प्रदेश
IGKV पेपर लीक के बाद परीक्षा व्यवस्था में बदलाव, 7 से 9 सितंबर तक होंगी स्थगित परीक्षाएं
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक होने के कारण स्थगित की गई तीन विषयों की परीक्षाएं अब 7, 8 और 9 सितंबर को आयोजित की जाएंगी. लगातार तीन प्रश्नपत्र लीक होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया है. इस बार सभी कॉलेजों को प्रश्नपत्र पैकेट के माध्यम से भेजने के बजाय ई-मेल के जरिए भेजे जाएंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, प्रश्नपत्र पासवर्ड प्रोटेक्टेड ई-मेल के जरिए भेजे जाएंगे. परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही कॉलेज प्रबंधन को पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा. प्रश्नपत्र खोलने की पूरी प्रक्रिया कमेटी की मौजूदगी में होगी और इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी. पूरी प्रक्रिया की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दी जाएगी. पासवर्ड के बिना ई-मेल में मौजूद प्रश्नपत्र नहीं खोला जा सकेगा.
तीन प्रश्नपत्र हुए थे लीक
पिछले महीने दुर्ग के एक निजी कॉलेज भारतीय कॉलेज से तीन विषयों के प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया था. शुरुआत में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी का प्रश्नपत्र लीक होने का खुलासा हुआ. मामले में निजी कॉलेज के प्रोफेसर और कुछ विद्यार्थियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में दो अन्य प्रश्नपत्रों के लीक होने की जानकारी सामने आई. इनमें बीएससी प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी और प्रथम वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स के प्रश्नपत्र शामिल थे. तीनों प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही वाट्सऐप पर वायरल हो गए थे. इसके बाद विश्वविद्यालय ने तीनों परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था.
अवैध खनन और मलबा डंपिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, सभी माइनिंग लीज रद्द
बिलासपुर। रायपुर जिला आरंग तहसील के निस्दा गांव में अवैध खनन और महानदी में मलबा डंप करने के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य शासन ने कार्रवाई की है। जनहित याचिका पर राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मामले में दोषी पाए गए सभी पट्टेदारों की माइनिंग लीज रद्द कर दी गई है।
रायपुर जिले के निस्दा निवासी ओम प्रकाश सेन ने जनहित याचिका लगाई थी, इसमें बताया कि कुछ लोगों द्वारा स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर जाकर फर्शी पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है और खनन का मलबा महानदी में फेंका जा रहा है। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने जांच की और पर्यावरण संरक्षण मंडल ने भी हस्तक्षेप करते हुए खनन गतिविधियों को रोकने के निर्देश जारी किए।
राज्य शासन ने कोर्ट को बताया कि वर्तमान में संबंधित क्षेत्र में कोई भी माइनिंग लीज कार्यरत नहीं है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार और पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा उठाए गए कदमों को उचित मानकर कोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दिया। हालांकि कोर्ट ने राज्य के अधिकारियों और पर्यावरण संरक्षण मंडल को कड़ी निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में लीज क्षेत्र के बाहर कोई भी अवैध खनन या नदी में मलबा डंप करने की घटना पाई जाती है तो कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री विशाल दही हांडी उत्सव में हुए शामिल, गोविंदाओं की टोलियों का बढ़ाया उत्साह
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में शामिल हुए। उत्सव में उमड़े जनसमूह के बीच मुख्यमंत्री ने गोविंदाओं की टोलियों का उत्साहवर्धन किया और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दही हांडी का उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्मृतियों को जीवंत करने के साथ हमें एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश भी देता है। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा की बाल लीलाएं आज भी हर मन में आनंद, प्रेम और भक्ति का भाव जगाती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दही हांडी केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिकता की शक्ति का सुंदर प्रतीक है। हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले उस ऊंचाई तक नहीं पहुंचता। उसके नीचे खड़े प्रत्येक साथी का विश्वास, सहयोग और सामर्थ्य उसे ऊपर तक पहुंचाता है। जब सभी एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं, तभी कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। यही संदेश हमें समाज और प्रदेश के विकास के लिए भी प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन हमें जीवन जीने की कला और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण की सीख देता है। ग्वालबालों के प्रिय सखा के रूप में उन्होंने प्रेम और मित्रता का संदेश दिया, द्वारका के नेतृत्वकर्ता के रूप में कुशल नेतृत्व का आदर्श प्रस्तुत किया और कुरुक्षेत्र में सारथी बनकर पूरी मानवता को कर्मयोग का मार्ग दिखाया। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन की प्रत्येक भूमिका को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ निभाया। उनका जीवन हमें परिस्थितियां कैसी भी हों, अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि है। भगवान श्रीराम ने वनवास का लंबा समय छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा पर बिताया। आज जिस अबूझमाड़ क्षेत्र को हम जानते हैं, वह रामायण काल के विशाल दंडकारण्य का हिस्सा रहा है। प्रभु श्रीराम से जुड़ी स्मृतियां और स्थल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विशेष गौरव प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्याधाम जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से राज्य के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। योजना के अंतर्गत अब तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गौमाता का विशेष स्थान है। राज्य सरकार सुरभि गोधाम योजना के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देवी-देवताओं की कृपा से समृद्ध पुण्यभूमि है। प्रदेश पर भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा रही है। कबीरधाम में भोरमदेव और राजिम में कुलेश्वर महादेव जैसे प्राचीन एवं प्रसिद्ध शिव मंदिर हमारी आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। जशपुर का मधेश्वर पहाड़ अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के कारण विशेष पहचान रखता है और इसे विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मातृशक्ति के अनेक प्रसिद्ध शक्तिपीठ और आस्था केंद्र भी विद्यमान हैं। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी, रतनपुर में मां महामाया, दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी और चंद्रपुर में मां चंद्रहासिनी के धाम प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस गौरवशाली धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विशाल दही हांडी उत्सव में भक्ति, उल्लास और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गोविंदाओं की टोलियों ने पूरे जोश के साथ दही हांडी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और लोकप्रिय गायक बी प्राक ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। भक्तिमय गीतों और भजनों के बीच पूरा आयोजन स्थल श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा एवं ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, रायपुर नगर निगम की अध्यक्ष मीनल चौबे, वीणा सिंह, कौशल्या देवी साय सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
CGPSC और DMF घोटाले में कार्रवाई जारी, छाबड़ा-चंद्राकर 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर
रायपुर। CGPSC और DMF फंड घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा और उत्कर्ष चंद्राकर को शनिवार को विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
बता दें कि दोनों आरोपियों की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड की अवधि पूरी हो गई थी। इसके बाद ED दोनों को लेकर कोर्ट पहुंची और मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान जांच एजेंसी की ओर से रिमांड बढ़ाने के लिए कोई आवेदन पेश नहीं किया गया। सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने सतपाल सिंह छाबड़ा और उत्कर्ष चंद्राकर को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। अब दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
गौरतलब है कि ED ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 1 सितंबर को PMLA की विशेष अदालत में पेश किया गया था, जहां ED ने पूछताछ के लिए दोनों की 5-5 दिन की कस्टोडियल रिमांड मांगी थी। अदालत ने जांच एजेंसी की मांग मंजूर करते हुए दोनों को 5 सितंबर तक ED की हिरासत में भेजा था।
रिमांड अवधि के दौरान ED ने दोनों मामलों में कथित वित्तीय अनियमितताओं, लेन-देन और घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की। अब रिमांड समाप्त होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इससे पहले आरोपियों की पिछली पेशी के दौरान सतपाल सिंह छाबड़ा की पत्नी के कोर्ट परिसर पहुंचने के बाद कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति भी बनी थी। इसके बाद कोर्ट की कार्यवाही आगे बढ़ी थी। फिलहाल DMF फंड घोटाले और CGPSC घोटाले से जुड़े मामलों में ED की जांच जारी है। दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे जाने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सुखदेव भगत बने छत्तीसगढ़ प्रभारी; भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी
रायपुर। कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों के प्रभारी बदले हैं। सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का AICC महासचिव प्रभारी बनाया गया है। सचिन पायलट को पंजाब का महासचिव प्रभारी नियुक्त किया है।
रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। सुरजेवाला को कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।इसके अलावा डॉ. सिरीवेला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्रप्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। यह जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दी है।

झीरम फैसले के बाद भूपेश बघेल का हमला, बोले- राजनीतिक षडयंत्र की जांच के बिना न्याय अधूरा
रायपुर। झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में एनआईए की विशेष अदालत के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाए हैं। अदालत ने मामले में 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है और 16 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने इसे “अधूरा न्याय” बताया है।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि झीरम घाटी में रचा गया षडयंत्र लोकतंत्र के इतिहास के सबसे बड़े राजनीतिक नरसंहारों में से एक था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में निचले स्तर के सिर्फ 10 नक्सलियों को सजा मिलना न्याय नहीं कहा जा सकता।
बघेल ने कहा कि झीरम मामले की जांच कर रही एनआईए ने खुद कहा था कि इस घटना को करीब 200 लोगों ने अंजाम दिया था। उन्होंने दावा किया कि एनआईए ने 39 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन जांच में लगातार लापरवाही के चलते 10 से अधिक लोगों को पकड़ा नहीं जा सका।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि नक्सलियों के शीर्ष नेताओं के नाम पहले ही एफआईआर से हटा दिए गए थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “पता नहीं किसके कहने पर” ऐसा किया गया।
