रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में नशीली दवाओं के सेवन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण हो यह सुनिश्चित किया जाए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में प्रदेश में नशीली दवाओं के विक्रय एवं सेवन पर वैधानिक कार्यवाही करने और नशीली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए गृह विभाग और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में इस आशय के निर्देश दिए गए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। श्री शर्मा ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा है कि नशीली दवाओं के नियंत्रण के लिए मेडिकल दुकानों का नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण करें तथा ऐसे मेडिकल शॉप जो वैधानिक नशीली दवाओं के कारोबार में संलग्न है उन पर त्वरित एवं कठोर कार्यवाही करें। ऐसे दुकानदारों पर एफआईआर करें तथा गिरफ्तारी की भी कार्यवाही करें। उपमुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए स्थानीय निकायों के पदाधिकारियों का सहयोग लेने की भी बात कही है।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नियंत्रक खाद्य एवं औषधि को पुलिस अधिकारियों से समन्वय कर ड्रग इंस्पेक्टर की टीम बनाकर लगातार दवाई दुकानों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुवा, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास निहारिका बारीक, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. प्रियंका शुक्ला, विशेष सचिव वित्त एवं सामान्य प्रशासन तथा नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन चंदन कुमार सहित पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने नई दिल्ली के भारत मण्डपम में आयोजित 43वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन का भ्रमण कर प्रदर्शित वस्तुओं और उत्पादों की जानकारी ली। राज्यपाल ने पवेलियन में उपस्थित शिल्पकारों और उद्यमियों से बातचीत की एवं उन्हें प्रोत्साहित किया। राज्यपाल ने कहा कि व्यापार मेला छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का एक बेहतरीन मंच है। उन्होंने राज्य की कला और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और विकास की झलक इस पवेलियन में देखने को मिलती है।
छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, और औद्योगिक विकास को प्रदर्शित किया गया है। छत्तीसगढ़ के शिल्पकार एवं कलाकारों द्वारा बेलमेटल शिल्प, कोसा सिल्क व जैविक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। पवेलियन में राज्य की नई औद्योगिक योजनाओं और निवेश की संभावनाओं को भी यहां दिखाया गया। इस दौरान नई दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मंत्रिपरिषद की उप समिति द्वारा अनुशंसित 54 राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने के लिए आगामी कार्यवाही करने का फैसला लिया गया. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया.
- मंत्रिपरिषद द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण हेतु नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन, NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई।
- विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिये जाने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उप समिति द्वारा अनुशंसित 54 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिए जाने हेतु आगामी कार्यवाही किए जाने का अनुमोदन किया।
- खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राज्य में मक्का फसल तथा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत दलहन-तिलहन और रबी विपणन मौसम 2025-26 में चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन हेतु नेफेड एवं एनसीसीएफ को प्रोक्योरमेंट एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों को नवीन उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता उचित मूल्य पर सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने आज महत्वपूर्ण फैसला लिया। इसके तहत भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में इम्पैनल्ड सेंट्रल नोडल सीड एजेंसी से आवश्यकतानुसार सीधे बीज क्रय किया जा सकेगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को छत्तीसगढ़ राज्य भंडार क्रय नियम 2002 के नियम 4 में छूट देने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ राज्य जल विद्युत परियोजना (पम्प स्टोरेज आधारित) स्थापना नीति 2023 में परियोजना विकासकर्ता को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से प्रथम पांच वर्षाें के लिए प्रति वर्ष 01 लाख रूपए प्रति मेगावाट की दर से लिए जाने वाले हरित ऊर्जा विकास शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। हरित ऊर्जा शुल्क में प्रत्येक पांच साल के बाद 25 प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान था, इसे भी समाप्त कर दिया गया है। इससे राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं एवं ग्रीन एनर्जी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
- कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षाओं को केन्द्रीकृत किये जाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया है।
- छत्तीसगढ़ राज्य में हाउसिंग एण्ड अर्बन डेवलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड (हुडको) से आवास, नगरीय विकास एवं अन्य क्षेत्रों में सहायता प्राप्त करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य को हुडको द्वारा आगामी 5 वर्षो में एक लाख करोड़ रूपए तक की वित्तीय सहायता, परामर्श, क्षमता विकास सेवाएं प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया है।
- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अब तक तथा भविष्य में प्राप्त होने वाली भूमि को आवासीय प्रयोजन में व्यपवर्तित करने पर राज्य शासन द्वारा लागू व्यपवर्तन शुल्क प्रीमियम, अर्थदण्ड एवं भू-राजस्व के पुनः निर्धारण से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे हाउसिंग बोर्ड के मकान क्रेताओं को लाभ होगा।
- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के सांवतपुर इलाके में शिवनाथ नदी से दिनदहाड़े रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है, जिससे खनन माफियाओं का हौसला बुलंद दिख रहा है. महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सरगांव थाना क्षेत्र में यह अवैध कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही.
