प्रदेश
छत्तीसगढ़ को 8741 करोड़ की सौगात : सीएम साय ने कहा – खरसिया-नया रायपुर- परमलकसा रेल परियोजना से खुलेगा विकास का नया द्वार
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने भारतीय रेलवे की चार महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत लगभग 18,658 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र और ओडिशा के कुल 15 ज़िलों को जोड़ते हुए रेलवे नेटवर्क में 1247 किलोमीटर की महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
छत्तीसगढ़ के लिए विशेष रूप से स्वीकृत ‘खरसिया-नया रायपुर- परमलकसा 5वीं एवं 6वीं लाइन’ परियोजना से राज्य के औद्योगिक नक्शे में ऐतिहासिक परिवर्तन की संभावनाएं बनेंगी। यह परियोजना बलौदा बाजार जैसे क्षेत्रों को सीधी रेलवे कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे सीमेंट संयंत्रों, इस्पात इकाइयों और अन्य औद्योगिक निवेश के लिए आधारभूत संरचना तैयार होगी। यह मार्ग कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट और चूना पत्थर जैसी सामग्रियों के परिवहन में क्रांतिकारी सुधार लाएगा। इससे माल ढुलाई की लागत घटेगी, संचालन की गति बढ़ेगी और उद्योगों को निर्बाध सप्लाई चेन मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को मिली यह ऐतिहासिक रेल परियोजना आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। खरसिया-नया रायपुर- परमलकसा लाइन से बलौदा बाजार और आस-पास के क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे यहाँ के युवाओं के लिए रोज़गार और स्वरोज़गार के नए द्वार खुलेंगे। यह परियोजना छत्तीसगढ़ में नया अध्याय लिखेगी, जिससे न केवल कोयला, सीमेंट और लौह अयस्क जैसे क्षेत्रों में उत्पादन और परिवहन को गति मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं कि उन्होंने छत्तीसगढ़ की आवश्यकता और क्षमता को पहचान कर रेल परियोजनाओं के माध्यम से राज्य को ‘विकास के फास्ट ट्रैक’ पर लाने का काम किया है।
उल्लखेनीय है कि खरसिया से परमलकसा तक 5वीं और 6वीं नई रेल लाइन बिछाने के लिए ₹8,741 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति मिल गई है, जिससे छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों के क्षेत्र में बड़ी बढ़त मिलेगी।
मुख्य विशेषताएँ
कुल लंबाई: 278 किमी लंबा रेलमार्ग, 615 किमी ट्रैक की लंबाई
स्टेशनों की संख्या: 21
पुल और फ्लाईओवर: 48 बड़े पुल, 349 छोटे पुल, 14 आरओबी, 184 आरयूबी, 5 रेल फ्लाईओवर
ट्रैफिक क्षमता: 21 से 38 मिलियन टन कार्गो, 8 मेल/एक्सप्रेस/सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें
ईंधन और पर्यावरण संरक्षण: 22 करोड़ लीटर डीजल की बचत प्रतिवर्ष
113 करोड़ किग्रा CO2 की कटौती – यह लगभग 4.5 करोड़ पेड़ों के लगाने के बराबर है।
लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी: सड़क परिवहन की तुलना में प्रतिवर्ष ₹2,520 करोड़ की बचत
इन ज़िलों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ: रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, बलौदा बाज़ार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव।
राज्य की प्रगति का नया युग
इस परियोजना से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों में तीव्र गति आएगी। यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता और ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम देगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को खनिज राजस्व में ऐतिहासिक सफलता: वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद के निर्देशन में छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनिज राजस्व प्राप्ति में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
प्रदेश में संचालित खनन संक्रियाओं से 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है, जो विगत वर्ष 2023-24 के 12,795 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 11% की वृद्धि (1400 करोड़ रुपये अधिक) दर्शाता है।
प्रदेश में खनिज राजस्व प्राप्ति में दंतेवाड़ा अव्वल
वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के खनिज राजस्व संग्रहण में जिला दंतेवाड़ा ने सर्वाधिक 6580 करोड़ रुपये का योगदान देकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा, कोरबा से 2148 करोड़, रायगढ़ से 2027 करोड़, बालोद से 1313 करोड़, सरगुजा से 585 करोड़, बलौदाबाजार से 354 करोड़, कांकेर से 328 करोड़, तथा सूरजपुर से 155 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय राजस्व भागीदारी दर्ज की गई है।
खनिज संसाधनों में राष्ट्रीय भागीदारी
छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की दृष्टि से देश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र में मात्र 4% की हिस्सेदारी होते हुए भी छत्तीसगढ़ का देश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य में 16% से अधिक की भागीदारी है। यहां मुख्य रूप से लौह अयस्क, कोयला, चूनापत्थर और बाक्साइट के विशाल भंडार हैं, जो खनिज राजस्व के प्रमुख स्रोत हैं। इसके अलावा, राज्य में सामरिक महत्व के खनिजों सहित कुल 28 प्रकार के खनिज भंडार की पुष्टि हुई है।
ई-नीलामी प्रणाली से अतिरिक्त राजस्व
वर्ष 2015 से खनिज विभाग द्वारा खनिजों का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन की कार्यवाही की जा रही है, जिससे रॉयल्टी के अलावा प्रीमियम के रूप में अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हो रही है। खनिज राजस्व में हो रही बढ़ोत्तरी में ई नीलामी के माध्यम से स्वीकृत खदानों का योगदान अब स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है।
खनिज विकास मद से अधोसंरचना को बल
राज्य शासन द्वारा खनिज राजस्व की कुल प्राप्ति की 5% राशि "खनिज विकास मद" में अंतरित की जाती है। इससे प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में खनिज संसाधनों के विकास और अधोसंरचना निर्माण का कार्य किया जा रहा है। आगामी वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में केवल रेल कॉरिडोर निर्माण हेतु प्रावधानित किए गए हैं।
समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान
प्रदेश की खनन संक्रिया केवल औद्योगिक संस्थानों को कच्चा माल प्रदान करने तक सीमित नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत स्तंभ बन चुकी है।
"छत्तीसगढ़ की धरती केवल खनिज संपदा से नहीं, विकास की असीम संभावनाओं और जनकल्याण के संकल्प से भी समृद्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त कर प्रदेश ने एक नई ऊँचाई को स्पर्श किया है। यह उपलब्धि हमारी दूरदर्शी नीतियों, पारदर्शी प्रशासन, और ईमानदार कार्यसंस्कृति का प्रतिफल है।
ई-नीलामी प्रणाली, तकनीकी नवाचार और सुशासन के माध्यम से हम खनिज क्षेत्र को केवल राजस्व संग्रहण का माध्यम नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों के लिए विकास के इंजन के रूप में परिवर्तित कर रहे हैं।"
- विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
वक्फ बिल के नाम पर मुस्लिमों को डरा रही है कांग्रेस: बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इस बिल में मुस्लिम समुदाय के विरोध में कुछ भी नहीं है, बल्कि यह उनकी भलाई के लिए लाया गया है।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि यह बिल मुस्लिम महिलाओं, नौजवानों और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उनके स्वास्थ्य और शिक्षा की बेहतर व्यवस्था होगी तथा वक्फ की संपत्तियों का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे देश और समाज को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं और इस बिल के नाम पर समुदाय के लोगों में अनावश्यक भय पैदा कर रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि यह संशोधन मुस्लिम समाज के हितों की रक्षा करने के लिए है, न कि उनके खिलाफ।
श्री अग्रवाल ने अपील की कि देशवासियों को विपक्ष के दुष्प्रचार से बचना चाहिए और सरकार की नीतियों पर विश्वास रखना चाहिए, जो सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना से काम कर रही है।
भारत-जापान सहयोग से छत्तीसगढ़ को अवसंरचना और औद्योगिक विकास में नए अवसर: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में छत्तीसगढ़ के हितों की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि भारत-जापान के साथ बढ़ते व्यापारिक और औद्योगिक सहयोग से छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ेगा, जिससे युवाओं को रोजगार और राज्य को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ को इस सहयोग का अधिकतम लाभ मिले, इसके लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं।
लोकसभा में शुक्रवार को बृजमोहन अग्रवाल ने भारत-जापान संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। उन्होंने विदेश मंत्री से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक भागीदारी, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, भारतीय रक्षा उत्पादन नीति में जापान की संभावित भागीदारी, प्रौद्योगिकी और अवसंरचना में व्यापारिक संबंधों की मजबूती, भारत में जापानी निवेश की स्थिति तथा छत्तीसगढ़ को इससे होने वाले संभावित लाभों पर विस्तृत जानकारी मांगी।
विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने संसद में दिए गए उत्तर में बताया कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और ‘सागर’ दृष्टिकोण जापान के ‘खुले एवं मुक्त हिंद-प्रशांत’ दृष्टिकोण के साथ मेल खाते हैं। उन्होंने बताया कि क्वाड कार्य ढांचे के अंतर्गत दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्रता, शांति और समृद्धि को बढ़ावा मिल रहा है।
रक्षा सहयोग पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 22 नवंबर 2024 को लाओस में आयोजित एडीएमएम प्लस बैठक के दौरान भारतीय और जापानी रक्षा मंत्रियों के बीच वार्ता हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई अहम समझौतों की पुष्टि की गई। साथ ही, दोनों सेनाओं के बीच आपूर्ति और सेवा करार को मजबूत करने और संयुक्त सैन्य अभ्यास को और व्यापक बनाने पर भी सहमति बनी।
जापान भारत में विदेशी निवेश का 5वा सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। मार्च 2022 में जापानी प्रधानमंत्री महामहिम फुमियो किशिदा की भारत यात्रा के दौरान, अगले पाँच वर्षों में जापान से भारत में 5 ट्रिलियन जापानी येन के सार्वजनिक और निजी निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई थी। इस निवेश से भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता साझेदारी, स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी को बल मिलेगा। नवंबर 2024 में टोक्यो में आयोजित रणनीतिक व्यापार और प्रौद्योगिकी वार्ता के दौरान, दोनों देशों ने आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलता और महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की ओर से विशेष रूप से यह प्रश्न उठाया कि जापान की ओर से किए जा रहे निवेश और रणनीतिक साझेदारी से राज्य को क्या लाभ होगा। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि भारत-जापान सहयोग से छत्तीसगढ़ को अवसंरचना और औद्योगिक विकास में नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
राज्य सूचना आयुक्त: पूर्व आईएएस, नेता, आरटीआई एक्टिविस्ट, अधिवक्ता और पत्रकारों समेत 72 लोगों ने किया आवेदन
रायपुर। राज्य सूचना आयुक्त के रिक्त पद के लिए कुल 72 आवेदन आए हैं. सामान्य प्रशासन विभाग ने इन नामों को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है. राज्य सूचना आयुक्त के पद के लिए पूर्व आईएएस संजय अलंग, अमृत खलखो, उमेश कुमार अग्रवाल जैसे कई अधिकारियों ने आवेदन किया है. वहीं अधिवक्ता, नेता, आईटीआई एक्टिविस्ट और पत्रकारों की ओर से भी कई चर्चित नामों ने आवेदन किया है.
