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सुपेला थाना के पीछे स्थापित होगी थोक सब्जी मंडी, आकाशगंगा थोक सब्जी मंडी में खत्म होगी भीड़ की समस्या…
भिलाईनगर। आकाशगंगा सुपेला थोक सब्जी मंडी में अधिक भीड़ होने के चलते अव्यवस्था बनी रहती है. स्थिति को देखते हुए सुपेला थाना के पीछे लगभग 35 करोड रुपए की लागत से थोक सब्जी मंडी स्थापित करने का फैसला लिया गया है. इसके लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है.
आकाशगंगा सुपेला थोक सब्जी मंडी में भारी वाहन के आवागमन के दौरान हमेशा सड़क दुर्घटना होने की आशंका भी बनी रहती है. इसे देखते हुए सुपेला पुलिस थाना के पीछे लगभग 11 एकड़ भूमि में थोक सब्जी मंडी का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है.
उक्त क्षेत्र में व्यवस्था बनाए जाने के लिए कोसा नाला के समानांतर एक सड़क का निर्माण एवं हरियाली के लिए पेड पौधे भी रोपित किया जा रहे हैं. वहीं महापौर परिषद से उक्त प्रस्ताव को स्वीकृत भी करा लिया है.
भारी गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था : अन्य प्रदेशों से सब्जी एवं फल लेकर आने वाले भारी वाहन के पार्किंग एवं लोडिंग अनलोडिंग के लिए सुव्यवस्थित स्थल निर्माण किया जा रहा है जहां भारी ट्रक खड़ी रहेगी. उनके आवागमन के लिए सुव्यवस्थित सड़क निर्माण होगा, यहां किसी तरह का कोई ट्रैफिक दबाव नहीं रहेगा.
दुकानों के बीच से निकलेगी सड़क : आवागमन के लिए काफी चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा. दुकान तथा गोदाम काफी बड़े बनाए जा रहे हैं. जहां माल रखने से लेकर ट्रांसपोर्टिंग तक बेहतर सुविधा होगी. नेशनल हाइवे में होने के कारण माल लाने ले जाने में भी काफी सुविधा टकानदारों को होगी.
6 करोड़ का एस्ट्रोटर्फ और 7 करोड़ का ट्रैक अटका: PWD की लापरवाही से राजनांदगांव में खेल विकास ठप
राजनांदगांव। लोक निर्माण विभाग में चल रहीं अफसरशाही अब जिले में भारी पड़ने लगी है. अफसरों की उदासीनता और निरंकुशता के चलते हॉकी की नर्सरी एस्ट्रोटर्फ की समस्या से जूझ रही है. राशि स्वीकृत हुए छह महीने बीत गए हैं, लेकिन आज पर्यंत टेंडर नहीं लग पाया है. कमोबेश यही हाल बजरंगपुर नवागांव में प्रस्तावित सिथटेक्स एथलेटिक्स ट्रेक का भी होकर रह गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, गौरवपथ के किनारे बनाए गए अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैदान में लगाया गया एस्ट्रोटर्फ तकरीबन 15 साल पुराना हो गया है. इस एस्ट्रोटर्फ को बदलने के लिए राज्य शासन द्वारा तकरीबन 6 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है. यह स्वीकृति हुए 6 महीने से अधिक समय बीत चुका है.
इन 6 महीनों में राजनांदगांव का लोक निर्माण विभाग एस्ट्रोटर्फ का नया टेंडर नहीं लगा पाया है, जिसके कारण देश की प्राचीनतम प्रतियोगिताओं में से एक महंत सर्वेश्वरदास हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन में बाधा बनी हुई है. इस प्रतियोगिता का आयोजन विगत तीन वर्षों से नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण हॉकी की नर्सरी के खिलाड़ी आयोजन से दूर होते चले जा रहे हैं.
नाराज खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों ने लोक निर्माण विभाग की गतिविधियों को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जताई है. इसी तरह खेल के लिए ही एस्ट्रोटर्फ के पहले सिंथटेक्सि एथलेटिक्स ट्रेक की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा की गई थी. तकरीबन इस स्वीकृति को एक साल होने जा रहे हैं. 7 करोड़ के आसपास राशि की स्वीकृति की गई थी.
