रायपुर। सोशल मीडिया में वायरल “छत्तीसगढ़ के रामायण’ के पात्रों को लेकर शुरू हुए विवाद पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को उस रूप में दिखाया गया है, तो उन्हें सोचना चाहिए. विष्णु का सुशासन केवल नारा नहीं है, हमने वास्तव में इसे करके दिखाया है.
छत्तीसगढ़ के रामायण में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राम के तौर पर दर्शाए जाने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इस पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है, लेकिन यह कल्पना सही है कि जिस तरह से राज्य में हमारी सरकार काम कर रही है. जिस प्रकार से हम जरूरतमंद को सेवा कर रहे हैं.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वहीं नगरी निकाय चुनाव में कांग्रेस की तैयारी नहीं दिखने पर कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी पार्टी के बारे में विचार करने की बजाय इधर-उधर की बातें करके जनता में भ्रम फैलाने का काम करते हैं. कांग्रेस के नेता अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी निश्चित रूप से लोग काम करने के लिए तैयार नहीं हो रही है. जनता तो दूर जा ही चुकी है, कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी पार्टी से दूर जा रहे हैं.
इसके साथ विष्णु की सरकार राम राज्य के कितने करीब हैं, इस पर अरुण साव ने कहा कि जिस राज्य में गरीबों की सेवा हो, जरूरतमंदों को मदद हो और सरकार का काम निष्पक्ष और पारदर्शी हो, इसी से राम राज्य की कल्पना की जा सकती है. पारदर्शिता के लिए लगातार हमारी सरकार ने काम किया है.
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन, गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास, यह सभी बताते हैं कि हमारी सरकार सुशासन की सरकार है.
बलरामपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में होने वाले तातापानी महोत्सव में बॉलीवुड, छालीवुड और भोजपुरी कलाकारों से शाम सजेगी. आयोजन साफ-सुथरा रहे, इसके लिए कार्यक्रम स्थल में शराब लेकर आना और नशे की हालत में पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई भी होगी.
मकर संक्रांति के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में होने वाले तातापानी महोत्सव की तैयारियां जोरों पर है. 14 से 16 जनवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे. इस महोत्सव में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ लाखों श्रद्धालु और पर्यटक हिस्सा लेंगे.
महोत्सव को लेकर कलेक्टर राजेंद्र कटरा ने प्रेसवार्ता में बताया कि सुरक्षा और पार्किंग की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. महोत्सव में 300 जोड़ों का सामूहिक विवाह भी होगा. मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ के मंत्री नवविवाहितों को आशीर्वाद देंगे. वहीं, सरकारी योजनाओं के स्टॉल, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने का भी मौका मिलेगा.
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ी, बॉलीवुड और भोजपुरी संगीत कार्यक्रम होंगे, जिसमें बॉलीवुड के सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर मिथुन शर्मा, भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह, और गरिमा दिवाकर की विशेष प्रस्तुति होगी. स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों को भी अपनी कला प्रदर्शन का मौका दिया जाएगा.
आयोजन की तैयारी का जायजा लेते प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी.
पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर ने बताया कि आयोजन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. शराब पीकर आने वालों और वाहन चलाने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी. प्रेस वार्ता के दौरान जिला पंचायत सीईओ रैना जमील ने भी आयोजन को लेकर जानकारी दी.
रायपुर। CGPSC भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी के भतीजे नितेश सोनवानी और पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर ललित गनवीर को गिरफ्तार किया है. दोनों को सौम्या राय के कोर्ट में पेश किया गया. CBI के वकीलों ने नितेश और ललित की 13 जनवरी तक रिमांड मांगी है. मामले में सुनवाई जारी है.
बचाव पक्ष के वकील फैसल रिजवी ने कहा कि पूर्व में इस मामले में टामन सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल की गिरफ्तारी हुई है. इस मामले में ही नितेश और ललित को गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई ने कोर्ट में दोनों को रिमांड पर मांगी है. कोर्ट का जैसा आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा.
सुनिए बचाव पक्ष के वकील ने क्या कहा –
बता दें कि डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई पदों के लिए साल 2020 से 2022 के दौरान परीक्षा/साक्षात्कार में टामन सोनवानी के रिश्तेदार समेत कुछ VIP लोगों के करीबी रिश्तेदारों के चयन पर सवाल उठे थे. इन्हीं आरोपों के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था. इस केस की जांच जारी है. इस मामले में सीबीआई सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
ये है पूरा मामला
CGPSC 2019 से 2022 तक की भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों के चयन को लेकर विवाद है. ईओडब्ल्यू और अर्जुंदा पुलिस ने भ्रष्टाचार-अनियमितता के आरोप में मामला दर्ज किया है. CGPSC ने 2020 में 175 पदों पर और 2021 में 171 पदों पर परीक्षा ली थी. प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया. इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे. इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए. इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई. आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों समेत कांग्रेसी नेता और ब्यूरोक्रेट्स के बच्चों की नौकरी लगवाई है.
