नई दिल्ली/रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल को भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेल उपभोक्ता सलाहाकार समिति का सदस्य नामित किया गया है। माननीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की तरफ से जारी एक पत्र के माध्यम से यह जानकारी देते हुए आशा की गई कि, श्री अग्रवाल इस समिति में सदस्य के रूप में अपने बहुमूल्य समय से योगदान देंगे।
दक्षिण पूर्व मध्य रेल उपभोक्ता सलाहाकार समिति के सदस्य के रूप में श्री अग्रवाल का यह नामांकन रेलवे सेवाओं और उपभोक्ताओं के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में सहायक होगा। इस समिति का उद्देश्य उपभोक्ताओं की समस्याओं और जरूरतों को सुनना और उनका समाधान करना है, ताकि रेलवे सेवाओं में सुधार किया जा सके।
रेल मंत्रालय द्वारा शीघ्र ही इस समिति के गठन, कार्य और कार्यक्रमों से संबंधित औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। श्री अग्रवाल ने इस नए कार्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई और इस समिति में कार्य करने का अवसर देने के लिए मंत्रालय का आभार व्यक्त किया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि वे इस समिति में उपभोक्ताओं के हित में काम करेंगे और रेलवे से संबंधित मुद्दों पर सक्रिय रूप से योगदान देंगे, ताकि बेहतर रेलवे सेवा सुनिश्चित की जा सके।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में बर्ड फ्लू के प्रकरण की पुष्टि होने पर इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य भर में बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं। राज्य में बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। राज्य एवं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन करते हुए सभी कलेक्टरों और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने, सतर्कता बरतने और बायोसेक्युरिटी निर्देशों का पालन के निर्देश भी दिए गए हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश के रायगढ़ जिले स्थित शासकीय कुक्कट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू (एवियन एनफ्लूएंजा) के मामले की पुष्टि हुई है। 30 जनवरी 2025 को कुक्कट पालन प्रक्षेत्र में बड़ी संख्या में पक्षियों की अकस्मिक मृत्यु की सूचना के बाद, पशु चिकित्सकों की एक टीम गठित की गई थी। जांच के बाद राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल ने 31 जनवरी 2025 को बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि की है।
संचालक पशु चिकित्सक सेवाएं के निर्देश पर बर्ड फ्लू के रोकथाम के लिए रायगढ़ जिले में प्रभावित कुक्कट पालन प्रक्षेत्र के 1 किलोमीटर क्षेत्र को इन्फेक्टेड जोन घोषित कर कुक्कट, अंडे, आहार और अन्य सामग्रियों का विनिष्टीकरण किया गया है। प्रभावित क्षेत्र के 1 से 10 किलोमीटर के दायरे को सर्वलेंस जोन घोषित कर पोल्ट्री और अंडे की दुकानों को बंद कर दिया गया है और सीरो सर्वलेंस कार्य शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा कुक्कुट पालकों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर मुआवजा देने के निर्देश भी दिए गए हैं। रायगढ़ कुक्कुट प्रक्षेत्र में इन्फेक्टेड जोन से पोल्टी प्रोडक्ट की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट किट का उपयोग भी करने कहा गया हैै।
संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं द्वारा आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि संक्रामित क्षेत्र में सभी आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है। पोल्ट्री उत्पादों का सेवन स्वच्छता और सावधानी से किया जा सकता है, क्योंकि ये पोषण से भरपूर होते हैं और कुपोषण दूर करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया है कि राज्य के अन्य हिस्सों में बर्ड फ्लू के मामलों की कोई सूचना नहीं मिली है। एवियन एनफ्लूएंजा एक घातक संक्रामक रोग है, जो पक्षियों में फैलता है। हालांकि अब तक भारत में इस वायरस के मानवों में संक्रमण का कोई मामला नहीं देखा गया है। फिर भी वायरस के लक्षण और संक्रमण के जोखिम को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज संसद में पेश केंद्रीय बजट 2025-26 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट से मोदी जी का वह वचन फिर से पूरा हुआ है कि जिन्हें कोई नहीं पूछता, उन्हे मोदी जी पूजते हैं। समाज के मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्गों के उत्थान के लिए यह बजट ऐतिहासिक और क्रांतिकारी होगा। यह भारत के सुनहरे भविष्य का दस्तावेज है। स्वतंत्र भारत के इतिहास के चंद ऐतिहासिक बजटों में से यह एक है।
श्री साय ने कहा कि जो प्रावधान इस बजट में किए गए हैं वो केवल प्रधानमंत्री श्री मोदी ही कर सकते हैं। इस बजट ने सिद्ध कर दिया है कि आने वाला समय भारत का है और भारत का स्वर्णिम युवा युग शुरू हो गया है। भारत अब विश्व का नेतृत्व करेगा यह तय हो गया है।
