रायपुर। बलौदाबाजार जिले के ग्राम महकोनी में बीते दिनों जैतखाम में हुए तोड़फोड़ मामले में कार्रवाई से असंतुष्ट सतनामी सामाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी उग्र और हिंसक हो गए. उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाते हुए कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया साथ ही 100 से ज्यादा दोपहिया और 30 चार पहिया वाहनों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया. घटना के बाद शहर में 16 जून तक धारा 144 लागू कर दिया गया है. इस घटना को लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है. पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने कहा कि सरकार की पूरी तरह लापरवाही है. सरकार का इंटेलिजेंस फेलियर है. वहीं इंटेलिजेंस फेलियर के सवाल पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा घटना की जांच की शुरुआत हो गई है. समाज को बदनाम करने वाले तत्व पर कठोर कार्रवाई होगी.
राजनीति
बलौदाबाजार मामला : पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा – घटना के दौरान लग रहा था भाजपा का नारा ‘अउ नई सहिबो बदल के रहिबो’, मामले की जांच हो…
धमतरी। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने बलौदाबाजार घटना को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, भाजपा की सरकार 6 महीने में विफल नजर आ रही है. घटना बढ़ी है, अपराध बढ़ा है. आत्महत्या, नक्सली मूमेंट के मामले बढ़े हैं. गृहमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.
पूर्व मंत्री साहू ने कहा, घटना के समय भाजपा का नारा अउ नई सहिबो बदल के रहिबो, जय श्रीराम का नारा लग रहा था. भाजपा सरकार का कानून पर नियंत्रण नहीं है. बलौदाबाजार घटना की जांच होनी चाहिए.
जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि 15 और 16 मई की दरमियानी रात कुछ असामाजिक तत्वों ने गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के धार्मिक स्थल के पूज्य जैतखाम में तोड़फोड़ की थी. मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस की इस कार्रवाई से समाज के लोग असंतुष्ट थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे. इस बीच सोमवार को गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की. वहीं जैतखाम में तोड़फोड़ के विरोध में हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए और जमकर हंगामा किया, जहां प्रदर्शन हिंसक हो गया. उपद्रवियों ने तांडव मचाते हुए कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया. इस घटना में वहां मौजूद 20-30 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं. वहीं सैकड़ों गाड़ियां जलकर राख हो गई. फिलहाल शहर में स्थिति सामान्य है. पुलिस पूरी घटना की जांच कर रही है.
बलौदाबाजार हिंसा : भूपेश बघेल ने कहा- सरकार से हुई बड़ी चूक, राज्यपाल और राष्ट्रपति को संज्ञान लेना चाहिए
रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. दिल्ली से लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर कई आरोप लगाए.
पूर्व सीएम बघेल का कहना है कि सरकार से एक बड़ी चूक हुई है. सरकारी सिस्टम घटना को रोक पाने में विफल रहा है. छत्तीसगढ़ के इतिहास में ये अब तक सबसे बड़ी प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटना है. कलेक्टर और एसपी कार्यलय जला देना सामान्य बात नहीं है. इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार है उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सवाल उठ रहा है कि प्रदर्शन को इतना उग्र होने किसने दिया ?
बघेल ने सरकार पर आरोप लगाया कि घटना को लेकर अब लीपापोती किया जा रहा है. समाज के लोगों को सरकार शांत करा पाने में नाकाम रही है. न्यायिक जांच की घोषणा पहले क्यों नहीं की गई ? उनका कहना है कि सरकार से कानून व्यवस्था संभल ही नहीं रही. प्रदेशभर में लचर व्यवस्था है. गृहमंत्री को अपना पद छोड़ देना चाहिए, क्योंकि सच्चाई है कि खुफिया विभाग पूरी तरह फेल रहा है.
भूपेश बघेल ने कहा, सतनामी समाज के लोग सत्य और अहिंसा के पुजारी हैं. जैतखाम में जिन लोगों ने तोड़फोड़ की है, जो वास्तविक आरोपी हैं उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए. हिंसा की घटना की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. मैं समाज से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं.
बता दें कि गिरौदपुरी के जैतखाम में तोड़फोड़ से आक्रोशित सतनामी समाज के हजारों लोग सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने निकले थे. इस दौरान झूमाझटकी और पथराव भी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. वहीं कुछ लोगों ने कलेक्ट्रेट और एसपी दफ्तर में आग लगा दी, जिससे सैकड़ों गाड़ियां जलकर राख हो गई.
सीएम साय ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग
घटना के बाद से शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है. वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी इस पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने देर शाम डीजीपी और सीएस को तलब कर मामले की जानकारी ली थी और आईजी को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए थे. वहीं आज मुख्यमंत्री ने अपना जशपुर जिले का दौरा कार्यक्रम रद्द कर दिया है और बलौदाबाजार मामले में सीएम हाउस में हाईलेवल बैठक बुलाई है. बैठक में डिप्टी सीएम विजय शर्मा और अरुण साव समेत सतनामी समाज के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद हैं.