रायपुर। राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड पर अविनाश एलिगेंस की निर्माणाधीन रेसिडेंशियल कॉप्लेक्स में आज एक बड़ा हादसा हो गया. काम के दौरान सेंट्रिंग गिरने से 11 मजदूर दब गए. इनमें से 9 को बाहर निकालकर अस्पताल भेज दिया गया है. दो मजदूर अभी भी सेंट्रिंग के नीचे दबे हैं. यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र की है.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है. मौके पर कलेक्टर गौरव सिंह समेत पुलिस के आला अफसर पहुंचे हैं. बताया जा रहा कि तीन मंजिला रेसिडेंशियल कॉप्लेक्स बनाने का काम चल रहा था, छत ढलाई के दौरान ये हादसा हुआ है.
छत ढलाई के दौरान हुआ हादसा
अविनाश एलिगेंस के निर्माधाीन बिल्डिंग के काम में लगे प्रत्यक्षदर्शी मजदूर ने बताया कि इस हादसे में 11 मजदूर दबे हुए थे. 9 घायलों को निकालकर हॉस्पिटल भेजा गया है. यह हादसा छत ढलाई के समय हुआ है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के चौबे कॉलोनी में आयोजित तीन दिवसीय बृहन्महाराष्ट्र मंडल के 73वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने इस महती अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले मराठी समाज से जुड़े प्रबुद्ध जनों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया और समाज के लिए उनके योगदान की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मराठी समाज के पुरोधाओं को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच अटूट रिश्ता है और दोनों के सांस्कृतिक संबंधों में यह बात झलकती है। पड़ोसी राज्य होने के कारण यह जुड़ाव अधिक सहज भी है। श्री साय ने सीपी बरार के दौर का जिक्र करते हुए कहा की उस दौर में दोनों क्षेत्र की राजधानी नागपुर हुआ करती थी और जनप्रतिनिधि मनोनीत होते थे। मेरे दादा स्वर्गीय बुद्धनाथ साय मनोनीत विधायक थे और महाराष्ट्र से सहज जुड़ाव मेरी स्मृतियों में है। श्री साय ने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के संस्थापक बालासाहेब देशपांडे सहित मराठी समाज के मूर्धन्यों का पुण्य स्मरण किया। उन्होंने कहा कि श्री देशपांडे ने जो संकल्प लिया था, आजीवन उसी रास्ते पर चले। आदिवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रयोदशी तिथि के अनुसार आज ही के दिन पिछले साल भगवान राममला अपने मंदिर में विराजे थे। उन्होंने सभी को इस पावन दिन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस पवित्र दिन आपके अधिवेशन की शुरुआत हुई है, निश्चित रूप से यह अपने उद्देश्यों में सफल होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मराठा मंडल के वार्षिक अधिवेशन की स्मारिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल के सेवाभावी लोगों का शिक्षा सहित जनसेवा के अन्य क्षेत्रों में विशेष योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य, कला, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण सहित अलग-अलग क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने वाले प्रतिभावान लोगों को इस मंच से सम्मानित कर हम खुद को भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की संस्कृति का मेल, भाईचारा और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव हमें एकजुट रहकर समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है। सनातन धर्म की रक्षा में छत्रपति शिवाजी महाराज के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। हमारी सरकार सभी वर्ग के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ-साथ नई औद्योगिक नीति से सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास से हम विकसित राज्य बनने की ओर अग्रसर हैं। छत्तीसगढ़ी संस्कृति के साथ ही पड़ोसी राज्यों की परंपराएं और संस्कृति को जानने के लिए इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए।
इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष मिलिंद महाजन, रायपुर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले, डॉ. रामप्रताप सिंह और डॉ. सुनील किरवई सहित समाज से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा में आज 2 महिला नक्सलियों समेत 9 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्म समर्पण कर दिया है. इनमें से 2 नक्सलियों पर 8-8 लाख रुपए के इनाम थे और 4 नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की गई थी. सरेण्डर हुए सभी 9 नक्सलियों पर कुल 43 लाख रुपए का इनाम घोषित था, जो बुर्कापाल घटना समेत दर्जनों घटनाओं में शामिल रहे हैं. इन सभी नक्सलियों ने पुलिस के दबाव बढ़ने पर और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर SP किरण चौहान के समक्ष आत्म समर्पण किया है।
बता दें, बस्तर संभाग नक्सलियों का कोर क्षेत्र माना जाता है, लेकिन संभाग के सभी जिलों में सुरक्षा बलों के नए केम्प स्थापित किए गए हैं, जिससे नक्सलियों पर पुलिस का दबाव बढ़ा है. वहीं सरकार द्वारा चलाई जा रही नियद नेल्ला नार योजना से भी प्रभावित होकर नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया और मुख्य धारा से जुड़ कर नए सिरे से शुरुआत करने का फैसला लिया है.