आज पेश हुआ यह बजट एक ऐतिहासिक बजट है, जिसे भारत देश में हमेशा याद रखा जाएगा। देश के टैक्स पेयर और मध्यम वर्ग का सम्मान करते हुए मोदी सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया है जिसकी कल्पना भी लोगों को नहीं थी, पूर्व की सरकार में जहां 2 लाख रुपए की आय पर टैक्स लगता था, मोदी जी की सरकार में 12 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं लगेगा।
किसानों के संबंध में प्रावधान -
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी सरकार ने इस बजट में किसानों के उत्थान के लिए दूरगामी नीतियाँ बनाई हैं। इस बजट में कृषि की उत्पादकता बढ़ाने, दालों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने, किसानों के लिए यूरिया फैक्ट्री लगाने और किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने के निर्णय किसानों की तरक्की के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।
व्यापार उद्योग एवं रोजगार -
देश के व्यापार-उद्योग को बढ़ावा देने एवं बड़ी संख्या में रोजगार के सृजन के प्रावधान इस बजट में मौजूद हैं। एमएसएमई को लोन की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रूपए करने का निर्णय, स्टार्टअप के लिए 10 हजार करोड़ का फंड देने एवं अब मेक इन इंडिया के साथ मेक फॉर वर्ल्ड का अभियान भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय साबित होगा। 22 लाख श्रमिकों के लिए लेदर स्कीम, एक करोड़ वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा और भारत को खिलौनों का ग्लोबल हब बनाने का निर्णय देश के युवाओं के लिए रोजगार के अनेकों अवसर पैदा करने जा रहा है।
स्वास्थ्य संबंधी निर्णय -
भारत के लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज की जीवन रक्षक दवाइयों को पूरी तरीके से टैक्स में छूट दे दी गई है, साथ ही कैंसर के लिए 200 केयर यूनिट भी बनाई जाएंगी।ऐसे संवेदनशील निर्णय पर हम मोदी सरकार का धन्यवाद करते हैं।
आधारभूत संरचना एवं छत्तीसगढ़ के लिए प्रावधान -
आधारभूत संरचना के लिए राज्यों को डेढ़ लाख करोड़ रुपए दिए जाने का निर्णय राज्यों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाला प्रशंसनीय निर्णय है। साथ ही 1 लाख करोड़ का फंड अर्बन डेवलपमेंट के लिए मिलने से शहरों का विकास होगा।आदिवासी एवं दलित महिलाओं को 5 लाख तक के लोन का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट देश के किसानों, युवाओं, महिलाओं को समर्पित बजट है। देश में रोजगार की नई संभावनाओं का सृजन होगा। भारत के विकसित भारत बनने की दिशा में इस बजट के प्रावधान बेहद मददगार साबित होंगे। देश की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। देश के हर वर्ग के लिए बजट में प्रावधान है। यह भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला बजट है। यह बजट भारत में निवेश की संभावनाओं को प्रबल करेगा और भारत की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ की संभावनाओं को बल देगा।
डोंगरगढ़। आचार्य विद्यासागर महाराज की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ में छह दिवसीय महा महोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ की गई. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित की और आचार्य विद्यासागर महाराज को नमन किया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छह दिवसीय महा महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आज पहुंचे हैं. यह तीर्थ क्षेत्र धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि यहां शिक्षा, शिल्पकला और गौसेवा के माध्यम से समाजहित के कार्य भी हो रहे हैं, जिससे यह स्थल न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश-विदेश में प्रसिद्ध हो रहा है. उन्होंने आचार्य विद्यासागर जी महाराज के समाधि स्थल को प्रेरणा का केंद्र बताया.
कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में जैन मुनि, आचार्यगण और श्रद्धालु पहुंचे हैं. आगामी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चंद्रगिरी तीर्थ में आचार्य विद्यासागर के आशीर्वाद लेने का उल्लेखनीय वृतांत भी है, जो 5 नवंबर 2023 को हुआ था. इस आयोजन में प्रदेश और देश के कई प्रमुख राजनेताओं के भी शिरकत करने की संभावना जताई जा रही है.
यह महा महोत्सव 6 फरवरी तक चलेगा, जिसमें धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी.
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के कला प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दुनिया के सबसे बड़े थिएटर फेस्टिवल ‘भारत रंग महोत्सव’ (भारंगम) के 25वें संस्करण का आयोजन इस बार पहले से भी ज्यादा भव्य हो रहा है. 28 जनवरी से 16 फरवरी 2025 तक यह उत्सव भारत के 10 प्रमुख शहरों के साथ-साथ नेपाल और श्रीलंका में भी आयोजित किया जा रहा है. खास बात यह है कि इस बार छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ को भी इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है.
कला और संगीत की विरासत के लिए प्रसिद्ध इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ पहली बार इस ऐतिहासिक महोत्सव का हिस्सा बनने जा रहा है. देश-विदेश के नामचीन थिएटर समूह यहां अपनी कला का जादू बिखेरेंगे, जिससे यह आयोजन न केवल खैरागढ़ बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बनेगा.
