गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का काम जोरों पर है, लेकिन जिले के तिलोरा गांव सहित कई अन्य इलाकों के किसानों को रकबा कटौती और ऑनलाइन रिकॉर्ड की समस्याओं के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि इन समस्याओं की वजह से वे अपने पट्टे में धान नहीं बेच पा रहे हैं।
रकबा कटौती और ऑनलाइन खसरा की समस्या
जिले के सैकड़ों किसानों का आरोप है कि राजस्व विभाग में रकबा कटौती और खसरा बी-1 की ऑनलाइन एंट्री नहीं होने के कारण वे धान खरीदी केंद्रों में अपना धान समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित हैं. पहले ये किसान अपने पट्टे में आसानी से धान बेचते थे, लेकिन अब रकबा कटौती और ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज न होने से वे बार-बार तहसीलदार और पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसान
इस समस्या से परेशान किसान जिले के कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द रकबा सुधार की मांग की. किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
समर्थन मूल्य पर धान बेचने में देरी
इन समस्याओं के चलते किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित हो रहे हैं. किसानों का कहना है कि अगर यह समस्या जल्द हल नहीं होती, तो उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ेगा. जिला प्रशासन से उन्होंने मांग की है कि इस समस्या का समाधान शीघ्र निकाला जाए ताकि वे अपने अधिकार के तहत धान बेच सकें.
राजस्व विभाग का बयान
राजस्व विभाग के अनुसार, तिलोरा गांव के किसानों को जो पट्टा जारी किया गया था, वह पड़ोसी जिला कोरबा से संबंधित है. इसी वजह से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के राजस्व रिकॉर्ड में इन किसानों का डेटा ऑनलाइन दर्ज नहीं है. जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि रिकॉर्ड की जांच के बाद सुधार प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी.
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं सदस्यों ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग कार्यालय रायपुर में महिलाओं से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की. रायपुर जिले में कुल 139 मामलों पर जनसुनवाई हुई. आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि वह अपना प्रकरण वापस लेना चाहती है. आवेदिका ने बताया कि उसे भरण पोषण के लिए लगभग 25-30 लाख की सम्पत्ति प्राप्त हो गई है और परिवार के सभी सदस्य मिल जुलकर रह रहे हैं. उन्हें अब कोई समस्या नहीं है. आवेदिका के बयान के बाद महिला आयोग ने मामले को निरस्त किया।
एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदकों द्वारा आवेदिका को विद्यार्थियो के नंबर कम-ज्यादा करने के लिए दबाव व धमकी दिया जा रहा था. राज्यपाल ने तत्कालीन कुलपति को 20 अक्टूबर 2024 को पद से बर्खास्त कर दिया है. इस मामले में आवेदिका को उसके पद से हटा दिया गया है. इस प्रकरण में दोनों पक्षों को सुना गया और महिला आयोग ने तथ्यों के आधार पर निर्णय को लंबित रखा है. आयोग ने कहा कि इस प्रकरण में वर्तमान कुलपति को पक्षकार बनाया जाना आवश्यक है, ताकि इस प्रकरण का निराकरण किया जा सके.
भीड़ लाकर दबाव बनाने का प्रयास, आयोग ने पुलिस से मांगी जांच रिपोर्ट
एक अन्य प्रकरण में अनावेदक पक्ष द्वारा आयोग में पूरे छत्तीसगढ़ से लगभग 300 लोगों को बुलाकर दबाव की राजनीति बनाने का प्रयास किया गया. आवेदिका ने बताया कि अनावेदकों द्वारा उसका चारित्रिक हनन कर उसे बदनाम किया गया. आवेदिका ने थाने पर लिखित शिकायत की थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. आयोग ने आवेदिका के प्रकरण में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश थाना अभनपुर को दिया. साथ ही आयोग ने अनावेदक को कड़ी समझाइश दी कि भविष्य में आयोग के निर्देश के बिना अनावश्यक भीड़ लाकर दबाव बनाने का प्रयास ना करे. अन्य प्रकरण में अनावेदकों द्वारा आवेदिका को कोविड कार्यकाल के दौरान की राशि का भुगतान नहीं किया गया है. आयोग ने दोनों पक्षों की बात सुनी और इस संबंध में जिला कलेक्टर को पत्र प्रेषित किए जाने का निर्देश दिया.
थाना प्रभारी को अनावेदकों को लाने के दिए निर्देश
एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसके पिता व चाचा जो अनावेदक हैं वे पेशी में आने से बचते हैं और लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं. आयोग ने अनावेदकों को थाना प्रभारी के माध्यम से बुलाए जाने का निर्देश दिया, ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके. सुनवाई के दौरान सरला कोसरिया, लक्ष्मी वर्मा, ओज देवी मंडावी, शिक्षामित्र शोरी एवं प्रियंवदा सिंह जूदेव मौजूद रहीं.
