महासमुंद। जिले में नेशनल हाईवे 53 पर दर्री पड़ाव के पास हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) गैस सिलेंडरों से भरी एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। गनीमत रही कि इस दौरान न तो कोई विस्फोट हुआ और न ही कोई ट्रक की चपेट में आया। हालांकि, ट्रक ड्राइवर को मामूली चोट आई है।
बता दें कि हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पटेवा पुलिस ने एहतियातन फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी और मौके पर रेस्क्यू में जुट गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ट्रक राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद से ओडिशा के संबलपुर जाने के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान यह हादसा हुआ।
रायपुर। रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव का प्रचार-प्रसार का शोरगुल सोमवार यानी कल थम जाएगा. प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस और भाजपा पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है. सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन आशीर्वाद यात्रा निकाला जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री साय, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और भाजपा अध्यक्ष किरण सिंहदेव रैली का नेतृत्व करेंगे. इस जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सैकड़ों मोटरसाइकिल में रैली की अगुवाई महिला मोर्चा और युवा मोर्चा कार्यकर्ता करेंगे.
जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत दोपहर 2 बजे जय स्तम्भ चौक पर शहीद वीर नारायण सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ होगी. यह यात्रा रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के 58 से अधिक स्थानों से होते हुए नेताजी चौक, कटोरा तालाब पर समाप्त होगी.
बता दें कि रायपुर दक्षिण उपचुनाव के लिए कुल 30 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से भाजपा के सुनील सोनी और कांग्रेस से आकाश शर्मा प्रमुख उम्मीदवार हैं. उपचुनाव के लिए मतदान 13 नवंबर को होगा और इसके नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.
रायपुर। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की ओर से जनता के बीच व्यापक समर्थन जुटाने और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के उद्देश्य से रविवार को एक बार फिर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विधायक राजेश मूणत, विधायक धरम लाल कौशिक, नंद कुमार साय के साथ एक विशाल रोड शो कर भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी के लिए समर्थन जुटाया।
आज का रोड शो के अंतर्गत पं. सुंदरलाल शर्मा वार्ड, सुंदर नगर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड, भाठागांव, मदर टेरेसा वार्ड, सिविल लाइन वार्ड और अरविंद दीक्षित वार्ड में हजारों कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों ने जनता का समर्थन जुटाने के लिए हिस्सा लिया।
रोड शो के दौरान जनता का अपार समर्थन और उनके उत्साह ने भाजपा के प्रति जनता का विश्वास और लगाव को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। भाजपा ने क्षेत्र के विकास और जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया, और बृजमोहन अग्रवाल की अगुवाई में रायपुर दक्षिण को विकास के नए आयामों पर ले जाने का संकल्प लिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस रोड शो को लेकर जनता को विश्वास दिलाया कि पार्टी उनके हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है और आने वाले चुनाव में भाजपा को समर्थन देकर रायपुर दक्षिण की जनता प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखने में सहभागी बनेगी।
बृजमोहन अग्रवाल ने रोड शो के दौरान लोगों का आभार व्यक्त किया और उन्हें आश्वस्त किया कि भाजपा की सरकार क्षेत्र की जनता की आशाओं और अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी। उन्होंने कहा, “आपका समर्थन हमारे लिए शक्ति का स्त्रोत है, और हम रायपुर दक्षिण को और अधिक समृद्ध एवं विकसित बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।”
रायपुर दक्षिण में भाजपा का यह रोड शो पार्टी की एकजुटता और जनता के प्रति उसकी समर्पण भावना को सशक्त रूप से उजागर करता है। भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक रूप से सफल कार्यक्रम बना दिया।
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित सांईस कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित इंडियन रोड कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन के तीसरे दिन विभिन्न सत्रों के माध्यम से सड़क निर्माण, अनुसंधान और गुणवत्ता नियंत्रण पर चर्चा की गई है।
आज के तकनीकी सत्र में आयोजित बैठक में ‘भारत में किए गए सड़क अनुसंधान कार्य’ पर विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसके उपरांत राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग, स्थानीय निकाय और सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के अधिकारियों द्वारा सड़क निर्माण से संबंधित नवीनतम तकनीकों के सम्बन्ध में चर्चा की गई। इसके पश्चात राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुतियाँ साझा की गईं जिसमें वार्षिक कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार जिले के ग्राम बल्दाकछार एवं अवरई में रहने वाले विशेष पिछडी जनजाति कमार के शतप्रतिशत लोगों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। योजना के तहत अब तक 11 योजनाओं में शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। बल्दाकच्छार में 39 और अवरई में 11 विशेष पिछडी जनजाति कमार परिवार रहते हैं जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 193 है।अब दोनों ही गांव के कमार जनजाति के सभी लोगों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड व जाति प्रणाम पत्र बन गया है । महिलाओं के जनधन बैंक खाते खुल गए हैं। पात्रतानुसार किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि एवं पीएम मातृत्व वंदन योजना का लाभ मिला है। सभी की सिकल सेल जांच एवं सभी घरों में विद्युतीकरण हो गया है। इसके साथ ही 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट की भी सुविधा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को प्रदान की गयी है।