खैरागढ़ में 4 से 9 फरवरी तक होगा "भारत रंग महोत्सव"
खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के मंच पर 4 से 9 फरवरी 2025 तक थिएटर महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत और विदेशों के प्रमुख थिएटर ग्रुप्स अपने नाटकों का मंचन करेंगे. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) द्वारा पहली बार छत्तीसगढ़ को इस प्रतिष्ठित फेस्टिवल की मेजबानी का अवसर दिया गया है. इस महोत्सव में रूस, इटली, जर्मनी, नॉर्वे, चेक गणराज्य, नेपाल, ताइवान, स्पेन और श्रीलंका सहित कई देशों के नाट्य दल भाग लेंगे. भारत के भोपाल, कोलकाता, असम, पुडुचेरी, मुंबई और पुणे से भी प्रसिद्ध थिएटर ग्रुप्स खैरागढ़ पहुंचेंगे, जिससे यह आयोजन और भी भव्य हो जाएगा.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सकता है आयोजन
इस बार भारत रंग महोत्सव 2025 को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की भी योजना बनाई गई है. इससे पहले 2024 में ‘जन भारत रंग परियोजना’ ने एक समान विषय पर सबसे अधिक नाट्य प्रस्तुतियां देकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाई थी. इस बार भी दुनियाभर के सात महाद्वीपों में बसे भारतीय कलाकार ऑनलाइन लघु नाट्य प्रस्तुतियां देंगे, जिससे यह महोत्सव वैश्विक स्तर पर ऐतिहासिक बन जाएगा.
भारत रंग महोत्सव की तैयारी में जुटा संगीत विश्वविद्यालय
NSD की ओर से खैरागढ़ को इस आयोजन का हिस्सा बनाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तैयारियों में जुट गया है. विश्वविद्यालय का थिएटर विभाग इस महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. 4 से 9 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में हर शाम देश-विदेश के थिएटर ग्रुप्स विभिन्न नाटकों का मंचन करेंगे, जिससे खैरागढ़ एक नए सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा. यह महोत्सव न केवल थिएटर प्रेमियों के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा.
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बागी प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. सरगुजा जिले में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे 3 कांग्रेसियों को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिया दिया है. जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने अशोक जायसवाल, अब्दुल रशीद और फिरोज को कांग्रेस से निष्काषित कर दिया है. ये तीनों कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी होने के बावजूद पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं.
रायपुर। केंद्रीय वन, पर्यावरण और जल वायु परिवर्तन मंत्रालय ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2024 के परिणाम घोषित किए हैं. इसमें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को देश के टॉप 10 शहरों में 8वां स्थान मिला है. रायपुर को 177.5 स्कोर मिला है. वहीं सूरत देश में पहले स्थान पर है.
इस सर्वेक्षण में रायपुर ने टॉप 10 शहरों में अपनी जगह बनाते हुए 10 लाख से अधिक आबादी वाले 41 शहरों की स्पर्धा में आठवां स्थान अर्जित किया है. केंद्र सरकार द्वारा धूल मुक्त वातावरण, कचरे को जलाने की प्रवृति पर अंकुश, निर्माण व विध्वंस अवशेष के निपटान, वायु गुणवत्ता स्तर और जागरूकता गतिविधियों के प्रभावी संचालन जैसे कई मापदंडों के आधार पर यह सर्वेक्षण किया गया था.
इसलिए रायपुर को मिला 8वां स्थान
निगम कमिश्नर अबिनाश मिश्रा के अनुसार स्वच्छ वायु गुणवत्ता सुनिश्चित करने कलेक्टर एवं निगम प्रशासक डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर अंतर विभागीय समन्वय के आधार पर बीरगांव और रायपुर नगर निगम, पर्यावरण सरक्षण मंडल, सी एस आई डी सी, परिवहन, यातायात और पुलिस विभाग मिलकर काम कर रहे हैं. धूल कम करने निरंतर जल छिड़काव, बीटी व सीसी सड़क निर्माण, एंड टू एंड पेविंग, सी एंड डी प्रोसेसिंग प्लांट से निर्माण व विध्वंस अवशेष को पुनः उपयोगी बनाने के साथ ही वृक्षारोपण, कई नवाचारों पर इस बार फ़ोकस किया जा रहा है.
टॉप टेन शहरों में ये शहर शामिल
इसके अलावा यांत्रिक विधि से रात्रिकालीन सड़क सफाई का दायरा 152 किमी तक बढ़ाया गया है. प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच शुरू की गई है. जागरूकता कार्यकर्मों के लिए रणनीति आधारित आईईसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही है. निगम कमिश्नर ने कहा कि इन सभी प्रयासों का लाभ इस सर्वेक्षण में रायपुर को मिला है. इस रैंकिंग में टॉप-10 शहरों में सूरत, जबलपुर, आगरा, लखनऊ, कानपुर, वडोदरा, इंदौर, भोपाल, विजयवाड़ा, अहमदाबाद और दिल्ली के नाम भी शामिल हैं.
दुर्ग। भिलाई नगर निगम के वार्ड 35 शारदा पारा में होने वाले उप चुनाव को राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है. हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव स्थगित करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद अब चुनाव रद्द कर दिया गया.
