प्रदेश
सुकमा में ACB की बड़ी कार्रवाई, 10 हजार की रिश्वत लेते BEO रंगे हाथ गिरफ्तार
सुकमा। जिले के कोंटा स्थित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने छापेमार कार्रवाई की है। शिक्षकों से एरियर्स की राशि बनाने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद ACB की टीम ने कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाकर बीईओ को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
इस कार्रवाई के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। ACB की टीम BEO कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संबंधित कागजात की जांच कर रही है। अधिकारियों द्वारा रिश्वतखोरी से जुड़े मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
शिक्षकों से एरियर्स भुगतान के नाम पर पैसे लेने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शिक्षकों की एरियर्स राशि तैयार करने/बनाने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायत ACB तक पहुंची थी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने कार्रवाई की। फिलहाल ACB की कार्रवाई जारी है। मामले में अधिकारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई और रिश्वत की रकम समेत अन्य विवरण ACB की जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होंगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग में ट्रासंफर, उप संचालक से DPO तक इधर से उधर, देखें लिस्ट
रायपुर। प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में दो दर्जन से अधिक अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है. इनमें उप संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) और सहायक संचालक का नाम शामिल है. सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं.
मुख्यालय स्तर पर भी अधिकारियों के प्रभार में बड़ा फेरबदल किया गया. इस ट्रांसफर लिस्ट में जगरानी एक्का को प्रभारी संयुक्त संचालक, संचालनालय महिला एवं बाल विकास की जिम्मेदारी दी गई है. साथ ही उप संचालक के रूप में चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया, अजय शर्मा और बृजेन्द्र सिंह ठाकुर को संचालनालय में पदस्थ किया गया है. इनके अलावा श्रुति नेरकर को उप संचालक, राज्य स्तरीय संसाधन केन्द्र रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
जिला स्तर पर बदलाव
जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) के पद पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. अशोक पांडेय को दुर्ग, वरुण नागेश को गरियाबंद और राजकुमार जाम्बुलकर को राजनांदगांव का जिला कार्यक्रम अधिकारी बनाया गया है. वहीं लुपेन्द्र महिनाग को प्रभारी DPO धमतरी, ऋतीश कुमार टंडन को प्रभारी DPO बेमेतरा, अतुल दाण्डेकर को प्रभारी DPO सक्ती और अनुकूल पांडेय को प्रभारी DPO जशपुर की जिम्मेदारी दी गई है.
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उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने ली विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक
रायपुर। राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गति लाने के उद्देश्य से आज उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विभागीय अधिकारियों की मंत्रालय में समीक्षा बैठक ली। बैठक में 1 जुलाई 2026 को लिए गए निर्णयों पर अब तक हुई कार्यवाही का बिंदुवार क्रियान्वयन की समीक्षा की गया। मंत्री श्री वर्मा ने समयबद्ध कार्यों में देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक ढिलाई को तुरंत दूर करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के सख्त निर्देश दिए। इस बैठक में सचिव अविनाश चंपावत, आयुक्त रीता यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्राध्यापक भर्ती और पदोन्नति की समयसीमा तय
बैठक के दौरान राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सत्र 2026-27 के तहत जारी प्रवेश प्रक्रिया का जायजा लिया गया। मंत्री श्री वर्मा ने सहायक प्राध्यापक के 700 पदों पर जारी भर्ती प्रक्रिया की रुकावटों को तत्काल दूर करने तथा प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। स्नातक प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति की पेंडेंसी पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने 15 सितंबर 2026 तक समस्त कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अपात्र होने के बावजूद पदोन्नति पाने वाले प्राध्यापकों की जांच कर उन पर की गई कार्यवाही की भी समीक्षा की गई।
न्यायालयीन प्रकरणों पर चिंता और वेतनमान का त्वरित निराकरण
वरिष्ठ और प्रवर श्रेणी वेतनमान के प्रकरणों में हो रही देरी के कारण सहायक प्राध्यापकों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, जिस पर मंत्री ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विभाग में लंबित न्यायालयीन प्रकरणों और याचिकाओं का ब्योरा मांगते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 अक्टूबर 2026 तक सभी विचाराधीन प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण कर आदेश जारी किए जाएं। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों की पीएच.डी. अनुमोदन की प्रगति और मंत्री कार्यालय द्वारा भेजी गई शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विस्तृत विवरण तलब किया गया।
वित्तीय पारदर्शिता और शैक्षणिक गुणवत्ता पर जोर
मंत्री श्री वर्मा ने समीक्षा के दौरान पिछली बैठक में मांगी गई बजट संबंधी अधूरी जानकारी पर असंतोष जताया गया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रत्येक शासकीय महाविद्यालय को आवंटित बजट की महाविद्यालयवार पूर्ण सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से महाविद्यालयों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षकीय कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया।
सत्र प्रबंधन और नई नीतिगत पहल
छात्र-छात्राओं के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने महाविद्यालयों में सीट वृद्धि की प्रक्रिया को सुचारू बनाने हेतु नया कैलेंडर लागू करने का सुझाव दिया। इसके तहत शासकीय व निजी महाविद्यालयों से सीट वृद्धि के प्रस्ताव दिसंबर तक मंगाकर जनवरी तक स्वीकृतियां जारी की जाएंगी, ताकि आदेशों में होने वाली त्रुटियों से महाविद्यालयों को मुक्ति मिल सके। लॉ और बी. एड. जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 31 दिसंबर तक प्राप्त होने वाले ऑनलाइन आवेदनों का निराकरण समय सीमा के भीतर करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही, 4-वर्षीय बी.एड. पाठ्यक्रम हेतु एन.सी.टी.ई. (NCTE) दिल्ली की नैक ग्रेडिंग शर्तों पर चर्चा के लिए एक विशेष टीम गठित कर दिल्ली भेजने और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमानुसार प्रति सेक्शन 60 विद्यार्थियों के अनुपात को समायोजित करने के लिए अभी से तैयारियां शुरू करने के निर्देश जारी किए गए।
महिला सशक्तिकरण पर भाजपा महिला मोर्चा का जोर, बोलीं- आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रहीं महिलाएं
रायपुर। महिलाओं के बीच में काम करने का अवसर मिला है. महिलाओं को लगातार आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है. शहरी ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी अवसर मिल रहा है. 2014 के पहले महिलाओं को अपना खर्च चलाने के लिए दूसरों के सामने हाथ फैलाने पड़ते थे, लेकिन स्थिति कुछ और हैं. अब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं. यह बात भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी ने मीडिया से चर्चा में कही.
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी की मौजूदगी में प्रेस को संबोधित करते हुए रूप कुमारी चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी ने संकल्प लिया है 2047 तक विकसित भारत बनाना है. भारत विश्व के नेतृत्व करने वाला राष्ट्र बनेगा, जिसमें महिलाओं का भी योगदान हो ऐसी संकल्पना है.
देश में लगभग 3 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. आज की महिलाएं रसोई संभालने तक समिति नहीं हैं, देश के कई क्षेत्रों में अपना योगदान दे रही हैं. वहीं ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश की वृद्धि दर में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर कहा कि विषम परिस्थितियों के बाद भी ग्रोथ रेट बढ़ रहा है इसलिए सबको बधाई. ये सब पीएम मोदी के दृढ़ इच्छा शक्ति से हो रहा है.
छत्तीसगढ़ में फिर कोरोना की दस्तक, रायपुर और राजनांदगांव में मिले संक्रमित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की दस्तक हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेश के दो जिलों रायपुर और राजनांदगांव में कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है। स्वाइन फ्लू के बीच कोरोना के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
जानकारी के अनुसार, रायपुर में मिले कोरोना संक्रमित मरीज का होम आइसोलेशन में इलाज जारी है, जबकि राजनांदगांव में चिन्हित मरीज का उपचार अस्पताल में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोनों मामलों में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक निगरानी रखी जा रही है।
संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग शुरू
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग की जा रही है। मरीजों के परिजनों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं बरतने और तत्काल जांच कराने की अपील की है। साथ ही लोगों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने और संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने की सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को विशेष रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने, बीमारी के लक्षण होने पर जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
वन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, देखें किसे मिली कहां की जिम्मेदारी
रायपुर। राज्य सरकार ने वन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला सूची जारी की गई है. प्रशासनिक दृष्टिकोण से 60 से अधिक सहायक वन सरंक्षक की नई पदास्थापना जारी हुई है. इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से आदेश जारी किया गया है.
आदेश के तहत राम कुमार सिदार को मंडल प्रबंधक, कर्वधा परियोजना मंडल, राज्य वन विकास निगम, कवर्धा पदस्थ किया गया है. विजेन्द्र सिंह ठाकुर को उप वनमंडलाधिकारी बस्तर, वनमंडल बस्तर भेजा गया है. अमिता गुप्ता को उप प्रबंधक, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ मुख्यालय, नया रायपुर पदस्थ किया गया है. इसी तरह मनोज कुमार विश्वकर्मा को उप वनमंडलाधिकारी बिरगुड़ी, वनमंडल धमतरी पदस्थ किया गया है. मोना महेश्वरी को संलाग्नाधिकारी, वृत्त कार्यालय दुर्ग भेजा गया है. जसवीर सिंह मरावी को उप वनमंडलाधिकारी कांकेर, वनमंडल कांकेर पदस्थ किया गया है.
कुमार सिंह कंवर को उप वनमंडलाधिकारी बैकुंठपुर, वनमंडल कोरिया भेजा गया है. वहीं एम. एल. सिदार कोउप प्रबंध संचालक, जिला यूनियन रायगढ़ पदस्थ किया गया है. शिवशंकर नाविक को उप मंडलाधिकारी धमतरी, वनमंडल धमतरी पदस्थ किया गया है. जबकि अवधेश सिंह को उप प्रबंध संचालक, जिला यूनियन, सूरजपुर पदस्थ किया गया है.
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मंत्री ओपी चौधरी से मिले पिरदा के ग्रामीण, आपत्ति के बाद जमीन अधिग्रहण पर लगा ब्रेक
रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की प्रस्तावित आवासीय कॉलोनी के लिए चिन्हांकित पिरदा गांव की जमीन का अब सरकार अधिग्रहण नहीं करेगी। ग्रामीणों की आपत्ति के बाद धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की।
बैठक में ग्रामीणों ने प्रस्तावित आवासीय परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना था कि चिन्हांकित जमीन पर वे लंबे समय से खेती कर रहे हैं। इसके अलावा करीब 20 प्रतिशत लोगों के मकान भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं। ऐसे में जमीन अधिग्रहण होने से उनके सामने आवास और आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।
ग्रामसभा में भी जताई थी आपत्ति
पिरदा में आरडीए द्वारा आवासीय कॉलोनी विकसित करने के लिए जमीन चिन्हांकित किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों और किसानों में चिंता बढ़ गई थी। ग्रामीणों ने ग्रामसभा में भी अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कृषि भूमि को अधिग्रहण से बाहर रखने की मांग की थी।
विधायक ने मुख्यमंत्री के सामने उठाया मुद्दा
ग्रामीणों की मांग को धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी को ग्रामीणों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए। इसके बाद मंगलवार को विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की।
आरडीए को पिरदा की जमीन नहीं लेने के निर्देश
मंत्री चौधरी ने ग्रामीणों की बात सुनने के बाद कहा कि यदि ग्रामीण अपनी जमीन पर आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते हैं, तो उनकी इच्छा के खिलाफ वहां परियोजना नहीं लाई जाएगी। मंत्री ओपी चौधरी ने आरडीए को पिरदा की जमीन नहीं लेने के निर्देश देने की बात कही। सरकार के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने राहत की बात कही है।
UCC को लेकर मुस्लिम समाज की बड़ी बैठक, लिव-इन रिलेशनशिप के प्रावधान पर जताई आपत्ति
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी के बीच मंगलवार को राजधानी रायपुर के महंत घासीदास ऑडिटोरियम में मुस्लिम समाज के प्रबुद्धजनों की बड़ी बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से किया गया। इसमें डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता और समाज के अन्य प्रबुद्धजन शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी ने की। शहर काजी कारी इमरान अशरफी ने भी UCC को लेकर अपने विचार रखे।
सलीम राज ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप
इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि UCC को लेकर कांग्रेस के कुछ लोग भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि समाज की ओर से कमेटी के समक्ष अपनी बात और आपत्तियां रखी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि देश संविधान और कानून के अनुसार चलेगा, शरीयत के कानून के अनुसार नहीं। साथ ही संविधान में सभी को धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार भी दिया गया है। बैठक में UCC के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई।
लिव-इन रिलेशनशिप के प्रावधान पर आपत्ति
इसके साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता दिए जाने के प्रावधान पर आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि तीन तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप का प्रावधान समाज के लिए उचित नहीं हैं और मुस्लिम समाज इसके खिलाफ है। बैठक में कहा गया कि जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष मुस्लिम समाज की ओर से सुझाव और आपत्तियां रखी जाएंगी।
सुझावों को कमेटी के सामने रखेंगे- फैजल रिजवी
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी ने कहा कि समाज के प्रबुद्धजनों से चर्चा के बाद इन सुझावों को कमेटी के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि UCC को लेकर छत्तीसगढ़ के लिए अलग और गुजरात के लिए अलग व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे देश में एक समान कानून होना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा बने सीनियर एडवोकेट, हाईकोर्ट ने दी मंजूरी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा को हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट के रूप में नामित किया है। हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने आज इस पर अपनी मंजूरी दे दी। इसके बाद रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। अधिसूचना के मुताबिक, विवेक शर्मा का सीनियर एडवोकेट के रूप में पदनाम तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी उल्लेख
अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट के 13 मई 2025 के फैसले और आदेश का भी उल्लेख किया गया है। यह आदेश आपराधिक अपील संख्या 865 of 2025, जितेंदर कल्ला बनाम राज्य (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार) मामले में पारित हुआ था। इसी के अनुपालन में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने विवेक शर्मा को सीनियर एडवोकेट के रूप में नामित करने का निर्णय लिया।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद सख्ती: VIP एस्टेट में 6 अवैध प्रतिष्ठान किये गए सील
रायपुर। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार रायपुर नगर पालिक निगम ने आवासीय क्षेत्रों में बिना अनुमति संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में नगर निगम जोन क्रमांक-9 के पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड क्रमांक-9 अंतर्गत वीआईपी एस्टेट में अशोका रतन के सामने आवासीय क्षेत्र में संचालित छह अवैध व्यावसायिक परिसरों को सीलबंद किया गया।

नगर निगम के अनुसार, संबंधित व्यवसायियों को नियमानुसार नोटिस जारी कर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद गतिविधियां जारी रहने पर निगम की टीम ने संबंधित परिसरों में ताला लगाकर सीलिंग की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान स्थल पंचनामा भी तैयार किया गया।
कलेक्टर और निगम आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेश, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश और जोन-9 जोन कमिश्नर राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में कार्यपालन अभियंता शरद ध्रुव, सहायक अभियंता सैयद जोहेब, उप अभियंता रविप्रभात साहू सहित जोन-9 के नगर निवेश विभाग की टीम शामिल रही।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम मुख्यालय की नगर निवेश उड़नदस्ता टीम और रायपुर जिला पुलिस कमिश्नरेट की टीम भी मौके पर मौजूद रही। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि आवासीय क्षेत्रों में बिना अनुमति संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इन 6 प्रतिष्ठानों पर हुई सीलिंग की कार्रवाई
नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वीआईपी एस्टेट में निम्न प्रतिष्ठानों को सीलबंद किया गया—
प्लॉट नंबर B77-78 – मोमोस ब्रदर कैफे
प्लॉट नंबर B79 – पिकल बॉल क्लब
प्लॉट नंबर B120 – श्री महादेव मार्केटिंग
प्लॉट नंबर C53 – बैकयार्ड कैफे
प्लॉट नंबर C90 – रेनबो किड्स स्कूल
प्लॉट नंबर C99 – हर हाईनेस ब्यूटी पार्लर.
सेक्स सीडी कांड में हाईकोर्ट का बड़ा अपडेट, 25 सितंबर को होगी भूपेश बघेल समेत अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई
बिलासपुर। प्रदेश के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड में भूपेश बघेल एवं अन्य पर आरोप लगने के विरुद्ध लगी याचिकाओं की सुनवाई अब 25 सितंबर को हाईकोर्ट में होगी। इस मामले में रायपुर की सीबीआई कोर्ट ने भूपेश बघेल, उनके राजनीतिक सलाहकार रहे विनोद वर्मा, भाजपा नेता कैलाश मुरारका समेत दो अन्य व्यक्तियों पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार पाया है। भूपेश बघेल को पहले निचली अदालत ने इस मामले में बरी कर दिया था, जिसे सेशन कोर्ट ने पलट दिया।
सेशन कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में दी चुनौती
भूपेश बघेल के द्वारा सेशन कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। वहीं उनके राजनीतिक सलाहकार रहे विनोद वर्मा और भाजपा के नेता कैलाश मुरारका ने भी उनके खिलाफ लगाए गए चार्ज के आदेश को अलग-अलग याचिका के माध्यम से चुनौती दी। प्राथमिक सुनवाई में हाईकोर्ट ने विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका को तो कोई अंतरिम राहत नहीं दी, लेकिन भूपेश बघेल के खिलाफ प्रकरण में आगे होने वाली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।
मामले की आज नहीं हो सकी सुनवाई
आज यह सुनवाई हाईकोर्ट में जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की पीठ में नियत थी, परंतु शाम तक नंबर न आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस स्थिति में सीबीआई की ओर से केंद्र सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, वरिष्ठ अधिवक्ता एस. वी. राजू ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले को विशेष रूप से सुनवाई के लिए निवेदन किया। उनके साथ अधिवक्ता वैभव गोवर्धन भी थे।
25 सितंबर को होगी सुनवाई
उन्होंने प्रारंभ में 15 सितंबर की तिथि की मांग की, जिसे विनोद वर्मा की ओर से उपस्थित अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और श्रिया गुप्ता तथा भूपेश बघेल की ओर से उपस्थित अधिवक्ता हर्षवर्धन परघानिया के द्वारा एक सप्ताह आगे रखने का निवेदन किया। मामले के लिए कोई नियत तिथि तय करने की आवश्यकता को देखते हुए हाईकोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई 25 सितंबर को नियत कर दी है।
संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाई आवाज: ‘सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ का लाभ छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर तक पहुंचे
अहमदाबाद/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के गुजरात अध्ययन दौरे पर अहमदाबाद में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
बैठक के पहले सत्र में समिति सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में खेल अधोसंरचना के विकास और प्रतिभावान खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अहमदाबाद में भारत वर्ष 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी और 2036 के ओलंपिक आयोजन की दावेदारी की दिशा में अग्रसर है, ऐसे में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तराशना और उन्हें सुरक्षित भविष्य देना बेहद जरूरी है।

CSR फंड का खेल अधोसंरचना में न्यायसंगत उपयोग
बृजमोहन अग्रवाल ने सुझाव दिया कि, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और लीड बैंकों को अपने CSR फंड का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा खेल अधोसंरचना के विकास में लगाने पर विचार करना चाहिए। CSR की राशि का उपयोग केवल संबंधित संस्थानों के कार्यक्षेत्र तक सीमित न रहकर देश के उन क्षेत्रों में भी किया जाना चाहिए, जहां खेल प्रतिभाएं तो हैं, लेकिन संसाधनों और सुविधाओं का अभाव है। यदि छत्तीसगढ़ के आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक खेल मैदान, प्रशिक्षण केंद्र और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो यहां की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश एवं प्रदेश का नाम
और अधिक रोशन कर सकती हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश लंबे समय से हॉकी की नर्सरी के रूप में अपनी पहचान रखता है, उन्होंने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हुआ, जिसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 3,800 खिलाड़ियों एवं प्रतिभागियों ने विभिन्न खेलों में हिस्सा लिया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की भरपूर संभावनाओं के साथ-साथ बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की क्षमता भी है।
बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया और फिट इंडिया को आगे बढ़ाने के लिए CSR निधि से स्कूल-कॉलेजों में मैदान और खेल उपकरण उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि, केवल पदक जीतने तक ही ध्यान सीमित न रहे, बल्कि स्कूल और कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य, फिटनेस और बुनियादी खेल सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।
पदक विजेता खिलाड़ियों को 100% रोजगार
बृजमोहन अग्रवाल ने विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में मेडल जीतने वाले और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चयनित खिलाड़ियों को सरकारी विभागों के साथ-साथ सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में भी 100% नौकरी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। जिससे युवा खेल को करियर के रूप में अपना सकें।
बैठक के दुसरे सत्र में ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं मिशन पोषण 2.0’ के देशव्यापी क्रियान्वयन, प्रभाव और आगामी रणनीतियों पर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने देश में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण तथा एनीमिया की रोकथाम के लिए चल रहे प्रयासों पर विचार रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के परिप्रेक्ष्य को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग की अवधि के लिए ₹1,81,703 करोड़ के कुल वित्तीय आवंटन (जिसमें ₹1,02,031 करोड़ केंद्रीय अंश है) के साथ संचालित 'मिशन पोषण 2.0' का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
छत्तीसगढ़ के जनजातीय व आकांक्षी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
श्री अग्रवाल ने चर्चा के दौरान उल्लेख किया कि देश के 112 आकांक्षी जिलों में छत्तीसगढ़ के भी कई जिले शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के वनांचल, बस्तर और सरगुजा संभाग जैसे दूरस्थ अंचलों में कुपोषण और एनीमिया के चक्र को तोड़ने के लिए जीवन-चक्र दृष्टिकोण (Life-cycle approach) के तहत पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP), पोषण ट्रैकर की डिजिटल मॉनिटरिंग और आंगनवाड़ियों का आधुनिकीकरण और अधिक गति से होना चाहिए।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सशक्तिकरण और पोषण ट्रैकर पर चर्चा
बैठक में पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) और आधार सत्यापन (99.98% पूर्ण) जैसी तकनीकी पहलों की समीक्षा की गई। श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश में 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों और 13.30 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से करोड़ों लाभार्थियों को सेवा दी जा रही है।
उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्य कर रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को समय पर मानदेय, सामाजिक सुरक्षा बीमा (PMJJBY, PMSBY) तथा डिजिटल प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का सुझाव दिया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि 'सक्षम आंगनवाड़ी' के तहत केंद्रों को एलईडी स्क्रीन, वाटर प्यूरिफायर, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) सामग्री और पोषण वाटिका से लैस किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को इसी आधुनिक तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बनाने से राज्य की भावी पीढ़ी के बौद्धिक व शारीरिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
बैठक में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक के साथ ही सदस्यगण शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया, बांसुरी स्वराज, सिकंदर कुमार, जितेंद्र कुमार दोहरे, दर्शन सिंह चौधरी, डॉ हेमांग जोशी, डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम, कांस्टैंडाइन रविंद्रन, राजीव राय, भीम सिंह , जियाउर रहमान समेत सरकार एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
संसदीय स्थायी समिति के अध्ययन दौरे पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का किया निरीक्षण
अहमदाबाद/रायपुर। शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के गुजरात अध्ययन दौरे के तहत सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अहमदाबाद स्थित विश्वस्तरीय वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल 2030 की तैयारियों, खेल सुविधाओं के विस्तार तथा स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की सहभागिता पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।

लगभग 21 एकड़ में ₹825 करोड़ की लागत से विकसित यह आधुनिक परिसर अत्याधुनिक एक्वेटिक्स सेंटर, इंडोर मल्टी-स्पोर्ट्स एरिना, आउटडोर जोन और ‘फिट इंडिया’ जोन जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "जब सरकार, समाज और निजी क्षेत्र मिलकर खेलों में निवेश करते हैं, तो केवल स्टेडियम नहीं बनते बल्कि देश के लिए नए चैंपियन तैयार होते हैं। यह परिसर राष्ट्रमंडल खेल 2030 और 2036 ओलंपिक मेजबानी के लिए भारत के संकल्प को सशक्त आधार प्रदान करेगा। खेल का मैदान जितना मजबूत होगा, भारत के पदकों का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।

नर्सिंग कॉलेजों में प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापकों की संविदा नियुक्ति, देखें लिस्ट…
रायपुर। राज्य सरकार ने सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक की संविदा नियुक्ति की है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, संविदा सेवा में सिर्फ मासिक एकमुश्त राशि वेतन देय होगी। इसके अतिरिक्त कोई विशेष वेतन, महंगाई भत्ता, क्षतिपूर्ति भत्ता, गृह भाड़ा भत्ता इत्यादि नहीं दिया जाएगा। संविदा नियुक्ति के अधीन वार्षिक वेतन वृद्धि की पात्रता नहीं होगी। अव्यवसायिक भत्ता की पात्रता नियमानुसार होगी।
सीधी भर्ती से संविदा पर नियुक्त कर्मचारी प्रत्येक कैलेण्डर वर्ष में 30 दिनों का आकस्मिक अवकाश एवं 3 दिनों का ऐच्छिक अवकाश की पात्रता होगी। वर्ष के मध्य में नियुक्त होने अथवा सेवामुक्त होने पर आकस्मिक अवकाश के पात्रता की गणना में अपूर्ण दिवस को आगामी पूर्ण दिवस से पूर्णांकित किया जाएगा। विश्रामावकाश विभागों में कैलेण्डर वर्ष का तात्पर्य 12 माह की वास्तविक सेवा से लगाया जाएगा।
संविदा पर नियुक्त व्यक्ति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 से शास्ति होंगे। नियुक्ति के दौरान दोनों पक्षों में से किसी एक पक्ष द्वारा एक माह की पूर्व सूचना या इसके एवज में एक माह का वेतन देकर नियुक्ति समाप्त की जा सकेगी। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को सेवा समाप्ति पश्चात् संविदा नियुक्ति शासकीय सेवक के रूप में जितनी अवधि तक सेवा दी गई है उस अवधि के लिये किसी भी प्रकार के पेंशन, उपादान या मृत्यु लाभ आदि की पात्रता नहीं होगी।
पीडीएफ को डाउनलोड कर देखें लिस्ट
D-01.09.2026-DME-प्राध्यापक-सह-प्राध्यापक-एवं-सहायक-प्राध्यापक-नियुक्ति-आदेश
‘एक पेड़ मां के नाम’ से वन संरक्षण तक, मंत्री केदार कश्यप ने बताईं ढाई साल की बड़ी उपलब्धियां
रायपुर। वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार के ढाई साल की विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में आदिम संस्कृति, सांस्कृतिक जैव-विविधता के संरक्षण के साथ-साथ हरित विकास और ग्रामीण कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है।
मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बस्तर की आदिम संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए 572 देवगुड़ियों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार का काम किया गया है। इस कार्य पर ढाई वर्षों में 19 करोड़ 5 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिली गति
हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण और वितरण किया गया। मंत्री के मुताबिक वर्ष 2024 में निर्धारित लक्ष्य से एक करोड़ अधिक 3 करोड़ 50 लाख पौधों का रोपण एवं वितरण हुआ। वर्ष 2025 में लक्ष्य के मुकाबले 215 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए 3 करोड़ 55 लाख पौधे रोपे और वितरित किए गए। वहीं वर्ष 2026 के अभियान में अब तक 2 करोड़ 23 लाख से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया जा चुका है.
तेन्दूपत्ता संग्राहकों को कई योजनाओं का लाभ
मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रदेश में तेन्दूपत्ता संग्रहण का मूल्य 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा है, जिसे देश में सर्वाधिक बताया गया। इसके अलावा 7 लाख 14 हजार संग्राहकों को 153 करोड़ रुपये प्रोत्साहन पारिश्रमिक दिया गया है। महिला मुखिया संग्राहकों को 12 लाख 40 हजार जोड़ी चरण पादुका वितरित की गई, जबकि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 12 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई।
36 हजार क्विंटल से ज्यादा वनोपज की खरीदी
वन मंत्री ने बताया, वनोपज के क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर 36,580 क्विंटल वनोपज की खरीदी की गई। इसके एवज में संग्राहकों को 16 करोड़ 66 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वहीं वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से 181 हर्बल उत्पाद तैयार किए गए हैं, जिनका मूल्य 4 करोड़ 42 लाख रुपये बताया गया है।
35 बाघ और 355 हाथियों के संरक्षण पर फोकस
वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। मंत्री ने बताया कि राज्य में 35 बाघों और 355 हाथियों के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने पर भी विभाग का जोर है।
425 नए गांवों तक पहुंची बस सेवा
मंत्री कश्यप ने बताया, परिवहन क्षेत्र में ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए 425 नए गांवों तक बस सेवा शुरू की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होने का दावा किया गया है। परिवहन विभाग की सेवाओं को डिजिटल किया गया है। इसके तहत RC और ड्राइविंग लाइसेंस की होम डिलीवरी शुरू की गई है। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से लोगों को परिवहन कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण, आदिवासी संस्कृति के संवर्धन, वन आधारित आजीविका को मजबूत करने और गांवों तक बेहतर परिवहन सुविधाएं पहुंचाने के साथ छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को गति देना है।
मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अधिकारी कर्मचारी को किया सम्मानित
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को जुलाई माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसी प्रकार से ई-ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग को दूसरा तथा ग्रामोद्योग विभाग को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया।

मुख्य सचिव ने सभी सम्मानित प्रशंसा पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस में लगातार अच्छा प्रदर्शन करें यही अपेक्षा है। उन्होंने आई-गाट पर प्रत्येक माह कम से कम 3 से 4 कोर्स प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी अपने विभाग की आवश्यकता के अनुसार अवश्य करें। मुख्य सचिव ने प्रदेश स्तर पर आई गाट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
संयुक्त सचिव से कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में ई-ऑफिस रैंकिंग के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव सच्चिदानंद आलोक प्रथम, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव जयश्री जैन द्वितीय, आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव भूपेन्द्र कुमार राजपूत तृतीय स्थान पर सम्मानित किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव दूरदेशी राम सोन्टापर विभाग प्रथम स्थान, श्रम विभाग के उप सचिव विपुल कुमार गुप्ता द्वितीय स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) के उप सचिव ऋतु वर्मा तृृतीय स्थान पर सम्मानित किया हुए। गृह विभाग के अवर सचिव पूरन लाल साहू प्रथम स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-1) के अवर सचिव कैलाश कुमार नेताम द्वितीय स्थान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अवर सचिव दिव्या वैष्णव तृतीय स्थान पर सम्मानित किया। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अनुभाग अधिकारी वीरेन्द्र कुमार प्रथम स्थान, अनुभाग अधिकारी जीवन लाल नेताम द्वितीय स्थान, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अनुभाग अधिकारी योगेन्द्र कुमार साहू तृतीय स्थान पर सम्मानित किया हुए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी मोहम्मद शाहिर अंसारी प्रथम स्थान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के सहायक अनुभाग अधिकारी प्रिया बागड़े द्वितीय स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-4) के सहायक अनुभाग अधिकारी जलेश राम तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण वरिष्ठ सचिवालय सहायक मुकेश राम प्रधान प्रथम स्थान, अनुसूचित जाति विकास विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक गौरव कुमार राय द्वितीय स्थान, वरिष्ठ सचिवालय सहायक अंजू दत्ता तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कनिष्ठ सचिवालय सहायक प्रभु सिंह राठिया प्रथम स्थान, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक संदीप कुमार तारम द्वितीय स्थान, नगरीय प्रशासन विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक उमेश यादव तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए। आदिम जाति विकास विभाग के सहायक ग्रेड-2 शेष नारायण साहू प्रथम स्थान, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की डाटा एन्ट्री ऑपरेटर माया देवांगन द्वितीय स्थान, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के सहायक ग्रेड- तरूण कुमार धृतलहरे तृतीय स्थान पर सम्मानित किया गया।

अटेंडेंस रेंक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले में अवर सचिव अनिल तिर्की, निज सचिव आराधना साहू, अनुभाग अधिकारी आशिष कुमार शर्मा, सहायक अनुभाग अधिकारी आशुतोष वर्मा, अनुभाग अधिकारी अश्वनी कुमार भतपहरी, सहायक अनुभाग अधिकारी भागेश कुमार ध्रुव, अवर सचिव भूपेन्द्र सिंह राजपूत, अवर सचिव दिव्या वैष्णव, उप सचिव हेमिन बाघे, भृत्य किशोर कुमार, सहायक अनुभाग अधिकारी लोक नारायण शर्मा, अनुभाग अधिकारी मंजूषा राजपूत, वरिष्ठ सचिवालय सहायक मेलू राम ध्रुव, सहायक अनुभाग अधिकारी मिर्जा मुस्कान बेग, अनुभाग अधिकारी मुकेश कुमार शाकार, वरिष्ठ सचिवालय सहायक नरेश कुमार बाघमार, सहायक अनुभाग अधिकारी पवन कुमार साहू, वरिष्ठ सचिवालय सहायक पुष्पांजली गजभिये, भृत्य राज कुमार सोरी, सचिव (भारसाधक) राजेश सिंह राणा, स्टैनो टायपिस्ट राखी सिदार, स्टैनो टायपिस्ट रमाकांत, वरिष्ठ सचिवालय सहायक रूपाली तिवारी, सहायक अनुभाग अधिकारी शिवचरण राठौर, सहायक अनुभाग अधिकारी सुधा शेंडे, सहायक ग्रेड-01 तरूण कुमार धृतलहरे, वरिष्ठ सचिवालय सहायक विवेक सोनी को रैंकिंग एक के लिए सम्मानित किया गया।
तीन माह का ई-ऑफिस रैंकिंग में आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव, भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम स्थान, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अपर सचिव सच्चिदानंद आलोक द्वितीय स्थान, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त सचिव जयश्री जैन तृतीय स्थान सम्मानित किया गया।
तीन माह के लिए अडेंटेंस रैकिंग में उच्च शिक्षा विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी लोक नारायण शर्मा प्रथम स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग के भृत्य राज कुमार सोरी द्वितीय स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक मेलू राम ध्रुव तृतीय स्थान पर सम्मानित किया गया।
तीन माह के लिए डिपार्टमेंट रैकिंग में प्रथम स्थान में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वितीय, गृह विभाग तृतीय स्थान वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सम्मानित किया गया।
ई-ऑफिस रैंकिंग विभागाध्यक्ष के अधिकारियों में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त रीता यादव प्रथम स्थान, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डी. राहुल वेंकट द्वितीय स्थान, उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक जॉन तिग्गा तृतीय स्थान, चिकित्सा शिक्षा विभाग सहायक ग्रेड-3 वेद प्रकाश देवांगन चतुर्थ स्थान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डाटा एन्ट्री ऑपरेटर पीताम्बर प्रसाद पाचवें स्थान पर सम्मानित किया गया।
ई-ऑफिस जिला कार्यालय में जिला रायपुर की सहायक परियोजना अधिकारी अनिता जैन प्रथम स्थान, जिला सक्ती कार्यालय सहायक सह डाटा एन्ट्री ऑपरेटर नंदनी सोनी द्वितीय स्थान, रायपुर जिले के नोडल अधिकारी पंकज कुमार शर्मा तृतीय स्थान, सक्ती जिला के ई-जिला तकनीकी प्रबंधक तुलसी देवांगन चौथा स्थान, कबीरधाम जिले के अधीक्षक राजेन्द्र सिंह धु्रर्वे पांचवा स्थान पर सम्मानित किया गया।
आई-गाट रैंकिंग में गौतम कुमार देवांगन, चौकीदार, आयुक्त बिलासपुर को प्रथम स्थान, प्रेम नारायण नायक, व्याख्याता, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार, द्वितीय स्थान और दिनेश कुमार, पुलिस आरक्षक, पुलिस अधीक्षक बालोद, तृतीय स्थान सम्मानित किया गया।
दिल्ली रवाना हुए CM साय, जल संरक्षण और सिंचाई पर समिट में साझा करेंगे छत्तीसगढ़ का मॉडल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। उन्होंने रायपुर एयरपोर्ट में मीडिया से बातचीत करते हुए अपने दिल्ली दौरे को लेकर उन्होंने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा विभागीय समिट का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। समिट में जल संरक्षण, सिंचाई और पेयजल से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। छत्तीसगढ़ में भी जल संरक्षण को लेकर लगातार काम किया जा रहा है। प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की जानकारी समिट में साझा की जाएगी।
GDP ग्रोथ पर मुख्यमंत्री ने कही यह बात
देश की GDP ग्रोथ को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वैश्विक स्तर पर लगातार अशांति का वातावरण बना हुआ है। इसके बावजूद भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार आर्थिक विकास कर रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की GDP ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और अथक परिश्रम का प्रमाण है।