‘राजनीतिक षडयंत्र की जांच आज तक नहीं हुई’
भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम कांड के पीछे कथित राजनीतिक षडयंत्र की जांच आज तक नहीं हुई है। उन्होंने जांच आयोग और आपराधिक जांच के बीच अंतर बताते हुए कहा कि जांच आयोग ने केवल सुरक्षा व्यवस्था में कमी के पहलू की जांच की थी, जबकि उसका उद्देश्य आपराधिक मामले में दोषियों को सजा दिलाना नहीं था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और पीड़ित परिवार लगातार यह कहते रहे हैं कि झीरम में व्यापक राजनीतिक षडयंत्र हुआ था और इसकी जांच जरूरी है। बघेल के मुताबिक, एनआईए ने इस पहलू की जांच नहीं की।
जितेंद्र मुदलियार की शिकायत और दूसरी FIR का जिक्र
बघेल ने अपने बयान में 2020 में शहीद उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र मुदलियार की शिकायत के बाद दर्ज हुई दूसरी एफआईआर का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इस एफआईआर के बाद एनआईए ने आपत्ति जताई और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई। बघेल के अनुसार, नवंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए की आपत्ति खारिज कर दी थी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि तब तक राज्य में भाजपा की सरकार वापस आ चुकी थी और इसके बाद ढाई साल बीत जाने के बावजूद इस एफआईआर पर कोई जांच नहीं की गई।
बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा कथित आपराधिक षडयंत्र की जांच नहीं होने देना चाहती। उन्होंने कहा कि इसके पीछे क्या कारण है, यह लोग समझते हैं।
जांच आयोग पर भी भाजपा को घेरा
भूपेश बघेल ने 2013 में गठित जांच आयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद गठित आयोग को सुरक्षा में हुई कमी की जांच करनी थी, न कि आपराधिक मामले में सजा दिलाने के लिए जांच करनी थी।
बघेल के मुताबिक, जस्टिस प्रशांत मिश्रा जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट पेश की थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने रिपोर्ट को अधूरा बताते हुए उसे पूरा करने के लिए जस्टिस मिन्नहाजुद्दीन और जस्टिस सतीश अग्रिहोत्री के नेतृत्व में नया जांच आयोग बनाया था।
उन्होंने कहा कि इस नए जांच आयोग के खिलाफ भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक हाईकोर्ट पहुंचे थे। उनकी याचिका के बाद आयोग पर रोक लगा दी गई, जो बघेल के अनुसार आज भी प्रभावी है।
‘जांच होगी तभी मिलेगा पूरा न्याय’
भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम घाटी में हुए आपराधिक षडयंत्र की पूरी जांच के बिना इस मामले को न्याय की पूर्ण परिणति तक पहुंचा हुआ नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि “जब तक यह जांच नहीं होगी, तब तक झीरम का न्याय अधूरा रहेगा।”
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने गुरुजनों का किया सम्मान, चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद
रायपुर। हमारे राष्ट्र निर्माता शिक्षकों का समाज में स्थान सदैव आदरणीय एवं अग्रणी हैं उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आज स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, कवर्धा में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण, शिक्षा सत्र 2026-27, शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 108 शिक्षकों को शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित किया। सम्मानित शिक्षकों में सेवानिवृत्त शिक्षक भी शामिल रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया और उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य विद्यार्थियों और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गुरुजनों से मिले संस्कार और ज्ञान को आज भी प्रासंगिक और उपयोगी बताया। उन्होने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के नव निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक केवल कक्षा में पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके जीवन को सही दिशा देने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन पर लंबे समय तक बना रहता है। कक्षा में दिया गया ज्ञान और गुरुजनों द्वारा सिखाए गए संस्कार जीवन के प्रत्येक पड़ाव पर काम आते हैं। कार्यक्रम में इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, मोतीराम चंद्रवंशी, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश चंद्रवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, लोकचन्द साहू, मनीराम साहू, राजा टाटिया, विजय लक्ष्मी तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण विद्यार्थी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वामी करपात्री जी विद्यालय में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में गुरुजनों ने पढ़ाई के साथ-साथ खेल एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से भी बहुत कुछ सिखाया। गुरुजनों द्वारा उस समय पढ़ाया और सिखाया गया ज्ञान आज भी उनके जीवन में उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बचपन में गुरुजनों के साथ बिताए गए वे पल आज भी उनके लिए महत्वपूर्ण, प्रेरणादायी एवं चीरस्मरणीय बनकर उनका मार्गदर्शन कर रहें हैं।
उप मुख्यमंत्री ने अपने गुरुजनों का किया सम्मान, चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान भावुक क्षण भी देखने को मिला, जब उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन के गुरुजनों जी.आर. चंदेल, पी.पी. दुबे, एम.आर. महोबिया, विजेंद्र श्रीवास्तव एवं एम.के. गुप्ता का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने अपने गुरुजनों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु का स्थान जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होता है। गुरुजनों से प्राप्त शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन व्यक्ति के जीवन की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
