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रायपुर में नवनिर्वाचित सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने निकाली विजय आभार रैली, सैकड़ों जगहों पर हुआ उत्साह के साथ स्वागत अभिनंदन
रायपुर। रायपुर लोकसभा में जीत का कीर्तिमान रचने वाले नवनिर्वाचित सांसद एवं राज्य के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की आज विजय आभार रैली निकली।
इस दौरान शहर के विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने जगह-जगह पर श्री अग्रवाल का फूल मालाओं और पटाखों से स्वागत अभिनंदन किया। रामसागर पारा सहित कई स्थानों पर उन्हें लड्डुओं से तौला गया। भव्य आभार रैली के दौरान अपने संक्षिप्त उद्बोधनों में जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि रायपुर सहित छत्तीसगढ़ की संपूर्ण जनता का प्यार और आशीर्वाद पिछले 35 वर्षों से मुझ पर बना हुआ है। रायपुर शहर की जनता ने मुझे आठ बार विधानसभा तो रायपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता ने लोकसभा मुझे भेजा है। इस बार मुझे जीत भी ऐसी दिलाई कि पूरे भारत में रायपुर का डंका बज गया है। उन्होंने कहा कि यह बृजमोहन अग्रवाल हर बार की तरह आपके विश्वास पर खरा उतरेगा और परिस्थितियों चाहे जैसी भी हो 24 घंटे सातों दिन आपकी सेवा में तत्पर रहेगा।
श्री अग्रवाल की विजय आभार रैली रावाभाठा बिरगांव स्थित मां बंजारी मंदिर में पूजा अर्चना के साथ प्रारंभ हुई। जो डीएम टावर उरकुरा, व्यास तालाब, विमल इन्क्लेव, भनपुरी चौक, शांता स्वीट्स, पाटीदार भवन, भनपुरी, खमतराई, गुढ़ियारी, DRM ऑफि, ओम काम्प्लेक्स, पीली बिल्डिंग, फाफाडीह ब्रिज के नीचे, फाफाडीह चौक, क्षत्रिय धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, स्टेशन गुरुद्वारा, तेलघानी नाका, नेमीचंद गली, गंजमंडी, राठौर चौक, मान. बृजमोहन अग्रवाल के घर, सिन्धी स्कूल, दुलार धर्मशाला, ललिता चौक, मौमिनपारा मस्जिद, तात्यापारा चौक, आजाद चौक, आमापारा चौक, सारथी चौक, लाखे नगर चौक, लोहार चौक, लिली चौक, पुरानी बस्ती थाना, कंकाली तालाब, सत्ती बाजार, डॉ. आनंद सक्सेना, AT ज्वेलर्स, नहाटा मार्केट, कोतवाली, छोटा पारा, छोटा पारा मस्जिद, राजीव गांधी चौक (फायर ब्रिगेड), OCM चौक, आकाशवाणी चौक, कबीर चौक, सागौन बँगला, नेताजी चौक, कक्कड़ चौक, केनाल रोड, तारूसिंह चौक, गली नं. 7 छत्तीसगढ़ सिन्धी पंचायत, झुलेलाल मंदिर गली नं. 2, गुरुनानक हार्डवेयर, गुरुनानक द्वार, मरीन ड्राइव, भगत सिंह चौक, दिशा कॉलेज मोड़, अशोका टावर टर्निंग पॉइंट, शक्ति नगर राधा कृष्ण मंदिर के पास, लोधीपारा चौक, मंडी गेट, पंडरी कपड़ा मार्किट, एक्सप्रेसवे ब्रिज, श्याम प्लाजा, कचहरी चौक, शास्त्री चौक, जयस्तंभ चौक पहुंची जहां रैली का समापन हुआ।





बृजमोहन अग्रवाल की विजय आभार रैली में रायपुर पश्चिम के विधायक पूर्व मंत्री राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण की विधायक मोतीलाल साहू, पूर्व सांसद सुनील सोनी, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, अशोक बजाज, सुभाष तिवारी, राजीव अग्रवाल, केदार गुप्ता, मोहन एंटी, अमित साहू, मृत्युंजय दुबे, रमेश सिंह ठाकुर, मनोज वर्मा सहित हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।




मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग हर एक योजना की विस्तृत समीक्षा की
रायपुर। प्रदेश के सुपेबेड़ा में लंबे समय से किडनी पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इनके इलाज की सुविधा के लिए गरियाबंद में किडनी यूनिट आरंभ की गई है लेकिन इस समस्या के स्थाई निदान पर भी काम करने की जरूरत है। इसके लिए बीमारियों के कारण जानने संबंधी जो भी रिसर्च किया जा सकता है वह किया जाए। इसके साथ ही मरीजों के पर्याप्त इलाज की सुविधा भी हो ताकि सुपेबेड़ा के लोगों को भविष्य में किडनी संबंधी समस्याओं से पूरी तरह मुक्त किया जा सके। साथ ही पंखाजूर जैसे क्षेत्रों में जहां अधिक मरीज आ रहे हैं, वहां डायलिसिस सेंटर की स्थापना की जाए। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कही। 4 घंटे से अधिक समय तक चली इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जानकारी ली एवं उनके बेहतर क्रियान्वयन के लिए निर्देश भी दिए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश में स्वास्थ्य संबंधी अधोसंरचना एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 महीने में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है। पिछली सरकार में जो काम अधूरे रह गए थे उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी मानसून को देखते हुए मौसमी बीमारियों की आशंका से निपटने के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए। एंटी वेनम आदि की उपलब्धता भी रखने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में युक्तियुक्तकरण की जरूरत है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में जहां पर स्वास्थ्य अमले की कमी है वहां पर पर्याप्त स्वास्थ्य अमले की पदस्थापना की जाए। विशेषज्ञ डाक्टरों की पूर्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पदस्थापना के समय विशेष रूप से यह ध्यान दिया जाए कि कहीं पर गाइनिकोलॉजिस्ट की पदस्थापना की जाती है तो वहां पर एनेस्थीसिया के चिकित्सक भी हो ताकि वहां पर जरूरत पड़ने पर आसानी से सीजेरियन डिलीवरी हो सके।
मुख्यमंत्री ने रिस्पांस टाइम के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 108, 102 और शव वाहन जैसी गाड़ियां अच्छी स्थिति में रहे। 108 जैसी गाड़ियों की स्क्रीन में ड्राइवर को पता चल जाए कि उसे मरीज को कौन से निकटतम अस्पताल में ले जाना है। सबसे निकट के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को भी मैसेज के माध्यम से अलर्ट कर दिया जाए ताकि अस्पताल में इमरजेंसी रिस्पांस की तैयारी की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग मुख्यालय में कम से कम 2 एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत प्रसव को शत प्रतिशत करना सबसे अहम कार्य है। इसके लिए नियमित अंतराल पर एएनसी जांच करना सुनिश्चित करें। शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए अस्पताल में न्यू बार्न केयर यूनिटों को बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अधिकतम संख्या में लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में जो खामियां हैं उन्हें दूर करें। नियद नेल्लानार योजना के सभी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बन जाए, यह सुनिश्चित करें। इसके लिए आधार कार्ड बनाने इन क्षेत्रों में नियमित कैंप लगाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री जन मन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड से लाभ दिया जा रहा है। 6 महीने में 1373 हितग्राहियों ने एक करोड़ 38 लाख रुपए के क्लेम किए हैं।