15 नवम्बर 2023 से शुरू हुए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछडी जनजाति कमार बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार और अवरई में संतृप्तिकरण अभियान शुरू किया गया। इसमें योजना से छूटे हुए लोगों का चिन्हांकन उपरांत उन्हें लाभान्वित करने पर जोर दिया गया और एक वर्ष के अन्दर ही 11 योजनाओं से शतप्रतिशत लोगों को लाभान्वित किया गया।
गौरतलब है कि पीएम जनमन योजना का मूल उद्देश्य कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी), परिवारों और बस्तियों तक बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं को पहुंचाकर उनकी सामाजिक, आर्थिक स्थितियों में सुधार करना है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत कमजोर जनजाति समूहों के बसाहटों में विभिन्न विभागों के समन्वय से पेयजल, आवास, सड़क, आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषण, आजीविका संवर्धन हेतु कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य बजट को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य सेवाओं को सजग रूप से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। राज्य स्तर पर डीकेएस और मेकाहारा जैसे अस्पताल अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हो रहे हैं तो वहीं संभाग स्तर पर सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों का कार्य निरंतर जारी है। इसी तरह से जिले और ब्लाक स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर राज्य के लोगों की सेहत का विशेष ध्यान रख रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कुल 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। ये आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांतों की सामान्य जानकारी एवं रोगों के घरेलू उपचार तथा औषधियों की जानकारी प्रदान करने में बेहद मददगार साबित हो रहे हैं । इसके अंतर्गत संपूर्ण 12 सेवाओं का आयुष पद्धति के माध्यम से क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे मरीजो को लगातार लाभ मिल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में योग प्रशिक्षकों के माध्यम से जनसामान्य को दैनिक योगाभ्यास हेतु प्रेरणा एवं प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है ताकि मरीज शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से स्वस्थ रहें।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) द्वारा निरंतर मरीजों का इलाज किया जा रहा है एवं उनकी देखभाल की जा रही है। राज्य सरकार की इस पहल से लोगों को लगातार लाभ भी मिल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सालाना 1 करोड़ 38 लाख ओपीडी और मासिक 3 लाख एनसीडी मरीजों का इलाज हो रहा है जो अपनी सफलता की कहानी स्वयं बयां करता है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्रदान की जाने वाली मुख्य 12 स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, परिवार नियोजन गर्भनिरोधक सेवाएं और अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम सहित संचारी रोगों का प्रबंधन, सामान्य संचारी रोगों का प्रबंधन तथा तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए बाह्य रोगी देखभाल शामिल हैं। इसी तरह से गैर संचारी रोगों की जांच, रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन, सामान्य नेत्र और ईएनटी समस्याओं की देखभाल, बुनियादी मौखिक स्वास्थ्य देखभाल, वृद्धजन एवं उपशामक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं तथा मानसिक स्वास्थ्य बीमारियों की जांच और बुनियादी प्रबंधन जैसी सेवाएं भी शामिल हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है. राज्य भर में उत्सव का माहौल है. और रजत जयंती वर्ष के इसी उत्सव के बीच छत्तीसगढ़ीभाषी राज का मुद्दा भी गर्म है. क्योंकि राज्य का निर्माण छत्तीसगढ़ी अस्मिता की पृष्ठभूमि पर हुआ था. लेकिन राज्य निर्माण के बाद से अस्मिता को दरकिनार कर दिया गया. क्योंकि राज्य निर्माण के साथ जब केंद्र सरकार की ओर से एक पत्र राज्य सरकार को लिखा गया था, जिसमें में पूछा किया गया था कि छत्तीसगढ़ को क वर्ग में रखा जाए या ख वर्ग में. लेकिन तब राज्य सरकार की ओर से इस पर किसी तरह का स्टैंड नहीं लिया गया. नतीजन छत्तीसगढ़ क वर्ग(हिंदीभाषी) राज्य में शामिल कर लिया गया. अब यह राज्य का एक बड़ा मुद्दा बनते जा रहा है. आज इसी मांग को छत्तीसगढ़ीभाषी प्रतिनिधिमंडल ने विधि मंत्री अरुण साव से उनके निवास पर मुलाकात की.
प्रतिनिधिमंडल की ओर से साहित्यकार और प्राध्यापक डॉ. सुधीर शर्मा ने विधि मंत्री साव को दस्तावेजों के साथ मांग पत्र सौंपा. डॉ. शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच 2002 और 03 में हुए पत्राचार की विस्तार से जानकारी दी.
विधि मंत्री साव ने प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा में आश्वस्त किया कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है. इस पर सरकार की ओर से पूर्ण प्रयास किया जाएगा. छत्तीसगढ़ी अस्मिता हमारी महतारी अस्मिता है. इस महत्वपूर्ण विषय की ओर आप सबने ध्यान आकृष्ट कराया है. यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़ियों के साथ न्याय हो.
गौरतलब है कि इसे पूर्व रायपुर में छत्तीसगढ़ीभाषियों का एक बड़ा सम्मेलन अक्टूबर महीने में हुआ था. इस सम्मेलन में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी राजभासा मंच के संरक्षक नंदकिशोर शुक्ल शामिल हुए थे.
छत्तीसगढ़ीभाषी प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ पत्रकार रामअवतार तिवारी, मनोज सिंह बघेल, सत्यपाल सिंह, वरिष्ठ रंगकर्मी विजय मिश्रा, विकास शर्मा, छात्र संगठन के ऋतुराज साहू, संजीव साहू और मोर चिन्हारी छत्तीसगढ़ी मंच के संयोजक डॉ. वैभव बेमेतरिहा मौजूद रहे.