84 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा
उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 84 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा स्थापित की जा चुकी है, जबकि शेष 34 स्कूलों में भी जल्द ही स्मार्ट क्लास रूम स्थापित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।
7 हजार 500 स्कूलों में बालिका शौचालय का होगा निर्माण
उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री शर्मा ने बताया कि बालिकाओं की सुविधा एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए 7 हजार 500 स्कूलों में बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रत्येक स्कूल में बालिकाओं के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे छात्राओं को विद्यालय में बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा तथा उनके शिक्षा के प्रति निरंतर जुड़ाव को भी बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों पर पढ़ाई प्रारंभ
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिले में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तेज गति से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों पर पढ़ाई प्रारंभ हो गई है। उन्होंने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि मेडिकल कॉलेज में अपना एडमिशन कराने वाले पहला विद्यार्थी सहसपुर लोहारा के हिमांशु देवांगन हैं। उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल शिक्षा की शुरुआत होना क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक नई संभावना और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत-गिट्टी परिवहन करते 8 ट्रैक्टर जब्त
रायपुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 8 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई जिले में अवैध खनन, उत्खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की दिशा में की गई है।
खनिज विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच एवं मैदानी निगरानी के दौरान इन वाहनों को अवैध रूप से खनिज परिवहन करते हुए पकड़ा। कार्रवाई के तहत ग्राम खंता से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर, रूमगा से 2, चिचगोहना से 1, कोरजा से 1 तथा लालपुर से 1 ट्रैक्टर जब्त किया गया। इसके अलावा कोटमी से गिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 ट्रैक्टर भी जब्त किया गया।
पुलिस थानों और चौकी में सुरक्षित रखे गए जब्त वाहन
खनिज विभाग द्वारा जब्त किए गए वाहनों को नियमानुसार सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है। इनमें से 4 ट्रैक्टर गौरेला थाना, 3 ट्रैक्टर कोटमी चौकी तथा 1 ट्रैक्टर मरवाही थाना में सुरक्षित रखा गया है।
जब्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा प्रकरणों की जांच एवं आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर
जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण को प्रशासन द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इसी क्रम में खनिज विभाग द्वारा शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मैदानी स्तर पर जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल वाहनों को जब्त किया गया।
मैदानी अमले की सतत निगरानी से अवैध परिवहन पर शिकंजा
कार्रवाई में आदित्य मानकर, सहायक खनि अधिकारी, सुजीत कंवर, खनि निरीक्षक, शिवकुमार लहरे, साहिब गनी एवं सतीश साहू, नगर सैनिक शामिल रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने खनिज नियमों का पालन करने तथा वैध दस्तावेजों के साथ ही खनिजों के परिवहन की अपील की है।
शिकायत से कार्रवाई तक—प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत पर जांच कर नागरिकों द्वारा उठाए गए मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था को मैदानी स्तर पर लागू किया जा रहा है। अवैध खनिज परिवहन जैसे मामलों में ऐसी कार्रवाई से राजस्व संरक्षण के साथ-साथ खनिज संसाधनों के नियमानुसार उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
साय मंत्रिमंडल के 14वें मंत्री की नियुक्ति को चुनौती, हाईकोर्ट ने 4 हफ्ते का दिया समय
बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रिमंडल में 14वें मंत्री की नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में फिर से सुनवाई शुरू हुई है। हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने 14वें मंत्री की नियुक्ति की संवैधानिकता को लेकर लगाई गई जनहित याचिका पर राज्य शासन से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है.
कांग्रेस और सामाजिक कार्यकर्ता बसदेव चक्रवर्ती ने 90 सदस्यीय विधानसभा के आधार पर मंत्रिपरिषद की संख्या 15 प्रतिशत की संवैधानिक सीमा से अधिक होने की बात कही है. पहले यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित था, लेकिन इसके निरर्थक होने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है.
याचिकाकर्ता चक्रवर्ती का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 164(1क) के अनुसार, राज्य में मंत्रिपरिषद की संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती. याचिकाकर्ता की ओर से 14वें मंत्री की नियुक्ति की संवैधानिक वैधता की न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है.
90 सदस्यीय विधानसभा और 15 प्रतिशत का गणित
छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं. इस लिहाज से मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की अधिकतम संख्या को लेकर संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर बहस होती रही है. 90 विधानसभा सदस्यों का 15 प्रतिशत 13.5 होता है. इस 0.5 प्रतिशत की व्याख्या को लेकर अब फिर से खड़ा हुआ विवाद हाईकोर्ट में दायर याचिका का मुख्य आधार बन गया है.
विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प से जुड़ेगा युवा, नारायणपुर में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेश के युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से नारायणपुर स्थित ए.जी. ऑडिटोरियम में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 16 से 24 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय- राज्य स्तरीय खिलाड़ियों, दिव्यांगजनों, कौशल विकास प्रशिक्षणार्थियों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली युवाओं की व्यापक सहभागिता रही।
युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका
छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ गठन के इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश की युवा शक्ति ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को साकार करेगी। बस्तर क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और कौशल विकास से जुड़ रहे युवाओं की सक्रिय भागीदारी राज्य की प्रगति की नई दिशा तय कर रही है। राज्य सरकार युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए हर संभव अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हुनर और जिज्ञासा से बनेगी युवाओं की पहचान- श्री तोमर
राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है; युवाओं को अपने हुनर, कौशल, जिज्ञासा और रचनात्मकता को लगातार विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को सही दिशा और मंच देना ही श्युवा उड़ानश् का मुख्य ध्येय है, जिससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की सोच विकसित हो सके। उन्होंने पंजीयन के लिए युवा आयोग की वेबसाइट और क्यूआर कोड/गूगल फॉर्म की जानकारी भी साझा की।
विशेषज्ञों ने साझा किए राष्ट्र निर्माण के मंत्र
कार्यक्रम के बौद्धिक सत्रों में विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति पर केंद्रित डॉ. मीनाक्षी ठाकुर ने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. विश्वजीत ने विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय विषय के संवैधानिक व व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया तथा एक देश-एक चुनाव की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसी तरह डॉ. सतीश पाण्डेय ने प्रेरक कहानियों के माध्यम से सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की ललक बनाए रखने का आह्वान किया।
प्रतिभावान विद्यार्थियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों का किया गया सम्मान
शिक्षा और खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। शिक्षा क्षेत्र में कक्षा 10वीं में 94.33 प्रतिशत अंक लाकर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा भाविका देवांगन तथा 94ः अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कोविता कोर्राम को सम्मानित किया गया। खेल क्षेत्र में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के मलखंभ विजेता संताय पोटाई व मोनिका पोटाई, खेलो इंडिया फुटबॉल उपविजेता शशिकांत कुमेटी व मनीष कोवाची; ऑल इंडिया खो-खो क्वालीफायर अमृता गोटा, नेशनल स्कूल गेम्स खो-खो विजेता शामुएल कल्लो व किशोर कावड़ो तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या कांगे को खेल पुरस्कार से नवाजा गया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और युवा उपस्थित रहे।
दूरदराज इलाकों में मजबूत होगी PWD की निगरानी व्यवस्था, नए कार्यालयों को मिली मंजूरी
रायपुर। सड़कों, भवनों और पुल-पुलियों के कार्यों में गति लाने तथा इनके निर्माण कार्यों में कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने लोक निर्माण विभाग दूरस्थ क्षेत्रों में भी कार्यालय शुरू कर रहा है। राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के 16 उप संभागीय, दो संभागीय और एक सेतु मंडल कार्यालय के साथ ही इन कार्यालयों के लिए सेट-अप की मंजूरी दे दी है। इनमें से ज्यादातर कार्यालय दूरस्थ क्षेत्रों में खोले जा रहे हैं। इनकी स्थापना से निर्माण कार्यों में तेजी के साथ ही विभागीय कामकाज में कसावट आएगी।
राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र के अंतर्गत 9 नए कार्यालयों की स्वीकृति प्रदान की है। इनमें जगदलपुर में अधीक्षण अभियंता कार्यालय, रायपुर में कार्यपालन अभियंता कार्यालय सेतु संभाग क्रमांक-2, तथा बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव, बालोद, मुंगेली, सारंगढ़ और बैकुंठपुर में अनुविभागीय अधिकारी (सेतु उप संभाग) कार्यालय शामिल हैं।
राज्य शासन ने भवन एवं सड़क निर्माण के लिए 10 नवीन कार्यालय भी मंजूर किए हैं। इनमें बैकुंठपुर में कार्यपालन अभियंता (कोरिया संभाग) कार्यालय तथा फरसगांव, ओरछा, डोंगरगांव, डौंडी, धमधा, आरंग, खड़गवां, सोनहत और बलौदाबाजार में अनुविभागीय अधिकारी (उप संभाग) कार्यालय शामिल हैं।
36 घंटे बाद NTPC कोरबा की 3 यूनिट बहाल, 1200 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू
कोरबा। 36 घंटों की मशक्कत के बाद एनटीपीसी कोरबा की ट्रिप हुई सात इकाइयों में से तीन को सुधार लिया गया है. इसके साथ ही इन तीनों यूनिटों से बिजली उत्पादन शुरू हो गया है. शेष चार इकाइयों को सुधारने का काम जारी है.
एनटीपीसी प्लांट की 3 इकाइयों को दोपहर 2 बजे तक बहाल कर लिया गया. इनमें से 500 मेगावाट की दो और 200 मेगावाट की एक यूनिट से 1200 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है. इसके साथ ही 2600 मेगावाट क्षमता वाले एनटीपीसी कोरबा ब्लैकआउट के बाद बड़ी राहत मिली है.
एनटीपीसी की जनसंपर्क अधिकारी उषा घोष ने पुष्टि करते हुए बताया कि 3 यूनिटों की बहाली कर ली गई हैं. बाकी यूनिटों की बहाली जारी है. बता दें कि पावर ग्रिड कार्पोरेशन के ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान आए फाल्ट से सभी यूनिटें ट्रिप हुई थीं.
लोकभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन, प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षक राज्यपाल पुरस्कार से किया गया सम्मानित
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समारोह में वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। चार उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा भी की।
समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका भी व्यापक हो रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों का नई तकनीकों से परिचित होना आवश्यक है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी तकनीक का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और मानवीय मूल्यों के अनुरूप उपयोग है। उन्होंने कहा कि AI हमारा सहायक बने, हमारा नियंत्रक नहीं। शिक्षक विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग ज्ञान अर्जित करने, नवाचार करने और अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए प्रेरित करें।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आज गूगल और डिजिटल तकनीक के माध्यम से हमारे पास सूचनाओं का विशाल संसार उपलब्ध है। इसके बावजूद हमें यह ध्यान रखना होगा कि तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता स्वतंत्र चिंतन और बौद्धिक विकास को प्रभावित न करे। दुनिया के अनेक देशों में विद्यार्थियों द्वारा स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर गंभीर विचार-विमर्श हो रहा है। तकनीक हमें जानकारी उपलब्ध करा सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, अनुशासन, प्रेरणा और जीवन की सही दिशा गुरु से ही मिलती है। इसलिए बदलते समय में शिक्षक की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, कौशल आधारित, बहुभाषी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया है। आने वाले समय में शिक्षा के स्वरूप में व्यापक बदलाव देखने को मिलेंगे। ऐसे में शिक्षकों को निरंतर अपने ज्ञान और कौशल को अद्यतन करना होगा। साथ ही विद्यार्थियों की रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सही विषय और करियर चुनने में मार्गदर्शन देना होगा। विद्यार्थियों की काउंसलिंग भी शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका का हिस्सा है।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षण केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक महान और गरिमामय दायित्व है। शिक्षक अपने ज्ञान के साथ-साथ अपने आचरण से भी विद्यार्थियों को शिक्षित करते हैं। बच्चे अपने शिक्षकों को आदर्श के रूप में देखते हैं, इसलिए शिक्षकों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निर्वहन करना चाहिए। प्रत्येक विद्यार्थी कैसे आगे बढ़े, उसकी प्रतिभा कैसे निखरे और उसका भविष्य कैसे बेहतर बने, यह शिक्षक की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि शिक्षक दिवस उन्हें प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक की अपनी यात्रा की याद दिलाता है। पहले शिक्षक और विद्यार्थी के बीच आदर, आत्मीयता और विश्वास का अत्यंत गहरा संबंध होता था। सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक पूरी सेवा भावना और समर्पण के साथ विद्यार्थियों का भविष्य संवारते थे। यही समर्पण और आत्मीयता शिक्षक-विद्यार्थी संबंध की वास्तविक शक्ति है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता। शिक्षक विद्यार्थी के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिक्षक अपने विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और विशेष प्रतिभा को पहचानें तथा उन्हें जीवन में सही दिशा चुनने के लिए प्रेरित करें।
राज्यपाल श्री डेका ने शासकीय सेवा में स्थानांतरण को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि जहां भी दायित्व मिले, उसे सहजता से स्वीकार कर पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और समर्पण से छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
शिक्षा का उद्देश्य सक्षम नागरिक और श्रेष्ठ समाज का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को शुभकामनाएं दीं और राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान शिक्षकों के समर्पण, कठिन परिश्रम, नवाचार और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान है। शिक्षक वास्तव में राष्ट्र और नई पीढ़ी के निर्माता हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रही है। हमारे यहां शिक्षा का उद्देश्य कभी केवल डिग्री या नौकरी प्राप्त करना नहीं रहा, बल्कि व्यक्ति को ज्ञानवान, संस्कारवान, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाना रहा है। ऐसी शिक्षा ही व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और प्रत्येक बच्चे तक बेहतर शैक्षणिक अवसर पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करते हुए शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक, सामाजिक और भाषायी विविधता को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में स्थानीय आवश्यकताओं को भी महत्व दिया जा रहा है। बस्तर अंचल में बच्चों को उनकी स्थानीय बोली के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा देने की पहल की गई है। इससे बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज और प्रभावी बन रही है। शासकीय विद्यालयों में पैरेंट्स-टीचर मीट को बढ़ावा देकर अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की गतिविधियों से सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के 341 विद्यालयों का चयन पीएम श्री योजना के अंतर्गत किया गया है। इन विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 विद्यालय प्रारंभ किए जा रहे हैं। शिक्षकों की लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को भी सरकार ने प्राथमिकता के साथ पूरा किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं। इन प्रयासों से दूरस्थ अंचलों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का हमारा लक्ष्य है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा विभाग तथा हमारे शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। आज जिन बच्चों को शिक्षक ज्ञान, संस्कार और कौशल दे रहे हैं, वही आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ और देश के विकास का नेतृत्व करेंगे। इसलिए एक शिक्षक का योगदान केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों और पूरे समाज पर पड़ता है।
AI आधारित स्मार्ट स्कूलों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा : स्कूल शिक्षा मंत्री
समारोह के विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा में आधुनिक तकनीक और नवाचार के उपयोग को निरंतर बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए विविध गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नवाचार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने इस अवसर पर आगामी वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों की घोषणा की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार
राज्य स्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों को विशिष्ट राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के राजेश कुमार प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कोरबा जिले के कामता प्रसाद जायसवाल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार, दुर्ग जिले की प्रज्ञा सिंह को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की प्रियंका गोस्वामी को गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके साथ ही प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक तथा सहायक शिक्षक एल.बी. संवर्ग के कुल 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों के योगदान और नवाचारी प्रयासों की सराहना करते हुए अतिथियों ने उनसे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में निरंतर योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी ने आभार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
11 साल बाद झीरम कांड में आया फैसला, NIA कोर्ट ने 10 आरोपियों को दोषी माना
जगदलपुर। झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में 5 सितंबर शनिवार को जगदलपुर स्थित NIA की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया। इस केस में 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि बाकी 10 आरोपियों पर फैसला आया है। कोर्ट ने झीरम कांड मामले में सभी 10 आरोपियों को सभी धाराओं में दोषी माना है। 27 लोगों की हत्या और 15 लोगों की हत्या का प्रयास के तहत सभी आरोपियों को दोषी सिद्ध पाया गया। आरोपियों को 16 सितंबर को दंड सुनाया जाएगा।
बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने कहा है कि सभी 10 आरोपियों को एनआईए कोर्ट ने दोषी माना है। आरोपियों को सजा सुनाने के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की गई है। उन्होंने कहा, NIA कोर्ट के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
दोषी पाए गए आरोपियों में ज्योती उर्फ प्रमिला कोड़ियम (महिला आरोपी), बंजामी उर्फ सन्ना, अयाता मरकाम, मुक्का मंडावी, मड़कामी, देवा कवासी, कोसा चैतू उर्फ मुन्ना, कोसा कवासी, महादेव नाग, सुमित्रा शामिल हैं। कुल 11 के खिलाफ मामला दर्ज था, जिसमें से एक की मृत्यु हो चुकी है।
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, 2013 में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने थे। रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। 10 साल से विपक्ष में बैठी कांग्रेस जीत के लिए जोर लगा रही थी। पार्टी पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा चला रही थी। 25 मई को सुकमा में परिवर्तन रैली की गई। रैली के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। इसमें करीब 25 गाड़ियां थीं। इन गाड़ियों में 200 नेता-कार्यकर्ता थे।
सबसे आगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और कवासी लखमा थे। उनके पीछे महेंद्र कर्मा और मलकीत सिंह गैदू की गाड़ी थी। उनके पीछे बस्तर के कांग्रेस प्रभारी उदय मुदलियार चल रहे थे। यानी छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पूरी टॉप लीडरशिप इस काफिले में थी। दोपहर करीब 3:40 बजे काफिला झीरम घाटी में पहुंचा। यहीं नक्सलियों ने पेड़ गिराकर रास्ता बंद कर दिया। गाड़ियां रुकते ही 200 से ज्यादा नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही।
शाम करीब 5:30 बजे नक्सली पहाड़ों से उतरकर नीचे आए और एक-एक गाड़ी चेक की। एक गाड़ी में उन्हें सलवा जुडूम आंदोलन शुरू करने वाले महेंद्र कर्मा मिल गए। आंदोलन की वजह से नक्सली महेंद्र कर्मा को दुश्मन समझते थे। उन्होंने बेरहमी से महेंद्र कर्मा की हत्या कर दी। उन्हें करीब 100 गोलियां मारी गईं। चश्मदीदों के मुताबिक, नक्सलियों ने कुछ नेताओं को नाम लेकर पहचाना और उन्हें गोली मारी। हमला पूरी योजना के साथ किया गया। खुफिया एजेंसियों को हमले की कोई भनक नहीं थी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा हुए सेवानिवृत्त, विदाई समारोह में हुए भावुक
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा विदाई समारोह में भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि अदालतें सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं हैं. बल्कि आम आदमी की उम्मीद और न्याय का पवित्र मंदिर हैं. पद और इंसान अस्थायी हैं, लेकिन न्यायिक संस्थाएं स्थायी रहें. इसके साथ उन्होंने न्यायिक संस्थाओं की साख और निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर दिया.
