नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ाने के लिए केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय युवा मामले और खेल तथा श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। बैठक के दौरान उन्होंने प्रमुख क्षेत्रों, विशेष रूप से बिलासपुर और मुंगेली जिलों में खेल अधोसंरचना को उन्नत करने की आवश्यकता पर चर्चा की।
बता दें कि मंत्री तोखन साहू ने बैठक के दौरान स्थानीय युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धी भावना को प्रेरित करने के लिए खेल अवसंरचना में निवेश के महत्व पर जोर दिया। मंत्री तोखन साहू ने इससे पहले केंद्रीय मंत्री मंडाविया को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने बिलासपुर और मुंगेली जिलों में खेल सुविधाओं के विकास के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर प्रकाश डाला था।
मंत्री तोखन साहू ने बताया कि खेल के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं और अत्याधुनिक खेल सुविधाएं स्थापित करने से युवाओं को खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे एथलीटों की नई पीढ़ी तैयार होगी। श्री साहू ने कहा कि “हमारे युवाओं की अद्भुत क्षमता को सामने लाने के लिए जमीनी स्तर पर खेल अवसंरचना में सुधार करना महत्वपूर्ण है।” “सही समर्थन और सुविधाओं के साथ, छत्तीसगढ़ उभरती हुई खेल प्रतिभाओं का केंद्र बन सकता है और ‘खेलो इंडिया’ के तहत यह पहल उस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंत्री तोखन साहू को क्षेत्र में खेल अवसंरचना के विकास में सहयोग देने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया योजना के तहत कुल 7 खेल अवसंरचना, 31 खेलो इंडिया केंद्र और 4 मान्यता प्राप्त अकादमियों को पहले ही मंजूरी दे दी है। मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ के युवाओं को विश्व स्तरीय सुविधाओं और विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करने में अटूट सहयोग के लिए युवा मामले और खेल मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।
जगदलपुर। देशभर में हो रहे ईवीएम मशीनों से चुनाव और बस्तर के ज्वलंत मुद्दों को लेकर पूर्व मंत्री व कोंटा विधायक कवासी लखमा ने बड़ा बयान दिया है. प्रेसवार्ता में लखमा ने कहा, आगे होने वाले विधानसभा में ईवीएम मशीन से चुनाव होता है कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ेगी. कांग्रेस बड़ा आंदोलन करने जा रहा है. बैलेट पेपर से ही चुनाव होना चाहिए. कांग्रेस को किसी का डर नहीं है. भाजपा के नेता डरने वाले हैं.
विधायक लखमा ने कहा, कांग्रेस ने देशभर में ईवीएम मशीन के खिलाफ आंदोलन करने की योजना बनाई है. विश्व के बड़े-बड़े देशों अमेरिका जैसे देशों में बैलेट पेपर से चुनाव हो रहा है. इस चुनाव में वर्तमान में डोनॉल्ट ट्रंप ने चुनाव जीता है. पहले के नेता पंडित जवाहरलाल नेहरू व इंदिरा गांधी के समय में भी इतने वोटों का अंतर नहीं रहा. जिस प्रकार से आज के चुनावों में वोटों का अंतर देखने को मिल रहा है.
जनता कह रही कांग्रेस को वोट दे रहे पर मशीन अलग चल रहा : लखमा
कवासी लखमा ने कहा, चाहे महाराष्ट्र का चुनाव हो या केरल का चुनाव हो, केवल कांग्रेस के लोग ही नहीं बल्कि देश के अलग अलग राज्यों की जनता भी कह रही है कि कांग्रेस को वोट दे रहे हैं, लेकिन मशीन अलग चल रहा है. ऐसी स्थिति में देश में क्यों सरकार बैलेट पेपर से चुनाव नहीं करा रही है. बैलेट पेपर से चुनाव को लेकर पूरे इंडिया गठबंधन द्वारा विरोध प्रदर्शन की चर्चा चल रही है. बस्तर के नेता भी विरोध का समर्थन कर रहे हैं.
बिलासपुर। बिलासपुर के कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक के बाद उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कांग्रेस के बिलासपुर लोकसभा प्रभारी सुबोध हरितवाल और वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मेयर राजेश पांडे के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. घटना के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी मौजूद थे.
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर कांग्रेस भवन में आज नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के संबंध में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें मुख्य रूप से पीसीसी चीफ दीपक बैज भी शामिल हुए थे. इसी बैठक पूर्व मेयर राजेश पांडे को बोलने का मौका नहीं दिया गया. जिसके बाद राजेश पांडे और सुबोध हरितवाल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. वहीं बैठक में उपस्थित कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने हस्तक्षेप कर दोनों नेताओं के बीच सुलह कराई. विवाद शांत होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज रायपुर के लिए रवाना हो गए.
