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अगस्त में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, जाने कब-कब रहेगी छुट्टी
रायपुर। अगस्त महीने में 10 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं. रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, कृष्ण जन्माष्टमी और हरतालिका तीज जैसे बड़े त्योहारों के चलते छत्तीसगढ़ में कुल 10 दिन बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा हर रविवार और महीने के दो शनिवार को भी बैंकिंग सेवाएं बंद रहेगी. आम लोगों से लेकर व्यापारियों सभी के लिए जरूरी है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग काम समय रहते निपटा लें, ताकि छुट्टियों में किसी तरह की असुविधा न हो.
छत्तीसगढ़ में अगस्त में कुल 10 दिन बैंकों में अवकाश रहेगा. ये छुट्टियां त्योहारों, सप्ताहांत और राष्ट्रीय अवकाशों के कारण रहेंगी. इस दौरान बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, जिससे नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और अन्य ऑफलाइन बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ेगा. हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI, नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप्स और ATM जैसी सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी.
छत्तीसगढ़ में इन तारीखों को बंद रहेंगे बैंक
- 3 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
- 9 अगस्त शनिवार रक्षाबंधन (राज्य अवकाश)
- 10 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
- 15 अगस्त शुक्रवार स्वतंत्रता दिवस
- 16 अगस्त शनिवार कृष्ण जन्माष्टमी (राज्य अवकाश)
- 17 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
- 23 अगस्त शनिवार चौथा शनिवार
- 24 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
- 26 अगस्त मंगलवार हरतालिका तीज (राज्य अवकाश)
- 31 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
मोक्षित कॉर्पोरेशन के ठिकानों पर करीब 12 घंटे चली ED की कार्रवाई
दुर्ग। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में हुए 650 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दुर्ग में बड़ी कार्रवाई बुधवार को देर शाम समाप्त हो गई। यह छापेमारी मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा के गंजपारा स्थित ऑफिस और निवास पर की गई थी, जो सुबह 8 बजे शुरू होकर करीब 12 घंटे तक चली। इस कार्रवाई में ईडी ने कई अहम दस्तावेज, रिकॉर्ड और मोबाइल जब्त किये हैं।
ED की टीम अपने साथ ले गई दस्तावेज और रिकॉर्ड
छापेमार कार्रवाई करने करीब 20 ईडी अधिकारी 7 गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे थे। छापे के दौरान CRPF का महिला बल भी तैनात था। जांच के दौरान अधिकारियों ने सिद्धार्थ चोपड़ा का मोबाइल फोन, सीजीएमएससी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोक्षित कॉर्पोरेशन के पिछले 10 वर्षों के ऑडिट रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए हैं। साथ ही कुछ फर्जी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही ईडी की टीम शशांक चोपड़ा के भाई सिद्धार्थ चोपड़ा और शरद चोपड़ा के बैंक लॉकरों की भी जांच की।
ईडी अधिकारी रायपुर रवाना
करीब 12 घंटे तक चली छानबीन के बाद ईडी की टीम रात 8.30 बजे रायपुर के लिए रवाना हो गई। इस कार्रवाई से माना जा रहा है कि ED आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासा कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने महिला बॉक्सर सना माचू को दी शुभकामनाएँ, विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने की छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मुलाकात, रात्रिभोज पर हुई प्रदेश के विकास पर चर्चा
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित 17, छत्तीसगढ़ सदन में राज्य के सांसदों से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर आयोजित रात्रि भोज के दौरान मुख्यमंत्री ने सांसदों के साथ राज्य और राष्ट्र के समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों को छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता से राज्य के हित और ज़मीनी ज़रूरतें राष्ट्रीय फलक पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत हो पाती हैं।
इस सौहार्दपूर्ण मुलाक़ात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे व्यापक परिवर्तनों की चर्चा भी हुई। सांसदों ने छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति को लेकर फीडबैक साझा किया और राज्य के जमीनी अनुभवों से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, निवेश आकर्षण, युवाओं को मिल रहे नए अवसर, किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तनकारी विकास कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में नीली अर्थव्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर से लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को संसद में देश में नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को लेकर उठाए गए विधायी व नीतिगत प्रयासों पर पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से अतारांकित प्रश्न के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी मांगी।
श्री अग्रवाल ने प्रश्न किया कि जब तक नीली अर्थव्यवस्था के लिए कोई विशेष कानून मौजूद नहीं है, तब तक समुद्री आर्थिक गतिविधियों से संबंधित पर्यावरणीय सुरक्षा, नियामक खामियों और विभागीय ओवरलैप्स से निपटने के लिए सरकार के पास कौन-सा तंत्र है? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या इस दिशा में कोई ठोस विधायी ढांचा प्रस्तावित या तैयार किया गया है?
