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आषाढ़ के प्रथम दिवस पर दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया हुआ भव्य शुभारंभ
रायपुर। आषाढ़ मास के प्रथम दिवस पर सरगुजा अंचल की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के प्रतीक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का शुभारंभ सोमवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया। पारंपरिक गरिमा, सांस्कृतिक उल्लास और ऐतिहासिक चेतना से ओतप्रोत इस आयोजन में लोक संस्कृति, साहित्य, पुरातत्व और पर्यटन का अद्भुत समागम देखने को मिला। महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर स्कूली बच्चों एवं स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, वहीं नई दिल्ली से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर सांसद चिंतामणि महाराज, लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जिला एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
मंत्री श्री अग्रवाल ने रामगढ़ महोत्सव के 50 वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान आगंतुकों को विश्व की प्राचीनतम रंगशाला के रूप में प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इतिहास एवं पुरातत्व विशेषज्ञ इन स्थलों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी भी प्रदान करेंगे, जिससे नई पीढ़ी अपनी ऐतिहासिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकेगी।
उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव क्षेत्रीय पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ सरगुजा की ऐतिहासिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सांसद चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि रामगढ़ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का समय यहां व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास ने भी यहीं मेघदूतम् की रचना की थी। सीताबेंगरा, जोगीमारा, राम-जानकी मंदिर तथा हाथीपोल जैसे ऐतिहासिक स्थल विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से रामगढ़ को विश्वस्तरीय पहचान दिलाई जाएगी।
लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि रामगढ़ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक एवं साहित्यिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने इस धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रचारित एवं संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि रामगढ़ महोत्सव सरगुजा की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों, लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को विशेष स्थान दिया गया है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रामगढ़ की ऐतिहासिक पहचान भविष्य में विश्वस्तर पर और अधिक सशक्त होगी तथा अधिकाधिक पर्यटक इस धरोहर से जुड़ेंगे। उन्होंने सभी आगंतुकों से महोत्सव के विभिन्न आयोजनों में सहभागिता कर सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का आनंद लेने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष राम किशुन सिंह, पूर्व सांसद कमलभान सिंह मरावी, जिला पंचायत सदस्य राधा रवि एवं रायमुनिया कुरियम, जनपद पंचायत अध्यक्ष आलोक सिंह, उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह, पार्षद आलोक दुबे, एल्डरमैन करता राम गुप्ता, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, साहित्यकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
सहकारिता आंदोलन को जनभागीदारी का महाअभियान बना रही है साय सरकार- मंत्री केदार कश्यप
रायपुर। सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारिता सप्ताह के शुभारंभ आज जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रायपुर में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि लोगों को साथ लेकर विकास करने की एक मजबूत सोच है। सरकार का मुख्य लक्ष्य सहकारिता को एक जनआंदोलन बनाकर प्रत्येक ग्रामीण परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।

सहकारिता क्षेत्र को मिली नई पहचान
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद, केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में सहकारिता क्षेत्र को एक नई और मजबूत पहचान मिली है। पिछले पांच वर्षों में सहकारिता के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
गांव-गांव तक सहकारिता को मजबूत कर रही सरकार
राज्य सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सहकारिता को गांव-गांव तक मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को सशक्त बनाया जा रहा है, किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
साथ मिलकर विकास ही सहकारिता का मूल मंत्र
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि साथ मिलकर विकास ही सहकारिता का मूल मंत्र है और इसी भावना से आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव होगा। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि सहकारी व्यवस्था पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने आगे कहा कि यह सहकारिता सप्ताह केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि सहकारिता की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है। सप्ताहभर चलने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को सहकारिता से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति देने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता आंदोलन के जनक पंडित वामनराव बलिराम लाखे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर की।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने राष्ट्रीय सम्मेलन में की छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल की सराहना
रायपुर। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की अभिनव पहल मटेरियल बैंक मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकसित इस मॉडल की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण आवास निर्माण को गति देने वाला प्रभावी नवाचार बताया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने किया।

छत्तीसगढ़ में विकसित मटेरियल बैंक मॉडल का संचालन स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा “डीलर दीदी” के रूप में किया जा रहा है। इसके माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आवास निर्माण कार्य अधिक सुगम, तेज और किफायती हुआ है।
इस पहल से स्व सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और 10,000 से अधिक दीदियां लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। इस मॉडल को महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए आरसेटी तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आरसेटी के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष में देश में सर्वाधिक राज मिस्त्री प्रशिक्षण दिया गया है ।उन्होंने इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार संवर्धन और गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना प्रदेश के जनकल्याणकारी कार्यों, नवाचारों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है तथा इससे राज्य को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
इन्फ्लुएंसर मीट से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक पहचान, डिजिटल मंचों पर गूंजेंगी प्रदेश की खूबसूरती
रायपुर। डिजिटल माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड द्वारा 26 से 30 जून 2026 तक पाँच दिवसीय "इन्फ्लुएंसर मीट एवं फेमिलराइजेशन (फेम) टूर" का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि उनके माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार देश और दुनिया तक पहुंच सके।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मैनपाट, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सतरेंगा तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के रामगढ़ महोत्सव का भ्रमण कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान इन्फ्लुएंसर्स प्राकृतिक छटा, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक लोककलाओं, पर्यटन सुविधाओं और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही वे विभिन्न डिजिटल मंचों के लिए आकर्षक फोटो, वीडियो और रचनात्मक सामग्री तैयार कर रहे हैं, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की विशेषताएं लाखों दर्शकों तक पहुंचेंगी।

मैनपाट अपनी मनोहारी वादियों, तिब्बती संस्कृति, झरनों और प्राकृतिक आकर्षणों के कारण प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विशेष स्थान रखता है। वहीं सतरेंगा इको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ गंतव्य है, जहां विशाल जलाशय, प्राकृतिक वातावरण और रोमांचक गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इसके साथ ही रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से प्रतिभागी छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं और ऐतिहासिक विरासत से भी रूबरू हो रहे हैं।
यह आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा के नेतृत्व, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के सक्षम संचालन तथा उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा के निर्देशन में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड की टीम द्वारा सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। आयोजन का अंतिम दिन 30 जून को निर्धारित है।
डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। ऐसे में इस इन्फ्लुएंसर मीट के माध्यम से तैयार की जा रही डिजिटल सामग्री छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के करोड़ों लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता और दृश्यता बढ़ेगी, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प, लोककला, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
इस प्रकार के नवाचार आधारित प्रचार अभियान राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आगामी समय में भी पर्यटन के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे अभिनव प्रयास निरंतर किए जाते रहेंगे।
छत्तीसगढ़ में भवन सुरक्षा की होगी जांच, डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिए सेफ्टी ऑडिट के निर्देश
रायपुर। दिल्ली और राजस्थान के कोटा में कोचिंग सेंटरों में हुई आग की घटनाओं के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यभर में भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने का निर्णय लिया है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने सभी नगरीय निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों के भवनों का सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि राज्य के सभी नगर निगम आयुक्तों को पत्र भेजकर निर्धारित सुरक्षा मानकों के आधार पर भवनों की जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की टीम गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सेफ्टी ऑडिट के दौरान भवनों में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकासी के इंतजाम, विद्युत सुरक्षा और अन्य जरूरी सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। जहां भी सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, वहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सभी निकायों से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
डिप्टी सीएम साव ने कहा कि ऑडिट प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी नगरीय निकायों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है, ताकि प्रदेश में भवनों की सुरक्षा व्यवस्था का समग्र आकलन किया जा सके और आवश्यकता पड़ने पर आगे के कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और कोटा में हाल ही में हुए अग्निकांडों में कई लोगों की जान गई है, जिसके बाद सार्वजनिक भवनों और संस्थानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके।



‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ स्वास्थ्य एवं फार्मा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है भारत: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और संसद की रसायन एवं उर्वरक संबंधी स्थायी समिति के सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने आज नई दिल्ली में आयोजित समिति की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। बैठक में चिकित्सा उपकरण (Medical Devices) उद्योग को सशक्त बनाने, उच्च गुणवत्ता वाले विनिर्माण को गति देने और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और अधिक सुदृढ़ करने जैसे जन-कल्याणकारी विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास पर जोर
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि एक 'स्वस्थ भारत' का निर्माण केवल बेहतर उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए अनुसंधान (R&D), नवाचार, आधुनिक विनिर्माण क्षमता और एक सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सुलभता के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। राज्य में फार्मा हब की संभावनाओं को तलाशने और स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को चिकित्सा उपकरण विनिर्माण से जोड़ने पर उन्होंने समिति के समक्ष अपने सुझाव रखे।
आत्मनिर्भरता ही स्वास्थ्य सुरक्षा की नींव
श्री अग्रवाल ने आगे कहा, "API (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता देश की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल दवाइयों की कीमतों में कमी आएगी, बल्कि हम अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में आने वाले उतार-चढ़ाव से भी सुरक्षित रहेंगे। आज की बैठक में हमने इसी दिशा में ठोस नीतिगत बदलावों और नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज स्वास्थ्य एवं फार्मा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से अग्रसर है। हमारा स्पष्ट संकल्प है कि भारत न केवल अपनी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बने, बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए एक विश्वसनीय स्वास्थ्य समाधान प्रदाता (Pharmacy of the World) के रूप में उभरे।"
सांसद ने विश्वास व्यक्त किया कि समिति की ये अनुशंसाएं आगामी समय में देश के चिकित्सा और फार्मा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के नागरिकों को मिलेगा।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का संगठनात्मक महाकुंभ संपन्न, 41 जिला अध्यक्षों को मिला जमीनी राजनीति का प्रशिक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रायपुर से लगे अभनपुर में आयोजित 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का रविवार को समापन किया। 20 जून से 29 जून तक चले इस शिविर में प्रदेश के सभी 41 नव-नियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों को संगठन संचालन से लेकर जनसंपर्क, जनआंदोलन और राजनीतिक रणनीति तक का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।
अग्रवाल भवन, अभनपुर पिछले दस दिनों तक कांग्रेस के संगठनात्मक मंथन का केंद्र बना रहा, जहां जिला अध्यक्षों को केवल संगठन की कार्यप्रणाली ही नहीं, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव और जमीनी राजनीति की बारीकियों से भी अवगत कराया गया।
PCC चीफ बैज बोले- “प्रदेश में दिखेगी नई और आक्रामक कांग्रेस”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 10 दिन का प्रशिक्षण बेहद सफल रहा। उन्होंने कहा- “जब सभी जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में लौटेंगे तो प्रदेश में एक नई, आक्रामक कांग्रेस देखने को मिलेगी।”
राष्ट्रीय नेतृत्व ने दिया सीधा मार्गदर्शन
शिविर की खास बात यह रही कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने सीधे जिला अध्यक्षों से संवाद किया। 21 जून को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शिविर में पहुंचे और संगठन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जिला अध्यक्षों से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, जनता के बीच सक्रिय रहने और गुटबाजी से दूर रहकर काम करने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि बड़े नेताओं के पीछे घूमने के बजाय जनता के बीच जाकर काम करना संगठन की असली ताकत है।
सचिन राव की टीम ने दिया संगठनात्मक प्रशिक्षण
22 जून से 26 जून तक कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख सचिन राव और उनकी टीम ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से जिला अध्यक्षों को संगठन संचालन, जनसंपर्क, नेतृत्व विकास, राजनीतिक रणनीति और फील्ड वर्क की जानकारी दी।
सचिन पायलट और के.सी. वेणुगोपाल का मार्गदर्शन
26 जून को प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं से संवाद और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर मार्गदर्शन दिया। 27 जून को संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने जिला अध्यक्षों को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और जवाबदेह नेतृत्व तैयार करने का संदेश दिया।
महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
28 जून को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने शिविर में भाग लिया और महिलाओं की भागीदारी, सामाजिक न्याय और जनआंदोलन में कांग्रेस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
पवन खेड़ा का समापन संबोधन
शिविर के अंतिम दिन 29 जून को राज्यसभा सांसद और कांग्रेस मीडिया विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन पवन खेड़ा ने जिला अध्यक्षों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी, मनरेगा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को लेकर लगातार जनता के बीच जाएगी। उन्होंने जिला अध्यक्षों की भूमिका को संगठन और जनता के बीच मजबूत कड़ी बताया।
जिला अध्यक्षों ने दी ये प्रतिक्रिया
प्रशिक्षण शिविर से लौटे जिला अध्यक्षों ने इसे बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि यहां उन्हें केवल संगठन चलाने की जानकारी ही नहीं मिली, बल्कि जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
जिला अध्यक्षों ने राहुल गांधी के संदेश को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अब वे अपने जिलों में जाकर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करेंगे और कांग्रेस विचारधारा को और सक्रिय रूप से आगे बढ़ाएंगे।
10 दिन तक चला यह प्रशिक्षण शिविर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन और जमीनी मजबूती की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में इस प्रशिक्षण को किस तरह लागू करते हैं।
कोरबा जिले में थाना प्रभारियों समेत SI, ASI का हुआ तबादला, आदेश जारी
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर के कोतवाली थाना इलाके में लगातार बढ़ रहे अपराध, मारपीट और सरेआम हो रही हत्या की घटनाओं को देखते हुए पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है।
कोतवाली थाना प्रभारी एम. बी. पटेल को उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब कटघोरा थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी को कोरबा कोतवाली का नया थाना प्रभारी (TI) नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा निरीक्षक मनोज कौशिक को रक्षित केंद्र कोरबा से थाना पाली सम्बद्ध किया गया है। उप निरीक्षक शिव कुमार कोसरिया को रक्षित केंद्र कोरबा से थाना सिविल लाइन रामपुर, सउनि धनंजय जाटवर को थाना बालकोनगर से थाना सिविल लाइन रामपुर के साथ सउनि अनिल खाण्डे और शनि कुमार का भी तबादला किया गया है।
देखें आदेश-

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में अब जोर पकड़ेगा मानसून, अगले चार दिन भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे इंतजार के बाद अब मानसून पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 29 जून से अगले चार दिनों तक प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
बारिश की धीमी शुरुआत से चिंतित किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान की बोनी और खेतों की तैयारी प्रभावित हो रही थी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो धान की बुवाई में तेजी आएगी, जबकि बारिश में अधिक देरी होने पर उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ेगी वर्षा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण, सक्रिय द्रोणिका और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। इसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश के शेष क्षेत्रों में भी पूरी तरह पहुंच जाएगा। इसके लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र वज्रपात की घटनाएं दर्ज की गई हैं। विभाग ने आगामी दिनों में भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है।
राजधानी रायपुर में सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
लोगों के लिए जारी की गई सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें तथा अनावश्यक यात्रा न करें।
इस बीच, प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई।
रायपुर के नकटी गांव में बेदखली कार्रवाई शुरू, 48 अवैध मकानों पर चला बुलडोजर
रायपुर। महीनों के उहापोह के बाद आखिरकार प्रशासन की माना क्षेत्र स्थित ग्राम नकटी में बेदखली कार्रवाई शुरू हो गई है. क्षेत्र में अवैध तरीके से बनाए गए मकानों को ढहाने के लिए आधी रात से जेसीबी के साथ करीबन हजार पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं.
जानकारी के अनुसार, गांव के वार्ड 16 और 17 में ऐसे 48 अवैध मकान हैं, जिन्हें ढहाने के लिए राजस्व विभाग ने बेदखली का नोटिस चस्पा किया है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, इसलिए बेदखली की कार्रवाई की जा रही है.
वहीं कार्रवाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों का तर्क है कि वे इस जमीन पर सालों से रह रहे हैं. इनमें से कई मकान को पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए हैं. बहरहाल, दावे और प्रतिदावे के बीच बेदखली कार्रवाई के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती से गांव में तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है.

छत्तीसगढ़ में सोलर उपभोक्ताओं को बची हुई बिजली का मिलेगा फायदा, अगले बिल में होगा समायोजन
रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त (सरप्लस) सोलर बिजली की खरीदी दर (बायबैक रेट) तय की है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस दर को अपनाने की आधिकारिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ से मिली जानकारी के अनुसार, निर्धारित दर को अंतिम अनुमोदन और मंजूरी के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) के पास भेज दिया गया है। आयोग से हरी झंडी मिलते ही उपभोक्ताओं को उनकी अतिरिक्त बिजली की राशि अगले बिजली बिलों में क्रेडिट (छूट) के रूप में दिखाई देने लगेगी।
ऐसे काम करती है नेट मीटरिंग और बायबैक व्यवस्था
पावर कंपनी ने इसकी पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए बताया। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत, सोलर संयंत्र से जितनी बिजली बनती है, उसका सबसे पहले उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत में समायोजन (अडजस्टमेंट) किया जाता है। यदि उपभोक्ता की जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है और वह ग्रिड में वापस जाती है, तो उसकी बची हुई यूनिट हर महीने उपभोक्ता के खाते में जुड़ती चली जाती है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर खाते में बची हुई इन सभी अतिरिक्त यूनिटों का नियमानुसार पावर कंपनी द्वारा बायबैक (खरीद) किया जाता है। तय दर के हिसाब से बनने वाली कुल राशि उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाती है।
नए वित्तीय वर्ष में शून्य से शुरू होता है लेखा-जोखा
उपभोक्ताओं के बीच भ्रम को दूर करते हुए कंपनी ने साफ किया है कि प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा नए सिरे से (शून्य से) शुरू होता है। यही कारण है कि पिछले वित्तीय वर्ष की बची हुई अतिरिक्त यूनिट नए बिजली बिल में यूनिट के रूप में दिखाई नहीं देती हैं। हालांकि, उनका मौद्रिक मूल्य (पैसा) उपभोक्ता के खाते में पूरी तरह सुरक्षित रहता है और आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में घटा दिया जाता है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिशेष बिजली के समायोजन और बायबैक की यह पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित नियमों के तहत बेहद पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है, जिससे राज्य के हजारों सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
रायपुर की रेसिडेंशियल सोसायटियों ने बनाया साझा मंच, “फेडरेशन ऑफ रेसिडेंशियल सोसायटीज़” का गठन
रायपुर। निजी हाउसिंग सोसायटियों और कॉलोनियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को एकजुट होकर उठाने के उद्देश्य से शहर की विभिन्न रेसिडेंशियल सोसायटियों ने “फेडरेशन ऑफ रेसिडेंशियल सोसायटीज़” का गठन किया है। संगठन ने कुछ बिल्डरों की मनमानी, अधूरे प्रोजेक्ट हैंडओवर और रेरा (RERA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
गठन के बाद पाम बेलाजियो में आयोजित पहली अवेयरनेस एवं इंटरेक्शन मीट में शहर की 30 से अधिक सोसायटियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो रहवासियों की एकजुटता और सामूहिक संघर्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में प्रतिनिधियों ने भविष्य की रणनीति और संगठन की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि विभिन्न सोसायटियों के प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे के साथ अपनी-अपनी समस्याओं, बिल्डरों से जुड़े विवादों, हैंडओवर में देरी तथा मेंटेनेंस संबंधी परेशानियों को साझा किया। इससे सभी को विभिन्न सोसायटियों की वास्तविक स्थिति समझने और साझा समाधान तलाशने का अवसर मिला।
प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि रेरा बिल्डरों के पक्ष में एकतरफा कार्य कर रहा है, जबकि सोसायटी निवासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक 15 दिनों में अलग-अलग सोसायटियों में नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी और प्रदेशभर की सोसायटियों को उनके अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि यदि रेरा अपने ही अधिनियमों और प्रावधानों का पालन नहीं करता और नागरिकों को न्याय नहीं मिलता, तो संगठन सभी सोसायटी निवासियों के हित में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करने पर भी विचार करेगा।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सहयोग का आश्वासन भी प्राप्त हुआ है, जिससे संगठन को और मजबूती मिली है। संगठन भविष्य में रायपुर के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपना विस्तार करेगा और अधिक से अधिक रेसिडेंशियल सोसायटियों को अपने साथ जोड़ने का प्रयास करेगा।
फेडरेशन ने दोहराया कि जब तक बिल्डरों द्वारा परियोजनाओं का पूर्ण और विधिवत हैंडओवर नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और संगठन सोसायटियों में रहने वाले प्रत्येक सदस्य के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश तिवारी का भी फेडरेशन ऑफ रेसिडेंशियल सोसायटीज़, रायपुर द्वारा सम्मान किया गया। उन्हें निजी सोसायटियों और कॉलोनियों की समस्याओं को नियमित रूप से मीडिया के माध्यम से प्रमुखता से उठाने के लिए सम्मानित किया गया।
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस में बड़ा बदलाव: चुनावी विवादों के बीच हटाए गए अमित पठानिया, डॉ. स्मृति रंजन लेंका बने नए प्रदेश प्रभारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अमित पठानिया को हटाकर उनकी जगह डॉ. स्मृति रंजन लेंका को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के चुनाव को लेकर लगातार विवाद और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। चुनाव प्रक्रिया को लेकर संगठन के भीतर नाराजगी का माहौल बना हुआ है। स्टार परफॉर्मर की सूची डॉ. स्मृति रंजन लेंका के हस्ताक्षर से जारी होने के बाद इस बदलाव की पुष्टि मानी जा रही है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
परिसीमन विवाद के बाद टली थी नामांकन प्रक्रिया
यूथ कांग्रेस चुनाव की घोषणा 24 मई को की गई थी। इसके तहत ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर नई टीम के गठन की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन परिसीमन को लेकर उठे विवाद के बाद नामांकन प्रक्रिया को 15 जून तक स्थगित करना पड़ा था। इसके बाद भी विवाद थमा नहीं। हाल ही में जारी स्टार परफॉर्मर की सूची को लेकर सोशल मीडिया पर कई कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। वहीं संगठन के भीतर चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

ऐसे में चुनाव के बीच प्रदेश प्रभारी का बदला जाना कई राजनीतिक मायनों में अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नए प्रभारी के नेतृत्व में चुनावी प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है और संगठन के भीतर चल रहे विवादों को कैसे सुलझाया जाता है।



रायपुर में UCC पर बोले इंद्रेश कुमार, कहा- सभी धर्मों को मिलेगी समान स्वतंत्रता