बता दें कि कल यानि शुक्रवार को भाजपा प्रत्याशी चंदन यादव के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे मनोज सिन्हा ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था. विधायक रिकेश सेन और जिलाध्यक्ष पुरषोत्तम देवांगन ने इसे भाजपा प्रत्याशी चंदन यादव का निर्विरोध जीत बताकर पत्रकारवार्ता कर खुशी जताई थी, लेकिन 31 जनवरी को ही जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपचुनाव को स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया.
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ टेनिस एसोसिएशन के महासचिव व डेविस कप में भारतीय टीम के मैनेजर गुरुचरण सिंह होरा ने दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित डेविस कप की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की तैयारियों और आगामी मुकाबलों पर चर्चा की. गुरुचरण सिंह होरा ने बताया कि डेविस कप भारतीय टेनिस के लिए एक महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है और इसमें भारतीय टीम की तैयारियों को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ. हमारे खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं और टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेल के तकनीकी पहलुओं, रणनीतियों और भारतीय टेनिस के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई. गुरुचरण होरा ने छत्तीसगढ़ में टेनिस के विकास को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य से भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभरेंगे. डेविस कप में भारत की संभावनाओं को लेकर खेलप्रेमियों में उत्साह बना हुआ है. इस प्रतिष्ठित आयोजन को लेकर सभी की निगाहें अब भारतीय टीम के प्रदर्शन पर टिकी हैं.
हाई-टेक टेनिस स्टेडियम से निकलेंगे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
होरा ने कहा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में टेनिस के विकास को गति देने के लिए 14 पदों की भी स्वीकृति प्रदान की है. उन्होंने भरोसा जताया है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ से भी होनहार खिलाड़ी निकलेंगे और डेविस कप जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. सीएम साय ने छत्तीसगढ़ में आधुनिक तकनीकों से लैस हाई-टेक टेनिस स्टेडियम बनाया है, जो प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन मंच साबित होगा. इस पहल से राज्य में टेनिस को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा.
विक्रम सिसोदिया के कार्यकाल को किया गया याद
इस मौके पर विक्रम सीसोदिया, जो छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं, को भी याद किया गया. उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिससे टेनिस खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं मिलीं. उनके योगदान से छत्तीसगढ़ में टेनिस खेल को नई दिशा मिली और आज यह प्रदेश इस खेल में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है.
रायपुर। राइस मिलर्स, एक्सपोर्ट्स, कमीशन एजेंट्स और राइस ब्रोकर्स के ठिकानों पर मिले कैश में से अब तक 10 करोड़ रुपए सीज किए गए हैं. इसके साथ ही सभी आवासीय परिसरों में की गई जांच के दौरान मिली ज्वेलरी में से करीब 2.5 करोड़ मूल्य की ज्वेलरी सीज की गई है. आयकर अन्वेषण द्वारा प्रदेश में की गई आयकर छापे की कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी रही. सभी 25 ठिकानों से मिले कैश में से बुक्स के रिकार्ड्स का मिलान करने के बाद अब तक 10 करोड़ रुपए कैश सीज कर लिए गए हैं.
दोनों कारोबारी समूह के संचालकों के आवास के साथ ही कमीशन एजेंट्स व राइस ब्रोकर्स फर्म के संचालकों के आवासीय परिसर से मिली ज्वेलरी का मूल्यांकन कराने के बाद ढाई करोड़ की ज्वेलरी सीज की गई है. टीम हवाला के लेन-देन और बेनामी सम्पत्ति के एंगल से भी जांच कर रही है.
18 ठिकानों पर जांच जारी
शुक्रवार रात कुछ ठिकानों पर की जा रही जांच पूरी कर ली गई है, लेकिन अभी भी मुख्य दफ्तर और अन्य कार्यालय व आवास मिलाकर अभी भी 18 ठिकानों पर जांच की प्रक्रिया जारी रही. टीम जांच के दौरान मिले दस्तावेज के आधार पर संचालकों का बयान दर्ज कर रही है. अब तक मिले 18 लॉकर्स में 12 लॉकर्स उनके संचालकों की उपस्थिति में आपरेट किए जा चुके हैं तथा शेष लॉकर्स की जांच भी जल्द ही की जाएगी. विशेषज्ञों की एक टीम डिजिटल रिकार्ड्स का बैकअप लेने में जुटी है. बता दें कि आयकर अन्वेषण छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की टीम ने सत्यम बालाजी समूह, साईं हनुमंत इंडस्ट्रीज के साथ ही कमीशन एजेंट्स, राइस ब्रोकर्स के 25 ठिकानों पर दबिश दी थी.
कांट्रेक्टर फर्म पीआरए ग्रुप में आयकर जांच जारी
मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय की टीम द्वारा कांट्रेक्टर फर्म पीआरए ग्रुप में की गई सर्वे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही. प्रारंभिक जांच में खर्चे ज्यादा दिखाकर लाभ कम दर्शाए जाने के दस्तावेज मिले हैं. बताया जा रहा है टीम ने कांट्रेक्टर के कुछ दस्तावेज, खर्चों के बिल और हार्डडिस्क को भी सीज किया है.
टीम को डिजिटल रिकार्ड में भी अनियमितताएं मिली हैं. संभावना बताई जा रही है कि संचालकों का बयान लेने के बाद देर रात तक सर्वे की कार्रवाई पूरी हो सकती है. गड़बड़ियों का खुलासा फाइनल रिपोर्ट तैयार होने पर ही हो पाएगा.
रायपुर। छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही पूरी कार्यकारिणी भंग करने की घोषणा भी की है. उन्होंने विधिवत इसकी सूचना एसोसिएशन को दी है. बता दें कि योगेश अग्रवाल वरिष्ठ भाजपा नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल के छोटे भाई हैं.
योगेश अग्रवाल ने कहा है कि प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में मैंने और पूरी टीम ने सबकी सेवा करने अपनी पूरी ऊर्जा से काम किया, परंतु अब मैं अध्यक्ष के रूप में काम नहीं करना चाहता. मैं अपने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देता हूं व पूरी कार्यकारिणी को भंग करने की घोषणा करता हूं. हमारी सरकार ने हम मिलर्स की सभी मांगों को मान भी लिया है. सरकार और अधिकारियों ने मुझे पूरा सहयोग दिया. इसके लिए सभी का आभार व्यक्त करता हूं.
अभी डेढ़ साल बचा था कार्यकाल
योगेश अग्रवाल लंबे समय से अध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे. राइस मिलर्स एसोसिएशन का चुनाव 3 सालों के लिए होता है. पिछली बार यह चुनाव अक्टूबर 2023 में हुआ था. अभी उनका कार्यकाल समाप्त होने में करीब 20 महीने का समय बचा था.
रायपुर। शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने जिले के विभिन्न स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने गरियाबंद विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बारूका के निरीक्षण के दौरान पाया कि वहां अध्ययनरत बच्चों का शैक्षणिक स्तर अत्यंत ही कमजोर है एवं विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका एलबी दीपा साहू और शिक्षिका टी संवर्ग कविता साहू से अध्यापन संबंधी प्रश्न पूछे जाने पर उनके शैक्षणिक स्तर भी अत्यंत कमजोर परिलक्षित हुआ. साथ ही विद्यालय की नियमित साफ-सफाई नहीं पाए जाने और अव्यवस्था व गंदगी आदि होने के कारण जमकर फटकार लगाई.
इसके अलावा प्रधान पाठक द्वारा छात्र-छात्राओं के अधिगम स्तर के रूप शैक्षणिक व्यवस्था नहीं किया गया था. जिसके लिए शिक्षिका दीपा साहू एवं कविता साहू से स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा जवाब संतोषप्रद नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिया गया है. इस दौरान संभागीय संयुक्त संचालक राकेश पांडेय, कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी ए.के. सारस्वत और डीएमसी के.सी. नायक भी मौजूद थे.
इसके अलावा शिक्षा सचिव परदेशी ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बारूका और मालगांव के निरीक्षण में कक्षा 8वीं के छात्र-छात्राओं के अधिगम स्तर में गुणवत्ताहीन शिक्षा एवं विषय के प्रति समझ स्तरहीन पाए गए छात्र-छात्राओं के अध्यापन में सुधार न होने के कारण संपूर्ण कक्षा के अधिगम स्तर में गिरावट होने पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बारूका के प्रधानपाठक ललित कुमार साहू और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मालगांव के संकुल समन्वयक भूपेंद्र सिंह ठाकुर को पूर्ण रूप से जिम्मेदार पाए गए. इस पर उन्हें कर्तव्य निर्वहन के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता व स्वेच्छाचारिता के कारण शिक्षा संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक राकेश कुमार पांडेय ने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है. निलंबन अवधि में ललित कुमार साहू को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सरायपाली, जिला महासमुंद तथा भूपेंद्र सिंह ठाकुर को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कसडोल, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा नियत किया गया है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव में आज नामांकन वापसी का अंतिम दिन था. भिलाई में वार्ड नंबर 35 शारदा पारा के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी चंदन यादव की निर्विरोध जीत हुई. यहां से कांग्रेस प्रत्याशी मनोज सिन्हा ने अपना नामांकन वापस ले लिया और भाजपा ज्वाइन कर ली.
विधायक सेन और जिला अध्यक्ष देवांगन ने कराया पार्टी प्रवेश
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन और भाजपा जिला अध्यक्ष पुरषोत्तम देवांगन ने मनोज सिन्हा को गमछा पहनकर पार्टी में प्रवेश कराया. मनोज सिन्हा ने बताया कि कांग्रेस से टिकट मिलने के बाद से ही कांग्रेस का कोई नेता उनके समर्थन में प्रचार प्रसार करने नहीं पहुंचे. स्थानीय समर्थकों के साथ घर-घर कांग्रेस के लिए वोट मांगने गए तो एक ही जवाब मिला कि पिछले एक वर्ष में विधायक सेन ने बैकुंठ धाम सहित वर्षों से लंबित अनेक समस्याओं को दूर किया और विकास कार्य करवाया हैं.