बलौदाबाजार हिंसा : पूर्व मंत्री डहरिया ने कहा- सरकार का इंटेलिजेंस फेलियर, डिप्टी सीएम साव बोले- होगी कठोर कार्रवाई
बलौदाबाजार घटना पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि जैतखाम काटने से विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई. समाज ने न्यायिक जांच की मांग की थी. सही समय पर कार्रवाई नहीं की गई. बीजेपी ने समाज की कोई बात नहीं सुनी और धरना प्रदर्शन के दिन न्यायिक जांच की घोषणा की गई. सरकार की पूरी तरह लापरवाही है, सरकार का इंटेलिजेंस फेलियर है. सतनामी समाज के लोग हमेशा प्रताड़ित हुए हैं, नहीं ध्यान दिये जाने की वजह से ये आंदोलन हुआ. छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार ऐसी घटना हुई, यह बेहद शर्मनाक है. गृहमंत्री विजय शर्मा के सतनामी समाज के लोगों से बात करने वाले बयान पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि बीजेपी के कुछ नेताओं और उनके समर्थकों को बुलाकर बैठक लिया गया. सरकार के कुछ लोगों के साथ बात कर लेना समाज के लोगों के साथ बात करना नहीं है. समाज के लोगों के साथ बात करनी चाहिए. मामले पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति और सद्भावना का गढ़ रहा है. कल जो घटना हुई है उसकी जितनी निंदा की जाये उतनी कम है. जिस तरह से ये घटना घटित हुई है, बहुत ही चिंता का विषय है. हमारी सरकार ने घटना को गंभीरता से लिया है. सीएम ने घटना की विस्तृत समीक्षा की है. उपद्रवियों पर कड़ी से करवाई के निर्देश दिये हैं. मुख्यमंत्री की समाज प्रमुखों से भी चर्चा हो रही है. मुस्तैदी से जांच की जा रही है. आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा. आज तक छग में ऐसी घटना का इतिहास नहीं रहा. छग की शांति और सद्भावना से खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत नहीं है. इंटेलिजेंस फेलियर के सवाल पर डिप्टी सीएम अरुण साव साव ने कहा कि घटना की जांच की शुरुआत हो गई है. गृहमंत्री देर रात तक घटना स्थल पहुंचे. घटना स्थल का अवलोकन किया है, शांति और सौहार्द बनाये रखने की अपील की है. समाज को बदनाम करने वाले तत्व पर कठोर कार्रवाई होगी.धरना प्रदर्शन के दिन की गई न्यायिक जांच की घोषणा – शिवकुमार डहरिया
छत्तीसगढ़ की शांति और सद्भावना से खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत नहीं – डिप्टी सीएम साव
आरोपियों पर होगी कठोर कार्रवाई- डिप्टी सीएम साव
बलौदाबाजार मामला : पूर्व मंत्री डहरिया ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील, कहा – घटना के लिए प्रशासनिक फेलियर जिम्मेदार
रायपुर। बलौदाबाजार में हुई घटना पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने प्रशासनिक फेलियर को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा, गिरौदपुरी विश्व स्तरीय सतनामी समाज का धार्मिक स्थल है. यहां जैतखाम पर तोड़फोड़ मामले में समाज ने न्यायिक जांच की मांग की थी, जिसे सरकार ने नजरअंदाज किया. आंदोलन की बात आई तो जांच की घोषणा कर रहे हैं.
डहरिया ने कहा, पहले ही समाज के लोगों को बुलाकर चर्चा करनी थी. मामले को दबाने बिहार के लोगों को अपराधी ठहराकर गिरफ्तार किया गया. व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को बुलाया गया था. नेतृत्व करने कोई नहीं था. कानून व्यवस्था की फेलियर से यहां घटना हुई. बीजेपी शासन में हो रही ऐसी घटना प्रदेश के लिए शर्मनाक है. उन्होंने सतनामी और अन्य समाज के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
बलौदाबाजार की घटना को नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बताया भाजपा सरकार की नाकामी, कहा – प्रदेश में कानून व्यवस्था लचर
रायपुर। बलौदाबाजार घटना पर सियासत तेज हो गई है. छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत ने बलौदाबाजार हिंसा को सरकार की नाकामी और प्रदेश की लचर क़ानून व्यवस्था का प्रमाण बताया है. उन्होंने कहा, भाजपा सरकार सतनामी समाज की मांग अनुसार इस पूरी घटना की जांच कराए.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि प्रदेश की राजधानी रायपुर से लगे जिले में यह घटना चिंताजनक है. धर्म स्थली अमर टापू की घटना निंदनीय है. 15 मई की घटना से नाराज़ लोग न्याय की मांग को लेकर धरने पर थे. राज्य शासन-प्रशासन अगर समय पर आवश्यक कदम उठाए होते तो आज नाराज़गी को इस हद तक जाने से रोका जा सकता था.
