राजनीति
बलौदाबाजार पर राजनीति गरम
रायपुर। बलौदाबाजार को लेकर कांग्रेस और बीजेपी राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप तेज है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बलौदाबाजार मामले में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाये, तो वहीं भाजपा ने भी पलटवार कर कांग्रेस को संदेह के दायरे में खड़ा कर दिया। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा था कि कि गिरौदपुरी के महकोनी गांव में 15-16 मई को जैतखाम को क्षति पहुंचाया गया था उसके बाद लगातार धरना प्रदर्शन और 10 तारीख को बलौदाबाजार में विरोध प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों ने वाहनों को जलाया, कलेक्टर और एसपी कार्यालय को जलाया, आबकारी विभाग को जलाया और उसके बाद जो पुलिस का आतंक उसी समय से शुरुआत हुई है। जो भी सफेद कपड़े पहने थे उसे दौड़ा-दौड़ाकर मारना पीटना, चमड़ी निकल जाने हद तक के पिटाई की गयी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि किशोर नवरंगे बलौदाबाजार में आयोजनकर्ता में से एक है उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है, वो पुलिस रिमांड पर है। उसके पिताजी, उसके भाई और उसके जीजाजी साथ सतनामी समाज के लोग मिलने आये और उन्होंने मुझे आवेदन दिया है। इस आवेदन में गंभीर बातें कही गयी है। उसके साथ मारपीट की जा रही, उसे मानसिक प्रताड़ता दी जा रही है, भोजन नहीं दिया जा रहा है और गाली-गलौज कर रहे है। गंभीर बात यह है कि वो कह रहे है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं का नाम ले तो उन्हें छोड़ देंगे।
भूपेश बघेल के आरोप पर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक बलौदा बाजार घटना की जांच समिति की सदस्य रंजना साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बलौदाबाजार हिंसा को लेकर पत्रकार वार्ता में किए गए अनर्गल प्रलाप पर पलटवार करते हुए कहा है कि बलौदाबाजार में जितनी हिंसा हुई, उससे भूपेश बघेल का पेट नहीं भरा है। वे अभी भी आग लगाने का काम कर रहे हैं। श्रीमती साहू ने कहा कि जिस प्रकार से आरोपियों के रिश्तेदार भूपेश बघेल के पास पहुँच रहे हैं, उससे यह बात और पुख्ता हो रही है कि इस घटनाक्रम की पूरी रिपोर्टिंग भूपेश बघेल को भी हो रही थी।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती साहू ने कहा कि बलौदाबाजार की दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा व आगजनी के पीछे नेतृत्व वही कर रहे थे और अब चूँकि जाँच चल रही है, दूध का दूध व पानी का पानी होने जा रहा है, उससे भूपेश बघेल घबरा रहे हैं और घबराहट में यह अनर्गल प्रलाप रहे हैं। श्रीमती साहू ने कहा कि बलौदाबाजार अग्निकांड मामले को लेकर कांग्रेस वातावरण को बिगाड़कर अपनी गंदी राजनीतिक सोच से प्रदेश के समरस सामाजिक सौहार्द्र को क्षति पहुँचा रही है। दरअसल बलौदाबाजार मामले के षड्यंत्र में अपनी भूमिका के जगजाहिर हो जाने के भय से कांग्रेस के लोग बेचैन हो रहे हैं और जातीय विद्वेष की आग लगाकर अब प्रदेश की जनता का ध्यान भटका रहे हैं। श्रीमती साहू ने कहा कि बलौदाबाजार में हुई आगजनी की भीषण वारदात एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र है और इसमें कांग्रेस की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रदेश सरकार की प्रारंभिक जाँच भी इसी दिशा में स्पष्ट संकेत कर रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती साहू ने कांग्रेस की भूमिका पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने इस आंदोलन को हिंसक दिशा देने की सुनियोजित तैयारी की थी और तथाकथित आंदोलनकारियों के आने-जाने के लिए वाहन, 15 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की थी। आंदोलन में शामिल कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव, रुद्र गुरु की तस्वीरें इस बात की तस्दीक कर रही हैं कि सामाजिक समरसता को बिगाड़कर विषाक्त वातावरण बनाने में कांग्रेस ने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी। श्रीमती साहू ने कहा कि अब इस मामले की न्यायिक जाँच में सारे तथ्य और सत्य सामने आएंगे, इसलिए कांग्रेस के नेता अपने बेनकाब हो जाने के डर के मारे बिलबिला रहे हैं और अपनी चमड़ी बचाने के लिए झूठ बोलकर प्रदेश को गुमराह करने में लगे हैं। लेकिन प्रदेश में अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ऐसे षड्यंत्रकारियों को कतई नहीं बख्शने वाली है। श्रीमती साहू ने कहा कि इस साजिश में संलिप्तता का खुलासा होने पर राजनीतिक नौटंकियाँ करके दबाव बनाने व प्रदेश को गुमराह करने की कांग्रेसियों की ओछी राजनीति अब सफल नहीं होगी।
बलौदाबाजार की घटना पर भूपेश बघेल के आरोपों पर राजेश मूणत का पलटवार, कहा-
रायपुर। बलौदाबाजार की घटना को लेकर सियासी वार-पलटवार जारी है. भूपेश बघेल के आरोपों पर विधायक राजेश मूणत ने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हैं, बोलने से पहले तथ्य जान लें. क्या प्रदेश को अशांत करना कांग्रेस की मानसिकता है. यही पूर्व मुख्यमंत्री बोलते थे कि झीरम के दस्तावेज मेरे जेब में हैं. पांच साल सरकार में रहने के बाद झीरम के दस्तावेज नहीं निकल पाए.