जवाब में, राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि नीली अर्थव्यवस्था के लिए एक समग्र विधायी दृष्टिकोण मंत्रालय द्वारा अपनाया गया है, जिसे फरवरी 2021 में सार्वजनिक डोमेन में रखा गया था और जुलाई 2022 में संशोधित किया गया। इस दिशा में भारत सरकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, सीआरजेड अधिसूचना 2019, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 जैसे कानूनों को लागू किया है।
इसके अलावा, मत्स्य पालन, शिपिंग, बंदरगाह सुरक्षा, जहाज पुनर्चक्रण, इनलैंड वेसल्स, तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कन्वेंशन के तहत भी कई अधिनियम वर्तमान में प्रभावी हैं, जैसे:
- मरीन फिशिंग रेगुलेशन एक्ट्स (राज्य विशेष),
- नेशनल पॉलिसी ऑन मरीन फिशरीज 2017,
- मर्चेंट शिपिंग एक्ट 1958,
- मेजर पोर्ट अथॉरिटी एक्ट 2021,
- मैरिटाइम जोन्स एक्ट 1976,
- रीसाइक्लिंग ऑफ शिप्स एक्ट 2019,
- इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021।
डॉ. सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा तैयार किया गया नीली अर्थव्यवस्था नीति मसौदा देश के समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग, तटीय समुदायों के जीवन में सुधार, समुद्री जैव विविधता के संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
इस नीति का उद्देश्य भारत की जीडीपी में नीली अर्थव्यवस्था का योगदान बढ़ाना और समुद्र आधारित संसाधनों से आर्थिक विकास को गति देना है। यह नीति मसौदा 'विजन न्यू इंडिया 2030' के अनुरूप तैयार किया गया है और इसमें ब्लू इकोनॉमी अकाउंटिंग फ्रेमवर्क, ओशन गवर्नेंस, समुद्री पर्यटन, मछली पालन, और प्रसंस्करण इकाइयों को भी शामिल किया गया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत जैसे समुद्र तटीय देश के लिए नीली अर्थव्यवस्था भविष्य की जरूरतों की पूर्ति और आर्थिक मजबूती का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस नीति को विधायी रूप में ठोस स्वरूप देकर शीघ्र लागू किया जाए, ताकि भारत वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सके।
कुम्हारी टोल प्लाजा को बंद करने व अन्य विकास कार्यों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिले सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ में रायपुर-दुर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित कुम्हारी टोल प्लाजा को बंद करने सहित सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर निर्माण को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए राजधानी रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से बुधवार को मुलाकात कर विकास कार्यों को पूर्ण करने का आग्रह किया। सांसद श्री अग्रवाल के अनुसार कुम्हारी टोल प्लाजा की समय सीमा समाप्त हो चुकी है इसके बावजूद यह पिछले 10 से 12 वर्षों से संचालित है। अवधि पूर्ण हो जाने के बाद भी यह टोल प्लाजा अवैध रूप से संचालित हो रहा है। जिससे स्थानीय जनता को भारी असुविधा और जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, इस कारण क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लिहाजा मैंने श्री गडकरी से मुलाकात के दौरान टोल प्लाजा को तत्काल बंद करने का आग्रह किया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर शहर की यातायात की समस्या और परिवहन के बुनियादी ढांचे की समस्याओं के समाधान के लिए माननीय गडकरी जी के सामने कुछ और आग्रह प्रस्ताव रखा, जिसमें
1. रिंग रोड नं. 01 (एनएच-53) के सर्विस रोड को 5 मीटर से बढ़ाकर 11 मीटर करना।
2. रायपुर रेलवे स्टेशन से नेशनल हाइवे 30 के जंक्शन तक बने एक्सप्रेस हाईवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपना, रायपुर शहर में तीन फ्लाईओवर का निर्माण करने के साथ तेलीबांधा से जोरा तक चौथे फ्लाईओवर का भी निर्माण शुरू करना।
3. एक्सप्रेस हाईवे पर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (शदाणी दरबार) के जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण।
4. भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस वे में रायपुर विशाखापट्टनम छत्तीसगढ़ ओडिशा सीमा तक 4 से 6 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य हेतु की गई भू अर्जन मुआवजा प्रकरण का जल्द से जल्द निराकरण करना, साथ ही इसमें व्याप्त भ्र्ष्टाचार की जाँच करना।
5. राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (कमल विहार चौक) के जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद से रायपुर को राजधानी की तर्ज पर विकसित करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। बढ़ती जनसंख्या और यातायात समस्याओं के चलते रायपुर में रोजाना तेलीबांधा रिंग रोड चौक जैसे स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। रिंग रोड के बाहर बन चुकी बड़ी कॉलोनियां, बाजार और व्यावसायिक परिसरों के कारण शहर की यातायात समस्या गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि विशाखापट्टनम और उड़ीसा की ओर जाने वाले मालवाहक और यात्री वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे का निर्माण शहर के बाहर प्रवेश और निकासी की सुविधाएं प्रदान करेगा। इससे न केवल जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय निवासियों को राहत भी मिलेगी। श्री अग्रवाल ने नितिन गडकरी से आग्रह किया कि रायपुर को एक आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए इन मांगों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।


प्रधान पाठक की याचिका पर क्रमोन्नति वेतनमान वसूली पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक
बिलासपुर। शासकीय प्राथमिक शाला गिरधारीकापा, पंडरिया में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ संजय कुमार चंद्रवंशी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने क्रमोन्नति वेतनमान की वसूली पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्या है मामला?
संजय कुमार चंद्रवंशी की पहली नियुक्ति वर्ष 1998 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के पद पर हुई थी। वर्ष 2018 में उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया और 2022 में वे प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नत हुए।राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 10 मार्च 2017 को जारी आदेश के अनुसार, सहायक शिक्षकों को पहली क्रमोन्नति 10 वर्षों के बाद और दूसरी 20 वर्षों के बाद दी जाती है। चंद्रवंशी को 10 वर्षों की सेवा के बाद भी क्रमोन्नति वेतनमान नहीं मिला, जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
जनवरी 2021 में कोर्ट ने उनके पक्ष में आदेश पारित किया और जनपद पंचायत पंडरिया ने 8 अक्टूबर 2020 को उन्हें क्रमोन्नति वेतनमान स्वीकृत किया। इसके तहत उन्हें जनवरी 2021 से अप्रैल 2025 तक नियमित रूप से उच्च वेतनमान प्राप्त होता रहा।
अचानक आया वसूली आदेश
हालांकि, 14 मई 2025 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पंडरिया ने आदेश जारी कर मई 2025 से न्यूनतम वेतन निर्धारण करते हुए वेतन अंतर की वसूली करने के निर्देश दिए। इस आदेश के खिलाफ संजय चंद्रवंशी ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाईकोर्ट में फिर से याचिका दाखिल की।
कोर्ट ने क्या कहा?
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि जनवरी 2021 से लगातार वेतनमान दिया गया, और अब बिना किसी पूर्व सूचना या वैध प्रक्रिया के वेतन कटौती और वसूली की कार्रवाई पूरी तरह कानून विरुद्ध है। इस पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने वेतन वसूली आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही जिला पंचायत कबीरधाम और जनपद पंचायत पंडरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी एवं सीईओ राजेश सिंह राणा ने क्रेडा में ली मासिक समीक्षा बैठक
रायपुर। छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (क्रेडा) के सभाकक्ष में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में क्रेडा अध्यक्ष एवं सीईओ ने क्रेडा द्वारा क्रियान्वित की जा रही शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय सीमा में कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। क्रेडा की योजनाएं सीधे तौर पर ग्रामीणों के विकास से संबंधित योजनाएं हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीणों को कृषि हेतु सोलर पम्प के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध कराना, सोलर ड्यूल पम्प के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा सोलर हाई मास्ट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराया जाता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर उपरोक्त योजनाओं के प्रभावी व ससमय क्रियान्वयन हेतु क्रेडा अध्यक्ष एवं सी.ई.ओ. द्वारा प्रति माह अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर पूर्व माह से वर्तमान माह में आयी प्रगति का आंकलन करते हैं। साथ ही मैदानी स्तर पर योजना के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाईयों के निराकरण हेतु आवश्यक मार्गदर्शन अधिकारियों को देते हुए शासन स्तर पर समन्वय के आवश्यक प्रयास क्रेडा के मुखिया द्वारा किया जा रहा है।
