रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 9820 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8245 करोड़ रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1575 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं।
लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन को बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को समाज में आर्थिक रूप से सबल और सशक्त बनाये जाने हेतुु विगत वित्तीय वर्ष के मुख्य बजट में 3000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें वृद्धि करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 5500 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना को और अधिक जनहितकारी व हितग्राहीमूलक बनाये जाने हेतु ई.के.वाय.सी. के लिए राशि रूपये 4 करोड़ 90 लाख का बजट प्रावधान किया गया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल, पोषण व उनके बौद्धिक विकास के लिए पालना केन्द्रों के संचालन के लिए बजट में 10 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। महिला सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित प्रचलित कानूनों के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ 11 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जनजागरूकता एवं विशेष अभियान हेतु प्रस्तावित बजट में 1 करोड़ 50 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित विभागीय भवनों के मरम्मत व विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए 50 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है, जिसमें स्वयं के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत सुविधा पहुंचाने के लिए राशि रूपये 2 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान शामिल किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुविधाओं का विस्तार व संचालन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में आंगनबाड़ी सेवायें-सामान्य अन्तर्गत 700 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि ‘’पीएमजनमन’’ योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में 80 बसाहटों में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित की जा रही है। इस योजना हेतु बजट में 11 करोड़ 40 लाख रूपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को दिये जाने वाले मानदेय एवं अन्य हितलाभ के लिए 500 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही इस बजट की थीम “गति“ अंतर्गत टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय एवं अन्य भुगतान हेतु “सम्मान सुविधा प्रणाली“ का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से केन्द्रीकृत रूप से डिजीटल प्रणाली का उपयोग कर भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से हितग्राहियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु बजट में 700 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा है। केन्द्र व राज्य सरकार की निधि से वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस हेतु 6740 आंगनबाड़ी केन्द्र के उन्नयन का लक्ष्य रखा है। शहरी क्षेत्र में 150 आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु 18 करोड़ रूपए और ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा अभिसरण से आंगनबाड़ी केन्द्रों में 2000 भवन निर्माण हेतु विभागीय अंशदान की राशि रूपये 40 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
किशोरी बालिकाओं की महवारी स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन की वेंडिंग मशीन एवं भस्मक मशीन की स्थापना कराये जाने हेतु 13 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है। ‘पोषण अभियान के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में पोषण अभियान के संचालन हेतु राशि 125 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित बजट में 8000 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखते हुए 40 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।
छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित ऋण योजना का लाभ अधिक से अधिक स्व-सहायता समूहों तक पहुंचाने हेतु बजट में छत्तीसगढ़ महिला कोष हेतु राशि रू. 5 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना संचालन के लिए 5 करोड़ 3 हजार का बजट प्रावधान किया गया है। 6 नये जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति हुईं है, जिसके लिए 20 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है।
केन्द्र सरकार द्वारा लागू मिशन शक्ति की सामर्थ्य घटक अंतर्गत राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय महिला सशक्तिरण केन्द्र एवं जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए 11 करोड़ 58 लाख 2 हजार का बजट प्रावधान रखा गया है। शक्ति सदन योजना के संचालन के लिए 3 करोड़ 39 लाख 50 हजार का बजट प्रावधान किया गया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार के बजट की थीम “गति“ अंतर्गत अधोसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए मिशन वात्सल्य योजना अन्तर्गत पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु राशि 11 करोड़ 82 लाख 17 हजार का प्रावधान किया गया है जिसमें दो वात्सल्य भवन, 16 बालक कल्याण भवन, 19 किशोर न्याय बोर्ड हेतु भवन एवं 3 बाल सम्प्रेक्षण गृह के लिए भी नवीन भवन स्वीकृत किये जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 100 करोड़ रूपए से अधिक, महिला जागृति शिविर एवं दिशा दर्शन भ्रमण मद में 5 करोड़ रूपये, मिशन वात्सल्य योजना संचालन के लिए 100 करोड़ रूपए से अधिक तथा गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए 3 करोड़ 10 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के लिए 4 करोड़ 85 लाख रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है।
समाज कल्याण विभाग
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज समाज कल्याण विभाग के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 1575 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में माना कैम्प में दिव्यांगजनों के लिए अत्याधुनिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जशपुर नगर में संचालित विशेष विद्यालय का उन्नयन करते हुए, उच्चतर माध्यमिक स्तर तक किया जा रहा है। इस हेतु राशि रूपये 2 करोड़ 50 लाख का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। इस प्रकार दिव्यांगजनों के शिक्षण प्रशिक्षण के लिए 38 करोड़ 89 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। जो विभाग के कुल बजट का 2.47 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि विभाग दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के अधिकार के प्रति सजग है।
दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र माना में स्थापित है, जिसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्तापूर्ण कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु अत्याधुनिक मशीनों के लिए 5 करोड़ रूपये का नवीन मद में प्रावधान किया गया है।
जिला स्तर पर दिव्यांग व्यक्तियों को मार्गदर्शन, उपचार, संसाधन एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 4 करोड़ 15 लाख रूपये, 12 घरौंदा आश्रय गृह के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। विभागीय मानव संसाधन की क्षमता विकसित करने हेतु राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केन्द्र हेतु राशि रूपये 01 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। पेंशन योजनाओं के लिए 1395 करोड़ रूपए से अधिक तथा राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रूपए का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किया गया है।
मुख्यमंत्री तीर्थ योजना अन्तर्गत वृद्धजनों के साथ अब विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं को हितग्राही के रूप में शामिल किया गया है, जिसके लिए बजट में 15 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना अन्तर्गत 4 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। राज्य में नशा मुक्ति कार्यक्रम के तहत् भारत माता वाहिनी का गठन किया गया है, इस प्रयोजन के लिए 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
रायपुर। बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक किरण देव, विधायक लता उसेंडी, विधायक विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति विवेक आचार्य मौजूद रहे।
बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो
बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है। "बस्तर पंडुम" गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है।
नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन
‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण
बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।
जशपुर। भारतीय जनता पार्टी ने जशपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में जीत हासिल की है. दोनों ही पद के भाजपा अधिकृत उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है.
भाजपा अधिकृत उम्मीदवार सालिक साय ने अध्यक्ष पद पर निर्विरोधित जीत दर्ज की. वहीं शौर्य प्रताप सिंह को भी उपाध्यक्ष पद के चुनाव में जीत मिली है. जीत के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ में तीन जिला पंचायतों को छोड़कर बाकी सभी जगह जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव हो चुका है. अभी रायपुर, जशपुर और सुकमा में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव बाकी है. यहां चुनाव की तारीखों में फिर से बदलाव किया गया है. पहले यह चुनाव आज (12 मार्च) होना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे संशोधित कर दिया गया है. अब यह चुनाव 20 मार्च को होगा. जिला प्रशासन ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है. 12 जिलों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का सीट अनारक्षित था, जिसमें से 9 जिलों में ओबीसी अध्यक्ष और 8 जिलों में ओबीसी उपाध्यक्ष चुने गए हैं.
रायपुर। रायपुर जिला पंचायत चुनाव की तारीख बार-बार बढ़ाए जाने के विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस के संयुक्त महासचिव विनोद तिवारी ने बताया कि 23 फरवरी को तीसरे चरण का चुनाव संपन्न होने के बाद 5 मार्च को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की घोषणा की गई थी। हालांकि, प्रशासन ने 3 मार्च को चुनाव की तारीख बदलकर 12 मार्च कर दी। इसके बाद, आज 12 मार्च को चुनाव को फिर स्थगित कर 20 मार्च की नई तारीख घोषित कर दी गई।
चुनाव स्थगित किए जाने की सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। हजारों की संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए और जमीन पर बैठकर घंटों विरोध प्रदर्शन किया।
एडीएम रायपुर ने दिया आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान एडीएम रायपुर ने कांग्रेस नेताओं से चर्चा कर उन्हें आगामी चुनाव तिथि से अवगत कराया और समय पर चुनाव कराने का आश्वासन दिया।
विनोद तिवारी ने भाजपा पर लगाया आरोप:
विनोद तिवारी ने भाजपा पर चुनाव में धांधली की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा के पास जिला पंचायत में बहुमत नहीं है, इसलिए वे बार-बार चुनाव की तारीख बढ़ा रहे हैं ताकि किसी तरह जोड़-तोड़ कर अपना अध्यक्ष बना सकें। लेकिन कांग्रेस के पास बहुमत है, इसलिए भाजपा घबराई हुई है।
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर गृह मंत्रालय से सवाल किया। उन्होंने जानना चाहा कि पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत राज्य में क्या पहल की गई, कितनी राशि आवंटित और उपयोग की गई, तथा अग्निशमन अवसंरचना की कमियों और उनके समाधान के लिए सरकार की क्या योजना है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब देते हुए बताया कि पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिश पर राज्यों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 5000 करोड़ रुपये की योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य को 147.745 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें से 33.24 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।
छत्तीसगढ़ में निर्धारित लक्ष्य
इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में—
- 12 नए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना
- आधुनिक अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर टेंडर, हाई एक्सपेंशन फोम जनरेटर, सेमी-ऑटोमेटिक डिफाइब्रिलेटर, स्मोक एक्सट्रैक्टर आदि की खरीद
- अग्निशमन कर्मियों का क्षमता निर्माण प्रशिक्षण
- राज्य के अग्निशमन सेवा मुख्यालय को मजबूत करने का कार्य किया जाएगा।
देश में अग्निशमन सेवाओं की स्थिति गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार—
- देश में अग्निशमन केंद्रों की 97.54% कमी है।
- 80.04% अग्निशमन एवं बचाव वाहन की कमी है।
- 96.28% अग्निशमन कर्मियों की आवश्यकता बनी हुई है।
योजना की निगरानी और क्रियान्वयन
गृह मंत्रालय के अनुसार, अग्निशमन सेवाएं राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, लेकिन केंद्र सरकार सलाहकार भूमिका निभा रही है। राज्यों को अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 2026 तक लक्ष्य पूरे करने होंगे। इसके लिए महानिदेशक (एफएस, सीडी और एचजी) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करना आवश्यक होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य में अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है, ताकि आपातकालीन स्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और राज्य को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित कांगेर घाटी नेशनल पार्क को यूनेस्को ने 2025 की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की तदर्थ (टेंटेटिव) सूची में शामिल कर लिया है। यह प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि पहली बार किसी स्थल को इस सूची में स्थान मिला है। अब छत्तीसगढ़ सरकार को एक साल के भीतर पूरी तथ्यात्मक जानकारी और आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना दावा पेश करना होगा, ताकि इसे पूर्ण रूप से वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा मिल सके।
पहली बार छत्तीसगढ़ की किसी साइट को यह सम्मान
कांगेर घाटी नेशनल पार्क अपनी समृद्ध जैव विविधता और दुर्लभ जीव-जंतुओं के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र 200 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यहां की भौगोलिक संरचना, गुफाएं, वनस्पतियां, दुर्लभ पक्षी एवं जनजातीय संस्कृति इसे अनोखा बनाती हैं। वर्ल्ड हेरिटेज साइट के लिए भेजा गया प्रस्ताव यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
यूनेस्को की सूची में शामिल होने की प्रक्रिया
यूनेस्को किसी स्थल को तीन श्रेणियों में वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा देता है—
प्राकृतिक धरोहर (Natural Heritage)
सांस्कृतिक धरोहर (Cultural Heritage)
मिश्रित धरोहर (Mixed Heritage)
कैसे हुआ चयन?
करीब दो साल पहले कांगेर घाटी नेशनल पार्क के तत्कालीन डायरेक्टर गणवीर धम्मशील ने इस दिशा में काम शुरू किया था। उन्होंने पुरातत्व विभाग और अन्य विशेषज्ञों की मदद से करीब एक साल तक शोध किया और यूनेस्को को प्रस्ताव भेजा। इसके बाद यूनेस्को ने इसे प्राथमिक सूची में शामिल कर लिया है।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की विशेषताएँ
अद्वितीय जैव विविधता: यहां दुर्लभ वनस्पतियां और जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिनमें विशेष रूप से पहाड़ी मैना शामिल है, जो इंसानों की तरह बोलने की क्षमता रखती है।
प्राकृतिक गुफाएं: इस उद्यान में कोटमसर गुफा समेत 16 लाइमस्टोन (चूना पत्थर) की गुफाएं हैं, जो लाखों साल पुरानी हैं। खास बात यह है कि ये गुफाएं अभी भी “जिंदा” हैं यानी इनमें प्राकृतिक रूप से चूना पत्थर की संरचनाओं का निर्माण जारी है।
अंधी मछलियां और दुर्लभ जीव: इन गुफाओं में रहने वाले कुछ जीव-जंतु जैसे अंधी मछलियां और विशेष प्रकार के चमगादड़ वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
धुरवा जनजाति का योगदान: इस क्षेत्र में रहने वाली धुरवा जनजाति हजारों साल पुरानी परंपराओं और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है। ये जनजातियां जंगल के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आगे की प्रक्रिया
अब छत्तीसगढ़ सरकार को एक साल के भीतर वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा पाने के लिए पूरी रिपोर्ट और प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है, तो कांगेर घाटी नेशनल पार्क न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर के रूप में स्थापित होगा और यह पर्यटन व संरक्षण की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए यह गौरव का क्षण है, क्योंकि पहली बार प्रदेश की कोई प्राकृतिक धरोहर यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल हुई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने प्रीलिम्स 2024 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, आबकारी सब इंस्पेक्टर समेत 17 सेवाओं के 246 पदों पर भर्ती की जाएगी। परीक्षा 9 फरवरी 2025 को दो पालियों में आयोजित हुई थी। जारी परिणाम के अनुसार, कुल 3737 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा (मेंस) के लिए क्वालीफाई किया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर या नीचे दी गई इमेज पर क्लिक कर देख सकते हैं।
बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया में 246 पदों में से सर्वाधिक 90 पद आबकारी सब इंस्पेक्टर के हैं। वहीं, डिप्टी कलेक्टर के 7 और डीएसपी के 21 पद शामिल हैं। पिछले साल डीएसपी का कोई पद नहीं था, लेकिन इस बार आयोग ने 21 पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली है।
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मेंस परीक्षा की तिथि घोषित
प्रीलिम्स परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा (मेंस) में शामिल होंगे। आयोग ने मेंस परीक्षा की तिथि 26, 27, 28 और 29 जून 2025 निर्धारित की है। चयनित उम्मीदवारों को मेंस परीक्षा के लिए अलग से आवेदन करना होगा, जिसके संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी होगी।
रायपुर। ई-वे बिल जांच के नाम पर वसूली का मामला भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने ध्यानाकर्षण के जरिए सदन में उठाया. अनुज शर्मा ने कहा कि ई-वे बिल के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि जांच के नाम पर अवैध वसूली की कोई शिकायत नहीं मिली है।
भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने ई-वे बिल के नाम पर गाड़ियों को रोका जाता है, लेकिन लेन देन कर छोड़ दिया जाता है. व्यवसाइयों को बेवजह परेशान किया जा रहा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि जांच के नाम पर अवैध वसूली की कोई शिकायत नहीं मिली है. एप के जरिए वाहनों की जांच की जाती है. बिल नहीं पाये जाने पर विभाग के अधिकारियों को वीडियो अपलोड कर व्हाट्स एप पर सूचना दी जाती है. 31 करोड़ को शास्ति वसूल की गई.
मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा चुनिदा अधिकारियों की एक ही जगह पर ड्यूटी नहीं लगाई गई है. पूरे प्रदेश में ई वे बिल जांच के लिए 15 टीमों का गठन किया गया है. 63 अधिकारी ई-वे बिल की जांच कर रहे हैं. कर अपवंचन करने वाले लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाती है. कर अपवंचन रोकने विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है. कारोबारियों से अवैध वसूली नहीं की जाती है.
अनुज शर्मा ने कहा कि बिना ई-वे बिल के समान भेजने वाले कारोबारियों के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई की जाती है? मंत्री ने बताया कि कोई भी कारोबारी एप के जरिए दो मिनट के भीतर ई-वे बिल जारी कर सकता है. किसी भी टोल पर ऐसी गाड़ी आसानी से स्कैन हो जाती है. भारत सरकार का सॉफ्टवेयर बीफा है, जिसके जरिए आसानी से ट्रैकिंग की जा सकती है. ई-वे बिल जारी करने की लिमिट पचास हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दिया है.
भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने पूछा कि ई-वे बिल जारी कर कारोबार करने वाले कितने कारोबारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई? इस पर मंत्री चौधरी ने कहा कि टैक्स वसूली के लिए टेरर क्रिएट करना उद्देश्य नहीं होता है. सॉफ्टवेयर में फ्लैश होने पर कार्रवाई की जाती है. जो ट्रांसपोर्ट करता है, प्रारंभिक जिम्मेदारी उसकी होती है. हमने करीब सौ के आसपास सीमित संख्या में रेड की कार्रवाई की है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने गांव से एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वे अपनी गांव के घर में भोजन करते नजर आ रहे हैं. खास बात यह है कि इस वीडियो में ओपी चौधरी गांव में हरियाली के बीच घर के छत पर सुकून से खाट पर बैठकर खाना खा रहे हैं. इस वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ी में लिखा कि “गांव घर के सोन्हा खुसबू, खटिया के सुकुन, अउ दाल-भात-चटनी के सुवाद… जय हो छत्तीसगढ़ महतारी.”
रायपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव की तिथि में एक बार फिर से बदलाव किया गया है. पहले यह चुनाव आज (12 मार्च) होना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे संशोधित कर दिया गया है. अब यह चुनाव 20 मार्च को होगा.
इससे पहले निर्वाचन की तिथि 12 मार्च निर्धारित की गई थी, जबकि 17 मार्च को प्रथम सम्मेलन आयोजित किया जाना था. अब जिला प्रशासन द्वारा नई तारीख जारी की गई है, जिसके अनुसार 20 मार्च को मतदान होगा. जिला प्रशासन ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है.
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक बार फिर ACB-EOW की कार्रवाई देखने को मिली है. भ्रष्टाचार के मामले में घिरे सहायक आयुक्त आनंद सिंह के घर पर आज सुबह से एसीबी की टीम जांच कर रही है।
बता दें कि बीते रविवार को भी ACB और EOW की टीम ने सहायक आयुक्त आनंद सिंह के घर दबिश दी थी, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण मकान को सील कर दिया गया था. जिसके बाद आज फिर से टीम ने उनके घर पहुंचकर तलाशी शुरू कर दी है.
सहायक आयुक्त और डीएफओ के बंगले में पहुंची थी टीम
रविवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की संयुक्त टीम ने बस्तर संभाग के बीजापुर और सुकमा में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी. इस दौरान सहायक आयुक्त के जगदलपुर के धरमपुरा स्थित मकान के साथ-साथ उनके दो रिश्तेदारों के बैलाबाजार और धरमपुरा स्थित अन्य मकानों पर भी दबिश दी गई थी. इसके अलावा ACB और EOW की टीम ने सुकमा के डीएफओ (वन मंडल अधिकारी) समेत कई कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापा मारा था. इस कार्रवाई के लिए रायपुर से विशेष टीम बस्तर संभाग पहुंची थी.
नई दिल्ली/रायपुर। "भारतीय शेयर बाजार की मजबूती और स्थिरता हमारे देश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। विदेशी निवेशकों का आना अच्छा संकेत है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका प्रभाव घरेलू निवेशकों के हितों पर न पड़े।" यह कहना है वरिष्ठ भाजपा नेता व रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल का, जिन्होंने संसद में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा किए गए निवेश और उसकी भूमिका पर जानकारी मांगी। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या विदेशी निवेशकों द्वारा किया गया निवेश बाजार में अस्थिरता को बढ़ा रहा है और सरकार घरेलू निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा संसद में दिए गए उत्तर के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने वर्ष 2023 में भारतीय इक्विटी बाजार में ₹1,71,107 करोड़ और जून 2024 से दिसंबर 2024 के बीच ₹23,791 करोड़ का निवेश किया। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने वर्ष 2023 में ₹1,83,278 करोड़ और जून 2024 से दिसंबर 2024 के बीच ₹3,12,988.59 करोड़ का निवेश किया। इसके अतिरिक्त, घरेलू वित्तीय संस्थानों (डीएफआई) द्वारा वर्ष 2023 में ₹1,188.95 करोड़ का निवेश किया गया।
मंत्री ने भी स्पष्ट किया कि शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें विदेशी पूंजी प्रवाह, घरेलू आर्थिक स्थिति, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और निवेशकों की मानसिकता शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) निवेशकों के हितों की सुरक्षा और बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी नियामक और निगरानी तंत्र लागू कर रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि घरेलू निवेशकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार विदेशी निवेश से बाजार में होने वाली अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए ठोस नीति बनाए और घरेलू निवेशकों को अधिक अवसर और सुरक्षा प्रदान करे।
रायपुर। विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केलो प्रोजेक्ट में जमीनों की अफरा-तफरी का आरोप लगाया. विपक्षी सदस्यों ने सदन की समिति से मामले की जांच कराने की मांग को लेकर हंगामा मचाया. इस पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान केलो प्रोजेक्ट में भू-अर्जन का मुद्दा उठाते हुए पूर्णता को लेकर सवाल पूछा. मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि परियोजना 80% पूरी हो चुकी है. प्रोजेक्ट में 23 प्रकरण लंबित होने के अलग-अलग कारण हैं. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रोजेक्ट में जमीनों की अफरा-तफरी का आरोप लगाते हुए सदन की समिति से मामले की जांच कराने की बात कही.
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि विभागीय रुप से जांच कराई जाएगी. इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि सदन की समिति से जांच होनी चाहिए. इस पर विपक्ष ने हंगामा मचाते हुए नारेबाजी की. इसके साथ मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया.
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के 12वें दिन विपक्ष ने भारतमाला परियोजना में गड़बड़ी का मामला उठाया. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि यह बड़ी गड़बड़ी है कई लोग मिले हुए हैं. राजनीतिक दलों के लोग भी मिले हो सकते हैं, इसकी सीबीआई से जांच होने चाहिए. विभागीय मंत्री ने आयुक्त से जांच करने का ऐलान किया. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट किया.
विधानसभा में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भारतमाला परियोजना में गड़बड़ी स्वीकार करते हुए कहा कि अधिसूचना के बाद रकबे का टुकड़ा किया गया. अधिकृत भूमि का दोबारा भू-अर्जन किया गया. ट्रस्ट के बदले ट्रस्ट के व्यक्ति को मुआवजा मिल गया. डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी पर कार्रवाई की गई है.
इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया जाए. निलंबन ऐसी प्रक्रिया है, जिससे दोषी जल्द बच जाते हैं. निलंबन से लौटने के बाद फिर अधिकारी उसी हिसाब से काम करते हैं. मेरा हाथ जोड़कर निवेदन है कि मामले की सीबीआई जांच की मांग स्वीकार कर लें.
इस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मामले की जांच आयुक्त से कराने का ऐलान किया. विषय पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने तो सीबीआई को बैन किया था. इस पर नेता प्रतिपक्ष ने विधायकों की समिति बनाकर मामले की जांच कराने की मांग की.
भारतमाला परियोजना में जांच की मांग पर विपक्ष के हंगामे के बीच सत्तापक्ष के विधायक रिकेश सेन ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को केंद्रीय एजेंसी पर कब से भरोसा हो गया. जो लोग सीबीआई को बैन करते हैं. ईडी पर भरोसा नहीं है. वह आज जांच की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने शिकायत के आधार पर जांच के दायरे पर सवाल उठाया. मंत्री ने कहा कि आयुक्त से विस्तृत जांच कराई जाएगी.
इसके बाद भारतमाला परियोजना के गड़बड़ी पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सत्तापक्ष के जवाब से असंतुष्ट होकर हाईकोर्ट जाने का ऐलान किया. इसके साथ ही पूरे विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होली पर्व से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रीय हो गया है. हर साल त्योहारों के समय नकली मावा, पनीर और मिलावटी मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है. इसे रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. खाद्य सुरक्षा अधिकारी साधना चंद्राकर, रोशनी राजपूत, बृजेंद्र भारती और सिद्धार्थ पांडे की टीम ने आज होटल पहुंचकर जांच की.
टीम ने विवान फूड (प्रोफेसर कॉलोनी), अग्रवाल मिठाई वाला (दावड़ा कॉलोनी, पचपेड़ी), कलकत्ता स्वीट (टाटीबंध), और न्यू दिल्ली स्वीट्स (रायपुर) से मिठाइयों के नमूने लिए. जांच के दौरान गुलाब जामुन, कुंदा, लूज चमचम और गुझिया के 4 विधिक और 4 सर्विलेंस नमूने एकत्र किए गए. इसके अलावा, 50 नमूने चलित खाद्य प्रयोगशाला में जांचे गए, जिनमें से 48 नमूने मानक पाए गए, जबकि 2 नमूने अवमानक मिले.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 6710 करोड़ 85 लाख से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में कहा कि बजट में जिला चिकित्सालय गरियाबंद एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के भवन निर्माण हेतु 4 करोड़ रूपए बजट में प्रावधानित है। साथ ही मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जनकपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना का प्रावधान है, ताकि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही जांजगीर-चांपा और कबीरधाम जिले में 100 बिस्तर अस्पताल को 220 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन करने के साथ 516 पद सृजित किए जाने का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण हेतु राष्ट्रीय स्तर के संस्थान जैसे-राज्य वैक्सीन भण्डार, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एवं हियरिंग की स्थापना के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो सके इसलिए नवीन जन औषधि केन्द्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सिकल सेल रोगियों को निशुल्क दवाइयां, परामर्श और समय पर जांच सुविधा प्रदान किए जाने हेतु प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में सिकल सेल स्क्रीनिंग सेंटर की व्यवस्था किए जाने हेतु बजट में 5 करोड़ तथा सियान केयर क्लिनिक योजना हेतु 2 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। ग्राम पूवर्ती विकासखण्ड कोन्टा, ग्राम भेज्जी जिला सुकमा तथा सिरिमकेला जिला जशपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना के लिए 36 पद प्रावधान किए गए हैं।
मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सेंदरी, जिला बिलासपुर में स्थित मानसिक चिकित्सालय को 100 बिस्तर से बढ़ाकर 200 बिस्तर अस्पताल के रूप में उन्नयन किया जाएगा। साथ ही बजट में जगदलपुर एवं मनेन्द्रगढ़ में दो नवीन मानसिक चिकित्सालय प्रारंभ किये जाने का प्रावधान है। इसी तरह दंतेवाड़ा के 100 बिस्तर अस्पताल को 220 बिस्तर सिविल अस्पताल के रूप में उन्नयन करने का प्रावधान किया गया है, ताकि यहां के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा योजना प्रदान करने के लिये 1500 करोड़ का प्रावधान है। डॉ. भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजी विभाग का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विगत एक वर्ष के प्रयास से यहां कार्डियक बाईपास भी प्रारंभ हो गया है, जिसके विस्तार हेतु 10 करोड़ का बजट रखा गया है।
आयुष
मंत्री श्री जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से, अन्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आयुष पद्धतियों का निरंतर विकास और विस्तार सुनिश्चित करने हेतु बजट में 517 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में औषधियों के लिए 25 करोड़ रुपये और चिकित्सा उपकरणों के लिए 6 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन
उन्होंने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत संचालित कार्यालय नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रतिष्ठानों द्वारा निर्मित, विक्रित तथा भंडारित खाद्य और औषधि पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी करते हुए जनसामान्य को उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ और औषधियाँ प्रदान करने के उद्देश्य से बजट में कुल 102 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में एकमात्र खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर में स्थित है, जिसमें खाद्य और औषधि नमूनों की जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य में एक नई इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ सह एफबीए भवन हेतु भूमि क्रय और भवन निर्माण के लिए 49 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
12 नए नर्सिंग महाविद्यालय
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने व स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने हेतु व प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निर्णय लिए गए हैं। इसी दिशा में 12 नए नर्सिंग महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को नर्सिंग क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार मिलेगा, इनमें से 09 नर्सिंग महाविद्यालय (बलरामपुर, दंतेवाड़ा, पुसौर-रायगढ़, जांजगीर-चांपा, जशपुर, बैकुण्ठपुर, नवा रायपुर, कुरूद-धमतरी एवं बीजापुर) राज्य योजना के अंतर्गत और 03 नर्सिंग महाविद्यालय (कांकेर, कोरबा, महासमुन्द) केन्द्र प्रवर्तित योजना के तहत स्थापित किए जाएंगे। इस हेतु 34 करोड़ का बजट प्रावधान प्रथम चरण में किया गया है।
06 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालय
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बजट में प्रदेश में 06 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों (बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, जशपुर, मनेन्द्रगढ़, रायगढ़) की स्थापना किये जाने का प्रावधान है। जिससे इस क्षेत्र में दक्ष युवाओं की संख्या बढ़ेगी। इस हेतु चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए रायपुर में ‘‘रीजनल ट्रेनिंग सेंटर‘‘ की स्थापना हेतु निर्णय लिया गया है। हमारे मेडिकल प्रोफेशनल्स को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सशक्त होंगी। इस हेतु 5 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि रायगढ़, चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय भवन के विकास कार्य एवं अनुरक्षण हेतु 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा राजनांदगांव चिकित्सा महाविद्यालय में विद्युतीकरण कार्य हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है, तथा 5 करोड़ का प्रावधान कुनकुरी में चिकित्सा महाविद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया है।