रेत माफिया बेखौफ, ट्रैक्टर-ट्रालियों से जारी उत्खनन
स्थानीय लोगों के अनुसार, आधा दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियां प्रतिदिन नदी से रेत भर रही हैं. तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि मनियारी नदी में खुलेआम रेत का उत्खनन हो रहा है.
शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
ग्रामीणों ने इस अवैध कारोबार की शिकायत कई बार सरगांव थाने में की है, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया. इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हैं. उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मौन स्वीकृति इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रही है.
वायरल वीडियो ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किलें
सांवतपुर के सरपंच प्रतिनिधि मनोज उइके का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे मनियारी नदी पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन को रोकने की मांग कर रहे हैं.
इस मामले को लेकर सरगांव थाना प्रभारी संतोष शर्मा ने कहा, “मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है. मैं फिलहाल मुंगेली में हूं. जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी.” वहीं एसडीएम बी.आर. ठाकुर ने कहा, “नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.”
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही (GPM) जिले में आज सुबह हुए रेल हादसे के चलते रेलवे ने कुछ ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया है और कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया है. बता दें, आज सुबह भंनवारटोंक रेलवे स्टेशन में बिलासपुर से आ रही कोयले से लोड मालगाड़ी के 23 डब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए हैं और डिरेल हो गए. इस घटना के चलते बिलासपुर-पेंड्रारोड-कटनी रेलवे मार्ग की सभी ट्रेनें ठप्प हो गई है. पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन में शहडोल-बिलासपुर मेमू हादसे के बाद खड़ी हो गई है. रेलवे की टीम लगातार रेलवे ट्रैक को क्लियर करने में जुटी हुई है.
रद्द की गई गाड़ियां
दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18258 चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.
दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18257 बिलासपुर- चिरमिरी एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.
दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18242 अम्बिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.
दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18241 दुर्ग-अम्बिकापुर एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.
गंतव्य से पहले रद्द की गई गाड़ियां –
गाड़ी संख्या 08739 शहडोल-बिलासपुर मेमू को आज दिनाँक 26 नवंबर 2024 को पेंड्रारोड स्टेशन में समाप्त किया गया है.
गाड़ी संख्या 08748 कटनी-बिलासपुर मेमू को आज दिनाँक 26 नवंबर 2024 को शहडोल स्टेशन में समाप्त किया गया है.
अभनपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में खनिज विभाग ने बीती रात गौण खनिजों के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. खनिज विभाग की टीम ने बीती रात जिले के अभनपुर इलाके में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 7 हाईवा और नवा रायपुर से 2 हाईवा मुरुम को जप्त कर पुलिस चौंकी उपरवारा को सुपुर्द कर दिया है. यह कार्रवाई रायपुर कलेक्टर के आदेश और खनिज विभाग के उप संचालक के.के. गोलघाटे के निर्देश पर की गई.
अवैध परिवहन पर कार्रवाई
खनिज विभाग के सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा के नेतृत्व में टीम ने गरियाबंद जिले से रेत का और नवा रायपुर से मुरुम का अवैध परिवहन कर रहे हाईवा वाहनों को पकड़ा. इन वाहनों को पुलिस चौकी उपरवारा के सुपुर्द कर दिया गया.
पकड़े गए वाहनों की जानकारी
जब्त हाईवा बेमेतरा, रायपुर और दुर्ग जिलों के बताए जा रहे हैं. इनका रजिस्ट्रेशन नंबर इस प्रकार है:
- CG 04 NW 5583
- CG 04 PB 9982
- CG 04 PS 3972
- CG 04 3971
- CG 25 M 4501
- CG 22 T 9722
- CG 97 CE 5668
- CG 07 BR 6343
- CG 25 M 3396
टीम का सहयोग
इस कार्रवाई में वीरेंद्र बेलचंदन, सैनिक रूपेश चंद्राकर, राजू बर्मन, गोलू वर्मा और जितेंद्र केशरवानी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा.
अवैध उत्खनन का मामला
अभनपुर क्षेत्र में लंबे समय से रेत और मुरुम का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है. जनप्रतिनिधियों और खनिज माफिया की सांठगांठ की वजह से यह कारोबार फल-फूल रहा है. हालांकि, जनाक्रोश को देखते हुए खनिज विभाग कभी-कभी कार्रवाई कर अपनी सक्रियता दिखाने का प्रयास करता है.
