प्रदेश / छत्तीसगढ़

SIR से लेकर धान खरीदी तक, भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार की तैयारियों और मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में एक नवंबर यानी राज्योत्सव से धान खरीदी शुरू होती है, लेकिन सरकार की अब तक धान खरीदने की तैयारी नजर नहीं आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मतलब सरकार की नियत धान खरीदी करने की नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने समेत अन्य मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

दरअसल, भूपेश बघेल ने ये सभी बयान दिल्ली रवाना होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर दिए। वे 12 अक्टूबर को SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में होने वाले INDIA गठबंधन के प्रदर्शन में शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से अन्य कांग्रेसी नेता भी दिल्ली रवाना हुए हैं।

भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि SIR के मुद्दे पर कल वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में प्रदर्शन होना है, जिसमें शामिल होने वे जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा जा रहा है और उन्हें प्रदर्शन तक नहीं करने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे साफ नजर आता है कि सरकार और पुलिस किस तरह काम कर रही हैं।

SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि अब तक 13 करोड़ लोगों के नाम काटा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुन-चुनकर लोगों के नाम काटे गए और अपने पक्ष में नाम जोड़ा भी गया है।

आदिम जाति विकास विभाग के नाम बदलने पर भी उठाए सवाल

रविवार को हुई साय कैबिनेट की बैठक में ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने की सहमति प्रदान की गई। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि सबसे प्राचीन जनजाति, उनके विभाग का नाम बदल रहे हैं। मतलब उन्हें आदिवासी मानने को तैयार नहीं, फिर वनवासी बताएंगे। यही चाल, चरित्र और चेहरा है।