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच छत्तीसगढ़ की ओर से किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम में डॉ. सलीम राज समेत विभिन्न सामाजिक और धार्मिक प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी भी जाति, पंथ, भाषा या धर्म के विकास में बाधक नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर देने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि यूसीसी किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है और इससे सभी समुदायों को समान स्वतंत्रता मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई यह प्रचार करता है कि यूसीसी से मुसलमानों को खतरा है, तो वह लोगों को भ्रमित कर रहा है। उनके अनुसार, समान नागरिक संहिता में सनातन धर्म के अनुयायियों की तरह ही मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्य सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार और स्वतंत्रता प्राप्त होगी। उन्होंने ऐसे दावों को समाज में भ्रम फैलाने वाला बताया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर इंद्रेश कुमार का बयान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि प्रतीक्षा करने में आनंद रहता है। हर फैसला न्यायपूर्ण होगा, सभी व्यवस्थाओं पर भरोसा है। चाहे डियररेस्ट हो या नियररेस्ट, न्याय जरूर होगा। गोरखपुर मठ को राम मंदिर से दूर रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर, राम मंदिर है किसी को दूर नहीं रखा गया। गोरखपुर मठ राम से जुड़ा था, जुड़ा है और जुड़ा रहेगा।

बापू को कायर कहने के आरोपों को किया खारिज
RSS के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार के ‘बापू को कायर कहने’ को लेकर सियासत तेज है। इस मामले में इंद्रेश कुमार ने कहा कि मैंने ऐसा न कहा है और न ही कहूंगा। मेरे बयान पूरी दुनिया के सामने हैं, उसे तोड़-मरोड़कर पेश न करें।
कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने पर इंद्रेश कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले भी कई मुद्दे बनाए हैं, लेकिन हर बार उसे नुकसान ही हुआ है।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का लखनपुर से शुभारंभ, अभिभावकों से किया आह्वान—‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार’
रायपुर। प्रदेश में चल रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज अंबिकापुर जिले के लखनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक अभियान में हर बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक पिलाना अत्यंत आवश्यक है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत ने वर्षों के सतत प्रयास, जनभागीदारी और स्वास्थ्यकर्मियों की अथक मेहनत से पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। अब इस उपलब्धि को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार, मोहल्ले और आसपास के 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि "दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को आजीवन स्वस्थ रखने का राष्ट्रीय संकल्प है। यदि कोई बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच पाता है तो अभिभावक घर-घर आने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम को अवश्य जानकारी दें और सुनिश्चित करें कि बच्चे को पोलियो की खुराक मिल जाए।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और जागरूकता के बल पर छत्तीसगढ़ भविष्य में भी अपनी पोलियोमुक्त पहचान को सुदृढ़ बनाए रखेगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। स्वस्थ बचपन ही सशक्त भारत की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने आसपास किसी भी बच्चे को पोलियो की खुराक से वंचित न रहने दे तथा अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। बच्चों को उत्साहपूर्वक पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाई गई तथा अभिभावकों को नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया।
छत्तीसगढ़ में 36 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य
प्रदेश में 28 से 30 जून 2026 तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राज्य के लगभग 35 लाख 98 हजार 904 (करीब 36 लाख) बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पूरे प्रदेश में 14 हजार 396 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां 28 जून को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है।
अभियान को सफल बनाने के लिए 28 हजार 791 टीमें तथा 57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। बूथ दिवस के बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके।
विशेष क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के सभी 33 जिलों में अभियान की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों, शहरी मलिन बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों पर रहने वाले श्रमिक परिवारों, प्रवासी एवं घुमंतू समुदायों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की सुरक्षा से वंचित न रहे।
देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य
वर्तमान राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बच्चे को हाल ही में कोई अन्य टीका लगाया गया हो, तब भी पोलियो की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और अवश्य दी जानी चाहिए। हल्की सर्दी, खांसी या सामान्य बुखार होने पर भी बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा सकती हैं।
"दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार"
पोलियोमुक्त भारत और पोलियोमुक्त छत्तीसगढ़ की पहचान बनाए रखने के लिए प्रत्येक परिवार की सहभागिता आवश्यक है। हम सभी संकल्प लें कि हमारे आसपास का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद से वंचित न रहे। यही स्वस्थ बचपन, सुरक्षित भविष्य और सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है।