इससे पहले मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए 26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी सर्च कमेटी ने आवेदकों का इंटरव्यू किया था. इस इंटरव्यू में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा समेत कई रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल हुए थे. सामान्य प्रशासन विभाग अब नामों का पैनल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता वाली कमेटी को भेजेगा. किसी एक नाम पर अंतिम मुहर यह कमेटी ही लगाएगी. इस कमेटी में नेता प्रतिपक्ष के साथ राज्य सरकार की ओर से नामित किए गए एक मंत्री को रखा जाता है. राज्य सूचना आयुक्त के रिक्त पदों को भरने के लिए नामों का चयन भी यही कमेटी करेगी.
राज्य सूचना आयुक्त के लिए इन्होंने किया है आवेदन
पूर्व आईएएस डॉ. संजय कुमार अलंग, हेमंत कुमार चंद्राकर, संजय कुमार दुबे, संदीप कुमार श्रीवास्तव, तरूण कौशिक, महेश कुमार शर्मा, केवल कान्त, डॉ. दिनेश्वर प्रसाद सोनी, संजय कुमार सिन्हा, राकेश कुमार साहू, बलराम कुमार, बृजेश नाथ पाण्डेय, बृजेश नाथ पाण्डेय, नरेन्द्र सिंह चावला, मनोज राय, यशोदा यादव, हेमराज साहू, संजय कुमार सिन्हा, उमेश कुमार अग्रवाल, अरूण उपाध्याय, आलोक मिश्रा, रूद्र अवस्थी, डॉ. जीतेन्द्र कुमार सिंगरौल, मनोज सिंह बघेल, अशोक कुमार शुक्ल, संतोष कुमार शर्मा, संतोष कुमार शर्मा, मनोज कुमार त्रिवेदी, प्रहलाद कुमार निषाद, आयुष शुक्ला, राजेश रंजन सिन्हा, सुयश शुक्ला, उन्नति साहू, कुसुम साहू, कीर्तन प्रसाद श्रीवास, घनाराम साहू, अध्यापक सिद्धी शर्मा, पियुष पाण्डेय, बृजेश कुमार मिश्रा, ज्योति दागले, रजनीश चंद्राकर, केशव केदार नाथ शर्मा, डॉ.. शिरीष चंद्र मिश्रा, डॉ. सुनील कुमार सिंह, राजकुमार मिश्रा, मनोज राय, विजय कुमार लांजे, देवी प्रसाद चन्द्राकर, सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय, ललित कुमार सोनी, सुरेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र कुमार, राजेश लाहोटी, रेनू नंदी, नवल सिंह ठाकुर, गुरमीत सिंह खालसा, छविलेश्वर जोशी, अमरेन्दर जीत सिंह परिहार, जयेश बोथरा, कृष्ण नन्दन खिंड, दीपक कुमार जैन, डॉ. नीरज गजेन्द्र, विद्या सोनी, राजेंद्र कुमार पाध्ये, अभिनंदन मिश्रा, अनुज कुमार पटेल, परस राम टण्डन, राजेश कुमार श्रीवास्तव, कौस्तुभ पेंडसे, अमृत कुमार खलखो, अमृत कुमार खलखो, एचएच रात्रे, गौतम कुमार, अनिल तिवारी, चैश्वनी सिन्हा, मीना चंदेल, डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा, लक्ष्मीकांत निर्णजक, अभिनंदन मिश्रा ने राज्य सूचना आयुक्त के लिए आवेदन किया है.