विधायक राजेश मूणत ने पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वोट की राजनीति, जाति-दलों में बांटकर राजनीति करना, क्या कांग्रेस की सोच है. हमेशा कांग्रेस पार्टी न्यूसेंस वाले पक्ष में क्यों खड़ी होती है. अगर ED वाले भ्रष्टाचारियों को पकड़ते हैं, तो कांग्रेस उनके पक्ष में खड़े हो जाती है. कांग्रेसी क्या योजनाबद्ध तरीके से अशांति फैलाना चाहती है. यह पूर्व मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए.
वहीं बिजली बिल मामले में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर राजेश मूणत ने कहा कि पांच साल में जनता ने निपटा दिया, अब आराम करो. साय मंत्रिमंडल में मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर राजेश मूणत ने कहा कि मंत्री पार्टी का कार्यकर्ता ही बनेगा. चिंतामुक्त रहो. वहीं मंत्रियों की नियुक्ति के बाद भाजपा में घमासान मचने वाले कांग्रेस के बयान पर मूणत ने कहा कि कांग्रेस पहला अपना घर देखे, जिस घर के अंदर छप्पन टुकड़े हुए हैं. अपने गिरेबान में झांको, फिर दूसरे के घर में.
शारदा चौक चौड़ीकरण मामले में राजेश मूणत ने कहा कि फोटो छपाते-छपाते सरकार चली गई, महापौर भी जाते-जाते फोटो छपाते चले जाएंगे. 4 करोड़ देकर 139 करोड़ का सर्वे किया. मैने पहले आरोप लगाया था कांग्रेस के कार्यकाल में एक काम रायपुर में नहीं है. कांग्रेस ने केवल भूमिपूजन किया है, कोई काम धरातल नहीं, कोई पर प्लानिंग नहीं. तात्यापारा चाैड़ीकरण के नाम पर 4 करोड़ का प्रावधान किया, लेकिन कहां कितना मुआवजा किस मद से मिलेगा तय नहीं किया.
साय मंत्रिमंडल के रिक्त पदों को लेकर कांग्रेस का तंज, कहा- एक दर्जन से ज्यादा दावेदार, मचेगा बवंडर…
रायपुर। साय मंत्रिमंडल के दो खाली पदों को भरे जाने का इंतजार प्रदेश की जनता के साथ विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी कर रही है. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जैसे ही इन पदों पर नियुक्ति होगी, भाजपा में बवंडर मचना तय है. एक दर्जन से अधिक नेता दावेदार हैं, और सीट दो ही है. जैसे ही शपथ ग्रहण होगा, भाजपा में अस्थिरता आनी चालू हो जाएगी.
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में विधानसभा के मानसून सत्र में कानून में संभावित बदलाव को लेकर कहा कि यह सरकार पूरी तरीके से निष्क्रिय है. कानून में संशोधन करना, चलती योजनाओं को बदलना, यही सरकार का लक्ष्य है. 6 महीने में सरकार का कोई भी विजन नहीं दिखा है. गोठान योजना को बंद कर गौ अभयारण्य की बात कर रहे हैं. युवाओं को बेरोजगार भत्ता, महिलाओं को काम मिल रहा था, वह बंद कर दिया. पुराने कानून बदलने की बात कर रहे हैं, पहले जो कानून बने हैं, उसे अच्छे से लागू कर लें.
सुशील आनंद शुक्ला ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी बदलने की चल रही चर्चा को महज अफवाह बताते हुए कहा कि यह फैसला आलाकमान को करना है. इसके साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार पीसीसी चीफ बैज पर लगातार आक्रमण कर रही है. जब भाजपा विपक्ष में थी, तो उन्होंने ने भी अध्यक्ष और प्रभारी बदले थे. वे हम पर टिप्पणी न करें.
कांग्रेस संचार प्रमुख ने विद्युत के बढ़े हुए दाम और बिजली कटौती को लेकर किए जाने वाले कांग्रेस के प्रदर्शन पर कहा कि छत्तीसगढ़ के हर कस्बे से बिजली कटौती की जा रही है. दाम में भी बढ़ोतरी की गई है. कई इलाकों में 3-4 दिनों तक बिजली नहीं आती. कांग्रेस सभी जिलों में प्रदर्शन करेगी, जिसकी तिथि जल्द घोषित होगी.
वहीं शारदा चौक सड़क चौड़ीकरण की मांग पर सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बीजेपी ने अपने 15 साल के कार्यकाल में सड़क चौड़ीकरण के काम को लंबित रखा. कांग्रेस के कार्यकाल में तकनीकी दिक्कतों को दूर किया गया. मुआवजे को लेकर आंकलन किया गया, लेकिन आचार संहिता की वजह से काम अधूरा रह गया. हम उम्मीद करते हैं भाजपा के कार्यकाल में ये काम पूरा होगा.
नीट को लेकर केंद्र सरकार को घेरा
NEET में हुई गड़बड़ी के NEET पीजी परीक्षा के रद्द करने पर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार की कारवाइयों से लग रहा है कि बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है. नीट पर जनमत से केद्र सरकार घबराई हुई है, नीट पीजी की परीक्षा को रद्द किया है, लेकिन नीट यूजी की परीक्षा को रद्द नहीं किया गया. परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठेगा, तो छात्रों का भविष्य अंधकार होगा.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पूछा- ‘सरकार कौन चला रहा है’ , मंत्री ओपी चौधरी ने किया पलटवार, कहा- आपकी सरकार चलाने वाले या तो जेल में हैं या बेल पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद से ही बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजियों का सिलसिला जारी है. इस बीच पूर्व सीएम भूपेश बघेल के मीडिया से चर्चा के दौरान ‘सरकार कौन चला रहा है’ वाले बयान पर मंत्री ओपी चौधरी ने पलटवार किया है.
मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बायान का वीडियो जारी करते हुए लिखा – ”भूपेश बघेल जी जनता के विश्वास और समर्थन से आपके 5 साल के मफियाराज के बाद छत्तीसगढ़ में सुशासन आया है, तो आपको तकलीफ हो रही है. आपको पता तो होगा ही कि आपकी सरकार चलाने वाले या तो जेल में हैं या बेल पर हैं. सुनने में तो ये भी आया है कि काफी दिनों तक आपकी सरकार जेल से भी चली?”
बता दें कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा था कि ”मेरा निवास भिलाई में है, मैं पांच साल वहां नहीं गया. भिलाई से सरकार नहीं चलती थी, सरकार राजधानी रायपुर से चलती थी. उन्होंने सवाल करते हुए पुछा की विष्णुदेव सरकार कौन चला रहा है, क्या ओपी चौधरी चला रहे है, डिप्टी सीएम विजय शर्मा चला रहे है या अरुण साव चला रहे है, आखिर सरकार कौन चला रहा है”. मंत्री ओपी चौधरी ने उनके इसी बयान पर पलटवार किया है.
नगरीय निकायों में ‘‘स्वच्छ मन स्वच्छ शहर‘‘ की थीम पर होगा योग दिवस का आयोजन उप मुख्यमंत्री अरुण साव होंगे मुख्य अतिथि
रायपुर। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ‘‘स्वच्छ मन स्वच्छ शहर‘‘ की थीम पर मनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में कोरबा में इसका मुख्य आयोजन होगा। प्रदेश भर के नगरीय निकायों में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत कार्यरत स्वच्छता दीदियां, स्वच्छता कमांडो, स्वास्थ्य कर्मचारी तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने नगरीय निकायों में वेब लिंक के जरिए कोरबा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम से जुड़ेगे और योगाभ्यास करेंगे।
स्वच्छता दीदियों, स्वच्छता कमांडो, स्वास्थ्य कर्मचारियों तथा अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य मे सुधार, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, तनाव प्रबंधन, एकाग्रता व कार्यक्षमता में वृद्धि तथा कार्यस्थल पर सकारात्मकता के लिए सभी नगरीय निकायों में हार्टफुलनेस के माध्यम से ‘‘स्वच्छ मन स्वच्छ शहर‘‘ की थीम पर विशेष योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। सभी नगरीय निकायों में इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 21 जून को सवेरे पौने सात बजे कोरबा के छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल फुटबाल मैदान में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को संबोधित भी करेंगे। सभी नगरीय निकाय वेब लिंक के जरिए कोरबा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम से जुड़ेंगे और योगाभ्यास करेंगे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के साथ ही राज्य के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भी इसका आयोजन किया गया है।
कांग्रेस उम्मीदवार की शिकायत पर ECI का फैसला; कांकेर लोकसभा सीट की ईवीएम होगी चेक
रायपुर। चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ की कांकेर लोकसभा सीट पर चुनाव में EVM में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। अब यहां पर EVM की जांच कराई जाएगी। कांकेर से भाजपा के भोजराज नाग ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के बीरेश ठाकुर को 1884 वोटों से हराया है।
इसके बाद कांग्रेस उम्मीदवार ने चुनाव के दौरान गड़बड़ी की आशंका जताई थी। इसे लेकर चुनाव आयोग में शिकायत भी की गई थी। इससे पहले भी मतगणना के दिन रिकाउंटिंग के चलते इस सीट का परिणाम सबसे देर से आया था। हालांकि परिणाम से संतुष्ट नहीं होने पर कांग्रेस उम्मीदवार ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर EVM की जांच कराने की मांग की थी।
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि लोकसभा चुनाव 2024 में EVM में गड़बड़ी की शिकायत के 8 आवेदन आए थे। इनमें छत्तीसगढ़ के कांकेर लोकसभा सीट के भी नाम शामिल थे। इनमें EVM की मेमोरी और माइक्रो कंट्रोलर की जांच की मांग की गई थी।
इसके बाद चुनाव आयोग ने कांकेर की 3 विधानसभा क्षेत्रों संजारी बालोद, गुंडरदेही और सिहावा के 4 बूथों पर जांच के आदेश दिए हैं। इनमें संजारी बालोद के 2 और बाकी के 1-1 बूथ शामिल हैं।
यह पहली बार है कि ECI ने EVM चेक कराने को लेकर गाइडलाइन जारी की है। 4 जून को काउंटिंग से पहले 1 जून को आयोग की ओर से यह गाइडलाइन आई थी। इसमें यह प्रावधान किया गया है कि रिजल्ट आने के बाद जो भी सेकेंड पोजिशन वाला उम्मीदवार है, वह EVM चेक कराने के लिए आवेदन कर सकता है।
इसके लिए आयोग की ओर से एक EVM चेक कराने के लिए 50 हजार रुपए की फीस रखी गई है। हालांकि इसके लिए उम्मीदवार को रिजल्ट आने के 7 दिन के भीतर ही आवेदन किया जाना जरूरी है।
कांग्रेस उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने EVM बदलने के लगाए थे आरोप
कांकेर सीट से बेहद करीबी मुकाबले में हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशी बीरेश ठाकुर ने 4 केंद्रों के EVM बदले जाने के आरोप लगाए थे। इसे लेकर उन्होंने कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी। इसमें संजारी बालोद, गुंडरदेही और सिहावा विधानसभा में EVM की जांच की मांग की थी।
बीरेश ठाकुर ने कहा था कि, मतदान के बाद जो EVM के नंबर एजेंट को दिए गए थे, मतगणना के दिन वो बदल कैसे गए, इसका जवाब निर्वाचन आयोग को देना होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जिस EVM पर गड़बड़ी को आशंका हो उसकी जांच करवाई जा सकती है। इसलिए उन्होंने 4 EVM जहां नंबर अलग-अलग रहे हैं, उनकी जांच के लिए आवेदन किया है।
बीरेश ठाकुर ने तत्कालीन कांकेर कलेक्टर अभिजीत सिंह पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि 16वे राउंड के बाद 2 घंटे तक मतगणना का कोई अपडेट ही नहीं दिया गया। बीरेश ने कांकेर कलेक्टर के मोबाइल डिटेल जांच करने की भी मांग की थी। उन्होंने कहा था कि, कलेक्टर को ऊपर से फोन आने लगे थे। अगर उनके काल डिटेल की जांच की जाए तो सब साबित हो जाएगा।
छत्तीसगढ़ में लचर कानून व्यवस्था का आरोप लगाते हुए युवा कांग्रेस, NSUI और महिला कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लचर कानून व्यवस्था का आरोप लगाते हुए रायपुर में गृहमंत्री निवास का घेराव किया। गुरुवार को युवा कांग्रेस, NSUI और महिला कांग्रेस ने संयुक्त प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से कार्यकर्ताओं को झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई।
सैकड़ों की संख्या में नेता और कार्यकर्ता घेराव के लिए निकले थे। इस दौरान रायपुर पुलिस ने महिला थाना के पास बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की। कार्यकर्ता जब बैरिकेडिंग की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस कई कार्यकर्ताओं को घसीटते हुए ले जाने लगी।
पुराने कांग्रेस भवन में इकट्ठा हुए सैकड़ों कार्यकर्ता
दोपहर 12 बजे से ही पुराने कांग्रेस भवन गांधी मैदान में कार्यकर्ता एकजुट हुए थे। लगभग डेढ़ बजे के करीब कांग्रेस के अलग अलग विंग के नेता गृहमंत्री निवास का घेराव करने के लिए नगर निगम से सिविल लाइन की ओर आगे बढ़ने लगे। पुलिस बल ने महिला थाना के पास ही बैरिकेडिंग कर इन नेताओं को रोका।
पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़कर आगे जाने का प्रयास करने वाले नेताओं को पुलिस ने घसीटते हुए रोका। इस दौरान जमकर झूमाझटकी हुई। कांग्रेस नेताओं की मांग है कि, बलौदा बाजार में हुई हिंसा समेत पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है इसलिए गृहमंत्री विजय शर्मा को इस्तीफा देना चाहिए।
अवैध रेत खनन मामले में गरमाई सियासत, कांग्रेस-भाजपा विधायक आए आमने-सामने…
गरियाबंद। जिले में रेत के अवैध खनन को लेकर प्रदेश की सियासत गर्म हो गई है. कांग्रेस और भाजपा के विधायक आमने-सामने आ गए हैं. कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव ने आरोप लगाया है कि जिले में अवैध खनन चरम पर है, और खनन करने वाले करोड़ों की मशीनरी नकदी में खरीद रहे हैं. भाजपा विधायक रोहित साहू ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ही खनन में शामिल लोग संलिप्त थे और वर्तमान में कार्यवाही जारी है.
प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है : कांग्रेस विधायक
कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव ने गरियाबंद विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि देवभोग और राजिम के विभिन्न खदानों में रेत का अवैध खनन हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है और कार्यवाही के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है. ध्रुव ने कहा कि जो लोग सत्ता में शामिल नहीं हैं, केवल उन्हीं पर कार्यवाही हो रही है जबकि अन्य बेखौफ खनन जारी रखे हुए हैं.
करोड़ों की रॉयल्टी का हुआ नुकसान : जनक ध्रुव
विधायक ध्रुव ने यह भी दावा किया कि पिछले छह महीनों में सरकार को करोड़ों की रॉयल्टी का नुकसान हुआ है, जबकि खनन में संलिप्त लोगों ने नगद में करोड़ों की मशीनरी खरीद ली है. उन्होंने अभनपुर में 95 लाख की एक डील का उदाहरण दिया, जहां 4 हाईवा और एक पोकलेन नगदी में खरीदे गए थे. उनका कहना है कि नगदी मशीनरी खरीदना दिखाता है कि अवैध खनन से कितनी कमाई की जा रही है.
भाजपा विधायक की प्रतिक्रिया
वहीं, भाजपा विधायक रोहित साहू ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि खनन में शामिल लोग कांग्रेस सरकार के समय संरक्षित थे और वर्तमान में कार्यवाही कर खनन पर रोक लगाई गई है. उन्होंने मशीनरी खरीदी के आरोप को बेबुनियाद बताया.
गरियाबंद जिले में रेत के अवैध खनन का यह मुद्दा अब सियासी रंग ले चुका है, जिसमें दोनों पार्टियों के विधायक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. जनता की निगाहें अब इस पर हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और अवैध खनन को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है.
बलौदा बाजार हिंसा: BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा-
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कांग्रेस द्वारा बलौदाबाजार आगजनी मामले की सीबीआई जांच की मांग पर करारा कटाक्ष कर सवाल किया है. उन्होंने कहा कि अपने शासनकाल में तमाम संघीय ढांचे को तहस-नहस करने पर आमादा भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ में सीबीआई को प्रतिबंधित किया था तो अब किस मुंह से कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग कर रही है?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि जिस कांग्रेस सरकार के शासनकाल में रक्षाबंधन के दिन बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार की दरिंदगी का काला अध्याय लिखा गया हो, शिक्षक दिवस के दिन एक आदिवासी शिक्षिका को सामूहिक चुष्कर्म की यंत्रणा से गुजरना पड़ा हो, ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ की जुमलेबाजी करने वाली प्रियंका वाड्रा की प्रदेश की राजधानी में मौजूदगी के बावजूद राजधानी के जयस्तभ चौक के पास पुलिस दफ्तर की नाक के नीचे एक युवती की अस्मिता को दरिंदों ने सामूहिक बलात्कार करके लहूलुहान किया हो, राजधानी में गंडासा के जोर पर एक युवती को आतंकित कर घुमाया गया हो, और जिससे भूपेश सरकार का महिला और आदिवासी विरोधी चरित्र लगातार बेनकाब होता रहा हो, उस कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार को तो शर्म से गड़ जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेसियों के मगर शर्म फिर भी नहीं आ रही है और अब जातीय विद्वेष फैलाने के षड्यंत्र में अपनी भूमिका पर उठती जांच की आंच से बेचैन कांग्रेसी कानून-व्यवस्था के नाम पर मगरमच्छ के आंसू बहाकर प्रदेश को भरमाने में लगे हैं.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव कहा कि इन मामलों की गूंज विधानसभा तक में रही लेकिन इसके बाद भी भूपेश सरकार गूंगी-बहरी-अंधी बनी बैठी रही. कांग्रेसियों को यह कदापि नहीं भूलना चाहिए कि भूपेश सरकार के राज में लगातार अपराधों का ग्राफ बढ़ता ही गया था. लूट, चोरी, डकैती, नकबजनी, खुलेआम हत्या, छेड़खानी, बलात्कार जैसे संगीन अपराधों की वजह से लोग तब हर कदम पर स्वयं को असुक्षित महूसस कर रहे थे. तब पुलिस अपराधियों के सामने घुटने टेकती नजर आ रही थी, वहीं सार्वजनिक मंचों और विधानसभा में बड़ी-बड़ी बातें करने वाले मुख्यमंत्री हमर बेटी हमर अभियान के जुमले उछालते फिर रहे थे. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पुलिस पर बलात्कार के मामलें में कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाकर आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण भी दिया जाता रहा, कानून-व्यवस्था के मसले को लेकर फिजूल की सियासी नौटंकियों और अनर्गल प्रलाप के बजाय कांग्रेस बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए रचनात्मक भूमिका का निर्वहन करे.
बलौदाबाजार हिंसा: पूर्व मंत्री लखमा ने BJP पर साधा निशाना, कहा-
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार हिंसा को लेकर अब सियासत गरमा गई है. बीते दिनों कांग्रेस का जांच दल घटना स्थल पर गया था, जिसके बाद से पार्टी इस घटना को लेकर लगातार सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रही है. राज्य के लगभग सभी जिलों में कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर रही है साथ ही उसने सभी जिलों में प्रभारियों की नित्युक्ति की है. इस बीच आज बीजापुर में कांग्रेस ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान धरना कार्यक्रम में प्रभारी के तौर पर मौजूद पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा ने बलौदाबाजार हिंसा के बाद साय सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए सीएम और डिप्टी सीएम से इस्तीफा मांगा.
पूर्व केबिनेट मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा ने बलौदाबाजार हिंसा मामले पर बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार बने हुए सिर्फ 6 माह हुए हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में अपराध और कानून व्यवस्था इतना बदहाल हो चुकी है कि दिन-दहाड़े कलेक्टर ऑफिस और एसपी ऑफिस में अज्ञात बदमाशों ने आगजनी कर दी. छत्तीसगढ़ की जनता कैसे सुरक्षित हो सकती है इसका जवाब छत्तीसगढ़ में बीजेपी के गृहमंत्री विजय शर्मा को देना चाहिए. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस मामले पर मौन क्यों है? जनता पूछ रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.
लखमा ने आगे कहा कि इस लड़ाई को हम सड़क से लेके सदन तक लडे़ंगे. कांग्रेस जनता की लड़ाई लड़ती है, बीजेपी झूठ बोलने वाली पार्टी है. बीजेपी झूठ बोल कर सरकार में आई है. यह ज्यादा दिन चलने वाली पार्टी नहीं है.
बलौदाबाजार घटना पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा – सही दोषियों पर हो कार्रवाई, कांग्रेस पर झूठे आरोप लगा रही भाजपा सरकार
रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले को लेकर प्रदेशभर में आज कांग्रेस प्रदर्शन कर रही. रायपुर में आयोजित प्रदर्शन में पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत कई नेता शामिल हुए. इस दौरान भूपेश बघेल ने साय सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, कांग्रेस नेताओं पर भाजपा सरकार झूठे आरोप लगा रही है. कांग्रेस के किसी नेता ने कोई भाषण नहीं दिया था. आज साय सरकार में पुलिस की स्थिति यह हो गई है कि कुत्ता पकड़ने जाओ और बंदर पकड़ के ले आओ.
भूपेश बघेल ने कहा, भाजपा की सरकार निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर रही. बलौदाबाजार घटना में कलेक्टर और एसपी शामिल रहे. कांग्रेस की मांग है कि जो सही में दोषी है उनके खिलाफ कार्रवाई हो. सरकार ने दंगा फैलाने की कोशिश की है. घटना के लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार है. मुख्यमंत्री साय में नैतिकता है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
बघेल ने आरोप लगाया कि बलौदाबाजार की घटना के पीछे असामाजिक तत्व और सरकार की मिलीभगत है. हमारे साथियों ने बताया कि घटना के कुछ दिनों पहले सरकार और उनकी पार्टी से जुड़े लोगों की बैठक हुई थी. कांग्रेस का आरोप है कि घटना सरकार प्रायोजित है. पुलिस खुद आग लगाने में शामिल थी. उन्होंने विजय गुरु के परिवार से मुलाकात पर सवाल उठाते हुए कहा कि बात क्या हुई गृहमंत्री को बताना चाहिए. सरकार के अंदर सारे सिस्टम फेल हो चुके हैं. मंत्रियों के बीच मतभेद दिखाई पड़ रहे हैं. सरकार समाज को बांटने लगी है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृजमोहन अग्रवाल के विधायकी छोड़ने पर कहा, बृजमोहन अग्रवाल को लोकसभा से इस्तीफा दे देना चाहिए. हम चाहते हैं वो यहीं रहे. भाजपा में सबसे सीनियर विधायक और मंत्री बृजमोहन ही साय सरकार में थे. अब उन्हें भी साइड लाइन कर दिया गया. एक-एक कर भाजपा में सभी वरिष्ठ नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में डाला जा रहा. बृजमोहन के साथ भी ऐसा ही किया गया है.
मुख्यमंत्री श्री साय अपने चचेरे भाई नरेश चन्द्र साय के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल हुए, पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने गृह जिले जशपुर के ग्राम बन्दरचुंआ पहुंचे। यहां वे अपने चचेरे भाई एवं जशपुर नगर पालिका के अध्यक्ष स्व. नरेश चंद्र साय के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल हुए। सपत्नीक उनके घर पहुंचकर मुख्यमंत्री साय ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने सभी परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. नरेश चंद्र साय जी मेरे चचेरे भाई और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. नरहरी साय जी के पुत्र थे। आज वे हमारे बीच नहीं हैं यह हमारे लिए दुःखद क्षण है। इस दुःख की घड़ी में मैं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। स्व. नरेश चंद्र जशपुर नगर पालिका के अध्यक्ष थे। जनप्रिय नेता स्व. श्री नरेश क्षेत्र के विकास के लिये सदैव समर्पित रहते थे। उल्लेखनीय है कि विगत 06 जून को नरेश चंद्र साय का निधन हो गया था।
डहरिया ने बृजमोहन को कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का दिया ऑफर, कहा…
रायपुर। लोकसभा क्षेत्र से जीत हासिल करने के बाद भी विधायकी छोड़ने पर बृजमोहन अग्रवाल के ऊहापोह का कांग्रेस भी मजा लेने लगी है। पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की असमंजसता को देखते हुए बड़ा ऑफर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में आ जाएं, जो चाहेंगे वो मिलेगा।
कांग्रेस नेता डॉ. शिव डहरिया ने कहा कि भाजपा में सिर फुटौव्वल चल रहा है। बृजमोहन अग्रवाल इस्तीफे के बाद भी छह महीने मंत्री रहने की बात कह रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल को शिव डहरिया ने दिया बड़ा ऑफर, कहा- कांग्रेस में आ जाएं, जो चाहेंगे वो मिलेगा।
ये तो आने वाले समय में पता चलेगा की वो कांग्रेस में रहेंगे या बीजेपी में, लेकिन हम उनको ऑफर देते हैं वो कांग्रेस में आ जाएं, जो चाहे वो मिलेगा। क्या विधायकों को भी साथ लेकर आएंगे, इस पर शिव डहरिया ने कहा कि अब देखते हैं वो किनको लेकर आते हैं। आ तो जाएं बस, हमारे यहां सब मिलेगा।
पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने प्रदेश में महापौर और अध्यक्ष चुनाव प्रत्यक्ष रूप से करने की संभावना पर कहा कि राज्य सरकार की अपनी प्राथमिकताएं तय रहती है, लेकिन सरकार को जनता के हित में निर्णय लेना चाहिए। बिना सोचे-समझे कुछ नहीं करना चाहिए।
अप्रत्यक्ष चुनाव प्रजातंत्र सबूत था। वहीं बलौदाबाजार कांड की जांच के लिए भाजपा के जांच दल पर डहरिया ने सवाल उठाया कि बीजेपी को क्या अपनी सरकार की जांच पर भरोसा नहीं? बीजेपी अनुसूचित जाति के खिलाफ है। यदि अनुसूचित जाति के साथ हैं, तो राज्यपाल के पास जो आरक्षण संशोधन विधेयक है उसे पास कराए।
बलौदाबाजार कांड : भाजपा की जांच समिति पर कांग्रेस का तंज, कहा- यह सिर्फ ध्यानाकर्षण के लिए…
रायपुर। सतनामी समाज के विरोध प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आगजनी की घटना की जांच के लिए भाजपा ने पांच सदस्यीय समिति आज बलौदाबाजार में है. इस बीच कांग्रेस ने भाजपा की जांच समिति पर तंज कसते हुए कहा कि यह सिर्फ ध्यानाकर्षण के लिए है.
भाजपा की जांच समिति के बलौदाबाजार जाने पर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बलौदाबाजार की घटना पर संगठन द्वारा जांच दल का बनाकर भेजना हास्यास्पद है. भाजपा की सरकार है, सारी मशीनरी उनके पास है. सरकार में बैठे हुए लोग इतने सक्षम नहीं हैं कि निष्पक्ष जांच कर पाए, जो जांच दल बनाने की जरूरत पड़ी. यह सिर्फ ध्यानाकर्षण के किए ये किया जा रहा है.
सुशील आनंद शुक्ला ने इसके साथ प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से नगरीय निकाय चुनाव कराने की साय सरकार की तैयारी पर कहा कि कांग्रेस चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है. भाजपा के ख़िलाफ़ वातावरण है, जिसकी वजह से कांग्रेस के पक्ष में नतीजे आएंगे. चुनाव किसी भी प्रणाली से हो, हम सब ढंग से चुनाव लड़ने के किए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि सरकार सीधे चुनाव करा रही इसका मतलब है कि भाजपा में डर है. धांधली कर महापौर बनाने की तैयारी की जा रही है.
वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव के आज ट्रेन से बिलासपुर जाने पर सुशील आंनद शुक्ला ने कहा कि ट्रेन में सफर करके अरुण साव क्या संदेश देना चाहते हैं कि मोदी सरकार ट्रेन चलाने में विफल हो गई है. ये ट्रेन में आवाजाही का पीक समय होता है. बिना बताए ट्रेन रद्द किया जा रहा है, रूट चेंज कर दिया जा रहा है. अरुण साव नौटंकी ना करे. ट्रेन में जाकर आप क्या करेंगे.
भाजपा जांच समिति बलौदाबाजार में
इस बीच भाजपा की पांच सदस्यीय जांच समिति आज बलौदाबाजार पहुंची. समिति के संयोजक मंत्री दयाल दास बघेल की अगुवाई में मंत्री टंकराम राम वर्मा, पूर्व विधायक नवीन मारकंडेय, शिवरतन शर्मा और रंजना साहू अमर गुफा व अग्निकांड स्थल का निरीक्षण करने के साथ अधिकारियों के साथ आम जनों से चर्चा करेंगे.
इनसे वर्तमान का पूछो, तो मंत्री 2047 की बात करते हैं : दीपक बैज
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार नहीं संभाल पा रही है। एक तो भारतीय जनता पार्टी के पास कोई विजन नहीं है ना कोई नीति है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में आज की स्थिति में प्रदेश में क्या हालत हैं देखिए, ये संभाल नहीं पा रहे हैं।रायपुर में मीडिया से बातचीत में दीपक बैज ने कहा कि, भाजपा के लोगों के पास कोई प्लानिंग नहीं है। इनके एक मंत्री तो वर्तमान की प्लानिंग के लिए ना सोचकर 2047 की बात करते हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या ही होगा। कांग्रेस ने प्लानिंग के तहत काम किया। प्रदेश के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम हम कर रहे थे।
दीपक बैज ने कहा कि, कांग्रेस के समय पंचायत स्तर पर गौठान बने। ताकि आवारा पशुओं की समस्या ना हो, फसलों का नुकसान ना हो लेकिन भारतीय जनता पार्टी इसको नाम बदलकर इसको पंचायत से उठाकर एक संभाग स्तर में गौ अभ्यारण बनाकर संचालित करने की बात करती है। क्या हर संभाग स्तर में गाय बैल को सरकार इकट्ठा कर पाएगी। यह सबसे बड़ा सवाल है ।
बलौदाबाजार के आंदोलन में व्यवस्थाएं करने में पर्दे के पीछे से भाजपा समर्थित लोगों ने पूरा काम किया। भारतीय जनता पार्टी की सरकार अगर न्यायिक जांच की घोषणा करती है, आयोग बनाती है तो भाजपा अलग से एक टीम क्यों बना रही है।
मेरा सवाल है क्या उनको सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है ? सरकार इस घटना में लीपा-पोती करने के लिए जहां समिति बनाई है। बैज ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के जांच दल की रिपोर्ट रविवार को मिल जाएगी और इस पर आगे जो उचित होगा हम करेंगे।
बलौदाबाजार घटना: नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा- CBI जांच से सरकार ने क्यों किया इनकार
गौरेला पेंड्रा मरवाही। नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत और नवनिर्वाचित सांसद ज्योत्सना महंत कोरबा से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद मरवाही में आदिवासी समाज के आभार प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम के बाद उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की और बलौदाबाजार की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि घटना की सीबाआई जांच से सरकार ने क्यों इनकार किया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि इसकी शुरुआत पवित्र जैतखाम को क्षति पहुंचाने के बाद हुई. घटना के बाद सतनामी समाज में आक्रोश था. यदि सरकार दोषियों को पकड़ लेती, जिसने पवित्र स्थल को नुकसान पहुंचाया तो ऐसी घटना नहीं होती. नेता प्रतिपक्ष डॉ.महंत ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बलौदाबाजार की घटना की CBI जांच से सरकार ने क्यों इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों क वीडियो फोटोग्राफ मिले हैं उन पर कार्यवाही कब होगी. घटना स्थल पर भीड़ में असामाजिक लोगों को गमछा के रंग से पहचाना जा सकता है. इसमें पत्थर मारने वालों के अलग गमछे हैं. गमछा का रंग देखकर किस दल के लोग हैं उन्हें आप पहचान सकते हैं.
डॉ. महंत ने कहा कि नागपुर से लोग आए थे, प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लोग आए थे, आखिर इनको किसने बुलाया था. उन्होंने कहा कि अनावश्यक कांग्रेस के लोगों पर आरोप लगाया जा रहा, जो कि निराधार है बल्कि जहां गलत हो रहा था वहां कांग्रेस के लोगों ने रोकने की कोशिश की थी. नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने वर्तमान सरकार से बलौदाबाजार घटना को लेकर इस्तीफे की मांग की है.