क्या है नियद नेल्लानार योजना?
नियद नेल्लानार का मतलब है ‘आपका आदर्श गांव’. यह योजना विष्णुदेव साय सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें सुरक्षा कैंपों के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचाने की मुहिम चलायी जा रही है. इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन से इसका असर अब अंदरूनी गांवों में भी देखने को मिल रहा है. स्थानीय हाट बाजार अब गुलजार होने लगे हैं. बंद पड़े हाट बाजार और स्कूल अब फिर से शुरू हो रहे हैं, जिससे बस्तर अंचल की तस्वीर बदल रही है. नक्सली प्रगतीशील समाज का हिस्सा बनने सामने आकर आत्म समर्पण कर रहे हैं और सरकार उनका पुनरुत्थान कर रही है. सालों से बम धमाकों के बीच दहशत में जीवन गुजारने वाले आदिवासियों के जीवन का पुराना दौर लौटने लगा है और इन इलाकों में सािलों बाद मांदर की थाप फिर गूंजने लगी है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी मामले में साय सरकार की लगातार कार्रवाई जारी है. इस मामले में अब सीबीआई ने CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के भतीजे नितेश सोनवानी और पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर ललित गनवीर को गिरफ्तार किया है. लंच के बाद सीबीआई दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले सकती है.
बता दें कि डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई पदों के लिए साल 2020 से 2022 के दौरान परीक्षा/साक्षात्कार में टामन सोनवानी के रिश्तेदार समेत कुछ VIP लोगों के करीबी रिश्तेदारों के चयन पर सवाल उठे थे. इन्हीं आरोपों के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था. इस केस की जांच जारी है. इस मामले में सीबीआई सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
ये है पूरा मामला
CGPSC 2019 से 2022 तक की भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों के चयन को लेकर विवाद है. ईओडब्ल्यू और अर्जुंदा पुलिस ने भ्रष्टाचार-अनियमितता के आरोप में मामला दर्ज किया है. CGPSC ने 2020 में 175 पदों पर और 2021 में 171 पदों पर परीक्षा ली थी. प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया. इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे. इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए. इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई. आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों समेत कांग्रेसी नेता और ब्यूरोक्रेट्स के बच्चों की नौकरी लगवाई है.
रायपुर। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत जिस उद्देश्य के साथ की थी, वह छत्तीसगढ़ में अब साकार हो रहा है। स्वच्छता को लेकर जनमानस में व्यापक चेतना आई है और करोड़ों परिवारों में शौचालयों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और इच्छा शक्ति से यह संभव हो पाया है।हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ एवं विकसित राष्ट्र का संकल्प छत्तीसगढ़वासियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारा प्रदेश हर दिन नये पड़ावों को पार करता हुआ छत्तीसगढ़ को ओडीएफ प्लस मॉडल राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह सिर्फ एक लक्ष्य नहीं है स्वच्छता की जीवन शैली है, जिससे हमारा विकास होगा, देश का विकास होगा। अब तक हमारे प्रदेश के 5 जिले, 58 विकासखंड और 16 हजार से अधिक गांव ओडीएफ प्लस मॉडल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छता को बढ़ाने के उद्देश्य से आज अपने निवास परिसर से 10 डी-स्लज वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत किए गए पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के 10 विभिन्न जिलों के ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिवों को डी-स्लज वाहनों की चाबी और दस्तावेज सौंपे। उल्लेखनीय है कि इन वाहनों का उपयोग गांवों में घरों से मल निकालने और उसे सुरक्षित तरीके से निपटाने के लिए किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल स्वच्छता और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी के कारण फैलने वाली बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने जनता से भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जा रहे हैं, जो मल-मूत्र प्रबंधन को सुदृढ़ करेंगे और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इस नई पहल के तहत राज्य सरकार स्वच्छता अभियानों को और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गांव के विकास में सरपंच की भूमिका अहम, मुख्यमंत्री ने बताया अपना अनुभव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गांव के विकास में सरपंच की भूमिका सबसे अहम है। मैं पहले पंच रहा, फिर अच्छा काम करने की वजह से मुझे निर्विरोध सरपंच भी चुना गया। उन्होंने कहा कि यह बताने की वजह सिर्फ एक ही है कि ग्राम पंचायत विकास की सबसे प्राथमिक कड़ी है और पंच तथा सरपंच यदि अपने अधिकार और जिम्मेदारियों के प्रति सजग होंगे तो गांव की तस्वीर बदलने में समय नहीं लगेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता को व्यापक रूप से लागू करने के लिए लगातार प्रयासरत है। डी-स्लज वाहनों के मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने डी स्लज वाहनों की आवश्यकता और उपयोगिता पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) शासन का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और छत्तीसगढ़ स्वच्छता कार्यक्रमों में सदैव अग्रणी रहा हैं। मिशन के फेज 1 में प्रदेश ने 32 लाख से भी अधिक शौचालयों का निर्माण कर राष्ट्रीय लक्ष्य को समय पूर्व प्राप्त कर खुले में शौचमुक्त राज्य होने का कीर्तिमान