प्रदेश
राजधानी में 8 लाख कैश जब्त, उपचुनाव चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को मिली बड़ी सफलता
रायपुर। रायपुर दक्षिण उपचुनाव के मद्देनजर पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक बाइक से 8 लाख नगदी जब्त किया है. यह मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है.
जानकारी के अनुसार, पुरानी बस्ती थाना और CRPF की डी-62 कंपनी द्वारा बुढ़ेश्वर चौक और पंकज गार्डन के पास चेकिंग प्वाइंट लगाए गए थे. तभी चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल एचएफ डीलक्स होंडा (नंबर सीजी 04 एम यू 1675) को रोका गया. वाहन चालक के पास रखे काले रंग के बैग की तलाशी ली गई, जिसमें 8 लाख रुपये की नगदी बरामद हुई. वाहन चालक से जब इस रकम के संबंध में वैध दस्तावेज पेश करने को कहा गया, तो उसने कोई दस्तावेज नहीं दिखाया.
चूंकि चुनाव आचार संहिता लागू है, इस राशि को जब्त कर लिया गया और आगे की कार्रवाई के लिए जिला मॉनिटरिंग सेल को भेज दिया गया है.
महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्ति के लिए समिति का गठन, IAS सोनमणि बोरा बनाए गए अध्यक्ष
दुर्ग। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, पाटन, दुर्ग में कुलपति नियुक्ति के लिए राज्यपाल (कुलाधिपति) द्वारा एक चयन समिति का गठन किया गया है. यह समिति विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा 14 (2) के अंतर्गत न्यूनतम तीन योग्य व्यक्तियों की सूची (पैनल) प्रस्तुत करेगी.
गठित समिति में प्रमुख सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सोनमणि बोरा (आईएएस.) को अध्यक्ष बनाया गया है. उनके साथ रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के कुलपति डॉ. ए.के. सिंह और हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलपति डॉ. नरेन्द्र प्रसाद दीक्षित को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
समिति को विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 14 (4) के तहत इस अधिसूचना की तिथि से छह सप्ताह के भीतर कुलपति पद के लिए कम से कम तीन प्रतिष्ठित शिक्षाविदों की सूची कुलाधिपति को प्रस्तुत करनी होगी.

वनरक्षक के 1484 पदों पर भर्ती : 16 नवंबर से शारीरिक मापजोख और दक्षता परीक्षण
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक के 1484 पदों पर सीधी भर्ती के लिए वर्ष 2023-24 में आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया था. राज्य में कुल 17 नोडल वनमण्डलों (रायपुर, महासमुंद धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, कवर्धा, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, कांकेर, कोण्डागांव, जगदलपुर, दंतेवाड़ा एवं बीजापुर) में 16 नवम्बर 2024 से शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षण प्रारंभ होगा.
शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षण के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची वनमण्डलवार, नोडलवार एवं अनुक्रमांकवार विवरण विभागीय वेबसाइट www.forest.cg.gov.in पर उपलब्ध है. अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन प्रवेश पत्र विभागीय वेबसाइट से डाउनलोड कर प्राप्त किया जा सकता है. जो अभ्यर्थी अस्वस्थता या किसी अन्य परीक्षा में शामिल होने के कारण निर्धारित तिथि में अनुपस्थित रहते हैं, उपयुक्त प्रमाण पत्र सहित उपस्थित होने पर अंतिम दिवस को परीक्षण के लिए अवसर दिया जाएगा.
10वीं और 12वीं कक्षा के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्री-बोर्ड परीक्षा
रायपुर। राज्य के शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के उद्देश्य से इस साल से प्री-बोर्ड परीक्षा का आयोजन जनवरी के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने यह कदम छात्रों की बोर्ड परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाने और उनकी सफलता की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए उठाया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने सभी जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश के अनुसार, प्री-बोर्ड परीक्षा प्रत्येक जिले द्वारा आयोजित की जाएगी, जिसमें छात्रों से पूरे पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे जाएंगे। साथ ही, 10वीं और 12वीं का पाठ्यक्रम 10 जनवरी 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि छात्रों को पर्याप्त समय मिल सके।
प्रश्न पत्र निर्माण के लिए जिलों में विषय विशेषज्ञों की समितियाँ गठित की जाएंगी। इन समितियों को प्रश्न पत्र निर्माण के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल के ब्लूप्रिंट का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे परीक्षा का स्तर बोर्ड के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके। छात्रों को भी इस ब्लूप्रिंट से परिचित कराया जाएगा, जिससे वे बोर्ड परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।
स्मार्ट वूमेन अल्का की जागरूकता बनी मिसाल, बिहान समूह से होने वाली आय और महतारी वंदन योजना की राशि से परिवार को मिला सहारा
रायपुर। शासकीय योजनाओं से जुड़कर और इन योजनाओं का लाभ उठाकर कैसे अपने परिवार को संभाला जा सकता है। यह सीखा जा सकता है, स्मार्ट वूमेन अल्का कच्छप से। अल्का ने अपनी जागरूकता से न केवल अपने परिवार को आर्थिक संकट से उबारा बल्कि अपनी बेटियों के बेहर कैरियर के लिए भी इंतजाम कर लिया है। श्रीमती अल्का ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता मेरी बेटियां जब बड़ी होंगी, तब यह पैसे उनकी पढ़ाई और शादी में काम आएंगे।
अम्बिकापुर विकासखंड के छोटे-से ग्राम पंचायत- चठिरमा के आश्रित गांव बढनीझरिया की रहने वाली अलका कच्छप अपने बच्चों के भविष्य के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वे बेहद स्मार्टली अपने परिवार को बेहतर सहयोग करने के लिए शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति भी जागरूक हैं। श्रीमती अलका एक आम घरेलू महिला हैं, उनके पति सामुवेल कच्छप राज मिस्त्री का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण रहती है। पति की आमदनी से घर का खर्च चलाना मुश्किल होता था, इसलिए बिहान महिला समूह से जुड़कर काम कर रही हैं। जिससे अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चों की देखभाल और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देती हैं।
श्रीमती अल्का ने बिहान समूह से जुड़कर न केवल आमदनी का जरिया ढुंढा बल्कि अपने बेटियों के लिए महतारी वंदन योजना से मिल रही राशि को उनके सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या योजना का प्रीमियम जमा किया। श्रीमती अलका ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं बड़ी बेटी का नाम विभा और छोटी बेटी का नाम विद्या है। विभा प्राइवेट स्कूल में कक्षा 6वीं और छोटी बेटी केजी-वन में पढ़ रही हैं। वह चाहती है कि उनकी बेटियां अच्छी पढ़ाई कर अपने सपनों को पूरा करें। श्रीमती अल्का का सपना है कि उनकी बेटियां अपनी पढ़ाई पूरी करें और अच्छे करियर का चुनाव करें। इसलिए अलका अभी से तैयारी कर रही हैं। अपनी बिहान समूह की कमाई और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को मिलाकर सुकन्या समृद्धि योजना में दोनों बेटियों के नाम से एक-एक हजार रुपए हर महीने जमा कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ में मिला बाघ का शव, जहरखुरानी की आशंका, जांच में जुटा वन अमला
कोरिया। गुरुघासीदास नेशनल पार्क अंतर्गत ग्राम देवसील-कटवार के समीप नदी के किनारे एक बाघ का शव मिला है. ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं.
नेशनल पार्क की सीमा पर रामगढ़ क्षेत्र के देवसील ग्राम पंचायत के मार्ग पर खनकोपर नदी के तट पर बाघ मरा पड़ा पाया गया है. अभी बाघ के मौत का कारण अज्ञात है. हालांकि जहरखुरानी की आशंका जताई जा रही है. मामले को लेकर अभी शुरुआती जानकारी ही मिली है. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इलाके में मौजूद बाघ की मौत कैसे हुई, यह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्प्ष्ट होगा.
तीन साल पहले इसी इलाके में एक बाघ की हुई थी मौत
तीन साल पहले भी एक बाघ की मौत इसी इलाके में हुई थी. उस वक्त ग्रामीणों ने उसे जहर देकर मार दिया था. इसी के चलते इस बार भी बाघ की मौत का कारण जहरखुरानी से होने की संभावना जताई जा रही है. वहीं जिम्मेदार अधिकारी जांच की बात कहकर बाघ की मौत को लेकर कुछ भी कहने से बच रहे.
संभागायुक्त महादेव कावरे ने धान खरीदी केंद्र का किया निरीक्षण, खरीदी में न हो कोई गड़बड़ी एसडीएम को दिए सख्त निर्देश
बिलासपुर। बिलासपुर संभागायुक्त महादेव कावरे ने आज मुंगेली जिले के सरगांव स्थित धान उपार्जन केंद्र का निरीक्षण कर खरीदी के इंतजामों की समीक्षा की. आगामी 14 नवंबर से धान खरीदी प्रक्रिया शुरू होनी है, जिसके मद्देनजर उन्होंने केंद्र की तैयारियों का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने केंद्र में मौजूद कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, मॉइश्चर मशीन, धान चबूतरा, और बैनर के बारे में जानकारी ली.
संभागायुक्त कावरे ने केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटर और हमाल की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली और किसानों के पंजीयन और बैंक में राशि की भी जानकारी ली. उन्होंने एसडीएम को सख्त हिदायत दी कि धान खरीदी में कोई गड़बड़ी न हो. निरीक्षण के दौरान एसडीएम पथरिया भरोशा राम ठाकुर, खाद्य निरीक्षक और प्रबंधक धनुष साहू सहित स्टाफ उपस्थित रहे.
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय सड़क कांग्रेस अन्तर्गत आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी का किया अवलोकन
रायपुर। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में भारतीय सड़क कांग्रेस के 83वें अधिवेशन के तहत आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी का भ्रमण कर सड़क निर्माण, सड़क सुरक्षा, निर्माण सामग्री और सड़कों के रखरखाव से जुड़ी मशीनरी व उपकरणों की निर्माता तथा आपूर्तिकर्ता कंपनियों के प्रतिनिधियों से इनकी जानकारी ली। विभिन्न कंपनियों द्वारा यहां लगाए गए स्टॉल्स पर सड़क निर्माण से संबंधित तकनीकी मटेरियल्स, डिजाइन, टेक्नोलॉजी इत्यादि का प्रदर्शन आगामी चार दिनों तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा और उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने भी श्री गडकरी के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
गांव से मोहल्ले को जोड़ने के लिए 2 करोड़ लागत से बनाया गया था पुल, अब ग्रामीण कर रहे खलिहान के रूप में उपयोग
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र के गोहरापदर में एक उच्च स्तरीय पुल का निर्माण पिछले कुछ सालों से चर्चा का विषय बना हुआ है. ओडिसा सीमा से लगे इस गांव में 75 मीटर लंबे और 2 करोड़ की लागत से बने पुल का निर्माण 2015 में पीडब्ल्यूडी के सेतु निगम शाखा ने किया था. हालांकि, यह पुल अब अपनी असली उद्देश्य के बजाय फसल सुखाने और मिंजाई के लिए इस्तेमाल हो रहा है.

दरअसल, यह पुल पंचायत मुख्यालय को दूसरे मोहल्ले से जोड़ता है और आगे जाकर ओडिशा के कोतमेर गांव से जुड़ता है. यह क्षेत्र एक ग्रामीण इलाका होने के कारण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के मापदंडों पर खरा नहीं उतरता था. बावजूद इसके, 2015 में यहां उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया गया. पुल पर वाहनों की आवाजाही कम होने के कारण अब किसान इस पुल पर धान और मक्का की फसलें सुखाने के लिए उपयोग कर रहे हैं. इतना ही नहीं, फसलों की रखवाली के लिए पुल के ऊपर किसान अस्थायी झोपड़ियां भी बना चुके हैं.

ग्रामीण इलाके में स्थित इस पुल से वाहनों का आवागमन काफी कम होता है. हालांकि, धान सप्लाई सीजन के दौरान ओडिशा से हर दिन 10 से 12 पिकअप और ट्रैक्टर पुल से गुजरते हैं. इस पुल की मुख्य समस्या यह है कि इसका इस्तेमाल केवल कृषि कार्यों के लिए हो रहा है, जबकि इसे यातायात के लिए बनवाया गया था.
तूआस नाले की चौड़ाई और पुल निर्माण
जिस नाले पर यह पुल बनाया गया है, उसकी चौड़ाई 15 मीटर से भी कम थी, लेकिन सर्वे में इसका डूबान क्षेत्र 30 मीटर से ज्यादा पाया गया था. इसके बाद 2015 में इस पुल के निर्माण की मंजूरी दी गई थी. 2014 में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, धुपकोट जलाशय का उलट भी किया गया था, जिससे नाले में पानी का दबाव कम हुआ और बाढ़ का खतरा भी टल गया. इस पुल के बनने के बाद से अब तक किसी प्रकार की बाढ़ की समस्या उत्पन्न नहीं हुई है.

अधिकारियों ने मामले से पल्ला झाड़ा
जब इस मामले में पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस कार्य को “पुराना मामला” बताकर जवाब देने से इंकार कर दिया. अधिकारियों ने इसे एक पुरानी परियोजना मानते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया.
नकली पुल पर किया गया फिजूलखर्ची का आरोप
मैनपुर ब्लॉक के ग्रामीणों ने गोहरापदर पुल की तुलना में शोभा क्षेत्र में पांच अन्य नदियों और नालों पर पुल निर्माण की मांग की है. जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम ने कहा कि शासन ने गैर-जरूरी स्थानों पर करोड़ों रुपए खर्च किए, जबकि जरूरतमंद इलाकों की अनदेखी की गई. उन्होंने इस पूरी स्थिति को “फिजूलखर्ची” करार देते हुए कहा कि अगर इस पुल का सही इस्तेमाल हुआ होता तो यह ग्रामीण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में सुधार करता, लेकिन अब इसे कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.
जरूरतमंद क्षेत्रों में पुल निर्माण की मांग तेज
बता दें, ग्रामीणों ने लंबे समय से पुल निर्माण के लिए संघर्ष किया है, और अब उनकी यह मांग और भी जोर पकड़ रही है कि जरूरतमंद क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ पुलों का निर्माण किया जाए. इस मामले पर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया आने की संभावना है, क्योंकि ग्रामीण इस मुद्दे को लेकर और अधिक सक्रिय हो गए हैं.
केंद्रीय परिवहन मंत्री ने छत्तीसगढ़ को दी 20 हजार करोड़ की सौगात: नितिन गडकरी ने कहा- दो साल के अंदर अमेरिका की तरह होगा नेशनल हाइवे का नेटवर्क
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में भारतीय सड़क कांग्रेस के अधिवेशन का शुभारंभ करते हुए कहा कि इंडियन रोड कांग्रेस में देश के विभिन्न राज्यों से आये सभी इंजीनियर्स को मैं देश के विश्वकर्मा के रूप में मानता हूँ। राष्ट्र के निर्माण में आप सबका बहुत बड़ा योगदान है। हमारे प्रधानमंत्री का मिशन है कि हम हिंदुस्तान को 5 ट्रिलियन की इकानामी बनायें। आत्मनिर्भर भारत बनाएं। इसके लिए हमें इंडस्ट्री और एग्रीकल्चर में प्रगति करनी होगी। इसके लिए यातायात का इंफ्रास्ट्रक्चर हमें बेहतर करना होगा। इस क्षेत्र में जब कैपिटल इन्वेस्टमेंट आएगा तो रोजगार निर्मित होगा और गरीबी दूर होगी और हिंदुस्तान आत्मनिर्भर होगा। इस सपने को पूर्ण करने में आपके गुणवत्तापूर्ण काम का महत्वपूर्ण योगदान होगा, इसके लिए देश-विदेश में रिसर्च को अपनाना होगा। ज्ञान को संपत्ति में बदलना ही भविष्य हैं।
श्री गडकरी ने अधिवेशन में शामिल हो रहे इंजीनियर्स से कहा कि जनता का पैसा जितना बचा सकते हैं बचाएं, इसमें तकनीक बहुत काम आयेगी। छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण बात शुरू हुई है। हमने यहां से एक बैम्बू क्रैश बैरियर बनाना आरंभ किया। स्टील यूज करने की जरूरत नहीं, यह इको फ्रेंडली है। आप पूरे छत्तीसगढ़ में लोहे के बजाय बैम्बू क्रैश बैरियर यूज करें, इससे गांव के किसानों को बैम्बू के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। हमने पराली से बायो विटामिन बनाया है और इसका मेघालय में प्रयोग हो रहा है। अभी पानीपत में हमने पराली में एक हजार लीटर बायो विटामिन और बायो एविएशन फ्यूल बनाना शुरू किया। यह पराली अथवा पैरा से बनेगा तो छत्तीसगढ़ में बहुत बढ़िया काम हो जाएगा।
श्री गडकरी ने कहा कि रोड एक्सीडेंट को कम करने हमें बहुत प्रयास करना होगा। कोशिश करिये एक्सीडेंट न हों। इसके लिए सभी तकनीकी उपाय अपनाएं। छोटी-छोटी बातों को अमल में लाकर रोड इंजीनियरिंग में सुधार करें तो बहुत बेहतर होगा। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि रोड सेफ्टी के हिसाब से परफेक्ट रोड बनाइये। रोड सेफ्टी को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिवेशन के उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हमें विकास भी करना है और पर्यावरण का संतुलन भी रखना है। हमारे देश में ट्रांसपोर्ट सेक्टर देश के पाल्यूशन में 40 प्रतिशत योगदान करता है। मैं आईआरसी के पदाधिकारियों से अनुरोध करूंगा कि आप इस सेक्टर को इंटीग्रेटेड एप्रोच से सोचें। हमें सड़कों के किनारे टायलेट बनाने होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि इंडियन रोड कांग्रेस के 83वें अधिवेशन की मेजबानी का सौभाग्य छत्तीसगढ़ को प्राप्त हुआ है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी को इस कार्यक्रम में अपने बीच पाकर हमारी खुशी दोगुनी हो गई है। भारत के विकसित राज्यों में अपना स्थान बनाने की ललक के साथ छत्तीसगढ़ बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि श्री गडकरी जी का सहयोग और प्रोत्साहन हम लोगों को निरंतर मिल रहा है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के लिए उन्होंने 11 हजार करोड़ रुपए की अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। इसके लिए मैं उन्हें हृदय से धन्यवाद देता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 नवम्बर को हम लोगों ने राज्य स्थापना का 24वां वर्ष पूरा किया है और अब रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसके अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ ने अपना विजन डाक्यूमेंट तैयार कर लिया है, इसके मुताबिक हम बहुत रणनीतिक और सुव्यवस्थित तरीके से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ में इस 83वें इंडियन रोड्स कांग्रेस के आयोजन से हम उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 तक हमने छत्तीसगढ़ की जीएसडीपी को दोगुना करते हुए 10 लाख करोड़ रुपए करने का निश्चय किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मजबूत अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए सड़कें हमारी सबसे बड़ी ताकत होंगी, राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों में परिवहन के अन्य साधनों की तुलना में सड़कों का विस्तार कहीं ज्यादा सुविधापूर्ण हैं। पिछले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों का अच्छा विकास हुआ है, रायपुर-विशाखापट्टनम इकॉनोमी कॉरिडोर सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने की है। हम प्रदेश के दुर्गम से दुर्गम क्षेत्रों को भी मुख्य मार्गों के साथ कनेक्ट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विशाल भू-भाग में हम इस चुनौतीपूर्ण काम को कम समय, कम लागत किन्तु टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण तरीके से करना चाहते हैं। हमारी सोच केवल सड़क निर्माण ही नहीं है, बल्कि अच्छी सड़कों के निर्माण की है। हम सड़क निर्माण की ऐसी तकनीकों को अपनाने के लिए ललायित हैं, जो ज्यादा पर्यावरण हितैषी हों। हमने हरित ऊर्जा को ज्यादा से ज्यादा अपनाने का संकल्प लिया है, हम यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि सड़क निर्माण और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में हरित ऊर्जा का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग किस तरह किया जा सकता है।
केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने अधिवेशन के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत में हिमालय से लेकर समुद्र तक सड़कों का जाल बिछ रहा है। हम सब 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरूण साव ने अपने सम्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ पर प्रकृति की असीम कृपा है। यहां बड़ी-बड़ी नदियों, पहाड़ और जंगल के साथ ही कोयले से लेकर हीरे तक के भण्डार हैं। छत्तीसगढ़ कई संतों और महात्माओं की तपो स्थली और कर्मभूमि रहा है। उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ ने हर क्षेत्र में तेजी से विकास किया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से छत्तीसगढ़ में सड़कों का जाल बिछ रहा है। श्री साव ने उम्मीद जताई कि भारतीय सड़क कांग्रेस के इस 83वें अधिवेशन में देशभर के विशेषज्ञ सड़क निर्माण और सड़क सुरक्षा को लेकर देश और दुनिया में हो रहे अनुसंधान, नवाचार, नई मशीनरी और नई तकनीकों के बारे में मंथन कर इस क्षेत्र की समस्याओं का हल निकालने में सार्थक पहल करेंगे।




भारतीय सड़क कांग्रेस के शुभारंभ कार्यक्रम को केन्द्रीय सड़क परिहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के महानिदेशक डी. सारंगी, छत्तीसगढ़ शासन में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, भारतीय सड़क कांग्रेस के अध्यक्ष के.के. पिपरी और महासचिव एस. के. निर्मल ने भी सम्बोधित किया। उद्घाटन सत्र में आज सड़क निर्माण और सड़क सुरक्षा से संबंधित भारतीय सड़क कांग्रेस द्वारा तैयार तीन गाइडलाइन्स और एक मेन्यूअल भी जारी किया गया। अतिथियों ने कार्यक्रम में भारतीय सड़क कांग्रेस की स्मारिका का भी विमोचन किया।
काम में लापरवाही बरतने वाले दो पटवारियों पर गिरी गाज, कलेक्टर ने किया निलंबित
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही- कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने नक्शा बटांकन की प्रगति अपेक्षाकृत नहीं होने के कारण दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
अलग-अलग जारी आदेश में कहा गया है कि तहसील पेण्ड्रा रोड से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार नक्शा बटांकन की प्रगति अपेक्षाकृत नहीं होने के कारण संजय कुमार पाण्डेय पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. प्रस्तुत जवाब संतोष जनक एवं समाधान कारक नहीं पाया गया. बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी कार्यों में प्रगति नहीं लाया गया. पदीय कर्तव्यों में लापरवाही बरती गई है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण का स्पष्ट उलंघन है. इसके चलते पटवारी संजय कुमार पाण्डेय, हनं 21,22 तहसील पेण्ड्रा रोड को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि में संजय कुमार पाण्डेय पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय पेण्ड्रा रोड में नियत किया जाता है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
इसी तरह तहसील प्रेण्ड्रा रोड से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार नक्शा बटांकन की प्रगति अपेक्षाकृत नहीं होने के कारण विनोद कुमार जगत पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. प्रस्तुत जवाब संतोष जनक एवं समाधान कारक नहीं पाया गया. बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी कार्यों में प्रगति नहीं लाया गया एवं पदीय कर्तव्यों में लापरवाही बरती गई है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण का स्पष्ट उलंघन है. इसके चलते पटवारी विनोद कुमार जगत हनं 19,20 तहसील पेण्ड्रा रोड को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि में विनोद कुमार जगत पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय पेण्ड्रा रोड में नियत किया गया है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.


JCCJ अध्यक्ष अमित जोगी ने कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा का किया प्रचार, कहा- दशकों से दक्षिण में थमा है विकास, जनता को नेता नहीं बेटा चाहिए…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में रायपुर दक्षिण उपचुनाव के लिए JCCJ ने कांग्रेस को समर्थन देने के बाद अब प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने मैदान पर उतर चुकी है. आज JCCJ अध्यक्ष अमित जोगी ने दक्षिण की जनता से मुलाक़ात कर कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा के लिए वोट अपील की. जोगी ने कांग्रेस के समर्थन में वोट मांगने के दौरान जनता के मुद्दों से लेकर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था पर बीजेपी सरकार को घेरा. साथ ही बीजेपी सरकार पर प्रदेश में सांप्रदायिकता का बीज बोने का आरोप लगाया और अंग्रेजों की नीति पर काम करने की बात भी कही.
JCCJ अध्यक्ष अमित जोगी ने बातचीत में कहा कि दक्षिण की जनता में कांग्रेस की लहर है. इस बार दक्षिण की जनता ने देख लिया है कि उन्हें नेता नहीं बेटा चुनना है. सुनील सोनी के सांसद होने के बाद भी लोगों और उनके बीच बेहद दूरियां है. दशकों तक बीजेपी के जनप्रतिनिधि चुनने के बाद भी दक्षिण का विकास आधार पर लटका है. पूरे प्रदेश के माहौल को बीजेपी ने दूषित कर दिया है. जनता ने देखा है कि पिछले 10 महीने में छत्तीसगढ़ क्राइम, कम्यूनल और करप्शन का गढ़ बन चुका है. धर्म, जाति के नाम पर लोगों को लड़ाया जा रहा है. 1992 में जब पूरे देश में दंगे हो रहे थे तब भी छत्तीसगढ़ में ऐसी घटनाएं नहीं हुई. सांप्रदायिकता का बीच प्रदेश में अंकुरित हो रहा है, जो जनता के हित में नहीं है.

अमित जोगी ने कहा, बीजेपी सरकार पर फूट डालो और राजनीति करो की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा, बीजेपी छत्तीसगढ़ को लूटने का काम कर रही है. गुजरात के कुछ औद्योगिक घरानों को पूरी खनिज संपदा बेच दिया और लोगों को भटकाने के लिए नफ़रत की राजनीति कर रहे.
कांग्रेस में विलय के सवाल पर अमित ने दिया जवाब
JCC के कांग्रेस में विलय होने की अटकलों को लेकर अमित जोगी ने सेक्युलर ताक़तों के एकजुटता के संदेश देने की बात कही. उन्होंने कहा, जनता कांग्रेस जे का तात्कालिक उद्देश्य है रायपुर दक्षिण उपचुनाव में सरकार को ये संदेश दे कि प्रदेश में नफ़रत के खिलाफ लड़ने वाली सेक्युलर ताकतें मौजूद है और एकजुट है.
राज्य सरकार ने किया जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन, सीएम साय बनाए गए अध्यक्ष
रायपुर। साय सरकार ने जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को परिषद के अध्यक्ष बनाए गए हैं. वहीं मंत्री रामविचार नेताम को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. इस परिषद में मंत्री केदार कश्यप सहित 15 विधायकों को सदस्य बनाए गए हैं.
जनजातीय सलाहकार परिषद में सदस्य, सचिव सहित कुल 21 सदस्य बनाए गए हैं. इसमें सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों को भी रखा गया है.
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राजीव लोचन महाराज के बयान पर कवासी लखमा का पलटवार, कहा- पहले खुद बच्चे पैदा करें फिर दूसरों को दें सलाह
रायपुर। संत राजीव लोचन महाराज के चार बच्चे पैदा करने वाले बयान पर विधायक कवासी लखमा ने पलटवार किया है. उन्होंने महाराज को खुद शादी करके बच्चे पैदा करने की सलाह दी है. दरअसल, रायपुर दक्षिण उपचुनाव के प्रचार के कुछ दिन बाकी है. ऐसे में कांग्रेस चुनाव के नतीजों को अपने पक्ष में करने पूरी ताकत झोंक रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लोगों से जनसंपर्क कर रहे है, इसी कड़ी में बस्तर के कद्दावर नेता कवासी लखमा राजधानी पहुंचे.
देश को बांटने वाले लोग: लखमा
इस दौरान राजीव लोचन महाराज के बयान पर कवासी लखमा ने कहा कि आदिवासी किसी पंडित को नहीं मानते. उन्होंने कहा कि पंडित पहले खुद शादी करें, बच्चे पैदा करने और उन्हें पाल कर देखें कितनी परेशानी होती है. यह देश को बांटने वाले लोग हैं. BJP जब खुद शक्तिहीन होती है तो पंडितों को सामने लाती है. लेकिन इनका साथ भगवान ने भी छोड़ दिया है फिर भी ये नहीं सुधर रहे.
उपचुनाव में होगी कांग्रेस की जीत
रायपुर दक्षिण उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि बीजेपी के घिसे-पिटे प्रत्याशी के सामने कांग्रेस ने युवा प्रत्याशी को उतारा है. बीजेपी ने फेल प्रत्याशी सुनील सोनी को क्षेत्र की जनता पसंद नहीं करती है, इस बार कांग्रेस की जीत होगी.
रिकेश सेन के नामकरण वाले बवाल पर प्रतिक्रिया
विधायक रिकेश सेन के वायरल वीडियो और स्व शारदा सिन्हा के नाम पर तालाब के नामकरण को लेकर विधायक कवासी लखमा ने कहा कि ये छत्तीसगढ़ को बर्बाद करने वाले लोग हैं. भूपेश बघेल की सरकार में प्रदेश की संस्कृति को संवारने का कम किया गया. लेकिन बीजेपी न जाति, न धर्म, न संविधान सिर्फ कुर्सी को मानती है. जनता अपने जनप्रतिनिधि के पास समस्या लेकर जाती है, लेकिन भूलना नहीं चाहिए जनता जिसे चढ़ाती है उसे उतार भी देती है. जनता के साथ ये दुर्व्यवहार डबल इंजन की सरकार का घमंड दर्शाता है.
संत राजीव लोचन महाराज का दिया गया बयान
गुरुवार को रायपुर महादेव घाट में आयोजित छठ पर्व के कार्यक्रम में संत राजीव लोचन महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि महादेव की पुत्रवधू का नाम छठी माई है. उन्होंने कहा कि छठी माई कहती हैं, “हम दो हमारे दो के चक्कर में मत चलो. तुम्हारे दुश्मन ‘हम दो हमारे 45’ उनके हाथ में एके-47 लेकर खड़े हैं, ‘हम 5 हमारे 75’ हाथ में पत्थर लिए खड़े हैं. तुम समय रहते शास्त्र और संतों की वाणी को गुरु मंत्र के रूप में स्वीकार करो. दो नहीं, चार बच्चे पैदा करो. जन्म देना तुम्हारा काम है और छह दिन तक रक्षा करना मेरा काम है.”
उन्होंने कहा, “छठ तक जो भी सनातन धर्म में पैदा होता है, उसकी रक्षा छठी माई करती हैं. इसलिए सुहागिन माताएं छठी माता को प्रणाम करती है कोख को सुरक्षित रखना. जन्म लिए को सुरक्षित रखना उनका कम है जो जन्म ही न ले उसकी कैसी सुरक्षा होगी. इसलिए सारे हिंदू संकल्प लो कोई भी गर्भ में बच्चे की हत्या नहीं करेगा. फिर भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा, विश्व गुरु बनेगा और सनातन धर्मियों का कोई बाल भी बका नहीं कर पाएगा. यही संदेश छठी माई के दिन आपको दिया जाता है.
पूर्व मंत्री मूणत ने उठाया बड़ा मुद्दा… रिंग रोड-1 के दोनों ओर साढ़े 10 मीटर चौड़ी सर्विस रोड मांगी… केंद्रीय मंत्री गडकरी से 80 करोड़ देने की अर्जी
राजेश मूणत सड़कों तथा इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में विजनरी माने जाते रहे हैं. रायपुर की कई बड़ी सड़कें, कई प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण तथा फ्लाईओवर्स-अंडरब्रिज का निर्माण उन्हीं के कार्यकाल में हुआ है. शुक्रवार को डिप्टी सीएम साव के साथ मंत्री गडकरी से मिले और उन्होंने दो पेज का ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में कहा गया है कि 30 वर्ष पहले बनी रायपुर की रिंग रोड-1 के किनारे का बड़ा हिस्सा विगत वर्षों में कामर्शियल एरिया के रूप में डेवलप हो चुका है. इस सड़क के दोनों किनारों पर बड़े कांप्लेक्स, शादी घर, शोरूम तथा कई मार्केट तो हैं ही, दोनों ओर घनी आबादी बस चुकी है. इस आबादी का एकमात्र सहारा रिंग रोड-1 के दोनों किनारो पर बनी सर्विस रोड हैं, जो अधिकांशतः पांच-पांच मीटर ही चौड़ी हैं. जिसके कारण जाम की स्थिति तो बनती ही है, हादसों का खतरा भी बढ़ गया है. पूर्व मंत्री मूणत ने बताया कि इस सड़क पर अग्रसेन धाम टर्निंग, कृषि विवि टर्निंग, आर्चब्रिज टर्निंग, कटोरातालाब टर्निंग, संतोषीनगर टर्निंग, कुशालपुर टर्निंग, रायपुरा टर्निंग, भाठागांव टर्निंग और पचपेड़ीनाका टर्निंग में ट्रैफिक के हालात बुरी तरह बिगड़ चुके हैं. यहां लोगों को राहत देने के लिए अंडरब्रिज आदि बने हैं, लेकिन ट्रैफिक दबाव के समय ये नाकाफी साबित होने लगे हैं.

समस्या ही नहीं, हल भी बताया मूणत ने
पूर्व मंत्री मूणत ने केंद्रीय मंत्री गडकरी को सिर्फ समस्या ही नहीं बताई, बल्कि इसका हल भी सुझाया है. उन्होंने कहा कि रिंग रोड-1 के दोनों ओर ट्रैफिक के हालात अभी तो खराब हैं ही, आने वाले समय में स्थिति और भयंकर हो सकती है, क्योंकि दोनों ओर की सर्विस रोड औसतन 5-5 मीटर ही चौड़ी हैं. उन्होंने कहा कि अगर दोनों सर्विस रोड की चौड़ाई 3.5-3.5 मीटर बढ़ा जाती है, तो सड़कें साढ़े 10-10 मीटर चौड़ी हो जाएंगी. अगर चौड़ाई बढ़ाने के बाद दोनों ही सर्विस रोड को वन-वे कर दिया जाएगा तो ये सुविधाजनक होने के साथ-साथ आकर्षक भी लगेंगी. यही नहीं, एयरपोर्ट की ओर से रिंग रोड-1 होकर एनआईटी-साइंस कालेज ग्राउंड तक वीआईपी मूवमेंट के दौरान आने वाली दिक्कतें भी दूर होंगी, जो हाल में राष्ट्रपति प्रवास के दौरान देखने में आई थीं. पूर्व मंत्री मूणत ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से आग्रह किया कि इन सर्विस रोड की चौड़ाई तुरंत बढ़ाने में लगभग 80 करोड़ रुपए अनुमानित तौर पर खर्च होंगे. यह राशि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से मंजूर कर दी गई तो इससे रायपुर की एक बड़ी समस्या का निराकरण हो सकता है. बता दें कि इसी रिंग रोड पर मंत्री गडकरी ने हाल में तीन ओवरब्रिज भी मंजूर किए हैं, ताकि ट्रैफिक में आ रही दिक्कतें कुछ कम हो सकें.
प्रदीप उपाध्याय आत्महत्या मामला, ब्राह्मण समाज ने सीएम साय से की थी कार्रवाई की मांग, GAD ने संभाग आयुक्त को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

बता दें कि कलेक्टर कार्यालय राजस्व विभाग में पदस्थ क्लर्क प्रदीप उपाध्याय ने 28 अक्टूबर को फांसी लगाकर आत्महत्या किया था. आत्महत्या करने से पहले मृतक ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें उन्होंने विभाग के तीन अधिकारियों तत्कालीन एडीएम गजेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र बहादुर सिंह और एडीएम देवेंद्र पटेल पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था.

गौरतलब है कि मृतक ने अपने सुसाइड नोट में विभागीय अधिकारियों द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने और उनकी छवि खराब करने के आरोप लगाए थे. सामान्य प्रशासन विभाग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी स्थिति की तथ्यात्मक जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है.
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला, इन जिलों में बदले गए एडिशनल एसपी …
रायपुर। राज्य सरकार ने एक बार से बड़े पैमाने पर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है. राज्य सरकार ने कई जिलों के एडिशनल एसपी को बदल दिया है. गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक बिलासपुर एडिशनल एसपी उमेश कश्यप को जांजगीर का एडिशनल एसपी बनाया गया है.
देखें तबादला आदेश

