प्रदेश / छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्तिक पूर्णिमा की दी बधाई और शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्तिक पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दानपुण्य करने और भगवान शिव की आराधना करने की परंपरा है। इस दिन भगवान विष्णु की भी आराधना की जाती है। कार्तिक पूर्णिमा पर छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्थानों में पवित्र नदियों और देवालयों के समीप मेला लगता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख,समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
मुख्यमंत्री महादेव घाट के कार्तिक पुन्नी मेला में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी रायपुर के पवित्र खारून नदी के तट महादेव घाट पहुंचकर श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली के दर्शन किए। उन्होंने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पवित्र महादेव घाट में कार्तिक स्नान के लिए जुटे श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विधायक मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर महादेव घाट में आयोजित होने वाला पुन्नी मेला बहुत लोकप्रिय है। दूर-दूर से लोग इसमें बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लेने आते हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक परंपराएं न केवल हमारी आस्था को मजबूत करती हैं अपितु हमारे जीवन में उल्लास भी भरती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमने प्रदेशवासियों को अपने आराध्य भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या भेजने की निःशुल्क की व्यवस्था की है। श्री साय ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के शीघ्र शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इससे 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक तीर्थ यात्रा पर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज से हमने प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की शुरूआत कर दी है। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देश भर से आए जनजाति कलाकारों ने राजधानी में मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने आज नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने की जानकारी भी लोगों के साथ साझा की।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के नई औद्योगिकी नीति 2024-30 को किया लांच, इस नीति में निर्धारित है विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई उद्योग एक हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देता है तो हम उसे बी-स्पोक पॉलिसी के तहत और अधिक रियायतें देंगे। युवाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर हमने इस नीति में प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपये प्रतिमाह तक का अनुदान देने का प्रावधान भी किया है।
हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हमारा राज्य देश के मध्य में स्थित है, आने वाले वर्षों में हम अपनी भौगोलिक स्थिति, आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को देश का ‘‘हेल्थ हब’’ बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारंभ करने जा रहे हैं। पूर्व के ‘‘न्यूनतम 20 एकड़ भूमि’’ के स्थान पर अब हमने ‘‘15 एकड़ भूमि’’ पर निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और मुख्य सचिव अमिताभ जैन, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अमर परवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और उद्योगपति मौजूद रहे। नई औद्योगिक नीति के लांचिंग अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने नवीन औद्योगिक विकास नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान
छत्तीसगढ़ की औद्यौगिक विकास नीति 2024-30 को राज्य में 01 नवबंर 2024 से लागू किया गया है। यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।
इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सूजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।
राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है।
इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है।
नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विनिर्माण के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक का समग्र प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नीति के माध्यम से एक ओर जहां राज्य के युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उद्यम कांति योजना का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी ओर देश में बन रहे बड़े इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर के अनुरुप ही राज्य में भी NICDC के माध्यम से इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर औद्योगिक नगरी कोरबा-बिलासपुर-रायपुर की परिकल्पना की गई है। जो कि राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्तवपूर्ण कदम है।
इस नीति में प्रथम बार उद्यमों में राज्य के निवासियों को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिये स्थानीय रोजगार सृजन को लक्ष्य में रखकर 1000 अथवा इससे अधिक रोजगार सृजन के आधार पर विशेष औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान साथ ही उद्योगों में नियोजित राज्य के निवासी के प्रशिक्षण पर प्रति व्यक्ति रूपये 15,000 रूपए की प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति एवं कर्मचारियों पर होने वाले ई.पी.एफ. व्यय की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