रचा। मिशन के फेज- 02 में ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल राज्य के तौर पर स्थापित होने के क्रम में प्रदेश के 05 जिले दुर्ग, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, जांजगीर-चांपा एवं धमतरी जिले के 57 विकासखंड तथा 16 हजार से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल हो चुके हैं। इसी कड़ी में शौचालयों से निकलने वाले मल के सही निपटान के उद्देश्य के साथ प्रदेश के सभी जिलों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इन फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में आसपास के गांवों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाले मल को उपचारित किया जाएगा। सेप्टिक टैंक भरने पर संबंधित परिवार या संस्थान इन प्लांट से संपर्क कर टैंक खाली करने के लिए डी-स्लज वाहन बुलवाएंगे, जिसके लिए दूरी के आधार पर उचित उपभोक्ता शुल्क का निर्धारण किया जावेगा। वर्तमान में प्रदेश मे 19 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हो चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम पंचायत बिरकोनी जिला महासमुन्द, ग्राम पंचायत टेमरी जिला रायपुर, ग्राम पंचायत सारंगपुर कला जिला कबीरधाम, ग्राम पंचायत गम्हरिया जिला जशपुर, ग्राम पंचायत कोतरी जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, ग्राम पंचायत लगरा जिला जांजगीर-चांपा, ग्राम पंचायत परसदा वेद जिला बिलासपुर, ग्राम पंचायत रूदा जिला बालोद, ग्राम पंचायत झझपुरी कला जिला मुंगेली, ग्राम पंचायत पथरिया जिला दुर्ग को डी स्लज वाहन हस्तांतरित किया। इस अवसर पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मिशन संचालक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जयश्री जैन, आईसीआईसीआई बैंक के स्टेट हेड विवेकानंद दुबे, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर। नगरीय निकायों के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण तय हो गया है. निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आज जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की कार्रवाई संपन्न की गई. इसमें रायपुर सहित महासमुंद, कबीरधाम, मुंगेली, सारंगढ़-बिलाईगढ़, धमतरी को अनारक्षित मुक्त रखा गया है।
रायपुर। सोशल मीडिया में शुक्रवार से एक वीडियो हलचल मचा रहा है, नाम है छत्तीसगढ़ के रामायण. इस रामायण में जहां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भगवान राम बताया गया है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रावण बताया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंंत्री जी, आप कुछ भी हो सकते हैं, लेकिन भगवान नहीं.
‘छत्तीसगढ़ के रामायण’ को सोर्स को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है. हालांकि, इस वीडियो के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पीआर टीम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. प्रोफेशनल तरीके से बनाए गए इस वीडियो में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के साथ सौम्या चौरसिया जैसी पूर्व अधिकारी को भी स्थान दिया गया है. इसमें जहां भाजपा को रामायण के राम-लक्ष्मण जैसे सकारात्मक पात्रों के तौर पर तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं को नकारात्मक पात्रों के तौर पर दर्शाया गया है।
वीडियो में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राम, तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रावण, डिप्टी सीएम अरुण साव को लक्ष्मण, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव को भारत, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को शत्रुघ्न तो वहीं उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा को हनुमान, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को दशरथ, राम विचार नेताम को सुग्रीव बताया गया है.
वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रावण, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को विभीषण, कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत को ताड़का, सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े को मंथरा, कसडोल की पूर्व विधायक शकुंतला साहू को सूर्पणखा बताया गया है. इसके अलावा पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को मारिच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को कुंभकरण और पूर्व महापौर एजाज ढेबर को लवणासुर बताया गया है. पूर्व अधिकारी सौम्या चौरसिया को कैकई बताया गया है.
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कसा तंज
जाहिर है रामायण के नकारात्मक पात्रों में कोई नहीं शामिल किया जाना चाहेगा, और वह भी रावण की, लिहाजा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया में किए अपने पोस्ट में इस रामायण के लिए मुख्यमंत्री साय के पीआर टीम को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी! आप कुछ भी हो सकते हैं आप भगवान नहीं हो सकते. हमारे भांचा राम से अपनी तुलना करके आप छत्तीसगढ़ के लोगों की भावनाएँ आहत कर रहे हैं.
पूर्व मंत्री भगत ने इसे घोर आपत्तिजनक बताया
वहीं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने इस वीडियो पर आपत्ति जताते हुए कहा कि रामायण समरसता के संदेश के लिए है, और
यह वायरल वीडियो समरसता को खराब करने वाला है. जिस तरह से कांग्रेस के नेताओं को प्रदर्शित करने की कोशिश की गई है, वह यह घोर आपत्तिजनक है. मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. साथ ही मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि इस पर तत्काल रोक लगाई जाए. जिसने भी इस प्रकार का दुस्साहस किया है, उसे कठोर सजा दी जाए.
