प्रदेश / छत्तीसगढ़
महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के आरोपियों की बढ़ी न्यायिक रिमांड अवधि, ACB/EOW की विशेष अदालत का फैसला
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में आरोपियों को राहत नहीं मिली है. ACB/EOW की विशेष अदालत ने जेल में बंद आरोपियों चंद्रभूषण वर्मा, राहुल वकटे, रितेश यादव, भीम यादव, अमित अग्रवाल, सुनील दम्मानी और सतीश चंद्राकर और अर्जुन यादव की न्यायिक रिमांड 10 जुलाई तक बढ़ा दी है.
बता दें कि महादेव एप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया गया है. इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे. एप के जरिये क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. अवैध सट्टे के नेटवर्क के जरिए एप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले. इस एप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था.
महादेव बेटिंग एप कई ब्रांच से चलता था. छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल महादेव ऑनलाइन बुक एप के मेन प्रमोटर हैं. ये अपनी गतिविधियां दुबई से संचालित करते थे. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे. यूजर को शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. इसे ऐसे बनाया गया था कि सिर्फ 30 फीसदी यूजर जीतते, बाकी हार जाते. इस एप के जरिए हुई कमाई को हवाला के जरिए होटल कारोबार और फिल्मों में लगाया गया.
मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप, प्रभारी सिविल सर्जन निलंबित
रायपुर। कोरिया जिला के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के प्रतिवेदन के अनुसार डॉ. राजेन्द्र बंसारिया, अस्थिरोग विशेषज्ञ एवं प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर द्वारा मरीज का ऑपरेशन करने हेतु राशि की मांग की गई थी तथा मरीज के परिजनों द्वारा राशि नहीं दिए जाने के कारण मरीज का इलाज नहीं किया गया।
डॉ. बंसारिया के इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया है। अतः राज्य शासन ने डॉ. राजेन्द्र बंसारिया को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
डॉ. राजेन्द्र बंसारिया को मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, सरगुजा संभाग, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। सक्षम अधिकारी की अनुमति एवं पूर्व स्वीकृति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में डॉ. राजेन्द्र बंसारिया मूलभूत नियम 53 के तहत जीवन निर्वाह भत्ते के नियमानुसार पात्र होंगे।
वनांचल के 43 युवाओं ने सीखा रोजगार मूलक काम, डिप्टी सीएम साव ने किया प्रशिणार्थियों का सम्मान, बढ़ाया उत्साह
लोरमी। मुंगेली जिले में स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन की ओर से सुदूर वनांचल क्षेत्रों से आजीविका मूलक प्रशिक्षण के लिए चयनित 43 युवाओं को लोरमी विधायक एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पुरस्कृत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया.
जानकारी के अनुसार उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन की ओर से आईआईसीआई फाउंडेशन लाइवलीहुड ट्रेनिंग प्रोग्राम एवं विलेज बोटानिस्ट पाठ्यक्रम के प्रशिक्षणार्थियों के उत्साहवर्धन करने के लिए रायपुर के अपने निज निवास में आमंत्रित किया, जहां उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रमाणपत्र एवम बैकपैक देकर सम्मानित किया.
इस दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा एटीआर के स्थानीय निवासियों के जीवन की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयास करना है. उन्होंने कहा कि आज यह बहुत सुखद अवसर है, जिसमें आप लोगों ने मेरे आतिथ्य को स्वीकार किया. इस बीच निरंतर एटीआर के बेहतरी के लिए वहां के निवासियों की मदद करने और बच्चों के रोजगार दिलाने प्रोग्राम चलाने निर्देश दिया. उनके एटीआर के औरापनी में चल रहे गिद्ध संरक्षण कार्य के ब्रोशर का विमोचन किया. इस अवसर पर फील्ड डायरेक्टर मनोज पांडे, डिप्टी डायरेक्टर यूआर गणेश, सहायक संचालक एटीआर संजय लूथर, मानवेंद्र कुमार, रेंज ऑफिसर विक्रांत कुमार, अमित रोशन एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे.
मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन अभियान समितियों को किया सम्मानित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अयोध्या में श्रद्धालुओं की सेवा कर लौटे छत्तीसगढ़ के सभी रामसेवकों का आज शाम अपने निवास परिसर में स्वागत एवं अभिनंदन किया। श्री साय ने सभी रामभक्त 6 समितियों को शाल श्रीफल और श्री रामलला की धातु की मूर्ति भेंटकर उनको सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अयोध्या में श्रद्धालुओं की सेवा कर लौटे प्रभु श्री रामलला दर्शन अभियान समिति के अंतर्गत सभी 6 समितियों के साथ भोजन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी समितियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के विराजित होने के साथ ही रामभक्तों की 500 सालों की मनोकामना पूर्ण हुई है। यह हमारे लिए बहुत ही गौरव की बात है कि प्रभु श्रीराम का ननिहाल हमारा छत्तीसगढ़ है और हम भांचा के रूप में श्री राम को पूजते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के इन 6 समितियों के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि ये समितियां स्वमेव प्रेरित होकर अयोध्या पहुंची और पूरी सेवाभाव के साथ वहां दर्शन करने आ रहे लगभग 4 लाख श्रद्धालुओं को पूरे 60 दिनों तक भोजन कराया। यह छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ से अयोध्या में रामभक्तों के लिए चावल, सब्जी और डॉक्टर की टीम भेजी गई थी मैं उन टीमों को भी सराहना करता हूं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत आस्था स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। इस ट्रेन के माध्यम से श्रद्धालुगण अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के दर्शन के बाद वाराणसी और प्रयागराज का दर्शन कर पुण्य लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ से अब तक 8 आस्था स्पेशल ट्रेनें रवाना हो चुकी है और 11 हजार रामभक्तों ने प्रभु श्री रामलला का दर्शन लाभ लिया है।
इस अवसर पर विधायक और अयोध्या दर्शन समिति के संयोजक धरम लाल कौशिक ने सभी समितियों की सेवाभाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सम्मान की बात है कि सभी 6 समितियों ने पूरी निष्ठा और लगन के साथ रामभक्तों की सेवा की है। इस दौरान अयोध्या दर्शन समिति के सदस्यगण विधायक संपत लाल अग्रवाल और विरेंद्र श्रीवास्तव के साथ ही लक्ष्मी वर्मा, रामलखन पैंकरा एवं ललित माखीजा मौजूद थे।
पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, राजधानी में कई थाना प्रभारी हुए इधर से उधर
रायपुर। जिला पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है. रायपुर एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने जिले के अलग-अलग थानों और रक्षित केंद्र में पदस्थ 20 निरिक्षकों के तबादले का आदेश और उनके नामों की सूची जारी की है.
