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मध्यम वर्ग को संपत्ति रजिस्ट्री में बड़ी राहत: अब गाइड लाइन मूल्य पर ही लगेगा रजिस्ट्री शुल्क, वास्तविक मूल्य पर मिल सकेगा बैंक लोन
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्ति खरीदने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत दी है। अब किसी भी प्रापर्टी की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर से सौदे की रकम अधिक होने पर भी रजिस्ट्री शुल्क गाइड लाइन दर के अनुसार ही लिया जाएगा। इससे बैंक लोन पर निर्भर मध्यम वर्गीय परिवार को वास्तविक मूल्य के आधार पर ऋण मिल सकेगा।
उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले से विशेषकर उन नागरिकों को लाभ होगा, जो बैंक ऋण के माध्यम से संपत्ति खरीदते हैं। पूर्व में संपत्ति की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर और सौदे की राशि में जो भी अधिक होता था, उस पर रजिस्ट्री शुल्क देना आवश्यक था। उदाहरण के लिए यदि किसी संपत्ति का गाइड लाइन मूल्य 6 लाख रुपये है और उसका सौदा 10 लाख में हुआ, तो रजिस्ट्री शुल्क 10 लाख पर 4 प्रतिशत के हिसाब से 40 हजार रुपये देना पड़ता था।
इस नियम में संशोधन के बाद संपत्ति खरीदने वाले अब सौदे की रकम गाइड लाइन दर से अधिक होने पर भी वास्तविक मूल्य को अंकित कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। 6 लाख रुपये की गाइड लाइन मूल्य वाली प्रॉपर्टी का सौदा 10 लाख में होता है, तो भी रजिस्ट्री शुल्क 6 लाख के 4 प्रतिशत के हिसाब से 24 हजार रुपये देय होगा। इस तरह 16 हजार रुपये की बचत होगी।
खास बात यह है कि इस संशोधन से मध्यम वर्गीय परिवारों को वास्तविक मूल्य के आधार पर अधिक बैंक ऋण प्राप्त करने में सहूलियत होगी। इसके अलावा इस निर्णय संपत्ति बाजार में पारदर्शिता व स्पष्टता को बढ़ाने में भी सहायक होगा और वास्तविक मूल्य दर्शाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर जिले के 24 केंद्रों में बनाए जाएंगे आयुष्मान कार्ड, जानिए कहां-कहां मिलेगी सुविधा
इन जगहों पर बनाए जाएंगे आयुष्मान कार्ड
1. डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल (मेकाहारा)
2. जिला चिकित्सालय पंडरी
3. मातृ एवं शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी
4. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुढ़ियारी
5. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आयुर्वेदिक अस्पताल
6. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोखोपारा
7. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरगांव
8. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोवा
9. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाभांडी
10. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंगोराभाटा
11. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भाटागांव
12. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचना
13. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोगांव
14. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हीरापुर
15. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काशीराम नगर
16. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भनपुरी
17. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मठपुरेना
18. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवपुरी
19. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजातालाब
20. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोरियाकला
21. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर
22. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमाशिवनी
23. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डी.डी. यू. नगर
24. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरला

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी को मिला NQAS सर्टिफिकेशन
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर लगातार बेहतर प्रयासों का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में राजधानी रायपुर के सिलियारी स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय स्तर के मानक का उच्चतम अंक प्राप्त हुआ है. जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और उपलब्धि प्राप्त हुई है, जो स्वास्थ्य की दिशा में सुधार को दर्शाता है. सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. इसी कड़ी में रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश चौधरी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष मेजर वार के मार्गदर्शन में आयुष्मान आरोग्य मंदिर सह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक टीम ने 25 और 26 अक्टूबर 2024 को भ्रमण जांच किया था. टीम में डॉक्टर भानु कुमार धरावत, डॉक्टर प्रबल कुमार पवार ने 88.15% राष्ट्रीय स्तर मानक सिलयारी पीएचसी को सर्टिफिकेट प्रदान किया. खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विकास तिवारी, बीपीएम जुबेदा खान पीएचसी सिलियारी के प्रभारी डॉक्टर सोनम नायक ने सभी स्टाफ को बधाई दी एवं सीएमएचओ, डीपीएम व जिले के NQAS टीम को मार्गदर्शन व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता है। भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी लोग साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि मीडिया हमारे लोकतंत्र में अपनी भूमिका का सम्यक निर्वहन करते हुए देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके।