बिलासपुर/मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में गुरुवार को कुसुम लोहा फैक्ट्री में दर्दनाक हादसे में एक इंजीनियर और 3 मजदूरों की मौत के बाद पीड़ित परिवारों ने बवाल खड़ा कर दिया है. परिजनों ने मृतकों के शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है. इसके अलावा उन्होंने प्रशासन पर मामले की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 50 लाख रुपए मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है. वहीं मांग पूरी ना होने पर परिजनों ने शव ना लेने की भी चेतावनी दी है।
बता दें, जिले के सरगांव में ग्राम पंचायत रामबोड़ स्थित कुसुम लोहा फैक्ट्री में 9 जनवरी को साइलो के गिरने से एक इंजीनियर के अलावा 3 मजदूर राखड़ में दब गए. घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. सबसे पहले एक मजदूर मनोज धृतलहरे को घायल अवस्था में घटना स्थल से निकाला गया था, जिसकी उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी. वहीं 40 घंटे के बाद आज सुबह इंजीनियर और 2 मजदूरों के शव को ढूंढकर निकाला गया.
देखें वीडियो:
जानकारी के मुताबिक, आज साइलो के नीचे दबे मिले शवों की पहचान बिलासपुर के सरकंडा निवासी इंजीनियर जयंत साहू, पिता- काशीनाथ साहू, जांजगीर-चांपा जिले के तागा निवासी मजदूर अवधेश कश्यप, पिता निखादराम कश्यप और बलौदाबाजार जिले के अकोली निवासी मजदूर प्रकाश यादव, पिता परदेशी यादव, के रूप में हुई है. तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स, बिलासपुर भेजा गया है.
कलेक्टर राहुल देव ने कहा तीसरी बार में मिली सफलता
कलेक्टर राहुल देव ने कहा कि 40 घण्टे चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में दो बार असफलता भी मिली, उसके बाद भी हमने हार नही माना,और आखिरकार तीसरी बार में सफलता मिली. उन्होंने कहा कि दोषियों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की सूक्ष्मता से जांच कराई जाएगी जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा है कि शास्त्री जी ने अपना पूरा जीवन देश सेवा के लिए समर्पित कर दिया। सादा जीवन उच्च विचार के मार्गदर्शी सिद्धांत को उन्होंने आजीवन अपनाया और लोगों के लिए मिसाल प्रस्तुत की। शास़्त्री जी ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महत्वपूर्ण आन्दोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनके जय जवान-जय किसान के नारे ने जवानों के बलिदान के साथ अन्नदाता किसानों की मेहनत को भी सम्मान दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शास़्त्री जी के जीवन मूल्य हमेशा हम सभी को देश सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
रायपुर। नई दिल्ली में 13 जनवरी से खो-खो विश्वकप का आयोजन जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के तरुण शुक्ला को तकनिकी अधिकारी के रूप में चयनित किया गया है. अंतराष्ट्रीय मंच में छोटे से गांव लाटमेटा नवाटोला के तरुण शुक्ला का चयन होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है. वहीं दुर्ग की रुक्मणि यदुवंशी और भिलाई के फिरोज रहमान को निर्णायक के तौर पर आमंत्रित किया गया है. भारतीय खो-खो महासंघ के तत्वाधान में इन्दिरा गांधी स्टेडियम, नई दिल्ली में प्रथम विश्वकप खो-खो प्रतियोगिता होने जा रही है.
24 देशों से 42 महिला-पुरूष की टीम शामिल होने पहुंचेंगी. स्टार स्पोर्ट्स और दूरदर्शन स्पोर्ट्स पर टूर्नामेंट का सीधा प्रसारण होगा. छत्तीसगढ़ अमेच्योर खो-खो ऐसोसिएशन के महासचिव तरुण शुक्ला वनांचल छेत्र समीपवर्ती ग्राम लाटमेटा नवाटोला के निवासी है. तरुण शुक्ला ने अपनी लगन और परिश्रम से यह सिद्ध कर दिया है कि मेहनत करने वाले कभी असफल नहीं होते. इससे पहले तरुण शुक्ला ने अनेक राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय खो-खो चैंपियनशिप जैसे खेलो इंडिया, गोवाहाटी असम, जबलपुर मध्यप्रदेश, मदुराई तमिलनाडु, पंचकूला हरियाणा में लगातार चार आयोजनों में, गोवा में 37 वीनेशनल गेम्स, महाराष्ट्र के पुणे में खो-खो के प्रोफेशनल लीग टूर्नामेंट “अल्टीमेट खो-खो लीग” में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से भाग लिया है.