नारायण सेवा संस्थान का नारायण लिंब फिटमेंट शिविर 30 जून को, जैन दादा बाड़ी में 750 से ज्यादा को लगेंगे नारायण लिम्ब
रायपुर। देश-विदेश में दिव्यांगजनों और मानव सेवा के लिए पहचाने जाने वाले उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान द्वारा छत्तीसगढ़ के दिव्यांगों के लिए 30 जून को निःशुल्क नारायण लिम्ब एवं कैलीपर्स फिटमेंट का विशाल शिविर रायपुर में आयोजित होगा। यह शिविर जैन दादा बाड़ी, एमजी रोड़ रायपुर में 30 जून को प्रातः 8ः00 बजे से सायं 6:00 बजे तक चलेगा।
प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में संस्थान ट्रस्टी निदेशक देवेंद्र चैबीसा ने जानकारी देते हुए कहा संस्थान विभिन्न राज्यों के दिव्यांग बन्धुओं को उनके घर शहर के नजदीक लाभान्वित करने के लिए विगत 39 वर्षों से प्रयासरत हैं। इसी शृंखला में नारायण सेवा ने 17 मार्च को निःशुल्क नारायण लिंब मेजरमेंट कैंप का आयोजन जैन दादा बाड़ी में किया था। जिसमें 1500 से अधिक रोगी आए थे। इनमें से 750 जन ऐसे थे जो सड़क दुर्घटना या किसी हादसे से हाथ-पैर खोकर दिव्यांगता का शिकार हो गए थे। उनका चयन करते हुए संस्थान ने नारायण लिम्ब के लिए मेजरमेंट लिया। शिविर के उद्घाटन और भव्यता के लिए मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और शहर के सभी विधायकों सहित कई समाज सेवी सज्जनों को आमंत्रित किया गया है।
मीडिया एवं जनसंपर्क प्रमुख भगवान प्रसाद गौड़ ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा संस्थान का नारायण लिंब मोड्युलर है। यह उन्नत टेकनिक से निर्मित है। ये लिंब टिकाऊ, वजन में हल्का और दिव्यांगों की स्थिति व सुविधाजनक सिद्ध होगा। रायपुर में पहली बार संस्थान एक साथ 750 से ज्यादा दिव्यांगों को नारायण लिम्ब पहनाकर उन्हें नई जिंदगी का उपहार देगा।यह सभी दिव्यांग अपनी दिव्यांगताभरी जिंदगी के चलते अपने परिवार और परिजनों पर बोझ बन गए थे। संस्थान उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा में ला रहा है। शिविर में आने वाले दिव्यांगों के लिए संस्थान की ओर से निःशुल्क भोजन की व्यवस्था रहेगी। इन दिव्यांगों को नारायण लिम्ब फिटमेंट के बाद चलने की सुव्यस्थित ट्रेनिंग दी जाएगी। इस हेतू संस्थान की 80 सदस्य टीम सेवाओं में तत्पर रहेगी। शिविर में रायपुर के विभिन्न संगठनों के स्वंयसेवी भी सेवाएं प्रदान करेंगे। संस्थान का यह शिविर दिन भर चलेगा। शिविर चयनित दिव्यांगों को सुव्यवस्थित लिंब फीटिंग,ट्रेनिग व प्रेरणा देकर उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सक्षम व समर्थ की मुहिम है। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल उदयपुर से आकर इस शिविर में मौजूद रहेगें।
इस दौरान ट्रस्टी देवेंद्र चौबिसा, मीडिया प्रमुख भगवान प्रसाद गौड़,रायपुर आश्रम प्रभारी भरत पालीवाल और भँवरसिंह राठौड़ ने शिविर का पोस्टर जारी किया।
शिविर में स्थानीय संगठन भगवान महावीर जन्मकल्याणक, श्री ऋषभदेव मन्दिर, दादाबाड़ी रायपुर, भारतीय जैन संगठना, श्री दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप, जय आनन्द युवा संघ, रायपुर केरला समाजम, आरोग्य हॉस्पिटल शंकरनगर, राजश्री चायपत्ती, राजश्री इंटरप्राइजेज, श्री श्याम सेवाधारी महिला समिति, सत्यनारायण धर्मशाला, महिला पतंजली योग समिति, छत्तीसगढ़ प्रान्तीय महिला अग्रवाल संगठन, श्री मानव सेवा मंगल भवन, छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति, छत्तीसगढ़ प्रदेश साहु संघ, अग्रवाल सभा, छत्तीसगढ़ सर्व नाई समाज, मां खारुन गंगा महाआरती महादेव घाट, राणाजी वेलफेयर फाउंडेशन, श्री मंगलमय, अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति छत्तीसगढ़, नवसृजन मंच छत्तीसगढ़, वसुधैव कुटुंबकम, सार्थक क्रिएटिव ऑर्गनाइजेशन, छत्तीसगढ प्रदेश स्वास्थ्य नर्सिंग संगठन, स्पर्श एक कोशिश वेलफेयर फाउंडेशन, श्रीराम जी की सेना, ऊँ मण्डली, मणिकार्णिका विंग सहित 25 से अधिक समाज सेवी संघ जुड़े है।