मुख्यमंत्री ने जन औषधि केंद्रों पर भी विशेष फोकस करने कहा। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र ऐसी जगह पर स्थापित किए जाएं जहां अधिकाधिक संख्या में लोग दवा लेने सुविधा से पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने टीबी, कुष्ठ और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के अभियान में काफी सफलता मिली है लेकिन बस्तर को मलेरिया मुक्त करने इसे और बेहतर करने की जरूरत है।
सिकल सेल के संबंध में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के रिसर्च सेंटर का प्रस्ताव केंद्र को भेजने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल के मरीजों की नियमित रूप से काउंसलिंग हो और इनका बेहतर उपचार होता रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में जहां उपकरण तो है लेकिन आपरेटर नहीं है वहां ऑपरेटर की व्यवस्था की जाए। कीमोथेरेपी की सुविधा का विस्तार करें। डायलिसिस की सुविधा का लाभ ब्लॉक मुख्यालयों में भी आरंभ करें। मुख्यमंत्री ने मानसिक मरीजों के लिए भी नए अस्पताल आरंभ करने अधिकारियों को निर्देशित किया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में अधिकारियों को कहा कि छत्तीसगढ़ लिंगानुपात में बेहतर स्थिति में है। हमें इसे और अच्छा करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चिरायु योजना शासन की बहुत अच्छी योजना है इसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाए ताकि इसका लाभ अधिकतर लोग उठा सकें। श्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि शहरी क्षेत्रों के मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं धन्वंतरी जैसी योजनाओं को स्वास्थ्य विभाग में शामिल कर दिया जाए, ताकि बेहतर समन्वय से इन योजनाओं का उत्कृष्ट क्रियान्वयन किया जा सके।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद, डॉ. बसव राजू एस, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ऋतुराज रघुवंशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक जगदीश सोनकर, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक कुलदीप शर्मा, सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू, आयुष की प्रबंध संचालक इफ्फत आरा,चिकित्सा शिक्षा के संचालक डॉक्टर यू एस पैकरा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
आकांक्षी जिलों में रैंक सुधार के लिए समर्पण भावना से कार्य करें: नोडल अधिकारी निधि छिब्बर, आकांक्षी जिलों में किए जा रहे कार्यों की नीति आयोग द्वारा समीक्षा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिले में हो रहे कार्यों की नीति आयोग द्वारा आज समीक्षा की गई। नीति आयोग नई दिल्ली से छत्तीसगढ़ के लिए राज्य नोडल अधिकारी निधि छिब्बर ने आकांक्षी जिलों के 20 विकासखण्डों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और ब्लॉक फैलो से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों के लिए तय किए गए सभी इंडीकेटर में रैंक सुधार के लिए समर्पण की भावना से काम करें।
राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सरकार अपने नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने और सभी के समावेशी विकास सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य विकास के दौर में पिछड़ चुके जिलों में समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबंधित सेवाएं, बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक विकास के सभी इंडीकेटर पर विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों के लिए तय किए गए सभी इंडीकेटर में रैंक सुधार के लिए समर्पण की भावना से काम करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में यह देखा जाना चाहिए कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे हो रहा है। बैठक में उन्होंने बेसलाईन डाटा में किए गए सुधार और कार्यक्रम से जुड़े अन्य गतिविधियों की भी समीक्षा की।
श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्य को स्थानीय बनाया जाए। बैठक में भारत नेट परियोजना की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। व्यवस्थित ढंग से डाटा एंट्री के लिए ट्रेनिंग की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए। इस मौके पर सभी ब्लॉक फैलो और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने आकांक्षी जिलों में किए जा रहे कार्यों की प्रगति के संबंध में पावर प्वाइंट के माध्यम से अपना प्रेजेंटेशन भी दिया।
बैठक में नीति आयोग के सदस्य सचिव अनूप श्रीवास्तव, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रितेश अग्रवाल, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, कृषि, स्कूल शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।B
बलौदाबाजार जिले में अब शांति का वातावरण, जिला कार्यालयों में सुचारू रूप से संचालित होने लगा दैनिक कार्य
रायपुर। बलौदाबाजार के कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय में बीते दिनों हुई आगजनी की घटना के बाद अब जिले में शांति का वातावरण है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिला कार्यालयों में अब दैनिक व शासकीय कार्यों का संचालन सुचारू रूप से होने लगा है। जिले के ग्रामीणों द्वारा भी अब जिला कार्यालयों में आकर अपनी समस्याओं व शासकीय कार्यों के आवेदन जमा किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री सोनी के निर्देश पर आज 11 हितग्राहियों को उनकी मांग पर तत्काल राशनकार्ड जारी कर किया गया। वहीं दो दिनों में लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से 389 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया है।
बालौदाबाजार जिले के कलेक्टर दीपक सोनी ने आज यहां बताया कि जिले में कलेक्टोरेट (कम्पोजिट बिल्डिंग) में आगजनी की घटना के बाद एक ओर जहां रेस्टोरेशन के कार्यों में तेजी लाई गई है, वहीं दूसरी ओर दूर दराज से कामकाज के सिलसिले में ग्रामीण आवेदन लेकर जिला कार्यालय पहुंच रहे है। कलेक्टर ने बताया कि आज खाद्य शाखा में बड़ी संख्या में आवदेक राशन संबधित कार्यों के सिलसिले में पहुंचे थे। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड एवं 8 हितग्राहियों को नवीनकरण राशन कार्ड प्रदान किया गया।