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खो-खो संघ के अध्यक्ष कमलजीत अरोरा (बेमेतरा), वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश सिंह (दुर्ग), डॉ. ललित वर्मा (रायपुर), पूरण जायसवाल (जगदलपुर), भगत सोनी (अध्यक्ष, जिला खो-खो संघ, राजनांदगांव), सुब्रत जी (कोंडागांव), संजय शर्मा (भिलाई इस्पात संयंत्र), सुनील ठाकुर (कांकेर), भोलेनाथ (बालोद), गोविंद मुदलियार (पूर्व महासचिव, छत्तीसगढ़ खो-खो संघ), सचिन डोंगरे (भिलाई), नरेश शुक्ला (संरक्षक, जिला खो-खो संघ), धर्मेंद्र मौर्य (संरक्षक, जिला खो-खो संघ), रूपनारायण शुक्ला (ग्राम प्रमुख), फिरोज रहमान (भिलाई), नरेश यादव, जफर सिद्दीकी, नारद साहू, भारत कोटेल्कर, मोहन ध्रुव, वीरेंद्र यादव, हरिराम साहू, चंद्रप्रकाश साहू, विक्रांत शुक्ला, समीर शुक्ला, प्रीति पटेल, समृद्धि यादव, वेदबती यादव, डिलेश्वरी रावटे समेत पूरे छत्तीसगढ़ खो-खो परिवार, संघ के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों और निर्णायकों ने तरुण शुक्ला को हार्दिक शुभकामनाएं दी.
वहीं तरुण शुक्ला ने छत्तीसगढ़ राज्य के खो-खो खेल को अंतराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने के लिए खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुधांशू मित्तल और महासचिव एम एस त्यागी का धन्यवाद किया है.
रायपुर। रायपुर में गौमांस बिक्री के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. मामले से जुड़े सभी पर एकदम सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. विष्णुदेव सरकार में गौ तस्करों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. छत्तीसगढ़ में ऐसे कृत्य करने वालों को उल्टा लटकाकर सीधा किया जाएगा. यह चेतावनी उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दी है.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस पूरे प्रकरण पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यह न केवल गंभीर अपराध है, बल्कि यह सनातन आस्था और सामाजिक सद्भाव को गहरा आघात पहुंचाने वाला कृत्य है. गौमाता की तस्करी करने वाले या तो सुधर जाएं या छत्तीसगढ़ छोड़ दें. ऐसे अपराधियों की प्रदेश में कोई जगह नहीं है.
बता दें कि 8 और 9 जनवरी की दरमियानी रात रायपुर के मोमिनपारा स्थित एक मकान में कुछ व्यक्तियों द्वारा गौमांस की बिक्री किए जाने की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा था. कमरे की तलाशी लेने के दौरान कमरे में गौमांस, मांस काटने का बड़ा हथियार, चाकू, तराजू सहित अन्य सामग्री पाई गई.
मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी खुर्शीद अली के साथ मुंतजिर हैदर, अशफाक अली, अरमान हैदर, ईरशाद कुरैशी और समीर मंडल को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से मुख्य आरोपी अपने बेटे समीर और इरशाद के साथ मिलकर गौ मांस काटने और बेचने का काम करते था.
रायपुर। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 3 लाख 3 हजार 384 अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ को तीन लाख तीन हजार 384 अतिरिक्त प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास स्वीकृति की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के आवासहीनों के हित में लिए गए इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।
केंद्रीय शिवराज सिंह ने पत्र में बताया कि इस अतिरिक्त मंजूरी को मिलाकर अब वित्तीय वर्ष 2024 -25 में छत्तीसगढ़ को कुल 11 लाख 65 हजार 315 प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास समग्र विकास का लक्ष्य दिया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय देश के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी के लिए आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1 अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को लागू किया है। इस योजना का उद्देश्य सुविधाओं के साथ पक्के घरों के निर्माण के लिए पात्र ग्रामीण परिवारों को सहायता प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि 9 अगस्त 2024 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आवास की आवश्यकता को पूरा करने के लिए दो करोड़ अतिरिक्त आवासों के निर्माण की योजना को मार्च 2029 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2024 -25 में सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना 2011 आधारित स्थाई प्रतीक्षा सूची और आवास प्लस 2018 सर्वेक्षण सूची से छत्तीसगढ़ को 8,61 931 घरों का लक्ष्य आवंटित किया गया था। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2024 -25 के दौरान छत्तीसगढ़ के लिए अंतिम आवास प्लस 2018 सर्वेक्षण सूची से 3,03,384 घरों के अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किया गया है। यह देश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सभी के लिए आवास की भारत सरकार की प्रतिबद्धता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य को 2024 में अब 11,65 315 घरों का समग्र लक्ष्य आवंटित किया गया है।
आरंग में PMAY-U के 1035 पक्के मकान तैयार
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी ने नगरी प्रशासन मंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्य नगर पालिका अधिकारी आरंग के मार्गदर्शन के अनुसार एक गरीब आम व्यक्ति का सपना साकार करते हुए शहर के विभिन्न वार्डों में 1035 पक्के मकान तैयार कर लिए गए हैं। साथ ही शहर के अकोली रोड मार्ग पर PMAY-U के AHP घटक के 116 फ्लैट बनकर तैयार है। नगर पालिका आरंग के योजना कक्षा में PMAY-U 2.0 के ऑनलाइन फॉर्म भरे जा रहे हैं, जो भी व्यक्ति अभी तक PMAY-U 2.0 में आवेदन नहीं किए हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ योजना शाखा में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
गरियाबंद। आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में जाली अंक सूची नियुक्ति का एक और मामला थाना पहुंचा है. वंचित अभ्यर्थी ने लिखित शिकायत देकर बताया कि अभ्यर्थी ने किस तरह से जाली सर्टिफिकेट बनवाया. वहीं दावा-आपत्ति के निराकरण में शिक्षा विभाग ने भी जाली दस्तावेज संलग्न कर चयन समिति को गुमराह किया. मामले की प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी पाई गई है, जिसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई है.