बैठक में क्रेडा के समस्त जिला एवं जोनल कार्यालयों के अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यभर में क्रेडा द्वारा संचालित योजनाओं विशेषतः जल जीवन मिशन, सौर सुजला योजना, सोलर हाई मास्ट, सोलर पावर प्लांट तथा अन्य सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं की प्रभावशीलता एवं निरंतरता सुनिश्चित करना एवं नवाचार के माध्यम से अधिक से अधिक सौर संयंत्रो की स्थापना सुनिश्चित करने का था।
सौर सुजला योजना फेस-9 हेतु निर्धारित लक्ष्य को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने हेतु गहन मंथन बैठक में सौर सुजला योजना अंतर्गत जिलावार निर्धारित किये गये लक्ष्य की शीघ्रातिशीघ्र पूर्ति हेतु प्रत्येक जिले के अधिकारी से पृथक-पृथक चर्चाकर संयंत्र स्थापना में आ रही समस्याओं की जानकारी प्राप्त करते हुए समस्या को दूर करने हेतु प्रधान कार्यालय स्तर से संयंत्र स्थापनाकर्ता इकाईयों आवश्यक निर्देश जारी करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शेष लक्ष्य को समय सीमा में पूर्ण करने के विशेष निर्देश जारी किये।
जल जीवन मिशन कार्यशीलता की समीक्षा और ठोस निर्देश
जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित सोलर संयंत्रों की ग्राउंड रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। संयंत्रों की वास्तविक स्थिति, कार्यशीलता प्रतिशत, वारंटी की स्थिति, मरम्मत संबंधी प्रक्रियाओं एवं सामग्रियों की उपलब्धता पर बिंदुवार चर्चा की। अधिकारियों से कहा कि “जनता को निर्बाध पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संयंत्रों की कार्यशीलता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’
निर्देश दिए कि वारंटी अवधि में यदि स्थापना एजेंसी मरम्मत नहीं करती है तो सुरक्षा निधि से तुरंत मरम्मत कराई जाए। वारंटी के बाहर संयंत्रों की मरम्मत के लिए जिला प्रशासन से समन्वय कर आवश्यक फंडिंग सुनिश्चित की जाए।
सोलर पावर प्लांट स्थापना के संबंध में निर्देश
योजनांतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यों को शीघ्र पूर्ण करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये। साथ ही शासन के विभिन्न विभागों एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर उनकी मांग अनुसार संयंत्रों की स्थापना हेतु आवश्यक सर्वेक्षण उपरांत प्रस्ताव तैयार करते हुए हितग्राही संस्था से बजट की स्वीकृति हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिये गये।
गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशील सेवा की दिशा में मजबूत कदम –
क्रेडा सी.ई.ओ. श्री राणा ने कहा कि “क्रेडा न केवल संयंत्र स्थापित करने वाली संस्था है, बल्कि यह जिम्मेदारी से संचालन और रखरखाव के लिए भी प्रतिबद्ध है। हमारी सोच केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, सेवा की निरंतरता और जनविश्वास की स्थापना है।”
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ने न केवल राज्य में संचालित योजनाओं की मौजूदा स्थिति को उजागर किया, बल्कि प्रशासन की तत्परता और सजगता को भी दर्शाया। क्रेडा प्रदेश को ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में लगातार आगे ले जा रहा है, जहाँ हर गांव, हर घर तक साफ, सुलभ और सतत ऊर्जा पहुँचाना लक्ष्य है।
नवाचार के क्षेत्र में कार्य हेतु अधिकारियों को निर्देश –
क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी द्वारा अधिकारियों को अवगत कराया कि नवा रायपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने हेतु क्रेडा द्वारा विशेष प्रयास किये गये थे, जिसके तहत् अटल नगर नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अपनी सहमति जारी की गई है। साथ ही राज्य के स्वास्थ्य केन्द्रों, आदिवासी आश्रम-छात्रावासों इत्यादि भवनों को सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत करने हेतु प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन एवं केन्द्र शासन को प्रेषित किया गया है, इस हेतु क्रेडा अध्यक्ष एवं सी.ई.ओ. द्वारा भारत सरकार स्तर पर भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। अध्यक्ष महोदय द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि इसी तर्ज पर सभी अधिकारी अपने स्तर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना हेतु विशेष प्रयास करें।
रायपुर में खुलेगा APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय, किसानों, उद्यमियों और निर्यातकों को अब मिलेगा वैश्विक बाजार का सीधा लाभ
रायपुर। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों एवं उद्योग विभाग की सक्रिय पहल के फलस्वरूप भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रायपुर में APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है।