जशपुर के मुंडारी नर्तक दल के कलाकारों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस में अपनी कला का प्रदर्शन करने आए जशपुर जिले के मुंडारी नृत्य दल के कलाकारों ने आज रात यहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि राजधानी के मुख्य समारोह में अपनी कला का प्रदर्शन करके उनके दल के सदस्य काफी उत्साहित हैं। उन्होंने इस आयोजन के माध्यम से मिले अवसर के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री ने इन कलाकारों से इनके गांव का हालचाल भी पूछा, जिसके जवाब में दल के सदस्यों ने बताया कि वे लोग बादलखोल अभ्यारण्य के बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत बछरांव के निवासी हैं। यहां मुड़ा, नगेशिया, पहाड़ी कोरवा और उरांव जनजाति के परिवार निवासरत हैं। यह क्षेत्र हाथी प्रभावित है। तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में इन लोगों ने सात स्ट्रीट लाइट की मांग मुख्यमंत्री से की। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए आश्वस्त किया।
लोक कलाकारों के इस दल में प्रतिभा मुंडा, मीना मुंडा, शांता, विष्णु बरला, रामदयाल, सुनीता, अनुराधा, अमिता बरला, विष्णु मांझी और विश्वनाथ प्रधान आदि शामिल थे।
उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, कई कॉलेजों के बदले प्राचार्य, देखें लिस्ट…
रायपुर। साय सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल किया है. प्राचार्यों की पदोन्नति, ट्रांसफर और संशोधन सूची जारी की गई है. जारी आदेश के मुताबिक, शासकीय जे. योगानंदम् छत्तीसगढ़ काॅलेज के प्राचार्य अमिताभ बेनर्जी को शासकीय नागार्जुन स्नाकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय में पदस्थ किया है. प्रवीण पाण्डेय को नवीन शासकीय महाविद्यालय सकरी बिलासपुर से शासकीय ई. राघवेन्द्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय बिलासपुर में पदस्थ किया गया है. वहीं तीन प्राध्यापकों को प्राचार्य के पद पर पदस्थ करते हुए नवीन पदस्थापना दी गई है.
आदेश में डाॅ तपेश चंद गुप्ता को जे योगानंदम छत्तीसगढ़ काॅलेज से शासकीय जे योगानंदम छत्तीसगढ़ काॅलेज में पदस्थ किया है. रूबी मल्होत्रा को बिलासा कन्या स्नाकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर से नवीन शासकीय महाविद्यालय सकरी बिलासपुर भेजा गया है. अभया रा. जोगलेकर को शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर से शासकीय माॅडल स्नातक महाविद्यालय अटारी रायपुर में पदस्थ किया गया है.






अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव का हुआ समापन, विभिन्न राज्यों के जनजातीय नर्तक दलों ने शानदार प्रस्तुति से समा बांधा
त्रिपुरा से आए ब्रू रियांग जनजाति समुदाय के नर्तक दल ने परंपरागत लोकनृत्य होजागिरी की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस नृत्य में ब्रू रियांग जनजाति समुदाय की युवतियों ने सिर के ऊपर बोतल को संभालते हुए अद्भुत सामंजस्य के साथ प्रस्तुति दी। नृत्य के दौरान नर्तकों के कलात्मक प्रदर्शन को भी दर्शकों की खूब सराहना मिली।
इसके पूर्व हिमाचल प्रदेश के लोक कलाकारों ने मनमोहक कायांग नृत्य की प्रस्तुति दी, जो हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नृत्यों में से एक है। इस नृत्य में नर्तक दल एक दूसरे की भुजाओं को बुनकर माला जैसा पैटर्न बनाया, धीर-धीरे कदमताल करते हुए प्रतीकात्मक रूप से माला की मोती जैसे बिखरते हुए फिर जुड़ते हुए पारंपरिक कपड़े पहने और गहनों से सुसज्जित नृत्य प्रस्तुत किया।




इसके बाद मेघालय के गारो नृत्य की प्रस्तुति हुई। गारो समुदाय के लोग इस नृत्य में फसल कटाई के बाद देवता मिसी सालजोंग की आराधना कर उन्हें धन, धान्य के लिए अपनी आस्था और निष्ठा व्यक्त करते हैं। इस नृत्य में लोक वाद्य के प्रयोग से उत्पन्न ध्वनि ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
इसी क्रम में मिजोरम के मिजो और चरमा जनजाति समुदाय ने युद्ध कौशल, शौर्य, पराक्रम और युद्ध विजय के प्रतीक नृत्य मिजो प्रस्तुत किया। इस नृत्य के जरिए समुदाय ने वीर गाथा का जीवंत प्रदर्शन किया जिसमें यह बताया गया कि युद्ध के दौरान किस तरह समुदाय के वीर योद्धा ने गांव की रक्षा, जिसके बाद ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक उनका सम्मान किया। इसी तरह उत्तराखंड के जनजाति समुदाय ने हारुल नृत्य का प्रस्तुत किया जोकि हाटी जनजाति का पारंपरिक नृत्य और लोकगीत की एक खास शैली है। हारुल नृत्य जौनसार-बावर और चकराता क्षेत्र में किया जाता है। हारुल नृत्य में वीर पांडवों के साहस और वीरता, देवी-देवताओं की कहानियां, देवभूमि के इतिहास और जनजाति की संस्कृति से जुड़ी घटनाओं को बड़े ही रोचक ढंग से पेश किया गया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकारों ने भी छत्तीसगढ़ के प्रचलित लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।