बलौदाबाजार। कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि (अक्षय नवमी) पर महिलाओं ने आंवला वृक्ष की पूजा कर परिवार सहित वृक्ष के नीचे भोजन प्रसाद ग्रहण किया.
बताया जाता है कि आंवला वृक्ष में भगवान विष्णु माता लक्ष्मी व शिव का निवास रहता है, और भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार माने जाते हैं इसलिए बडे़ ही श्रद्धा के साथ लोग आंवला नवमी पर पूजा अर्चना कर भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं.
बलौदाबाजार के कृष्ण कुंज में आज बडी़ संख्या में परिवारजनों की भीड़ दिखाई दी, जहाँ उन्होंने आंवला वृक्ष की पूजा अर्चना कर उसके नीचे भोजन प्रसाद ग्रहण किया और प्रसाद ग्रहण किया.
पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
इस संबंध में सुनीता तोमर, शिखा ठाकुर ने बताया कि आंवला नवमी को अक्षय नवमी कहते हैं, हम सब आज सपरिवार पूजा कर रहे हैं. कथानुसार भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी का निवास है, और आयुर्वेद दृष्टि से आंवला फल औषधीय गुणों से भरपूर भी है. आज हम सब पूजा-अर्चना कर पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लिए हैं.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में संत राजीव लोचन महाराज के बयान पर पूर्व मंत्री एवं विधायक कवासी लखमा के टिप्पणी को लेकर बवाल खड़ा हो गया. विधायक लखमा के विवादित बयान को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने कवासी लखमा के खिलाफ हिंदू विरोधी के नारे भी लगाए और FIR दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस में ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपने के बाद तत्काल FIR की माँग रख सभी कार्यकर्ता थाना परिसर में बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ने लगे.
दरअसल, हाल ही में संत राजीव लोचन महाराज के चार बच्चे पैदा करने वाले बयान पर विधायक कवासी लखमा ने एक विवादित टिप्पणी कर दी. उन्होंने संत राजीव लोचन महाराज को शादी कर बच्चे पैदा करने की सलाह दे दी. जिसके बाद VHP और बजरंग दल विरोध में उतर आये हैं.
सार्वजनिक रूप से माफी मांगे विधायक लखमा : VHP
VHP के जिला संयोजक ने बताया कि इससे पहले खमारडीह थाने में भी FIR का ज्ञापन सौंपा जा चुका है. 24 घंटों का समय मांगा गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इसलिए सभी कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने सिविल लाइन थाने पहुंचे हैं. वहीं VHP और बजरंग दल ने ये भी मांग रखी है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे. अन्यथा इसके विरोध में शासन के खिलाफ जाने की पूरी रणनीति तैयार की जा चुकी है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बयान
वहीं इस विषय पर अब सियासत भी तेज होने लगी है. इस मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि धर्म गुरु क्या कहते हैं, क्या नहीं… ये उनका विषय है. उस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया के तौर पर विरोध करना, कांग्रेस का हमेशा का काम रहा है.
रायपुर। केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 13 नवंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर माई भारत यूथ वालंटियर्स के साथ पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य के अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनकी विरासत और देश के विकास में आदिवासी समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में मनाया जाएगा।
इस विशेष कार्यक्रम में आदिवासी विरासत को याद करने, समावेशिता को बढ़ावा देने और आदिवासी समुदायों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भाग लेंगे। ये वालंटियर्स आदिवासी संस्कृति, विरासत और विरासत की रक्षा और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देंगे।
पदयात्रा कोमड़ो गांव से शुरू होगी और लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रणजीत स्टेडियम में समाप्त होगी। यह पदयात्रा युवाओं, आदिवासी नेताओं और समुदाय के सदस्यों को आदिवासी विरासत और भावना के जीवंत उत्सव में एकजुट करेगी।
इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत की स्वतंत्रता में आदिवासी नेताओं के योगदान को दर्शाने वाले सांस्कृतिक अभिनय और आदिवासी विरासत की प्रचुरता को दर्शाने वाले नृत्यों से होगी। इस पदयात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अनुरूप वृक्षारोपण से होगी।
इस पदयात्रा के दौरान, एक प्रदर्शनी स्थल पर ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि और भारत के आदिवासी समुदायों की अनूठी कलात्मकता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। इस पदयात्रा के मार्ग के ठहराव स्थलों पर आदिवासी संस्कृति, सुंदर रंगोली कलाकृतियां, पेंटिंग और पारंपरिक आदिवासी कला का उत्सव मनाने वाले नाटकों का प्रदर्शन किया जाएगा। सीधी प्रसारित कार्यशालाएं उपस्थित लोगों को आदिवासी नृत्य, संगीत और साहित्य के साथ एक परस्पर अनुभव प्रदान करेंगी जबकि आदिवासी खाद्य पदार्थों का चयन उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताएगा।