इस क्षेत्रीय कार्यालय के प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को अनेक लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। अब उन्हें ट्रेनिंग, प्रमाणन, पैकेजिंग, मानकीकरण और निर्यात संबंधी सेवाओं के लिए अन्य राज्यों के कार्यालयों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय स्तर पर मिलेगी वैश्विक गुणवत्ता की सुविधा
राज्य में APEDA कार्यालय की स्थापना से अब फाइटो-सेनेटरी प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रमाणन, लैब टेस्टिंग, और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाएं यहीं पूरी की जा सकेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि किसानों और निर्यातकों की लागत में भी कमी आएगी।
छत्तीसगढ़ के उत्पादों को मिलेगी ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान
APEDA कार्यालय से फल, सब्ज़ियाँ, चावल, GI टैग वाले उत्पाद, मिलेट्स और अन्य कृषि उत्पादों का सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात आसान होगा। इससे उत्पादों को उचित दाम, व्यापारियों को नए बाज़ार, और राज्य को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।
किसानों की आय और ज्ञान दोनों में वृद्धि
निर्यात से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, नई तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग की जानकारी और प्रशिक्षण उन्हें स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
निर्यात बुनियादी ढांचे को मिलेगा प्रोत्साहन
APEDA न केवल प्रमाणन और ब्रांड प्रमोशन में सहयोग करता है, बल्कि निर्यात बुनियादी ढांचे के निर्माण और रख-रखाव में भी सहायता करता है। इससे राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस जैसे सुविधाओं का विकास होगा, जिससे कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी।
विशेष योजनाएं और सब्सिडी का लाभ राज्य को मिलेगा
APEDA द्वारा चलाए जा रहे एक्सपोर्ट प्रमोशन, स्किल डेवलपमेंट और सब्सिडी योजनाओं का लाभ अब छत्तीसगढ़ के किसान, स्टार्टअप और MSMEs को सहजता से मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों और उत्पादकों को अब वैश्विक बाजार से जोड़ने का मजबूत माध्यम मिल गया है। यह कार्यालय न केवल कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में एक अग्रणी राज्य बनाएगी और समृद्ध कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
ननों की गिरफ्तारी पर सियासत जारी: PCC चीफ दीपक बैज ने कहा- केरल-छत्तीसगढ़ भाजपा आमने-सामने, कौन गलत और कौन सही, सरकार से की स्पष्टीकरण की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दो ननों की गिरफ्तारी को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार और केरल के भाजपा अध्यक्ष के बीच टकराव अब सवालों के घेरे में आ गया है। एक ओर जहां छत्तीसगढ़ सरकार गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने वीडियो जारी कर नन्स पर लगे आरोपों और की गई कार्रवाई को गलत बताया है। कांग्रेस ने इस विरोधाभासी स्थिति पर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर कौन गलत हो और कौन सही है। साथ ही पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया है। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरा है।
ननों की गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत पर बैज का बयान
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि धर्मांतरण भाजपा का चुनावी एजेंडा है। ननों की गिरफ्तारी मामले में केरल भाजपा अध्यक्ष का बयान आया है। उन्होंने गिरफ्तारी और कार्रवाई को गलत बताया। केरल के भाजपा प्रदेश महामंत्री ने सीएम और डिप्टी सीएम से मुलाकात की। राज्य सरकार मामले की लीपापोती में लगी है। बैज ने आगे कहा कि भाजपा सिर्फ ध्रुवीकरण का काम कर रही है। केरल भाजपा अध्यक्ष के बयान अलग और राज्य सरकार के बयान अलग है। आखिर कौन झूठ बोल रहा है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
क्रेडा कमीशनखोरी मामले पर कसा तंज
क्रेडा में 3 प्रतिशत कमीशनखोरी मामले पर दीपक बैज ने कहा कि क्रेडा अध्यक्ष सवन्नी की कमीशनखोरी का मामला सामने आया। क्रेडा के वेंडरों ने पीएम, सीएम समेत कई नेताओं को पत्र लिखा। कमीशन नहीं देने पर डराया-धमकाया जा रहा है। यह पहली घटना नहीं, राजनांदगांव से भी ऐसी चिट्ठी आई है। सरकार सिर्फ ढोल पीट रही है। नेता-मंत्री जनता की गाढ़ी कमाई लूटने में लगे हैं। 32 हजार की जग के तहत इस मामले को भी लीपापोती कर रही है। क्या इस पर सरकार जांच करेगी या लीपापोती करने का काम करेगी?
भर्ती घोटाले का आरोप
दीपक बैज ने कहा कि पहले वन विभाग आरक्षक, पुलिस भर्ती और अब समग्र शिक्षा विभाग से निकाली भर्ती में घोटाला हो रहा है। उन्होंने कहा कि 40 हजार आवेदन आते हैं, 1300 की भर्ती करते हैं। महज 3 दिन में भर्ती कैसे संभव? हम तो भ्रष्टाचार का आरोप अभी लगा रहे हैं, आप पहले ही लेटर में भ्रष्टाचार नहीं होने की बात कह रहे हैं। इसमें भी जांच होनी चाहिए।
तहसीलदारों के वायरल चैट पर बयान
कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने तहसीलदारों के वायरल चैट पर कहा कि तहसीलदार प्रमोशन के लिए नारियल इकट्ठा कर रहे हैं। एक-एक तहसीलदार से कोड वर्ड में 50-50 हजार का नारियल ले रहे हैं। तहसीलदार के प्रमोशन के लिए भी खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। इस पूरे मामले में सरकार इन्वॉल्व है। क्रेडा अध्यक्ष का कमीशन कहां-कहां पहुंच रही है। समग्र शिक्षा विभाग में पैसा कहां-कहां तक पहुंचा और 50-50 नारियल कहां पहुंच रहा है?
गृहमंत्री को AK-47 रख लेनी चाहिए – दीपक बैज
बजरंग दल के प्रदर्शन की चेतावनी पर दीपक बैज ने कहा कि भाजपा और बजरंग दल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बजरंग दल का वीडियो सामने आ रहा है। आवश्यकता पड़ने पर हथियार उठाने की बात कह रहे हैं। बैज ने कहा, मैं कहूंगा कि गृहमंत्री को AK-47 रख लेनी चाहिए। आखिर प्रदेश में लोकतंत्र है या नहीं ? कोई भी बात हो तो सरकार को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
केरल भाजपा नेता के बयान पर सवाल
दीपक बैज ने केरल भाजपा नेता के बयान पर कहा कि केरल और छत्तीसगढ़ भाजपा में विरोधाभास क्यों? उन्होंने कहा कि केरल के प्रदेश अध्यक्ष खुलेआम कह रहे हैं कोई धर्मांतरण नहीं, कोई मानव तस्करी नहीं। केरल भाजपा नेताओं के बयान पर सरकार क्या कह रही? आखिर कौन गलत है छत्तीसगढ़ सरकार या केरल भाजपा नेता?
स्कूली बच्चों से भरी वैन नाले में गिरी
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। बच्चों से भरी एक स्कूल वैन अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना वाड्रफनगर क्षेत्र की है, जहां मारुति वैन में 20 से 25 स्कूली बच्चे सवार थे। सभी बच्चे मॉर्निंग स्टार स्कूल, वाड्रफनगर के बताए जा रहे हैं।
हादसे के पीछे स्कूल प्रबंधन और चालक की लापरवाही
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, वैन की रफ्तार काफी तेज थी और वाहन पूरी तरह ओवरलोडेड था। हादसे के पीछे स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और चालक की असावधानी साफ नजर आ रही है। हादसे के बाद बच्चे बुरी तरह डरे-सहमे नजर आए।
कई बच्चों को गंभीर चोटें, इलाज जारी
हादसे में कई बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। कुछ बच्चों को फ्रैक्चर और सिर में चोटें भी आई हैं।हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। अभिभावकों में गुस्सा है और लोगों ने स्कूल की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
8 ट्रेनी IPS को सीएसपी पद पर मिली पोस्टिंग
रायपुर। राज्य सरकार ने 2021 और 2022 बैच के IPS अफसरों की पोस्टिंग का आदेश जारी किया है। इन अफसरों को अलग-अलग जिलों में सीएसपी की जिम्मेदारी दी गयी है।

राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का हुआ तबादला, आदेश जारी
रायपुर। सरकार ने बड़ी संख्या में राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों का ट्रांसफर किया है। अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर उप सचिव, जिला पंचायत सीईओ सहित कई अधिकारियों के तबादले किये गये हैं।
देखिये पूरी लिस्ट-




आदिवासियों के धर्मांतरण पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताई चिंता, विपक्ष से मांगा स्पष्ट जवाब
