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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – 2028-29 तक पूरा छत्तीसगढ़ होगा बाल विवाह मुक्त
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को शुरू किए गए “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य का बालोद जिला पूरे देश का पहला जिला बन गया है, जिसे आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है। बालोद जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 09 नगरीय निकायों को विधिवत प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।
बालोद बना राष्ट्रीय उदाहरण
विगत दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जिले के सभी पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त का दर्जा मिल गया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ बालोद जिला पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है।
बालोद जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों और नगरीय निकायों को इस प्रयास में सक्रिय सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया।
सूरजपुर की 75 ग्राम पंचायतें भी बाल विवाह मुक्त
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों से भी बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। इसे राज्य सरकार ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
बाल विवाह उन्मूलन केवल सरकारी अभियान नहीं, सामाजिक परिवर्तन का संकल्प - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिन जिलों में पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
समाज और सरकार की साझेदारी से संभव हुआ बाल विवाह उन्मूलन: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि बालोद की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। सूरजपुर की उपलब्धि भी इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इस अभियान में यूनिसेफ का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। संगठन ने तकनीकी सहयोग, जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी तंत्र को मजबूत करने में मदद की।
छत्तीसगढ़ की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर एक मील का पत्थर माना जा रहा है। “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को गति देने में यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सामुदायिक भागीदारी और शिक्षा को केंद्र में रखकर काम किया जाए तो देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है।
राज्य सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों को भी बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी कर रही है। 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य न केवल राज्य, बल्कि देश को बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के और निकट ले जाएगा।



साय कैबिनेट की बैठक समाप्त, जानिए बैठक में बैठक लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
- मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरूद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने के संबंध में बैंकों/वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस संबंध में आगे की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। वित्त विभाग द्वारा प्रक्रिया में पात्र पाए जाने वाले बैंक/वित्तीय संस्था से सम्पादित किए जाने वाले एमओयू के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया।
- मंत्रिपरिषद द्वारा दिव्यांगजनों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की बकाया ऋण राशि रूपये 24,50,05,457/- (रूपये चौबीस करोड़ पचास लाख पांच हजार चार सौ सत्तावन मात्र) एकमुश्त वापस किये जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के द्वारा राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा हेतु न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण प्रदाय किया जाता है।
- मंत्रिपरिषद द्वारा स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 के प्रावधानों में एक बार के लिये छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती की अनुमति दी गई है। शिक्षा विभाग के भर्ती नियम-2019 को शिथिल करते हुए स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती चयन परीक्षा के स्थान पर एक बार मेरिट के आधार पर करने का अनुमोदन मंत्रिपरिषद ने प्रदान किया।
- मंत्रिपरिषद की बैठक में आज मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हो रहे 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमिताभ जैन को भावभीनी दी गई और नवनियुक्ति मुख्य सचिव विकास शील (भारतीय प्रशासनिक सेवा 1994 बैच) का स्वागत किया गया।
कलेक्टर ने किया जिला कोषालय का निरीक्षण, मॉक ड्रिल से परखी गई अग्नि सुरक्षा की तैयारियां
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला कोषालय का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रांग रूम का सत्यापन कर वहाँ की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इस दौरान अग्निशमन उपकरणों का मॉक ड्रिल भी आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से संभावित अग्नि दुर्घटनाओं के समय बचाव एवं राहत कार्यों की कार्यप्रणाली का अभ्यास किया गया।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर नम्रता जैन (आईएएस), सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन एवं वरिष्ठ कोषालय अधिकारी गजानन पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

25वीं राज्य स्तरीय शाला क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह हुई आयोजित
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित जे. आर. दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी माध्यमिक विद्यालय में आज 25वीं राज्य स्तरीय शाला क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह बड़े उत्साह और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। चार दिनों तक चले इस आयोजन ने राज्यभर के विद्यार्थियों की प्रतिभा को एक मंच पर प्रस्तुत किया और विद्यालय प्रांगण खेल भावना तथा ऊर्जा से गूंज उठा।