कलेक्टर श्री सोनी ने इस दौरान ग्रामीणों का हालचाल पूछा और कामकाज के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीण कविता बाई ने महिला समूह से जुड़कर काम करने की इच्छा जताई जिस पर कलेक्टर श्री सोनी ने कहा कि हम आने वाले दिनों में बिहान समूह का विस्तार करते हुए आजीविका गतिविधियों में तेजी लाएंगे और आपको समूह से जोड़कर आजीविका गतिविधियों से प्रशिक्षित भी करेंगे। 11 हितग्राहियों में विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम पिकरी से दुर्गेश्वरी यादव, छाछी से प्रीति साहू, सेल से गणेशी, बलौदाबाजार अंतर्गत भरसेला निवासी कुलेश्वरी, नगर से धनेश्वरी यादव, पूजा पटेल, कुंती यादव, लीलाबाई, आशा साय, रेशमा एवं मनीषा वर्मा, 8 नवीकरण राशन कार्ड हितग्राहियों में शहर बाई, प्रमिला बाई मानिकपुरी, कविता बाई, धरम बाई, शिवकुमारी, कौशल्या एवं प्रभा मानिकपुरी शामिल है। सभी ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
इसी तरह ग्राम सुकलाभाठा एवं चिराही से पहुँचे मीनाक्षी निषाद पिता शिव कुमार निषाद तथा वासु आज़ाद पिता रमेश आज़ाद आधार अपडेट हेतु लोक सेवा केन्द्र पहुंचे, जिस पर तत्काल उन्हें अपडेशन के साथ आधार कार्ड कलेक्टर द्वारा प्रदान किया गया। कलेक्टर ने लोगों से छोटे बच्चे जिनका आधार अपडेट 5 साल एवं 14 साल में होना है वह अपडेट अनिवार्य रूप नवीन आधार कार्ड अपग्रेड करने के लिए प्रेरित किया।
गौरतलब है कि कलेक्टर दीपक सोनी आज सुबह 10 बजे जिला कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नियमित कामकाज करते हुए अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री सोनी ने आमजनों से मुलाकात कर उनके आवेदनों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिए है।
रेल नेटवर्क से जुड़ेगा मुंगेली जिला: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि आने वाले समय में मुंगेली जिला रेल नेटवर्क में शामिल हो जाएगा, इससे मुंगेली जिले में रेल की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि कटघोरा-डोंगरगढ़ विशेष रेल परियोजना के लिए राज्य शासन द्वारा 300 करोड़ रूपए की राशि की स्वीकृति दी जा चुकी है। शीघ्र ही भू-अर्जन की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। इस परियोजना अंतर्गत मुंगेली जिले में 38.02 किलोमीटर रेल लाईन गुजरेगी, जिससे इस क्षेत्र के लोग भी आने वाले समय में रेल सेवा से लाभान्वित होंगे। श्री साय आज मुंगेली जिले के ग्राम फरहदा में भक्त माता कर्मा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर ग्राम फरहदा में साहू समाज के सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपए, आदिवासी एवं सतनामी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 6-6 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में लगभग 25 करोड़ से अधिक की राशि के 19 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही उन्होंने ग्राम फरहदा में शासकीय हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल के रूप में उन्नयन और ग्राम भालापुर से अचानकपुर तक और हरियरपुर से टेढ़ाधौंरा तक सड़क नवीनीकरण कार्य के लिए भी घोषणा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने भक्त माता कर्मा प्राण-प्रतिष्ठा के लिए साहू समाज एवं उपस्थित सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की ग्राम फरहदा में भक्त माता कर्मा मंदिर का निर्माण बिना किसी शासकीय सहयोग के सभी ग्रामवासियों ने मिलकर करवाया है। यह ग्रामवासियों के सामूहिक एकता को दर्शाता है। उन्होंने बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र से तोखन साहू को सांसद के रूप में जिताने के लिए जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रीमंडल में सांसद तोखन साहू को आवास एवं शहरी मामलों के केन्द्रीय राज्यमंत्री बनाया गया है, जो पूरे प्रदेश एवं इस क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा की हमारी सरकार विकास की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों को हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान की कीमत दे रहे है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर-मुंगेली रोड से ग्राम फरहदा मार्ग जिसकी कुल लंबाई साढ़े पांच किलोमीटर है, बजट में इसे स्वीकृत किया गया है, जल्द ही इसका कार्य प्रारंभ किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के लिए समर्पित है। प्रदेश सरकार पानी, बिजली, आवास सहित विकास के सभी आयामों पर बेहतर तरीके से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में वाणिज्य, उद्योग, श्रम एवं जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवागंन ने धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक रायपुर मोतीलाल साहू, पूर्व सांसद लखनलाल साहू, पूर्व विधायक विक्रम मोहले, कृष्णमूर्ति बांधी, जिला पंचायत सदस्य शीलू साहू, अम्बालिका साहू, दुर्गा उमाशंकर साहू अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रदेश, जिला एवं तहसील साहू समाज के पदाधिकारीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में सामाजिक बन्धु मौजूद रहे।
लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिन कार्यों का लोकार्पण किया उनमें ग्राम पा. खम्हरिया में 1.89 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 33/11 व्ही सब स्टेशन, ग्राम कंतेली में 1.87 करोड़ रूपए की राशि से निर्मित 33/11 के. व्ही सब स्टेशन और आगर व्यपवर्तन योजना के तहत 19 करोड़ 12 लाख 57 हजार रूपए की लागत से निर्मित 15 माईनर नहर में सी.सी. लाईनिंग व स्ट्रक्चरों के जीर्णाेद्वार के कार्य शामिल हैं। इसी तरह 01.37 करोड़ रूपए की लागत से नवागढ़ चौक से खैरवार बायपास रोड में 06 किलोमीटर तक एल.ई.डी. स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य, 34.35 लाख रूपए की लागत से देवरी से खेढ़ा कालोनी में एल.ई.डी. स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य, शासकीय हाईस्कूल फुलवारी एफ., जोता, भटगांव तथा हायर सेकेण्डरी स्कूल खुड़िया, बैगाकापा, सुकली, देवरहट, मनोहरपुर, नगर पालिका मुंगेली, पदमपुर, जरहागांव, सिलतरा, लौदा और बैतलपुर में प्रत्येक में 07 लाख 63 हजार रूपए की राशि से कक्ष निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।