नई दिल्ली। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए बिलासपुर हवाई अड्डे से सटी सेना की भूमि के हस्तांतरण पर चर्चा की। परियोजना के महत्व पर बोलते हुए, मंत्री तोखन साहू ने कहा, “बिलासपुर हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण से न केवल क्षेत्र के लिए हवाई संपर्क बढ़ेगा बल्कि रोजगार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने की हमारी प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।”
मंत्री तोखन साहू ने मुलाकात के दौरान रक्षा मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार उस भूमि के बदले आवश्यक राशि जमा करने के लिए तैयार है, जो पहले सेना को दी गई थी लेकिन उसका उपयोग नहीं किया गया है। सेना की भूमि का हस्तांतरण और उसके बाद बिलासपुर हवाई अड्डे का विस्तार छत्तीसगढ़ से कनेक्टिविटी बढ़ाने, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने और समग्र आर्थिक संभावनाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुलाकात के दौरान ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि वह संबंधित अधिकारियों को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और हस्तांतरण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं और शेष प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दें, ताकि हवाई अड्डे के विस्तार को बिना किसी देरी के आगे बढ़ाया जा सके।
रायपुर। रायपुर शहर में सड़कों पर ट्रैफिक बाधित करने वालों के खिलाफ अब जिला प्रशासन सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा. आज से मुख्य मार्गाें में जिला प्रशासन का अमला कार्रवाई करने के लिए उतर गया है. शहर के व्यस्त मार्गाें मेकाहारा चैक से लेकर स्टेशन रोड, नहरपारा, तेलघानी नाका तक ट्रैफिक बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. जिन पर करीब तीन लाख रुपये का जुर्माना किया गया. साथ ही व्यवस्त मार्गाें के बड़े भवनों में पार्किंग की जगह पर गोदाम बनाने वालों पर भी शिकंजा कसा गया है. उन पर नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया है।
कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन, नगर निगम और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई है. यह टीम सड़कों के किनारे खड़ी वाहनों और अतिक्रमण पर कार्रवाई करेगी. आज से शुरू कार्रवाई में पुलिस ने दो ऑटो को जब्त किया है और अन्य वाहनों पर भी कार्रवाई की है. नगर निगम की टीम ने सड़कों के किनारे ठेले लगाने वालों पर भी कार्रवाई करते हुए उनका ठेला जब्त किया. साथ ही अन्य वाहन चालकों को समझाइश भी दी गई. जिन-जिन स्थानों पर अवैध तरीके से पार्किंग होने पर यातायात बाधित हो रहा है, उन स्थानों पर भी कार्रवाई की गई है.
सड़कों के किनारे वाहन खड़ी होने और अतिक्रमण होने की वजह से सड़कें सकरी हो रही है. इस वजह से सुबह और शाम के समय में शहर में यातायात बाधित हो रहा है. इस यातायात बाधित होने की वजह से जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है. साथ ही जहां बड़े-बड़े बेसमेंट में पार्किंग पर अवैध तरीके से गोदाम बनाया गया है, उन पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए है जैसे नयापारा चैक इत्यादि. साथ ही गोदाम में कचरा फैलाने पर भी कार्रवाई की जाएगी. जिन सड़कों से आगे बढ़ाकर होर्डिंग्स लगाई गई है, उसे भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी. शहर के उन स्थानों भीड़-भाड़ हो वहां से अवैध ठेलों की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी. सड़कों के किनारे खड़ी कंडम गाड़ियों की भी जब्ती की जाएगी.
एसएसपी संतोष सिंह एवं नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने सड़कों पर अवैध अतिक्रमण और यातायात बाधित करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है. यह टीम प्रतिदिन यातायात बाधित होने वाले सड़कों पर पहुंचेगी और कार्रवाई करेगी. आज कार्रवाई के दौरान डीएसपी गुरजीत सिंह एवं नगर निगम की टीम उपस्थित रहे. अब निरंतर कार्रवाईयां भी की जाएगी और वाहनों पर जुर्मानें भी किए जाएंगे.