डॉ. महंत ने कहा कि मैं समाज के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. सतनामी समाज बाबा घासीदास के बताए शांति और सद्भाव के रास्ते पर चलने वाला समाज है.
मोदी मंत्रिमंडल विस्तार पर कांग्रेस का हमला: सुशील आनंद ने कहा- छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई, कांग्रेस इसकी करती है निंदा
रायपुर। बिलासपुर सांसद तोखन साहू को केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया है. इस पर कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि मोदी कैबिनेट के विस्तार में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई. प्रदेश में भाजपा ने अधिक सीटें जीती है. छत्तीसगढ़ के सांसदों की उपेक्षा की गई है कांग्रेस इसकी निंदा करती है. इसके साथ अन्य मुद्दों पर भी सुशील आनंद शुक्ला ने बयान दिया है.
सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा मंत्रिमंडल पर निशाना साधते हुए कहा कि जैसे ही भाजपा में मंत्रिमंडल का पुनर्गठन या विस्तार होगा, भाजपा में जूतम पैजार शुरू होगा. दावेदारों और वरिष्ठ नेताओं की संख्या ज्यादा है. नए नवेलों को बड़े-बड़े पोस्ट में रखा गया है. दिग्गज नेताओं को बाहर रखा गया है. पुनर्गठन होग तो बगावत के दौर शुरू होंगे. वरिष्ठता का लाभ लेने के बजाय कई लोगों को उन्हें घर बैठा दिया गया, यह भारतीय जनता पार्टी का चरित्र है.
स्काई वॉक के मुद्दे को लेकर कहा कि स्काई वॉक बीजेपी के भ्रष्टाचार का नमूना है. उपयोगी नहीं था इसलिए कांग्रेस सरकार ने उसे रोक रखा था. बीजेपी यह बता दे स्काई वॉक की उपयोगिता क्या है ? अब इस पर फिर से करोड़ों रुपए खर्च करके इसे पूरा किया जाएगा. मूर्खता की निशानी है. भ्रष्टाचार करने को उद्देश्य से बनाया गया था.
बीजेपी के दिग्गज नेता बृजमोहन अग्रवाल को मोदी कैबिनेट में जगह नहीं मिलने पर आनंद शुक्ला ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल को अपेक्षित करने के लिए मंत्रिमंडल से हटा के सांसद बनाया गया. जो अपेक्षा कर रहे थे उनकी अपेक्षा गलत थी. बृजमोहन अग्रवाल के पर कतरने के लिए उन्हें सांसद बनाया गया है.
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव रेलवे में संदिग्ध रूप से 16 लड़कियों के मिलने पर सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब-जब बीजेपी की सरकार बनती है माताएं-बहने असुरक्षित होती है. रमन सरकार में 28 हजार से अधिक माता-बहने लापता हुई, फिर से दौर लौट आया है. इस मामले पर विस्तृत जांच की जानी चाहिए. इसके पीछे कौन सा गिरोह है इसकी जांच होनी चाहिए. सरकार अपने दायित्व का निर्वहन करे.
बृजमोहन अग्रवाल के सांसद पद को लेकर सुशील आनंद शुक्ला ने निशाना साधते हुए कहा कि अब सांसद हैं सांसद के रूप में हम अपेक्षा करेंगे. भाजपा के सांसद तो चुन लिए जाते हैं, लेकिन गूंगी गुड़िया ही बने रहते हैं. छत्तीसगढ़ के हित की आवाज नहीं उठाते. पिछले बार 9 सांसद गए थे फिर भी छत्तीसगढ़ के मुद्दों को उठाया नहीं गया. उम्मीद करते हैं कि बृजमोहन अग्रवाल आवाज उठाएंगे.
भाजपा ने कन्नी काटना शुरू कर दिया है, अपने भविष्य के बारे में सोचें बृजमोहन अग्रवाल – पूर्व मंत्री शिव डहरिया
रायपुर। छत्तीसगढ़ से तोखन साहू को केंद्रीय राज्य मंत्री का दर्जा मिलने के बाद सियासत तेज हो गई है. इस मामले में पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा, छत्तीसगढ़ से कम से कम दो से तीन मंत्री बनाना चाहिए था. बहुत से लोग इंतजार में थे. केंद्रीय मंत्री नहीं बनाने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के भविष्य पर डहरिया ने कहा, अपनी भूमिका के बारे में बृजमोहन अग्रवाल को सोचना चाहिए. भाजपा ने अब उनसे कन्नी काटना शुरू कर दिया है. यह बृजमोहन अग्रवाल को समझ आ गया है. उनका भविष्य भाजपा तय करेगी, कांग्रेस में होते तो हम तय करते.