जशपुर। जशपुर जिले में पुलिस ने कबाड़ का कारोबार करने वाले कई गोदामों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की. यह कार्रवाई जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थित कबाड़ी के गोदामों में की गई. पुलिस ने गोदामों से कांसा के बर्तन, अन्य सामान के साथ 22 लाख 30 हजार रुपये जब्त किए.
जशपुर के एसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग ने टीम बनाकर जिले भर में कबाड़ के गोदामों पर छापेमारी की. इस दौरान पत्थलगांव क्षेत्र में तीन कबाड़ियों के यहां छापे मारे गए, जिनमें पिंटू, सुंदर और विक्की कबाड़ी के गोदाम शामिल थे. इन गोदामों से दो पिकअप और एक स्वराज माजदा में कबाड़ का सामान बरामद हुआ. इसके अलावा, कुनकुरी में भी एक कबाड़ी के पास पिकअप में कबाड़ का सामान पाया गया.
हालांकि, सबसे बड़ी कार्रवाई कांसाबेल थाना क्षेत्र में हुई, जहां पूनम साहू के कबाड़ी के गोदाम से बड़ी संख्या में महंगे कांसे के बर्तन, प्रेसर कुकर और अन्य सामान जब्त किए गए. पुलिस ने गोदाम से 22 लाख 30 हजार रुपये भी बरामद किए, लेकिन इन पैसों के बारे में कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले. आरोपी कबाड़ी के पास से किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका. एसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि जब्त किए गए पैसे को इनकम टैक्स विभाग को सुपुर्द किया जाएगा और इस मामले की आगे की जांच की जाएगी.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम सड़क हादसे में घायल हो गए हैं. उन्हें ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रायपुर लाया गया है. इस हादसे को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर मंत्री रामविचार नेताम के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है.
सीएम साय ने लिखा, “कैबिनेट के हमारे वरिष्ठ साथी रामविचार नेताम जी के कार दुर्घटना में चोटिल होने की सूचना प्राप्त हुई है. प्रभु श्रीराम से उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ.”
बता दें कि कृषि मंत्री रामविचार नेताम बेमेतरा से रायपुर लौटते वक्त सड़क हादसे में घायल हो गए हैं. उन्हें ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रायपुर लाया जा रहा है. यह हादसा रायपुर-बेमेतरा मार्ग पर जेवरा गांव के पास हुआ है. बताया जा रहा कि मंत्री की गाड़ी की भिड़ंत पिकअप वाहन से हो गई. मंत्री की गाड़ी के परखच्चे उड़ गए हैं. मंत्री रामविचार नेताम को राजधानी के रामकृष्ण हॉस्पिटल लाया जा रहा है.
हादसे के बाद मंत्री रामविचार नेताम बेहोश हो गए थे. उनके सहयोगी धीरज को गंभीर चोटें आई है. बेमेतरा कलेक्टर और एसपी के मौके पर पहुंचने की सूचना है. बताया जा रहा कि ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रामविचार नेताम को रायपुर लाया जा रहा है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के दादाबाड़ी में आयोजित भगवती दीक्षा और मोक्ष माला कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दादाबाड़ी में भगवान ऋषभदेव की आरती कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भगवान महावीर के विचारों की ही शक्ति है कि पीढ़ी दर पीढ़ी उनके मूल्यों को लेकर जैन समाज आगे बढ़ रहा है। महावीर स्वामी के विचार केवल जैन धर्म के अनुयायियों के लिए ही नहीं बल्कि समूची मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी जैन मुनियों का आशीर्वाद लिया और कहा कि यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि पूरे देश से जैन मुनि यहां आए है।
उन्होंने दीक्षा ग्रहण करने वाले मुमुक्षु भाई अरिहंत जी, मुमुक्षु भाई नीलेश जी तथा मुमुक्षु बहन निकिता जी और उनके परिजनों का अभिनंदन किया। श्री साय ने कहा कि जैन समाज का सौभाग्य है कि समाज के युवा धर्म को आगे बढ़ाने दीक्षा ग्रहण कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि यह क्षण समूचे समाज के लिए प्रेरणादायक है।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया और जैन मुनिगण और जैन समाज के अनुयायी मौजूद रहे।
रायपुर। रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव की मतगणना की पूर्व संध्या विधानसभा कार्यालय तत्पर में भाजपा के मतगणना अभिकर्ताओं की आवश्यक बुलाई गई। इस बैठक में मतगणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
इस बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने अभिकर्ताओं को मतगणना प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी और उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत किया।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि सभी अभिकर्ता पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य का निर्वहन करें। मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें और प्रत्येक वोट पर ध्यान रखें। मतगणना केंद्र के नियमों और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की तुरंत जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दें। मतगणना के दौरान टीमवर्क और आपसी संवाद को प्राथमिकता दें।
बैठक में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक प्रत्याशी सुनील सोनी, अशोक बजाज, जयंती भाई पटेल, देव जी पटेल, विजय अग्रवाल समेत वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी और अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम बेमेतरा से रायपुर लौटते वक्त सड़क हादसे में घायल हो गए हैं. उनके साथ मौजूद अन्य भी घायल हुए हैं. सभी को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रायपुर लाया जा रहा है. यह हादसा रायपुर-बेमेतरा मार्ग पर जेवरा गांव के पास हुआ है।
बताया जा रहा कि मंत्री की गाड़ी की भिड़ंत पिकअप वाहन से हो गई. मंत्री की गाड़ी के परखच्चे उड़ गए हैं. मंत्री रामविचार नेताम समेत सभी घायलों को राजधानी के रामकृष्ण हॉस्पिटल लाया जा रहा है.