उन्होंने कहा कि हर तरफ भाजपा विधायक के कार्यों की प्रशंसा देख मैंने जब पार्टी के नेताओं से मार्गदर्शन मांगा तो कांग्रेस संगठन के सभी नेताओं ने कोई प्रत्यक्ष सहयोग नहीं दिया. इस चुनाव में करारी शिकस्त झेलने से बेहतर मैंने आज अपना नामांकन वापस ले लिया. भाजपा जिलाध्यक्ष पुरषोत्तम देवांगन और विधायक रिकेश सेन से फोन पर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने का निवेदन किया. उन्होंने आज ही गमछा पहना कर भाजपा प्रवेश करवाया है.
रायपुर। मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक ईओडब्ल्यू-एसीबी ने राज्य सरकार से दो आईएएस समेत सीजीएमएससी के छह अफसरों के खिलाफ जांच की अनुमति मांगी है. 400 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू-एसीबी ने सीजीएमएससी के सप्लायर मोक्षित कारपोरेशन के ठिकानों पर हाल ही में छापा मारा था. इस छापे के बाद ईओडब्ल्यू-एसीबी ने मोक्षित कारपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा की गिरफ्तारी की थी. कहा जा रहा है कि छापे में ईओडब्ल्यू-एसीबी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं. इन दस्तावेजों की पड़ताल और शशांक चोपड़ा से प्रारंभिक पूछताछ के बाद कथित तौर पर घोटाले में लिप्त अफसरों की संदिग्घ भूमिका की जांच जरूरी समझी जा रही है. यही वजह है कि ईओडब्ल्यू-एसीबी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाने के लिहाज से राज्य सरकार से अनुमति मांगी है.
मंत्रालय के उच्च पदस्थ अफसरों से मिली जानकारी के मुताबिक जिन दो आईएएस अफसरों के खिलाफ जांच की अनुमति ईओडब्ल्यू-एसीबी ने चाही हैं, उनमें भीम सिंह और चंद्रकांत वर्मा के नाम शामिल हैं. पूर्ववर्ती सरकार में भीम सिंह स्वास्थ्य संचालक और चंद्रकांत वर्मा सीजीएमएससी के एमडी के रुप में कार्यरत थे. तत्कालीन पदों पर रहते हुए उनकी भूमिकाओं को जांच के दायरे में लिया जा सकता है. इसके अलावा सीजीएमएससी के जीएम टेक्निकल बसंत कौशिक, जीएम फाइनेंस मीनाक्षी गौतम, स्टोर इंचार्ज डा. अनिल परसाई, जीएम टेक्निकल इक्विपमेंट कमलकांत पाटनवार, बायमोडिकल इंजीनियर क्षिरौंद्र रावटिया तथा टेंडर एंड परचेसिंग आफिसर अभिमन्यु सिंह के खिलाफ जांच की जा सकती है. माना जा रहा है कि अफसरों से पूछताछ जांच को नई दिशा देगी.
बीते सोमवार को ईओडब्ल्यू-एसीबी ने सीजीएमएससी के सप्लाय मोक्षित कारपोरेशन के रायपुर और दुर्ग के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की थी. इसके अलावा हरियाणा के पंचकुला में भी दबिश दी गई थी. मोक्षित कारपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार कर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था. कोर्ट से ईओडब्ल्यू-एसीबी को सात दिनों की रिमांड मिली है. मोक्षित कारपोरेशन दवा और मेडिकल इक्विपमेंट की एजेंसी है. सीजीएमएससी को यह एजेंसी दवा और मेडिकल इक्विपमेंट की सप्लाई करती थी.
ईओडब्ल्यू-एसीबी की एफआईआर में बताया गया है कि शासन के संज्ञान में लाए बिना लगभग 411 करोड़ रुपए की खरीदी की गई. स्वास्थ्य विभाग और सीजीएमएससी के अफसरों की ओर से रीएजेंट सप्लाई करने वाली कंपनी को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के लिए शासन की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. सीजीएमएससी ने खरीदी के लिए केवल 26-27 दिन के अंतराल में ही आदेश जारी किया था. इन रीएजेंट की रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं होने के बावजूद बेधड़क खरीदी की गई. एफआईआर में लिखा गया है कि खरीदी के पहले वास्तविक आवश्यकता का आंकलन किए बगैर खरीदी के लिए मांग पत्र जारी किया गया था. एफआईआर में यह भी कहा गया है कि पूर्व स्वास्थ्य संचालक ने रीएजेंट की खरीदी के लिए 10 जनवरी 2022 को इंडेंट दिया. इससे पहले न तो बजट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई और न ही किसी प्रकार का प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त किया गया. यानी बिना शासन के संज्ञान में लाए लगभग 411 करोड़ रुपए की लाइबिलिटी शासन के ऊपर निर्मित की गई.
मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर की गई खरीदी
एफआईआर के मुताबिक, जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ब्लड सैंपल कलेक्शन करने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली EDTA ट्यूब को मोक्षित कॉरपोरेशन से 2352 रुपये प्रति नग के भाव से खरीदा गया है, जबकि अन्य संस्थाओं ने इसी सामग्री को अधिकतम 8.50 रुपये (अक्षरी – आठ रुपये पचास पैसा) की दर से क्रय किया. छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन ने जनवरी 2022 से 31 अक्टूबर 2023 तक अरबों रुपये की खरीदी मोक्षित कारपोरेशन और CB कॉरपोरेशन के साथ सांठगांठ करके की है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन ने 300 करोड़ रुपये के रिएजेंट सिर्फ इसीलिए खरीद लिए ताकि मोक्षित कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के पास उपलब्ध केमिकल्स की एक्सपायरी डेट नजदीक न आ जाए. छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन ने मोक्षित कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड से 300 करोड़ रुपये के रीएजेंट खरीदकर राज्य के 200 से भी अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बिना मांग के ही भेज दिया. उन स्वास्थ्य केंद्रों में उक्त रिएजेंट को उपयोग करने वाली CBC मशीन ही नहीं थी. रीएजेंट की एक्सपायरी मात्र दो से तीन माह की बची हुई है और रीएजेंट खराब न हो, इसलिए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के द्वारा 600 फ्रिज खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू की. एफआईआर के मुताबिक, जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि सीजीएमएससी ने ईडीएल दवा और नॉन-ईडीएल/कंज्यूमेबल और टेस्ट किट आइटम/फूड बास्केट/प्रोप्राइटरी और नॉन-प्रोप्राइटरी कंज्यूमेबल आइटम/आयुष दवाइयां/उपकरण सामग्री की आपूर्ति करने और कालातीत औषधियों के निष्कासन के लिए प्रतिष्ठित फर्म से कोटेशन/खरीदी और दर अनुबंध के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए निविदा प्रक्रिया 26 अगस्त 2022 के लिए ई-निविदा जारी की गई. इस निविदा के लिए प्री-बिड मीटिंग के लिए 29 अगस्त 2022 निर्धारित किया गया था. इसके बाद 26 सितंबर तक निविदा दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए गए थे.
संचालनालय स्वास्थ्य एवं सेवाएं के उप संचालक ने इस जानकारी के बाद सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक को प्री-बिड के आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए यह बताया कि राज्य स्तरीय निरीक्षण और परीक्षण तकनीकी समिति के विषय-विशेषज्ञों के जिलों से प्राप्त स्पेसिफिकेशन का निर्धारण किया गया है, जिसमें कोई बदलाव न करते हुए टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. इस निविदा के लिए मोक्षित कारपोरेशन, रिकार्ड्स एवं मेडिकेयर सिस्टम और श्री शारदा इंडस्ट्रीज के द्वारा निविदा प्रक्रिया में भाग लिया गया. जिसमें निविदा समिति ने उपकरणों, रिएजेंट, कंज्यूमेबल्स व मशीनों के सीएमसी के एल-1 दर को मान्य किए जाने की अनुशंसा करते हुए मोक्षित कारपोरेशन को 25 जनवरी 2023 को निविदा देने की अनुशंसा की, जो प्रबंध संचालक द्वारा स्वीकृत दी गई.
5 लाख की मशीन को 17 लाख में खरीदा
जांच में यह जानकारी सामने आई कि निर्माता कंपनियां खुले बाजार में जिस सीबीसी मशीन को मात्र 5 लाख रुपये में विक्रय करती हैं, उन्हीं मशीनों को मोक्षित कारपोरेशन ने निविदा के माध्यम से दर अनुबंध करते हुए सीजीएमएससी को 17 लाख रुपये में दिया. सीजीएमएससी द्वारा मशीन एवं उपकरण निर्माता कंपनियों के साथ ही दर अनुबंध किया जाता है, जबकि मोक्षित कारपोरेशन के पास अस्पताल में उपयोग होने वाले उपकरण बनाने की कोई फैक्ट्री (उत्पादन इकाई) नहीं है और न ही उपकरणों का निर्माण मोक्षित कारपोरेशन द्वारा किया जाता है. इसके बावजूद अपने रसूख और कमीशन के प्रलोभन के दम पर मोक्षित कारपोरेशन ने अधिकारियों से सैटिंग करके अधिकांश दर अनुबंध अपनी कंपनी के नाम पर करवा लिया. एफआईआर में यह लिखा गया है कि CB कारपोरेशन के नाम से संचालित शेल कंपनी भी मोक्षित कारपोरेशन ग्रुप की ही कंपनी है, जिसके नाम पर भी काफी सारे दर अनुबंध करवाए गए. मोक्षित कारपोरेशन ने रिएजेंट और केमिकल्स को अधिकतम खुदरा मूल्य से भी अधिक के दाम पर दर अनुबंध करवाया. इस प्रकार 750 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदी कर शासन के साथ धोखाधड़ी की गई.