नारायण सेवा संस्थान 1985 से नर सेवा-नारायण सेवा की भावना से काम कर रहा है। संस्थापक कैलाश मानव को राष्ट्रपति महोदय ने मानव सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल दिव्यांगों के लिए मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से मानसिक,शारीरिक एवं आर्थिक दृष्टि से मजबूत कर लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में ला चुके है। वर्ष 2023 में अग्रवाल को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। संस्थान अब तक 45200 से अधिक नारायण लिम्ब लगा चुका है। संस्थान अब छत्तीसगढ़ के दिव्यांगों को निःशुल्क नारायण लिम्ब प्रदान कर उनकी रुकी जिन्दगी को फिर से शुरू करने के लिए बड़े स्तर पर काम करेगा।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने जारी किया 10वीं और 12वीं के द्वितीय मुख्य परीक्षा के टाइम टेबल, जानिए कब से कब तक होगी परीक्षाएं…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीजी बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा में इस वर्ष फेल हुए या सप्ली आए बच्चों को दूसरा मौका देने के लिए आयोजित किए जा रहे परीक्षा का टाइम टेबल जारी हो चुका है. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने द्वितीय मुख्य परीक्षा 2024 के लिए दोनों कक्षाओं की परीक्षा के टाइम टेबल आज जारी कर दिए हैं.
माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव ने पुष्पा साहू ने बताया, कि इस परीक्षा में (द्वितीय मुख्य परीक्षा 2024) में 10वीं या 12वीं के ऐसे विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं जो पहली मुख्य परीक्षा में पंजीकृत हो और जिनका परीक्षा परिणाम पूरक श्रेणी में आया हो, अनुत्तीर्ण हो या उत्तीर्ण विद्यार्थी भी श्रेणी सुधार के लिए द्वितीय मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. खास बात बता दें, जो एक पेपर में फ़ेल हुए हैं वो एक पेपर में दे सकते हैं जो दो तीन पेपर में फ़ेल हुए हैं वो दो तीन पेपर का एग्ज़ाम दे सकते हैं.
कक्षा दसवीं के द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 10-08-24 से 28-08-24 तक सुबह 8:30 से 11:45 बजे के समय पर आयोजित होगी. वहीं 12वीं कक्षा की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं दिनांक 23-07-24 से 12-08-24 तक सुबह 9:00 से 12:15 बजे तक आयोजित होगी.
10th CG Board Second Exam Schedule:

12th CG Board Second Exam Schedule:

बता दें विद्यार्थी, पालक, शिक्षक द्वितीय मुख्य परीक्षा के संबंध में दिशा निर्देश समस्या समाधान के लिए मण्डल के टोल फ्री नंबर में सुबह 10:30 बजे से सायं 05: 00 बजे तक दिनांक 24.06.2024 से 02.07.2024 तक संपर्क स्थापित कर सकते है इसके लिए हेल्पलाईन नम्बर 18002334363 संचालित किया जा रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार में शोक की लहर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जीजा महेंद्र कल्चुरी का निधन, कल होगा अंतिम संस्कार
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जीजा महेंद्र कल्चुरी का निधन आज राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में हुआ. वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे. उनका अंतिम संस्कार 28 जून को सुबह 11:30 बजे देवेंद्र नगर स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा.
महेंद्र कल्चुरी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की बहन इला कल्चुरी के पति थे. वे अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें बेटा साकेत – बहु शैलजा कल्चुरी, बेटा शान्तनु – बहु कविता कल्चुरी के साथ बेटी सोनल सिंह और नाती पोते में शुभी, शौर्य, ईशान, मोहवी, अनय और आरिका हैं.
