धान खरीदी पर दीपक बैज की मांग- किसानों को 3358 रुपए प्रति क्विंटल मिले, एकमुश्त हो भुगतान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बैगा जनजाति के बच्चों की कुपोषण और एनीमिया से मौत तथा धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कवर्धा जिले के रेंगाखार क्षेत्र में पांच बैगा बच्चों की मौत का हवाला देते हुए प्रभावित परिवारों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। वहीं, धान खरीदी में किसानों को प्रति क्विंटल 3358 रुपए के हिसाब से भुगतान करने और आदान सहायता के बजाय एकमुश्त राशि देने की बात कही।
राजीव भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान बैज ने कहा कि वे आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव और स्थानीय नेताओं के साथ कवर्धा के वनांचल क्षेत्र रेंगाखार स्थित नंदनी कुमान गांव और बोडला उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। उनके मुताबिक, गांव में कुपोषण और एनीमिया से पांच बच्चों की मौत हुई है, जबकि 13 प्रभावित बच्चे बोडला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। इसके अलावा 10 से अधिक बच्चे गांव में ही हैं, जो कुपोषण और एनीमिया से पीड़ित बताए गए हैं।
बैगा बहुल गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठाए सवाल
दीपक बैज ने दावा किया कि नंदनी कुमान और आसपास के गांवों में कुपोषण, एनीमिया, डायरिया और मलेरिया की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों से बातचीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में साफ पेयजल की सुविधा भी नहीं है।
बैज के अनुसार, पिछले साल भी इसी इलाके में मलेरिया और डायरिया से बैगा समुदाय के लोगों की मौत हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि इन बीमारियों से बचाव के लिए पर्याप्त अभियान नहीं चलाया गया और मेडिकेटेड मच्छरदानियां भी नहीं बांटी गईं। उन्होंने इलाके में टीकाकरण की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ बच्चे खसरे से भी पीड़ित हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सरकार के मंत्रियों के मौके पर नहीं पहुंचने का आरोप सामने आया है। उन्होंने सरकार के सुपोषण अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए।
बैज ने कहा कि बैगा समुदाय संरक्षित जनजाति की श्रेणी में आता है और उसके लिए विशेष योजनाएं भी हैं। इसके बावजूद बच्चों की मौत और बीमारियों से लोगों के प्रभावित होने की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रभावित परिवारों को 10 लाख मुआवजा देने की मांग
कांग्रेस ने कुपोषण से जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही गांव में ही कुपोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) खोलने की मांग रखी, ताकि प्रभावित बच्चों का इलाज और देखभाल स्थानीय स्तर पर हो सके।
बैज ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कुपोषण कम करने के लिए अभियान चलाए गए थे और मलेरिया व डायरिया से होने वाली मौतों पर रोक लगी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के करीब तीन साल के कार्यकाल में फिर ऐसी स्थिति बन गई है। ये दावे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता में किए।
धान के लिए 3358 रुपए प्रति क्विंटल देने की मांग
पत्रकार वार्ता में दीपक बैज ने धान खरीदी और किसानों को मिलने वाली आदान सहायता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को धान का भुगतान प्रति एकड़ के हिसाब से करने की व्यवस्था कर रही है, जबकि भाजपा ने चुनाव के दौरान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था।
बैज ने आरोप लगाया कि आदान सहायता को प्रति एकड़ के हिसाब से देने की बात किसानों को गुमराह करने की कोशिश है। उनका कहना था कि किसानों को धान की वास्तविक बिक्री के अनुपात में ही अंतर की राशि मिलेगी और रकबा समर्पण तथा गिरदावरी के आधार पर कटौती की आशंका भी बनी रहेगी। उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रति क्विंटल भुगतान के वादे को प्रति एकड़ की गणना से क्यों जोड़ा जा रहा है।
कांग्रेस की मांग है कि किसानों को धान की कीमत का भुगतान एकमुश्त किया जाए। बैज ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल के वादे के साथ पिछले वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में हुई 258 रुपए की बढ़ोतरी को जोड़ते हुए 3358 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान भी धान का समर्थन मूल्य बढ़ने पर किसानों को मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी की गई थी। बैज के मुताबिक, 2018-19 में धान का एमएसपी 1750 रुपए प्रति क्विंटल था, लेकिन राज्य सरकार ने 2500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी की थी। वहीं, 2023-24 में समर्थन मूल्य बढ़ने के बाद राज्य में 2640 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की गई थी।
एमएसपी बढ़ने के साथ आदान सहायता घटने का दावा
दीपक बैज ने पिछले चार वर्षों के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि धान के एमएसपी में बढ़ोतरी के साथ राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली आदान सहायता की राशि घटती गई है।
उनके बताए आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 में धान का एमएसपी 2183 रुपए प्रति क्विंटल था और राज्य सरकार 917 रुपए प्रति क्विंटल आदान सहायता देती थी। 2024-25 में एमएसपी 2300 रुपए होने पर आदान सहायता 800 रुपए, 2025-26 में एमएसपी 2369 रुपए होने पर सहायता 731 रुपए और 2026-27 में एमएसपी 2441 रुपए होने पर सहायता घटकर 659 रुपए प्रति क्विंटल रह गई।
बैज ने कहा कि इस तरह 2023-24 की तुलना में आदान सहायता में 258 रुपए प्रति क्विंटल की कमी हुई है। उनके अनुसार, प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से यह अंतर 5418 रुपए बैठता है। उन्होंने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए सरकार से भुगतान की व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।
धान खरीदी से जुड़ी कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों के मुद्दे पर कई मांगें रखीं। इनमें सभी ग्राम पंचायतों में नकद भुगतान केंद्र खोलना और धान बेचने के तुरंत बाद किसानों को भुगतान करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने पंजीयन कराया है, उनसे पूरे पंजीकृत रकबे के हिसाब से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जाना चाहिए। साथ ही जबरन रकबा समर्पण कराने और फर्जी गिरदावरी के आधार पर खरीदी की लिमिट कम करने की प्रक्रिया बंद करने की मांग की।
बैज ने कहा कि धान खरीदी की तारीख 15 नवंबर से तय होने की बात कही गई है, जबकि दीपावली उससे करीब एक सप्ताह पहले है। ऐसे में पंजीकृत किसानों को त्योहार से पहले अग्रिम भुगतान दिया जाना चाहिए। उन्होंने पिछली बकाया राशि और एमएसपी वृद्धि से जुड़े भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक, 170 करोड़ रुपए की पिछली बकाया राशि और 4366 करोड़ रुपए की एमएसपी वृद्धि की राशि मिलाकर कुल 6066 करोड़ रुपए का भुगतान दीपावली से पहले किया जाना चाहिए।
1 नवंबर को दिल्ली में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली
दीपक बैज ने बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इसमें शामिल होंगे। इसके लिए विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता ट्रेन, बस, हवाई मार्ग और निजी वाहनों से दिल्ली पहुंचेंगे।
बैज ने दावा किया कि देशभर से 10 लाख से अधिक लोग इस रैली में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया को निरस्त करने और काटे गए वोटों की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। उनके मुताबिक, इन मांगों को लेकर पार्टी का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा।
पत्रकार वार्ता में ये नेता रहे मौजूद
राजीव भवन में हुई पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, संयुक्त महामंत्री अशोक राज आहूजा, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह, प्रवक्ता अजय गंगवानी और ऋषभ चंद्राकर मौजूद थे।