लंबे अरसे बाद बजरंगपुर नवागांव के स्टेडियम में ट्रैक बनाने का प्रस्ताव पास किया गया लेकिन यहां भी पीडब्ल्यूडी अफसरों की लालफीताशाही भारी पड़ी और एक साल में टेंडर भी नहीं लगाया जा सका है. इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदारी किसकी है, यह भी तय नहीं हो पाया है.
होली पर अंबेडकर अस्पताल में 24 घंटे जारी रहेगी इमरजेंसी सेवा
रायपुर। होली त्योहार के मद्देनज़र अंबेडकर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा पैरामेडिकल स्टाफ सहित सभी विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। होली के दौरान संभावित दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए अधीक्षक डॉ. सोनकर द्वारा आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध संचालन के विशेष निर्देश दिए गए हैं।
होली त्योहार के दिन 4 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण अस्पताल में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) का संचालन नहीं होगा। हालांकि, इमरजेंसी सेवा पूर्व की भांति 24 घंटे निरंतर जारी रहेगी। आपात चिकित्सा विभाग में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी वार्डों में जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा समस्त मेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
त्योहार को देखते हुए अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। आवश्यकतानुसार मरीजों को डीकेएस अस्पताल स्थित सुपर स्पेश्यलिटी विभाग में रेफर किए जाने के लिए अम्बेडकर अस्पताल से डीकेएस अस्पताल तक एम्बुलेंस परिवहन सेवा उपलब्ध रहेगी।
अस्पताल प्रबंधन ने सभी लोगों से सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक होली मनाने की अपील की है तथा किसी भी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में अम्बेडकर अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में आकर उपचार प्राप्त करने को कहा है।
चैत्र नवरात्रि मेला 2026 : माँ बम्लेश्वरी मंदिर में तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस, कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश
डोंगरगढ़। माँ बम्लेश्वरी मंदिर में 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में श्रद्धालुओं और पदयात्रियों की सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तय की गई। बैठक में विधायक हर्षिता बघेल और पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुविधा के लिए पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई और यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और व्यवस्थित पार्किंग पर विशेष जोर दिया गया। अंजोरा से अछोली तक सेवा पंडाल लगाने, जहां श्रद्धालुओं को विश्राम, चाय-नाश्ता और भोजन की सुविधा उपलब्ध हो, इसके निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सा विभाग को ओआरएस घोल, आवश्यक दवाइयों और मरहम-पट्टी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। मंदिर के ऊपर और नीचे डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। पदयात्रियों के पैरों में छाले जैसी समस्याओं को देखते हुए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था विशेष रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था के मद्देनजर मेला स्थल और मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी, साथ ही क्विक रिस्पांस टीम भी सक्रिय रहेगी। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में संकेतक, रेडियम पट्टी और अस्थायी गति अवरोधक लगाए जाएंगे। असामाजिक तत्वों पर सख्त नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रोपवे के फिटनेस सर्टिफिकेट और मेंटेनेंस की समीक्षा की गई तथा ट्रस्ट से आवश्यक जानकारी ली गई। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिष्ठान्न और अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। डोंगरगढ़ को प्लास्टिक मुक्त रखने और मंदिर परिसर व सीढ़ियों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। मेले की संपूर्ण व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आस्था के इस महापर्व में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” मुख्यमंत्री हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” एवं “महामूर्ख सम्मेलन 2026” में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को सुदृढ़ करने का पावन अवसर भी है। यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन और गिले-शिकवे भुलाकर नए सिरे से संबंधों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब में पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की एक गौरवशाली परंपरा रही है। रायपुर प्रेस क्लब वर्षों से होली मिलन और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का कार्य कर रहा है, यह परंपरा आगे भी निरंतर जारी रहनी चाहिए। उन्होंने प्रेस क्लब परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कामना की कि यह उल्लासपूर्ण पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता लेकर आए।

इस दौरान रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री साय का अनूठे अंदाज में मिर्ची की माला पहनाकर तथा त्रिशूलनुमा पिचकारी भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के होली विशेषांक ‘नानसेंस टाइम्स’ का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बजाया नगाड़ा, रंगों के उल्लास में झूमे पत्रकार