राज्य के स्कूलों में 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर लगाए जाएंगे
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने 25वीं राज्य स्तरीय शाला क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन अवसर पर राज्य के स्कूलों में 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर लगाने की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ
स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थी डिजिटल कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल, वीडियो लेक्चर और इंटरैक्टिव पढ़ाई का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इससे कठिन विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझना आसान होगा। वहीं 22 हजार कंप्यूटरों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा, इंटरनेट से जुड़ाव और डिजिटल स्किल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
ग्रामीण और वनांचल अनुसूचित क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा
इस योजना से खास तौर पर ग्रामीण और वनांचल अनुसूचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ होगा। अब उन्हें भी शहरों जैसी आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर से पढ़ाई में समान अवसर मिलेंगे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद
स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। ऑनलाइन टेस्ट, प्रश्नपत्र और अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध होगी, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
शिक्षक और शिक्षा व्यवस्था को भी लाभ
स्मार्ट क्लास से केवल विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि शिक्षक भी लाभान्वित होंगे। शिक्षक डिजिटल साधनों का उपयोग करके विषयों को और बेहतर ढंग से पढ़ा पाएंगे। ऑनलाइन संसाधनों की मदद से अध्यापन का स्तर ऊँचा होगा और कक्षाओं में सहभागिता बढ़ेगी।
भविष्य की ओर मजबूत कदम
गजेंद्र यादव ने कहा कि यह पहल राज्य को डिजिटल एजुकेशन के क्षेत्र में नई ऊँचाई पर ले जाएगी। आने वाले समय में विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में बल्कि तकनीक, नवाचार और कौशल विकास में भी आगे बढ़ पाएंगे। यह कदम राज्य के शिक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
चार दिवसीय आयोजन में खेलों का रोमांच
इस प्रतियोगिता का आयोजन 27 सितम्बर से 30 सितम्बर तक किया गया। राज्य के सभी संभागों के विभिन्न जोनों से आए खिलाड़ियों ने हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, सॉफ्ट टेनिस, रोलर स्केटिंग और साइक्लिंग जैसे खेलों में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों का संघर्ष, अनुशासन और जीतने का जज़्बा दर्शकों के लिए प्रेरणादायी रहा। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर सभी खेलों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साह और अधिक बढ़ा।
शिक्षा मंत्री का प्रेरक संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि जीवन स्वयं एक खेल है जिसमें जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हारने वाले खिलाड़ी को कभी निराश नहीं होना चाहिए और जीतने वाले को अहंकार से दूर रहना चाहिए। मंत्री ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी समान रुचि रखनी चाहिए, क्योंकि खेल हमें जीवन जीने का उत्साह और अनुशासन सिखाते हैं।
खेल और शिक्षा का गहरा रिश्ता
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक स्वरूप तभी पूर्ण होता है जब उसमें खेल, कला और संस्कृति का समावेश हो। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, परिश्रम और सामूहिकता की भावना विकसित करते हैं। वहीं विधायक सुनील सोनी ने विद्यार्थियों को संस्कारों के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि संस्कारवान विद्यार्थी ही आदर्श नागरिक बन सकते हैं और संस्कारों के बल पर ही जीवन की कठिनाइयों का सामना संभव है। कलेक्टर गौरव सिंह ने परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी और विद्यार्थियों को उनमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ और उज्ज्वल भविष्य की कामना
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही देश का भविष्य है और विद्यार्थियों को अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य और देश का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रतियोगिता से खिलाड़ियों को नई प्रेरणा और आत्मविश्वास मिलेगा, जो उन्हें जीवन की हर चुनौती का सामना करने में मदद करेगा।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
समारोह में विधायक मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालय परिवार तथा राज्यभर से आए विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा, खेल और संस्कृति के समन्वय से ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है और यही उनकी सफलता की असली कुंजी है।



महासमुंद कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागीय योजनाओं, विभागवार लंबित मामलों एवं कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा एवं रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, सभी विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। वीसी के माध्यम से जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित सभी ब्लाॅक स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर लंगेह ने कहा कि अगस्त माह का जीएसटी आज ही जमा किया जाए। जिन विभागों के जीएसटी रिटर्न जमा नहीं किए गए हैं, वे तत्काल जमा करें। साथ ही उन्होंने कहा कि हर महीने की 10 तारीख के पूर्व जीएसटी जमा करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने गढ़फुलझर, खल्लारी में किए गए घोषणाओं के अनुरूप कार्याें में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि ई-आॅफिस के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह मूव किए गए फाइलों की स्थिति अपडेट की जाए तथा ई-ऑफिस के अंतर्गत ही पत्राचार व्यवहार में लाई जाए।