हादसे के बाद मंत्री रामविचार नेताम बेहोश हो गए थे. उनके सहयोगी धीरज को गंभीर चोटें आई है. बेमेतरा कलेक्टर और एसपी के मौके पर पहुंचने की सूचना है. बताया जा रहा कि ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रामविचार नेताम को रायपुर लाया जा रहा है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में ‘‘गुड गवर्नेंस‘‘ विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए प्रदेश में ‘‘मुख्यमंत्री गुड गवर्नेंस फेलो योजना’’ शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार आईआईएम रायपुर के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी छात्रों के लिए पब्लिक पॉलिसी एण्ड गवर्नेस में मास्टर पाठ्यक्रम शुरू करेगी। इसके लिए छात्रों का चयन कैट के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना में आईआईएम रायपुर में कक्षाओं के साथ-साथ छात्रों को छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में व्यवहारिक अनुभव भी दिया जाएगा। पाठ्यक्रम की पूरी फीस राज्य सरकार वहन करेगी, साथ ही छात्रों को निर्धारित मासिक स्टायफंड प्रदान करेगी। यह योजना शासन में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के युवाओं को उच्च स्तरीय शिक्षा और प्रायोगिक अनुभव का अवसर प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में पेशेवरों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो सरकार, एनजीओ, थिंक टैंक और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर गवर्नेस को बेहतर बनाने के क्षेत्र में काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में देश भर से आए हुए वरिष्ठ अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों, सुधीजनों का छत्तीसगढ़ के नागरिकों की ओर से हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि आप लोगों ने देश के विभिन्न राज्यों में चल रहे बेस्ट प्रेक्टिसेस को एक दूसरे से साझा किया है। सबने मिलकर सुशासन के क्षेत्र में परस्पर सहयोग और भागीदारी को बढ़ाने के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया है। इन दो दिनों के दौरान आप लोगों ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन की स्थापना की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में काफी कुछ जाना और समझा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा कि आप लोग जानते हैं कि हम लोगों की राजनैतिक विचारधारा के मूल में ही सुशासन का विचार है। हमारे पुराणों में जिसे रामराज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। सर्वे भवन्तु सुखिनः हमारा मूलमंत्र है। अंत्योदय और एकात्म मानववाद हमारा राजनैतिक दर्शन है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी हमारे प्रेरणा पुरूष हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेतृत्व में हम सुशासन के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अधिक से अधिक से भागीदारी के लिए प्रयासरत हैं। हमारा 44 प्रतिशत भू-भाग घने जंगलों से आच्छादित है, इसलिए भारत के पर्यावरण और जैव विविधता को बचाए रखने की महती जिम्मेदारी भी हम पर है। इन सबके साथ-साथ राज्य की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना भी हमारा प्राथमिक कर्त्तव्य है। हमने राज्य में समृद्ध खनिज संपदा, औद्योगिक विस्तार, कृषि विस्तार के साथ-साथ यहां के प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य को भी महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में चिन्हित किया है। हम राज्य के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सुशासन को भी महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में देख रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपनी नई उद्योग नीति लांच की है, इसमें पर्यटन के विकास को भी प्रोत्साहित किया गया है। बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता एक चुनौती होती है। ऐसे में इन क्षेत्रों का प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य वहां के लिए एक बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा। रोजगार और आय में बढ़ोतरी के अवसर निर्मित होंगे। लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा। राज्य में हम एक बड़े टूरिज्म सर्किट के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों पर है। हम इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास करने के साथ-साथ मूलभूत अधोसंरचनात्मक विकास भी कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने हाल ही में बस्तर के कांगेर वेली के गांव धुड़मारास को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए विश्व के चुनिंदा 20 गांवों में शामिल किया है। इससे हम बहुत उत्साहित हैं। हमने वनोंपजों और कृषि उपजों के स्थानीय प्रसंस्करण को भी आर्थिक विकास की अपनी रणनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण घटक के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा बनाई गई योजनाओं, कार्यक्रमों, नीतियों और सेवाओं की आम आदमी तक पहुंच के लिए जानकारियों और सूचनाओं की आम आदमी तक पहुंच सबसे प्राथमिक जरूरत है। नक्सलवाद पीड़ित क्षेत्रों में सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के साथ-साथ अंदरूनी गांवों में सभी तरह की मूलभूत अधोसंरचनाओं, केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा नियद नेल्ला नार योजना संचालित की जा रही है। यह गोंडी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ होता है-आपका अच्छा गांव।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से हमें और भी ज्यादा ताकत मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं ने भी राज्य शासन द्वारा सुशासन की स्थापना की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को तेज किया है। राज्य सरकार ने 11 महीनों के अल्प समय में अधोसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, इनमें आप जैसे संवेदनशील और छत्तीसगढ़ की जरूरतों को समझने वाले अधिकारियों की भी भागीदारी है। मुझे इस बात की खुशी है कि केन्द्र सरकार द्वारा हमारे प्रस्तावों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता है और तत्परता के साथ सहयोग किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का परम लक्ष्य है-प्रत्येक नागरिक के जीवन को सुख-सुविधाओं से संतृप्त करना। विगत 11 महीनों में लगभग 31 हजार करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं, कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं हमें मिली हैं। हवाई सेवाओं का विस्तार भी हुआ है। सरगुजा में नये एयरपोर्ट का शुभारंभ हुआ है, राज्य में एयरपोर्टों की संख्या बढ़कर 04 हो गई है। परसों ही रायपुर से दुबई और सिंगापुर के लिए हवाई सेवा शुरू करने के लिए भारत सरकार ने हरी झंडी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार होने से हम इस लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 11 महीनों में हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए शासन-प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। सभी विभागों में प्रक्रियाओं को आसान बनाते हुए, सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किए गए हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि नागरिकों के काम समय-सीमा में हों, शासन तक उनकी आसान पहुंच हो, शिकायतों का निराकरण तेजी हो, विकास में जनभागीदारी बढ़े, लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को मजबूती मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 11 महीनों में हमने ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल, मंत्रालय में प्रवेश के लिए स्वागतम पोर्टल, खनिजों के लिए ऑनलाइन परमिशन, सुगम ऐप के माध्यम से घर बैठे रजिस्ट्री, उद्योग व्यापार के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन ले-आउट एण्ड बिल्डिंग परमिशन, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, वन विभाग में लकड़ियों की ऑनलाइन बिक्री, शासकीय आवश्यकताओं की सामग्री की जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदी अनिवार्य करने जैसे अनेक कदम उठाए हैं। इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों के अंतर्गत हमने राज्य में अपनी सरकार के गठन के तुरंत बाद एक नये विभाग, सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। वर्ष 2028 तक हम राज्य की जीएसडीपी को 5 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 लाख करोड़ करने का लक्ष्य लेकर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन स्थापित करने के साथ ही विकास में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विजन डाक्यूमेंट 2047 तक आजादी का अमृत महोत्सव तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ पारदर्शिता और जवाबदेही है। सभी मंत्रालयों का आपस में समन्वय हो और वे एक दूसरे से सतत संपर्क स्थापित करते हुए निरंतर नवाचार की ओर उन्मुख रहते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राही तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करें। इस तरह के आयोजन से व्यक्तिगत संपर्क बढ़ता है और एक दूसरे की संस्कृति का आदान प्रदान होता है ।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने सुशासन पर आधारित ई बुक ‘‘मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस’’ का विमोचन भी किया।सम्मेलन में गुड गवर्नेंस की बेस्ट प्रेक्टिसेस, नागरिक सशक्तिकरण, शासन-प्रशासन के कामकाज और नागरिक सेवाओं की आम जनता तक पहुंच को आसान बनाने के लिए विभिन्न ई-प्लेटफार्म के उपयोग आदि से संबंधित विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के सचिव व्ही. श्रीनिवास एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने भी सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
रायपुर। तेलीबांधा-VIP रोड सौंदर्यीकरण मामले में हुई अनियमितताओं के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है. सब इंजीनियर प्रभाकर शुक्ला और सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू को निलंबित कर दिया गया है. यह कदम विभागीय जांच के बाद उठाया गया है, जिसमें दोनों अधिकारियों पर जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतने का आरोप है।
इसके अलावा, हेमंत शर्मा, जो कि अधीक्षण अभियंता पद पर कार्यरत थे, और शिबुलाल पटेल कार्यपालन अभियंता, दोनों अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं. पेंशन नियमों के तहत इन दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं.
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण एक्शन लेते हुए विभाग ने तत्कालीन जोन कमिश्नर 10 दिनेश कोसरिया के खिलाफ आरोप पत्र जारी करने का आदेश भी दिया गया है. विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
नईदिल्ली/रायपुर। शुक्रवार को नई दिल्ली में संसद की शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, युवा एवं खेल की स्थाई समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने समिति की बैठक में अपने भी सुझाव दिए, जो समाज में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाले हैं। उनका कहना कि किशोरियों की समय से पहले शादी रोकने के लिए उन्हें शिक्षित करना और कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है, जो एक दूरगामी दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों में गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि रहने की उचित व्यवस्था न होने के कारण कई लड़कियां पढ़ाई छोड़ देती हैं, और माता-पिता उनकी कम उम्र में ही शादी कर देते हैं।
इसके साथ ही, श्री अग्रवाल ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए हर पुलिस थाने में महिला डेस्क और जिलास्तर पर महिला थाना खोलने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी कहा कि, एससी/एसटी मामलों में जैसे विशेष अधिकारी नियुक्त होते हैं, वैसे ही महिलाओं के लिए भी विशेष अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए, ताकि अपराधों पर रोक लगाई जा सके और उन्हें त्वरित न्याय मिल सके। जो न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे बल्कि समाज में लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देगा।
बैठक में सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नेशनल कोलिशन एडवोकेटिंग फॉर एडोलसेंट कन्सर्न (एनसीएएसी), और युवा आवाज अभियान, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए), राष्ट्रीय लोक सहयोग एवं बाल विकास संस्थान के अधिकारियों व प्रतिनिधियों ने विधेयक पर अपने विचार साझा किए।
इस विधेयक के माध्यम से लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कदम महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा और व्यक्तिगत विकास के अधिक अवसर प्रदान करना है, जिससे वे अपने जीवन में स्वावलंबी और सशक्त बन सकें।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, "यह विधेयक समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनेगा। लड़कियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए अधिक समय और अवसर प्राप्त होंगे। यह केवल एक कानूनी बदलाव नहीं है, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम है।"
उन्होंने यह भी कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह विधेयक बालिकाओं को समान अधिकार देने और उनकी उन्नति के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम न केवल भारत को एक सशक्त और प्रगतिशील राष्ट्र बनाएगा, बल्कि समाज में जड़ जमा चुकी असमानताओं को भी दूर करने में सहायक होगा।
रायपुर। भारतीय अरबपति गौतम अडानी पर अमेरिकी अदालत में रिश्वत के लगाए गए आरोपों के मद्देनजर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर हमला बोला है. इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने भूपेश बघेल पर सफेद झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस डील का हवाला दिया गया है, उस समय छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी.
दरअसल, भूपेश बघेल ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि राहुल गांधी ने मोदी और अडानी के लिए ‘एक हैं तो सेफ है’ वाली बात कही थी. इसका असर भी देखने को मिल गया, जब अमेरिकी अदालत में लगाए गए आरोपों पर अडानी से कोई जवाब नहीं आया, लेकिन केंद्र सरकार के मंत्री और भाजपा के प्रवक्ता – दोनों का बयान आया. इससे साफ है कि मोदी और अडानी एक हैं.
इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ में पोस्ट के जरिए भूपेश बघेल पर हमला बोला है. झा ने इसे बड़ा खुलासा बताते हुए कहा कि भूपेश बघेल हमेशा की तरह सफेद झूठ बोल रहे हैं. जिस डील की बात अमेरिकन दस्तावेजों से सामने आयी है, वह डील छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार में समय ही हुई थी. भूपेश बघेल झूठ बोल रहे हैं, यह कोई बड़ी बात नहीं है. वे बोलते रहे हैं.
पंकज झा ने कहा कि बड़ी बात यह है कि हमेशा की तरह ही कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी दोनों कर रही है. या तो अमेरिकन एजेंसी के तथ्य गलत हैं, अनेक ऐसे कारण हैं, जिससे यह कह सकते हैं कि उसके तथ्य गलत हैं. हिंडनबर्ग से लेकर बाईडेन तक के मामले पर आप ध्यान दें तो यह कह सकते हैं कि स्टेट्स के कार्यवाहक राष्ट्रपति बदले की भावना से काम कर रहे हैं. वे काफी जल्दबाजी में हैं, और अमेरिका को निपटाने की कसम जैसा खा चुके हैं.
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने कहा कि अगर अमेरिकन एजेंसी के तथ्यों में दम है, तो निस्संदेह भूपेश बघेल समेत तब की अनेक कांग्रेस शासित और गैर भाजपा शासित राज्यों ने जम कर रिश्वत लिए हैं. केंद्रीय कांग्रेस के एटीएम में इस रिश्वत के पैसे भी भरे गये हैं. अभी तो तेलंगाना के सीएम ने खुले तौर पर अदानी से सौ करोड़ लिए हैं. क्या यह छत्तीसगढ़ का ही बकाया किश्त तो नहीं रहा होगा ‘जनपथ’ का? जवाब देना चाहिये कांग्रेस को…
रायपुर। अदाणी फाउंडेशन द्वारा तिल्दा विकासखंड के छह गांव रायखेड़ा, गैतरा, चिचोली, गौरखेड़ा और भाटापारा में 15 नवंबर से 21 नवंबर 2024 के बीच “राष्ट्रीय नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह” का आयोजन किया गया. अदाणी पॉवर लिमिटेड, रायपुर के सामाजिक सहभागिता के तहत समीपस्थ ग्रामों में चलाए जा रहे सुपोषण कार्यकम के अंतर्गत सप्ताहभर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाये गए. इस दौरान 671 गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं के बीच सुपोषण संगिनियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर व आंगनवाड़ी में सामूहिक रूप से नवजात शिशु सुरक्षा जागरूकता रैली, समूह चर्चा, परिवार परामर्श, दीवार लेखन आदि जागरूकता अभियानों का संचालन किया.
इस जागरूकता सप्ताह का उद्देश्य, समाज के हर वर्ग में स्वास्थ्य-रक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना, नवजात शिशुओं का रख-रखाव करना, समय से टीकाकरण, आईएफए की गोली का सेवन, हाथ धोने की विधि का लगातार उपयोग करना और गन्दगी का सही तरह से निपटारे के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.
सुरक्षा सप्ताह के प्रत्येक दिन गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं को सुपोषण संगिनियों द्वारा स्तनपान का महत्व समझाते हुए उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, स्तनपान के समय शिशु को पकड़ने का सही तरीका तथा कंगारू मदर केयर में हाइपोथर्मिया (अधिक ठंड पर उपचार) पर जागरूक किया.
इसके साथ ही साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया. इस दौरान गर्भावस्था के 1000 दिन का महत्व समझाया गया व विविधता वाला भोजन, गर्भावस्था से पहले व गर्भावस्था के बाद की देखभाल, जन्म के तुरंत बाद स्तनपान आदि पर समूह चर्चा जैसे अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.
इस सम्पूर्ण कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास की आंगनवाड़ी की कार्यकर्ताओं, सुपोषण संगिनी एवं फाउंडेशन के सदस्यों ने अपना योगदान दिया.
सुपोषण कार्यक्रम की हितग्राही ग्राम भाटापारा निवासी संध्या साहू ने कहा की इस कार्यक्रम से हम सभी शिशुवती व गर्भवती महिलायें बहुत खुश हैं, इससे हमें स्वछता, स्वाथ्यय और खान-पान सम्बंधित जानकारी घर पर ही मिल जाती है साथ ही पौष्टिक भोजन बनाकर कुकिंग डेमो भी किया जाता है, ग्राम रायखेड़ा निवासी एक और हितग्राही बिंदु ध्रुव ने कहा सुपोषण कार्यक्रम में स्तनपान के तरीके व् नवजात शिशु देखभाल के लिए जो जानकारी दी जाती है जैसे – ‘कंगारू मदर केयर व् बच्चे को गर्म रखने के लिए कपडे में लपेट कर कैसे रखे’ जो बहुत ही उपयोगी जानकारी है. इस कार्यक्रम में महिला बाल विकास सुपरवाइज़र श्रीमती श्वेता तारक ने उपस्थित होकर कार्यक्रम सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और सभी का उत्साहवर्धन किया.
अदाणी पावर लिमिटेड, रायपुर के सामाजिक सरोकारों के तहत अदाणी फाउंडेशन द्वारा ग्राम रायखेड़ा, भाटापारा, गैतरा, खपरी, चिचोली, मुरा, मोहरेंगा, गौरखेड़ा, ताराशिव, छतोद, कोनारी और खमहरिया सहित कुल 12 गांवों के होनहार बालकों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं. जिसके अंतर्गत केन्द्रीय शिक्षण मण्डल से सम्बद्ध जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश हेतु निःशुल्क नवोदय कोचिंग केंद्र का संचालन कर रहा है. साथ ही अंचल में गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा, शिक्षा और आजीविका उन्नयन के कई कार्यक्रमों का संचालन भी नियमित रूप से किया जा रहा है.
बलौदाबाजार। नगर पालिका क्षेत्र में कार्यरत ठेका कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. इसका सीधा असर साफ-सफाई और पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी सेवाओं पर पड़ने की संभावना है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
समान काम, समान वेतन की मांग
प्रदेश ठेका कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर शुरू हुए इस धरने में कर्मचारी समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि नगरीय निकाय में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों की तरह उन्हें भी वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए. ठेका कर्मचारियों ने कहा, “हम भी स्थायी कर्मचारियों की तरह काम करते हैं, फिर वेतन में इतनी विसंगति क्यों? हमें कम तनख्वाह पर काम करना पड़ता है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है.”
महिलाओं ने उठाई योजनाओं के लाभ की बात
धरने में शामिल महिला कर्मचारियों ने शासन की योजनाओं के लाभ न मिलने की बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें “महतारी वंदना योजना” जैसे योजनाओं का लाभ नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि 30 साल से काम कर रहे हैं, लेकिन अभी भी केवल 8,000 रुपये वेतन मिल रहा है.