होली मिलन समारोह में उमंग का तब अनोखा वातावरण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं नगाड़ा बजाकर उत्सव का जोश दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री के नगाड़ा बजाते ही समारोह में उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों ने तालियों से उत्साह व्यक्त किया और पूरे परिसर में आनंद की लहर दौड़ गई। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर मुख्यमंत्री भी पत्रकार साथियों के साथ फाग गीतों और होली के उल्लास में सहभागी बने। कार्यक्रम में संगीत, संस्कृति और आपसी भाईचारे का सुंदर संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार आर कृष्णा दास, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित अन्य पत्रकारगण, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मंत्री लखनलाल देवांगन कनबेरी में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में 21.35 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की रखी गई आधारशिला
रायपुर। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कोरबा जिले के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से 21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। ग्राम कनबेरी में श्री अग्रसेन गौसेवा समिति के पास आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना से न केवल सड़क कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि दूरस्थ जनजातीय समुदायों के सामाजिक विकास, आर्थिक भागीदारी और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है। यह पहल पीवीटीजी समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि आज ग्राम में मुख्यमंत्री गौरव पथ का निर्माण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। इन सभी कार्यों से दूरस्थ क्षेत्र के आवागमन को अभूतपूर्व गति मिलेगी। सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण से वर्षा ऋतु में ग्रामीण अंचल का किसी भी प्रकार का संपर्क बाधित नहीं होगा।
मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी योजनाएँ बनाते हैं, ताकि प्रत्येक हितग्राही तक अधिकतम लाभ पहुँच सके। यही कारण है कि आज प्रत्येक योजना का लाभ पात्र लोगों तक निर्बाध रूप से पहुँच रहा है।
कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य सरकार समग्र और समान विकास की नीति पर कार्य कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से अब कोई भी क्षेत्र विकास से वंचित नहीं रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जनमन योजना और मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के अंतर्गत कुल 21.35 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि से आठ वृहद पुलों तथा सड़क निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 20.92 करोड़ रुपये की लागत से कई महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण शामिल है। ये पुल रामपुर विधानसभा के कोरबा विकासखण्ड के लेमरू-देवपहरी मार्ग, डोकरमना मेन रोड, बगबुड़ा रोड, बताती-बांसाखार मार्ग और पतरापाली-धानकछार मार्ग पर स्थित गौमुखी, चिंगराडांड, गड़गड़ा, कोटगसरा और पेंसारी नाला जैसे स्थलों पर निर्मित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पाली- तानाखार विधानसभा के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग से बहरीझरिया मार्ग के कोठीझुंझा नाला पर 278.72 लाख रुपये की लागत से एक वृहद पुल के निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के अंतर्गत कटघोरा विकासखण्ड में पंचराम घर से हीरालाल घर तक 500 मीटर लंबी सीसी सड़क और नाली निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिसकी स्वीकृत राशि 42.95 लाख रुपये निर्धारित है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर जिले के वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और अधिक सुगम होगा तथा विशेष रूप से वर्षा ऋतु में आने वाली संपर्क संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।
कार्यक्रम में कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत सदस्य विनोद यादव, जनपद सदस्य अमृत लाल कंवर, सरपंच शत्रुघन सिंह, पार्षद नरेंद्र देवांगन, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, अग्रसेन गौसेवा समिति कोरबा के अध्यक्ष जयंत अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
धरसींवा में होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में विधायक अनुज शर्मा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए और क्षेत्रवासियों के साथ होली की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर विधायक अनुज शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थितजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का पर्व है। यह हमें मन-मुटाव भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि होलिका बुराई का प्रतीक है, जिसका दहन कर हमें जीवन में अच्छाई, सकारात्मकता और खुशहाली को अपनाना है तथा सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 4 मार्च को होली का पर्व है और इसका उत्साह अभी से दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिससे किसानों में विशेष उत्साह है और इस बार प्रदेश में होली का पर्व और अधिक उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि होली सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का अवसर भी है, जो समाज में आत्मीयता और विश्वास को मजबूत करता है।
विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के खातों में सहायता राशि अंतरित किए जाने से किसानों में खुशी का माहौल है और वे इस वर्ष होली का त्योहार अधिक आनंद और उत्साह के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक फाग गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया, जिससे पूरा परिसर होली के रंग में सराबोर हो गया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी क्षेत्रवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।
राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना परीक्षा दो मई को, जानिए आवेदन की अंतिम तिथि समेत पूरी डिटेल…
रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) 2025-26 की परीक्षा 02 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से कक्षा 8 वीं में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययन के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रतिमाह एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। विद्यार्थी ऑफलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 मार्च निर्धारित की गई है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पात्रता के अनुसार राज्य शासन द्वारा संचालित शासकीय, शासकीय अनुदान प्राप्त एवं स्थानीय निकाय के विद्यालयों में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत वे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कक्षा 7 वीं में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक (एससी/एसटी वर्ग के लिए 5 प्रतिशत की छूट) के साथ उत्तीर्ण किया हो तथा जिनके माता-पिता अथवा पालक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 3.50 लाख रुपये से अधिक न हो। केंद्रीय, नवोदय, निजी एवं आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) 2025-26 परीक्षा के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप एवं परीक्षा केंद्रों की सूची सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं 145 परीक्षा केंद्राध्यक्षों को प्रेषित की जा चुकी है। विस्तृत जानकारी मंडल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर पुष्पा साहू ने आशा व्यक्त की है कि अधिक से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होकर केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ उठाएंगे।
होली पर अलर्ट मोड में बस्तर पुलिस : शहर में 400 जवान तैनात, ड्रोन-CCTV कैमरों से निगरानी, फ्लैग मार्च के जरिए शांति का दिया संदेश
जगदलपुर। रंगों के त्योहार होली को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से मनाने के लिए बस्तर पुलिस ने पूरी तरह कमर कस ली है। इस वर्ष 2 तारीख की रात को होलिका दहन किया जाएगा, जबकि 3 और 4 तारीख को होली खेली जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर और ग्रामीण इलाकों में करीब 400 जवानों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ब्लैक पैंथर दस्ते द्वारा मोटरसाइकिल से गश्त की जाएगी। वहीं पेट्रोलिंग वाहन लगातार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्चिंग करेंगे। पुलिस ने साफ निर्देश दिए हैं कि नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। ब्रिथ एनालाइजर टेस्ट में शराब सेवन की पुष्टि होने पर वाहन जब्त किया जाएगा और तीन दिन तक छोड़ा नहीं जाएगा। इसके साथ ही शहर में रंगों की दुकानों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। मास्क की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। सार्वजनिक सुरक्षा के मद्देनजर शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। होलिका दहन को लेकर माड़पाल क्षेत्र में भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है।
शहर में निकाला गया फ्लैग मार्च
कोतवाली थाना से सभी थानों के थाना प्रभारी, सुरक्षा कर्मी, सीएसपी, एसडीओपी, डीएसपी और एएसपी की मौजूदगी में लगभग 400 जवानों ने जगदलपुर शहर में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के जरिए आमजन को यह संदेश दिया गया कि होली को आपसी सौहार्द्र और शांति के साथ मनाएं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या असामाजिक तत्वों की हरकत सामने आने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भिलाई स्टील प्लांट पर वादाखिलाफी का आरोप, नारायणपुर में ट्रक मालिकों का चक्काजाम, घंटों थमा आवागमन…
नारायणपुर। जिले में आज खनन गतिविधियों और प्रशासनिक प्रतिबंधों के खिलाफ ट्रक मालिकों एवं जनप्रतिनिधियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया. भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए ट्रक यूनियन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया. इस अचानक प्रदर्शन से नारायणपुर – अंतागढ़ मुख्य मार्ग पर घंटों आवागमन बाधित रहा और यात्री बसें व अन्य वाहन जाम में फंसे रहे.
दरअसल, नारायणपुर जिले के खोड़गांव–अंजरेल क्षेत्र में बीएसपी की लौह अयस्क खदान संचालित है. खदान से निकाले गए लौह अयस्क को ट्रकों के माध्यम से नारायणपुर से अंतागढ़ तक ले जाया जाता है, जिसकी दूरी लगभग 50 किलोमीटर है. ट्रक मालिकों का कहना है कि मार्ग सिंगल लेन होने के कारण प्रशासन ने इस रास्ते पर माइंस से जुड़ी भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है.
प्रतिबंध के चलते ट्रकों को कोंडागांव होकर लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है, जिससे दूरी बढ़कर लगभग 250 किलोमीटर हो जाती है. इससे डीजल, समय और श्रम—तीनों का खर्च कई गुना बढ़ गया है.
