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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनसे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित होना केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा इसमें कार्य करने वाले अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें लोगों की सेवा का जो अवसर मिला है, वह ईश्वर का आशीर्वाद और समाज का विश्वास है। इस अवसर का उपयोग आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में युवा प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपनी प्रतिभा, कार्यकुशलता और सेवा भावना से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किए तथा उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
सौजन्य मुलाकात के दौरान अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों में सुष्मिता सिंह, वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, रौनक अग्रवाल, अजय गुप्ता, अंकित सकनी, डायमंड ध्रुव एवं संजय डहरिया सहित उनके परिजन उपस्थित थे।
शिक्षा ही सफलता का मूल मंत्र है, कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे — मंत्री राजेश अग्रवाल
रायपुर। सरगुजा जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की उत्साहपूर्ण शुरुआत जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव के साथ हुई। पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने विद्यालय की घंटी बजाकर नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत किया और उन्हें तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर विद्यालय में प्रवेश दिलाया। पूरे कार्यक्रम में शिक्षा के प्रति उत्साह, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आशा और समाज को शिक्षित बनाने का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेश अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के बीच उपस्थित होकर उन्हें विद्यालय की नई शुरुआत के लिए प्रेरित करना अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सफलता का मूल मंत्र है और यही वह आधार है जो व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास तथा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल बच्चों का नामांकन कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय पहुंचे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और अपने सपनों को साकार करे।

उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और ड्रॉपआउट की स्थिति समाप्त करने के लिए शासन लगातार प्रयास कर रहा है। विशेष रूप से सरगुजा जैसे जनजाति बहुल क्षेत्र में शिक्षा का महत्व और अधिक है। पहाड़ी कोरवा सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने तथा माता-पिता, गुरुजनों, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। वहीं अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा बेटा-बेटी को समान अवसर प्रदान करने की अपील भी की।
छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव छोटे बच्चों के मन में विद्यालय को लेकर होने वाले भय को दूर करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन लगातार विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। भरत सिंह सिसोदिया ने शिक्षकों से बच्चों को शिक्षा के साथ श्रेष्ठ संस्कार देने का आग्रह किया।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि भवनविहीन विद्यालयों के लिए भवन स्वीकृत किए गए हैं, विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र बनवाए गए हैं तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों का उच्च कक्षाओं में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को रायपुर के निजी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश दिलाया गया है। जिले में शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं, इसलिए उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा तैयार की गई दीवार पत्रिका का भी विमोचन किया गया।
शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर कक्षा पहली, छठवीं और नवमी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, स्कूल बैग तथा अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई। शिक्षा के प्रति बच्चों का उत्साह बढ़ाने और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल रही।
कार्यक्रम में शासन की साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत पात्र 21 छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई। इस अवसर पर राजेश अग्रवाल ने कहा कि साइकिल जैसी योजनाएं बालिकाओं को विद्यालय तक सहज पहुंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का भाव विकसित करती हैं। उन्होंने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार 2025-26 प्राप्त करने वाले 21 शिक्षकों तथा ज्ञान दीप पुरस्कार 2025-26 प्राप्त करने वाले 3 शिक्षकों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों का भी सम्मान किया गया और उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की गई।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत असाक्षरों को साक्षर बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वॉलेंटियरों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने साक्षरता की शपथ लेकर समाज में शिक्षा के प्रसार और निरक्षरता उन्मूलन का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में नगर निगम महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, नगर निगम अंबिकापुर के सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों की उपस्थिति ने शाला प्रवेश उत्सव को शिक्षा के जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि शासन, प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और समाज के सामूहिक प्रयास से ही प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाकर समृद्ध और शिक्षित छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा सकता है।
ACB/EOW में 10 DSP की पदस्थापना, गृह विभाग से प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए अधिकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में 10 DSP की पदस्थापना की गई है। ये सभी अधिकारी गृह विभाग से सामान्य प्रशासन विभाग में प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए हैं।
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के तहत 10 DSP को ACB/EOW में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि इन अधिकारियों की पदस्थापना से भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों की जांच में तेजी आएगी।
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छत्तीसगढ़ में न्याय व्यवस्था होगी पूरी तरह डिजिटल, CCTNS की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के बड़े निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवीन भारतीय न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रक्रिया को तकनीक आधारित, सरल एवं त्वरित बनाने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीसीटीएनएस के संचालन में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों, विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल के एकीकरण तथा न्यायिक एवं पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को पूर्णतः डिजिटल और समयबद्ध बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस के माध्यम से न्याय प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को अधिक सुगम, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाया जाए।
ई-एफआईआर से ई-फोरेंसिक तक सभी डिजिटल मॉड्यूल के प्रभावी संचालन पर जोर
बैठक में ई-एफआईआर, ई-चालान, ई-साक्ष्य, मेडलीपार, ई-प्रिजन, ई-फोरेंसिक, सीआईएस, न्याय श्रुति तथा अन्य डिजिटल प्रणालियों को सीसीटीएनएस के साथ प्रभावी रूप से संचालित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मॉड्यूलों के बीच समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध हो सके।
ई-साक्ष्य के लिए सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा
श्री शर्मा ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि डिजिटल साक्ष्यों का संकलन, संरक्षण एवं न्यायालय में प्रस्तुतिकरण पूरी दक्षता के साथ किया जा सके। उन्होंने अच्छा कार्य करें वाले जिलों को प्रोत्साहित कर उन
'न्याय श्रुति' को शीघ्र किया जाएगा गो-लाइव
बैठक में न्याय श्रुति प्रणाली को शीघ्र प्रारंभ करने पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के माध्यम से सभी न्यायाधीशों की आवश्यक आईडी तैयार कराकर न्याय श्रुति प्रणाली को जल्द से जल्द गो-लाइव किया जाए, जिससे न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तकनीक का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में होंगे ई-साइनिंग पैड
बैठक में प्रार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रारंभिक चरण में दुर्ग, बिलासपुर तथा रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में तथा राज्य के प्रत्येक जिले के दो-दो थानों में इस माह के अंत तक दो-दो ई-साइनिंग पैड उपलब्ध कराए जाएं। इससे शिकायतकर्ताओं के डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया सरल होगी और दस्तावेजों का ऑनलाइन निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इसके बाद पूरे राज्य में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
आईसीजेएस के पांचों स्तंभों को मजबूत करने पर जोर
श्री शर्मा ने नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के सभी पांचों स्तंभों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय, जेल, फोरेंसिक तथा अभियोजन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाए।
मेडलीपार से जुड़ेंगे जिला अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सहयोग का भरोसा
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल जांच एवं रिपोर्ट की प्रक्रिया को और तेज बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर सभी जिला अस्पतालों को मेडलीपार प्रणाली से जोड़ने तथा प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अगले तीन से चार महीनों के भीतर इस पूरी प्रणाली को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाने के निर्देश दिए।
एनसीआरबी और एनआईसी मिलकर दूर करेंगे तकनीकी समस्याएं
उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीबीआर) के अधिकारियों से कहा कि वे राज्य में आकर ऑनबोर्डिंग के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं का राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि सीसीटीएनएस की सभी सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।
निजी अस्पतालों को भी सीसीटीएनएस से जोड़ने की पहल
श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी चरणबद्ध तरीके से सीसीटीएनएस प्रणाली से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। इससे मेडिकल साक्ष्यों के आदान-प्रदान और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने दुर्ग जिले में ऑनलाइन सीसीटीएनएस प्रणाली के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
एफएसएल की कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की समीक्षा करते हुए सभी प्रकार के प्रकरणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करने तथा जांच की समय-सीमा तय कर उसे न्यूनतम करने के निर्देश दिए। साथ ही फोरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यक भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा लंबित प्रकरणों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता, एनसीआरबी एवं सीसीटीएनएस के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से तथा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की हिरासत का रायपुर में विरोध, सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
रायपुर। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हिरासत में लिए जाने की खबर मिलते ही प्रदेश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए है। कांग्रेस ने लोकभवन घेराव का आह्वान किया, जिसके चलते राजधानी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

बता दें कि संसद में नीट परीक्षा और उससे जुड़े पूरे मामले पर चर्चा कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री आवास के पिछले गेट के पास धरने पर बैठे थे। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई नेताओं ने विरोध दर्ज कराने के लिए अपने दोनों हाथ नायलॉन की रस्सियों से बांध लिए। करीब तीन घंटे तक चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई नेताओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया। कांग्रेस सांसदों को भी धरनास्थल से हटाया गया। इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट कर दी जानकारी
हिरासत में लिए जाने के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर से पुलिस ने वरिष्ठ नेताओं के साथ उन्हें भी बस में बैठा लिया है और एयरपोर्ट की ओर कहीं ले जाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनका एक जूता भी ले लिया।
रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, लोकभवन घेराव की कोशिश
दिल्ली की कार्रवाई के विरोध में रायपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक पर एकत्र होकर लोकभवन की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं। लोकभवन की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोकने पर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
राहुल गांधी ने रखी यह शर्त
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार संसद में नीट परीक्षा और उससे जुड़े पूरे मामले पर चर्चा कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आश्वासन देने को तैयार हो जाती है, तो कांग्रेस तत्काल अपना धरना समाप्त कर देगी।
प्रदर्शन से पहले राहुल गांधी का संदेश
धरने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस युवा छात्रों के साथ हुई कथित क्रूरता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगने प्रधानमंत्री आवास तक मार्च कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो जवाबदेही तय करना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराना चाहती है।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री बिना जवाब दिए नहीं बच पाएंगे और देश के हर नागरिक से छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास के सामने आयोजित धरने में शामिल होने की अपील की। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की हिरासत और भूपेश बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जता रहे हैं।
राहुल गांधी के प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज, तोखन साहू और ओपी चौधरी का कांग्रेस पर हमला
रायपुर। प्रधानमंत्री आवास के बाहर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत शुरू हो गई है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस और विपक्ष पर NEET मुद्दे को लेकर लोगों को गुमराह करने और देश का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। वहीं मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए प्रदर्शन करने का आरोप लगाया है।
तोखन साहू ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान बस और रेल को नुकसान पहुंचाना तथा सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाना क्या सही है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गाली-गलौज की जा रही है।
नीच मानसिकता को दर्शाती है कांग्रेस की भाषा : तोखन साहू
कांग्रेस ने पीएम मोदी को जनरल डायर बताया है। इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा, PM मोदी से कांग्रेसी और विपक्ष के नेता नफरत करते हैं। इसी वजह से उनके खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। कांग्रेसी मोदी के खिलाफ गाली गलौज में उतर आए हैं। कांग्रेस की भाषा नीच मानसिकता को दर्शाती है।
डूबती पार्टी को बचाने की कोशिश कर रहे राहुल गांधी : ओपी चौधरी
वहीं मंत्री ओपी चौधरी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी डूबती हुई पार्टी और डूबते हुए परिवार को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। NEET को लेकर जो भी हुआ, उसे ठीक करने के प्रयास किए गए हैं और सरकार इस मामले को लेकर प्रतिबद्ध एवं गंभीर है। ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए प्रदर्शन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए नौटंकी कर रही है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पीपीपीएसी बैठक, चित्रकोट टेंट सिटी परियोजना पर हुई चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में चित्रकोट जलप्रपात के समीप तीरथ गांव में टेंट सिटी विकसित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बताया गया कि इस प्रोजेक्ट को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट का मुख्य स्थान बस्तर जिले के ग्राम तीरथ चित्रकोट जलप्रपात से 500 मीटर की दूरी पर होगा। बैठक में प्रोजेक्ट के वित्तीय प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पर्यटन विभाग के अधिकारी ने बताया कि यहां पर एडवेंचर एक्टिविटी, डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉन्फ्रेंस हॉल भी विकसित किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि चित्रकोट जल प्रपात क्षेत्र के आस-पास वर्ल्ड क्लास टूरिज्म डेसिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चित्रकोट देश का बड़ा जलप्रपात है। टेंट सिटी बनने पर बस्तर क्षेत्र में सालभर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, प्रबंध संचालक पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी शामिल हुए।
युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली। देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को और सशक्त बनाने तथा उभरते राज्यों के युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में Startup India Seed Fund Scheme से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। केंद्र सरकार ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की माध्यम से Startup India Seed Fund Scheme (SISFS) की प्रगति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से साझा की।
सरकार के अनुसार देशभर में 219 Incubators के लिए ₹945 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जबकि अब तक ₹650 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। यह योजना देशभर के नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को प्रारंभिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
बृजमोहन ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में Startup India अभियान ने देश के युवाओं में नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की नई ऊर्जा का संचार किया है। आज भारत का युवा केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में कृषि, वनोपज, खनिज, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्टार्टअप्स की व्यापक संभावनाएँ हैं। यदि इन क्षेत्रों के नवाचारों को समय पर मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण Incubation, वित्तीय सहायता तथा बाज़ार से बेहतर जुड़ाव मिले, तो छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी Startup राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
Startup India के अगले चरण में उभरते राज्यों, आकांक्षी जिलों और स्थानीय नवाचारों को विशेष प्रोत्साहन देते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र उद्यमी तक समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुँचाना आवश्यक है। इससे नवाचार को नई गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विकसित भारत के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।
बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ एवं देश के युवाओं से आग्रह किया कि वे Startup India Seed Fund Scheme के साथ-साथ Startup India, Atal Innovation Mission, PM MUDRA Yojana, Stand-Up India, PM Vishwakarma, MSME तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की अन्य उद्यमिता एवं स्वरोजगार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएँ। अपने विचारों को सफल उद्यम में बदलें, रोजगार के नए अवसर सृजित करें और विकसित तथा आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ का युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और परिश्रम के बल पर राज्य को देश के अग्रणी Startup Ecosystem के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में साय कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक कल
रायपुर। साय सरकार कैबिनेट बैठक कल 22 जुलाई को महानदी भवन मंत्रालय में दोपहर 11.30 बजे से शुरू होगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर मुहर लगने के आसार हैं.

हाईकोर्ट की सरकार को नसीहत, नए वकीलों के 20 हजार रुपये अनुदान प्रस्ताव पर जल्द लें फैसला
बिलासपुर। हाईकोर्ट में नवनामांकित अधिवक्ताओं को मानदेय देने के मुद्दे पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने एकमुश्त 20 हजार रुपए अनुदान देने की प्रस्तावित योजना पर राज्य सरकार से निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाने की अपेक्षा जताई है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा, न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष राज्य शासन की ओर से प्रस्तुत शपथपत्र में बताया गया कि 2 मार्च 2026 की बैठक के एजेंडा आइटम क्रमांक-6 के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल में नए पंजीकृत अधिवक्ताओं को उनकी प्रारंभिक आवश्यकताओं-जैसे कानून की पुस्तकें (लाइब्रेरी), टेबल और कुर्सी खरीदने के लिए एकमुश्त 20 हजार अनुदान देने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया था।
शासन ने बताया कि वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) के समक्ष रखने की सलाह दी है। इसके पहले उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में लागू समान योजनाओं एवं नियमों संबंधित राज्यों की जानकारी मांगी गई है। जानकारी प्राप्त होने के बाद प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा
कोर्ट ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार आवश्यक जानकारी शीघ्र प्राप्त करने तथा प्रस्ताव को बिना अनावश्यक विलंब के कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी, ताकि इस पर जल्द उचित निर्णय लिया जा सके। खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर 2026 की तिथि निर्धारित करते हुए प्रकरण को संबंधित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव विकासशील ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक, योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया दो वर्ष से ही प्रारंभ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सूची विभागावार अद्यतन कर ली जाए।
मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, आधार बेस अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, सूचना के अधिकार, सुघ्घर छत्तीसगढ़, नियद नेल्लानार योजना, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आई-गॉट के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जाये। अधिकारी-कर्मचारियों को आई-गॉट के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने कहा है। मुख्य सचिव ने कहा है कि सभी विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं को ऑनलाइन किया जाए।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव पी.दयानंद, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
पीएम फसल बीमा योजना के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन, किसानों से लाभ लेने की अपील
गरियाबंद। खरीफ मौसम 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान 31 जुलाई तक अपना बीमा करा सकते हैं. कलेक्टर की अध्यक्षता में 16 जुलाई को हुई जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए.
बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ 2026 के लिए जिले में धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, उड़द, मूंग, अरहर, मूंगफली, कोदो, कुटकी और रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है. योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक, बटाईदार और वनपट्टाधारी किसान ले सकते हैं. जिले के लिए बीमा कंपनी के रूप में बजाज अलायंज जनरल इंश्योरेंस को अनुबंधित किया गया है.
कितना देना होगा प्रीमियम
कृषि विभाग के अनुसार अनाज, दलहन और तिलहन फसलों के लिए कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत और लघुधान्य फसलों के लिए 1 प्रतिशत प्रीमियम किसानों को देना होगा. धान सिंचित के लिए 66 हजार रुपये बीमित राशि पर 1320 रुपये, धान असिंचित 49.50 हजार पर 990 रुपये, मक्का 50.60 हजार पर 1012 रुपये, अरहर 46.20 हजार पर 1012 रुपये, उड़द-मूंग 27.50 हजार पर 550 रुपये प्रीमियम निर्धारित है. इसी तरह मूंगफली 51.70 हजार पर 1034 रुपये, कोदो 19.80 हजार पर 198 रुपये, कुटकी 20.90 हजार पर 209 रुपये और रागी 18.70 हजार पर 187 रुपये प्रीमियम देना होगा.
यहां करें आवेदन
अऋणी किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, पी-2 और फसल बुवाई प्रमाण पत्र के साथ नजदीकी सीएससी सेंटर, संबंधित बैंक या लोक सेवा केंद्र में जाकर बीमा करा सकते हैं. फसल को नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल या टोल फ्री हेल्पलाइन 14447 पर सूचना देनी होगी.
अधिकारियों ने कहा कि इस वर्ष अल-नीनो के कारण मानसून देर से और बारिश में अनियमितता की संभावना है. ऐसे में जोखिम से बचाव के लिए सभी किसान अंतिम तिथि 31 जुलाई से पहले बीमा अवश्य कराएं.
नारायणपुर के साथ बीजापुर उप जेल का होगा उन्नयन, राज्य शासन ने जारी किया आदेश
रायपुर। बीजापुर के साथ नारायणपुर उप जेल के उन्नयन (अपग्रेड) के लिए राज्य शासन ने आदेश जारी किया है. जेल विभाग द्वारा जारी आदेश में दोनों जेलों को जिला जेल के समकक्ष अधिसूचित किया गया है.
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने बताया कि इन जेलों के उन्नयन से बंदियों के लिए सुविधाओं में इजाफा, जेल की बंदी क्षमता में वृद्धि, उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं, सुधार एवं कौशल विकास, परिजनों को सुविधा, सुरक्षा जोखिम में कमी, बल की बचत एवं सुरक्षा व बुनियादी ढांचे का विकास होगा.

रायपुर में छात्र आंदोलन को ट्रेड यूनियनों और सांस्कृतिक संगठनों का समर्थन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
रायपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और संसद मार्च के समर्थन में रायपुर के अंबेडकर चौक पर चल रहे छात्र आंदोलन को आज राजधानी की विभिन्न ट्रेड यूनियनों, सांस्कृतिक एवं नागरिक संगठनों ने समर्थन दिया। बड़ी संख्या में संगठन प्रतिनिधि और कार्यकर्ता आंदोलन स्थल पहुंचे, जहां छात्रों के साथ नारेबाजी और जनगीत गाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू), संयुक्त ट्रेड यूनियन काउंसिल, जनवादी लेखक संघ, इप्टा, जन संस्कृति मंच, प्रगतिशील लेखक संघ, झुग्गी-झोपड़ी संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित धांधलियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का उनका संगठन समर्थन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों की अनदेखी केंद्र सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये को दर्शाती है।
प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने, केंद्रीयकृत नीट परीक्षा प्रणाली समाप्त कर पूर्व व्यवस्था बहाल करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने तथा सभी के लिए निःशुल्क और सार्वभौमिक शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। वक्ताओं ने दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा की। साथ ही जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से शीघ्र छुट्टी देने की मांग भी की गई।
सभा के अंत में विभिन्न संगठनों ने रायपुर में जारी छात्र आंदोलन को हरसंभव सहयोग देने की घोषणा की। इस दौरान आंदोलन स्थल पर हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, सोनम बंसोड, डिंकल देशभ्रातर, योगेश सेलारकर, दिवांशु बंसोड और इंडिया धृतलहरे ने भूख हड़ताल शुरू की, जिसका उपस्थित संगठनों ने समर्थन किया।
बिलासपुर हाईकोर्ट की राहत: कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतन और सेवा समाप्ति पर 6 सप्ताह में होगा फैसला
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने राज्य के 11 नगरीय निकायों में लगभग 10 वर्षों से कार्यरत कंप्यूटर आपरेटरों को राहत दी है। कोर्ट ने उनकी सेवा समाप्ति और कई महीनों से लंबित वेतन के मामले में केंद्र सरकार और राज्य शहरी विकास अभिकरण को 6 सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कर्मचारियों को नया विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की अनुमति देते हुए कहा कि संबंधित सक्षम अधिकारी कानून के अनुरूप मेरिट के आधार पर उस पर विचार कर तर्कसंगत आदेश पारित करें। जस्टिस बिभु दत्त गुरु की एकल पीठ ने अमित कुमार वर्मा सहित 11 कंप्यूटर आपरेटरों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ता अमित कुमार वर्मा (भिलाई चरौदा), भूपेंद्र गौतम (दुर्ग), गेंद कुमार विश्वकर्मा (बलौदाबाजार), हेमंत कुमार सरवन (जगदलपुर), झुमुक लाल सोनकर (धमतरी), कुवेन्द्र ध्रुव (गरियाबंद), मनीष कुमार राजवाड़े (बैकुंठपुर), पुरुषोत्तम श्रीवास (महासमुंद), रोहित कुमार अनंत (कवर्धा), सरिता बैस (भिलाई चरौदा) और सरिता साहू (कांकेर) विभिन्न नगरीय निकायों में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत पिछले लगभग 10 वर्षों से कंप्यूटर आपरेटर के रूप में निरंतर सेवाएं दे रहे थे।
याचिका में कहा गया कि विभाग ने अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 तक का वेतन-मानदेय जारी नहीं किया, जबकि 7 अप्रैल 2026 को अचानक उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कर्मचारियों ने सेवा समाप्ति आदेश निरस्त करने, बकाया वेतन के भुगतान, सेवा बहाली तथा उनकी जगह नए आउटसोर्स या संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिए कि कर्मचारियों ने लगभग 10 वर्षों तक लगातार सेवाएं दी हैं, फिर भी बिना उचित कारण उनके सात माह का वेतन रोक दिया गया और सेवा समाप्त कर दी गई, जो पूरी तरह मनमाना है।
अभ्यावेदन के निराकरण पर केंद्र व राज्य ने जताई सहमति
राज्य, केंद्र सरकार तथा अन्य संबंधित विभागों की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि कर्मचारी नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करते हैं तो सक्षम प्राधिकारी उस पर निर्धारित समय-सीमा में विधि अनुसार निर्णय लेने को तैयार हैं। दोनों पक्षों की सहमति और कर्मचारियों के लंबित वेतन के मुद्दे को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण के सक्षम अधिकारियों के समक्ष नया व्यापक अभ्यावेदन प्रस्तुत करें। इसके बाद संबंधित अधिकारी छह सप्ताह के भीतर मामले का परीक्षण कर विधिसम्मत आदेश पारित करेंगे।
'कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं', स्मार्ट मीटर विवाद पर सीएम विष्णुदेव साय का पलटवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस के विरोध के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर केवल छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह विरोध के लिए नए-नए विषय तलाश रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस मुद्दाविहीन हो चुकी है और उसे सिर्फ प्रदर्शन करने के लिए किसी न किसी विषय की जरूरत पड़ती है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पारदर्शी और आधुनिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वंदे मातरम् पर केंद्र के फैसले का किया स्वागत
वहीं ‘वंदे मातरम्’ को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे नियमों का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् वही गीत है, जिसे गाते हुए देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आजादी की लड़ाई में कूद पड़े थे। आजादी की लड़ाई के दौरान असंख्य क्रांतिकारी ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष करते हुए हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए। यह गीत देशभक्ति और ऊर्जा से भर देने वाला है। सीएम ने कहा कि जब इतना प्रेरणादायी और ऊर्जावान ‘वंदे मातरम्’ है, तो अगर सभी लोग इसे अपनाते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भाजपा पर हमला, बोले- छात्रों पर लाठीचार्ज से उजागर हुआ सरकार का अलोकतांत्रिक चेहरा
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने छात्रों के आंदोलन, वंदे मातरम् को लेकर प्रस्तावित नए नियम और टीएस सिंहदेव के उनके निवास पहुंचने पर बीजेपी की प्रतिक्रिया को लेकर सरकार को घेरा। छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि संसद की शुरुआत और सदन से लेकर सड़क तक हंगामा देखने को मिल रहा है, जिससे बीजेपी का अलोकतांत्रिक चेहरा सामने आ गया है। आंदोलन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद निंदनीय है।
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार चाहती तो छात्रों को बुलाकर बातचीत कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलती का खामियाजा 22 लाख युवाओं को भुगतना पड़ रहा है और इस पूरे घटनाक्रम में 22 छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की है। इन मौतों की नैतिक जिम्मेदारी सरकार पर है।
वंदे मातरम् पर भी साधा निशाना
वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए नियमों पर भूपेश बघेल ने कहा कि वंदे मातरम् आजादी के आंदोलन का प्रतीक रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम् गाने वालों को अंग्रेज जेल में डाल देते थे। बघेल ने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उस समय ये लोग अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे और बताते थे कि कौन वंदे मातरम् गा रहा है और सजा दिलवाते थे, लेकिन आज बड़े भक्त बनने का दावा कर रहे हैं।
टीएस सिंहदेव के घर पहुंचने पर बीजेपी को दिया जवाब
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के भूपेश बघेल के निवास पहुंचने पर बीजेपी द्वारा उठाए गए सवालों पर भी बघेल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी बेहद बेचैन है। विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देने के बजाय सरकार ने ऐसा व्यवहार किया जैसे प्रस्ताव उनके खिलाफ हो। बघेल ने कहा कि सरकार के पास अपनी उपलब्धियां बताने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल पर चर्चा कर रही है।
टीएस सिंहदेव के उनके घर आने को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि सिंहदेव उनके बेटे चैतन्य को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक साल पहले चैतन्य के जन्मदिन पर ईडी (ED) आई थी। इस साल ईडी तो नहीं आया, टीएस सिंहदेव आ गए, लेकिन इससे भी बीजेपी को तकलीफ हो रही है।