पूंजीपारा आंगनबाड़ी में सहायिका भर्ती में जाली अंक सूची का मामला अभी खत्म नहीं हुआ है कि अब कोदोभाठा के नागपारा में सहायिका भर्ती में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. भर्ती प्रकिया में 78 प्रतिशत अंक वाली अभ्यर्थी रही नीला यादव ने 9 जनवरी को थाने पहुंचकर प्रभारी गौतम गावड़े को लिखित शिकायत सौंपा है, जिसमें 67 प्रतिशत अंक पाने वाली दीप्ति यादव की नियुक्ति 81 प्रतिशत अंक वाले जाली अंक सूची के सहारे करने का आरोप लगाया है.
नीला यादव ने झाखरपारा प्रधान पाठक मन्नू राम शांडिल्य से सूचना के अधिकार के तहत परीक्षा परिणाम के प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर यह आरोप लगाया है. पीड़िता ने बताया कि नियुक्ति आदेश पूर्व दावा-आपत्ति के लिए जारी सूची से उन्हें दीप्ति का 81 प्रतिशत अंक होने का पता चला था. हालांकि, मामले में गड़बड़ी की भनक लगते ही प्रभारी परियोजना अधिकारी ने दीप्ति के ज्वाइनिंग आदेश को रोक दिया है.
जाली दस्तावेजों के सहारे दावा-आपत्ति का निराकरण
आरोप है कि तत्कालीन प्रधान पाठक कामसिंह ध्रुव (वर्तमान में संकुल समन्वयक) ने वर्तमान प्रधान पाठक के सील के ऊपर अपना दस्तखत कर गलत जानकारी परियोजना कार्यकाल को भेजा है. इस संबंध में कामसिंह ध्रुव ने बताया कि तत्कालीन प्रधान पाठक की हैसियत से मैने अपने अधिकारी के निर्देश पर परियोजना कार्यालय के लिए पत्र लिखा था.
प्रधान पाठक बोले 67 % है दीप्ति का परीक्षा फल
मामले में झाखरपारा मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक मन्नू राम शांडिल्य ने कहा कि स्कूल के रिकॉर्ड के मुताबिक, दीप्ति यदु का का परीक्षाफल 67 प्रतिशत बी ग्रेड की श्रेणी में है. मुझे दावा-आपत्ति निराकरण के संबंध में कोई पत्र नहीं मिला, ना ही मेरे द्वारा परियोजना कार्यालय को कोई पत्र जारी किया गया है. मेरे अनुपस्थिति में किसी ने मेरा सील का इस्तेमाल कर अपना दस्तखत किया होगा, जिसकी जांच होनी चाहिए.
तीन माह के भीतर हुई नियुक्तियों की जांच की मांग
पूंजीपारा के बाद नागपारा में भी जाली अंक सूची का मामला सामने आया है. कुन्हड़ी कला के केंद्र क्रमांक 4 में भी जाली अंक सूची के मामले की शिकायत पुलिस से स्वयं परियोजना अधिकारी कर चुके हैं. जानकारों का दावा है कि सितम्बर 2024 के बाद किए गए सहायिका भर्ती में अंक सूची में गड़बड़ी का बड़ा खेल खेला गया है. भारी लेन-देन कर पहले जाली अंक सूची बनाए गए. सेटिंग ऐसी तगड़ी कि परीक्षण में भी मामले कि कलाई नहीं खुली. दावा-आपत्ति के निराकरण भी कागजी कर दिया गया. इससे योग्य अभ्यर्थी नौकरी से वंचित हो गए.
प्रारंभिक जांच में हुई गड़बड़ी की पुष्टि – थाना प्रभारी
मामले में थाना प्रभारी गौतम गावड़े ने बताया कि नीला यादव की शिकायत की जांच की जा रही है. प्रारंभिक पूछताछ में गड़बड़ी की पुष्टि हो रही है. विधिवत दस्तावेज प्राप्त कर जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी. पूंजीपारा मामले में दो लोगों के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज कर लिया गया है. आगे जांच में तथ्यों के आधार पर अन्य दोषियों के विरुद्ध भी उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी.