विधायक मोतीलाल साहू के साहू समाज का सम्मान नहीं किए जाने वाले बयान पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा, कांग्रेस सभी समाज को लेकर चलती है. समाज से जुड़े व्यक्तियों का पूरा सम्मान करती है.साहू समाज के व्यक्ति को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. कांग्रेस में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में साहू समाज को भी पर्याप्त महत्व दिया गया था. सभी जगहों में प्रतिनिधत्व करने का मौका कांग्रेस देती है.
जातिगत समीकरण को लेकर भाजपा काम कर रही, इस मामले में डहरिया ने कहा, सोशल इंजीनियरिंग का काम भाजपा कर रही है. भाजपा ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को दरकिनार किया है. आरक्षण खत्म करने की राजनीति भाजपा कर रही है. अगर उसमें नहीं संभले तो भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. दिल्ली में हुई कांग्रेस CWC की बैठक को लेकर डहरिया ने कहा, बैठक में हार पर समीक्षा हुई. अभी बैठकें होंगी और हार पर जरूर समीक्षा करेंगे.
कांग्रेस ने की दो केंद्रीय मंत्री बनाने की मांग, विधायक मोतीलाल साहू बोले- कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांके, ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया …
रायपुर। रविवार को मोदी कैबिनेट का ऐलान हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ से सांसद तोखन साहू को केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया है. राज्य में बीजेपी ने लगातार दो बार 11 में से 10 सीटें जीती हैं. ऐसे में राज्य से सिर्फ एक मंत्री बनाए जाने पर कांग्रेस ने मांग की है कि राज्य से दो केंद्रीय मंत्री बनाए जाएं. जिस पर विधायक मोतीलाल साहू ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री बनाया जाने वाला था, लेकिन कांग्रेस ने एक भी वादा पूरा नहीं किया.
सांसद तोखन साहू को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिलने पर विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि मंत्रिमंडल गठन में छत्तीसगढ़ को मौका मिला है. परिवार का कोई सदस्य आगे बढ़ता है तो खुशी होती है.
विधायकों की समीक्षा बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि अभी शपथ हुआ है, अब आगामी समय पर चर्चा करेंगे कि जो 11 में से 10 सीट जीते एक में हार हुई है. उसको लेकर मंथन प्रयास होगा कि अगली बार उस कमी को दूर कर लेंगे.
ग्रामीण विधान सभा के कई क्षेत्रों में पानी की समस्या को लेकर कहा कि शहर में अमृत मिशन चल रहा है. गांव में नल जल योजना चल रहा है. प्रधानमंत्री जल पहुंचाने नल लगा रहे हैं. 5 सालों में इन योजनाओं को कांग्रेस ने बंटाधार कर दिया. 5 साल में कार्य को प्रगति देते तो यह समस्याएं जो हैं पेयजल को लेकर कहीं ना कहीं कांग्रेस अकर्मण्यता रहा. इस वजह से समस्या गंभीर बना हुआ है. अब चुनाव और आचार संहिता खत्म हो गया है. जनहित के लिए ध्यान दिया जाएगा. बहुत जल्द समस्या सुलझा लिया जाएगा.
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कहा कि पर्यावरण प्रदूषण बड़ा चिंता का विषय है. चाहे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण हम इसे लेकर लगातार चर्चाएं कर रहे है. औद्योगिक कारोबारियों से चर्चा करेंगे पर्यावरण को लेकर हम काम कर रहे हैं.