प्रदेश की नई औद्योगिक नीति का पहला ड्राफ्ट 31 जुलाई तक होगा तैयार, उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने नई उद्योग नीति के लिए मेल आईडी पर सुझाव किए आमंत्रित
रायपुर। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति 2024-29 के पहले ड्राफ्ट को 31 जुलाई तक जारी करने के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। नई औद्योगिक नीति के लिए उद्योग विभाग द्वारा लगातार अलग-अलग उद्योग संगठनों से विचार-विमर्श कर उनके अमूल्य सुझाव लिए जा रहे हैं, अब तक प्रदेश के 20 अलग-अलग उद्योग संघों से सुझाव लिए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिसा, मध्यप्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के उद्योग नीति पर स्टडी भी विभाग द्वारा की जा रही है। राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों और उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश प्रोत्साहन बढ़ाने की दिशा में जोर दिया जा रहा है।
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं की नई औद्योगिक नीति में हर सेक्टर पर फोकस होना चाहिए। नए सेक्टर जैसे फार्मास्युटिकल, एग्रीकल्चर, टेक्सटाइल समेत अन्य सेक्टरों के उद्योग ज्यादा से ज्यादा लगें, ताकि रोजगार भी अधिक लोगों को मिले और प्रदेश में निवेश भी बढ़े। इन सेक्टरों के उद्योग लगने से प्रदूषण के बढ़ने की संभावना भी कम रहेगी।
नई औद्योगिक नीति के लिए इस मेल आईडी पर भेज सकते हैं सुझाव
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया की नई औद्योगिक नीति 2024-29 के लिए मेल आईडी suggestions.Cgindpolicy2024@gmail.com पर या फिर सीधे विभाग में अपने अमूल्य सुझाव दे सकते हैं।
उद्योग मंत्री स्वयं जाएंगे अन्य राज्य, उद्योग प्रतिनिधियों से लेंगे सुझाव
नई नीति के लिए उद्योग मंत्री श्री देवांगन स्वयं अन्य राज्यों का दौरा कर वहां के उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सुझाव लेंगे। ताकि उन राज्यों के उद्योग नीति के अच्छे और प्रोत्साहन परक अनुदान मांगों पर अध्ययन परीक्षण किया जा सके। अभी हाल ही में मंत्री श्री देवांगन ने नई दिल्ली में आईसीसी के प्रतिनिधियों से नई नीति हेतु विचार विमर्श किया था।
सभी मंत्रीगण और विभागों से भी लिए जाएंगे राय
प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के लिए सभी विभागों और मंत्री गणों से विमर्श के पश्चात ही आगे 5 वर्षों के लिए नीति बनाई जाएगी। ताकि नीति में सभी विभागों का समावेश हो और हर सेक्टर में उद्योग लग सके।
प्रदेश में कुल 4527 करोड़ रुपए लागत की 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम शुरू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
रायपुर। प्रदेश में भू-जल में समस्या वाले गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत मल्टी-विलेज योजना (Multi-Village Scheme) शुरू की जा रही है। खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी या जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों में इन योजनाओं के माध्यम से नदी का मीठा पानी पहुंचाया जाएगा। कुल 4527 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के 18 जिलों में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम प्रारंभ हो चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से 3234 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इन गांवों के दस लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने सभी मल्टी-विलेज योजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिससे लोगों तक यथाशीघ्र साफ पेयजल पहुंच सके।
राज्य के अनेक जिलों में नलकूपों के गिरते हुए जल स्तर के कारण गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या आती है। ऐसे गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत सिंगल-विलेज योजनाओं के लिए सफल पेयजल स्त्रोतों की कमी को देखते हुए सतही स्त्रोत पर आधारित मल्टी-विलेज योजनाएं बनाई गई हैं। राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से प्रदेश में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं की स्वीकृति दी गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर सभी योजनाओं के अवयवों की ड्राइंग एवं डिजाइन की चेकिंग राष्ट्रीय स्तर पर सुविख्यात आई.आई.टी. एवं एन.आई.टी. (Indian Institute of Technology & National Institute of Technology) के माध्यम से कराए जा रहे हैं।
जल जीवन मिशन के तहत इन मल्टी-विलेज योजनाओं में स्थानीय नदी पर निर्मित एनीकट, बांध एवं नहर के पानी का उपयोग किया जाएगा। जल संग्रहण के लिए इन्टेकवेल तथा जल शुद्धिकरण के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत उच्च स्तरीय एम.बी.आर. (Master Balance Reservoir) भी बनाए जा रहे हैं। इन्टेकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक डी.आई. पाइप रॉ वाटर पम्पिग मेन तथा ट्रीटमेंट प्लांट से एम.बी.आर. तक क्लियर वाटर पम्पिग मेन बिछाए जा रहे हैं। एम.बी.आर. के माध्यम से योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों में निर्मित उच्च स्तरीय टंकियों तक पेयजल पहुंचाने के लिए डीआई/ओ-पी.वी.सी. पाइपलाइन भी बिछाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का काम पूर्ण करने के लिए ठेकेदारों को 12 महीने का समय दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता तथा जल जीवन मिशन के वरिष्ठ अभियंताओं द्वारा कार्यस्थलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान योजनाओं में प्रयोग की जा रही सामग्रियों, उपकरणों एवं आर.सी.सी. के कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मल्टी-विलेज योजनाओं में प्रयुक्त होने वाली सभी सामग्रियों एवं उपकरणों की गुणवत्ता की जांच (टेस्टिंग) के लिए थर्ड पार्टी इन्सपेक्सन (Third Party Inspection) भी कराए जा रहे हैं।
18 जिलों के 3234 गांवों को मिलेगा साफ पेयजल
जल जीवन मिशन के अंतर्गत मल्टी-विलेज योजनाओं के माध्यम से 18 जिलों के 3234 गांवों में जलापूर्ति की जाएगी। इनमें रायगढ़ जिले के 396, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 16, कोरबा के 245, जांजगीर-चांपा के 32, राजनांदगांव के 393, महासमुंद के 48, कबीरधाम के 31, गरियाबंद के नौ, बिलासपुर के 93, सूरजपुर के 413, मुंगेली के 240, दुर्ग के 201, बलौदाबाजार-भाटापारा के 192, बेमेतरा के 219, कोरिया के 292, बालोद के 148, सरगुजा के 190 और धमतरी जिले के 76 गांव शामिल हैं।
किस जिले में कितनी योजनाएं ?
जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश भर में अभी कुल 71 मल्टी-विलेज योजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें सूरजपुर जिले की 11, कोरिया की दस, दुर्ग की सात, बलौदाबाजार-भाटापारा और रायगढ़ की छह-छह, बालोद, सरगुजा, राजनांदगांव और बिलासपुर की चार-चार, बेमेतरा की तीन, धमतरी, मुंगेली, कबीरधाम और जांजगीर-चांपा की दो-दो तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, महासमुंद और गरियाबंद जिले की एक-एक योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से कुल दस लाख 445 परिवार लाभान्वित होंगे।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने ली विभागीय समीक्षा बैठक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व प्रशासन को चुस्त-दुरूस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। राज्य में अब डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए तैयारियां की जा रही हैं, इस सर्वे को अंजाम देने के लिए राजस्व विभाग द्वारा भूमि का जियो-रेफ्रेंसिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। एक ओर जियो-रेफ्रेंसिंग से भूमि विवादों में कमी आएगी। वहीं दूसरी ओर फसलों की ई-गिरदावरी का कार्य आसान हो जाएगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में सुशासन के लिए पारदर्शी और बेहतर प्रशासन के लिए शासकीय काम-काज में अधिक से अधिक आईटी का उपयोग करने के निर्देश सभी विभागों को दिए हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व अधिकारियों को भूमि के जियो-रेफ्रेंसिंग का कार्य तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।
भ्रष्टाचार की शिकायत पर होगी कार्यवाही
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बैठक में कहा कि ग्रामीणों और किसानों को नामांतरण, बटवारा, सीमांकन और व्यपवर्तन कार्य में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जनता की दिक्कतों को पूरी संवदेनशीलता के साथ दूर करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र को ध्यान रखते हुए सभी राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करें कि बच्चों को आय और जाति प्रमाण पत्र के लिए भटकना न पड़ें।
भू-अभिलेख में त्रुटि सुधार के लिए अभियान चलेगा
राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि अविवादित नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में यह देखा गया है कि ऐसे प्रकरणों को बिना किसी कारण के अनावश्यक खारिज किया जा रहा है। ऐसे प्रकरणों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के भू-अभिलेख में त्रुटि सुधार के लिए अभियान चलाया जाए, इसके लिए पंचायत स्तर पर आवेदन लेकर उसका निराकरण किया जाए। उन्होंने युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए राज्य के सभी जिलों में जिला स्तरीय खेल आयोजन के लिए मैदान का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
राजस्व प्राप्ति बढ़ाने पर जोर
राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार को विभिन्न स्त्रोतों से हो रही राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। राजस्व प्राप्तियां बढ़ाने के लिए पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य हो। डायवर्सन भूमि का लंबित शुल्क वसूली की जाए। अधिक राजस्व प्राप्तियों से ही विकास और जनकल्याणमूलक कार्यों को गति मिलेगी।
राजस्व मामलें के निराकरण के लिए ठोस रणनीति
समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने कहा कि राज्य में राजस्व संबंधी प्रकरणों के तेजी से निराकरण के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। संचालक रमेश शर्मा ने बताया कि भुइँया सॉफ्टवेयर में राजस्व रिकार्ड अद्यतन है। साथ ही जमीनों के स्थायी चिन्हांकन के लिए चांदा-मुनारा निर्माण करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
तपती गर्मी से बच्चों को सुरक्षित रखने आंगनबाड़ी केन्द्रों में कूलर का इंतेजाम
रायपुर। घर आंगन में छोटे-छोटे नन्हे बच्चों को हंसते खिलखिलाते देखना सभी को अच्छा लगता है। बदलते मौसम में बच्चों की सेहत की चिंता भी माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती है। गर्मी का मौसम इन सबमें परेशानी भरा होता है। भीषण गर्मी में बच्चों को लू ना लगे, इसलिए माता-पिता तरह-तरह के जतन करते हैं। ऐसा ही जतन छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों का किया जा रहा है।
महासमुंद जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में नन्हें मुन्ने बच्चों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कूलर और पंखे की व्यवस्था की गई है। अब आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे आनंद के साथ पढ़ रहे हैं। एक ओर सुकून का वातावरण मिलने से जहां बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है, वहीं कूलर और पंखे की व्यवस्था से आंगनबाड़ी केन्द्रों में भीषण गर्मी से निजात मिली है।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी 1789 आंगनबाड़ी केन्द्रों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य भी पूर्ण किया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में धुंए से मुक्त वातावरण के लिए चूल्हा-गैस सिलेण्डर भी उपलब्ध कराया गया है। बच्चों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन गैस चूल्हा में पका कर दिया जा रहा है। इस व्यवस्था से आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों के पालक भी खुश हैं। महासमुंद के सुशील सैम्युअल वार्ड में संचालित आंगनबाड़ी में पढ़ने वाली सिद्धी देवार की मां लिलिमा देवार ने कहा कि इस साल आंगनबाड़ी में कूलर के लगने से हमारे बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी जा रहे हैं। पिछले वर्ष गर्मी में वे आंगनबाड़ी जाने से आनाकानी करते थे।
नयापारा वार्ड नम्बर 11 स्थित आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले सौरभ धीवर के पिता विष्णु धीवर ने बताया कि इस वर्ष गर्मी अधिक पड़ने से हम लोग चिंतित थे लेकिन आंगनबाड़ी केन्द्र में कूलर लगने से बच्चों को लू लगने की आशंका नहीं रहती। इसलिए हम लोग निश्चिंत होकर बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्र नियमित तौर पर भेज रहे हैं।
आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पौष्टिक भोजन देने के साथ ही कुपोषण को दूर करने के लिए सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य और पोषण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों की नियमित बैठक लेकर विस्तृत समीक्षा की जाती है। बच्चों को पौष्टिकता से भरपूर गर्म भोजन दिया जाता है। सुपोषण अभियान के तहत बच्चों को मोरिंगा और रागी से निर्मित चिकीबार भी दिया जाता है। इसके अलावा बच्चों को पूरक पोषण आहार के रूप में रेडी-टू-ईट भी दिया जाता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडेय ने बताया कि इस वर्ष एनीमिया से पीड़ित 400 किशोरी बालिकाओं को सामान्य स्थिति में लाया गया है। जिले में 2023-24 में मनरेगा अभिसरण से कुल 46 नवीन आंगनबाड़ी का निर्माण स्वीकृत किया गया है। अभी जिले में अब स्वयं के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या 1699 हो गई है। इस वर्ष 91 नए केन्द्र बनाए गए हैं। वहीं कुपोषित बच्चों के लिए पिथौरा में पोषण पुनर्वास केन्द्र भी प्रारम्भ किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं के लिए जन्मपूर्व और प्रसवपूर्व देखभाल सुनिश्चित करती है और नवजात शिशुओं और शिशुवती माताओं के लिए निदान और देखभाल करती हैं। वे 0 से 6 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के टीकाकरण का प्रबंध करती हैं। महिलाओं और बच्चों के लिए नियमित स्वास्थ्य और चिकित्सा जाँच की निगरानी उनकी मुख्य जिम्मेदारियों में से एक है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी नगरीय निकायों में बिजली बिल और एनर्जी ऑडिट के दिए निर्देश
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राज्य के सभी 184 नगरीय निकायों में बिजली बिल और एनर्जी ऑडिट के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यथासंभव पारंपरिक ऊर्जा के स्थान पर सौर ऊर्जा का उपयोग करने को कहा है। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि अधिकांश निकायों में इस मद में राशि के अभाव के कारण समय पर बिजली के बिल का भुगतान नहीं किया जाता है। इससे नगरीय निकायों और विभाग को हर वर्ष अनावश्यक ही सरचार्ज व एरियर्स की राशि के रूप में बिजली विभाग को अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ता है। ऊर्जा और बिजली बिल के ऑडिट से इनकी बचत के उपाय करने में सहूलियत होगी। श्री साव ने बिजली बचाने और इसके खर्च में कमी लाने के लिए नगरीय निकायों में पारंपरिक ऊर्जा के बदले ग्रीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा है। इससे निकायों का खर्च घटने के साथ ही पर्यावरण भी सुधरेगा। उप मुख्यमंत्री ने चरणबद्ध तरीके से एनर्जी ऑडिट का कार्य थर्ड पार्टी प्रोफेशनल एजेंसीज से कराने के निर्देश दिए हैं।
शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी विभिन्न जन सुविधाओं के संचालन के लिए नगरीय निकायों मे बड़ी संख्या में विद्युत कनेक्शन लिए गए हैं। विद्युत विभाग द्वारा प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में इसके लिए हजारों की संख्या में बिजली के मीटर लगाए गए हैं। इन मीटरों के माध्यम से हर महीने मीटर रीडिंग कर बिजली विभाग द्वारा बिजली का बिल निकायों को प्रेषित किया जाता है। निकायों द्वारा प्रति माह एक बड़ी राशि विद्युत देयकों के रूप में व्यय की जाती है। कई बार सरचार्ज और एरियर्स के रूप में भी बिजली विभाग को अतिरिक्त राशि का भुगतान निकायों और नगरीय प्रशासन विभाग को करना पड़ता है। विभाग द्वारा नगरीय निकायों में बिजली बिल के समायोजन के लिए बिजली विभाग को हर साल लगभग 100 करोड़ रुपए से 200 करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित की जाती है। वर्तमान में करीब 800 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित होने के कारण सरचार्ज की राशि में लगातार वृद्धि हो रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस स्थिति को देखते हुए विभागीय समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के बिजली बिलों के ऑडिट तथा एनर्जी ऑडिट कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इससे प्रत्येक निकाय के बिजली बिल के ऑडिट से वास्तविक विद्युत खपत और अनावश्यक रूप से सरचार्ज हेतु किए जा रहे भुगतान का स्पष्ट आंकलन किया जा सकेगा। ऑडिट के बाद विद्युत की खपत घटाने और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने के लिए नीति भी तैयार की जाएगी। विद्युत खपत घटाने और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने से लंबी अवधि में लगभग 800 करोड़ रुपए से एक हजार करोड़ रुपए की बचत होगी। साथ ही ग्रीन एनर्जी के उपयोग से निकायों को कार्बन क्रेडिट भी प्राप्त होगा। श्री साव ने कहा कि इस तरह बचाई गई राशि से निकायों में अधोसंरचना विकास के अन्य कार्य तथा नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाएं शुरू की जा सकेंगी। निकायों में ऊर्जा प्रबंधन में सौर उर्जा को शामिल करने एवं ताप ऊर्जा के उपयोग में कमी से पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा भी मिलेगा।
सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग से नगरीय निकायों को ऊर्जा दक्ष बनाने के निर्देश, पायलेट परियोजना के लिए तैयार की जा रही है कार्ययोजना
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग से नगरीय निकायों को ऊर्जा दक्ष बनाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकायों में विद्युत खपत की वास्तविक जानकारी जुटाने हेतु एनर्जी ऑडिट कराने के लिए पायलेट परियोजना की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एनर्जी ऑडिट के माध्यम से नगरीय निकायों में बिजली की वास्तविक खपत और व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं, कमियों की पहचान तथा विद्युत देयकों के विश्लेषण के बाद विद्युत दक्ष (Energy Efficient) उपकरणों के प्रयोग को बढ़ावा देने, विद्युत खपत में कमी से देयकों में मितव्यता तथा चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा प्रणाली जैसी वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाया जाएगा। भारत सरकार द्वारा भी पारंपरिक ऊर्जा के स्थान पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएम कुसुम, पीएम सूर्योदय तथा पीएम सूर्यघर जैसी अभिनव योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।
राजधानी में निगम की बड़ी कार्रवाई: अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाकर 10 एकड़ जमीन को किया कब्जा मुक्त, अब प्लाटिंग करने वालो पर गिरेगी गाज
रायपुर। रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार नगर निगम क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के प्रकरणों पर लगातार कार्रवाई जारी है. आज राजधानी के जोन 6 और जोन 8 में निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर रोक लगते हुए करीब 10 एकड़ जमीन को कब्ज़ा मुक्त कराया गया. निगम ने तहसील कार्यालय से निजी भूमि के वास्तविक भूमि स्वामियों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है.
बता दें कि जोन 6 के डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड क्रमांक 61 के भाठागांव भर्री खार क्षेत्र में लगभग 5 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग की जा रही थी. जिसपर नगर पालिक निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़नदस्ता और नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 6 नगर निवेश विभाग ने मौके पर पहुंच कर रोक लगाई. जोन 6 के जोन कमिश्नर को रमेश जायसवाल ने बताया कि अज्ञात प्लाटिंगकर्ता द्वारा यहां लगभग 5 एकड़ निजी भूमि पर अवैध मुरुम रोड बनाई गई थी, जिसपर बुलडोजर चलाकर कारगर रोक लगाई गई है. वहीं मौके से लगभग 2 ट्रक मुरूम जब्त की गयी है.
कोटा में 3 एकड़ निजी भूमि पर अवैध प्लाटिंग पर लगाई रोक
जोन 6 की तरह जोन 8 में रामकृष्ण परमहंस वार्ड 20 में कोटा स्थित साईंनाथ कॉलोनी की लगभग 3 एकड़ निजी भूमि में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी. अवैध प्लाटिंगकर्ता ने प्लाट कटिंग करने मार्किंग कर रखी थी जिसे हटाया गया, डीपीसी और अवैध मुरुम रोड को काटकर आवागमन बाधित करते हुए कारगर रोक लगाई गयी. नगर निगम जोन 8 के जोन कमिश्नर अरुण ध्रुव ने बताया कि जोन 8 के रामकृष्ण परमहंस वार्ड नंबर 20 के तहत कोटा में साईंनाथ कॉलोनी फेस-2 क्षेत्र में भिन्न 3 स्थानों में लगभग 3 एकड़ निजी भूमि पर साथ ही पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड नंबर 2 के क्षेत्र में कबीर नगर फेस – 4 में अविनाश आशियाना अपार्टमेंट परिसर के पीछे लगभग 5 एकड़ निजी भूमि पर की गई अवैध प्लाटिंग पर रोक लगायी गयी है.
अवैध प्लाटिंगकर्ताओं के खिलाफ होगी कार्रवाई
बता दें कि नगर निगम जोन 6 और जोन 8 के नगर निवेश विभाग ने रायपुर तहसीलदार को पत्र लिखकर निजी भूमि के वास्तविक भूमि स्वामियों की जानकारी उपलब्ध करवाने कहा गया है. तहसील कार्यालय से जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ शासन के अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सम्बंधित अवैध प्लाटिंगकर्ताओं के खिलाफ संबंधित पुलिस थाना में नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्यवाही करने नामजद एफआईआर दर्ज करवाई जायेगी.