उल्लेखनीय है कि महोत्सव के पहले दिन सिक्किम लिंबू जनजाति समुदाय द्वारा चाकोस तांगनाम नृत्य, गुजरात के लोक नर्तक दल ने सिद्धि गोमा नृत्य, अरुणाचल प्रदेश के कलाकारों ने गेह पदम ए ना न्यी, मध्यप्रदेश डिंडोरी के गोंड जनजाति ने सैला रीना, जम्मू कश्मीर से गुज्जर समुदाय ने गोजरी लोक नृत्य, छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति ने गौर माड़िया नृत्य, उत्तराखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा दिया बाती नृत्य, तेलंगाना के द्वारा मथुरी नृत्य, उत्तर प्रदेश के द्वारा कर्मा नृत्य, कर्नाटक के द्वारा सुगाली नृत्य, आंध्र प्रदेश के द्वारा ढीमसा नृत्य, दमन दीव द्वारा तारपा नृत्य तथा राजस्थान के जनजातीय कलाकारों द्वारा चकरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई थी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जनजातीय कलाकारों द्वारा अलग-अलग तीज त्यौहारों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई ।
रायपुर में ग्रामीण आवास पर 2 दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
रायपुर। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से रायपुर में दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 13 और 14 नवंबर को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण आवास के प्रभावी कार्यान्वयन और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के ग्रामीण आवास के उप महानिदेशक गया प्रसाद, ग्रामीण आवास निदेशक शक्तिकांत सिंह, एकीकृत वित्त प्रभाग (आईएफ़डी) के निदेशक शैलेश कुमार, संयुक्त निदेशक आशीष शिंदे और आईटी के संयुक्त निदेशक अजय मोरे शामिल थे। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीण आवास परियोजनाओं में नवाचार और सहयोग को बढ़ाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की।
इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस बहु-राज्यीय सहभागिता ने देशभर में ग्रामीण आवास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राज्यों के बीच ज्ञान-विनिमय और सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
13 नवंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ, जहां विशेषज्ञों और अधिकारियों ने ग्रामीण आवास में सर्वोत्तम प्रक्रियाओं, समन्वय मॉडलों और तकनीकी समाधानों पर गहन विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने किया जननायकों के अमूल्य योगदान पर आधारित शौर्याजंलि कैलेण्डर और एटलस का विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय जननायकों के अमूल्य योगदान पर आधारित शौर्याजंलि कैलेण्डर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने वन अधिकारों की मान्यता से सम्बंधित एटलस पुस्तक का भी विमोचन किया।
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय जननायकों ने अमूल्य योगदान देकर और मां भारती के चरणों में अपना सब कुछ न्यौछावर कर देश को आजाद कराया। आदिमजाति कल्याण विभाग द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे सेनानियों को नमन करने के साथ ही उनकी स्मृति अक्षुण्ण रखने के लिए यह कैलेण्डर प्रकाशित कराया है। विभाग द्वारा जनजातीय जननायकों को भगवान बिरसा मुंडा के 150 वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उनके जन्म दिवस और बलिदान दिवस को स्मरण करते हुए नमन करने का प्रयास किया है।
जनजातीय जननायकों के अमूल्य योगदान पर आधारित कैलेण्डर विमोचन के अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह, विधायक सर्व पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोती लाल साहू, विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानन्द, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने किया 'हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं' नामक पुस्तक का विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में दामेसाय बघेल द्वारा लिखित पुस्तक ’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ का विमोचन किया। ’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ में जनजातियों की प्राचीन जीवनशैली के संबंध में पुरखों की व्यवस्था, जन्म संस्कार, विवाह संस्कार, मृतक संस्कार का उल्लेख किया गया है। इसी प्रकार देव संस्कार का ताना-बाना, रीति-रिवाज, देवी-देवताओं के मान्यताएं, मौखिक कला साहित्य, संस्कृति, किवदंतियां, महान विभूतियों के योगदान जड़ी-बुटी के जानकार, ऐतिहासिक, पुरातात्विक धरोहर पर लेख को समाहित किया गया है।
’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह, विधायक सर्व पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोती लाल साहू, विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानन्द, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार गण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
रायपुर। जल, जंगल, जमीन के रक्षक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर 13 से 15 नवम्बर तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर द्वारा साइंस कॉलेज मैदान में किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय औेर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नगद राशि और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इस चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना है। जब बच्चे ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं, तो उन्हें विभिन्न प्रकार के विषयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो उनकी कल्पना और रचनात्मकता को चुनौती देते हैं। नियमों या दिशा-निर्देशों से सीमित न होकर अपनी सोंच को चित्रकला के माध्यम से बच्चे अपनी कलात्मक क्षमताओं को विकसित कर सकते हैं और अपनी अनूठी शैली और अभिव्यक्ति की खोज कर सकते हैं। ड्राइंग प्रतियोगिताएँ बच्चों को अन्य युवा कलाकारों के साथ बातचीत करने, अपने विचार साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्रदान करके सामाजिक कौशल को बढ़ावा दे सकते हैं। ऐसी प्रतियोगिताएँ समुदाय, टीमवर्क और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है, जो बच्चों को उनके सामाजिक कौशल विकसित करने में मदद कर सकती है।