रायपुर। साय सरकार ने विशेषर सिंह पटेल को राज्य गौसेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. इसका आदेश पशुधन विकास विभाग की संयुक्त सचिव विमला नावरिया ने जारी किया है. बता दें कि विशेषर पटेल कबीरधाम जिले से हैं. यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ के पशुपालन और गौसेवा के क्षेत्र में नए बदलाव और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित जग्गी हत्याकांड में आरोपी बनाए गए याहया ढेबर की जमानत याचिका खारिज हो गई है. मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने फैसला सुनाया. मिली जानकारी के अनुसार जग्गी हत्याकांड के शूटर्स जिस गाड़ी से आए थे वो गाड़ी याहया ढेबर की थी. इसके अलावा शूटर्स जिस घर (बत्रा हाउस) में रुके थे वो घर भी याहया की ही थी. इसे आधार बनाते हुए चीफ जस्टिस खन्ना ने याहया ढेबर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. इसके अलावा इस मामले में 2 अन्य आरोपी अभय गोयल और फिरोज सिद्दीकी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है.
इससे पहले रामावतार जग्गी हत्याकांड में आरोपी पूर्व पुलिस अफसर एएस गिल, वीके पांडेय और आरसी त्रिवेदी समेत छह लोगों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है. इन आरोपियों को छह माह पहले दोबारा जेल में दाखिल किया गया था. सभी आरोपी पांच साल से अधिक समय तक जेल में बीता चुके हैं. वकीलों ने बताया कि आरोपियों की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने सुनवाई के बाद छह आरोपियों की जमानत के आदेश दिए हैं. अब आदेश की मूल प्रति रायपुर की अदालत में जमा की जाएगी, जिसके बाद आरोपियों की जेल से रिहाई के आदेश होगा.
बता दें कि जग्गी हत्याकांड में जमानत निरस्त होने के बाद पुलिसवालों समेत जग्गी हत्याकांड समेत सभी आरोपियों को वापस जेल दाखिल करने के आदेश दिए गए थे. इस आधार पर सभी ने इस साल जून महीने में कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था.
रायपुर। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संविधान दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर उन्होंने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया और भारतीय संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला।
श्री अग्रवाल ने कहा, आज भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण हो गए गए, वर्ष 2015 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 26 नवंबर को पूरे देश में संविधान दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गई। हमारे संविधान निर्माताओं ने बहुत सोच-समझकर ऐसा संविधान तैयार किया, जिसमें देश की प्रगति, आमजन के सशक्तिकरण, महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। यदि हम सभी संविधान की मूल भावना को आत्मसात कर लें, तो हमारा देश पुनः सोने की चिड़िया और विश्वगुरु बन सकता है।"
उन्होंने संविधान पर मंडराते खतरों की ओर भी इशारा करते हुए 1975 में लगाए गए आपातकाल का जिक्र किया। श्री अग्रवाल ने कहा, "आपातकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संविधान की मूल भावना को तोड़ने का प्रयास किया, जो एक काला अध्याय है।"*
श्री अग्रवाल ने संविधान के आदर्शों के प्रति देशवासियों की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यह दिन हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। संविधान दिवस हमें भारतीय लोकतंत्र के प्रति समर्पण और राष्ट्र के विकास में भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
जगदलपुर। इंद्रावती नदी पर पुराने पुल के पास हाई लेवल पुल का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है. लेकिन इसके चलते 19 परिवारों के घरों को उजाड़ने की तैयारी प्रशासन की असंवेदनशीलता और लापरवाही को उजागर करती है.
हैरानी की बात ये है कि इन मकानों में से तीन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए घर हैं जो खुद सरकार की ओर से तैयार करवाए गए थे. सवाल यह है कि अगर ये आवास अवैध थे, तो इन्हें बनने कैसे दिया गया ?
आरोप है कि प्रशासन सरकारी जमीन पर बेजा कब्जे को रोकने में नाकाम रही. प्रशासन ने इन परिवारों को अचानक बेघर करने का फैसला लिया है लेकिन मुआवजा देने की कोई स्पष्ट योजना नहीं बनाई गई है. प्रभावित परिवार न्याय की गुहार लगा रहे हैं पर उनके लिए कोई ठोस विकल्प या पुनर्वास योजना नहीं पेश की गई.
