रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पूरे देश की तरह बिलासपुर जिले के लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित हो रही है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि महंगाई के इस दौर में भारी-भरकम बिजली बिल से भी राहत मिल रही है। बिलासपुर की अशोक नगर निवासी अंजलि सिंह ने अपनी छत पर तीन किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि इस सोलर प्लांट की कुल लागत एक लाख 85 हजार रुपए आई। इसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए की सब्सिडी भी मिली है।
अंजलि सिंह ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने से पहले उसके घर का मासिक बिजली बिल ढाई से तीन हजार रुपए तक आता था। लेकिन अब उसका बिजली बिल आधा हो गया है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच से अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में अब राज्य सरकार भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कैबिनेट ने अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में 30 हजार रुपए तक का अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय लिया है। बिलासपुर की अंजलि सिंह ने बताया कि पहले बिजली चले जाने पर दिक्कतें होती थीं, बार-बार शिकायत करनी पड़ती थी। अब इन समस्याओं से छुटकारा मिल गया है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने के दस दिनों के भीतर सेट-अप भी लग गया था। उन्होंने योजना के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि सोलर सिस्टम का रखरखाव बेहद सरल है और इसमें कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आता है। उन्होंने हर व्यक्ति के लिए इसे उपयोगी बताते हुए इस योजना से जुड़ने का सुझाव दिया है।
सरकार से मिल रही सब्सिडी, वेबसाइट या एप से कर सकते हैं पंजीयन
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित सोलर रूफ-टॉप संयंत्र विद्युत ग्रिड से नेट मीटरिंग के माध्यम से जोड़ा जाता है। उपभोक्ता अपनी जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन कर ग्रिड को सप्लाई कर सकते हैं, जिससे उनका बिजली बिल शून्य होने के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। योजना के अंतर्गत एक किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 30 हजार रुपए और राज्य सरकार से 15 हजार रुपए यानि कुल 45 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। दो किलो वॉट पर केंद्र सरकार से 60 हजार रुपए और राज्य सरकार से 30 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार से 30 हजार रुपए यानि कुल एक लाख आठ हजार रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाइल एप पर पंजीयन कराकर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लिया जा सकता है।
बिलासपुर। बिलासपुर में आए दिन धर्मांतरण को लेकर विवाद होते रहता है। ऐसा ही ताजा मामला फिर से सामने आया है। इस बार तोरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत केवटपारा में रविवार को धर्मांतरण के आरोप को लेकर माहौल गरमा गया। एक ओर जहां हिंदू संगठनों ने प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप लगाया। वहीं ईसाई समुदाय ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर मारपीट और पथराव का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कर ली है और जांच में जुट गई है।
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब हिंदू संगठनों से जुड़े लोग केवटपारा में प्रार्थना सभा स्थल पर पहुंचे और वहां चल रही गतिविधियों को धर्मांतरण से जोड़ते हुए विरोध जताया। इसके बाद करीब 500 की तादाद में हिंदू संगठन के लोग थाने पहुंचकर धर्मांतरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की। वहीं दूसरी ओर ईसाई समुदाय के लोग भी तोरवा थाने पहुंचे और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जबरदस्ती घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने पथराव किए जाने की भी बात कही। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाने में प्रदर्शन के दौरान थाने के आस पास माहौल गरमाता रहा। वहीं मौके पर पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और बड़ी संख्या में बल की तैनाती भी करनी पड़ी।
एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि केवटपारा में एक समुदाय विशेष के लोग एक मकान में उपस्थित होकर अपना कार्यक्रम कर रहे थे। उसी दौरान दूसरे समुदाय के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच वाद-विवाद हुआ। इस विवाद के बाद दोनों पक्ष के लोग तोरवा थाना आए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों से शिकायत प्राप्त कर जांच में जुट गई है। मामले की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। आज राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा स्वेच्छा अनुदान मद से स्वीकृत 250 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लिए आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया ।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने गंभीर बीमारियों के इलाज, शिक्षा, उच्च शिक्षा , संस्थाओं , व पअपने घोषणानुसार खेल संघों को प्रतिवर्ष दिए जाने वाले सहयोग राशि एवं अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए पात्र लाभार्थियों को चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की विष्णुदेव साय सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूलमंत्र पर कार्य कर रही है और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा संकल्प है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह सहायता सिर्फ एक आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान की भावना है जो इन लाभार्थियों को अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। श्री अग्रवाल ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करें और जरूरतमंदों को समय पर सहयोग उपलब्ध कराएं।
