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पति व परिवार के खिलाफ झूठी शिकायत को हाईकोर्ट ने माना मानसिक क्रूरता, पति को मिला तलाक
रायपुर। छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में अहम निर्णय सुनाया है। अदालत ने पत्नी द्वारा पति और उसके परिजनों के खिलाफ दर्ज की गई झूठी, निराधार और आपत्तिजनक शिकायतों को दुर्भावनापूर्ण कृत्य मानते हुए इसे “मानसिक क्रूरता” की श्रेणी में रखा। कोर्ट ने पति की अपील स्वीकार कर उन्हें तलाक का हकदार ठहराया और विवाह को समाप्त करने का आदेश दिया।
मामले के तथ्यों के अनुसार, धमतरी निवासी महिला का विवाह 28 अप्रैल 2009 को हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। वैवाहिक जीवन के दौरान दंपति को दो संतानें हुईं—पहली संतान का जन्म दिसंबर 2010 में और दूसरी का अप्रैल 2014 में हुआ। कुछ वर्षों बाद दंपति के संबंधों में तनाव उत्पन्न हुआ, जिसके चलते पत्नी ने अप्रैल 2017 में पति, उनके भाई और मां के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के बाद पति और उनके परिवार के सदस्यों को आरोपों से बरी कर दिया गया। इसके बावजूद पत्नी ने निर्णय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट द्वारा अपील खारिज किए जाने पर महिला ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) भी दाखिल की।
अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड और परिस्थितियों का मूल्यांकन करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि पत्नी द्वारा लगातार कानूनी कार्रवाई करना, जबकि आरोप सिद्ध नहीं हुए, पति और उनके परिजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास था। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित विधिक सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि निराधार आपराधिक आरोप लगाना और दोषमुक्ति के बाद भी लगातार अपील करना मानसिक क्रूरता का संकेत है।
इसी आधार पर पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक की मांग करते हुए धमतरी परिवार न्यायालय में आवेदन किया। परिवार न्यायालय ने उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया, जिसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। जस्टिस संजय के अग्रवाल एवं जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की।
डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी का आचरण, जिसमें सास के खिलाफ अशोभनीय और मानहानिकारक आरोप लगाना, तथा पति और उनके माता-पिता की बरी होने के बावजूद निर्णय को चुनौती देना शामिल है, स्पष्ट रूप से मानसिक उत्पीड़न को दर्शाता है। अदालत ने माना कि यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि पति और उनके परिजनों को जेल हो तथा पति के पेशेवर जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 19 साल पुराने रिश्वत मामले में पूर्व बीएसएनएल एसडीओ को किया बरी, 2007 की सजा रद्द
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा वर्ष 2007 में सुनाई गई सजा को रद्द करते हुए पूर्व बीएसएनएल सब-डिविजनल ऑफिसर संजय कुमार शर्मा को रिश्वत लेने के आरोप से बरी कर दिया। एकलपीठ में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रजनी दुबे ने कहा कि केवल रकम की बरामदगी किसी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है, जब तक यह साबित न हो कि आरोपी ने रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई के अनुसार, 20 जून 2003 को बिलासपुर में पदस्थ बीएसएनएल के एसडीओ संजय कुमार शर्मा को 40 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया था। आरोप था कि उन्होंने अक्षय कंस्ट्रक्शन के संचालक और ठेकेदार के.पी. अग्रवाल से लंबित बिलों के भुगतान के एवज में 80 हजार रुपये की मांग की थी। सीबीआई ने इसे रिश्वत की पहली किस्त बताया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि शिकायतकर्ता के.पी. अग्रवाल का ट्रायल के दौरान निधन हो गया था। इस कारण उनका प्रतिपरीक्षण (क्रॉस-एग्जामिनेशन) नहीं हो सका। अदालत ने माना कि प्रतिपरीक्षण के बिना गवाही की कानूनी मजबूती कमजोर हो जाती है। इसके अलावा शिकायतकर्ता के पुत्र उमेश अग्रवाल और अन्य गवाहों ने भी अभियोजन का साथ नहीं दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई यह साबित नहीं कर सकी कि आरोपी ने वास्तव में रिश्वत की मांग की थी। गवाहों ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने न तो कोई बातचीत सुनी और न ही मांग होते देखा। ट्रायल के दौरान एक अन्य ठेकेदार सूर्यदेव दुबे की गवाही महत्वपूर्ण मानी गई, लेकिन वह भी रिश्वत की मांग को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर पाया। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि केवल पैसे की बरामदगी के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। रिश्वत की मांग और स्वीकार करने के ठोस प्रमाण जरूरी हैं। इसी आधार पर वर्ष 2007 में सुनाई गई सजा को निरस्त करते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया।
केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, इलाके में मचा हड़कंप
राजनांदगांव। जिले के घुमका थाना क्षेत्र अंतर्गत जालबांधा के मोहंदी गांव में स्थित जया केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई है। कुछ ही मिनटों में आग ने भयंकर रूप ले लिया है और फैक्ट्री परिसर में अफरा–तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही घुमका थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर मौजुद है। दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री परिसर को तुरंत खाली कराया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। आग की लपटें इतनी तेज़ हैं कि दूर से भी दिखाई दे रही हैं। धुएं का गुबार आसमान तक फैल गया है, जिससे इलाके में भय का माहौल है। ग्रामीणों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
घुमका थाना प्रभारी विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी रासायनिक प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए दमकल कर्मी और पुलिस लगातार प्रयास कर रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है, लेकिन घटना स्थल पर सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर निगरानी रख रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का आंकलन किया जा सकेगा। फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं, और आसपास के इलाके में लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ में अब बार-क्लब खोलना हुआ आसान, सरकार ने लाइसेंस फीस और बैंक गारंटी में की भारी कटौती, एयरपोर्ट पर भी मिलेगी शराब…
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश की नई आबकारी नीति (Excise Policy) में बड़े बदलाव करते हुए होटल, रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने नए व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाइसेंस फीस में भारी कमी की है, जिससे अब राज्य में बार खोलना पहले के मुकाबले काफी सस्ता हो जाएगा.
इन बड़े बदलावों पर एक नजर:
लाइसेंस फीस में 6 लाख की बचत: राज्य सरकार ने उन शहरों के लिए बड़ा फैसला लिया है जिनकी आबादी 7 लाख से अधिक है. यहां FL-2 (क) और FL-3 (क) श्रेणी के बार के लिए लाइसेंस शुल्क को 24 लाख रुपये से घटाकर 18 लाख रुपये कर दिया गया है.
बैंक गारंटी में भी राहत: केवल लाइसेंस फीस ही नहीं, बल्कि सरकार ने अनिवार्य बैंक गारंटी (Bank Guarantee) की राशि को भी कम कर दिया है. इससे नए कारोबारियों पर शुरुआती वित्तीय बोझ कम होगा और इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा.
3-स्टार होटलों को फायदा: क्लबों के साथ-साथ थ्री-स्टार और उससे ऊपर की श्रेणी वाले होटलों की लाइसेंस फीस में भी रियायत दी गई है.
रायपुर एयरपोर्ट पर मिलेगी विदेशी शराब
इस नई नीति का सबसे चर्चित हिस्सा राजधानी रायपुर का स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा है. साल 2026-27 के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत एयरपोर्ट पर बार खोलने की अनुमति दे दी गई है. एयरपोर्ट अथॉरिटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद अब यात्री वहां के रेस्टोरेंट्स में विदेशी शराब का आनंद ले सकेंगे. माना जा रहा है कि इस फैसले से पर्यटकों और यात्रियों के अनुभव में सुधार होगा.
समय में कोई बदलाव नहीं
भले ही फीस और नियमों में ढील दी गई है, लेकिन बार संचालन के समय को लेकर सख्ती बरकरार है. पूरे प्रदेश में बार पहले की तरह ही सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही संचालित किए जा सकेंगे. समय-सीमा में किसी भी तरह का विस्तार नहीं किया गया है.
सरकार के इस कदम को व्यापारिक दृष्टिकोण से ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है, जिससे पर्यटन और आबकारी राजस्व दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद है.
छत्तीसगढ़ का बजट 24 फरवरी को होगा पेश, वित्त मंत्री ओपी ने कहा- नई थीम और नए विजन के साथ आएगा बजट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का 23 जनवरी से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 जनवरी को सदन के पटल पर अपनी सरकार के तीसरे बजट को पेश करेंगे. आगामी बजट सत्र को लेकर मंत्री ओपी ने बताया कि यह उनकी सरकार का तीसरा बजट होगा, जो नई थीम और नए विजन के साथ प्रस्तुत किया जाएगा.
मंत्री ने कहा कि बजट की रणनीति 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप तैयार की गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा. 2047 के लॉन्ग टर्म प्लान और शॉर्ट टर्म प्लानिंग के तहत बजट में स्पष्ट रोडमैप देखने को मिलेगा.
विपक्ष सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा : वित्त मंत्री ओपी
बजट को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पूर्व में राजीव गांधी योजना के तहत चार किस्तों में राशि दी जाती थी, जबकि भाजपा सरकार हर साल उससे अधिक राशि दे रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पांच वर्षों में जितनी राशि नहीं दे पाई, उससे अधिक उनकी सरकार दे रही है। हर वर्ष 8000 करोड़ रुपए माता-बहनों के खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा है. सरकार विकास कार्यों पर केंद्रित है, जो विपक्ष को स्वीकार नहीं हो रहा.
VIP रोड में देर रात तक खुला रहा क्लब मिथ्या, पुलिस ने मैनेजर को किया गिरफ्तार, लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई तेज
रायपुर। रायपुर में कमिश्नरेट लागू होने के बाद पुलिस देर रात तक खुले होटल, ढाबा, बार, कैफे, पब और क्लबों पर लगातार सख्ती बरत रही है। इसी कड़ी में तय समय से अधिक संचालित पाए जाने पर वीआईपी रोड स्थित क्लब मिथ्या (Club Mithya) के मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है, वहीं संस्थान के लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, कमिश्नरेट लागू होने के बाद होटल, ढाबा, बार, कैफे, पब और क्लब संचालकों के साथ विभिन्न स्तरों पर बैठकें कर शासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई है। इन निर्देशों के तहत सभी क्लबों और पबों को रात्रि 12 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद करने के आदेश हैं।

इसी निर्देशों के पालन की जांच के लिए तेलीबांधा थाना क्षेत्र में नियमित रूप से रात में चेकिंग की जा रही है। 15 फरवरी की रात चेकिंग के दौरान वीआईपी रोड स्थित रेस्टोरेंट क्लब मिथ्या को रात करीब 12.50 बजे तक संचालित पाया गया। इस दौरान पुलिस ने मौके पर मौजूद संस्था के मैनेजर फैकी महु पिता पीयूष महु, उम्र 29 वर्ष, निवासी विशाल नगर, तेलीबांधा, रायपुर को नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया।
पुलिस ने मैनेजर के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराएं 170/125, 135, 3(1) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद इस्तगाशा तैयार कर आरोपी को माननीय एसडीएम न्यायालय, रायपुर में पेश किया गया।
साथ ही नियमों के बार-बार उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए क्लब मिथ्या के गुमाश्ता लाइसेंस को निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन तैयार किया गया है, जिसे वरिष्ठ कार्यालय के माध्यम से संबंधित विभाग को भेजा गया है।
बता दें कि इससे पहले भी 1 फरवरी को चेकिंग के दौरान क्लब मिथ्या को तय समय से अधिक संचालन करते पाया गया था, जिस पर लाइसेंस निरस्तीकरण का प्रतिवेदन पहले ही भेजा जा चुका है।
रायपुर को शहरी बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करने की दिशा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी पहल
नई दिल्ली/रायपुर। राजधानी रायपुर में लंबे समय से चली आ रही जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्याओं के निपटारे और बाढ़ के बढ़ते खतरे से स्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से ₹220 करोड़ के व्यापक 'शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम' (Urban Flood Risk Management Program) को सैद्धांतिक मंजूरी देने का अनुरोध किया है।
श्री अग्रवाल ने पत्र में उल्लेख किया कि रायपुर शहर के लिए इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत ₹220 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति का प्रस्ताव NDMA को प्रस्तुत किया गया था। 10 नवंबर 2025 को जारी नवीन दिशानिर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव में आवश्यक संशोधन किए गए, जिसे 23 जनवरी 2026 को राज्य कार्यकारी समिति से विधिवत स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।

तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) द्वारा दिए गए सभी सुझावों एवं टिप्पणियों का समाधान करते हुए अनुपालन रिपोर्ट सहित संशोधित प्रस्ताव पत्र क्रमांक 504/पीडब्ल्यूडी/एनएनआर/2026 के माध्यम से पुनः प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद अंतिम स्वीकृति लंबित है।
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, रायपुर के तेजी से होते शहरीकरण के कारण यहाँ का ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर (निकासी व्यवस्था) पीछे छूट गया है, जिससे मानसून के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है। भाठागांव, प्रोफेसर कॉलोनी और अवंती विहार जैसे निचले इलाकों के निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जहाँ भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, "जुलाई 2025 में, रायपुर में 33 घंटों के भीतर 103 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई थी और प्रमुख चौराहे ठप हो गए थे। यह फंड शहर के स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शहर में कहीं भी जलभराव न हो!"
यह नया ₹220 करोड़ का कार्यक्रम बुनियादी ढांचे की इन कमियों को दूर करने का लक्ष्य रखता है, जिसमें अस्थायी मरम्मत के बजाय एक वैज्ञानिक रूप से डिजाइन किया गया बाढ़ प्रबंधन तंत्र विकसित किया जाएगा जो अत्यधिक भारी बारिश को झेलने में सक्षम होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि रायपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र को मानसून के दौरान होने वाली जलभराव और बाढ़ की गंभीर समस्या से बचाने के लिए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं।
यह पहल श्री अग्रवाल की दूरदर्शिता, जनहित के प्रति उनकी संवेदनशीलता और राजधानी रायपुर के सुरक्षित एवं सतत विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शहरी बाढ़ प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन से न केवल नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
नगरीय निकायों में ऐतिहासिक जनादेश का एक वर्ष: सुशासन, पारदर्शिता और विकास पर जनता की मुहर — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों में प्राप्त ऐतिहासिक जनादेश जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। यह परिणाम सुशासन, पारदर्शिता और विकास के प्रति जनता की स्पष्ट आस्था की अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान से भेंट कर एक वर्ष पूर्व इसी तिथि को मिले जनादेश को स्मरण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक साधारण चाय विक्रेता से महापौर तक की श्री चौहान की यात्रा लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति और जनता के आशीर्वाद का जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार नगरीय निकाय चुनावों में किए गए प्रत्येक वादे को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में निरंतर और ठोस प्रगति हो रही है।उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सुशासन की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने शहरी विकास को जन-विश्वास और जन-भागीदारी से जोड़ते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार में नगरीय विकास के क्षेत्र में आवास, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सीवरेज, हरित सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवास पूर्ण किए गए हैं और नए लक्ष्यों पर तेजी से कार्य जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग तथा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मिशन अमृत 2.0 के जरिए जल प्रदाय एवं सीवेज परियोजनाओं को नई गति मिली है। वहीं, पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से शहरों में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया है। 15वें वित्त आयोग तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के माध्यम से नगरीय अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसे आधुनिक अध्ययन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही “मोर संगवारी सेवा” और विभिन्न ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन समन्वित प्रयासों से नगरीय क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं का दायरा निरंतर सशक्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी महापौरों एवं नगरीय निकाय प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि विकास, विश्वास और जवाबदेही के इस संकल्प को हम और अधिक मजबूत करते हुए प्रदेश के शहरों को समृद्ध, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य करते रहेंगे।
राजिम कुंभ कल्प 2026 समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और पहचान का प्रतीक पर्व है।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजिम में सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला निर्माण हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही, राजिम बैराज कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने और पूर्व में प्रस्तावित विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्य मंच पर भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत भगवान श्री राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव, राजिम दाई, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता के जयघोष के साथ की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम की पावन भूमि सदियों से तप, त्याग और साधना की साक्षी रही है। “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” कहे जाने वाला राजिम अपनी आध्यात्मिक गरिमा के कारण विशेष स्थान रखता है।
महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव त्याग, संयम और सेवा के प्रतीक हैं, जिनका संदेश आज के युग में संतुलन और समर्पण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में राजिम कुंभ मेला-स्थल को और अधिक सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाया जाएगा तथा इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आध्यात्मिक आयोजन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का आह्वान किया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का विराट उत्सव है। इस वर्ष पंचकोसी धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग की थीम ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है और इसे राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं साधु-संतों की गरिमामय उपस्थिति थी।
समाज के संगठित और जागरूक होने से विकास को मिलती है मजबूती : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायगढ़। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोसमनारा धाम में आयोजित स्थापना दिवस एवं शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि समाज जब संगठित और जागरूक होता है, तब विकास को वास्तविक मजबूती मिलती है। साहू समाज की एकजुटता, शिक्षा और समर्पण प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 25 लाख से अधिक किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। लगभग ₹10,000 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार किसानों के परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय ने कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 सत्यनारायण बाबा जी एवं भक्त माता कर्मा-कृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 1998 से पूज्य सत्यनारायण बाबा खुले आकाश के नीचे निरंतर तपस्या में लीन हैं। तीनों ऋतुओं में 28 वर्षों से अधिक समय तक साधना करना अत्यंत अद्वितीय और प्रेरणादायक है। यह धाम सामाजिक समरसता, आस्था और भाईचारे का सशक्त प्रतीक बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा जी के आशीर्वाद से उन्हें चार बार सांसद रहने का अवसर मिला और आज मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ एवं बाबा सत्यनारायण से प्रदेशवासियों पर निरंतर कृपा बनाए रखने की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोसमनारा स्थित कर्मा साहू सामुदायिक भवन के ऊपर अतिरिक्त निर्माण के लिए ₹50 लाख की घोषणा की। साथ ही उन्होंने श्री रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों को अयोध्या सहित देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर मिल रहा है।
समारोह में समाज कल्याण में उत्कृष्ट योगदान के लिए त्रिभुवन साहू, भरत लाल साहू, कपिल नाथ, अरुणा साहू, मनोज साहू एवं वेदराम साहू को सम्मानित किया गया। कोरबा जिला साहू संघ की पत्रिका तथा बाबा सत्यनारायण चालीसा का विमोचन भी किया गया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहू समाज की एकजुटता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कोसमनारा धाम के विकास हेतु लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित जिला साहू संघ पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, कसडोल विधायक संदीप साहू, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, पूर्व सांसद लखनलाल साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू, डिग्रीलाल साहू सहित बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित पदाधिकारी, बाबा सत्यनारायण की माता हंसमती देवी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
टैक्स वसूली में लापरवाही पर दल्ली राजहरा के प्रभारी सीएमओ भूपेंद्र वार्डेकर निलंबित
बालोद। टैक्स निर्धारण मे लापरवाही और कम टैक्स वसूली के चलते बालोद जिले के दल्ली राजहरा नगर पालिका परिषद के तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र वार्डेकर को निलंबित कर दिया गया है. राजनांदगांव नगर पालिका निगम में समाज कल्याण अधिकारी के तौर पर पदस्थ भूपेंद्र वार्डेकर को दल्ली राजहरा नगर पालिका परिषद के सीएमओ का प्रभार दिया था. इस दौरान कम टैक्स वसूली पर नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के निर्देश पर कार्रवाई की गई है.
निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि भूपेन्द्र वार्डेकर प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के तौर पर पदस्थापना के दौरान 14 जनवरी को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली वित्तीय वर्ष 2025-26 (माह-दिसंबर 2025 की स्थिति) में समस्त करों सहित राजस्व वसूली का 60 प्रतिशत औसत वसूली किया जाना था, किन्तु संपत्तियों का नया कर (मांग) निर्धारण न करने के कारण कम वसूली किया जाना पाया गया है, तथा प्रॉपटी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम में कार्य प्रारंभ से 13 जनवरी तक मात्र 1 प्रविष्टि करना पाया, जो के कर्तव्य के प्रति गंभीर उदासीनता को दर्शित करता है.
वार्डेकर का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार है. अतएव, राज्य शासन, एतद्वारा, भूपेन्द्र वार्डेकर प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 एवं छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका कार्यपालन/यांत्रिकी/स्वास्थ्य) सेवा, भर्ती तथा सेवा शर्ते नियम 2017 के नियम 33 के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है. निलंबन अवधि में वार्डेकर का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग रहेगा. इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी.
हाईकोर्ट ने रेंज असिस्टेंट वेदप्रकाश शर्मा के तबादले पर लगाई रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब
बिलासपुर। बिलासपुर वन मंडल के बेलतरा में पदस्थ रेंज असिस्टेंट वेदप्रकाश शर्मा के तबादले पर हाईकोर्ट ने फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। अदालत ने 4 फरवरी 2026 को जारी ट्रांसफर आदेश के अमल पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
वेदप्रकाश शर्मा को बेलतरा-बिलासपुर वन मंडल से मुंगेली वन मंडल भेजने का आदेश मुख्य वन संरक्षक की ओर से जारी हुआ था। शर्मा ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि एक वन मंडल से दूसरे मंडल में तबादला करने का अधिकार मुख्य वन संरक्षक को नहीं है। यह अधिकार प्रधान मुख्य वन संरक्षक को है। अदालत के सामने पीसीसीएफ द्वारा पहले जारी किए गए पत्र भी पेश किए गए, जिनमें अधिकार क्षेत्र स्पष्ट बताया गया है।
मामले की सुनवाई जस्टिस पी.पी. साहू की एकल पीठ में हुई। राज्य सरकार की ओर से शैलजा शुक्ला ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। अदालत ने यह मांग स्वीकार कर ली और तब तक के लिए ट्रांसफर आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। 4 फरवरी 2026 के तबादला आदेश का प्रभाव और क्रियान्वयन अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगा।
23 फरवरी से शुरू होगा सत्र, विधायकों ने लगाए 1034 से ज्यादा सवाल,27 फरवरी को नए वित्तीय वर्ष का बजट पेश होने की संभावना
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 23 फरवरी से शुरू होने जा रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार का सत्र काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही आक्रामक तैयारी में जुटे हुए हैं। सत्र के लिए विधायकों द्वारा सवाल लगाने की प्रक्रिया जारी है और अब तक 1034 से अधिक सवाल लगाए जा चुके हैं।
विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार, अधिकांश विधायकों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रश्न प्रस्तुत किए हैं। यह संख्या बताती है कि इस बार सदन में विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। प्राप्त सभी प्रश्नों को संबंधित विभागों को जवाब तैयार करने के लिए भेज दिया गया है, ताकि सत्र के दौरान सदन में तथ्यात्मक और विस्तृत उत्तर प्रस्तुत किए जा सकें।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
विपक्षी दल कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह सत्र के दौरान सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरेगी। प्रमुख रूप से धान खरीदी व्यवस्था, कानून व्यवस्था की स्थिति और नई सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि कई योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रही हैं, वहीं धान खरीदी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जाएंगे।
बजट पेश होने की तैयारी
इस बजट सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन 27 फरवरी हो सकता है, जब नए वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश किए जाने की संभावना है। बजट में सरकार की प्राथमिकताओं, विकास कार्यों, सामाजिक कल्याण योजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रावधानों पर सबकी नजर रहेगी।
महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा सैलाब, हर-हर महादेव के गूंजे नारे
रायपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार की सुबह से ही छत्तीसगढ़ समेत देशभर के शिवालयों में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा है. प्रदेश के अलग-अलग शिव मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ पहुंच रही है. मंदिरों में हर-हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोष लगातार गूंज रहे हैं.
हटकेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ा जन सैलाब

राजधानी रायपुर के खारुन नदी तट पर स्थित हटकेश्वर नाथ मंदिर में सावन हो या महाशिवत्रात्रि का अवसर, दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुचंते हैं. 15 फरवरी को भी लगभग 4 बजे से भक्तों की कतार लग गई. सभी लोग जल और बेलपत्र लेकर मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं और हर-हर महादेव के नारे लगा रहे हैं.
कवर्धा के भोरमदेव मंदिर में पहुंच रहे श्रद्धालु

छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु व्रत रखकर बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
महाशिवरात्रि पर कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालु


महाशिवरात्रि पर छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में विश्व प्रशिद्ध बाबा कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सुबह 3 बजे से भक्तों का तांता लगा रहता है. मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक पूजा अर्चना किया जा रहा है. बता दें कि वनवास काल के समय माता सीता ने अपने हाथों से त्रिवेणी संगम में शिवलिंग का निर्माण की है. वहीं 15 दिनों तक चलने वाले राजिम कुम्भ कल्प का अंतिम दिन समापन हो जागेगा, महाशिवरात्रि पर लाखों की संख्या श्रद्धालु और बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी पहुंचे है.
भूतेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह


आस्था, उत्साह और उमंग के पर्व महाशिवरात्रि पर स्वयंभू शिवलिंग भगवान भूतेश्वरनाथ धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला जारी है. यह क्षेत्र गिरी (पर्वत) और जंगलों से घिरे होने के चलते पहले इसे गिरिवन कहलाता था, जो अब कालांतर में गरियाबंद के नाम से जाना जाता है. जिसके ग्राम मरोदा के सुरम्य जंगलों में शांत रूप में भगवान भूतेश्वरनाथ की विशाल शिवलिंग स्थित है, जिसे विश्व के विशालतम स्वयंभू शिवलिंग कहा जाता है. बताया जाता है कि इस शिवलिंग की ऊंचाई 72 फीट और गोलाई 210 फिट है. महाशिवरात्रि पर्व पर यहां समिति और प्रशासन की ओर से सुरक्षा की चाक–चौबंध व्यवस्था की गई है. सुबह से ही श्रद्धालु भगवान भूतेश्वरनाथ महादेव के दर्शन, पूजन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं, जो कि पूरे दिनभर जारी रहेगा.
इस मंदिर में है सवा लाख चावल दाना चढ़ाने की विशेष परंपरा

छत्तीसगढ़ के काशी खरौद (जांजगीर चांपा) में आस्था का महासंगम देखने को मिल रहा है. लक्ष्मणेश्वर मंदिर मे देर रात से भक्तों की लंबी कतार लगी है. श्रद्धालु सवा लाख छिद्रों वाले शिव लिंग पर भक्त जल और दूध अर्पित कर रहे हैं. यहां शिवलिंग पर सवा लाख चावल के दाने अर्पित करने की विशेष परंपरा है. मान्यता है कि लक्ष्मणेश्वर शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है.
महाशिवरात्रि पर बाबा धाम में CM साय ने की पूजा-अर्चना, 1.20 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास
रायपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ रायगढ़ प्रवास के दौरान देर रात एक बजे ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ एवं श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश वासियों को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला खनिज न्यास मद के अंतर्गत 1 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। प्रस्तावित कार्यों में मुख्य भवन के सामने ग्रेनाइट फर्श सहित शेड निर्माण, आगंतुकों के विश्राम एवं भोजन के लिए शेड निर्माण, शौचालय परिसर भवन का निर्माण तथा पार्किंग क्षेत्र के लिए सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण शामिल हैं। उन्होंने इन कार्यों के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोसमनारा स्थित यह धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा और आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित यह धाम वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा एवं भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा वर्ष 1998 से कठोर तपस्या में लीन हैं। वर्ष 2003 में उन्हें ‘श्री श्री 108’ की उपाधि प्राप्त हुई, जिसके बाद धाम की ख्याति और अधिक बढ़ी। बताया जाता है कि बाबा ने पत्थरों को एकत्र कर शिवलिंग का स्वरूप निर्मित किया और उसी स्थान को अपनी तपोभूमि बनाया। वर्षा, ग्रीष्म और शीत—तीनों ऋतुओं में खुले स्थान पर रहकर भगवान भोलेनाथ की साधना करना उनकी तपस्या की विशेष पहचान बन चुकी है।
इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सरपंच, गणमान्य नागरिक, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा विभाग का चौंकाने वाला आदेश: 6 माह में डीएमसी बदले, कई सवाल खड़े
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी एक आदेश ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश में अशोक कुमार कश्यप को समग्र शिक्षा मुंगेली के जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) के पद से प्रतिनियुक्ति समाप्त कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेमरी, जिला मुंगेली में अस्थायी रूप से भेजा गया है।
6 महीने पहले बने डीएमसी, अब अचानक वापसी
जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार कश्यप वर्ष 2017 से एपीसी के रूप में कार्यरत थे और महज छह महीने पहले ही उन्हें मुंगेली जिले का डीएमसी बनाया गया था। जून 2026 में उनका सेवानिवृत्ति समय भी नजदीक है। ऐसे में उनकी अचानक प्रतिनियुक्ति समाप्त कर विद्यालय भेजना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है या किसी अदृश्य दबाव का परिणाम?
आदेश में ही गड़बड़ी, मूल पद गलत लिखा गया
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आदेश में उनका “मूल पद” प्राचार्य (ई-संवर्ग) उल्लेखित किया गया, जबकि वास्तविक मूल पद अंग्रेज़ी व्याख्याता है। मंत्रालय स्तर से जारी आदेश में इस प्रकार की त्रुटि यह संकेत देती है कि फाइलों की जल्दबाज़ी में तथ्य और मूल सेवा अभिलेखों की पुष्टि नजरअंदाज की गई।
जहां भेजा गया, वहां पद ही रिक्त नहीं
सूत्रों के अनुसार, जिस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेमरी में उन्हें भेजा गया है, वहां अंग्रेज़ी व्याख्याता का पद रिक्त नहीं है। ऐसे में यह पदस्थापना व्यवहारिक रूप से लागू कैसे होगी, यह स्पष्ट नहीं। क्या यह केवल “एडजस्टमेंट” है या किसी को हटाने की प्रशासनिक कवायद?
जूनियर को मिला दायित्व, वरिष्ठ की अनदेखी
मुंगेली में डीएमसी के रूप में अब अशोक सोनी को दायित्व सौंपा गया है, जो सेवा में अशोक कश्यप से जूनियर हैं। वरिष्ठता की इस अनदेखी ने विभागीय निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
देखें आदेश

डीएमसी के रूप में अशोक सोनी को दायित्व सौंपे जाने का आदेश

प्रशासनिक आधार या दबाव?
आदेश में प्रतिनियुक्ति समाप्ति को “प्रशासनिक आधार” बताया गया है, लेकिन यह आधार क्या है—यह स्पष्ट नहीं किया गया। इस कार्रवाई का स्वरूप दंडात्मक प्रतीत होता है, विशेषकर तब जब संबंधित अधिकारी सेवानिवृत्ति के करीब हों और हाल ही में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हों। अभी यह देखना बाकी है कि शिक्षा विभाग इस पूरे प्रकरण पर कोई स्पष्टीकरण देता है या नहीं।
झरिया यादव महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मजबूत समाज से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। सामाजिक समरसता, जागरूकता और सामूहिक चिंतन के माध्यम से समाज को नई दिशा दी जा सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम खारीझरिया में आयोजित झरिया यादव महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने खारीझरिया में मंगल भवन एवं सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा की। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे महासम्मेलन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए समाज के प्रबुद्धजनों से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास कर रही है। आज प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय संचालित हैं तथा प्रदेश में मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे महत्वपूर्ण संस्थान उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान भी निरंतर स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यादव समाज की गौसेवा की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के वंशज के रूप में समाज ने सदियों से गौवंश संरक्षण और सेवा का अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए भी आगे आने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश की जनता से की गई अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। प्रथम कैबिनेट निर्णय में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिससे प्रदेश में आवास क्रांति की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है तथा होली पर्व से पूर्व अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी। वनवासी परिवारों के हित में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
11.75 करोड़ के 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में 11 करोड़ 75 लाख 94 हजार रुपये की लागत से 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 9 करोड़ 42 लाख 48 हजार रुपये की लागत के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 2 करोड़ 33 लाख 46 हजार रुपये की लागत के एक विकास कार्य का लोकार्पण शामिल है।
कार्यक्रम में झरिया यादव समाज के प्रदेशाध्यक्ष जगनिक यादव सहित समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।