बेटी ने निभाया पुत्र धर्म: समाज की रूढ़ियों को तोड़कर दी मां को मुखाग्नि
खैरागढ़। बच्चों का कर्तव्य केवल परंपराओं तक सीमित नहीं होता, बल्कि प्रेम और श्रद्धा से जुड़ा होता है. खैरागढ़ की बेटी दिव्या महोबे ने परंपरा के तहत बेटे की तरह सफेद धोती की जगह सफेद साड़ी पहनकर अपनी मां की चिता को अग्नि दी और समाज को नई दिशा दिखाई. आमतौर पर यह जिम्मेदारी बेटों की मानी जाती है, लेकिन दिव्या ने यह दिखा दिया कि कर्तव्य और संस्कार में कोई भेदभाव नहीं होता।

खैरागढ़ की प्रतिष्ठित समाज सेविका, पूर्व पार्षद और महिला कांग्रेस की पूर्व शहर अध्यक्ष शिला रानी महोबे का हार्ट अटैक से निधन हो गया. वे न केवल राजनीति में सक्रिय थीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही थीं. उनका जाना नगर के लिए बड़ी क्षति है।
हर दिन की तरह वे सुबह पूजा-अर्चना के लिए शीतला मंदिर (इतवारी बाजार) गई थीं. भगवान के सामने नमन करते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. वहां मौजूद पुजारी और श्रद्धालुओं ने उन्हें तुरंत ई-रिक्शा से सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशें नाकाम रहीं और उन्होंने दम तोड़ दिया.
बेटी ने दी मुखाग्नि
उनके निधन से पूरा शहर शोक में डूब गया. अंतिम संस्कार के दौरान जब बड़ी बेटी दिव्या महोबे ने मुखाग्नि देने का फैसला किया, तो यह पल भावुक भी था और समाज की पुरानी परंपराओं को चुनौती देने वाला भी. छोटी बेटी दीक्षा भी इस कठिन घड़ी में अपनी जिम्मेदारी निभाती नजर आईं.
कृषि उपज मंडी मुक्तिधाम में हुए अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन दिव्या की हिम्मत और संस्कारों की सबने सराहना की. उन्होंने साबित कर दिया कि माता-पिता के प्रति प्रेम और कर्तव्य सबसे ऊपर होता है, फिर चाहे वह बेटा हो या बेटी.
परिवहन पोर्टल से घर बैठे बनवाएं लायसेंस और कराएं वाहनों का पंजीयन
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, परिवहन विभाग द्वारा आम नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं को अधिक सुगम बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए आम नागरिकों को किसी मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं है। घर बैठे ही आवेदकों द्वारा इन सुविधाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है।
परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश ने बताया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्मित परिवहन सेवा पोर्टल Parivahan.gov.in में जाकर आवेदकों द्वारा वांछित सेवा का चुनाव कर आधार अभिप्रमाणन द्वारा उक्त सेवा का लाभ लिया जा सकता है, आधार अभिप्रमाणन के बाद परिवहन पोर्टल में दिये गए सेवाओं के तहत् वाहन से संबंधित 23 सेवाएं तथा सारथी (चालक लाईसेंस से संबंधित) के 19 सेवाएं शामिल हैं।
वाहन से संबंधित सेवाएं - मोटर वाहन के अस्थायी पंजीकरण के लिए आवेदन, पूर्ण निर्मित बॉडी वाले मोटर वाहन के पंजीकरण के लिए आवेदन, पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) की डुप्लिकेट जारी करने के लिए आवेदन, पंजीकरण प्रमाणपत्र शुल्क जमा करना, पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) प्रदान करने के लिए आवेदन, पंजीकरण प्रमाणपत्र में पते में परिवर्तन, शुल्क के विरुद्ध पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) विवरण देखें, मोटर वाहन के स्वामित्व के हस्तांतरण की सूचना, मोटर वाहन के स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए आवेदन, किराया-खरीद समझौते का समर्थन, किराया-खरीद समझौते की समाप्ति, नए परमिट जारी करना, डुप्लिकेट परमिट जारी करना, परमिट का स्थायी समर्पण, परमिट का हस्तांतरण, परमिट का हस्तांतरण (मृत्यु मामला), परमिट का नवीनीकरण परमिट, परमिट प्राधिकरण का नवीनीकरण, विशेष परमिट के लिए आवेदन, अस्थायी परमिट के लिए आवेदन, परिवहन सेवाओं के लिए रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करना, डुप्लीकेट फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करना और वाहन का रूपांतरण सेवाएं शामिल हैं।