कलेक्टर ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 2 से 14 अक्टूबर तक ग्राम सभाओं का आयोजन होगा। इनमें एग्रीस्टेक पंजीयन, डिजिटल क्राॅप सर्वे तथा मैन्युअल गिरदावरी की सूची अनिवार्य रूप से चस्पा कर पठन कराया जाए। यदि कोई दावा-आपत्ति मिलती है तो उसका पुनः पीवीआर ऐप से सत्यापन कर आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इसके लिए सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा में कहा कि सभी विकासखंड एवं ग्राम नोडल अधिकारी प्रत्येक ग्राम का विलेज एक्शन प्लान अपलोड करें। 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाओं में इन एक्शन प्लानों का अनुमोदन कराया जाएगा। प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत शेष आवासों को पूर्ण करने निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आवास का कार्य प्रतिदिन प्रगतिरत रहें। कलेक्टर ने जनमन की समीक्षा में पूर्ण सिच्युएशन के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पोषण माह अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न गतिविधियों को पोर्टल में एंट्री किए जाने के निर्देश दिए हैं। अन्य विभागों को भी पर्याप्त संख्या में एंट्री करने कहा गया है। कलेक्टर लंगेह ने खाद्य एवं औषधि प्रसाधन विभाग को सभी मिठाई दुकानों में मिठाई एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित जांच के निर्देश दिए हैं।
बैठक में समय-सीमा में प्राप्त पत्रों की समीक्षा, जनशिकायत निवारण एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम, न्यायालयीन प्रकरणों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को कहा कि कोई भी जिला अधिकारी बिना अनुमति लिए मुख्यालय नहीं छोड़ेगा और न ही बैठक में अपने प्रतिनिधि भेजेंगे। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा में ओवर लोडेड गाड़ियां, हाॅर्न प्रेसर और शराब पी कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को भी सीट बेल्ट और हेलमेट लगाकर वाहन चलाने के निर्देश दिए है। बैठक में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के वाहन चलाने पर तथा ट्रिपल सवारी पर भी निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
हाईकोर्ट ने निरस्त किया सहायक प्राध्यापक का निलंबन, आदेश को माना अवैध, जानिए पूरा मामला…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कमलेश दुबे ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से एक याचिका प्रस्तुत की, जिसमें न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए शासकीय बृजलाल वर्मा महाविद्यालय पलारी में राजनीति विज्ञान के सहायक प्राध्यापक के निलंबन आदेश को अवैध माना और दुर्भावनापूर्ण करार देते हुए उसे रद्द कर दिया। न्यायालय ने इस निलंबन को “प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन” मानते हुए टिप्पणी की कि यह कार्यवाही न केवल सेवा नियमों के विरुद्ध थी, बल्कि समाज में व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली भी थी।
प्रकरण के अनुसार, याचिकाकर्ता सहायक प्राध्यापक के रूप में महाविद्यालय में लगभग 23 वर्षों से सेवा दे रहे थे और उनका सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह निष्कलंक था। 11 सितंबर 2015 को कॉलेज में कंप्यूटर शिक्षक के पद पर नियमित नियुक्ति के चलते मानदेय पर कार्यरत प्रीति साहू को कार्यमुक्त कर दिया गया। इसके तुरंत बाद कॉलेज में छात्रों के एक वर्ग द्वारा आंदोलन शुरू किया गया, जिसमें प्रीति साहू की पुनर्नियुक्ति की मांग की गई।
17 सितंबर 2015 को छात्र संघ ने कॉलेज प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं जैसे वाई-फाई, कैंटीन, स्वच्छता, जल आपूर्ति आदि की शिकायतें थी। साथ ही यह भी आरोप था कि प्रीति साहू को व्यक्तिगत द्वेष के चलते हटाया गया। इस ज्ञापन में कहीं भी सहायक प्राध्यापक के विरुद्ध कोई शिकायत दर्ज नहीं थी। हालांकि इसके कुछ ही दिन बाद एक स्थानीय अखबार में खबर प्रकाशित हुई, जिसमें याचिकाकर्ता पर छात्राओं से दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए गए। इसके तुरंत बाद 21 सितंबर 2015 को कॉलेज प्रशासन ने एक एकपक्षीय जांच की, जिसमें कुछ छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। बिना याचिकाकर्ता को कोई नोटिस दिए या उनका पक्ष जाने इसी रिपोर्ट के आधार पर 23 सितंबर 2015 को निलंबन आदेश जारी कर दिया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से प्रकरण की पैरवी अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने की। उन्होंने दलील दी कि यह पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित और दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है। न तो किसी छात्रा ने पूर्व में कोई शिकायत की थी और न ही प्रीति साहू ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसी कोई बात उठाई थी। उन्होंने कहा कि अखबार में छपी खबर को आधार बनाकर व्यक्ति की छवि खराब करना और उसके आधार पर निलंबन जैसी सख्त कार्यवाही करना पूरी तरह अनुचित और असंवैधानिक है।
राज्य शासन की ओर से यह तर्क दिया गया कि छात्राओं की शिकायतों के मद्देनजर यह निलंबन आवश्यक था, लेकिन अदालत ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि सिर्फ शिकायतों या समाचार पत्र में प्रकाशित खबरों के आधार पर कोई कर्मचारी निलंबित नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसके विरुद्ध उचित जांच, प्रमाण और सुनवाई न हो। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि यद्यपि निलंबन एक दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, लेकिन यह व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डालता है। जब यह कार्रवाई बिना उचित आधार, सुनवाई के अवसर और दृष्टिगोचर द्वेषपूर्ण मंशा के तहत की जाए तो यह न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत हो जाती है।