रायपुर। रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावरे ने मादक पदार्थ (गांजा) तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए PIT एनडीपीएस एक्ट, 1988 की धारा 10 के तहत चार आरोपियों को जेल भेजने का आदेश जारी किया है। इनमें उदय जैन (थाना खमतराई) और बाबू उर्फ देंगा सरदार (थाना माना कैंप) को 6-6 महीने के लिए, जबकि अजीत सिंह (थाना आमा नाका) और बैशाखू ध्रुव (थाना उरला) को 3-3 महीने के लिए जेल भेजा गया है। यह कार्रवाई नशा तस्करी पर रोक लगाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
जानिए क्या होता है PIT NDPS एक्ट
पिट यानी PIT एनडीपीएस एक्ट 1988 उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है जो लगातार उस अपराध में शामिल पाए जाते हैं। यह कार्रवाई शासन की ओर से की जाती है। यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है जिनका जेल में बंद किया जाना बेहद जरूरी हो जाता है।
PIT NDPS एक्ट के तहत ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है, जिनके द्वारा लगातार अवैध रूप से मादक पदार्थों का व्यापार, गतिविधि की जा रही है। तथा निरुद्ध के बिना ऐसे कार्य को रोकने के अन्य कोई विकल्प नहीं हो।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की टीम ने आज रायगढ़ में महिला उत्पीड़न से संबंधित 25 प्रकरणों पर जनसुनवाई की. एक मामले में 5 साल के बच्चे को गोद में बैठाकर आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने पूछा कि किसके साथ रहना है. बच्चे ने कहा, मम्मी-पापा दोनों के साथ रहना है. इसके बाद आयोग की समझाइश पर पति-पत्नी सुलह करने तैयार हुए. बता दें कि दोनों का साढ़े पांच साल का बेटा है. दोनों पक्ष की कानूनी प्रक्रिया चल रही है. अब तीन दिसंबर 2024 को दोनों पक्ष को अपने-अपने ईकरारनामा लेकर रायपुर बुलाया गया है. दोनों को निरंतर सखी की प्रशासिका एवं प्रोट्रेक्शन ऑफिसर की निगरानी में रखा जाएगा.
छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज प्रदेश स्तर की 289वीं एवं रायगढ़ जिले में 8वीं सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष को विस्तार से सुना गया. जिला मुख्यालय स्थित स्व. लखीराम मेडिकल काॅलेज की छात्राओं ने एक डाॅक्टर पर पढ़ाई के दौरान अश्लील छेड़छाड़ की शिकायत महिला आयोग से की थी. इस पर महिला आयोग की टीम ने छात्राओं से अलग-अलग चर्चा करने के बाद शाम तक पूरे प्रकरण को नस्तीबद्ध किया.
छात्राएं जनसुनवाई में उपस्थित हुई थी. उन्होंने अपने साथ कोई छेडछाड़ नही होने की बात कही और इस सुनवाई में 7 से 8 छात्राएं अनुपस्थित थीं. महिला आयोग की टीम ने मेडिकल काॅलेज के डीन को इस मामले में गंभीरता बरतने के निर्देश देने के साथ-साथ काॅलेज में आंतरिक परिवाद समिति का डिस्पले लगाने की बात कही।
आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने पत्रकारों को बताया कि पहले भी जो शिकायत मिली थी उस पर आयोग के सदस्यों ने मेडिकल काॅलेज जाकर जांच की थी. जांच के बाद हमारे पास फीडबैक आया था कि हमको इतना अधिक दबाव में रखा गया था कि कोई भी कुछ बोलेगा तो कैरियर खराब कर देंगे. चूंकि 60 प्रतिशत नंबर प्रैटिकल के जरिये मिलता है और रिर्टन के भी नंबर होते हैं इसलिए इस प्रकरण को फिर से रखा गया था. बंद कमरे में काॅलेज की छात्राओं से बात की. इस दौरान 19 छात्राएं मौजूद थी और 7 छात्राएं बाहर होने की वजह से नही पहुंच सकीं.
छात्राओं से बातचीत के बाद मामला निरस्त
अध्यक्ष किरणमयी नायक ने बताया कि हमारी सदस्य कोसरिया और जूदेव ने एक-एक छात्राओं से अलग-अलग बात करके उनकी समस्याओं को सुना, ताकि कोई यह शिकायत न कर सके कि उनकी सुनवाई नहीं हुई. सभी छात्राओं ने यह कहा कि उनके द्वारा शिकायत इस संबंध में नहीं की गई. आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि 2022 में उनके पास जब शिकायत आई थी तब शिकायत करने वाली छात्राएं फस्ट ईयर की छात्राएं थी. अब दो साल बाद वहीं छात्राएं फायनल ईयर में पहुंच गई है. अब उनकी शिकायत को हम दिरकिनार नहीं कर सकते. छात्राओं से बातचीत के बाद इस प्रकरण को समाप्त कर रहे हैं.