कार्यक्रम में रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ,बड़ी संख्या में लाभार्थी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। लाभार्थियों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दुर्ग जिले के जामगांव में महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर ‘चरण पादुका योजना’ का पुनः शुभारंभ किया गया। प्रदेश के 12 लाख 40 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहक भाइयों-बहनों के जीवन स्तर को सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। चरण पादुका योजना उन परिश्रमी हाथों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है, जो कठिन परिस्थितियों में वनोपज संग्रहण का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का राज्य की अर्थव्यवस्था, वनोपज आधारित रोजगार और स्थानीय समृद्धि में अमूल्य योगदान है। उनकी मेहनत से ही छत्तीसगढ़ की वनोपज परंपरा जीवंत बनी हुई है और लाखों परिवारों को आजीविका का सहारा मिलता है। ‘चरण पादुका योजना’ हमारे संकल्प पत्र "मोदी की गारंटी" का महत्वपूर्ण वादा था, जिसे हमारी सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया है। यह योजना केवल चरण पादुका वितरण भर नहीं, बल्कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के श्रम और स्वाभिमान का सम्मान है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना के माध्यम से हम तेंदूपत्ता संग्राहकों के उस परिश्रम को नमन कर रहे हैं, जो जंगलों की पगडंडियों से होकर प्रदेश की समृद्धि तक पहुँचता है। सरकार उनके हर सुख-दुख में सहभागी है और उनके जीवन में गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा के अंतर्गत ग्राम जामगांव (एम) में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा निर्मित आधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई एवं केन्द्रीय भंडार गृह परिसर तथा स्प्रेयर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अंतर्गत निर्मित हर्बल एक्सट्रेक्शन इकाई का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। हमारी सरकार डेढ़ वर्षों से लगातार विकास की दिशा में अग्रसर है। तीन करोड़ जनता से किए गए वचनों को हम प्राथमिकता से पूरा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तीन नई हर्बल इकाइयों से लगभग दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो हमारे लिए सौभाग्य का विषय है। आयुर्वेदिक औषधियों की कच्ची सामग्रियां जंगलों से एकत्र कर संयंत्रों तक पहुंचाई जाएंगी, जिससे वनवासियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है और आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुर्वेदिक केंद्र के रूप में स्थापित होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए सरकार ने संग्रहण दर 4,500 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी है, जिससे लगभग 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही पूर्ववर्ती सरकार में बंद की गई ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत आज पांच हितग्राही महिलाओं को चरण पादुका वितरित की गईं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण करना चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही माँ के प्रति सम्मान भाव भी बना रहेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 44.10 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र है, जिससे वनोपज की बहुलता है। यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है। इसके प्रारंभ से वनोपज का संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन सुगम होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का वनोपज अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 67 प्रकार की वनोपज का संग्रहण किया जाता है, जिससे 13 लाख 40 हजार वनवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। श्री कश्यप ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है।
महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुर्वेदिक औषधियों की महत्ता पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोकार्पण से पूर्व प्रसंस्करण इकाई परिसर में आंवला का पौधा रोपित किया। इसके साथ ही वन मंत्री श्री कश्यप ने सीताफल का पौधा, सांसद विजय बघेल ने बेल तथा महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने भी सीताफल का पौधा रोपित किया।
उल्लेखनीय है कि आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़कर ‘फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल’ को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। 27.87 एकड़ क्षेत्र में 36.47 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह इकाई प्रतिवर्ष 50 करोड़ रुपए मूल्य के उत्पाद तैयार करेगी। यहां प्रदेश के वनों से प्राप्त औषधीय और लघु वनोपज – जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्मित होंगे। यह इकाई ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र बनेगी।