पूर्व सीएम बघेल बोले- यह गठबंधन वाली सरकार है, अपने ही बोझ तले दब जाएगी
रायपुर। 15 साल तक सत्ता में रहने वाली भाजपा सरकार को हराकर 2018 में भूपेश बघेल सीएम बने थे। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव में हार के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ”मोदी की गारंटी” को लेकर तमाम बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि, यह सरकार न ‘मोदी’ की सरकार है और न ही ‘मोदी की गारंटी’ की सरकार…
यह सरकार गठबंधन की सरकार है
पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि, पहले सिर्फ एक फोटो नरेंद्र मोदी की लगा करती थी। लेकिन अब मजबूरी में अपने गठबंधन के साथियों की फोटो भी लगानी पड़ेगी। यह सब पीएम नरेंद्र मोदी की फितरत में नहीं है और यह सरकार अपनी ही बोझ तले दब जाएगी। क्योंकि गठबंधन वाली सरकार में काफी मसले ऐसे हैं जिन्हें हर कोई स्वीकार नहीं करेगा। जैसे अजित पवार गुट ने (Mos) स्वंतत्र प्रभार लेने से मना कर दिया है। जेडीयू अग्निवीर योजना की बात कर रही हैं। टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू हज जाने वालों को 10,0000 देने की बात कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के वोट परसेंटेज में ज्यादा अंतर नहीं
पूर्व सीएम ने कहा कि, छत्तीसगढ़ की जनता का जनादेश हमें स्वीकार है। हम अच्छे से लड़े हैं। वोट परसेंटेज में भी बेहद ज्यादा अंतर नहीं है। मिलजुल कर काम करना होगा और हार की समीक्षा पार्टी करेगी।
भाजपा का कांग्रेस पर बड़ा हमला, ऊहापोह, आपसी अंतर्कलह और बिखराव की वजह से हारी कांग्रेस
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने लोकसभा चुनाव के नतीजों के परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस में एक बार फिर मचे गुटीय घमासान को लेकर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा है कि बजाय शर्मनाक पराजय के कारणों की समीक्षा करने के कांग्रेस के लोग आपसी जूतमपैजार में लग गए हैं और अपनी चमड़ी बचाने के लिए एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस का संगठनात्मक ढाँचा इस बुरी तरह चरमरा गया है कि वहाँ अब कोई किसी सुनने को तैयार ही नहीं है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री गुप्ता ने कहा कि आत्म-चिंतन के नाम पर कांग्रेस के लोग अब एक-दूसरे पर आरोप लगाने का ही काम कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव में करारी सिकस्त के बाद भी यही नजारा कांग्रेस में नजर आता रहा और हालत यह थी कि पराजय से सबक लेकर संगठनात्मक ढाँचे और अपने सिकुड़ते जनाधार को दुरुस्त करने पर कांग्रेस का कोई ध्यान नहीं रहा और पूरे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ऊहापोह, आपसी अंतर्कलह और बिखराव की शिकार रही और नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस ने अपनी एक सीट लोकसभा चुनाव में गवाँ दी। श्री गुप्ता ने कहा कि पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू के ताजा बयान का हवाला दिया जिसमें धनेंद्र साहू ने कहा है कि पहले तय हुआ था कि बड़े लोग चुनाव लड़ेंगे, पर बाहर जाकर लड़ेंगे, यह तय नहीं हुआ था।
सबने अपनी-अपनी पसंद की सीटे छाँट ली और बड़े लोग ही चले गए। कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई। भूपेश बघेल चुनाव लड़े वहां कार्यकर्ताओं ने मंच से कहा कि वह बाहरी हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि आज नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत कह रहे हैं कि उनका (महंत का) किसी ने साथ नहीं दिया। उनका तो ईश्वर हमेशा साथी रहा है। श्री गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस में जो सत्ता से लेकर संगठन तक भ्रष्टाचार व्याप्त है, वही कांग्रेस की अंतर्कलह का बड़ा कारण है। सत्ता में रहकर कांग्रेसी छत्तीसगढ़ को लूटते रहे और इसके कारण आज अंतर्कलह सामने दिखाई दे रही है। श्री गुप्ता ने कहा कि हम सदा से कहते रहे हैं कि छत्तीसगढ़ को लूटने वाली कोई पार्टी है तो वह कांग्रेस ही है और विधानसभा के बाद अब लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस में मची सिर-फुटौव्वल से यह स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में आरक्षण पर फिर गरमाई सियासत : आरक्षण संशोधन विधेयक के समिति पर कांग्रेस का हमला, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आरक्षण संशोधन विधेयक के मुद्दे पर एक बार फिर से सियासत गरमा गई है. आरक्षण विवाद सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है. इस समिति का अध्यक्ष कृषि मंत्री रामविचार नेताम को बनाया गया है. कमेटी दो साल के भीतर एसटी-एससी, ओबीसी आरक्षण पर सरकार को अपना सुझाव देगी. जिसपर कांग्रेस ने निशाना साधना शुरू कर दिया है. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि दो साल नहीं छह महीने समय करें. इन्हें जैसे-जैसे दिल्ली और नागपुर से आदेश आया होगा वैसा करते हैं. फिर भी आग्रह है कि अभावग्रस्त लोगों के लाभ के लिए निर्णय लें. किसी समिति की जरूरत नहीं थी. वहीं कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सर्व समाज को धोखा देने समिति का गठन किया गया है. इससे फिर साबित होता है कि बीजेपी आरक्षण विरोधी है. कांग्रेस इसकी निंदा करती है. आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर कमेटी और दो साल के समय पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि केवल राज्यपाल से अनुमति लेना है. लेकिन इसके लिए दो साल का समय लेना लिंगर ऑन करना है. समय दो साल नहीं छह महीने करें. इन्हें जैसे-जैसे दिल्ली और नागपुर से आदेश आया होगा वैसा करते हैं. फिर भी आग्रह है कि अभावग्रस्त लोगों के लाभ के लिए निर्णय लें. किसी समिति की जरूरत नहीं थी. नई सरकार नए तरीके से करना चाहती है तो ठीक है. आदिवासी वर्ग का 32, अनुसूचित जाति का 13 और ओबीसी का 27 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिए. आरक्षण समिति पर सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सर्व समाज को धोखा देने समिति का गठन किया गया है. सर्व सम्मति से विधेयक पारित किया गया था फिर समिति के गठन की जरूरत क्यों हुई. जनता को धोखा देने के लिए समिति बनाई गई. कोई बदलाव करना है, तो बिल राजभवन से मंगाए. संशोधन कर बिल पारित कराए और राजभवन से पास कराए. फिर से साबित हुआ, बीजेपी आरक्षण विरोधी है. कांग्रेस इसकी निंदा करती है. निकाय चुनाव पर बीजेपी के दावों पर कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस की भी तैयारी पूरी है. जिला कांग्रेस से लेकर ब्लॉक कांग्रेस तक के पदाधिकारियों की बैठक ली गई है. अभी सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद बड़े पदाधिकारी लौटेंगे, फिर बैठक होगी. सीडब्ल्यूसी की बैठक पर सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ समेत देश भर में लोकसभा चुनाव के नतीजों पर चर्चा होगी. एजेंडा यहां से बताना मुश्किल लेकिन सर्वोच्च ईकाई सीडब्ल्यूसी है. इस पर सभी पहलुओं पर चर्चा होगी.दो साल का समय लेना टालमटोल करना करना है – अमरजीत भगत
जनता को धोखा देने के लिए बनाई गई समिति – सुशील आनंद शुक्ला
निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस तैयार- सुशील आनंद शुक्ला
सीडब्ल्यूसी की बैठक में सभी पहलुओं पर होगी चर्चा- सुशील आनंद
इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने के कांग्रेसी बयान पर सीएम साय का पलटवार, कहा- यही सोच-सोचकर खुश होते रहें…
रायपुर। इंडिया गठबंधन की सरकार बनने वाले कांग्रेस के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पटलवार किया है. उन्होंने कहा कि इसी मुगालते में वो लोग रहें. यही सोच-सोच कर खुश होते रहें. इसके अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता तो है नहीं. हमारी एनडीए की सरकार पूरा चलेगी. 5 साल तक चलेगी, 2 बार चल चुकी है, और तीसरी बार भी 5 साल तक चलेगी.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के बच्चों से दिल्ली में मुलाकात पर कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार को बने करीब 5 महीने का वक्त हो गया है. मुख्यमंत्री के नाते पहली बार हमारा आना हुआ है. यहां पर कोचिंग करने के लिए छत्तीसगढ़ से बच्चे आते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से निशुल्क व्यवस्था जब डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री थे, तब से है. मुख्यमंत्री बनने के बाद आज पहली बार यहां पर हमारा आना हुआ है.
उन्होंने कहा कि हमारे साथ यहां हमारे छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री, विधायक भी आए हैं. यहां पर हमारे बच्चे रहते हैं, उनके साथ हम लोगों की बातचीत हुई हम लोगों से पूछे कि किस गांव से हैं, क्या नाम है. किसकी वह तैयारी कर रहे हैं. सभी ने अपना नाम, गांव और क्या कर रहे हैं, बताया है. यहां पर 50 बच्चों की व्यवस्था थी, जिसको हमारी सरकार ने 200 कर रही है. छत्तीसगढ़ के 200 बच्चे यहां पर कोचिंग के लिए आएंगे, सरकार उनको व्यवस्था देगी. डेढ़ सौ सीट हम बढ़ा रहे हैं.
एनडीए सरकार को लेकर भूपेश बघेल ने दिया बड़ा बयान, नीतीश और नायडू को लेकर कही ये बात…
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल होने दिल्ली रवाना हुए. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की बड़ी हार हुई है. इस मामले में बघेल ने कहा, इस बार लगता था चार-पांच सीट आ जाएगी. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में लोगों का बीजेपी की तरफ रुझान रहा है. अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके का रुझान रहा है. पब्लिक के बीच हम लोग उस तरीके से बातें नहीं रख पाए.
एनडीए की सरकार 5 साल नहीं चलेगी. इस पर भूपेश बघेल ने कहा, आंध्रप्रदेश और बिहार दोनों राज्य स्पेशल स्टेटस मांग रहे हैं. इसी आधार पर नायडू उस समय एनडीए से अलग हुए थे. अग्निवीर और जाति जनगणना अलग होना चाहिए, यह इंडिया गठबंधन की मांग है. ये सारी चीजें मोदी सरकार के विपरीत है. बीजेपी यूसीसी की बात करेंगे तो नीतीश और नायडू दोनों खड़े हो जाएंगे. दोनों जगह मुस्लिम आरक्षण लागू है. भूपेश बघेल ने कहा, मोदी अटल जी नहीं है, जो सबको साथ में लेकर चले. मोदी किसी की नहीं सुनते हैं.