पहली बार ग्रीन उद्यम की परिकल्पना को साकार करने के लिये पर्यावरण संरक्षण उपायों को अपनाने के लिये औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन इनवायरमेंट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट अनुदान (पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान), जल एवं उर्जा दक्षता (एनर्जी ऑडिट) व्यय प्रतिपूर्ति, गैर काष्ठ वनोपज प्रसंस्करण एवं ग्रीन हाइड्रोजन/कम्प्रेस्ड बॉयोगैस सेक्टर के वृहद उद्यम हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने नवा रायपुर स्थित नवीन शासकीय आवास में किया गृह प्रवेश
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन, कौशल विकास, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने नया रायपुर स्थित नवनिर्मित शासकीय आवास में अपने परिजनों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्री श्री कश्यप को उनके नए आवास में प्रवेश के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।
गृह प्रवेश समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, महिला बाल विकास लक्ष्मी रजवाड़े, सांसद संतोष पाण्डेय, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, रोहित साहू, संपत अग्रवाल, रोहित साहू, रिकेश सेन, इंद्र कुमार साहू, धर्मजीत सिंह, पुरंदर मिश्रा, योगेश्वर राजू सिन्हा और आशाराम नेताम, सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण ने भी वन मंत्री श्री केदार कश्यप को अपनी शुभकामनाएं और बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि वनमंत्री केदार कश्यप को नवा रायपुर के सेक्टर 24 में मंत्रीगणों के लिए नवनिर्मित आवासों में से आवास क्रमांक एम-10 आबंटित हुआ है।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ का स्टॉल इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र, 14 से 27 नवंबर तक होगा आयोजन
रायपुर। नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ का स्टॉल इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां ढोकरा कला, कोसा सिल्क, बस्तर के बांस शिल्प और अन्य पारंपरिक शिल्पों की झलक देखने को मिलती है। इसके साथ ही, राज्य ने अपने औद्योगिक उत्पादों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों और हर्बल उत्पादों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया है। इस वर्ष की थीम “विकसित भारत @ 2047” को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ ने अपने स्टॉल को तैयार किया है। राज्य ने हाल के वर्षों में अपने आदिवासी क्षेत्रों के विकास, रोजगार सृजन, और औद्योगिक निवेश में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य ने एक मजबूत औद्योगिक और सामाजिक आधार तैयार किया है, जिसने देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित किया है।

उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 14 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इस वर्ष मेले की थीम “विकसित भारत @ 2047” है, जिसमें देश के सभी राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेश अपनी प्रगति और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ भवन की आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह ने छत्तीसगढ़ के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ से आए कलाकारों ने करमा नृत्य की प्रस्तुति दी। ‘विकसित छत्तीसगढ़@2047′ की अवधारणा पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग, स्वयं सहायता समूह, हैंडलूम, हस्तशिल्प, हर्बल, कृषि विभाग आदि के स्टॉल लगाए गए हैं। 20 नवंबर को राज्य सांस्कृतिक दिवस मनाया जाएगा जहां लोक कलाकार प्रदेश की समृद्ध लोक कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।
विमान में बम की जानकारी निकली अफवाह, पुलिस ने सूचना देने वाले यात्री को गिरफ्तार कर भेजा जेल
रायपुर। आज नागपुर से कलकत्ता जा रही इंडिगो फ्लाइट संख्या 6E812 में बम की सूचना पर उसकी रायपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. सिक्योरिटी चेकिंग और विमान की पूरू जांच के बाद यह सूचना अफवाह साबित हुई और 9 घंटे बाद क्रू मेंबर को यह सूचना देने वाले यात्री अनिमेष मंडल के खिलाफ गिरफ्तारी कार्रवाई करते हुए कोर्ट में पेश किया गया।
बता दें, नागपुर से कलकत्ता जा रही इंडिगो फ्लाइट संख्या 6E812 में अनिमेष मंडल (40 वर्ष) ने क्रू को सूचना दी कि फ्लाइट में डायनामाइट है. इस सूचना के मिलते ही 6 क्रू समेत 186 यात्रियों से भरी फ्लाइट को रायपुर एयर पोर्ट पर टेक ऑफ कराया गया. सभी यात्रियों को उतार कर विमान में विस्फोटक सामाग्री (डायनामाइट) की सर्चिंग की गई. लेकिन टीम को ऐसा कुछ भी नहीं मिला. जिसके बाद क्रू मेंबर के आवेदन पर सूचना देने वाले नागुपर निवासी अनिमेष को क्राईम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की और सभी 187 यात्रियों को दूसरे विमान से कलकत्ता भेजा गया.
इस अफवाह के चलते हुई पूरी दिन की अफरा-तफरी के बाद एसएसपी संतोष सिंह ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि सुबह एयर ट्राफिक कंन्ट्रोल (ATC) के जरिये सूचना मिली कि इंडिगो फ्लाईट संख्या 6E.812 विमान जो नागपुर से कलकत्ता के लिये विमान भरा था. सूचना मिलने पर विमान की आपातकालीन लैंडिंग स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर मे करवाकर नियमानुसार सीआईएसएफ और रायपुर पुलिस की टीम द्वारा सम्पूर्ण चेक किया गया. जांच में वायुयान/यात्री/सामानों में कोई विस्फोटक/संदिग्ध वस्तु का होना नहीं पाया गया.