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिन प्रधानमंत्री आवासों को खुद सरकार ने गरीबों के लिए तैयार किया वे अब अवैध घोषित किए जा रहे हैं. अब इन मकानों को तोड़ने की तैयारी में प्रशासन है. प्रवीण वार्ड के प्रभावितों ने जब घर तोड़ने का विरोध किया तो प्रशासन ने 2 दिनों का समय दिया है प्रभावितों की मांग सिर्फ जमीन के बदले जमीन और उचित मुआवजा की मांग कर रहे है. देखने वाली बात होगी कि 2 दिन बाद इस वार्ड में क्या स्थिति बनती है.
इस मामले पर तहसीलदार रूपेश मरकाम का कहना है कि सेतु निर्माण के लिए जो अवैध रूप से काबिज है उनको हटाना है इससे पहले भी इनको नोटिस दिया गया था, लेकिन हटाये नहीं है. दोबारा प्रभावितों ने 2 दिनों का समय मांगा है. दो दिन बाद कब्जे को हटाया जाएगा. इसमें पीएम आवास भी शामिल है जिसे अधिकारियों को आवेदन के माध्यम से जानकारी देंगे इसमें जो सम्भव होगा वैसी व्यवस्थाएं की जाएगी.
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा मारवाही जिले के भंनवारटोंक रेलवे स्टेशन में एक बड़ा रेल हादसा हो गया. बिलासपुर से आ रही कोयले से लोड मालगाड़ी के 23 डब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए हैं और डिरेल हो गए. कुछ डिब्बे पलट गए जिससे डिब्बों में भरा कोयला रेलवे ट्रैक पर गिर गया है. वहीं इस घटना के चलते बिलासपुर-पेंड्रारोड-कटनी रेलवे मार्ग की सभी ट्रेनें ठप्प हो गई है. पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन में शहडोल-बिलासपुर मेमू हादसे के बाद खड़ी हो गई है. सूचना मिलते ही रेलवे अमला मौके पर पहुंचकर ट्रैक को क्लियर करने में जुट गया है.
जानकारी के अनुसार, यह हादसा आज सुबह 11:11 बजे भंनवारटोंक रेल्वे स्टेशन के पास मरही माता मंदिर सिग्नल के पास हुआ है, जो घने जंगल के बीच है. राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है. इसके चलते इस रूट पर अप-डाउन दोनों लाइनों पर परिचालन बाधित हो गया है. मार्ग ठप्प होने की वजह से कुछ यात्री गाड़ियों को परिवर्तित मार्ग से गंतव्य के लिए रवाना किया जा रहा है, जिसकी जानकारी इस प्रकार है.
(1) गाड़ी संख्या 12549 दुर्ग – उधमपुर सुपर फास्ट एक्सप्रेस दिनांक 26 नवंबर 2024 को परिवर्तित मार्ग दुर्ग – राजनांदगांव गोंदिया- जबलपुर – कटनी- मुड़वारा होते हुए अपने गंतव्य तक जाएगी।
(2) गाड़ी संख्या 18242 अंबिकापुर दुर्ग एक्सप्रेस दिनांक 26 नवंबर 2024 को रद्द रहेगी।
(3) गाड़ी संख्या 18241 दुर्ग अंबिकापुर एक्सप्रेस दिनांक 26 नवंबर 2024 को रद्द रहेगी।
(4) गाड़ी संख्या 12854 भोपाल दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस दिनांक 26 नवंबर 2024 को परिवर्तित मार्ग जबलपुर गोंदिया दुर्ग होते हुए चलेगी।
(5) गाड़ी संख्या 12853 दुर्ग भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस दिनांक 26 नवंबर 2024 को परिवर्तित मार्ग दुर्ग – गोंदिया जबलपुर होते हुए चलेगी।
(6) गाड़ी संख्या 15159 छपरा दुर्ग एक्सप्रेस दिनांक 26 नवंबर 2024 को परिवर्तित मार्ग जबलपुर गोंदिया दुर्ग होते हुए चलेगी।
(7) गाड़ी संख्या 15160 दुर्ग छपरा एक्सप्रेस दिनांक 26 नवंबर 2024 को परिवर्तित मार्ग दुर्ग – गोंदिया – जबलपुर होते हुए चलेगी।
(8) गाड़ी संख्या 18477 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस – जो कि कल दिनांक 25/11/2024 को पुरी से योगनगरी ऋषिकेश के लिए रवाना हुई थी, को परिवर्तित मार्ग बिलासपुर – गोंदिया – जबलपुर – कटनी मुरवारा के रास्ते गंतव्य को रवाना किया जा रहा है.
(9) गाड़ी संख्या 12549 दुर्ग – एमसीटीएम (ऊधमपुर) एक्स्प्रेस – जो कि आज दुर्ग स्टेशन से एमसीटीएम (ऊधमपुर) के लिए छूटेगी, को परिवर्तित मार्ग दुर्ग – गोंदिया – जबलपुर – कटनी मुरवारा के रास्ते गंतव्य को रवाना किया जा रहा है.
यात्रियों की सुविधा हेतु “May I Help You” बूथ की स्थापना बिलासपुर, रायगढ़, अनुपपुर, शहडोल, उसलापुर, दुर्ग, रायपुर एवं गोंदिया इत्यादि महत्वपूर्ण स्टेशनों पर की गई है.
रायपुर। छोटे स्टेशनों में आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. SECR की 14 ट्रेनों को अब नियमित कर दिया गया है. मतलब यात्रियों को अब इन ट्रेनों में सफर करने के लिए ज्यादा किराया नहीं देना पड़ेगा. कोरोना महामारी के बाद से इन 14 पैसेंजर ट्रेनों को रेलवे स्पेशल बनाकर चला रहा था. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी ने पूरे देश को सकते में ला दिया था. सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया. वहीं हालात सुधारने के साथ ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाया जाने लगा. इस घटना को 4 साल गुजर गए है. वहीं कोरोना महामारी भी लगभग समाप्त हो गई है.
इसके बावजूद SECR की 14 ट्रेनें स्पेशल बनकर पटरियों में दौड़ रही थी. जिसका खामियाजा यात्री भुगत रहे थे. स्पेशल होने के कारण यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ रहा था. ऐसे में लोग और जनप्रतिनिधि इन ट्रेनों को नियमित करने की मांग करने लगे. आखिरकार एसईसीआर ने स्पेशल के रूप में चल रही 14 पैसेंजर ट्रेनों को नियमित कर दिया है. जिसका सीधा लाभ यात्रियों को होगा. खासकर छोटे स्टेशनों में आवागमन करने वाले हजारों यात्री लाभवित होंगे. यात्रियों को अब ज्यादा किराया नहीं देना पड़ेगा.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज प्रातः संविधान दिवस पदयात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए। संविधान दिवस पदयात्रा पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय सभागृह से प्रारंभ होकर अंबेडकर चौक पर समाप्त हुई। मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस पदयात्रा में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, विधायकगण इंद्र कुमार साहू, गुरु खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा, महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा और युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वजीत तोमर शामिल थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय सभागृह में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संविधान भारत की सदियों पुरानी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं का आइना है। यह संविधान हमारे सदियों के संघर्ष, अनुभव और उपलब्धियों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज के दिन 26 नवंबर से संविधान दिवस 2024 के आयोजन की शुरूआत हुई है। आज भारत के संविधान को आत्मसात किए 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने जहां पर मौलिक अधिकारों की बात लिखी है, वहां भगवान श्रीराम, माता सीता और भइया लक्ष्मण की तस्वीर अंकित की है। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर तब की है जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद अयोध्या लौट रहे थे। हमें इस बात को समझना होगा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने इस तस्वीर के माध्यम से हमें क्या संदेश दिया है। संविधान में ऐसे ही अनेक चित्र और संकेत हैं, जिनके माध्यम से संविधान निर्माताओं ने इंगित किया है कि हमें भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के साथ लोकतंत्र को आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी हमारे संविधान की एक बड़ी विशेषता है कि इसमें परिवर्तनशील समय के अनुरूप आवश्यकता पड़ने पर संशोधन का भी प्रावधान है। हमारे संविधान निर्माताओं ने देश पर अपनी इच्छाओं और विचारों को लादा नहीं, बल्कि अपनी दूरदर्शिता से भावी पीढ़ी के लिए यह गुंजाइश छोड़ी कि वह अपने समय की परिस्थितियों, अपने समय के ज्ञान, अपने समय की आवश्यकताओं के अनुसार इसमें संशोधन कर सकें।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि संविधान दिवस के इस गौरवशाली पल में हमें लोगों को संविधान प्रदत्त अधिकारों एवं हमारे मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। संविधान सभा ने दो वर्ष 11 माह 18 दिन में संविधान का निर्माण किया। भारत का यह संविधान पूरे विश्व के लिए आदर्श है। संविधान केवल किताब ही नही, अपितु लोकतंत्र के जीवन का दर्शन है। संविधान कर्तव्यों और अधिकारों का निर्धारण करता है। यह देश की एकता और अंखडता का सूचक है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भारत के संविधान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संविधान दिवस मनाने का आह्वान किया है। दुनिया के सबसे बड़े संविधान ने वनांचल की बेटी को देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति के पद पर आसीन होने का अवसर दिया। दलितों को आगे बढ़ाने का यदि कोई साधन है तो वह है भारत का संविधान। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए देश के सभी लोगों को संविधान में दिए गए कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना होगा। भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर को युगों-युगों तक याद रखा जाएगा।
विधायक धरम लाल कौशिक ने कहा कि देश की आजादी के बाद लोकतंत्र को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए संविधान का निर्माण हुआ। संविधान दिवस संविधान निर्माताओं को नमन करने का दिन है। आज के दिन सभी को कर्तव्यों की जवाबदेही पर संकल्प लेना चाहिए।
संविधान के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है, जो सालभर चलेगा। इसके लिए ’’हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान’’ टैगलाइन तय की गई है।
इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के सीईओ विश्वदीप, खेल विभाग की संचालक तनुजा सलाम सहित अन्य अधिकारीगण और स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
रायपुर। प्रदेश में अब ठिठुराने वाली ठंड शुरू हो गई है. उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहर के बाद अब दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी तेजी से पारा गिरा है. माना में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और रायपुर में 14 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है.
वहीं दुर्ग में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान बलरामपुर में 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मंगलवार को भी न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना है. मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार नारायणपुर में न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस, बस्तर में 12.6 डिग्री सेल्सियस, दंतेवाड़ा में 12.3 डिग्री सेल्सियस, बीजापुर में 13.5 डिग्री सेल्सियस और सुकमा में 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. उधर, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. सरगुजा में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस, बलरामपुर-रामानुजगंज में 8.8 डिग्री सेल्सियस, जशपुर में 12.4 डिग्री सेल्सियस, पेंड्रा में 10 डिग्री व कोरिया में 10.8 डिग्री, महासमुंद में 11.4 डिग्री, दुर्ग में 12 डिग्री, राजनांदगांव में 13 और बालोद में 12.8 दर्ज किया गया. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि वातावरण में नमी के कारण छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान में गिरावट का क्रम जारी है. दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है. रायपुर में 26 नवंबर को आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रह सकती है.
रायपुरियंस दिन में भी ठिठुरने लगे
राजधानी में दिन में भी ठंड का अहसास हुआ. ज्यादातर लोग दिनभर गरम कपड़ों में नजर आए. माना और शहर के आउटर क्षेत्र में ठंड ज्यादा लग रही थी. मंगलवार को आकाश साफ रहने पर पारा और गिरने की संभावना है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों के लिए आर्थिक सहायता की स्वीकृति दे रहे हैं। गंभीर तथा दुर्लभ बीमारियों के इलाज में होने वाले खर्च से बचाने के लिए संजीवनी सहायता कोष का विस्तार करते हुये मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना संचालित की जा रही है । इस योजना से प्रदेश के नागरिक लाभान्वित हो रहे है।
9 माह के भीतर योजना के अंतर्गत 1211 मामलों में जरूरतमंदों को सहायता मिली है और इस दौरान उन्हें 43 करोड़ 16 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गयी है। इसी योजना के अंतर्गत सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम परसा निवासी उर्मिला देवी सिदार पति स्व. केदारनाथ सिदार का नि:शुल्क कैंसर का इलाज चल रहा है। श्रीमती उर्मिला ने बताया कि उनके पति के मृत्यु हो जाने के बाद घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वह अपनी इस गंभीर बीमारी का इलाज नहीं करा पा रही थी। एक तरह से उन्होंने भी जीने की उम्मीद छोड़ दी थी। शुरुआती दौर में उन्होंने आयुष्मान कार्ड योजना से प्राप्त राशि से अपना इलाज कराया। लेकिन उन्हें कैंसर की बीमारी के इलाज के लिए और भी अधिक राशि की आवश्यकता थी। फिर उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी मिली। जिस पर उन्होंने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया और जुलाई 2024 में सहायता राशि स्वीकृत हुई।
वर्तमान मे योजना के अंतर्गत उनका इलाज मेकाहारा हॉस्पिटल, रायपुर में निःशुल्क किया जा रहा है। उर्मिला देवी सिदार ने बताया कि उनके कैंसर के इलाज के लिए प्रत्येक 21 दिनों में कीमोथेरेपी किया जा रहा है साथ ही अन्य दवाईयां भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ नहीं मिल पाता तो शायद ही वह अपनी इस गंभीर बीमारी का इलाज करा पाती।