सेवानिवृत्त होने के उपरांत शुक्रवार को आयोजित विदाई समारोह में चीफ जस्टिस सिन्हा ने अपने उद्बोधन में अपनी सफलता का श्रेय पत्नी शालिनी सिन्हा को दिया. उन्होंने कहा कि परिवार का प्यार, समझदारी और त्याग मेरी सबसे बड़ी ताकत रही. हर चुनौती का सामना करने का हौसला परिवार से मिला.
50 हजार से ज्यादा मामलों का किया निपटारा
बता दें कि 29 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने जस्टिस रमेश सिन्हा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी. करीबन साढ़े तीन साल के कार्यकाल के बाद 4 सितंबर 2026 वे सेवानिवृत्त हुए. इस अवधि में चीफ जस्टिस सिन्हा ने 50 हजार 228 मामलों का निपटारा किया. इनमें 369 से ज्यादा नजीर बनने वाले फैसलों का भी रिकॉर्ड रहा.
विदाई के दौरान भावुक हुए चीफ जस्टिस
भाजपा ओबीसी मोर्चा का सम्मेलन 7 सितंबर को, CM साय करेंगे प्रबुद्धजनों का सम्मान
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के तत्वावधान में 7 सितंबर को रायपुर में प्रबुद्धजन सम्मान एवं कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम (साइंस कॉलेज परिसर) में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे, वहीं अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू करेंगे. सम्मेलन में मुख्य वक्ता प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय होंगे।
भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अशोक सिन्हा ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रबुद्धजनों का सम्मान करने के साथ-साथ संगठन के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक सहभागिता को मजबूत करना, समाज के प्रबुद्ध वर्ग और संगठन के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाना तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।
सिन्हा ने बताया कि कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, श्यामबिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े एवं टंकराम वर्मा सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भाजपा के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के उन प्रबुद्धजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, व्यवसाय, सामाजिक सेवा, कृषि, संस्कृति एवं अन्य क्षेत्रों में समाज और प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सिन्हा ने बताया कि सम्मेलन में रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों से भाजपा ओबीसी मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मोर्चा के पदाधिकारियों द्वारा आमंत्रण, अतिथि समन्वय, बैठक व्यवस्था, मंच व्यवस्था, स्वागत, यातायात एवं कार्यकर्ताओं की सहभागिता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के रायपुर संभाग प्रभारी चुन्नीलाल साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष देवदत्त साहू, प्रदेश, रायपुर जिला अध्यक्ष अखिलेश कश्यप, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्रवण यदु मौजूद रहे।
इलेक्ट्रिकल खराबी से NTPC कोरबा की सातों यूनिट बंद, एक-एक कर चालू करने की तैयारी
कोरबा। इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण बंद हुई कोरबा एनटीपीसी पावर प्लांट की सभी सातों इकाइयां को शनिवार सुबह तक ठीक नहीं किया जा सका है. सातों इकाइयों के बंद होने से न छत्तीसगढ़ समेत दूसरे प्रदेशों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है.
बताया गया कि पावर ग्रिड कार्पोरेशन द्वारा ब्रेकर की जांच के दौरान आई इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण सभी इकाइयां ट्रिप हो गई हैं. सभी इकाइयों को फिर से चालू करने की प्रक्रिया चल रही है और उम्मीद है कि यह देर रात तक पूरी हो जाएगी.
बताया गया कि सभी सात इकाइयों में बिजली गुल जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है. बहाली की प्रक्रिया चल रही है, और इकाइयों को एक-एक करके फिर से चालू किया जाएगा.
बता दें कि एनटीपीसी कोरबा की स्थापित क्षमता लगभग 2,600 मेगावाट है। इसमें 500 मेगावाट की चार इकाइयां और 200 मेगावाट की तीन इकाइयां हैं. इस संबंध में आज सुबह जब एनटीसीपी कोरबा जनसंपर्क अधिकारी उषा घोष से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि संयंत्र की बंद इकाइयों को सुधारने का कार्य जारी है. इस संबंध में शाम तक अपडेट दिया जाएगा.