इसके बाद आरोपी यात्री ने जिस क्रू मेंबर को यह सूचना दी थी, उनके यात्री अनिमेष मंडल के खिलाफ कार्रवाई के आवेदन पर पुलिस ने आरोपी यात्री के खिलाफ BNS की धारा 351(4) के तरत गिरफ्तारी कार्रवाई करते हुए न्यायिक अभिरक्षा के लिए न्यायालय में पेश किया है.
पलारी थाने के निलंबित पुलिसकर्मी हुए बहाल, घटना की जांच करा रही भाजपा, दोषी पदाधिकारियों पर गिर सकती है गाज
बलौदाबाजार। जिले के पलारी थाने के पास दारू पार्टी को लेकर भाजपाइयों और पुलिस में विवाद हुआ था. इस मामले को लेकर भाजपाइयों ने थाने में हंगामा मचाया था. रात में ही एसपी ने मामले को संज्ञान में लेकर थाना प्रभारी समेत दो आरक्षकों को निलंबित किया है. इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने शासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाया. वहीं एकतरफा कार्रवाई से पुलिस विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश था. मामले की जांच में पुलिसकर्मी निर्दोष पाए गए, जिसके बाद सभी का निलंबन रद्द कर दिया गया. वहीं सूत्रों के मुताबिक, भाजपा पलारी थाना में हुई घटना की अंदरुनी जांच करा रही है. यदि वाकई पदाधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.
पलारी थाने में हुए घटनाक्रम ने भाजपा के जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक के पदाधिकारियों को चिंता में डाल दिया था. आने वाले कुछ दिनों में नगर पालिका, नगर पंचायत व ग्राम पंचायत स्तर पर चुनाव होना है. ऐसे समय में पलारी थाना के सामने हुए घटनाक्रम और उसके बाद जिलाध्यक्ष समेत पदाधिकारियों ने थाने के अंदर अपनी दमदारी दिखाई, फिर मंत्री से शिकायत के बाद तत्काल पुलिस के अधिकारी व आरक्षक को निलंबित कर दिया गया था. वहीं जांच उपरांत नगर पंचायत अध्यक्ष यशवर्धन वर्मा के शराब पीए जाने की डाक्टरी रिपोर्ट और पुलिस जांच में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी के निर्दोष पाए जाने के बाद उनकी बहाली से भाजपा की जमकर किरकिरी हो रही है.

दोषी पदाधिकारियों पर हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई
थाने के अंदर भाजपाइयों ने दबाव डालकर कार्रवाई कराई. इस मामले में कांग्रेस को मौका मिल गया कि पुलिस पर भाजपा पदाधिकारियों का दबाव है. शासन की निष्पक्षता पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों ने जो सवाल उठाया उससे भाजपा के उच्च पदाधिकारियों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर प्रदेश में हो क्या रहा है. भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों के अंदरुनी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा पलारी थाना में हुई घटना की अंदरुनी जांच करवाई जा रही है. यदि वाकई पदाधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.

छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को फिर लगा झटका: रेलवे ने 24 ट्रेनें की रद्द, 2 का बदला रूट, देखें लिस्ट
बता दें कि कुछ ही दिनो पहले रायपुर मंडल के अंतर्गत हथबंध-तिल्दा नेवरा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए बॉक्स पुशिंग हेतु रिलीविंग गर्डर की लॉन्चिंग के चलते रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 9 ट्रेनों को रद्द किया है, वहीं अब फिर एक साथ 24 ट्रेनों के रद्द होने की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप भी ट्रेन से यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं तो घर से निकलने से पहले एक बार नीचे दी गई लिस्ट जरूर चेक करें।
देखें लिस्ट –
1. 22 से 30 नवंबर’ 2024 तक बिलासपुर से चलने वाली 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
2. 2. 23 नवंबर से 01 दिसंबर’ 2024 तक इंदौर से चलने वाली 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
3. 21 से 30 नवंबर’ 2024 तक बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18236 बिलासपुर –भोपाल एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
4. 23 नवंबर से 02 दिसंबर’ 2024 तक भोपाल से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18235 भोपाल- बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
5. 23 से 30 नवंबर’ 2024 तक जबलपुर से चलने वाली 11265 जबलपुर-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
6. 24 नवंबर से 01 दिसंबर’ 2024 तक अम्बिकापुर से चलने वाली 11266 अम्बिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
7. 22 से 30 नवंबर’ 2024 तक बिलासपुर से चलने वाली 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
8. 23 नवंबर से 01 दिसंबर’ 2024 तक रीवा से चलने वाली 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
9. 25, 27 एवं 29 नवंबर’ 2024 को रीवा से चलने वाली 11751 रीवा-चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
10. 26, 28 एवं 30 नवंबर’ 2024 को चिरमिरी से चलने वाली 11752 चिरमिरी-रीवा पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
11. 25 एवं 28 नवंबर’ 2024 को लखनऊ से चलने वाली 12535 लखनऊ-रायपुर गरीब रथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
12. 26 एवं 29 नवंबर’ 2024 को रायपुर से चलने वाली 12536 रायपुर-लखनऊ गरीब रथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
13. 26 एवं 29 नवंबर’ 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22867 दुर्ग-निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
14. 27 एवं 30 नवंबर’ 2024 को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22868 निज़ामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
15. 24 एवं 26 नवंबर’ 2024 को दुर्ग से चलने वाली 18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
16. 25 एवं 27 नवंबर’ 2024 को कानपुर से चलने वाली 18204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
17. 24 नवंबर’ 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
18. 25 नवंबर’ 2024 को अजमेर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
19. 24 से 30 नवंबर’ 2024 तक चिरमिरी से चलने वाली 08269 चिरमिरी-चंदिया रोड पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
20. 24 से 30 नवंबर’ 2024 तक चंदिया रोड से चलने वाली 08270 चंदिया रोड-चिरमिरी- पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
21. 26, 28 एवं 30 नवंबर’ 2024 को चिरमिरी से चलने वाली 05755 चिरमिरी-अनुपपुर पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
22. 26, 28 एवं 30 नवंबर’ 2024 को अनुनपुर से चलने वाली 05756 अनुपपुर- चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
23. 23 से 30 नवंबर’ 2024 तक कटनी से चलने वाली 06617 कटनी-चिरमिरी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
24. 24 नवंबर से 01 दिसंबर’ 2024 तक चिरमिरी से चलने वाली 06618 चिरमिरी-कटनी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां:-
1. 23 से 29 नवंबर’ 2024 तक बरौनी से चलने वाली 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बरौनी-कटनी-जबलपुर- नैनपुर- बालघाट-गोंदिया होकर चलेगी।
2. 23 से 29 नवंबर’ 2024 तक गोंदिया से चलने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोंदिया-बालघाट- नैनपुर-जबलपुर-कटनी-बरौनी होकर चलेगी।
यात्रियों ने सुनाई तकलीफ
रेलवे के इस फैसले से कुछ यात्री नाराज नजर आए। इन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों ने कहा कि बार-बार ट्रेनों के रद्द और रूट डायवर्ट होने से उनकी दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं। हालत ये है कि उन्हें जाना कहीं और रेलवे पहुंचा कहीं देती है। इससे बहुत ज्यादा मानसिक और आर्थिक वेदना झेलनी पड़ रही है। परेशानी को लेकर लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग और लाइन कमीशनिंग के कार्य पहले भी होते रहे हैं, लेकिन तब ट्रेनें कैंसिल नहीं की जाती थीं। जबकि इसे लेकर रेलवे ने कहा है कि इस काम के बाद ट्रेनों की स्पीड और समय में सुधार होगा। असुविधा के लिए यात्रियों से माफी भी मांगी गई है।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ, पहले दिन प्रदेश में 55 हजार मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी, राज्य के 14567 किसानों ने बेचा धान
