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ITR में हो गई गलती? जानिए कैसे और कब दाखिल करें Revised Return

व्यापार जगत।  अगर आपने 31 जुलाई की तय समय सीमा के भीतर अपना Income Tax Return (ITR) दाखिल कर दिया है और बाद में पता चला कि रिटर्न में कोई गलती रह गई है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग आपको Revised Return यानी संशोधित रिटर्न दाखिल करने की सुविधा देता है।

इसकी मदद से आप रिटर्न में छूटी हुई जानकारी जोड़ सकते हैं या दर्ज की गई गलत जानकारी को सही कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा आयकर अधिनियम के तय नियमों के तहत ही मिलती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्या होता है Revised Return?

Revised Return का मतलब पहले से दाखिल किए गए ITR में गलती सुधारना है। कई बार रिटर्न भरते समय किसी आय (Income) का स्रोत छूट जाता है, गलत बैंक खाता दर्ज हो जाता है, टैक्स छूट (Tax Deduction) का गलत दावा कर दिया जाता है या कोई अन्य जानकारी गलत भर दी जाती है।

ऐसी स्थिति में संशोधित रिटर्न दाखिल करके इन गलतियों को सुधारा जा सकता है। इससे भविष्य में आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिलने की संभावना भी कम हो जाती है।

कौन दाखिल कर सकता है Revised Return?

टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आपने अपना ITR तय समय सीमा के भीतर दाखिल किया था, तभी आप आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत Revised Return दाखिल कर सकते हैं।

यदि समय पर रिटर्न दाखिल करने के बाद किसी प्रकार की गलती सामने आती है, तो उसे आयकर विभाग के e-Filing Portal पर जाकर संशोधित किया जा सकता है।

Revised Return दाखिल करने से पहले क्या जांचें?

Form 16 में दर्ज आय (Income)
AIS (Annual Information Statement)
TIS (Taxpayer Information Summary)
Form 26AS में दिख रहा टैक्स क्रेडिट
बैंक खाते की जानकारी और अन्य व्यक्तिगत विवरण

बार-बार बदलाव करना पड़ सकता है भारी

विशेषज्ञों का कहना है कि Revised Return का उद्देश्य केवल सही जानकारी देना है। इसलिए बिना किसी ठोस वजह के बार-बार रिटर्न में बदलाव करने से बचना चाहिए।

अगर हर बार अलग-अलग जानकारी दी जाती है या बड़े बदलाव किए जाते हैं, तो आयकर विभाग आपकी फाइल की अतिरिक्त जांच (Scrutiny) कर सकता है। इसलिए संशोधित रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी जानकारियों का अच्छी तरह मिलान कर लेना बेहतर होता है।

Revised Return क्यों है जरूरी?

अगर समय रहते अपनी गलती सुधार दी जाए, तो भविष्य में टैक्स नोटिस, टैक्स क्रेडिट में गड़बड़ी या रिफंड में देरी जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है। इसलिए ITR दाखिल करने के बाद एक बार पूरे रिटर्न की जांच जरूर करें और अगर कोई गलती मिले, तो तय नियमों के तहत Revised Return दाखिल करके उसे सही कर दें।