महतारी वंदन योजना की सरकार जांच कराएगी, इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, वोट लेना था इसलिए योजना शुरू की गई थी.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं को दी हिदायत, कहा – सभी तैयार रहें, सालभर के भीतर हो सकते हैं मध्यावधि चुनाव
रायपुर। देश में एक तरफ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन की सरकार के गठन की तैयारी चल रही है दूसरी तरफ मध्यावधि चुनाव की भविष्यवाणी की जाने लगी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश में अगले 6 महीने से एक साल के भीतर मध्यावधि चुनाव होने की संभावना व्यक्त की है। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को इसके लिए तैयार रहने के लिए कहा है।
बता दें कि आज ही एनडीए के घटक दलों की पुराने संसद भवन के सेंट्रल हाल में बैठक हुई, जिसमें सभी दलों ने एक सुर में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री स्वीकार करते हुए अपना-अपना समर्थन पत्र राष्ट्रपति को सौंप दिया। 9 जून को नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री के पद की शपथ लेने की तैयारी शुरू हो गई है। इधर, छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम बघेल कार्यकर्ताओं को मध्यावधि सूचना के लिए तैयार करने की अपील कर रहे हैं। बताते चलें कि लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए गठबंधन को 293 और इंडी गठबंधन को 230 सीटे मिली हैं। इंडी गठबंधन की तरफ से कहा गया है कि एनडीए की सरकार 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं करेगी।
इधर, छत्तीसगढ़ में आज भूपेश बघेल ने भी यही बात कही है। बघेल ने मध्यावधि चुनाव की संभावना के पीछे कारण भी बताया। राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी रहे बघेल चुनाव परिणाम के बाद वहां के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त कर रहे हैं। इसी सिलसिले में आज वे मोहला-मानपुर के दौरे पर थे। बघेल ने कहा कि कार्यकर्ता साथी तैयार रहें। 6 महीने- 1 साल के भीतर मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं। फड़नवीस(महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री) इस्तीफ़ा दे रहे हैं, योगी की कुर्सी डोल रही है। भजनलाल शर्मा भी डगमग-डगमग कर रहे हैं। सरकार बनी नहीं है लेकिन जदयू प्रवक्ता अग्निवीर योजना रद्द करने और जातिगत जनगणना की बात कर रहे हैं। ये सब वो मुद्दे हैं जो राहुल गांधी जी लेकर चले हैं।
मीडिया के साथ चर्चा करते हुए बघेल ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने खूब मेहनत की है. हम सफलता से थोड़ा दूर रह गए हैं। मोहला-मानपुर विधानसभा से 40,000+ मतों से लीड मिली है। आज मोहला-मानपुर पहुँचकर विधायक इंद्र शाह मंडावी के साथ जनता का आभार व्यक्त किया। इसके बाद आज खुज्जी और डोंगरगांव विधानसभा भी जाना है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ट्वीट पर भाजपा ने तंज कसा है. भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक शिवरतन शर्मा ने कहा कि देश में लोकतंत्र है. लोकतांत्रिक राष्ट्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. भूपेश बघेल जागते हुए सपना देखते हैं तो अच्छी बात है सपना देखते हुए जिए. भारतीय जनता पार्टी की सरकार 5 साल का कार्यकाल पूरा करेगी. दमदारी के साथ राष्ट्रहित में जो निर्णय लेना पड़ा, निर्णय लेकर देश का विकास करेगी.
बस्तर से न्यायधानी का रास्ता हुआ आसान, आज से शुरू हुई बिलासपुर की नई उड़ान, सप्ताह में तीन दिन मिलेगी सुविधा
जगदलपुर। बस्तर से न्यायधानी बिलासपुर का रास्ता अब आसान हो गया है। एयर एलायंस की बिलासपुर फ्लाइट की लैंडिंग 3 जून को होनी थी, लेकिन कुछ परिस्थितियों से इसे 7 जून तक स्थगित कर दिया गया था। अब उड़ान की शुरुआत शुक्रवार से हो गई है। पहले ही दिन बिलासपुर के लिए 4 यात्री तो दिल्ली के लिए 30 यात्री उड़ान भर चुके हैं। सप्ताह में तीन दिन लोग इस सेवा का लाभ ले सकेंगे।
बिलासपुर तक के लिए लोगों को 1500 रुपए का टिकट लेना होगा। अब तक एलायंस एयर जगदलपुर से हैदराबाद और रायपुर के अलावा जबलपुर और दिल्ली तक उड़ान संचालित करता रहा है। अब जगदलपुर देश के 5 शहरों से जुड़ चुका है। इसका लाभ लोगों को मिलेगा. एलायंस एयर का विमान दिल्ली, जबलपुर, जगदलपुर, बिलासपुर, दिल्ली सप्ताह में दो दिन सोमवार व शुक्रवार को संचालित होगा। वहीं बुधवार को दिल्ली, बिलासपुर, जगदलपुर, जबलपुर, दिल्ली फ्लाइट संचालित होगी।
शहर से जबलपुर वाया दिल्ली जाने वाली फ्लाइट का किराया अब 5500 रुपए कर दिया गया है. पहले इसके लिए लोगों को 8500 रुपए देने पड़ रहे थे. टिकट के रेट में एक झटके में तीन हजार रुपए कम किए जाने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है. बिलासपुर जाने वाले यात्रियों ने बताया कि हाईकोर्ट जाने के लिए बस के अलावा कोई और सुविधा नहीं थी. एयर कनेक्टिविटी होने से हाईकोर्ट का रास्ता अब आसान हो गया है.