इसी तरह चालक लाईसेंस से संबंधित सेवाएं - लर्नर लाइसेंस में पता बदलना, डुप्लीकेट लर्नर लाइसेंस जारी करना, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) जारी करना, ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण जिसके लिए ड्राइविंग योग्यता का परीक्षण आवश्यक नहीं है, ड्राइविंग लाइसेंस का प्रतिस्थापन, ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलना, ड्राइविंग लाइसेंस में बायोमेट्रिक्स बदलना, ड्राइविंग लाइसेंस में फोटो और हस्ताक्षर बदलना, ड्राइविंग लाइसेंस एक्सट्रैक्ट प्रोविजनिंग, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट जारी करना, लाइसेंस से वाहन की श्रेणी का सरेंडर करना, खतरनाक सामग्री चलाने के लिए अनुमोदन, ड्राइवर को पब्लिक सर्विस व्हीकल (पीएसवी) बैज जारी करना, डुप्लीकेट पब्लिक सर्विस व्हीकल (पीएसवी) बैज जारी करना, कंडक्टर लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लीकेट कंडक्टर लाइसेंस जारी करना, कंडक्टर लाइसेंस में पता बदलना, कंडक्टर में बायोमेट्रिक्स बदलना लाइसेंस और कंडक्टर लाइसेंस में नाम परिवर्तन सेवाएं शामिल हैं।
उपरोक्त सेवाओं का लाभ लेने के लिए आवेदकों को सर्वप्रथम परिवहन सेवा पोर्टल Parivahan.gov.in में जाकर वेबसाईट में प्रदर्शित हो रहे Menu Bar में ऑनलाईन सर्विसेस को सेलेक्ट करना है सेलेक्ट करते ही Vehicle Related Services जो कि वाहन सेवा से संबंधित है का चयन करते ही वाहन से संबंधित विभिन्न सेवाओं हेतु विकल्प प्रदर्शित होता है। इसी प्रकार चालक लाईसेंस से संबंधित सेवाओं हेतु वेबसाईट में प्रदर्शित हो रहे Menu Bar में ऑनलाईन सर्विसेस के तहत् Driving License Related Services का चयन करने पर ड्राईविंग लाईसेंस से संबंधित विभिन्न सेवाओं हेतु विकल्प प्रदर्शित होता है। आवेदक अपने कार्य से संबंधित विकल्प का चुनाव कर, सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
अब तक वाहन 4.0 संबंधी सेवाओं हेतु 1,724 आवेदन एवं सारथी 4.0 के माध्यम से लाईसेंस संबंधी 34,225 आवेदन का निराकरण 01 वर्ष के भीतर किया गया है। परिवहन विभाग आम नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि करने हेतु सतत् रूप से प्रयासरत् है।
वन ग्राम से हटाए गए परिवार दस साल से शासकीय योजनाओं से वंचित, राजस्व ग्राम घोषित नहीं होने का भुगत रहे खामियाजा…
महासमुंद। बारनवापारा अभयारण्य के वन ग्राम से 399 परिवारों को दस वर्ष पूर्व महासमुंद जिले के रामसागार पारा (भावा), श्रीरामपुर एवं लाटादादर में लाकर शासन ने बसाया था. लेकिन आज तक इन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित नहीं किए जाने से सैकड़ों परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे परेशान ग्रामीण कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
वर्ष 2013 में महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत भावा के आश्रित ग्राम रामसागरपारा में बारनवापारा अभयारण्य के वनों में बसे 399 परिवारों में से 168 परिवारों को बसाया गया था. उस वक्त प्रत्येक परिवार को 12 डिसमिल मे मकान बनाकर दिया गया था, साथ में जीविकोपार्जन के लिए प्रत्येक परिवार को 5-5 एकड़ भूमि खेती- किसानी के लिए दी गई थी.
उस वक्त के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इसे राजस्व ग्राम बनाने के साथ सभी मूलभूत सुविधा प्रदान करने की बात कही थी, पर आज दस वर्ष से ज्यादा हो जाने के बाद भी ये ग्राम न तो राजस्व ग्राम घोषित हुआ, और न ही इन परिवारों की जमीन ऑनलाइन हुई, जिसकी वजह से इन ग्रामवासियों को शासन की कई महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा है.

इन परिवारों के बच्चों का न तो जाति प्रमाण पत्र बन पा रहा है और न ही निवास प्रमाण पत्र. इन लोगों का किसान क्रेडिट कार्ड, वृद्धा पेंशन, मनरेगा का जॉब कार्ड, किसान सम्मान निधि, बैंक से ऋण भी नहीं मिल रहा है. परेशान ग्रामीण राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर आला अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं.
इस पूरे मामले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह का कहना है कि जल्द से जल्द राजस्व ग्राम घोषित कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. कलेक्टर के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवारों की समस्या जल्द दूर होने की उम्मीद जगी है.
ओपन परीक्षा में बड़ी लापरवाही : एक दिन पहले 10वीं कक्षा का पेपर लीक, गृह विज्ञान विषय की परीक्षा हुई रद्द, नई तारीख की घोषणा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ओपन बोर्ड परीक्षा के दौरान 12वीं कक्षा की जगह 10वीं कक्षा का पेपर बांट दिया गया. परीक्षा के एक दिन पहले 10वीं कक्षा के गृह विज्ञान विषय का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया. छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के सचिव ने आदेश जारी कर परीक्षा को निरस्त कर दिया है. इसके साथ ही परीक्षा की नई तारीख का भी ऐलान किया है. जारी आदेशानुसार, 05-04-25 को तय 10वीं कक्षा के गृह विज्ञान की परीक्षा को निरस्त किया गया है. वहीं अब इस विषय की परीक्षा 22-04-25 (मंगलवार) को आयोजित की जाएगी.