दोनों पक्षों में सुलह के बाद साथ रह रहे पति-पत्नी
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि वर्तमान में दोनों पक्षों के मध्य सुलह हो गई है. आवेदिका प्रकरण वापस लेना चाहती है. अब 2 माह से साथ रह रहे हैं. इसके बाद इस मामले को नस्तीबद्ध किया गया. अन्य प्रकरण में आवेदिका डीएलएड की पढ़ाई कर रही थी. अनावेदक सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत है. अनावेदक द्वारा आवेदिका को फीस जमा नहीं किये जाने की बात कहकर परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया. चूंकि आज अनावेदक अनुपस्थित था. इस पर थाना चक्रधर नगर के माध्यम से आगामी सुनवाई के लिए दोनों पक्षों को 16 जनवरी 2025 को रायपुर बुलाया गया.
ससुराल पक्ष पर जहर देकर मारने का मामला, आयोग ने एसपी ने मांगी रिपोर्ट
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि ससुराल पक्ष (पति, ससुर, सास) ने जहर खिलाया था. आवेदिका मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी. 04-05 दिन बाद आवेदिका के पिता ने थाना जूटमिल में शिकायत की, परंतु एफआईआर दर्ज नहीं किया गया. पुलिस ने काउंसलिंग करके न्यायालय जाने की सलाह दी. दोनों पक्ष को सुनने के बाद महिला आयोग की टीम ने कहा, मामला दहेज प्रताड़ना एवं जहर देकर मारने का लग रहा है. पुलिस अधीक्षक को डीपीओ के माध्यम से ऑर्डरसीट व शिकायत आवेदन आज ही भेजे जाने और एक माह के अंदर आयोग को रिपोर्ट भेजने कहा गया.
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने ट्रांसफर आर्डर का पालन नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किये है। GAD ने इस संबंध में सभी विभाग प्रमुखों को अलग-अलग 7 बिंदुओं में दिशा निर्देश जारी किये है। इसके अलावा आदेश का पालन नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ ब्रेक-इन-सर्विस” की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने 7 बिंदुओं में जारी किये कड़े निर्देश –
(1) स्थानांतरित किए गए शासकीय सेवक को स्थानातरण आदेश जारी होने के 10 दिवस के भीतर कार्यमुक्त किया जाए। यदि संबंधित शासकीय सेवक निर्धारित समयावधि में कार्यमुक्त नहीं होता है तो उसे सक्ष्म अधिकारी द्वारा एकक्षीय भारमुक्त करने के आदेश दिए जाए तथा स्थानांतरण आदेश क्रियान्वित हुआ माना जाए। यदि शासकीय सेवक द्वारा स्थानातरण आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये।
(2) शासकीय सेवकों द्वारा 07 दिवस के भीतर स्थानांतरण आदेश का पालन न किए जाने की स्थिति में संबंधित शासकीय सेवक के विरुद्ध निलम्बन की कार्यवाही की जाए और अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित व्यक्ति के विरूद्ध ब्रेक-इन-सर्विस” की कार्यवाही की जाए।
(3) स्थानांतरित शासकीय सेवक यदि 07 दिनो से अधिक अवधि के लिए लघुकृत अवकाश लेता है तो उसे मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा जाए। यदि मेडिकल बोर्ड द्वारा अनुशंसा नहीं की जाती है अथवा शासकीय सेवक अन्य अवकाश के लिए आवेदन करता है या अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहता है तो ऐसी अवधि को अनाधिकृत अनुपस्थिति मानकर इसे “डाईज नॉन” किया जाए।
(4) स्थानांतरित किए गए शासकीय सेवक का अवकाश नई पदस्थापना बाले कार्यालय से ही स्वीकृत किया जाएगा।
(5) यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर-अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण करने के प्रस्ताव है, तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जी गैर-अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्यतः रखा जाए। शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्तियों का जो असंतुलन (इमबैलेंस) है, उसे सतुलित (बेलेस) करने का विशेष ध्यान रखा जाए।
(6) अनुसूचित क्षेत्र से गैर अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरित किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को उसके कार्यालय प्रमुख या नियंत्रण अधिकारी द्वारा तब तक कार्यमुक्त न किया जाए, जब तक कि उसका एवजीदार कार्य पर उपस्थित न हो जाए, तथापि अत्यावश्यक परिस्थितियों में यदि संबंधित कार्यालय में दो तिहाई पद यदि भरे हो तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्थानांतरित शासकीय सेवक को कार्यमुक्त करने पर विचार किया जा सकता है।
(7) यदि एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिये निवास स्थान में परिवर्तन के बिना स्थानांतरण हुआ है. तो शासकीय सेवक के कार्यमुक्त पश्चात् एक दिन से अधिक पदग्रहणकाल की पात्रता नहीं होगी। स्थान से तात्पर्य नगरपालिका वा नगर निगम की सीमा से आने वाले क्षेत्र से है, जिसमें उपनगरीय नगरपालिकायें, अधिसूचित क्षेत्र, केन्टोनमेन्ट और उसी नगर पालिका के आस-पास का क्षेत्र सम्मिलित है। स्थानांतरण के फलस्वरूप मुख्यालय परिवर्तन होने पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए संबंधित विभाग/कार्यालय दूरी के आधार पर पदग्रहण काल की सीमा निर्धारित करने के लिए सक्षम है तथापि यह सीमा किसी भी स्थिति में एक सप्ताह से अधिक नहीं होना चाहिए।
राजस्व विभाग ने सभी कलेक्टरों को जारी किया पत्र
राजस्व विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को एक पत्र जारी कर नायब तहसीलदार और तहसीलदारों को तत्काल भारमुक्त करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही 10 दिनों के भीतर जॉइनिंग करने के निर्देश दिए है.
