धर्म /अध्यात्म

इंदिरा एकादशी पर आज शाम करें ये आसान उपाय, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद …

आज इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। आश्विन कृष्ण पक्ष की यह एकादशी श्राद्ध पक्ष के दौरान आती है।इसलिए इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ पितरों के स्मरण और उनके निमित्त किए जाने वाले कर्मों का भी विशेष स्थान रहता है। पंचांग के अनुसार इस बार इंदिरा एकादशी की तिथि 6 अक्टूबर को शुरू होकर 7 अक्टूबर की रात समाप्त होगी इंदिरा एकादशी को भगवान विष्णु को समर्पित व्रत माना जाता है। इस दिन व्रत, विष्णु पूजन, मंत्र जाप और पुर्वजों का स्मरण किया जाता है। श्राद्धपक्ष में पड़ने के कारण इस तिथि पर पूर्वजों के लिए श्रद्धा से किए गए कार्यों को भी बहुत खास मानते है। अगर आज के दिन भगवान विष्णु के साथ अपने पितरों का स्मरण करना चाहते हैं तो शाम के समय एक सरल उपाय कर सकते हैं।इस उपाय के लिए किसी विशेष सामग्री की जरूरत नहीं होती। घी, रूई की बाती, लाल चौमुखी दीपक और थोड़ी-सी हींग से इसे किया जा सकता है।

संध्या के बाद जलाएं चौमुखी दीपक

इंदिरा एकादशी की शाम अंधेरा होने के बाद घर में साफ-सफाई कर एक चौमुखी दीपक तैयार करें। इसके लिए लाल रंग के दीपक का उपयोग करें। दीपक में घी डालें और रूई की बाती लगाएं। इसके बाद इसमें थोड़ी सी चुटकीभर हींग डाल दें।

अब इस दीपक को घर की दक्षिण दिशा में रखें। दक्षिण दिशा को पितरों से जुड़ी दिशा माना गया है। इसलिए इंदिरा एकादशी और श्राद्धपक्ष के इस संयोग में दक्षिण दिशा में दीपक जलाकर पितरों का स्मरण किया जा सकता है।दीपक जलाने के बाद कुछ देर शांत मन से भगवान विष्णु और अपने पितरों का ध्यान करें। मन में किसी तरह की जल्दबाजी न रखें और श्रद्धा के साथ अपनी मनोकामना भगवान के सामने रखें। इस दौरान परिवार की सुख-शांति, पितरों की शांति और घर में सकारात्मक माहौल की प्रार्थना करें।

उपाय करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

दीपक को ऐसी जगह रखें जहां वह सुरक्षित रहे और उससे आग लगने का खतरा न हो।

उपाय करते समय मन को शांत रखें और भगवान विष्णु का स्मरण करें। इसके बाद पितरों को याद करते हुए श्रद्धा से प्रार्थना करें।

इंदिरा एकादशी पर किया जाने वाला यह उपाय बहुत सरल है।इस एकादशी पर शाम के समय श्रद्धा से दीपक जलाकर भगवान विष्णु और पूर्वजों का स्मरण करना आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।