करियर संबंधी मार्गदर्शन देने वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी बच्चों के बीच पहुंचे, सुनाए अपने जीवन अनुभव, दिए कई महत्वपूर्ण टिप्स
रायपुर। सिर्फ डिग्री पा लेना और उसकी संख्या बढ़ाना आपको कामयाबी के मुकाम तक नहीं लेकर जायेगा, स्किलफुल बनेंगे तो कामयाबी जरूर मिलेगी। इसलिए गिनती के फेर में न पड़ें और काबिलियत के लिए पढ़ें, वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज करियर काउंसलिंग के दौरान बच्चों को यह सलाह दी। वे आज स्कूल और कॉलेज के बच्चों के बीच उन्हें करियर संबंधी मार्गदर्शन देने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ’उत्कर्ष-भविष्य का निर्माण’ कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्हें सुनने बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के साथ शिक्षक और पालक भी पहुंचे थे।
वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने एक घंटे के अपने संबोधन में छात्रों को अपनी अब तक जीवन अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि एक छोटे से गांव से निकल कर देश के प्रतिष्ठित आईएएस सेवा में चयन, प्रशासनिक करियर से लेकर राजनीतिक जीवन में प्रवेश और अब प्रदेश के वित्त मंत्री के रूप में कार्य करने का सफर कैसा रहा, क्या चुनौतियां रहीं, उनसे कैसे निपटे और भविष्य के लिए और बड़े लक्ष्य कैसे तय किए और उन्हें कैसे पूरा किया।
वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि 11 साल की उम्र में अपनी मां के साथ जब रायगढ़ के कलेक्टर ऑफिस पहली बार आया था तभी से मन में ठान लिया था कि आगे चल कर आईएएस बनना है। इस सपने को मैने जिया, लगातार मेहनत की और 23 साल की एज में सबसे कम उम्र में से एक आईएएस बनने की उपलब्धि हासिल हुई। उन्होंने कहा कि बायंग गांव से निकल कर जब मैं आईएएस बन सकता हूं जिसके पिता का देहांत 8 वर्ष की उम्र में हो गया था और मां सिर्फ चौथी तक पढ़ी है तो आप में से हर कोई अपना सपना पूरा कर सकता है। बशर्ते आपको परिस्थितियों से हारना या घबराना नहीं है बल्कि उनका सामना करना है। संकल्प यदि मजबूत होगा तो विकल्पों की कमी नहीं होगी। हमारे सामने अनेकों उदाहरण हैं जो बताते हैं कि विषम परिस्थिति में भी अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने वाले सफलता की नई इबारत लिखते हैं। उन्होंने विराट कोहली के पिता के निधन के दिन अपनी टीम के लिए खेली गई बहुमूल्य पारी, आनंद कुमार के संघर्षों के बारे बताते हुए कहा कि इन सभी सफल लोगों ने कठिन परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी होने नही दिया बल्कि उससे लड़े और जीते। उन्होंने बताया कि आईएएस की नौकरी छोडऩे के बाद कृषि कार्य और शेयर मार्केट में ट्रेडिंग का काम सीखा। खेती-किसानी के वैज्ञानिक तरीकों का ज्ञान लिया, रिसर्च किया, एग्रोनॉमिक्स विशेषज्ञों से सीखने की कोशिश की जिसका पूरा लाभ आज उन्नत कृषि में ले रहा हूं। यह सब बताने के पीछे का अर्थ यह है कि आप समझ लें कि जो करना चाहते हैं उसके बारे में पूरा ज्ञान लीजिए, एक्सपर्ट से सीखिए उसे अप्लाई कीजिए फिर कमाल देखिए। अंत में उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता प्रयासों लेना दो ही परिणाम हो सकते हैं। असफल होने पर निराश नहीं होना है। कोई अनुचित कदम नहीं उठाना चाहिए। हमेशा याद रखें कि जिंदगी किसी एक एग्जाम, किसी एक प्रयास से कहीं ज्यादा कीमती है। इसलिए हमेशा सकारात्मक अप्रोच रखें। उन्होंने कलेक्टर कार्तिकेया गोयल और सीईओ जिला पंचायत के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित करियर गाइडेंस सेमिनार की सराहना की और कहा कि इस कार्यक्रम का नियमित आयोजन किया जाए जिससे छात्रों से संवाद बना रहे।
कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने भी बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों से अपने समय का सदुपयोग करने और देश के भविष्य में अपना योगदान देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह समय महत्वपूर्ण है इसमें की गई मेहनत के जो परिणाम मिलते हैं उसका असर पूरे जीवन की दशा दिशा तय करते हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव, गुरूपाल भल्ला, मुकेश जैन, श्रीकांत सोमावार, सुभाष पाण्डेय, विवेक रंजन सिन्हा, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम पूनम सोलंकी, शोभा शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
साय सरकार का पहला जनदर्शन, जनदर्शन में देखने को मिली मुख्यमंत्री श्री साय की संवदेनशीलता, अनवरत पांच घंटे आम लोगों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का राज्य की जनता को स्वच्छ, पारदर्शी, संवेदनशील एवं प्रभावी प्रशासन मुहैया कराने का संकल्प एक-एक कर अमल में दिखाई देने लगा है। सत्ता की बागड़ोर सम्भालने के बाद से ही शासन-प्रशासन को जनता के करीब लाने की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इच्छा आज जनदर्शन में पूरी होती दिखी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में जनसमस्याओं की सुनवाई के लिए नये सिरे से जनदर्शन कार्यक्रम की शुरूआत की है। जनदर्शन का यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में 27 जून गुरूवार को आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के दूर-दराज से आए हजारों लोगों से एक-एक कर मुलाकात की। बड़े ही अपनत्व भाव से उन्होंने आम जनमानस की समस्याएं और उनकी अपेक्षाएं सुनी और विभागीय अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों को तत्परता से निपटाने के निर्देश दिए।