अंततः, न्यायालय ने निलंबन आदेश (दिनांक 23.09.2015) को अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि चूंकि याचिकाकर्ता पहले से ही अंतरिम आदेश के अंतर्गत सेवा में वापस आ चुके हैं।
NIA कोर्ट ने नक्सली दंपत्ति को भेजा जेल, रायपुर में पहचान छुपाकर रह रहे थे नक्सली पति-पत्नी
बिलासपुर। एनआईए कोर्ट ने नक्सली गतिविधियों में लिप्त दंपत्ति जग्गू कुरसम और कमला कुरसम को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। दोनों को हाल ही में रायपुर के डीडी नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी UAPA एक्ट के तहत की गई थी, क्योंकि दोनों पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और नक्सली संगठन को सहयोग देने के गंभीर आरोप हैं।
गिरफ्तारी और पूछताछ का सिलसिला
मामले की शुरुआत बीते दिनों हुई जब रायपुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए नक्सली दंपत्ति को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद पत्नी कमला कुरसम को दो दिन पहले ही जेल भेज दिया गया था, जबकि पति जग्गू कुरसम को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगीं, जिनके आधार पर नक्सली नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी सामने आई।
कोरबा से एक और नक्सली की गिरफ्तारी
जग्गू कुरसम से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने कोरबा जिले में दबिश दी और वहां से नक्सली रामा इच्छा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से संदिग्ध सामान और सोना बरामद किया है, जिसके नक्सली गतिविधियों से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं। माना जा रहा है कि यह सोना नक्सली फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
अदालत की कार्रवाई
तीनों आरोपियों – जग्गू कुरसम, कमला कुरसम और रामा – को सोमवार को बिलासपुर स्थित एनआईए कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने केस की गंभीरता को देखते हुए तीनों को जेल भेजने का आदेश दिया। एनआईए और पुलिस की संयुक्त टीम अब इनके नक्सली नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों की गहन जांच कर रही है।
नक्सली नेटवर्क की बड़ी कड़ी उजागर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से नक्सली संगठन की गतिविधियों और उनके शहरी नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं। खासतौर पर पति-पत्नी की संलिप्तता से यह स्पष्ट होता है कि नक्सली संगठन अब शहरी इलाकों में भी अपने सहयोगियों को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहा है।फिलहाल, पुलिस और एनआईए टीम आरोपियों से मिले दस्तावेज़ों और बरामद सामान की जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री साय रायपुर शहर के विभिन्न गरबा महोत्सव में हुए शामिल, मातारानी का दर्शन कर लिया आशीर्वाद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दिया और हर तरफ़ उत्सव का उल्लास वातावरण में व्याप्त था।
मुख्यमंत्री श्री साय भानपुरी स्थित श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, आशीर्वाद भवन में श्री गुजराती लोहाणा महाजन समाज द्वारा आयोजित "झणकारो 2025", इनडोर स्टेडियम में "रंगीलो रास 2025" तथा ओमाया पार्क में "रास गरबा उत्सव" में सम्मिलित हुए। इन आयोजनों में समाजजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक कच्छ पगड़ी पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। गरबा की धुनों और रंगारंग माहौल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है तथा जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन ही यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी रिफॉर्म लागू कर देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। यह सुधार न केवल व्यापार को सुगम बनाएगा बल्कि उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ भी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘बचत उत्सव’ के माध्यम से आम नागरिकों की जेब में पैसों की उल्लेखनीय बचत हो रही है और यह अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी बाजार जाएँ तो स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी को प्राथमिकता दें। स्वदेशी से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और यही देश की समृद्धि का आधार बनेगा।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, आरंग विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और गुजराती लोहाणा महाजन समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


ईडी के खिलाफ आधी रात को थाने में कांग्रेसी ने दर्ज कराई शिकायत
रायपुर। कांग्रेसी ने बीती रात कोतवाली थाने में ईडी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित हेमंत चंद्राकर ने अपनी लिखित शिकायत में पूछताछ के नाम पर ईडी अधिकारी पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित और मारपीट का करने का आरोप लगाया है.
पीड़ित का कहना है कि ईडी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य लोगों के खिलाफ गवाही देने का दबाव बना रही है. राजधानी के रोहणीपुरम स्थित कंचनगंगा कॉलोनी के निवासी हेमंत चंद्राकर ने पुलिस को दिए अपनी लिखित शिकायत में बताया कि वह 29 सितंबर को सुबह 10.30 बजे प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर कार्यालय में पूछताछ के लिए गया था. पूछताछ रात 8.30 बजे तक चला, जिसके बाद मुझे अगले दिन फिर से आने को कहा.
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करने के साथ मानसिक तौर पर दबाव डाला कि वह यह स्वीकार करे कि भूपेश बघेल के लोग विजय भाटिया, रामगोपाल अग्रवाल, आशीष वर्मा, मंदीप चावला और उनके एजेंट आदित्य अग्रवाल, शाश्वत जैन, किशोर चंद्राकर, सतपाल सिंह छाबड़ा को कमीशन देकर कार्य किया गया है. इसके साथ ईडी अधिकारी पर जानबूझकर खुद के साथ अपने परिवार को उत्पीड़ित करते हुए अवैधानिक तरीके से बयान लेने का प्रयास करने का आरोप लगाया. थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ विधिसम्मत उचित कार्रवाई की मांग की है.