रायपुर। प्रदेश में आज खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरूआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के भांठागांव (बी) धान खरीदी केन्द्र से प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ किया। धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। प्रदेश में आज धान खरीदी के पहले दिन 14562 किसानों के द्वारा लगभग 55 हजार टन धान का विक्रय किया गया है। आज धान खरीदी के लिए कुल 24 हजार 748 टोकन जारी किए गए थे। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.42 लाख नए किसान शामिल है।
गिद्ध संरक्षण पर रायपुर में कार्यशाला का होगा आयोजन, 15 नवंबर को आयोजित कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के गिद्ध विशेषज्ञ होंगे शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे वन्य जीव प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में वन विभाग द्वारा कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में वन विभाग द्वारा 15 नवम्बर 2024 को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में गिद्ध संरक्षण पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसमें विभिन्न राज्यों में गिद्ध संरक्षण हेतु कार्य कर रहे विशेषज्ञ राजधानी रायपुर में गिद्धों के संरक्षण पर चर्चा करने के लिए एकत्रित होंगे। इस कार्यशाला में विशेषज्ञ और शोधार्थी अपने अनुभव साझा करेंगे और मध्य भारत में विशेषकर छत्तीसगढ़ में गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत करेंगे। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस), बर्ड काउंट इंडिया और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी इस कार्यशाला में शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व, अचानकमार टाइगर रिजर्व, बस्तर और गुरु घासीदास टाइगर रिज़र्व और अन्य वन्यजीव अभ्यारण्यों में गिद्धों की छह प्रजातियाँ पाई जाती हैं जिसमे लॉन्ग बिल्ड वल्चर, व्हाइट रम्प्ड वल्चर, इजिप्शियन वल्चर, हिमालयन वल्चर, यूरेशियन वल्चर, और सिनेरियस वल्चर शामिल हैं। जंगल सफारी के संचालक धम्म्शील गणवीर ने बताया कि गिद्ध जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, वे पर्यावरण में प्राकृतिक सफाईकर्मी के रूप में कार्य करते हैं और संक्रमण फैलने से रोकने में सहायक होते हैं। गिद्धों की संख्या में कमी के कारण पर्यावरण में जैविक असंतुलन उत्पन्न हो सकता है। इस कार्यशाला का उद्देश्य न केवल छत्तीसगढ़ में बल्कि संपूर्ण देश में गिद्ध संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और गिद्ध संरक्षण में सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव-2024, एक मंच पर दिखी विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों की अनूठी झलक
रायपुर। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव का शुभारंभ हुआ। महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए लोक नर्तक दलों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर सिक्किम, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, नागालैण्ड, उत्तरांचल, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दमन दीव, गुजरात और राजस्थान के जनजातीय समूह ने पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।
लोक नृत्य महोत्सव में पहली सांस्कृतिक प्रस्तुति छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति ने गौर माड़िया नृत्य के माध्यम से दी। गौर माड़िया नृत्य छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग में गौर माड़िया जनजाति द्वारा किया जाता है। इस जनजाति का यह नृत्य बहुत ही हर्षाेल्लास से परिपूर्ण, सजीव एवं सशक्त होता है। सिक्किम के लिम्बू जनजाति समुदाय के लोक नर्तक दल ने प्रकृति पूजा, फसल और प्राणियों के संरक्षण में किए जाने वाला नृत्य चासोक तांगनाम नृत्य प्रस्तुत किया। गुजरात से आए लोकनर्तक दल ने सिद्दी गोमा नृत्य और राठवा नृत्य की प्रस्तुति दी। अरुणाचल प्रदेश से आए नर्तक समूह ने गेह पदम ए ना-न्यी की प्रस्तुति दी।
इसके उपरांत मध्यप्रदेश के डिंडौरी से आए गोंड जनजाति समूह ने सैला-रीना नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सैला-रीना नृत्य एवं गीत बहु जनजातीय नृत्य है। जम्मू कश्मीर के गुज्जर जनजातीय समुदाय के नर्तक दल ने मनमोहक गोजरी नृत्य की प्रस्तुति से खूब तालियां बंटोरी। जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के पहले दिन उत्तराखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा दिया बाती नृत्य, तेलंगाना के द्वारा मथुरी नृत्य, उत्तर प्रदेश के द्वारा कर्मा नृत्य, कर्नाटक के द्वारा सुगाली नृत्य , आंध्र प्रदेश के द्वारा ढीमसा नृत्य, दमन दीव द्वारा तारपा नृत्य तथा राजस्थान के जनजातीय कलाकारों द्वारा चकरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जनजातीय कलाकारों द्वारा अलग-अलग तीज त्यौहारों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई।


साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के पहले दिन कलाकारों के साथ ही उपस्थित दर्शकों में भी जबरदस्त उत्साह का माहौल था।दर्शकों ने विभिन्न प्रदेशों से आए जनजातीय कलाकारों के नृत्य पर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भारत सरकार ने मंजूर किए 209 करोड़ रुपए