आज 27 जून को मुख्यमंत्री जनदर्शन का पहला कार्यक्रम हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपने आवेदनों और समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री श्री साय से मिलने रायपुर स्थित उनके कार्यालय पहुंचे थे। जनदर्शन का समय पूर्वान्ह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित था, परन्तु कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनसामान्य की मौजूदगी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने न सिर्फ जनदर्शन कार्यक्रम की निर्धारित समयावधि को बढ़ाया, बल्कि स्वयं कार्यक्रम में यह बात कही कि लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, यहां आए प्रत्येक व्यक्ति से वह मिलेंगे और उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को सुनेंगे। यही वजह है कि मुख्यमंत्री जनदर्शन का यह कार्यक्रम पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक अनवरत पांच घंटे चला। मुख्यमंत्री श्री साय इस दौरान सभी आयु वर्ग के लोगों से एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनी।
मुख्यमंत्री श्री साय का लोगों के प्रति अपनेपन का भाव एवं संवेदनशीलता ने जनमानस की शासन-प्रशासन से दूरी को मिटा दिया है। जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एक ओर जहां विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोगों के समुचित इलाज और मदद के लिए अधिकारियों को निर्देश देते दिखे, वहीं दिव्यांग और निशक्तजनों के बीच पहुंचकर न सिर्फ उनकी समस्याएं सुनी, बल्कि उन्हें आवश्यक उपकरण, ट्राईसायकल आदि की सौगातें दी। मुख्यमंत्री इस दौरान उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इच्छुक युवाओं के लिए भी आवश्यक प्रबंध करने के लिए तत्परता से अधिकारियों को निर्देशित करते दिखे।
जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्याएं बताने को लेकर लोग काफी उत्साहित थे। भारी उमस और गर्मी के बावजूद भी जनदर्शन स्थल लोगों से खचाखच भरा था। मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं की जानकारी देने के लिए लोग अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मुख्यमंत्री को आवेदन देने के बाद लोगों के मन में संतोष और चेहरे पर संतुष्टि का भाव देखने को मिला। जनदर्शन कार्यक्रम में डेढ़ हजार से अधिक लोगों ने मिलकर अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं के संबंध में आवेदन दिया, जिसमें ज्यादातर आवेदन राजस्व, नगरीय निकाय, स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण कार्य एवं स्वेच्छानुदान से संबंधित थे। जनदर्शन में मिले सभी आवेदनों को पंजीबद्ध किया गया है और आवेदन देने वाले लोगों को टोकन भी दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने ब्रेन सर्जरी के लिए तत्काल स्वीकृत किए डेढ़ लाख रूपए -
जनदर्शन कार्यक्रम में दिव्यांगों को श्रवण यंत्र, ट्राईसायकल, सर्टिफिकेट एवं अन्य आवश्यक मदद मौके पर ही मुहैया कराई गई। बीमारी से पीड़ित लोगों के त्वरित इलाज का भी प्रबंध किया गया। धमतरी निवासी अमित सोनी के ब्रेन सर्जरी के लिए मुख्यमंत्री ने डेढ़ लाख रूपए की मंजूरी देने के साथ ही वर्षा चांदवानी के इलाज के लिए 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रेवती रमण महाविद्यालय सूरजपुर में कीबो एक्स.एस. डिवाईस का किया उद्घाटन
रायपुर। रेवती रमण महाविद्यालय सूरजपुर के हिन्दी शाखा में नेत्रहीन दिव्यांगजनों के लिए स्थापित कीबो एक्स.एस. डिवाईस का आज महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा उद्घाटन किया है। यह डिवाइस दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए स्थापित किया गया है, ताकि दृष्टिबाधित व्यक्ति पुस्तक में अंकित शब्दों को इस डिवाइस के माध्यम से ऑडियो फॉर्मेट में कन्वर्ट कर अपने ज्ञान के संवर्धन कर सकें। इसके साथ ही हितग्राही किसी भी किताब को स्कैन कर इसका ट्रांसलेशन कर किसी भी भाषा में सुन सकते है और ज्ञान अर्जित कर सकतें है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, एन.आई.सी., डी.आई.ओ., रोहन सिंह, उप संचालक समाज कल्याण बेनेदिक्ता तिर्की व अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
महिला एवं बाल विकास मंत्री सूरजपुर के जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में हुई शामिल
रायपुर। विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए शिक्षा सबसे अहम है, यदि स्कूली शिक्षक लक्ष्य का निर्धारण करते हुए और संकल्प लेते हुए बच्चों को मन से पढ़ायेंगे तो निश्चित ही हमारे बच्चे प्रदेश के नाम को गौरवांवित करेंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ये बात सूरजपुर के जिला स्तरीय शाला प्रवेश कार्यक्रम में कही। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थी, पालक व शिक्षकों को उनकी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संदेश से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत तिलक लगाकर और मिष्ठान खिलाकर किया गया। तत्पश्चात् सूरजपुर जिले अंतर्गत शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले विकास के बिंदुओं से की गई। जिसका प्रदर्शन प्रोजेक्टर के माध्यम से किया गया। जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचार व गतिविधियों की संक्षिप्त झलकियों का प्रदर्शन किया गया। कस्तूरबा गांधी की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों के साथ-साथ उनके पालकों का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट प्रदान करने की बात कही गई।कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों को सामग्री वितरण और बालिकाओं को सरस्वती योजना अंतर्गत सायकल प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, राजेश अग्रवाल, अजय अग्रवाल, बिहारी कुलदीप, लवकेश पैकरा, बिज्जु दासन एवं राजेश्वर तिवारी,संभागायुक्त गोविंद राम चुरेंद्र, कलेक्टर रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ कमलेश नंदिनी साहू, जिला शिक्षा अधिकारी रामललित पटेल, जिला मिशन समन्वयक शशिकांत सिंह, सहायक संचालक शिक्षा रविन्द्र देव सिंह एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम जरूरी
रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न स्थानों की सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिलों के कलेक्टर्स से चर्चा की और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सड़कों पर आवारा पशुओं के आ जाने के कारण हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की आज बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर आवारा पशुओं के जमावाड़ा के कारण हो रही दुर्घटनाओं के चिन्हांकित स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए। सड़कों पर आने वाले पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में समुचित व्यवस्था के साथ रखा जाए। चिन्हांकित मार्गो पर पशु हटाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा है कि सड़कों पर आवारा अथवा पालतु पशुओं के पाए जाने पर उन्हें हटाने के लिए एक निश्चित व्यवस्था की जाए। बैठक में विभिन्न जिलों के कलेक्टर ने बताया कि सड़कों पर पशुओं को आने से रोकने के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग से कार्यवाही की जा रही है तथा सड़कों पर पशु पाए जाने पर उन्हें गौशालाओं में रखा जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गो पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हाईवे एडवांस ट्रॉफिक मेनेजमेंट सिस्टम को तैयार किया जा रहा है। इसी तरह से पुलिस विभाग द्वारा सड़कों पर पेट्रोलिंग की जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, नगरीय प्रशासन एवं मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस., लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पशुपालन विभाग, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी, जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
वर्षों बाद आज आम लोगों के लिए फिर खुले मुख्यमंत्री के दरवाजे, श्री साय ने हफ्ते का एक दिन कर दिया नागरिकों के नाम
रायपुर। वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री-निवास के दरवाजे आज आम-नागरिकों के लिए पूरी तरह खुल गए। आज की ही तरह अब हर सप्ताह, गुरुवार के रोज, ये दरवाजे इसी तरह खुला करेंगे। इन खास दिनों में आम-औ-खास, कोई भी नागरिक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर सकेगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री की ही इच्छा के अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन ने आज से एक खास कार्यक्रम- जनदर्शन - का दोबारा आगाज कर दिया है। आम नागरिकों से सीधी मुलाकात और सीधे संवाद के इस कार्यक्रम का फार्मेट ऐसा है कि मुख्यमंत्री निवास में सहज वातावरण में लोग अपनी बातों को मुख्यमंत्री के सामने रख सकते हैं। वे अपनी शिकायतें, समस्याएं, अपेक्षाएं और सुझाव आसानी से मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकते हैं। एक साधारण सी टेबल के एक ओर मुख्यमंत्री की कुर्सी होती है और दूसरी ओर फरियादी। आस-पास ही मुख्यमंत्री के सचिवालय के अधिकारियों सहित राज्य के वरिष्ठतम अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन के लिए मुस्तैद खड़े होते हैं। शिकायतों और सुझावों को बकायदा रजिस्टर्ड किया जाता है, नागरिकों को टोकन दिया जाता है, ताकि शासन द्वारा की जा रही कार्यवाही की मॉनिटरिंग की जा सके और आवेदक भी समय-समय पर प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सके। इसके लिए बकायदा एक पोर्टल तैयार किया गया है, जिसमें टोकन नंबर दर्ज करते ही प्रगति की जानकारी आवेदक के सामने होती है।
आज जनदर्शन के पहले दिन मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इनमें महिलाओं भी खासी संख्या में शामिल थीं। कार्यक्रम को लेकर जितना उत्साह नागरिकों में था, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उतनी ही उत्सुकता और आत्मीयता के साथ उनसे मुलाकात करते नजर आए। आवेदकों से आवेदन लेने के साथ-साथ वे उनसे पारिवारिक ढंग से बातें भी करते नजर आए। महिलाओं ने जब महतारी वंदन योजना शुरू करने के लिए उन्हें धन्यवाद कहा तो श्री साय ने भी मुस्कुराते हुए विनम्रता से तुरंत आभार व्यक्त किया। आवेदकों के साथ आए बच्चों के साथ उन्होंने अभिभावक की तरह घुल-मिल कर बातें की। कार्यक्रम में सहायता की आस लेकर कई दिव्यांग भी पहुंचे थे, इन सभी दिव्यांगों की उम्मीदें पूरी हुईं, मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें तत्काल ट्रायसायकल और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एक महिला ने अपने कैंसर पीड़ित पति के इलाज के लिए सहायता मांगी, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें हर जरूरी सहायता दी जाएगी।
वर्ष 2018 से पहले तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में यह कार्यक्रम इसी नाम से संचालित था। मुख्यमंत्री की इच्छा थी इसे दोबारा शुरू किया जाए, ताकि उनसे मिलने के इच्छुक ज्यादा से ज्यादा लोगों से मुलाकात की जा सके। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को राज्य में सुशासन स्थापित करने और कामकाज में पारदर्शिता तथा तेजी लाने के लिए भी महत्वपूर्ण माना है। आज कार्यक्रम के पहले दिन लोगों से बात करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा- हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान समय-सीमा में हो सके।
