प्रदेश
कवासी लखमा बोले- अधिकारियों ने मेरे अनपढ़ होने का फायदा उठाया, कहा- विधानसभा में घोटाला उजागर किया, इसलिए पड़े छापे…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव से पहले जांच एजेंसी एक्शन मोड में है. कथित 2000 करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा और कांग्रेसी नेताओं के घर पर ईडी ने दबिश दी. इससे प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया. पूरी कार्रवाई पर पूर्व मंत्री लखमा का बयान सामने आया है. उन्होंने ईडी के छापे को राजनीति से प्रेरित बताया है.
पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि सुबह से रात तक ईडी की कार्रवाई चलती रही. एक भी कागज निवास से नहीं मिला. अधिकारियों ने मेरे अनपढ़ होने का फायदा उठाया. अधिकारियों ने जो कागज लाए उसमें दस्तखत करता रहा. अधिकारी ही कागज को पढ़ते लिखते थे, पूरे मामले में अधिकारियों ने गड़बड़ी की है. ईडी का छापा राजनीति से प्रेरित है. कांग्रेस ने विधानसभा में बहुत से मुद्दे उठाए, विधानसभा में जब बड़ा घोटाला को उजागर हुआ, सरकार ने आनन-फानन में दबाव बनाया. भाजपा चुनाव को देखते हुए बदनाम कर राजनीति करने का काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि एपी त्रिपाठी जैसे अधिकारियों ने मुझको अंधेरे में रखा. मुझे इस घोटाले के बारे में कोई जानकारी नहीं है. मुझसे संपत्ति की जानकारी मांगी है मैंने समय मांगा है पूरी जानकारी दूंगा. ED के अफसर मेरा और बेटे का मोबाइल अपने साथ ले गए है.
राज्य के निर्माण और उसकी प्रगति में अभियंताओं की भूमिका अहम: बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। राज्य के निर्माण और विकास में अभियंता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वे समाज के भौतिक, सामाजिक, और आर्थिक विकास के आधारशिला रखते हैं। अभियंता आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करके राज्य को प्रगति की ओर अग्रसर करते हैं। यह बात सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मानव विज्ञान एवं सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय अभियंता अलंकरण समारोह 2024 में कही।
इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिरकत की। उनके साथ राजश्री महंत राम सुंदर दास, विशिष्ट अतिथि विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक, जिंदल पावर प्लांट के एमडी प्रदीप टंडन, विजय कुमार कासु और सी पी शर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन एबी दुबे के संयोजन में किया गया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट अभियंताओं को विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा गया, जिनमें अभियंता कर्मरत्न, अभियंता प्रतिभा रत्न, अभियंता रत्न, सर्वोत्तम अभियंता और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से राज्य के अभियंताओं के समर्पण, प्रतिभा और समाज में उनके योगदान को सराहा गया।
अपने संबोधन में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “अभियंता किसी भी समाज के आधार स्तंभ होते हैं। उनकी कड़ी मेहनत और नवीनता के बल पर ही समाज में प्रगति और खुशहाली आती है। उनका योगदान आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने में बेहद महत्वपूर्ण है।” उन्होंने सभी अभियंताओं से आह्वान किया कि वे अपने कार्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देते रहें।
राजश्री महंत राम सुंदर दास और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी अभियंताओं के प्रयासों की सराहना की और उन्हें प्रेरणा देते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल संरचनाओं का निर्माण ही नहीं, बल्कि एक ऐसा माध्यम है जिससे लोगों के जीवन को आसान और खुशहाल बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर प्रदेश भर से आए अभियंताओं ने अपने अनुभव साझा किए और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।





मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय बृजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव को दी श्रद्धांजलि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के व्हीआईपी रोड स्थित रामस्वरूप निरंजन धर्मशाला में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में स्वर्गीय बृजेंद्र श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय बृजेंद्र श्रीवास्तव ने जो कार्य किये वे चिरस्थाई रहेंगे। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, स्वर्गीय बृजेंद्र श्रीवास्तव के परिवारजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश शौंडिक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की भेंट