पत्र में कहा गया है कि 13 सितंबर 2024 को तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों का स्थानांतरण कर विभिन्न जिलों में पदस्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त समय-समय पर तहसीलदार/नायब तहसीलदारों को पूर्व में भी स्थानांतरित किया गया है। शासन के संज्ञान में आया है कि कुछ अधिकारियों ने अपने नवीन पदस्थापना स्थान में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसके अलावा कुछ तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने उक्त स्थानांतरण के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसका न्यायालय के निर्णय के परिपालन में अधिकारियों द्वारा विभाग में अभ्यावेदन प्रस्तुत किये गए थे। प्राप्त अभ्यावेदनों में विभाग द्वारा माननीय न्यायालय के निर्णय का पालन कर विभागीय पत्र 25 नवंबर 2024 को निराकरण किया गया है।
गौरतलब है कि स्थानांतरित तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों को जिले से भारमुक्त करने और नवीन पदस्थापना स्थान में कार्यभार ग्रहण करने के साथ सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 25.11.2024 के निर्देश का पालन किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव अन्वेष घृतलहरे ने इसका निर्देश जारी किया है।
रायपुर। हमारा संविधान दुनिया का सबसे सुंदर संविधान है। दुनिया के 60 देशों के संविधान का अध्ययन कर हमारे संविधान का निर्माण हुआ है। संविधान को केवल पढ़े नहीं बल्कि इसे समझे और इसका पालन करें। यह उद्गार राज्यपाल रमेन डेका ने आज संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किया।
श्री बालाजी ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल एवं कॉलेज रायपुर के ऑडिटोरियम में आयोजित संगोष्ठी मे राज्यपाल श्री डेका बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। श्री डेका ने संगोष्ठी में भारत के संविधान के संबंध में अपने प्रासंगिक विचार रखे। उन्होंने संविधान की विभिन्न धाराओं के तहत उल्लेखित नियमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीते 75 वर्षाे की यात्रा में बहुत चुनौतियां रही, इसलिए समय-समय पर संविधान में कई संशोधन किए गए जो देश की बदलती जरूरतों के अनुसार आवश्यक थे। किन्तु इन परिवर्तनों के बावजूद संविधान की मूलभावना, समानता, स्वतंत्रता और न्याय अक्षुण्ण रही। यह हमारे संविधान की अद्वितीय विशेषता है कि यह स्थिरता और लचीलापन दोनों का संतुलन बनाए रखता है।
राज्यपाल ने कहा कि भाषण की स्वतंत्रता हमारे संविधान ने हमें दी है। लोकतंत्र में राजनीति का बहुत महत्व है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संविधान में प्रावधान किए गए है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को राजनीति में भागीदारी करना चाहिए। महिलाओं में नेतृत्व क्षमता और सही निर्णय लेने की क्षमता तथा ज्ञान होना आवश्यक है जिससे महिलाएं सशक्त होंगी।
संगोष्ठी में उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने भी अपना उद्बोधन दिया। उन्होेंने कहा कि लंबी लड़ाई के बाद देश आजाद हुआ और संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा बनाई गई। सभा के 284 सदस्यों ने संविधान के प्रारूप का अनुमोदन किया फिर 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया। मूल संविधान अंग्रेजी में था, छत्तीसगढ़ के श्री घनश्याम दास गुप्ता के नेतृत्त्व में उसका हिन्दी अनुवाद हुआ। यह हमारे लिए गर्व की बात है। श्री साव ने कहा कि आज भारत दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है इसका मूल कारण हमारा संविधान ही है।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता ‘‘हमारा संविधान भाव एवं रेखांकन‘‘ तथा ‘‘संविधान की जन्म कथा‘‘ पुस्तकों के लेखक लक्ष्मीनारायण भाला ने संविधान निर्माण के इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने प्रतिवर्ष 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाने के सरकार के निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता धनीराम पटेल ने दिया।
इस अवसर पर बसना के विधायक संम्पत अग्रवाल, पवन साय, बालाजी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. देवेन्द्र नायक, एमडी डॉ. नीता नायक, संचालक डॉ. वीरेन्द्र पटेल, डॉ. नितिन पटेल,एवं अन्य अधिकारी, प्रबुद्धजन तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। राजधानी रायपुर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया जा रहा है। खेल प्रतियोगिताएं 15 से 19 दिसंबर तक होंगी। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की मेजबानी इस बार छत्तीसगढ़ को मिली है। इन खेलों के सफल आयोजन के लिए आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय क्रीड़ा प्रतियोगिता के आयोजन के लिए गठित राज्य स्तरीय आयोजन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। श्री जैन ने खेल प्रतियोगिताओं के लिए सभी आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करने, खिलाड़ियों के ठहरने, आवागमन, खेल स्थलों, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली पानी सहित अन्य व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी देते हुए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि अनुसूचित जनजाति के छात्रों की खेल प्रतिभा को पहचानना, निखारना एवं प्रोत्साहित करना है, ताकि उन्हें विभिन्न मंचों पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिले और खेल-कूद की संस्कृति को बढ़ावा देते हुए उनकी प्रतिभा को एक नया आयाम प्रदान किया जा सके। उन्होंने बताया कि खेल प्रतियोगिताओं में करीब 23 खेलों का आयोजन होगा। इनमें तीरंदाजी (आर्चरी), एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, शतरंज (चेस), जिमनास्टिक, जूडो, योग, टेनिस, निशानेबाजी (शूटिंग), तैराकी (स्वीमिंग), टेबल टेनिस, ताईक्वाण्डो, भारोत्तोलन (वेट लिफ्टिंग), कुश्ती (रेसलिंग) फ्रीस्टाईल, बास्केटबॉल, फुटबाल, हैंडबाल, हॉकी कबड्डी, खो-खो, एवं व्हालीबाल शामिल है। खेल प्रतियोगिताओं में व्यक्तिगत एवं युगल के 15 तथा 7 सामूहिक खेलों का आयोजन होगा। राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिताएं राजधानी रायपुर में स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं एवं खेल विभाग के खेल मैदानों में होगी। प्रतियोगिता में 25 राज्यों के करीब 6 हजार खिलाड़ी शामिल होंगे। प्रतियोगियों का पंजीयन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु विभिन्न विभागों की करीब 26 समितियां गठित कर ली गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खेल एवं युवा कल्याण, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, पर्यटन, संस्कृति और भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया ने दिल्ली में इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात की. उषा ने नई कार्यकारिणी को मान्यता देते हुए सभी को बधाई दी. मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले नेशनल गेम्स के लिए किए गए एमओयू पर चर्चा की गई. साथ ही डॉ. सिसोदिया और सीओए के कोषाध्यक्ष संजय मिश्रा को नई जिम्मेदारी मिली. उन्हें उत्तराखंड में होने वाले 38वें नेशनल गेम्स के लिए कोआर्डिनेशन कमेटी का सदस्य बनाया गया है.