श्रीमती उर्मिला ने उनके जीवन में आए इस कठिन समय में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उन्हें इस योजना के माध्यम से सहयोग प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत चिन्हित दुर्लभ बीमारियों के ईलाज के लिए राज्य के पात्र परिवारों को अधिकतम 25 लाख रूपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य है, जो इतनी बड़ी राशि राज्य के नागरिकों के इलाज हेतु प्रदान कर रही है, जिससे नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं तथा स्वस्थ और बेहतर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा रहा है।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में भाजपा के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनते ही ग्रामीण विकास के रास्ते खुल रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान भी हो रहा है. किसानों के 21 क्विंटल धान 3100 रूपये के भाव से खरीद उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध किया जा रहा है. वहीं महिलाओं को महतारी वंदन की राशि देकर उनके जरूरत का ध्यान रखा जा रहा है तो स्वास्थ्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है. अब इसमें एक कदम आगे बढ़ते हुए बलौदाबाजार भाटापारा जिले में धान कटाई के समय लोगों की आंखों की सुरक्षा हो उन्हें कॉर्निया, अल्सर न हो इसके बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मितानिनों के सहयोग से ग्राम स्वच्छता एवं पोषण समिति के माध्यम से अभियान चलाकर खेतों में धान कटाई करने वाले महिलाओं पुरूषों को चश्मा का वितरण किया जा रहा है, जिससे उनकी आंखों में धान कटाई के दौरान उड़ने वाले तिनकों और धूल से बचाया जा सके और आंखों में कॉर्निया अल्सर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा न हो.
बलौदाबाजार भाटापारा जिले में अब तक इस अभियान के तहत लगभग 7500 चश्मा का वितरण किया जा चुका है और अभी वितरण का काम लगातार जारी है. जिसका एक अच्छा परिणाम सामने आ रहा है ग्रामीण किसान, महिला, पुरूष मजदूर के आंखों की रक्षा हो रही है. वहीं मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के इस योजना से ग्रामीण काफी खुश है और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री को धन्यवाद दे रहे हैंं.
ग्रामीण महिला ने बताया कि वह बचपन से धान कटाई का काम कर रही है पर यह पहली बार हुआ है जो उसे मितानीन दीदी लोग आकर चश्मा दिये है और वह इसे पहनकर अब धान कटाई कर रही. है पहले धान कटाई करते वक्त आंखों में धान काटते समय तिनके घुस जाते हैं छोटे-छोटे पतिंगे आंखों में घुसते थे जिससे बहुत तकलीफ होती थी अब चश्मा मिलने से राहत मिली है और अच्छा लग रहा है. मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद जो हम महिलाओं किसानों का ध्यान रख रहे हैं.
ग्रामीण किसान लेखा सिंह पैकरा ने बताया कि यह पहला मौका है जब सरकार ने धान कटाई करने वाले मजदूर महिलाओं-पुरूषों का ध्यान रखा है और धान कटाई के समय जो हमे दिक्कत होती थी. उससे निजात दिलाया है पहले धान काटने के समय जो तिनका उड़ता था आंखों में घुसकर काफी परेशान करता था पर चश्मा पहनकर धान काटने से अब हमारे आंखों की रक्षा हो रही है. मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद जो हमारे लिए इतना सोच रहे हैं.
स्वास्थ्य मितानिन समन्वयक अंजली साहू ने बताया कि हम लोग अभी तक 45 गांव में 1500 चश्मा का वितरण कर चुके हैं पहले हम लोगो को कार्निया बीमारी की जानकारी नहीं थी पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी मिलने के बाद लगातार हम और हमारी मितानीन दीदी गाँव में जाकर चश्मा वितरण कर रहे हैं और लोगो को इस बीमारी के बारे में जानकारी देकर जागरूक भी कर रहे हैं.
जिले के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी ने बताया कि जिले में अंधत्व निवारण को लेकर लगातार काम हो रहे हैं और जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है इसमें जब धान कटाई का समय आया तो देखने में आया कि कटाई के वक्त जो तिनके उड़ते थे वो आंखों में फंस जाते हैं. कार्निया एक झिल्ली के अंदर है और यदि तिनका अंदर घुस गया तो डेमेज तो करता ही है व्यक्ति आंख से अंधा भी हो जाता है जिसको देखते हुए ग्राम स्वच्छता एवं पोषण समिति के तहत हमने मितानिनों के माध्यम से गांव गांव में धान कटाई कर रहे महिलाओं पुरूषों को चश्मा वितरण कर रहे हैं और उन्हें चश्मा लगाकर धान काटने प्रेरित कर उनकी आंखों की रक्षा कर रहे हैं. अभी तक 7500 चश्मा वितरण किया जा चूका है और यह क्रम जारी है ताकि लोगों को आंखों के अल्सर की बीमारी से बचाया जा सके.
