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पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 18 चिकित्सा शिक्षकों का संविदा नियुक्ति आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के उद्देश्य से पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए एक साथ 18 चिकित्सा शिक्षकों की संविदा नियुक्ति की गई है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज रायपुर में पहली बार एक साथ इतने संविदा चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। डॉ. रूमी कुमार, सहायक प्राध्यापक प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, डॉ. हर्षिता भाटिया सहायक प्राध्यापक रेडिएशन अंकोलॉजी, डॉ. कमलकांत साहू, सहायक प्राध्यापक फॉरेंसिक मेडिसीन, डॉ. स्निग्धा कुमारी सहायक प्राध्यापक (कार्डियक निश्चेतना) सीटीव्हीएस विभाग, डॉ. रचना रिची पांडेय सहायक प्राध्यापक (अंकोनिश्चेतना) रेडियोथेरेपी विभाग, डॉ. अविनाश बंजारे (अंकोनिश्चेतना) रेडियोथेरेपी विभग, डॉ. श्रूती तूरकर सहायक प्राध्यापक (एनेस्थिसिया) क्रिटिकल केयर, डॉ. संध्या वर्मा सीनियर रेसीडेंट पैथोलॉजी, डॉ. रेबिना यादव सीनियर रेसीडेंट पैथोलॉजी विभाग, डॉ. प्रिंशी चौधरी सीनियर रेसीडेंट नेत्र रोग, डॉ. पियूषी साव सीनियर रेसीडेंट नेत्र रोग, डॉ. सुरभि चौबे सीनियर रेसीडेंट ईएनटी, डॉ. पारूल राठी सीनियर रेसीडेंट ईएनटी, डॉ. शुभांगन मिश्रा सीनियर रेसीडेंट प्रसूति एवं स्त्री रोग, डॉ. नील पसरीजा सीनियर रेसीडेंट अस्थि रोग, विनय मिश्रा रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स, अनजुम मिश्रा रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स, अनुराग संचय कालकुलेवर रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स की चिकित्सा शिक्षक के रूप में संविदा नियुक्ति की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर कार्डयो वैस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी विभाग में बाईपास सर्जरी प्रारंभ करने हेतु 3 परफ्युजनिस्ट एवं 3 फिजिशियन असिस्टेंट की संविदा आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में 57 वार्ड ब्वाय एवं 17 स्वीपर सहित कुल 74 सफाई कर्मियों की नियुक्ति भी की गयी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य में गुणवत्तायुक्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार पहल कर रहे हैं। इसके साथ ही मरीज एवं उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री श्री साय संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रहे हैं। इन निर्णयों से अस्पताल में सुरक्षा की स्थिति मजबूत होने के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी एवं चिकित्सा छात्रों के पठन-पाठन में सुधार भी देखा जा रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर मेडिकल कालेज एवं चिकित्सालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढीकरण हेतु 12 गार्ड एवं 10 गनमैन की भी तैनाती की गई है।
उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज और अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शीघ्र ही बंदूकधारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की बात कही थी।
माओवाद की गढ़ में पहली बार विधायक, कलेक्टर और पुलिस कप्तान एक साथ, उप स्वास्थ्य केंद्र का किया उद्घाटन…
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले में माओवाद की उप राजधानी कहे जाने वाली अरनपुर जगरगुंडा इलाके में पहली बार शासन-प्रशासन एक साथ नजर आया. पोटाली पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र के उदघाट्न के दौरान विधायक चैतराम अट्टामी, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और पुलिस कप्तान गौरव राय मौजूद रहे.
2005-06 में सलवाजुडूम की आग में पोटाली पंचायत ऐसा झुलसा कि विकास के पथ पर आने में पूरे 19 साल लग गए. यहां सरकार की तमाम इमारतों को माओवादियों ने जमीदोज कर दिया था. करीब डेढ़ दशक बाद उप स्वास्थ्य केंद्र का उदघाट्न विधायक चैतराम अट्टामी ने किया.
इस दौरान ग्रामीणों ने विधायक और कलेक्टर से एंबुलेंस के साथ बाजार के टूटे शेड की मरम्मत की मांग की. विधायक अट्टामी ने कहा जो गांव के लोग मांग रहे वह तो प्रथम प्राथमिकता है. इसके अलावा भी बहुत विकास किया जाना है. करीब दो दशक से पिछड़ा ये गांव जल्द विकसित गांव के रूप में पहचाना जाएगा. जल्द ही सड़क निर्माण किया जाएगा. इतना ही नहीं स्कूल, आश्रम सब यही पर होगा.

1992 में बनी थी स्वास्थ्य केंद्र की इमारत
पोटाली में 1992 से उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है. लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ बनने के बाद बहाल हुई तो, सलवा जुडूम की आग में यह इलाका ऐसा झुलसा स्वास्थ्य सेवाएं तो छोड़ो शिक्षा के लिए बनी इमारतों को भी जमींदोज कर दिया गया. आश्रम, स्कूल, आंगनबाड़ी को भी तोड़ दिया गया. 19 वर्ष बाद सरकार की नियद नेल्लानार योजना से पोटाली पंचायत एक बार फिर गुलज़ार होने जा रही है.

सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से कुम्हारी टोल प्लाजा बंद करने सहित राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मुद्दों पर तेजी से हो रही कार्रवाई
रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा जनहित में कुम्हारी टोल प्लाजा बंद करने समेत राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने के प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद को पत्र लिखकर सूचित किया है कि इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया है।
बृजमोहन अग्रवाल ने बीते शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित कुम्हारी टोल प्लाजा (281 किमी) को बंद करने की मांग रखी थी। इस टोल प्लाजा से स्थानीय नागरिकों को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे हटाने का प्रस्ताव दिया गया था।
इसके अतिरिक्त, श्री अग्रवाल ने रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे (भारतमाला प्रोजेक्ट) में अभनपुर के पास “अभनपुर-राजिम-गरियाबंद राष्ट्रीय राजमार्ग-130सी” के क्रॉसिंग पॉइंट पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की थी। उन्होंने रायपुर शहर के मध्य स्थित रिंग रोड नं. 01 (NH-53) के सर्विस रोड को 05 मीटर से बढ़ाकर 11 मीटर करने और रायपुर रेलवे स्टेशन से नेशनल हाईवे 30 के जंक्शन तक बने एक्सप्रेस हाईवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपने की सिफारिश की थी।
साथ ही श्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (कमल विहार चौक) और एक्सप्रेस हाईवे-राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (शदाणी दरबार) के जंक्शनों पर ग्रेड सेपरेटर बनाने का प्रस्ताव दिया था, ताकि यातायात सुगमता में सुधार हो और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने इन सभी मांगों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा है कि इन प्रस्तावों को संबंधित विभागों को भेजा गया है, और इन पर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस पहल को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम रायपुर और छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनता की समस्याओं को दूर करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए वे लगातार प्रयासरत रहेंगे।




नए साल के पहले दिन छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पर्यटन स्थल भी रहे गुलजार
रायपुर। नए साल का आगाज छत्तीसगढ़ में श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर रहा. राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और साल के पहले दिन पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की. बस्तर के दंतेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ के मां बमलेश्वरी मंदिर और रतनपुर के मां महामाया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं. सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और प्रबंधन के विशेष इंतजामों के बीच भक्तों ने पूरे जोश और श्रद्धा के साथ नए साल का स्वागत किया.
जगदलपुर में माई दंतेश्वरी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
जगदलपुर में नए साल के पहले दिन श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह दिखा. सुबह 4 बजे से ही बस्तर की आराध्य देवी माई दंतेश्वरी के मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं. मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धालु माता के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं. भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने दंतेश्वरी मंदिर और आसपास के अन्य मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.

चित्रकूट और तीरथगढ़ वॉटरफॉल पर पर्यटन का जुनून
धार्मिक स्थलों के अलावा बस्तर के विश्व प्रसिद्ध चित्रकूट और तीरथगढ़ वॉटरफॉल में भी नए साल का जश्न मनाने हजारों लोग पहुंचे. पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इन पर्यटन स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की.

डोंगरगढ़ के मां बमलेश्वरी मंदिर में श्रद्धा का भव्य नजारा
डोंगरगढ़ के 2200 वर्ष पुराने मां बमलेश्वरी मंदिर में देश-विदेश से लाखों भक्तों का तांता लगा रहा. मुख्य प्रवेश द्वार को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिसने भक्तों को अलौकिक अनुभव कराया. श्रद्धालुओं ने रोपवे और सीढ़ियों के माध्यम से पहाड़ पर स्थित मंदिर तक पहुंचकर मां का आशीर्वाद लिया. मन्नतें पूरी होने पर भक्त पैदल चलकर जस गीत गाते और ज्योति कलश स्थापित कर आभार व्यक्त कर रहे हैं.

मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, आरामगृह और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
रतनपुर में मां महामाया के दरबार में उमड़ी भीड़
बिलासपुर के रतनपुर स्थित मां महामाया देवी और भैरव बाबा के मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है. भक्त सुबह से ही अपनी कामनाओं को लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं. सुरक्षा के लिए पुलिस का अमला तैनात है.

जशपुर के पर्यटन स्थल पर में पर्यटकों की उमड़ी भीड़
जशपुर जिले में स्थित मधेसर महादेव पहाड़, कैलास गुफा और राजपुरी जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों पर भी नए साल का जश्न देखने को मिला. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिससे जशपुर जिले को पर्यटन के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा. जशपुर के कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि इस क्षेत्र में जल्द ही पर्यटन के विकास का कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से पर्यटक यहां आएंगे.

सीएम सचिवालय में आई कसावट: सचिवों के बीच हुआ कार्य विभाजन, 5 संभागों का भी अलग-अलग प्रभार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सचिवालय में पदस्थ प्रमुख सचिव और सचिवों के कार्यों का विभाजन किया गया है. प्रमुख सचिव सुबोध सिंह की नियुक्ति के बाद से सिस्टम में कसावट के लिहाज से यह बदलाव किया गया है.
प्रमुख सचिव सुबोध सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कुछ विभाग खुद सुबोध सिंह ने अपने पास रखे हैं. वहीं पांचों संभाग के लिए प्रभारियों की नियुक्त की गई है.
मुकेश कमार बंसल को रायपुर के साथ दुर्ग संभाग की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं पी दयानन्द को बिलासपुर संभाग की जिम्मेदारी दी गई है. इसी तरह बसवराजू को सरगुजा और राहुल भगत को बस्तर की कमान सौंपी गई है.



यूनिटी मॉल परियोजना के लिए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को दी 200 करोड़ रूपए की स्वीकृति
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) मॉडल को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जा रही है।
यूनिटी मॉल की स्थापना से स्थानीय हस्तशिल्पियों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मॉल में उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होने से हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के छोटे उद्यमियों, शिल्पकारों एवं बुनकरों को लाभ मिलेगा। यह स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन एवं विक्रय के लिए ‘‘वन स्टॉप मार्केट प्लेस’’ के रूप में कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यूनिटी मॉल राज्य के गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं, और नारी शक्ति के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियों के विकास के साथ राष्ट्रीय एकीकरण एवं मेक इन इण्डिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी प्राथमिकता मानती है। राज्य में स्थापित किये जाने वाले यूनिटी मॉल में अन्य सभी राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार सृजन करने स्वस्थ इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के इस रिफॉर्म के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये राज्य को कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के तहत अग्रिम रूप में प्रदान किए गए हैं।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि यूनिटी मॉल में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ फूडकोर्ट्स में स्थानीय व्यंजनों को भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। यूनिटी मॉल के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशेष उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की योजना है। यूनिटी मॉल की स्थापना का दायित्व रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। यूनिटी मॉल से न केवल राज्य के स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में एक सशक्त और स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करेेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शहरी बाजारों तक उत्पादों की पहुंच में मददगार होगा।
सहायक शिक्षकों की नियुक्ति आदेश रद्द करने का मामला: समायोजन की संभावना ढूंढने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
रायपुर। सहायक शिक्षकों की नियुक्ति आदेश रद्द करने के विवाद के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. बीएड अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के समायोजन और उनके लिए अन्य संभावनाओं पर विचार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाएगी. इस निर्णय के साथ सरकार ने मामले का समाधान निकालने की दिशा में पहल की है.
बता दें कि 30 दिसंबर को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में राज्य सरकार ने सहायक शिक्षकों के 2855 पदों पर बीएड धारियों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी किया है. लोक शिक्षण संचालनालय ने बस्तर और सरगुजा संभाग के इन सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डीएड धारियों की चयन प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.
वहीं आज नौकरी से हटाए जाने पर बीएड सहायक शिक्षकों ने भाजपा कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की. बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने अपनी गिरफ्तारी भी दी. इस मामले पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार ने इस विषय में विचार-विमर्श किया है. सरकार ने बहुत चीजें सोची है.
जानिए मामले में अब तक क्या-क्या हुआ
1. सीधी भर्ती 2023 में बी.एड. अर्हता के आधार पर चयनित सहायक शिक्षकों की नियुक्ति को उच्च न्यायालय, छ.ग. द्वारा दिनांक 02.04.2024 को अमान्य घोषित किया गया तथा भर्ती परीक्षा में शामिल डी. एड. अर्हताधारियों को चयन किये जाने के आदेश जारी किये गए.
2. उच्च न्यायालय, छ.ग. के निर्णय दिनांक 02.04.2024 के विरूद्ध राज्य शासन द्वारा सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में अपील दायर की गई. राज्य शासन ने इस मामले पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता के. एम. नटराजन की सेवायें ली है.
3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राज्य शासन की अपील को दिनांक 28.08.2024 को अस्वीकार कर दिया गया. राज्य शासन द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय दिनांक 28.08.2024 पर पुनर्विचार याचिका दायर की गई है, जो वर्तमान में लंबित है.
4. उच्च न्यायालय, छ.ग. के निर्णय दिनांक 02.04.2024 के परिपालन को लेकर याचिकाकर्ताओं द्वारा शासन के अधिकारियों के विरूद्ध अवमानना याचिका क्र. 970/2024 दायर की गई है. इसके परिपेक्ष्य में विभाग द्वारा न्यायालय में डी.एड. अर्हताधारियों की संभावित चयन सूची प्रस्तुत किया गया है.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर रायगढ़ मेडिकल कालेज चिकित्सालय के सुविधाओं में किया गया विस्तार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर शासकीय अस्पतालों में आम नागरिकों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नए वर्ष की शुरूआत में ही चिकित्सा सुविधाओं की सभी लोगों को सुगम एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, यह प्रयास किया जा रहा है। स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की सुविधा हेतु सभी तलों (फ़्लोर )में कक्ष का शुभारंभ 1 जनवरी 2025 को किया गया है। वित्त मंत्री और रायगढ़ के स्थानीय विधायक ओ. पी. चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम उपलब्धता हेतु किया जा रहे इस पहल का स्वागत किया है।
मेडिकल कालेज रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ. विनित कुमार जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के अनुसार इस सुविधा विस्तार से भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी।इससे अनावश्यक भीड़ एवं कतार का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की बचत होगी। पूर्व में यह सुविधा सिर्फ एमआरडी के रजिस्ट्रेशन ओपीडी काऊंटर के समीप ही उपलब्ध थी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम के मिंज के अनुसार आयुष्मान योजना कक्ष के विस्तार के साथ ही चिकित्सालय में अब ओपीडी , आईपीडी मरीज़ के जाँच के लिये अलग से जाँच पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। सभी जांच पूर्णतः निःशुल्क है। ओपीडी की 10 रुपये की पंजीयन पर्ची एवं आईपीडी मरीज के लिये 85 रुपये की पर्ची के अलावा अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। इसके संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।
इसके साथ ही एक नई पहल करते हुए चिकित्सालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी (बॉक्स) की व्यवस्था की गई है । साथ ही वार्ड में भर्ती मरीज के इलाज के सम्बन्ध में प्रतिदिन चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता और व्यावसायिक सलाहकार द्वारा फीडबैक लिया जा रहा है। सुझाव एवं शिकायत पेटी में प्राप्त पत्र एवं फीडबैक को अस्पताल प्रबंधन द्वारा समिति में रख कर उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।


लखपति दीदी योजना : छत्तीसगढ़ की 5926 महिलाएं बनी लखपति दीदी, मार्केटिंग और ब्रांडिंग की ले रही ट्रेनिंग
गरियाबंद- केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना का लाभ गरियाबंद जिले की महिलाओं को भी मिल रहा है. इस मिशन से जुड़ी 1 लाख महिलाओं में से 5926 महिलाएं पिछले 8 माह में लखपति दीदी बन चुकी है. इन्हें आर्थिक मदद के साथ-साथ जिला पंचायत मार्केटिंग और ब्रांडिंग की ट्रेनिंग भी दे रहा है. दिल्ली के सरस मेला में छत्तीसगढ़िया व्यंजन परोस कर एमन दीदी की टीम ने 15 दिनों में एक लाख रुपए की कमाई की है.
गरियाबंद जिले को FYI 2024-25 में आजीविका मिशन से जुड़ी 9188 महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य दिया गया है. पिछले 8 माह में जिला पंचायत ने 5926 महिलाओं को लखपति दीदी बन चुकी है. मजदूर परिवार से जुड़ी इन महिलाओं की अधिकतम वार्षिक आय 40 से 50 हजार थी, जो अब डेढ़ लाख से ढाई लाख तक की कमाई कर रहे हैं. महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के पीछे केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि योजना को बेहतर क्रियान्वयन कराने वाली टीम की अहम भूमिका है. योजना को लेकर जिला पंचायत सीईओ रीता यादव गंभीर है. महिला अफसर होने के नाते महिलाओं की भावनाओं को बेहतर समझ रही है. टीम की अहम जिम्मेदारी डीपीएम पतंजल मिश्रा और रमेश वर्मा के पास है, जो जिला सीईओ के निर्देशों को बखूबी से पालन कर रहे हैं.

दिल्ली वालों को खिलाया छत्तीसगढ़ी व्यंजन, 15 दिन में हुई सवा लाख की कमाई
राष्ट्रीय बिहान आजीविका मिशन से जुड़ी फिंगेश्वर ब्लॉक की एमिन साहू ने बीते दिनों दिल्ली में आयोजित सरस मेला में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया. गुरुग्राम में आयोजित सरस मेला में छत्तीसगढ़ी व्यंजन लगाने के लिए एमिन बाई चयनित हुई. एमिन के हाथों से बने ठेठरी, खुरमी, चिला, फरहा जैसे व्यंजन का दिल्ली वालों ने भरपूर स्वाद लिया.

15 दिन तक चले इस मेले में एमिन बाई ने 1लाख 85 हजार की रिकॉर्ड बिक्री कर ली. खर्च को हटाने के बाद एमिन बाई ने एक लाख का मुनाफा किया. वर्तमान में एमिन घरेलू उत्पादों का दुकान लगाती है. लखपति दीदियों में एमिन सबसे ऊपर है, जो सालाना 3 से 5 लाख की कमाई करती है. इस मेहनत के पीछे एमीन ने जिला सीईओ रीता यादव को अपना प्रेरणा स्रोत माना है.
120 करोड़ का लोन उपलब्ध कराया

डीपीएम रमेश वर्मा और पतंजल मिश्र ने बताया कि जिले में कुल 9480 महिला समूह में 1 लाख 2हजार महिला जुड़ी हुई हैं. इन्हें बैंक लिंकेज के रूप में 115 करोड़ और साप्ताहिक निवेश के रूप में 5करोड़ 46 लाख उपलब्ध कराया गया है. कृषि आधारित और गैर कृषि आधारित कार्य के अलावा सिलाई जैसे सूक्ष्म तकनीकी व्यवसाय कर रही हैं. इन व्यवसाय के लिए विभाग इन्हें विभिन्न प्रशिक्षण का आयोजन कर बेसिक ट्रेनिंग दिया. सिलाई, बुनाई, कढ़ाई, मशरूम उत्पादन, मछली पालन, किराना व्यवसाय, अचार, पापड़, बड़ी, साबुन फिनाइल न केवल बनाना सिखाया बल्कि उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कार्यों में भी दीदियों को दक्ष किया गया. सीईओ रीता यादव अपने व्यस्तम समय निकाल कर प्रति पखवाड़े काम काजी महिलाओं के बीच बिताना उनके रूटीन में शामिल कर लिया है.
पुरुषों के मुकाबले खड़ी हो गई

सरकारी स्कूलों में बांटने वाले यूनिफॉर्म की सिलाई का सरकारी टेंडर का जिम्मा अब दीदियों को दिया गया है. जिला पंचायत सीईओ रीता यादव ने महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास निर्माण में अहम भूमिका अदा करने का अवसर दिया और समाज में पुरुषों के सामान स्तर पर ला खड़ा कर दिया. जिले की सैकड़ों महिला समूह आवास योजना में निर्माण सामग्री आपूर्ति का जिम्मा संभाल रही हैं. 271 समूह की 411 सदस्यों ने 22,663 सेंटिंग प्लेट निर्माण किया. समूह की 1014 सदस्यों ने 4 करोड़ 80 लाख ईंट का निर्माण किया है.
बीएड धारी सहायक शिक्षकों का कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मौन प्रदर्शन, सेवा समाप्ति का आदेश रद्द करने की मांग
रायपुर। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश के बाद डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति के साथ राज्य सरकार द्वारा बीएड धारी सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी करते ही बवाल मच गया है. अमान्य किए गए बीएड के सहायक शिक्षक कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सुबह से मौन प्रदर्शन कर रहे हैं. बीएड धारी सहायक शिक्षक इस बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक आदेश रद्द नहीं होता, तब तक धरने पर बैठे रहेंगे.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश पर सहायक शिक्षक के 2855 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए आदेश दिए गए हैं, जिसके परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने बस्तर और सरगुजा संभाग के बीएड धारी सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है.
हाई कोर्ट के निर्देश पर की जा रही कार्रवाई में स्पष्ट किया गया है कि डीएड अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ प्रारंभ किया जाएगा.

लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश से पहले ही नौकरी पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए 19 दिसंबर से बीएड सहायक शिक्षक नवा रायपुर तूता धरना स्थल पर समायोजन की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे. इसके साथ ही 12 दिन बाद भी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर शिक्षकों ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया था.
लेकिन अब लोक शिक्षण संचालनालय ने सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी करने के बाद ये सारी कवायतें बेअसर साबित हो रही है.
नवा रायपुर में बनेगा नया विहार, आधा दर्जन गांवों की ली जाएगी 436 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन…
रायपुर। साय सरकार पूर्ववर्ती डॉ. रमन सिंह की सरकार की तरह बड़ा काम करने जा रही है. कमल विहार की तर्ज पर नवा रायपुर में नया विहार विकसित करने की योजना है. इसके लिए करीबन आधा दर्जन गांवों की 1100 एकड़ से ज्यादा जमीन ली जाएगी. जिन लोगों की जमीन ली जाएगी, बदले में उन्हें 30-40 फीसदी विकसित प्लॉट देते हुए शेष जमीन आम लोगों को बेची जाएगी.
जानकारी के अनुसार, नए विहार में आवासीय, कमर्शियल, चिकित्सा और शिक्षा के लिए भी जमीन रिजर्व की जाएगी. जरूरतमंद लोग और संस्था अपनी जरूरतों के अनुसार जमीन की खरीदी कर सकेंगे. योजना को नवा रायपुर के मास्टर प्लान के अनुसार ही डेवलप किया जाएगा. इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी गई है.
प्राधिकरण ने तैयार किया प्रारूप
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण ने प्रारूप तैयार कर लिया है. इसमें वो सभी सुविधाएं होंगी जो नए शहर में होनी चाहिए है. अंडरग्राउंड बिजली वायर, सीवरेज प्लांट, चौड़ी सड़कें, वाई-फाई, घरों में पाइपलाइन से एलपीजी की सप्लाई समेत सुविधाएं होंगी.
इन गांवों को करेंगे शामिल
आधा दर्जन गांवों में मास्टर प्लान के तहत काम होगा. इस नए विहार के लिए बरौंदा, रमचंडी, रीको, मॉदर हसौद, आरंग, सेरीखेड़ी और नकटी गांव की जमीन ली जाएगी. यह जिन भी लोगों की जमीन ली जाएगी, उन्हें डेवलप प्लॉट दिए जाएंगे.


मुख्यमंत्री ने संत पवन दीवान की जयंती पर उन्हें नमन किया
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कवि और प्रसिद्ध कथावाचक संत पवन दीवान की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संत दीवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि संत पवन दीवान ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । उन्होंने कहा कि पवन दीवान जी की बातों में माटी की सोंधी महक थी, जिससे आम जनता सहज ही जुड़ जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीवान जी की यादें छत्तीसगढ़ के जनमानस में हमेशा बनी रहेंगी।
छत्तीसगढ़ में टीचर्स की बर्खास्तगी शुरू… करीब 2900 बीएड सहायक शिक्षकों की होगी सेवाएं समाप्त, डीपीआई ने जारी किया आदेश
रायपुर। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सहायक शिक्षक के 2855 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए आदेश दिए गए थे. इन आदेशों के परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने बस्तर और सरगुजा संभाग के बीएड धारी सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है. यह कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देशानुसार की जा रही है. आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि डीएड अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ प्रारंभ किया जाएगा.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने डीईड अभ्यर्थियों की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं. इस आदेश के बाद बीएड अभ्यर्थियों के लिए सहायक शिक्षक की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा था. वहीं 19 दिसंबर से बीएड सहायक शिक्षक नवा रायपुर तूता धरना स्थल पर समायोजन की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे. इसके साथ ही 12 दिन बाद भी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर शिक्षकों ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया था. लेकिन इस संबंध में अब लोक शिक्षण संचालनालय ने सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है.