बिलासपुर/मुंगेली। सरगांव में ग्राम पंचायत रामबोड़ स्थित कुसुम लोहा फैक्ट्री में साइलो के गिरने से राखड़ में दबे एक इंजीनियर के अलावा दो मजदूरों के शवों को सुबह तक ढूंढकर निकाला गया. लगातार 40 घंटे चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने अंजाम दिया.
साइलो के नीचे दबे मिले शवों की पहचान इंजीनियर बिलासपुर के सरकंडा निवासी जयंत साहू पिता काशीनाथ साहू के अलावा दो मजदूर – जांजगीर-चांपा जिला के तागा निवासी अवधेश कश्यप पिता निखादराम कश्यप और बलौदाबाजार जिले के अकोली निवासी प्रकाश यादव पिता परदेशी यादव के रूप में हुई है. तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स, बिलासपुर भेजा गया है. इसके पहले एक मजदूर मनोज धृतलहरे को घायल अवस्था में घटना स्थल से निकाला गया था, जिसकी उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी. इस तरह से इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
कलेक्टर राहुल देव ने कहा तीसरी बार में मिली सफलता
कलेक्टर राहुल देव ने कहा कि 40 घण्टे चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में दो बार असफलता भी मिली, उसके बाद भी हमने हार नही माना,और आखिरकार तीसरी बार में सफलता मिली. उन्होंने कहा कि दोषियों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की सूक्ष्मता से जांच कराई जाएगी जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
उप मुख्यमंत्री साव ने जताया दुख
वहीं देर रात मौके पर पहुँचे डिप्टी सीएम अरुण साव ने इस घटना को लेकर दुःख जताया,और कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण हैं. सरकार ने मामले में कार्रवाई करना शुरू कर दिया है. एफआईआर दर्ज हुई है, आगे और भी कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि सरकार मृतक के परिजनों के साथ है. डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार और फैक्ट्री प्रबंधक के द्वारा हर संभव आर्थिक सहायता मृतक के परिजनों को दिया जाएगा.
रायपुर। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 12 से 14 जनवरी तक राज्य युवा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा. खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने मीडिया से चर्चा में बताया कि यह आयोजन राज्य की प्रतिष्ठा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसमें प्रदेश के 33 जिलों से लगभग 3500 युवा प्रतिभागी भाग लेंगे.
प्रतिभागियों के लिए आवासीय व्यवस्था
राज्य युवा महोत्सव में प्रतिभागियों के लिए आवासीय व्यवस्था रायपुर के विभिन्न होटलों और भवनों में की गई है. साथ ही भोजन और अन्य सुविधाओं का भी समुचित प्रबंध किया गया है. तीन दिवसीय आयोजन में युवाओं को छत्तीसगढ़ की संस्कृति, कला और परंपरा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा.
तीन दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम
पहले दिन
राजधानी में तीन दिन तक हजारों कलाकार प्रस्तुति देंगे. पहले दिन 12 जनवरी को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में महोत्सव का उद्घाटन होगा. जिसके बाद मुख्यमंत्री साय युवाओं के साथ संवाद करेंगे. श्रीराम मंदिर निर्माण पर आधारित नाटक “मैं अयोध्या हूं” की प्रस्तुति होगी. इसके अलावा एक दशक में भारत के विकास की कहानी को दर्शाता लेजर शो होगा.
दूसरे दिन
महोत्सव के तीसरे दिन 13 जनवरी को ‘सुपर 30’ के प्रसिद्ध शिक्षक आनंद कुमार युवाओं को प्रेरित करेंगे. वहीं दायरा बैंड “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” की प्रस्तुति देंगे.
तीसरे दिन
कार्यक्रम के अंतिम दिन राज्यपाल रमेन डेका, युवा महोत्सव के विजेताओं को पुरस्कृत करेंगे, जिसके बाद डॉ. कुमार विश्वास और अन्य कवियों के साथ “युवा कवि सम्मेलन” महोत्सव का समापन होगा.
इन पारंपरिक और आधुनिक विधाओं का प्रदर्शन
लोकनृत्य और लोकगीत
कहानी लेखन, चित्रकला, और कविता
विज्ञान मेला और हस्तशिल्प
टेक्सटाइल और कृषि उत्पाद
रॉक बैंड प्रदर्शन
राज्य युवा महोत्सव 2024-25 के माध्यम से बड़े मंच पर कलाकारों को अपने कला के प्रदर्शन का मौका मिलेगा. यह मंच छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और युवाओं की अद्वितीय प्रतिभा को प्रदर्शित करने के साथ युवाओं को प्रेरित करेगा.