रायपुर। रायपुर नगर निगम चुनाव में नामांकन वापसी के अंतिम दिन वार्ड क्रमांक 58, शाहिद पंकज विक्रम से निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी लीला तेजा जैन ने भाजपा की प्रत्याशी स्वप्निल मिश्रा के समर्थन में अपना नामांकन वापस ले लिया।
इस महत्वपूर्ण निर्णय में रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने लीला तेजा जैन के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी सबको साथ लेकर चलने वाली पार्टी है और विकास एवं सुशासन के संकल्प को पूरा करने के लिए संगठन को मजबूत करना आवश्यक है।
लीला तेजा जैन ने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का निर्णय जनता की एकजुटता और वार्ड के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लिया। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा की नीतियां वार्ड के नागरिकों के हित में कारगर साबित होंगी।
रायपुर। संसद के बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कांग्रेस सुप्रीमो और सांसद सोनिया गांधी के बयान से विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने ने कहा कि “राष्ट्रपति अपने अभिभाषण के अंत में काफी थक चुकी थीं. Poor Lady , मुझे उनके बारे में काफी बुरा लगा.” सोनिया गांधी के इस बयान की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को अपने बयान के लिए प्रायश्चित करना चाहिए.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस सुप्रीमो और सांसद सोनिया गांधी का राष्ट्रपति के बारे में दिया बयान निहायत ही आपत्तिजनक और निंदनीय है. देश की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू न केवल जनजाति समाज की बल्कि समूचे देश की गौरव हैं. उन्हें गरीब और बेचारी कहना, पुअर लेडी कहना कतई स्वीकार नहीं है.
कांग्रेस कभी भी न तो जनजाति समाज को आगे बढ़ते देखना चाहती है और न ही वह यह सहन कर सकती है कि आदिवासी समाज आगे बढ़े. वह जानबूझकर कर समाज को अपमानित करती रहती है.
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति जी के लिए जिस भाषा का उपयोग किया था, उसे हम दुहरा भी नहीं सकते. पहले तो कांग्रेस ने द्रौपदी मूर्मू को हराने में जी-जान लगा दिया था. जब फिर भी जीत गयीं तो बौखलाहट में लगातार राष्ट्रपति को अपमानित करने का काम करती हैं कांग्रेस. इसे समूचा देश, विशेषकर आदिवासी समाज कभी भी न तो भूलेगा और न ही माफ करेगा.
हम सोनिया जी के इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं. सोनिया गांधी को जानकारी नहीं होगी कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में जनजाति समाज का कितना बड़ा योगदान रहा है. हम गरीब और बेचारे नहीं बल्कि इस देश की रीढ़ हैं. सोनिया गांधी को अपने बयान के लिए प्रायश्चित करना चाहिये.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस खरीफ सीजन में भी धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है। धान खरीदी के अंतिम दिन आज शाम 6.45 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य के 25 लाख 49 हजार पंजीकृत किसानों ने अब तक धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 31 हजार 89 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मीलिंग के लिए तेजी के साथ धान का उठाव किया जा रहा है। अभी तक 121 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी कर दिया गया है। जिसके विरूद्ध 100 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है।
रायपुर। हमारी नीति स्पष्ट है - बोली का जवाब बोली से और गोली का जवाब गोली से। जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए हमारी सरकार द्वारा बेहतर जीवन और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो हिंसा का रास्ता छोड़ गणतंत्र का मार्ग अपनाते हैं, उनका स्वागत है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में लगातार नक्सलियों द्वारा किये जा रहे आत्मसमर्पण पर सुरक्षाबल के जवानों को बधाई देते हुए, उनके अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि - आज कांकेर जिले में 7 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिन पर कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इससे पहले नारायणपुर जिले के 27 एवं सुकमा जिले के 52 लाख के ईनामी 9 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। यह हमारी सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति और नक्सलवाद के सफाए के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियानों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
सीएम साय ने कहा कि अब तक 941 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 1,112 नक्सलियों को हमारे सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है। नक्सली मुठभेड़ों में 265 नक्सलियों का खात्मा हुआ है। नक्सलवाद की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर और बेहतर जीवन की उम्मीद में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं अपने बस्तर दौरे के दौरान अक्सर आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिलता हूं। उनसे बातचीत में यह साफ झलकता है कि खोखली माओवादी विचारधारा को छोड़कर वे आज बेहतर जीवन जी रहे हैं और खुश हैं। घोर नक्सल प्रभावित जिलों के चिन्हित ग्रामों में नक्सल आधार को खत्म करने के लिए शासकीय योजनाओं के माध्यम से बुनियादी ढांचे और मूलभूत आवश्यकताओं का विकास कर रही है।
विष्णु देव साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। तय समय-सीमा के भीतर माओवाद के आतंक का अंत होगा। बस्तर में जल्द ही अमन, चैन और शांति का माहौल स्थापित होगा।