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गढ़चिरौली में मुठभेड़ : 3 नक्सली ढेर, एक जवान शहीद, सर्चिंग जारी
पखांजूर। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमावर्ती क्षेत्र में गढ़चिरौली जिले के भमरागढ़ जंगलों में आज सुबह से नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ में 3 नक्सली मारे गए हैं। मुठभेड़ के दौरान C-60 बल का एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक अन्य जवान घायल है, जिसका इलाज जारी है।
सुरक्षा बलों ने मौके से 2 पुरुष और 1 महिला नक्सली के शव के साथ एसएलआर और AK-47 राइफल बरामद किया है। मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। इलाके में फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं।
ऑपरेशन के दौरान, 01 C-60 जवान, कांस्टेबल दीपक चिन्ना मडावी (38 साल) गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किए जाने के बाद भामरागढ़ के सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वह शहीद हो गए। एक और जवान कांस्टेबल जोगा मडावी (निवासी किश्तयापल्ली) को गोली लगी है। उन्हें हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ ले जाया गया। उनकी हालत स्थिर है। उन्हें आगे के इलाज के लिए गढ़चिरौली ले जाया जाएगा।
भूपेश बघेल के निवास पहुंचे कवासी लखमा, परिवारजनों से की मुलाकात, सिंहदेव और महंत से भी मिले
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और बस्तर के वरिष्ठ आदिवासी कांग्रेस नेता कवासी लखमा आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बघेल के परिवारजनों से मुलाकात की। भूपेश बघेल ने इस अवसर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की है।
बघेल ने अपने पोस्ट में लिखा है कि आज रायपुर निवास में परिवार के सदस्यों द्वारा बस्तर के जननेता और आदिवासियों की मुखर आवाज कवासी लखमा का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। छत्तीसगढ़ में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सभी एकजुट हैं। “लड़ेंगे-जीतेंगे।”

टीएस सिंहदेव से भी लखमा ने की मुलाकात
कवासी लखमा ने पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिहंदेव और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से भी मुलाकात की। सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि आज पूर्व मंत्री एवं कोंटा विधानसभा के लोकप्रिय विधायक कवासी लखमा जी से सौजन्य भेंट हुई। आदिवासी समाज के अधिकारों और बस्तर की अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

महंत ने विधानसभा सत्र की तैयारी करने की दी सलाह
चरणदास महंत ने एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा- आज पूर्वमंत्री एवं कोंटा विधानसभा जनप्रिय विधायक कवासी लखमा ने निवास पर सौजन्य भेंट की। बस्तर की आवाज कवासी लखमा को जमानत मिलने पर बधाई दी है एवं आगामी विधानसभा सत्र को लेकर विधि की राय लेकर तैयारी करने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री साय ‘ज्ञानोदय हब’ का करेंगे उद्घाटन, राजधानी के सड्डू और डूंडा में लगभग 1000 सीटों के 5 हॉस्टल भवन बनकर तैयार
रायपुर। राजधानी के सड्डू में बन रहे ‘‘ज्ञानोदय हब’’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग विकास विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे इस हब का उ्ददेश्य शिक्षा के जरिए राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मजबूत करना है। ज्ञानोदय हब के शुभारंभ से राजधानी रायपुर में अनुसूचित जाति, जनजातीय, ओबीसी और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलेगा।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने आज ज्ञानोदय हब सहित विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हॉस्टलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को कालीबाड़ी और पेंशनबाड़ा स्थित पुराने छात्रावासों के स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से लैस नया चार-चार मंजिला हॉस्टल भवन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड्डू और डूंडा में तैयार पांच हॉस्टल भवन का भी निरीक्षण किया। यहां लगभग एक हजार बच्चों को हॉस्टल में रहने के लिए सुविधाएं विकसित की गई है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि राजधानी रायपुर में बनाए जा रहे इन हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेस, एनडीए, क्लेट, नेट, स्लेट, पीटी, पीएमटी, आईआईटी, मेडिकल सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। सढ्ढू का पूरा परिसर लगभग 18 एकड़ तथा डूंडा का हॉस्टल परिसर 10 एकड़ से अधिक भूमि में विकसित किया गया है।