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर तीन दिवसीय राज्य स्तर पर आयोजित जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के लिए चार वर्ग में विभाजित कर प्रतियोगिता कराई गई। प्रथम वर्ग 12 से 18 वर्ष तक की आयु के प्रतिभागियों के लिए 13 नवंबर को आयोजित चित्र कला प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कांकेर के डेलियंश पदृदा को 10 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार सुकमा के हरीश कुमार को 8 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार गरियाबंद के चन्द्र कुमारी नागेश को 5 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार 14 नवंबर को आयोजित 12 से 18 वर्ष तक की आयु के जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार बालोद के दिव्यांशु को 10 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार तृतीय पुरस्कार बीजापुर के डालजीव कोरेटी को 5 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के 18 से 30 वर्ष तक की आयु वर्ग के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार धमतरी के अवध राम कंवर को 20 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार महासमुंद के गुलशन ठाकुर को 15 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार दंतेवाडा के पंकज कुमार नेताम को 10 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार दुर्ग के हरीय कुमार गोंड को 20 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार सरगुजा के भगत राम को 15 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया और तृतीय पुरस्कार महासमुंद के चुम्मन लाल कर्री को 10 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह, विधायक सर्व पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोती लाल साहू, विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास सोनमणि बोरा, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानन्द, आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।
जनजातीय गौरव दिवस बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी ने आदिवासियों के उत्थान के लिए अलग से विभाग बनाया। आदिवासी समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए जगह-जगह छात्रावास एवं एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। हमारी सरकार आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार योजना बनाकर कार्य कर रही है। आदिवासी समाज के भाई-बहनों की तरक्की और वनांचल के विकास के लिए हमारी सरकार समर्पित है और पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। आज आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति के रूप में देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर बैठी हैं। यह सौभाग्य की बात है कि आज छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज का बेटा मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। ‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे’ के मूल मंत्र के साथ आज छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास हो रहा है।


मुख्य अतिथि श्री साव ने स्टॉलों का किया अवलोकन
मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया और शासन द्वारा जनजाति एवं अन्य समुदायों को लाभान्वित करने विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। श्री साव ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों का अन्नप्राशन कराया और महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार किट भी वितरित किए। समाज कल्याण विभाग के स्टाल में हितग्राही को ट्रायसायकल का वितरण किया। शासन की विभिन्न योजनाओं से जागरूक एवं लाभान्वित करने आदिवासी विकास, जिला पंचायत, वन, शिक्षा, श्रम, मछली पालन, पशुपालन, उद्यानिकी सहित 20 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए जनजातीय समाज प्रमुखों को मिला सम्मान
श्री साव ने कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से भेंट-मुलाकात की और 80 से अधिक जनजातीय समाज प्रमुखों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इनमें पूर्व जनपद सदस्य, समाज अध्यक्ष, शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक सहित समाज के अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हैं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारजनों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुंगेली जिले के 15 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और 6 वीर शहीदों के परिवारजनों का हालचाल जाना और उन्हें शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं शिलान्यास
श्री साव ने कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 5 विकास कार्यों के लोकार्पण और 3 निर्माण कार्यों के शिलान्यास सहित 17 करोड़ 59 लाख 92 हजार रूपए के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग अंतर्गत 9 करोड़ 58 लाख 71 हजार रुपए, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 5 करोड़ 8 लाख 2 हजार रुपए के कार्यों का शिलान्यास और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत 2 करोड़ 93 लाख 19 हजार रूपए का लोकार्पण किया गया।
सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर देश में पहले नंबर पर ट्रेंड करते रहा छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीते 14 नवंबर को छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का विमोचन किया। इसके साथ ही सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 (#CGIndustrialPolicy24) पूरे दिन ट्रेंडिंग करता रहा। एक्स हैंडल पर #CGIndustrialPolicy24 पहले नंबर था।
ग़ौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नयी औद्योगिक नीति बनाने की घोषणा की थी। इसे अमलीजामा पहनाते हुए राज्य गठन के 25वें वर्ष यानी रजत जयंती के साथ ही जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 14 नवंबर को नयी छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर विमोचन किया। विमोचन के बाद श्री साय ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि इस औद्योगिक नीति का निर्माण सभी की सहभागिता से किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद यह 6वीं औद्योगिक नीति है जिसमें प्रदेश के युवाओं को अधिक-से-अधिक रोज़गार, पर्यटन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में भी उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस नयी नीति से अग्निवीरों, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए भी रोज़गार और स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त होगा। नयी औद्योगिक विकास नीति में पर्यावरण संरक्षण का भी समुचित प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लागत को कम करते हुए, औद्योगिक पार्क, रेल, सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना हमारा लक्ष्य है।
श्रीमती भगवंतीन और बाल प्रसाद कमार के पक्के मकान का सपना हुआ पूरा
रायपुर। धमतरी जिले के ग्राम मसाडबरा में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आवास हितग्राही भगवंतीन कमार ने बताया कि वे काफी खुश हैं। उन्हें अपने सपनों का पक्का मकान तैयार होकर मिल गया और जिले के प्रभारी मंत्री ने उनके आवास का उद्घाटन किया है। उन्होंने प्रसन्न होकर कहा कि हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारा कभी पक्का मकान होगा। इसके लिए वे प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहतीं हैं कि सरकार ने विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। वहीं हितग्राही बाल प्रसाद कमार ने बताया कि पहले उनकी टूटी-फूटी घास-फूंस और मिट्टी की कच्ची झोपड़ी थी, जिसमें उन्हें आए दिन जंगली जानवरों और कीडे-मकोड़ों सहित बारिश में टपकने का डर लगा रहता था। आज अपने पक्के मकान में प्रवेश कर वे काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि अब हम अपने पक्के मकान में परिवार के साथ सुख-चैन से रहेंगे।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड के ग्राम सांकरा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कमार बसाहट मसानडबरा पहुंचकर प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बने आवासों का पूजा-अर्चना कर उद्घाटन किया। उन्होंने पक्के मकान में प्रवेश कर रहे हितग्राहियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। गांव पहुंचने पर विशेष पिछड़ी जनजाति कमार ने मंत्री श्री वर्मा का स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से तीर-धनुष के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि शासन विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ इन वर्गों को मिले, इसके लिए शिविर इत्यादि आयोजित कर लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पक्का मकान बनने से इनके जीवन स्तर में काफी सुधार होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि ग्राम मसाडबरा में 43 परिवार निवासरत हैं और जनसंख्या 173 है। यहाँ प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 31 आवास स्वीकृत हुए हैं।
राज्य के मुखिया की उपस्थिति में धान खरीदी के कार्य का शुभारंभ होने से भाठागांव बी के किसान हुए प्रसन्नचित
रायपुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में धान खरीदी के कार्य का विधिवत् शुभारंभ किया गया।

धान खरीदी के पहले दिन मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में संपन्न धान खरीदी के कार्य के शुभारंभ में शामिल होने का अवसर प्राप्त होने पर इस दौरान मौजूद कृषकों ने इस पल को अपने लिए अविस्मरणीय पल बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से सराहना की। इस अवसर पर धान की बिक्री करने हेतु धान खरीदी केन्द्र में पहुँचे ग्राम मोंगरी निवासी कृषक हरिराम साहू एवं ग्राम भाठागांव बी निवासी कृषक उत्तम निषाद मुख्यमंत्री के हाथों से सम्मानित होने पर बहुत ही अभिभूत हुए। इन दोनों किसानों ने इस पल को अपने जीवन का सबसे यादगार और रोमांचकारी क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि अपने धान की बिक्री के लिए धान खरीदी केन्द्र में पहुँचने पर राज्य के मुखिया के हाथों से सम्मानित होना निश्चित रूप से हमारे लिए गौरव की बात है। यह क्षण उनके स्मृति पटल पर सदैव अंकित रहेगा। किसान हरिराम साहू ने बताया कि वे एक मध्यमवर्गीय किसान है। श्री साहू ने कहा कि राज्य शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना उनके परिवार की खुशहाली के लिए बहुत बड़ा आर्थिक आधार है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केन्द्र में उन्होंने कुल 65 क्विंटल 20 किलो पतला धान की बिक्री की है। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रति क्विंटल 3100 रुपये की दर पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय लिया गया है, जो बहुत ही सराहनीय एवं किसान हितैषी फैसला है। इसी प्रकार ग्राम भाठागांव बी के किसान उत्तम निषाद ने कहा कि राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए मुश्किल वक्त का सहारा साबित होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक सच्चे अभिभावक की तरह राज्य की किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए धान खरीदी के दर में जो वृद्धि की है, उससे उनके जैसे अनेक किसान लाभान्वित होंगे। उत्तम निषाद ने कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राज्य के किसान बहुत ही प्रसन्नचित होकर इस योजना की भूरी-भूरी सराहना कर रहे हैं। उन्होंने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। धान खरीदी केन्द्र में धान बिक्री के लिए आने वाले किसानों के लिए छांव, बैठक, शुद्ध पेयजल, शौचालय आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। इससे सभी किसान सुगमता से बिना किसी असुविधा के धान की बिक्री कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बैगा, गुनिया, सिरहा को दी सम्मान निधि की सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास बहुत समृद्ध और गौरवशाली है। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने का काम किया है। श्री अटल ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए पृथक से मंत्रालय बनाया और इस समुदाय के विकास को एक नई दिशा दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं शुरू की है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 24,000 करोड़ रूपए और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 80,000 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया है, जिसके चलते जनजातीय इलाकों में तेजी से बुनियादी सुविधाओं का विकास और जनजातियों की बेहतरी के काम हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती वर्ष समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बैगा, गुनिया, सिरहा लोगों के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि दिए जाने की घोषणा की। इसके तहत उन्हें प्रति वर्ष 5 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों में धार्मिक एवं मांगलिक कार्य के लिए अखरा निर्माण विकास योजना शुरू करने और जनजातीय समुदाय के शहीदों की प्रतिमाएं चिन्हित स्थलों पर स्थापित किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में जनजातीय समुदाय के विभूतियों, राज्य में हुए जनजातीय विद्रोह के शहीदों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर वन अधिकार अधिनियम से संबंधित ‘‘एटलस‘‘, कैलेण्डर ‘‘शौर्यांजलि‘‘ तथा ‘‘हल्बा जनजातीय की वाचिक परंपराएं‘‘ विषय पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया। इनका प्रकाशन छत्तीसगढ़ आदिम जाति विकास विभाग द्वारा किया गया है।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यसभा सांसद अरूण सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सभी वर्गाें के उत्थान और कल्याण के लिए किए जा रहे कार्याें की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की लोकप्रियता और विनम्रता की सराहना पूरे देश में होती है। उन्होंने कहा कि रायपुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय नृत्य महोत्सव समारोह में आकर ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ का दर्शन हुआ है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के इस विशेष आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बधाई दी। उन्होंने इस मौके पर जनजातीय समुदाय के महापुरूषों को नमन करते हुए कहा कि वही देश और समाज जागृत रहता है, जो अपनी संस्कृति और अपने महापुरूषों को याद रखता है।
आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए चिंता की है। उन्होंने इस समुदाय के विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से छत्तीसगढ़ के साढे छह हजार गांवों और ग्रामीणों का समग्र विकास होगा। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, राज्यसभा सांसद अरूण सिंह, विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमुदाय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन को न सिर्फ सुना, बल्कि वर्चुअल रूप से उसका हिस्सा भी बना।