बजट में प्रदेश की जनता के लिए उपचार की सुविधा का विस्तार करने के उद्देश्य से चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान विभाग व अन्य विभाग हेतु प्रथम चरण में 20 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही आधुनिक एवं उच्च कोटि के चिकित्सकीय उपकरण उपलब्ध कराने के क्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में एम.आर.आई. मशीन हेतु 15 करोड़ एवं सी.टी. स्कैन मशीन हेतु 13 करोड़ तथा तथा महासमुंद चिकित्सा महाविद्यालय में सी.टी. स्कैन मशीन हेतु 7 करोड़ प्रथम चरण में बजट प्रावधानित किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1850 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उपरोक्त बजट से वयोवृद्धों के स्वास्थ्य सेवा का सुदृढीकरण किया जाएगा एवं जिला अस्पतालों में वयोवृद्धों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कार्य होगा। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों मे डे-केयर कैंसर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे कैंसर के मरीजों को अपने गृह जिले में इलाज की सुविधा प्राप्त हो सके।
बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग अन्तर्गत 4 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। 20 सूत्रीय कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी जनता के हित के सूत्र हैं। इस कार्यक्रम में गरीबी, रोजगार, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य, भूमि सुधार, सिंचाई, पेयजल, कमजोर वर्ग का संरक्षण एवं सशक्तिकरण, उपभोक्ता संरक्षण, पर्यावरण, ई-शासन आदि जैसे विभिन्न सामाजिक, आर्थिक पहलुओं को शामिल किया गया है।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग से संबंधित अनुदान मांगों की चर्चा में विधायकगण राघवेंद्र सिंह, धर्मजीत सिंह, अटल श्रीवास्तव, पुन्नू लाल मोहले , धरमलाल कौशिक, व्यास कश्यप, राम कुमार यादव एवं श्रीमती रायमुनि भगत शामिल हुए और अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रीश्री रविशंकर के शंखनाद महासत्संग कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने श्रीश्री रविशंकर जी से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर परोपकार और मानवता की सेवा का ऐसा कार्य कर रहे हैं, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने श्रीश्री रविशंकर महाराज का प्रदेश की जनता की ओर से छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान योग, ध्यान और मानवता के कल्याण का अच्छा कार्य कर रहा है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से देश दुनिया में करोड़ों निराश लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ध्यान और मेडिटेशन को हम भूलते जा रहे थे। आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से फिर से इसे स्थापित किया जा है। उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य और आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में जल संरक्षण, कृषि संवर्धन, शिक्षा, आजीविका - रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति के कार्य उनकी संस्था द्वारा किया जाएगा। नया रायपुर में आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। श्रीश्री रविशंकर और मुख्यमंत्री श्री साय ने आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। यह केंद्र योग, ध्यान, कौशल विकास, आत्म विकास और सामुदायिक विकास को समर्पित रहेगा। यह महा सत्संग ज्ञान, ध्यान और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम रहा है।
आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर महाराज ने आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों की सारगर्भित जानकारी अपने संबोधन में दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ध्यान कराया। ध्यान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान तरंगित हो उठा।
नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान
श्रीश्री रविशंकर ने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप विकास की मुख्य धारा में आएं, हम आपके साथ खड़े हैं, हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे। जहां सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। गरीबों के उत्थान के कार्यों हों। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और समृद्धि आवश्यक है। जब शांति होगी तो समृद्धि आएगी। आप जब हमारे साथ आएंगे तो आपको भी समता, समृद्धि और न्याय मिलेगा। बंदूक से कोई काम नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। विविध फल फूल और प्राकृतिक संपदा भरपूर है। यह प्रदेश दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अब यह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रदेश को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनने के लिए काम करें ।
आर्ट ऑफ लिविंग के संबंध में उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में शक्ति, भक्ति, युक्ति और मुक्ति होनी चाहिए। विपरीत और अनुकूल परिस्थितियों में मन का समभाव बना रहे। जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें। दूसरों के विचारों को प्रेरणा लें, लेकिन उनसे पूरी तरह प्रभावित न हो और वर्तमान में जिएं। हमारे जीवन में प्रेम हो, प्रेम का अर्थ है कि कोई हमारे लिए गैर नहीं है । उन्होंने लोगों से गुरु दक्षिणा मांगते हुए कहा कि यहां आए सभी लोग अपनी परेशानी, दुख - दर्द यहां छोड़ कर जाएं, यही मेरी गुरु दक्षिणा है । ईश्वर पर भरोसा रखें ।
कार्यक्रम के अंत में भजन की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा। श्रीश्री रविशंकर रैंप पर चलकर लोगों के पास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी, विधायक किरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। वरिष्ठ नेत्र एवं कान्टेक्ट लेन्स विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने होली पर आंखों और अन्य संवेदनशील अंगों को बचाकर रंग खेलने का सलाह दी है. उन्होंने कहा कि होली जरूर खेलें पर आंखों के अंदर में सूखा रंग व गुलाल न जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए.
डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि पहले होली प्राकृतिक वस्तुएं जैसे विभिन्न फूलों, पत्तियों, जड़ों व बीजों से तैयार रंगों से खेली जाती थी जो शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं थे. इन रंगों के तैयार करने में भले ही समय अधिक लगता था और कम मात्रा में ही तैयार होते थे. लेकिन ये शारीरिक वातावरण के अनुकूल थे. आज कल बाजार में उपलब्ध रंग-गुलाल कृत्रिम व रासायनिक पदार्थो से बनते है, जो कम समय में और अधिकाधिक मात्रा में बनते हैं, कृत्रिम रंग सस्ते जरूर हैं लेकिन शरीर को नुकसान पहुंचा सकते है. कृत्रिम रंग जिन रासायनिक पदार्थो से बनते है उनके रासायनिक गुणों के अनुरूप अम्लीय-क्षारीय होते हैं. ये केमिकल (रसायन) शरीर की त्वचा, पलकों, आंखों पर दुष्प्रभाव डालते हैं जिससे आंखों व चेहरे में जलन, खुजलाहट, सूजन, दाने आना, एलर्जी होना आदि प्रतिक्रिया होती है. यह प्रभाव अलग अलग व्यक्तियों में भिन्न हो सकता है. रंग और गुलाल में चमक के लिए अभ्रक पीस कर मिलाया जाता है, जिससे त्वचा व आंखों में हानि पहुंचती है. वहीं गुलाल में मिट्टी और बारीक पिसी रेत मिलाने से चेहरे व आंख के नाजुक हिस्से में खरोंच हो जाती है.
डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि आंख में सूखा रंग, गुलाल जाने से बचाया जावे. यदि आंख के अंदर रंग गुलाल चले जाता है तो आंखों को रगड़े नहीं, बल्कि उसे धीरे से आंखों से निकालने की कोशिश करें. सूखा रंग व गुलाल त्वचा, गालों, पलकों व साथ ही ऑंख की पुतली में रगड़ से जख्म बनाता है और रासायनिक पदार्थ के कारण आंख में कंजक्टीवाइटिस और रगड़ से कार्नियल अल्सर भी हो सकता है. रंग को सूखे कपड़े, रूमाल से धीरे-धीरे साफ कर लें व पानी से धीरे-धीरे अच्छी तरह से धो लें. रंग की तेज धार, पानी व गुब्बारे जोर से फेंके जाने पर चेहरे पर आंख में चोट लग सकती है. आंख में तेज दर्द, आंसू आने, लालिमा होने व धुंधलापन आने पर रगड़े नहीं बल्कि आंख को धोने के बाद समीप के नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श करें. ध्यान रखे गोबर, कोयला, राख, पेन्ट, ग्रीस, डामर, केवाच आदि का प्रयोग करना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है. बल्कि इनकी एलर्जी, चोट होली के इन्द्रधनुष रंगों को बदरंग कर सकती है. डॉ. दिनेश मिश्र अपने फूल चौक स्थित अस्पताल में 14 मार्च को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक होली में रंग खेलने से होने वाली तकलीफों के नि:शुल्क परामर्श व उपचार के लिए उपलब्ध रहेंगे.
13 मार्च को अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों का प्रतीकात्मक होलिका दहन
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा प्रदेश में प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी विभिन्न अन्धविश्वासों, भूत प्रेत, टोनही प्रताड़ना, झाड़ फूंक, बलि प्रथा, नरबलि, जादू टोना,डायन प्रताड़ना, छुआछूत, दहेज प्रथा, सती प्रथा, मद्यपान, सामाजिक बहिष्कार आदि कुरीतियो के प्रतीकात्मक दहन और होली मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम के अंतर्गत रायपुर में अंध विश्वास और सामाजिक कुरीतियों का प्रतीकात्मक दहन दिनांक 13 मार्च संध्या 5.30 बजे महाकोशल कला वीथिका परिसर नगर घड़ी चौक रायपुर में आयोजित किया जाएगा.