पदयात्रा के मुख्य आकर्षण में शामिल हैं:
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: सांस्कृतिक समृद्धि का उत्सव मनाते आदिवासी नृत्य और संगीत।
- आदिवासी आंदोलनों और कलाओं पर प्रदर्शनी: नाटकों और झांकियों द्वारा ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, वीरता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन।
- जागरूकता कियोस्क: सरकारी योजनाओं और महिला लाभार्थियों के बारे में जानकारी।
- कलात्मक कार्यक्रम: रंगोली, पेंटिंग और आदिवासी कला और साहित्य को बढ़ावा देने वाली कार्यशालाएं।
- युवाओं के योगदान का उत्सव:
माय भारत पोर्टल और एनवायकेएस उपलब्धियां दर्शाना।
- आदिवासी नेताओं को श्रद्धांजलि: प्रतिभागी प्रमुख आदिवासी हस्तियों की वेशभूषा में होंगे।
- आदिवासी उत्कृष्टता को सम्मान: पद्म पुरस्कार विजेताओं का अभिनंदन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना।
- आदिवासी भोजन: स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के आदिवासी खाद्य पदार्थ परोसना।
मंत्रालय इस आयोजन के माध्यम से आदिवासी विरासत और संस्कृति की गहन समझ को बढ़ावा देना चाहता है साथ ही सरकारी कल्याणकारी पहलों में आदिवासी समुदाय को सक्रिय रूप से शामिल करना चाहता है। इस उत्सव का उद्देश्य युवाओं को भारत की आदिवासी विरासत की समृद्ध विरासत से जुड़ने, उसे समझने और उसका सम्मान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
युवा कार्यक्रम विभाग देश भर के युवाओं को www.mybharat.gov.in पर माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण करके और आदिवासी विरासत की अपनी समझ को गहरा करने और अपनी आदिवासी विरासत का सम्मान करने के लिए इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है।
संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक साल तक चलने वाले उत्सव में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को अपनाने और प्रदर्शित करने के लिए पूरे भारत में पदयात्राओं का आयोजन करेगा।
रायपुर। स्वास्थ्य, सहनशक्ति, और एकता के अद्भुत उत्सव के तौर पर रविवार को ‘द ग्रेट छत्तीसगढ़ रन’ के 9वें संस्करण का आयोजन हुआ. 10 किमी की दौड़ में मनीष कुमार साहू, 21 किमी की दौड़ में मोहित बिसेन और 42 किमी की दौड़ में सुरेश कुमार साहू पहले स्थान पर रहे. वहीं महिलाओं में 42 किमी की दौड़ में IFS सातोविषा समाजदार ने पोडियम पर स्थान प्राप्त किया.
eblu द्वारा प्रायोजित और लेट्स रन द्वारा आयोजित इस मैराथन में 5000 से अधिक लोगों ने जोश के साथ हिस्सा लिया. RFID टाइमर के साथ यह छत्तीसगढ़ की एकमात्र मैराथन की शुरुआत मुख्य अतिथि IAS अंकित आनंद और IAS डॉ. भारतीदासन ने ध्वज लहरा कर किया. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. सर्वेश्वर भुरे और विवेक ढांढ की भी उपस्थिति रही।
छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को प्रदर्शित करते हुए इस साल की मैराथन का विशेष विषय ‘मिलेट्स’ था. इसमें मिलेट्स को हर पहलू में शामिल किया गया, ताकि प्रतिभागियों और दर्शकों को इस पौष्टिक अनाज की महत्ता का अनुभव हो सके.
मध्य भारत की पहली 42 किमी प्रमाणित रेस ‘द ग्रेट छत्तीसगढ़ रन’ भारतीय एथलेटिक्स में एक नई पहचान बना रहा है, जिसे इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक फेडरेशन्स (IAAF) और एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल मैराथन्स एंड डिस्टेंस रेसिज़ (AIMS) से मान्यता प्राप्त है. आयोजन को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में रेस के निदेशक डॉ. विनय तिवारी और सुनील अग्रवाल का विशेष योगदान है.
डॉ. तिवारी ने कहा कि द ग्रेट छत्तीसगढ़ रन का आयोजन हर साल भव्य रूप ले रहा है. जो हमारे समुदाय की प्रतिबद्धता और उत्साह को दिखाती है. इस साल 6 किमी, 10 किमी, 21 किमी, और 42 किमी के चार वर्गों में विजेताओं को 3.51 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी गई. RFID टाइमर के साथ यह छत्तीसगढ़ की एकमात्र मैराथन है, जिसने नए और अनुभवी धावकों को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया.
आयोजन को सफल बनाने में SKY TMT, दंतेवाड़ा टूरिज्म, सागर TMT एंड पाइप्स, संभव स्टील पाइप्स एंड ट्यूब्स, ASA एडवरटाइजिंग, स्काई ऑटोमोबाइल्स, मारुति सेल्स कॉरपोरेशन, रायपुर ट्रायम्फ, होंडा बिग विंग्स, स्टेपमिंट, हेल्थ पोटली, शुभ BYD, F95, हीरा पाइप्स, भसीन मोटर्स, डेकाथलॉन, सैफ्रॉन कॉर्पोरेट पार्क, स्टार एलीट, रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल, और NMDC जैसे प्रमुख ब्रांड्स और संस्थानों का समर्थन प्राप्त हुआ.
जानिए लेट्स रन के बारे में
लेट्स रन छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा फिटनेस समुदाय है, जो दौड़ और फिटनेस के प्रति जागरूक नागरिकों का समूह है. यह समुदाय स्वस्थ जीवनशैली और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है, जो हर साल ऐसे आयोजन करता है. ‘द ग्रेट छत्तीसगढ़ रन’ लेट्स रन का एक प्रमुख आयोजन है.