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 209 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत इस राशि से सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। इससे राज्य में अपशिष्ट प्रबंधन और ज्यादा पुख्ता तथा टिकाऊ होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के इस सहयोग के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि से शहरों में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों को नया आयाम मिलेगा। यह राज्य के प्रत्येक नगरीय निकाय को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत इस राशि से प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन के इन्फ्रॉस्ट्रक्चर को बेहतर और स्थाई बनाया जाएगा। इससे राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक तकनीकी, भौतिक और मानव संसाधन जुटाए जाएंगे, जिससे न केवल स्वच्छता की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं मिलेंगी।
उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने विगत दिनों अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों के लिए राशि मंजूर करने का आग्रह किया था। उन्होंने राज्य के शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक सुगम तथा प्रभावी बनाने केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया था। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग के प्रस्तावों के आधार पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ के लिए 209 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने स्वच्छता को हर नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि संपूर्ण स्वच्छता के लिए सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
जनजाति गौरव दिवस एवं कंवर समाज सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जनजाति समाज के समग्र विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। श्री साय आज बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम भाठागांव (बी) में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं कंवर समाज के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अस्मिता, संस्कृति एवं मातृभूमि की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत से लड़ाई लड़ी और 25 वर्ष की अल्पायु ने ही शहीद हो गए थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम भाठागांव बी में कंवर समाज द्वारा संचालित हायर सेकंडरी स्कूल का शासकीयकरण करने तथा शाला भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 25 लाख रुपए, गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम रेंगाकठेरा में आदिवासी पैंकरा कंवर समाज के सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए एवं गुण्डरदेही के वार्ड नंबर 10 में राम मंदिर के राम सत्ता स्थल के निर्माण हेतु 10 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष हरबंश मिरी ने की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा एवं संत गहिरा गुरु को नमन करते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम के साथ साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में जनजाति समाज की विभूतियों का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा पूरे देश एवं दुनिया के साथ साथ भावी पीढ़ी को जनजाति समाज एवं जनजाति नायकों के गौरव गाथा का बोध कराने के लिए भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई है। इससे जनजातीय समाज का गौरव बढ़ा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम भाठागांव (बी) के शहीद ठामन सिंह ठाकुर एवं जमींदार स्व दाऊ गिरधारी सिंह का गांव में शिक्षा के प्रसार के लिए उनके योगदान की सराहना की और कार्यक्रम में पहुंचने से पूर्व उनकी समाधि पर गए और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर श्री साय ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए स्टालों का अवलोकन कर सराहना की।
कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष सोनादेवी देशलहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कंवर समाज के लोग उपस्थित थे।


सादगी की प्रतिमूर्ति और सिद्धांत के पक्के व्यक्ति थे स्व. गोपाल व्यास- मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में राज्यसभा के पूर्व सांसद एवं प्रख्यात समाज सेवी स्व. गोपाल व्यास की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. गोपाल व्यास सादगी की प्रतिमूर्ति और अपने सिद्धांत के पक्के व्यक्ति थे। उनका निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्व. गोपाल व्यास के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धाजंलि सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि अंतिम बार मुझे केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ उनके निवास पर जाने का मौका मिला। वहां गोपाल व्यास से मुलाकात हुई। जब हम उनसे मिलने पहुंचे तो 90 वर्ष की आयु में भी वे अत्यंत गर्मजोशी से हम लोगों से मिले। यह उनकी आत्मीयता को दर्शाता है। बचपन से मैं उनके विषय में सुना करता था। कुनकुरी के पंडित देवकी महाराज के साथ गोपाल व्यास मीसाबंदी रहे। मैं अक्सर जेल का अनुभव उनसे पूछता था। वे श्री गोपाल की सादगी के बारे में बताते थे। जब मैं सांसद बना, तब श्रीगोपाल व्यास से प्रत्यक्ष मिलने का सौभाग्य मिला। उनसे मिलकर एहसास हुआ कि जो कुछ उनके विषय में सुना था, वो शत-प्रतिशत सही था। वे सादगी की प्रतिमूर्ति थे। सादा जीवन उच्च विचार की पंक्तियां उनके लिए सटीक हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब मैं केंद्रीय मंत्री था, तब गोपाल व्यास राज्यसभा सांसद थे। उस समय मुझे उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिला। वे अपने जेल के अनुभव मुझे बताते थे। गोपाल