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधाई कार्य मंत्री अरुण साव संविधान दिवस पर नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के संविधान में प्रत्येक नागरिक को बराबर अधिकार दिए गए हैं। हमारा संविधान किसी ग्रन्थ से कम नहीं है। यह हमारा सर्वोच्च ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना संविधान की आत्मा है। इसका मूल तत्व संविधान की प्रस्तावना से स्पष्ट होता है। एचएनएलयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन, प्रो. योगेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. एन.एल. मित्रा, डॉ. रणवीर सिंह और विपिन कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि सामान्यतः लोग संविधान में नागरिकों को दिए गए अधिकारों की ही बात करते हैं। लेकिन मौलिक कर्तव्यों पर चर्चा नहीं होती है। हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों पर भी चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराया तथा ‘सीजी लर्न’ का लोगो भी लॉन्च किया। श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘सीजी लर्न’ से विधि क्षेत्र में नया आयाम स्थापित होगा। इससे विधि की शिक्षा और शोध कार्यों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में विधि के शिक्षण संस्थानों को आपस में चर्चा करने को कहा। यह विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगा। सभी शिक्षण संस्थान मिलकर काम करेंगे, तो राज्य में विधि की शिक्षा नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगी और छत्तीसगढ़ का देश में नाम रोशन होगा।
रायपुर। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने केन्द्र प्रवर्तित दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) में तीन महीनों की कार्यवृद्धि की है। इससे मिशन की गतिविधियों को दिसम्बर-2024 तक संचालित किया जा सकेगा। नगरीय प्रशासन विभाग ने इस संबंध में राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) को परिपत्र जारी किया है।
दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन को तीन महीनों (1 अक्टूबर-2024 से 31 दिसम्बर-2024 तक) की कार्यवृद्धि प्रदान किए जाने पर राज्य मिशन प्रबंधन इकाई में कार्यरत राज्य मिशन प्रबंधक तथा सिटी मिशन प्रबंधन इकाईयों में कार्यरत सिटी मिशन प्रबंधकों, सामुदायिक संगठकों और सीआरपी महिलाओं ने उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव से आज रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर आभार प्रकट किया है।
राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में कार्यवृद्धि से प्रदेश के 170 नगरीय निकायों में कार्यरत सिटी मिशन प्रबंधकों, सामुदायिक संगठकों, स्वसहायता समूहों, सीआरपी की महिलाओं एवं राज्य कार्यालय में कार्यरत राज्य मिशन प्रबंधकों को दिसम्बर-2024 तक नियमित रूप से मानदेय का भुगतान किया जा सकेगा। इससे मिशन की गतिविधियों के उत्साहपूर्वक क्रियान्वयन के साथ ही शहरी गरीबों को योजना का लाभ मिलता रहेगा।
रायपुर। राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के पंथी नर्तक दल हिस्सा लेंगे। यह प्रतियोगिता बेमेतरा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय नवागढ़ में 19 से 21 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के नेतृत्व में सतनामी समाज प्रमुखों के दल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में भेंट कर उन्हें प्रतियोगिता में शामिल होने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए जयंती कार्यक्रम में शिरकत करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय को प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि परम पूज्य गुरूघासी दास बाबा जी के 268 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आगामी माह दिसंबर मेें जयंती मनाने राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। सभी समाज के लोगों से आपसी प्रेम और सौहाद्रपूर्ण वातावरण में इस आयोजन को सफल बनाने का अनुरोध किया गया है। देश के विभिन्न राज्यों के पंथी नर्तक दलों को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा रहा है। आयोजन में सहयोग देने वाले सभी समाज के लोगों को सम्मानित करने की भी योजना है। इस मौके पर प्रतियोगिता का स्वरूप, एवं आयोजन समिति, सुरक्षा समिति सहित अन्य व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर पूर्व विधायक रामजी भारती, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, पद्मश्री उषा बारले सहित समाज के अन्य प्रतिनिधि शामिल थे।
देश-विदेश मेें मशहूर हैं पंथी नृत्य
देश-विदेश में मशहूर है छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य। यह छत्तीसगढ़ के सतनामी समुदाय का पारंपरिक नृत्य है। इस नृत्य में बाबा गुरूघासीदास जी के संदेशों को गीतों और नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। यह वस्तुतः एक धार्मिक और आध्यात्मिक नृत्य है। यह नृत्य सामूहिक अराधना की तरह है। इस नृत्य की विशेषता मांदर की थाप और मंजीरे की झांझ में तेज गति से नर्तक नृत्य प्रस्तुत करते है। तेज गति से प्र्रस्तुत किए जाने वाले इस नृत्य से दर्शक रोमांचित हो उठते हैं। पंथी नृत्य में कई वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल होता है, जैसे मांदर, झांझ, झुमका, मंजीरे, चिकारा, हारमोनियम, और बेन्जो आदि शामिल होता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज को जान से मारने की धमकियां मिलने के बाद अब उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज डॉ. सलीम राज को मिल रही धमकियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज को धमकी मिली है, क्योकि उन्होने स्वच्छता और शुद्धता बनाए रखने के लिए ऐसे मदरसों में जहां धार्मिक की जगह राजनीतिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं, उन्हें रोकने का प्रयास किया था। गृहमंत्री शर्मा ने कहा की उनकी सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी। स्पष्टता के साथ वह काम करें, सरकार उनके साथ है।
जानें पूरा मामला
बता दें कि वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने हाल ही में मस्जिदों के मुतवल्लियों को निर्देश जारी किया था. निर्देश के मुताबिक मस्जिदों में होने वाली तकरीर की जानकारी मुतवल्ली अब वक्फ बोर्ड को देंगे. वक्फ बोर्ड का फरमान जारी होने के बाद सलीम राज को जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है. उन्होंने कहा कि छह इंच छोटा और सिर कलम करने की भी धमकी मिली है.