गौरतलब है कि नवनिर्मित हॉस्टलों में एकलव्य ड्रापर छात्रों के लिए कोचिंग हेतु 500 सीटर, ओबीसी बालक-बालिकाओं हेतु सौ-सौ सीटर, अनुसूचित जनजाति के बालिकाओं के व्यवसायिक शिक्षा, शोध एवं अन्य उच्च शिक्षा हेतु 250 सीट शामिल है। इसकी लागत 35 करोड़ 30 लाख 64 हजार रूपए है। इस मौके पर संयुक्त सचिव बी.एस. राजपुत, अपर संचालक आरएस भोई, ईई त्रिदीप चक्रवर्ती, सहायक आयुक्त शरदचन्द्र शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रिटायर्ड IPS कमलोचन कश्यप को मिली संविदा नियुक्ति, पुलिस मुख्यालय में बनाए गए OSD
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने सेवानिवृत्त IPS कमलोचन कश्यप को संविदा नियुक्ति प्रदान की है. गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कमलोचन कश्यप को पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ रायपुर में OSD (विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी) के पद पर पदस्थ किया गया है. वे हाल ही में DIG पद से रिटायर हुए थे, जिसके बाद उन्हें शासन ने नई जिम्मेदारी दी है.
यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 के नियम 4(4) के अंतर्गत की गई है. संविदा सेवा की शर्तें पृथक से जारी की जाएंगी. जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कमलोचन कश्यप को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से एक वर्ष की अवधि अथवा आगामी आदेश तक (जो भी पहले हो) संविदा नियुक्ति दी गई है.
देखें आदेश की कॉपी:

CM साय आज दो जिलों का करेंगे दौरा : दुर्ग में करेंगे महत्वपूर्ण बैठक, जगदलपुर में जनजातीय गौरव वाटिका के लोकार्पण में होंगे शामिल…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दुर्ग और जगदलपुर जिले के प्रवास पर रहेंगे. दुर्ग में महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के बाद वह जगदलपुर जिले के कुम्हडाकोट में शाम 5.25 बजे जनजातीय गौरव वाटिका के लोकार्पण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. साथ ही वह सर्किट हाउस, जगदलपुर में शासन की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद करेंगे. सीएम साय ने अपने आज के दौरे को लेकर जानकारी दी. साथ ही शनिवार को बस्तर पंडुम के शुभारंभ कार्यक्रम की मुख्य अथिति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृहमंत्री शाह के दौरे को लेकर उत्साह जताया.
दुर्ग में करेंगे महत्वपूर्ण बैठक सीएम
सीएम साय ने दुर्ग दौरे को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि वह आज दुर्ग में अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होंगे. बैठक में विकास प्राधिकरण के संबंधित जनप्रतिनिधि, मंत्री और अधिकारी मौजूद रहेंगे. इस दौरान क्षेत्र के विकास पर चर्चा की जाएगी.
राष्ट्रपति मुर्मू और केंद्रीय गृहमंत्री शाह होंगे बस्तर पंडुम में शामिल
सीएम साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल यानी शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगी. महामहिम राष्ट्रपति बस्तर पंडुम के शुभारंभ में कार्यक्रम में मुख्य अथिति के तौर पर शामिल होंगी.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे पर सीएम साय ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री शाह का दौरा बहुत महत्वपूर्ण होता है. दूसरी बार बस्तर पंडुम का आयोजन हो रहा, जिसके समापन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे. क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह दिख रहा है.
अधिवक्ताओं ने प्रभारी SDM के खिलाफ मोर्चा खोला, पूर्णकालिक एसडीएम की नियुक्ति की मांग
तखतपुर। तखतपुर अनुभाग में पदस्थ प्रभारी एसडीएम नितिन तिवारी के खिलाफ अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उन्हें प्रभारी एसडीएम पद से हटाने और तखतपुर में पूर्णकालिक एसडीएम की नियुक्ति की मांग की है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम द्वारा मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। मामलों में लेटलीतीफी के कारण अधिवक्ताओं के साथ-साथ पक्षकारों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर अधिवक्ता संघ तखतपुर ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर एसडीएम को नहीं हटाया गया और पूर्णकालिक एसडीएम की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे एसडीएम कार्यालय का बहिष्कार करेंगे।
अधिवक्ता संघ का कहना है कि न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्ध निपटारे के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया है। अब प्रशासन के निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
वहीं एसडीएम नितिन तिवारी ने सारे आरोप को निराधार बताते हुए सभी कार्य तय समय सीमा के अंदर करना बताया।
DSP कल्पना वर्मा निलंबित, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने डीएसपी कल्पना वर्मा (DSP Kalpana Verma suspend) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वे अभी दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ हैं। इस संबंध में गृह (पुलिस) विभाग ने आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार, शिकायत की प्राथमिक जांच में उनके खिलाफ वित्तीय लेनदेन, जांच में दिए गए कथनों और व्हाट्सएप चैट के तथ्यों में विरोधाभासी, कर्तव्य के दौरान अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करना, अपने पद का दुरूपयोग करना व अनुपातहीन सम्पत्ति अर्जित करने के आरोप सामने आए हैं।
यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत है। जिसे देखते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में कल्पना वर्मा का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
बता दें कि डीएसपी कल्पना वर्मा (DSP Kalpana Verma) और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन (Businessman Deepak Tandon) से जुड़े विवाद में जांच के दौरान कई गंभीर तथ्य सामने आए थे। सरकार के निर्देश पर एडिशनल एसपी स्तर पर कराई गई जांच की करीब 1475 पेज की रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी गई थी। इस रिपोर्ट में कई अहम खुलासे किए गए थे।
जांच रिपोर्ट में डीएसपी वर्मा और दीपक टंडन के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई, जिनमें पुलिस विभाग से जुड़ी संवेदनशील और खुफिया जानकारियां साझा किए जाने का उल्लेख था, जो खुफिया जानकारी लीक करने जैसे गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
वहीं अब शासन ने एक्शन लेते हुए डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया है।

लोकतंत्र की साझा विरासत पर आधारित हैं भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध: एससीओए प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में बोले बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल गुरुवार को प्राक्कलन समिति (Estimates Committee) की बैठक में दक्षिण अफ्रीका की संसद की 'विनियोग संबंधी स्थायी समिति' (SCOA) के प्रतिनिधिमंडल के साथ शामिल हुए।
बैठक में दोनों देशों के बीच विधायी निगरानी, बजटीय अनुशासन और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर गहरे विचार-विमर्श हुआ।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि लोकतंत्र की साझा विरासत पर आधारित हैं।
बैठक में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में बजट पालन और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने पर चर्चा हुई। सांसद ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्यय के वास्तविक प्रभाव को ट्रैक करने के तंत्रों पर जोर दिया।
साथ ही भारत की टाटा और महिंद्रा जैसी कंपनियों की दक्षिण अफ्रीका में मजबूत उपस्थिति का उल्लेख करते हुए श्री अग्रवाल ने नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रवासी भारतीय समुदाय (Diaspora) के योगदान पर भी चर्चा हुई, 17 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोगों को द्विपक्षीय संबंधों की आधारशिला बताते हुए, उनकी सातवीं पीढ़ी तक OCI सुविधाओं के विस्तार की चर्चा की गई। उन्होंने डायस्पोरा के आर्थिक योगदान को और सशक्त बनाने हेतु बजटीय प्रावधानों की आवश्यकता पर संवाद किया।
भारत की Direct Benefit Transfer (DBT) और पीएम-किसान जैसी योजनाओं की सफलता साझा करते हुए श्री अग्रवाल ने बताया कि कैसे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ने लीकेज को खत्म कर 100% लाभ सीधे जनता तक पहुँचाया है।
इस अवसर पर दोनों देशों की समितियों के बीच डिजिटल बजट ट्रैकिंग और वास्तविक समय की निगरानी के लिए एक संरचित विनिमय कार्यक्रम शुरू करने और G20, BRICS और IBSA के माध्यम से वैश्विक वित्तीय संरचनाओं में सुधार के लिए कार्ययोजन पर भी चर्चा हुई, जिससे विकासशील देश सतत विकास (SDG) लक्ष्य प्राप्त कर सकें।
बैठक में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और वित्तीय रिसाव (Leakage) को रोकने के लिए दक्षिण अफ्रीका में भारत के UPI और आधार जैसे डिजिटल ढांचे को अपनाने हेतु विधायी सहयोग पर भी विचार साझा किय, जिसके लिए । आउटपुट' के बजाय 'आउटकम' (परिणाम) पर केंद्रित संयुक्त तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच यह संसदीय संवाद केवल अनुभव साझा करना नहीं है, बल्कि यह भविष्य के सशक्त लोकतंत्र की नींव है। हम डिजिटल क्रांति और बजटीय पारदर्शिता के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
मुख्यमंत्री साय प्रेस क्लब रायपुर के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ-ग्रहण समारोह में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित समस्त कार्यकारिणी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। यह देश के पुराने एवं प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में से एक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी प्रेस क्लब की गरिमा और प्रतिष्ठा को और ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं। पत्रकार समाज के प्रति सजग रहते हुए साहस के साथ गरीबों, वंचितों और आमजन की आवाज को बुलंद करते हैं। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र की डबल इंजन सरकार ने सुदृढ़ रणनीति के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लगातार निर्णायक सफलता हासिल की है। बीते दो वर्षों में हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और पराक्रम के कारण नक्सलवाद आज समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा किया जाएगा, जो निश्चित रूप से शीघ्र साकार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार पत्रकार कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं। हमारी बहन-बेटियाँ भी पत्रकारिता के क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी और साहस के साथ अपनी भूमिका निभा रही हैं, जो समाज के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सदैव चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता और अधिकारों की पक्षधर रही है। गत वर्ष के बजट में पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पत्रकारों के विभिन्न समूहों को अध्ययन एवं भ्रमण के लिए देश के अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया, जिसमें महिला पत्रकार भी शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों द्वारा लौटकर साझा किए गए अनुभव अत्यंत सकारात्मक और प्रेरणादायक रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फेक न्यूज़ के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर विषय है, जिस पर विचार और समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस दिशा में पत्रकार समुदाय द्वारा सकारात्मक पहल की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि पत्रकारों के साथ राज्य सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है तथा प्रेस क्लब अध्यक्ष द्वारा रखी गई मांगों पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार समाज के अभिन्न अंग हैं। पत्रकारों द्वारा उठाए गए विषय सदैव समाजहित से जुड़े होते हैं और उनसे शासन-प्रशासन को समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर पत्रकारों के साथ है और रायपुर प्रेस क्लब के सुदृढ़ विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने भी सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी एवं प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहन तिवारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।कार्यक्रम के दौरान बसंत वीर उपाध्याय की पुस्तक “आईएएस की तैयारी और श्रीरामचरितमानस” का विमोचन भी किया गया।
इस मौके पर विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार कृष्णा दास सहित प्रशांत शर्मा, मोहित साहू, संदीप पौराणिक, अंशुमान शर्मा तथा रायपुर के अनेक वरिष्ठ पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष बनाए गए प्रभात मिश्रा, आदेश जारी…
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रभात मिश्रा को अस्थाई रूप से छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में संस्कृति विभाग ने आदेश जरी किया है। यह नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने कहा कि राजभाषा आयोग के जो उद्देश्य हैं। उन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मुझे अध्यक्ष बनाया गया है और मेरी प्राथमिकता में भी यही रहेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ में बहुत सारी बोलियाँ हैं, उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए काम किया जाएगा। राजभाषा के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है, इसके लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा।
देखिये आदेश की कॉपी-

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है- मंत्री टंक राम वर्मा
रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विमर्श के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को केवल कागज़ों तक सीमित न रखकर प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का कुलपति,कुलसचिव,महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्राध्यापक स्वयं अध्ययन करें।उन्होंने राज्य स्तर पर संचालित समितियों द्वारा नियमित समीक्षा, जिला क्लस्टर व्यवस्था, टास्क फोर्स की बैठकें तथा विश्वविद्यालय स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समावेशित कर विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, विरासत और मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। स्थानीय लोक कला और शिल्प कला को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।भारतीय ज्ञान परंपरा पर विद्यार्थियों के बीच ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर उनमें जागरूकता बढ़ाई जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। मंत्री श्री वर्मा ने भविष्य में इस प्रकार की विस्तृत एवं बहुदिवसीय कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में भारतीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अध्यक्ष अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सह संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, निदेशक आईआईटी भिलाई डॉ. राजीव प्रकाश, शिक्षाविद दिलीप केशरवानी, डॉ. नारायण गवांडकर सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता अतुल कोठारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने, क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट सिस्टम तथा टास्क फोर्स के गठन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. राजीव प्रकाश ने नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा किए। इसी तरह ओम प्रकाश शर्मा ने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला।कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
प्रधानमंत्री आवास केवल मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नींव हैं – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है।
आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।
इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं।
"प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
"प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है।
- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स से युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया।
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय, विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।
मुख्यमंत्री ने 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।
इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।
ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। आज मयाली के विकास की मजबूत नींव रखी गई है। मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। श्री साय ने कहा इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प एवं डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर, उभरेगा नया पर्यटन केंद्र
मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन के समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों के ठहराव एवं विभिन्न आयोजनों की बेहतर व्यवस्था होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का विकास किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों एवं रेलिंग का जीर्णाेद्धार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।
यह समस्त कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
संसद में गूँजी छत्तीसगढ़ की प्यास: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया 'हर घर जल' का मुद्दा
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के जनप्रिय नेता और वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को लोकसभा में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 'हर घर जल' योजना का मुद्दा उठाया श्री अग्रवाल ने न केवल योजना की प्रगति पर जवाब माँगा, बल्कि दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में जल आपूर्ति की स्थिरता और संचालन लागत जैसे व्यावहारिक विषयों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
छत्तीसगढ़ में विकास की बयार: 41 लाख से अधिक परिवारों तक पहुँचा नल-जल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल के जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमण्णा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'जल जीवन मिशन' देशभर में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
जनवरी 2026 तक देश भर में 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.79 करोड़ परिवारों को नल से जल की सीधे आपूर्ति हो रही है जो करीब 82 फीसदी से अधिक है।
छत्तीसगढ़ के कुल 49.97 लाख ग्रामीण परिवारों में से अब तक 41.01 लाख से अधिक परिवारों को उनके घर पर ही नल का कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है। यह आंकड़ा प्रदेश में स्वच्छ जीवन स्तर और महिलाओं को पानी भरने की मशक्कत से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक बड़ी क्रांति है।
बृजमोहन अग्रवाल ने योजना के तहत केवल कनेक्शन देने तक ही सीमित न रहकर, उनकी लंबी अवधि तक कार्यक्षमता (Sustainability) सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उनके हस्तक्षेप के बाद मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि, योजनाओं की निगरानी के लिए जियो-टैगिंग, तृतीय-पक्ष निरीक्षण और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल जैसे आधुनिक टूल्स का उपयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) को संचालन के लिए सशक्त बनाया जा रहा है।
15वें वित्त आयोग के सशर्त अनुदान का उपयोग अब पंपों की मरम्मत और बिजली बिलों के भुगतान के लिए किया जा सकेगा, जिससे पंचायतों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
वनवासी और दूरस्थ अंचलों के लिए सौर ऊर्जा का समाधान छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए श्री अग्रवाल ने बिजली की समस्या और उच्च लागत का मुद्दा उठाया।
जिसपर सरकार ने आश्वस्त किया है कि इन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित स्टैंड-अलोन जल आपूर्ति प्रणालियों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि बिजली की निर्भरता खत्म हो और जनजातीय परिवारों को निर्बाध पानी मिलता रहे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, "हमारा लक्ष्य केवल पाइप बिछाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक हर घर में शुद्ध पेयजल की धारा निरंतर बहती रहे। मोदी सरकार की यह प्रतिबद्धता छत्तीसगढ़ के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है।"
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, 'हर घर जल' योजना केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक क्रांति है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों का एक बड़ा समय दूर-दराज से पानी ढोने में बीत जाता था, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब घर में नल आने से बच्चों को स्कूल जाने और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है। यह योजना छत्तीसगढ़ के भविष्य को संवार रही है।
उनका कहना है कि, परिवार की महिलाएं, जो पहले मीलों पैदल चलकर पानी लाने को मजबूर थीं, अब उस कठिन श्रम से मुक्त हुई हैं। इस बचे हुए समय का उपयोग वे अपने कौशल विकास, बच्चों की परवरिश और आर्थिक गतिविधियों में कर पा रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।
धान खरीदी पर सियासत : मंत्री गुरु खुशवंत बोले – कांग्रेस ने किसानों के साथ किया छलावा, अब सवाल पूछने का हक नहीं
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों को समृद्ध व उन्नत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को धान का देश में सबसे अधिक समर्थन मूल्य दे रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो। किसानों की संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए धान खरीदी दो दिन और की जा रही है, ताकि कोई भी किसान वंचित न रहे।
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में किसानों के साथ छलावा किया, चौथी किस्त तक नहीं दी और अब उसी मुद्दे पर सवाल कर रही है। मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों से जुड़ी हुई सरकार है और किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
पूरी प्रतिबद्धता के साथ नक्सल उन्मूलन की दिशा में काम कर रही सरकार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को लेकर मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य कोई सपना नहीं है। सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ नक्सल उन्मूलन की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। कौशल विकास प्राधिकरण लगातार इस दिशा में काम कर रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन पर सरकार काम कर रही है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडूम इसके जीवंत उदाहरण हैं।
खपरी और नवागांव में NRDA की कार्रवाई पर बयान
खपरी और नवागांव में NRDA की कार्रवाई को लेकर मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि गांवों में आबादी भूमि की व्यवस्था होती है, जिसे सरपंच और कलेक्टर के माध्यम से घोषित किया जाता है। उसी भूमि पर ग्रामीणों को मकान निर्माण की अनुमति दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नजूल या शासकीय भूमि पर घर बनाना अनुचित है और निश्चित रूप से कार्रवाई से पहले नोटिस दिया गया होगा, उसके बाद ही प्रशासन ने कदम उठाया होगा।
2028 में फिर से कमल खिलने का दावा
कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग को लेकर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की ट्रेनिंग कोई नई बात नहीं है, यह पहले से होती रही है। अब जनता कांग्रेस की सच्चाई जान चुकी है। उन्होंने दावा किया कि 2028 में फिर से कमल खिलेगा और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में भ्रष्टाचार का आरोप : कांग्रेस ने उठाए सवाल, सुबोध ने कहा –
रायपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल ने प्रेसवार्ता में दावा किया कि इस योजना के तहत होने वाले आयोजन में भ्रष्टाचार किया गया है और बिना नियमों के करोड़ों रुपये का काम कराया जा रहा है।
सुबोध हरितवाल ने कहा कि 10 फरवरी को साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भारी अनियमितताएं सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आयोजन के लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जबकि नियमानुसार CSIDC के माध्यम से कंपनियों से निविदा आमंत्रित की जाती है। उन्होंने कहा कि 4 फरवरी को सिर्फ 5 कंपनियों को आमंत्रित किया गया और उन्हें 24 घंटे के भीतर डिजाइन प्रेजेंटेशन के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया। सुबोध हरितवाल ने सवाल उठाया कि ऐसा कौन-सा डिजाइन और लेआउट है, जो पहले से ही पास हो चुका है।
सुबोध ने कहा – जंबूरी जैसा हो रहा भ्रष्टाचार
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बिना टेंडर के साइंस कॉलेज मैदान में काम शुरू हो चुका है, जबकि इस आयोजन पर 5 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी आयोजन में 4–5 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं और निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई तो यह स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार है। सुबोध ने इसे “जंबूरी भ्रष्टाचार 2.0” करार देते हुए कहा कि जैसे जंबूरी मामले में अनियमितताएं सामने आई थी, वैसे ही इस मामले में भी गड़बड़ी हुई है।
मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि साइंस कॉलेज मैदान प्रशासन की ओर से वर्क ऑर्डर पर मिलता है, ऐसे में क्या इसे पहले ही वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में महिला एवं बाल विकास मंत्री के विभाग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और कहा कि विभाग की संलिप्तता के बिना ऐसा संभव नहीं है। कांग्रेस ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।