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कल शाम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शौंडिक समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय को प्रतिनिधि मण्डल ने राजधानी रायपुर में 11 जनवरी 2025 को आयोजित होने वाले अखिल भारतीय शौंडिक सामाजिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर शिवरतन प्रसाद गुप्ता, श्याम किशोर गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता और सुरेश प्रसाद गुप्ता सहित शौंडिक समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सड़क एवं सेतु कार्य की नवीन दर अनुसूची का किया विमोचन
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सड़क एवं सेतु कार्य की नवीन दर अनुसूची (SOR) का विमोचन किया। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 2015 से प्रचलित पुराने एसओआर को अद्यतन किया गया है। नए एसओआर में नई मशीनरी और निर्माण की नई तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इनसे गुणवत्तापूर्ण कार्यों के साथ ही ठेकेदारों का वित्तीय जोखिम कम होगा। राज्य में 1 जनवरी 2025 से नया एसओआर लागू होगा। सड़कों के प्रभावी संधारण के लिए छत्तीसगढ़ में भी पी.बी.एम.सी./ओ.पी.आर.एम.सी. (Peformance Based Maintenance Contract/Output and Performance Based Maintenance Contract) लागू किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा जल्दी ही पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नए एसओआर के विमोचन के मौके पर आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नए एसओआर के लागू होने के बाद इनमें और आसानी होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रचलित एसओआर 1 जनवरी 2015 से लागू है। उस समय इसमें 2014 में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्री की दर एवं मशीनरी की दर शामिल की गई थी, जिनमें अब दस वर्षों के बाद बहुत अधिक परिवर्तन आ चुका है। नवीन दर अनुसूची वर्तमान में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्रियों की दर एवं मशीनरी की दर के आधार पर तैयार किया गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि वर्ष-2015 में जारी की गई दर अनुसूची उस समय प्रचलित सभी टैक्सेस (Taxes) को समावेशित करते हुये तैयार की गई थी। नए एसओआर में देश में 1 जुलाई 2017 से लागू जी.एस.टी. को समाहित किया गया है। ठेकेदार अपनी निविदा दर जी.एस.टी. सहित देंगे जिससे ठेकेदार को पृथक से जी.एस.टी. का भुगतान नहीं करना होगा, परन्तु कार्य की लागत में जी.एस. टी. का प्रभाव सम्मिलित रहेगा। दरों को जी.एस.टी. के प्रभाव के बिना रखे जाने से समय-समय पर जी.एस.टी. की दरों में होने वाले परिवर्तन के कारण ठेकेदार को कार्य करने में जोखिम नहीं रहता है। जी.एस.टी. का प्रभाव सम्मिलित प्रचलित जी.एस.टी. की दरों को प्राक्कलन में जोड़ा जाएगा। ऐसा करने से ठेकेदारों पर वित्तीय जोखिम नहीं आएगा।
श्री साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि विगत 10 वर्षों में कई नवीन तकनीक (New technology), नए मटेरियल एवं आई.आर.सी. द्वारा विभिन्न कार्यों की कार्यविधि में परिवर्तन किया गया है। इन नवीन तकनीकों और मटेरियल्स के उपयोग का प्रावधान भी नवीन एस.ओ.आर. में किया गया है। इनमें सीमेंट एवं केमिकल से स्वाइल स्टेबलाईजेशन, पेव्हमेंट व्हाइट टॉपिंग, रोड साइनेज में एल्युमिनियम कम्पोजिट मटेरियल शीटिंग का उपयोग, प्रीकास्ट आर.सी.सी. ड्रेन, प्रीकास्ट बाक्स कल्वर्ट, फाउंडेशन कार्य में आर.सी.सी. के उच्च ग्रेड एम-40, एम-45, एम-50 का उपयोग, सब-स्ट्रक्चर कार्य में प्री-स्ट्रेसिंग, बम्बू क्रैश बैरियर और नॉइज बैरियर जैसी नई चीजें शामिल हैं।
श्री साव ने बताया कि नवीन दर अनुसूची लागू होने से निर्माण कार्यों के डी.पी.आर./ प्राक्कलन में कार्य लागत का आंकलन वास्तविक होगा एवं कार्यों हेतु प्रशासकीय स्वीकृति की जाने वाली राशि कार्य करते समय पुनरीक्षित स्वीकृति की आवश्यकता कम होगी। कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा में पूर्ण करने में सार्थक परिणाम मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि सड़कों के संधारण के लिए वर्तमान पद्धति में सड़क के वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त होने की संभावना के अनुसार पूर्वानुमान लगाकर निविदाएं आमंत्रित कर ठेकेदारों का चयन कर संधारण कार्य किया जाता है। कई बार ऐसी स्थिति होती है कि सड़क खराब रहती है, परन्तु संधारण हेतु एजेंसी उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़कों के गड्ढे भरने एवं संधारण में विलम्ब होता है। कई बार एजेंसी निर्धारित होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा संधारण कार्य समय पर नहीं करने के कारण भी सड़कें गड्ढायुक्त एवं क्षतिग्रस्त रहती हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा कई राज्यों के लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के संधारण हेतु पी.बी.एम.सी. (Peformance Based Maintenance Contract)/ओ.पी.आर.एम.सी. (Output and Performance Based Maintenance Contract) पद्धति से सड़कों का संधारण कार्य किया जा रहा है। इसके संधारण हेतु सड़कों का चयन कर 5 वर्ष से 7 वर्ष तक लगातार संधारण हेतु एक ही एजेंसी निर्धारित की जाती है एवं सड़क खराब होने पर या आकस्मिक किसी तरह का सुधार/अति क्षति होने पर सुधार कार्य हेतु निर्धारित एजेंसी द्वारा अनुबंधित निर्धारित समय-सीमा में सड़क का सुधार कार्य किया जाता है। सड़क का नियमित संधारण भी ठेकेदार द्वारा समय-सीमा में किया जाता है। यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा में सड़क सतह सुधार का कार्य नहीं करते हैं तो प्रत्येक दिन विलम्ब हेतु पेनाल्टी का भी प्रावधान है। इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग ऑनलाइन भी की जाती है, जिससे सड़क कहां-कहां पर अच्छी या खराब स्थिति में है, यह कंट्रोल रूम में बैठकर ही देखा जा सकता है। छत्तीसगढ़ में भी इस पद्धति से कार्य करने का निर्णय लोक निर्माण विभाग द्वारा लिया गया है। जल्दी ही पायलेट आधार पर कुछ जिले चयनित कर इसे लागू किया जाएगा। पायलेट प्रोजेक्ट्स के सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने पर पूरे राज्य में सड़कों के संधारण के लिए इसे लागू किया जाएगा।
शराब घोटाला मामला : हाईकोर्ट ने अनवर ढेबर की जमानत याचिका की खारिज, कहा- आरोपी को नहीं दिया जा सकता जमानत का लाभ
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कथित 2000 करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में आरोपी अनवर ढेबर की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कठोर टिप्पणी भी की है.
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए आदेश में कहा, कि सर्वोच्च न्यायालय का मानना है कि भ्रष्टाचार केवल एक मामला नहीं है, यह दंडनीय अपराध है. यह अप्रत्यक्ष रूप से मानवाधिकारों को भी कमजोर करता है. व्यवस्थित भ्रष्ट्राचार आर्थिक अपराधों को जन्म देता है. आर्थिक अपराध गंभीर अपराध है. जिसका पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है. कोर्ट ने कहा, कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता है. इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी की जमानत आवेदन को खारिज किया है.
बता दें, कि कारोबारी अनवर ढेबर के खिलाफ ईओडब्ल्यू एवं एसीबी ने 11 जुलाई 2023 को सह अभियुक्त अनिल टुटेजा, अरूणपति त्रिपाठी एमडी सीएसएमसीएल, विकास अग्रवाल, संजय दीवान एवं अन्य आबकारी अधिकारियों से सेंडिकेट बनाकर प्रदेश में शराब बिक्री से अवैध कमिशन वसूली के मामले में धारा 420, 468, 471 एवं 120 बी के तहत अपराध दर्ज कर अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया. इस मामले में ईडी ने नवंबर 2024 को अलग से अपराध दर्ज किया है. इसके अलावा आयकर विभाग ने भी उसके अलग अलग परिसर में छापामार कार्रवाई की है. जेल में बंद अनवर ढ़ेबर ने हाईकोर्ट में जमानत हेतु आवेदन पेश किया था. जिस पर जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि विभिन्न व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए जिन पर आरोप हैं. छत्तीसगढ़ राज्य में शराब सिंडिकेट का एक हिस्सा है. आरोप लगाया कि शराब के व्यापार रिश्वत राशि का भुगतान प्राप्त किया गया है. डिस्टिलर्स, होलोग्राम निर्माताओं, बोतल निर्माताओं की सक्रिय भागीदारी, ट्रांसपोर्टर, जनशक्ति प्रबंधन और जिला उत्पाद शुल्क अधिकारी शामिल हैं. डिस्टिलर्स को काम करने की अनुमति देने के लिए वार्षिक कमीशन का भुगतान किया गया. सिंडिकेट द्बारा साजिश को अंजाम दिया गया.
राज्य में शराब की बिक्री से अलग-अलग तरीकों से पैसा लिया गया. सिडिकेट अवैध वसूली करता था. शराब से लिया गया अवैध कमीशन और ऑफ-द-रिकॉर्ड बेहिसाब देशी शराब की बिक्री राज्य द्बारा संचालित दुकानों से किया गया.
ED की ECIR में दावा, कवासी लखमा को हर महीने मिलते थे 50 लाख रुपए
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुआ शराब घोटाला काफी लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों पर है. इस मामले में शनिवार को भी पूर्व मंत्री कवासी लखमा समेत कई अन्य के खिलाफ ईडी ने दबिश देकर कार्रवाई की. सूत्रों के हवाले से अब खबर है कि ईडी ने अपनी ECIR में दावा किया है कि इस घोटाले में बतौर कमीशन हर महीने 50 लाख रुपए पूर्व मंत्री कवासी लखमा को भी मिलते थे. हालांकि कवासी लखमा ने हर महीने कमीशन मिलने की बात से इनकार किया है.
