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NIA कोर्ट ने नक्सली दंपत्ति को भेजा जेल, रायपुर में पहचान छुपाकर रह रहे थे नक्सली पति-पत्नी

बिलासपुर। एनआईए कोर्ट ने नक्सली गतिविधियों में लिप्त दंपत्ति जग्गू कुरसम और कमला कुरसम को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। दोनों को हाल ही में रायपुर के डीडी नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी UAPA एक्ट के तहत की गई थी, क्योंकि दोनों पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और नक्सली संगठन को सहयोग देने के गंभीर आरोप हैं।

गिरफ्तारी और पूछताछ का सिलसिला

मामले की शुरुआत बीते दिनों हुई जब रायपुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए नक्सली दंपत्ति को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद पत्नी कमला कुरसम को दो दिन पहले ही जेल भेज दिया गया था, जबकि पति जग्गू कुरसम को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगीं, जिनके आधार पर नक्सली नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी सामने आई।

कोरबा से एक और नक्सली की गिरफ्तारी

जग्गू कुरसम से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने कोरबा जिले में दबिश दी और वहां से नक्सली रामा इच्छा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से संदिग्ध सामान और सोना बरामद किया है, जिसके नक्सली गतिविधियों से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं। माना जा रहा है कि यह सोना नक्सली फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

अदालत की कार्रवाई

तीनों आरोपियों – जग्गू कुरसम, कमला कुरसम और रामा – को सोमवार को बिलासपुर स्थित एनआईए कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने केस की गंभीरता को देखते हुए तीनों को जेल भेजने का आदेश दिया। एनआईए और पुलिस की संयुक्त टीम अब इनके नक्सली नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों की गहन जांच कर रही है।

नक्सली नेटवर्क की बड़ी कड़ी उजागर

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से नक्सली संगठन की गतिविधियों और उनके शहरी नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं। खासतौर पर पति-पत्नी की संलिप्तता से यह स्पष्ट होता है कि नक्सली संगठन अब शहरी इलाकों में भी अपने सहयोगियों को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहा है।फिलहाल, पुलिस और एनआईए टीम आरोपियों से मिले दस्तावेज़ों और बरामद सामान की जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।