आदिवासी नौनिहालों के आईआईटी में पढ़ने का सपना पूरा कर रहा है प्रयास विद्यालय, बारहवीं में पढ़ रहे रायपुर प्रयास विद्यालय के 32 बच्चों ने किया है इस साल जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई
रायपुर। राजधानी रायपुर का प्रयास विद्यालय नामी कोचिंग संस्थानों को टक्कर दे रहा है। बारहवीं में पढ़ रहे यहां के 32 बच्चों ने जेईई (Joint Entrance Examination) एडवांस्ड क्वालीफाई कर देश की विभिन्न आईआईटी (Indian Institute of Technology) और समकक्ष राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश के लिए पात्रता हासिल की है। देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों (आईआईटी एवं समकक्ष) में प्रवेश पाने वाले ज्यादातर विद्यार्थी बारहवीं के बाद एक-दो वर्ष की तैयारी वाले होते हैं। लेकिन प्रयास विद्यालय के 32 बच्चों ने बारहवीं की पढ़ाई के साथ-साथ ही देश के श्रेष्ठ एवं प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में प्रवेश का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली जेईई की कठिन प्रतियोगी परीक्षा में देशभर के लाखों बच्चे बैठते हैं।
हाल ही में 9 जून को घोषित जेईई एडवांस्ड के नतीजों में रायपुर प्रयास विद्यालय के कुलदीप कुमार ने ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 459 हासिल किया है। वहीं ओमप्रकाश नेताम को ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 473 और रुद्राक्ष भगत को ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 825 मिला है। ये तीनों बच्चे राज्य के सुदूर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव और सरगुजा के गरीब आदिवासी परिवारों से आते हैं। इनके साथ पढ़ने वाले त्रिलोक पैंकरा ने ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 1123, लीलाधर ठाकुर ने 1174, पंकज रावटे ने 1592, गैंद लाल ने 1638, आदर्श राज पैंकरा ने 1661 और शुभम कश्यप ने 1801 ऑल इंडिया केटेगरी रैंक हासिल की है। ये सभी भी राज्य के सुदूर अधिसूचित विकासखंडों के कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चे हैं। प्रयास विद्यालय के शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में इन बच्चों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।
रायपुर का प्रयास विद्यालय कक्षा नवमीं से बारहवीं तक की पढ़ाई के साथ ही होनहार आदिवासी नौनिहालों का आईआईटी, एनआईटी एवं समकक्ष श्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में पढ़ने का सपना पूरा कर रहा है। विगत अप्रैल में यहां के 64 बच्चों ने जेईई मेन्स (JEE Mains) क्वालीफाई कर जेईई एडवांस्ड के लिए पात्रता हासिल की थी जिनमें से 32 बच्चों ने अब जेईई एडवांस्ड भी क्वालीफाई कर लिया है। जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई करने वाले बच्चे जहां देश की विभिन्न आईआईटी एवं समकक्ष संस्थानों में प्रवेश ले सकेंगे, वहीं जेईई मेन्स क्वालीफाई करने वाले बच्चे एनआईटी (National Institute of Technology) एवं समकक्ष संस्थानों में पढ़ने का अपना सपना पूरा करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली जेईई की कठिन प्रतियोगी परीक्षा क्वालीफाई कर पिछले पांच वर्षों में प्रयास विद्यालय रायपुर के 51 छात्रों ने देश की विभिन्न आईआईटी में प्रवेश प्राप्त किया है। वहीं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) में 94 बच्चों का चयन हुआ है।
रायपुर के सड्डू स्थित प्रयास विद्यालय में राज्य के वनांचल और दूरस्थ अधिसूचित क्षेत्रों के बच्चे पढ़ रहे हैं। कक्षा नवमीं से बारहवीं तक यहां करीब 700 बच्चे अध्ययनरत हैं। शिक्षण सत्र 2023-24 में गणित विषय (PCM) लेकर 166 छात्र पढ़ रहे थे। प्रयास विद्यालय की प्राचार्या मंजुला तिवारी बताती हैं कि ग्यारहवीं और बारहवीं के बच्चों को यहां बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दृष्टिकोण से अध्यापन किया जाता है। स्कूल में ही दोनों तरह की पढ़ाई के कारण बच्चे बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के बौद्धिक स्तर और कक्षा में प्रदर्शन के अनुसार अलग-अलग समूहों में बांटकर अध्ययन संबंधी उनकी समस्याओं को दूर किया जाता है। आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों के साथ ही प्रयास विद्यालय के बहुत से बच्चे हर साल अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी चयनित होते हैं।
IAS नीरज कुमार बंसोड को केंद्र में संयुक्त सचिव के लिए किया गया इम्पैनल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 2008 बैच के आईएएस नीरज कुमार बंसोड को केंद्र में संयुक्त सचिव या समकक्ष पद के लिए इम्पैनल किया गया है. बंसोड के साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2008 बैच के 64 अधिकारियों को पैनल में शामिल किया गया है.
मूलत: महाराष्ट्र के रहने वाले 2008 बैच के आईएएस नीरज कुमार बंसोड ने प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में बीई किया है. उसके बाद उन्होंने निजी क्षेत्र में भी काम किया और सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए. 2007 में उन्होंने यूपीएससी से सिविल सेवा परीक्षा पास की, जिसमें उन्होंने एआईआर 88वीं रैंक सेक्योर की थी.
आईएएस चयनित होने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ में अपने कार्यभार की शुरुआत बिलासपुर जिला पंचायत के सीईओ और सुकमा जिला कलेक्टर के रूप में कार्य की थी.
दुर्भाग्यपूर्ण हिंसक वारदात को लेकर कांग्रेस सस्ती और ओछी राजनीति करके वातावरण बिगाड़ने में लगी है : भाजपा
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने बलौदाबाजार की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हिंसक वारदात को लेकर कांग्रेस पर सस्ती और ओछी राजनीति करके वातावरण बिगाड़ने का आरोप लगाया है। देव ने कहा कि इस मामले में हो रही जाँच और गिरफ्तारियों पर कांग्रेस नेता एकाएक प्रलाप करके यह स्पष्ट कर रहे हैं कि इस अराजकता व हिंसा से कांग्रेस का कनेक्शन है। बलौदाबाजार की हिंसा शर्मनाक है और ऐसा साफ प्रतीत हो रहा है कि गर्हित इरादों के साथ कतिपय षड्यंत्रकारियों ने सतनामी समाज के लोगों को बदनाम करने के लिए इस कृत्य को अपने राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए अंजाम दिया है। अब इस मामले की सूक्ष्मता से जाँच के बाद सारे तथ्य सामने आएंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि कांग्रेस की यही राजनीतिक संस्कृति रही है कि वह सत्ता के लिए जातिवादी राजनीति का सहारा लेती है और सत्ता में आने के बाद सबसे ज्यादा उन्हीं जातियों को प्रताड़ित करने में लगी रहती है। कांग्रेस की पिछली प्रदेश सरकार का समूचा कार्यकाल इस बात की तस्दीक करने के लिए पर्याप्त है। कांग्रेस द्वारा भाजपा की प्रदेश सरकार पर सतनामी समाज को प्रताड़ित करने के लगाए जा रहे आरोप को पूरी तरह बेहूदा बताते हुए देव ने कहा कि प्रदेश और समूचा सतनामी समाज साक्षी है कि सतनामी समाज को सबसे ज्यादा प्रताड़ित और उपेक्षित रखने में कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी। देव ने कहा कि सतनामी समाज सदैव अहिंसक और शांतिपूर्ण रहा है परंतु कतिपय अराजक व अवांछनीय तत्वों ने जैतखाम के मुद्दे को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली को कलंकित करने की इरादतन साजिश रची थी। प्रदेश सरकार ने तत्काल इस पूरी घटना पर संज्ञान लेकर न केवल त्वरित रूप से कानूनी कार्रवाई की, अपितु सतनामी समाज के प्रमुखों से विस्तृत चर्चा कर इस हिंसा को नियंत्रित करने के लिए कारगर कदम उठाए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि भाजपा को सतनामी समाज का विरोधी बताने वाले कांग्रेसियों को यह नहीं भूलना चाहिए कि कुतुबमीनार से भी ऊँचा जैतखाम छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में भाजपा की पूर्ववर्ती प्रदेश सरकार ने ही बनाया था। सतनामी समाज के साथ तो खुद कांग्रेस ने हमेशा भेदभाव कर सतनामी समाज के सदस्यों को उनके हक से वंचित रखने का काम किया है। अजा आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस की भूपेश सरकार ने जिस तरह का गंदा राजनीतिक आचरण प्रस्तुत किया, क्या कांग्रेस नेताओं को कभी उसके लिए जरा भी शर्म महसूस हुई? देव ने कहा कि सैकड़ों अजा युवकों को राजधानी में पूर्ण नग्न होकर प्रदर्शन करने के लिए विवश करने वाली कांग्रेस सरकार ने जब पूरे छत्तीसगढ़ को शर्मसार कर दिया था, तब कांग्रेस के नेताओं ने सतनामी समाज के साथ हुए अन्याय पर मुँह में दही क्यों जमा रखा था? आज सतनामी समाज के सम्मान के नाम पर जुबानी जमाखर्च कर रहे कांग्रेसियों को तब पीड़ा नहीं हुई जब मुख्यमंत्री रहते हुए भूपेश बघेल ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अजा युवकों को ‘भौंकने वाला’ कहा था।
समय पर जीएसटी का भुगतान नहीं करने वाले व्यवसायियों पर स्टेट जीएसटी सख्त, वित्त मंत्री ओपी चौधरी की अपील, ईमानदारी से करें टैक्स का भुगतान
रायपुर। राज्य मे पिछले कुछ वर्षों मे जिलों मे डीएमएफ मद से बड़ी संख्या मे निर्माण कार्य और सामाग्री क्रय किया गया है परंतु जितना व्यय शासन द्वारा किया गया है उस अनुपात मे शासन को जीएसटी नहीं मिला है। स्टेट जीएसटी मे गठित किए गए बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट के द्वारा ए आई आधारित आई टी टूल्स का प्रयोग कर ऐसे व्यवसायियों का एनालिसिस किया जा रहा है जिनके द्वारा शासकीय सप्लाइ तो किया गया है पर जीएसटी नहीं पटाया गया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य मे विगत दिनों कुछ व्यवसायियों की जांच कर उनसे टैक्स जमा करवाया गया । केशकाल के भारत इन्फ्रा नाम के व्यवसायी के प्रकरण मे 91 लाख रु. और रायपुर के श्री कृष्ण इंटर प्राइजेस मे 2.5 करोड़ रु की कर चोरी पकड़ी गई है इसमे से 1.75 करोड़ रु.टैक्स विभाग ने वसूल कर किया है । इसी तरह का एक और मामला हार्टीकल्चर विभाग मे भी पकड़ा गया है जिसमे शेड नेट सप्लाइ करने वाली कंपनी किसान एग्रोटेक को विभाग ने नोटिस दिया है।
इस प्रकार की कर चोरी करने वाले व्यवसायी अक्सर अपनी टैक्स लाईबिलिटी कम दिखाने के लिए बोगस बिलों पर आई टी सी क्लेम करते हैं परंतु यह भूल जाते हैं कि अब विभाग के पास ऐसे कई आई टी टूल्स हैं जिनके कारण इस तरह के मामलों मे बच निकलना कठिन है। राज्य कर विभाग के द्वारा लगातार व्यवसायियों कि बैठक लेकर उन्हे जागरूक भी किया जा रहा है कि कर देयता से बचने का कोई शॉर्टकट न अपनाएं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी व्यापारियों से अपील की है की वो ईमानदारी से अपने टैक्स का भुगतान करें ।
आयकर विभाग की टीम ने फैंसी स्टोर्स संचालक के घर मारा छापा, 24 घंटे से खंगाल रही है दस्तावेज…
महासमुंद। आयकर विभाग की टीम ने महासमुंद जिले के पिथौरा में फैंसी स्टोर्स संचालक के घर पर छापा मारा है. आयकर विभाग की टीम 24 घंटे से दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है.
आयकर विभाग की 12 सदस्यों की टीम चार वाहनों में श्रृंगारिका फैंसी स्टोर्स के संचालक आनंद अग्रवाल के घर पर पहुंची . पूर्व में भी पुलिस अधीक्षक के आदेश पर आनंद अग्रवाल के घर छापा मारा गया था, तब साइबर क्राइम की टीम ने दस्तावेजों को खंगाल था.
कोटवारी जमीन अवैध रूप से बेची, कलेक्टर ने कोटवार को किया बर्खास्त
बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने कोटवारी जमीन के अवैध बिक्री पर संज्ञान लेते हुए दोषी कोटवार को बर्खास्त कर दिया है. साथ ही बेची गई जमीन शासन के पक्ष में फिर से दर्ज करने निर्देश दिए हैं. सेमरताल के कोटवार परमेश्वर दास मानिकपुरी ने ग्राम सेमरताल के खसरा नंबर 532 व 553 की कोटवारी भूमि को विक्रय किया था. जिस पर यह कार्रवाई की गई है.
बिलासपुर के ग्राम सेमरताल के सरपंच ने कलेक्टर अवनीश कुमार शरण को लिखित में सूचना दी गई थी कि सेमरताल के कोटवार परमेश्वर दास मानिकपुरी ने ग्राम सेमरताल महल नंबर 1 के खसरा नंबर 532 व 553 की कोटवारी भूमि को छलपूर्वक विक्रय किया है. जबकि शासन के निर्देशानुसार कोटवारी भूमि के विक्रय पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
मामले में कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम पीयूष तिवारी ने नायब तहसीलदार राहुल शर्मा को जांच करने का आदेश दिया. जांच में शिकायत सही पाई गई. ग्राम कोटवार सेमरताल परमेश्वर दास मानिकपुरी नोटिस भी जारी कर जवाब मांगा गया, संतोष जनक जवाब नहीं होने कोटवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. साथ ही संबंधित जमीन शासन के पक्ष में दर्ज किए जाने का आदेश पारित किया गया है.