प्रदर्शन कर रहे ट्रक संचालकों ने बताया कि नारायणपुर शहर से दिन के समय ट्रकों के गुजरने पर प्रतिबंध है और केवल रात में ही आवाजाही की अनुमति दी गई है. ऐसे में ड्राइवरों को दिनभर इंतजार करना पड़ता है और रात में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. वहीं नारायणपुर से कोंडागांव तक NH130D का निर्माण कार्य जारी है. अधूरी सड़क, उड़ती धूल और सीमित दृश्यता के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
ट्रक चालकों का कहना है कि धूल के गुबार में सड़क दिखाई नहीं देती, जिससे कई बार वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और घंटों जाम की स्थिति बन जाती है.बताया जा रहा है कि बीएसपी माइंस से जुड़े लगभग 250 ट्रक और निको से जुड़े करीब 600 ट्रक प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं. इतने बड़े पैमाने पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जाम और अव्यवस्था आम बात हो गई है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि या तो प्रतिबंध हटाए जाएं या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
प्रदर्शन के दौरान जनप्रतिनिधियों ने एक और अहम मुद्दा उठाया. उनका कहना है कि बीएसपी की खदान नारायणपुर जिले में संचालित है, लेकिन जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि दूसरे जिले कांकेर को जा रही है. जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि इससे नारायणपुर जिले के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. बीएसपी के गोद ग्रामों में अब भी मूलभूत सुविधाओं—सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा—का अभाव है. यदि डीएमएफ की राशि नारायणपुर को मिले, तो क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण संभव हो सकेगा.
होली पर सख्ती : पुलिस ने जब्त की 300 डरावने मुखौटे, व्यापारियों को दी चेतावनी
कांकेर/जांजगीर। रंगों का पर्व होली के लिए बाजार पूरी तरह सजकर तैयार हो गया है। शहर के गोल बाजार सहित मुख्य मार्गों, मोहल्लों और गलियों में रंग-गुलाल, पिचकारी और होली से जुड़े अन्य सामानों की अस्थायी दुकानें सज गई है। सुबह से लेकर देर रात तक इन दुकानों में खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है। वहीं मुखौटा बेचने पर जांजगीर में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।
होली को लेकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजारों में विभिन्न रंगों के गुलाल, हर्बल रंग, अबीर, मुखौटे और आकर्षक पिचकारियां उपलब्ध हैं। इस बार बाजार में पारंपरिक पिचकारियों के साथ-साथ हथौड़ी, तलवार, आर्मी गन, मथानी, बॉर्डर टैंक सहित कई नए डिजाइन की पिचकारियां बच्चों को आकर्षित कर रही है।
दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की मांग को देखते हुए पर्याप्त स्टॉक मंगाया है। खासकर बच्चों के लिए कार्टून और आधुनिक डिजाइन वाली पिचकारियां अधिक पसंद की जा रही है। महिलाएं भी घरों में होली की तैयारियों के लिए रंग-गुलाल और पूजन सामग्री की खरीदारी कर रही हैं। वहीं युवाओं में हर्बल और प्राकृतिक रंगों की मांग बढ़ी है, जिससे त्वचा को नुकसान न पहुंचे। कुल मिलाकर कांकेर शहर में होली को लेकर उत्साह का माहौल है और बाजारों की रौनक इस पर्व की आहट साफ तौर पर दिखा रही है।
300 नग डरावने और भ्रामक मुखौटे जब्त
होली पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जांजगीर पुलिस ने विशेष अभियान के तहत क्षेत्र की विभिन्न दुकानों की जांच कर लगभग 300 नग डरावने एवं भ्रामक मुखौटे जब्त किए। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में जिले से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जांजगीर चांपा पुलिस असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। होली त्यौहारों में कुछ असामाजिक तत्व मुखौटों का उपयोग कर पहचान छिपाकर हुड़दंग, मारपीट या अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए एहतियातन कार्रवाई की गई है।
तुरंत पुलिस को दें संदिग्ध गतिविधि की सूचना
थाना प्रभारी बलौदा निरीक्षक मनोहर सिन्हा ने व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि होली पर्व के दौरान डरावने, आपत्तिजनक या कानून- व्यवस्था प्रभावित करने वाले मुखौटे एवं सामान की बिक्री न करें। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे शांति, सौहार्द एवं भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। त्योहार को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस द्वारा लगातार पेट्रोलिंग एवं निगरानी की जा रही है।
प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर कड़ी कार्रवाई : पर्यावरण मंडल ने 15 उद्योगों के उत्पादन पर लगाया रोक, 9.22 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति वसूली
रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की नियमित एवं सतत निगरानी की जा रही है। 10 से 25 फरवरी 2026 की अवधि में किए गए नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षणों में विभिन्न उद्योगों में वायु और जल प्रदूषण संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मंडल ने कड़ी वैधानिक कार्रवाई की। मंडल ने 15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की है।
स्पंज आयरन उद्योग पर कार्रवाई
ग्राम चरौदा, तहसील एवं जिला रायपुर स्थित स्पंज आयरन उद्योग मे० पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-इंडियन स्टील एंड पॉवर प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
मेटल पार्क, रावांभाठा में 11 इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जिनमें मेटल पार्क, रावांभाठा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 09 स्लैग क्रशर, 01 बाइंडिंग वायर इकाई एवं 01 स्टील फर्नीचर इकाई बिना मंडल की वैध सम्मति एवं प्रदूषण की स्थिति में संचालित पाई गईं। इन कुल 11 इकाईयों के विरुद्ध वायु अधिनियम 1981 की धारा 31(क) एवं जल अधिनियम 1974 की धारा 33(क) के तहत उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
सिलतरा और उरला क्षेत्र में कार्रवाई
सिलतरा स्थित इंडक्शन फर्नेस उद्योग मे० एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर 19 फरवरी 2026 को उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी किए गए। इसी प्रकार उरला-गोंदवारा स्थित इंडक्शन फर्नेस एवं सीसीएम उद्योग मे० छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड में वायु प्रदूषण पाए जाने पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा कार्रवाई के अतिरिक्त निमयों का उल्लंघन अवधि के लिए नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपण की भी कार्रवाई की गई है। इस अवधि में कुल 03 उद्योगों पर कुल 9 लाख 22 रूपए की क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। मंडल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई पूर्णतः पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए की गई है। संबंधित उद्योगों को निर्देशित किया गया है कि जब तक वे पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण निरंतर जारी रहेगी तथा किसी भी उद्योग से प्रदूषक उत्सर्जन अथवा दूषित जल निस्सारण पाए जाने पर वायु एवं जल अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी वासियों को ट्रैफिक जाम से राहत देने पुलिस का नया प्लान, इन मार्गों पर मालवाहक वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों को राहत देने के लिए पुलिस ने नया ट्रैफिक प्लान लागू किया है. रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में मालवाहक वाहनों की वजह से सड़कों पर जाम की स्थिति लगातार बन रही थी. खासकर रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अब भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक प्रतिबंध लगाया गया है. वहीं हल्के मालवाहक वाहनों पर शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक (चार घंटे) की रोक रहेगी. यह व्यवस्था रायपुर रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर लागू रहेगी. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस नए ट्रैफिक प्रबंधन से स्टेशन क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और यात्रियों की आवाजाही सुगम बनेगी.
जानकारी के मुताबिक, तेलघानी नाका चौक, गंज मंडी , भैंसथान जैसे शहर के भारी ट्रैफिक वाले इलाकों में करीब 300 से अधिक गोदाम संचालित हैं. जहां से सामानों को लोडिंग-अनलोडिंग के लिए हल्के मालवाहक वाहनों से जाम की स्थिति बन जाती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्टेशन क्षेत्र के आसपास परच्यून गोदाम संचालकों को शहर के बाहर स्थान तय कर विस्थापित किए जाने की जररूत महसूस की जा रही है. विस्थापित न होने तक सुचारू ट्रैफिक के लिए रायपुर कमिश्नर डॉ. संजिव शुक्ला ने प्रमुख मार्गों पर मालवाहक वाहनों पर 4 घंटों के लिए बैन कर दिया है.
इन मार्गों पर हल्के वाहनों के आवागमन पर लगा प्रतिबंध
01. अग्रसेन चौक से भैंसथान मार्ग – तेलघानी नाका चौक.
02. राठौर चौक से तेलघानी नाका चौक .
03. फाफाडीह चौक- स्टेशन चौक- तेलघानी नाका चौक .
04. चुना भट्टी से गुढ़ियारी अंडर ब्रिज नर्मदा पारा होकर स्टेशन चौक निकास गेट तक.
05. कर्मा चौक रामनगर से रामनगर ब्रिज एवं अंडर ब्रिज होकर तेलघानी नाका चौक.
06. नहरपारा संजय गांधी चौक से स्टेशन गुरुद्वारा की ओर.
झेरिया धोबी समाज के वार्षिक अधिवेशन में सांसद बृजमोहन अग्रवाल शामिल, संगठन की एकता और सेवा भावना की सराहना
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ग्राम धुसेरा में आयोजित छत्तीसगढ़ झेरिया धोबी समाज, अभनपुर बेलर परिक्षेत्र के वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों एवं युवाओं से संवाद कर संगठन की गतिविधियों की सराहना की।
अपने संबोधन में सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि झेरिया धोबी समाज हमारी परंपरा, परिश्रम और सामाजिक समरसता का सशक्त प्रतीक रहा है। वर्षों से सेवा, स्वच्छता और अनुशासन को अपना धर्म मानकर इस समाज ने सामाजिक जीवन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसके संस्कार, संगठन और सेवा भावना से होती है, और झेरिया धोबी समाज इन मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि आज बड़े-बड़े कॉर्पोरेट समूह लॉन्ड्री और ड्राई-क्लीनिंग जैसे व्यवसाय को आधुनिक तकनीक और ब्रांडिंग के माध्यम से संगठित उद्योग का रूप दे रहे हैं। यह वही कार्य है, जो वर्षों से हमारा समाज परंपरागत रूप से करता आया है। लेकिन चिंता का विषय है कि समाज के कई युवा पुस्तैनी व्यवसाय से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय पीछे हटने का नहीं, बल्कि अपने परंपरागत कार्य को आधुनिक स्वरूप देकर आगे बढ़ाने का है।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्व-सहायता समूह (Self Help Group) और सहकारी मॉडल के माध्यम से समाज के युवा अपने पुस्तैनी कार्य को नया आयाम दे सकते हैं। आधुनिक मशीनों, डिजिटल भुगतान व्यवस्था, ऑनलाइन बुकिंग, यूनिफॉर्म ब्रांडिंग और प्रोफेशनल मैनेजमेंट के जरिए लॉन्ड्री व्यवसाय को संगठित और लाभकारी बनाया जा सकता है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि समाज आर्थिक रूप से सशक्त भी होगा।

उन्होंने समाज से आह्वान किया कि सभी सदस्य एकजुट होकर गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद बेटियों के विवाह और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के उपचार में सहयोग की सुदृढ़ व्यवस्था करें। सामूहिक सहयोग और संगठनात्मक शक्ति से ही समाज का समग्र विकास संभव है।

विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि वे आगे बढ़कर समाज के कार्यों को गति दें, संगठन को मजबूत बनाएं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें। युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और प्रतिबद्धता ही किसी भी समाज के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा और कौशल के माध्यम से स्वयं को सशक्त बनाएं तथा समाज सेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण लक्ष्य बनाएं।
कार्यक्रम के अंत में बृजमोहन अग्रवाल ने समाज की निरंतर प्रगति, एकता एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की कामना करते हुए हर संभव सहयोग का विश्वास देते हुए सांसद निधि से समाज के भवन के लिए 5 लाख रुपए तथा विकास कार्यों के लिए 5 लाख रूपए देने की घोषणा की।
जल विहार कॉलोनी विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, आवासीय इलाके में कमर्शियल निर्माण पर सख्ती, अगली सुनवाई अब 12 मार्च को
रायपुर। जल विहार कॉलोनी में आवासीय क्षेत्र के भीतर कमर्शियल गतिविधियों को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। कॉलोनीवासियों द्वारा लगातार विरोध और शिकायतों के बाद मामला हाई कोर्ट में पहुंचा, जहां कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके की वस्तुस्थिति जानने के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर दिया है। कमिश्नर को निर्देश दिया गया है कि वे स्थल का निरीक्षण कर विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करें।
मामले के अनुसार, जल विहार कॉलोनी मूल रूप से एक आवासीय क्षेत्र है, जहां शांतिपूर्ण वातावरण और पारिवारिक जीवन को ध्यान में रखते हुए प्लॉट आवंटित किए गए थे। लेकिन पिछले कुछ समय से यहां दुकानों, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन की गतिविधियां शुरू हो गईं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि बिना विधिवत अनुमति के कमर्शियल निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र की मूल प्रकृति प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यावसायिक गतिविधियों के चलते कॉलोनी में भीड़भाड़ बढ़ गई है, बाहरी लोगों की आवाजाही तेज हो गई है और पार्किंग की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। इसके साथ ही दारूबाजी और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी ने निवासियों की परेशानी और बढ़ा दी है। आरोप है कि आए दिन कॉलोनी की सड़कों पर खुलेआम शराब पी जाती है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को असुरक्षा का एहसास होता है।