रायपुर। भाजपा ने आज राजधानी के एकात्म परिसर में प्रेस वार्ता आयोजित की थी. इस दौरान सांसद अग्रवाल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस दक्षिण विधानसभा क्षेत्र को पर्यटन स्थल समझती है. सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि चुनाव के समय कांग्रेस दक्षिण विधानसभा घूमने आती है. कांग्रेस इसे पर्यटन स्थल समझती है, चुनाव के बाद उनका कोई ठिकाना नहीं होता है. जनता को कांग्रेस के नेताओं का पता भी नहीं है, ऐसे लोगों को जनता क्यों वोट देगी… उन्होंने कहा कि दक्षिण की एक प्रतिशत जनता भी कांग्रेस के प्रत्याशी को न तो जानती है, न ही पहचानती है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक बार फिर सुनील सोनी के उपलब्धियों का बखान करते हुए कहा कि सुनील सोनी के कारण आज रायपुर का ऐसा स्वरूप देखने को मिलता है. जनता आश्वस्त है कि दक्षिण का विकास बीजेपी के कमल फूल में ही निहित है. इसलिए विपक्ष भी मुझे ही जितायेगा.
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और दीपक बैज, वे सभी दक्षिण विधानसभा में केवल घूमने आते हैं. रामसुंदर दस को ज़बरदस्ती चुनाव खड़ा किया गया था. वे चुनाव में बढ़-चढ़ कर प्रचार कर रहे थे. कांग्रेस पार्टी को जवाब चाहिए कि उनका अपमान क्यों किया गया. वहीं मेयर चुनाव प्रचार क्यों नहीं कर रहे हैं ?
पिछले 24 सालों में 5 हज़ार करोड़ का काम : दक्षिण में हुआ- बृजमोहन अग्रवाल
उन्होंने कहा कि आज जनता को बिजली-पानी समेत हर सुविधा उपलब्ध है. दक्षिण विधानसभा में आधे से अधिक ग्रामीण परिवेश से जुड़े हुए हैं, पिछले 5 साल तक पीएम आवास बंद रहे, वो फिर से शुरू हुआ है.
इसके अलावा सांसद अग्रवाल ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट पर तंज कसते हुए कहा कि जिनका प्रेम राजस्थान में पूरा नहीं हो पाया वो कांग्रेस पार्टी से उम्मीद छोड़ दें. उनका प्लेन टेकऑफ नहीं कर पाएगा.
उन्होंने आगे कहा कि रायपुर सबसे शांत शहर है और बलौदाबाज़ार सूरजपुर को देखकर रायपुर की जनता नहीं चाहेगी की प्रदेश को अशांत करने वाले लोग यहां आए.
इस दौरान प्रेस वार्ता में चुनाव संयोजक शिवरतन शर्मा, विधायक गजेंद्र यादव, सुशांत शुक्ला, इंद्रजीत साहू, ईश्वर साहू समेत बीजेपी के कई नेता मौजूद रहे.
रायपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने मोदी की गारंटी लागू करने की मांग को लेकर 11 नवंबर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया है. मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, वे 5 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं, जो कि पहले सामूहिक अवकाश के रूप में सामने आया था, और अब यह ज्ञापन देने के रूप में जारी रहेगा.
शिक्षक संघ से मिली जानकारी के अनुसार कल यानि 11 नवंबर को वे राज्य के सभी 146 विकासखंडों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे. इसके बाद, 12 से 24 नवंबर तक मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायकों को भी मांग पत्र सौंपे जाएंगे. मोर्चा के नेताओ ने कहा कि अगर इन कदमों के बाद भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो 25 नवंबर को इंद्रावती से महानदी भवन तक पैदल मार्च आयोजित किया जाएगा.
शिक्षक संघ की प्रमुख मांगों में शामिल है:
1. पूर्व सेवा गणना को शामिल करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग की पुरानी पेंशन निर्धारित की जाए.
2. सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर कर उन्हें क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान दिया जाए.
3. समतुल्य वेतनमान में सही वेतन निर्धारित किया जाए और 1.86 के गुणांक पर वेतन निर्धारण किया जाए.
4. केंद्र के समान 1 जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता लागू किया जाए.
शिक्षक संघ का कहना है कि अगर सरकार इन मांगों को जल्द स्वीकार नहीं करती है, तो 25 नवंबर को पैदल मार्च के माध्यम से अपनी आवाज उठाई जाएगी.
कोंडागांव। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा एक ऐसा मुद्दा है, जिसके लिए आदिवासी हमेशा संघर्ष करते रहे हैं. लेकिन अब ड्रोन के जरिए दूरस्थ अंचल में दवाओं की आपूर्ति कर एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है. इससे ब्लड और दवा जिला अस्पताल से सभी अस्पतालों तुरंत पहुंचेगी, और लोगों को तुरंत स्वास्थ्य सेवा भी मिलने लगेगी.
इस सुविधा की शुरुआत रविवार को जिला अस्पताल के बाहर रिमोट का बटन दबाकर ड्रोन उड़ाने के जरिए हुई. ड्रोन मर्दापाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक दवाएं लेकर जाएगा, साथ ही मरीजों के जांच सैंपल लेकर वापस लौटेगा. फिलहाल, यह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. आने वाले दिनों में इसे आस-पास के अस्पतालों के लिए भी शुरू किया जाएगा.
दवाओं के अलावा सैंपल भी लाएगा ड्रोन
सीएमएचओ डॉ आरके सिंह ने बताया कि इस ड्रोन सेवा को दूरस्थ इलाकों में मेडिकल फैसिलिटी को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है. ड्रोन ना सिर्फ दवाओं को लेकर जिला अस्पताल पहुंचेगा, बल्कि वहां से डॉक्टरों की टीम कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) में पहुंचे हुए मरीजों के ब्लड और यूरिन जैसे सैंपल ड्रोन के सहारे वापस भेजेगी.
बता दें कि ड्रोन सेवा की शुरुआत केंद्र सरकार की तरफ से की गई है. ये केंद्र सरकार के टीकाकरण सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए एक पहल है.
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कोर नक्सल क्षेत्र बस्तर से एक सकारात्मक और उम्मीद जगाने वाली तस्वीर सामने आई है. आपने अक्सर बस्तर के अंदरूनी इलाके में सुरक्षाबलों के जवानों के कैम्प का ग्रामीणों के विरोध की खबर सुनी होगी. लेकिन इसी बस्तर संभाग के कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर लोहत्तर थाना क्षेत्र के जाड़ेकुर्सी गांव से एक अलग तस्वीर निकलकर सामने आई है. यहां ग्रामीणों ने सीएएफ (CAF) कैम्प के वापस जाने का विरोध कर रहे हैं.
बता दें, सीएएफ कैंप के वापस जाने की सूचना मिलने पर पूरा गांव एकजुट होकर कैंप के सामने बैठ गया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने रात भर कैंप के बाहर भोजन भी पकाया और अपनी मांग को लेकर आवाज उठाई. उन्होंने इस संबंध में सांसद को पत्र भी लिखा, जिसमें कैंप को यथावत रखने की अपील की गई है. इसके साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर कैम्प को रोका नहीं गया तो वे पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे.
लाल आतंक का भय
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सीएएफ कैंप वापस चला गया तो क्षेत्र में फिर से नक्सलियों का आतंक बढ़ सकता है, जैसा कि पहले हुआ करता था. उनका कहना है कि कैंप की मौजूदगी से न केवल सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि ग्रामीणों को डर और भय से मुक्त होने का मौका मिला है.
कैंप से क्षेत्र में आया विकास
ग्रामीणों के अनुसार, सीएएफ कैंप के खुलने से इस क्षेत्र में न केवल सुरक्षा बढ़ी, बल्कि विकास भी हुआ है. गांव के लोग अब स्वतंत्र रूप से अपनी रोज़ी-रोटी कमा रहे हैं, सड़कों का निर्माण हुआ है, और युवा सेना तथा पुलिस में भर्ती हो रहे हैं. इसके साथ ही क्षेत्र में बदलाव आया है, जिससे लोग खुशहाल महसूस कर रहे हैं.
ग्रामीणों का मानना है कि सीएएफ कैंप की मौजूदगी से उनके जीवन में सुधार आया है और उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि उनका जीवन सुरक्षित और स्वतंत्र रहे. उनका मुख्य उद्देश्य यही है कि इलाके में नक्सलियों का फिर से डर न लौटे, और विकास की प्रक्रिया रुकने न पाए. यह घटना बस्तर के भीतर एक नई तस्वीर पेश करती है, जहां सुरक्षा बलों के कैंप को लेकर भय के बजाय विकास और खुशहाली का संदेश है.
रायपुर। दीपावली के बाद से मौसम में हल्का बदलाव देखा जा रहा है. प्रदेश के लगभग सभी जिलों में आज सुबह से हल्का कोहरा छाया रहा. वहीं राजधानी में भी गुलाबी ठंड का अहसास हुआ. बीते दो दिन शुक्रवार और शनिवार की सुबह भी शहर के कई हिस्सों में हल्के कोहरे के सात ठंड का अहसास हुआ. हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है.
शनिवार को ऐसा रहा प्रदेश का मौसम:
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार सुबह शहर में हल्का कोहरा देखने को मिला, लेकिन तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा. रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. वहीं, बलरामपुर में 15.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया.
तापमान का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने बताया कि आगामी तीन दिनों तक शुष्क हवा चलने की वजह से न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. 10 नवंबर को रायपुर में आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है. प्रदेश में 15 नवंबर के बाद से ठंड बढ़ने की संभावना जताई है.
प्रदेश में फिलहाल ठंडी हवाएं नहीं
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में इस समय ठंडी उत्तरी हवाओं का आना शुरू नहीं हुआ है, और मौसम वर्तमान में शुष्क बना हुआ है. वातावरण में नमी थोड़ी अधिक बनी हुई है, जिससे रात के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हो रहा है. अगले तीन से चार दिनों तक तापमान में महत्वपूर्ण गिरावट की संभावना नहीं है.
वहीं, बंगाल की खाड़ी में कुछ सिस्टम बन रहे हैं, जिसके कारण वातावरण में नमी बनी रहेगी. नमी के कारण रात के तापमान में गिरावट रुक जाती है. हालांकि, मौसम साफ होने पर तापमान में कमी आने से ठंड बढ़ सकती है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर अब यात्रियों के लिए नई सुविधा शराब की दुकान खोली जा रही है. राज्य में पहली बार किसी एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए बार खोलने की अनुमति दी जा रही है, जिससे अब यात्री फ्लाइट के इंतजार के दौरान बार में नाश्ता और शराब का आनंद ले सकेंगे. इसके अलावा फ्लाइट से रायपुर आने वाले यात्री शराब भी खरीद सकेंगे.
नए नियम और लाइसेंस शुल्क
इस सुविधा को शुरू करने के लिए वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने छत्तीसगढ़ विदेशी मदिरा नियम 1996 में संशोधन किया है. एयरपोर्ट पर बार लाइसेंस जारी करने की अनुमति दी जाएगी, जिसकी सालाना फीस 12 लाख रुपए होगी. लाइसेंस उन्हीं रेस्टोरेंट्स को मिलेगा, जिन्हें एयरपोर्ट अथॉरिटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त है और यह लाइसेंसधारी केवल एयरपोर्ट भवन के भीतर ही शराब की बिक्री कर सकेंगे.
शराब खरीद और सेवन के नियम
बार के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के साथ कुछ शर्तें भी लागू होंगी. शराब का सेवन केवल परिसर के भीतर ही किया जा सकेगा और हवाई यात्री या एयरपोर्ट के कर्मचारी ही इसका लाभ उठा सकेंगे. बाहरी व्यक्ति इस सुविधा का उपयोग नहीं कर सकेंगे.
रायपुर। अंतिम छोर के गांव की अपनी पहचान होती है. शहर से दूर होने के साथ यहां की अपनी जीवनशैली होती है. दूर-दूर घर होते हैं. घर पर गाय बकरियां होती है. हरे-भरे पेड़ पौधे होते हैं और छोटी-छोटी बाड़ियाँ होती है, जहाँ पसंद की साग सब्जियां उगाई जाती है और आसपास मुर्गे-मुर्गियां छोटे चूजे घूमते-फिरते होते हैं. सुबह से शाम तक चहल-पहल होती है. अपनी परम्पराएं, अपनी संस्कृति और मजबूत रिश्ते मगर कच्चे घर होते हैं. इन्हीं पहचान के बीच किसी के टूटे हुए तो किसी के जैसे-तैसे बने मिट्टी और खपरैल वाले घर भी होते हैं, लेकिन अब विष्णु के सुशासन में गरीब परिवारों के पक्के मकान बनाने का सपना साकार हो रहा.
गाँव में किसी के पक्के मकान का होना उनके रसूखदार होने की पहचान हुआ करती थी, क्योंकि गरीबी की वजह से पक्के मकान का सपना अनगिनत ग्रामीणों के लिए महज सपना ही था, खेती-किसानी या फिर पीढ़ी दर पीढ़ी कच्चे मकानों में ही जिंदगी गुजार देने वाले ग्रामीणों ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन उनका भी पक्का मकान बनेगा और अपने जीते-जी वे किसी रसूखदारों के बीच पक्के मकान में रह पाएंगे.. कुछ ऐसा ही सपना छत्तीसगढ़ के दूरदराज के गांवों में रहने वाले गरीब परिवारों को खुशी और गर्व है कि किसी मजबूत रिश्तों की तरह उनके घरों की बुनियादें भी मजबूत हो रही है और कई मुश्किलों से गुजरी कच्चे मकानों में बस यादें ही रह जाएंगी.
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं..इस योजना के तहत, ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के हितग्राहियों को आवास निर्माण या खरीद के लिए बैंक से ऋण लेने पर सब्सिडी दी जा रही है.. मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत, पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए न्यूनतम 25 वर्ग मीटर के प्लींथ एरिया का मकान बनवाने के लिए राशि दी जाती है. मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत, पात्र परिवारों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण या मनरेगा के तहत राशि दी जाती है. अटल विहार योजना के तहत, कमज़ोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों को आवास निर्माण के लिए अनुदान दिया जाता है.
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G).. इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे परिवारों की सहायता प्रदान करना है, जिनके पास पक्का मकान नहीं है और जो कच्चे या जर्जर मकानों में रह रहे हैं..यह योजना राज्य के उन क्षेत्रों में भी लागू की गई है जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी है..छत्तीसगढ़ के कुछ ग्रामीण इलाकों में लोगों को अच्छा और पक्का मकान देने के लिए कुछ-कुछ महीनों के अंतराल में सरकार आवास योजना का लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करती है.
वर्तमान समय में सरकार छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ₹1,20,000 गरीबों के बैंक अकाउंट में भेज रही है, वहीं छत्तीसगढ़ के पहाड़ी इलाकों में मौजूद गांव के गरीबों को ₹1,30,000 घर बनाने के लिए दिए जा रहे हैं.. इस योजना के तहत लाभार्थी को 90-95 मानव दिवसों का श्रम नरेगा (MGNREGS) से प्राप्त होता है, साथ ही शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की अतिरिक्त सहायता स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) के तहत मिलती है.
गरीबों के जीवन में समृद्धि लाना सरकार का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में PMAY-G के तहत लाभार्थियों का चयन सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के डेटा के आधार पर किया जाता है.. इसके अंतर्गत सबसे गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है.. प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत घरों के निर्माण के लिए पहली किस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायपुर के इनडोर स्टेडियम में आयोजित ‘मोर आवास मोर अधिकार’ कार्यक्रम में भुवनेश्वर से वर्चुअली शामिल होकर जारी किया था जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के 5.11 लाख लाभार्थियों के खाते में सीधे 2,044 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की…इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा था कि, “समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के जीवन में समृद्धि लाना हमारी सरकार का लक्ष्य है. पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में जबरदस्त सफलता हासिल की है.
लाभार्थियों के पैर धोकर सीएम ने किया था स्वागत
रायपुर के इनडोर स्टेडियम में आयोजित ‘मोर आवास मोर अधिकार’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, राज्य के अन्य मंत्री, विधायक और अधिकारी भी मौजूद रहे..अपने संबोधन में सीएम साय ने कहा था कि, “आज छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए दोहरी खुशी का दिन है. क्योंकि आज पीएम का जन्मदिन है और लाखों लोगों के लिए घर का सपना साकार होने जा रहा है. हम पीएम का दिल से आभार व्यक्त करते हैं. हमने समारोह में लाभार्थियों के पैर धोकर उनका स्वागत किया है.. आज बहुत खुश हूँ और आत्मिक संतोष भी है. रोटी, कपड़ा और मकान’ आम आदमी की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं. लेकिन आजादी के कई दशकों बाद भी देश के करोड़ों नागरिकों के पास अपना घर नहीं है.
छत्तीसगढ़ में 18 लाख मकान स्वीकृत
प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए बेघर परिवारों के लिए घर का सपना पूरा हो रहा है..” सीएम साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता को लेकर चेतावनी दी है.. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लागू करने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. इसके क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.. “प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूरे देश में 32 लाख मकान स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से करीब 30 फीसदी मकान छत्तीसगढ़ को आवंटित किए गए हैं, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. मुख्यमंत्री बनने के बाद कैबिनेट ने सबसे पहला काम राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख मकान स्वीकृत करने का किया. किसी भी तरह की अनियमितता की शिकायत सामने आने पर संबंधित जिला कलेक्टर के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी.”
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा “भाजपा सरकार बनने के बाद से राज्य में हर महीने करीब 25,000 नए मकान बनाए जा रहे हैं पिछले 8 महीनों में अब तक करीब 1.96 लाख मकान बनाए जा चुके हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत भी 24,000 मकान बनाए जा रहे हैं।इस महीने की शुरुआत में केंद्र ने राज्य में पीएमएवाई के तहत 8,46,931 मकानों को मंजूरी दी है, जबकि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 47,000 मकान बनाए जा रहे हैं”
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति के विषय में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा है “आज छत्तीसगढ़ के इतिहास को लिखने का दिन है. छत्तीसगढ़ के आवासहीन लोगों के जीवन में एक नई रोशनी मिलेगी. हमने जो वादा किया था, उसे आज पूरा किया है. यह सामाजिक न्याय और समरसता की दिशा में एक बड़ा कदम है..पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने 4 करोड़ आवास बनाकर गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है. इसके साथ ही मोदी के तीसरे कार्यकाल में 3 करोड़ नए आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे यह योजना और अधिक प्रभावी हो रही है.”
हितग्राही ने बताया – पक्के मकान का कभी सोचा नहीं था
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा के अंतिम छोर के गाँव पतुरियाडाँड़ में रहने वाले गुलाब सिंह अपने तीन बेटों के साथ घर पर रहते हैं..लगभग 60 बसंत देख चुके गुलाब सिंह बताते हैं कि किसी तरह गाँव में खेती किसानी और मजदूरी से घर का खर्च चल जाता था.. अब बेटे भी यहीं करते हैं। उनकी कई पीढ़ी गुजर गई पर पक्का मकान बन पाएगा, ऐसा कभी सोचा भी नहीं था.. उन्होंने बताया कि उनके कच्चे मकान में जिंदगी कट गई.. कच्चे मकान में बारिश के समय बहुत ही ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ा.. कभी खपरैल के बीच से टपकते बारिश के पानी में रातों की नींदे खराब हुई तो कई बार नीचे फर्श कीचड़मय हुआ. गुलाब सिंह से बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम आने के बाद उन्हें इस बात की चिंता थी कि वास्तव में पक्का मकान बनाने के लिए पैसे मिलेंगे या नहीं.. कई बार तो लगता था कि खाते में पैसा नहीं आएगा और पक्के मकान का सपना कभी पूरा नहीं हो पायेगा.
पक्के मकान में अब सुकून से रह पाएगा परिवार : पिंकी
गुलाब सिंह ने बताया कि जब खाते में राशि आई तो मकान का सपना हकीकत में बदल गया है.. खाते से राशि निकालकर अपनी मकान को मूर्त रूप दे रहा है. गुलाब सिंह ने बताया कि उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के खाते में पैसा डाला है और यह राशि उनके जैसे गरीब परिवारों के सपनों को सच कर रहा है.. इसी गाँव की निवासी पिंकी पैकरा को भी अपने पक्के मकान का पूरा होने का इंतजार है.. वह कहती है कि कच्चे मकान में रहने से बहुत परेशानी उठानी पड़ती है. पक्का मकान बारिश के दिनों में उन्हें किसी परेशानी में नहीं डालेगा और वह सुकून से रह पाएगी.
ग्रामीण पंचराम और उनकी पत्नी रूपकुंवर के खाते में भी आवास बनाने के लिए राशि आयी तो इन्होंने मकान पूरा करा लिया है.. पंचराम ने बताया कि उनके घर का प्लास्टर का काम ही शेष है, जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा और वे पक्के मकान में रहने लगेंगे.. गांव के लबदराम भी पीएम आवास के हितग्राही है. इन्होंने खाते में राशि आते ही काम शुरू कर दिया है.. अभी तक 65 हजार प्राप्त कर चुके लबदराम ने बताया कि जल्दी ही उनका घर पूरा हो जाएगा और वे अपने परिवार के साथ कच्चे मकान को अलविदा कह देंगे.. इन सभी हितग्राहियों ने पीएम आवास के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रतिआभार जताया और अपने सपने के आशियाने को लेकर गौरवान्वित महसूस करते हुए खुशी व्यक्त की.