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर पर देश के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं विस्तार वाली 6600 करोड़ की लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने देश के जनजातीय इलाकों और जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए पांच गुना बजट खर्च कर रहे हैं। दस साल पहले इसका बजट मात्र 25,000 करोड़ रूपए हुआ करता था, जो अब बढ़कर 1,25,000 करोड़ रूपए हो गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बिहार के जमुई में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती वर्ष के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। जमुई में आयोजित इस कार्यक्रम का लाईव प्रसारण पूरे देश में हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमने इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास किया है। इतिहास में आदिवासी समाज के लोगों को वह स्थान नहीं मिला, जिसके वह अधिकारी थे। आदिवासी समाज वो है, जिसने राजकुमार को मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम बना दिया। इस समाज ने देश की संस्कृति और परंपरा का मान बढ़ाया है। आज़ादी की लड़ाई में अंग्रेजों से लोहा लिया है। अपनी अस्मिता, संस्कृति, और स्वाधीनता के लिए जनजातीय समुदाय के हजारों नायकों ने अपने प्राण न्यौछावर किए। देश की आजादी की लड़ाई में हजारों आदिवासी भाइयो-बहनों को मौत के घाट उतार दिया गया था, उनके योगदानों को हम नहीं भुला सकते। हमने जनजातीय समुदाय के गौरव को बढ़ाने का काम किया है। पीएम जनमन के तहत जितने कार्य शुरू हुए हैं, उसका श्रेय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी को जाता है। जब वह झारखण्ड में थी, तब मुझसे अति पिछड़ी जनजातियों की चर्चा करती थी। हमने 24 हजार करोड़ रूपए से पीएम जनमन योजना की शुरुआत की, जिससे अति पिछड़ी जनजातियों के बस्तियों और गांवों का विकास हो रहा है। जनजातीय बाहुल्य जिलों को आकांक्षी जिला घोषित कर वहां का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया, आज वहां बदलाव दिख रहा है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में देशवासियों को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष समारोह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और गुरुनानक जी का प्रकाश पर्व भी है। आज भगवान बिरसा मुंडा की जयन्ती भी है, राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भी है। आदिवासी समाज सूर्य, वायु और पेड़-पौधों, पहाड़-पर्वत को पूजने वाला समाज है। उन्होंने कहा कि जिलों में बिरसा मुंडा जनजातीय उपवन बनाए जायेंगे। हम मिलकर देश के आदिवासी समाज के विचारों को देश की प्रगति का आधार बनायेंगे। उनकी परंपरा और उनके आदर्शों को अपनाएंगे।
इस अवसर पर विधायक मोती लाल साहू, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, पूर्व विधायक उमेश कच्छप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जनजातीय समाज के पदाधिकारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आयुक्त नरेन्द्र दुग्गा सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकण उपस्थित थे।
जनजातीय गौरव दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमुई से 6,600 करोड़ के विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
स्वाधीनता संग्राम में सबसे बड़ा योगदान जनजाति समाज का- बृजमोहन अग्रवाल
बलौदाबाजार। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी जननायक धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की 150 वीं जन्म जयंती वर्ष के मौके पर आज जिले में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन जिला मुख्यालय स्थित सर्व समाज डॉ भीमराव अंबेडेकर मांगलिक भवन में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार राज्य के जमुई से वर्चुअली जुड़कर संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका और उनकी प्रेरणादायक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बिरसा आज भी हमारे समाज में एक आस्था के प्रतीक बने हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट भी जारी किया। साथ ही इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।जिला जमुई से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय दिवस,कार्तिक पूर्णिमा,देव दिवाली, गुरु नानक प्रकाशपर्व की बधाई दी और कहा कि भगवान बिरसा मुंडा 150 जन्म जयंती उत्सव कार्यक्रम अगले एक साल तक मनाया जायगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बिरसा मुंडा जनजातीय गौरव उपवन बनाने की घोषणा भी की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति पूजक भी है,भगवान राम के प्रति भी यह समाज अटूट श्रद्धा रखता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का आजादी के प्रति अमूल्य योगदान रहा है, जिसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आदिवासी महानायकों का देश,समाज और आजादी के प्रति गए योगदान को याद किया और कहा कि हम सब देशवासी इन महानायकों के ऋणी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए भारत सरकार के द्वारा लागू किए गए योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में भी बताया।जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भारत माता,छत्तीसगढ़ महतारी,भगवान बिरसा मुंडा एवं शहीद वीर नारायण सिंह के तैल्य चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर बिलाईगढ़ पूर्व विधायक सनम जांगड़े, महिला आयोग सदस्य लक्ष्मी वर्मा, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष चितावर जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य अदिति बाघमार, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुमन योगेश वर्मा,उपाध्यक्ष ईशान वैष्णव, छ.ग.