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, “मैं मस्जिदों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दूंगा और धमकी से डरने वाला भी नहीं हूं. मैंने जो नियम बनाया है वह देशहित के लिए और सर्वहित के लिए है. इस नियम में साफ है कि तकरीर के दौरान राजनीतिक भाषण न हो, जिससे सामाजिक सौहार्द और वातावरण बना रहे. हमारे निर्णय के बाद 154 मुतवल्ली ने टॉपिक भेजा था जिसे हमने अप्रूव कर दिया है. जो वक्फ बोर्ड का अवगत नहीं कराएंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे.”
रायपुर। जिला सहकारी बैंक में हुए करोड़ों के घोटाले को लेकर NSUI ने कलेक्टर गौरव कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर एनएसयूआई ने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी. इस दौरान NSUI जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी समेत सैकड़ों की संख्या में NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे.
जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने बताया कि सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर प्रदेश का सबसे बड़ी और पुरानी वित्तीय संस्था है, जहां लाखों किसानों के करोड़ों रुपए शेयर के रूप में जमा है. बीते सालों में बैंक के अधिकारियों द्वारा ही करोड़ों रुपए का गबन किया है. बैंक कर्मी ही जब बैंक को लुटेंगे तो बाहरी चोर और डकैतों की जरूरत ही नहीं है.
प्रशांत ने बताया, बैंक के सीओडी शाखा में बीते सालों में दस करोड़ से अधिक का गबन हुआ है. पिछले साल सितंबर 2023 में हमारे पार्टी के नेता और बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष पंकज शर्मा के निर्देशों पर कुछ अधिकारियों के खिलाफ मौदहापारा पुलिस थाने में अपराध दर्ज कराया गया था. अब भाजपा सरकार आने पर घोटालेबाज अधिकारी और कर्मचारियों को बचाया जा रहा है. इस घोटाले में बैंक में 20 से ज्यादा कर्मचारी सीधे तौर पर शामिल हैं, जिन पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है. किसी भी कर्मचारी को अब तक निलंबित भी नहीं किया गया है
जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहा बैंक प्रबंधन
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बताया, कर्मचारी नेता मोहनलाल साहू के खाते में 20 लाख से अधिक रकम जमा हुआ है फिर भी कार्रवाई नहीं की गई है. बैंक प्रबंधन द्वारा जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है. मीडिया मे लगातार बैंक में गबन संबंधी खबरें प्रकाशित हो रही है. उसके बाद भी घोटालेबाजों पर बैंक प्रबंधन कार्रवाई नही कर पा रहा है. दोषी कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर अपराध दर्ज कराएं. एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर बैंक मुख्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा. इसकी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की होगी.
बिलासपुर। उच्च न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जा रहा है. इस लिहाज से कोर्ट के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा अधिवक्ताओं, सहायकों और परिसर में कार्यरत अन्य शासकीय विभागों के कर्मियों के लिए क्यूआर कोड/बार कोड मय फोटो पहचान पत्र की व्यवस्था बनाई जा रही है.
रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश में शासकीय कर्मचारी-अधिकारियों के अलावा अधिवक्ताओं और सुरक्षा कर्मियों से पहचान पत्र बनवाकर, संबंधित जानकारी कोर्ट में आने-जाने के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन की जानकारी एडिशनल रजिस्ट्रार कार्यालय में 15 जनवरी, 2025 तक उपलब्ध कराने कहा गया है.
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी/ईओडब्ल्यू की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है. आज फिर बलरामपुर जिले के राजपुर ब्लॉक के ओकरा पथलपारा में पदस्थ पटवारी को एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
जानकारी के मुताबिक, फौती नामांतरण के एवज में पटवारी ने पैसे की मांग की थी. लंबे समय से पटवारी पैसे के लिए आवेदक पर दबाव बना रहा था. इसकी शिकायत पर एसीबी की टीम ने पटवारी पवन पाण्डेय को 12 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया.