रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के डीआईजी आज सरप्राइज चेकिंग में रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे. यहां कमर्शियल विभाग के काम को खुद आरपीएफ अधिकारियों ने किया, जबकि उनके साथ इस काम में कोई भी कमर्शियल स्टॉफ नहीं था. अब सूत्रों का कहना है कि उन्हें दुकान बंद करने के मौखिक आदेश दिए गए है और अब ये पूरा मामला कमर्शियल और आरपीएफ के बीच विवाद का जड़ बन गया है.
सूत्र बताते है कि दुकानदार को ओवरचर्जिंग के आरोप में थाने लाया गया, वहीं दुकान के बाहर डस्टबीन में पॉलिथीन न होने के कारण भी थाने लाकर बैठा दिया गया है. अब सवाल ये है कि आरपीएफ के पास कौन सी धारा है, जिसके तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ?
सूत्र बताते है कि आरपीएफ की इस दखलअंदाजी की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है. वहीं डीआईजी के नेतृत्व में आरपीएफ ने रेलवे स्टेशन के लाइसेंसी मोची को भी थाने में बैठाया है, हालांकि ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्हें किस कारण से बैठाया गया है. लल्लूराम ने कुछ आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों से ये जानने की कोशिश की कि यदि रेलवे स्टेशन में दुकानदार ने डस्टबीन में पॉलिथीन नहीं लगाया हो तो आरपीएफ की कौन सी धारा उस पर लगाई जा सकती है ?
तो उनका कहना था कि गंदी करने और न्यूज सेंस की धारा लगाई जा सकती है, लेकिन सवाल ये है कि न तो उक्त वेंडर ने गंदगी की और न न्यूज सेंस.
रायपुर रेलवे स्टेशन के कुछ वेंडर अब ये भी पूछ रहे है कि यदि रेलवे स्टेशन में कचरा नहीं उठता, डस्टबीन में पॉलीथिन नहीं होगी और रेलवे स्टेशन में कही भी गंदगी होती है तो इस मामले में जोन के अफसर आरपीएफ पोस्ट के अधिकारी को ‘स्लेक सुपरवीजिन’ मानकर चार्जशीट तो नहीं देंगे ?
आरंग। रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के गोढ़ी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भौतिक शास्त्र के व्याख्याता संजय खाखा को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है. लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी कर व्याख्याता को निलंबित किया है.
लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि विद्यालय में व्याख्याता संजय खाखा की लापरवाही को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद एक जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया. जांच में यह पाया गया कि संजय खाखा समय पर विद्यालय में उपस्थित नहीं होते थे और बिना किसी स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहते थे.
जांच के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक दिव्या उमेश मिश्रा ने व्याख्याता संजय खाखा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उनके खिलाफ यह कार्रवाई विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखने और जिम्मेदार कर्मचारियों को जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से की गई है.
रायपुर। ‘इंडियन आइडल’ फेम पवनदीप और अरुनिता ने सोशल मीडिया में शादी को लेकर चल रहे वायरल पोस्ट पर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने पोस्ट को अफवाल बताते हुए कहा कि न हमारी शादी हुई है, न ही शादी की बात हो रही है. ये हमारे प्रशंसकों का प्यार है, जो हमें ऐसा देखना चाहते हैं.
राज्योत्सव के समापन समारोह में प्रस्तुति देने रायपुर पहुंचे इंडियन आइडल विजेता पवनदीप और अरुनिता ने कहा कि स्थानीय लोक परंपरा संस्कृति को लेकर प्रस्तुति देने के लिए तैयारी कर रहा हूं. हमारी कोशिश होगी कि सोच अनुरूप प्रस्तुति दें.
बता दें कि नया रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव का आज समापन है. इस अवसर पर पवनदीप और अरुनिता अपनी रंगारंग प्रस्तुति देंगे. पवनदीप और अरुनिता के पहले गायन शान और नीति मोहन अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं. दोनों ही आयोजनों की काफी सहारना हुई है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा शुरू की गई श्रीरामलला दर्शन योजना को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर आज विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस विशेष ट्रेन को श्रम और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला और जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
अयोध्या धाम यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का स्टेशन में भव्य स्वागत किया गया। गाजे बाजे और पारंपरिक नृत्य से उनका स्वागत हुआ। ये श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का भी दर्शन करेंगे। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर भजन गाते हुए विशेष ट्रेन में सवार होकर यात्री रवाना हुए। सभी श्रद्धालुओं की रामलला के दर्शन की अभिलाषा पूरी होने जा रही है। ये श्रद्धालु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति दिल से आभार व्यक्त कर रहे थे। श्रद्धालुओं का कहना था कि मुख्यमंत्री ने अपना वादा निभाया है और सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना से अयोध्या जाने की उनकी इच्छा पूरी हो रही है। यह उनका सौभाग्य है। कोरबा जिले के हरि प्रसाद मैत्री, मनमोहन साहू, बनवारी पटेल, बिलासपुर जिले की उषा वाजपेयी भी अयोध्या श्री रामलला दर्शन के लिए जा रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गाे को तीर्थ यात्रा कराकर सरकार पुण्य का काम कर रही है। उम्र के इस पड़ाव में सभी को तीर्थ यात्रा की इच्छा रहती है लेकिन आर्थिक कठिनाईयों के चलते संभव नहीं हो पाता है। हम सरकार के आभारी है कि उन्होंने हमारी ये इच्छा पूरी की।
अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई इस विशेष ट्रेन में बिलासपुर जिले के 225 यात्री भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलेगा जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां ठहरने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहेगी। इस ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा। इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत आरपी चौहान, एसडीएम पीयूष तिवारी, रामदेव कुमावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
रायपुर। नगरीय निकाय को लेकर जारी अधिसूचना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि निकायों का कार्यकाल बढ़ाने का मतलब है कि भाजपा डरी हुई है. भाजपा के खिलाफ पूरे प्रदेश में माहौल है. उपचुनाव भी हारेगी, इसलिए चुनाव टालने के लिए सरकार को अधिसूचना जारी करना पड़ा.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर दक्षिण उपचुनाव को लेकर दावा किया कि भाजपा के खिलाफ माहौल है. नेताओं की खीझ दिख रही है. भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी को भाठागांव की जनता ने भगा दिया. पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था को सरकार संभाल नहीं पा रही है. इस बार जनता बदलाव करने जा रही है, कांग्रेस की जीत होगी.
वहीं प्रदेश में हो रही अपराधिक घटनाओं में कांग्रेस के लोगों के शामिल होने के उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बयान पर दीपक बैज का पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी स्वीकार करे कि घटनाएं हो रही है, और रोक नहीं पा रहे हैं. उन्हें जनता को आश्वस्त करना चाहिए कि कठोर कार्रवाई होगी. यह सरकार मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है.
राजनांदगांव। राज्य शासन की ओर से निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाए जाने से नाराज राजनांदगांव के करीब 20 डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से इस्तीफा दे दिया है. आदेश में संशोधन नहीं होने पर सामूहिक रूप से विरोध जताते हुए मंगलवार को एक साथ 20 डॉक्टरों ने इस्तीफा देने की पेशकश करते हुए सामूहिक हस्ताक्षर युक्त पत्र मेडिकल काॅलेज के डीन को सौंपा है. डाॅक्टरों के सामूहिक त्यागपत्र से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था बिगड़ गई है।
मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में सीनियर और जूनियर डॉक्टरों के स्वीकृत पदों के विरुद्ध 30% ही डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. डॉक्टरों की कमी से जो स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए वह पहले से ही पूरी नहीं हो पा रही है. इस बीच राज्य शासन द्वारा डॉक्टर के निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाए जाने संबंधी आदेश जारी होने से यहां पदस्थ डॉक्टरों में आक्रोश है.
डॉक्टराँ का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा संचनालय के अधीन चिकित्सा पृथक श्रेणी में आते हैं इसलिए उनके संबंधित आदेश मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नहीं होना चाहिए. चिकित्सा शिक्षा के लिए निजी प्रैक्टिस संबंधी नियम पूर्ण और प्रासंगिक है. इसे तत्काल संशोधित किया जाना चाहिए. वर्तमान में डॉक्टरों को सिर्फ अपने घर में क्लीनिक चलाने की अनुमति दी गई है, जो पूरी तरह अव्यवहारिक है. डॉक्टरों ने इस आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है.
इस्तीफे से चिकित्सा व्यवस्था पर कोई फर्क नहीं पड़ा : डॉ. जेठानी
मेडिकल काॅलेज के असिस्टेंट मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डाॅ. पवन जेठानी ने बताया कि त्यागपत्र देने वाले डाॅक्टरों के साथ बैठक कर हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है. मेडिकल काॅलेज में चिकित्सा व्यवस्था पर फिलहाल कोई फर्क नहीं पड़ा है.
मामले का जल्द समाधान निकाला जाएगा : रमन सिंह
इधर राजनादगांव प्रवास पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. रमन सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ बैठक कर मामले का हल निकाला जाएगा. 20 डॉक्टरों के इस्तीफा देने के मामले में डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले में मैंने स्वास्थ्य मंत्री से बात की है और आगे इसका जल्द हल निकाला जाएगा, लेकिन एक साथ इतने डॉक्टर का इस्तीफा देना कहीं ना कहीं चिंता का विषय है.
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने बिलासपुर में अवैध रेत उत्खनन के मामले को गंभीर माना है. कोर्ट ने अरपा नदी में हो रहे अवैध उत्खनन पर कड़ी नाराजगी भी जाहिर की है. रेत के अवैध उत्खनन को लेकर लगी याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डबल बैंच में बुधवार को सुनवाई हुई. इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कैसे पर्यावरण का संरक्षण हो पाएगा जब पर्यावरण की धज्जियां उड़ाई जा रही है.
उन्होंने कहा की विभाग आंखें बंद कर बैठा हुआ है. वहीं इस मामले में खनिज विभाग के सचिव से शपथपत्र में जवाब भी तलब किया है. उन्होंने बेहद स्पष्ट और सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि शपथ पत्र में यह स्पष्ट करें कि अवैध उत्खनन से व्यक्तिगत कार्रवाई और संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना की क्या कार्रवाई की गई है?
दरअसल, अरपा अर्पण महा अभियान समिति और अन्य याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है. अरपा अर्पण महाअभियान के वकील अंकित पांडे ने 1 जनवरी 2024 से लेकर 7 सितंबर 2024 तक की खबर का कवरिंग मेमो डीबी के सामने पेश किया. वहीं चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने भी लोखंडी में अवैध उत्खनन की खबर पर संज्ञान लिया. इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी.
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्योत्सव-2024 में ग्रामोद्योग विकास विभाग द्वारा शिल्पग्राम में लगाए गए स्टॉल में रेशम उत्पादन की प्रक्रिया समझने और रेशम की खेती के लिए किसानों और आमनागरिक बड़ी संख्या में ठहर रहे। विभागीय स्टॉल में प्राकृतिक स्वरुप में रेशम के कीड़ों को देखने के लिए हर वर्ग के लोगों में विशेषकर बच्चे विशेष रूचि दिखा रहे। इस अवसर पर स्टॉल में तरह-तरह के रेशम बीजों का भी प्रदर्शन किया गया है, जिनमें विशेष रूप से मलबरी सफेद कोया, मलबरी रंगीन कोया, मलबरी पीला मैसूर, मलबरी सफेद रिल्ड, टसर स्पन धागा, टसर बाना धागा, डाबा पालित कोसा एवं रैली साबू बीजों को प्रदर्शित किया गया है। जिनसे कोसा सिल्क, मलबरी सिल्क, बनारसी, कांजीवरम की साड़ियां बनाई जाती हैं।
विभागीय स्टाल में आए किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारियां ली। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कोसा उत्पादन एवं कोसा वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वन आधारित ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के संकल्प को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ टसर उत्पादन के क्षेत्र में परम्परागत रूप से विशिष्ट स्थान रखता है। रेशम प्रभाग के योजनाओं के जरिए ग्रामीण अंचल में निवासरत जरूरतमंद परिवारों को रोजगार, स्व-रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं।
टसर रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम, पालित डाबा टसर ककून उत्पादन योजना, नैसर्गिक बीज प्रगुणन एवं कोसा उत्पादन योजना, टसर धागाकरण जैसी योजनाओं का संचालन कर मलबरी रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम लघु निर्माण अंतर्गत रेशम एवं टसर केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
इस अवसर पर स्टॉल में आए लोगों ने निजी क्षेत्र में एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित नवीन शहतूत रेशम बाड़ी योजना के बारे में भी जाना। प्रदेश में शहतूत रेशम को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण क्षेत्र में रेशम पालन के जरिए स्थायी रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन के लिए नवीन योजना शहतूत रेशम बाड़ी योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत शहतूत का पौधरोपण एवं संधारण, कीटपालन भवन एवं उपकरण और सिंचाई सुविधा के अंतर्गत उपकरण के लिए सहायता राशि प्रदान किया जाएगा, जिससे कृषक शहतूती रेशम उद्योग की स्थापना कर एवं अपने जीविकोपार्जन के लिए स्थायी रोजगार कर सके।
इस योजना से जुड़े कृषकों को उनके निजी भूमि में पौधरोपण के उपरांत उन्हें पौधरोपण एवं रेशम कीटपालन से संबंधित सभी तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस योजना में प्रवधानित राशि लगभग 5 लाख रुपए है, जिन्हें मदवार प्रदान किया जाता है। इस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं सुदूर वनांचल से शहरी क्षेत्रों तक आम जनजीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और उन्हें आर्थिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत बना रहे हैं।
जगदलपुर। बस्तर संभाग में बकाया बिजली बिल की राशि जानकर आप भी चौंक जाएंगे. यहां के सातों जिलों में उपभोक्ताओं पर एक अरब से अधिक का बिजली बिल बकाया है. सबसे ज्यादा उधार सरकारी कार्यालयों पर है.
दरअसल दीपावली से पहले विद्युत कंपनी अपने उपकेंद्र, फीडर और लाइनों की मरम्मत और देखरेख में लगी हुई थी. कंपनी के कर्मचारी जिनमें उपभोक्ताओं की फ्यूज कॉल्स को सुधारने और विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए काम कर रहे थे. इसी बीच कंपनी ने बकाया बिल की वसूली के लिए एक टीम भी बनाई थी, जो दिनभर बकायादारों के घरों और दुकानों पर जाकर वसूली का प्रयास कर रही थी, लेकिन इस मेंटनेंस कार्य में व्यस्तता के कारण वसूली अभियान धीमा हो गया.
अब बकाया राशि वसूलने के अभियान में आएगी तेजी
वर्तमान में उपभोक्ताओं पर कुल 1 अरब 77 करोड़ 80 लाख 49 हजार रुपए का बकाया है. इसमें शासकीय उपभोक्ताओं पर 1 अरब 16 करोड़ 32 लाख रुपए और निजी उपभोक्ताओं पर 61 करोड़ 48 लाख रुपए का बिल लंबित है. कार्यपालक निदेशक एसके ठाकुर ने बताया कि सभी अभियंता मेंटनेंस कार्य के साथ-साथ बकाया वसूली पर भी ध्यान दे रहे हैं. वसूली हमारी रूटीन प्रक्रिया है. समय-समय पर हम बकायेदारों को नोटिस भी देते हैं. दीपावली की वजह से अभियान थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन अब हम पिछले महीने की लक्ष्य को पूरा करेंगे.
जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा थाना क्षेत्र के एक लकड़ी टाल में आज सुबह भीषण आग लग गई. यह आग राज केसर अस्पताल के पीछे आनंद अग्रवाल के लकड़ी टाल में लगी जिससे वहां रखी लाखों रुपये की लकड़ी जलकर राख हो गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग शॉट सर्किट के कारण लगने की आशंका जताई जा रही है।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गई. दमकल की पांच गाड़ियां और केसके पावर प्लांट, सीपत पावर प्लांट और मड़वा प्लांट की दमकल गाड़ियां लगातार आग बुझाने में लगी हुई है. राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है.
स्थानीय बलौदा थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. फिलहाल राहत कार्य जारी है, लेकिन अभी तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है. पुलिस और दमकल विभाग की टीमें आगजनी के कारणों का पता लगाने के लिए जांच में जुटी हुई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस जिला मुख्यालय बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणि स्कूल मैदान में राज्योत्सव के रूप में मनाया गया। देर रात तक छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति एवं रीति-रिवाजों पर केन्द्रित रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। राज्योत्सव समारोह की मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छत्तीसगढ़ महतारी की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने की विशेष अतिथि के रूप में की। इस मौके पर मुख्य मंच से जिला प्रशासन द्वारा नवाचारी कार्यों के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण हितग्राहियों के लिए सहज रेत उपलब्धता हेतु ई-रेत संगवारी एप्लिकेशन 1.0 का लांच एवं जिला लाइब्रेरी में कैरियर काउंसलिंग के लिए विशेष “कैरियर इन्फॉर्मेशन सेंटर”का शुभारंभ किया गया।
मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य की 24 वें स्थापना दिवस की बधाई व शुभकामना देते हुए कहा की छत्तीसगढ़ प्रदेश निर्माण की मांग को तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने पूरा करते हुए अलग छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। आज छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाईयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा डबल इंजन की सरकार से चहुँमुखी विकास हो रहा है। हम सभी को मुख्यमंत्री के रूप में विष्णु देव साय का क्षमतावान नेतृत्व मिला है। केवल 10 माह के कार्यकाल में इस सरकार ने जो उपलब्धियां हासिल की वह काबिले तारीफ़ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली हमारी सरकार राज्य के सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है, लेकिन हमारी सरकार की प्राथमिकता में वे लोग हैं जो आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। हम राज्य के पुरातन संस्कृति को संरक्षित करते हुए समाज में उन संस्कारों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे राष्ट्र की एकजुटता बढ़ती है।
सरकार ने मात्र 10 महीनों के अल्प समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा कर दिया है। छत्तीसगढ़ एक युवा राज्य है। हमारी सरकार युवाओं की शिक्षा के साथ-साथ उनके रोजगार के लिए भी ज्यादा से ज्यादा अवसरों का निर्माण कर रही है। पिछले 10 महीनों में राज्य में 7 हजार से ज्यादा शासकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा राज्य में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करते हुए शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाया गया है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के विकास की रफ्तार और तेज होगी। हमारा विजन डाक्यूमेंट तैयार है,हमारी नई उद्योग नीति भी तैयार है, इसे इसी राज्योत्सव के अवसर पर लांच किया जा रहा है। हमारा यह प्रदेश विकास की बुलंदियों को छूता हुआ देश में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा क़ि पूरे प्रदेश के लिए ख़ुशी का पल है। छत्तीसगढ़ प्रदेश निर्माण को 24 वर्ष पूरा हो गया जिसमे हर क्षेत्र में विकास हुआ है। हमारी सरकार ने खिलाड़ियों को सम्मान व प्रोत्साहन देने के लिए राज्य खेल अलंकरण शुरू किया है। इसके साथ ही खिलाडियों की सुविधा के लिए संसाधनों क़ा जाल फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा क़ि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हम सब प्रदेश के विकास में सहभागिता निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प हेतु आह्वान किया है जिसे हम सबको मिलकर पूरा करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित भारत के सपने को साकार करने के उद्देश्य से हमारी सरकार आज कार्य कर रही है।
राज्योत्सव स्थल पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास आधारित प्रदर्शनी सजाई गई। अतिथियों ने विभिन्न विभागीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों को योजनाओं से लाभांवित किया साथ ही स्टॉल की सराहना की। इसके साथ ही स्कूली बच्चों के द्वारा रंगोली प्रतियोगिता, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर,आकर्षक सेल्फी प्वांइट मनोरंजन हेतु बनाये गये है छत्तीसगढ़ी व्यंजन पर आधारित गढ़कलेवा,जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी, सेल्फी पॉइंट लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र था। छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति पर आधारित प्रस्तुति का सिलसिला देर रात तक चला। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने राज्योत्सव में समा बांध दिया। छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति से दर्शक सराबोर होते रहे। राज्योत्सव में सुप्रसिद्ध छत्तीसगढी गायिका कविता वासनिक, दुलदुला की संस्था छत्तीसगढी ‘रंगोली’ कार्यकम अंतर्गत मनहरण साहु एवं साथियों की प्रस्तुति ,करमदा की लोक सांस्कृतिक संस्था ‘झाँपी’ अंतर्गत मणिसिंह ठाकुर एवं साथी,कोहरौद के ‘बाबा के दीवाना’ पंथी पार्टी अंतर्गत मनोज मार्कण्डेय एवं साथी तथा स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तति का दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को घपलों-घोटालों के लिए आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि कांग्रेस न केवल खुद अपने भ्रष्ट आचरण के चलते रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में जनता जनार्दन से मुँह चुरा रही है, अपितु अपने उन जनप्रतिनिधियों को भी चुनाव प्रचार से दूर रख रही है, जिन्होंने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी थीं। रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे, भाजपा पार्षद दल के प्रवक्ता मृत्युंजय दुबे ने कहा कि राजधानी के महापौर एजाज ढेबर को रायपुर दक्षिण चुनावी जिम्मेदारी से दूर कर हाशिये पर डाल देना इसी तथ्य को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त है।
नेता प्रतिपक्ष श्रीमती चौबे, पार्षद दल प्रवक्ता श्री दुबे ने कहा कि महापौर ढेबर की भ्रष्ट करगुजारियों के चलते उन्हें रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव से दूर रखा गया है। ढेबर के कार्यकाल में रायपुर नगर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाकर रख दिया गया था। ढेबर और कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार के राजनीतिक संरक्षण में निगम की कांग्रेस सरकार के रहते निगम में घपले-घोटालों की बाढ़ आ गई थी। भाजपा नेताओं ने अपने संयुक्त वक्तव्य में आरोप लगाया कि बूढ़ा तालाब फव्हारा घोटाला, यूनीपोल घोटाला, स्मार्ट सिटी फंड का दुरुपयोग सहित कई घोटाले ढेबर के संरक्षण में हुए, पिछले 5 साल में रायपुर शहर आगे बढ़ाने के बजाय गड्ढे में चला गया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रायपुर के महापौर एजाज ढेबर चुनाव परिदृश्य से पूरी तरह गायब है। ऐसा लगता है कि पिछले विधानसभा चुनाव में चारों विधानसभाओं के हार की एक बड़ी जिम्मेदारी कांग्रेस महापौर ढेबर के कार्यकाल को भी मानते हैं और लगता है इसलिए उन्हें रायपुर के चुनाव से दूर रहने को कहा गया है।
नेता प्रतिपक्ष श्रीमती चौबे, पार्षद दल प्रवक्ता श्री दुबे और पार्षद श्रीमती दुबे ने कहा कि रायपुर दक्षिण में होने जा रहे विधानसभा के उपचुनाव से एजाज ढेबर को कांग्रेस पार्टी द्वारा इसीलिए दूर रखा गया है और इस कारण ढेबर न तो कांग्रेस के किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम में दिखाई देते हैं और न ही प्रचार के लिए रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में जा रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं को अपनी करतूतों के चलते यह पक्का यकीन हो चला है कि रायपुर दक्षिण विस क्षेत्र की जनता-जनार्दन कांग्रेस को एक बार करारी शिकस्त देकर भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी को रिकॉर्ड मतों से जिताएगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आज जिला मुख्यालय कोरबा के घण्टाघर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर ओपन थियेटर मैदान में प्रदेश सरकार के वाणिज्य उद्योग व श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का शुभारंभ हो गया है। मुख्य अतिथि श्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
यहाँ विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, अध्यक्ष जिला पंचायत शिवकला छत्रपाल सिंह कंवर, सभापति नगर निगम श्याम सुंदर सोनी, पार्षद सुखसागर निर्मलकर सहित अन्य अतिथि शामिल हुए। राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी लोक गायक सुनील सोनी सहित स्थानीय कलाकारों द्वारा शानदार व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा विकास पर आधारित लगाई गई है।
रायपुर। कोरबा शहर के घन्टाघर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर ओपन आडिटोरियम परिसर में एक दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में जनसंपर्क विभाग द्वारा स्टाल लगाकर शासन की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। जिले के विकास तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी प्रदर्शित की गई। जिले के हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना, जल जीवन मिशन अंतर्गत लगे नल, पहाड़ी कोरवाओं के युवा बेरोजगारों को मिली नौकरी के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन एवं अन्य योजनाओं के लाभ से जीवन में आए बदलाव को बताया गया।
स्टॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित सुशासन के नवीन आयाम विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़, उदित छत्तीसगढ़ सशक्त नेतृत्व से प्रगति का स्वर्णिम युग, आभार बुजुर्गों के आशीष से जगमगा रहा सुशासन का सूरज, मासिक पत्रिका जनमन, रोजगार और नियोजन सहित अन्य ब्रोशर, पाम्पलेट व पत्रिकाओं का वितरण भी आम नागरिको को किया गया। यहाँ से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर युवाओं द्वारा बताया गया कि जनमन जैसी पत्रिका उनके लिए बहुत उपयोगी है। पत्रिका में शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जानकारी होती है, जो कि प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में काम आती है। रोजगार और नियोजन पत्रिका से युवा शासकीय विभागों में होने वाले रोजगार एवं नियुक्तियों से अवगत हुए। साथ ही आमजनों को स्टॉल में लगी फोटो प्रदर्शनी के माध्यम अनेक विभागीय योजनाओं की भी जानकारी प्राप्त हुई। जिससे वे उन योजनाओं से जुड़कर निश्चित ही लाभांवित होंगे।
रायपुर। सेंट्रल जेल गोलीकांड को लेकर रायपुर में सियासत तेज हो गई है। महापौर एजाज़ ढेबर ने बीजेपी नेताओं पर अपराधी के साथ उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनाम करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर महापौर ढेबर ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
महापौर ने बीजेपी प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव और नेता गौरीशंकर श्रीवास पर कांग्रेस पदाधिकारियों के अपमान का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं ने उनकी छवि धूमिल करने और उन्हें टारगेट करने के लिए यह कदम उठाया है। महापौर ढेबर ने इसे अल्पसंख्यक होने के कारण निशाना बनाए जाने की बात भी कही है।
गौरतलब है कि बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर महापौर ढेबर की एक तस्वीर वायरल की थी, जिसमें अपराधी के साथ उन्हें दिखाया गया था। इसके साथ ही बीजेपी नेताओं ने बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष की तस्वीर भी साझा की हैं। महापौर ढेबर ने इसे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की साजिश बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ करा सकती है. इसके लिए नियमों में संशोधन करते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश 2024 में प्रकाशित किया है. सरकार ने यह कदम IAS ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी की सिफारिश के आधार पर उठाया है.
नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कार्यकाल पूरा होने से पहले ही नया चुनाव करना होता था, अब नए संशोधन के बाद 6 महीने के समय के लिए राज्य सरकार व्यवस्था बनाकर कार्य का संचालन कर सकती है. इस 6 महीने के भीतर नया चुनाव करना अनिवार्य है. इसके साथ राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना के मुताबिक, निर्वाचक नामावली में यदि त्रुटि हो तो उसे संशोधित किया जा सकता है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ आयोजित करने के लिए IAS ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था. जानकारों के मुताबिक, कमेटी ने राज्य सरकार को अपनी सिफारिश पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ कराए की सिफारिश की थी.
कमेटी ने रिपोर्ट में कहा कि इससे धन की बचत के साथ ही विकास कार्यों में तेजी आएगी. दोनों चुनाव अलग-अलग कराने से आचार संहिता भी दो बार लगानी पड़ेगी. इससे विकास के काम प्रभावित होंगे, मैन पॉवर भी ज्यादा लगेगा. दोनों चुनाव एक साथ कराने से इन सबकी बचत होगी.
2019-20 में हुआ था चुनाव
पिछला नगरीय निकाय चुनाव 2019-20 में हुआ था. राज्य के 27 जिलों के 151 निकायों के 2840 पार्षदों के चुनाव के लिए 21 दिसंबर 2019 को मतदान हुआ था, और 24 दिसंबर को परिणाम घोषित किए गए थे. वहीं 20 दिसंबर 2020 को 15 नगरीय निकायों के 370 वार्डों में आम चुनाव हुआ था. 16 नगरीय निकायों के 17 वार्डों में उपचुनाव हुआ था. इसके अलावा राज्य के 146 जनपद पंचायतों में स्थित त्रिस्तरीय पंचायतों में 400 जिला पंचायत सदस्य, 2979 जनपद पंचायत सदस्य, 11636 सरपंच और 160350 पंच पद के लिए चुनाव हुआ था.
रायपुर। राज्योत्सव के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ी गीतों की शानदार प्रस्तुति लोक कलाकारों ने दी। आरु साहू और राजेश अवस्थी ने ददरिया गीतों के साथ उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं मुंबई से आईं नीति मोहन ने शानदार गीतों की प्रस्तुति कर समां बांध दिया। शाम को राज्योत्सव का रंग गौरा-गौरी गीत से आरंभ हुआ। इसके बाद तो छत्तीसगढ़ के लोकगीतों की सुंदर श्रृंखला सज गई। लोकरंग राज्योत्सव परिसर पर पूरी तरह से छलक गये। गौरा-गौरी गीत के बाद राउत नाचा की रंगारंग प्रस्तुति हुई और राऊत नाचा के जोश से पूरा उत्सव स्थल सराबोर हो गया। इसके बाद फाग गीतों के रंग छलके। जब मुख मुरली बजाय का प्रदर्शन हुआ तो पूरा राज्योत्सव स्थल श्याम रंग से रंग गया। इसके बाद द्रूतगामी पंथी नृत्य का आयोजन हुआ। आरू साहू और राजेश अवस्थी जैसे ही मंच पर आये, दूर तक तालियां गूंजती रही। जब इन कलाकारों ने ददरिया की प्रस्तुति दी तो लोक रंग का जादू पूरे उत्सव में चढ़ गया। लोकप्रिय गीत बटकी म बासी चुटकी म नून गावत हव ददरिया कान देके सुन की प्रस्तुति ने पूरे माहौल में तरंग घोल दी। इसके बाद वालीवुड पार्श्व गायिका नीति मोहन प्रस्तुति देने आई। उन्होंने जय जोहार के अभिवादन के साथ सुमधुर गीतों की लड़ी प्रस्तुत की। चली रे जुनून का लिये कतरा, जिया रे जिया रे जैसे गीतों का प्रदर्शन कर उन्होंने पूरे माहौल में संगीत के रस घोल दिये। आज राज्योत्सव के दूसरे दिन लोकगीतों के साथ भारतीय सिनेमा के अद्भुत गीत-संगीत के जो सुर सुनने लोगों को मिले, उसने राज्य स्थापना दिवस की खुशियों में चार चांद लगा दिये।
रायपुर। छत्तीसगढ़ एक युवा राज्य है और युवा अवस्था में ही इस राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन किया है। राज्योत्सव के मौके पर अपनी विरासत को सहेजने और छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लें। नागरिकगणों से यह अपील राज्योत्सव कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने की। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की।
इस मौके पर अपने संबोधन में श्री डेका ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव का दिन है। हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को 24 वर्ष पूरे हो चुके हैं और यह हम सबके लिए ऐतिहासिक क्षण है। इन वर्षाे में हमने एक मजबूत आधार बनाया है और अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ने का संकल्प लिया है। उन्होंने इस अवसर पर राज्य निर्माण का स्वप्न देखने वाले और इसके लिए संघर्ष करने वाले पुरखों को भी नमन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा जनकल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसके लिए मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं। छत्तीसगढ़ में कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। जनजातियों, महिलाओं एवं युवाओं के उत्थान एवं कल्याण के लिए भी निरंतर पहल की जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले 23 वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक ठोस धरातल निर्मित हुआ है। इस दौर में राज्य की सांस्कृतिक रूप से भी एक अलग पहचान बनी है। वर्तमान में भी सांस्कृतिक समृद्धि के लिए चहुंमुखी प्रयास किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त हैं, चाहे वन हो, खनिज हो या मानव संसाधन हो, सभी का उचित दोहन किया जाना अभी बाकी है। संसाधनों के दोहन के साथ ही हमें इस पर भी गहन चिंतन करना होगा कि विकास का पैमाना क्या हो। विकास की सतत् प्रक्रिया में प्रकृति के साथ संतुलन बना रहे, यह भी ध्यान रखना होगा। हम सबको आज संकल्प लेना होगा कि छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर ले जाने के लिए मिलजुल कर प्रयास करेंगे।
राज्य की उन्नति के लिए शांति जरूरी है, विगत कुछ वर्षों से नक्सल हिंसा से छत्तीसगढ़ का कुछ हिस्सा प्रभावित रहा है। इस हिंसा को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लगातार साझा प्रयास किये जा रहे हैं। आशा है कि जल्द ही इस हिंसा से राज्य को मुक्ति मिलेगी और छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ेगा।
राज्यपाल ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि इस राज्य को अग्रणी राज्य बनाने के लिए अधिक से अधिक योगदान दें साथ ही आज एक संकल्प लें कि अपने प्रदेश की, शहर की सार्वजनिक संपत्तियों, सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करेंगे, उसे संभालेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्योत्सव समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों ने संयुक्त मध्यप्रदेश के समय छत्तीसगढ़ में जन्म लिया और बड़े हुए वे लोग तब और अब के फर्क को बहुत अच्छी तरह जानते हैं। उन्हें याद होगा कि किस तरह छत्तीसगढ़ में बार-बार अकाल पड़ता था। किसानों को रोजी-रोटी के लिए पलायन करना पड़ता था। सौभाग्य से जब अटल जी प्रधानमंत्री बने तो छत्तीसगढ़ की पीड़ा को समझा और अलग राज्य का निर्माण किया। 24 साल पूरे हो गये हैं। छत्तीसगढ़ विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कार्यक्रम में लोक कलाकारों को अधिकतम जगह दी है। इसके साथ ही छालीवुड और बालीवुड के कलाकारों को भी जगह दी है। मैं सभी कलाकारों का अभिनंदन करता हूँ। हमारी कला हमारे विचारों को अभिव्यक्त करने का माध्यम है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति इस मामले में बहुत समृद्ध है हमारे यहां हर विधा के कलाकार हैं। छत्तीसगढ़ में लोक गायन, लोक कला एवं सभी विधाओं को हमारी सरकार प्रोत्साहित कर रही है। शिल्प ग्राम स्थापित किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने तीज त्योहारों, देव स्थलों, मड़ई मेलों को भी सहेज रहे हैं। विकास के लिए सबसे बड़ी ताकत संस्कृति से ही मिलती है। संस्कृति हमें बताती है कि विकास की दिशा क्या होनी चाहिए। प्राथमिकता क्या होनी चाहिए, सोच क्या होनी चाहिए, दृष्टिकोण क्या होना चाहिए और लक्ष्य क्या होना चाहिए। प्रत्येक नागरिक का आचार-विचार और व्यवहार संस्कृति ही तय करती है और इसी के अनुरूप नीति निर्धारण के लिए सरकार को प्रेरित करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के लिए विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है उसमें संस्कृति को सबसे ज्यादा तवज्जो दी है। संस्कृति ही समाज में ताकत पैदा करती है। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य के मामले में बेहद समृद्ध है। पर्यटन की यहां बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि किस तरह से भगवान श्रीराम से जुड़े तीर्थों का विकास किया जा रहा है। माता शबरी और माता कौशल्या के धाम को संवारा जा रहा है। राजिम, सिरपुर, मधेश्वर, भोरमदेव, बारसूर आदि अनेक ऐतिहासिक स्थल हैं, जिनका विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शिल्प कला को सहेजा जा रहा है और प्रोत्साहित किया जा रहा है। खादी के वस्त्रों पर 25 प्रतिशत की छूट देकर इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन सबके साथ ही प्रदेश के खानपान की अपनी विशेषता है। संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में शामिल है। यह राज्य हमने बनाया है संवारा है और आगे भी इसे हम ही संवारेंगे।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ नैसर्गिक पर्यटन पत्रिका और संस्कृति विभाग की पत्रिका ‘बिहनिया‘ का विमोचन किया। इस मौके पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं अधिकारीगण मौजूद थे।