परियोजना के अंतर्गत 2,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार मिलेगा। वहीं युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खुलेंगे। इकाई में आधुनिक वेयरहाउस की 20,000 मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है, जिससे मौसमी वनोपजों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करती है। यह न केवल वन उत्पादों के स्थानीय मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशिता को भी सशक्त बनाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय की दिखी संवेदनशीलता: अपने हाथों से पहनाई चरणपादुका
इस अवसर पर मानवीय संवेदनशीलता और सम्मान का अनूठा दृश्य भी देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम बढ़भुम (जिला बालोद) की हितग्राही शकुंतला कुरैटी को स्नेहपूर्वक अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से प्रेरित होकर वन मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने भी हितग्राहियों – वैजयंती कुरैटी, निर्मला उईके, ललिता उईके तथा अघनतीन उसेंडी को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, विधायकगण डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, सम्पत लाल अग्रवाल, ललित चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव एवं रिकेश सेन, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक दया राम साहू, महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ के प्रबंध संचालक अनिल कुमार साहू एवं संघ के कार्यकारी अध्यक्ष एस. मणिकासगन उपस्थित थे।
रायपुर। भारत के भविष्य को गढ़ने वाले युवाओं को संबोधित करते हुए रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, युवा वो होते हैं जिनके भीतर आग होती है कुछ कर दिखाने की, जो चुनौतियों से डरते नहीं, उनका सामना करते हैं। जो सिर्फ अपने लिए नहीं, देश के लिए भी सोचते हैं।
सांसद श्री अग्रवाल रविवार को ‘यंग इंडियंस पार्लियामेंट 2025’ के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यह आयोजन यंग इंडियंस एवं कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के तत्वावधान में भारत राइजिंग द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर से आए 100 से अधिक ऊर्जावान विद्यार्थियों ने संसद की कार्यप्रणाली को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि, “युवा सिर्फ अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी भागीदार बनते हैं। उनके इरादे मजबूत, सोच सकारात्मक और उद्देश्य समाज सेवा होता है।” उन्होंने आगे कहा कि, “पार्लियामेंट केवल एक इमारत नहीं, बल्कि लोकतंत्र का मंदिर है जहाँ सत्ता और विपक्ष दोनों की भूमिका अहम होती है। विपक्ष का दायित्व केवल विरोध नहीं, बल्कि रचनात्मक सुझावों के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूती देना भी होता है।
इस आयोजन में रायपुर की महापौर मीनल चौबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा, “इस प्रकार के आयोजन बच्चों में जनभागीदारी और ज़िम्मेदारी का बोध कराते हैं, जिससे आने वाले समय में सशक्त नेतृत्व तैयार होता है।
कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि रही कोपलवाणी स्पेशल स्कूल के मूकबधिर छात्रों की भागीदारी। उनके शिक्षकों द्वारा संचार बाधाओं (Communication Barrier) पर विचार रखे गए, और एक समावेशी समाज की आवश्यकता पर सारगर्भित चर्चा हुई।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों की तर्कशीलता, नियमबद्धता और नेतृत्व क्षमता ने मंचासीन अतिथियों को गहराई से प्रभावित किया। यह आयोजन युवाओं में लोकतंत्र, जनप्रतिनिधित्व एवं सामाजिक चेतना के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
आयोजन के सफल संचालन में Young Indians (Yi) की प्रमुख भूमिका रही, जिसमें Gaurav Agrawal (Chair) और Pankaj Somani (Co-Chair) का योगदान उल्लेखनीय रहा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस का मुख्यालय भी अब महफूज नहीं है. यहां चोरों ने एंट्री करते हुए सीधा पीसीसी चीफ दीपक बैज को अपना टारगेट बनाया.
राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में इन दिनों कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का बड़ा जमावड़ा रहता है. दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के सात जुलाई को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. यहां वे रायपुर के साइंस कॉलेज में होेन वाले ‘किसान, जवान, संविधान’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
खड़गे के दौरे के मद्देनजर हाल-फिलहाल छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट छत्तीसगढ़ आकर पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ले चुके हैं. उनके जाने के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम की बारीकियां तय करने में जुटे हैं.
इस कड़ी में दीपक बैज आज एनएसयूआई के कार्यकारिणी की बैठक ले रहे थे. बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करने के लिए बाहर आए और जैसे ही अंदर पहुंचे, उनका फोन आईफोन 15 प्रो गायब हो चुका था. मोबाइल गुम होते ही राजीव भवन में हड़कंप मच गया है. दीपक बैज का आइफ़ोन बंद बता रहा है. सभी कार्यकर्ता मोबाइल फ़ोन खोजने में जुट गए.
मौके पर मौजूद रहे लोगों ने बताया कि बैठक के दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज के बगल में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व रायपुर महापौर एजाज ढेबर बैठे हुए थे.
रायपुर। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘भारत माला प्रोजेक्ट’ में हुए 43 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर अब जांच और न्यायिक कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने इस घोटाले में शामिल राजस्व विभाग के 6 अधिकारियों के खिलाफ उद्घोषणा (Proclamation) नोटिस जारी किया है।
इन अधिकारियों में एक एसडीएम, एक तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार और तीन पटवारी शामिल हैं, जिन पर रायपुर से विशाखापट्टनम तक प्रस्तावित 463 किलोमीटर फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना में मुआवजा वितरण में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की रकम गबन करने का गंभीर आरोप है।
ये हैं आरोपी अधिकारी:
निर्भय कुमार साहू – तत्कालीन एसडीएम
शशिकांत कुर्रे – तहसीलदार
लखेश्वर प्रसाद किरण – नायब तहसीलदार
जितेन्द्र कुमार साहू – पटवारी
बसंती घृतलहरे – पटवारी
लेखराम देवांगन – पटवारी
इन सभी के खिलाफ विशेष अदालत ने उद्घोषणा जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहे हैं और छिपकर रह रहे हैं। अदालत ने सभी को 29 जुलाई 2025 तक स्वयं कोर्ट में पेश होने का अंतिम अवसर दिया है। यदि वे तय तारीख तक उपस्थित नहीं होते, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर संपत्ति कुर्की जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जानिये क्या है मामला?
भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान कई किसानों और भूमि स्वामियों को अतिरिक्त और गलत तरीके से मुआवजा दिया गया। जांच में पाया गया कि फर्जी दस्तावेज और गलत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर 43 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का गबन किया गया।
जांच में राजस्व विभाग के इन छह अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। प्राथमिक जांच के आधार पर राज्य सतर्कता आयोग और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में प्रस्तुत की थी। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की।विशेष न्यायालय की ओर से जारी उद्घोषणा नोटिस सार्वजनिक रूप से चस्पा किए जाएंगे और सरकारी माध्यमों से प्रचारित किए जाएंगे। इसके बावजूद यदि आरोपी हाजिर नहीं होते, तो संपत्ति कुर्की, बैंक खाता सीज और स्थायी गिरफ्तारी वारंट की कार्रवाई की जा सकती है।
धमतरी। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से लगातार धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला धमतरी जिले के टिकरापारा क्षेत्र से सामने आया है। यहां एक अस्थायी प्रार्थना भवन में धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। घटनास्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ नारेबाजी कर धर्मांतरण के खिलाफ नाराज़गी जताई। मामले की सूचना मिलते ही तहसीलदार सूरज बांसोड़ के साथ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, और स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार, हिंदू संगठनों को सूचना मिली थी कि टिकरापारा क्षेत्र में एक मकान में अस्थायी प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है। संगठन का दावा है कि बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोगों को ईसाई समुदाय के कुछ लोगों द्वारा प्रलोभन देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इस सूचना के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना है कि जिस मकान में प्रार्थना हो रही थी, वहां ‘चंगाई सभा’ के नाम पर धर्मांतरण का खेल चल रहा था। जब संगठन के लोग वहां पहुंचे, तो कुछ लोग मौके से भागते हुए भी देखे गए।
जिसके बाद हिंदू संगठनों ने काफी देर तक प्रदर्शन किया। वहीं हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी और तहसीलदार सूरज बांसोड़ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत की और माहौल को शांत किया।
हिंदू संगठन के पदाधिकारी का कहना है कि लगातार धमतरी जिले में धर्मांतरण का खेल जारी है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस तरह के कथित धर्मांतरण के मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज ने सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशनंद गिरि महाराज के साथ विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास सावित्री ठाकुर, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैंकरा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास सावित्री ठाकुर ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती ठाकुर के साथ प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के संकल्प के तहत विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित बीजापुर, सुकमा, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में नियद नेल्लानार योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 159 आंगनबाड़ी केंद्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। यह पहल उन दुर्गम क्षेत्रों में शासन की योजनाओं को सीधे अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी अवगत कराया कि महतारी वंदन योजना अंतर्गत मार्च 2024 से जून 2025 की अवधि में 70 लाख से अधिक महिलाओं को ₹10,431.30 करोड़ की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत आधार मिला है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती ठाकुर को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुलाकात के दौरान प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना और इसे प्रेरणादायी बताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जन-भागीदारी और सकारात्मक प्रयासों की चर्चा करते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित लोगों को पहचान और सम्मान मिलता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी के साथ स्वास्थ्य और प्रकृति की रक्षा के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपयोगी जानकारियां साझा की। प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रहे नवाचारों के बारे में बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवन में छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह दृष्टिकोण हम सभी को प्रेरित करता है और यदि हम नियमित रूप से छोटे लेकिन सार्थक कदम उठाएं, तो समाज और देश में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री देश की छोटी-छोटी से लेकर बड़ी उपलब्धियों पर भी अपनी बात साझा करते हैं और उसकी सराहना करते हैं। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग दिवस की भव्यता, पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि, 1975 के आपातकाल और भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वियतनाम यात्रा और भारत के ट्रेकोमा मुक्त होने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत हम सभी का संकल्प है और राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए छत्तीसगढ़ हर मोर्चे पर दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा है।
इस अवसर पर निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज, केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास सावित्री ठाकुर, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक राजेश मूणत, विधायक अनुज शर्मा, विधायक राजेश अग्रवाल, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक प्रबोध मिंज, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैंकरा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जीएसटी में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जीएसटी से जुड़ा कोई भी मामला हो. अधिकारी अपने लिए पैसा मांग रहा हो, तो आप मुझे किसी भी माध्यम से जानकारी देंगे, तो एसीबी से उसे मैं रंगेहाथ गिरफ्तार कराऊंगा.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी प्रियदर्शनी नगर स्थित कंधकोट भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ के 123वें प्रसारण को सुनने पहुंचे थे. इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा नेता-कार्यकर्ता और आमजन मौजूद थे.
वित्त मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि अगर जीएसटी की 10, 20, 30 परसेंट भी GST की गलती हो तो विभाग आंख बंद करने को तैयार है, लेकिन अगर 10 से 20 लाख की चोरी हो तो उसकी गलती माफ नहीं होगी. कोई फर्जी बिल लगाकर अपना फायदा देखेगा तो उसे माफ नहीं किया जाएगा।
रायपुर। रायपुर जिले के पुलिस विभाग में तबादला हुआ है. प्रशासनिक दृष्टिकोण से बड़ी संख्या में सब इंस्पेटर और असिस्टेंट सब इंस्पेटर इधर से उधर हुए हैं. इस संबंध में रायपुर SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने आदेश जारी किया है. जारी लिस्ट में कुल 77 पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल है. ट्रांसफर में शामिल कई अधिकारी पिछले कई सालों से एक ही थाने में जमे हुए थे.
बिलासपुर। फ्लाई बिग कंपनी की बिलासपुर-अंबिकापुर हवाई सेवा अब बंद कर दी गई है. पहले सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाली यह फ्लाइट यात्रियों की कमी के कारण केवल तीन दिन चलाई जा रही थी. अब कंपनी ने मानसून के दौरान विजिबिलिटी यानी दृश्यता की कमी का हवाला देते हुए सेवा को फिलहाल पूरी तरह से बंद कर दिया है. टिकट खरीदने वाली साइट भी बंद है.
इस फ्लाइट का किराया मात्र 1048 रुपए निर्धारित था, फिर भी यात्रियों की संख्या बेहद कम रही, जिससे कंपनी को यह निर्णय लेना पड़ा. कंपनी की वेबसाइट भी बंद कर दी गई है और अब टिकटों की बिक्री नहीं हो रही है. फ्लाइट के बंद होने से बिलासपुर और अंबिकापुर के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों को अब भारी निराशा का सामना करना पड़ेगा.
यह हवाई सेवा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही थी, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण इसे बंद कर दिया गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के फलस्वरूप कृषि के साथ-साथ उद्योग-धंधों के लिए भी एससी-एसटी सहित सभी वर्गों के लिए अनुकूल वातावरण पूरे प्रदेश में बना हुआ है। यही वजह है कि अब तक प्रदेश में लगभग साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर में आयोजित डॉ. आंबेडकर बिजनेस कॉन्क्लेव एवं एक्सिलेंस अवॉर्ड्स समारोह में कही। उन्होंने दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव को नव उद्यमियों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया एवं छत्तीसगढ़ में आयोजन के लिए बधाई दी।
इस दौरान श्री साय ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के नव उद्यमियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया। कॉन्क्लेव में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लगभग 800 से अधिक नव उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने यहां नई औद्योगिक नीति को अपनाया है, जिसे बहुत परिश्रम से हमारी सरकार ने तैयार कर प्रदेश में उद्योग के क्षेत्र में नई संभावनाओं को पंख देने का कार्य किया है। इसके तहत देश के बड़े मेट्रो शहरों में इंडस्ट्रियल समिट का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत इतने कम समय में ही 5.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त हुआ है। अकेले पावर सेक्टर में ही 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। हमारी औद्योगिक नीति का ही परिणाम है कि आज रायपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर सहित सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों की स्थापना हो रही है।
श्री साय ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों को उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ावा देने से ही देश विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर होगा। हमें आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करना है, जिसके लिए हमें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना ही होगा।
इस अवसर पर दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के फाउंडर चेयरमैन पद्मश्री डॉ. मिलिंद कांबले ने वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 360 डिग्री अप्रोच वाली योजना की आवश्यकता बताई, जिससे उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ रहे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को उद्योग से संबंधित उच्चस्तरीय प्रबंधन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय प्रबंधन, सब्सिडी, मार्केट लिंकेज तथा मार्केटिंग जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों की त्वरित जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। इस दौरान उन्होंने डिक्की के उद्देश्यों के बारे में भी विस्तार से जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में डिक्की के नेशनल प्रेसिडेंट रवि कुमार नर्रा ने कार्यक्रम की भूमिका संबंधी जानकारी प्रस्तुत की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, डिक्की पश्चिमी क्षेत्र प्रमुख संतोष कांबले, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव डांगी, स्टेट प्रेसिडेंट अभिनव सत्यवंशी सहित बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमी उपस्थित थे।
मानपुर-मोहला। जिले के टोहेगांव के सरकारी भवन में 500 से अधिक कट्टे धान का अवैध भंडारण का मामला सामने आया है. यह धान ग्राम पंचायत भवन के ठीक बाजू में मौजूद पुराने ग्राम पंचायत भवन में मिला है. ये धान किसने यहां डंप कराया है ये फिलहाल जांच का विषय है. इस मामले में टोहेगांव धान खरीदी केंद्र प्रबंधन संदेह के दायरे में है.
जानकारी के मुताबिक, धान उपार्जन केंद्र टोहेगांव से सारा धान उठ चुका है. यहां भारी भरकम शॉर्टेज की स्थिति भी सामने आई है. वहीं इसी गांव में धान का अवैध भंडारण सामने आया है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि धान उपार्जन केंद्र प्रबंधन ने केंद्र के धान की बड़ी खेप को अलग कर चोरी छिपे डंप करके रखा है, ताकि बाद में इसे व्यापारियों को बेचकर मुनाफा कमाया जा सके. धान के इस भंडारण से धान उपार्जन केंद्र की भूमिका संदेह के दायरे में है.
इस मामले में मानपुर-मोहला कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने बताया कि उन्हें धान के अवैध भंडारण की जानकारी मिली है. अधिकारियों को जांच के लिए भेजा गया है. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा निर्मित अत्याधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई का लोकार्पण 29 जून को ग्राम जामगांव (एम), जिला दुर्ग में किया जाएगा। लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद दुर्ग विजय बघेल, स्थानीय विधायकगण, राज्य वनोषधि बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम और वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में श्री श्री 1008 डॉक्टर स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज महा मण्डलेश्वर, हरिद्वार उत्तराखण्ड विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़कर फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। 27.87 एकड़ क्षेत्र में रू. 36.47 करोड़ की लागत से निर्मित आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई से प्रतिवर्ष लगभग रु. 50 करोड़ मूल्य के उत्पाद तैयार किए जाने का अनुमान है। यह इकाई प्रदेश में वनों में पाई जाने वाली औषधीय और लघु वनोपज जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करेगी। यह इकाई छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र भी बनेगी। परियोजना के अंतर्गत 1000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की प्राथमिक प्रसंस्करण कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। वहीं युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खुलेंगे।
आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई में आधुनिक वेयरहाउस की 20,000 मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है, जिससे सीजनल वनोपजों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के विजन को मूर्तरूप देती है। यह न केवल वन उत्पादों के स्थानीय मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशिता को भी सशक्त बनाती है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के नेतृत्व में प्रदेश एक नए हरित औद्योगिक युग की ओर अग्रसर हो रहा है, जिससे वनवासियों और ग्रामीणों के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित हो रहा है।