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आदिवासी समाज को लक्ष्य बनाकर किए जा रहे सुनियोजित धर्मांतरण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, पिछले दिनों गिरफ्तार ननों के मामले में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर देश की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) को बिगाड़ने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष देश को धर्मांतरण का अड्डा बना देना चाहता है। विशेष रूप से आदिवासी समाज को लालच, प्रलोभन और दवाब के माध्यम से उनके पारंपरिक विश्वास से दूर किया जा रहा है। यह केवल धार्मिक आस्था का मामला नहीं, बल्कि देश की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
सांसद बृजमोहन ने केरल की दो ननों की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि, “इन दोनों ननों को आदिवासी क्षेत्र में प्रार्थना सभा की आड़ में मासूम आदिवासियों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना धर्मांतरण के पीछे चल रहे नेटवर्क की एक कड़ी भर है।”
उन्होंने कहा कि चिंता की बात यह है कि विपक्ष के कई सांसद और नेता इन आरोपियों के समर्थन में खड़े हो गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष धर्मांतरण का समर्थन करता है और इसी एजेंडे को छुपाकर चल रहा है।
बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष से दो टूक पूछा कि, “कांग्रेस और विपक्षी दल साफ-साफ देश को बताएं कि वे धर्मांतरण के खिलाफ हैं या समर्थन में? अगर वे इसके विरोध में हैं तो फिर वे ऐसे मामलों में दोषियों के साथ खड़े क्यों होते हैं?
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान और परंपरा को बचाने के लिए हर स्तर पर कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। जो लोग भोले-भाले आदिवासियों को बहका कर उनका धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा और केंद्र सरकार आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत की रक्षक है, और हम किसी भी कीमत पर उनके धर्मांतरण के षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगे
बिना हेलमेट पुलिसवाले पकड़ाये, तो भरना होगा जुर्माना होगी विभागीय कार्रवाई
रायपुर। रायपुर में अब हेलमेट नियम तोड़ने पर सिर्फ आम जनता नहीं, बल्कि खाकीधारी भी नहीं बच पाएंगे। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) लाल उम्मेद सिंह ने मंगलवार को एक सख्त आदेश जारी किया है, जिसके तहत पुलिस विभाग के हर अधिकारी और कर्मचारी के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
हेलमेट नहीं पहना तो भरना पड़ेगा 1000 रुपए का चालान
SSP के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के वाहन चलाते हुए पकड़ा गया, तो न सिर्फ 1000 रुपए का चालान कटेगा, बल्कि विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अक्सर देखा गया था कि कई पुलिसकर्मी खुद ही नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना हेलमेट के बाइक या स्कूटी चलाते थे। अब उन्हें भी नियम का पालन करना होगा, नहीं तो विभागीय फटकार झेलनी पड़ेगी।
अब कौन करेगा पुलिस पर निगरानी?
हालांकि आदेश के साथ ही एक बड़ा सवाल भी उठ खड़ा हुआ है—निगरानी करेगा कौन? पहले भी जिला प्रशासन ने कलेक्टोरेट में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों के प्रवेश पर रोक लगाई थी, लेकिन कई पुलिसकर्मी खुद इस नियम की अनदेखी करते रहे। यहां तक कि कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी बिना हेलमेट वाहन चलाकर ड्यूटी पर पहुंचते हैं।
आदेश के बाद बढ़ी सतर्कता
इस आदेश के बाद कई पुलिसकर्मी जो पहले नियमों को हल्के में लेते थे, अब हेलमेट पहनकर ड्यूटी पर आना शुरू कर चुके हैं। प्रशासन इसे केवल हेलमेट तक सीमित न रखकर अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना से जोड़कर देख रहा है।
देखें आदेश

कुआं धंसने के 27 घंटे बाद निकल सका पति-पत्नी और बेटे की लाश, गांव में पसरा मातम
कोरबा। कोरबा में भारी बारिश के कारण कुआं धंसने से मलबे में दबे पति-पत्नी और बेटे के शव को आज 27 घंटे के रेस्क्यू आपरेशन के बाद बाहर निकाला जा सका। आपको बता दे मंगलवार के तड़के कटघोरा थाना के ग्राम बनवार में ये हादसा हुआ था। जिसमें बाड़ी में बने नव-निर्मित कुआं के धंसने की वजह से उसकी चपेट में आकर पति-पत्नी और बेटा मलबे में दब गये थे। घटना की जानकारी के बाद SDRF की टीम ने कल दोपहर से ही रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया था, जो कि आज दोपहर 2 बजें पूरा हो सका।
गौरतलब है कि कोरबा में पिछले चार दिनों से रूक-रूककर हो रही बारिश ग्राम बनवार में रहने वाले श्रीवास परिवार के लिए काल साबित हुआ। परिवार के छोटे बेटे उचिर राम श्रीवास ने बताया कि सोमवार की रात पूरा परिवार एक साथ खाना खाने के बाद देर रात तक टीवी देख रहे थे। इसके बाद दूसरे दिन मंगलवार की सुबह जब उसकी आंख खुली तो उसे घर में कोई भी नही मिला। उसे लगा परिजन खेत से गाय को भगाने गये होंगे। लेकिन काफी पतासाजी के बाद भी उनका पता नही चला। कुछ देर बाद जब वह घर की बाड़ी में हाल ही में बने कुंए के पास जाकर देखा तो कुआं पूरी तरह से धंस चुका था। और कुंए के उपरी छोर में पिताजी की चप्पल तैर रही थी।
अनहोनी की आशंका से उसने तुरंत घटना की जानकारी गांव के सरपंच को दी। इसके बाद सरपंच ने हादसे की आशंका जताते हुए पुलिस को इस घटना से अवगत कराया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस टीम ने तुरंत आला अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और जिला मुख्यालय से राहत-बचाव दल को रवाना किया गया। दोपहर में ही बिलासपुर से एसडीआरएफ की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। लेकिन बारिश और मिट्टी धंसने के कारण जेसीबी मशीन से कुंए के आसपास खुदाई नही हो सकी।
जिसके बाद आज सुबह चैन माउंटेड पोकलेन मशीन मौके पर बुलवाया गया। जिससे करीब 25 फीट गहरी खुदाई करने के बाद छेदूराम श्रीवास, पत्नी कंचन बाई और बेटा गोविंद श्रीवास का शव मलबे से बरामद किया गया। शव बरामद होने के बाद परिवार का जहां रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में इस घटना के बाद मामत व्याप्त है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कल दोपहर 12 बजें से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया था, जो कि आज दोपहर 2 बजें शव मिलने के बाद पूरा हो सका। पुलिस ने तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिये जायेंगे।
सूदखोरी के आरोपों में घिरे तोमर बंधुओं को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने लगायी मकान तोड़ने पर अस्थायी रोक
बिलासपुर। सूदखोरी के गंभीर आरोपों में घिरे रायपुर के चर्चित तोमर बंधुओं को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति रविंद्र अग्रवाल की एकलपीठ ने उनके मकान को तोड़ने की प्रशासनिक कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगा दी है। अदालत ने इस मामले में प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है।
तोमर बंधुओं की याचिका पर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
तोमर बंधुओं पर आरोप है कि वे सूदखोरी के अवैध कारोबार में लिप्त हैं। जिला प्रशासन ने उनकी चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने के साथ मकान को ध्वस्त करने की तैयारी कर ली थी। इसी कार्रवाई के खिलाफ तोमर बंधुओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ वकीलों ने की पैरवी
मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा और वरिष्ठ अधिवक्ता सजल गुप्ता ने तोमर बंधुओं की ओर से जोरदार पैरवी की। उन्होंने अदालत को बताया कि प्रशासन ने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के मकान तोड़ने का आदेश जारी किया, जो पूरी तरह से अनुचित है।
प्रशासन को देना होगा जवाब
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर विचार करते हुए मकान तोड़ने की कार्रवाई पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। साथ ही प्रशासन से पूछा है कि उसने इस कार्रवाई के लिए कौन-कौन से न्यायिक और कानूनी प्रावधानों का पालन किया।यह मामला सिर्फ एक मकान की विध्वंस कार्रवाई नहीं, बल्कि सूदखोरी के मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया की वैधता को लेकर एक बड़ी बहस का कारण बन गया है। अदालत की अंतरिम रोक को तोमर बंधुओं के लिए अस्थायी राहत जरूर माना जा रहा है, लेकिन अंतिम फैसला प्रशासनिक पक्ष की दलीलों पर निर्भर करेगा।