केंद्राध्यक्ष समेत 3 पर लिया गया एक्शन
बता दें कि पूरा मामला लोहरसी परीक्षा केंद्र का है. पेपर बांटने में गड़बड़ी को लेकर केंद्राध्यक्ष नारायण सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि आज 12 वीं का गृह विज्ञान का पेपर था, लेकिन गलती से 10 वीं का गृह विज्ञान पर्चा दे दिया गया था. हालांकि गलती का पता चलते ही केंद्राध्यक्ष नारायण सिंह ने पेपर बदल दिया. लेकिन परीक्षा में हुई इस बड़ी लापरवाही को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने केंद्राध्यक्ष समेत 3 जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की है.
DEO सारस्वत ने अब दसवीं के खुल चुके पर्चे को बदलने के अलावा परीक्षा की तारीख निरस्त करने के लिए राज्य ओपन परीक्षा को पत्र भेजा है. डीईओ सारस्वत ने बताया कि लापरवाही के चलते ड्यूटी में तैनात केंद्राध्यक्ष नारायण सिंह,सहायक केंद्राध्यक्ष तुलसी राम यादव,और ऑब्जर्वर नितू साह को हटाया गया है.
देखें आदेश :-

पार्टी विरोधी गतिविधियों पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पर गिरी गाज, छह साल के लिए किए गए निष्कासित…
रायपुर। त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बिलाईगढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की है. दीपक टंडन को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है.

MLA देवेंद्र यादव के प्रतिनिधि राकेश के घर पहुंची CBI, पड़ोसियों से की पूछताछ
दुर्ग। महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई की टीम फिर भिलाई पहुंची. यहां विधायक देवेंद्र यादव के प्रतिनिधि राकेश के घर टीम वारंट लेकर छानबीन करना चाहती थी. लेकिन राकेश (भोलू) के घर ताला लटका मिला. इसके बाद सीबीआई को खाली हाथ लौटना पड़ा.
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार (3 अप्रैल) को विधायक के प्रतिनिधि राकेश श्रीवास्तव के घर पहुंची तब टीम में सुरक्षा कर्मी और 5 अधिकारी मौजूद थे. टीम ने 10 से 15 मिनट में घर की तस्वीरें ली पड़ोसी से राकेश श्रीवास्तव का मोबाइल नंबर लिया और कुछ जानकारी ली. इस दौरान अधिकारियों ने नही घर को सील किया और न ही कोई नोटिस चस्पा किया.
छावनी सीएसपी हरीश पाटिल ने बताया कि सीबीआई की टीम भोलू श्रीवास्तव के घर आई थी. वे भी वहां पहुंचे थे. टीम ने राकेश के घर का फोटो-वीडियो लिया और फिर लौट गई.
बता दें कि विधायक देवेंद्र यादव की ओर से भिलाई नगर निगम की सामान्य सभा में राकेश श्रीवास्तव विधायक के प्रतिनिधि के रूप में शामिल होते हैं. यह सर्च महादेव सट्टा एप (Mahadev Betting App Case) के लिए माना जा रहा है क्योंकि पिछले बार भिलाई विधायक के निवास पर सीबीआई की टीम ने महादेव एप के मामले में दबिश दी थी.
पटवारी को घूस लेते एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा, सीमांकन के लिए महीनों से चक्कर काट रहा था आवेदक…
बलरामपुर। पटवारी और रिश्वतखोरी एक तरह से पर्याय हो चुका है. ऐसा ही एक मामला जिले में सामने आया है, जिसमें सीमांकन के लिए प्रार्थी से दस हजार रुपए की मांग करने वाले पटवारी को एसीबी ने घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है.
प्रार्थी राजेश पटेल परसडीहा जनपद पंचायत वाड्रफनगर जिला बलरामपुर रामानुजगंज के द्वारा अपने निजी भूमि के सीमांकन हेतु आवेदन दिया गया था, जिसके बाद राजस्व हल्का पटवारी हेमंत कुजूर उससे पैसे की डिमांड कर रहा था. प्रार्थी के अनुसार, पटवारी ने 10000 रुपए की मांग की थी.
प्रार्थी ने बतौर एडवांस 2000 रुपए पटवारी को दे चुका था, जिसके बाद शेष 8000 रुपए की रकम देना था. आज पटवारी को रकम देने के लिए तहसील कार्यालय के ठीक सामने आवेदक पहुंचा था. पटवारी के रकम लेते हुए एसीबी की टीम ने 8000 रुपए के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया.
ओपन परीक्षा में बड़ी लापरवाही: 12वीं के बजाए 10वीं का थमाया पेपर, केंद्राध्यक्ष समेत 3 जिम्मेदारों पर हुई कार्रवाई…
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में ओपन परीक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है. कक्षा 12वीं की परीक्षा में 10वीं कक्षा के पेपर बच्चों में बांट दिए गए. इस लापरवाही से कल आयोजित होने वाले 10 वीं का पर्चा एक दिन पहले ही लीक हो गया.

जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला लोहरसी परीक्षा केंद्र का है. पेपर बांटने में गड़बड़ी को लेकर केंद्राध्यक्ष नारायण सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि आज 12 वीं का गृह विज्ञान का पेपर था, लेकिन गलती से 10 वीं का गृह विज्ञान पर्चा दे दिया गया था. हालांकि गलती का पता चलते ही केंद्राध्यक्ष नारायण सिंह ने पेपर बदल दिया. लेकिन परीक्षा में हुई इस बड़ी लापरवाही को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने केंद्राध्यक्ष समेत 3 जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की है।

DEO सारस्वत ने अब दसवीं के खुल चुके पर्चे को बदलने के अलावा परीक्षा की तारीख निरस्त करने के लिए राज्य ओपन परीक्षा को पत्र भेजा है. डीईओ सारस्वत ने बताया कि लापरवाही के चलते ड्यूटी में तैनात केंद्राध्यक्ष नारायण सिंह,सहायक केंद्राध्यक्ष तुलसी राम यादव,और ऑब्जर्वर नितू साह को हटाया गया है.
तीन मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख का जुर्माना, ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और मेस के नाम पर छात्रों से ली थी अधिक राशि
रायपुर। प्रवेश और फीस विनियामक समिति छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई छात्रों से ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और मेस के नाम पर अधिक राशि लिए जाने की शिकायत सही पाए जाने पर की गई है. मेडिकल कॉलेजों को छात्रों से ली गई अधिक राशि एक माह के भीतर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित छात्रों को लौटाने के निर्देश भी दिए गए हैं.
प्रवेश व फीस नियामक समिति के अध्यक्ष जस्टिस प्रभात कुमार शास्त्री ने बताया कि शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस,जुनवानी भिलाई, बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस मोवा रायपुर एवं रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस भानसोज ग्राम-गोढ़ी रायपुर में एमबीबीएस, एमडीएमएस पाठ्यक्रमों के संचालन में ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल एवं मेस के नाम पर अत्यधिक राशि प्रत्येक छात्र से लिए जाने की शिकायत मिली थी. जांच में शिकायत सही पाई गई है. उन्होंने बताया कि तीनों निजी मेडिकल कॉलेजों को जुर्माने की राशि शासन के पक्ष में एक माह के भीतर जमा करने कहा गया है. यदि एक माह के भीतर राशि जमा न की जाए तो शासन को तीनों ही मेडिकल कॉलेजों की मान्यता निरस्त करने की अनुशंसा भी की गई है.
जस्टिस शास्त्री ने बताया कि इन तीनों निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा छात्रों से अत्यधिक राशि लेने की बहुत सी शिकायतें प्राप्त होने पर समिति ने संबंधित तीनों मेडिकल कॉलेजों को सुनवाई का पूरा अवसर दिया. उनसे खाते के विवरण आदि की जानकारी प्राप्त करने के पश्चात् समिति ने यह पाया कि तीनों ही कॉलेज ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल एवं मेस के लिए जिसे वे केवल ‘न लाभ-न हानि’ के रूप में ही संचालित कर सकते हैं अर्थात् वास्तविक खर्च को ही लेने की अधिकारिता उन्हें हैं, लेकिन उनकी ओर से मनमानी राशि छात्रों से ली जा रही है.
जांच में पाए गए ये तथ्य
श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जुनवानी भिलाई द्वारा ट्रांसपोर्टेशन मद में 2.50 लाख रुपए की राशि ली जा रही है, जबकि वास्तविक राशि 4,635 रुपए है. इसी तरह हॉस्टल मद में 2.46 लाख रुपए की राशि ली जा रही है, जबकि वास्तविक राशि 53,337 रुपए है. मेस चार्ज के रूप में 56,700 रुपए की राशि ली जा रही है, जबकि वास्तविक राशि 51,015 रुपए है. इस तरह छात्र से 4,43,713 रुपए अधिक राशि ली जा रही है.
इसी तरह बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस मोवा रायपुर द्वारा तीनों मद में 5.50 लाख रुपए राशि ली जा रही है, जबकि ट्रांसपोर्टेशन मद में वास्तविक राशि 13,719 रुपए, वास्तविक राशि 50,583 रुपए और मेस चार्ज की वास्तविक राशि 27,476 रुपए है. इस प्रकार 4,58,222 रूपए अधिक राशि छात्रों से ली जा रही है.
रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस भानसोज, ग्राम गोढ़ी रायपुर द्वारा तीनों मद में 5.50 लाख रुपए की राशि ली जा रही है, जबकि ट्रांसपोर्टेशन मद में वास्तविक राशि 13,384 रुपए, वास्तविक राशि 37,748 रुपए और मेस चार्ज की वास्तविक राशि 45,275 रुपए है. इस प्रकार 4,53,593 रूपए अधिक राशि छात्रों से ली जा रही है.