नेता प्रतिपक्ष चणदास महंत ने महतारी वंदन योजना पर समीक्षा को लेकर साय सरकार पर साधा निशाना, कहा- सरकार योजना बंद करना चाहती है…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में वित्तमंत्री ओपी चौधरी के बयान का पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ओपी गांव के व्यक्ति होते हुए भी छत्तीसगढ़ी कहावत का अर्थ नहीं समझे. इसके अलावा उन्होंने महतारी वंदन योजना और चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बड़े बदलाव को लेकर भी बयान दिये हैं.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ओपी चौधरी गांव के व्यक्ति हैं पर छत्तीसगढ़ी कहावत का अर्थ नहीं समझे. मेरा बयान किसी को हराने के लिए नहीं था, मैंने उस पर माफी भी मांगी थी. मैं अब भी कहता हूं, मोदी जी के खिलाफ भूपेश बघेल मजबूती से लड़ सकते हैं. मेरे बयान को गलत ढंग से नहीं लिया जाना चाहिए.
महतारी वंदन योजना पर समीक्षा को लेकर साय सरकार पर कसा तंज
वहीं महतारी वंदन योजना पर समीक्षा को लेकर उन्होंने साय सरकार पर निशाना साधा है. डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि चुनाव निपटे चार दिन नहीं हुए हैं और समीक्षा की बात होने लगी. महतारी वंदन योजना को सरकार बंद करना चाहती है. इससे जो महिलाएं पैसे मिलने पर खुशी मना रही थीं, उन्हें दुख होगा. जो राशि महिलाओं के खाते में डाली गई वे किस मद की है, ये भी देखें.
पीसीसी चीफ बदले जाने को लेकर नेता प्रतिपक्ष का बयान
वहीं उन्होंने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा को लेकर भी बयान दिया है. उन्होंने कहा कि दीपक बैज लोकसभा सीट छोड़कर कांग्रेस की सेवा में लगे थे. नौजवान होने के कारण हर क्षेत्र में उन्होंने दौरा किया. दीपक बैज ने आदिवासी क्षेत्रों में जाकर पार्टी के पक्ष में प्रचार किया. लोकसभा टिकट तो ले लिए और क्यों सजा देना चाहते हैं?
बता दें, दीपक बैज प्रदेश कांग्रस कमेटी के अध्यक्ष होने के साथ ही पूर्व में बस्तर लोकसभा सीट से सांसद भी थे. लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में बस्तर से उनकी जगह कवासी लखमा को टिकट दी गई थी. हालांकि कवासी लखमा को चुनाव में भाजपा के महेश कश्यप ने मात दी. इसके चलते पीसीसी चीफ बदले जाने के सवाल पर दीपक बैज को लेकर डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि और क्यों सजा देना चाहते हैं.
‘वो आपको कैबिनेट पद का लालच देंगे, लेकिन…’, पीएम मोदी का INDI अलायंस पर निशाना
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद अब एनडीए की सरकार जल्द ही बनने जा रही है। शुक्रवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद के लिए चुन लिया गया है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर सभी सहयोगी दलों और सांसदों का आभार जताया और विपक्षी दलों पर भी खूब निशाना साधा। पीएम मोदी ने सांसदों को किसी भी साजिश से बचने की सलाह दे दी है।
अफ़वाहों और ब्रेकिंग न्यूज से देश नहीं चलेगा- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा- “लोग आपके पास आएंगे और कहेंगे कि वे आपको कैबिनेट में जगह दिला सकते हैं। अब तकनीक ऐसी है कि मेरे हस्ताक्षर वाली सूची भी सामने आ सकती है। मैं आपसे आग्रह है कि ये सभी प्रयास बेकार हैं। मैं सभी सांसदों से आग्रह करता हूं कि वे इन साजिशों का शिकार न बनें। INDI एलायंस ने इन चुनावों में फर्जी खबरों में विशेषज्ञता हासिल कर ली है, उनके पास दोहरी पीएचडी है। वे इसका उपयोग कर सकते हैं। अफ़वाहों से और ब्रेकिंग न्यूज़ के आधार पर देश नहीं चलेगा।”