RDA जमीन आवंटन पर सियासत तेज: मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी पर कांग्रेस के आरोप, जांच की मांग
रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में भूखंडों के आवंटन को लेकर सियासत तेज हो गई है। मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को कचना की जमीन के बदले सड्डू में कथित तौर पर प्राइम लोकेशन का भूखंड दिए जाने के मामले में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में रायपुर के ईएनटी विशेषज्ञ एवं समाजसेवी डॉ. राकेश गुप्ता और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि RDA की नगर विकास योजना में कंपनी को असामान्य लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है। पार्टी ने पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्राइम लोकेशन का आरोप
कांग्रेस के मुताबिक राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड की कचना के नालापारा क्षेत्र में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। पार्टी का दावा है कि इस जमीन तक पहुंच संकरी सड़क से होती है, जबकि इसके बदले कंपनी को सड्डू क्षेत्र में प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी MR-43 सड़क से लगी करीब 23 हजार वर्गफीट जमीन अंतिम भूखंड के तौर पर दी जा रही है।

कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि मूल जमीन और अंतिम भूखंड के बीच दूरी होने के बावजूद इस तरह का आवंटन किस वैधानिक प्रावधान के तहत किया गया। पार्टी ने यह भी सवाल किया कि नगर विकास योजना में कंपनी की जमीन को शामिल करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
करोड़ों की जमीन देने का दावा
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सड्डू में प्रस्तावित MR-43 के किनारे स्थित भूखंड की लोकेशन बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये में हो सकती है। पार्टी ने आरोप लगाया कि अपेक्षाकृत कम मूल्य वाली और सीमित पहुंच वाली कचना की जमीन के बदले अधिक मूल्य वाली जमीन दिए जाने से पूरे आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।
यह मामला पहले भी सामने आ चुका है। 28 सितंबर को सामने आए आरोपों में रायपुर के ईएनटी विशेषज्ञ और समाजसेवी डॉ. राकेश गुप्ता ने RDA की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिए जाने का दावा किया था। उनके मुताबिक इसका क्षेत्रफल 2168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट है।
कांग्रेस ने RDA दफ्तर का किया घेराव
मामले को लेकर कांग्रेस ने अब सड़क पर भी विरोध शुरू कर दिया है। रायपुर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता RDA कार्यालय का घेराव करने पहुंचे।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन कर रहे हैं। प्रदर्शन में पूर्व सभापति प्रमोद दुबे समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर विकास योजना के तहत जमीनों के पुनर्गठन और आवंटन में प्रभाव का इस्तेमाल कर कंपनी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई।
जांच पूरी होने तक योजना पर रोक की मांग
कांग्रेस ने पूरे मामले की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जांच पूरी होने तक संबंधित नगर विकास योजना में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई जानी चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी कहा है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो मंत्री केदार कश्यप, उनकी पत्नी तथा मामले से जुड़े संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।