महीनेभर में जुर्माना नहीं पटाने पर निरस्त हो सकती है मान्यता
तीनों मेडिकल कॉलेजों को छात्रों से ली गई अधिक राशि को एक माह के भीतर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित छात्रों के खाते में जमा करने एवं तीनों ही कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना भी आरोपित किया गया है, जो शासन के पक्ष में एक माह के भीतर जमा करना होगा. यदि एक माह के भीतर राशि जमा नहीं की जाएगी तो शासन को तीनों ही मेडिकल कॉलेजों की मान्यता निरस्त करने की अनुशंसा भी की गई है.
रेरा की बड़ी पहल: वित्तीय अनियमितताओं को रोकने और खरीदारों के हितों की रक्षा करने रेरा ने 17 बैंकों को किया लिस्टेड, जानिये क्या होगा फायदा
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (RERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं. RERA चेयरमैन संजय शुक्ला ने कहा है कि रेरा द्वारा 17 बैंकों के साथ साझेदारी की गई है. उन्होंने बताया कि कई प्रमोटर एक ही प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग बैंक अकाउंट खोल रहे थे, जिससे अव्यवस्था फैल रही थी. रियल एस्टेट क्षेत्र में धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए बैंकों के साथ मिलकर कुछ अहम फैसले लिए हैं.
उन्होंने बताया कि अब से जिस उद्देश्य के लिए पैसा जमा होगा, उसे उसी प्रोजेक्ट में इस्तेमाल किया जाएगा. RERA इस पर नजर रखेगा कि प्रमोटर फंड डायवर्ट न कर सकें. इसके अलावा परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी RERA के माध्यम से होगी.
उन्होंने बताया कि RERA के सामने 2 मुख्य शिकायतें आती हैं:
1. प्रोजेक्ट में देरी – कई खरीदारों को तय समय पर मकान नहीं मिल पा रहे.
2. निर्माण की गुणवत्ता – कई परियोजनाओं में निर्माण सामग्री और संरचना को लेकर शिकायतें आ रही हैं.
RERA की सीमा
RERA चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि एक्ट के प्रावधानों के तहत अगर Competent Authority (सक्षम प्राधिकारी) ने रिपोर्ट दे दी है, तो RERA कार्रवाई नहीं कर सकता. इसी तरह, किसी भी बैंक के खिलाफ भी सीधे तौर पर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है. इस फैसले से छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी.
वक्फ बिल के संसद में पारित होने पर मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी का जताया आभार, विपक्ष पर साधा निशाना
रायपुर। वक्फ संशोधन बिल पास होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है. इसके साथ ही उन्होंने बिल को लेकर मुस्लिम समुदाय को भ्रमित करने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर किए अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए लिखा है कि वक्फ बिल के दोनों सदनों से पारित होने पर बधाई. यह बिल जनजातीय अधिकारों और उनके हितों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है. बिल में यह प्रावधान किया गया है कि 5वीं और 6वीं अनुसूची के क्षेत्रों में किसी भी संपत्ति को वक्फ घोषित नहीं किया जा सकेगा. इससे आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगेगी और जनजातीय संस्कृति को संरक्षण मिलेगा.
उन्होंने आगे लिखा कि वक्फ बिल पर विपक्ष ने लगातार मुस्लिम समुदाय को भ्रमित करने का प्रयास किया है. यह अत्यंत निंदनीय है. वास्तव में यह बिल किसी धर्म के विरुद्ध नहीं, बल्कि न्याय और समानता के मूल्यों को मजबूत करने वाला है. यह गरीब अल्पसंख्यकों के हित में है. वक्फ संशोधन बिल पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक पहल है.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बिल भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है. जिस प्रकार से इस बिल पर व्यापक चर्चा हुई है, वह हमारे संसदीय विमर्श की परिपक्वता को दर्शाता है. वक्फ कानून में संशोधन इसकी संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. इस बिल का उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधार और न्यायिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज द्वारा दानशीलता दिवस पर आयोजित सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में समाज द्वारा नवनिर्मित 200 सीटर ऑडिटोरियम का लोकार्पण और दान दाताओं का सम्मान भी किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अग्रवाल समाज की दानशीलता के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए अग्रवाल समाज हमेशा ही आगे रहा है। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ से काफी पुराना नाता रहा है। लगभग 400 साल पहले जब से अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ में पदार्पण हुआ है, तब से छत्तीसगढ़ के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज व्यापार व्यवसाय से जुड़ा हुआ है जो कठिन परिश्रम तथा लगन से कार्य करते हुए मानवता की सेवा में जुटा रहना वाला समाज है। अग्रवाल समाज के द्वारा कोविड की विषम परिस्थिति में भी मानव सेवा सम्बंधी किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता।


