अपने क्षेत्र और क्षेत्र की जनता को भूल गया. आपका यह कर्तव्य होना चाहिए कि आपके लिए सबसे जरूरी वही लोग हैं. जिन्होंने आप पर भरोसा जताया है. जिन्होंने आपको बड़ी उम्मीद के साथ विधायक सांसद बनाया है. आपका यह दायित्व है कि आप उनकी उम्मीदों पर खरा उतरे. गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदतके लिए हमेशा उपलब्ध रहे, तत्पर रहे, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का जो मूल मंत्र है, वही एकात्मवाद है. हर एक जनता के साथ आपका पारिवारिक जुड़ाव रहना चाहिए.

वैचारिक और व्यापारिक विषय
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, न सिर्फ़ लोकव्यहार और समय प्रबंधन बल्कि वैचारिक और व्यापारिक विषय भी रखे गए. प्रशिक्षण के दौरान सरकार की योजनाओं और प्रचार प्रसार पर भी कैसे काम करना है. यह भी बताया गया. मैनपाट ने आयोजित तीन दिनों का यह प्रशिक्षण शिविर संसदों और विधायकों की दक्षता को मजबूती प्रदान करने वाला है. समय समय पर पार्टी की तरफ न सिर्फ जनप्रतिनिधियों के लिए, बल्कि कार्यकर्ताओ के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किए जाते है. आज सांसदों और विधायकों के साथ प्रबोधन, उद्बोधन, संबोधन या प्रशिक्षण कह लीजिए, बहुत ही अच्छा रहा है.

भाजपा प्रशिक्षण का काम करती है
कार्यकर्ता का आचरण व्यवहार, अपने क्षेत्र में कैसे बेहतर काम करें इसकी ट्रेनिंग भी उन्हें दी जा रही है, सरकार की योजनाएं प्रचार प्रसार कैसे करें इस पर काम हो रहा है, व्यापारिक और सैद्धांतिक दोनों पहलुओं पर यहां वैचारिक विषय और व्यापारिक विषय रखे गए हैं. जिसका लाभ सांसद और विधायकों को मिलेगा और दक्षता के साथ में काम कर सकेंगे. केवल सांसद और विधायकों का नहीं अलग-अलग कार्यकर्ताओं का भी प्रशिक्षण हम करते हैं.
राजधानी रायपुर में कल से तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की 'लखपति महिला पहल' क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन
रायपुर। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन 9 से 11 जुलाई 2025 तक राजधानी रायपुर में होने जा रहा है। यह कार्यशाला दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। आयोजन में देश के 11 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारीगण, मिशन संचालक, आजीविका विशेषज्ञ, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबद्ध हितधारक सहभागी होंगे।
कार्यशाला का उद्घाटन भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव टी. के. अनिल, छत्तीसगढ़ शासन की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, भारत सरकार की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा तथा छत्तीसगढ़ शासन के सचिव भीम सिंह की उपस्थिति में होगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में 3 करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने हेतु विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में यह कार्यशाला विविध पहलुओं जैसे— ग्रामीण आजीविका के अवसर, सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, बाजार उपलब्धता, वेल्यू चेन निर्माण एवं आधुनिक तकनीकों पर आधारित रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा एवं अनुभव साझा करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगी।
यह कार्यशाला मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, ओडिशा, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु तथा आंध्रप्रदेश राज्यों के प्रतिभागियों की सहभागिता का गवाह बनेगी।
विशेष रूप से भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव शैलेश कुमार सिंह तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव एस. सी. एल. दास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न सत्रों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग, महिला प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन तथा व्यवसाय संवर्धन के विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा। आयोजन में आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक जयश्री जैन ने बताया कि कार्यशाला की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि यह आयोजन ग्रामीण विकास में महिला नेतृत्व को और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करेगा। यह कार्यशाला केवल विमर्श का अवसर न होकर भविष्य की ठोस रणनीतियों का आधार भी बनेगा, जिससे “लखपति दीदी” के रूप में लाखों महिलाओं को सशक्त किया जा सकेगा।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी जिले के कलेक्टरों को पत्र लिखकर न्यायालय में अभियुक्तों और साक्षियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने न्यायालयों में लंबित मामलों की सुनवाई प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, त्वरित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने अभियुक्तों एवं साक्षियों की अदालतों में यथासंभव श्रव्य-दृश्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों (Audio-Video Electronic Means) के माध्यम से उपस्थिति एवं परीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर लिखा, आमतौर पर यह देखने में आ रहा है कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में अभियुक्तों एवं साक्षियों के परीक्षण के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से आहूत किया जाता है। जेल से अभियुक्तों और आरोपियों को न्यायालय में उपस्थित कराने की प्रक्रिया में अत्यधिक समय और बल की आवश्यकता होती है। कभी-कभी अभियुक्तों की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न हो जाता है। इसी प्रकार चिकित्सक, बैंककर्मी और अन्य लोक सेवकों के न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से न सिर्फ उनका लोक कृत्य प्रभावित होता है बल्कि शासन पर उनके आवागमन के व्यय का अतिरिक्त भार भी पड़ता है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में विहित प्रावधानों के अनुपालन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अभियुक्तों एवं साक्षियों की न्यायालय में श्रव्य दृश्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों (Audio-Video Electronic Means) से उपस्थिति और परीक्षा सुनिश्चित किये जाने के संबंध में कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।
इसलिए अभियुक्तों और साक्षियों की न्यायालय में यथासंभव श्रव्य दृश्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों (Audio-Video Electronic Means) से उपस्थिति और परीक्षा सुनिश्चित किये जाने के संबंध में जिला एवं सत्र न्यायालय की अध्यक्षता में होने वाली मॉनिटरिंग समिति की बैठक के एजेंडा में शामिल कर कार्यवाही सुनिश्चित करें।
देखिये पत्र-