संघ का समर्थन और सरकार से उम्मीद
नगरीय निकाय संघ के अध्यक्ष गुरदत्त तिवारी ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश में हो रहा है. “25 साल से काम करने के बावजूद वेतन में वृद्धि नहीं हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है. हमारी मांग जायज है और हमें समान काम के लिए समान वेतन मिलना चाहिए. यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो धरना जारी रहेगा.” उन्होंने आगे कहा कि हम जानते हैं कि प्रदेश की सरकार संवेदनशील है और हमारी यह मांग जरूर पूरी होगी.
खैरागढ़। छुईखदान स्थित शासकीय कन्या विद्यालय में छात्राओं को धर्म परिवर्तन करने पर मजबूह करने वाले प्राचार्य एलिजा मोजेस पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है. जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले में संज्ञान लेते हुए विद्यालय के प्राचार्य एलिजा मोजेस को पद से हटा दिया है.
बता दें, छुईखदान के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने प्राचार्य एलिजा मोजेस पर आरोप लगाया है कि वे छात्राओं के धार्मिक भावनाओं का अपमान कर रही है. सरस्वती पूजन के दौरान प्राचार्य ने उन्हें जूते पहनने का निर्देश दिया, जबकि हिंदू मान्यताओं के अनुसार पूजा के समय जूते पहनना अशुभ माना जाता है. इसके अलावा स्कूल के पुराने बैच और बेल्ट को हटाकर नया बैच बनवाया गया है. पुराने बैच पर संस्कृत का श्लोक ‘तमसो माँ ज्योतिर्गम्य’ अंकित था, जिसे प्राचार्य ने हटवा दिया है. छात्राओं का आरोप है कि नए बैच और बेल्ट के लिए 100 रुपये का शुल्क वसूला जा रहा है. विरोध करने पर उन्हें स्कूल से निकालने की धमकी भी दी गई. इसके अलावा नवरात्रि के दौरान व्रत रखने और छुट्टी लेने पर भी छात्राओं को धमकाया गया, जो उनकी धार्मिक आस्था के खिलाफ है.
छात्राओं ने इस मामले को लेकर पहले विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) से प्रचार्य की शिकायत की थी, लेकिन बीईओ की निष्क्रियता ने प्राचार्य के हौसले और बढ़ा दिए. जिसके बाद छात्राओं ने बीते दिन (गुरुवार को) हिंदूवादी संगठनों के सहयोग से एसडीएम कार्यालय पहुंचकर डीईओ लालजी द्विवेदी को ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की.
रायपुर। सुकमा जिले के भेज्जी थाना क्षेत्र में आज पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है. इस मुठभेड़ में 10 नक्सलियों को मार गिराया गया है और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अभूतपूर्व सफलता के लिए बहादुर जवानों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षा बल अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए नक्सल मोर्चे पर लगातार सफलताएं अर्जित कर रहे हैं. अब बस्तर क्षेत्र में माओवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि यह जीत जवानों के भुजाओं की ताकत की जीत है।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने भटके हुए लोगों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं और देश व प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें. उन्होंने कहा कि सरकार विकास और संवाद के माध्यम से नक्सलवाद का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती के साथ लड़ाई लड़ी जा रही है. सुरक्षा के मोर्चे पर हमारी सरकार ने एंटी-नक्सल ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है. पिछले 11 महीने में लगभग 210 से अधिक नक्सली मारे गए हैं, वहीं 800 से अधिक नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है तथा 900 से अधिक नक्सलियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में काम कर रही सरकार
शर्मा ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प की दिशा में हमारी सरकार कदम बढ़ा रही है. उपमुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार राज्य में सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार में नियद नेल्लानार से बस्तर में बदलाव की शुरुआत हो गई है. बिजली, पानी, राशन, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी जैसे तमाम सुविधाएं अब उन क्षेत्रों में मिलने लगी है और उन गावों के युवा खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में भयमुक्त होकर अपनी खेल प्रतिभा को दिखा रहे हैं. बस्तर में खेल के माध्यम से सुखद बदलाव भी आया है.
सुकमा। कोंटा के भेज्जी इलाके में आज सुबह-सुबह हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में जवानों ने 10 नक्सलियों को ढेर कर दिया है. इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देकर जवानों की पूरी टीम सुरक्षित कैम्प वापस लौट आई है. इस ऑपरेशन में मिली सफलता के बाद जवानों ने बस्तरिया गाने पर जमकर डांस किया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
बता दें कि गुरुवार को ओडिशा के रास्ते बड़ी संख्या में नक्सलियों के छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करने की सूचना मिली थी, जिसके बाद DRG की टीम नक्सलियों के घेराबंदी के लिए रवाना हुई थी. शुक्रवार को सुबह सुबह कोंटा के भेज्जी इलाके में नक्सलियों की मुठभेड़ DRG के जवानों के साथ हुई, जिसमें जवानों ने 10 नक्सलियों को ढेर कर दिया है. इलाके में फिलहाल सर्चिंग अभियान जारी है.
सीएम साय ने जवानों को दी बधाई
वहीं सुरक्षाबलों को मिली कामयाबी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवानों को बधाई दी है. सीएम साय ने सुरक्षाबलों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार नक्सलवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, शांति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. बस्तर में शांति, विकास और प्रगति का दौर लौट आया है.
उन्होंने सुरक्षाबलों को उनके अदम्य साहस और समर्पण के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का सफाया निश्चित है.उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलियों के सफाये के लक्ष्य रखा है, जिसकी पूर्ति की दिशा में हम सुनियोजित तरीक़े से आगे बढ़ रहे है.
बीते पांच सालों में नक्सल एन्काउंटर का रिकॉर्ड
भाजपा के मुताबिक 2020 में 41 नक्सली मारे गए थे. 2021 में 46 नक्सली, 2022 में 30 नक्सली और 2023 में 22 नक्सली ही मारे गए थे. जबकि विष्णु देव साय की 11 माह की सरकार और विजय प्रहार से अब तक 213 नक्सलियों का खात्मा हो चुका है.
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में सुव्यवस्थित और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक ने टांसपोर्टरों की बैठक ली और वाहन चालकों को शराब पीकर वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी है. यदि ऐसा होता है तो चालक के साथ वाहन मालिकों पर भी कार्रवाई होगी. वहीं उन्होंने चालकों को बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े न कर यार्ड में ही वाहन खड़ा करने हिदायत दी है. इसके अलावा SP के निर्देश पर यातायात DSP अमृत कुजुर ने भी आज बलौदाबाजार के आटो चालकों की बैठक ली और यातायात नियमों को पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं. आम नागरिकों को आटो में कोई तकलीफ न हो और उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई हो सके इसके लिए भी सभी ऑटो पर चालक के नाम से रजिस्टर्ड सीरियल नंबर चिपकाया गया है.
यातायात डीएसपी अमृत कुजुर ने बैठक में ऑटो चालकों को शराब पीकर गाड़ी न चलाने और यात्रियों से नम्रता पूर्वक व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यात्री के कोई सामान आटो में भूल से छूट जाने पर ईमानदारी से उसे पुलिस थाना में जमा कर एक आदर्श आटो पायलट और आदर्श नागरिक के कर्तव्य निभाएं. इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी आटो में उसके चालक के नाम से रजिस्टर्ड नंबर भी चिपकाए गए, ताकि सफर के दौरान अगर कोई आटो चालक, यात्रियों के साथ बदसलूकी करता है, तो यात्री तत्काल उस नंबर पर कॉल कर घटना की शिकायत दर्ज करा सके.
यातायात डीएसपी अमृत कुजुर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात व्यवस्था सुधारने और रोड एक्सीडेंट न हो, इसे लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. उसी के तहत आज बलौदाबाजार में आटो चालकों के वाहनों पर नंबर चस्पा कि किया गया है, जिसमें यात्री यातायात विभाग या पुलिस में कॉल कर उस नंबर को बताते हुए शिकायत दर्ज करा सकते हैं. उन्होंने बताया कि इससे यात्रियों की शिकायत पर आगे की कार्रवाई जल्द की जा सकेगी है. यह अभियान आज बलौदाबाजार से शुरू हुआ है, जो जिले के सभी पांच विकासखंड में भी चलाया जायेगा.
सक्ती। जिले में पीएम आवास के नाम पर रिश्वत लेकर जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. रोजगार सहायक को इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ गरीब परिवार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है, जो फर्जी जिओ टैग कर मकान बने बिना ही पैसा निकलवा रहा है, और उसमें खुद भारी भरकम कमीशन खा रहा है.
सक्ती के ग्राम हरेठी में कई हितग्राहियों के नाम से रोजगार सहायक ऐसा ही फर्जीवाड़ा कर सरकार को चूना लगा दिया है. इस पूरे खेल में जनपद के कई अधिकारियों की भी संलिप्तता बताई जा रही है. गांव के जय कुमार की शिकायत के बाद पूरे मामले में जांच शुरू तो की गई है, जिसमें कई हितग्राहियों के बयान के बाद फर्जीवाड़ा किया जाना पाया गया है.
वहीं मामले की जांच करने पहुंचे जनपद अधिकारी गौरीशंकर चौधरी और मधुसूदन पटेल ने अभी तक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया है, जिससे मामला गड़बड़ नजर आ रहा है. सवाल यह है कि पूरे मामले की जांच का जिम्मा जनपद के ही अधिकारियों को दिया गया है, जो खुद सरकार की महत्वाकांक्षी को पलीता लगाने में जुटे हुए हैं.
नहीं मिला है जांच प्रतिवेदन
सक्ती जनपद सीईओ प्रीति पवार ने बताया कि हरेठी पंचायत में पीएम आवास में रोजगार सहायक अजय बरेठ द्वारा गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, जिसमे टीम बनाकर जांच कराई गई है. जांच टीम ने अभी प्रतिवेदन नहीं दिया गया है. जांच प्रतिवेदन आते ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.