व्यास सिद्धांतवादी और उसूलों के पक्के व्यक्ति थे। वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत में विश्वास रखते थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक बार दिल्ली के व्यापार मेला में हम दोनों को साथ में छत्तीसगढ़ के स्टॉल के उद्घाटन कार्यक्रम में जाने का मौका मिला। वे उद्घाटन पर फीता काटने से मना करते थे। उनका विचार था कि हम जोड़ने वाले लोग हैं काटने वाले नहीं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्व. गोपाल व्यास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकसंतप्त परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि श्री व्यास का जीवन देखकर नहीं लगता था कि वे गृहस्थ जीवन जी रहे थे। उन्होंने सन्त की तरह जीवन जीया। राज्यसभा सदस्य रहते हुए भी वे सामान्य जीवन जीते थे। वे हर कार्यकर्ता की चिंता करते थे। बड़े दायित्व में रहते हुए वे सामान्य रूप से रहते थे। उन्होंने कभी किसी की सहायता नहीं ली। उनके जीवन से कर्त्तव्य के प्रति समर्पण और देशसेवा की सीख मिलती है। वे अंतिम समय तक सक्रिय रहे और उन्होंने अहर्निश सेवा का कार्य किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वनमंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद तोखन साहू, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, विधायक व पूर्व मंत्री अजय चन्द्राकर, विधायक अनुज शर्मा, विधायक गुरू खुशवंत साहेब, विधायक संपत अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा सहित स्व. श्रीगोपाल व्यास के परिजन व बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
आय से अधिक संपत्ति मामले में सौम्या चौरसिया को झटका, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका की खारिज
बिलासपुर। आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की अग्रिम जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. सौम्या ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.
सौम्या चौरसिया कोयला घोटाले के आरोप में पिछले दो साल से जेल में बंद हैं. इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अनुसंधान (EOW) विभाग ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था. जांच में सौम्या की 50 से अधिक संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अटैच किया है. अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने का कारण यह है कि सौम्या चौरसिया को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था.
साय सरकार ने किया आईएएस अधिकारियों का तबादला…
रायपुर। साय सरकार ने एक बार फिर आईएएस अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर आदेश जारी किया है. नए आदेश में सात आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपने के साथ नई नियुक्ति प्रदान की गई है. सीएमओ द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर आदेश की कॉपी पोस्ट की गई है.
आईएएस डॉ. प्रियंका शुक्ला को संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें तथा अतिरिक्त प्रभार संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण के अलावा अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त आयुक्त-सह-संचालक, स्वास्थ्य सेवायें के पद पर पदस्थ करते हुए विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर रिमिजियुस एक्का को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें के पद पर पदस्थ करते हुए विशेष सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
देखिए आदेश की पूरी सूची…



मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ग्राम भांठागांव के किसान श्री भागबली ने कुल 148 क्विंटल और श्री हरिराम ने 65 क्विंटल 20 किलो धान की बिक्री की। मुख्यमंत्री के समक्ष अपने धान की बिक्री का अवसर प्राप्त होने से किसान भागबली और हरिराम बहुत ही खुश नजर आ रहे थे। उक्त उपार्जन केन्द्र में 14 नवम्बर को धान खरीदी हेतु कुल 06 किसानों का टोकन काटा गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम मोहंदीपाट में 30 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित जिला सेवा सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा मर्यादित दुर्ग के नवीन शाखा भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इससे पूर्व छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम स्थल में मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद बिरसा मुंडा एवं गहिरा गुरु के तैल चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक होगी। किसानों को उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में राज्य शासन द्वारा 72 घंटे भीतर उनके बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2,739 स्थापित किए गए हैं। इस साल धान बेचने के लिए 27,01,109 पंजीकृत किसानों द्वारा बोये गए धान का कुल रकबा 34,51,729 हेक्टेयर है। पंजीकृत किसानों में 1,35,891 नये किसान हैं।




कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष सोनादेवी देशलहरा, पूर्व विधायक बीरेंद्र साहू एवं राजेंद्र राय, कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष हरबंश मिरी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि पवन साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर, कंवर समाज के जिला अध्यक्ष केश कुमार ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियो एवं विभिन्न समाज के पदाधिकारी, किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।