इस घोटाले में अन्य नेताओं और अफसरों का भी नाम सामने आया है. आपको बता दें कि ईडी ने अब तक इस मामले में करीब 65 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. वहीं कवासी लखमा ने अब खुद अपने आप को अनपढ़ बता दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्व के लिहाज से सबसे अहम आबकारी विभाग से जुड़े तमाम काम क्या कवासी लखमा खुद करते थे ? या उनकी आड़ में कोई और…
छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी ठंड, अगले 4 दिनों में तेजी से गिरेगा पारा..
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो जाएगा. पहले ही देश के विभिन्न राज्यों में ठंड का कहर जारी है. कपकपी ठंड से लोग परेशान है तो कुछ हिस्सों में बारिश हो रही है. छत्तीसगढ़ में अब मौसम मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार, आज से 2 जनवरी तक तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. 6 से 8 डिग्री तक तापमान में गिरावट हो रही है, इस दौरान शुरू में तेजी से पारा गिरेगा. शनिवार को प्रदेश में रायपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश हुई.
छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटो तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की सम्भावना नहीं है. आज से मौसम ड्राई होने लगेगा. सबसे ज्यादा तापमान 32.3 डिग्री तो बलरामपुर में सबसे कम 12.6 डिग्री रहा.
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ समुद्र तल से 3.1 और 7.6 किमी ऊपर बना हुआ है. ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में बनी द्रोणिका, जिसकी धुरी समुद्र तल से 9.1 किमी ऊपर है, अब लगभग अक्षांश 17°N के उत्तर में देशांतर 72°E के साथ चल रही है.
राजधानी में मौसम का हाल
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे. सबसे ज्यादा तापमान 31°C और सबसे कम 19°C के आसपास रहने की संभावना है.
राजधानी की इन सड़कों पर ऑटो और ई-रिक्शा की एंट्री बैन! यातायात पुलिस ने रोडमैप किया जारी
रायपुर। राजधानी रायपुर के शास्त्री चौक पर सवारी ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों के कारण बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए 29 दिसंबर से इन वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाएगा। इस निर्णय के बारे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) डॉ. अनुराग झा ने ऑटो चालक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की है, जिसमें उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और व्यवस्था को सुगम बनाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने किया प्रमुख सड़कों का निरीक्षण
बता दें कि एक दिन पहले, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एस.एस.पी. डॉ. लाल उमेंद सिंह, नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों की एक टीम ने शहर की प्रमुख सड़कों पर पैदल निरीक्षण किया और ट्रैफिक व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया था। इसके बाद शास्त्री चौक पर सवारी ऑटो और ई-रिक्शा के कारण बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया कि यहां सभी प्रकार के सवारी ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा।
चालक संघ का समर्थन
शहर की प्रमुख सड़कों पर निरीक्षण के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात डॉ. अनुराग झा ने रायपुर में संचालित सवारी ऑटो और ई-रिक्शा चालक संघ के पदाधिकारियों से बैठक की और इस फैसले की जानकारी दी। चालक संघ के पदाधिकारियों ने इस निर्णय को सहमति दी और शास्त्री चौक पर सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रकार के सवारी ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर सहमती जताई है।

सवारी ऑटो और ई-रिक्शा के नए मार्ग
1. टाटीबंध से शास्त्री चौक की ओर आने वाले सवारी ऑटो: ये वाहन शहीद स्मारक भवन तक जा सकते हैं और वहां से बाम्बे मार्केट कटिंग से यू-टर्न लेकर टाटीबंध की ओर वापस लौट सकते हैं।
2. रेलवे स्टेशन से शास्त्री चौक आने वाले सवारी ऑटो: ये वाहन कचहरी चौक तक जा सकते हैं और वहां से खालसा स्कूल टर्निंग से होकर रेलवे स्टेशन की ओर लौट सकते हैं। यदि यात्रियों को तेलीबांधा या कालीबाड़ी की दिशा में जाना हो, तो वे ऑक्सीजन से अम्बेडकर चौक मार्ग से जा सकते हैं।
3. तेलीबांधा से शास्त्री चौक आने वाले सवारी ऑटो: ये वाहन नगर घड़ी चौक तक जा सकते हैं और वहां से बंजारी चौक, राजभवन चौक, और अम्बेडकर चौक मार्ग से होकर वापस जा सकते हैं। जय स्तंभ चौक की ओर जाने वाले ऑटो बंजारी चौक-डीकेएस अस्पताल-लाल गंगा शॉपिंग मॉल रोड से होकर आवागमन कर सकते हैं।
4. पचपेड़ी नाका से शास्त्री चौक आने वाले सवारी ऑटो/ई-रिक्शा: ये वाहन बंजारी चौक में सवारी उतार सकते हैं और यू-टर्न लेकर वापस जा सकते हैं। रेलवे स्टेशन जाने के लिए बंजारी चौक से राजभवन चौक, अम्बेडकर चौक, ऑक्सीजन होकर खालसा स्कूल चौक और मरही माता चौक होते हुए यात्रा कर सकते हैं।
गौरतलब है कि इस बैठक में गुरजीत सिंह एवं सतीश ठाकुर उप पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर, शहर ऑटो संघ से कमल पांडेय, ई रिक्शा संघ से सुरेश तिवारी, स्कूल ऑटो संघ से जगदीश तिवारी, रेल्वे स्टेशन ऑटो संघ से नारायण दास सोनी सहित सईद उद्दीन, मो. इस्लाम, संदीप कुमार, बिसेक जगत, शेख़ अ. रसीद, दीपक मुदलियार,पवन यदु, मुन्ना, शब्बीर आदि उपस्थित थे।
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के 50 जूनियर डॉक्टरों की नौकरी पर मंडराया खतरा, जानिए क्या है मामला…
रायपुर। लोक सेवा आयोग के जरिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में नियुक्त किए गए 50 जूनियर डॉक्टरों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है. एनएमसी के नियम विपरीत होने के कारण इन पदों को सरेंडर करने के लिए पत्र लिखा गया है.