जिंदगी में परिवर्तन लाने के लिए सबसे सहज एवं सरल माध्यम है शिक्षा: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
रायपुर। वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी के मुख्य आतिथ्य में आज शासकीय अंग्रेजी माध्यम नटवर स्कूल, रायगढ़ में जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन हुआ। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर उनका स्वागत करते हुए उन्हें निःशुल्क गणवेश व पाठ्य पुस्तक भी प्रदान किए। इस दौरान यहां न्यौता भोज का भी आयोजन हुआ, जिसमें वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन भी ग्रहण किए।
शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बच्चों से कहा कि आप अपने जीवन के बहुत महत्वपूर्ण साल की शुरुआत कर रहे हैं। यह शाला प्रवेश उत्सव नटवर स्कूल में मनाया जा रहा है, जो हम सबके लिए एक गौरव और भावुकता का समय है। आज मंच में बैठे कई लोग इस स्कूल से पढ़े हैं और मैं बताना चाहता हूं कि मेरे पिताजी एवं चाचा भी इसी स्कूल से पढ़े हैं। ऐसे ही सबकी यादें इस स्कूल से जुड़ी हुई हैं, यह सब के लिए गर्व का विषय है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अगर आप अपने जिंदगी में परिवर्तन लाना चाहते हैं जिससे आपके माता-पिता को सारी सुख-सुविधा एवं मान-सम्मान मिले तो इसका सबसे सहज एवं सरल माध्यम शिक्षा है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से सारी सुख सुविधा मान सम्मान प्राप्त कर सकते हैं। यह आपको इस उम्र में समझने की आवश्यकता है। मैं स्वयं छोटे से गांव बायंग का निवासी हूं मेरे दादा किसान थे, मेरी मां कम पढ़ी-लिखी है लेकिन उन्होंने मेरी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। आज आप सभी अच्छे स्कूल और शिक्षकों के बीच पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि हमारे समय में ना तो अच्छे स्कूल थे और न ही पूरे विषयों के शिक्षक। उन्होंने स्कूली पढ़ाई से लेकर आईएएस बनने तक के सफर को साझा करते हुए कहा कि आपके जिले के बायंग गांव का व्यक्ति विभिन्न परिस्थितियों के बाद भी कलेक्टर बन सकता है तो आप हमसे बेहतर जगह पर जा सकते हैं। मन में दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन एवं अपने आप पर भरोसा रखें, दुनिया की कोई भी ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि भारत तेजी से बदलते हुए विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। इसमें बहुत सारे लोगों को अवसर मिलेगा। हम अपने आप को उस अवसर को लेने के लिए कितना तैयार कर पाते हैं, यह आप पर निर्भर करता है। शासकीय नौकरियों के अलावा अन्य संभावनाएं भी हैं, उसको भी आप को समझना होगा। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों के अंदर व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, धैर्य का विकास करें तभी वे कठिन से कठिन लक्ष्य पा सकते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को कहा कि बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन दें। शिक्षकों के हाथ में बच्चों का भविष्य होता है आप उनको संवार सकते हैं सभी प्रतिबद्ध होकर कार्य करें।
जिला पंचायत अध्यक्ष निराकार पटेल ने नटवर स्कूल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय में नटवर स्कूल में प्रवेश के लिए लाइन लगी रहती थी और आप सभी सौभाग्यशाली हैं, यहां आपका प्रवेश हो रहा है। आप सभी दृढ़ निश्चय के साथ मेहनत करें और नटवर स्कूल के साथ ही जिले का नाम रोशन करें।
कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव को संबोधित करते हुए बच्चों से कहा कि सभी बच्चे अच्छे से पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि हमें एक विद्यार्थी की तरह वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो आज हमारे बीच उपस्थित हैं जो कभी शाला प्रवेश उत्सव में रहे होंगे। उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से एक रास्ता चुना और उस मुकाम पर पहुंचे। यह हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है। विद्यार्थियों के लिए टीचर एक मार्गदर्शक की भूमिका में होता है। बच्चे उनसे जुड़े रहें, उनकी बातों का अनुसरण करें। उन्होंने सभी को मन लगाकर पढऩे और प्रदेश देश के साथ विदेश में नाम रोशन करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर गुरूपाल भल्ला, मुकेश जैन, श्रीकांत सोमावार, सुभाष पाण्डेय, विवेक रंजन सिन्हा, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम पूनम सोलंकी, शोभा शर्मा, दीबेश सोलंकी, पंकज कंकरवाल, मुक्तिनाथ बबुआ, नरेश गोरख, डिग्री लाल साहू, सूरज शर्मा, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर आर.पी.आदित्य, सहायक संचालक शिक्षा संभाग प्रशांत राय, डी.के.वर्मा, जी.आर.जाटवर, मनोज अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी बी.बाखला, नरेन्द्र चौधरी, के.के.स्वर्णकार, जे.के.राठौर, भूनेश्वर पटेल, आलोक स्वर्णकार, तरसिला एक्का उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन प्राचार्य राजेश डेनियल ने किया।
प्रतिभाशाली बच्चे हुए पुरस्कृत
जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर प्रतिभाशाली बच्चों को सर्टिफिकेट, मोमेन्टो एवं बुक प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिसमें प्रतिमा महंत, रमेश सिंग, खुशवेन्द्र टंडन, तेजस्वनी निषाद, रौनक चौधरी, निशि मिश्रा, गरिमा पटेल, तौफेल अंसारी, राखी पटेल एवं रितिका महंत शामिल थे।
बच्चों ने सीखे डायरिया नियंत्रण के उपाय
जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में डायरिया नियंत्रण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को डायरिया नियंत्रण के विधियों की जानकारी दी गई। इस दौरान विभाग द्वारा ओआरएस घोल निर्माण की जानकारी के साथ ही हैंड वॉश करने के तरीके का प्रदर्शन किया गया, ताकि डायरिया को नियंत्रण कर सके। इस दौरान वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने स्टॉप डायरिया कैंपेन वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
तिल्दा में आयोजित विकास खण्ड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा
रायपुर। राजस्व एवं खेल मंत्री टंक राम वर्मा आज बीएनबी स्कूल तिल्दा में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर करोगे भरोसा भगवान पर, तो तकदीर में लिखा है वो पाओगे और अगर करोगे भरोसा खुद पर, तो भगवान वो लिखेगा जो तुम खुद चाहोगे।’ उन्होंने कहा कि शाला को संवारने का दायित्व केवल शिक्षक का नहीं वरन छात्र एवं पालकों का भी है। पालक भी बच्चों के पढ़ाई के महत्व को समझे और नियमित रूप से बच्चों की पढ़ाई का आंकलन भी करे। बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास के लिए न केवल पढ़ाई अपितु खेल एवं विभिन्न कला को सीखना भी जरूरी है। इसी तरह शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कार की शिक्षा भी जरूरी है। संस्कार सही नहीं होने से जीवन का पतन हो जाता है। संघर्षों से ही कामयाबी मिलती है।
शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में श्री वर्मा ने नव प्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने निःशुल्क गणवेश और पाठ्य-पुस्तकों का वितरण भी किया। इसके साथ ही दिव्यांग को ट्रायसाइकिल मेधावी छात्रों का सम्मान, छात्राओं को साइकिल वितरण तथा स्कूल परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर श्री वर्मा ने हायर सेकेण्डरी स्कूल सासाहोली के अधूरे अहाता निर्माण को पूर्ण करने, बी एन बी स्कूल के लिए शेड में पंखा लगाने व शौचालय निर्माण के लिए 5 लाख रूपए, मिडिल स्कूल नेवरा पुरानी बस्ती में शेड व अहाता निर्माण के लिए दस लाख रूपए, सेजेस नेवरा सायकल स्टैंड के लिए 15 लाख रूपए, बांसटाल स्कूल में शेड हेतु 10 लाख रूपए व माइक सेट के लिए पचास हजार रूपए, हेमू कलाणी स्कूल के लिए 10 लाख रूपए, टोहड़ा हायर सेकेण्डरी में रंगमंच और सायकल स्टैंड के लिए 10 लाख रूपए की घोषणा की।
कार्यक्रम को जनपद उपाध्यक्ष श्री मनहरे और नगर पालिका अध्यक्ष लेमिक्षा गुरू डहरिया ने कहा कि शिक्षक द्वारा दिए गए शिक्षा को अपने जीवन में उतारें। शिक्षकों और माता-पिता के आज्ञा का पालन कर अनुशासन में रहकर पढ़ाई करें। इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष विकास सुखवानी, अन्य जनप्रतिनिधि, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी एल के जाहिरे, प्राचार्य बी एन बी राजेश चंदानी सहित ब्लाक के सभी विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र, समन्वयक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राज्य के सभी न्यायिक अधिकारी और कर्मचारियों को सर्वसुविधा युक्त आवास उपलब्ध हों- मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा
रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने जिला उत्तर बस्तर कांकेर के सिंगारभाट एवं पखांजुर में न्यायिक कर्मचारियों के लिए नव निर्मित आवास गृहों का वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से लोकार्पण किया। मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा ने कहा कि जितना सुन्दर व साफ सुथरा आवास गृह कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, उसे निवास के दौरान स्वच्छ रखें।
मुख्य न्यायाधिपति ने कहा कि राज्य के न्यायालयों को बुनियादी ढांचा प्रदान करने की पहल की गई है जिसके तारतम्य में यह लोकार्पण हुआ। जिला मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करें कि नवनिर्मित न्यायिक आवासीय मकानों में सभी आवश्यक सुविधाए हो, और उनका कार्य गुणवत्तापूर्ण हो। मुख्य न्यायाधिपति के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में छ.ग. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं जिला उत्तर बस्तर कांकेर के पोर्टफोलियो न्यायाधीश संजय एस अग्रवाल भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार ध्रुव ने मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं न्यायाधीश संजय एस अग्रवाल का स्वागत करते हुए सिंगारभाट कांकेर एवं पखांजुर में नवनिर्मित सर्व सुविधा युक्त आवासीय कालोनी की सौगात देने के लिए धन्यवाद दिया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि सिंगारभाट कांकेर में न्यायिक कर्मचारियों के लिए 88 मकान बना है एवं पखांजुर में कुल 11 मकान बना है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि मुख्य न्यायाधिपति ने एवं कुशल नेतृत्व से छत्तीसगढ़ के सुदूर जिला एवं तहसील का निरीक्षण कर अपनी दूरदर्शिता का परिचय कराया है और अधोसंरचना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण आधार शिला रखा है। लोकार्पण के इस अवसर पर कांकेर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, समस्त न्यायाधीशगण, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी/कर्मचारीगण, मीडियाकर्मी उपस्थित रहें।