श्मशान घाट में अव्यवस्था देखकर भड़के चीफ जस्टिस
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा रविवार (28 सितंबर) को बिल्हा के मुक्तिधाम पहुंचे। जहां उन्होंने चारों तरफ अव्यवस्था और गंदगी देखी। वे किसी न्यायिक अधिकारी के पिता के निधन पर पहुंचे थे। जिसके बाद उन्होंने इस बदहाली पर संज्ञान लिया। हाईकोर्ट में इन दिनों दशहरा पर्व की छुट्टी चल रही है। बावजूद इसके चीफ जस्टिस ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई की और कहा कि मृत्यु के बाद शव का सम्मानजनक विदाई संवैधानिक और मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार, कलेक्टर और ग्राम पंचायत को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर के बिल्हा ब्लॉक के ग्राम रहंगी स्थित मुक्तिधाम का मामला है। दरअसल, हाईकोर्ट के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए बोदरी में आवासीय परिसर बना है। रविवार (28 सितंहर) को हाईकोर्ट के एक न्यायिक अधिकारी के पिता का निधन हो गया। लिहाजा, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा उनकी अंत्येष्टि में शामिल होने ग्राम पंचायत रहंगी के मुक्तिधाम पहुंचे थे। वहां की स्थिति देख चीफ जस्टिस हैरान रह गए। उन्होंने देखा कि मुक्तिधाम में कोई बाउंड्रीवॉल या फेंसिंग नहीं है। पहुंचने का रास्ता गड्ढों से भरा है और बारिश में पानी भर जाता है, जिससे लोगों का पहुंचना मुश्किल होता है। जगह- जगह झाड़ियां और जंगली घास है। जहां सांप और जहरीले कीड़ों के आने की आशंका है। सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। अंतिम संस्कार के बाद फेंके गए कपड़े, पॉलीथिन, शराब की बोतलें और कचरा इधर-उधर बिखरा पड़ा है। यहां कचरा फेंकने डिब्बा तक नहीं है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने इस अव्यवस्था को लेकर जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। दशहरा अवकाश के बीच सोमवार को उन्होंने इस मामले की सुनवाई की। इस दौरान राज्य सरकार पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही शासन, कलेक्टर और ग्राम पंचायत को अव्यवस्था दूर करने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि जब कोई व्यक्ति स्वर्गवासी होता है, तो उसके पार्थिव शरीर को सम्मानजनक विदाई मिलनी चाहिए। यह कोई वस्तु नहीं कि अमानवीय तरीके से निपटाया जाए। परिवार और रिश्तेदार भावनाओं से जुड़े होते हैं और शांत वातावरण में विदाई चाहते हैं।
राज्य सरकार की यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता की व्यवस्था करे। ऐसा न करना संविधान, नगरपालिका अधिनियम और पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति पूरे राज्य, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में है, जहां मुक्तिधाम को सबसे कम प्राथमिकता दी जाती है। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, पंचायत सचिव और बिलासपुर के कलेक्टर को व्यक्तिगत शपथ पत्र देने के निर्देश दिए हैं। केस की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
किशोरी अमृत सरोवर बना खुशहाली का स्रोत: 20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प, सिंचाई और मछलीपालन से बदल रही है ग्रामीणों की जिंदगी
रायपुर। कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम किशोरी में मिशन अमृत सरोवर के तहत नवीनीकृत हुआ तालाब आज ग्रामीण जीवन को नई दिशा दे रहा है। कभी अनुपयोगी हो चुका यह तालाब अब ग्रामीणों के लिए दैनिक निस्तार, पशुओं के पेयजल, खेती-बाड़ी और आजीविका संवर्धन का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है।
20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प
ग्राम पंचायत किशोरी में लगभग 20 वर्ष पुराना तालाब लंबे समय तक उपेक्षा के कारण अनुपयोगी हो गया था। वित्तीय वर्ष 2022- 23 में पंचायत के प्रस्ताव पर इसे मिशन अमृत सरोवर के तहत पुनर्जीवित किया गया। करीब 10 लाख रुपये की लागत से तालाब का जीर्णाेद्धार कर इसकी जलभराव क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 10 हजार घनमीटर कर दिया गया।
18 एकड़ खेतों में पहुंचा पानी
तालाब के पुनरुद्धार से आसपास के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। किसान मनोज रक्सेल और अरविन्द सिंह की तीन-तीन एकड़, जबकि सुरेन्द्र, लक्ष्मण, वीरेन्द्र और आनंद की दो-दो एकड़ से ज्यादा भूमि अब सिंचित हो रही है। इसके अलावा जगबली यादव की लगभग सवा एकड़ ज़मीन भी इस सरोवर से सींची जा रही है। किसानों ने बताया कि अब वे खरीफ के साथ रबी की फसलें भी लेने लगे हैं, जिससे उनकी आमदनी में सुधार हुआ है।
महिलाओं की कमाई 75 हजार रुपए
ग्राम पंचायत ने अमृत सरोवर को आजीविका संवर्धन के रूप में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को लीज पर उपलब्ध कराया है। जय मां महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने इस तालाब से बीते ग्रीष्म में 75 हजार रुपये की मछली बेचकर लाभ कमाया। समूह की अध्यक्ष सोनकुंवर और सचिव जीराबाई ने बताया कि इस साल लगभग तीन लाख रुपए के मछली उत्पादन की उम्मीद है। यह पहल महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का जरिया और पोषण संवर्धन का साधन बन रही है।
खुशहाली का प्रतीक बना अमृत सरोवर
किशोरी ग्राम पंचायत का यह अमृत सरोवर आज केवल जल संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि और महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके जीवन में स्थायी परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
कवर्धा के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला- भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता
रायपुर। मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।
कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।
यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500-13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।
प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।
शराब घोटाला मामला : EOW ने कांग्रेस प्रभारी महामंत्री को भेजा नोटिस, कार्यालय के अकाउंटेंट डड़सेना की मांगी जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला पिछले दो वर्षों से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में लगातार चर्चा का विषय रहा है। करोड़ों रुपये के इस कथित घोटाले को लेकर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और ACB दोनों ही जांच कर रहे हैं। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब ACB ने सीधे कांग्रेस संगठन से सवाल पूछते हुए नोटिस जारी किया है।
कांग्रेस को जारी नोटिस
मिली जानकारी के अनुसार, एसीबी ने प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू को नोटिस भेजा है। नोटिस में शराब घोटाला मामले में कांग्रेस संगठन की भूमिका को लेकर जानकारी मांगी गई है। साथ ही पार्टी कार्यालय के कर्मचारी देवेंद्र डड़सेना के संबंध में भी तीन बिंदुओं पर सवाल पूछे गए हैं।
देवेंद्र डड़सेना का नाम क्यों आया सामने
शराब घोटाला की जांच के दौरान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी देवेंद्र डड़सेना का नाम सामने आया था। आरोप है कि डड़सेना ने कथित रूप से कुछ ऐसे दस्तावेजों और लेन-देन की जानकारी दी थी, जो सीधे तौर पर इस घोटाले से जुड़ सकती है। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी कांग्रेस की ओर से सामने नहीं आई है।
तीन बिंदुओं में मांगी गई जानकारी
ACB ने नोटिस में जिन तीन बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, उनमें मुख्य रूप से यह पूछा गया है कि –
देवेंद्र डड़सेना किस क्षमता में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से जुड़े हुए हैं।
शराब घोटाला मामले में उनके नाम के सामने आने के बाद पार्टी ने क्या कार्रवाई या स्पष्टीकरण लिया है।
घोटाले से संबंधित दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य गतिविधियों की जानकारी संगठन स्तर पर उपलब्ध कराई जाए।
कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नोटिस से कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब तक कांग्रेस इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाती रही है। लेकिन एसीबी का नोटिस पार्टी के संगठनात्मक ढांचे तक सवाल उठाता है, जिससे कांग्रेस को जवाब देना अनिवार्य हो गया है।
राजधानी के 7 बारों पर जिला प्रशासन की सख्ती, लाइसेंस सस्पेंड, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जारी रहेगी कार्रवाई
रायपुर। राजधानी रायपुर में देर रात तक बार और क्लब संचालित करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देश के बाद रात 12 बजे के बाद भी चालू रहने वाले 7 बार के लाइसेंस को 3 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है।
बता दें कि जिन बार-क्लब का लाइसेंस रद्द हुआ है, उनमें जूक पब, मोका, फ्लोरेंस, हाइपर क्लब, रॉयल रिट्रीट, सेमरॉक और द सिमर्स बार शामिल हैं। इन सभी का लाइसेंस 3 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। साथ ही अब नियमों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार लाइसेंस को पूरी तरह से निलंबित करने की चेतावनी भी दी गई है।
पुलिस ने 11 होटल, बार और कैफे संचालकों-मैनेजरों को किया गिरफ्तार
राजधानी के वीआईपी रोड व आसपास के क्षेत्र में नियम-कानून को ताक पर रखकर होटल, बार और कैफे चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बीते दिनों भी कार्रवाई की थी। आधी रात के बाद जांच करने निकली पुलिस टीमों ने 11 संचालकों-मैनेजरों को गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर मंदिरहसौद, विधानसभा, माना, अभनपुर के 50 से ज्यादा होटल, ढाबा व फार्म हाउस संचालकों को भी अवैध नशा, गुमाश्ता एक्ट उल्लंघन और नो पार्किंग एरिया में ग्राहकों की गाड़ियां खड़ी करवाने जैसी गतिविधियों से दूर रहने व नियमों का पालन करने की नोटिस जारी किया गया है। ताकि आने वाले दिनों में नोटिस का उल्लंघन करने पाए जाने पर और कड़ी कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि पुलिस ने गुमाश्ता एक्ट का उल्लंघन पाए जाने पर पूर्व में डेढ़ दर्जन कारोबारी संस्थानों का लाइसेंस निरस्त करने नगर निगम व जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। कई संस्थानों में अवैध रूप से नशे का सामान परोसे जाने की आशंका भी है।
देखें आदेश







उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया 19.60 करोड़ की पेयजल आपूर्ति कार्यों का भूमिपूजन
रायपुर। रायपुर शहर के दीक्षा नगर एवं आसपास की 13 बस्तियों की वर्षो पुरानी पानी की समस्या जल्द ही ठीक हो जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के ठक्कर बापा वार्ड अंतर्गत दीक्षा नगर स्थित गीतांजलि सोसायटी (उद्यान) में 19 करोड़ 60 लाख 74 हजार रुपए की लागत से बनने वाली पेयजल आपूर्ति परियोजना का भूमिपूजन किया।



उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना है। आज हुए भूमिपूजन वाले विकास कार्य के पूर्ण होने से दीक्षा नगर और आसपास के क्षेत्रों की वर्षों पुरानी पानी की समस्या का स्थायी समाधान बनेगी। दीक्षा ने कहा कि पिछले 20 महीने में 462 करोड़ रुपए विकास की राशि मिली है। यह केवल एक नगरीय निकाय से स्वीकृत हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक-एक गारंटी को पूरा करते जा रहे हैं। नगरीय निकाय के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं आएगी। लोक निर्माण विभाग से कई सौ करोड़ के विकास कार्य हो रहे हैं। सभी विकास के कार्य जनता की मांग अनुसार कराए जा रहे है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि रायपुर नगर निगम के विकास के लिए जो भी प्रस्ताव आयेगा, उसके लिए सभी वार्डों को 50-50 लाख रुपए दिए जाएंगे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों की नई शुरुआत हो रही है। आज पानी टंकी का भूमि पूजन हुआ और दो साल में सबके घर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। सड़कों का विकास तेजी से हो रहा है, चौड़े-चौड़े सड़क बन रहे हैं। आज बाहर के लोग कहते हैं रायपुर की पहचान और तस्वीर बदल गई है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के नए आयाम गढ़ रही है।
राजेश मूणत ने कहा कि स्वच्छ पेयजल बहुत बड़ी जरूरत है। सरकार तय सीमा में सभी कार्यों को पूरा करेगी। रायपुर के लिए सौगात की श्रृंखला शुरू हो गई है। जनता की मंशा के अनुरूप विकास कार्य हो रहे हैं। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि यह भूमिपूजन लंबे समय से हो रही पेयजल की समस्या से आमजनों को निजात दिलाएगी। स्वच्छ और नियमित पानी की सप्लाई हो सकेगी।
पांच हजार से अधिक की आबादी होगी लाभान्वित
गौरतलब है कि परियोजना के अंतर्गत 200 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय पानी टंकी (25 मीटर स्टेजिंग) का निर्माण 2 करोड़ 37 लाख 14 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा। 600 मीटर आर.एम.टी. डीआई के-09 पाइपलाइन से रॉ वाटर पम्पिंग एवं राइजिंग मेन कार्य 81 लाख 13 हजार रुपए में होगा। डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने का कार्य 40,000 मीटर लंबाई में किया जाएगा, जिस पर 14 करोड़ 61 लाख 05 हजार रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 1000 घरों तक घरेलू नल कनेक्शन और उतनी ही संख्या में वाटर मीटर लगाए जाएंगे, जिस पर 1 करोड़ 57 लाख 82 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। पेयजल आपूर्ति प्रणाली को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए पी.एल.सी. स्काडा ऑटोमेशन तकनीक भी लगाई जाएगी, जिसकी लागत 23 लाख 60 हजार रुपए होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर करीब पांच हजार से अधिक की आबादी को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, महापौर मीनल चौबे, पार्षद प्रमिला बल्ला साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नवनिर्मित शासकीय शशिबाला अंग्रेजी-हिंदी उत्कृष्ट विद्यालय भवन का किया लोकार्पण
रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं लोकनिर्माण मंत्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित दानवीर भामाशाह वार्ड में 337.01 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित शासकीय शशिबाला अंग्रेजी-हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि छात्राओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य की विष्णु देव सरकार अब सरकारी स्कूलों से 10वीं-12वीं पास करने वाली छात्राओं को आगे महाविद्यालयीन पढ़ाई करने के लिए 30 हजार रूपए की सहायता देगी। उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश में छात्राओं को अब आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में नही छोड़नी पड़ेगी। छात्राएं अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने सपने साकार कर सकेगीं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लोकापर्ण समारोह को संबोधित करते हुए नवीन विद्यालय के लिए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी। छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद के दौरान छात्रा अनुष्का शर्मा ने उपमुख्यमंत्री से पूछा आप बचपन में कैसे स्कूल में पढ़े ? जिस पर श्री साव ने बताया कि कक्षा तीसरी तक मैंने अपने गांव में पढ़ाई की। वह शासकीय भवन नहीं था, हमारे ही परिवार का एक कच्चा मकान था। हम अपने घर से चटाई ले जाते और बैठा करते। हर शनिवार को गोबर की पोताई भी हम करते थे। जबकि आज देखिए आपके लिए सरकार कितने भव्य और बड़े विद्यालय बना रही है। मेरा आप सभी से आग्रह है कि सरकार आपको आधुनिक सुविधायुक्त विद्यालय बनाकर दे रही है ताकि आप अपना पूरा ध्यान लगाकर खूब पढ़े और आगे बढ़े। इसलिए आपकी भी यह जिम्मेदारी है कि आप पूरा मन लगाकर अच्छी तरह पढ़ें और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा के बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। अच्छे स्कूल बन रहे हैं, पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिल रहा है, छात्र-छात्राओं की जरूरतों का ध्यान रखकर विद्यालय का विकास किया जा रहा है। श्री साव ने बताया कि रायपुर शहर राजधानी के अनुरूप अवरुद्ध विकास को हमने तेज गति से विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। रायपुर गारब्रेज फ्री सिटी में देश में चौथे नम्बर पर आया है, यह आप सभी के योगदान से सम्भव हुआ है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर हाइटेक शहर बन रहा है। यहां बाईपास, अच्छी और चौड़ी सड़कें हैं। उन्होंने आगे कहा कि नवनिर्मित यह स्कूल बड़ा ही भव्य और सुंदर बना है। सभी छात्र-छात्राओं के लिए हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब आप सभी छात्र-छात्राओं को अपना पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाना है। विधायक राजेश मूणत ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गरीब परिवारों की चिंता करने वाली सरकार है।
आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से युक्त नवनिर्मित विद्यालय
नवनिर्मित विद्यालय भवन में भूतल पर पाँच कक्षाओं के साथ दो स्टोर रूम, बालक एवं बालिका के लिए पृथक बाथरूम तथा पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रथम तल पर नौ कक्षाओं के साथ प्राचार्य कक्ष, स्टॉफ रूम, दो स्टोर रूम और पृथक बाथरूम का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार द्वितीय तल पर भी नौ कक्षाएँ, प्राचार्य कक्ष, स्टॉफ रूम, दो स्टोर रूम और पृथक बाथरूम बनाए गए हैं। साथ ही विद्यालय परिसर में 165 आर.एम.टी. शेड के साथ मुख्यद्वार, गार्डरूम, बाउंड्रीवाल, स्टेज, पेवर कार्य, पार्किंग टाइल्स, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सम्पवेल निर्माण, सेप्टिक टैंक, ब्लैकबोर्ड, स्मार्ट क्लास तथा सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है।
इस मौके पर महापौर मीनल चौबे, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर वार्ड पार्षद रामहिन कुर्रे एवं रमेश सिंह ठाकुर, नगर निगम आयुक्त सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।





लोरमी के पीएम-जनमन क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं की 100% प्रसव पूर्व जांच, बैगा समुदाय की महिलाएं भी हो रही हैं अभियान से लाभान्वित
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” ने दूरस्थ वनांचलों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने का नया इतिहास रच दिया है। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) क्षेत्र में पंजीकृत सभी 87 गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच (ए.एन.सी.) सफलतापूर्वक पूरी की गई है।
अभियान के अंतर्गत 15 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई, जिन्हें लोरमी मातृ एवं शिशु अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सोनोग्राफी सहित विशेष जांच उपलब्ध कराई गई।



पीवीटीजी समुदाय में सुरक्षित मातृत्व का संबल
जहाँ कभी बैगा समुदाय की महिलाएँ प्रसव के समय स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाती थीं, वहीं अब ए.एन.सी. जांच, पोषण परामर्श और संस्थागत प्रसव की तैयारी ने उनके जीवन में सुरक्षित मातृत्व की नई आशा जगाई है।
राज्य सरकार की 102 महतारी एक्सप्रेस और मोबाइल मेडिकल यूनिट की सेवाओं ने पहाड़ों और घने जंगलों के बीच रहने वाले बैगा समुदाय की महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच को सहज बनाया है। मितानिन और ए.एन.एम. की सतत भूमिका ने इन महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अभियान के दौरान केवल चिकित्सा सेवाएं ही नहीं दी गईं, बल्कि महिलाओं और किशोरियों में जागरूकता का प्रसार भी किया गया। उन्हें मासिक धर्म स्वच्छता, साप्ताहिक आयरन-फोलिक एसिड सेवन और संतुलित आहार पर परामर्श दिया गया। इसके साथ ही सिकल सेल, टीबी, ब्लड प्रेशर, शुगर, सर्वाइकल एवं स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच भी की गई।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) को 24 से 26 सितंबर तक विशेष रूप से संचालित किया गया। इस अवधि में प्रदेश के 843 शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से 51 हज़ार से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इनमें से 10 हज़ार से अधिक उच्च जोखिम गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy) के मामलों की पहचान कर उन्हें समय पर विशेषज्ञ परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। साथ ही, 8,619 महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी भी की गई, जिससे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सटीकता और भरोसे को और मज़बूती मिली।
यह उपलब्धि राज्य सरकार की उस प्राथमिकता को दर्शाती है, जिसके तहत मातृ मृत्यु दर कम करने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व की गारंटी देने का संकल्प लिया गया है। “छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी” की थीम पर आधारित यह अभियान केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी हिस्सा है, जिसने महिलाओं और परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व से जोड़ते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित किया है।
"स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक गर्भवती महिला, चाहे वह सुदूर वनांचल या पीवीटीजी समुदाय से हो, सुरक्षित मातृत्व सेवाओं से जुड़ सके। लोरमी के पीएम-जनमन क्षेत्र में सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच इसी दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ा रहा है बल्कि मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में भी निर्णायक कदम है"
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
“राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। लोरमी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में 100 प्रतिशत प्रसव पूर्व जांच का लक्ष्य पूरा होना इस बात का प्रमाण है कि हमारी स्वास्थ्य सेवाएँ अब अंतिम छोर तक पहुँच रही हैं। बैगा जैसी पीवीटीजी समुदाय की महिलाओं तक सुरक्षित मातृत्व की सुविधा पहुँचना सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले समय में हम इस मॉडल को पूरे प्रदेश में और मजबूत करेंगे"
- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल