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के डीन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है. जिसमें बताया गया कि एनएमसी के अनुसार, भर्ती पोस्ट ग्रेजुएट की होनी थी, लेकिन अंडर ग्रेजुएट की मेडिकल शिक्षा विभाग द्वारा नियम विरुद्ध भर्ती की गई है.
कांग्रेस शासनकाल में हुई इन नियुक्तियों पर पत्र के अनुसार फैसला लेने से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था चरमरा जाएगा. इसका असर केवल छात्रों की पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि उपचार के लिए आने वाले मरीजों पर भी पड़ेगा.
पूर्व मंत्री लखमा के घर ED का छापा : 14 घंटे तक पूछताछ के बाद लौटी टीम, कई दस्तावेज जब्त
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कल पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा के धरमपुरा, रायपुर स्थित निवास पर छापा मारा. कवासी लखमा के यहां ED की कार्रवाई खत्म हो गई है. टीम अपने साथ कई दस्तावेज लेकर गई है. बता दें कि ईडी की टीम 14 घंटे से ज्यादा समय तक लखमा के घर मौजूद रही. इस दौरान कवासी लखमा से लंबी पूछताछ की गई.
कवासी लखमा के करीबी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील ओझा के घर पर भी ईडी ने दबिश दी है. इसके अलावा सुकमा में लखमा के बेटे जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी और नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के ठिकानों पर भी ईडी की टीम ने दबिश दी है. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई शराब घोटाले को लेकर हो रही है. हालांकि ईडी की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है.
नए साल में 17 IPS होंगे प्रमोट, जानिए लिस्ट में कौन-कौन बड़े चेहरे शामिल
रायपुर। नए साल में छत्तीसगढ़ पुलिस में वरिष्ठ रैंक के अफसरों की संख्या बढ़ जाएगी. 17 आईपीएस पदोन्नति की कतार में हैं. इनमें रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह के साथ शशिमोहन सिंह भी शामिल हैं. ये सभी अफसर 2011 और 2012 बैच के हैं. छत्तीसगढ़ के दुर्ग और राजनांदगांव पुलिस रेंज के प्रभारी आईजी अब पूर्णकालिक आईजी बन जाएंगे. रामगोपाल गर्ग और दीपक झा 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. डीआईजी रहने की वजह से दोनों को प्रभारी आईजी बनाया गया था, मगर नए साल में प्रमोशन के बाद पूर्णकालिक आईजी बन जाएंगे. संकेत हैं कि जनवरी में प्रमोशन आदेश जारी हो सकता है.
ये सात आईपीएस बनेंगे डीआईजी
दो साल पहले सिलेक्शन ग्रेड पा चुके 2011 बैच के सात आईपीएस अधिकारी अब डीआईजी रैंक पर प्रमोट होंगे. इनमें संतोष कुमार सिंह, इंदिरा कल्याण एलिसेला, गोवर्धन सिंह ठाकुर, तिलक राम कोशिमा, प्रशांत कुमार ठाकुर, अजातशत्रु बहादुर सिंह और लाल उमेद सिंह शामिल हैं. लाल उमेद सिंह इस समय रायपुर के इंदिरा कल्याण ऐलेसेला कांकेर और प्रशांत ठाकुर सूरजपुर के एसएसपी हैं.
आठ आईपीएस को सलेक्शन ग्रेड
छत्तीसगढ़ के भारतीय पुलिस सेवा के आठ अधिकारियों को सलेक्शन ग्रेड मिलेगा. इनमें आशुतोष सिंह, विवेक शुक्ला, शशि मोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, श्वेता राजमणि, राजेश अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू शामिल हैं. वहीं आईपीएस प्रमोशन के बाद छत्तीसगढ़ में पांच एसएसपी और बढ़ जाएंगे. 2102 बैच के पांच आईपीएस इस समय विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक हैं. इनमें आशुतोष सिंह महासमुंद, विवेक शुक्ला जांजगीर, शशिमोहन सिंह जशपुर, विजय अग्रवाल बलौदा बाजार और रामकृष्ण साहू बेमेतरा शामिल हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक में डूबा पूरा देश, इधर रेस्ट हाउस में चल रही थी बिरयानी पार्टी, SDM ने दी दबिश
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से बड़ी खबर सामने आई है. एक ओर पूरा देश पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद शोक में डूबा हुआ है. वहीं दूसरी तरफ बालोद जिले के पीडब्ल्यूडी के विश्राम गृह में बाहर से आए लोग बिरयानी की पार्टी करते रहे. इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीएम सुरेश साहू ने स्टॉफ को नोटिस देकर मामले की जांच करने की बात कही.
राजकीय शोक के दौरान जिला मुख्यालय के लोक निर्माण विभाग रेस्ट हाउस में बाहर के लोगों ने बिरयानी पार्टी की है, जिसमें महिला, पुरुष व बच्चे भी शामिल थे. हालांकि यह किसके मेहमान हैं, इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन बिना प्रोटोकॉल रेस्ट हाउस में बिरयानी पार्टी के मामले में एसडीम सुरेश साहू पहुंचे और उन्होंने स्टाफ को नोटिस जारी कर मामले की जांच करने की बात कही.
जिम्मेदार लोगों पर होगी कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम सुरेश साहू ने बताया कि बिना प्रोटोकॉल के यहां पर रेस्ट हाउस को कैसे दिया गया, इसकी जांच के लिए मैं स्वयं पहुंचा हूं. जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बिरयानी पार्टी के मामले में उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है. पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया जाएगा.
अवैध खनिज परिवहन पर बड़ी कार्रवाई: खनिज विभाग ने 21 वाहनों को किया जब्त, 6 लाख से अधिक का जुर्माना भी लगाया
आरंग। जिले में इस बार खनिज विभाग पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दे रही है। 15 अक्टूबर के बाद से क्षेत्र में सघन दौरा कर रेत, मुरूम, गिट्टी जैसे बेशकीमती खनिजों के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। वहीं, बीते दो दिनों में खनिज विभाग ने रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर उप संचालक केके गोलघाटे और खनिज अधिकारी चेरपा के मार्गदर्शन एवं प्रभारी खनिज निरीक्षक रघुनाथ भारद्वाज के नेतृत्व में रात्रिकालीन गश्त कर बिना रॉयल्टी पर्ची के खनिजों का अवैध परिवहन करते 21 वाहनों को जब्त कर जुर्माना लगाया गया है।
बता दें कि जब्त वाहनों को संबंधित थानों मंदिरहसौद, खरोरा, माना, ऊपरवारा और विधानसभा में सुपुर्द की गई है। प्रभारी खनिज निरीक्षक रघुनाथ भारद्वाज ने लल्लूराम डॉट कॉम को बताया कि जब्त वाहनों में रेत, मुरूम और गिट्टी का अवैध परिवहन हो रहा था। वाहनों के मालिक मुकेश कौशल, यशवंत देवांगन, रामायण भारती, खुमान बर्मन बेमेतरा, हंशु राम साहू सहसपुर, रिंकेश वैष्णव, प्रहलाद तिवारी कवर्धा, मुंगेली, रूपेंद्र यदु, MSK यदु, टीकाराम यदु नकटा मंदिरहसौद, अजय पांडे, मनीष झा, सुजीत गुप्ता, भूपेश साहू रायपुर और बद्री चंद्रवंशी पंडरिया, दीपक राठी, रोशन जैन, रामकुमार साहू साजा, देवेंद्र साहू खैरागढ़ हैं, जिनके वाहनों से अवैध खनिज का परिवहन उस अवधि में किया जा रहा था।

6 लाख 50 हजार रुपये का लगाया जुर्माना
प्रभारी खनिज निरीक्षक रघुनाथ भारद्वाज ने बताया कि इन जब्त वाहनों से लगभग 6 लाख 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी जमा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग द्वारा रायपुर जिले में खनिज संसाधनों के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है और आगे भी जारी रहेगी।

इस पूरी कार्रवाई में सैनिक लोकेश वर्मा, जितेंद्र केसरवानी, रिजवान खान, दयाराम साहू और पायलट छवि का योगदान रहा।
सीएम के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने सोशल मीडिया X पर आखिर क्यों लिखा ‘कलंक रंजित रहा है नकली गांधियों वाले कांग्रेस का इतिहास’
रायपुर। सीएम के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने गांधी परिवार पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा है कि कांग्रेस ने प्रथम राष्ट्रपति को सेवानिवृत्ति के बाद न तो दिल्ली में रहने दिया न ही उनके अंतिम संस्कार में नेहरू जी गए. नेहरू ने राष्ट्रपति को भी पटना जाने से मना किया था. नरसिम्हा राव के पार्थिव शरीर को हैदराबाद भेजा गया, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि उनका दिल्ली में संस्कार कर उन्हें महिमांडित किया जाए. गांधी परिवार के ऐसे कृत्यों की श्रृंखला है.
झा ने लिखा है कि प्रणव दा कोई अकेले नहीं थे. ऐसे तमाम कांग्रेस के नेता जिनका कद बड़ा हो गया, वे नेहरू-फिरोज परिवार के निशाने पर रहे. सोनिया परिवार को कांग्रेस के हर बड़े नेता से नफरत सा रहा. प्रणव मुखर्जी को भारत रत्न भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया. मनमोहन सिंह के अध्यादेश को उसी हिकारत के साथ फाड़कर भारत के प्रधानमंत्री का अपमान किया था.
पंकज झा ने आगे लिखा है कि राहुल गांधी जिस हिकारत के साथ आज धर्मग्रंथ जलाए जा रहे हैं, तय मानिए अगर आज कांग्रेस की सरकार होती न तो दिल्ली में दो गज जमीन तो नसीब होना छोड़िए, दिल्ली के किसी सार्वजनिक शवदाह गृह तक में उनका अंतिम संस्कार तक नहीं होने देती सोनियाजी. ऐसा यूं ही नहीं कह रहा. याद कीजिए, पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा रावजी, जिनकी सरकार में वित्त मंत्री रहते मनमोहन सिंह ने वैश्विक यश प्राप्त किया था. उनके साथ क्या किया था सोनियाजी ने? वे कांग्रेस मुख्यालय में भी उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखने को तैयार नहीं थी. जब अत्यधिक दबाव के कारण नरसिम्हा राव जी को लाना पड़ा, तब मात्र 11 लोग उपस्थित थे, उनके दर्शन के लिए.
कोई पूछेगा आज कांग्रेस से कि उतने बड़े व्यक्तित्व और विद्वान पूर्व प्रधानमंत्री की समाधि कहां है? हैदराबाद में उनके अंतिम संस्कार करने पर क्यों विवश किया गया. केवल इसलिए, क्योंकि सोनिया परिवार बिल्कुल नहीं चाहता था कि कोई और बड़ा कद दिल्ली में दिखे जो राजीव खानदान का न हो. नरसिम्हा राव जी से सोनिया गांधीजी के घृणा का एक कारण यह भी था कि उन्होंने श्रीअयोध्या में लाशें नहीं बिछने दी. केवल प्रणव दा, नरसिम्हा रावजी, मनमोहन सिंह जी का भी प्रश्न नहीं है. याद कीजिए, प्रातः स्मरणीय लाल बहादुर शास्त्री जी के साथ क्या किया गया?
भारत रत्न प्रथम राष्ट्रपति, संविधान सभा के अध्यक्ष डा. राजेंद्र प्रसाद के साथ जैसा व्यवहार किया नेहरूजी ने उसे जान कर तो आप रो पड़ेंगे. सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें दिल्ली में रहने के लिए एक कमरा तक नहीं मिला. भारत का पहला राष्ट्रपति, जो अस्थमा के गंभीर मरीज थे, उन्हें अपना शेष जीवन पटना के सदाकत आश्रम के सीलन भरे कमरे में गुजारना पड़ा. मृत्यु भी उनकी पटना में हुई और दिल्ली में कोई समाधि या संस्कार की व्यवस्था तक नहीं की गई. नेहरुजी शामिल भी नहीं हुए. तब के राष्ट्रपति राधाकृष्णन जी को भी उन्होंने मना किया था, पर वे नहीं माने थे, क्योंकि सोमनाथ मंदिर जीर्णोद्धार में नेहरुजी के मना करने के बावजूद शामिल हुए थे. प्रथम राष्ट्रपति, इसलिए नेहरू की घृणा इस रूप में निकली थी.
झा ने आगे लिखा है कि पोस्ट में वर्णित हर तथ्य के दस्तावेजी प्रमाण हैं. सरदार पटेल से लेकर नेहरूजी के परिवार से पीड़ित कांग्रेस नेताओं की, कांग्रेस (इंदिरा) के ऐसे दुष्कृत्यों की लंबी सूची है. अगर इनकी सरकार रहते अटलजी का निधन हुआ होता, तो जैसा इनका इतिहास है, उसके अनुसार तो अटलजी को भी दिल्ली में स्थान नहीं मिलता. मनमोहन सिंहजी का महाप्रयाण आज इस तरह समादृत हो रहा है, उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र इस संपूर्ण गरिमा, आदर के संग याद कर रहा है, उन्हें अश्रुमिश्रित श्रद्धांजलि मिल रहा है तो केवल इसलिए, क्योंकि आज कथित गांधी परिवार कुछ भी खराब करने की स्थिति में नहीं है. मनमोहन सिंहजी को रिमोट की तरह ही सही, पीएम उन्होंने इसलिए बनाया, क्योंकि सिख नरसंहार का कलंक थोड़ा धोकर वह वोट बटोरना चाह रही थी. कांग्रेस और उसके पेड ईको सिस्टम के गाल बजाने, उस थोथे चना के घना बजाने से सच्चाई नहीं बदलेगी. रक्तरंजित ही नहीं, कलंक रंजित भी रहा है नकली गांधियों वाले कांग्रेस का इतिहास।
नवा रायपुर में बनेगा छत्तीसगढ़ का पहला फार्मास्युटिकल पार्क, एनआरडीए ने दी 142 एकड़ जमीन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सेंट्रल इंडिया का नया फार्मास्युटिकल हब बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। फार्मास्युटिकल पार्क से नए अनुसंधान, विकास और अंतर्राष्ट्रीय निवेश में वृद्धि हेतु नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा सेक्टर 22 ग्राम तूता में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) को फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना के लिए 141.84 एकड़ भूमि आबंटित की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ ही फार्मास्युटिकल क्षेत्र को भी बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विश्व स्तरीय चिकित्सा सेवाएं आम लोगों को सहजता से सुलभ हो, इस सोच के साथ राज्य में चिकित्सा क्षेत्र में प्रभावी इको सिस्टम तैयार करने की लगातार पहल की जा रही है। छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाना है तो स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ और जनोन्मुख बनाना जरूरी है। फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना इसी की एक कड़ी है। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति में भी फार्मास्युटिकल क्षेत्र के उद्योगों को कई अनेक सुविधाएं और रियायतें दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेश में वृद्धि होने के साथ ही फार्मास्युटिकल क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा एवं स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होने के साथ ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना से घरेलू एवं वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवा उत्पादों की बढ़ती मांग को हम आसानी से पूराकर पाएँगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के माध्यम से राज्य के 77 लाख 20 हजार परिवारों को 5 लाख रूपए तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है जिसे आने वाले समय में 10 लाख रूपए तक किए जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत विशेष स्थितियों में इलाज के लिए 25 लाख रूपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि फार्मास्युटिकल पार्क में आयुष उत्पादों में विशेषज्ञता वाली फार्मास्युटिकल इकाइयों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पार्क फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स और एक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) सहित आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस होगा। अनुसंधान और विकास केंद्र और परीक्षण प्रयोगशाला जैसी आवश्यक सेवाएं भी इसमें शामिल रहेंगी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में फार्मास्युटिकल सेक्टर में वृहद उद्यम हेतु परियोजना में स्थायी पूंजी निवेश की मदों पर निवेश होने वाली राशि के 100 प्रतिशत तक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन प्रदान किए जाने का प्रावधान है। फार्मास्युटिकल इकाईयों को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से लेकर 12 वर्ष तक भुगतान किये गए नेट एसजीएसटी अधिकतम स्थायी पूंजी निवेश के 100 प्रतिशत तक की प्रतिपूर्ति किए जाने अथवा स्थायी पूंजी निवेश अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। 50 करोड़ से अधिक किन्तु 200 करोड़ रूपए से कम पूंजी निवेश पर अनुदान की अधिकतम राशि 60 करोड़ रूपए, 200 करोड़ से अधिक किन्तु 500 करोड़ रूपए से कम के पूंजी निवेश 150 करोड़ रूपए का अनुदार तथा 500 करोड़ रूपए से अधिक पूंजी निवेश अधिकतम 300 करोड़ रूपए का अनुदान दिए जाने का प्रावधान भी छत्तीसगढ़ सरकार ने किया है। फार्मास्युटिकल ईकाईयों को 12 वर्ष तक विद्युत शुल्क में छुट, स्टाम्प शुल्क से छुट, पंजीयन शुल्क एवं नवीन विद्युत कनेक्शन पर देय शुल्क में 50 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति सहित अन्य कई रियायतें दिए जाने का प्रावधान छत्तीसगढ़ सरकार की नवीन औद्योगिक नीति में किया गया है।