बिलासपुर। ईको-फ्रेंडली (ग्रीन जेल) बनाने के लिए लघु, मध्यम तथा दीर्घकालिक अवधि लक्ष्यों को निर्धारित कर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू कर दिया गया है। इसके पहले चरण में जल संरक्षण, जल संवर्धन, ऊर्जा संरक्षण, प्लास्टिक और पॉलिथीन मुक्त तथा रीसाइक्लिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
बता दें कि रीसाइक्लिंग के लिए जेल स्टाफ और जेल में निरुद्ध बंदियों को प्रशिक्षण दिया गया है। बिलासपुर केंद्रीय जेल की सप्लाई में प्लास्टिक एवं पॉलिथीन के उपयोग को न्यूनतम किया गया है। साथ ही, प्लास्टिक एवं पॉलिथीन रीसाइक्लिंग के लिए जेल में ही प्लास्टिक ब्रिक्स बनाने का कार्य किया जा रहा है। पानी के युक्ततम उपयोग हेतु बंदियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे पानी की बर्बादी न हो। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए भी स्थानीय स्तर पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बिजली के दुरुपयोग को रोकने हेतु ऊर्जा ऑडिट कराया गया है। साथ ही, जेल स्टाफ को प्रशिक्षण देकर जागरूक किया गया है
जेल परिसर बनेगा शहर के लिए “ऑक्सीजन जनरेटर”
गौरतलब है कि केंद्रीय जेल बिलासपुर में पर्याप्त हरियाली है। एनजीओ के माध्यम से जेल परिसर में उपलब्ध वनस्पति तथा जीव (फ्लोरा और फौना) के सर्वे का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। सर्वे के आधार पर वनस्पति तथा जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु रोडमैप बनाकर कार्यान्वित किया जाएगा। इसका मूल उद्देश्य यह है कि आगामी वर्षों में जेल परिसर बिलासपुर शहर के लिए “ऑक्सीजन जनरेटर” का कार्य करे। इसी तरह, कचरे (वेस्ट) प्रबंधन हेतु जेल में पहले से व्यवस्था है। इस व्यवस्था में सुधार कर गीले एवं सूखे कचरे का संग्रहण, पृथक्करण और डिस्पोजल के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है।
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने बताया कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु तथा पर्यावरण देने के उद्देश्य से केंद्रीय जेल, बिलासपुर को “ईको-फ्रेंडली ग्रीन जेल” बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यह जेल विभाग की ओर से समाज को एक सकारात्मक उपहार है।
मोहला मानपुर। मोहला-मानपुर जिले में फिर से अन्नदाता आंदोलित रुख इख्तियार करते दिख रहे हैं। दरअसल जिले के नक्सल प्रभावित आदिवासी बाहुल्य मानपुर ब्लॉक में क्षेत्रवासी किसानों ने मानपुर ब्लॉक मुख्यालय में दोबारा धान खरीदी केंद्र आरंभ करने की मांग करते हुए क्षेत्रीय एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा है। वहीं किसान ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर आगे धरना प्रदर्शन व बड़ा आंदोलन किए जाने का फरमान भी सुना दिया है।
बता दें कि मानपुर ब्लॉक मुख्यालय में संचालित धान खरीदी केंद्र को बीते वर्ष यहां से करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर टोहे गांव के पास स्थित जंगल में शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में अब किसानों को अतिरिक्त दूरी तय करने के साथ-साथ विभिन्न तरह की समस्याओं का सामना धान बेचने के दौरान करना पड़ रहा है। यही वजह है कि मानपुर में धान खरीदी केंद्र बंद कर दिए जाने से प्रभावित करीब 9 ग्राम पंचायत क्षेत्रों के किसानों ने मानपुर ब्लॉक मुख्यालय में जुटकर एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए उन्हें मांग पूरी नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की संभावना से भी वाकिफ करा दिया है।
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पूर्व आमागढ़ चौकी ब्लॉक अंतर्गत कोरचाटोला में क्षेत्रीय किसानों ने प्रदेश में धान खरीदी आरंभ होने के अगले ही रोज भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन कर कोरचाटोला में धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग बुलंद की थी। हालांकि उक्त प्रदर्शन के बाद यहां उप धान खरीदी केंद्र शासन को खोलना पड़ा,लेकिन अब फिर से जिले के एक अन्य क्षेत्र में धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग पर किसानों का आंदोलित रुख शासन प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।