स्काउट गाइड प्रदेश उपाध्यक्ष विजय केसरवानी, कलेक्टर दीपक सोनी जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र ध्रुवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपस्थित सभी लोगों को आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के पावन अवसर की शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज हम यहाँ जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन में एकत्रित हुए हैं, जो हमारे आदिवासी समाज की महान परंपराओं, संस्कृति,और स्वाभिमान का प्रतीक है। भगवान बिरसा मुंडा,हमारे गौरवशाली इतिहास के उस नायक का नाम है, जिन्होंने न केवल अपने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया,बल्कि पूरे देश को स्वतंत्रता के संघर्ष में एक नई दिशा दी। उनके संघर्ष, उनकी वीरता,और उनकी अटूट संकल्पशक्ति ने हमें यह सिखाया कि यदि हमारा संकल्प मजबूत हो,तो कोई भी कठिनाई हमें रोक नहीं सकती। उन्होंने जल,जंगल,और जमीन की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित किया और आदिवासी समाज के लिए एक नई जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने साथ हो कहा कि देश के स्वाधीनता संग्राम में यदि किसी समाज का योगदान है तो जनजाति समाज का स्थान सबसे अग्रणी है। जितने भी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिंह,महाराणा प्रताप या शिवाजी सभी के साथ जनजाति समाज के लोग ही संघर्ष में साथ में थे। जिनके बदौलत देश से अंग्रेजों एवं मुगलों को खदेड़ने का कार्य किया गया।






इस दौरान कलेक्टर दीपक सोनी ने जनजाति विकास पर किए गए कार्यों के बारे में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को एवं समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले आदिवासी नागरिकों प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभागवार विभागीय गतिविधियों के लिए लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन किया। जिसमें आदिवासी विकास,वन,पंचायत एवं ग्रामीण विकास,कृषि,समाज कल्याण, रोजगार कार्यालय हम होंगे कामयाब, स्वास्थ्य विभाग एवं नगरीय निकाय विभाग शामिल थे। साथ ही विभागीय स्टॉल से बल्दाकछार एवं अवराई के विशेष पिछड़ी जनजाति के 20 हितग्राहियों को पीएम जनमन के तहत आवास की चाबी, 2 किसानों को स्पेयर, 5 को मसूर बीज का वितरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर उन्होंने आयुष्मान कार्ड का वितरण करते हुए खुद का बल्ड प्रेशर का जांच कराया। साथ ही एकलव्य आदिवासी स्कूलों बच्चों द्वारा आकर्षक आदिवासी नृत्य एवं अन्य समिति द्वारा आकर्षक गौरा-गौरी पूजन का दृश्य का प्रस्तुति किया गया। इस मौके पर अपर कलेक्टर भूपेंद्र अग्रवाल, एसडीएम अमित गुप्ता, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास संजय आदिवासी समाज के प्रतिनिधि एवं स्कूली बच्चे मौजूद थे।
‘कवच सुरक्षा’ के दायरे में होगा नागपुर से झारसुगुड़ा रेल नेटवर्क, कवच प्रणाली लागू करने निविदा जारी
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर से झारसुगुड़ा रेलखंड (614 रूट किलोमीटर) के हाई डेंसिटी नेटवर्क मार्ग पर कवच प्रणाली लागू करने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है. इस परियोजना का अनुमानित मूल्य 292 करोड़ रुपए है. निविदा 25 नवंबर 2024 को खोली जाएगी.
इस परियोजना के अंतर्गत- स्टेशन कवच उपकरणों की स्थापना, भवनों का निर्माण, टावरों की स्थापना, ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने का प्रावधान आदि कार्य शामिल होंगे. इसके साथ ही लो डेंसिटी नेटवर्क के लिए 1563 रूट किलोमीटर क्षेत्र में कवच प्रणाली लागू करने विस्तृत इस्टीमेट को भी स्वीकृति प्रदान की गई है. इस खंड में निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया जारी है और निविदा कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है.
जानिए कवच प्रणाली की खासियत
बता दें कि कवच प्रणाली भारतीय रेलवे की एक उन्नत संरक्षा तकनीक है, जो ट्रेन संचालन को संरक्षित और कुशल बनाने के लिए डिजाइन की गई है. इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना और रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है. भारतीय रेलवे ने चलती हुई ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “कवच” नामक एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन) प्रणाली विकसित की है. यह पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक है और ट्रेनों के संचालन की हर पल निगरानी करती है. यह प्रणाली सिग्नल एवं स्पीड से संबंधित दुर्घटनाओं को रोकने में पूर्णतया सक्षम है.
इस प्रणाली में पूरे सेक्शन में विश्वसनीय वायरलेस कम्यूनिकेशन स्थापित किया जाता है. सभी स्टेशनों व सभी इंजिनों में डिवाइस लगाई जाती है, जिससे ट्रेन का इंजन सम्पूर्ण ट्रैक में लगे हुए रेडियो फ्रिक्वेन्सी टैग द्वारा ट्रैक व सिग्नल से संबन्धित विवरण प्राप्त करता है. इंजन में स्थित डिवाइस (लोको यूनिट) स्टेशन के इंटरलाकिंग सिस्टम, सिग्नल के निर्देश और समपार फाटकों से विवरण लेती है और कंप्यूटरीकृत प्रणाली के निर्देशानुसार ट्रेन का संचालन सुरक्षित गति से करती है अर्थात ट्रेन की गति सिग्नल की स्थिति-पोजीशन के साथ इंटरलॉक होती है.
आमने-सामने ट्रेनों को टक्कर होने से बचाएगी कवच प्रणाली
‘कवच’ प्रणाली द्वारा ऑटोमैटिक तकनीक के जरिए अब दो गाड़ियों के बीच आमने-सामने से टक्कर नहीं होगी. खास बात ये है कि इस तकनीक को देश में तैयार किया गया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मार्च 2022 में कवच सुरक्षा तकनीक का सफल जीवंत परीक्षण दक्षिण मध्य रेलवे के सिकंदराबाद मंडल में लिंगमपल्ली-विकाराबाद खंड पर गुल्लागुडा-चिटगिड्डा रेलवे स्टेशनों के बीच कराया था. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों और कर्मचारियों की संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को लागू कर रहा है.