विवाद का एक अन्य पहलू कॉलोनी के गार्डन से जुड़ा हुआ है। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि गार्डन की जमीन एक निजी कंपनी को देने की कोशिश की गई। इस निर्णय का कॉलोनीवासियों ने जोरदार विरोध किया था। प्रदर्शन के बाद गार्डन से झूले हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई थी, जिससे लोगों में और आक्रोश फैल गया।
निवासियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों और कॉलोनी की मूल आवासीय पहचान को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका तर्क है कि यदि आवासीय क्षेत्र में अनियंत्रित तरीके से कमर्शियल गतिविधियों को अनुमति दी गई तो भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं।
हाई कोर्ट ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति की है, जो मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जानकारी देंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को निर्धारित की गई है। अब सभी की निगाहें कोर्ट की अगली सुनवाई और कमिश्नर की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि जल विहार कॉलोनी में कमर्शियल निर्माण और गतिविधियों पर क्या निर्णय लिया जाएगा।
धान की अंतर राशि पर सियासी घमासान: कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, मंत्री टंकराम वर्मा का तीखा पलटवार
रायपुर। धान की अंतर राशि को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी जारी है। कांग्रेस ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की है, वहीं भाजपा नेताओं ने सरकार पर भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है। मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना और धान के अंतर की राशि सभी पात्र हितग्राहियों को दी जा रही है।
मंत्री वर्मा ने कहा कि होली से पहले ही किसानों और महिलाओं के खातों में राशि पहुंचा दी गई है। सभी को सरकार का धन्यवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। इधर रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने इस मुद्दे को लेकर विरोध जताया है और होली नहीं मनाने का निर्णय लिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टंक राम वर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सोच देश और संस्कृति के खिलाफ है। अगर कांग्रेस की चले तो ना होली मनाई जाएगी, ना गणेश पूजा और ना दुर्गा पूजा। कांग्रेस भारत की सभ्यता और संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रही है और हिंदू त्योहारों को बंद करना चाहती है।
कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर का भी किया था विरोध
मंत्री टंकराम वर्मा ने आगे कहा कि कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर का भी विरोध किया था। सनातन समाज के संघर्ष से मंदिर का निर्माण संभव हुआ। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राम मंदिर का सपना साकार हुआ।
राज्यसभा सीट के लिए गौरीशंकर अग्रवाल को उम्मीदवार बनाने की मांग, अग्रवाल समाज ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल के नेतृत्व में अग्रवाल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की रिक्त होने वाली सीट के लिए समाज के वरिष्ठ नेता गौरीशंकर अग्रवाल को भारतीय जनता पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने का अनुरोध करना था।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि गौरीशंकर अग्रवाल छत्तीसगढ़ के विख्यात भाजपा नेता, कसडोल विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक तथा छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता होने के साथ-साथ राज्य के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं।
प्रतिनिधियों ने कहा कि अग्रवाल समाज राज्य की एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं आर्थिक शक्ति है। ऐसे में यदि गौरीशंकर अग्रवाल को राज्यसभा भेजा जाता है, तो वे समाज की आवाज को मजबूती से उठाने के साथ जातीय समरसता और समावेशी विकास को बढ़ावा देंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए पैनल में गौरीशंकर अग्रवाल के नाम को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना था कि इससे समाज के विभिन्न वर्गों में उत्साह और विश्वास का वातावरण बनेगा तथा भाजपा की संगठनात्मक स्थिति और सुदृढ़ होगी।
मुलाकात में डॉ. अशोक अग्रवाल, दीनदयाल गोयल, सत्यनारायण सिंघानिया, संजय जैन, डॉ. मोहनलाल अग्रवाल, डॉ. अनीता अग्रवाल, राधेश्याम बंका, हरिकेश पालीवाल, रघुवीर प्रसाद अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, अमित पालीवाल, पुरुषोत्तम सिंघानिया, शिव सिंघानिया और गोविंद अग्रवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित विचार-विमर्श का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उनका नाम पैनल में आगे बढ़ाया जा चुका है, जो भी निर्णय होगा पार्टी हाईकमान से ही होगा। अग्रवाल समाज छत्तीसगढ़ के सभी सदस्यों की ओर से इस मुलाकात के लिए दीनदयाल गोयल ने मुख्यमंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद है कि यह प्रयास सकारात्मक परिणाम लाएगा।